मौर्योत्तर साम्राज्य
( शुंग • कण्व • सातवाहन • इंडो-ग्रीक • शक • कुषाण )
1 मौर्य साम्राज्य के बाद किस वंश ने शासन स्थापित किया?
उत्तर : (b) शुंग [UPSC / SSC]
व्याख्या : 185 ई.पू. में पुष्यमित्र शुंग ने अंतिम मौर्य शासक वृहद्रथ की हत्या कर शुंग वंश की स्थापना की। यह मौर्योत्तर काल का प्रथम प्रमुख वंश था।
✦ स्मरण-सूत्र : वृहद्रथ → पुष्यमित्र शुंग = मौर्य अंत।
2 पुष्यमित्र शुंग ने कितने अश्वमेध यज्ञ किए?
उत्तर : (b) दो [UPPCS]
व्याख्या : पुष्यमित्र शुंग ने ब्राह्मण धर्म के पुनरुत्थान हेतु दो अश्वमेध यज्ञ किए। पतंजलि उसके पुरोहित थे तथा महाभाष्य की रचना इसी काल में हुई।
3 शुंग वंश का अंतिम शासक कौन था?
उत्तर : (c) देवभूति [MPPSC]
व्याख्या : देवभूति शुंग वंश का अंतिम शासक था। उसके मंत्री वासुदेव कण्व ने 75 ई.पू. के लगभग उसकी हत्या कर कण्व वंश की स्थापना की।
4 सातवाहन वंश का सबसे प्रतापी शासक कौन था?
उत्तर : (b) गौतमीपुत्र शातकर्णि [UPSC]
व्याख्या : गौतमीपुत्र शातकर्णि (लगभग 106–130 ई.) ने शक क्षत्रप नहपान को पराजित कर सातवाहन शक्ति को पुनर्स्थापित किया। उसकी माता गौतमी बलश्री का नासिक अभिलेख प्रसिद्ध है।
✦ स्मरण-सूत्र : गौतमीपुत्र = सातवाहन का सबसे शक्तिशाली राजा।
5 सातवाहनों की राजधानी कहाँ थी?
उत्तर : (b) प्रतिष्ठान (पैठन) [CGPSC]
व्याख्या : सातवाहनों की मुख्य राजधानी प्रतिष्ठान (आधुनिक पैठन, महाराष्ट्र) थी। बाद में कुछ शासकों ने अमरावती / धान्यकटक को भी केंद्र बनाया।
6 ‘मिलिंदपन्हो’ ग्रंथ किससे संबंधित है?
उत्तर : (b) मेनेंडर (मिलिंद) [UPSC]
व्याख्या : मिलिंदपन्हो (मिलिंद के प्रश्न) इंडो-ग्रीक शासक मेनेंडर एवं बौद्ध भिक्षु नागसेन के बीच हुए दार्शनिक संवाद का ग्रंथ है। मेनेंडर बौद्ध धर्म का Patron बना।
7 शक शासक रुद्रदामन का प्रसिद्ध अभिलेख कहाँ से मिला है?
उत्तर : (d) दोनों (b) व (c) [UPSC]
व्याख्या : रुद्रदामन (लगभग 130–150 ई.) का जूनागढ़ (गिरनार) अभिलेख संस्कृत भाषा का पहला दीर्घ अभिलेख है। इसमें सुदर्शन झील की मरम्मत का उल्लेख है।
✦ स्मरण-सूत्र : रुद्रदामन = जूनागढ़ अभिलेख = संस्कृत का प्रथम बड़ा अभिलेख।
8 कुषाण वंश का सबसे महान शासक कौन था?
उत्तर : (c) कनिष्क [सभी परीक्षाएँ]
व्याख्या : कनिष्क (लगभग 78–101/102 ई.) कुषाण वंश का सर्वाधिक शक्तिशाली शासक था। उसने 78 ई. से शक संवत् चलाया तथा चतुर्थ बौद्ध संगीति का आयोजन किया।
9 चतुर्थ बौद्ध संगीति कहाँ हुई थी?
उत्तर : (d) कुंडलवन (कश्मीर) [UPSC]
व्याख्या : चतुर्थ बौद्ध संगीति कनिष्क के संरक्षण में कश्मीर के कुंडलवन में वसुमित्र की अध्यक्षता में हुई। अश्वघोष उपाध्यक्ष थे। इसमें महायान का विकास हुआ।
✦ स्मरण-सूत्र : 4th संगीति = कनिष्क = कुंडलवन = महायान।
10 गांधार कला शैली किस काल से संबंधित है?
उत्तर : (c) कुषाण [SSC / NET]
व्याख्या : गांधार कला (ग्रीक-रोमन प्रभाव युक्त) कुषाण काल में विकसित हुई। इसमें बुद्ध की मानव आकृतियाँ बनाई गईं। मथुरा कला भी इसी काल की है पर भारतीय शैली की।
11 मथुरा कला शैली की विशेषता क्या है?
उत्तर : (b) भारतीय लाल बलुआ पत्थर का प्रयोग एवं देशी शैली [UPSC]
व्याख्या : मथुरा कला पूर्णतः भारतीय है। इसमें चित्तीदार लाल पत्थर का प्रयोग होता था। बुद्ध, बोधिसत्व तथा जैन तीर्थंकरों की मूर्तियाँ बनाई गईं।
12 कनिष्क की राजधानी कहाँ थी?
उत्तर : (b) पुरुषपुर एवं मथुरा [UPPCS]
व्याख्या : कनिष्क की मुख्य राजधानी पुरुषपुर (पेशावर) थी तथा दूसरी राजधानी मथुरा थी। उसने रेशम मार्ग पर नियंत्रण स्थापित किया।
13 शक संवत् का प्रारम्भ कब से माना जाता है?
उत्तर : (b) 78 ई. [सभी परीक्षाएँ]
व्याख्या : कनिष्क के राज्यारोहण वर्ष 78 ई. से शक संवत् की शुरुआत मानी जाती है। यह भारत का राष्ट्रीय कैलेंडर भी है।
14 अश्वघोष किसके दरबार से संबंधित थे?
उत्तर : (c) कनिष्क [NET]
व्याख्या : अश्वघोष कनिष्क के दरबारी कवि थे। उन्होंने बुद्धचरित, सौंदरानंद तथा सारिपुत्रप्रकरण की रचना की। वे महायान के प्रमुख विद्वान थे।
15 सातवाहन काल में सर्वाधिक प्रचलित धातु मुद्रा कौन-सी थी?
उत्तर : (c) सीसा (Lead) [UPSC आधारित]
व्याख्या : सातवाहनों ने सर्वाधिक संख्या में सीसे की मुद्राएँ जारी कीं। चाँदी एवं ताँबे की मुद्राएँ भी प्रचलित थीं। सोने की मुद्राएँ दुर्लभ हैं।
16 ‘यवन’ शब्द किसके लिए प्रयुक्त होता था?
उत्तर : (c) इंडो-ग्रीक [SSC]
व्याख्या : प्राचीन भारतीय साहित्य में यवन शब्द मुख्यतः यूनानियों (इंडो-ग्रीक) के लिए प्रयुक्त होता था। बाद में विदेशी आक्रमणकारियों के लिए भी इस्तेमाल होने लगा।
17 भरहुत स्तूप का निर्माण किस काल में हुआ?
उत्तर : (b) शुंग [UPPCS]
व्याख्या : भरहुत स्तूप शुंग काल में बनाया/विस्तारित किया गया। इसकी वेदिका एवं तोरण पर जातक कथाओं का अंकन महत्वपूर्ण है। सांची स्तूप का भी शुंग काल में विस्तार हुआ।
18 कुषाण काल में भारत का व्यापार मुख्यतः किस मार्ग से होता था?
उत्तर : (b) रेशम मार्ग (सिल्क रूट) [UPSC]
व्याख्या : कुषाणों ने मध्य एशिया के रेशम मार्ग पर नियंत्रण कर रोम एवं चीन के साथ व्यापार बढ़ाया। रोमन सोने की मुद्राएँ भारत में भारी मात्रा में मिली हैं।
19 सातवाहन शासकों ने किस धर्म को विशेष संरक्षण दिया?
उत्तर : (c) ब्राह्मण धर्म एवं बौद्ध दोनों [CGPSC]
व्याख्या : सातवाहन शासक स्वयं ब्राह्मण धर्म के अनुयायी थे (अश्वमेध यज्ञ) परंतु उन्होंने बौद्ध विहारों एवं स्तूपों को भी भूमि दान दी (नासिक, कार्ले)।
20 कनिष्क के उत्तराधिकारियों में अंतिम महत्वपूर्ण शासक कौन था?
उत्तर : (b) वासुदेव [NET]
व्याख्या : वासुदेव कुषाण वंश का अंतिम महत्वपूर्ण शासक था। उसके बाद कुषाण साम्राज्य का पतन शुरू हो गया और छोटे-छोटे राज्यों में बँट गया।
21 ‘चरक संहिता’ किस काल से संबंधित है?
उत्तर : (c) कुषाण [SSC]
व्याख्या : आयुर्वेद के महान ग्रंथ चरक संहिता के रचयिता चरक कनिष्क के राजवैद्य माने जाते हैं। यह कुषाण काल की वैज्ञानिक उपलब्धि है।
22 इंडो-ग्रीक शासकों ने भारत में सबसे पहले क्या जारी किया?
उत्तर : (b) चित्रित (Portrait) मुद्राएँ [UPSC]
व्याख्या : इंडो-ग्रीक शासकों ने भारत में सबसे पहले राजा की आकृतियुक्त (Portrait) मुद्राएँ जारी कीं। बाद में कुषाणों ने भी इसे अपनाया।
23 निम्नलिखित में से कौन-सा युग्म सही सुमेलित है?
उत्तर : (c) कनिष्क – चतुर्थ बौद्ध संगीति [UPSC]
व्याख्या : केवल विकल्प (c) सही है। मेनेंडर = मिलिंदपन्हो, रुद्रदामन = जूनागढ़ अभिलेख, गांधार कला = कुषाण काल।
24 मौर्योत्तर काल की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता क्या थी?
उत्तर : (b) विदेशी आक्रमणों के बावजूद व्यापार, कला एवं संस्कृति का विकास [UPSC आधारित]
व्याख्या : इस काल में राजनीतिक रूप से भारत कई राज्यों में बँटा रहा, परंतु रेशम मार्ग से व्यापार, गांधार-मथुरा कला, महायान का विकास तथा सांस्कृतिक आदान-प्रदान चरम पर था।
| वंश | संस्थापक / प्रमुख शासक | क्षेत्र | महत्वपूर्ण तथ्य |
|---|---|---|---|
| शुंग | पुष्यमित्र शुंग | मगध-मध्य भारत | अश्वमेध, भरहुत स्तूप, पतंजलि |
| कण्व | वासुदेव कण्व | मगध | अल्प काल (75–30 ई.पू.) |
| सातवाहन | सिमुक / गौतमीपुत्र | दक्कन-महाराष्ट्र | नहपान विजय, नासिक अभिलेख |
| इंडो-ग्रीक | मेनेंडर (मिलिंद) | उत्तर-पश्चिम | मिलिंदपन्हो, चित्रित मुद्रा |
| शक (क्षत्रप) | रुद्रदामन | गुजरात-मालवा | जूनागढ़ अभिलेख |
| कुषाण | कनिष्क | पुरुषपुर-मथुरा | शक संवत्, चतुर्थ संगीति, गांधार कला |
| विशेषता | गांधार कला | मथुरा कला |
|---|---|---|
| प्रभाव | ग्रीक-रोमन | पूर्णतः भारतीय |
| सामग्री | नीला-ग्रे पत्थर / स्टक्को | लाल चित्तीदार बलुआ पत्थर |
| बुद्ध मूर्ति | यूनानी देवताओं जैसी, केश घुंघराले | भारतीय मुखाकृति, वस्त्र पारदर्शी |
| क्षेत्र | उत्तर-पश्चिम (पेशावर, तक्षशिला) | मथुरा (उत्तर भारत) |
| काल | कुषाण काल | कुषाण काल |
| अभिलेख / ग्रंथ | संबंधित शासक / व्यक्ति | महत्व |
|---|---|---|
| जूनागढ़ अभिलेख | रुद्रदामन | संस्कृत का प्रथम दीर्घ अभिलेख, सुदर्शन झील |
| नासिक अभिलेख | गौतमी बलश्री | गौतमीपुत्र शातकर्णि की विजय |
| मिलिंदपन्हो | मेनेंडर + नागसेन | बौद्ध दर्शन संवाद |
| बुद्धचरित | अश्वघोष | कनिष्क कालीन महाकाव्य |
| महाभाष्य | पतंजलि | शुंग काल, व्याकरण |
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