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प्रमुख ग्रंथ एवं लेखक Important Books and Their Authors
वेदांग से लेकर सबाल्टर्न अध्ययन तक — हर प्रविष्टि में ग्रंथ, लेखक और वह एक पंक्ति जो बताती है कि यह ग्रंथ याद क्यों रखना है। साथ में फ़ारसी तवारीख़, विदेशी विवरण और विश्व इतिहास के ग्रंथ भी।
लगभग 500 ई.पू.अष्टाध्यायी — पाणिनि
1148 ई.राजतरंगिणी — कल्हण
1598 ई.आइन-ए-अकबरी — अबुल फ़ज़ल
1936 ई.Annihilation of Caste — आंबेडकर
इस पृष्ठ में
- 01वैदिक एवं धार्मिक ग्रंथ
- 02संस्कृत काव्य, नाटक एवं व्याकरण
- 03शास्त्र, दर्शन एवं विज्ञान
- 04चरित-काव्य एवं ऐतिहासिक ग्रंथ
- 05संगम एवं क्षेत्रीय साहित्य
- 06मध्यकालीन फ़ारसी ग्रंथ
- 07भक्ति एवं सूफ़ी साहित्य
- 08आधुनिक भारत के ग्रंथ
- 09आधुनिक इतिहासलेखन के ग्रंथ
- 10विदेशी लेखकों के भारत-सम्बन्धी ग्रंथ
- 11विश्व इतिहास के प्रमुख ग्रंथ
- 12स्वयं जाँच
01वैदिक एवं धार्मिक ग्रंथ Vedic and Religious Texts
इस वर्ग में एक विशेष सावधानी आवश्यक है — वेदों को अपौरुषेय माना जाता है, अर्थात् उनका कोई एक "लेखक" नहीं है। परीक्षा में लेखक केवल वहीं पूछा जाता है जहाँ परंपरा ने कोई नाम निश्चित किया हो।
| ग्रंथ | लेखक / संकलनकर्ता | टिप्पणी |
|---|---|---|
| चारों वेद (ऋक्, यजु, साम, अथर्व) | अपौरुषेय — कोई एक लेखक नहीं | व्यास द्वारा संकलन-विभाजन की परंपरा; ऋग्वेद सर्वाधिक प्राचीन। |
| निरुक्त | यास्क | वैदिक शब्दों की प्राचीनतम व्युत्पत्ति; वेदांग का अंग। |
| वेदांग ज्योतिष | लगध | प्राचीनतम भारतीय ज्योतिष ग्रंथ। |
| मनुस्मृति | मनु | प्राचीनतम एवं सर्वाधिक प्रभावशाली धर्मशास्त्र। |
| याज्ञवल्क्य स्मृति | याज्ञवल्क्य | विधि-व्यवस्था पर मनुस्मृति से अधिक व्यवस्थित। |
| मिताक्षरा | विज्ञानेश्वर | याज्ञवल्क्य स्मृति की टीका; उत्तराधिकार विधि का आधार। |
| दायभाग | जीमूतवाहन | बंगाल में प्रचलित उत्तराधिकार पद्धति। |
| रामायण | वाल्मीकि | आदिकाव्य; सात कांड। |
| महाभारत | वेदव्यास | प्राचीन नाम जय संहिता (8,800 श्लोक) → भारत → महाभारत। |
| बुद्धचरित एवं सौन्दरानन्द | अश्वघोष | कनिष्क के समकालीन; संस्कृत बौद्ध महाकाव्य। |
| विशुद्धिमग्ग | बुद्धघोष | थेरवाद बौद्ध दर्शन का प्रामाणिक ग्रंथ। |
| माध्यमिककारिका | नागार्जुन | शून्यवाद (माध्यमिक दर्शन) का मूल ग्रंथ। |
| अभिधम्मकोश | वसुबन्धु | बौद्ध दर्शन का विश्वकोशीय ग्रंथ। |
| मिलिन्दपन्हो | संवाद रूप — नागसेन एवं मिनांडर | पालि; यवन राजा एवं बौद्ध भिक्षु का दार्शनिक संवाद। |
| महावंश | महानाम | श्रीलंकाई पालि इतिवृत्त; मौर्य कालक्रम की रीढ़। |
| कल्पसूत्र | भद्रबाहु | जैन; तीर्थंकर-परंपरा एवं महावीर का जीवन। |
| तत्त्वार्थसूत्र | उमास्वाति | जैन दर्शन का संस्कृत में प्रथम व्यवस्थित ग्रंथ। |
तालिका दाएँ-बाएँ स्क्रॉल की जा सकती है।
02संस्कृत काव्य, नाटक एवं व्याकरण Sanskrit Literature
| ग्रंथ | लेखक | टिप्पणी |
|---|---|---|
| अष्टाध्यायी | पाणिनि | संस्कृत व्याकरण का आधार-ग्रंथ; तत्कालीन जनपदों की सूचना भी। |
| महाभाष्य | पतंजलि | पाणिनि पर भाष्य; शुंग काल एवं यवन आक्रमण का संकेत। |
| वार्तिक | कात्यायन | अष्टाध्यायी पर पूरक टिप्पणी। |
| कातन्त्र | सर्ववर्मन | सातवाहन नरेश हाल के लिए रचित सरल व्याकरण। |
| अमरकोश | अमरसिंह | संस्कृत का प्रसिद्धतम कोश; गुप्तकालीन। |
| अभिज्ञानशाकुन्तलम्, मेघदूत, रघुवंश, कुमारसम्भव | कालिदास | विक्रमोर्वशीयम् एवं मालविकाग्निमित्रम् भी; गुप्तकाल के महाकवि। |
| स्वप्नवासवदत्तम् | भास | कालिदास से पूर्ववर्ती नाटककार। |
| मृच्छकटिकम् | शूद्रक | नगर-जीवन एवं सामाजिक यथार्थ का दुर्लभ चित्रण। |
| मुद्राराक्षस एवं देवीचन्द्रगुप्तम् | विशाखदत्त | नन्द-मौर्य संक्रमण एवं चाणक्य की कूटनीति। |
| उत्तररामचरित एवं मालतीमाधव | भवभूति | कन्नौज के यशोवर्मन के दरबारी कवि। |
| नागानन्द, रत्नावली, प्रियदर्शिका | हर्षवर्धन | स्वयं सम्राट द्वारा रचित तीन नाटक। |
| कादम्बरी | बाणभट्ट | संस्कृत गद्य-काव्य का शिखर। |
| दशकुमारचरित एवं काव्यादर्श | दण्डी | गद्य-कथा एवं काव्यशास्त्र दोनों। |
| किरातार्जुनीयम् | भारवि | ऐहोल प्रशस्ति में कालिदास के साथ उल्लेख। |
| शिशुपालवध | माघ | बृहत्त्रयी का अंग। |
| नैषधीयचरित | श्रीहर्ष | नल-दमयंती कथा पर महाकाव्य। |
| कथासरित्सागर | सोमदेव | बृहत्कथा परंपरा का विशाल कथा-संग्रह। |
| नाट्यशास्त्र | भरत मुनि | नाट्य, संगीत एवं रस-सिद्धांत का मूल ग्रंथ। |
| कामसूत्र | वात्स्यायन | गुप्तकालीन नागरिक जीवन का महत्वपूर्ण स्रोत। |
| शतकत्रय एवं वाक्यपदीय | भर्तृहरि | नीति-शृंगार-वैराग्य शतक तथा भाषा-दर्शन। |
03शास्त्र, दर्शन एवं विज्ञान Sciences, Philosophy and Statecraft
| ग्रंथ | लेखक | टिप्पणी |
|---|---|---|
| अर्थशास्त्र | कौटिल्य / चाणक्य | 15 अधिकरण; मौर्य प्रशासन, कर एवं गुप्तचर व्यवस्था का प्रामाणिक चित्र। |
| चरक संहिता | चरक | आयुर्वेद — काय-चिकित्सा; कनिष्क का समकालीन माना जाता है। |
| सुश्रुत संहिता | सुश्रुत | शल्य-चिकित्सा (सर्जरी) का प्राचीनतम ग्रंथ। |
| अष्टांगहृदय | वाग्भट्ट | आयुर्वेद की बृहत्त्रयी का तीसरा ग्रंथ। |
| आर्यभटीय | आर्यभट | पृथ्वी के अपने अक्ष पर घूमने एवं ग्रहण के वैज्ञानिक कारण का प्रतिपादन। |
| बृहत्संहिता एवं पंचसिद्धांतिका | वराहमिहिर | ज्योतिष, वास्तु एवं तत्कालीन ज्ञान का विश्वकोश। |
| ब्रह्मस्फुटसिद्धांत | ब्रह्मगुप्त | शून्य के नियम एवं ऋणात्मक संख्याओं पर कार्य। |
| सिद्धांत शिरोमणि (लीलावती सहित) | भास्कराचार्य द्वितीय | बारहवीं सदी; गणित एवं खगोल का शिखर-ग्रंथ। |
| रसरत्नाकर | नागार्जुन | रसायन एवं धातु-विज्ञान। |
| न्यायसूत्र | गौतम (अक्षपाद) | न्याय दर्शन का मूल ग्रंथ। |
| वैशेषिक सूत्र | कणाद | परमाणुवाद का प्रतिपादन। |
| सांख्य सूत्र | कपिल | प्रकृति-पुरुष द्वैत; प्राचीनतम दर्शन-पद्धति मानी जाती है। |
| योगसूत्र | पतंजलि | अष्टांग योग का मूल ग्रंथ। |
| मीमांसा सूत्र | जैमिनि | पूर्व मीमांसा — कर्मकांड की व्याख्या। |
| ब्रह्मसूत्र | बादरायण | उत्तर मीमांसा अर्थात् वेदांत का आधार। |
| ब्रह्मसूत्र भाष्य एवं विवेकचूड़ामणि | आदि शंकराचार्य | अद्वैत वेदांत; रामानुज ने विशिष्टाद्वैत के लिए श्रीभाष्य लिखा। |
04चरित-काव्य एवं ऐतिहासिक ग्रंथ Charita Literature and Chronicles
| ग्रंथ | लेखक | नायक एवं महत्त्व |
|---|---|---|
| हर्षचरित | बाणभट्ट | हर्षवर्धन; संस्कृत की प्रथम ऐतिहासिक गद्य-जीवनी। |
| राजतरंगिणी | कल्हण | कश्मीर; 8 तरंग, लगभग 7,826 श्लोक — भारत का प्रथम तिथि-क्रमबद्ध इतिहास-ग्रंथ। |
| राजतरंगिणी (उत्तरवर्ती) | जोनराज, श्रीवर, शुक | कल्हण की परंपरा को सुल्तानों के काल तक आगे बढ़ाया। |
| विक्रमांकदेवचरित | बिल्हण | चालुक्य नरेश विक्रमादित्य षष्ठ। |
| गौडवहो | वाक्पति | कन्नौज के यशोवर्मन की विजय; प्राकृत काव्य। |
| रामचरित | सन्ध्याकर नन्दी | द्व्यर्थक काव्य — पाल नरेश रामपाल एवं कैवर्त विद्रोह। |
| नवसाहसांकचरित | पद्मगुप्त | परमार नरेश सिन्धुराज। |
| कुमारपालचरित (द्व्याश्रय) | हेमचन्द्र | चालुक्य कुमारपाल; व्याकरण एवं इतिहास एक साथ। |
| पृथ्वीराजविजय | जयानक | चाहमान पृथ्वीराज तृतीय। |
| पृथ्वीराजरासो | चन्दबरदाई | हिन्दी वीरगाथा; ऐतिहासिक दृष्टि से अतिरंजित एवं विवादास्पद। |
| प्रबंधचिंतामणि | मेरुतुंग | गुजरात के चालुक्यों का जैन प्रबंध। |
| कीर्तिकौमुदी | सोमेश्वर | वस्तुपाल-तेजपाल का चरित। |
| परिशिष्टपर्वन् | हेमचन्द्र | चन्द्रगुप्त मौर्य के दक्षिण-गमन का उल्लेख। |
05संगम एवं क्षेत्रीय साहित्य Sangam and Regional Literature
| ग्रंथ | लेखक | टिप्पणी |
|---|---|---|
| तोल्काप्पियम् | तोल्काप्पियर | तमिल व्याकरण का प्राचीनतम उपलब्ध ग्रंथ। |
| तिरुक्कुरल | तिरुवल्लुवर | नीति एवं जीवन-दर्शन; "तमिल वेद" कहा जाता है। |
| शिलप्पदिकारम् | इलंगो आडिगल | कण्णगी की कथा; तमिल का प्रथम महाकाव्य। |
| मणिमेखलै | सत्तनार | बौद्ध पृष्ठभूमि; शिलप्पदिकारम् की अनुवर्ती कथा। |
| जीवक चिन्तामणि | तिरुत्तक्कदेवर | जैन तमिल महाकाव्य। |
| कम्ब रामायणम् | कम्बन | तमिल में रामकथा; चोल काल। |
| पेरियपुराणम् | शेक्किळार | 63 नयनार संतों का चरित। |
| अष्टदिग्गज परंपरा | कृष्णदेवराय का दरबार | स्वयं कृष्णदेवराय ने तेलुगु में आमुक्तमाल्यद लिखी। |
| ज्ञानेश्वरी | ज्ञानेश्वर | मराठी में गीता की भाष्य-टीका। |
| बुरंजी | अहोम दरबार | असम के तिथि-क्रमबद्ध राजकीय वृत्तांत। |
06मध्यकालीन फ़ारसी ग्रंथ Medieval Persian Chronicles
इस खंड में सबसे बड़ी भ्रम-सम्भावना यह है कि तारीख़-ए-फ़िरोज़शाही नाम से दो अलग ग्रंथ हैं — एक बरनी का, दूसरा शम्स-ए-सिराज अफ़ीफ़ का।
| ग्रंथ | लेखक | टिप्पणी |
|---|---|---|
| तबक़ात-ए-नासिरी | मिन्हाज-उस-सिराज | दिल्ली सल्तनत का प्रथम व्यवस्थित इतिहास; इल्तुतमिश एवं रज़िया काल। |
| तारीख़-ए-फ़िरोज़शाही | ज़ियाउद्दीन बरनी | बलबन से फ़िरोज़ तुग़लक़ तक; अलाउद्दीन के बाज़ार-नियंत्रण का मुख्य स्रोत। |
| तारीख़-ए-फ़िरोज़शाही (द्वितीय) | शम्स-ए-सिराज अफ़ीफ़ | केवल फ़िरोज़शाह तुग़लक़ पर केन्द्रित — बरनी वाले ग्रंथ से भिन्न। |
| फ़तवा-ए-जहाँदारी | ज़ियाउद्दीन बरनी | राजनीतिक आदर्शों एवं अभिजनवादी दृष्टि का ग्रंथ। |
| ख़ज़ाइन-उल-फ़ुतूह, तुग़लक़नामा, नुह सिपिहर | अमीर ख़ुसरो | "तूती-ए-हिन्द"; अलाउद्दीन के अभियानों एवं सांस्कृतिक जीवन का विवरण। |
| फ़ुतूहात-ए-फ़िरोज़शाही | फ़िरोज़शाह तुग़लक़ (स्वयं) | सुल्तान की आत्मकथात्मक विवरणिका। |
| बाबरनामा (तुज़ुक-ए-बाबरी) | बाबर | तुर्की में आत्मकथा; भारत का प्रत्यक्ष एवं स्पष्टवादी वर्णन। |
| हुमायूँनामा | गुलबदन बेगम | बाबर की पुत्री; मुग़ल अंतःपुर का दुर्लभ स्त्री-दृष्टिकोण। |
| तारीख़-ए-शेरशाही | अब्बास ख़ान सरवानी | शेरशाह के प्रशासनिक सुधारों का मुख्य स्रोत। |
| अकबरनामा एवं आइन-ए-अकबरी | अबुल फ़ज़ल | आइन तीसरा भाग है — आँकड़ों-आधारित प्रशासनिक विवरण। |
| मुन्तख़ब-उत-तवारीख़ | अब्दुल क़ादिर बदायूँनी | अकबर की धार्मिक नीति का कटु आलोचक — दरबारी इतिहास का प्रति-स्वर। |
| तबक़ात-ए-अकबरी | निज़ामुद्दीन अहमद | अकबर काल का संतुलित एवं तथ्यनिष्ठ वृत्तांत। |
| तुज़ुक-ए-जहाँगीरी | जहाँगीर | आत्मकथा; कला, प्रकृति एवं न्याय-व्यवस्था पर टिप्पणियाँ। |
| पादशाहनामा | अब्दुल हमीद लाहौरी | शाहजहाँ का आधिकारिक इतिहास। |
| मुन्तख़ब-उल-लुबाब | ख़ाफ़ी ख़ान | औरंगज़ेब काल; प्रतिबंध के बावजूद गुप्त रूप से लिखा गया। |
| मजमा-उल-बहरैन एवं सिर्र-ए-अकबर | दाराशिकोह | हिन्दू-इस्लामी दर्शन का समन्वय; उपनिषदों का फ़ारसी अनुवाद। |
| गुलशन-ए-इब्राहीमी (तारीख़-ए-फ़रिश्ता) | मुहम्मद क़ासिम फ़रिश्ता | अखिल भारतीय दृष्टि; दक्कन सल्तनतों का विस्तृत विवरण। |
07भक्ति एवं सूफ़ी साहित्य Bhakti and Sufi Literature
| ग्रंथ / रचना | रचयिता | टिप्पणी |
|---|---|---|
| गीतगोविन्द | जयदेव | संस्कृत; राधा-कृष्ण भक्ति का शिखर-काव्य। |
| रामचरितमानस एवं विनयपत्रिका | तुलसीदास | अवधी; सगुण राम-भक्ति की सर्वाधिक प्रभावशाली कृति। |
| सूरसागर एवं साहित्य लहरी | सूरदास | ब्रजभाषा; कृष्ण-भक्ति एवं वात्सल्य रस। |
| बीजक | कबीर | निर्गुण भक्ति; साखी, सबद एवं रमैनी में संकलित। |
| पदावली | विद्यापति | मैथिली; राधा-कृष्ण शृंगार। |
| पद एवं भजन | मीराबाई | राजस्थानी-ब्रज; कृष्ण-भक्ति की प्रमुख स्त्री-स्वर। |
| गुरु ग्रंथ साहिब | संकलन — गुरु अर्जुन देव | 1604; सिख धर्म का पवित्र ग्रंथ, जिसमें कबीर एवं अन्य संतों की वाणी भी। |
| अभंग | तुकाराम | मराठी वारकरी परंपरा। |
| पद्मावत | मलिक मुहम्मद जायसी | अवधी सूफ़ी प्रेमाख्यान। |
| रज़्मनामा | अकबर के दरबार में अनूदित | महाभारत का फ़ारसी अनुवाद; अनुवाद-कार्य बदायूँनी सहित अनेक विद्वानों ने किया। |
| रसिकप्रिया एवं कविप्रिया | केशवदास | रीतिकाल का आरंभ। |
| बिहारी सतसई | बिहारी | रीतिकालीन शृंगार एवं नीति के दोहे। |
08आधुनिक भारत के ग्रंथ Books of Modern India
| ग्रंथ | लेखक | टिप्पणी |
|---|---|---|
| Precepts of Jesus | राजा राममोहन राय | ब्रह्म समाज के संस्थापक; "संवाद कौमुदी" पत्र भी निकाला। |
| सत्यार्थ प्रकाश | स्वामी दयानन्द सरस्वती | आर्य समाज का आधार-ग्रंथ; "वेदों की ओर लौटो"। |
| गुलामगिरी | ज्योतिबा फुले | 1873; जाति-व्यवस्था की मूलगामी आलोचना। |
| Poverty and Un-British Rule in India | दादाभाई नौरोजी | धन-निष्कासन सिद्धांत (Drain Theory)। |
| आनंदमठ एवं दुर्गेशनंदिनी | बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय | आनंदमठ में ही "वंदे मातरम्" प्रकाशित हुआ। |
| नील दर्पण | दीनबंधु मित्र | नील विद्रोह एवं बागान-शोषण पर नाटक। |
| गीता रहस्य एवं The Arctic Home in the Vedas | बाल गंगाधर तिलक | मांडले जेल में गीता रहस्य लिखा। |
| गीतांजलि | रवीन्द्रनाथ टैगोर | 1913 का साहित्य नोबेल; "गोरा" एवं "घरे बाइरे" उपन्यास भी। |
| हिन्द स्वराज | महात्मा गांधी | 1909; आधुनिक सभ्यता की आलोचना। आत्मकथा — "सत्य के प्रयोग"। |
| The Indian War of Independence, 1857 | वी.डी. सावरकर | 1909; 1857 को प्रथम स्वतंत्रता संग्राम कहा। |
| Unhappy India | लाला लाजपत राय | कैथरीन मेयो की "Mother India" का प्रत्युत्तर। |
| Why I am an Atheist | भगत सिंह | 1930, लाहौर जेल में लिखा निबंध। |
| Annihilation of Caste; Who Were the Shudras? | डॉ. भीमराव आंबेडकर | "The Problem of the Rupee" एवं "Thoughts on Pakistan" भी। |
| The Discovery of India; Glimpses of World History | जवाहरलाल नेहरू | दोनों जेल-प्रवास में लिखे गए। |
| India Wins Freedom | मौलाना अबुल कलाम आज़ाद | विभाजन एवं सत्ता-हस्तांतरण का भीतरी वृत्तांत। |
| भारत-भारती | मैथिलीशरण गुप्त | राष्ट्रीय जागरण का हिन्दी काव्य। |
09आधुनिक इतिहासलेखन के ग्रंथ Books of Modern Historiography
| ग्रंथ | लेखक | धारा एवं महत्त्व |
|---|---|---|
| The History of British India | जेम्स मिल | औपनिवेशिक; हिन्दू-मुस्लिम-ब्रिटिश कालविभाजन। |
| The Early History of India | विन्सेंट ए. स्मिथ | साम्राज्यवादी; समुद्रगुप्त को "भारतीय नेपोलियन" कहा। |
| Hindu Polity | के.पी. जायसवाल | राष्ट्रवादी; प्राचीन गणतंत्रों का प्रतिपादन। |
| Political History of Ancient India | एच.सी. रायचौधरी | राष्ट्रवादी; राजनीतिक कालक्रम का मानक ग्रंथ। |
| An Introduction to the Study of Indian History | डी.डी. कोसंबी | मार्क्सवादी; अंतर्विषयक पद्धति का सूत्रपात। |
| Indian Feudalism; Śūdras in Ancient India | आर.एस. शर्मा | मार्क्सवादी; भू-अनुदान एवं सामंतवाद की अवधारणा। |
| Aśoka and the Decline of the Mauryas; Early India | रोमिला थापर | मार्क्सवादी-सामाजिक; "स्वर्ण युग" धारणा की आलोचना। |
| The Agrarian System of Mughal India | इरफ़ान हबीब | मुग़ल कृषि-संबंध एवं संकट। |
| India Today | आर.पी. दत्त | 1857 को सामंती नेतृत्व वाला किसान विद्रोह बताया। |
| Eighteen Fifty-Seven | एस.एन. सेन | 1857 पर सरकारी शताब्दी-ग्रंथ; संतुलित निष्कर्ष। |
| Elementary Aspects of Peasant Insurgency | रणजीत गुहा | सबाल्टर्न; किसान-चेतना की स्वायत्तता। |
| The Emergence of Indian Nationalism | अनिल सील | कैम्ब्रिज स्कूल; राष्ट्रवाद को गुटबंदी के रूप में देखा। |
| The Rise and Growth of Economic Nationalism in India | बिपन चन्द्र | उपनिवेशवाद एवं आर्थिक राष्ट्रवाद। |
| The Wonder That Was India | ए.एल. बाशम | प्राचीन भारतीय संस्कृति का सुलभ एवं प्रामाणिक परिचय। |
| The Indian Constitution: Cornerstone of a Nation | ग्रैनविल ऑस्टिन | संविधान को "सामाजिक क्रांति का दस्तावेज़" कहा। |
| A History of South India | के.ए. नीलकंठ शास्त्री | दक्षिण भारत का मानक इतिहास। |
| This Fissured Land | माधव गाडगिल एवं रामचन्द्र गुहा | भारत का पर्यावरणीय इतिहास। |
10विदेशी लेखकों के भारत-सम्बन्धी ग्रंथ Foreign Accounts of India
| ग्रंथ | लेखक | काल एवं महत्त्व |
|---|---|---|
| इंडिका | मेगस्थनीज | 302–298 ई.पू.; मौर्य प्रशासन। मूल प्रति लुप्त, उद्धरणों से पुनर्निर्मित। |
| नेचुरलिस हिस्टोरिया | प्लिनी द एल्डर | प्रथम सदी ई.; भारत-रोम व्यापार एवं स्वर्ण-प्रवाह। |
| पेरिप्लस ऑफ़ द एरिथ्रियन सी | अज्ञात यूनानी नाविक | लगभग 80 ई.; भारतीय बंदरगाह एवं आयात-निर्यात सूची। |
| ज्योग्राफ़ी | टॉलेमी | दूसरी सदी ई.; भारत का व्यवस्थित भौगोलिक विवरण। |
| फ़ो-कुओ-की | फ़ाह्यान | 399–414 ई.; चन्द्रगुप्त द्वितीय काल का सामाजिक जीवन। |
| सी-यू-की | ह्वेनसांग | 630–645 ई.; हर्षकालीन भारत का सर्वाधिक विस्तृत बाह्य स्रोत। |
| किताब-उल-हिन्द (तहक़ीक़-ए-हिन्द) | अल-बिरूनी | ग्यारहवीं सदी; भारतीय विज्ञान एवं दर्शन का तुलनात्मक अध्ययन। |
| किताब-उर-रहला | इब्न बतूता | चौदहवीं सदी; मुहम्मद बिन तुग़लक़ काल। |
| Travels in the Mogul Empire | फ़्रांस्वा बर्नियर | फ़्रांसीसी चिकित्सक; औरंगज़ेब काल एवं भूमि-स्वामित्व पर टिप्पणी। |
| Travels in India | ज्याँ-बैप्टिस्ट टैवर्नियर | फ़्रांसीसी रत्न-व्यापारी; व्यापार एवं हीरों का विवरण। |
| Storia do Mogor | निकोलो मनूची | इतालवी; मुग़ल दरबार का जीवंत, किंचित् गपशपपूर्ण वृत्तांत। |
| The Embassy of Sir Thomas Roe | सर टॉमस रो | जहाँगीर के दरबार में जेम्स प्रथम का राजदूत। |
परीक्षा-सूत्र: विदेशी विवरणों में लेखक की राष्ट्रीयता और जिस शासक के काल में आया — दोनों अलग-अलग पूछे जाते हैं। बर्नियर एवं टैवर्नियर दोनों फ़्रांसीसी हैं, मनूची इतालवी।
11विश्व इतिहास के प्रमुख ग्रंथ Key Books of World History
| ग्रंथ | लेखक | महत्त्व |
|---|---|---|
| मुक़द्दमा | इब्न ख़ल्दून | 1377; इतिहास-दर्शन एवं समाजशास्त्र का अग्रदूत। |
| द प्रिंस | निकोलो मैकियावेली | 1513; राजनीति को नैतिकता से पृथक करने वाला ग्रंथ। |
| यूटोपिया | टॉमस मोर | 1516; आदर्श समाज की कल्पना। |
| लेवियाथन | टॉमस हॉब्स | 1651; सामाजिक संविदा एवं प्रबल संप्रभु का सिद्धांत। |
| Two Treatises of Government | जॉन लॉक | 1689; प्राकृतिक अधिकार एवं सीमित सरकार। |
| The Spirit of the Laws | मॉन्टेस्क्यू | 1748; शक्तियों के पृथक्करण का सिद्धांत। |
| The Social Contract; Emile | ज्याँ-जाक रूसो | 1762; लोकप्रिय संप्रभुता एवं सामान्य इच्छा। |
| The Wealth of Nations | एडम स्मिथ | 1776; आधुनिक अर्थशास्त्र एवं मुक्त व्यापार का आधार। |
| The Decline and Fall of the Roman Empire | एडवर्ड गिबन | 1776–88; आधुनिक ऐतिहासिक गद्य का उत्कृष्ट उदाहरण। |
| The Communist Manifesto | कार्ल मार्क्स एवं फ़्रेडरिक एंगेल्स | 1848; वर्ग-संघर्ष एवं सर्वहारा क्रांति। |
| On the Origin of Species | चार्ल्स डार्विन | 1859; प्राकृतिक चयन का सिद्धांत। |
| दास कैपिटल | कार्ल मार्क्स | 1867; पूँजीवाद का आर्थिक विश्लेषण। |
| Imperialism, the Highest Stage of Capitalism | व्लादिमीर लेनिन | 1916; प्रथम विश्वयुद्ध की आर्थिक व्याख्या। |
| माइन काम्फ़ | एडोल्फ़ हिटलर | 1925; नाज़ी विचारधारा का घोषणापत्र। |
| Decline of the West | ओसवाल्ड स्पेंगलर | सभ्यताओं का जैविक क्षय-सिद्धांत। |
| A Study of History | अर्नाल्ड टॉयनबी | "चुनौती एवं प्रत्युत्तर" का सिद्धांत। |
| What is History? | ई.एच. कार | 1961; तथ्य एवं व्याख्या की अविभाज्यता। |
| Orientalism | एडवर्ड सईद | 1978; प्राच्य-छवि को सत्ता-संबंध की उपज बताया। |
परीक्षा-दृष्टि · भ्रम से बचें
- तारीख़-ए-फ़िरोज़शाही दो हैं — बरनी (बलबन से फ़िरोज़ तक) एवं शम्स-ए-सिराज अफ़ीफ़ (केवल फ़िरोज़ पर)।
- इंडिका भी दो हैं — मेगस्थनीज कृत तथा एरियन कृत (सिकंदर के अभियान पर)।
- आइन-ए-अकबरी स्वतंत्र ग्रंथ नहीं, अकबरनामा का तीसरा भाग है — दोनों के लेखक अबुल फ़ज़ल हैं।
- हुमायूँनामा हुमायूँ ने नहीं, उसकी बहन गुलबदन बेगम ने लिखा; इसी प्रकार बाबरनामा स्वयं बाबर ने लिखा।
- दास कैपिटल केवल मार्क्स का है, जबकि कम्युनिस्ट घोषणापत्र मार्क्स एवं एंगेल्स दोनों का।
12स्वयं जाँच Self Test — 15 Questions
प्रत्येक प्रश्न का एक ही प्रयास मिलेगा।
अंक 0 / 15
सामान्य अध्ययन · ग्रंथ एवं लेखक मॉड्यूल
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