राज्य निर्माण एवं धर्म
( महाजनपद काल • बौद्ध धर्म एवं जैन धर्म का उदय )
1 16 महाजनपदों का उल्लेख किस बौद्ध ग्रंथ में मिलता है?
उत्तर : (b) अंगुत्तर निकाय [UPSC / UPPCS]
व्याख्या : अंगुत्तर निकाय (सुत्त पिटक) में स्पष्ट रूप से 16 महाजनपदों की सूची दी गई है। जैन ग्रंथ भगवती सूत्र में भी इनका उल्लेख मिलता है। ये छठी शताब्दी ईसा पूर्व में अस्तित्व में थे।
✦ स्मरण-सूत्र : अंगुत्तर निकाय = 16 महाजनपद।
2 गोदावरी नदी के तट पर स्थित एकमात्र महाजनपद कौन-सा था?
उत्तर : (b) अश्मक (अस्सक) [CGPSC / UPPCS]
व्याख्या : अश्मक महाजनपद दक्षिण भारत में गोदावरी नदी के तट पर स्थित था। इसकी राजधानी पोतन / प्रतिष्ठान (पैठन) थी। यह एकमात्र दक्षिणी महाजनपद था।
3 निम्नलिखित में से कौन-सा महाजनपद गणतंत्र (संग/गण) था?
उत्तर : (c) वज्जि [UPSC]
व्याख्या : वज्जि (वैशाली) एवं मल्ल गणतंत्र थे। वज्जि आठ कुलों (लिच्छवि, विदेह आदि) का संघ था। बुद्ध एवं महावीर दोनों का संबंध गणतंत्रों से था। मगध, कोशल, अवंती राजतंत्र थे।
✦ स्मरण-सूत्र : वज्जि + मल्ल = गणतंत्र।
4 मगध की प्रारंभिक राजधानी क्या थी?
उत्तर : (b) राजगृह (गिरिव्रज) [MPPSC / SSC]
व्याख्या : मगध की पहली राजधानी राजगृह (गिरिव्रज) थी, जो पाँच पहाड़ियों से घिरी सुरक्षित थी। बाद में उदायिन ने पाटलिपुत्र को राजधानी बनाया।
5 मगध के उत्कर्ष का मुख्य कारण नहीं था —
उत्तर : (d) समुद्री व्यापार पर एकाधिकार [UPSC आधारित]
व्याख्या : मगध के उत्कर्ष के कारण — उपजाऊ गंगा घाटी, लोहे की खानें (दक्षिण बिहार), हाथी, नदियों से सुरक्षा एवं परिवहन, तथा योग्य शासक (बिम्बिसार, अजातशत्रु)। समुद्री व्यापार बाद में महत्वपूर्ण हुआ।
6 बिम्बिसार किस वंश का शासक था?
उत्तर : (b) हर्यक वंश [UPPCS]
व्याख्या : बिम्बिसार (544–492 ई.पू.) हर्यक वंश का संस्थापक एवं सबसे योग्य शासक था। उसने वैवाहिक संबंधों एवं विजय से मगध का विस्तार किया। अजातशत्रु उसका पुत्र था।
✦ स्मरण-सूत्र : बिम्बिसार = हर्यक वंश = मगध का वास्तविक संस्थापक।
7 अजातशत्रु ने किस महाजनपद को जीतकर मगध में मिलाया?
उत्तर : (b) वज्जि [CGPSC]
व्याख्या : अजातशत्रु ने दीर्घ युद्ध के बाद वज्जि संघ (वैशाली) को जीता। उसने लिच्छवियों के विरुद्ध रथमूसल एवं महाशिलाकंटक जैसे नए अस्त्रों का प्रयोग किया।
8 गौतम बुद्ध का जन्म कहाँ हुआ था?
उत्तर : (b) लुम्बिनी [UPSC / SSC]
व्याख्या : गौतम बुद्ध (सिद्धार्थ) का जन्म 563 ई.पू. के लगभग लुम्बिनी (नेपाल) में हुआ था। इनके पिता शुद्धोदन शाक्य गण के प्रमुख थे तथा माता मायादेवी थीं।
✦ स्मरण-सूत्र : जन्म = लुम्बिनी → ज्ञान = बोधगया → प्रथम उपदेश = सारनाथ → महापरिनिर्वाण = कुशीनगर।
9 बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति कहाँ हुई?
उत्तर : (b) बोधगया [सभी परीक्षाएँ]
व्याख्या : 35 वर्ष की आयु में निरंजना नदी के तट पर पीपल वृक्ष के नीचे बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ। इस स्थान को बोधगया कहा जाता है। ज्ञान प्राप्ति के बाद वे ‘बुद्ध’ कहलाए।
10 बुद्ध के प्रथम उपदेश को क्या कहा जाता है?
उत्तर : (b) धर्मचक्रप्रवर्तन [UPPCS]
व्याख्या : सारनाथ (ऋषिपत्तन) में पांच ब्राह्मण शिष्यों को दिए गए प्रथम उपदेश को धर्मचक्रप्रवर्तन कहा जाता है। यहीं संघ की स्थापना हुई।
11 बौद्ध धर्म के चार आर्य सत्यों में नहीं है —
उत्तर : (c) आत्मा अमर है [UPSC]
व्याख्या : चार आर्य सत्य — 1. दुःख, 2. दुःख समुदाय (तृष्णा), 3. दुःख निरोध, 4. दुःख निरोधगामिनी प्रतिपदा (अष्टांगिक मार्ग)। बुद्ध ने आत्मा की नित्यता को अस्वीकार किया (अनात्मवाद)।
12 बौद्ध धर्म में ‘मध्यम मार्ग’ का अर्थ है —
उत्तर : (c) अतिवादों से दूर संतुलित जीवन [NET]
व्याख्या : बुद्ध ने कठोर तपस्या एवं भोग दोनों को छोड़कर मध्यम मार्ग अपनाया। अष्टांगिक मार्ग इसी मध्यम मार्ग का व्यावहारिक रूप है।
13 प्रथम बौद्ध संगीति कहाँ हुई थी?
उत्तर : (b) राजगृह [SSC / UPPCS]
व्याख्या : प्रथम बौद्ध संगीति 483 ई.पू. के लगभग राजगृह में अजातशत्रु के संरक्षण में महाकस्सप की अध्यक्षता में हुई। इसमें सुत्त पिटक एवं विनय पिटक का संकलन हुआ।
✦ स्मरण-सूत्र : 1st = राजगृह (अजातशत्रु), 2nd = वैशाली, 3rd = पाटलिपुत्र (अशोक), 4th = कुंडलवन (कनिष्क)।
14 महावीर स्वामी का जन्म कहाँ हुआ था?
उत्तर : (a) कुंडग्राम (वैशाली) [MPPSC]
व्याख्या : वर्धमान महावीर का जन्म 540 ई.पू. के लगभग कुंडग्राम (वैशाली के निकट) में हुआ। पिता सिद्धार्थ ज्ञातृक कुल के प्रमुख तथा माता त्रिशला लिच्छवि राजकुमारी थीं।
15 जैन धर्म के अनुसार कुल कितने तीर्थंकर हुए?
उत्तर : (b) 24 [सभी परीक्षाएँ]
व्याख्या : जैन धर्म में 24 तीर्थंकर माने गए हैं। प्रथम ऋषभदेव (आदिनाथ) तथा 24वें महावीर स्वामी थे। 23वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ ऐतिहासिक रूप से सिद्ध हैं।
✦ स्मरण-सूत्र : 24 तीर्थंकर → अंतिम = महावीर।
16 जैन धर्म के त्रिरत्न कौन-से हैं?
उत्तर : (a) सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान, सम्यक् चरित्र [UPSC]
व्याख्या : जैन धर्म का मोक्ष मार्ग त्रिरत्न है — सम्यक् दर्शन (सही श्रद्धा), सम्यक् ज्ञान (सही ज्ञान) एवं सम्यक् चरित्र (सही आचरण)। पंचमहाव्रत गृहस्थों एवं साधुओं के लिए हैं।
17 जैन साधुओं के पंचमहाव्रत में नहीं है —
उत्तर : (d) दान [NET]
व्याख्या : पंचमहाव्रत — अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य एवं अपरिग्रह। महावीर ने पार्श्वनाथ के चार व्रतों में ब्रह्मचर्य जोड़ा।
18 बौद्ध एवं जैन दोनों धर्मों में समान तत्व नहीं है —
उत्तर : (c) आत्मा की नित्यता में विश्वास [UPSC]
व्याख्या : जैन धर्म आत्मा को नित्य मानता है जबकि बौद्ध धर्म अनात्मवाद (आत्मा नहीं) का समर्थक है। दोनों अहिंसा, कर्म, पुनर्जन्म एवं वर्ण विरोध पर बल देते हैं।
19 महावीर की मृत्यु (निर्वाण) कहाँ हुई?
उत्तर : (a) पावापुरी [BPSC / UPPCS]
व्याख्या : महावीर स्वामी ने 72 वर्ष की आयु में पावापुरी (बिहार) में निर्वाण प्राप्त किया। बुद्ध का महापरिनिर्वाण कुशीनगर में हुआ था।
20 ‘स्याद्वाद’ सिद्धांत किस धर्म से संबंधित है?
उत्तर : (b) जैन [UPSC]
व्याख्या : स्याद्वाद (अनेकांतवाद) जैन दर्शन का मूल सिद्धांत है। इसके अनुसार सत्य सापेक्ष है और किसी भी वस्तु को विभिन्न दृष्टिकोणों से देखा जा सकता है।
21 अवंती महाजनपद की राजधानी थी —
उत्तर : (a) उज्जयिनी [MPPSC]
व्याख्या : अवंती की उत्तरी राजधानी उज्जयिनी तथा दक्षिणी राजधानी महिष्मती थी। यह मालवा क्षेत्र में स्थित था और मगध का प्रमुख प्रतिद्वंद्वी था।
22 बुद्ध के जीवन की घटनाओं से संबंधित सही प्रतीक कौन-सा है?
उत्तर : (b) महाभिनिष्क्रमण – घोड़ा [SSC / NET]
व्याख्या : जन्म = कमल/बैल, महाभिनिष्क्रमण = घोड़ा, ज्ञान = बोधि वृक्ष, प्रथम उपदेश = धर्मचक्र, महापरिनिर्वाण = स्तूप।
✦ स्मरण-सूत्र : जन्म-कमल, गृह त्याग-घोड़ा, ज्ञान-वृक्ष, उपदेश-चक्र, मृत्यु-स्तूप।
23 कोशल महाजनपद की राजधानी थी —
उत्तर : (a) अयोध्या / श्रावस्ती [UPPCS]
व्याख्या : कोशल की राजधानी श्रावस्ती थी (बाद में अयोध्या भी महत्वपूर्ण रही)। राजा प्रसेनजित बुद्ध के समकालीन थे।
24 निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?
उत्तर : (b) महावीर ने प्राकृत (अर्धमागधी) अपनाई [UPSC आधारित]
व्याख्या : बुद्ध ने जनभाषा पालि में तथा महावीर ने अर्धमागधी प्राकृत में उपदेश दिए। दोनों ने यज्ञ एवं कठोर वर्ण व्यवस्था का विरोध किया।
| महाजनपद | राजधानी | आधुनिक स्थान | विशेष |
|---|---|---|---|
| अंग | चंपा | मुंगेर-भागलपुर | बिम्बिसार ने जीता |
| मगध | राजगृह → पाटलिपुत्र | पटना-गया | सबसे शक्तिशाली |
| काशी | वाराणसी | वाराणसी | कोशल में मिला |
| कोशल | श्रावस्ती | पूर्वी उ.प्र. | प्रसेनजित |
| वज्जि | वैशाली | बिहार | गणतंत्र (लिच्छवि) |
| मल्ल | कुशीनारा / पावा | देवरिया | गणतंत्र |
| चेदि | शोथिवती | बुंदेलखंड | — |
| वत्स | कौशाम्बी | प्रयागराज | उदयन |
| कुरु | इंद्रप्रस्थ | मेरठ-दिल्ली | — |
| पांचाल | अहिच्छत्र / काम्पिल्य | प. उ.प्र. | — |
| मत्स्य | विराटनगर | जयपुर | — |
| शूरसेन | मथुरा | मथुरा | कृष्ण पूजा |
| अश्मक | पोतन / प्रतिष्ठान | गोदावरी तट | एकमात्र दक्षिणी |
| अवंती | उज्जयिनी / महिष्मती | मालवा (म.प्र.) | मगध प्रतिद्वंद्वी |
| गांधार | तक्षशिला | रावलपिंडी | शिक्षा केंद्र |
| कंबोज | राजपुर / हाटक | कश्मीर-हिंदुकुश | गणतंत्र |
| विषय | बौद्ध धर्म | जैन धर्म |
|---|---|---|
| संस्थापक | गौतम बुद्ध | वर्धमान महावीर (24वें) |
| जन्म | लुम्बिनी (563 ई.पू.) | कुंडग्राम (540 ई.पू.) |
| निर्वाण | कुशीनगर | पावापुरी |
| भाषा | पालि | अर्धमागधी प्राकृत |
| आत्मा | अनात्मवाद (आत्मा नहीं) | आत्मा नित्य है |
| मुख्य मार्ग | अष्टांगिक मार्ग (मध्यम) | त्रिरत्न + पंचमहाव्रत |
| अहिंसा | महत्वपूर्ण | अत्यंत कठोर |
| ईश्वर | नहीं माना | नहीं माना |
| प्रतीक | धर्मचक्र, बोधिवृक्ष, स्तूप | स्वास्तिक, तीन बिंदु |
| घटना | स्थान | प्रतीक |
|---|---|---|
| जन्म | लुम्बिनी | कमल / बैल |
| महाभिनिष्क्रमण | कपिलवस्तु | घोड़ा |
| ज्ञान प्राप्ति | बोधगया | बोधि वृक्ष |
| धर्मचक्रप्रवर्तन | सारनाथ | धर्मचक्र |
| महापरिनिर्वाण | कुशीनगर | स्तूप |
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