ऋग्वेद से उपनिषद् तक : आर्य, सप्त सिंधु, वर्ण व्यवस्था, यज्ञ एवं दर्शन — UPSC / PSC / NTA NET विशेष
| पहलू | प्रारंभिक वैदिक (1500-1000 ई.पू.) | उत्तर वैदिक (1000-600 ई.पू.) |
|---|---|---|
| क्षेत्र | सप्तसिंधु (पंजाब, सिंध) | गंगा-यमुना दोआब |
| प्रमुख ग्रंथ | ऋग्वेद | साम, यजुर, अथर्ववेद, ब्राह्मण, उपनिषद् |
| व्यवसाय | पशुपालन (गौओं का महत्व) | कृषि मुख्य, चावल का उपयोग |
| वर्ण व्यवस्था | शिथिल, जनजातीय | चार वर्ण (ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र) |
| उपनिषद् | विषय |
|---|---|
| बृहदारण्यक | आत्मा-ब्रह्म का ज्ञान, 'प्रज्ञानं ब्रह्म' |
| छांदोग्य | तत् त्वम् असि (That thou art) महावाक्य |
| ईशावास्य | जगत् ईश्वर का आवास है, त्याग का मार्ग |