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- 5
- 3
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Answer (Detailed Solution Below)
Option 1 : 9
Detailed Solution
सही उत्तर 9 है।
- अकबर के नवरत्न इस प्रकार थे: राजा बीरबल, तानसेन, अबुल फज़ल, फैजी, राजा मान सिंह, राजा टोडर मल, मुल्ला प्लाजा, फकीर अजीयाओ दीन, अब्दुल रहीम खान-ए-खाना।
Key Points
- तानसेन एक भारतीय संगीतकार और कवि थे जो हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की उत्तर भारतीय परंपरा में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति थे।
- रागों की उनकी प्रस्तुतियाँ, भावनाओं या प्रकृति का आह्वान करने के उद्देश्य से एक संगीत रूप, जानवरों को वश में करने और दिन को रात में बदलने के लिए कहा जाता था, जबकि उनकी आवाज़ एक शेर या एक पक्षी की चहक की दहाड़ को दोहरा सकती थी।
- उनका वास्तविक नाम रामतनु पांडे था।
- उन्हें उनकी ध्रुपद और राग रचनाओं और उनके मुखर प्रदर्शन के लिए बहुत सम्मानित किया गया था।
- तानसेन उन्हें ग्वालियर के राजा विक्रमजीत द्वारा दी गई उपाधि थी।
- अकबर ने तानसेन को कंठाभरण वाणीविलास की उपाधि दी।
Additional Information
- अकबर (1556 से 1605)
- अकबर तीसरा मुगल सम्राट (1556 से 1605) और हुमायूं का पुत्र था।
- हुमायूँ की मृत्यु के कारण अकबर मात्र 13 वर्ष की आयु में गद्दी पर बैठा।
- अकबर को विरासत में जो राज्य विरासत में मिला था, वह बैरम खान के शासन के तहत कमजोर जागीरों के संग्रह से थोड़ा अधिक था।
- अकबर ने मनसबदारी प्रणाली की शुरुआत की।
- अकबर के नवरत्न इस प्रकार थे: राजा बीरबल, तानसेन, अबुल फजल, फैजी, राजा मान सिंह, राजा टोडर मल, मुल्ला दो पियाजा, फकीर अजियाओ-दीन, अब्दुल रहीम खान-ए-खाना।
- अबुल फजल ने 1589 में अकबरनामा लिखना शुरू किया था।
- यह अकबर के शासनकाल का सबसे विस्तृत इतिहास है।
📜 इतिहास प्रश्न
अकबर के दरबार में नवरत्न
प्रश्न: अकबर के दरबार में प्रमुख संगीतकार तानसेन सहित कितने रत्न थे?
A
9
✔
B
5
✔
C
3
✔
D
7
✔
✅
विस्तृत व्याख्या
🔑 Key Points
सही उत्तर: 9 — अकबर के दरबार में कुल 9 रत्न (नवरत्न) थे, जिनमें प्रमुख संगीतकार तानसेन भी शामिल थे।
- तानसेन — हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के महान स्तंभ, इनका वास्तविक नाम रामतनु पांडे था।
- अकबर ने तानसेन को "कंठाभरण वाणीविलास" की उपाधि दी थी।
- तानसेन की राग रचनाएँ इतनी प्रभावशाली थीं कि कहा जाता है कि वे जानवरों को वश में कर सकते थे और दिन को रात में बदल सकते थे।
📚 Additional Information
अकबर (1556–1605): मुगल साम्राज्य का तीसरा सम्राट, हुमायूँ का पुत्र। मात्र 13 वर्ष की आयु में गद्दी पर बैठा।
अकबर के नवरत्न (9 रत्न):
- राजा बीरबल
- तानसेन
- अबुल फज़ल
- फैज़ी
- राजा मान सिंह
- राजा टोडर मल
- मुल्ला दो पियाजा
- फकीर अज़ियाओ-दीन
- अब्दुल रहीम खान-ए-खाना
📖 अबुल फज़ल ने 1589 में "अकबरनामा" लिखा, जो अकबर के शासनकाल का सबसे विस्तृत इतिहास है। अकबर ने मनसबदारी प्रणाली की शुरुआत की।
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