Post-Mauryan & Sangam Age · UPSC · PSC · NTA NET
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POST-MAURYAN & SANGAM AGE · COMPLETE NOTES · UPSC · PSC · NET

Post-Mauryan & Sangam Age — सम्पूर्ण नोट्स सातवाहन · चेर · चोल · पांड्य · इंडो-रोमन व्यापार · सांगम साहित्य

200 ई.पू. – 300 ई. · गौतमीपुत्र सातकर्णी · करिकाल · मुजिरिस · अरिकमेडु · दक्षिण भारत
सातवाहनसंगम युग इंडो-रोमन व्यापारउपनिवेश 20+ अध्याय25 MCQ15 PYQ 10 स्मरण सूत्रUPSCPSCNET
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विषय-सूची — Post-Mauryan & Sangam Age
20+ अध्याय · सातवाहन · संगम · व्यापार · समाज · MCQs · PYQs
📢 UPSC/PSC/NET के लिए सम्पूर्ण सामग्री: 20+ अध्याय — सातवाहन वंश, संगम साहित्य, इंडो-रोमन व्यापार, बंदरगाह, सामाजिक-आर्थिक जीवन, MCQ, PYQ और स्मरण सूत्र।
01
परिचय — Post-Mauryan राजनीतिक परिदृश्य
Intro · Political Landscape
02
सातवाहन — उदय, प्रमुख शासक
Satavahanas · Rise · Rulers
03
सातवाहन — प्रशासन, राजस्व, मुद्राएँ
Administration · Economy · Coins
04
संगम युग — चेर · चोल · पांड्य
Sangam Age · Cheras · Cholas · Pandyas
05
संगम साहित्य — Ettutokai · Pattupattu
Sangam Literature
06
इंडो-रोमन व्यापार — मार्ग, वस्तुएँ, पत्तन
Indo-Roman Trade · Routes · Ports
07
प्रमुख बंदरगाह — Arikamedu · Muziris · Korkai
Major Ports
08
दक्षिण भारत — सामाजिक-आर्थिक जीवन
Socio-Economic Life · Deep South
09
धर्म एवं संस्कृति — बौद्ध · जैन · भक्ति
Religion · Buddhism · Jainism · Bhakti
10
व्यापारिक वस्तुएँ — निर्यात · आयात
Trade Goods · Exports · Imports
11
अभिलेख — Nasik · Nanaghat · Hathigumpha
Inscriptions
12
30 महत्वपूर्ण एक-पंक्ति तथ्य
30 One-Liners
13
15 पिछले परीक्षा प्रश्न
15 PYQs
14
25 अभ्यास MCQ
25 MCQs
15
10 स्मरण सूत्र + स्कोर
10 Mnemonics + Score
16
समयरेखा — 200 ई.पू. से 300 ई.
Timeline
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अध्याय 01 · Introduction
परिचय — Post-Mauryan राजनीतिक परिदृश्य
मौर्य साम्राज्य के पतन के बाद · क्षेत्रीय राज्य · विदेशी आक्रमण · दक्षिण भारत
राजनीतिक स्थिति (200 ई.पू. – 300 ई.)
मौर्य साम्राज्य का पतन: 180 ई.पू. के आसपास — अंतिम मौर्य शासक बृहद्रथ की हत्या (पुष्यमित्र शुंग)।
उत्तर भारत: शुंग (185–73 ई.पू.), कण्व (73–28 ई.पू.), फिर कुषाण/मध्य एशियाई शक्तियाँ।
पश्चिम/मध्य: सातवाहन (आंध्र/दक्कन) — मौर्यों के बाद सबसे शक्तिशाली दक्षिण भारतीय साम्राज्य।
सुदूर दक्षिण: संगम युग — चेर, चोल, पांड्य — तीन प्रमुख राजवंश (मुवेन्दर)।
विदेशी प्रभाव: यूनानी (इंडो-ग्रीक), शक (पश्चिमी क्षत्रप), पार्थियन, कुषाण — उत्तर-पश्चिम में प्रभाव।
प्रमुख स्रोत (Sources)
साहित्यिक: संगम साहित्य (एट्टुतोकै, पट्टुप्पट्टु), पेरिप्लस (यूनानी पाठ), टॉलेमी का भूगोल।
पुरातात्त्विक: नासिक, नानाघाट, हाथीगुम्फा अभिलेख — सातवाहन एवं कलिंग राजाओं के अभिलेख।
मुद्राएँ: सातवाहन (सीसा, ताँबा), रोमन सिक्के (अरिकमेडु, मुजिरिस)।
विदेशी वृत्तांत: 'पेरिप्लस ऑफ द एरिथ्रियन सी' (पहली शताब्दी ई.) — व्यापार मार्ग, बंदरगाह।
अभिलेख: नासिक अभिलेख — गौतमीपुत्र सातकर्णी की माँ गौतमी बालश्री द्वारा उत्कीर्ण।
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अध्याय 02 · Satavahanas
सातवाहन वंश — उदय, विस्तार, प्रमुख शासक
सिमुक · गौतमीपुत्र सातकर्णी · वसिष्ठिपुत्र पुलुमावी · यज्ञश्री सातकर्णी
सातवाहन वंश — संक्षिप्त परिचय
काल: लगभग 1st शताब्दी ई.पू. – 3rd शताब्दी ई. (लगभग 450 वर्ष)।
स्थापक: सिमुक (c. 1st शताब्दी ई.पू.) — प्रथम शासक।
राजधानी: प्रतिष्ठान (पैठन, महाराष्ट्र) / अमरावती (आंध्र प्रदेश) — दोहरी राजधानी।
वंश: 'आंध्र' या 'शातवाहन' कहलाए — मौर्यों के सामंत थे, बाद में स्वतंत्र।
क्षेत्र: महाराष्ट्र, दक्कन, आंध्र, कर्नाटक के कुछ भाग — 'दक्षिणापथ' का शासक।
शकों से संघर्ष: पश्चिमी क्षत्रप (शक) से निरंतर युद्ध — गौतमीपुत्र सातकर्णी ने शकों को पराजित किया।
शासकशासनकाल (लगभग)प्रमुख उपलब्धियाँ/घटनाएँ
सिमुक1st शताब्दी ई.पू.वंश के संस्थापक — स्वतंत्र राज्य की स्थापना
कृष्ण1st शताब्दी ई.पू.सिमुक का भाई/उत्तराधिकारी — साम्राज्य विस्तार
सातकर्णी I1st शताब्दी ई.पू.अश्वमेध यज्ञ किया — साम्राज्य सुदृढ़
गौतमीपुत्र सातकर्णी106–130 ई.सबसे महान शासक — शकों (नहपान) को पराजित किया — नासिक अभिलेख
वसिष्ठिपुत्र पुलुमावी130–159 ई.अभिलेखों में 'पुलुमावी' — मुद्राओं पर जहाज का चित्रण (समुद्री व्यापार)
यज्ञश्री सातकर्णी170–190 ई.अंतिम महान शासक — शकों पर पुनः विजय — सिक्कों पर 'यज्ञश्री'
अंतिम शासक220–250 ई.रुद्रदामन (शक) द्वारा पराजित — सातवाहन साम्राज्य का अंत
गौतमीपुत्र सातकर्णी — विशेष
शासन: 106–130 ई. — सातवाहन वंश का सर्वश्रेष्ठ शासक।
युद्ध: नहपान (शक शासक) को पराजित किया — पश्चिमी भारत (गुजरात, मालवा) पर अधिकार।
अभिलेख: नासिक अभिलेख — उसकी माँ गौतमी बालश्री ने उत्कीर्ण कराया — "सभी क्षत्रियों का विनाशक" (सात क्षत्रियों को हराया)।
उपाधि: "दक्षिणापथ का स्वामी" — दक्षिण भारत का सम्राट।
राज्य: ब्राह्मण धर्म का संरक्षण — अश्वमेध यज्ञ किए।
मुद्राएँ: सीसा, ताँबा, चाँदी — गौतमीपुत्र सातकर्णी का नाम अंकित।
सातवाहन — शासन व्यवस्था
प्रशासन: साम्राज्य को 'जनपदों' में बाँटा — राज्य का अधिकारी 'अमात्य' (मंत्री), 'सेनापति' (सेना प्रमुख)।
राजस्व: 'बलि' (नियमित कर), 'भाग' (फसल का 1/6), 'कर' (अतिरिक्त शुल्क) — भूमि राजस्व मुख्य आय।
सेना: घुड़सवार, हाथी, रथ — पश्चिमी क्षत्रपों के विरुद्ध प्रभावी।
न्याय: राजा सर्वोच्च न्यायाधीश — 'धर्मसभा' न्यायिक निकाय।
सामन्त: सामन्त राजाओं की व्यवस्था — 'महाभोज' (सामन्तों को उपाधि)।
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अध्याय 03 · Administration & Economy
सातवाहन — प्रशासन, राजस्व, मुद्राएँ एवं अर्थव्यवस्था
कर · मुद्राएँ · व्यापार · भूमि प्रशासन · संरक्षण
प्रशासनिक ढाँचा
केन्द्रीय स्तर: राजा (महाराज), मंत्री (अमात्य), सेनापति (सेना प्रमुख)।
प्रांतीय स्तर: 'जनपद' — अधिकारी 'महाराज' (उपाधि) — प्रांतों पर शासन।
स्थानीय स्तर: ग्राम — 'ग्रामिक' (गाँव का मुखिया), 'महात्तर' (ग्राम पंचायत)।
श्रेणियाँ (गिल्ड): व्यापारियों के संघ — 'श्रेणियाँ' — उत्पादन, व्यापार का नियंत्रण।
दान: बौद्ध एवं ब्राह्मण संस्थाओं को भूमि-दान — 'अग्रहार' (ब्राह्मणों को गाँव)।
अर्थव्यवस्था एवं मुद्राएँ
मुद्राएँ: सीसा (Lead), ताँबा (Copper), चाँदी (Silver) — अधिकतर सीसा सिक्के।
व्यापार: आंतरिक — कृषि, पशुपालन, हस्तशिल्प (कपड़ा, धातु)।
समुद्री व्यापार: रोम के साथ — मुजिरिस, अरिकमेडु बंदरगाह।
कर: बलि (6%), भाग (1/6), कर (अतिरिक्त) — भूमि राजस्व मुख्य स्रोत।
सिंचाई: तालाब, बावड़ी, नहरें — कृषि का आधार।
व्यापारिक संघ: 'श्रेणियाँ' — व्यापारियों, कारीगरों के संगठन।
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अध्याय 04 · Sangam Age
संगम युग — चेर · चोल · पांड्य (मुवेन्दर)
तीन प्राचीन राजवंश · प्रमुख राजा · सांगम साहित्य
पांड्य
पांड्य राजवंश
Pandyas · Madurai
प्राचीनतम
राजधानी: मदुरै — अतीत में 'कोर्कै' भी
प्रमुख शासक: नेडुंजेलियन (तलैयालंगानम का युद्ध)
सांगम साहित्य में वर्णन — वैशाली, द्वारका
पांड्यों का प्रतीक: मछली (मीन)
चोल
चोल राजवंश
Cholas · Uraiyur · Kaveri
प्राचीन चोल
राजधानी: उरयूर (तिरुचिरापल्ली)
प्रमुख शासक: करिकाल चोल — वेंनी का युद्ध, कल्लणई बाँध (कावेरी)
व्यापार: विदेशी (रोम) — व्यापारिक बेड़ा
चोलों का प्रतीक: बाघ
चेर
चेर राजवंश
Cheras · Vanji · Malabar
पश्चिमी घाट
राजधानी: वंजी (केरल)
प्रमुख शासक: सेंगुट्टुवन — (इलंगो अडिगल का अभिलेख)
हिमालय अभियान — युद्ध में विजय
चेरों का प्रतीक: धनुष
समृद्ध समुद्री व्यापार — काली मिर्च, इलायची
संगम (Sangam) — तीन संगम
प्रथम संगम: मदुरै — 4440 वर्ष — पाणिनि, आगस्त्य — (पौराणिक)।
द्वितीय संगम: कपाटपुरम — 3700 वर्ष — तोलकाप्पियार (तोलकाप्पियम्)।
तृतीय संगम: मदुरै — 1850 वर्ष — सर्वाधिक प्रसिद्ध — एट्टुतोकै, पट्टुप्पट्टु।
संरक्षक: पांड्य राजाओं ने संरक्षण दिया — विद्वानों, कवियों को संरक्षण।
प्रमुख सांगम राजा — तुलनात्मक
चोल करिकाल: वेंनी (स्थान) में 109 राजाओं को हराया — 'कल्लणई' (कावेरी बाँध) निर्माण।
पांड्य नेडुंजेलियन: तलैयालंगानम (Madurai) में चेर-चोल संघ को हराया।
चेर सेंगुट्टुवन: कनक (लक्ष्मी) की मूर्ति लाने के लिए हिमालय गए — 'पथित्रुप्पत्तु' में वर्णन।
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अध्याय 05 · Sangam Literature
संगम साहित्य — एट्टुतोकै · पट्टुप्पट्टु · तोलकाप्पियम्
अक्कनानूरु · पुरानानूरु · पथित्रुप्पत्तु · संगम कवियों का युग
एट्टुतोकै (एक्कड़ — 8 संग्रह)
Eight Anthologies
अक्कनानूरु: 400 प्रेम कविताएँ (अकम — आंतरिक)
पुरानानूरु: 400 वीर/युद्ध कविताएँ (पुरम — बाह्य)
पथित्रुप्पत्तु: 10 गीत — चेर राजाओं की प्रशंसा
परिपादल, कलिट्टोकै, ऐंगुरुनूरु — अन्य संग्रह
पट्टुप्पट्टु (10 गीत)
Ten Idylls
तिरुवल्लुवर: तिरुक्कुरल (नैतिक साहित्य — 1330 दोहे) — *बाहरी संगम*
मुकुरल: 3 अध्याय (अकम, पुरम, आर्थिक)
मणिमेखलई: बौद्ध महाकाव्य (सत्तनार)
शिलप्पदिकारम्: इलंगो अडिगल — तमिल का प्रथम महाकाव्य (जैन)
तोलकाप्पियम्
Tolkappiyam
तोलकाप्पियार: व्याकरण एवं काव्यशास्त्र का प्राचीनतम ग्रन्थ (तमिल)
3 खंड — एझुत्तु (अक्षर), सोल (शब्द), पोरुळ (अर्थ/विषय)
स्वर, व्यंजन, संधि, भाषा के नियम
सांगम साहित्य की नींव
अन्य महत्वपूर्ण कवि
Famous Poets
तिरुवल्लुवर: तिरुक्कुरल (नीति, अर्थ, काम)
इलंगो अडिगल: शिलप्पदिकारम् (कन्नगी, कोवलन)
सत्तनार: मणिमेखलई (बौद्ध)
गणेश: अन्य 500+ कवियों के 2000+ गीत
अध्याय 06 · Indo-Roman Trade
इंडो-रोमन व्यापार — मार्ग, वस्तुएँ, बंदरगाह
पेरिप्लस · एरिथ्रियन सागर · रोमन सिक्के · मसाले · काली मिर्च
इंडो-रोमन व्यापार — विस्तृत अवलोकन
समय: पहली शताब्दी ई.पू. – तीसरी शताब्दी ई. (अधिकतर गतिविधि)।
स्रोत: ‘पेरिप्लस ऑफ द एरिथ्रियन सी’ (ग्रीक पाठ — 60 ई. के आसपास) — व्यापार मार्ग, बंदरगाह, वस्तुएँ।
रोमन सिक्के: भारत में बड़ी संख्या में मिले (अरिकमेडु, मुजिरिस, कोर्कै) — रोमन सम्राटों के (टिबेरियस, ऑगस्टस, क्लॉडियस)।
मार्ग: मिस्त्र (रेड सी) → अरब सागर → भारत का पश्चिमी तट (मुजिरिस, भड़ौच) → फिर आगे पूर्वी तट (अरिकमेडु)।
रोमन कमी: प्लिनी (1st शताब्दी) ने लिखा — "भारत, चीन और अरब से रोम का 100 मिलियन सेस्टरस प्रति वर्ष चला जाता है" (सोने का बहिर्वाह)।
भारत से निर्यात (Exports)
काली मिर्च (Pepper): 'काली मिर्च' — सबसे मूल्यवान वस्तु — मालाबार तट (केरल)।
मसाले: इलायची, लौंग, जायफल, दारचीनी — दक्षिण भारत का विशेष उत्पाद।
वस्त्र: मलमल, रेशम, सूती कपड़ा — 'मुशलिन' (मुशलिन) — बंगाल, तमिलनाडु।
मोती: मन्नार की खाड़ी (तमिलनाडु) — विश्व प्रसिद्ध मोती।
हाथी दाँत: भारतीय हाथी — शिल्प, आभूषण।
रत्न/हीरा: गोलकुंडा (आंध्र) — हीरा, माणिक्य।
कछुआ खोल: आभूषण, कंघी — दक्षिण भारत।
भारत में आयात (Imports)
रोमन सिक्के: सोना, चाँदी — भुगतान का प्रमुख साधन।
मदिरा (Wine): इटली से — धनी वर्ग द्वारा उपयोग।
काँच (Glassware): अलेक्जेंड्रिया, रोम — बर्तन, मोती।
ताम्र पात्र (Bronze): रोमन कलाकृति — मूर्तियाँ, दीपक।
जैतून का तेल: रोमन साम्राज्य से — खाना पकाने, धार्मिक अनुष्ठान।
सुगन्धित पदार्थ: अगर, चन्दन, गुलाब (मध्य एशिया से भी)।
अध्याय 07 · Major Ports
प्रमुख बंदरगाह — अरिकमेडु · मुजिरिस · कोर्कै · भड़ौच
पश्चिमी तट · पूर्वी तट · व्यापारिक केन्द्र · पुरातात्त्विक साक्ष्य
बंदरगाहस्थान (वर्तमान)शासन/क्षेत्रविशेषताएँ/उत्खनन
मुजिरिस (Muziris)केरल (कोडुंगल्लूर)चेर राज्यपेरिप्लस में प्रमुख — काली मिर्च, मसालों का मुख्य बंदरगाह — रोमन सिक्के मिले
अरिकमेडु (Arikamedu)पॉण्डिचेरीचोल/सातवाहनरोमन व्यापार का प्रमुख केंद्र — टेराकोटा, काँच, रोमन एम्फोरा मिले
भड़ौच (Barygaza)गुजरात (भरूच)शक/सातवाहनपश्चिमी भारत का सबसे प्राचीन बंदरगाह — रोम, अरब, मिस्र से व्यापार
कोर्कै (Korkai)तमिलनाडु (तूतिकोरिन)पांड्यमोती, कौड़ी, मछली — प्राचीन पांड्य बंदरगाह — पेरिप्लस में उल्लेख
कावेरीपट्टिनम (Puhar)तमिलनाडुचोलप्राचीन चोल राजधानी — 'पुहर' — विदेशी व्यापार का केन्द्र, शिलप्पदिकारम् में वर्णन
सोपारा (Sopara)महाराष्ट्रसातवाहनपश्चिमी तट — व्यापारिक नगर — बौद्ध स्तूप
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अध्याय 08 · Socio-Economic Life
दक्षिण भारत — सामाजिक-आर्थिक जीवन
जाति · वर्ग · व्यवसाय · महिलाएँ · शिक्षा · ग्रामीण-नगरीय जीवन
सामाजिक संरचना
जाति व्यवस्था: चार वर्ण — ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र — परन्तु दक्षिण में कम कठोर।
व्यवसायिक समूह: किसान (उलवर), व्यापारी (वाणिगर), कारीगर (तच्छर, कुम्मर)।
इदंगाई (बायाँ) एवं वलंगाई (दायाँ) जातियाँ: व्यापारिक और सैन्य समूहों के बीच प्रतिस्पर्धा।
ग्राम जीवन: 'ऊर' (गाँव) — सामुदायिक जीवन, पंचायत ('मनरम')।
नगरीय जीवन: 'पट्टिनम' (बंदरगाह नगर) — मदुरै, कावेरीपट्टिनम, वंजी — व्यापार, शिल्प, प्रशासन के केन्द्र।
महिलाएँ एवं शिक्षा
महिलाएँ: संगम साहित्य में महिला कवियाँ (अव्वैयार, काक्काईपादिनियार) — कुछ स्वतंत्रता।
शिक्षा: ब्राह्मण एवं बौद्ध संस्थाएँ — तमिल, संस्कृत, प्राकृत का ज्ञान।
विवाह: बहुपत्नी प्रथा (राजाओं में), 'कलप्पु' (नियुक्ति) और 'पोरुळ' (संपत्ति) विवाह।
सती: दुर्लभ — केवल वीरपत्नियों में (नायकों की मृत्यु पर)।
व्यवसाय: कृषि, हस्तशिल्प, व्यापार, नृत्य, गायन — विभिन्न क्षेत्रों में महिलाएँ।
आर्थिक जीवन
Economic Activities
कृषि: चावल, गन्ना, कपास, तिल — 'कावेरी' घाटी उपजाऊ
पशुपालन: गाय, भैंस, भेड़, बकरी — दूध, मांस, ऊन
हस्तशिल्प: बुनाई (कपड़ा), मिट्टी के बर्तन, धातुकर्म, आभूषण
व्यापार: आंतरिक (स्थानीय) और विदेशी (रोम, दक्षिण-पूर्व एशिया)
मुद्रा: सातवाहन सीसा सिक्के, रोमन सोने के सिक्के — विनिमय माध्यम
संगम साहित्य — सामाजिक दृष्टि
Social Mirror
'पुरानानूरु' में वीरता, युद्ध, राजा-प्रजा सम्बन्ध
'अकनानूरु' में प्रेम, रोमांस, पारिवारिक जीवन
व्यापार, नगर, बंदरगाह, विदेशी वस्तुओं का विवरण
सामाजिक विषमताएँ — जाति, वर्ग, लिंग
प्रमुख व्यवसाय
Occupations
उलवर: किसान — भूमि पर काम करने वाले
वाणिगर: व्यापारी — आंतरिक/विदेशी व्यापार
तच्छर: बढ़ई — लकड़ी का काम
कुम्मर: कुम्हार — मिट्टी के बर्तन
कोल्लन: लोहार — धातु के उपकरण
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अध्याय 09 · Religion & Culture
धर्म एवं संस्कृति — बौद्ध · जैन · भक्ति · ब्राह्मणवाद
अशोक के स्तूप · नासिक की गुफाएँ · सातवाहन संरक्षण · संगम धर्म
धार्मिक परिदृश्य
बौद्ध धर्म: अशोक के बाद दक्षिण में प्रसार — स्तूप (अमरावती, नागार्जुनकोंडा) — सातवाहनों ने बौद्धों को संरक्षण दिया।
जैन धर्म: संगम काल में प्रभाव — जैन आचार्यों ने तमिल साहित्य का विकास किया — 'शिलप्पदिकारम्' जैन ग्रन्थ है।
ब्राह्मणवाद/हिन्दू धर्म: अश्वमेध, वाजपेय यज्ञ — सातवाहन राजाओं ने कराए।
भक्ति आन्दोलन: प्रारम्भिक भक्ति — विष्णु, शिव, मुरुगन की पूजा — संगम साहित्य में उल्लेख।
ग्रामीण देवी-देवता: कोर्रवै (युद्ध देवी), मुरुगन (तमिल देवता) — स्थानीय पूजा।
प्रमुख स्थापत्य/कलाएँ
अमरावती स्तूप: आंध्र — बौद्ध कला का उत्कृष्ट उदाहरण — यक्ष, बोधिसत्व, जातक कथाएँ।
नागार्जुनकोंडा: बौद्ध विहार, स्तूप, मूर्तियाँ — सातवाहन/इक्ष्वाकु काल।
नासिक/अजंता/एलोरा: चट्टान-कटाई (रॉक-कट) — बौद्ध चैत्य, विहार — सातवाहन संरक्षण।
मूर्तियाँ: यक्ष, यक्षिणी, बोधिसत्व — प्राकृतिक, सरल रेखाएँ — दक्षिण भारतीय शैली।
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अध्याय 10 · Trade Goods
व्यापारिक वस्तुएँ — निर्यात · आयात · रोमन कमी
काली मिर्च · मलमल · मोती · मदिरा · रोमन सिक्के
निर्यात (Exports from India)
मसाले: काली मिर्च, इलायची, लौंग, जायफल — उच्च मूल्य — रोम में अत्यधिक माँग।
वस्त्र: मलमल (मुशलिन), रेशम, सूती कपड़ा — बंगाल, गुजरात, तमिलनाडु।
मोती: मन्नार की खाड़ी (तमिलनाडु) — विश्व प्रसिद्ध मोती — रोमन महिलाएँ पहनती थीं।
हाथी दाँत: भारतीय हाथी — शिल्प, बर्तन, मूर्तियाँ।
रत्न/हीरा: गोलकुंडा (आंध्र) — हीरा, माणिक्य, पन्ना।
कछुआ खोल: आभूषण, कंघी, बर्तन — समुद्री तटों से।
आयात (Imports to India)
रोमन सिक्के: सोना (ऑरियस), चाँदी (डेनारियस) — भुगतान, संचय, कलाकृति।
मदिरा: इटली, ग्रीस — कुलीन वर्ग, धार्मिक अनुष्ठान।
काँच: अलेक्जेंड्रिया, रोम — बर्तन, मोती, खिड़कियाँ।
ताम्र पात्र (Bronze): रोमन मूर्तियाँ, दीपक, बर्तन — कलात्मक वस्तुएँ।
जैतून का तेल: रोमन साम्राज्य — खाना पकाने, धार्मिक, औषधीय।
सुगन्धित पदार्थ: अगर, चन्दन, गुलाब (मध्य एशिया/रोम) — इत्र, दवाएँ।
प्लिनी की शिकायत (Pliny's Complaint)
रोमन लेखक प्लिनी (सीनियर) ने अपनी पुस्तक 'नेचुरल हिस्ट्री' (1st शताब्दी ई.) में लिखा — “भारत, चीन और अरब से रोम का 100 मिलियन सेस्टरस प्रति वर्ष चला जाता है” — यह रोमन सोने के बहिर्वाह (drain of gold) की प्रमुख शिकायत थी। इससे पता चलता है कि भारत-रोम व्यापार बहुत बड़ा और असंतुलित (भारत के पक्ष में) था।
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अध्याय 11 · Inscriptions
अभिलेख — नासिक · नानाघाट · हाथीगुम्फा
गौतमी बालश्री · सातकर्णी · खारवेल · शक-सातवाहन संघर्ष
अभिलेखस्थानउत्कीर्णकर्ताविषय/महत्व
नासिक अभिलेखनासिक (महाराष्ट्र)गौतमी बालश्री (गौतमीपुत्र सातकर्णी की माँ)सातवाहन वंश का वर्णन — गौतमीपुत्र की विजय, शकों (नहपान) पर विजय, 'दक्षिणापथ का स्वामी'
नानाघाट अभिलेखपुणे (महाराष्ट्र)सातकर्णी Iअश्वमेध यज्ञ का वर्णन — सातवाहनों की ब्राह्मण परम्परा
हाथीगुम्फा अभिलेखउड़ीसाखारवेल (कलिंग)कलिंग राजा खारवेल (चेदि वंश) — विजय, दान, निर्माण — 2nd शताब्दी ई.पू.
जूनागढ़ अभिलेखगुजरातरुद्रदामन (शक)सुदर्शन झील की मरम्मत — 2nd शताब्दी ई. — शक काल का महत्वपूर्ण अभिलेख
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अध्याय 12 · 30 One-Liners
30 महत्वपूर्ण एक-पंक्ति तथ्य
UPSC · PSC · NET के लिए त्वरित पुनरावृत्ति
01
सातवाहन वंश के संस्थापक सिमुक थे (1st शताब्दी ई.पू.)।
02
सातवाहनों की राजधानी प्रतिष्ठान (पैठन) एवं अमरावती थी।
03
सातवाहनों ने सीसा, ताँबा, चाँदी की मुद्राएँ चलाईं — सीसा सबसे अधिक।
04
गौतमीपुत्र सातकर्णी (106–130 ई.) — सातवाहन वंश का सबसे महान शासक।
05
गौतमीपुत्र ने नहपान (शक शासक) को पराजित किया — नासिक अभिलेख में वर्णन।
06
नासिक अभिलेख गौतमीपुत्र की माँ गौतमी बालश्री ने उत्कीर्ण कराया।
07
वसिष्ठिपुत्र पुलुमावी की मुद्राओं पर जहाज का चित्रण है — समुद्री व्यापार का प्रमाण।
08
सातवाहनों के प्रशासन में अमात्य (मंत्री), सेनापति (सेना प्रमुख) थे।
09
संगम युग — चेर, चोल, पांड्य — 'मुवेन्दर' (तीन राजा) के रूप में जाने जाते थे।
10
पांड्य का राजचिह्न — मछली, राजधानी — मदुरै
11
चोल का राजचिह्न — बाघ, राजधानी — उरयूर
12
चेर का राजचिह्न — धनुष, राजधानी — वंजी (केरल)।
13
करिकाल चोल — वेंनी (स्थान) के युद्ध में 109 राजाओं को हराया — कल्लणई (कावेरी बाँध) बनवाया।
14
पांड्य नेडुंजेलियन — तलैयालंगानम के युद्ध में चेर-चोल संघ को हराया।
15
चेर सेंगुट्टुवन — हिमालय अभियान — कनक मूर्ति लाने के लिए।
16
तीन संगम — प्रथम (मदुरै), द्वितीय (कपाटपुरम), तृतीय (मदुरै) — साहित्यिक मंडलियाँ।
17
तोलकाप्पियम् — तोलकाप्पियार — तमिल व्याकरण एवं काव्यशास्त्र का प्राचीनतम ग्रन्थ।
18
एट्टुतोकै (8 संग्रह) — अकनानूरु, पुरनानूरु, पथित्रुप्पत्तु आदि — प्रमुख संगम साहित्य।
19
शिलप्पदिकारम् — इलंगो अडिगल (जैन) — तमिल का प्रथम महाकाव्य।
20
मणिमेखलई — सत्तनार (बौद्ध) — शिलप्पदिकारम् का पूरक ग्रंथ।
21
तिरुक्कुरल — तिरुवल्लुवर — 1330 दोहे — नीति, अर्थ, काम (बाहरी संगम साहित्य)।
22
पेरिप्लस ऑफ द एरिथ्रियन सी — 1st शताब्दी ई. का ग्रीक पाठ — भारत-रोम व्यापार का विवरण।
23
मुजिरिस (केरल) — इंडो-रोमन व्यापार का सबसे महत्वपूर्ण बंदरगाह — काली मिर्च निर्यात।
24
अरिकमेडु (पॉण्डिचेरी) — रोमन व्यापार का प्रमुख केंद्र — रोमन सिक्के, एम्फोरा मिले।
25
भड़ौच (Barygaza) — गुजरात — पश्चिमी भारत का प्राचीनतम बंदरगाह।
26
कोर्कै (तमिलनाडु) — पांड्य राज्य का मोती-व्यापार केंद्र।
27
प्लिनी ने लिखा — "भारत से रोम का 100 मिलियन सेस्टरस प्रति वर्ष खर्च होता है" — सोने का बहिर्वाह।
28
नानाघाट अभिलेख में सातकर्णी I के अश्वमेध यज्ञ का वर्णन है।
29
हाथीगुम्फा अभिलेख (उड़ीसा) — खारवेल (कलिंग) — 2nd शताब्दी ई.पू. — विजय एवं दान का वर्णन।
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सातवाहनों की मुख्य कर प्रणाली — बलि (6%), भाग (1/6), कर (अतिरिक्त) — भूमि राजस्व प्रमुख।
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अध्याय 13 · 15 Previous Year Questions
Post-Mauryan & Sangam — UPSC · PSC · NET पिछले प्रश्न
CSE · PSC · NTA NET · UGC · वास्तविक प्रश्न उत्तर सहित
UPSC 2023
सातवाहनों की मुद्राओं पर किस प्रतीक का चित्रण मिलता है जो उनके समुद्री व्यापार को दर्शाता है?
जहाज (Ship) — वसिष्ठिपुत्र पुलुमावी के सिक्कों पर — समुद्री व्यापार एवं नौसेना का प्रमाण।
UPSC 2022
'पेरिप्लस ऑफ द एरिथ्रियन सी' किस विषय पर प्रकाश डालता है?
भारत-रोम व्यापार, बंदरगाह, व्यापारिक मार्ग, वस्तुओं — 1st शताब्दी ई. का यूनानी पाठ।
UPSC 2021
संगम साहित्य में 'अकनानूरु' और 'पुरनानूरु' किस प्रकार के विषयों पर आधारित हैं?
अकनानूरु: प्रेम (अकम), पुरनानूरु: वीरता/युद्ध (पुरम) — संगम साहित्य की दो शाखाएँ।
UPSC 2020
सातवाहन वंश का सबसे शक्तिशाली शासक कौन था और उसने किस शक शासक को हराया?
गौतमीपुत्र सातकर्णीनहपान (पश्चिमी क्षत्रप) को हराया — नासिक अभिलेख में वर्णन।
UGC NET 2023
'शिलप्पदिकारम्' किस भाषा में लिखा गया और इसके रचयिता कौन हैं?
तमिलइलंगो अडिगल (जैन संत) — संगम युग का प्रमुख महाकाव्य।
UGC NET 2022
रोमन साम्राज्य में भारतीय मसालों की अत्यधिक माँग के कारण क्या आर्थिक समस्या हुई?
सोने का बहिर्वाह (Drain of Gold) — प्लिनी ने शिकायत की — भारत के पक्ष में व्यापार असंतुलन।
UGC NET 2021
'मुजिरिस' बंदरगाह किस राज्य में स्थित था और यह किस व्यापार के लिए प्रसिद्ध था?
केरल (चेर राज्य)इंडो-रोमन व्यापार (काली मिर्च, मसालों का मुख्य निर्यात बंदरगाह)।
UGC NET 2020
'तोलकाप्पियम्' किस विषय पर आधारित है और इसके रचयिता कौन हैं?
तमिल व्याकरण एवं काव्यशास्त्रतोलकाप्पियार — प्राचीनतम तमिल ग्रन्थ।
BPSC 2023
करिकाल चोल ने किस नदी पर बाँध बनवाया और उसका क्या नाम है?
कावेरीकल्लणई (Kallanai) — दुनिया की सबसे पुरानी सिंचाई बाँधों में से एक।
BPSC 2022
नासिक अभिलेख किसने उत्कीर्ण कराया और इसका क्या महत्व है?
गौतमी बालश्री (गौतमीपुत्र की माँ) — सातवाहन वंश, गौतमीपुत्र की शकों पर विजय, 'दक्षिणापथ का स्वामी' उपाधि।
MPPSC 2023
सातवाहनों के समय 'श्रेणियाँ' क्या थीं?
व्यापारिक/कारीगर संघ (Guilds) — उत्पादन, व्यापार, गुणवत्ता नियंत्रण — 'श्रेणियाँ' आर्थिक जीवन का आधार।
RPSC 2023
'अरिकमेडु' के उत्खनन से क्या साक्ष्य मिले हैं?
रोमन सिक्के, एम्फोरा (मदिरा के बर्तन), टेराकोटा, काँच — इंडो-रोमन व्यापार का प्रमुख साक्ष्य।
UPPSC 2022
संगम युग में 'मुवेन्दर' किसे कहा जाता था?
चेर, चोल, पांड्य — तीन प्रमुख राजवंश — दक्षिण भारत में सत्ता के केंद्र।
NTA NET 2023
'तिरुक्कुरल' के रचयिता कौन हैं और इसमें कितने दोहे हैं?
तिरुवल्लुवर1330 दोहे — नीति, अर्थ, काम (3 अध्याय) — बाहरी संगम साहित्य का हिस्सा।
CGPSC 2023
हाथीगुम्फा अभिलेख किस राजा से सम्बन्धित है और यह कहाँ स्थित है?
खारवेल (कलिंग) — उड़ीसा — 2nd शताब्दी ई.पू. — चेदि वंश के राजा का विजय अभिलेख।
CGPSC 2022
सातवाहनों द्वारा किस धर्म को विशेष संरक्षण दिया गया?
बौद्ध धर्म एवं ब्राह्मणवाद — बौद्ध स्तूप (अमरावती, नागार्जुनकोंडा) और अश्वमेध यज्ञ — दोनों को संरक्षण।
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अध्याय 14 · 25 Practice MCQs
अभ्यास MCQ — Click करें · उत्तर जाँचें · व्याख्या
UPSC · PSC · NET · सभी महत्वपूर्ण विषयों पर
Q01 · सातवाहन संस्थापक
सातवाहन वंश के संस्थापक कौन थे?
सिमुक — 1st शताब्दी ई.पू. में सातवाहन वंश की स्थापना की।
Q02 · गौतमीपुत्र
गौतमीपुत्र सातकर्णी ने किस शक शासक को पराजित किया?
नहपान — पश्चिमी क्षत्रप (शक) — नासिक अभिलेख में उल्लेख।
Q03 · सातवाहन मुद्राएँ
सातवाहनों द्वारा सबसे अधिक किस धातु की मुद्राएँ चलाई गईं?
सीसा (Lead) — सातवाहनों ने अधिकतर सीसा सिक्के चलाए — सस्ती धातु।
Q04 · संगम तीन राजा
संगम युग के तीन प्रमुख राजवंश (मुवेन्दर) कौन थे?
चेर, चोल, पांड्य — तमिलकम् के तीन शक्तिशाली राजवंश।
Q05 · चोल राजा
'कल्लणई' (कावेरी बाँध) का निर्माण किस चोल राजा ने करवाया?
करिकाल — प्राचीन चोल राजा — कावेरी पर बाँध (कल्लणई) — विश्व की प्राचीनतम बाँधों में से एक।
Q06 · पांड्य राजचिह्न
पांड्य राजवंश का राजचिह्न क्या था?
मछली (मीन) — पांड्यों का राजचिह्न — मदुरै (मीनाक्षी मन्दिर) में स्पष्ट।
Q07 · सातवाहन राजधानी
सातवाहनों की प्रमुख राजधानी कौन सी थी?
प्रतिष्ठान (पैठन) — महाराष्ट्र — दूसरी राजधानी अमरावती थी।
Q08 · पेरिप्लस
'पेरिप्लस ऑफ द एरिथ्रियन सी' किस भाषा में लिखा गया है?
ग्रीक — 1st शताब्दी ई. का यूनानी पाठ — भारत-रोम व्यापार का विवरण।
Q09 · सबसे बड़ा बंदरगाह
इंडो-रोमन व्यापार का सबसे महत्वपूर्ण बंदरगाह कौन सा था?
मुजिरिस (केरल) — काली मिर्च, मसालों का मुख्य निर्यात केंद्र — पेरिप्लस में प्रमुख उल्लेख।
Q10 · प्लिनी की शिकायत
रोमन लेखक प्लिनी ने किस समस्या की शिकायत की?
सोने का बहिर्वाह — भारत के पक्ष में व्यापार असंतुलन — प्रति वर्ष 100 मिलियन सेस्टरस।
Q11 · सातवाहन कर
सातवाहन काल में 'भाग' का क्या अर्थ था?
फसल का 1/6 भाग — भूमि राजस्व का प्रमुख हिस्सा — किसानों से लिया जाता था।
Q12 · संगम साहित्य
तमिल का प्राचीनतम व्याकरण ग्रन्थ कौन सा है?
तोलकाप्पियम् — तोलकाप्पियार द्वारा रचित — तमिल व्याकरण एवं काव्यशास्त्र।
Q13 · खारवेल
हाथीगुम्फा अभिलेख किस राजा से सम्बन्धित है?
खारवेल — कलिंग का चेदि वंशी राजा — 2nd शताब्दी ई.पू. — विजय, दान, निर्माण का वर्णन।
Q14 · चेर राजा सेंगुट्टुवन
चेर राजा सेंगुट्टुवन किस उद्देश्य से हिमालय गए?
कनक (लक्ष्मी) की मूर्ति लाने — 'पथित्रुप्पत्तु' में वर्णन — सांगम कालीन वीरता का प्रतीक।
Q15 · वसिष्ठिपुत्र पुलुमावी
वसिष्ठिपुत्र पुलुमावी के सिक्कों पर किसका चित्रण है?
जहाज — सातवाहनों के समुद्री व्यापार एवं नौसेना शक्ति का प्रमाण।
Q16 · नासिक अभिलेख
नासिक अभिलेख किसने उत्कीर्ण कराया?
गौतमी बालश्री (गौतमीपुत्र सातकर्णी की माँ) — उनकी विजय एवं वंशावली का वर्णन।
Q17 · संगम साहित्य — अकनानूरु
'अकनानूरु' किस विषय पर केंद्रित है?
प्रेम (अकम) — आंतरिक, रोमांटिक विषय — संगम साहित्य की प्रमुख शाखा।
Q18 · चोल राजचिह्न
चोल राजवंश का राजचिह्न क्या था?
बाघ — चोलों का राजचिह्न — उनके सिक्कों एवं अभिलेखों में पाया जाता है।
Q19 · सातवाहनों का पतन
सातवाहन साम्राज्य का अंत किसके द्वारा हुआ?
रुद्रदामन (शक) — 2nd-3rd शताब्दी में सातवाहनों को पराजित किया, साम्राज्य का पतन हुआ।
Q20 · अश्वमेध यज्ञ
नानाघाट अभिलेख में किस यज्ञ का वर्णन है?
अश्वमेध — सातकर्णी I ने यह यज्ञ किया — ब्राह्मण धर्म के प्रति उनका लगाव।
Q21 · शिलप्पदिकारम्
'शिलप्पदिकारम्' का मुख्य पात्र कौन है?
कोवलन एवं कन्नगी — तमिल साहित्य के प्रसिद्ध प्रेमी-युगल — न्याय और धर्म की कहानी।
Q22 · तिरुक्कुरल
'तिरुक्कुरल' में कितने अध्याय हैं?
133 अध्याय — 1330 दोहे — 3 खंड (नीति, अर्थ, काम) — 38 अध्याय प्रत्येक में।
Q23 · कोर्कै बंदरगाह
कोर्कै बंदरगाह किस वस्तु के लिए प्रसिद्ध था?
मोती — मन्नार की खाड़ी (तमिलनाडु) — कोर्कै मोती-व्यापार का मुख्य केंद्र था।
Q24 · सातवाहन — श्रेणियाँ
सातवाहन काल में 'श्रेणियाँ' का क्या कार्य था?
व्यापार एवं कारीगर संघ (Guilds) — उत्पादन, गुणवत्ता, व्यापार का नियंत्रण।
Q25 · संगम युग — तीन संगम
तृतीय संगम कहाँ हुआ और किसके संरक्षण में?
मदुरै — पांड्य — तृतीय संगम सबसे प्रसिद्ध — एट्टुतोकै, पट्टुप्पट्टु की रचना इसी में हुई।
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अध्याय 15 · 10 Mnemonics
10 स्मरण सूत्र — Post-Mauryan & Sangam
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प्रमुख सातवाहन शासक (कालक्रम)
सि-क-सा-गौ-व-य = सिमुक → कृष्ण → सातकर्णी → गौतमीपुत्र → वसिष्ठिपुत्र → यज्ञश्री
Trick: “सिक सा गौ व य”
Simuka → Krishna → Satakarni → Gautamiputra → Vasishthiputra → Yajnasri
⚜️
संगम राजवंश — 3 (मुवेन्दर)
च-च-प = चेर → चोल → पांड्य
Trick: “चचप” (चचप) — इन तीनों का नाम याद रखें
Cheras → Cholas → Pandyas
प्रमुख बंदरगाह — 4 (पश्चिम-पूर्व)
भ-मु-अ-को = भड़ौच → मुजिरिस → अरिकमेडु → कोर्कै
Trick: “भमु अको”
Barygaza → Muziris → Arikamedu → Korkai
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निर्यात वस्तुएँ — 5 प्रमुख
क-म-मो-ह-र = काली मिर्च → मलमल → मोती → हाथीदाँत → रत्न
Trick: “कम मोहर”
Pepper → Muslin → Pearls → Ivory → Gems
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संगम साहित्य — 5 प्रमुख कृतियाँ
तो-अ-प-श-म = तोलकाप्पियम् → अकनानूरु → पुरनानूरु → शिलप्पदिकारम् → मणिमेखलई
Trick: “तो अप श म”
Tolkappiyam → Akananuru → Purananuru → Silappadikaram → Manimekalai
🏛️
सातवाहन अभिलेख — 3 प्रमुख
ना-ना-हा = नासिक → नानाघाट → हाथीगुम्फा
Trick: “नाना हा”
Nasik → Nanaghat → Hathigumpha
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सातवाहन प्रशासनिक पद
अ-से-म-ग्रा = अमात्य → सेनापति → महाराज → ग्रामिक
Trick: “असे मग्रा”
Amātya → Senapati → Mahārāja → Grāmika
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तीन संगम (स्थान-संरक्षक)
म-क-म (प) = मदुरै (प्रथम) → कपाटपुरम (द्वितीय) → मदुरै (तृतीय) — सभी पांड्य संरक्षण में
Trick: “मकम प”
Madurai → Kapatapuram → Madurai (under Pandyas)
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सातवाहन मुद्राएँ (धातु)
सी-चा-चाँ = सीसा → ताँबा → चाँदी (महत्व के क्रम में)
Trick: “सीचाचाँ”
Lead → Copper → Silver
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सातवाहन कर — 3 प्रकार
ब-भ-का = बलि → भाग → कर
Trick: “बभका”
Bali → Bhaga → Kara
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अध्याय 16 · Complete Timeline
Post-Mauryan & Sangam — सम्पूर्ण समयरेखा
200 ई.पू. से 300 ई. तक · सातवाहन · संगम · व्यापार · साहित्य
समयरेखा — महत्वपूर्ण घटनाएँ
185 ई.पू.
मौर्य साम्राज्य का पतन — बृहद्रथ की हत्या (पुष्यमित्र शुंग)।
1st शताब्दी ई.पू.
सिमुक — सातवाहन वंश की स्थापना (आंध्र/दक्कन में)।
1st शताब्दी ई.पू.
सातकर्णी I — अश्वमेध यज्ञ — नानाघाट अभिलेख।
106–130 ई.
गौतमीपुत्र सातकर्णी — शक नहपान को पराजित किया — नासिक अभिलेख — सातवाहनों का स्वर्ण युग।
130–159 ई.
वसिष्ठिपुत्र पुलुमावी — मुद्राओं पर जहाज — समुद्री व्यापार का चरम।
170–190 ई.
यज्ञश्री सातकर्णी — अंतिम महान शासक — शकों पर पुनः विजय।
220–250 ई.
रुद्रदामन (शक) द्वारा सातवाहन साम्राज्य का अंत — पतन।
300 ई. के आसपास
संगम युग का अंत — तीन राजवंश (चेर, चोल, पांड्य) कमजोर हो गए।
पहली-तीसरी शताब्दी
इंडो-रोमन व्यापार — मुजिरिस, अरिकमेडु — पेरिप्लस, प्लिनी का वर्णन — सोने का बहिर्वाह।
संगम साहित्य
तोलकाप्पियम् (व्याकरण), एट्टुतोकै, पट्टुप्पट्टु, शिलप्पदिकारम् — तमिल साहित्य का स्वर्ण युग।
Post-Mauryan & Sangam Age — सम्पूर्ण नोट्स · Complete Notes · 16 अध्याय · 25 MCQ · 15 PYQ · 10 Mnemonics · 2025
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