छत्तीसगढ़ का आधुनिक इतिहास | Modern History of Chhattisgarh
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CGPSC · Vyapam Notes

छत्तीसगढ़ का आधुनिक इतिहास Modern History of Chhattisgarh (1741 - 2000)

मराठा काल, जनजातीय विद्रोह, 1857 की क्रांति, राष्ट्रीय आंदोलन और पृथक राज्य निर्माण तक का संपूर्ण परीक्षा-उन्मुख सार।
Bimbaji Bhonsle Veer Narayan Singh Bhumkal Revolt Jungle Satyagraha State Formation
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अध्याय 01
मराठा शासन और ब्रिटिश नियंत्रण (1741 - 1854)
1741 - मराठा आक्रमण
भास्कर पंत का आक्रमण
नागपुर के भोंसले शासक राघोजी प्रथम के सेनापति भास्कर पंत ने रतनपुर पर आक्रमण किया और कल्चुरी राजा रघुनाथ सिंह को पराजित कर कल्चुरी वंश का अंत किया।
1758 - 1787
बिम्बाजी भोंसले (प्रत्यक्ष मराठा शासन)
ये छत्तीसगढ़ के प्रथम प्रत्यक्ष मराठा शासक थे। इन्होंने रतनपुर को राजधानी बनाया, रायपुर-रतनपुर का एकीकरण किया, राजनांदगांव व खुज्जी नामक नई जमींदारियां बनाई और परगना पद्धति की नींव रखी। रामटेकरी (रतनपुर) में राम मंदिर का निर्माण कराया।
1787 - 1818
सूबा शासन (Subedari System)
बिम्बाजी की मृत्यु के बाद व्यंकोजी भोंसले ने सूबेदारी प्रथा शुरू की। सूबेदार नागपुर से नियुक्त होते थे। महीपतराव दिनकर छत्तीसगढ़ के प्रथम सूबेदार थे। अंतिम सूबेदार यादवराव दिवाकर थे।
1818 - 1830
ब्रिटिश संरक्षण काल (British Superintendents)
अप्पा साहब की हार के बाद छत्तीसगढ़ ब्रिटिश रेजिडेंट के अधीन आ गया। प्रथम ब्रिटिश अधीक्षक कैप्टन एडमंड थे। सबसे प्रसिद्ध अधीक्षक कैप्टन एगन्यू थे, जिन्होंने 1818 में राजधानी रतनपुर से रायपुर स्थानांतरित की और परगना का पुनर्गठन किया।
1830 - 1854
पुनः मराठा शासन (जिलेदार प्रथा)
ब्रिटिश ने सत्ता पुनः भोंसले राजा (रघुजी तृतीय) को सौंपी। शासन जिलेदारों द्वारा चलाया गया। प्रथम जिलेदार कृष्णराव अप्पा थे। 1854 में लॉर्ड डलहौजी की हड़प नीति (Lapse) के तहत छत्तीसगढ़ ब्रिटिश साम्राज्य में विलीन हो गया।
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अध्याय 02
प्रमुख जनजातीय विद्रोह (Tribal Revolts)
हलबा विद्रोह (1774 - 1779)
बस्तर क्षेत्र
नेतृत्व: अजमेर सिंह
कारण: बस्तर में मराठों और काकतीय शासक दरियाव देव के बीच संघर्ष। अजमेर सिंह ने आदिवासियों के सहयोग से स्वतंत्र राज्य स्थापित करने का प्रयास किया। इसे बस्तर का प्रथम जनजातीय विद्रोह कहा जाता है।
परलकोट विद्रोह (1825)
कांकेर/बस्तर क्षेत्र
नेतृत्व: गेंद सिंह (Gaind Singh)
कारण: मराठों के शोषण और अबूझमाड़ियों की स्वायत्तता पर हमले का विरोध।
परिणाम: 20 जनवरी 1825 को गेंद सिंह को फाँसी दी गई। वे छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद कहलाते हैं।
तारापुर विद्रोह (1842 - 1854)
बस्तर
नेतृत्व: दलगंजन सिंह (भूपाल देव का भाई)
कारण: दीवान जगबंधु द्वारा करों में भारी वृद्धि (विशेषकर 'टकोली' कर)। आदिवासियों ने कर देने से इनकार कर दिया।
मुरिया / माड़िया विद्रोह (1876)
बस्तर
नेतृत्व: झाड़ा सिरहा
कारण: दीवान गोपीनाथ कापरदास के अत्याचार और शोषण। आदिवासियों ने जगदलपुर को घेर लिया था। मैगवाथ नामक ब्रिटिश अधिकारी ने विद्रोह का दमन किया।
भूमकाल विद्रोह (1910) - बस्तर का सबसे बड़ा विद्रोह
फरवरी 1910
नेतृत्व: गुंडाधुर (नेतानार के जमींदार)
शासक: रुद्रप्रताप देव। प्रेरक: लाल कालिन्द्र सिंह।
कारण: वनों के उपयोग पर प्रतिबंध (रिज़र्व फारेस्ट नीति), पुलिस का अत्याचार और ठेकेदारी प्रथा।
विशेष: इसका प्रतीक चिह्न 'लाल मिर्च और आम की टहनियां' था। नारा था "बस्तर बस्तरवासियों का है"। कैप्टन गेयर ने इसका दमन किया। गुंडाधुर कभी पकड़े नहीं जा सके।
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अध्याय 03
1857 की क्रांति में छत्तीसगढ़
सोनाखान का विद्रोह
वीर नारायण सिंह (बिंझवार जनजाति)
1856 में भयानक अकाल के दौरान सोनाखान (बलौदाबाजार) के जमींदार वीर नारायण सिंह ने माखन नामक व्यापारी के गोदाम से अनाज लूटकर गरीबों में बांट दिया।
ब्रिटिश अधिकारी चार्ल्स इलियट ने उन्हें गिरफ्तार किया। 10 दिसंबर 1857 को रायपुर के जयस्तंभ चौक पर उन्हें फाँसी दे दी गई। वे छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम शहीद माने जाते हैं।
मैगजीन लश्कर विद्रोह (1858)
हनुमान सिंह
रायपुर की तीसरी बटालियन के मैगजीन लश्कर (हवलदार) हनुमान सिंह ने वीर नारायण सिंह की फाँसी का बदला लेने के लिए 18 जनवरी 1858 को ब्रिटिश अधिकारी सर्जेंट मेजर सिडवेल की हत्या कर दी।
वे पकड़े नहीं गए, लेकिन उनके 17 साथियों को 22 जनवरी को फाँसी दे दी गई। हनुमान सिंह को 'छत्तीसगढ़ का मंगल पांडे' कहा जाता है।
सुरेंद्र साय (संबलपुर का विद्रोह)
संबलपुर (तत्कालीन छत्तीसगढ़ का हिस्सा) के जमींदार सुरेंद्र साय ने 1857 की क्रांति का नेतृत्व किया। उन्हें असीरगढ़ के किले में बंदी बनाकर रखा गया, जहां 1884 में उनका निधन हुआ।
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अध्याय 04
राष्ट्रीय आंदोलन (1920 - 1947)
1920
कण्डेल नहर सत्याग्रह (Kandel Nahar Satyagraha)
स्थान: धमतरी। नेतृत्व: पं. सुंदरलाल शर्मा, नारायणराव मेघावाले, छोटेलाल श्रीवास्तव।
कारण: अंग्रेजों द्वारा सिंचाई कर (नहर टैक्स) लगाना और ग्रामीणों के मवेशी कुर्क करना। यह भारत का प्रथम सफल जल सत्याग्रह था।
20 दिसंबर 1920
गांधी जी का प्रथम छत्तीसगढ़ आगमन
कण्डेल सत्याग्रह के समर्थन में पं. सुंदरलाल शर्मा गांधी जी को कलकत्ता से रायपुर लाए। उनके साथ शौकत अली भी आए थे। गांधी जी के पहुंचने से पहले ही अंग्रेजों ने कर हटा लिया था। धमतरी में गांधी जी ने जनसभा को संबोधित किया।
1920, 1924, 1937
BNC मिल मजदूर हड़ताल (राजनांदगांव)
बंगाल नागपुर कॉटन (BNC) मिल के मजदूरों ने काम के घंटे कम करने और वेतन वृद्धि के लिए हड़ताल की। नेतृत्व: ठाकुर प्यारेलाल सिंह। 1920 की हड़ताल 36 दिनों तक चली जो उस समय देश की सबसे लंबी हड़ताल थी (इसमें वी.वी. गिरि ने भी हस्तक्षेप किया था)।
1930
जंगल सत्याग्रह (सविनय अवज्ञा आंदोलन)
छत्तीसगढ़ में नमक कानून के साथ-साथ वन कानूनों का भी उल्लंघन हुआ।
रुद्री-नवागाँव (धमतरी): पं. सुंदरलाल शर्मा, छोटेलाल श्रीवास्तव
तमोरा (महासमुंद): यति यतनलाल, शंकरराव गनौदवाले, बालिका दयावती
पोंडी-सीपत (बिलासपुर): राघवेन्द्र राव
1942
भारत छोड़ो आंदोलन (रायपुर षड्यंत्र केस)
परसराम सोनी ने रायपुर में बम बनाने और गोला-बारूद इकट्ठा करने का षड्यंत्र रचा। इसे 'रायपुर षड्यंत्र केस' कहा जाता है। त्रेतानाथ तिवारी नामक व्यक्ति ने मुखबिरी कर दी और परसराम सोनी को गिरफ्तार कर लिया गया।
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अध्याय 05
पृथक छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण
1924 - पहली मांग
रायपुर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा प्रांतीय कांग्रेस कमेटी की बैठक में पृथक छत्तीसगढ़ की मांग पहली बार औपचारिक रूप से प्रस्तुत की गई।
1956 - महासभा
राजनांदगांव में डॉ. खूबचंद बघेल की अध्यक्षता में 'छत्तीसगढ़ महासभा' का गठन किया गया, जिसके महासचिव दशरथ चौबे थे।
1967 - भ्रातृ संघ
डॉ. खूबचंद बघेल ने राजनांदगांव में 'छत्तीसगढ़ भ्रातृ संघ' (Brotherhood Association) की स्थापना की। द्वारिका प्रसाद तिवारी इसके उपाध्यक्ष थे।
1976 - मुक्ति मोर्चा
प्रसिद्ध मजदूर नेता शंकर गुहा नियोगी ने 'छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा' का गठन कर आंदोलन को नई दिशा दी।
1983 - संग्राम मंच
पवन दीवान ने 'छत्तीसगढ़ पार्टी' और शंकर गुहा नियोगी ने 'छत्तीसगढ़ संग्राम मंच' का गठन किया।
1 नवंबर 2000
म.प्र. पुनर्गठन अधिनियम 2000 के तहत भारत के 26वें राज्य के रूप में छत्तीसगढ़ का उदय।
प्रथम CM: अजीत जोगी
प्रथम राज्यपाल: डी.एन. सहाय
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Quick Revision
25 महत्वपूर्ण One-Liners (CGPSC / Vyapam)
01
छत्तीसगढ़ पर आक्रमण करने वाला प्रथम मराठा सेनापति भास्कर पंत था।
02
छत्तीसगढ़ का प्रथम प्रत्यक्ष मराठा शासक बिम्बाजी भोंसले था।
03
छत्तीसगढ़ में 'सूबेदारी प्रथा' की शुरुआत व्यंकोजी भोंसले ने की (प्रथम सूबेदार महीपतराव दिनकर)।
04
राजधानी रतनपुर से रायपुर कैप्टन एगन्यू (1818) ने स्थानांतरित की।
05
परलकोट विद्रोह (1825) का नेतृत्व गेंद सिंह ने किया था।
06
गेंद सिंह को छत्तीसगढ़ का प्रथम शहीद माना जाता है।
07
बस्तर का सबसे बड़ा जनजातीय विद्रोह भूमकाल विद्रोह (1910) था, जिसके नेता गुंडाधुर थे।
08
भूमकाल विद्रोह का प्रतीक चिन्ह लाल मिर्च और आम की टहनियां था।
09
1857 की क्रांति के दौरान छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम शहीद वीर नारायण सिंह हैं।
10
वीर नारायण सिंह को 10 दिसंबर 1857 को रायपुर के जयस्तंभ चौक पर फाँसी दी गई।
11
'छत्तीसगढ़ का मंगल पांडे' हनुमान सिंह को कहा जाता है (मैगजीन लश्कर विद्रोह 1858)।
12
कण्डेल नहर सत्याग्रह 1920 में धमतरी में हुआ, यह भारत का पहला सफल जल सत्याग्रह था।
13
गांधी जी पहली बार छत्तीसगढ़ 20 दिसंबर 1920 को आए थे।
14
BNC मिल (राजनांदगांव) की ऐतिहासिक मजदूर हड़ताल का नेतृत्व ठाकुर प्यारेलाल सिंह ने किया।
15
'छत्तीसगढ़ का गांधी' पंडित सुंदरलाल शर्मा को कहा जाता है।
16
अछूतोद्धार कार्यक्रम के तहत गांधी जी दूसरी बार नवंबर 1933 में छत्तीसगढ़ आए थे।
17
तमोरा जंगल सत्याग्रह में ब्रिटिश अधिकारी को थप्पड़ मारने वाली बालिका का नाम दयावती था।
18
सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान रायपुर में 'वानर सेना' का गठन बलिराम दुबे (आजाद) ने किया।
19
1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के 'रायपुर षड्यंत्र केस' के मुख्य नायक परसराम सोनी थे।
20
पृथक छत्तीसगढ़ की प्रथम मांग 1924 में रायपुर जिला कांग्रेस कमेटी ने की।
21
छत्तीसगढ़ का स्वप्नदृष्टा (प्रथम संकल्पनाकार) पंडित सुंदरलाल शर्मा को माना जाता है (1918)।
22
'छत्तीसगढ़ भ्रातृ संघ' (1967) के संस्थापक डॉ. खूबचंद बघेल थे।
23
'छत्तीसगढ़ मुक्ति मोर्चा' (1976) का गठन शंकर गुहा नियोगी ने किया।
24
म.प्र. पुनर्गठन विधेयक लोकसभा में 31 जुलाई 2000 को पारित हुआ।
25
तत्कालीन राष्ट्रपति के.आर. नारायणन के हस्ताक्षर के बाद 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ 26वां राज्य बना।
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Practice Test
अभ्यास प्रश्न (MCQs)
1. छत्तीसगढ़ की राजधानी रतनपुर से रायपुर किसने स्थानांतरित की?
A. कैप्टन एडमंड
B. कैप्टन एगन्यू
C. चार्ल्स इलियट
D. महीपतराव दिनकर
सही उत्तर: B. कैप्टन एगन्यू (1818 ई. में)।
2. बस्तर में 'भूमकाल विद्रोह' (1910) का नेतृत्व किसने किया था?
A. गुंडाधुर
B. गेंद सिंह
C. झाड़ा सिरहा
D. अजमेर सिंह
सही उत्तर: A. गुंडाधुर (यह बस्तर का सबसे बड़ा विद्रोह था)।
3. 'छत्तीसगढ़ का मंगल पांडे' किसे कहा जाता है?
A. वीर नारायण सिंह
B. परसराम सोनी
C. हनुमान सिंह
D. सुरेंद्र साय
सही उत्तर: C. हनुमान सिंह (इन्होंने मेजर सिडवेल की हत्या की थी)।
4. कण्डेल नहर सत्याग्रह किस वर्ष हुआ था?
A. 1918
B. 1922
C. 1930
D. 1920
सही उत्तर: D. 1920 (धमतरी जिले में, बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव और पं. सुंदरलाल शर्मा के नेतृत्व में)।
5. 'छत्तीसगढ़ भ्रातृ संघ' (1967) के संस्थापक कौन थे?
A. शंकर गुहा नियोगी
B. पवन दीवान
C. डॉ. खूबचंद बघेल
D. ठाकुर प्यारेलाल सिंह
सही उत्तर: C. डॉ. खूबचंद बघेल (इन्होंने राजनांदगांव में इसकी स्थापना की थी)।
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