विश्व इतिहास के प्रमुख कथन | Famous Statements in World History
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विश्व इतिहास के प्रमुख कथन Famous Statements and Slogans of World History

एथेंस की अदालत से बर्लिन की दीवार तक — वे वाक्य जिन्होंने युग की दिशा तय की। हर प्रविष्टि तीन सूचनाएँ देती है: कथन का भाव, कहने वाला, और वह संदर्भ जिसके बिना कथन अधूरा है।

1789 ई.स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व — फ्रांसीसी क्रांति
1848 ई."दुनिया के मज़दूरो, एक हो" — घोषणापत्र
1917 ई."शांति, भूमि एवं रोटी" — लेनिन
1946 ई."लौह-आवरण" — चर्चिल, फुल्टन भाषण

01प्राचीन एवं मध्यकालीन विश्व Ancient and Medieval World

प्राचीन विश्व के कथन प्रायः दर्शन या सैन्य इतिहास से आते हैं। इनमें से अधिकांश हम तक बाद के लेखकों — प्लेटो, प्लूटार्क, सुएटोनियस — के माध्यम से पहुँचे हैं, इसलिए ये "अनुश्रुत कथन" हैं, शब्दशः अभिलेख नहीं।

कथन का भावकहने वालासंदर्भ
अपने आप को जानोडेल्फ़ी का मंदिर · सुकरात द्वारा अपनायायूनानी दर्शन का मूल सूत्र; आत्म-परीक्षण की परंपरा।
अपरीक्षित जीवन जीने योग्य नहींसुकरात399 ई.पू., एथेंस की अदालत में अपने बचाव में — प्लेटो की अपोलॉजी से।
मनुष्य स्वभाव से एक राजनीतिक प्राणी हैअरस्तू · पॉलिटिक्सराज्य को स्वाभाविक संस्था मानने का आधार।
जब तक दार्शनिक शासक न बनें, राज्य में न्याय संभव नहींप्लेटो · रिपब्लिकदार्शनिक-राजा की अवधारणा।
मनुष्य सभी वस्तुओं का मापदंड हैप्रोटागोरससोफ़िस्ट परंपरा; सापेक्षतावाद का आरंभिक सूत्र।
पासा फेंका जा चुका हैजूलियस सीज़र49 ई.पू., रुबिकॉन नदी पार करते समय — गृहयुद्ध की अपरिवर्तनीय शुरुआत।
मैं आया, मैंने देखा, मैंने जीत लियाजूलियस सीज़र47 ई.पू., ज़ेला के युद्ध के बाद रोमन सीनेट को भेजा संक्षिप्त संदेश।
तुम भी, ब्रूटस?सीज़र से आरोपित44 ई.पू. की हत्या; लोकप्रिय रूप शेक्सपियर से आया — ऐतिहासिक प्रामाणिकता संदिग्ध।
जो स्वयं पर नहीं चाहते, वह दूसरों के साथ न करेंकन्फ़्यूशियसचीनी नैतिक दर्शन का केन्द्रीय सूत्र — भाव-अनुवाद।
कोई भी स्वतंत्र व्यक्ति विधि की उचित प्रक्रिया के बिना बंदी नहीं बनाया जाएगामैग्ना कार्टा (1215)राजा जॉन एवं बैरनों के बीच; विधि के शासन का आरंभ-बिंदु।
राजवंशों का उत्थान-पतन सामूहिक एकजुटता (असबिय्या) पर निर्भर हैइब्न ख़ल्दून · मुक़द्दमा (1377)इतिहास-दर्शन एवं समाजशास्त्र का अग्रदूत।

तालिका दाएँ-बाएँ स्क्रॉल की जा सकती है।

02पुनर्जागरण, धर्मसुधार एवं वैज्ञानिक क्रांति Renaissance, Reformation, Scientific Revolution

इस युग के कथन एक ही दिशा में संकेत करते हैं — सत्ता चाहे राजा की हो या चर्च की, उसे अब प्रमाण देना होगा। यही आधुनिक विश्व की जड़ है।

कथन का भावकहने वालासंदर्भ
शासक के लिए डर का पात्र होना प्रेम का पात्र होने से अधिक सुरक्षित हैनिकोलो मैकियावेली · द प्रिंस (1513)राजनीति को नैतिकता से अलग करने वाला प्रथम आधुनिक ग्रंथ।
साध्य साधन को उचित ठहराता हैमैकियावेली से आरोपितयह वाक्य द प्रिंस में इसी रूप में नहीं है — यह उनके तर्क का लोकप्रिय सार है।
यहीं मैं खड़ा हूँ, मैं और कुछ नहीं कर सकतामार्टिन लूथर1521, वर्म्स की डाइट में मत वापस लेने से इनकार — आरोपण परंपरागत।
95 थीसिस — क्षमा-पत्रों (indulgences) का विरोधमार्टिन लूथर1517, विटेनबर्ग; धर्मसुधार आंदोलन का प्रारंभ।
पृथ्वी नहीं, सूर्य केन्द्र में हैनिकोलस कोपरनिकसDe Revolutionibus (1543); सूर्यकेन्द्रित सिद्धांत।
फिर भी यह घूमती हैगैलीलियो से आरोपित1633 में मत-त्याग के बाद कही मानी जाती है; समकालीन प्रमाण नहीं — किंवदंती।
ज्ञान ही शक्ति हैफ़्रांसिस बेकनआगमनात्मक (inductive) वैज्ञानिक पद्धति के प्रवर्तक।
मैं सोचता हूँ, इसलिए मैं हूँरेने देकार्त1637; संदेह से निश्चय तक — आधुनिक दर्शन का आरंभ-बिंदु।
मैंने दूर तक इसलिए देखा क्योंकि मैं दिग्गजों के कंधों पर खड़ा थाआइज़क न्यूटन1675, हुक को पत्र — वैज्ञानिक परंपरा की संचयी प्रकृति।
मनुष्य ही सृष्टि का केन्द्र हैमानवतावादी चिंतन का सारपिको देला मिरांडोला की Oration on the Dignity of Man इसका प्रतिनिधि ग्रंथ है।

03प्रबोधन एवं अमेरिकी क्रांति Enlightenment and the American Revolution

मनुष्य स्वतंत्र जन्मा है, फिर भी वह सर्वत्र बेड़ियों में है।

ज्याँ-जाक रूसो · सामाजिक संविदा (1762) — भाव-अनुवाद
कथन का भावकहने वालासंदर्भ
मनुष्य स्वतंत्र जन्मा है, पर सर्वत्र बेड़ियों में हैरूसो · सामाजिक संविदालोकप्रिय संप्रभुता एवं "सामान्य इच्छा" का सिद्धांत।
प्रकृति की ओर लौटोरूसो से आरोपितउनके चिंतन का सार; इन शब्दों में उन्होंने नहीं लिखा।
शक्तियों का पृथक्करण ही स्वतंत्रता की रक्षा करता हैमॉन्टेस्क्यू · Spirit of the Laws (1748)अमेरिकी एवं अनेक आधुनिक संविधानों का आधार।
मैं तुम्हारी बात से असहमत हूँ, पर उसे कहने के अधिकार की रक्षा करूँगावॉल्टेयर को आरोपितवास्तव में यह वाक्य उनकी जीवनीकार एवलिन बीट्रिस हॉल ने लिखा था।
यदि ईश्वर न होता तो उसका आविष्कार करना पड़तावॉल्टेयरदेववाद (deism) एवं संगठित धर्म की आलोचना।
सरकार शासितों की सहमति से ही वैध होती हैजॉन लॉकप्राकृतिक अधिकार — जीवन, स्वतंत्रता एवं सम्पत्ति।
बिना प्रतिनिधित्व के कराधान अत्याचार हैअमेरिकी उपनिवेशवासियों का नारा1765 स्टाम्प एक्ट के विरोध में; क्रांति का केन्द्रीय तर्क।
मुझे स्वतंत्रता दो या मृत्यु दोपैट्रिक हेनरी1775, वर्जीनिया कन्वेंशन।
सभी मनुष्य समान बनाए गए हैंअमेरिकी स्वतंत्रता घोषणा (1776)प्रारूपकार थॉमस जेफ़रसन; प्रबोधन-दर्शन का राजनीतिक रूपांतरण।
जनता की, जनता के द्वारा, जनता के लिए सरकारअब्राहम लिंकन1863, गेटिसबर्ग संबोधन; लोकतंत्र की सर्वाधिक उद्धृत परिभाषा।
आधा दास, आधा स्वतंत्र रहकर यह राष्ट्र टिक नहीं सकताअब्राहम लिंकन1858, "House Divided" भाषण — भाव-अनुवाद।

04फ्रांसीसी क्रांति एवं नेपोलियन French Revolution and Napoleon

कथनकहने वालासंदर्भ
स्वतंत्रता, समता, बंधुत्वफ्रांसीसी क्रांति का उद्घोष1789; आज फ्रांस का राष्ट्रीय आदर्श-वाक्य।
मैं ही राज्य हूँलुई चौदहवाँ से आरोपितनिरंकुश राजतंत्र का प्रतीक-वाक्य; प्रामाणिकता विवादित।
मेरे बाद जल-प्रलय आएलुई पंद्रहवाँ (या मादाम द पोम्पादूर) से आरोपितबूर्बों शासन की गैर-ज़िम्मेदारी का प्रतीक।
यदि रोटी नहीं है तो केक खा लेंमैरी एंटोइनेट को आरोपितनिराधार — यह कथन रूसो के लेखन में उनसे वर्षों पहले मिलता है।
तृतीय एस्टेट ही सब कुछ है, अब तक वह कुछ भी नहीं थाअब्बे सीयेसपुस्तिका What is the Third Estate? (1789)।
राष्ट्र की संप्रभुता जनता में निहित हैमानव एवं नागरिक अधिकार घोषणा26 अगस्त 1789; क्रांति का वैधानिक दस्तावेज़।
क्रांति अपनी ही संतानों को खा जाती हैज़ॉर्ज दांतों से आरोपितआतंक-राज (1793–94) का सार; दांतों स्वयं गिलोटिन पर चढ़े।
आतंक न्याय का ही त्वरित एवं कठोर रूप हैमैक्समिलियन रोब्सपियरआतंक-राज का सैद्धांतिक औचित्य — भाव-अनुवाद।
मेरे शब्दकोश में "असंभव" शब्द नहीं हैनेपोलियन बोनापार्टपरंपरागत रूप से आरोपित; उनकी इच्छाशक्ति का प्रतीक।
मैं ही क्रांति हूँनेपोलियन बोनापार्टस्वयं को क्रांति का उत्तराधिकारी एवं समापक दोनों घोषित करना।
इंग्लैण्ड दुकानदारों का राष्ट्र हैनेपोलियन (मूल विचार एडम स्मिथ का)महाद्वीपीय व्यवस्था (Continental System) का तर्क।
स्पेन का नासूर मुझे खा गयानेपोलियनप्रायद्वीपीय युद्ध (1808–14) को अपनी सबसे बड़ी भूल बताया।

परीक्षा-सूत्र: इस काल के कई "प्रसिद्ध कथन" वास्तव में बाद की गढ़ी हुई किंवदंतियाँ हैं। मैरी एंटोइनेट वाला वाक्य विशेष रूप से पूछा जाता है — उत्तर में "आरोपित, ऐतिहासिक रूप से निराधार" लिखना अधिक शुद्ध है।

05औद्योगिक क्रांति एवं समाजवाद Industrial Revolution and Socialism

दुनिया के मज़दूरो, एक हो — तुम्हारे पास खोने के लिए अपनी बेड़ियों के सिवा कुछ नहीं।

कार्ल मार्क्स एवं फ़्रेडरिक एंगेल्स · कम्युनिस्ट घोषणापत्र (1848) — भाव-अनुवाद
कथन का भावकहने वालासंदर्भ
अब तक का समस्त इतिहास वर्ग-संघर्ष का इतिहास हैमार्क्स-एंगेल्स · घोषणापत्र1848; ऐतिहासिक भौतिकवाद का प्रारंभिक सूत्र।
यूरोप में एक भूत मँडरा रहा है — साम्यवाद का भूतमार्क्स-एंगेल्स · घोषणापत्रघोषणापत्र की प्रसिद्ध आरंभिक पंक्ति — भाव-अनुवाद।
धर्म जनता की अफ़ीम हैकार्ल मार्क्स1844; धर्म को पीड़ा की अभिव्यक्ति एवं सांत्वना दोनों बताया।
प्रत्येक से उसकी क्षमता के अनुसार, प्रत्येक को उसकी आवश्यकता के अनुसारकार्ल मार्क्सगोथा कार्यक्रम की आलोचना (1875); साम्यवादी अवस्था का सूत्र।
दार्शनिकों ने विश्व की व्याख्या की है, प्रश्न उसे बदलने का हैकार्ल मार्क्सफ़ायरबाख पर थीसिस — भाव-अनुवाद।
सम्पत्ति चोरी हैप्येर-ज़ोज़फ़ प्रूधों1840; अराजकतावादी परंपरा का प्रसिद्ध सूत्र।
अधिकतम लोगों का अधिकतम सुखजेरेमी बेंथमउपयोगितावाद; ब्रिटिश सुधार एवं भारतीय प्रशासन दोनों पर प्रभाव।
समाजवाद क्रमिक एवं संवैधानिक मार्ग से आएगाफ़ेबियन समाजवादी1884, फ़ेबियन सोसाइटी; क्रांति के बजाय सुधार।
पूँजीवाद अपने भीतर ही अपने विनाश के बीज बोता हैकार्ल मार्क्स · दास कैपिटलआंतरिक अंतर्विरोध का सिद्धांत — भाव-अनुवाद।
श्रम-दिवस आठ घंटे का होशिकागो श्रमिक आंदोलन1886, हेमार्केट घटना; मई दिवस (1 मई) की पृष्ठभूमि।

06राष्ट्रवाद एवं एकीकरण Nationalism and Unification

कथनकहने वालासंदर्भ
जब फ़्रांस छींकता है, तो सारा यूरोप ज़ुकाम से पीड़ित हो जाता हैप्रिंस मेटरनिखफ्रांसीसी क्रांति के यूरोपव्यापी प्रभाव पर।
इटली केवल एक भौगोलिक अभिव्यक्ति हैप्रिंस मेटरनिख1847; इटली की राष्ट्रीय एकता को नकारने वाला कथन।
युग की बड़ी समस्याएँ भाषणों से नहीं, रक्त एवं लौह से हल होंगीऑटो वॉन बिस्मार्क1862, प्रशा की संसद में — जर्मन एकीकरण की नीति।
राजनीति संभव का विज्ञान हैऑटो वॉन बिस्मार्कयथार्थ-राजनीति (Realpolitik) का सार।
तुर्की यूरोप का मरीज़ हैज़ार निकोलस प्रथम1853; ऑटोमन साम्राज्य के क्षय एवं पूर्वी प्रश्न पर।
मैं तुम्हें भूख, प्यास, कठिनाई एवं मृत्यु के सिवा कुछ नहीं दे सकताज्यूसेपे गैरीबाल्डीअपने स्वयंसेवकों को संबोधन — भाव-अनुवाद।
इटली का मस्तिष्क, हृदय एवं तलवारप्रचलित वर्गीकरणमस्तिष्क — कैवूर; हृदय — मैत्सिनी; तलवार — गैरीबाल्डी।
राष्ट्र ईश्वर की योजना हैज्यूसेपे मैत्सिनी"यंग इटली" (1831); रूमानी राष्ट्रवाद।
हमें भी सूर्य के नीचे स्थान चाहिएजर्मन साम्राज्यवादी नीति (कैसर विलियम द्वितीय काल)औपनिवेशिक हिस्सेदारी की माँग; विश्व-नीति (Weltpolitik)।
गोरे व्यक्ति का भाररुडयार्ड किपलिंग1899; साम्राज्यवाद को "सभ्यता के दायित्व" के रूप में प्रस्तुत करना।

07साम्राज्यवाद, प्रथम विश्वयुद्ध एवं रूसी क्रांति Imperialism, WWI and the Russian Revolution

कथन का भावकहने वालासंदर्भ
सारे यूरोप में दीपक बुझ रहे हैं; हम उन्हें अपने जीवनकाल में फिर जलते नहीं देखेंगेसर एडवर्ड ग्रेअगस्त 1914, युद्ध की पूर्वसंध्या पर — भाव-अनुवाद।
यह युद्ध सभी युद्धों को समाप्त कर देने वाला युद्ध हैएच.जी. वेल्स1914; बाद में यही वाक्य विडंबना का प्रतीक बन गया।
साम्राज्यवाद पूँजीवाद की सर्वोच्च अवस्था हैव्लादिमीर लेनिन1916; युद्ध की आर्थिक व्याख्या।
शांति, भूमि एवं रोटीव्लादिमीर लेनिन1917, अप्रैल थीसिस एवं बोल्शेविक क्रांति का केन्द्रीय नारा।
सारी सत्ता सोवियतों कोबोल्शेविक नारा1917; अस्थायी सरकार के विरुद्ध।
साम्यवाद अर्थात् सोवियत सत्ता तथा सम्पूर्ण देश का विद्युतीकरणव्लादिमीर लेनिन1920; तकनीकी आधुनिकीकरण पर बल — भाव-अनुवाद।
चौदह सूत्र — खुली संधियाँ एवं आत्मनिर्णय का अधिकारवुड्रो विल्सनजनवरी 1918; राष्ट्रसंघ (League of Nations) का आधार।
यह शांति नहीं, बीस वर्ष का युद्धविराम हैमार्शल फ़र्दिनांद फ़ॉश1919, वर्साय संधि पर टिप्पणी — 1939 में सत्य सिद्ध हुई।
वर्साय संधि एक "आरोपित शांति" (डिक्टेटेड पीस) थीजर्मन प्रतिक्रियायुद्ध-अपराध धारा (Article 231) से उपजा राष्ट्रीय आक्रोश।
राष्ट्रसंघ बिना दाँत वाला संगठन सिद्ध हुआसमकालीन आलोचनाअमेरिका की अनुपस्थिति एवं सामूहिक सुरक्षा की विफलता।

08द्वितीय विश्वयुद्ध एवं शीतयुद्ध WWII and the Cold War

मेरे पास देने को रक्त, श्रम, आँसू और पसीने के सिवा कुछ नहीं है।

विंस्टन चर्चिल · हाउस ऑफ़ कॉमन्स, 13 मई 1940 — भाव-अनुवाद
कथन का भावकहने वालासंदर्भ
यह हमारे समय की शांति हैनेविल चेम्बरलेन1938, म्यूनिख समझौते के बाद — तुष्टीकरण नीति का प्रतीक-वाक्य।
रक्त, श्रम, आँसू एवं पसीनाविंस्टन चर्चिलमई 1940, प्रधानमंत्री बनने पर प्रथम भाषण।
इतने लोगों ने इतने थोड़े लोगों का इतना ऋण कभी नहीं चुकायाविंस्टन चर्चिल1940, ब्रिटेन का युद्ध — रॉयल एयर फ़ोर्स के पायलटों पर।
स्तेत्तिन से त्रिएस्ते तक महाद्वीप पर एक लौह-आवरण गिर चुका हैविंस्टन चर्चिलमार्च 1946, फुल्टन (मिसौरी) भाषण — शीतयुद्ध की घोषणा।
"शीत युद्ध" शब्द का प्रयोगबर्नार्ड बारूच (1947) · वाल्टर लिपमैन द्वारा प्रचलितअमेरिका-सोवियत तनाव के लिए; मूल विचार जॉर्ज ऑरवेल का।
अमेरिका स्वतंत्र जनता की सहायता करेगा जो सशस्त्र अल्पसंख्यकों के दबाव में हैंहैरी ट्रूमैन1947, ट्रूमैन सिद्धांत — नियंत्रण (containment) नीति।
मैं भी एक बर्लिनवासी हूँजॉन एफ़. केनेडी1963, पश्चिमी बर्लिन; दीवार के विरुद्ध एकजुटता।
इस दीवार को गिरा दीजिएरोनाल्ड रीगन1987, ब्रांडेनबर्ग गेट; गोर्बाचेव को संबोधित।
ग्लासनोस्त एवं पेरेस्त्रोइका — खुलापन एवं पुनर्संरचनामिखाइल गोर्बाचेव1985 से; सोवियत संघ के विघटन की प्रक्रिया।
यह "इतिहास का अंत" हैफ़्रांसिस फ़ुकुयामा1989–92; उदार लोकतंत्र की अंतिम विजय की घोषणा।
अब संघर्ष विचारधाराओं का नहीं, सभ्यताओं का होगासैमुअल हंटिंगटन1993; फ़ुकुयामा की थीसिस का प्रत्युत्तर।
स्मरण-सूत्र · शीतयुद्ध
  • लौह-आवरण = चर्चिल, फुल्टन 1946 · ट्रूमैन सिद्धांत = 1947 · मार्शल योजना = 1948 — तीनों क्रम से याद रखें।
  • "शीत युद्ध" पद — बारूच ने प्रयोग किया, वाल्टर लिपमैन ने लोकप्रिय बनाया।
  • केनेडी = बर्लिन दीवार बनने के बाद (1963) · रीगन = दीवार गिरने से पहले (1987) — दो अलग क्षण।
  • फ़ुकुयामा = इतिहास का अंत · हंटिंगटन = सभ्यताओं का संघर्ष — प्रायः एक-दूसरे से बदलकर पूछा जाता है।

09एशिया-अफ्रीका के जनांदोलन Movements of Asia and Africa

कथन का भावकहने वालासंदर्भ
राजनीतिक सत्ता बंदूक की नली से निकलती हैमाओ त्से-तुंग1938; सशस्त्र संघर्ष के माध्यम से क्रांति का सिद्धांत।
सौ फूल खिलने दो, सौ विचारधाराएँ प्रतिस्पर्धा करेंमाओ त्से-तुंग1956, "सौ फूल अभियान" — अल्पकालिक वैचारिक खुलापन।
तीन जन-सिद्धांत — राष्ट्रवाद, लोकतंत्र एवं जन-जीविकासुन यात-सेन1911 की चीनी क्रांति का वैचारिक आधार।
देश में शांति, विश्व में शांतिमुस्तफ़ा कमाल अतातुर्कआधुनिक तुर्की की विदेश-नीति का सूत्र।
स्वतंत्रता कभी उपहार में नहीं मिलती, उसे माँगना पड़ता हैक्वामे न्क्रूमा (घाना)अफ्रीकी उपनिवेश-मुक्ति का स्वर — भाव-अनुवाद।
परिवर्तन की आँधी पूरे अफ्रीकी महाद्वीप में बह रही हैहैरॉल्ड मैकमिलन1960, केपटाउन — "Wind of Change" भाषण; उपनिवेश-मुक्ति की स्वीकृति।
मेरा एक सपना हैमार्टिन लूथर किंग जूनियर28 अगस्त 1963, वाशिंगटन मार्च; नागरिक अधिकार आंदोलन।
यह वह आदर्श है जिसके लिए मैं मरने को तैयार हूँनेल्सन मंडेला1964, रिवोनिया मुक़दमा; रंगभेद-विरोधी संघर्ष — भाव-अनुवाद।
शिक्षा वह सबसे शक्तिशाली हथियार है जिससे संसार बदला जा सकता हैनेल्सन मंडेलास्वतंत्र दक्षिण अफ्रीका के पुनर्निर्माण पर — भाव-अनुवाद।
स्वतंत्रता एवं स्वाधीनता से बढ़कर कुछ भी मूल्यवान नहींहो ची मिन्हवियतनाम के स्वाधीनता संघर्ष का केन्द्रीय वाक्य।

10इतिहासकारों एवं चिंतकों के कथन Historians and Thinkers on History

विश्व इतिहास की परीक्षा में इतिहास-दर्शन से भी प्रश्न आते हैं। ये कथन प्रायः भारतीय इतिहासलेखन वाले खंड से जुड़कर पूछे जाते हैं, इसलिए दोनों को साथ दोहराएँ।

कथन का भावकहने वालानिहितार्थ
इतिहासकार बताए कि वास्तव में जैसा घटित हुआलियोपोल्ड फ़ॉन रांकेप्रत्यक्षवादी, स्रोत-आलोचना आधारित वैज्ञानिक इतिहास।
इतिहास इतिहासकार एवं तथ्यों के बीच अनवरत संवाद हैई.एच. कारतथ्य एवं व्याख्या अविभाज्य।
समस्त इतिहास समकालीन इतिहास हैबेनेदेत्तो क्रोचेवर्तमान की चिंता अतीत के प्रश्न तय करती है।
इतिहास अतीत के विचारों का पुनःअनुभवन हैआर.जी. कॉलिंगवुडइतिहास मूलतः विचार का इतिहास।
सभ्यताएँ "चुनौती एवं प्रत्युत्तर" से उठती और गिरती हैंअर्नाल्ड टॉयनबी · A Study of Historyचक्रीय सभ्यता-सिद्धांत।
सभ्यताएँ जीव की भाँति जन्म, यौवन एवं क्षय से गुज़रती हैंओसवाल्ड स्पेंगलर · Decline of the Westजैविक रूपक पर आधारित इतिहास-दर्शन।
इतिहास से हम केवल यही सीखते हैं कि हम इतिहास से कुछ नहीं सीखतेजॉर्ज विल्हेम फ़्रेडरिक हेगेलविडंबनात्मक टिप्पणी — भाव-अनुवाद।
जो अतीत को स्मरण नहीं रखते, वे उसे दोहराने के लिए अभिशप्त हैंजॉर्ज संतायनाइतिहास-बोध की व्यावहारिक उपयोगिता।
इतिहास मृतकों पर खेला गया एक छल हैवॉल्टेयर को आरोपितइतिहास-लेखन की व्याख्यात्मक प्रकृति पर व्यंग्य।
इतिहास मूलतः मानव-जाति के अपराधों एवं दुर्भाग्यों का लेखा हैएडवर्ड गिबनDecline and Fall of the Roman Empire — भाव-अनुवाद।
घटना नहीं, "दीर्घ अवधि" इतिहास की असली इकाई हैफ़र्नां ब्रॉदेल · अन्नाल्स स्कूलभूगोल एवं संरचना पर केन्द्रित इतिहास।
अब तक का समस्त इतिहास वर्ग-संघर्ष का इतिहास हैकार्ल मार्क्सऐतिहासिक भौतिकवाद।
परीक्षा-दृष्टि · भ्रम से बचें
  • हेगेल = "इतिहास से कुछ नहीं सीखते" · संतायना = "जो याद नहीं रखते, वे दोहराते हैं" — दोनों प्रायः बदलकर पूछे जाते हैं।
  • टॉयनबी = चुनौती एवं प्रत्युत्तर · स्पेंगलर = जैविक क्षय — दोनों चक्रीय हैं, पर रूपक अलग।
  • "साध्य साधन को उचित ठहराता है" मैकियावेली की पुस्तक में इन्हीं शब्दों में नहीं है — यह उनके तर्क का लोकप्रिय सार है।
  • वॉल्टेयर वाला अभिव्यक्ति-स्वतंत्रता का प्रसिद्ध वाक्य वास्तव में उनकी जीवनीकार एवलिन बीट्रिस हॉल का लिखा है।

11स्वयं जाँच Self Test — 15 Questions

प्रत्येक प्रश्न का एक ही प्रयास मिलेगा। अंक 0 / 15
विश्व इतिहास · प्रमुख कथन मॉड्यूल examcg.com
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