प्राचीन छत्तीसगढ़ का इतिहास
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भौगोलिक परिचय

Geographical Introduction
📖 Theory

प्राचीन छत्तीसगढ़ का भौगोलिक नाम 'दक्षिण कोशल' था। यह क्षेत्र महानदी और उसकी सहायक नदियों (शिवनाथ, अरपा, खरून, सोंधुर) के उपजाऊ मैदान में स्थित है।

🔹 प्राकृतिक सीमाएँ:
उत्तर — विंध्य श्रेणी (मध्य प्रदेश की सीमा)
दक्षिण — सतपुड़ा श्रेणी
पश्चिम — महादेव पहाड़ियाँ
पूर्व — उड़ीसा की सीमा
🔹 महानदी — जीवन रेखा:
महानदी (उद्गम — सिहावा, रायपुर) छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी नदी है। यह 858 किमी लंबी है और बंगाल की खाड़ी में गिरती है।
🔹 छत्तीसगढ़ नाम की उत्पत्ति:
'छत्तीस' (36) + 'गढ़' — 36 राज्यों/किलों का क्षेत्र। कलचुरि काल (10वीं-12वीं शताब्दी) में छत्तीसगढ़ में 36 गढ़ (राज्य) थे।
⚡ One Liner
  • छत्तीसगढ़ का प्राचीन नाम दक्षिण कोशल है।
  • छत्तीसगढ़ की जीवन रेखा महानदी है।
  • महानदी 858 किमी लंबी है।
  • महानदी बंगाल की खाड़ी में गिरती है।
  • छत्तीसगढ़ की उत्तरी सीमा विंध्य श्रेणी है।
  • छत्तीसगढ़ की दक्षिणी सीमा सतपुड़ा श्रेणी है।
  • शिवनाथ, अरपा, खरून महानदी की सहायक नदियाँ हैं।
  • छत्तीसगढ़ का मैदान उपजाऊ है।
  • छत्तीसगढ़ की मुख्य फसल चावल है।
  • छत्तीसगढ़ 'चावल का कटोरा' कहलाता है।
  • छत्तीसगढ़ नाम 'छत्तीस' (36) + 'गढ़' से बना है।
  • कलचुरि काल में 36 गढ़ थे।
❓ MCQ
  • Q1. छत्तीसगढ़ का प्राचीन नाम क्या है?
    (a) उत्तर कोशल (b) दक्षिण कोशल (c) पूर्व कोशल (d) पश्चिम कोशल
    ✅ सही उत्तर: (b) दक्षिण कोशल
  • Q2. छत्तीसगढ़ की जीवन रेखा कौन-सी नदी है?
    (a) नर्मदा (b) गोदावरी (c) महानदी (d) कृष्णा
    ✅ सही उत्तर: (c) महानदी
  • Q3. महानदी कितनी किमी लंबी है?
    (a) 658 किमी (b) 758 किमी (c) 858 किमी (d) 958 किमी
    ✅ सही उत्तर: (c) 858 किमी
  • Q4. छत्तीसगढ़ की उत्तरी सीमा कौन-सी श्रेणी है?
    (a) सतपुड़ा (b) विंध्य (c) महादेव (d) अरावली
    ✅ सही उत्तर: (b) विंध्य
  • Q5. छत्तीसगढ़ की मुख्य फसल क्या है?
    (a) गेहूँ (b) चावल (c) मक्का (d) ज्वार
    ✅ सही उत्तर: (b) चावल
📊 Tables

छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सीमाएँ

दिशासीमा
उत्तरविंध्य श्रेणी
दक्षिणसतपुड़ा श्रेणी
पश्चिममहादेव पहाड़ियाँ
पूर्वउड़ीसा की सीमा

महानदी की सहायक नदियाँ

नदीक्षेत्र
शिवनाथप्रमुख सहायक
अरपारायपुर क्षेत्र
खरूनबिलासपुर क्षेत्र
सोंधुरदुर्ग क्षेत्र
✍️ Short Answer Questions
  • Q1. छत्तीसगढ़ का प्राचीन नाम क्या था और इसकी उत्पत्ति कैसे हुई?
    छत्तीसगढ़ का प्राचीन नाम 'दक्षिण कोशल' था। रामायण-महाभारत काल में यह कोशल साम्राज्य का दक्षिणी भाग था। 'छत्तीसगढ़' नाम 'छत्तीस' (36) + 'गढ़' से बना है, जो कलचुरि काल में 36 राज्यों/किलों को दर्शाता है।
  • Q2. महानदी का वर्णन करें और इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ बताएँ।
    महानदी छत्तीसगढ़ की जीवन रेखा है। यह 858 किमी लंबी है और बंगाल की खाड़ी में गिरती है। इसकी प्रमुख सहायक नदियाँ — शिवनाथ, अरपा, खरून, सोंधुर हैं। यह नदी छत्तीसगढ़ के उपजाऊ मैदान को जल प्रदान करती है।
  • Q3. छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सीमाओं का वर्णन करें।
    उत्तर — विंध्य श्रेणी (मध्य प्रदेश की सीमा), दक्षिण — सतपुड़ा श्रेणी, पश्चिम — महादेव पहाड़ियाँ (बालाघाट), पूर्व — उड़ीसा की सीमा। इन प्राकृतिक सीमाओं ने छत्तीसगढ़ को एक सांस्कृतिक-आर्थिक-राजनीतिक इकाई के रूप में आकार दिया है।
🌍 प्राचीन — दक्षिण कोशल 🌊 महानदी — जीवन रेखा 🌾 चावल — मुख्य फसल
02
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प्रागैतिहासिक संस्कृतियाँ

Prehistoric Cultures
📖 Theory

छत्तीसगढ़ का प्रागैतिहासिक काल पुरापाषाण, मध्यपाषाण, नवपाषाण — तीन चरणों में विभाजित है।

🔹 पुरापाषाण काल (500,000-10,000 ई.पू.):
महानदी और शिवनाथ घाटियों में हस्त-कुल्हाड़ी (Handaxe), खुरपी (Chopper), फलक (Scraper) मिले हैं।
🔹 मध्यपाषाण काल (10,000-5000 ई.पू.):
सूक्ष्म पाषाण उपकरण (Microliths) बस्तर, सरगुजा, कांकेर में मिले हैं।
🔹 नवपाषाण काल (5000-1000 ई.पू.):
कृषि की शुरुआत — चावल, गेहूँ, मक्कामिट्टी के बर्तनतालागाँव (बिलासपुर) सबसे महत्वपूर्ण स्थल।
⚡ One Liner
  • प्रागैतिहासिक काल 3 चरणों में विभाजित है।
  • पुरापाषाण काल 500,000-10,000 ई.पू. तक था।
  • पुरापाषाण काल में हस्त-कुल्हाड़ी मिली है।
  • मध्यपाषाण काल में सूक्ष्म उपकरण मिले हैं।
  • नवपाषाण काल 5000-1000 ई.पू. तक था।
  • नवपाषाण काल में कृषि शुरू हुई।
  • तालागाँव (बिलासपुर) नवपाषाण का प्रमुख स्थल है।
  • शैल चित्र बस्तर, सरगुजा, कांकेर में मिले हैं।
❓ MCQ
  • Q1. प्रागैतिहासिक काल कितने चरणों में विभाजित है?
    (a) 2 (b) 3 (c) 4 (d) 5
    ✅ सही उत्तर: (b) 3
  • Q2. पुरापाषाण काल में कौन-सा उपकरण मिला है?
    (a) हस्त-कुल्हाड़ी (b) तलवार (c) ढाल (d) भाला
    ✅ सही उत्तर: (a) हस्त-कुल्हाड़ी
  • Q3. नवपाषाण काल का सबसे महत्वपूर्ण स्थल कौन-सा है?
    (a) सिरपुर (b) तालागाँव (c) रतनपुर (d) भोरमदेव
    ✅ सही उत्तर: (b) तालागाँव
📊 Tables

प्रागैतिहासिक काल का विभाजन

कालसमयविशेषता
पुरापाषाण500,000-10,000 ई.पू.हस्त-कुल्हाड़ी, खुरपी
मध्यपाषाण10,000-5000 ई.पू.सूक्ष्म उपकरण
नवपाषाण5000-1000 ई.पू.कृषि, मिट्टी के बर्तन
✍️ Short Answer Questions
  • Q1. प्रागैतिहासिक काल के तीन चरणों का वर्णन करें।
    पुरापाषाण (500,000-10,000 ई.पू.) — महानदी-शिवनाथ घाटी में हस्त-कुल्हाड़ी, खुरपी मिले। मध्यपाषाण (10,000-5000 ई.पू.) — सूक्ष्म उपकरण मिले, शिकार-संग्रहण जीवन। नवपाषाण (5000-1000 ई.पू.) — कृषि शुरू, मिट्टी के बर्तन, तालागाँव प्रमुख स्थल।
  • Q2. नवपाषाण काल की मुख्य विशेषताएँ लिखें।
    नवपाषाण काल (5000-1000 ई.पू.) — कृषि की शुरुआत, चावल, गेहूँ, मक्का की खेती। मिट्टी के बर्तन निर्माण। पशुपालन — गाय, बकरी, सुअर। तालागाँव (बिलासपुर) सबसे महत्वपूर्ण स्थल।
🦴 500,000 — पुरापाषाण 🔍 10,000 — मध्यपाषाण 🌾 5000 — नवपाषाण
03
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प्रमुख राजवंश

Major Dynasties
📖 Theory

प्राचीन छत्तीसगढ़ में कई महत्वपूर्ण राजवंशों ने शासन किया — नागवंशी, सरभापुरिया, पांडुवंशी, कलचुरि, बाणवंशी

🔹 नागवंशी (3री-4थी शताब्दी):
कालिंग-कोशल क्षेत्र के शासक। सिरपुर में शिलालेख। नाग देवता की पूजा।
🔹 सरभापुरिया (4थी-6वीं शताब्दी):
सिरपुर (श्रीपुर) राजधानी। प्रवर सेन, सुदर्शन, महासेन — प्रमुख शासक। ब्राह्मी लिपि में शिलालेख।
🔹 कलचुरि (10वीं-12वीं शताब्दी):
रतनपुर राजधानी। प्रथम कलचुरि — कोकल्लदेव I। रतनदेव (11वीं शताब्दी) — महान शासक। 36 गढ़ स्थापित।
⚡ One Liner
  • नागवंशी ने 3री-4थी शताब्दी में शासन किया।
  • सरभापुरिया की राजधानी सिरपुर थी।
  • सरभापुरिया के प्रमुख शासक प्रवर सेन थे।
  • सरभापुरिया के शिलालेख ब्राह्मी लिपि में हैं।
  • पांडुवंशी ने 6वीं-8वीं शताब्दी में शासन किया।
  • कलचुरि वंश की राजधानी रतनपुर थी।
  • कलचुरि वंश के महान शासक रतनदेव थे।
  • कलचुरि काल में 36 गढ़ स्थापित हुए।
  • प्रथम कलचुरि शासक कोकल्लदेव I थे।
❓ MCQ
  • Q1. सरभापुरिया वंश की राजधानी क्या थी?
    (a) रतनपुर (b) सिरपुर (c) कवर्धा (d) जगदलपुर
    ✅ सही उत्तर: (b) सिरपुर
  • Q2. कलचुरि वंश की राजधानी क्या थी?
    (a) सिरपुर (b) रतनपुर (c) कवर्धा (d) राजनांदगांव
    ✅ सही उत्तर: (b) रतनपुर
  • Q3. कलचुरि वंश का महान शासक कौन था?
    (a) प्रवर सेन (b) रतनदेव (c) त्रिभुवन देव (d) महासेन
    ✅ सही उत्तर: (b) रतनदेव
  • Q4. 36 गढ़ किस काल में स्थापित हुए?
    (a) नागवंशी (b) सरभापुरिया (c) कलचुरि (d) पांडुवंशी
    ✅ सही उत्तर: (c) कलचुरि
📊 Tables

प्रमुख राजवंश तुलनात्मक सारांश

राजवंशकालराजधानीप्रमुख शासक
नागवंशी3री-4थीसिरपुर
सरभापुरिया4थी-6वींसिरपुरप्रवर सेन
पांडुवंशी6वीं-8वींकवर्धात्रिभुवन देव
कलचुरि10वीं-12वींरतनपुररतनदेव
✍️ Short Answer Questions
  • Q1. सरभापुरिया वंश के बारे में संक्षिप्त वर्णन करें।
    सरभापुरिया वंश (4थी-6वीं शताब्दी) ने सिरपुर को राजधानी बनाया। प्रवर सेन, सुदर्शन, महासेन प्रमुख शासक थे। इनके शिलालेख ब्राह्मी लिपि में हैं। यह वंश धार्मिक सहिष्णुता के लिए जाना जाता था — बौद्ध, जैन, हिंदू तीनों धर्मों को संरक्षण दिया।
  • Q2. कलचुरि वंश के बारे में लिखें।
    कलचुरि वंश (10वीं-12वीं शताब्दी) की राजधानी रतनपुर थी। प्रथम कलचुरि कोकल्लदेव I थे। रतनदेव (11वीं शताब्दी) महान शासक थे। इन्होंने 36 गढ़ (राज्य) स्थापित किए। भोरमदेव मंदिर, देवबलोदा मंदिर इनके समय में निर्मित हुए।
👑 3री-4वीं — नाग 🏛️ 4थी-6वीं — सरभापुरिया 🕉️ 6वीं-8वीं — पांडु 🕌 10वीं-12वीं — कलचुरि
04
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अभिलेख एवं मुद्राएँ

Inscriptions & Coins
📖 Theory

प्राचीन छत्तीसगढ़ के इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण स्रोतशिलालेख, ताम्रपत्र, मुद्राएँ

🔹 सिरपुर शिलालेख (4थी-6वीं शताब्दी):
सिरपुर से प्राप्त 15 से अधिक शिलालेखब्राह्मी लिपि, संस्कृत भाषा। सरभापुरिया वंश के शासकों के अभिलेख।
🔹 रतनपुर शिलालेख (10वीं-12वीं शताब्दी):
कलचुरि वंश के शिलालेख। '36 गढ़' का सबसे पहला उल्लेख।
🔹 ताम्रपत्र एवं मुद्राएँ:
दान-अनुदान के लिए ताम्रपत्र। स्वर्ण, चाँदी, ताँबा की मुद्राएँ — गुप्त काल (राजा-देवी, अश्वमेध), कलचुरि (नाग देवता, शिव)।
⚡ One Liner
  • सिरपुर शिलालेख 4थी-6वीं शताब्दी के हैं।
  • सिरपुर शिलालेख सरभापुरिया वंश से संबंधित हैं।
  • सिरपुर शिलालेख ब्राह्मी लिपि में हैं।
  • सिरपुर से 15 से अधिक शिलालेख प्राप्त हुए हैं।
  • रतनपुर शिलालेख कलचुरि वंश से संबंधित हैं।
  • रतनपुर शिलालेख में '36 गढ़' का पहला उल्लेख है।
  • ताम्रपत्र दान-अनुदान के लिए उपयोग होते थे।
  • गुप्त काल की मुद्राओं पर राजा-देवी, अश्वमेध अंकित हैं।
❓ MCQ
  • Q1. सिरपुर शिलालेख किस वंश से संबंधित हैं?
    (a) कलचुरि (b) सरभापुरिया (c) नागवंशी (d) पांडुवंशी
    ✅ सही उत्तर: (b) सरभापुरिया
  • Q2. रतनपुर शिलालेख किस वंश से संबंधित हैं?
    (a) नागवंशी (b) सरभापुरिया (c) कलचुरि (d) पांडुवंशी
    ✅ सही उत्तर: (c) कलचुरि
  • Q3. ताम्रपत्र किस कार्य के लिए उपयोग होते थे?
    (a) युद्ध (b) दान-अनुदान (c) व्यापार (d) शिक्षा
    ✅ सही उत्तर: (b) दान-अनुदान
📊 Tables

प्रमुख अभिलेख

अभिलेखस्थानकालवंश
सिरपुर शिलालेखसिरपुर4थी-6वींसरभापुरिया
आम्रपुर शिलालेखआम्रपुर6वीं-8वींपांडुवंशी
रतनपुर शिलालेखरतनपुर10वीं-12वींकलचुरि
✍️ Short Answer Questions
  • Q1. सिरपुर शिलालेख का महत्व बताएँ।
    सिरपुर शिलालेख (4थी-6वीं शताब्दी) सरभापुरिया वंश के शासकों के अभिलेख हैं। ये 15 से अधिक हैं और ब्राह्मी लिपि में लिखे गए हैं। ये राज्य-विस्तार, दान-धर्म, युद्ध-विजय की जानकारी प्रदान करते हैं।
  • Q2. रतनपुर शिलालेख का क्या महत्व है?
    रतनपुर शिलालेख (10वीं-12वीं शताब्दी) कलचुरि वंश से संबंधित हैं। इनमें '36 गढ़' (राज्य) का सबसे पहला उल्लेख मिलता है। ये कला, साहित्य, धर्म के संरक्षण की जानकारी भी प्रदान करते हैं।
📜 4थी-6वीं — सिरपुर 📕 6वीं-8वीं — आम्रपुर 📖 10वीं-12वीं — रतनपुर
05
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कला एवं स्थापत्य

Art & Architecture
📖 Theory

प्राचीन छत्तीसगढ़ की कला गुप्तकालीन, कलचुरिकालीन, बौद्ध, जैन, हिंदू परंपराओं का संगम है।

🔹 लक्ष्मण मंदिर — सिरपुर (4थी-6वीं शताब्दी):
गुप्तकालीन मंदिर। ईंटों से निर्मित (बिना मोर्टार)। विष्णु की मूर्तियाँ — दशावतार, वामन, नरसिंह।
🔹 भोरमदेव मंदिर — कवर्धा (11वीं-12वीं शताब्दी):
कलचुरिकालीन शिव मंदिर। नागर शैली (उत्तर भारतीय स्थापत्य)। शिखर (स्पियर) — 20 मीटर ऊँचा।
🔹 बौद्ध स्थापत्य — सिरपुर, अर्जुनगढ़:
4थी-8वीं शताब्दी के बौद्ध स्तूप और विहार (भिक्षु-आवास) मिले हैं।
⚡ One Liner
  • लक्ष्मण मंदिर सिरपुर में स्थित है।
  • लक्ष्मण मंदिर गुप्तकालीन है।
  • लक्ष्मण मंदिर ईंटों से निर्मित है।
  • लक्ष्मण मंदिर विष्णु को समर्पित है।
  • भोरमदेव मंदिर कवर्धा में स्थित है।
  • भोरमदेव मंदिर कलचुरिकालीन है।
  • भोरमदेव मंदिर नागर शैली में बना है।
  • भोरमदेव मंदिर का शिखर 20 मीटर ऊँचा है।
  • बौद्ध स्तूप सिरपुर, अर्जुनगढ़ में मिले हैं।
  • बौद्ध स्तूप 4थी-8वीं शताब्दी के हैं।
❓ MCQ
  • Q1. लक्ष्मण मंदिर कहाँ स्थित है?
    (a) रतनपुर (b) सिरपुर (c) कवर्धा (d) राजनांदगांव
    ✅ सही उत्तर: (b) सिरपुर
  • Q2. भोरमदेव मंदिर किस शैली में बना है?
    (a) द्रविड़ (b) नागर (c) वेसर (d) गोपुरम
    ✅ सही उत्तर: (b) नागर
  • Q3. भोरमदेव मंदिर किस देवता को समर्पित है?
    (a) विष्णु (b) शिव (c) दुर्गा (d) सूर्य
    ✅ सही उत्तर: (b) शिव
📊 Tables

प्रमुख मंदिर एवं स्थापत्य

मंदिर/स्थापत्यस्थानकालशैली
लक्ष्मण मंदिरसिरपुर4थी-6वींगुप्तकालीन
भोरमदेव मंदिरकवर्धा11वीं-12वींनागर
देवबलोदा मंदिरराजनांदगांव11वीं-12वींनागर
बौद्ध स्तूपसिरपुर4थी-8वींबौद्ध
✍️ Short Answer Questions
  • Q1. भोरमदेव मंदिर की विशेषताएँ लिखें।
    भोरमदेव मंदिर (कवर्धा) 11वीं-12वीं शताब्दी का कलचुरिकालीन शिव मंदिर है। यह नागर शैली (उत्तर भारतीय स्थापत्य) में बना है। शिखर 20 मीटर ऊँचा है। यह भव्य, अलंकृत और मूर्तियों से सजा है।
  • Q2. लक्ष्मण मंदिर की विशेषताएँ बताएँ।
    लक्ष्मण मंदिर (सिरपुर) 4थी-6वीं शताब्दी का गुप्तकालीन मंदिर है। यह ईंटों से बिना मोर्टार के निर्मित है। विष्णु की मूर्तियाँ — दशावतार, वामन, नरसिंह — यहाँ की प्रमुख विशेषताएँ हैं।
🏛️ 4थी-6वीं — गुप्तकालीन 🕉️ 4थी-8वीं — बौद्ध-जैन 🕌 11वीं-12वीं — कलचुरि
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धर्म एवं संस्कृति

Religion & Culture
📖 Theory

प्राचीन छत्तीसगढ़ में हिंदू, बौद्ध, जैन, आदिवासी धर्म एक साथ पनपे। धार्मिक सहिष्णुता — छत्तीसगढ़ की विशेषता।

🔹 हिंदू धर्म:
शिव — भोरमदेव (कवर्धा), देवबलोदा (राजनांदगांव)
विष्णु — लक्ष्मण मंदिर (सिरपुर)
दुर्गा — महिषासुरमर्दिनी मूर्तियाँ
🔹 बौद्ध धर्म:
4थी-8वीं शताब्दी में फला-फूला। सिरपुर, अर्जुनगढ़ में बौद्ध स्तूप, विहार।
🔹 आदिवासी धर्म:
गोंड, बैगा, हल्बा, मुरिया, ओराँवप्रकृति-पूजा (वृक्ष, नदी, पहाड़, पशु), पूर्वज-पूजा, शमनवाद (Shamanism)
⚡ One Liner
  • प्राचीन छत्तीसगढ़ में हिंदू, बौद्ध, जैन, आदिवासी धर्म पनपे।
  • धार्मिक सहिष्णुता छत्तीसगढ़ की विशेषता है।
  • शिव मंदिर — भोरमदेव।
  • विष्णु मंदिर — लक्ष्मण मंदिर (सिरपुर)।
  • बौद्ध धर्म 4थी-8वीं शताब्दी में फला-फूला।
  • बौद्ध स्तूप सिरपुर, अर्जुनगढ़ में मिले हैं।
  • जैन धर्म के तीर्थंकर हैं — ऋषभदेव, महावीर, पार्श्वनाथ।
  • आदिवासी धर्म में प्रकृति-पूजा प्रमुख है।
  • गोंड, बैगा, हल्बा आदिवासी समुदाय हैं।
❓ MCQ
  • Q1. भोरमदेव मंदिर किस देवता को समर्पित है?
    (a) विष्णु (b) शिव (c) दुर्गा (d) सूर्य
    ✅ सही उत्तर: (b) शिव
  • Q2. बौद्ध धर्म छत्तीसगढ़ में कब फला-फूला?
    (a) 2री-4थी (b) 4थी-8वीं (c) 8वीं-10वीं (d) 10वीं-12वीं
    ✅ सही उत्तर: (b) 4थी-8वीं
  • Q3. जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर कौन हैं?
    (a) ऋषभदेव (b) पार्श्वनाथ (c) महावीर (d) नेमिनाथ
    ✅ सही उत्तर: (c) महावीर
📊 Tables

धार्मिक परंपराएँ

धर्मप्रमुख देवता/स्थलकाल
हिंदूशिव (भोरमदेव), विष्णु (लक्ष्मण मंदिर)4थी-12वीं
बौद्धस्तूप, विहार (सिरपुर, अर्जुनगढ़)4थी-8वीं
जैनतीर्थंकर (सिरपुर, रायपुर)4थी-8वीं
आदिवासीप्रकृति-पूजा (बस्तर, सरगुजा)प्राचीन
✍️ Short Answer Questions
  • Q1. प्राचीन छत्तीसगढ़ में प्रचलित धर्मों का वर्णन करें।
    प्राचीन छत्तीसगढ़ में हिंदू, बौद्ध, जैन और आदिवासी धर्म प्रचलित थे। हिंदू धर्म में शिव (भोरमदेव), विष्णु (लक्ष्मण मंदिर) की पूजा होती थी। बौद्ध धर्म 4थी-8वीं शताब्दी में फला-फूला। जैन धर्म के तीर्थंकरों की पूजा होती थी। आदिवासी धर्म में प्रकृति-पूजा प्रमुख थी।
  • Q2. धार्मिक सहिष्णुता का क्या अर्थ है? छत्तीसगढ़ में इसके उदाहरण दें।
    धार्मिक सहिष्णुता का अर्थ है सभी धर्मों के प्रति सम्मान और संरक्षण। छत्तीसगढ़ में सरभापुरिया, पांडुवंशी, कलचुरि — तीनों वंशों ने हिंदू, बौद्ध, जैन तीनों धर्मों को संरक्षण दिया। शिलालेखों में बौद्ध, जैन, हिंदू मंदिरों के दान-अनुदान के प्रमाण मिलते हैं।
🕉️ ई.पू. 3री — हिंदू ☸️ 4थी-8वीं — बौद्ध 🕉️ 4थी-8वीं — जैन
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व्यापार एवं अर्थव्यवस्था

Trade & Economy
📖 Theory

प्राचीन छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था कृषि, खनिज, व्यापार, मुद्राएँ, कर-व्यवस्था पर आधारित थी।

🔹 कृषि — आर्थिक आधार:
चावल — मुख्य फसल (भारत का 'चावल का कटोरा')। गेहूँ, मक्का, ज्वार, बाजरा, दलहन, तिलहन — अन्य फसलें।
🔹 खनिज संपदा:
लोहा (बस्तर, दंतेवाड़ा), ताँबा (बस्तर, सरगुजा), हीरा (बस्तर, कांकेर), बॉक्साइट (बस्तर, कवर्धा)।
🔹 व्यापार:
स्थानीय — गाँव-गाँव
क्षेत्रीय — कोशल-कलिंग, दक्षिण भारत
अंतर्राष्ट्रीयरोमन साम्राज्य (हीरा, मसाले, वस्त्र)
⚡ One Liner
  • छत्तीसगढ़ 'चावल का कटोरा' कहलाता है।
  • छत्तीसगढ़ की मुख्य फसल चावल है।
  • लोहा बस्तर, दंतेवाड़ा में पाया जाता है।
  • हीरा बस्तर, कांकेर में पाया जाता है।
  • बॉक्साइट बस्तर, कवर्धा में पाया जाता है।
  • प्राचीन छत्तीसगढ़ का रोमन साम्राज्य से व्यापार था।
  • स्वर्ण मुद्रा को दीनार कहते थे।
  • चाँदी की मुद्रा को रूप्यक कहते थे।
  • ताँबे की मुद्रा को कर्षापण कहते थे।
  • कृषि-कर को षष्ठांश कहते थे।
❓ MCQ
  • Q1. छत्तीसगढ़ की मुख्य फसल क्या है?
    (a) गेहूँ (b) चावल (c) मक्का (d) ज्वार
    ✅ सही उत्तर: (b) चावल
  • Q2. बस्तर किस खनिज के लिए प्रसिद्ध है?
    (a) लोहा (b) हीरा (c) बॉक्साइट (d) कोयला
    ✅ सही उत्तर: (b) हीरा
  • Q3. प्राचीन छत्तीसगढ़ का किस साम्राज्य से व्यापार था?
    (a) ग्रीक (b) रोमन (c) चीनी (d) अरब
    ✅ सही उत्तर: (b) रोमन
  • Q4. कृषि-कर को क्या कहते थे?
    (a) चौथ (b) षष्ठांश (c) सरदेशमुखी (d) जज़िया
    ✅ सही उत्तर: (b) षष्ठांश
📊 Tables

प्राचीन मुद्राएँ

मुद्राधातुवज़नकाल
दीनारस्वर्ण8 ग्रामगुप्त काल
रूप्यकचाँदी3 ग्रामप्राचीन
कर्षापणताँबा10 ग्रामप्राचीन

प्रमुख व्यापारिक वस्तुएँ

वस्तुनिर्यात/आयातगंतव्य
हीरानिर्यातरोमन साम्राज्य
मसालेनिर्यातरोमन साम्राज्य
वस्त्रनिर्यातदक्षिण-पूर्व एशिया
लोहानिर्यातक्षेत्रीय
✍️ Short Answer Questions
  • Q1. प्राचीन छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था के मुख्य आधार क्या थे?
    प्राचीन छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था कृषि, खनिज, व्यापार, मुद्राएँ और कर-व्यवस्था पर आधारित थी। कृषि में चावल मुख्य फसल था। खनिज में लोहा, ताँबा, हीरा प्रमुख थे। रोमन साम्राज्य के साथ अंतर्राष्ट्रीय व्यापार होता था।
  • Q2. प्राचीन छत्तीसगढ़ के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का वर्णन करें।
    प्राचीन छत्तीसगढ़ का अंतर्राष्ट्रीय व्यापार रोमन साम्राज्य के साथ होता था। हीरा, मसाले, वस्त्र का निर्यात किया जाता था। यह व्यापार समुद्री मार्गों के माध्यम से होता था। दक्षिण-पूर्व एशिया के साथ भी व्यापारिक संबंध थे।
🌾 प्राचीन — कृषि 💰 ई.पू. 3री — मुद्राएँ 🌍 4थी-12वीं — अंतर्राष्ट्रीय व्यापार

📚 प्राचीन छत्तीसगढ़ का इतिहास · 7 अध्याय · अध्ययन सामग्री

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