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🌾 छत्तीसगढ़ का विस्तृत इतिहास

पेपर 2 · इतिहास · Comprehensive History of Chhattisgarh

🏛️ प्राचीन काल 🕌 मध्यकाल ⚔️ आधुनिक काल 🌾 जनजातीय आंदोलन 🗺️ राज्य निर्माण (2000)
🏛️
प्राचीन छत्तीसगढ़
Ancient Chhattisgarh — दक्षिण कोशल
ई.पू. 600 – 6वीं शताब्दी
दक्षिण कोशल · महानदी घाटी सभ्यता
📌 NTA NET KEY FACTS
दक्षिण कोशल — प्राचीन नाम
महानदी — जीवन रेखा
शिवनाथ — प्रमुख सहायक नदी
सिरपुर — प्राचीन राजधानी
कोशल साम्राज्य — महाकाव्य काल
  • दक्षिण कोशल: छत्तीसगढ़ का प्राचीन नाम। रामायण-महाभारत काल में कोशल साम्राज्य का दक्षिणी भाग।
  • महानदी घाटी सभ्यता: महानदी के किनारे कई प्राचीन स्थल — सिरपुर, रायपुर, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा।
  • सिरपुर (श्रीपुर): प्राचीन राजधानी। महानदी के किनारे स्थित। सरभापुरिया वंश का केंद्र। लक्ष्मण मंदिर (गुप्तकालीन)।
  • प्राचीन राजवंश: नागवंशी, सरभापुरिया, पांडुवंशी — 4थी-6वीं शताब्दी। शिलालेख (सिरपुर, अर्जुनगढ़, आम्रपुर)।
  • बौद्ध और जैन प्रभाव: सिरपुर, बस्तर, अर्जुनगढ़ में बौद्ध स्तूप और जैन मंदिर। अशोक के शिलालेख (कालिंग से संबंध)।
NTA NET परीक्षा में पूछे गए प्रश्न
  • दक्षिण कोशल — छत्तीसगढ़ का प्राचीन नाम क्या है?
  • सिरपुर — किस वंश की राजधानी थी? (सरभापुरिया)
  • महानदी — छत्तीसगढ़ की जीवन रेखा कहलाती है?
📚 विस्तृत व्याख्या — प्राचीन छत्तीसगढ़

प्राचीन छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक नाम 'दक्षिण कोशल' था। यह क्षेत्र महानदी, शिवनाथ, अरपा, खरून नदियों के मैदान में स्थित है। रामायण-महाभारत काल में यह कोशल साम्राज्य का दक्षिणी भाग था।

🔹 सिरपुर (श्रीपुर) — प्राचीन राजधानी:
सिरपुर (महानदी के किनारे) सरभापुरिया वंश (4थी-6वीं शताब्दी) की राजधानी थी। यहाँ लक्ष्मण मंदिर, बौद्ध स्तूप, जैन मंदिर मिले हैं। शिलालेख (सरभापुरिया, पांडुवंशी) — प्राचीन इतिहास के महत्वपूर्ण स्रोत। अर्जुनगढ़ में भी प्राचीन अवशेष मिले हैं।

🔹 प्राचीन राजवंश:
नागवंशी (कालिंग-कोशल क्षेत्र) — 3री-4थी शताब्दी। सरभापुरिया (4थी-6वीं शताब्दी) — सिरपुर, अर्जुनगढ़ के शिलालेख। पांडुवंशी (6वीं-8वीं शताब्दी) — कवर्धा, राजनांदगांव क्षेत्र। बाणवंशी (कोशल-कलिंग क्षेत्र) — 7वीं-8वीं शताब्दी।

🔹 सांस्कृतिक प्रभाव:
बौद्ध धर्म — सिरपुर, बस्तर, अर्जुनगढ़ में बौद्ध स्तूप और विहार। जैन धर्म — सिरपुर, रायपुर, बिलासपुर में जैन मंदिर और मूर्तियाँ। हिंदू धर्म — लक्ष्मण मंदिर, भोरमदेव मंदिर (गुप्तकालीन स्थापत्य)।

📚 इतिहास-लेखन (Historiography): प्राचीन छत्तीसगढ़

एच.सी. रे — 'Dynastic History of Northern India'
आर.के. त्रिपाठी — 'Ancient Chhattisgarh'
डी.सी. सरकार — 'Select Inscriptions' (शिलालेख संग्रह)
ए.के. शर्मा — 'History of Chhattisgarh'

🌊 महत्वपूर्ण प्राचीन स्थल

सिरपुर — प्राचीन राजधानी (महानदी तट)
अर्जुनगढ़ — प्राचीन स्थल (रायपुर-सिरपुर मार्ग)
भोरमदेव — मंदिर (गुप्तकालीन स्थापत्य)
तालागाँव — प्राचीन स्थल (बिलासपुर)
आम्रपुर — प्राचीन शिलालेख (राजनांदगांव)

🏛️ ई.पू. 600 — महानदी घाटी सभ्यता 📜 4थी शताब्दी — सरभापुरिया वंश 🕉️ 6वीं शताब्दी — पांडुवंशी 🏗️ 7वीं-8वीं — बाणवंशी
🕌
मध्यकालीन छत्तीसगढ़
Medieval Chhattisgarh
9वीं – 18वीं शताब्दी
कलचुरि, गोंड, मराठा शासन
📌 NTA NET KEY FACTS
कलचुरि वंश (10वीं-18वीं): सबसे शक्तिशाली
गोंडवाना — गोंड राज्य
रतनपुर — कलचुरियों की राजधानी
बस्तर — गोंड राज्य
मराठा काल (1741-1818)
  • कलचुरि वंश (10वीं-18वीं शताब्दी): रतनपुर राजधानी। प्रथम कलचुरि (कोकल्लदेव I) — 9वीं शताब्दी। रतनदेव — 11वीं शताब्दी का महान शासक।
  • गोंड राज्य (14वीं-18वीं शताब्दी): गोंडवाना — गोंड साम्राज्य। बस्तर — गोंड राज्य (1600-1750)। खैरागढ़ — गोंड राज्य।
  • मराठा शासन (1741-1818): भोसले (नागपुर) का अधिकार। 1741 में मराठों ने कलचुरियों को पराजित किया। कर-व्यवस्था, प्रशासनिक सुधार
  • ब्रिटिश शासन (1818-1947): 1818 में मराठों से पराजय के बाद ब्रिटिश अधीन। रियासतें — बस्तर, खैरागढ़, कोरिया, सरगुजा, रायगढ़, जशपुर।
  • 36 गढ़ (राज्य): छत्तीसगढ़ नाम की उत्पत्ति — 'छत्तीस' (36) गढ़। कलचुरि काल में 36 गढ़ (राज्य) थे।
NTA NET परीक्षा में पूछे गए प्रश्न
  • कलचुरि वंश — की राजधानी क्या थी? (रतनपुर)
  • मराठा शासन — कब शुरू हुआ? (1741)
  • छत्तीसगढ़ — नाम की उत्पत्ति कैसे हुई? (36 गढ़)
📚 विस्तृत व्याख्या — मध्यकालीन छत्तीसगढ़

मध्यकालीन छत्तीसगढ़ में कलचुरि, गोंड, मराठा, ब्रिटिश शासन रहे। छत्तीसगढ़ नाम की उत्पत्ति '36 गढ़' से हुई, जो कलचुरि काल में छत्तीसगढ़ के 36 राज्यों (गढ़ों) को दर्शाता है।

🔹 कलचुरि वंश (10वीं-18वीं शताब्दी):
रतनपुर कलचुरियों की राजधानी थी (वर्तमान जिला — रतनपुर, बिलासपुर के पास)। प्रथम कलचुरिकोकल्लदेव I (9वीं शताब्दी)। रतनदेव (11वीं शताब्दी) — महान शासक। जाजल्लदेव — 12वीं शताब्दी। कलचुरि काल में कला, साहित्य, स्थापत्य का विकास — भोरमदेव मंदिर, देवबलोदा मंदिर

🔹 गोंड राज्य (14वीं-18वीं शताब्दी):
गोंडवाना — गोंड साम्राज्य (मध्य भारत, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना)। बस्तर — गोंड राज्य (1600-1750) — दलपत शाह, पृथ्वी देवखैरागढ़ — गोंड राज्य (16वीं-18वीं शताब्दी)। गोंड कला और संस्कृति — मंदिर, किले, लोक-कला, नृत्य-संगीत।

🔹 मराठा शासन (1741-1818):
1741 में मराठों ने कलचुरियों को पराजित किया। भोसले (नागपुर) का अधिकार। कर-व्यवस्था — चौथ, सरदेशमुखी। प्रशासनिक सुधार — मराठा प्रशासन। 1818 में ब्रिटिशों ने मराठों को पराजित किया।

🔹 ब्रिटिश शासन (1818-1947):
ब्रिटिश शासन में छत्तीसगढ़ रियासतों में विभाजित था — बस्तर, खैरागढ़, कोरिया, सरगुजा, रायगढ़, जशपुर — 19 रियासतें। प्रशासनिक केंद्र — रायपुर, बिलासपुर, जगदलपुर। अंग्रेज़ों का शोषण — जंगल, खनिज, कृषि, कर-व्यवस्था।

📚 इतिहास-लेखन (Historiography): मध्यकालीन छत्तीसगढ़

जदुनाथ सरकार — 'History of Marathas' (मराठा शासन)
एच.सी. रेचौधरी — 'History of Kalachuris'
एस.एल. हीरा — 'Gond Kingdoms of Central India'
डी.आर. पांडे — 'Medieval Chhattisgarh'

🏰 36 गढ़ (राज्य) — छत्तीसगढ़ नाम की उत्पत्ति

छत्तीसगढ़ — 'छत्तीस' (36) + 'गढ़' (राज्य/किले)
• कलचुरि काल में 36 गढ़ — रतनपुर, खैरागढ़, बस्तर, सरगुजा, कोरिया, रायगढ़, जशपुर, आदि
• प्रत्येक गढ़ का अपना शासक और प्रशासन

🕌 9वीं-18वीं — कलचुरि वंश 🌾 14वीं-18वीं — गोंड राज्य ⚔️ 1741-1818 — मराठा शासन 🇬🇧 1818-1947 — ब्रिटिश शासन
⚔️
आधुनिक छत्तीसगढ़
Modern Chhattisgarh — Maratha & British Rule
1741 – 1947
मराठा-ब्रिटिश संघर्ष · 1857 विद्रोह
📌 NTA NET KEY FACTS
मराठा शासन (1741-1818)
ब्रिटिश शासन (1818-1947)
1857 विद्रोह — बस्तर, सरगुजा, रायपुर
रियासतें (19): बस्तर, कोरिया, सरगुजा, रायगढ़
ब्रिटिश शोषण — जंगल, खनिज, कृषि
  • मराठा शासन (1741-1818): भोसले नागपुर के अधीन। कर-व्यवस्था — चौथ, सरदेशमुखी। प्रशासनिक सुधार
  • ब्रिटिश शासन (1818-1947): 1818 में मराठों की पराजय। रियासतें — बस्तर, खैरागढ़, कोरिया, सरगुजा, रायगढ़, जशपुर (19 रियासतें)।
  • 1857 का विद्रोह: बस्तर में विद्रोह — गोंड शासकों ने अंग्रेज़ों का विरोध किया। सरगुजा, रायपुर में भी आंदोलन।
  • सामाजिक-आर्थिक स्थिति: कृषि, वन, खनिज का शोषण। आदिवासी क्षेत्रों में शोषण। सड़क, रेल का विकास (19वीं सदी)।
  • राष्ट्रीय आंदोलन: 1919-1947 — छत्तीसगढ़ में स्वतंत्रता संग्राम। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग में आंदोलन।
NTA NET परीक्षा में पूछे गए प्रश्न
  • मराठा शासन — कब समाप्त हुआ? (1818)
  • 1857 विद्रोह — छत्तीसगढ़ में कहाँ-कहाँ हुआ? (बस्तर, सरगुजा, रायपुर)
  • रियासतें — छत्तीसगढ़ में कितनी थीं? (19)
📚 विस्तृत व्याख्या — आधुनिक छत्तीसगढ़

आधुनिक छत्तीसगढ़ में मराठा, ब्रिटिश, रियासतें, राष्ट्रीय आंदोलन का इतिहास शामिल है। 1741 से 1818 तक मराठा शासन, 1818 से 1947 तक ब्रिटिश शासन।

🔹 मराठा शासन (1741-1818):
1741 में मराठों ने कलचुरियों को पराजित किया। भोसले (नागपुर) के अधीन छत्तीसगढ़। कर-व्यवस्था — चौथ (25%), सरदेशमुखी (10%)। प्रशासनिक सुधार — न्याय, राजस्व, सेना। 1818 में ब्रिटिशों ने मराठों को हराया (तीसरी एंग्लो-मराठा युद्ध)।

🔹 ब्रिटिश शासन (1818-1947):
1818 के बाद छत्तीसगढ़ रियासतों में विभाजित था — बस्तर, खैरागढ़, कोरिया, सरगुजा, रायगढ़, जशपुर, सारंगढ़, साकटी, नंदगाँव, आदि (19 रियासतें)। प्रत्यक्ष ब्रिटिश शासन — रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, रायगढ़ (Central Provinces)।

🔹 1857 का विद्रोह:
1857 के विद्रोह में छत्तीसगढ़ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बस्तर — गोंड शासकों ने अंग्रेज़ों का विरोध किया। सरगुजा, रायपुर, बिलासपुर में विद्रोह। ब्रिटिश शासन ने विद्रोह को कुचला और कठोर दंड दिए।

🔹 आर्थिक शोषण:
ब्रिटिश शासन में जंगल, खनिज, कृषि का शोषण हुआ। लोहा, बॉक्साइट, कोयला का खनन। कृषि कर — ज़मींदारी व्यवस्था। आदिवासियों का जंगलों से विस्थापन। सड़क, रेल का विकास (रायपुर-बिलासपुर-नागपुर)।

📚 इतिहास-लेखन (Historiography): आधुनिक छत्तीसगढ़

ए.बी. सिंह — 'Modern Chhattisgarh: A Study'
जदुनाथ सरकार — 'History of Marathas'
एच.आर. पटेल — 'Chhattisgarh in the 19th Century'
के.के. निगम — 'British Rule in Central Provinces'

⚔️ 1741 — मराठा शासन 🇬🇧 1818 — ब्रिटिश शासन ✊ 1857 — विद्रोह 🇮🇳 1947 — स्वतंत्रता
🌾
जनजातीय आंदोलन
Tribal Movements of Chhattisgarh
19वीं – 20वीं शताब्दी
गोंड, बस्तर, हल्बा, मुरिया आंदोलन
📌 NTA NET KEY FACTS
बस्तर विद्रोह (19वीं सदी): गोंड-हल्बा
गोंड आंदोलन: भीमराव, पृथ्वी देव
हल्बा विद्रोह: 19वीं सदी
मुरिया आंदोलन: बस्तर
आदिवासी अधिकार: जंगल, ज़मीन, स्वायत्तता
  • बस्तर विद्रोह (19वीं सदी): गोंड और हल्बा आदिवासियों ने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध विद्रोह किया। जंगल, ज़मीन, कर — मुख्य मुद्दे।
  • गोंड आंदोलन (1900-1920): भीमराव और पृथ्वी देव ने गोंड राज्य को पुनर्स्थापित करने का प्रयास किया। गोंडवाना की मांग।
  • हल्बा विद्रोह (19वीं सदी): बस्तर में हल्बा आदिवासियों ने ब्रिटिशों के विरुद्ध विद्रोह किया। कर-व्यवस्था, ज़मीन अधिकार मुख्य मुद्दे।
  • मुरिया आंदोलन (20वीं सदी): बस्तर में मुरिया आदिवासियों ने स्वायत्तता की मांग की। पारंपरिक प्रशासन की पुनर्स्थापना।
  • नक्सलवादी आंदोलन (1960-वर्तमान): बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा — नक्सलवादी आंदोलन। भूमि-अधिकार, सामाजिक न्याय
NTA NET परीक्षा में पूछे गए प्रश्न
  • बस्तर विद्रोह — किस-किस जनजाति ने किया? (गोंड, हल्बा)
  • गोंड आंदोलन — किस नेतृत्व में हुआ? (भीमराव, पृथ्वी देव)
  • नक्सलवादी आंदोलन — छत्तीसगढ़ के किन जिलों में है? (बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा)
📚 विस्तृत व्याख्या — जनजातीय आंदोलन

छत्तीसगढ़ के जनजातीय आंदोलन गोंड, हल्बा, मुरिया, बस्तर के आदिवासियों ने ब्रिटिश शासन, ज़मींदारी, कर-व्यवस्था, जंगल अधिकार के विरुद्ध चलाए। ये आंदोलन 19वीं सदी से 20वीं सदी तक चले।

🔹 बस्तर विद्रोह (19वीं सदी):
बस्तर क्षेत्र (वर्तमान बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर) में गोंड और हल्बा आदिवासियों ने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध विद्रोह किया। जंगल, ज़मीन, कर-व्यवस्था मुख्य मुद्दे थे। ब्रिटिशों ने विद्रोह को कुचला और कठोर दंड दिए।

🔹 गोंड आंदोलन (1900-1920):
भीमराव और पृथ्वी देव ने गोंड राज्य (गोंडवाना) को पुनर्स्थापित करने का प्रयास किया। गोंड महासभा का गठन (1910)। आदिवासी अधिकार, ज़मीन, स्वायत्तता की मांग। आंदोलन को ब्रिटिशों ने दबा दिया।

🔹 हल्बा विद्रोह:
हल्बा आदिवासियों ने बस्तर में ब्रिटिशों के विरुद्ध विद्रोह किया। ज़मींदारी, कर-व्यवस्था, जंगल अधिकार मुख्य मुद्दे। ब्रिटिश-विरोधी आंदोलन में हल्बाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

🔹 मुरिया आंदोलन (20वीं सदी):
बस्तर में मुरिया आदिवासियों ने पारंपरिक प्रशासन की पुनर्स्थापना की मांग की। स्वायत्तता, आत्म-प्रशासन की मांग। आंदोलन को ब्रिटिश और बस्तर राज्य ने दबा दिया।

🔹 नक्सलवादी आंदोलन (1960-वर्तमान):
बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, नारायणपुरनक्सलवादी आंदोलन का केंद्र। भूमि-अधिकार, सामाजिक न्याय, आदिवासी अधिकार मुख्य मुद्दे। भारत सरकार संयुक्त सैन्य अभियान और विकास योजनाएँ चला रही है।

📚 इतिहास-लेखन (Historiography): जनजातीय आंदोलन

के.एस. सिंह — 'Tribal Movements in India'
एस.सी. दुबे — 'Gonds of Central India'
ए.के. मुखर्जी — 'Tribal Uprisings in Chhattisgarh'
वी.के. मिश्रा — 'Naxalite Movement in Bastar'

🌾 19वीं — बस्तर विद्रोह ✊ 1900-20 — गोंड आंदोलन ⚔️ 20वीं — मुरिया आंदोलन 🔴 1960-वर्तमान — नक्सलवादी
🇮🇳
स्वतंत्रता संग्राम
Freedom Struggle in Chhattisgarh
1919 – 1947
गाँधीवादी आंदोलन · क्रांतिकारी गतिविधियाँ
📌 NTA NET KEY FACTS
1919-1920: खिलाफत-असहयोग आंदोलन
1930: नमक सत्याग्रह (दुर्ग, रायपुर)
1942: भारत छोड़ो आंदोलन
क्रांतिकारी: दुर्ग, बिलासपुर, रायपुर
1950: मध्य प्रदेश में विलय
  • असहयोग आंदोलन (1920-22): रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग में आंदोलन। गाँधीजी का आह्वान।
  • नमक सत्याग्रह (1930): दुर्ग, रायपुर में नमक कानून का विरोध। सत्याग्रह — बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी।
  • भारत छोड़ो आंदोलन (1942): रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर में आंदोलन। अंग्रेज़ों ने कई कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार किया।
  • क्रांतिकारी गतिविधियाँ: दुर्ग, बिलासपुर में क्रांतिकारी संगठन। हथियार, विस्फोटक का निर्माण। अंग्रेज़ अधिकारियों पर हमले।
  • 1950: मध्य प्रदेश में विलय: 1947 में स्वतंत्रता। 1950 में छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश का भाग बना।
NTA NET परीक्षा में पूछे गए प्रश्न
  • नमक सत्याग्रह — छत्तीसगढ़ में कहाँ-कहाँ हुआ? (दुर्ग, रायपुर)
  • भारत छोड़ो आंदोलन — कब हुआ? (1942)
  • छत्तीसगढ़ — कब मध्य प्रदेश का भाग बना? (1950)
📚 विस्तृत व्याख्या — स्वतंत्रता संग्राम

छत्तीसगढ़ में स्वतंत्रता संग्राम राष्ट्रीय आंदोलनों, क्रांतिकारी गतिविधियों, सामाजिक सुधार का अभिन्न अंग था। छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता सेनानियों ने गाँधी, नेहरू, सुभाष के आह्वान पर आंदोलन किए।

🔹 असहयोग आंदोलन (1920-22):
रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, रतनपुर में आंदोलन। गाँधीजी के आह्वान पर असहयोग — अंग्रेज़ी स्कूल, कचहरी, कपड़े का बहिष्कार। खादी का प्रचार। चौरी-चौरा घटना (1922) के बाद आंदोलन स्थगित।

🔹 नमक सत्याग्रह (1930):
दुर्ग, रायपुर, बिलासपुर में नमक कानून का विरोध। सत्याग्रह — बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। अंग्रेज़ों ने कई सत्याग्रहियों को गिरफ़्तार किया। 'नमक सत्याग्रह' ने छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय चेतना को बढ़ाया।

🔹 भारत छोड़ो आंदोलन (1942):
1942 का आंदोलन छत्तीसगढ़ में सबसे बड़ा था। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर, रतनपुर में आंदोलन। हड़ताल, धरना, जुलूस — अंग्रेज़ों ने कई कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार किया। छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता सेनानीपं. सुंदर लाल शर्मा, पं. रामचंद्र शुक्ल, ठाकुर प्यारेलाल सिंह, पं. द्वारकाप्रसाद मिश्रा

🔹 1950 — मध्य प्रदेश में विलय:
1947 में स्वतंत्रता के बाद छत्तीसगढ़ 1950 में मध्य प्रदेश का भाग बना। रियासतों का विलय — बस्तर, खैरागढ़, कोरिया, सरगुजा, रायगढ़, जशपुर — 1948 में विलय। रायपुर जिला केंद्र बना।

📚 इतिहास-लेखन (Historiography): स्वतंत्रता संग्राम

बिपिन चंद्र — 'India's Struggle for Independence'
एस.आर. बख्शी — 'Freedom Fighters of Chhattisgarh'
के.पी. मिश्रा — 'National Movement in Central Provinces'
आर.के. मुखर्जी — 'Chhattisgarh in Freedom Struggle'

🇮🇳 1920-22 — असहयोग आंदोलन ✊ 1930 — नमक सत्याग्रह 🔥 1942 — भारत छोड़ो 🗺️ 1950 — मध्य प्रदेश विलय
🎭
संस्कृति और विरासत
Culture & Heritage of Chhattisgarh
प्राचीन – वर्तमान
कला, साहित्य, नृत्य, संगीत, त्योहार
📌 NTA NET KEY FACTS
पंथी नृत्य — सतनामी परंपरा
सुआ नृत्य — कृषि परंपरा
गौरा-गौरी — लोक-गीत
कर्मा-जावरा — आदिवासी नृत्य
बस्तर दशहरा — 75 दिन का महोत्सव
  • लोक-नृत्य: पंथी (सतनामी), सुआ (कृषि), कर्मा (आदिवासी), जावरा (गोंड), राउत (ग्वाला)।
  • लोक-संगीत: गौरा-गौरी, भरथरी, पंडवानी, चंदैनीढोल, मंजीरा, तबला — वाद्य यंत्र।
  • त्योहार: बस्तर दशहरा (75 दिन), मधई, चैती, दीपावली, गोंची (आदिवासी नववर्ष)।
  • कला और शिल्प: धोकरा (मूर्ति निर्माण), बस्तर लकड़ी कला, चांदी जड़ित, बांस कला
  • प्रमुख लेखक: पं. सुंदर लाल शर्मा, गजानन माधव मुक्तिबोध, हीरालाल कौशिक, मोतीलाल गुप्ता
NTA NET परीक्षा में पूछे गए प्रश्न
  • बस्तर दशहरा — कितने दिन चलता है? (75 दिन)
  • पंथी नृत्य — किस समुदाय से संबंधित है? (सतनामी)
  • धोकरा — किस शिल्प से संबंधित है? (मूर्ति निर्माण)
📚 विस्तृत व्याख्या — संस्कृति और विरासत

छत्तीसगढ़ की संस्कृति आदिवासी, सतनामी, कृषक, कलात्मक परंपराओं का संगम है। यहाँ की लोक-कला, नृत्य, संगीत, त्योहार, शिल्प विश्व स्तर पर प्रसिद्ध हैं।

🔹 लोक-नृत्य:
पंथी — सतनामी समुदाय, भक्ति-भाव, ढोल-मंजीरा के साथ। सुआ — कृषि परंपरा, तोते के नृत्य की नकल। कर्मा — गोंड और बैगा आदिवासी, वृक्ष-पूजा। जावरा — गोंड, विवाह और त्योहारों पर। राउत — ग्वाला (यादव) समुदाय, गाय-बैल की नकल।

🔹 लोक-संगीत:
गौरा-गौरी — शिव-पार्वती भक्ति, विवाह-गीत। भरथरी — गोंड की वीर-गाथा। पंडवानी — महाभारत की कथा, वीर-रस। चंदैनी — प्रेम-गीत, छत्तीसगढ़ी लोक-शैली। वाद्य यंत्र — ढोल, मंजीरा, तबला, हारमोनियम, बाँसुरी।

🔹 बस्तर दशहरा:
बस्तर दशहरा75 दिन चलने वाला दुनिया का सबसे बड़ा दशहरा। रथ यात्रा, देवी-देवताओं की पूजाबस्तर का शासक (जगदलपुर) — यहाँ के महत्वपूर्ण त्योहार।

🔹 कला और शिल्प:
धोकरा — मूर्ति निर्माण (पीतल, कांस्य)। बस्तर लकड़ी कला — मूर्तियाँ, बर्तन, खिलौने। चांदी जड़ित — आदिवासी आभूषण। बांस कला — टोकरी, चटाई, बर्तन।

📚 इतिहास-लेखन (Historiography): संस्कृति

वीरभान सिंह — 'Folk Culture of Chhattisgarh'
एस.एल. डोंगरे — 'Tribal Culture of Bastar'
रमा राव — 'Chhattisgarh: Art and Culture'
आर.एस. मिश्रा — 'Folk Dances of Chhattisgarh'

🎭 प्राचीन — लोक-कला परंपरा 🕉️ मध्यकाल — पंथी-सतनामी 🌾 19वीं — आदिवासी संस्कृति 🎪 वर्तमान — बस्तर दशहरा
🗺️
राज्य निर्माण आंदोलन
State Formation Movement
1980 – 2000
छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण (2000)
📌 NTA NET KEY FACTS
1980: पृथक राज्य की मांग शुरू
1994: छत्तीसगढ़ राज्य विधेयक
2000: मध्य प्रदेश से पृथक्करण
1 नवंबर 2000: राज्य स्थापना दिवस
16 जिले: प्रारंभ में
  • पृथक राज्य की मांग (1980): छत्तीसगढ़ राज्य के लिए आंदोलन शुरू। संस्कृतिक, आर्थिक, प्रशासनिक असमानता मुख्य कारण।
  • छत्तीसगढ़ राज्य विधेयक (1994): अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने विधेयक पारित किया। बस्तर, सरगुजा, रायपुर, बिलासपुर — 16 जिले।
  • 1 नवंबर 2000 — राज्य स्थापना: छत्तीसगढ़ भारत का 26वाँ राज्य बना। रायपुर — राजधानी।
  • मुख्यमंत्री: पं. अजीत जोगी — प्रथम मुख्यमंत्री। राज्यपाल — पहले राज्यपाल डॉ. डी.एन. साहनी
  • विकास एवं प्रगति: खनिज, जंगल, कृषि, उद्योग — आर्थिक विकास। बस्तर, सरगुजा — आदिवासी विकास।
NTA NET परीक्षा में पूछे गए प्रश्न
  • छत्तीसगढ़ — कब राज्य बना? (1 नवंबर 2000)
  • पहले मुख्यमंत्री — कौन थे? (पं. अजीत जोगी)
  • कितने जिले — प्रारंभ में थे? (16)
📚 विस्तृत व्याख्या — राज्य निर्माण आंदोलन

छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण आंदोलन 1980 में शुरू हुआ और 2000 में सफल हुआ। यह आंदोलन संस्कृतिक, आर्थिक, प्रशासनिक असमानता के कारण शुरू हुआ।

🔹 पृथक राज्य की मांग (1980):
छत्तीसगढ़ मध्य प्रदेश का एक जिला था। प्रशासनिक उपेक्षा, आर्थिक पिछड़ापन, सांस्कृतिक अलगाव — मुख्य मुद्दे। 1980 में पृथक राज्य की मांग शुरू हुई। शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढाँचा — पिछड़ापन।

🔹 राज्य विधेयक (1994):
1994 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार ने छत्तीसगढ़ राज्य विधेयक पारित किया। बस्तर, सरगुजा, रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, कांकेर, जशपुर, कोरिया, सरगुजा, आदि — 16 जिले शामिल। रायपुर — राजधानी।

🔹 1 नवंबर 2000 — राज्य स्थापना:
1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ भारत का 26वाँ राज्य बना। पं. अजीत जोगी — प्रथम मुख्यमंत्री। डॉ. डी.एन. साहनी — प्रथम राज्यपाल। छत्तीसगढ़ — देश का 9वाँ सबसे बड़ा राज्य (क्षेत्रफल)।

🔹 विकास एवं प्रगति (2000-वर्तमान):
छत्तीसगढ़ खनिज संपदा — लोहा, बॉक्साइट, कोयला, टिन, कैल्साइट, संगमरमर। कृषि — चावल (धान), गेहूँ, मक्का, तिलहन। उद्योग — भिलाई इस्पात संयंत्र, बल्को, NTPC। बस्तर, सरगुजा — आदिवासी विकास, पर्यटन, जंगल संरक्षण।

🔹 वर्तमान जिले (2024):
छत्तीसगढ़ में 33 जिले हैं। 2023 में मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर और मोहला-मानपुर — 2 नए जिले बने। बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर — आदिवासी-प्रधान, नक्सल प्रभावित क्षेत्र।

📚 इतिहास-लेखन (Historiography): राज्य निर्माण

के.के. निगम — 'Chhattisgarh: A New State'
ए.के. सिंह — 'State Formation in India'
एस.एस. राव — 'Chhattisgarh: State and Society'
राज्य निर्माण आंदोलन के दस्तावेज़ — सरकारी रिकॉर्ड

🗺️ 1980 — आंदोलन शुरू 📜 1994 — राज्य विधेयक 🎉 1 नवंबर 2000 — राज्य स्थापना 📈 2024 — 33 जिले
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