उत्तर- आपत्तियाँ और मूल्याँकन इन विद्वानों प्रमुख रूप से प्रायः निम्नलिखित आपत्तियाँ उठाई हैं –
1. सामाजिक घटनाएँ जटिल और निरन्तर परिवर्तनशील प्रकृति की होती है।
2. सामाजिक घटनाओं के अध्ययन में वैज्ञानिक तटस्थता सम्भव नहीं है।
3. समाजशास्त्र के पास प्रयोगशालाओं का अभाव है।
4. सामाजिक घटनाओं को मापने में कठिनाई होती है।
5. समाजशास्त्र यथार्थ विज्ञान नहीं है।
6. समाजशास्त्र भविष्यवाणी नहीं कर सकता।