महाजनपद काल तथा बौद्ध-जैन धर्म का उदय — 24 वस्तुनिष्ठ प्रश्न | examcg.com
EXAMCG.COM  •  भारतीय इतिहास — वस्तुनिष्ठ प्रश्न श्रृंखला  •  अध्याय 4

राज्य निर्माण एवं धर्म

( महाजनपद काल • बौद्ध धर्म एवं जैन धर्म का उदय )

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★ परीक्षा-दृष्टि : इस अध्याय से प्रतिवर्ष 3–6 प्रश्न आते हैं। मुख्य फोकस — 16 महाजनपदों की सूची, राजधानियाँ, मगध का उत्कर्ष, बिम्बिसार-अजातशत्रु, बुद्ध एवं महावीर का जीवन, चार आर्य सत्य, अष्टांगिक मार्ग, त्रिरत्न, पंचमहाव्रत, बौद्ध संगीतियाँ तथा बौद्ध-जैन धर्म में समानता-असमानता। प्रत्येक प्रश्न की व्याख्या एवं स्मरण-सूत्र अवश्य पढ़ें।

1 16 महाजनपदों का उल्लेख किस बौद्ध ग्रंथ में मिलता है?

(a) दीघनिकाय(b) अंगुत्तर निकाय (c) मज्झिमनिकाय(d) खुद्दकनिकाय

उत्तर : (b) अंगुत्तर निकाय [UPSC / UPPCS]

व्याख्या : अंगुत्तर निकाय (सुत्त पिटक) में स्पष्ट रूप से 16 महाजनपदों की सूची दी गई है। जैन ग्रंथ भगवती सूत्र में भी इनका उल्लेख मिलता है। ये छठी शताब्दी ईसा पूर्व में अस्तित्व में थे।

✦ स्मरण-सूत्र : अंगुत्तर निकाय = 16 महाजनपद।

2 गोदावरी नदी के तट पर स्थित एकमात्र महाजनपद कौन-सा था?

(a) अवंती(b) अश्मक (अस्सक) (c) चेदि(d) मत्स्य

उत्तर : (b) अश्मक (अस्सक) [CGPSC / UPPCS]

व्याख्या : अश्मक महाजनपद दक्षिण भारत में गोदावरी नदी के तट पर स्थित था। इसकी राजधानी पोतन / प्रतिष्ठान (पैठन) थी। यह एकमात्र दक्षिणी महाजनपद था।

3 निम्नलिखित में से कौन-सा महाजनपद गणतंत्र (संग/गण) था?

(a) मगध(b) कोशल (c) वज्जि(d) अवंती

उत्तर : (c) वज्जि [UPSC]

व्याख्या : वज्जि (वैशाली) एवं मल्ल गणतंत्र थे। वज्जि आठ कुलों (लिच्छवि, विदेह आदि) का संघ था। बुद्ध एवं महावीर दोनों का संबंध गणतंत्रों से था। मगध, कोशल, अवंती राजतंत्र थे।

✦ स्मरण-सूत्र : वज्जि + मल्ल = गणतंत्र।

4 मगध की प्रारंभिक राजधानी क्या थी?

(a) पाटलिपुत्र(b) राजगृह (गिरिव्रज) (c) वैशाली(d) चंपा

उत्तर : (b) राजगृह (गिरिव्रज) [MPPSC / SSC]

व्याख्या : मगध की पहली राजधानी राजगृह (गिरिव्रज) थी, जो पाँच पहाड़ियों से घिरी सुरक्षित थी। बाद में उदायिन ने पाटलिपुत्र को राजधानी बनाया।

5 मगध के उत्कर्ष का मुख्य कारण नहीं था —

(a) लोहे के अयस्क की उपलब्धता (b) उपजाऊ भूमि एवं नदियाँ (c) हाथी एवं लकड़ी की प्रचुरता (d) समुद्री व्यापार पर एकाधिकार

उत्तर : (d) समुद्री व्यापार पर एकाधिकार [UPSC आधारित]

व्याख्या : मगध के उत्कर्ष के कारण — उपजाऊ गंगा घाटी, लोहे की खानें (दक्षिण बिहार), हाथी, नदियों से सुरक्षा एवं परिवहन, तथा योग्य शासक (बिम्बिसार, अजातशत्रु)। समुद्री व्यापार बाद में महत्वपूर्ण हुआ।

6 बिम्बिसार किस वंश का शासक था?

(a) नंद वंश(b) हर्यक वंश (c) शिशुनाग वंश(d) मौर्य वंश

उत्तर : (b) हर्यक वंश [UPPCS]

व्याख्या : बिम्बिसार (544–492 ई.पू.) हर्यक वंश का संस्थापक एवं सबसे योग्य शासक था। उसने वैवाहिक संबंधों एवं विजय से मगध का विस्तार किया। अजातशत्रु उसका पुत्र था।

✦ स्मरण-सूत्र : बिम्बिसार = हर्यक वंश = मगध का वास्तविक संस्थापक।

7 अजातशत्रु ने किस महाजनपद को जीतकर मगध में मिलाया?

(a) अवंती(b) वज्जि (c) गांधार(d) कुरु

उत्तर : (b) वज्जि [CGPSC]

व्याख्या : अजातशत्रु ने दीर्घ युद्ध के बाद वज्जि संघ (वैशाली) को जीता। उसने लिच्छवियों के विरुद्ध रथमूसल एवं महाशिलाकंटक जैसे नए अस्त्रों का प्रयोग किया।

8 गौतम बुद्ध का जन्म कहाँ हुआ था?

(a) कुशीनगर(b) लुम्बिनी (c) बोधगया(d) सारनाथ

उत्तर : (b) लुम्बिनी [UPSC / SSC]

व्याख्या : गौतम बुद्ध (सिद्धार्थ) का जन्म 563 ई.पू. के लगभग लुम्बिनी (नेपाल) में हुआ था। इनके पिता शुद्धोदन शाक्य गण के प्रमुख थे तथा माता मायादेवी थीं।

✦ स्मरण-सूत्र : जन्म = लुम्बिनी → ज्ञान = बोधगया → प्रथम उपदेश = सारनाथ → महापरिनिर्वाण = कुशीनगर।

9 बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति कहाँ हुई?

(a) सारनाथ(b) बोधगया (c) कुशीनगर(d) राजगृह

उत्तर : (b) बोधगया [सभी परीक्षाएँ]

व्याख्या : 35 वर्ष की आयु में निरंजना नदी के तट पर पीपल वृक्ष के नीचे बुद्ध को ज्ञान प्राप्त हुआ। इस स्थान को बोधगया कहा जाता है। ज्ञान प्राप्ति के बाद वे ‘बुद्ध’ कहलाए।

10 बुद्ध के प्रथम उपदेश को क्या कहा जाता है?

(a) महापरिनिर्वाण(b) धर्मचक्रप्रवर्तन (c) निर्वाण(d) बोधि

उत्तर : (b) धर्मचक्रप्रवर्तन [UPPCS]

व्याख्या : सारनाथ (ऋषिपत्तन) में पांच ब्राह्मण शिष्यों को दिए गए प्रथम उपदेश को धर्मचक्रप्रवर्तन कहा जाता है। यहीं संघ की स्थापना हुई।

11 बौद्ध धर्म के चार आर्य सत्यों में नहीं है —

(a) दुःख है (b) दुःख का कारण तृष्णा है (c) आत्मा अमर है (d) अष्टांगिक मार्ग से दुःख निवारण संभव

उत्तर : (c) आत्मा अमर है [UPSC]

व्याख्या : चार आर्य सत्य — 1. दुःख, 2. दुःख समुदाय (तृष्णा), 3. दुःख निरोध, 4. दुःख निरोधगामिनी प्रतिपदा (अष्टांगिक मार्ग)। बुद्ध ने आत्मा की नित्यता को अस्वीकार किया (अनात्मवाद)।

12 बौद्ध धर्म में ‘मध्यम मार्ग’ का अर्थ है —

(a) कठोर तपस्या (b) भोग-विलास (c) अतिवादों से दूर संतुलित जीवन (d) केवल ध्यान

उत्तर : (c) अतिवादों से दूर संतुलित जीवन [NET]

व्याख्या : बुद्ध ने कठोर तपस्या एवं भोग दोनों को छोड़कर मध्यम मार्ग अपनाया। अष्टांगिक मार्ग इसी मध्यम मार्ग का व्यावहारिक रूप है।

13 प्रथम बौद्ध संगीति कहाँ हुई थी?

(a) वैशाली(b) राजगृह (c) पाटलिपुत्र(d) कुंडलवन

उत्तर : (b) राजगृह [SSC / UPPCS]

व्याख्या : प्रथम बौद्ध संगीति 483 ई.पू. के लगभग राजगृह में अजातशत्रु के संरक्षण में महाकस्सप की अध्यक्षता में हुई। इसमें सुत्त पिटक एवं विनय पिटक का संकलन हुआ।

✦ स्मरण-सूत्र : 1st = राजगृह (अजातशत्रु), 2nd = वैशाली, 3rd = पाटलिपुत्र (अशोक), 4th = कुंडलवन (कनिष्क)।

14 महावीर स्वामी का जन्म कहाँ हुआ था?

(a) कुंडग्राम (वैशाली)(b) पावापुरी (c) राजगृह(d) चंपा

उत्तर : (a) कुंडग्राम (वैशाली) [MPPSC]

व्याख्या : वर्धमान महावीर का जन्म 540 ई.पू. के लगभग कुंडग्राम (वैशाली के निकट) में हुआ। पिता सिद्धार्थ ज्ञातृक कुल के प्रमुख तथा माता त्रिशला लिच्छवि राजकुमारी थीं।

15 जैन धर्म के अनुसार कुल कितने तीर्थंकर हुए?

(a) 12(b) 24 (c) 23(d) 26

उत्तर : (b) 24 [सभी परीक्षाएँ]

व्याख्या : जैन धर्म में 24 तीर्थंकर माने गए हैं। प्रथम ऋषभदेव (आदिनाथ) तथा 24वें महावीर स्वामी थे। 23वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ ऐतिहासिक रूप से सिद्ध हैं।

✦ स्मरण-सूत्र : 24 तीर्थंकर → अंतिम = महावीर।

16 जैन धर्म के त्रिरत्न कौन-से हैं?

(a) सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान, सम्यक् चरित्र (b) अहिंसा, सत्य, अस्तेय (c) बुद्ध, धम्म, संघ (d) ज्ञान, कर्म, भक्ति

उत्तर : (a) सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान, सम्यक् चरित्र [UPSC]

व्याख्या : जैन धर्म का मोक्ष मार्ग त्रिरत्न है — सम्यक् दर्शन (सही श्रद्धा), सम्यक् ज्ञान (सही ज्ञान) एवं सम्यक् चरित्र (सही आचरण)। पंचमहाव्रत गृहस्थों एवं साधुओं के लिए हैं।

17 जैन साधुओं के पंचमहाव्रत में नहीं है —

(a) अहिंसा(b) अपरिग्रह (c) ब्रह्मचर्य(d) दान

उत्तर : (d) दान [NET]

व्याख्या : पंचमहाव्रत — अहिंसा, सत्य, अस्तेय, ब्रह्मचर्य एवं अपरिग्रह। महावीर ने पार्श्वनाथ के चार व्रतों में ब्रह्मचर्य जोड़ा।

18 बौद्ध एवं जैन दोनों धर्मों में समान तत्व नहीं है —

(a) अहिंसा पर बल (b) वर्ण व्यवस्था का विरोध (c) आत्मा की नित्यता में विश्वास (d) कर्म सिद्धांत

उत्तर : (c) आत्मा की नित्यता में विश्वास [UPSC]

व्याख्या : जैन धर्म आत्मा को नित्य मानता है जबकि बौद्ध धर्म अनात्मवाद (आत्मा नहीं) का समर्थक है। दोनों अहिंसा, कर्म, पुनर्जन्म एवं वर्ण विरोध पर बल देते हैं।

19 महावीर की मृत्यु (निर्वाण) कहाँ हुई?

(a) पावापुरी(b) कुशीनगर (c) राजगृह(d) वैशाली

उत्तर : (a) पावापुरी [BPSC / UPPCS]

व्याख्या : महावीर स्वामी ने 72 वर्ष की आयु में पावापुरी (बिहार) में निर्वाण प्राप्त किया। बुद्ध का महापरिनिर्वाण कुशीनगर में हुआ था।

20 ‘स्याद्वाद’ सिद्धांत किस धर्म से संबंधित है?

(a) बौद्ध(b) जैन (c) वैदिक(d) आजीवक

उत्तर : (b) जैन [UPSC]

व्याख्या : स्याद्वाद (अनेकांतवाद) जैन दर्शन का मूल सिद्धांत है। इसके अनुसार सत्य सापेक्ष है और किसी भी वस्तु को विभिन्न दृष्टिकोणों से देखा जा सकता है।

21 अवंती महाजनपद की राजधानी थी —

(a) उज्जयिनी(b) तक्षशिला (c) श्रावस्ती(d) कौशाम्बी

उत्तर : (a) उज्जयिनी [MPPSC]

व्याख्या : अवंती की उत्तरी राजधानी उज्जयिनी तथा दक्षिणी राजधानी महिष्मती थी। यह मालवा क्षेत्र में स्थित था और मगध का प्रमुख प्रतिद्वंद्वी था।

22 बुद्ध के जीवन की घटनाओं से संबंधित सही प्रतीक कौन-सा है?

(a) जन्म – बोधि वृक्ष (b) महाभिनिष्क्रमण – घोड़ा (c) ज्ञान – चक्र (d) निर्वाण – स्तूप

उत्तर : (b) महाभिनिष्क्रमण – घोड़ा [SSC / NET]

व्याख्या : जन्म = कमल/बैल, महाभिनिष्क्रमण = घोड़ा, ज्ञान = बोधि वृक्ष, प्रथम उपदेश = धर्मचक्र, महापरिनिर्वाण = स्तूप।

✦ स्मरण-सूत्र : जन्म-कमल, गृह त्याग-घोड़ा, ज्ञान-वृक्ष, उपदेश-चक्र, मृत्यु-स्तूप।

23 कोशल महाजनपद की राजधानी थी —

(a) अयोध्या / श्रावस्ती(b) वाराणसी (c) मथुरा(d) विराटनगर

उत्तर : (a) अयोध्या / श्रावस्ती [UPPCS]

व्याख्या : कोशल की राजधानी श्रावस्ती थी (बाद में अयोध्या भी महत्वपूर्ण रही)। राजा प्रसेनजित बुद्ध के समकालीन थे।

24 निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

(a) बुद्ध ने संस्कृत में उपदेश दिए (b) महावीर ने प्राकृत (अर्धमागधी) अपनाई (c) दोनों ने वैदिक यज्ञों का समर्थन किया (d) दोनों ने जाति व्यवस्था को स्वीकार किया

उत्तर : (b) महावीर ने प्राकृत (अर्धमागधी) अपनाई [UPSC आधारित]

व्याख्या : बुद्ध ने जनभाषा पालि में तथा महावीर ने अर्धमागधी प्राकृत में उपदेश दिए। दोनों ने यज्ञ एवं कठोर वर्ण व्यवस्था का विरोध किया।

⚡ रैपिड रिवीजन — 1 : 16 महाजनपद (राजधानी + आधुनिक स्थान)
महाजनपदराजधानीआधुनिक स्थानविशेष
अंगचंपामुंगेर-भागलपुरबिम्बिसार ने जीता
मगधराजगृह → पाटलिपुत्रपटना-गयासबसे शक्तिशाली
काशीवाराणसीवाराणसीकोशल में मिला
कोशलश्रावस्तीपूर्वी उ.प्र.प्रसेनजित
वज्जिवैशालीबिहारगणतंत्र (लिच्छवि)
मल्लकुशीनारा / पावादेवरियागणतंत्र
चेदिशोथिवतीबुंदेलखंड
वत्सकौशाम्बीप्रयागराजउदयन
कुरुइंद्रप्रस्थमेरठ-दिल्ली
पांचालअहिच्छत्र / काम्पिल्यप. उ.प्र.
मत्स्यविराटनगरजयपुर
शूरसेनमथुरामथुराकृष्ण पूजा
अश्मकपोतन / प्रतिष्ठानगोदावरी तटएकमात्र दक्षिणी
अवंतीउज्जयिनी / महिष्मतीमालवा (म.प्र.)मगध प्रतिद्वंद्वी
गांधारतक्षशिलारावलपिंडीशिक्षा केंद्र
कंबोजराजपुर / हाटककश्मीर-हिंदुकुशगणतंत्र
⚡ रैपिड रिवीजन — 2 : बौद्ध बनाम जैन धर्म
विषयबौद्ध धर्मजैन धर्म
संस्थापकगौतम बुद्धवर्धमान महावीर (24वें)
जन्मलुम्बिनी (563 ई.पू.)कुंडग्राम (540 ई.पू.)
निर्वाणकुशीनगरपावापुरी
भाषापालिअर्धमागधी प्राकृत
आत्माअनात्मवाद (आत्मा नहीं)आत्मा नित्य है
मुख्य मार्गअष्टांगिक मार्ग (मध्यम)त्रिरत्न + पंचमहाव्रत
अहिंसामहत्वपूर्णअत्यंत कठोर
ईश्वरनहीं मानानहीं माना
प्रतीकधर्मचक्र, बोधिवृक्ष, स्तूपस्वास्तिक, तीन बिंदु
⚡ रैपिड रिवीजन — 3 : बुद्ध के जीवन प्रतीक
घटनास्थानप्रतीक
जन्मलुम्बिनीकमल / बैल
महाभिनिष्क्रमणकपिलवस्तुघोड़ा
ज्ञान प्राप्तिबोधगयाबोधि वृक्ष
धर्मचक्रप्रवर्तनसारनाथधर्मचक्र
महापरिनिर्वाणकुशीनगरस्तूप

नोट : परीक्षा-टैग विगत परीक्षाओं की प्रवृत्ति दर्शाने हेतु संकेतात्मक हैं। © examcg.com — भारतीय इतिहास श्रृंखला

examcg.com भारतीय इतिहास • महाजनपद + बौद्ध-जैन धर्म सम्पूर्ण अध्याय : 24 प्रश्न
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