# examcg.com > ultimate solution for study and exams ## Posts - [शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया, शिक्षण अधिगम विधियाँ](https://examcg.com/%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%a3-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%97%e0%a4%ae-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b6/): शिक्षण–अधिगम प्रक्रिया, शिक्षण अधिगम की व्यूह रचना एवं विधियाँ | Teaching-Learning Process, Tactics and Methods of Teaching-Learning शिक्षण (Teaching)● शिक्षण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा बालक के व्यवहार में वांछित परिवर्तन लाया जाता है।● शिक्षण वह प्रक्रिया है जिसमें क्रियाओं की संरचना व निष्पादन विद्यार्थी के व्यवहार में परिवर्तन के लिए किया जाता है। परिभाषा :-B.O. स्मिथ :- शिक्षण क्रियाओं की एक विधि है जो सीखने की उत्सुकता जाग्रत करती है। स्कीनर :- शिक्षण पुनर्बलन की आकस्मिकताओं का क्रम है। गेज :- शिक्षण का उद्देश्य दूसरों के व्यवहार में वांछित परिवर्तन लाना है। इसमें पारस्परिक प्रभाव शक्ति होती है जिसमें दूसरों के व्यावहारिक क्षमता के विकास - [छत्तीसगढ़ के क्षेत्रीय राजवंश](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b0/): छत्तीसगढ़ के क्षेत्रीय राजवंश | Chhattisgarh Ke Kshetriya Rajvansh छत्तीसगढ़ के क्षेत्रीय/स्थानीय राजवंश : आधुनिक छत्तीसगढ़ प्राचीनकाल में दक्षिण कोसल के नाम से जाना जाता था। प्राचीन धार्मिक ग्रंथों में दक्षिण कोसल के शासकों का नाम वर्णित है। छत्तीसगढ़ भू-भाग किसी समय सभ्यता एवं संस्कृति का पुनीत केन्द्र था, इस बात का प्रमाण यहाँ की विभिन्न गुफाओं, शैलचित्रों एवं पाषाण युगीन प्राप्त शवाधोना आदि से मिलता है। प्राचीन इतिहास के आधार पर यहाँ जिन वंशों के शासकों ने शासन किया उनमें से कुछ वंश निम्नलिखित हैं – बस्तर का नलवंश- छत्तीसगढ़ में कुछ क्षेत्रीय राजवंशों ने भी शासन किया, उसमें से - [छत्तीसगढ़ के प्रमुख लोक नृत्य](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4-4-2-2-2/): छत्तीसगढ़ के प्रमुख लोक नृत्य | Chhattisgarh Ke Lok Nritya छत्तीसगढ़ के प्रमुख लोक नृत्य : लोक नृत्य छत्तीसगढ़ के निवासियों की अपनी जातीय परंपरा एवं संस्कृति का परिचायक है। छत्तीसगढ़ के अनेक लोकगीतों में से कुछ गीतों का संबंध नृत्य से है। करमा, डंडा और सुआ गीत नृत्य के योग से सजीव हो उठते हैं यह नृत्य छत्तीसगढ़ के लोगों के जीवन से घुल मिल गए हैं। इन नृत्यों में कुछ नृत्य पुरुष के द्वारा तथा कुछ नृत्य स्त्रियों के द्वारा किए, तो कुछ छत्तीसगढ़ी नृत्य स्त्री-पुरुषों दोनों के द्वारा किए जाते हैं। कुछ नृत्य जाति विशेष के द्वारा किए - [छत्तीसगढ़ के प्रमुख लोक गीत](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4-4-2-2/): छत्तीसगढ़ के प्रमुख लोक गीत (Chhattisgarh Ke Lok Geet) लोक गीत : किसी क्षेत्र विशेष में लोक संस्कृति के विकास हेतु लोकगीत/लोकगीतों का प्रमुख योगदान होता है। इन गीतों का कोई लिपिबद्ध संग्रह नहीं होता, यही कारण है कि इनकी तुलना वेदों से की जाती है जो श्रुति पर आधारित रहते हैं। लोकगीतों के लिपिबद्ध होने से उनकी मौलिकता नष्ट हो जाती है साथ ही समयानुसार परिवर्तनशीलता का गुण भी नष्ट हो जाता है। लोकगीतों की मौलिकता ही उनकी विशेषता होती है। हृदय की गहराईयों से निकलने के कारण इनमें कृत्रिमता का अभाव होता है। लोकगीतों का जन्म जीवन के अनुभवों - [छत्तीसगढ़ के प्रमुख लोक गाथा, कथाएं एवं लोक नाट्य](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4-4-2/): छत्तीसगढ़ के प्रमुख लोक गाथा, कथाएं एवं लोक नाट्य | Folk Tales And Folk Drama of Chhattisgarh छत्तीसगढ़ के लोक संस्कृति में सृष्टि के रहस्यों से लेकर प्राचीन तत्त्वों एवं भावनाओं के दर्शन होते रहे हैं। अलौकिकता, रहस्य, रोमांच इसकी रोचकता को बढ़ाते हैं। लोककथाएँ, लोकमानस की मूल भावना के रूप को स्थूल प्रतीकों के माध्यम से अभिव्यक्त करती रही है, वहीं लोकनाट्य छत्तीसगढ़ के पौराणिक, सामाजिक और सांस्कृतिक रूप को प्रत्यक्ष प्रदर्शित करती है। छत्तीसगढ़ के प्रमुख लोक गाथा/कथाएं : भरथरी यह छत्तीसगढ़ के प्रमुख लोककथा गायन है। इसमें मुख्यतः राजा भरथरी और रानी पिंगला के वियोग गाथा का वर्णन - [सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा अंतर्राष्ट्रीय समसामयिकी - पेपर I](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80-8/): सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा अंतर्राष्ट्रीय समसामयिकी – पेपर I सिविल सेवा परीक्षा 2019 1-वैश्विक प्रतियोगित्व रिपोर्ट (ग्लोबल कम्पिटिटिवनेस रिपोर्ट) कौन प्रकाशित करता है? अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष संयुक्त राष्ट्र व्यापार एवं विकास सम्मेलन (यूनाइटेड नेशंस कॉन्फ्रेंस ऑन ट्रेड एंड डेवलप्मेंट) विश्व आर्थिक मंच (वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम) विश्व बैंक 2-निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः भ्रष्टाचार के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन [यूनाइटेड नेशंस कन्वेंशन अगेंस्ट करप्शन (UNCAC)] का ‘भूमि, समुद्र और वायुमार्ग से प्रवासियों की तस्करी के विरुद्ध एक प्रोटोकॉल’ होता है। UNCAC अब तक का सबसे पहला विधितः बाध्यकारी सार्वभौम भ्रष्टाचार-निरोधी लिखत है। राष्ट्र-पार संगठित अपराध के विरुद्ध संयुक्त राष्ट्र कन्वेंशन [यूनाइटेड नेशंस - [सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा राष्ट्रीय समसामयिकी - पेपर I](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80-7/): सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा राष्ट्रीय समसामयिकी – पेपर I सिविल सेवा परीक्षा 2019 1-अटल नवप्रवर्तन (इनोवेशन) मिशन किसके अधीन स्थापित किया गया है? विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग श्रम एवं रोजगार मंत्रलय नीति आयोग कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रलय 2-हाल ही में भारत ने निम्नलिखित में से किस देश के साथ ‘नाभिकीय क्षेत्र में सहयोग क्षेत्रें के प्राथमिकीकरण और कार्यान्वयन हेतु कार्य योजना’ नामक सौदे पर हस्ताक्षर किया है? जापान रूस यूनाइटेड किंगडम संयुक्त राज्य अमेरिका 3- मनोरंजन हेतु डिजिटल प्रौद्योगिकियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः संवर्धित वास्तविकता [ऑगमेंटेड रिएलिटि (AR)] में एक छद्म वातावरण सृजित हो जाता है और भौतिक - [सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा सामाजिक एवं आर्थिक विकास - पेपर I](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80-6/): सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा सामाजिक एवं आर्थिक विकास – पेपर I सिविल सेवा परीक्षा 2019 1-किसी दिए गए वर्ष में भारत में कुछ राज्यों में आधिकारिक गरीबी रेखाएं अन्य राज्यों की तुलना में उच्चतर हैं, क्योंकि गरीबी की दर अलग-अलग राज्य में अलग-अलग होती है कीमत-स्तर अलग-अलग राज्य में अलग-अलग होता है सकल राज्य उत्पाद अलग-अलग राज्य में अलग-अलग होता है सार्वजनिक वितरण की गुणता अलग-अलग राज्य में अलग-अलग होती है 2-मातृत्व लाभ (संशोधन) अधिनियम, 2017 के संबंध में, निम्नलिखित में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? गर्भवती महिलाएं, प्रसव-पूर्व तीन महीने और प्रसवोत्तर तीन महीने के लिए सवेतन अवकाश की हकदार - [सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी - पेपर I](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80-5/): सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी – पेपर I सिविल सेवा परीक्षा 2019 1. निम्नलिखित में से किसका/किनका मापन/आंकलन करने के लिए उपग्रह चित्रें/सुदूर संवेदी आंकड़ों का इस्तेमाल किया जाता है? किसी विशेष स्थान की वनस्पति में पर्णहरित का अंश किसी विशेष स्थान के धान के खेतों से ग्रीनहाउस गैस का उत्सर्जन किसी विशेष स्थान का भूपृष्ठ तापमान नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए। केवल 1 केवल 2 और 3 केवल 3 1, 2 और 3 2. विज्ञान में हुए अभिनव विकासों के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा एक कथन सही नहीं है? विभिन्न जातियों - [सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा भारत की राजव्यवस्था - पेपर I](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80-4/): सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा भारत की राजव्यवस्था – पेपर I सिविल सेवा परीक्षा 2019 1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः भारत के संविधान के 44वें संशोधन द्वारा लाए गए एक अनुच्छेद ने प्रधानमंत्री के निर्वाचन को न्यायिक पुनर्विलोकन के परे कर दिया। भारत के संविधान के 99वें संशोधन को भारत के उच्चतम न्यायालय ने अभिखंडित कर दिया, क्योंकि यह न्यायपालिका की स्वतंत्रता का अतिक्रमण करता था। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? केवल 1 केवल 2 1 और 2 दोनों न तो 1ए न ही 2 2. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः न्यायाधीश (जांच) अधिनियम, 1968 के अनुसार, भारत के उच्चतम - [सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा भारतीय अर्थव्यवस्था - पेपर I](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80-3/): सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा भारतीय अर्थव्यवस्था – पेपर I सिविल सेवा परीक्षा 2019 1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः भारत सरकार द्वारा कोयला क्षेत्र का राष्ट्रीयकरण इंदिरा गांधी के कार्यकाल में किया गया था। वर्तमान में, कोयला खंडों का आबंटन लॉटरी के आधार पर किया जाता है। भारत हाल के समय तक घरेलू आपूर्ति की कमी को पूरा करने के लिए कोयले का आयात करता था, किन्तु अब भारत कोयला उत्पादन में आत्मनिर्भर है। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? केवल 1 केवल 2 और 3 केवल 3 1, 2 और 3 2. स्वतंत्र भारत में भूमि सुधारों के संदर्भ - [सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा पर्यावरण एवं पारिस्थतिकी - पेपर I](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80-2-2/): सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा पर्यावरण एवं पारिस्थतिकी – पेपर I सिविल सेवा परीक्षा 2019 1-निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः कृषि मृदाएँ पर्यावरण में नाइट्रोजन के ऑक्साइड निर्मुक्त करती हैं। मवेशी पर्यावरण में अमोनिया निर्मुक्त करते हैं। कुक्कुट उद्योग पर्यावरण में अभिक्रियाशील नाइट्रोजन यौगिक निर्मुक्त करते हैं। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं? केवल 1 और 3 केवल 2 और 3 केवल 2 1, 2 और 3 2-सार्वजनिक परिवहन में बसों के लिए ईंधन के रूप में हाइड्रोजन संवर्धित CNG (H-CNG) का इस्तेमाल करने के प्रस्तावों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः H-CNG के इस्तेमाल का मुख्य लाभ कार्बन - [सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा भारत का इतिहास - पेपर I](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80-2/): सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा भारत का इतिहास – पेपर I सिविल सेवा परीक्षा 2019 1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः दिल्ली सल्तनत के राजस्व प्रशासन में राजस्व वसूली के प्रभारी को ‘आमिल’ कहा जाता था। दिल्ली के सुल्तानों की इक्ता प्रणाली एक प्राचीन देशी संस्था थी। ‘मीर बख्शी’ का पद दिल्ली के खलजी सुल्तानों के शासनकाल में अस्तित्व में आया। उपर्युक्त में से कौन-सा कथन सही हैं? केवल 1 केवल 1 और 2 केवल 3 1, 2 और 3 2. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिएः संत निम्कार्ब, अकबर के समकालीन थे। संत कबीर, शेख अहमद सरहिंदी से अत्यधिक प्रभावित थे। उपर्युक्त में - [सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा भूगोल - पेपर I](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80/): सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा भूगोल – पेपर I सिविल सेवा परीक्षा 2019 1-अलियार, इसापुर और कंगसाबती जैसे ज्ञात स्थानों में क्या समानता है? हाल ही में खोजे गए यूरेनियम निक्षेप उष्णकटिबंधीय वर्षावन भूमिगत गुफा तंत्र जल भंडार 2-मेघाच्छादित रात में ओस की बूंदे क्यों नहीं बनतीं? भू-पृष्ठ से निर्मुक्त विकिरण को बादल अवशोषित कर लेते हैं। पृथ्वी के विकिरण को बादल वापस परावर्तित कर देते हैं। मेघाच्छादित रातों में भूपृष्ठ का तापमान कम होता है। बादल बहते हुए पवन को भूमितल की ओर विक्षेपित कर देते हैं। 3-निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिएः सागर सागर से लगा हुआ देश 1-ऐड्रिऐटिक सागर अल्बानिया - [हिमाचल प्रशासनिक संयुक्त प्रतियोगी प्रारंभिक परीक्षा 2017](https://examcg.com/%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a4%b2-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4/): हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक संयुक्त प्रतियोगी प्रारंभिक परीक्षा (हिमाचल प्रदेश पीसीएस – PCS) की परीक्षा आयोग द्वारा वर्ष 2017 में आयोजित की गयी थी। इसी हिमाचल PCS परीक्षा के द्वितीय प्रश्नपत्र अभिवृत्ति परिक्षण (Aptitude Test) का पूर्ण प्रश्नपत्र हिंदी भाषा में उत्तर कुंजी सहित (exam paper with answer key) यहाँ दिया गया है।पोस्ट :— हिमाचल प्रशासनिक संयुक्त प्रतियोगी प्रारंभिक परीक्षा (Himachal Administrative Service Combined Pre-Exam)प्रश्न पत्र :— द्वितीय “अभिवृत्ति परिक्षण (Aptitude Test)”, द्वितीय प्रश्न पत्र यहाँ उपलब्ध है।परीक्षा आयोजक :— हिमाचल लोक सेवा आयोग (HPPSC)परीक्षा तिथि :— 25/06/2017कुल प्रश्न :— 100हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग प्रारंभिक - [हिमाचल प्रदेश PCS 2013 PRE– पेपर 1 (सामान्य अध्ययन)](https://examcg.com/%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a4%b2-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-pcs-2013-pre-%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%aa%e0%a4%b0-1-%e0%a4%b8%e0%a4%be/): हिमाचल PCS 2013 – पेपर 1 (सामान्य अध्ययन) हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक संयुक्त प्रतियोगी प्रारंभिक परीक्षा (हिमाचल प्रदेश पीसीएस – PCS) की परीक्षा आयोग द्वारा वर्ष 2013 में आयोजित की गयी थी। इसी हिमाचल PCS परीक्षा के प्रथम प्रश्नपत्र सामान्य अध्ययन (General Studies) का पूर्ण प्रश्नपत्र हिंदी भाषा में उत्तर कुंजी सहित (exam paper with answer key) यहाँ दिया गया है। पोस्ट :— हिमाचल प्रशासनिक संयुक्त प्रतियोगी प्रारंभिक परीक्षा (Himachal Administrative Service Combined Pre-Exam)प्रश्न पत्र :— “सामान्य अध्ययन (General Studies)”, द्वितीय प्रश्न पत्र यहाँ उपलब्ध है।परीक्षा आयोजक :— हिमाचल लोक सेवा आयोग (HPPSC)परीक्षा तिथि :— 16/06/2013कुल प्रश्न :— 100पूर्णाक :— 200 हिमाचल PCS 2013 – (सामान्य अध्ययन) पेपर 1 सामान्य अध्ययन हमीरपुर जिले - [हिमाचल प्रदेश PCS 2011 PRE– पेपर 1 (सामान्य अध्ययन)](https://examcg.com/%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a4%b2-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-pcs-2011-pre-%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%aa%e0%a4%b0-1-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%be/): हिमाचल प्रदेश PCS 2011 PRE पेपर 1 (सामान्य अध्ययन) हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक संयुक्त प्रतियोगी प्रारंभिक परीक्षा (हिमाचल प्रदेश पीसीएस – PCS) की परीक्षा आयोग द्वारा वर्ष 2011 में आयोजित की गयी थी। इसी हिमाचल PCS परीक्षा के प्रथम प्रश्नपत्र सामान्य अध्ययन (General Studies) का पूर्ण प्रश्नपत्र हिंदी भाषा में उत्तर कुंजी सहित (exam paper with answer key) यहाँ दिया गया है। पोस्ट :— हिमाचल प्रशासनिक संयुक्त प्रतियोगी प्रारंभिक परीक्षा (Himachal Administrative Service Combined Pre-Exam)प्रश्न पत्र :— “सामान्य अध्ययन (General Studies)”, द्वितीय प्रश्न पत्र यहाँ उपलब्ध है।परीक्षा आयोजक :— हिमाचल लोक सेवा आयोग (HPPSC)कुल प्रश्न :— 100पूर्णाक :— 200 हिमाचल PCS 2011 – (सामान्य अध्ययन) पेपर 1 सामान्य अध्ययन रावी नदी का - [हिमाचल प्रदेश PCS 2011 PRE– पेपर 2 (अभिवृत्ति परीक्षण)](https://examcg.com/%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a4%b2-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-pcs-2011-pre-%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%aa%e0%a4%b0-2-%e0%a4%85%e0%a4%ad%e0%a4%bf/): हिमाचल PCS 2011 – पेपर 2 (अभिवृत्ति परिक्षण) हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक संयुक्त प्रतियोगी प्रारंभिक परीक्षा (हिमाचल प्रदेश पीसीएस – PCS) की परीक्षा आयोग द्वारा वर्ष 2011 में आयोजित की गयी थी। इसी हिमाचल PCS परीक्षा के द्वितीय प्रश्नपत्र अभिवृत्ति परिक्षण (Aptitude Test) का पूर्ण प्रश्नपत्र हिंदी भाषा में उत्तर कुंजी सहित (exam paper with answer key) यहाँ दिया गया है।पोस्ट :— हिमाचल प्रशासनिक संयुक्त प्रतियोगी प्रारंभिक परीक्षा (Himachal Administrative Service Combined Pre-Exam)प्रश्न पत्र :— “अभिवृत्ति परिक्षण (Aptitude Test)”, प्रथम प्रश्न पत्र यहाँ उपलब्ध है।परीक्षा आयोजक :— हिमाचल लोक सेवा आयोग (HPPSC)कुल प्रश्न :— 100पूर्णाक :— - [हिमाचल प्रदेश PCS 2010 PRE– पेपर 1 (सामान्य अध्ययन)](https://examcg.com/%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a4%b2-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-pcs-2010-pre-%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%aa%e0%a4%b0-1-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae/): हिमाचल प्रदेश PCS 2010 – पेपर 1 (सामान्य अध्ययन) हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक संयुक्त प्रतियोगी प्रारंभिक परीक्षा (हिमाचल प्रदेश पीसीएस – PCS) की परीक्षा आयोग द्वारा वर्ष 2010 में आयोजित की गयी थी। इसी हिमाचल PCS परीक्षा के प्रथम प्रश्नपत्र सामान्य अध्ययन (General Studies) का पूर्ण प्रश्नपत्र हिंदी भाषा में उत्तर कुंजी सहित (exam paper with answer key) यहाँ दिया गया है। पोस्ट :— हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक संयुक्त प्रतियोगी प्रारंभिक परीक्षा (Himachal Administrative Service Combined Pre-Exam)प्रश्न पत्र :— “सामान्य अध्ययन (General Studies)”, द्वितीय प्रश्न पत्र यहाँ उपलब्ध है।परीक्षा आयोजक :— हिमाचल लोक सेवा आयोग (HPPSC)कुल प्रश्न :— 100पूर्णाक :— 200 हिमाचल PCS 2010 – (सामान्य अध्ययन) पेपर 1 सामान्य अध्ययन कार्बन डाइऑक्साइड इन्फ्रारेड - [हिमाचल प्रदेश PCS 2010 PRE– पेपर 2 (अभिवृत्ति परीक्षण)](https://examcg.com/%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a4%b2-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-pcs-2010-pre-%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%aa%e0%a4%b0-2-%e0%a4%85%e0%a4%ad%e0%a4%bf/): हिमाचल PCS 2010 – पेपर 2 (अभिवृत्ति परिक्षण) हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक संयुक्त प्रतियोगी प्रारंभिक परीक्षा (हिमाचल प्रदेश पीसीएस – PCS) की परीक्षा आयोग द्वारा वर्ष 2010 में आयोजित की गयी थी। हिमाचल PCS परीक्षा के द्वितीय प्रश्नपत्र अभिवृत्ति परिक्षण (Aptitude Test) का पूर्ण प्रश्नपत्र हिंदी भाषा में उत्तर कुंजी सहित (exam paper with answer key) यहाँ दिया गया है।पोस्ट :— हिमाचल प्रशासनिक संयुक्त प्रतियोगी प्रारंभिक परीक्षा (Himachal Administrative Service Combined Pre-Exam)प्रश्न पत्र :— “अभिवृत्ति परिक्षण (Aptitude Test)”परीक्षा आयोजक :— हिमाचल लोक सेवा आयोग (HPPSC)कुल प्रश्न :— 100पूर्णाक :— 200 हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग प्रारंभिक - [प्राचीन भारतीय साहित्य](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%87-2/): प्राचीन भारतीय साहित्य वेदांग, सूत्र तथा स्मृति साहित्य वेदों को सही ढंग से समझने के लिये वेदांगों की रचना हुई। इनकी संख्या कुल छ: है-शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छंद तथा ज्योतिष। ये सभी गद्य में लिखे गए हैं। कल्प का अर्थ है- कर्मकांड अर्थात् विधि, नियम। इसके तीन भाग हैं: (i) श्रौत सूत्र (600 ई. पूर्व से 300 ई. पूर्व) (ii) गृह्य सूत्र (600 ई. पूर्व से 300 ई. पूर्व) (iii) धर्म सूत्र (500 ई. पूर्व से 200 ई. पूर्व) धर्मसूत्र से सामाजिक व्यवस्था, जैसे- वर्णाश्रम, पुरुषार्थ आदि की जानकारी मिलती है। धर्मसूत्र के प्रणेता स्रोत आपस्तम्ब माने जाते हैं। प्रमुख - [आईएएस परीक्षा पाठ्यक्रम इतिहास (वैकल्पिक विषय)](https://examcg.com/%e0%a4%86%e0%a4%88%e0%a4%8f%e0%a4%8f%e0%a4%b8-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae/): आईएएस परीक्षा पाठ्यक्रम इतिहास (वैकल्पिक विषय)  इतिहास (वैकल्पिक विषय) मुख्य परीक्षा के लिए इतिहास के पाठ्यक्रम में दो पत्र हैंI पेपर 1 में प्रारंभिक प्राचीन इतिहास से  अठारहवीं शताब्दी तक कवर किया जाता है। पेपर 2 यूरोपीय प्रवेश से भारत में शुरू होता है और 1990 में सोवियत संघ के विघटन के लिए पूरे आधुनिक भारतीय इतिहास को कवर करता है। पेपर 1 में 24 parts हैं, जबकि पेपर II के 27 parts हैं। दिए गए इतिहास  पाठ्यक्रम I और II का विस्तृत वर्णन है: पेपर – I स्रोत: पुरातत्व स्रोत – अन्वेषण, उत्खनन, शिलालेख, सिक्कावाद, स्मारक साहित्यिक स्रोत:स्वदेशी: प्राथमिक और माध्यमिक; कविता, वैज्ञानिक साहित्य, साहित्य, क्षेत्रीय भाषाओं में - [सामंतवाद क्या है – विशेषताएं, उदय के कारण एवं परिणाम](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%87%e0%a4%b7%e0%a4%a4/): सामंतवाद क्या है – विशेषताएं, उदय के कारण एवं परिणाम सामंतवाद क्या है : सामंतवाद क्या है, सामंतवाद की विशेषताएं, सामंतवाद के उदय के कारण एवं परिणाम, सामंतवाद के गुण और दोष, सामंतवाद का पतन कब आरंभ हुआ, सामंतवाद के पतन के कारणों का वर्णन कीजिए, यूरोप में सामंतवाद के पतन के कारण, व्यापार व सामंतवाद के पतन पर पॉल स्वीजी का दृष्टिकोण क्या है , सामंतवाद के पतन संबंधी प्रमुख विवाद का वर्णन कीजिए, सामंतवाद के पतन में पूंजीवाद की भूमिका की व्याख्या करो आदि प्रश्नों के उत्तर यहाँ दिए गए हैं। सामंतवाद क्या है जिस शासन व्यवस्था में राज्य - [औद्योगिक क्रांति - कारण एवं परिणाम](https://examcg.com/%e0%a4%94%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%8f%e0%a4%b5/): औद्योगिक क्रांति – कारण एवं परिणाम औद्योगिक क्रांति 18वीं से 19वीं शताब्दी तक की अवधि थी, जिसमें कृषि, विनिर्माण, खनन, परिवहन और प्रौद्योगिकी में बड़े बदलावों ने उस समय की सामाजिक-आर्थिक और सांस्कृतिक स्थितियों पर गहरा प्रभाव डाला। इसकी शुरुआत ब्रिटेन में हुई और फिर यह पूरे पश्चिमी यूरोप और संयुक्त राज्य अमेरिका में फैल गई। यह विषय यूपीएससी परीक्षा के लिए प्रासंगिक है । यह जीएस मेन्स पेपर 1 पाठ्यक्रम में विश्व इतिहास विषय का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।  examcg.com सभी सरकारी परीक्षा के उम्मीदवारों के लिए आदर्श मंच है। यूपीएससी सीएसई कोचिंग भारत के सर्वश्रेष्ठ शिक्षकों से नोट्स और लाइव कक्षाएं प्रदान करती है। यूपीएससी - [अमेरिकी क्रांति, कारण एवं प्रभाव](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%8f%e0%a4%b5%e0%a4%82/): Table of Contents अमेरिकी क्रांति, कारण, प्रभाव, समयरेखा, यूपीएससी नोट्स अमेरिकी क्रांति एक राजनीतिक उथल-पुथल थी जो 1765 और 1783 के बीच हुई थी। अमेरिकी क्रांति, कारण, प्रभाव, यूपीएससी नोट्स, लड़ाई, वर्षों के बारे में यहाँ और जानें अमेरिकी क्रांति 1763 अमेरिकी क्रांति 1763 और 1783 के बीच  हुई एक महत्वपूर्ण घटना थी।  इसने  ब्रिटिश शासन के खिलाफ 13 अमेरिकी उपनिवेशों के संघर्ष को चिह्नित किया , जिसके परिणामस्वरूप अंततः  एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में संयुक्त राज्य अमेरिका की स्थापना हुई  । क्रांति राजनीतिक, आर्थिक और वैचारिक कारकों के संयोजन से प्रेरित थी, जो स्वतंत्रता और आत्मनिर्णय की उत्कट इच्छा - [यूरोप में धर्मसुधार आंदोलन](https://examcg.com/%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%aa-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a7%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%86%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8b/): यूरोप में धर्मसुधार आंदोलन (The Reformation Movement in Europe) 16वीं शताब्दी के आरंभ तक समस्त पश्चिमी यूरोप धार्मिक दृष्टि से एक था- सभी ईसाई थे, सभी रोमन कैथलिक चर्च के सदस्य थे, उसकी परंपरगत शिक्षा मानते थे और धार्मिक मामलों में उसके अध्यक्ष अर्थात् रोम के पोप का शासन स्वीकार करते थे। किंतु 16वीं शताब्दी के दूसरे दशक में यूरोप में जिस सुधार-आंदोलन प्रवर्तन हुआ, वह शीघ्र ही चर्च की परंपरागत शिक्षा और पोप के अधिकार, दोनों का विरोध करने लगा। दूसरे शब्दों में, 16वीं शताब्दी में चर्च और पोप के भ्रष्ट-तंत्र के विरूद्ध इंग्लैंड और यूरोप में जो आंदोलन हुआ, - [द्वितीय विश्वयुद्ध 1939-1945 के कारण, स्वरूप और परिणाम](https://examcg.com/%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-1939-1945-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%95/): द्वितीय विश्वयुद्ध 1939-1945 के कारण, स्वरूप और परिणाम (Second World War 1939-45)  द्वितीय विश्वयुद्ध: 1939-1945 प्रस्तावना द्वितीय विश्व युद्ध के क्या कारण रहे ? वर्साय की अपमानजनक संधि तानाशाही शक्तियों का उदय साम्राज्यवादी प्रवृत्ति यूरोपीय गुटबंदी हथियार बंदी की होड़ विश्व आर्थिक मंदी का प्रभाव म्यूनिख समझौता क्या था ? राष्ट्र संघ की विफलता तत्कालीन कारण द्वितीय विश्वयुद्ध का उत्तरदायित्व युद्ध का आरंभ द्वितीय विश्वयुद्ध के निम्नलिखित परिणाम हुए धन-जन का भीषण संघार औपनिवेशिक युग का अंत फासीवादी शक्तियों का सफाया इंग्लैंड की स्थिति का कमजोर पड़ना सोवियत संघ और अमेरिका की शक्ति में वृद्धि साम्यवाद का तेजी से प्रसार विश्व - [प्रथम विश्व युद्ध (1914-18) के कारण, स्वरूप और परिणाम](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a5%e0%a4%ae-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-1914-18-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0/): प्रथम विश्व युद्ध (1914-18) के कारण, स्वरूप और परिणाम (First World War 1914-18) प्रथम विश्वयुद्ध (1914-18) प्रस्तावना प्रथम विश्वयुद्ध, विश्व स्तर पर लड़ा जाने वाला प्रथम प्रलयंकारी युद्ध था. इसमें विश्व के लगभग सभी प्रभावशाली राष्ट्रों ने भाग लिया. यह युद्ध मित्र राष्ट्रों (इंग्लैंड, फ्रांस, रूस, संयुक्त राज्य अमेरिका, इटली, रूमानिया तथा उनके सहयोगी राष्ट्रों) और केंद्रीय शक्तियों (जर्मनी, ऑस्ट्रिया – हंगरी, तुर्की, बुल्गारिया इत्यादि) के बीच हुआ. प्रथम विश्वयुद्ध में मित्र राष्ट्रों की विजय और केंद्रीय शक्तियों की पराजय हुई. प्रथम विश्व युद्ध के कारण प्रथम विश्व युद्ध के कारणों को बेहतर ढंग से समझने के लिए , हमने आसान संदर्भ के लिए - [फ्रांसीसी क्रांति, कारण, प्रमुख घटनाएं, प्रभाव](https://examcg.com/%e0%a4%ab%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%aa/): फ्रांसीसी क्रांति, कारण, प्रमुख घटनाएं, प्रभाव विषयसूची फ़्रांसीसी क्रांति 1789 क्रांति की पूर्व संध्या पर फ्रांस फ्रांसीसी क्रांति के कारण फ़्रांसीसी क्रांति का प्रकोप फ़्रांसीसी क्रांति के बाद की प्रमुख घटनाएँ फ़्रांसीसी क्रांति के प्रभाव फ़्रांसीसी क्रांति 1789 1789 से 1799 तक फैली फ्रांसीसी क्रांति एक क्रांतिकारी आंदोलन था जिसने फ्रांस और दुनिया को काफी प्रभावित किया। राजशाही, कुलीन वर्ग और पादरी वर्ग द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली घोर असमानताओं और निरंकुश सत्ता के कारण गरीब जनता और पूंजीपतियों के बीच व्यापक असंतोष से प्रेरित होकर , इस क्रांति ने सामाजिक-राजनीतिक प्रतिमानों में एक बड़ा बदलाव किया। इस क्रांति में राजशाही का पतन , राजनीतिक परिदृश्य में आमूल-चूल परिवर्तन और नेपोलियन बोनापार्ट - [पुनर्जागरण - विशेषताएँ, कारण एवं प्रभाव](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%87%e0%a4%b7%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%8f%e0%a4%81-%e0%a4%95%e0%a4%be/): पुनर्जागरण – विशेषताएँ पुनर्जागरण क्या है? पुनर्जागरण की विशेषताएँ पुनर्जागरण के महत्वपूर्ण विचारक पुनर्जागरण का प्रभाव प्रबोधन पुनर्जागरण अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न 14वीं से 16वीं शताब्दी तक फैला पुनर्जागरण और 17वीं से 18वीं शताब्दी तक का ज्ञानोदय यूरोप में परिवर्तनकारी काल था। पुनर्जागरण, जिसका फ्रेंच में अर्थ पुनर्जन्म है , महत्वपूर्ण सांस्कृतिक, कलात्मक और बौद्धिक विकास का समय था, जिसमें दांते, सिसेरो , शेक्सपियर, मोजार्ट, दा विंची और कोपरनिकस जैसे दिग्गज शामिल थे। यह साहित्य, वास्तुकला, मानवतावाद और वैश्विक अर्थव्यवस्था में प्रगति द्वारा चिह्नित था। ज्ञानोदय की उत्पत्ति का पता पुनर्जागरण के मानवतावाद, व्यक्तिवाद और धार्मिक सिद्धांत से परे ज्ञान की खोज पर जोर देने से लगाया जा सकता है जिसने पारंपरिक - [विश्व का इतिहास सामान्य ज्ञान World History GK](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%9c/): विश्व का इतिहास सामान्य ज्ञान World History GK Vishv ka itihas gk in hindi 1. पुनर्जागरण पुनर्जागरण का अर्थ होता है- फिर से जागना। नये युग के अवतरण की सूचना देने वाले पुनर्जागरण आंदोलन का आरंभ 15वीं शताब्दी में हुआ।पुनर्जागरण का प्रारंभ इटली के फ्लोरेंस नगर से माना जाता है। इटली के महान कवि दाँते (1260-1321 ई.) को पुनर्जागरण का अग्रदूत माना जाता है। दांते | का जन्म फ्लोरेंस नगर में हुआ था। दांते के उपरांत पुनर्जागरण की भावना का प्रसार करने वाला दूसरा व्यक्ति पेट्रॉक (1304-1367 ई.) था। मानवतावाद का संस्थापक पेट्रॉक भी इटली का निवासी था। इटालियन गद्य का - [प्राचीन भारतीय इतिहास के स्रोत सामान्य ज्ञान Sources of Ancient Indian History](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%87/): प्राचीन भारतीय इतिहास के स्रोत सामान्य ज्ञान Sources of Ancient Indian History Prachin Bharatiya iItihas Ke Pramukh Srot Gk Question Answer in Hindi  प्राचीन भारतीय इतिहास के स्रोत प्रश्नोत्तरी (UPSC/IAS, IPS, PSC,Vyapam, Bank, Railway, police एवं अन्य सभी प्रतियोगिता परीक्षाओं के लिए उपयोगी है )  Q. प्राचीन भारतीय इतिहास के विभिन्न स्रोतों का वर्णन कीजिए ?  Ans: हमें प्राचीन इतिहास के विषय में जानकारी मुख्यत: चार स्रोतों से प्राप्त होती है। जो इस प्रकार है धार्मिक ग्रन्थ लौकिक/धर्मनिरपेक्ष साहित्य पुरातात्विक साक्ष्य और विदेशियों का विवरण धार्मिक ग्रन्थ प्राचीन समय से ही भारत एक धर्म प्रधान देश रहा है। यहाँ प्राय: तीन धार्मिक धाराएँ- वैदिक, बौद्ध एवं जैन धर्म प्रवाहित हुई। वैदिक धर्मग्रन्थ को ब्राह्मण धर्मग्रन्थ - [छत्तीसगढ़ विशिष्ट परिचय](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a4%a5%e0%a4%be-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4-2/): छत्तीसगढ़ विशिष्ट परिचय 1) छ.ग.धान का कटोरा कहलाता है। कारण है इसकी भौतिक संरचना और आदिकाल से यहाँ धान की खेती 2) हर्बल राज्य की संज्ञा दी गई है। 3) ऊर्जा राज्य कहलाता है।उर्जा के प्रचुर संसाधन के कारण 4) छ.ग. भारत देश का एक मात्र सरप्लस विद्युत् राज्य है। 5) एक मात्र विद्युत् कटौती विहीन राज्य दिसंबर 2007 6) भारत का तीसरा सर्वाधिक् वन क्षेत्र वाला राज्य है। 7) यहाँ वन भैसों की संख्या सर्वाधिक है। 8) बैलाडीला विश्व का सबसे बड़ा लौह अयस्क निक्षेप है। 10) भिलाई इस्पात संयंत्र एशिया का सबसे बड़ा संयंत्र है। 11) सीताबेंगरा की गुफा - [छत्तीसगढ़ का इतिहास - छत्तीसगढ़ में आदिवासी/जनजातीय विद्रोह](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4-4/): छत्तीसगढ़ में आदिवासी/जनजातीय विद्रोह छत्तीसगढ़ में प्रथम आदिवासी/जनजातीय विद्रोह हल्बा विद्रोह ( 1774 ई. ) अजमेर सिंह की नेतृत्व में हुआ था। छत्तीसगढ़ में मुख्यतः आदिवासी/जनजातीय विद्रोह बस्तर में हुए। आधुनिक भारत के इतिहास में स्वतंत्रता संग्राम की सुरुवात 1857से माना जाता है परंतु बस्तर में 32 वर्ष पूर्व 1825 ई. में नारायणपुर तहसील के परलकोट के जमींदार गेंद सिंह ने अंग्रेजो और मराठो के खिलाफ विद्रोह किया था जिसे परलकोट विद्रोह के नाम से जाना जाता है और इसके बाद छत्तीसगढ़ में अनेक विद्रोह हुए। छत्तीसगढ़ में आदिवासी/जनजातीय विद्रोह:   हल्बा विद्रोह( 1774 ई. ) • नेतृत्व- अजमेर सिंह• शासक- दरियावदेव• उद्देश्य – उत्तराधिकार हेतु• विशेष – - [छत्तीसगढ़ सीमा तथा विस्तार](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a4%a5%e0%a4%be-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4/): छत्तीसगढ़ सीमा तथा विस्तार छत्तीसगढ़ राज्य 17.46° उत्तरी अक्षांश से 24.5° उत्तरी अक्षांश तथा 80.15° पूर्वी देशांतर से 84.24° पूर्वी देशांतर के बीच स्थित है। क्षेत्रफल: 135,192 वर्ग किलोमीटर (2011 की गणना के अनुसार)। शासकीय आंकड़ों में छ.ग.राज्य  का क्षेत्रफल में देश में 9 वाँ स्थान है। छ.ग.राज्य देश के दक्कन पठार से लगा हुआ है। यह प्रायद्वीपीय पठार का हिस्सा है। राज्य की आकृति सी-हॉर्स (समुद्री-घोड़ा) के समान है। यह भू आवेष्ठित प्रदेश है। जिसका कोई समुद्री तट नही है। इसकी सीमा किसी दुसरे देश की सीमा से नहीं लगती। इसकी सीमा 7 राज्यों को छूती है। उत्तरप्रदेश, झारखण्ड, उड़ीसा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र एवं - [छत्तीसगढ़ का इतिहास - छत्तीसगढ़ का नामकरण](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4-3/): छत्तीसगढ़ का नामकरण छत्तीसगढ़ का नामकरण कब और कैसे हुआ इस सन्दर्भ में सुस्पष्ट जानकारी का अभाव है। इसके नामकरण में अलग-अलग मत प्रचलित है। 1) जरासंध के काल में 36 चर्मकार परिवारों ने जरासंध के राज्य से पृथक हो कर इस क्षेत्र में नए राज्य की स्थापना की जो छत्तीस घर कहलाये बाद में जो छत्तीसगढ़ बना।2) हीरा लाल के अनुसार कलचुरी जो चेदि वंश के भी कहलाते थे के नाम पे यह क्षेत्र चेदिस्गढ़ कहलाया बाद में यही नाम छत्तीसगढ़ हो गया।3) छत्तीसगढ़ का नामकरण यहाँ स्थापित 36 गढ़ों या किलों के नाम पर हुआ है। एक मान्यता के - [यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा 2025 के लिए समाचार में आने वाली प्रजातियों की पूरी सूची](https://examcg.com/%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%b8%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95-3/): यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा 2025 के लिए समाचार में आने वाली प्रजातियों की पूरी सूची संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की प्रारंभिक परीक्षा भारत की सबसे प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में से एक है और इसके लिए पर्यावरण और पारिस्थितिक मुद्दों सहित विभिन्न विषयों की गहन समझ आवश्यक है। उम्मीदवारों को जिन आवश्यक क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए उनमें से एक है समाचारों में प्रजातियाँ। इस खंड में उन प्रजातियों को शामिल किया गया है जो संरक्षण प्रयासों, नई खोजों, सरकारी नीतियों, पर्यावरणीय मुद्दों और पारिस्थितिक महत्व के कारण समाचारों में रही हैं। UPSC प्रारंभिक परीक्षा 2025 के निकट आते ही, यह ब्लॉग  समाचारों - [छत्तीसगढ़ का इतिहास - सिंधु घाटी सभ्यता](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a7/): सिंधु घाटी सभ्यता और छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ में सिंधु घाटी की सभ्य‍ता के समय के जीवन के पुरातात्विक प्रमाण नहीं मिले है, यद्यपि कुछ लोगों का ऐसा मानना है कि जब सिंधु घाटी की सभ्यता समापन की ओर थी, उस समय सरस्वती नदी में भयंकर बाढ़ आई थी, जिसके कारण वहां के लोग दक्षिण की ओर चले गए थे. उनमें से कुछ शायद छत्तीसगढ़ में आकर बसे होंगे. महानदी के किनारे प्रचीन बंदरगाह के कुछ प्रमाण मिले हैं जिससे लगता है कि उस समय महानदी में नौ परिवहन होता होगा, जो सिंधु घाटी की सभ्यता की याद दिलाता है. पौराणिक संदर्भ – पौराणिक - [छत्‍तीसगढ़ का इतिहास - प्रागैतिहासिक काल](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0/): छत्‍तीसगढ़ का इतिहास – प्रागैतिहासिक काल प्रागैतिहासिक काल का अर्थ है इतिहास से भी पहले का समय. प्रागैतिहासिक काल के कोई लिखित प्रमाण नहीं हैं. उस समय के मानव के व्दारा उपयोग किए गए औजारों, हथियारों और गुफाओं में प्राप्त शैल चित्रों से ही हम उस समय के मानव के जीवन का अनुमान लगा सकते हैं. प्रागैतिहासिक काल को पाषाण काल ताम्र काल और लौह काल में विभाजित किया जा सकता है. पाषाण काल पाषाण काल में मानव केवल पत्थर के औज़ारों एवं हथियारों का उपयोग करता था. इसके बाद मानव में धातु को खोज निकाला. सबसे पहले ताम्र का उपयोग - [छत्तीसगढ़ का इतिहास - मराठा काल](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a0/): छत्तीसगढ़ का इतिहास – मराठा काल छत्तीसगढ़ में मराठों का आगमन सन् 1741 में हुआ. उस समय मराठा साम्राज्य की बागडोर, छत्रपति शाहूजी महाराज के हाथों में थी. बाजीराव पेशवा के पुत्र बालाजी बाजीराव उनके पेशवा थे. सन् 1739 में चाँद सुल्तान की मृत्यु के बाद राघोजी राव भोसले ने मराठों की ओर से नागपुर पर कब्जा कर लिया. राघोजी राव भोसले मूलतः सातारा जिले के देउर ग्राम के थे. वे छत्रपति शाहू महाराज के सेनापति थे. सन् 1741 ई. में भोसला सेनापति भास्कर पंत ने रतनपुर राज्य पर आक्रमण किया. उस समय रघुनाथसिंह रतनपुर के शासक थे. वे 60 वर्ष - [छत्तीसगढ़ का इतिहास - कलचुरी काल](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a4%b2%e0%a4%9a%e0%a5%81/): छत्तीसगढ़ कल्चुरी काल का इतिहास | Chhattisgarh history of Kalchuri Period      कल्चुरी काल: 875-1741 ई० छत्तीसगढ़ के इतिहास में कल्चुरि राजवंश का महत्वपूर्ण स्थान है। छत्तीसगढ़ का वास्तविक राजनीतिक इतिहास कल्चुरि राजवंश की स्थापना के साथ आरंभ होता है। कल्चुरियों ने छत्तीसगढ़ पर लगभग नौ सदियों तक (875-1741ई०) राज्य किया। कल्चुरि (हैहय) राजपूतों ने भारत के अनेक स्थानों पर शासन किया। उनकी कई शाखाएँ थीं जिनमें से दो छत्तीसगढ़ में स्थापित हुईं-रतनपुर एवं रायपुर I. रतनपुर के कल्चुरि नवीं सदी के अंत में त्रिपुरी के कल्चुरियों ने छत्तीसगढ़ में अपनी शाखा स्थापित करने का प्रयत्न किया।कोक्कल I (850-890) के पुत्र शंकरगण II (मुगधतुंग - [छत्तीसगढ़ का इतिहास - छत्तीसगढ़ के 36 गढ़](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4-2/): छत्तीसगढ़ का इतिहास – छत्तीसगढ़ के 36 गढ़ ( History Of Chhattisgarh – The 36 Citadel of chhattisgarh )   कलचुरि शासन में गढ़ महत्वपूर्ण इकाई थी। छत्तीसगढ़ ३६ में विभाजित था। छत्तीसगढ़ में कलचुरियो की दो शाखाये थी।जानकारी : ब्रम्हदेव के खल्लारी शिलालेख।विभाजन  : शिवनाथ नदी ( उत्तर में रतनपुर शाखा एवं दक्षिण में रायपुर शाखा )। रतनपुर के 18 गढ़ : रतनपुर, उपरोड़ा, मारो, विजयपुर, खरौद, कोटगढ़, नवागढ़, सोढ़ी, ओखर, पडरभट्ठा, सेमरिया, मदनपुर, कोसगई, करकट्टी, लाफा, केंदा, मातिन गढ़, पेण्ड्रा, रायपुर के 18 गढ़  : रायपुर, पाटन, सिमगा, सिंगारपुर, लवन, अमीर, दुर्ग, सारधा, सिरसा, मोहदी, खल्लारी, सिरपुर, फिंगेश्वर, सुवरमाल, राजिम, सिंगारगढ़, टेंगनागड़, अकलवाड़ा,   - [छत्तीसगढ़ का इतिहास - History Of Chhattisgarh](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-history-of-chhattisgarh/): छत्तीसगढ़ का इतिहास – History Of Chhattisgarh  छत्तीसगढ़ का प्राचीन नाम ‘दक्षिण कौशल’ था जो छत्तीस (36 ) गढ़ों को अपने में समाहित रखने के कारण कालांतर में “छत्तीसगढ़” बन गया। ठीक वैसे ही, जैसे  ‘मगध’ जो बौद्ध विहारों की अधिकता के कारण “बिहार” बन गया। छत्तीसगढ़ में मेघवंश ( दूसरी शताब्दी) बाणवंश, राजर्षितुल्य कुल, पर्वद्वारक वंश, नल वंश, शरभपुरी वंश, पाण्डू वंश, सोमवंश – सिरपुर, काक्तीय, वाकाटक और पाण्डू वंश – मैकल राजवंशो ने शासन किया था। कलचुरि शासन में गढ़ महत्वपूर्ण इकाई थी। छत्तीसगढ़ ३६ में विभाजित था। छत्तीसगढ़ में कलचुरियो की दो शाखाये थी।  “छत्तीसगढ़” वैदिक और पौराणिक काल से ही विभिन्न संस्कृतियों के विकास का केन्द्र रहा है।  इस क्षेत्र का - [छत्तीसगढ़ का परिचय एवं नामकरण](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%9a%e0%a4%af-%e0%a4%8f%e0%a4%b5%e0%a4%82-%e0%a4%a8%e0%a4%be/): छत्तीसगढ़ का इतिहास – छत्तीसगढ़ का परिचय एवं नामकरण ( History Of Chhattisgarh – Chhattisgarh Introduction and Naming ) प्राचीन काल में इस क्षेत्र को दक्षिण कोशल के नाम से जाना जाता था। उल्लेख ‘रामायण’ और ‘महाभारत’।यहां राज्य करने वाले प्रमुख स्थानी राजवंशों में वाकाटकों की एक शाखा के साथ नल,राजर्षितुल्य, शरभपुरी, पाण्डु, बाण, नागवंशी, छिंदक नागवंश (बस्तर) और सोमवंश प्रमुख हैं। नलवंश का अपने समकालीन वाकाटक के साथ लंबा संघर्ष चला। कलचुरी शासको ने सबसे अधिक वर्ष 875 ई. से 1741 ई. तक शासन किया। 1741 ई. से 1854 ई. तक मराठा शासन था “छत्तीसगढ़” मराठा साम्राज्य के समय के दौरान लोकप्रिय था और सबसे पहले आधिकारिक दस्तावेज में छत्तीसगढ़ शब्द का इस्तेमाल 1795 ई. में किया गया था। 1854 ई. से अंग्रेजो का - [Chhattisgarh GK in Hindi](https://examcg.com/chhattisgarh-gk-in-hindi/): Chhattisgarh GK in Hindi: प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए छत्तीसगढ़ पर आधारित जीके क्वेश्चंस  छत्तीसगढ़, मध्य भारत में स्थित एक लैंडलॉक (भूमिबद्ध) राज्य है, जो घने जंगलों से घिरा हुआ है। यह भारत का 17वां सबसे अधिक जनसंख्या वाला राज्य है। यहाँ की संस्कृति, खनिज संसाधन और परंपराएँ इसे खास बनाते हैं। छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से खेती, खनिजों और हस्तशिल्प पर निर्भर है। राज्य की राजधानी रायपुर है। कई प्रतियोगी परीक्षाओं में तथा विभिन्न कक्षाओं के सामान्य ज्ञान के विषय में Chhattisgarh GK in Hindi के प्रश्न पूछे जाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए, हम आपके ज्ञान को - [chhattisgarh samany gyan](https://examcg.com/chhattisgarh-samany-gyan/): छत्तीसगढ़ जनरल नॉलेज 2025 विषय सूची छत्तीसगढ़ की नदियाँ राष्ट्रीय राजमार्ग (छत्तीसगढ़) National park, wildlife sanctuary छत्तीसगढ़ की चट्टानें (भूगर्भिक विभाजन) छत्तीसगढ़ की मिट्टियाँ छत्तीसगढ़ का प्राकृतिक विभाजन छत्तीसगढ़ में वनों की स्थिति छत्तीसगढ़ में जलवायु छत्तीसगढ़ की जनजातियाँ छत्तीसगढ़ के तीज-त्यौहार एवं पर्व वाद्य यंत्र बाँध, जलप्रपात, औद्योगिक क्षेत्र लोक महोत्सव जनगणना (छत्तीसगढ़) छत्तीसगढ़ में वन पर्वत एवं पठार प्रमुख योजनाएँ (छत्तीसगढ़) 2024 में छत्तीसगढ़ को प्राप्त विभिन्न पुरस्कार राज्य अलंकरण पुरस्कार आगामी खेल छत्तीसगढ़ का आर्थिक सर्वेक्षण छत्तीसगढ़ का इतिहास जिला दर्शन 0 CommentsComments are closed - [CGPSC PRE 2021 question paper with answers](https://examcg.com/cgpsc-pre-2021-question-paper-with-answers/): CGPSC 2021 question paper with answers  1. हलषष्ठी त्यौहार क्यों मनाया जाता है?(A) अच्छी फसल के लिए(B) पति की दीर्घायु के लिए(C) पुत्र की दीर्घायु के लिए(D) सुख-संपत्ति के लिए उत्तर –  C 2. बिलासपुर में राउत नाचा’ का प्रारंभ कब हुआ था?(B) 2001(A) 1998(D) 1978(C) 2008उत्तर – 1978 3. छत्तीसगढ़ में देहरौरी व्यंजन कब बनाया जाता है?(A) दीपावली(C) नवाखाई(B) विवाह(D) पितृपक्ष उत्तर – पितृपक्ष 4.गणतंत्र दिवस परेड 2020 में दिल्ली राजपथ पर छत्तीसगढ़ की झांकी में किस लोकनृत्य की प्रस्तुति की गई थी?(A) ककसार नृत्य(B) पंथी नृत्य(C) सुआ नृत्य(D) गौरा नृत्य उत्तर – ककसार नृत्य 5. निम्नलिखित पेय पदार्थों में कौन-सा जनजातीय पेय - [CGPSC PRE 2020 question paper with answers](https://examcg.com/cgpsc-pre-2020-question-paper-with-answers/): CGPSC 2020 question paper with answers 1.बकिंघम नहर स्थित है –(a) कलिंग तट पर(b) मलाबार तट पर(C) कोरोमण्डल तट पर(d) कच्छ तट परउत्त्तर :-  c 2.नीचे दो कथन दिए गए है जिनमें से एक को कथन (A) तथा दूसरे को कारण (R) कहा गया है : कथन (A) : भारत एक सपूर्ण प्रभुत्व संपन्न समाजवादी धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य है |कारण (R) : इसे 42वें संविधान संशोधन 1976 द्वारा ‘सपूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न लोकतंत्रात्मक गणराज्य’ के स्थान पर प्रतिस्थापित किया गया।नीचे दिए गए कूटों में से सही उत्तर का चयन कीजिए : (a) (A) तथा (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की - [CGPSC PRE 2019 question paper with answers](https://examcg.com/cgpsc-pre-2019-question-paper-with-answers/): CGPSC 2019 question paper with answers किसी AC जनित्र तथा DC जनित्र मेएक मूलभूत अंतर यह है कि(a) AC जनित्र में विद्युत चुंबक होता है जबकि DC जनित्र में स्थायी चुंबक होता है।(b) AC जनित्र में सर्दी वलय होते हैं जबकि DC जनित्र में दिक्परिवर्तक होता है।(c) DC जनित्र उच्च वोल्टता का जनन करता है।(d) AC जनित्र उच्च वोल्टता का जनन करता है।उत्तर- c निम्नलिखित में से कौन से एक अम्लीय विलयन का संभव pH मान है ?(a) 6(b) 7(c) 8(d) 9उत्तर-a जब प्रकाश की किरण सघन माध्यम से विरल माध्यम में गमन करती है तो(a) इसकी चाल बढ़ जाती है - [CGPSC PRE 2018 question paper with answers paper 2](https://examcg.com/cgpsc-pre-2018-question-paper-with-answers-paper-2/): CGPSC 2018 question paper with answers 17²⁰⁰ को 8 से विभाजित करने पर शेषफल क्या होगा ?(a) 18(b) 17(C) 2(d) 1(e) इनमें से कोई नहींउत्तर- d तीन क्रमागत विषम संख्याओं का योग 33 है | सबसे बड़ी संख्या है |(a) 9(b) 11(C) 13(d) 15(e) इनमें से कोई नहींउत्तर- c सन्तरों की दर में 20% की गिरावट हो जाने से एक व्यक्ति के 10 में 5 सन्तरे अधिक खरीद सकता है। एक सन्तरे का नया मूल्य क्या है(a) ३0.20(b) ३ 0.40(C) १ 0.60(d) ३ 0.80(e) इनमें से कोई नहीं निर्देशउत्तर- b (प्र.सं. 4-7) दिए गए प्रश्न निम्नवर्णित चित्र पर आधारित हैं। इन - [CGPSC 2018 question paper with answers](https://examcg.com/cgpsc-2018-question-paper-with-answers/): CGPSC 2018 question paper with answers निम्नलिखित में से किस अधिनियम द्वारा ब्रिटिश ईस्ट इण्डिया कम्पनी का भारत में व्यापारिक एकाधिकार समाप्त किया गया ?(a) 1793 का चार्टर ऐक्ट(b) 1813 का चार्टर ऐक्ट(c) 1833 का चार्टर ऐक्ट(d) 1853 का चार्टर ऐक्ट(e) इनमें से कोई नहींउत्तर- b शिवाजी के ‘अष्टप्रधान में निम्नलिखित अधिकारी थे।1. मजूमदार      2. दबीर3. वाकनीस       4. सुरनीसउपरोक्त में से सही उत्तर का चयन कीजिए(a) 1, 2 और 3(b) 2, 3 और 4(c) 1, 2 और 4(d) 1, 3 और 4(e) ये सभीउत्तर- e निम्नलिखित में से कौन-सी जोड़ी (मुगलकालीन इमारत एवं स्थान) सुमेलित नहीं है - [CGPSC 2017 question paper with answers](https://examcg.com/cgpsc-2017-question-paper-with-answers/): CGPSC 2017 question paper with answers इन्दिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ में कौन-सा संकाय नहीं है ?(a) नृत्य(b) संगीत(c) चित्रकला(d) शिक्षण(e) इनमें से कोई नहींउत्तर- e निम्नांकित में छत्तीसगढ़ी प्रणय गीत कौन-सा है ?(a) सोहर(b) दरिया(C) फाग(d) भोजली(e) इनमें से कोई नहींउत्तर- b छत्तीसगढ़ी उपन्यास ‘दियना के अंजोर’ के लेखक कौन हैं ?(a) लखन लाल गुप्त(b) शिवशंकरशुक्ल(C) बंशीधर पाण्डेय(d) केयूर भूषण(e) इनमें से कोई नहींउत्तर-b ‘रामराज्य’ नाटक के रचनाकार कौन है ?(a) ठाकुर जगमोहन सिंह(b) श्रीकान्त वर्मा(C) पं. मलिक राम त्रिवेदी(d) पुरुषोत्तम पाण्डेय(e) इनमें से कोई नहींउत्तर- e मुरिया जनजाति में ‘पूस कोलांग (पूस कलंगा)’ नृत्य कौन करते हैं ?(a) पुरुष - [CGPSC 2016 question paper with answers](https://examcg.com/cgpsc-2016-question-paper-with-answers/): CGPSC 2016 question paper with answers निम्नलिखित में से कौन से स्थल में तीन नगरों के अवशेष प्राप्त हुये हैं(A) मोहन जोदड़ो(B) संघोल(C) काली बंगन(D) धौलावीरा(E) उपर्युक्त में से कोई नहींउत्तर-1.(D) शाहजहांनामा के लेखक कौन है(A) गुलबदन बेगम(B) शाहजहां(C) अब्दुल हमीद लाहौरी(D) इनायत खां(E) उपर्युक्त में से कोई नहींउत्तर-2.(D) मुस्लिम लीग का प्रथम अध्यक्ष कौन था(A) आगा खां(B) हमीद खां(C) हसन खां(D) एम.ए. जिन्ना(E) इनमें से कोई नहींउत्तर-3.(E) निम्नलिखित में से किस स्थान पर अकबर को हुमायूं की मृत्यु की सूचना मिलने पर राजगद्दी पर बैठाया गया था(A) काबुल(B) लाहौर(C) सरहिन्द(D) कलानौर(E) उपर्युक्त में से कोई नहींउत्तर-4.(D) भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की प्रथम - [CGPSC 2015 question paper with answers](https://examcg.com/cgpsc-2015-question-paper-with-answers/): cgpsc 2015 question paper with answers कौटिल्य के ‘अर्थशास्त्र के अनुसार मौर्यकालीन न्याय व्यवस्था में निम्न न्यायालय अस्तित्व में थे1. धर्म महामात्र2. धर्मस्थीय3. रज्जुक4. कंटकशोधनसही उत्तर चुनिये(A) 1 एवं 2(B) 2 एवं 3(C) 1 एवं 3(D) 2 एवं 4(E) 1 एवं 4उत्तर-(D) बहमनी राज्य की प्रथम राजधानी निम्नलिखित में से कौन सी थी(A) बीदर(B) गुलबर्ग(C) दौलताबाद(D) हुसैनाबाद(E) इनमें से कोई नहींउत्तर- (C) किस चोल राजा ने जल सेना प्रारंभ की(A) राजेन्द्र चोल(B) परांतक चोल(C) राजराज प्रथम(D) राजराज द्वितीय(E) इनमें से कोई नहींउत्तर- (C) अता अली खां किसका नाम था(A) अबुल फजल(B) अबुल फैजी(C) टोडरमल(D) आदम खां(E) इनमें से कोई नहींउत्तर-(E) कलकत्ता - [CGPSC 2013 question paper with answers](https://examcg.com/cgpsc-2013-question-paper-with-answers/): CGPSC 2013 question paper with answers माधवी मुद्गल किस नृत्य विधा से जुड़ी है ?(A) कथकली(B) कथक(C) ओडिसी(D) भरतनाट्यम(E) घूमरउत्तर-1.(C) किसने अद्वैतवाद का प्रतिपादन किया ?(A) शंकराचार्य(B) रामानंद(C) कबीर(D) चैतन्य(E) इनमें कोई नहींउत्तर-2.(A) दण्डकारण्य परियोजना में सम्मिलित राज्य हैं ?(A) उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र(B) तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश एवं कर्नाटक(C) आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, उड़ीसा(D) आंध्र प्रदेश, केरल, तमिलनाडु(E) उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्रउत्तर-3.(C) निम्न में कौनसी श्रृंखला कश्मीर घाटी को सिंधु घाटी से अलग करती है ?(A) धौलाधार (B) ग्रेट हिमालय(C) पीर पंजाल(D) शिवालिक(E) इनमें कोई नहींउत्तर-4.(B) भारत में स्थित प्राचीनतम समूह की चट्टान है(A) दकन ट्रेप्स(B) कडप्पा तंत्र(C) विन्ध्य तंत्र(D) आर्कियन तंत्र(E) - [CGPSC mains 2011 question paper with answers](https://examcg.com/cgpsc-mains-2011-question-paper-with-answers/): CGPSC mains 2011 question paper with answers निम्नलिखित में से किस एक दर्शन से जैन धर्म की समीपता है(A) वेदान्त(B) मीमान्सा(C) सांख्य(D) योगउत्तर- (C) महावीर स्वामी ने किस भाषा में उपदेश दिए थे(A) पाली(B) संस्कृत(C) प्राकृत(अर्धमागधी)(D) गुजरातीउत्तर- (C) 3.जैन धर्म का प्रथम थेरा कौन था(A)   आर्य सुधर्मा(B)   अनाथपिण्डक(C)  अमोधवर्ष(D)  जामिलउत्तर- (A) बुद्ध के उपदेशों के अंतर्गत क्या है(A) दस शील(B) मध्यमा प्रतिपदा(C) अष्टांगिक मार्ग(D) उपरोक्त सभीउत्तर- (D) बुद्ध के जीवन की घटनाओं से संबंधित कलात्मक धार्मिक प्रतीकों को सही सुमेलित करने वाले कूट को चुनिएसूची-अ                   सूची-बअ. बुद्ध का जन्म  1. पद चिन्हब. गृहत्याग    - [CGPSC 2011 question paper with answers](https://examcg.com/cgpsc-2011-question-paper-with-answers/): CGPSC 2011 question paper with answers सूर्य के गिर्द परिक्रमा में निम्न में से कौन सा ग्रह अधिकतम समय लेता है।(A) पृथ्वी(B) बृहस्पति(C) मंगल(D) शुक्रउत्तर- (B) गैल्वेनीकृत लोहे पर लेप होता है।(A) गैलेना का(B) एल्युमिनियम का(C) चॉदी का(D) जस्ते काउत्तर- (D) पीतल में कौन सी धातुओं का संयोग होता है(A) तांबा एवं निक्कल(B) तांबा एवं टिन(C) तांबा एवं जस्ता(D) तांबा, जस्ता एवं निक्कलउत्तर- C पेंसिल का लैड है(A) लकड़ी का कोयला(B) कोयला(C) ग्रेफाइट(D) लैम्प ब्लेकउत्तर- (C) ओजोन परत पायी जाती है(A) प्रकाश मण्डल में(B) क्षोभ मंडल में(C) क्षोभ सीमा में(D) समताप मण्डल मेंउत्तर- (D) विटामिन-डी में निम्न में से कौन पाया - [CGPSC mains 2008 question paper with answers](https://examcg.com/cgpsc-mains-2008-question-paper-with-answers/): CGPSC mains 2008 question paper with answers वनों के गिरावट (Degradation) के क्या कारण है ?(A) चूल्हे के लिये ईंधन(B) बहुत ज्यादा चराई(C) बढ़ती हुई जनसंख्या के भोजन के लिए(D) उपरोक्त सभीउत्तर- (D) राजकोषीय घाटा क्या है ?(A) व्यय और राजस्व संग्रहण के बीच में अंतर(B) बजटीय प्रावधान और वास्तविक व्यय के बीच अंतर(C) जारी निधियों और व्यय के बीच अंतर(D) निधियों के व्यय और बचत राशि के बीच अंतरउत्तर- (A) क्यों राजकोषीय घाटा इस वर्ष सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.6% से नीचे नहीं आ पाएगा ?(A) सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों के विनिवेश में कमी(B) कर संग्रह अपेक्षा अनुसार नहीं(C) - [CGPSC 2008 question paper with answers](https://examcg.com/cgpsc-2008-question-paper-with-answers/): प्रश्नोत्तरी – 95 प्रश्न 0 CommentsComments are closed - [CGPSC 2005 question paper with answers](https://examcg.com/cgpsc-2005-question-paper-with-answersv/): CGPSC 2005 question paper with answers अलजाइमर रोग में मानव शरीर का कौन सा अंग प्रभावित होता है-(A) फेफड़े(B) मस्तिष्क(C) कान(D) वृक्कउत्तर- B दूध किस बैक्टीरिया के कारण खराब होता है –(A) एस्परजिलस(B) स्टेफालोकोकास(C) स्यूडोमोनास(D) लैक्टोबेसीलसउत्तर- D भारत का राष्ट्रीय पुष्प कौन सा है –(A) सूरजमुखी(B) गुलाब(C) कमल(D) गेंदाउत्तर-C “गैम्बिट” शब्द किस खेल से सम्बन्धित है(A) बॉक्सिंग(B) शतरंज(C) बिलियर्डस(D) ब्रिजउत्तर- B केन्द्रीय मंत्री जिन्होंने 84 दंगों के लिए नानावटी आयोग की रिपोर्ट संसद के पटल पर रखे जाने पर इस्तीफा दिया(A) जगदीश टाइटलर(B) सज्जन कुमार(C) सुनील दत्त(D) कमलनाथउत्तर- A “हैरीपॉटर’ उपन्यास में कोर्नेलियस फज कौन है(A) हैरीपॉटर का मित्र(B) जादू का - [CGPSC 2003 question paper with answers](https://examcg.com/cgpsc-2003-question-paper-with-answers/): CGPSC 2003 question paper with answers एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल स्थापित करने का श्रेय दिया जाता है(A) सर विलियम जॉन्स(B) वारेन हेस्टिंग्स(C) सर जेम्स मेकिटोश(D) जेम्स प्रिंसेपउत्तर-(A) सर विलियम जॉन्स महात्मा गांधी ने अहमदाबाद के निकट साबरमती के किनारे एक आश्रम बनाया था. इसे…… कहा जाता था(A) साबरमती आश्रम(B) हरिजन आश्रम(C) सत्याग्रह आश्रम(D) स्वराज आश्रमउत्तर- C एक इतिहासकार ने पानीपत की तीसरी लड़ाई को स्वयं देखा, वह था(A) खफी खान(B) काशीराज पण्डित(C) दत्ताजी पिंगले(D) हरचरणदासउत्तर- B सुमेलित कीजिये1. मोपला   ए. उड़ीसा2. मुरिया   बी. तमिलनाडु3. टोडा    सी. केरल4. मुण्डा   डी. छत्तीसगढ़(A) 1सी, 2बी, 3डी, 4ए(B) 1डी, 2ए, 3बी, 4सी(C) 1ए, 2सी, 3डी, - [65वीं बीपीएससी (प्री) प्रश्न पत्र- 2019](https://examcg.com/65%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%b8%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%a8/): 65वीं बीपीएससी (प्री) प्रश्न पत्र- 2019 परीक्षा का नाम: 65वीं बीपीएससी (प्री.) 2019 परीक्षा विषय: सामान्य अध्ययन (जीएस) माध्यम: हिंदी  1. निम्नलिखित में से किसे हंसी गैस के नाम से भी जाना जाता है? (a) नाइट्रिक ऑक्साइड (b) नाइट्रस ऑक्साइड (c) नाइट्रोजन पेंटोक्साइड (d) नाइट्रोजन (e) उपरोक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक उत्तर: बी 2. निम्नलिखित में से कौन सा तत्व का एक प्रकार नहीं है? (a) धातु (b) अधातु (c) गैसें (d) उपधातु (e) उपरोक्त में से कोई नहीं/उपर्युक्त में से एक से अधिक उत्तर: सी 3. जल का pH मान है (a) 4 (b) 7 (c) 12 - [करेंट अफेयर्स क्विज़ - फरवरी 2025](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%9f-%e0%a4%85%e0%a4%ab%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bc-%e0%a4%ab%e0%a4%b0%e0%a4%b5/): करेंट अफेयर्स क्विज़ – फरवरी 2025 | UPSC/PSC 📚 करेंट अफेयर्स क्विज़ फरवरी 2025 | UPSC / PSC परीक्षा स्तर 100 प्रश्न • विस्तृत व्याख्या सहित कुल: 100 उत्तरित: 0 सही: 0 गलत: 0 शेष: 100 © 2025 करेंट अफेयर्स क्विज़ | फरवरी 2025 | UPSC/PSC तैयारी हेतु हरे रंग से सही उत्तर और लाल रंग से गलत उत्तर दर्शाया जाता है। 0 CommentsComments are closed - [प्राचीन भारत के 16 महाजनपद](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%87-16-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%aa%e0%a4%a6/): प्राचीन भारत के 16 महाजनपद [UPSC Hindi] प्राचीन भारत के  इतिहास में 6ठी शताब्दी ई.पू. को एक महत्वपूर्ण परिवर्तनकारी काल माना जाता है। इस काल को प्रायः आरंभिक राज्यों, नगरों, लोहे के बढ़ते प्रयोग और सिक्कों के विकास के साथ जोड़ा जाता है। इसी काल में सिन्धु सभ्यता के बाद भारत में नगरीकरण की दूसरी प्रक्रिया प्रारंभ हुई और इसी  समय  बौद्ध तथा जैन सहित विभिन्न दार्शनिक विचारधाराओं का विकास हुआ । बौद्ध और जैन धर्म  के आरंभिक ग्रंथों में 16 महाजनपद  का उल्लेख मिलता है । जनपद शब्द का अर्थ है ऐसा भू-खंड जहाँ “जन” अथवा लोग अपने पांव रखते हों, अर्थात बस  - [गुप्त वंश का इतिहास: उदय, शासन और पतन की पूरी जानकारी](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%89%e0%a4%a6%e0%a4%af-%e0%a4%b6%e0%a4%be/): गुप्त वंश का इतिहास: उदय, शासन और पतन की पूरी जानकारी  Gupta Dynasty in Hindi: गुप्त वंश की स्थापना भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना थी, जिसने देश को सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक दृष्टि से समृद्ध बनाया। गुप्त वंश की स्थापना ने भारत के इतिहास में एक नए युग की शुरुआत की। गुप्त साम्राज्य को भारतीय इतिहास का स्वर्ण युग कहा जाता है, क्योंकि इस काल में कला, साहित्य, विज्ञान और प्रशासनिक व्यवस्था में अभूतपूर्व विकास हुआ। इस वंश के शासकों ने न केवल अपने साम्राज्य का विस्तार किया, बल्कि कला, साहित्य और विज्ञान को भी बढ़ावा दिया। गुप्त वंश के - [विश्वामित्री नदी और मगर मगरमच्छ ](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a4%97%e0%a4%b0-%e0%a4%ae/): विश्वामित्री नदी और मगर मगरमच्छ गुजरात सरकार ने वडोदरा की विश्वामित्री नदी में मगर या दलदली मगरमच्छों (क्रोकोडाइलस पैलस्ट्रिस) की आबादी का अनुमान लगाने के लिए मगरमच्छों की गणना की ।  विश्वामित्री नदी: यह नदी गुजरात में पावागढ़ पहाड़ियों ( पश्चिमी घाट का हिस्सा ) से निकलती है, वडोदरा से होकर बहती है और खंभात की खाड़ी में मिल जाती है , तथा इसमें सहायक नदियाँ ढाढर और खानपुर मिलती हैं।  इसके तटों पर 1000 ईसा पूर्व की प्राचीन बस्तियां थीं, जिनमें अंकोटक्का (अब अकोटा) भी शामिल है, जो गुप्त और वल्लभी शासन के दौरान विकसित हुई थी।  इसमें मगरमच्छ, मीठे पानी के कछुए और मॉनिटर छिपकलियां पाई जाती हैं, जो इसे शहरी नदियों के बीच पारिस्थितिक रूप से अद्वितीय बनाती हैं।  मगर मगरमच्छ: यह भारत, - [इसरो का स्पेडेक्स मिशन](https://examcg.com/%e0%a4%87%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a5%8b-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%a1%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a4%a8/): ​इसरो का स्पेडेक्स मिशन 30 दिसंबर 2024 को, इसरो ने अंतरिक्ष डॉकिंग प्रयोग (स्पेडेक्स) मिशन लॉन्च किया, जो भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्य तथ्य: डॉकिंग प्रौद्योगिकी: स्पेडेक्स का उद्देश्य दो अंतरिक्ष यानों के बीच डॉकिंग और अनडॉकिंग मन्युवरिंग प्रदर्शित करना है। बाहरी अंतरिक्ष में डॉकिंग और अनडॉकिंग टेक्नोलॉजी बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे विभिन्न अंतरिक्ष यान आपस में जुड़ सकते हैं या अलग हो सकते हैं। यह तकनीक बड़ी संरचनाओं, जैसे स्पेस स्टेशन या सैटेलाइट्स को बनाने में मदद करती है। ऐसा करने के लिए कई बार अलग-अलग लॉन्च की जरूरत होती - [विश्व पुस्तक मेला: सांस्कृतिक विविधता और साहित्यिक समागम का केंद्र](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%95-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95/): विश्व पुस्तक मेला: सांस्कृतिक विविधता और साहित्यिक समागम का केंद्र पुस्तक मेला एक ऐसा सांस्कृतिक और साहित्यिक उत्सव होता है, जहाँ शब्द, विचार तथा भावनाएँ एक मंच पर सजीव हो उठती हैं। ये केवल पुस्तकों की खरीद-बिक्री का स्थान नहीं, बल्कि ऐसे आयोजन हैं, जो साहित्यिक संवाद, सांस्कृतिक विविधता और ज्ञान के आदान-प्रदान के प्रतीक बन गए हैं। पुस्तक मेले का सांस्कृतिक और साहित्यिक महत्त्व अतुलनीय है। ये न केवल भाषाई और साहित्यिक विविधता को प्रोत्साहित करते हैं, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर उनके विचारों को साझा करने का अवसर भी प्रदान करते हैं। इस अवसर - [करेंट अफेयर्स क्विज़ - जनवरी 2025 ](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%9f-%e0%a4%85%e0%a4%ab%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bc-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%b5/): करेंट अफेयर्स क्विज़ – जनवरी 2025 | UPSC/PSC 📚 करेंट अफेयर्स क्विज़ जनवरी 2025 | UPSC / PSC परीक्षा स्तर 100 प्रश्न • विस्तृत व्याख्या सहित कुल: 100 उत्तरित: 0 सही: 0 गलत: 0 शेष: 100 © 2025 करेंट अफेयर्स क्विज़ | जनवरी 2025 | UPSC/PSC तैयारी हेतु हरे रंग से सही उत्तर और लाल रंग से गलत उत्तर दर्शाया जाता है। 0 CommentsComments are closed - [राष्ट्रीय बायोफाउंड्री नेटवर्क और बायोइकॉनमी](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%ab%e0%a4%be%e0%a4%89%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a8/): राष्ट्रीय बायोफाउंड्री नेटवर्क और बायोइकॉनमी    चर्चा में क्यों? BioE3 (अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और रोज़गार के लिये जैव प्रौद्योगिकी) नीति के एक वर्ष पूरे होने के अवसर पर, विज्ञान तथा प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने देश का पहला राष्ट्रीय बायोफाउंड्री नेटवर्क लॉन्च किया। इसे भारत की बायोइकॉनमी (Bioeconomy) को बढ़ावा देने के लिये जैव प्रौद्योगिकी को एक प्रमुख प्रेरक शक्ति बनाने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम बताया गया है।  राष्ट्रीय बायोफाउंड्री नेटवर्क में छह संस्थान शामिल हैं, जिनका उद्देश्य अवधारणा के प्रमाणों को बढ़ाकर तथा प्रयोगशालाओं से उद्योग तक नवाचारों को ले जाकर जैव विनिर्माण को मज़बूत करना है।  बायोइकॉनमी क्या है?  परिचय: बायोइकॉनमी/जैव अर्थव्यवस्था से तात्पर्य वैज्ञानिक ज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार का उपयोग करके जैविक संसाधनों के उत्पादन, - [प्राचीन भारत का इतिहास नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%a8%e0%a5%8b/): प्राचीन भारत का इतिहास प्राचीन भारत का इतिहास पाषाण युग से लेकर इस्लामी आक्रमणों तक है। इस्लामी आक्रमण के बाद भारत में मध्यकालीन भारत की शरुआत हो जाती है।  प्राचीन भारतीय इतिहास का घटनाक्रम Indian History in Hindi के इस ब्लॉग में प्राचीन भारतीय इतिहास के घटनाक्रम को विस्तार से जानते हैं। प्रागैतिहासिक कालः 400000 ई.पू.-1000 ई.पू. : इस समय में मानव ने आग और पहिये की खोज की। सिंधु घाटी सभ्यताः 2500 ई.पू.-1500 ई.पू. : सिंधु घाटी सभ्यता सबसे पहली व्यवस्थित रूप से बसी हुई सभ्यता थी। नगरीकरण की शरुआत सिंधु घाटी सभ्यता से मानी जाती है। महाकाव्य युगः 1000 ई.पू.-600 ई.पू. : - [प्रथम बोडोलैंड महोत्सव](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a5%e0%a4%ae-%e0%a4%ac%e0%a5%8b%e0%a4%a1%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a4%b5/): प्रथम बोडोलैंड महोत्सव 5-16 नवंबर, 2024 के मध्य नई दिल्ली में प्रथम बोडोलैंड महोत्सव (Bodoland Mohotsov) का आयोजन किया गया; इस महोत्सव का उद्घाटन 15 नवंबर, 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया। प्रथम बोडोलैंड महोत्सव का विषय “समृद्ध भारत के लिए शांति और सद्भाव” है, जिसमें बोडो समुदाय के साथ-साथ बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र के अन्य समुदायों की समृद्ध संस्कृति, भाषा और शिक्षा पर भी ध्यान केंद्रित किया गया है। महोत्सव का उद्देश्य न केवल बोडोलैंड में बल्कि असम, पश्चिम बंगाल, नेपाल और उत्तर पूर्व के अन्य अंतरराष्ट्रीय सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले स्वदेशी बोडो लोगों को एकीकृत करना है। - [ब्राज़ील ने चीन की बेल्ट एंड रोड पहल को अस्वीकार किया](https://examcg.com/%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a5%80%e0%a4%b2-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%8f/): ब्राज़ील ने चीन की बेल्ट एंड रोड पहल को अस्वीकार किया ब्राज़ील ने हाल ही में चीन की बेल्ट एंड रोड पहल (BRI) से बाहर निकलने का विकल्प चुना है। यह निर्णय अंतर्राष्ट्रीय निवेश और सहयोग के प्रति ब्राज़ील के दृष्टिकोण में एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है। ब्राज़ील, भारत के साथ मिलकर BRI को अस्वीकार करने वाला दूसरा ब्रिक्स देश बन गया है। राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा का प्रशासन चीनी निवेशकों के साथ वैकल्पिक साझेदारियाँ तलाश रहा है। बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) के बारे में बीआरआई चीन द्वारा 2013 में शुरू की गई एक वैश्विक विकास रणनीति है। इसका - [दक्षिण अफ्रीका में नस्लीय विभाजन](https://examcg.com/%e0%a4%a6%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%bf%e0%a4%a3-%e0%a4%85%e0%a4%ab%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a8%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%80/): दक्षिण अफ्रीका में नस्लीय विभाजन चर्चा में क्यों? दक्षिण अफ्रीका में 30 वर्ष पहले रंगभेद की समाप्ति के बावजूद, इसकी अर्थव्यवस्था अभी भी नस्ल के आधार पर विभाजित है तथा अभी भी प्रणालीगत असमानताएँ का सातत्य हैं। इससे रंगभेद के बाद की अश्वेत आर्थिक सशक्तीकरण (BEE) नीति की प्रभावशीलता पर राजनीतिक बहस पुनः शुरू हो गई है। दक्षिण अफ्रीका में नस्लीय विभाजन की वर्तमान स्थिति क्या है? बेरोज़गारी दर: अप्रैल-जून 2024 तक, दक्षिण अफ्रीका की कुल बेरोज़गारी दर 33.5% थी। अश्वेत दक्षिण अफ्रीकियों में, यह दर काफी अधिक अर्थात् 37.6% थी, जबकि श्वेत दक्षिण अफ्रीकियों में यह दर 7.9% और मिश्रित नस्ल के लोगों में 23.3% थी। अश्वेत व्यक्तियों में बेरोज़गारी - [भारत मलेशिया संबंध](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%a7/): भारत मलेशिया संबंध समाचार में क्यों? मलेशिया के प्रधानमंत्री भारत की राजकीय यात्रा पर आए। यात्रा के मुख्य परिणाम व्यापक रणनीतिक साझेदारी:  2015 में स्थापित उन्नत रणनीतिक साझेदारी को व्यापक रणनीतिक साझेदारी में तब्दील कर दिया गया।  मलेशिया का आईबीसीए में शामिल होना:  मलेशिया ने अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (आईबीसीए) में संस्थापक सदस्य के रूप में शामिल होने का निर्णय लिया। प्रोजेक्ट टाइगर की 50 वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 2023 में शुरू किए गए आईबीसीए का लक्ष्य सात बड़ी बिल्लियों (बाघ, शेर, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर और प्यूमा)  के प्राकृतिक आवासों को कवर करते हुए 97 देशों तक पहुंचना है।  डिजिटल प्रौद्योगिकी सहयोग:  डिजिटल प्रौद्योगिकियों पर समझौता ज्ञापन पर - [मलेशिया की ओरंगुटान कूटनीति](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%93%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%9f%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%82%e0%a4%9f%e0%a4%a8/): मलेशिया की ओरंगुटान कूटनीति हाल ही में मलेशिया ने चीन की “पांडा कूटनीति” से प्रेरित होकर मलेशियाई पाम ऑयल का आयात करने वाले देशों को ओरांगुटान (वानर प्रजाति) उपहार में देने के अपने पूर्व के प्रस्ताव को वापस ले लिया। इसके स्थान पर नई योजना बनाई गई, जिसमें आयातकों को ओरंगुटान को “प्रायोजित” करने हेतु आमंत्रित किया गया, जिससे प्राप्त धनराशि को मलेशिया में उनके संरक्षण के लिये उपयोग किया जाएगा। मलेशिया विश्व का दूसरा सबसे बड़ा पाम ऑयल उत्पादक (इंडोनेशिया के बाद) देश है, जहाँ  निर्वनीकरण ज़ारी है, जिससे ओरंगुटान के पर्यावासों को खतरा है। इसके चलते इसे पाम ऑयल उद्योग को अधिक संधारणीय बनाने के लिये दबाव का सामना करना पड़ - [भारत और मलेशिया के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%9a-%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af/): भारत और मलेशिया के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी चर्चा में क्यों ?  हाल ही में भारत और मलेशिया ने अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी में उन्नत करके इसे आगे बढ़ाने हेतु एक महत्त्वपूर्ण कदम उठाया है।  यह घटनाक्रम मलेशियाई प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के दौरान हुआ। भारत और मलेशिया के प्रधानमंत्री के बीच चर्चा ने गहन सहयोग और आपसी हितों पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित करने के लिये मंच तैयार किया है। मलेशियाई प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के मुख्य परिणाम क्या हैं? व्यापक रणनीतिक साझेदारी: वर्ष 2015 में स्थापित मौजूदा उन्नत रणनीतिक साझेदारी को व्यापक रणनीतिक साझेदारी में अपग्रेड किया गया। आर्थिक - [चालुक्य राजवंश - (6वीं शताब्दी से 12वीं शताब्दी)](https://examcg.com/%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%b6-6%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%b6%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%ac%e0%a5%8d/): चालुक्य राजवंश – (6वीं शताब्दी से 12वीं शताब्दी) [प्राचीन भारतीय इतिहास नोट्स यूपीएससी के लिए] चालुक्यों ने छठी शताब्दी से बारहवीं शताब्दी के बीच दक्षिणी और मध्य भारत के कुछ हिस्सों पर शासन किया ।  यूपीएससी आईएएस परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण विषयों पर एनसीईआरटी नोट्स । ये नोट्स बैंकिंग पीओ, एसएससी, राज्य सिविल सेवा परीक्षा आदि जैसी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी उपयोगी होंगे। यह लेख चालुक्य वंश के बारे में बात करता है।  आज ही अपनी  यूपीएससी 2023 की तैयारी शुरू करें ! चालुक्य वंश (यूपीएससी नोट्स):-पीडीएफ यहां से डाउनलोड करें अभ्यर्थी निम्नलिखित लिंक की सहायता से अपनी यूपीएससी इतिहास की तैयारी को पूरा कर सकते हैं: यूपीएससी - [पल्लव राजवंश](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%b5-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%b6/): एनसीईआरटी नोट्स: पल्लव राजवंश [प्राचीन भारतीय इतिहास नोट्स यूपीएससी के लिए] यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण विषयों पर एनसीईआरटी नोट्स । ये नोट्स बैंकिंग पीओ, एसएससी, राज्य सिविल सेवा परीक्षा आदि जैसी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी उपयोगी होंगे। यह लेख पल्लवों – समाज और वास्तुकला के बारे में बात करता है। आज ही अपनी यूपीएससी 2023 की  तैयारी शुरू करें!  पल्लव राजवंश पल्लवों के शासन काल में दक्षिण भारत में अनेक सांस्कृतिक उपलब्धियाँ हासिल हुईं। पल्लव राजा कला और वास्तुकला के महान संरक्षक थे। पल्लव राजवंश (यूपीएससी नोट्स):- पीडीएफ यहां से डाउनलोड करें पल्लव समाज और संस्कृति समाज और संस्कृति राजाओं - [पल्लव - 275 ई.पू.-897 ई.पू.](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%b5-275-%e0%a4%88-%e0%a4%aa%e0%a5%82-897-%e0%a4%88-%e0%a4%aa%e0%a5%82/): पल्लव – 275 ई.पू.-897 ई.पू. [प्राचीन भारतीय इतिहास के नोट्स यूपीएससी के लिए] पल्लव चौथी शताब्दी ई. के आसपास दक्षिण में एक दुर्जेय शक्ति के रूप में उभरे और सातवीं शताब्दी ई. में अपनी शक्ति के शिखर पर थे। वे लगभग 500 वर्षों तक अपना शासन बनाए रखने में सक्षम थे। उन्होंने महान शहर, शिक्षा के केंद्र, मंदिर और मूर्तियां बनवाईं और दक्षिण पूर्व एशिया के एक बड़े हिस्से को संस्कृति में प्रभावित किया। यह लेख पल्लवों – उत्पत्ति और शासकों के बारे में बात करता है। यह यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण विषय है । ये एनसीईआरटी नोट्स बैंकिंग पीओ, एसएससी, - [हर्ष - राजा हर्षवर्धन के बारे में तथ्य](https://examcg.com/%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%be/): हर्ष – राजा हर्षवर्धन के बारे में तथ्य [प्राचीन भारतीय इतिहास पर एनसीईआरटी नोट्स यूपीएससी के लिए] राजा हर्षवर्धन को हर्ष के नाम से भी जाना जाता था। वह पुष्यभूति राजवंश या वर्धन राजवंश के संस्थापक प्रभाकर वर्धन के पुत्र थे। हर्षवर्धन को 7वीं शताब्दी ईस्वी में सबसे प्रमुख भारतीय सम्राटों में से एक माना जाता है। उन्होंने एक विशाल साम्राज्य का निर्माण किया जो उत्तर और उत्तर-पश्चिमी भारत से लेकर दक्षिण में नर्मदा तक फैला हुआ था। उनकी राजधानी कन्नौज थी। उनके सुधार और नीतियाँ उदार थीं और उनका उद्देश्य हमेशा अपने लोगों की शांति और समृद्धि को बढ़ावा देना - [गुप्त साम्राज्य की विरासत और पतन](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b8/): गुप्त साम्राज्य की विरासत और पतन [NCERT प्राचीन भारतीय इतिहास UPSC के लिए] गुप्त साम्राज्य के शासनकाल के दौरान, उनकी प्रशासनिक संरचना सर्वोच्चता और अधीनता के संबंधों को दर्शाती थी। इसी तरह, शिल्प उत्पादन, गिल्ड और व्यापार भी गुप्त साम्राज्य की महत्वपूर्ण विशेषताएं थीं । इसलिए, गुप्तों के युग को कला का शास्त्रीय युग कहा जाता है। गुप्त साम्राज्य के पतन के पीछे वाकाटकों से प्रतिस्पर्धा, मालवा के यशोधर्मन का उदय और हूणों के आक्रमण जैसे कई कारक जिम्मेदार हैं। यह लेख आपको आईएएस परीक्षा (प्रारंभिक, मुख्य GS-I और वैकल्पिक) के लिए गुप्त साम्राज्य की कला और संस्कृति और इसके पतन के कारणों के बारे - [गुप्त साम्राज्य - गुप्त वंश के बारे में तथ्य](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%b5%e0%a4%82/): गुप्त साम्राज्य – गुप्त वंश के बारे में तथ्य (यूपीएससी के लिए एनसीईआरटी प्राचीन इतिहास) प्राचीन भारत में, गुप्त राजवंश ने तीसरी शताब्दी के मध्य से लेकर अंत तक (लगभग) 543 ई. तक शासन किया। श्री गुप्त द्वारा स्थापित, राजवंश चंद्रगुप्त-I, समुद्रगुप्त आदि जैसे शासकों के साथ प्रसिद्धि में आया। इतिहास के पाठ्यक्रम में एक महत्वपूर्ण विषय, यह  IAS परीक्षा के लिए भी महत्वपूर्ण है । यह लेख आपको गुप्त साम्राज्य पर उपयोगी नोट्स प्रदान करेगा। ये नोट्स बैंकिंग पीओ, एसएससी, राज्य सिविल सेवा परीक्षा आदि जैसी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी उपयोगी होंगे। सिविल सेवा अभ्यर्थी नीचे दी गई तालिका में दिए - [कुषाण](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%b7%e0%a4%be%e0%a4%a3/): कुषाण कुषाण या कुई-शांग पाँच महान यूह-ची (जनजातियों) रियासतों में से एक थे। पहली शताब्दी ई. में, कुजुल कडफिसेस (कडफिसेस I) ने इन पाँच रियासतों को एक साथ लाया और कुषाण साम्राज्य की स्थापना की। भारत में कुषाण आंदोलन का पता कडफिसेस I के समय पहली शताब्दी ई. में लगाया जा सकता है। कुषाण वंश के बारे में तथ्य IAS परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं और यह लेख कनिष्क के शासन के साथ-साथ इसके बारे में महत्वपूर्ण विवरण प्रदान करेगा। अभ्यर्थी नीचे दी गई तालिका में दिए गए समान लेखों का भी संदर्भ ले सकते हैं: मौर्य साम्राज्य इंडो-यूनानी शासन प्राचीन भारत - [शक युग (शक)](https://examcg.com/%e0%a4%b6%e0%a4%95-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%97-%e0%a4%b6%e0%a4%95/): शक युग (शक) – [एनसीईआरटी नोट्स – प्राचीन भारतीय इतिहास यूपीएससी के लिए] शक सीथियन जातीय समूह से संबंधित थे। उत्तर-पश्चिमी भारत में शकों का आंदोलन दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व में ग्रेट यूह ची जनजाति (चीनी जनजाति) द्वारा सीर दरिया (जैक्सर्टेस) के मैदानों से उनके विस्थापन के तुरंत बाद हुआ। उम्मीदवारों को पता होना चाहिए कि ‘शक’ शब्द का प्रयोग ‘शक’ और ‘इंडो-सीथियन’ के साथ परस्पर रूप से किया जाता है; सभी का अर्थ एक ही है। शकों के बारे में जानना IAS परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है । यह लेख शकों के बारे में बात करेगा और साथ ही UPSC के लिए - [इंडो-यूनानी शासन](https://examcg.com/%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a5%8b-%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%a8/): इंडो-यूनानी शासन [NCERT प्राचीन भारतीय इतिहास UPSC के लिए] बैक्ट्रियन यूनानी लोग दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व की शुरुआत में हिंदू कुश क्षेत्र के दक्षिण में चले गए। इंडो-ग्रीक इन बैक्ट्रियन यूनानियों के समूह हैं जिन्होंने दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व और पहली शताब्दी ईस्वी की शुरुआत के बीच उत्तर-पश्चिमी भारत पर शासन किया। इंडो-ग्रीक शासन पर NCERT नोट्स IAS परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं । ये नोट्स बैंकिंग पीओ, एसएससी, राज्य सिविल सेवा परीक्षा आदि जैसी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी उपयोगी होंगे। यह लेख इंडो-ग्रीक शासन के बारे में बात करता है । अभ्यर्थी नीचे दिए गए लिंक से इंडो-ग्रीक शासन से संबंधित - [सातवाहन राजवंश - सातवाहन साम्राज्य के महत्वपूर्ण शासक](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%a8-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%b6-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%a8-%e0%a4%b8/): सातवाहन राजवंश – सातवाहन साम्राज्य के महत्वपूर्ण शासक [यूपीएससी इतिहास नोट्स] सातवाहन राजवंश का शासन पहली शताब्दी ईसा पूर्व के मध्य में शुरू हुआ और तीसरी शताब्दी ई. की शुरुआत में समाप्त हो गया। सातवाहन राजवंश के क्षेत्र पर बहस होती है, जहाँ कुछ इतिहासकारों का तर्क है कि सातवाहनों ने शुरू में पश्चिमी दक्कन में प्रतिष्ठान (आधुनिक पैठण) के आसपास के क्षेत्र पर अपना कब्ज़ा जमाया और वहाँ से पूर्वी दक्कन, आंध्र और पश्चिमी तट तक विस्तार किया। IAS परीक्षा में प्राचीन इतिहास की तैयारी के लिए यह विषय महत्वपूर्ण है । UPSC की तैयारी के लिए सातवाहन साम्राज्य, उसके शासकों और - [शुंग राजवंश](https://examcg.com/%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%b6/): एनसीईआरटी नोट्स: शुंग राजवंश [प्राचीन भारतीय इतिहास नोट्स यूपीएससी के लिए] IAS उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण विषयों पर NCERT नोट्स । ये नोट्स बैंकिंग PO, SSC, राज्य सिविल सेवा परीक्षा आदि जैसी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी उपयोगी होंगे। यह लेख मौर्योत्तर भारत – सुंग राजवंश के बारे में बात करता है। अशोक की मृत्यु के बाद, मौर्य साम्राज्य धीरे-धीरे बिखर गया क्योंकि उसके उत्तराधिकारी विशाल साम्राज्य को टूटने से बचाने में असमर्थ थे। प्रांतों से स्वतंत्र राज्य उभरे। उत्तर-पश्चिम में विदेशी आक्रमण हो रहे थे। कलिंग ने अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की। दक्षिण में, सातवाहन सत्ता में आए और गंगा के - [NCERT नोट्स: मौर्य साम्राज्य: पतन के कारण](https://examcg.com/ncert-%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a4%a4/): NCERT नोट्स: मौर्य साम्राज्य: पतन के कारण [प्राचीन भारतीय इतिहास UPSC के लिए] यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण विषयों पर एनसीईआरटी नोट्स । ये नोट्स बैंकिंग पीओ, एसएससी, राज्य सिविल सेवा परीक्षा आदि जैसी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी उपयोगी होंगे। यह लेख मौर्य साम्राज्य के पतन के बारे में बात करता है। करेंट अफेयर्स पेज पर जाकर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की घटनाओं के बारे में हर रोज़ अपडेट प्राप्त करें  । अभी पेज पर जाएँ!!  अपनी यूपीएससी परीक्षा की तैयारी को मजबूत करने के लिए नीचे दिए गए लिंक देखें: पीआईबी सारांश और विश्लेषण एनसीईआरटी मध्यकालीन भारतीय इतिहास नोट्स - [अशोक शिलालेख (अशोक के शिलालेख)](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%b6%e0%a5%8b%e0%a4%95-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%96-%e0%a4%85%e0%a4%b6%e0%a5%8b%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be/): अशोक शिलालेख (अशोक के शिलालेख) [एनसीईआरटी नोट्स – यूपीएससी के लिए प्राचीन भारतीय इतिहास नोट्स] महान सम्राट अशोक, मौर्य वंश के तीसरे राजा, ने कलिंग में युद्ध के भयानक प्रभावों को देखने के बाद बौद्ध धर्म अपना लिया था। वे बौद्ध धर्म के समर्थक और संरक्षक बन गए और अपने साम्राज्य और उससे परे धम्म को फैलाने का प्रयास किया। उन्होंने बुद्ध के संदेश को फैलाने के लिए पूरे उपमहाद्वीप और यहां तक कि आधुनिक अफगानिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और पाकिस्तान में भी स्तंभ और शिलालेख बनवाए। अशोक के शिलालेख (यूपीएससी नोट्स)पीडीएफ यहां से डाउनलोड करें यह लेख विभिन्न शिलालेखों पर अशोक - [एनसीईआरटी नोट्स: अशोक - जीवन और धम्म](https://examcg.com/%e0%a4%8f%e0%a4%a8%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%88%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%85%e0%a4%b6%e0%a5%8b%e0%a4%95-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5/): एनसीईआरटी नोट्स: अशोक – जीवन और धम्म [प्राचीन भारतीय इतिहास नोट्स यूपीएससी के लिए] यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण विषयों पर एनसीईआरटी नोट्स । ये नोट्स बैंकिंग पीओ, एसएससी, राज्य सिविल सेवा परीक्षा आदि जैसी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी उपयोगी होंगे। यह लेख आईएएस परीक्षा के लिए सम्राट अशोक के बारे में बात करता है। अशोक और धम्म –पीडीएफ यहां से डाउनलोड करें प्रारंभिक जीवन मौर्य सम्राट बिन्दुसार और सुभद्रांगी के पुत्र। चंद्रगुप्त मौर्य के पोते. उनके अन्य नाम देवानामपिय (संस्कृत देवानामप्रिया जिसका अर्थ है देवताओं का प्रिय) और पियादसि थे। भारत के महानतम सम्राटों में से एक माने - [एनसीईआरटी नोट्स: मौर्य प्रशासन](https://examcg.com/%e0%a4%8f%e0%a4%a8%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%88%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a5%8d/): एनसीईआरटी नोट्स: मौर्य प्रशासन यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण विषयों पर एनसीईआरटी नोट्स । ये नोट्स बैंक पीओ, एसएससी, राज्य सिविल सेवा परीक्षा आदि जैसी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी उपयोगी होंगे। यह लेख मौर्य प्रशासन यूपीएससी यानी मौर्य साम्राज्य के बारे में यूपीएससी के लिए नोट्स के बारे में बात करता है । मौर्य साम्राज्य में एक कुशल और केंद्रीकृत प्रशासनिक व्यवस्था थी। मौर्य साम्राज्य के तहत प्रशासन के बारे में जानकारी का मुख्य स्रोत चाणक्य का काम, अर्थशास्त्र है। मेगस्थनीज ने अपनी पुस्तक इंडिका में भी कुछ जानकारी दी है। मौर्य प्रशासन (यूपीएससी नोट्स):- पीडीएफ यहां से डाउनलोड करें - [मौर्य साम्राज्य (322-185 ईसा पूर्व)](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-322-185-%e0%a4%88%e0%a4%b8%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0/): मौर्य साम्राज्य (322-185 ईसा पूर्व) – प्राचीन भारतीय इतिहास यूपीएससी के लिए एनसीईआरटी नोट्स प्राचीन भारत में कई महत्वपूर्ण साम्राज्य विकसित हुए। उनमें से एक मौर्य साम्राज्य था। चंद्रगुप्त मौर्य द्वारा स्थापित, मौर्य साम्राज्य हमारे इतिहास में एक महत्वपूर्ण राजवंश था। यह लेख IAS परीक्षा के लिए मौर्य साम्राज्य पर NCERT नोट्स प्रदान करेगा । ये नोट्स बैंकिंग PO, SSC, राज्य सिविल सेवा परीक्षा आदि जैसी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी उपयोगी होंगे। यह लेख प्राचीन भारत में मौर्य साम्राज्य के उदय और विकास के बारे में बात करता है, जो IAS परीक्षा के इतिहास के पाठ्यक्रम में एक महत्वपूर्ण विषय है। - [जैन धर्म - तीर्थंकर, वर्धमान महावीर और त्रिरत्न](https://examcg.com/%e0%a4%9c%e0%a5%88%e0%a4%a8-%e0%a4%a7%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae-%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%ae%e0%a4%be/): जैन धर्म – तीर्थंकर, वर्धमान महावीर और त्रिरत्न [यूपीएससी के लिए एनसीईआरटी प्राचीन भारतीय इतिहास नोट्स] वर्धमान महावीर 24वें तीर्थंकर (एक महान शिक्षक) थे। जैन धर्म के सिद्धांत और महावीर के बारे में तथ्य IAS परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं  क्योंकि यह भारतीय प्राचीन इतिहास और भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। UPSC सिविल सेवा परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण विषयों पर NCERT नोट्स। ये नोट्स बैंकिंग PO, SSC, राज्य लोक सेवा परीक्षा आदि जैसी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी उपयोगी होंगे। यह लेख प्राचीन भारत में जैन धर्म के उदय और प्रसार, जैन धर्म के त्रिरत्न और बहुत कुछ के बारे में बात - [बौद्ध परिषदें और महत्वपूर्ण ग्रंथ](https://examcg.com/%e0%a4%ac%e0%a5%8c%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%b7%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%aa%e0%a5%82/): बौद्ध परिषदें और महत्वपूर्ण ग्रंथ [NCERT कला और संस्कृति यूपीएससी के लिए] चार बौद्ध परिषदें हैं, पहली परिषद मगध साम्राज्य के तहत हर्यंक राजवंश के राजा अजातशत्रु के संरक्षण में 483 ईसा पूर्व के आसपास आयोजित की गई थी। अन्य तीन बौद्ध परिषदें क्रमशः 383 ईसा पूर्व, 250 ईसा पूर्व और 72 ईस्वी के आसपास आयोजित की गईं। IAS परीक्षा के लिए बौद्ध परिषदों और बौद्ध ग्रंथों के बारे में इस लेख में पढ़ें । बौद्ध परिषद् और महत्वपूर्ण ग्रंथपीडीएफ यहां से डाउनलोड करें यूपीएससी के पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र  पृष्ठ पर जाकर देश की सबसे कठिन परीक्षा की तैयारी करें  !! इसके अलावा, - [गौतम बुद्ध - जीवन और शिक्षाएँ](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a5%8c%e0%a4%a4%e0%a4%ae-%e0%a4%ac%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%a8-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be/): गौतम बुद्ध – जीवन और शिक्षाएँ [यूपीएससी के लिए एनसीईआरटी प्राचीन भारतीय इतिहास नोट्स] गौतम बुद्ध की शिक्षाएँ जीवन के मध्य मार्ग, आत्मज्ञान के लिए आठ गुना मार्ग और चार महान सत्यों के इर्द-गिर्द घूमती हैं। यह लेख आपको IAS परीक्षा के लिए बुद्ध, बुद्ध के दर्शन और गौतम बुद्ध की शिक्षाओं पर प्रासंगिक NCERT नोट्स प्रदान करेगा । यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण विषयों पर एनसीईआरटी नोट्स। ये नोट्स बैंकिंग पीओ, एसएससी, राज्य सिविल सेवा परीक्षा आदि जैसी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी उपयोगी होंगे। सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी को बेहतर बनाने के लिए निम्नलिखित लिंक देखें: यूपीएससी पिछले वर्ष - [मगध साम्राज्य का उदय और विकास](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%97%e0%a4%a7-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%89%e0%a4%a6%e0%a4%af-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b5%e0%a4%bf/): मगध साम्राज्य का उदय और विकास [प्राचीन भारतीय इतिहास नोट्स यूपीएससी के लिए] मगध साम्राज्य में समय के साथ तीन राजवंशों का शासन शामिल है – हर्यंक राजवंश, शिशुनाग राजवंश और नंद राजवंश। मगध साम्राज्य की समयरेखा 684 ईसा पूर्व से 320 ईसा पूर्व तक होने का अनुमान है। इस लेख में ‘मगध साम्राज्य का उदय और विकास’ विषय के बारे में पढ़ें; जो IAS परीक्षा (प्रारंभिक – प्राचीन इतिहास और मुख्य – GS I और वैकल्पिक) के लिए महत्वपूर्ण है। यूपीएससी के लिए प्राचीन इतिहास की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण ऐसे अन्य लेख नीचे दी गई तालिका में दिए गए हैं: वैदिक - [भारत पर फ़ारसी और यूनानी आक्रमण](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%ab%e0%a4%bc%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%86/): भारत पर फ़ारसी और यूनानी आक्रमण [प्राचीन भारतीय इतिहास नोट्स यूपीएससी के लिए] फारसी आक्रमण का इतिहास 550 ईसा पूर्व से जुड़ा है, जब साइरस ने भारत के उत्तर-पश्चिमी मोर्चे पर आक्रमण किया था। ग्रीक आक्रमण का इतिहास 327 ईसा पूर्व से जुड़ा है, जब सिकंदर ने उत्तर-पश्चिमी भारत पर आक्रमण किया था। IAS परीक्षा (प्रारंभिक परीक्षा – प्राचीन भारत; मुख्य परीक्षा – GS I और वैकल्पिक) के लिए भारत में फारसी और ग्रीक दोनों आक्रमणों के बारे में पढ़ें। अन्य समान महत्वपूर्ण प्राचीन इतिहास विषय नीचे दी गई तालिका में दिए गए हैं: कुषाण साम्राज्य शक संवत इंडो-यूनानी शासन भारत पर फारसी - [वैदिक सभ्यता - इंडो-आर्यन प्रवास, प्रारंभिक और उत्तर वैदिक काल](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a5%8b-%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a8-%e0%a4%aa/): वैदिक सभ्यता – इंडो-आर्यन प्रवास, प्रारंभिक और उत्तर वैदिक काल [UPSC GS-I] वैदिक युग 1500 ईसा पूर्व से 600 ईसा पूर्व के बीच था। यह अगली प्रमुख सभ्यता है जो 1400 ईसा पूर्व तक सिंधु घाटी सभ्यता के पतन के बाद प्राचीन भारत में हुई थी। वेदों की रचना इसी काल में की गई थी और इसी कारण इस युग को यह नाम मिला। वेद इस युग के बारे में जानकारी का मुख्य स्रोत भी हैं। वैदिक युग की शुरुआत आर्यों या इंडो-आर्यों के आगमन से हुई। वैदिक सभ्यता (यूपीएससी नोट्स):- पीडीएफ यहां से डाउनलोड करें अभ्यर्थी नीचे दिए गए लिंक - [वैदिक साहित्य - प्राचीन इतिहास](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%87%e0%a4%a4/): वैदिक साहित्य – प्राचीन इतिहास [UPSC GS-I नोट्स] ‘श्रुति’ ग्रंथ (अर्थ – जिसे सुना गया है) का दर्जा प्राप्त होने के कारण, वेद स्वयं-अस्तित्व वाले सत्य को मूर्त रूप देते हैं, जिसे हिंदू परंपरा के ऋषियों द्वारा ध्यान की अवस्था में महसूस किया गया माना जाता है। ‘स्मृति’ ग्रंथों (अर्थ – याद किया गया) में वेदांग, पुराण, महाकाव्य, धर्मशास्त्र और नीतिशास्त्र शामिल हैं। यह लेख आपको IAS परीक्षा (प्रारंभिक, मुख्य – GS I) के लिए वैदिक साहित्य के बारे में प्रासंगिक तथ्य प्रदान करेगा। यूपीएससी की तैयारी के लिए अभ्यर्थी प्राचीन इतिहास के नीचे दिए गए प्रासंगिक लेख पढ़ सकते हैं: सिंधु घाटी - [वेदों के प्रकार - ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद और अथर्ववेद](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%8b%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%a6-%e0%a4%b8%e0%a4%be/): वेदों के प्रकार – ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद और अथर्ववेद वेद चार प्रकार के हैं – ऋग्वेद, सामवेद, यजुर्वेद और अथर्ववेद। प्राचीन भारतीय इतिहास के सबसे अच्छे स्रोतों में से एक वैदिक साहित्य है। वेदों ने भारतीय धर्मग्रंथ का निर्माण किया है। वैदिक धर्म के विचारों और प्रथाओं को वेदों द्वारा संहिताबद्ध किया गया है और वे शास्त्रीय हिंदू धर्म का आधार भी हैं। इतिहास विषय के पाठ्यक्रम को ध्यान में रखते हुए, IAS परीक्षा के लिए ‘वेदों के प्रकार’ विषय महत्वपूर्ण है । प्रारंभिक या मुख्य चरण में किसी भी प्रकार के वेदों से प्रश्न पूछे जा सकते हैं। इसलिए, यह लेख सिविल - [ऋग्वेद - महत्वपूर्ण तथ्य](https://examcg.com/%e0%a4%8b%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%a6-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a3-%e0%a4%a4%e0%a4%a5%e0%a5%8d%e0%a4%af/): ऋग्वेद – महत्वपूर्ण तथ्य [NCERT प्राचीन भारतीय इतिहास नोट्स यूपीएससी के लिए] ऋग्वेद चार वेदों में सबसे पुराना है। यह संस्कृत में रचित एक धार्मिक ग्रंथ है, जिसकी उत्पत्ति प्राचीन भारत (1800-1100 ईसा पूर्व) में हुई थी। ‘ऋग्वेद’ विषय भारत के प्राचीन इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है; जो IAS परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है । यह लेख आपको ऋग्वेद के बारे में कुछ महत्वपूर्ण और रोचक तथ्य प्रदान करेगा जो यूपीएससी प्रारंभिक (प्राचीन इतिहास) और मुख्य (जीएस I और वैकल्पिक) दोनों के लिए सहायक होगा। ऋग्वेद तथ्य (यूपीएससी नोट्स):-पीडीएफ यहां से डाउनलोड करें ऋग्वेद पढ़ने के इच्छुक अभ्यर्थी नीचे दी गई तालिका - [सिंधु घाटी सभ्यता (2500 ईसा पूर्व)](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%81-%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a4%be-2500-%e0%a4%88%e0%a4%b8%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0/): सिंधु घाटी सभ्यता (2500 ईसा पूर्व) – आईवीसी के बारे में 100 अवश्य जानने योग्य तथ्य [यूपीएससी प्राचीन इतिहास] सिंधु घाटी सभ्यता (IVC) दुनिया की चार महान सभ्यताओं में से एक है। यह सिंधु और घग्गर-हकरा के बाढ़ के मैदानों में पनपी। IVC दक्षिण एशिया के पश्चिमी भाग में फैली हुई थी जो अब भारत, पाकिस्तान और अफ़गानिस्तान में स्थित है। यह 2500 ईसा पूर्व में फली-फूली। ‘सिंधु घाटी सभ्यता के बारे में अवश्य जानने योग्य तथ्य’ विषय IAS परीक्षा – प्रारंभिक (प्राचीन इतिहास) और मुख्य (GS-I और वैकल्पिक) के लिए महत्वपूर्ण है। IVC के बारे में 100 महत्वपूर्ण तथ्य जानने के लिए - [सिंधु घाटी सभ्यता (IVC) - 3300-1400 ईसा पूर्व](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%81-%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a4%be-ivc-3300-1400-%e0%a4%88%e0%a4%b8%e0%a4%be-%e0%a4%aa/): सिंधु घाटी सभ्यता (IVC) – 3300-1400 ईसा पूर्व [प्राचीन भारतीय इतिहास नोट्स यूपीएससी के लिए] सिंधु घाटी सभ्यता (IVC) लगभग 2500 ईसा पूर्व में विकसित हुई, जिसे अक्सर परिपक्व IVC का युग कहा जाता है। यह भारत की रीढ़ की हड्डी है क्योंकि यह दुनिया की प्रमुख सभ्यताओं में से एक है। IAS परीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण विषय , सिंधु घाटी सभ्यता को उम्मीदवारों द्वारा अच्छी तरह से पढ़ा जाना चाहिए। यह लेख आपको IVC पर NCERT नोट्स प्रदान करेगा। इस लेख को पढ़ने के बाद, अभ्यर्थियों को नीचे दी गई तालिका में दिए गए संबंधित विषयों को भी पढ़ने का सुझाव - [भारत में प्रागैतिहासिक युग](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a5%88%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%af/): भारत में प्रागैतिहासिक युग [प्राचीन भारतीय इतिहास नोट्स यूपीएससी के लिए] प्रागैतिहासिक काल से तात्पर्य उस समय से है जब कोई लेखन और विकास नहीं था। इसमें पाँच काल शामिल हैं – पुरापाषाण, मध्यपाषाण, नवपाषाण, ताम्रपाषाण और लौह युग। यह IAS परीक्षा के लिए प्राचीन भारतीय इतिहास के अंतर्गत महत्वपूर्ण विषयों में से एक है । यह लेख यूपीएससी सीएसई उम्मीदवारों के लिए भारत में प्रागैतिहासिक युग पर सभी प्रासंगिक जानकारी देता है । प्रागैतिहासिक भारत इतिहास इतिहास (  ग्रीक शब्द हिस्टोरिया से, जिसका अर्थ है “जांच”, जांच द्वारा प्राप्त ज्ञान) अतीत का अध्ययन है। इतिहास एक व्यापक शब्द है जो अतीत की घटनाओं के साथ-साथ इन - [कुतुबुद्दीन ऐबक (1150-1210) ने प्रथम मुस्लिम राजवंश की स्थापना कैसे की?](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%a4%e0%a5%81%e0%a4%ac%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%90%e0%a4%ac%e0%a4%95-1150-1210-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a5/): भारतीय इतिहास   कुतुबुद्दीन ऐबक (1150-1210) ने प्रथम मुस्लिम राजवंश की स्थापना कैसे की? कुतुबुद्दीन ऐबक दिल्ली सल्तनत का स्थापक और गुलाम वंश का पहला सुल्तान था। यह गोरी साम्राज्य का सुल्तान मुहम्मद गोरी का एक गुलाम था। वर्ष 1206 में मुहम्मद गोरी ने कुतुबुद्दीन ऐबक को  अपना उत्तराधिकारी बनाया। उसने तराइन के युद्ध (1192 ई.) के बाद भारत में तुर्की सल्तनत के विस्तार में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। मुइज़्ज़ुद्दीन का एक और गुलाम, यलदुज़ (Yalduz), गजनी (गजनी) में सफल हुआ। गजनी के शासक के रूप में यलदूज ने दिल्ली पर भी शासन करने का दावा किया। हालाँकि यह लाहौर से शासन करने वाले ऐबक द्वारा स्वीकार नहीं किया गया था लेकिन इसी समय से सल्तनत ने गजनी से - [प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी और उनके नारे](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%a4%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80/): प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी और उनके नारे भारतीय इतिहास को तीन भागों में बांटा गया है- प्राचीन भारत, मध्यकालीन भारत और आधुनिक भारत। भारतीय इतिहास, विशेष रूप से आधुनिक भारत का हिस्सा यूपीएससी आईएएस प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा दोनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यूपीएससी आईएएस प्रारंभिक परीक्षा में पूछे गए कुल प्रश्नों में से एक महत्वपूर्ण संख्या आधुनिक भारत से आती है। स्वतंत्रता की ओर भारत की यात्रा बहुत कठिन थी। 15 अगस्त 1947 को भारत को ब्रिटिश सरकार से आजादी मिली। स्वतंत्रता का जश्न मनाने और विभिन्न शहीदों को याद करने के इस दिन से हर भारतीय को भारत - [पानीपत की तीसरी लड़ाई - 1761](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%aa%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b2%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%be%e0%a4%88-1761/): पानीपत की तीसरी लड़ाई – 1761 एनसीईआरटी नोट्स: यूपीएससी के लिए आधुनिक भारतीय इतिहास नोट्स यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण विषयों पर एनसीईआरटी नोट्स । ये नोट्स बैंक पीओ, एसएससी, राज्य सिविल सेवा परीक्षा आदि जैसी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी उपयोगी होंगे। यह लेख वर्ष 1761 में हुई पानीपत की तीसरी लड़ाई के बारे में बात करता है। उम्मीदवार नीचे दिए गए लिंक से नोट्स पीडीएफ भी डाउनलोड कर सकते हैं। पानीपत की तीसरी लड़ाई – 1761 (यूपीएससी नोट्स):- पीडीएफ यहां से डाउनलोड करें पानीपत की तीसरी लड़ाई के बारे में तथ्य मराठा साम्राज्य और दुर्रानी साम्राज्य - [तीसरा एंग्लो-मराठा युद्ध [यूपीएससी के लिए आधुनिक भारतीय इतिहास नोट्स]](https://examcg.com/%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%8f%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a0%e0%a4%be-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7/): तीसरा एंग्लो-मराठा युद्ध [यूपीएससी के लिए आधुनिक भारतीय इतिहास नोट्स] एनसीईआरटी नोट्स: IAS परीक्षा के उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण विषयों पर NCERT नोट्स । ये नोट्स बैंक PO, SSC, राज्य सिविल सेवा परीक्षा आदि जैसी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी उपयोगी होंगे। यह लेख तीसरे एंग्लो-मराठा युद्ध के बारे में बात करता है। 18वीं सदी के अंत और 19वीं सदी की शुरुआत के बीच अंग्रेजों और मराठों के बीच तीन एंग्लो-मराठा युद्ध (या मराठा युद्ध) लड़े गए। अंत में, मराठा शक्ति नष्ट हो गई और ब्रिटिश वर्चस्व स्थापित हो गया। तृतीय आंग्ल-मराठा युद्ध (यूपीएससी नोट्स):- पीडीएफ यहां से डाउनलोड करें यूपीएससी पिछले - [द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध [यूपीएससी के लिए आधुनिक भारतीय इतिहास]](https://examcg.com/%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%86%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a0%e0%a4%be-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d/): द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध [यूपीएससी के लिए आधुनिक भारतीय इतिहास] एनसीईआरटी नोट्स: IAS उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण विषयों पर NCERT नोट्स । ये नोट्स बैंकिंग PO, SSC, राज्य सिविल सेवा परीक्षा आदि जैसी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी उपयोगी होंगे। यह लेख द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध के बारे में बात करता है। अभ्यर्थी नीचे दिए गए लिंक से द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध नोट्स पीडीएफ भी डाउनलोड कर सकते हैं। द्वितीय आंग्ल-मराठा युद्ध (यूपीएससी नोट्स):-पीडीएफ यहां से डाउनलोड करें द्वितीय आंग्ल मराठा युद्ध for UPSC 18 वीं सदी के अंत और 19 वीं सदी की शुरुआत के बीच अंग्रेजों और मराठों के बीच तीन एंग्लो-मराठा युद्ध (या मराठा युद्ध) - [प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध - पृष्ठभूमि और महत्व](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a5%e0%a4%ae-%e0%a4%86%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a0%e0%a4%be-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%aa/): प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध – पृष्ठभूमि और महत्व यूपीएससी के लिए आधुनिक भारतीय इतिहास नोट्स एनसीईआरटी नोट्स: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण विषयों पर एनसीईआरटी नोट्स । ये नोट्स बैंकिंग पीओ, एसएससी, राज्य सिविल सेवा परीक्षा आदि जैसी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी उपयोगी होंगे। यह लेख प्रथम आंग्ल-मराठा युद्ध के बारे में बात करता है। 18 वीं सदी के अंत और 19 वीं सदी की शुरुआत के बीच अंग्रेजों और मराठों के बीच तीन एंग्लो-मराठा युद्ध (या मराठा युद्ध) लड़े गए थे । यह लेख प्रथम एंग्लो-मराठा युद्ध के बारे में जानकारी देगा। उम्मीदवार नीचे दिए गए लिंक से प्रथम एंग्लो-मराठा युद्ध नोट्स पीडीएफ - [मराठा: भारतीय इतिहास में उनका उत्थान, गौरव और पतन](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a0%e0%a4%be-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%89/): मराठा: भारतीय इतिहास में उनका उत्थान, गौरव और पतन मराठों का उत्थान: शिवाजी के हिंदवी स्वराज्य से लेकर साम्राज्य विस्तार, प्रशासन और पानीपत की तीसरी लड़ाई के बाद पतन तक की उनकी यात्रा का अन्वेषण करें। पश्चिमी दक्कन पठार से आने वाले योद्धा समुदाय मराठों का उदय भारतीय इतिहास में बहुत महत्व रखता है। मराठी भाषा बोलने वाले मराठों ने हिंदवी स्वराज्य की अवधारणा स्थापित करके एक शक्तिशाली शक्ति के रूप में उभरे, जो हिंदुओं के लिए स्वशासन की वकालत करता था। शिवाजी के नेतृत्व में मराठों ने आदिल शाही वंश के खिलाफ विद्रोह किया और बाद में शक्तिशाली मुगल साम्राज्य को - [मराठा साम्राज्य](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a0%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af/): मराठा साम्राज्य 17वीं शताब्दी में मराठा साम्राज्य भारतीय उपमहाद्वीप के एक बड़े हिस्से पर हावी था।  यह साम्राज्य औपचारिक रूप से छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक के साथ 1674 से अस्तित्व में आया और ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के हाथों पेशवा बाजीराव द्वितीय की हार के साथ 1818 में समाप्त हो गया। यह लेख आईएएस परीक्षा के संदर्भ में मराठा साम्राज्य के बारे में और जानकारी देगा । मराठा साम्राज्य की उत्पत्ति मराठा साम्राज्य की उत्पत्ति का पता छत्रपति शिवाजी महाराज द्वारा बीजापुर सल्तनत और बाद में मुगल साम्राज्य के शासन के खिलाफ विद्रोह की एक श्रृंखला से लगाया जा सकता है। हिंदवी स्वराज्य के सिद्धांत - [छत्रपति शिवाजी महाराज](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c/): छत्रपति शिवाजी महाराज प्रिलिम्स के लिये  छत्रपति शिवाजी, चौथ, सरदेशमुखी, काठी प्रणाली, मीरासदार, अष्टप्रधान, शाककर्ता, क्षत्रिय कुलवंत, हैंदव धर्मोद्धारक, पुरंदर की संधि, प्रतापगढ़ की लड़ाई, 1659; पवन खिंड की लड़ाई, 1660; सूरत की लड़ाई, 1664; पुरंदर की लड़ाई, 1665; सिंहगढ़ की लड़ाई, 1670; कल्याण की लड़ाई, 1682-83; संगमनेर की लड़ाई, 1679 मेन्स के लिये छत्रपति शिवाजी के अंतर्गत मराठा साम्राज्य और राजस्व तथा सैन्य नीतियाँ चर्चा में क्यों? हाल ही में, भारत के राष्ट्रपति ने छत्रपति शिवाजी महाराज को श्रद्धांजलि दी। इस वर्ष की शुरुआत में गोवा सरकार ने मराठा राजा के राज्याभिषेक दिवस (6 जून) की वर्षगांठ के अवसर पर - [मराठा साम्राज्य (1674-1818) - राजाओं की सूची, इतिहास, शासक, युद्ध और राजवंश](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a0%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-1674-1818-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%93%e0%a4%82/): मराठा साम्राज्य (1674-1818) – राजाओं की सूची, इतिहास, शासक, युद्ध और राजवंश पाठ्यक्रम सामान्य अध्ययन पेपर I यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के लिए विषय मराठा साम्राज्य का उदय, प्रारंभिक मराठा राज्य यूपीएससी मुख्य परीक्षा के लिए विषय शिवाजी महाराज के अधीन मराठा साम्राज्य, प्रशासन, विस्तार और मराठों का पतन मराठा साम्राज्य (maratha empire) आधुनिक भारतीय संघ का आरंभिक रूप था। 18वीं शताब्दी में मराठा संघ ने भारतीय उपमहाद्वीप के अधिकांश भाग पर अपना प्रभुत्व स्थापित कर लिया था। मराठा साम्राज्य की स्थापना छत्रपति शिवाजी ने 17वीं शताब्दी के अंत में की थी। इसकी स्थापना उस समय दक्कन की विशेषता वाली अराजकता और - [छत्तीसगढ़ के हिंदी लेखक डॉ. विनोद कुमार शुक्ल को मिला 59वां ज्ञानपीठ पुरस्कार](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%96%e0%a4%95-%e0%a4%a1/): छत्तीसगढ़ के हिंदी लेखक डॉ. विनोद कुमार शुक्ल को मिला 59वां ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रख्यात हिंदी साहित्यकार, 88 वर्षीय विनोद कुमार शुक्ल को हिंदी साहित्य में उनके योगदान के लिए 2024 का 59वां ज्ञानपीठ पुरस्कार प्रदान किया गया। यह भारत का सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान है, जिसे भारतीय भाषाओं में उत्कृष्ट साहित्य के लिए दिया जाता है. इसके अंतर्गत 11 लाख रुपये की राशि, वाग्देवी की कांस्य प्रतिमा और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है. विनोद कुमार शुक्ल हिन्दी के 12वें और छत्तीसगढ़ के पहले साहित्यकार हैं जिन्हें यह पुरस्कार मिला है. हिंदी लेखक विनोद कुमार शुक्ल छत्तीसगढ़ से ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’ जीतने वाले - [आदतन अपराधी कानून किस प्रकार भेदभाव करते हैं?](https://examcg.com/%e0%a4%86%e0%a4%a6%e0%a4%a4%e0%a4%a8-%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%82%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b8-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0/): आदतन अपराधी कानून किस प्रकार भेदभाव करते हैं? राजव्यवस्था | मुख्य परीक्षा प्रश्नपत्र 2 : कमजोर वर्गों के लिए गठित कानून, संस्थाएँ और निकाय PYQ प्रासंगिकता: प्रश्न: समता और सामाजिक न्याय के लिए व्यापक नीतियों के बावजूद, वंचित वर्गों को अभी तक संविधान द्वारा परिकल्पित सकारात्मक कार्रवाई का पूरा लाभ नहीं मिल रहा है। टिप्पणी करें। (UPSC 2024) कारण: यह प्रश्न प्रणालीगत बाधाओं के व्यापक मुद्दे से संबंधित है जो हाशिए पर रहने वाले समूहों को उनके अधिकारों और लाभों तक पहुंचने से रोकते हैं, जो आदतन अपराधी कानूनों के भेदभावपूर्ण प्रभाव के लिए प्रासंगिक है। सलाहकार की टिप्पणी: आदतन अपराधी कानूनों पर सर्वोच्च न्यायालय द्वारा उठाए गए - [मुगल साम्राज्य का इतिहास](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a4%b2-%e0%a4%b0%e0%a4%be-2/): मुगल साम्राज्य का इतिहास (History of Mughal Empire in Hindi) भारतीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है, जिसने भारतीय उपमहाद्वीप की राजनीति, संस्कृति और समाज को गहराई से प्रभावित किया। मुगलों ने 16वीं शताब्दी में भारत में प्रवेश किया और जल्द ही अपनी ताकत और रणनीति के बल पर एक विशाल साम्राज्य की नींव रखी। बाबर से लेकर औरंगजेब तक, मुगलों ने कला, वास्तुकला, प्रशासनिक सुधार और संस्कृति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि कैसे मुगलों ने अपनी सैन्य शक्ति, कुशल शासन के जरिए भारत में अपना वर्चस्व बनाया और इसे लंबे समय तक बनाए - [त्रिकोणमिति के सभी सूत्र | Every Formula in Trigonometry](https://examcg.com/%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%a3%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-every/): त्रिकोणमिति के सभी सूत्र | Every Formula in Trigonometry Quick Summary त्रिकोणमिति गणित की एक शाखा है जो कोणों और त्रिकोणों के गुणों से संबंधित होती है। यह मुख्य रूप से समकोण त्रिकोणों में उपयोग होती है। त्रिकोणमिति में 6 मुख्य सूत्र होते हैं: साइन, कोसाइन, टैन्जेंट, कोटैन्जेंट, सेकंड और कोसेकंड। इनका उपयोग कोणों और त्रिकोणों के गुण मापने, समस्याओं को हल करने और अन्य गणनाओं में किया जाता है। त्रिकोणमिति का उपयोग गणना, भौतिकी, इंजीनियरिंग, खगोलशास्त्र और कई अन्य क्षेत्रों में होता है। त्रिकोणमिति गणित की वह शाखा है, जिसमें त्रिभुज के कोणों और भुजाओं का अध्ययन किया जाता है। यह उन फलनों - [संवाद लेखन : परिभाषा, प्रारूप और उदाहरण](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%96%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b0/): संवाद लेखन : परिभाषा, प्रारूप और उदाहरण Samvad Lekhan in Hindi: Quick Summary संवाद लेखन में दो पक्षों के बीच विचारों और भावनाओं का आदान-प्रदान होता है। इसमें स्पष्टता, संप्रेषण की सही दिशा और संक्षिप्तता महत्वपूर्ण हैं। संवाद का उद्देश्य समझाना, जानकारी देना और समस्याओं का समाधान करना होता है। यह मौखिक या लिखित रूप में हो सकता है। प्रभावी संवाद लेखन में सही शब्दों का चयन और व्याकरण का ध्यान रखना जरूरी है। Table of Contents संवाद लेखन एक रचनात्मक कला है, जो किसी कहानी, विचार या अनुभव को दो या अधिक व्यक्तियों के बीच बातचीत के माध्यम से प्रस्तुत - [मराठा साम्राज्य का उदय और शिवाजी महाराज](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a0%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%89%e0%a4%a6%e0%a4%af-%e0%a4%94%e0%a4%b0/): मराठा साम्राज्य का उदय और शिवाजी महाराज | Maratha Samrajya Ka Uday aur Shivaji Maharaj in hindi दोस्तो इस ब्लॉग में हम मराठा साम्राज्य के बारे देखेंगे की मराठा साम्राज्य का उदय कैसे हुआ फिर शिवाजी महाराज, उनके सैन्य प्रशासन और उनके द्वारा लड़े गए महत्वपूर्ण लड़ाईयों के बारे जानकारी लेंगे।   Shivaji Maharaj मराठा साम्राज्य का उदय शिवाजी के आदि पूर्वज मेवाड़ के सिसोदिया वंश के थे। 14 वीं शताब्दी में सज्जन सिंह नामक व्यक्ति अल्लाउद्दीन खिलजी के आक्रमण के समय मेवाड़ से निकलकर महाराष्ट्र आए और इन्होंने मराठा साम्राज्य की नीव रखीं थी। इस वंश की पांचवी पीढ़ी में उग्रसेन नामक - [सर्वनाम के भेद, परिभाषा और उदाहरण](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ad%e0%a5%87%e0%a4%a6-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%94%e0%a4%b0/): AA सर्वनाम के भेद, परिभाषा और उदाहरण सर्वनाम किसे कहते हैं? Quick Summary सर्वनाम एक शब्द है, जो व्यक्ति, स्थान, वस्तु या भावना को व्यक्त करता है। यह नाम के स्थान पर प्रयोग होता है। सर्वनाम वाक्य में किसी चीज़ को पुनः संदर्भित करता है। उदाहरण: मैं, तुम, यह, वह, कौन। हिंदी भाषा में संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण आदि शब्द भेदों का विशेष महत्व है। भाषा को सहज, स्पष्ट और प्रभावी बनाने में इनका योगदान अहम होता है। इन्हीं में से एक महत्वपूर्ण शब्द भेद है सर्वनाम। सर्वनाम न केवल वाक्यों को सरल और प्रभावशाली बनाता है, बल्कि भाषा की सुंदरता को - [मुगलों के शासन काल: मुगल राजाओं के नाम और पतन के कारण](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a4%b2-%e0%a4%b0%e0%a4%be/): मुगलों के शासन काल: मुगल राजाओं के नाम और पतन के कारण मुगलों का शासनकाल 1526 से 1857 तक था। मुगल साम्राज्य की स्थापना बाबर ने की थी और यह भारतीय उपमहाद्वीप में प्रमुख शक्ति थी: मुग़लों ने 1526 से भारत के कुछ हिस्सों पर शासन करना शुरू किया और 1700 तक अधिकांश उपमहाद्वीप पर अपना शासन जमा लिया था। उसके बाद उनके राज-शक्ति में तेज़ी से गिरावट आई, लेकिन 1850 के दशक तक मुख्य रूप से वे एक शासित-प्रदेश थे। अकबर, जहांगीर और शाहजहां जैसे महान शासकों के शासनकाल में मुगल साम्राज्य अपने चरम पर पहुंच गया। मुगलों ने ताजमहल, - [उत्तर मुगल काल (1707-1857)](https://examcg.com/%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2-1707-1857/): उत्तर मुगल काल (1707-1857) आधुनिक भारत के उत्तर मुगल काल और उत्तर मुगल काल के शासक से संबंधित सामान्य अध्ययन । भूमिकामुगल साम्राज्य की स्थापना 1526 ईस्वी में पानीपत के युद्ध के पश्चात बाबर ने की थी परंतु बाबर और हिमायू इसे स्थायित्व नहीं दे पाए। अकबर ने मुगल साम्राज्य को सुदृढ़ता से स्थापित किया और साम्राज्य का विस्तार किया। औरंगजेब के काल में मुगल साम्राज्य चरमोत्कर्ष पर पहुंच परंतु औरंगजेब की नीतियों ने राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और धार्मिक रूप से मुगल साम्राज्य की छवि को हानि पहुंचाई। औरंगजेब की नीतियों जैसे – धार्मिक, राजपूत, सिख, मराठा एवं दक्कन ने संपूर्ण - [भारत में यूरोपियों का आगमन](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%aa%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%86%e0%a4%97%e0%a4%ae/): भारत में यूरोपियों का आगमन  इस लेख मे  भारत में यूरोपियों का आगमन से संबंधित सामान्य अध्ययन की जानकारी दी गई है, आप भारत में यूरोपियों का आगमन सामान्य अध्ययन GK अवश्य पढ़ें । प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी मे यह आधुनिक इतिहास सामान्य अध्ययन बहुत उपयोगी है ।   भारत में यूरोपियों का आगमन यूरोपियों के भारत में आगमन के लिए जिम्मेदार कारक भारत में यूरोपियों के आगमन का प्रमुख कारण पुनर्जागरण के पश्चात् प्राप्त ज्ञान बोध था जिसने यूरोपीय शासकों एवं विचारकों को शेष विश्व से परिचित कराया जिसके परिणामस्वरूप नवीन भौगोलिक खोजें हुई और उपनिवेशवाद की प्रारम्भिक अवस्था का - [प्राचीन भारतीय इतिहास के स्रोत](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%87-3/): प्राचीन भारतीय इतिहास के स्रोत प्राचीन भारतीय इतिहास के स्रोत विषय में जानकारी मुख्यतः निम्नलिखित स्रोतों से प्राप्त होती है- 1. पुरातात्विक स्रोत 2. साहित्यक स्रोत 3. विदेशियों का विवरण पुरातात्विक स्रोत प्राचीन भारत के इतिहास के अध्ययन के लिए पुरातात्विक स्रोत सबसे अधिक प्रामाणिक माने जाते हैं। इसके अन्तर्गत खुदाई से निकली सामग्री, अभिलेख, सिक्के, भवन, मूर्ति, चित्रकला आदि आते हैं। पुरातात्विक उत्खनन दो प्रकार से होता है- क्षैतिज एवं ऊर्ध्वाधर । क्षैतिज उत्खनन से किसी सभ्यता के सम्पूर्ण स्वरूप के बारे में जानकारी प्राप्त होती है जबकि ऊर्ध्वाधर उत्खनन से किसी संस्कृति का काल मापन किया जाता है। रेडियो - [पाठ्यक्रम को प्रभावित करने वाले कारक: Factors Influencing Curriculum](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%b0/): पाठ्यक्रम को प्रभावित करने वाले कारक: Factors Influencing Curriculum पाठ्यक्रम को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक कौन – कौन है? पाठ्यक्रम को प्रभावित करने वाले कारक ( Factors Influencing Curriculum ): – पाठ्यक्रम शिक्षा का व्यापक प्रत्य है। इसकी प्रकृति सैद्धान्तिक अधिक व्यवहारिक कम होती है । पाठ्यक्रम विकास का सम्बंध शिक्षा तथा सामाजिक विकास से है । इसलिए शिक्षा और समाज में होने वाले अनेक कारक पाठ्यक्रम को प्रभावित करते हैं । संक्षेप में इन कारकों का उल्लेख निम्नलिखित है- सामाजिक परिवर्तन : सामाजिक परिवर्तन भी पाठ्यक्रम को प्रभावित करने वाला एक कारक है । सामाजिक परिवर्तन होन से भौतिक - [आकलन एवं मूल्यांकन : अर्थ, परिभाषाएँ एवं स्वरूप](https://examcg.com/%e0%a4%86%e0%a4%95%e0%a4%b2%e0%a4%a8-%e0%a4%8f%e0%a4%b5%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%82%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%a8-%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5-%e0%a4%aa/): आकलन एवं मूल्यांकन : अर्थ, परिभाषाएँ एवं स्वरूप आकलन एवं मूल्यांकन : अर्थ, परिभाषाएँ एवं स्वरूप ASSESSMENT AND EVALUATION: MEANING, DEFINITIONS AND NATURE विद्यार्थियों को निर्धारित शिक्षण अधिगम उद्देश्यों की पूर्ति के लिए कक्षा शिक्षण तथा अन्य गतिविधियों के माध्यम से अपेक्षित अधिगम अनुभव प्रदान करने का कार्य दिया जाता है और इस कार्य के लिए शिक्षकों द्वारा विविध प्रकार की विधियों तथा तकनीकों का उपयोग किया जाता है तथा विद्यार्थियों द्वारा इन्हें अर्जित करने हेतु अपनी ओर से विशेष प्रयास किये जाते हैं, उनका यह प्रयास कितना सार्थक रहा तथा उन्होंने किस प्रकार की शैक्षिक उपलब्धि या निष्पत्ति का प्रदर्शन - [वैदिक काल/ऋग्वैदिक काल Vaidik Kaal in Hindi](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%8b%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2-vaidik-kaal-in-hindi/): वैदिक काल/ऋग्वैदिक काल Vaidik Kaal in Hindi प्राचीन भारतीय इतिहास में सिन्धु सभ्यता के पतन के बाद जो संस्कृति प्रकाश में आई वह वैदिक काल या वैदिक संस्कृति के नाम से जानी जाती है। वैदिक काल के बारे हमे सम्पूर्ण जानकारी वेदों से प्राप्त होती है। वैदिक संस्कृति अपनी पूर्ववर्ती सभ्यता से भिन्न थी इस सभ्यता के संस्थापक आर्य थे। आर्य शब्द का अर्थ श्रेष्ठ या उत्तम माना जाता हैं। वैदिक काल के बारे में जानकारी प्राप्त करने का मुख्य स्रोत चार वेद, उपनिषद, ब्राह्मण ग्रंथ आदि है। वैदिक संस्कृति एक ग्रामीण संस्कृति थी। 1500 ई.पू. से 600 ई.पू. के समय - [उत्तराखंड में ग्रीन गेम्स को प्रोत्साहन](https://examcg.com/%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%96%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%97%e0%a5%87%e0%a4%ae%e0%a5%8d/): उत्तराखंड में ग्रीन गेम्स को प्रोत्साहन       चर्चा में क्यों? राज्य में चल रहे 38वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड ने ग्रीन गेम्स थीम के अनुरूप अभिनव पहल की शुरुआत की। राज्य ने दीर्घकालिक प्रथाओं को अपनाया है, स्थानीय संस्कृति को प्रोत्साहित किया है और महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता प्रदान की। मुख्य बिंदु ग्रीन गेम्स पहल: राज्य ने संरक्षण प्रयासों को उजागर करने के लिये हिमालयी राज्य पक्षी मोनाल को आधिकारिक शुभंकर चुना गया। एक विशिष्ट पहल के तहत विजेताओं को दिये जाने वाले पदक ई-अपशिष्ट से बनाए गए। उत्तराखंड सरकार विजयी खिलाड़ियों के सम्मान में  खेल वन का निर्माण कर रही है। परियोजना के लिये 2.77 हेक्टेयर क्षेत्र निर्धारित किया गया है, जहाँ  1,600 - [छत्तीसगढ़ में समाधि स्मृति महोत्सव](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a4%bf-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%83/): छत्तीसगढ़ में समाधि स्मृति महोत्सव चर्चा में क्यों? हाल ही में केंद्रीय गृहमंत्री ने छत्तीसगढ़ के राजनांदगाँव में श्री विद्यासागर जी महाराज के पहले समाधि स्मृति महोत्सव को संबोधित किया। मुख्य बिंदु  महोत्सव को संबोधित करते हुए: उन्होंने श्री 1008 सिद्धचक्र विधान विश्व शांति महायज्ञ में भी भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने जारी किया: 100 रुपए का स्मारक सिक्का 5 रुपए का विशेष डाक लिफाफा आचार्य श्री विद्यासागर जी के 108 चरण चिह्न एवं चित्र प्रस्तावित समाधि स्मारक ‘विद्यायतन’ की आधारशिला रखी शिक्षा और सामाजिक विकास पहल: मंत्री ने मध्य प्रदेश के डिंडोरी ज़िले में एक बालिका विद्यालय की आधारशिला रखने की घोषणा की, जिसमें निःशुल्क शिक्षा, कौशल विकास और रोज़गार के अवसर उपलब्ध - [NCST द्वारा जनजातीय विस्थापन पर सर्वेक्षण](https://examcg.com/ncst-%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%a8/): NCST द्वारा जनजातीय विस्थापन पर सर्वेक्षण चर्चा में क्यों? राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) ने तेलंगाना, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और ओडिशा की सरकारों को निर्देशित किया है कि वे माओवादी हिंसा के कारण छत्तीसगढ़ से विस्थापित होकर पड़ोसी राज्यों में कठिनाइयों का सामना कर रहे आदिवासी लोगों की वास्तविक संख्या का पता लगाने के लिये एक सर्वेक्षण करें। मुख्य बिंदु विस्थापित जनजातीय लोगों की पहचान: पैनल ने तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और महाराष्ट्र में विस्थापित जनजातीय लोगों की सही संख्या और स्थान निर्धारित करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि अगली कार्रवाई की योजना प्रभावी ढंग से बनाई जा सके। सर्वेक्षण और डेटा संकलन के लिये समन्वय: NCST ने छत्तीसगढ़ सरकार को - [राँची फार्म में एवियन फ्लू का प्रकोप](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%81%e0%a4%9a%e0%a5%80-%e0%a4%ab%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%8f%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%a8-%e0%a4%ab%e0%a5%8d%e0%a4%b2/): चर्चा में क्यों? हाल ही में, राँची में बिरसा कृषि विश्वविद्यालय (BAU) के एक पोल्ट्री फार्म में एवियन फ्लू का मामला पाए जाने के बाद अधिकारियों ने कुल 325 पक्षियों को मार डाला। उन्होंने पूरे प्रभावित क्षेत्र को भी सैनिटाइज किया। मुख्य बिंदु रोकथाम के उपाय: अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह एक स्थानीय घटना है, जो गिनी फाउल्स को प्रभावित कर रही है, जिन्हें फार्म में अनुसंधान के उद्देश्य से रखा गया था। अधिकारी प्रकोप के एक किलोमीटर के दायरे में आने वाले क्षेत्रों का मानचित्रण करेंगे और उन्हें अधिसूचित करेंगे। 10 किलोमीटर के दायरे में स्थित स्थान निगरानी में रहेंगे। H5N1 का पता लगाना: पशु - [मानव तस्करी से निपटने पर राष्ट्रीय सम्मेलन     चर्चा में क्यों?](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%b5-%e0%a4%a4%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a4%9f%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%b0/):   मानव तस्करी से निपटने पर राष्ट्रीय सम्मेलन     चर्चा में क्यों? हाल ही में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के अध्यक्ष ने ‘डिजिटल युग में मानव तस्करी का सामना ‘ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया। आयोग ने इस कार्यक्रम का आयोजन हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, रायपुर, छत्तीसगढ़ के सहयोग से किया। मुख्य बिंदु  सम्मेलन के बारे में: सम्मेलन में मानव तस्करी में डिजिटल प्रौद्योगिकियों के बढ़ते दोहन की जाँच की गई।  चर्चा में तस्करी अपराधों को बढ़ावा देने में इंटरनेट, सोशल मीडिया, क्रिप्टोकरेंसी और अन्य ऑनलाइन उपकरणों की भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया गया।  विशेषज्ञों ने प्रौद्योगिकी, कानून प्रवर्तन एजेंसियों और सामुदायिक भागीदारी से जुड़े निवारक उपायों - [ढोकरा कलाकृति](https://examcg.com/%e0%a4%a2%e0%a5%8b%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a4%bf/): ढोकरा कलाकृति      चर्चा में क्यों? हाल ही में, भारतीय प्रधानमंत्री ने फ्राँस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को संगीतकारों द्वारा जड़ी-बूटियों से सजी एक ढोकरा कलाकृति उपहार में दी, जिसमें भारत की समृद्ध जनजातीय कलात्मकता को दर्शाया गया है।  उन्होंने फ्राँस की प्रथम महिला को पुष्प और मोर की आकृति वाला एक अति सुंदर चाँदी का हाथ से उत्कीर्ण टेबल दर्पण भी भेंट किया। मुख्य बिंदु  ढोकरा के बारे में: छत्तीसगढ़ की सदियों पुरानी धातु-ढलाई शिल्प कला डोकरा में जटिल पीतल और ताँबे की मूर्तियाँ बनाने के लिये लुप्त-मोम तकनीक का उपयोग किया जाता है। उपहार में दी गई इस कृति में पारंपरिक संगीतकारों को गतिशील मुद्राओं में चित्रित किया गया - [कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%87%e0%a4%b0-%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%89%e0%a4%a6/): कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान चर्चा में क्यों? संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) ने छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में स्थित कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान (KVNP) को प्राकृतिक धरोहर श्रेणी के अंतर्गत विश्व धरोहर स्थलों की अपनी संभावित सूची में शामिल किया है। मुख्य बिंदु यूनेस्को की अनंतिम सूची में शामिल: राज्य के मुख्यमंत्री ने इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त करते हुए जैवविविधता संरक्षण, जनजातीय संस्कृति संवर्द्धन और इको-पर्यटन में KVNP की भूमिका पर प्रकाश डाला।  उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक मान्यता से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा बस्तर और छत्तीसगढ़ को प्रतिष्ठा मिलेगी। यूनेस्को मानदंड: KVNP ने तीन महत्त्वपूर्ण मानदंडों के आधार पर यूनेस्को सूची के - [श्वेतांबर और दिगंबर के बीच अंतर](https://examcg.com/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%ac%e0%a4%b0-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%97%e0%a4%82%e0%a4%ac%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a5%80/): श्वेतांबर और दिगंबर के बीच अंतर: जैन संप्रदाय दुनिया के सबसे पुराने धर्मों में से एक जैन धर्म अपने अहिंसा, सत्य और तप के मूल सिद्धांतों के लिए जाना जाता है। जैन धर्म के भीतर, दो मुख्य संप्रदाय, श्वेतांबर और दिगंबर , प्रत्येक की अपनी अनूठी मान्यताएँ और प्रथाएँ हैं।इस लेख में, हम श्वेताम्बर और दिगम्बर के बीच के अंतर का पता लगाएंगे , उनके ऐतिहासिक मूल, विशिष्ट विशेषताओं, उप-संप्रदायों और प्रमुख नेताओं को कवर करेंगे, साथ ही जैन धर्म की इन दो शाखाओं को परिभाषित करने वाले मूल अंतरों पर प्रकाश डालेंगे। श्वेतांबर और दिगंबर के बीच अंतर जैन संप्रदायों का उदय: श्वेतांबर और दिगंबर - [प्राचीन भारतीय इतिहास के पुरातात्विक एवं साहित्यिक स्रोत](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%87-5/): प्राचीन भारतीय इतिहास के पुरातात्विक एवं साहित्यिक स्रोत यदि आप प्राचीन भारत के पुरातात्विक और साहित्यिक स्रोतों की खोज कर रहे हैं , तो आप सही जगह पर हैं। इस लेख में, हम विभिन्न प्रकार के पुरातात्विक और साहित्यिक स्रोतों और प्राचीन भारत के इतिहास को समझने में उनके महत्व का पता लगाएंगे। हम भारत में प्रागैतिहासिक और ऐतिहासिक काल के साथ-साथ देश के अतीत को आकार देने वाले विभिन्न साम्राज्यों और राजवंशों पर चर्चा करेंगे। इसके अलावा, हम इन स्रोतों के उपयोग की सीमाओं और चुनौतियों की भी जांच करेंगे तथा देखेंगे कि विद्वान अतीत की अधिक व्यापक समझ विकसित करने के लिए - [सिंधु घाटी सभ्यता](https://examcg.com/elementor-3534/): सिंधु घाटी सभ्यता  परिचय- भारत का इतिहास सिंधु घाटी सभ्यता से प्रारंभ होता है जिसे हम हड़प्पा सभ्यता के नाम से भी जानते हैं। यह सभ्यता लगभग 2500 ईस्वी पूर्व दक्षिण एशिया के पश्चिमी भाग मैं फैली हुई थी,जो कि वर्तमान में पाकिस्तान तथा पश्चिमी भारत के नाम से जाना जाता है। सिंधु घाटी सभ्यता मिस्र,मेसोपोटामिया,भारत और चीन की चार सबसे बड़ी प्राचीन नगरीय सभ्यताओं से भी अधिक उन्नत थी। 1920 में, भारतीय पुरातत्त्व विभाग द्वारा किये गए सिंधु घाटी के उत्खनन से प्राप्त अवशेषों से हड़प्पा तथा मोहनजोदडो जैसे दो प्राचीन नगरों की खोज हुई। भारतीय पुरातत्त्व विभाग के तत्कालीन - [प्रागैतिहासिक काल](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a5%88%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2/): प्रागैतिहासिक काल विद्वानों ने इतिहास को उसके साक्ष्यों के आधार पर मुख्य रूप से तीन हिस्सों में विभाजित किया है। ये प्रागैतिहासिक काल, आद्य ऐतिहासिक काल और ऐतिहासिक काल के नाम से जाने जाते हैं। प्रागैतिहासिक काल के अंतर्गत इतिहास के उस कालखंड को शामिल किया जाता है, जिसके बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारे समक्ष केवल पुरातात्विक साक्ष्य ही उपलब्ध हैं। इसकी जानकारी प्राप्त करने के लिए हमारे पास किसी भी प्रकार के साहित्यिक साक्ष्य उपस्थित नहीं हैं। इस आधार पर प्रागैतिहासिक काल के अंतर्गत मानव इतिहास के आरंभ से लेकर के हड़प्पा सभ्यता से पहले तक का - [प्राचीन भारतीय इतिहास के स्त्रोत](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%87-4/): प्राचीन भारतीय इतिहास के स्त्रोत प्राचीन इतिहास को जानने के स्त्रोत क्या क्या हैं? इस ब्लॉग के माध्यम से आप प्राचीन इतिहास को जानने के 3 महत्वपूर्ण स्त्रोत (Sources of Ancient India in Hindi) को जान पाएंगे, जो कि निम्नलिखित है- पुरातात्विक स्त्रोत साहित्यिक स्त्रोत विदेशी स्त्रोत पुरातात्विक स्त्रोत प्राचीन भारतीय इतिहास में पुरातात्विक स्त्रोतों का महत्वपूर्ण योगदान है। पुरातात्विक स्त्रोतों में मुख्य रूप से अभिलेख, सिक्कें, स्मारक, भवन, मूर्तियां तथा चित्रकलायें आदि आते हैं।  अभिलेख भारतीय इतिहास में अभिलेखों को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। प्राचीन काल में राजाओं तथा अन्य शाषकों द्वारा पाषाणों, शिलाओं, स्तम्भों, ताम्रपत्रों एवं दीवारों पर - [श्रीमंत झा ने रजत पदक जीता](https://examcg.com/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4-%e0%a4%9d%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b0%e0%a4%9c%e0%a4%a4-%e0%a4%aa%e0%a4%a6%e0%a4%95-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%be/): श्रीमंत झा ने रजत पदक जीता चर्चा में क्यों? भारत के शीर्ष रैंक वाले पैरा-आर्म पहलवान श्रीमंत झा ने नॉर्वे में आयोजित पैरा-आर्म कुश्ती कप 2025 में रजत पदक जीता है।  मुख्य बिंदु: उन्होंने +85 किग्रा वर्ग की प्रतिस्पर्द्धा में पोलैंड के मार्सिन कपलिकी को हराकर पोडियम पर अपना स्थान सुरक्षित किया। नॉर्वे के जॉन फ्रेविक ने स्वर्ण पदक जीता।  उपलब्धियाँ और रैंकिंग: श्रीमंत झा की इस नवीनतम जीत से उनके अंतरराष्ट्रीय पदकों की संख्या 52 हो गई है। उन्होंने उज्बेकिस्तान में वर्ष 2024 में होने वाली एशिया पैरा-आर्म कुश्ती चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक और सितंबर 2023 में कज़ाकिस्तान में होने वाली पैरा-आर्म कुश्ती विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता।  पैरा आर्म रेसलिंग: पैरा आर्म रेसलिंग एक प्रतिस्पर्द्धी खेल है, जो विशेष रूप से शारीरिक विकलांगता वाले एथलीटों के - [छत्तीसगढ़ में नया दुकान एवं स्थापना अधिनियम](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a8%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%8f/): छत्तीसगढ़ में नया दुकान एवं स्थापना अधिनियम चर्चा में क्यों? राज्य की अर्थव्यवस्था को मज़बूत करने के लिये छत्तीसगढ़ सरकार ने नई दुकानें एवं स्थापना अधिनियम लागू किया है, जिससे व्यापारियों को अपनी दुकानें सप्ताह के सातों दिन और 24 घंटे खुली रखने की अनुमति मिल गई है। मुख्य बिंदु नई नीति का उद्देश्य: छत्तीसगढ़ सरकार ने व्यापार को बढ़ावा देने और रोज़गार के अवसर सृजित करने के लिये नई नीति पेश की।  हालांकि, यह नीति शराब की दुकानों पर लागू नहीं होती है।  व्यापारियों के लिये लचीलापन बढ़ा: इससे पहले, दुकानों को सप्ताह में एक दिन बंद रखना अनिवार्य था। नई नीति के तहत, - [नक्सलवाद का अंत](https://examcg.com/%e0%a4%a8%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a4%b2%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%a4/): नक्सलवाद का अंत चर्चा में क्यों? छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमन डेका ने घोषणा की कि राज्य में नक्सलवाद समाप्ति के कगार पर है। मुख्य बिंदु  माओवाद उन्मूलन के लिये सरकार की रणनीति: बजट सत्र के पहले दिन छत्तीसगढ़ विधानसभा को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि सरकार की रणनीतिक सोच, सुरक्षा बलों की बहादुरी और जनता के सहयोग के कारण छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद समाप्ति की ओर है।  सरकार ने क्षेत्र पर नियंत्रण के प्रयास तेज़ कर दिये हैं, जिसके परिणामस्वरूप पिछले 14 महीनों में 300 से अधिक नक्सलियों का सफाया हो गया है। इसके अतिरिक्त, 972 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि सुरक्षा बलों ने 1,183 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में - [अंतरिक्ष विकास के लिये छत्तीसगढ़ ने इसरो के साथ समझौता किया](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%87-%e0%a4%9b%e0%a4%a4/): अंतरिक्ष विकास के लिये छत्तीसगढ़ ने इसरो के साथ समझौता किया चर्चा में क्यों? छत्तीसगढ़ सरकार ने शासन, कृषि, पर्यावरण प्रबंधन और आपदा तैयारी के लिये अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का उपयोग करने हेतु प्रमुख क्षेत्रों में उन्नत अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी को लागू करने के लिये भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के साथ साझेदारी की है। मुख्य बिंदु छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह सहयोग प्रमुख चुनौतियों का समाधान करने, संसाधन प्रबंधन को अनुकूलित करने और राज्य की प्रगति में तेज़ी लाने के लिये वैज्ञानिक प्रगति को बढ़ावा देगा। अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के एकीकरण से किसानों को सक्षमता मिलेगी, जलवायु अनुकूलन रणनीतियों में सुधार होगा तथा वैज्ञानिक प्रगति और वास्तविक दुनिया में कार्यान्वयन के बीच की खाई को - [छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाएँ](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%95-%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%98/): छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाएँ चर्चा में क्यों? छत्तीसगढ़ सरकार के अनुसार, पिछले छह वर्षों में छत्तीसगढ़ में सड़क दुर्घटनाओं में 79,523 घटनाओं में 33,700 से अधिक लोगों की जान गई तथा 70,255 लोग घायल हुए। मुख्य बिंदु सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिये सरकारी योजनाएँ: आयुष्मान भारत कार्ड धारक निर्धारित सीमा के भीतर सरकारी और निजी अस्पतालों में दुर्घटना से संबंधित चोटों के लिये मुफ्त चिकित्सा जाँच और उपचार का लाभ उठा सकते हैं। हिट-एंड-रन मामलों के लिये मुआवज़ा: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने वर्ष 2022 में हिट-एंड-रन पीड़ितों के लिये एक नई मुआवज़ा योजना शुरू की।  इस योजना के अंतर्गत: गंभीर चोट के लिये मुआवज़ा - [छत्तीसगढ़ में माओवादियों से मुठभेड़](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%93%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82/): छत्तीसगढ़ के सुकमा ज़िले  में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में माओवादी मारे गए। मुख्य बिंदु माओवादी हताहत: नवीनतम मुठभेड़ के कारण संघर्ष प्रभावित बस्तर क्षेत्र में 2025 के पहले 60 दिनों में मारे गए माओवादियों की संख्या बढ़कर 67 हो गई है।   सुकमा, जहाँ मुठभेड़ हुई, बस्तर क्षेत्र के सात ज़िलों में से एक है। इसके अतिरिक्त, सुरक्षा बलों ने बस्तर के बाहर स्थित गरियाबंद ज़िले में मुठभेड़ों में 17 माओवादियों को मार गिराया। छत्तीसगढ़ में वर्ष 2025 में मारे गए माओवादियों की कुल संख्या 84 है। वर्ष 2024 में नक्सल विरोधी अभियानों (ANO) के दौरान सुरक्षा बलों ने राज्य में 219 माओवादियों को मार गिराया था। - [छत्तीसगढ़ बजट](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%ac%e0%a4%9c%e0%a4%9f/): छत्तीसगढ़ बजट चर्चा में क्यों? छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ने राज्य विधानसभा में 1,65,000 करोड़ रुपए का बजट पेश किया और लालफीताशाही को कम करने तथा पूंजीगत व्यय को बढ़ावा देने के उपायों पर प्रकाश डाला।  उन्होंने सरकार के दृष्टिकोण को उजागर करने के लिये संक्षिप्त नाम GATI ( सुशासन,  बुनियादी ढाँचे, प्रौद्योगिकी और औद्योगिक विकास में तेज़ी) भी पेश किया। मुख्य बिंदु सुधार का प्रयास: सरकार ने कारोबार में सुगमता को बढ़ावा देने के लिये पहले चरण में 20 विभागों में 216 सुधारों को लागू करने का लक्ष्य रखा है। व्यापार सुधार कार्य योजना का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और नियमों को सरल बनाना है। धोखाधड़ी को रोकने, भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने तथा कागज़ रहित - [छत्तीसगढ़ में महिला पंचायत की जगह प्रॉक्सी शपथ](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%82%e0%a4%9a%e0%a4%be/): छत्तीसगढ़ में महिला पंचायत की जगह प्रॉक्सी शपथ चर्चा में क्यों? छत्तीसगढ़ के कबीरधाम ज़िले के परसवाड़ा ग्राम पंचायत में छह नवनिर्वाचित महिला पंचायत प्रतिनिधियों के पतियों (प्रधान पति) ने कथित तौर पर उनकी जगह शपथ ली।  मुख्य बिंदु  प्रधान पति: यह भारत में पंचायतों (ग्राम परिषदों) में निर्वाचित महिला प्रतिनिधियों के पतियों का वर्णन करने के लिये प्रयुक्त एक बोलचाल का शब्द है, जो अनौपचारिक रूप से अपनी पत्नियों (वास्तविक पंचायत प्रतिनिधियों) की ओर से सत्ता का प्रयोग करते हैं।  यह घटना सामाजिक-सांस्कृतिक मानदंडों के कारण उत्पन्न होती है, जहाँ महिलाओं के आधिकारिक पदों पर रहने के बावजूद, उनके पति या परिवार के पुरुष सदस्य निर्णय लेते हैं और प्रशासनिक कर्त्तव्यों का - [छत्तीसगढ़ में साइबर धोखाधड़ी रिपोर्ट](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%ac%e0%a4%b0-%e0%a4%a7%e0%a5%8b%e0%a4%96%e0%a4%be/): छत्तीसगढ़ में साइबर धोखाधड़ी रिपोर्ट चर्चा में क्यों? छत्तीसगढ़ में कुल 168 करोड़ रुपए के साइबर अपराध के मामले सामने आए हैं, जिनमें से 5.2 करोड़ रुपए की वसूली की गई है, यह जानकारी उपमुख्यमंत्री ने विधानसभा सत्र के दौरान सदन को दी। मुख्य बिंदु  साइबर धोखाधड़ी: यह एक प्रकार का साइबर अपराध है, जिसका उद्देश्य किसी संस्था से पैसे (या अन्य मूल्यवान संपत्ति) चुराना है। इसमें धोखाधड़ी करने के लिये ऑनलाइन साधन (इंटरनेट आधारित) का उपयोग करना शामिल है। साइबर धोखाधड़ी के प्रकार:  साइबर धोखाधड़ी विवरण फ़िशिंग फ़िशिंग में ऐसे ई-मेल शामिल होते हैं, जो विश्वसनीय स्रोतों से आते प्रतीत होते हैं, जो उपयोगकर्त्ताओं को ऐसे लिंक पर क्लिक करने के लिये प्रेरित करते हैं - [प्रस्तावना से ‘समाजवाद’ शब्द को हटाने का प्रस्ताव](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6/): प्रस्तावना से ‘समाजवाद’ शब्द को हटाने का प्रस्ताव प्रीलिम्स के लिये: समाजवाद, 42वाँ संविधान संशोधन मेन्स के लिये: संविधान की प्रस्तावना से संबंधित विषय, 42वें संविधान संशोधन के निहितार्थ चर्चा में क्यों? सत्तारूढ़ दल के एक राज्यसभा सदस्य ने संविधान की प्रस्तावना से ‘समाजवाद’ शब्द हटाने की मांग करते हुए एक प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे जल्द ही सदन के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। प्रमुख बिंदु राज्यसभा सदस्य ने यह तर्क दिया है कि यह शब्द वर्तमान परिदृश्य में ‘निरर्थक’ है और इसे ‘एक विशेष विचार के बिना आर्थिक सोच’ के लिये जगह बनाने हेतु छोड़ दिया जाना चाहिये। ध्यातव्य है - [सुदूर सीआरपीएफ बेस पर पहला मोबाइल टावर](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%82%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%ab-%e0%a4%ac%e0%a5%87%e0%a4%b8-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%b2/): सुदूर सीआरपीएफ बेस पर पहला मोबाइल टावर चर्चा में क्यों? छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा ज़िले के सुदूर क्षेत्र तेकुलागुडेम गाँव में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) शिविर के अंदर पहला मोबाइल फोन टावर स्थापित किया गया। यह पहल मार्च 2026 तक वामपंथी उग्रवाद (LWE) को समाप्त करने के केंद्र सरकार के लक्ष्य के अनुरूप है। मुख्य बिंदु BSNL मोबाइल टावर चालू: भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) का मोबाइल टावर इस क्षेत्र में पहली मोबाइल कनेक्टिविटी सुविधा है, जिससे ग्रामीणों और सुरक्षाकर्मियों दोनों को लाभ होगा। यह टावर टेकुलागुडेम और आसपास के गाँवों, जिनमें तिम्मापुरम, जोनागुडा और पुवर्ती शामिल हैं, को सेवा प्रदान करेगा। यह गाँव सुकमा ज़िले में है, जो नक्सल हिंसा से - [RBI ने अकाउंट एग्रीगेटर्स के लिए स्व-नियामक संगठन (एसआरओ) की रूपरेखा जारी की](https://examcg.com/rbi-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%85%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%89%e0%a4%82%e0%a4%9f-%e0%a4%8f%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%97%e0%a5%87%e0%a4%9f%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%87/): RBI ने अकाउंट एग्रीगेटर्स के लिए स्व-नियामक संगठन (एसआरओ) की रूपरेखा जारी की भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने खाता एग्रीगेटर (AA) पारिस्थितिकी तंत्र के लिए स्व-नियामक संगठन (SRO) की मान्यता की रूपरेखा जारी की है। इस पहल का उद्देश्य वित्तीय डेटा के निर्बाध आदान-प्रदान को सुविधाजनक बनाना, परिचालन संबंधी चुनौतियों को दूर करना और विभिन्न नियामक संस्थाओं के बीच अनुपालन सुनिश्चित करना है। इस कदम से AA ढांचे के भीतर समन्वय, मानकीकरण और विवाद समाधान को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। मुख्य बिंदु: उद्देश्य: AA पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक समर्पित SRO की स्थापना, जिससे वित्तीय डेटा साझा करने की प्रक्रिया - [अखिल भारतीय विधान सभा अध्यक्ष सम्मेलन-2025](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%96%e0%a4%bf%e0%a4%b2-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a5%8d/): अखिल भारतीय विधान सभा अध्यक्ष सम्मेलन-2025 प्रश्न – 24-25 अगस्त, 2025 को अखिल भारतीय विधान सभा अध्यक्ष सम्मेलन-2025 कहां आयोजित हुआ? (a) नई दिल्ली (b) इंदौर(c) पटना (d) लखनऊउत्तर – (a) व्याख्यात्मक उत्तर 24-25 अगस्त ,2025 को अखिल भारतीय विधान सभा अध्यक्ष सम्मेलन-2025 दिल्ली विधानसभा ,नई दिल्ली में आयोजित हुआ इसे स्वतंत्रता सेनानी विट्ठलभाई पटेल जी के केंद्रीय विधानसभा के पहले निर्वाचित भारतीय स्पीकर बनने के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इस सम्मेलन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता, केंद्रीय संसदीय कार्य - [छत्तीसगढ़ नक्सल आत्मसमर्पण/पीड़ित सहायता एवं पुनर्वास नीति-2025](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%a8%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a4%b2-%e0%a4%86%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a5%8d/): छत्तीसगढ़ नक्सल आत्मसमर्पण/पीड़ित सहायता एवं पुनर्वास नीति-2025 चर्चा में क्यों? 12 मार्च 2025 को छत्तीसगढ़ सरकार ने आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के लिये एक नई पुनर्वास नीति को मंजूरी दी, जिसमें उनके लिये वित्तीय सहायता, शिक्षा, रोज़गार और सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। मुख्य बिंदु नई माओवादी पुनर्वास नीति: छत्तीसगढ़ नक्सल आत्मसमर्पण/पीड़ित सहायता एवं पुनर्वास नीति-2025, 2023 नीति का स्थान लेगी। यह नीति आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को वित्तीय सहायता, शिक्षा, रोज़गार और सुरक्षा प्रदान करती है।  यह विशेष योजनाएँ स्व-रोज़गार और कौशल विकास में सहायता करेंगी, जिससे समाज में पुनः एकीकरण सुनिश्चित होगा। इससे माओवादी हिंसा के पीड़ितों को सहायता और पुनर्वास में सहायता मिलेगी। राज्य जल सूचना विज्ञान केंद्र (SWIC) की स्थापना: मंत्रिमंडल - [कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन ](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%82%e0%a4%ac%e0%a5%8b-%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a4%a8/): कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन  चर्चा में क्यों? हाल ही में कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन (CSC) के सदस्यों (भारत, श्रीलंका, मालदीव और मॉरीशस) ने कोलंबो में CSC सचिवालय की स्थापना हेतु एक चार्टर एवं समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये। इसमें बांग्लादेश अनुपस्थित रहा तथा सेशेल्स ने पर्यवेक्षक राज्य के रूप में भाग लिया। कोलंबो सुरक्षा सम्मेलन से संबंधित प्रमुख तथ्य क्या हैं? CSC की पृष्ठभूमि: इसे मूल रूप से समुद्री सुरक्षा पर NSA ट्राईलेटरल के रूप में जाना जाता था और इसे वर्ष 2011 में भारत, श्रीलंका एवं मालदीव के बीच स्थापित किया गया था। यह हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा बढ़ाने के लिये श्रीलंका की एक पहल थी।  सदस्य: भारत, श्रीलंका और मालदीव इसके संस्थापक सदस्य थे। वर्ष 2022 में मॉरीशस जबकि बांग्लादेश वर्ष - [Free UPSC Material/IAS Study Notes](https://examcg.com/free-upsc-material-ias-study-notes/): Free UPSC Material/IAS Study Notes Download PDF Previous Year Papers   UPSC material for IAS Exam allows candidates to access all essential materials without wasting time and can download PDFs for free. They will find comprehensive free UPSC materials including all relevant syllabus keywords and concepts here with ‘Subject-wise’ and ‘Topic-wise’ classifications, to make the UPSC IAS Exam preparation easy. History, Geography, Indian Polity, Indian Economy, Art and Culture, Environment, Miscellaneous, and other themes from the UPSC Syllabus is covered in the study material. These Free IAS/UPSC Notes will be helpful for the preparation of UPSC Prelims 2025 Examination as well as - [भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन का चरमपंथी काल](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%86%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%a8/): भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन का चरमपंथी काल यूपीएससी के लिए आधुनिक इतिहास एनसीईआरटी नोट्स भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन का चरमपंथी काल (Extremist Period of Indian National Movement in Hindi) बीसवीं शताब्दी के प्रारंभ में सामने आया। भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन का चरमपंथी काल (Extremist Period of Indian National Movement) में राजनीतिक गतिविधियों में एक उग्र राष्ट्रवादी दृष्टिकोण देखा गया। Key Highlights Achieve your Goal with our mentorship program, offering regular guidance and effective exam strategies. Cultivate a focused mindset for exam success through our mentorship program. आंदोलन का चरमपंथी काल 1905 से 1918 तक था। चरमपंथी अपने तरीकों में नरमपंथियों से अलग थे। चरमपंथियों का हिंसा में विश्वास - [मॉर्ले – मिंटो सुधार (Morley-Minto Reforms)](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%89%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a5%8b-%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%b0-morley-minto-reforms/): मॉर्ले – मिंटो सुधार (Morley-Minto Reforms) मॉर्ले – मिंटो सुधार (1909): यूपीएससी के लिए एनसीईआरटी नोट्स मॉर्ले – मिंटो सुधार (Morley-Minto Reforms in Hindi) यूनाइटेड किंगडम (ब्रिटेन) की संसद द्वारा पारित एक अधिनियम था। इसे भारतीय परिषद अधिनियम 1909 के रूप में भी जाना जाता है। मॉर्ले – मिंटो सुधार राज्य के सचिव जॉन मॉर्ले और वाइसराय लॉर्ड मिंटो द्वारा प्रस्तावित किए गए थे, जिनके नाम पर इसका नाम रखा गया था। मॉर्ले-मिंटो रिफॉर्म्स के पीछे मुख्य उद्देश्य केंद्रीय और प्रांतीय प्रशासन में भारतीयों की भागीदारी में सीमित वृद्धि करना था। इस सुधार के तहत पृथक निर्वाचक मंडल की अवधारणा पेश की गई थी। - [अशोक के 14 शिलालेख का वर्णन](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%b6%e0%a5%8b%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a5%87-14-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%96-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a3%e0%a4%a8/): अशोक के 14 शिलालेख का वर्णन: प्राचीन इतिहास यूपीएससी के लिए एनसीईआरटी नोट्स अशोक के शिलालेख (ashok ke shilalekh) मौर्य सम्राट अशोक द्वारा चट्टानों और स्तंभों पर उत्कीर्ण 33 शिलालेख हैं, जिन्होंने 268 ईसा पूर्व से 232 ईसा पूर्व तक शासन किया था। अशोक के शिलालेख सम्राट द्वारा आम जनता के लिए घोषणाएँ थीं, जिनमें धम्म के विचार और अभ्यास के बारे में संदेश दिया गया था। अशोक के अभिलेख pdf अशोक के शिलालेख (ashok ke shilalekh) अफगानिस्तान, पाकिस्तान, भारत, नेपाल और बांग्लादेश में बिखरे हुए थे। इनमें से ज़्यादातर शिलालेख प्राकृत भाषा में थे। इन शिलालेखों को बौद्ध धर्म का पहला - [प्राचीन भारतीय राजवंश और उनका योगदान](https://examcg.com/elementor-1779/): प्राचीन भारतीय राजवंश और उनका योगदान भारत का इतिहास बहुत व्यापक है जो कई राजवंशों के उत्थान और पतन का गवाह रहा है| यहाँ हम “प्राचीन भारतीय राजवंश और उनके योगदान” का संक्षिप्त विवरण दे रहे हैं जो UPSC, SSC, State Services, NDA, CDS और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए बहुत ही उपयोगी है| भारत का इतिहास बहुत व्यापक है जो कई राजवंशों के उत्थान और पतन का गवाह रहा है| प्राचीन काल में भारत पर कई राजवंशों ने शासन किया था जिनमें प्रमुख राजवंश महाजनपद, नंद राजवंश, मौर्य राजवंश, पांड्य राजवंश, चेर राजवंश, चोल - [पर्यायवाची शब्द Paryayvachi Shabd](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80-%e0%a4%b6%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%a6-paryayvachi-shabd/): पर्यायवाची शब्द Paryayvachi Shabd हिंदी भाषा की सुंदरता और प्रभावशीलता को बढ़ाने में पर्यायवाची शब्द (Paryayvachi Shabd) का अहम योगदान है। ये वे शब्द होते हैं जिनका अर्थ लगभग समान होता है, और इनका उपयोग भाषा को विविधता और रोचकता प्रदान करता है। सही पर्यायवाची शब्दों का चयन वाक्यों को न केवल संक्षिप्त और सरल बनाता है, बल्कि संवाद को भी प्रभावी और आकर्षक बनाता है। इस ब्लॉग में हम पर्यायवाची शब्दों के महत्व, उनके प्रकार और उनके सही उपयोग के बारे में चर्चा करेंगे। साथ ही, उदाहरणों के माध्यम से आपको समझाएंगे कि कैसे इन शब्दों का सही उपयोग आपके लेखन - [ADEO Chhattisgarh Syllabus - सहायक विकास विस्तार अधिकारी पाठ्यक्रम](https://examcg.com/adeo-chhattisgarh-syllabus-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%85/): छत्तीसगढ़ ज्ञान ADEO Chhattisgarh Syllabus – सहायक विकास विस्तार अधिकारी पाठ्यक्रम     छत्तीसगढ़ शासन के अंतर्गत व्यापम ( Vyapam ) के द्वारा आयोजित होने वाली परीक्षा ADEO (सहायक विकास विस्तार अधिकारी) का Syllabus (पाठ्यक्रम) निम्नानुसार है। जो तैयारी में आप की सहायता कर सकता है : संभावित : 2025 के लिए ADEO प्रश्नपत्र 2017 भाग 1 – पंचायती राज व्यवस्था(अंक 30)   73 वां संविधान संशोधन विशेषताएं छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम त्रि-स्तरीय पंचायत की संरचना ग्राम पंचायत के कृत्य ग्राम-सभा ग्राम पंचायत की स्थायी समितियां एवं उनके कृत्य छत्तीसगढ़ पंचायत उपबंध (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) नियम, 2021 पंचायत सेक्टर की प्रमुख योजनाओं - [प्राचीन भारत के प्रमुख राजवंश और शासक](https://examcg.com/elementor-1618/): प्राचीन भारत के प्रमुख राजवंश और शासक यहां आपको प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले प्राचीन भारत के प्रमुख राजवंश एवं उनके शासक कार्यकाल (Indian Dynasties History in Hindi) के बारे में जानकारी दी गई है। जैसे- प्राचीन भारतीय इतिहास (Ancient Indian History) के माध्यम से भारत में कई राजवंशों  (Indian Dynasties) और राज्यों को विभिन्न अवसरों पर उठते और गिरते देखा है। विभिन्न महान राजवंशों (Indian Manor Dynasties) और उनके सभ्यताओं ने अपने नाम भारतीय इतिहास (Indian History) में लिखे हैं। भारत के कुछ महत्वपूर्ण राजवंश एवं उनके कार्यकाल (Major Dynasties of India Periods) इस प्रकार है। Ancient Indian Dynasties - [3 quizes - final](https://examcg.com/3-quizes-2/): 3 Quizes – Final (Cleaned) MCQ on Indian History in Hindi Q1. रंगपुर का उत्खनन किसके नेतृत्व में? A. दयाराम साहनी B. एस. आर. राव C. राखाल दास D. एम.एस. वत्स Ans: एम.एस. वत्स Q2. हड़प्पा संस्कृति में किस स्थल से स्त्री -पुरुषों के युग्म शवाधानों का साक्ष्य प्राप्त हुआ है? A. मोहनजोदाड़ो B. लोथल C. कालीबंगा D. हड़्प्पा का कब्रिस्तान Ans: लोथल Q3. मोहनजोदड़ो की खोज किसने की? A. दयाराम साहनी B. एस. आर. राव C. राखाल दास D. एम.एस. वत्स Ans: राखलदास 0 CommentsComments are closed - [शिक्षण अधिगम](https://examcg.com/%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%a3-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%97%e0%a4%ae/): शिक्षण अधिगम अर्थ :-● अधिगम का सामान्य अर्थ है- सीखना।● सामान्य शब्दों में हम लोग सीखना को अधिगम मान लेते हैं लेकिन वास्तविक शब्दों में केवल सीखना अधिगम नहीं है बल्कि सीखे हुए ज्ञान का हमारे व्यवहार में स्थायी हो जाना अधिगम कहलाता है।● अधिगम उस व्यवहार को दिया जाने वाला नाम है जो अभ्यास एवं अनुभवों के कारण हमारे व्यवहार में स्थायित्व ग्रहण कर लेता है।● व्यवहार में वांछित परिवर्तन ही अधिगम है।● सभी तरह के व्यवहार में हुए परिवर्तन को सीखना नहीं कहा जाता है, व्यवहार में परिवर्तन थकान, दवा खाने से, बीमारी, परिपक्वता आदि से भी होता है। - [सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE)  | Continuous and Comprehensive Evaluation](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%a4%e0%a4%a4%e0%a5%8d-%e0%a4%8f%e0%a4%b5%e0%a4%82-%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%95-%e0%a4%ae%e0%a5%82%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%95/): सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन (CCE)  | Continuous and Comprehensive Evaluation शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने की दिशा में आकलन की महत्त्वपूर्ण भूमिका है और यह विभिन्न पणधारकों (Stakeholders) की कई प्रकार से सहायता करता है। यह पता लगाकर कि बच्चे कितना सीख रहे हैं, CCE विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों, प्रशिक्षकों, नीति-निर्माताओं आदि को विवेकपूर्ण निर्णय लेने में सक्षम बनाता है। यह विद्यालय या कक्षा स्तर पर पाठ्यचर्या, शिक्षण शास्त्र और शिक्षक की भूमिकाओं को सक्रिय करता एवं जोड़ता है। यह कथागत प्रक्रियाओं को इस प्रकार प्रभावित करता है कि सीखने-सिखाने की प्रक्रिया में गुणात्मक सुधार आएँ जिससे प्रत्येक बच्चे को समग्र रूप - [सीखने के प्रतिफल (Learning Outcomes)](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%96%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%ab%e0%a4%b2-learning-outcomes/): सीखने के प्रतिफल (Learning Outcomes) ‘सीखने के प्रतिफल’दस्तावेज राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् (NCERT) द्वारा राज्य एवं जिला स्तर के हितधारकों के साथ मिलकर तैयार किया गया और शैक्षिक सत्र 2017-18 से कक्षा 1 से 8 तक (प्रारम्भिक स्तर) के लिए नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा अधिनियम,  2009 (RTE-2009) के सरोकार को संबोधित करने के लिए इसे क्रियान्वित किया गया। प्रत्येक कक्षा के विद्यार्थी के सीखने के बारे में जानने और उसके अनुसार बच्चों के सीखने संबंधी प्रगति पर नजर बनाए रखने की जरूरत है। इसके लिए आवश्यकता है कि शिक्षकों को कुछ मानदण्ड उपलब्ध करवाए जाएँ, जिनकी सहायता से अपेक्षित - [बुद्धि (Intelligence)](https://examcg.com/%e0%a4%ac%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%bf-intelligence/): बुद्धि (Intelligence) बुद्धि मनुष्य की वह विलक्षण क्षमता है जिसके कारण वह अन्य प्राणियों में सबसे श्रेष्ठ है। बुद्धि के बल पर ही एक व्यक्ति उन कार्यों को कर पाता है जिनके बारे में सोचने मात्र से हैरानी हो जाती है और एक व्यक्ति इसके बल को लेकर अंदाजा नहीं लगा पाता।● शेर जैसे खूंखार प्राणी को वश में करना, टनों वजनी वायुयान को आकाश में उड़ाना तथा जलयान को पानी में तैराना तथा साँप जैसे जहरीले प्राणी को वश में कर लेना बुद्धि का परिणाम है।● बुद्धि व्यक्ति की जन्मजात शक्ति है परंतु इसमें कार्य करने की क्षमता का विकास - [आकलन (Assessment)](https://examcg.com/%e0%a4%86%e0%a4%95%e0%a4%b2%e0%a4%a8-assessment/):  आकलन (Assessment) यह मूल्यांकन का ही भाग होता है। जिसका सामान्य अर्थ- सूचनाओं को एकत्रित करने की प्रक्रिया से है।● सीखने-सीखाने की प्रक्रिया के दौरान ही बच्चों के सीखने में रह गई कमियों को पहचानने की प्रक्रिया है।● सीखने-सीखाने के दौरान ही आकलन के लिए विभिन्न कार्यनीतियों का उपयोग करते हुए साक्ष्य इकट्‌ठे किए जाते हैं। उनका विश्लेषण करना, इसके अन्तर्गत बच्चों को आवश्यकतानुसार समय पर सहायता देने के लिए शिक्षकों द्वारा अपनी शिक्षण अधिगम प्रक्रिया की समीक्षा व सुधार भी शामिल है। हुबा व फ्रीड के अनुसार –आकलन सूचना संग्रहण तथा उस पर विचार विमर्श की प्रक्रिया है। जिसके माध्यम - [समायोजन और कुसमायोजन](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%9c%e0%a4%a8-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%9c%e0%a4%a8/): समायोजन और कुसमायोजन समायोजन (Adjustment) और कुसमायोजन समायोजन समायोजन शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है:-सम + आयोजन अर्थात् अच्छी तरह से व्यवस्था करना।व्यक्ति अच्छी तरह से व्यवस्था करके परिस्थितियों के अनुकूल सामंजस्य स्थापित करता है। शारीरिक एवं मानसिक संतुलन बनाए रखने की प्रक्रिया समायोजन कहलाती है। परिभाषाएँ 1. स्कीनर :- “समायोजन एक अधिगम प्रक्रिया है।” बोरिंग, लैंगफिल्डववेल्ड :- “समायोजन वह प्रक्रिया है, जिसके द्वारा प्राणी अपनी आवश्यकताओं और इन आवश्यकताओं की पूर्ति को प्रभावित करने वाली परिस्थितियों में संतुलन रखता है।” गेट्सव अन्य :- “समायोजन निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, जिसके द्वारा व्यक्ति अपने एवं अपने वातावरण के बीच संतुलित संबंध रखने के लिए अपने व्यवहार में - [व्यक्तित्व (PERSONALITY)](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b5-personality/): व्यक्तित्व (PERSONALITY) सामान्यत: कोई व्यक्ति कैसा दिखाई देता है और उसका व्यवहार कैसा है इसके आधार पर हमारे मस्तिष्क पर जो प्रभाव आते हैं, उसकी सकारात्मक या नकारात्मक प्रभाव की मात्रा को ही व्यक्तित्व कहते हैं।● ‘व्यक्तित्व’ के लिए अंग्रेजी भाषा में Personality शब्द उपयोग में लिया जाता है।● ‘व्यक्तित्व’ शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के ‘परसोना’ (Persona) से हुई है जिसका अर्थ है- मुखौटा/नकाब/मास्क।● इसका उपयोग व्यक्ति उस समय करता है जब उसे किसी रंगमंच पर पात्र की भूमिका को और अधिक प्रभावशाली बनाना होता है।● सामान्य बोलचाल की भाषा में व्यक्तित्व शब्द का प्रयोग- शारीरिक बनावट और सौन्दर्य के - [अभिप्रेरणा (MOTIVATION)](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%a3%e0%a4%be-motivation/): अभिप्रेरणा (MOTIVATION) अर्थ :- अभिप्रेरणा वह प्रेरक शक्ति है जो प्राणी को किसी कार्य को करने के लिए प्रेरित करती है। मनोविज्ञान में अभिप्रेरणा को हम एक काल्पनिक आंतरिक प्रक्रिया के रूप में परिभाषित करते हैं जो व्यवहार करने के लिए शक्ति प्रदान करता है तथा एक खास उद्देश्य की ओर व्यवहार को ले जाता है। अत: अभिप्रेरणा से तात्पर्य एक प्रेरक तथा कर्षण बल से होता है जो खास लक्ष्य की ओर व्यवहार को निरंतर ले जाता है। अंग्रेजी के मोटीवेशन (MOTIVATION) शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के मोटम (MOTUM) से हुई है, जिसका अर्थ है- गति करना। धक्का देना (TO - [उपलब्धि/निष्पत्ति परीक्षण (Achievement Test)](https://examcg.com/%e0%a4%89%e0%a4%aa%e0%a4%b2%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%bf-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7/): उपलब्धि/निष्पत्ति परीक्षण (Achievement Test) व्यक्ति अपने जीवन में अनेक प्रकार का ज्ञान तथा कौशल प्राप्त करता है। इस ज्ञान तथा कौशल में कितनी दक्षता व्यक्ति ने प्राप्त की है, इसका पता उपलब्धि परीक्षण से चलता है।● उपलब्धि परीक्षण द्वारा किसी विशेष कार्य क्षेत्र में छात्रों द्वारा अर्जित किए गए ज्ञान एवं कौशल को मापा जाता है।● विद्यालय में औपचारिक शिक्षण के लिए उपलब्धि का मापन आवश्यक है। शिक्षा प्रक्रिया को पूर्ण एवं प्रभावशाली बनाने एवं अधिगम स्रोतों के कुशल प्रयोग हेतु विशेष प्रेरणा एवं निर्देशन की आवश्यकता होती है। उपलब्धि परीक्षण यह जानने के लिए प्रयोग में लाए जाते हैं कि - [शिक्षा मनोविज्ञान (Education Psychology)](https://examcg.com/%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8-education-psychology/): शिक्षा मनोविज्ञान (Education Psychology) मनोविज्ञान (Psychology):- ‘साइकोलॉजी’ शब्द की उत्पत्ति यूनानी (ग्रीक) भाषा के दो शब्दों से हुई है-साइकी (Psyche), जिसका अर्थ है- आत्मा (Soul) और लोगस (Logos) जिसका अर्थ है- अध्ययन (Study)। इस प्रकार साइकोलॉजी (मनोविज्ञान) का अर्थ है- आत्मा का अध्ययन/विज्ञान (Study of the Soul)● एबिंगहास:- ‘मनोविज्ञान का वर्तमान स्वरूप नया है परन्तु इसका इतिहास बहुत पुराना है।‘● अरस्तू (384 ई.पू. से 322 ई.पू.) ने दर्शनशास्त्र में आत्मा के अध्ययन की शुरुआत की थी और यही आत्मा का अध्ययन आगे चलकर आधुनिक मनोविज्ञान बना; इसलिए अरस्तू को मनोविज्ञान का जनक माना जाता है।● मनोविज्ञान की उत्पत्ति दर्शनशास्त्र से हुई है। मनोविज्ञान का क्रमश: विकास आत्माकाविज्ञान (Science of Soul) :- अरस्तू, प्लेटो।यूनानी दार्शनिक प्लेटो, - [क्रियात्मक अनुसंधान | Action Research](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%95-%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8-action-research/): क्रियात्मक अनुसंधान | Action Research  क्रियात्मक अनुसंधान, शिक्षा जगत में व्यावहारिक एवं निदानात्मक अनुसंधान का एक महत्त्वपूर्ण पक्ष है। दैनिक जीवन में उत्पन्न शैक्षिक समस्याओं के समाधान के लिए क्रियात्मक अनुसंधान का सहारा लिया जाता है।क्रियात्मक अनुसंधान का सूत्रपात करने का श्रेय अमेरिका को दिया जाता है। क्रियात्मक अनुसंधान शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग कोलियर द्वारा द्वितीय विश्व युद्ध के समय किया गया।सन् 1946 में कुर्त लेविन ने मानव-संबंधों को अच्छा करने के लिए सामाजिक-विज्ञान के क्षेत्र में क्रियात्मक अनुसंधान पर जोर दिया। शिक्षा के क्षेत्र में क्रियात्मक अनुसंधान का विकास सन् 1926 से माना जाता है। जब बकिंघम ने अपनी पुस्तक - [वैयक्तिक विभिन्नताएँ एवं विशिष्ट बालक](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%8f%e0%a4%81-%e0%a4%8f/): वैयक्तिक विभिन्नताएँ एवं विशिष्ट बालक | Individual Difference and Exceptional कोई भी दो बालक/व्यक्ति समान नहीं होते हैं अर्थात् सभी में शारीरिक, मानसिक, सामाजिक, संवेगात्मक, बौद्धिक रूप से विभिन्नताएँ पाई जाती हैं, जिसे व्यक्तिगत विभिन्नता कहते हैं।● प्रत्येक बालक विशिष्ट होता है। समाज में सभी बालक एक समान प्रकृति के नहीं होते हैं और उन बालकों में विभिन्न प्रकार की अलग-अलग विशेषताएँ होती हैं।● व्यक्तिगत भेद में विचलनशीलता व सामान्यता दोनों पाई जाती हैं।● फ्रांसिस गाल्टन ने सन् 1869 में सर्वप्रथम वैयक्तिक विभिन्नताओं का व्यवस्थित व क्रमबद्ध अध्ययन किया। (पुस्तक- Hereditary Genius) टायलर :- “शरीर के आकार, स्वरूप, शारीरिक कार्यों, गति, बुद्धि, उपलब्धि, ज्ञान, रुचि, अभिवृत्तियों और - [Mario Vargas Llosa A Noble Award Winner Passed Away](https://examcg.com/mario-vargas-llosa-a-noble-award-winner-passed-away/): Mario Vargas Llosa A Noble Award Winner Passed Away Mario Vargas Llosa, a prominent Peruvian writer, passed away on April 14, 2025, at 89, leaving behind a monumental legacy in Latin American literature. As a Nobel laureate in Literature (2010), his exploration of power dynamics and the individual’s resistance to it made him one influential voice. Mario Vargas Llosa, the renowned Peruvian novelist, essayist, and journalist, passed away on April 14, 2025, at the age of 89. A towering figure in Latin American literature, Vargas Llosa was awarded the Nobel Prize in Literature in 2010 for his profound exploration of the structures - [कल्याणी के चालुक्य (पश्चिमी चालुक्य)](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a3%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%9a%e0%a4%bf/): कल्याणी के चालुक्य (पश्चिमी चालुक्य) कल्याणी के चालुक्य (पश्चिमी चालुक्य): कल्याणी के चालुक्यों को पश्चिमी चालुक्य भी कहा जाता हैं। कल्याणी के चालुक्य का उदय राष्ट्रकूट वंश के पतन के बाद उसी स्थान पर हुआ था। कल्याणी के चालुक्यों का मूल स्थान कन्नड़ प्रदेश (वर्तमान केरल) है। chalukya dynasty upsc in hindi, kalyani ke chalukya upsc notes in hindi. कल्याणी के चालुक्य का राज्य चिन्ह वराह था। कल्याणी के चालुक्य वंश की स्थापना तैलप द्वितीय द्वारा की गई थी। इससे पूर्व भी कीर्तिवर्मा तृतीय, तैलप प्रथम, विक्रमादित्य तृतीय, भीमराज, अय्यण प्रथम तथा विक्रमादित्य चतुर्थ के भी नामों का उल्लेख मिलता है - [चोल साम्राज्य](https://examcg.com/%e0%a4%9a%e0%a5%8b%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af/): चोल साम्राज्य चोल साम्राज्य : चोल साम्राज्य के उदय के सम्बन्ध में जानकारी संगम युग (तीसरी शताब्दी) से मिलनी प्रारम्भ होती है। संगम साहित्य में दो चोल नरेशों करिकाल एवं कोच्चेनगनान का वर्णन मिलता है। चोल साम्राज्य को चोल मण्डलम् के नाम से भी जाना जाता था और यह पेन्नार और कावेरी नदियों के मध्य पूर्वी तट पर स्थित था। chola dynasty upsc notes in hindi, chola samrajya in hindi.  चोल साम्राज्य की राजधानी त्रिचनापल्ली के पास उरैयूर में थी। चोल साम्राज्य विजयालय (848-871 ई०) विजयालय को चोल साम्राज्य का संस्थापक माना जाता है, इसने नौंवी शताब्दी में इस साम्राज्य की - [राष्ट्रकूट वंश](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%82%e0%a4%9f-%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%b6/): राष्ट्रकूट वंश राष्ट्रकूट वंश (753-973 ई०): प्राप्त अभिलेख के अनुसार राष्ट्रकूट वंश का मूल निवास स्थान लाटूर जिले का बीदर माना गया है। किन्तु बाद में एलिचपुर (वर्तमान बरार) में इस वंश की स्थापना हुयीं। राष्ट्रकूट वंश का अपना स्वतंत्र शासन स्थापित करने से पूर्व राष्ट्रकूट बादामी के चालुक्यों के सामंत थे। rashtrakuta vansh upsc notes in hindi, rashtrakuta vansh ssc notes in hindi. एलोरा एवं एलिफेंटा (महाराष्ट्र) गुफा मंदिर का निर्माण राष्ट्रकूटों के काल में ही हुआ। एलोरा एंव एलिफेंटा में कुल 34 गुफाएं हैं। 1-12 तक बौद्ध धर्म से सम्बन्धित। 10 वीं गुफा विश्वकर्मा गुफा, बौद्ध धर्म में सबसे प्रसिद्ध है। 13-29 - [पल्लव वंश](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%b5-%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%b6/): पल्लव वंश पल्लव राजवंश: पल्लव राजवंश की स्थापना की जानकारी में मतभेद है। अवशेषों के अनुसार कहा जा सकता है कि सातवाहन वंश के पतन के बाद ही इस वंश की स्थापना हुयी। कुछ इतिहासकार पल्लव वंश का संस्थापक बप्पदेव को मानते हैं जो आंध्र प्रदेश पर शासन करता था। पल्लव वंश की राजधानी कांची थी। इस वंश का वास्तविक संस्थापक सिंहविष्णु को माना जाता है। pallava dynasty upsc ssc notes in hindi.पल्लव राजवंश सिंह विष्णु (575-600 ई०) सिंह विष्णु पल्लव वंश का एक प्रतापी शासक था। इसी कारण इसे पल्लवों का वास्तविक संस्थापक भी कहा जाता है। इसने अवनि सिंह - [चालुक्य वंश (बादामी/वातापी के चालुक्य – मुख्य शाखा)](https://examcg.com/%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%b6-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%aa/): चालुक्य वंश (बादामी/वातापी के चालुक्य – मुख्य शाखा) चालुक्य वंश : चालुक्य वंश की मुख्यतः तीन शाखाएँ थी, पहली बादामी/वातापी के चालुक्य जिसे मूल शाखा भी कहा जाता है, दूसरी थी वेंगी के चालुक्य जिसे पूर्वी शाखा भी कहा जाता है और तीसरी थी कल्याणी के चालुक्य जिसे पश्चिमी शाखा भी कहा जाता है। Chalukya Dynasty in Hindi, chalukya vansh gk notes.   चालुक्यों की मुख्यतः तीन शाखाएँ थी- बादामी/वातापी के चालुक्य (मूल शाखा)। वेंगी के चालुक्य (पूर्वी शाखा)। कल्याणी के चालुक्य (पश्चिमी शाखा)। बादामी/वातापी के चालुक्य (543-757 ई०) इस वंश की स्थापना पुलकेशिन प्रथम ने की थी । महाकूट अभिलेख - [चेर वंश](https://examcg.com/%e0%a4%9a%e0%a5%87%e0%a4%b0-%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%b6/): चेर वंश चेर वंश : चेर वंश का प्रथम शासक और संस्थापक उदियन जेरल (उदयिन जेरल) को माना जाता है। चेर वंश का साम्राज्य पांड्य देश के पश्चिम और उत्तर में समुद्र और पहाड़ों के मध्य स्थित था। उन्होंने केरल और तमिल के कुछ भागों में शासन किया था। chera dynasty in hindi, chera vansh in hindi.  चेर साम्राज्य को बनावर, विल्लवर, कुट्टुवर, पौरयार, मलैयर आदि नामों से भी जाना जाता था। चेर वंश की राजधानी ‘वंजी’ थी। इसे केरल देश भी कहा जाता था। उदियन जेरल एक प्रसिद्ध चेर शासक था इसका वर्णन कवि मुदिनागरायर ने अपनी रचना ‘पुरम्’ में - [विजयनगर साम्राज्य](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%af%e0%a4%a8%e0%a4%97%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-2/): विजयनगर साम्राज्य विजयनगर साम्राज्य (लगभग 1350 ई. से 1565 ई.) की स्थापना राजा हरिहर ने की थी। ‘विजयनगर’ का अर्थ होता है ‘जीत का शहर’। मध्ययुग के इस शक्तिशाली हिन्दू साम्राज्य की स्थापना के बाद से ही इस पर लगातार आक्रमण हुए लेकिन इस साम्राज्य के राजाओं ने इन आक्रमणों का कड़ा जवाब दिया। यह साम्राज्य कभी दूसरों के अधीन नहीं रहा। इसकी राजधानी को कई बार मिट्टी में मिला दिया गया लेकिन यह फिर खड़ा कर दिया गया। हम्पी के मंदिरों और महलों के खंडहरों को देखकर जाना जा सकता है कि यह कितना भव्य रहा होगा। इसे यूनेस्को ने विश्‍व धरोहर में शामिल किया है। स्थापना इतिहासकारों के अनुसार विजयनगर साम्राज्य की स्थापना 5 भाइयों वाले - [वर्द्धन या वर्धन वंश तथा पुष्यभूति वंश](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%a8-%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%a8-%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%b6-%e0%a4%a4%e0%a4%a5%e0%a4%be-%e0%a4%aa/): वर्द्धन या वर्धन वंश तथा पुष्यभूति वंश गुप्त वंश के पतन के पश्चात छठी शताब्दी ईसा पूर्व के आस-पास ‘पुष्यभूति‘ नामक शासक ने ‘वर्द्धन या वर्धन वंश’ की स्थपना की थी। वर्द्धन या वर्धन वंश को ‘पुष्यभूति वंश’ भी कहा जाता है। इसकी राजधानी थानेश्वर थी। इस वंश का सबसे महान और ख्याति प्राप्त राजा हर्षवर्धन था। हर्षवर्धन को शिलादित्य के नाम से भी जाना जाता था, ये हर्षवर्धन की उपाधि थी। हर्षवर्धन उत्तर भारत का अंतिम महान हिन्दू शासक था। जिसने अपना राज्य पुरे उत्तर भारत में फैलाकर एक विशाल साम्राज्य की स्थापना की थी। हर्षवर्धन ने थानेश्वर और कन्नौज को एक कर अपनी राजधानी को थानेश्वर से कन्नौज स्थानांतरित किया था। हर्षवर्धन का विशाल साम्राज्य पूर्व में कामरूप (असम स्थित एक प्राचीन राज्य) से लेकर पश्चिम में सौराष्ट्र (गुजरात का एक क्षेत्र) - [गुप्त वंश – गुप्तकाल](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%b6-%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2/): गुप्त वंश – गुप्तकाल गुप्त साम्राज्य की नींव रखने वाला शासक श्री गुप्त था। श्री गुप्त ने ही 275 ई. में गुप्त वंश की स्थापना की थी। मौर्य काल के बाद गुप्त काल को भी भारतीय इतिहास का स्वर्णिम युग माना गया है। गुप्त वंश की जानकारी वायुपुराण से प्राप्त होती है। गुप्तकाल की राजकीय भाषा संस्कृत थी। ये भी माना जाता है कि दशमलव प्रणाली की शुरुआत भी गुप्तकाल में ही हुई थी। और मंदिरों का निर्माण कार्य भी गुप्तकाल में ही शुरू हुआ था। यह भी माना जाता है कि बाल विवाह की प्रथा सम्भवतः गुप्त काल से ही प्रारम्भ हुई थी। गुप्त कालीन स्वर्ण मुद्रा को दीनार कहा जाता था। गुप्त काल के सर्वाधिक सिक्के सोने के बनाये जाते थे। पंचतंत्र की रचना भी गुप्तकाल में ही हुई - [मौर्योत्तर कालीन वंश](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%b6/): मौर्योत्तर कालीन वंश मौर्य वंश के अंतिम सम्राट बृहद्रथ का वध कर उसके सेनापति पुष्यमित्र शुंग ने मौर्य साम्राज्य का तख्ता पलट कर अपना आधिपत्य जमाया और शुंग वंश की नींव रखी। मौर्य वंश के पतन के पश्चात कई ब्राह्मणवंशीय शासकों ने सत्ता की बागडोर संभाली जिनमें शुंग वंश, कण्व वंश, कुषाण वंश तथा सातवाहन वंश मुख्य थे। शुंग राजवंश – शुंग वंश की नींव रखने वाला इस वंश का प्रथम राजा पुष्यमित्र शुंग था। पुष्यमित्र को ब्राह्मण धर्म का समर्थक और बौद्ध धर्म का शत्रु माना गया है। अपने शासन काल में उसने कई बौद्ध धर्म विरोधी गतिविधियां की और बौद्ध स्तूपों और विहारों का विनाश किया। बौद्ध ग्रन्थ दिव्यदान के अनुसार पुष्यमित्र शुंग ने यह घोषणा की थी कि “जो व्यक्ति मुझे एक भिक्षु का सिर लाकर देगा उसे में - [मौर्य साम्राज्य](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-2/): मौर्य साम्राज्य मौर्य साम्राज्य: चन्द्रगुप्त मौर्य ने मौर्यवंश की नींव रखी। चन्द्रगुप्त मौर्य ने 322-321 ई० पू० अपने गुरु चाणक्य, जिन्हें कौटिल्य और असली नाम विष्णुगुप्त के नाम से भी जाना जाता था, की सहायता से मगध साम्राज्य पर अपना आधिपत्य किया। जहाँ नंदवंश के राजा घनानंद (नंदराज) का शासन था। इसके साथ ही मगध में नंदवंश का पतन हुआ और विशाल मौर्य साम्राज्य का उद्भव हुआ, जोकि 323 ईसा पूर्व से 184 ईसा पूर्व तक रहा। इसने अपनी राजधानी पाटलिपुत्र को बनाया जिसे वर्तमान में पटना (बिहार) के नाम से जाना जाता है। चन्द्रगुप्त मौर्य (322 से 298 ई० पू० तक) चन्द्रगुप्त मौर्य ने ही मौर्यवंश की नींव रखी और विशाल मौर्य साम्राज्य की स्थापना की। चन्द्रगुप्त का साम्राज्य - [मगध साम्राज्य](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%97%e0%a4%a7-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af/): मगध साम्राज्य मगध साम्राज्य : पुराणों के अनुसार छठी शताब्दी ईसा पूर्व में वृहद्रथ ने मगध साम्राज्य की स्थापना की। जिसकी राजधानी गिरिव्रज को बनाया और बार्हद्रथ वंश (वृहद्रथ वंश) की नींव रखी। कालांतर में वृहद्रथ को एक पुत्र हुआ जिसका नाम जरासंध रखा गया, जो एक प्रतापी राजा बना और जिसका उल्लेख महाभारत में मिलता है। अथर्ववेद तथा ऋग्वेद में भी मगध का उल्लेख मिलता है। पुराणों के अनुसार जरासंध की मृत्यु के पश्चात मगध पर शिशुनाग वंश का अधिपत्य हुआ। परन्तु बौद्ध साहित्य के अनुसार शिशुनाग वंश का कोई अस्तित्व नहीं है और उसकी जगह हर्यक वंश की स्थापना हुई थी, क्यूंकि जब भगवान बुद्ध ने धर्म प्रचार हेतु मगध की यात्रा की थी तब वहां का राजा हर्यक वंश का बिम्बिसार था। विभिन्न मतों के अनुसार मगध पर शासन करने - [बौद्ध धर्म](https://examcg.com/%e0%a4%ac%e0%a5%8c%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%a7%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae-2/): बौद्ध धर्म Buddha Dharma (बौद्ध धर्म in hindi) प्राचीनतम धर्मों में से एक धर्म है, बौद्ध धर्म के संस्थापक महान महात्मा गौतम बुद्ध थे। महात्मा बुद्ध का जन्म कपिलवस्तु के लुम्बिनी नामक नामक ग्राम में 563 ईसा पूर्व में हुआ था। वर्तमान में कपिलवस्तु नेपाल देश में स्थित है। गौतम बुद्ध के पिता राजा शुद्धोधन तथा माता महामाया थी, इनकी माता की मृत्यु के पश्चात बुद्ध का पालन-पोषण माता गौतमी द्वारा किया गया था। गौतमी और महामाया सगी बहने थी, इसलिए गौतमी बुद्ध की मौसी और दत्तक मां दोनों थी। गौतम बुद्ध के बचपन का नाम सिद्धार्थ था। इनका विवाह 16 वर्ष की आयु में ही हो गया था। महात्मा बुद्ध की पत्नी का नाम यशोधरा तथा पुत्र का नाम राहुल था। महात्मा बुद्ध ने मात्र 29 वर्ष की आयु में ही संसार में दुःखों से - [वैदिक सभ्यता](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a4%be/): वैदिक सभ्यता वैदिक सभ्यता : सिन्धु सभ्यता  के पतन के बाद आर्य सभ्यता का उदय हुआ। आर्यों की सभ्यता वैदिक सभ्यता (Vedic civilization) भी कहलाती है। वैदिक सभ्यता दो काल खंडो में विभक्त है – ऋगवैदिक सभ्यता और उत्तर वैदिक सभ्यता। ऋगवैदिक सभ्यता के ज्ञान का मूल स्रोत ऋगवेद है, इसलिए यह सभ्यता उसी नाम से अभिहित है। ऋग्वैदिक काल से अभिप्राय उस काल से है जिसका विवेचन ऋग्वेद में मिलता है। इस काल के अध्ययन के लिए दो प्रकार के साक्ष्य उपलब्ध हैं। पुरातात्विक साक्ष्य 1. चित्रित धूसर मृदभांड, धूसर मृदभांड संस्कृति के 109 स्थल पंजाब में, हरियाणा में, 24 उत्तर प्रदेश में - [जैन धर्म](https://examcg.com/%e0%a4%9c%e0%a5%88%e0%a4%a8-%e0%a4%a7%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae-2/): जैन धर्म जैन धर्म एक प्राचीन धर्म है, जैन धर्म के ग्रंथों के अनुसार जैन धर्म (Jainism) अनादिकाल से चला आ रहा है। ऋषभ देव जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर एवं संस्थापक थे। ऋषभ देव महान सम्राट भरत के पिता थे। ऋषभ देव को आदिनाथ के नाम से भी जाना जाता है। ऋषभ देव का उल्लेख श्रीमद्भागवत में भी मिलता है। ऋग्वेद के ‘केशी सूक्त‘ में भी कुछ जैन तीर्थंकरों का उल्लेख मिलता है। ऋषभ देव का प्रतीक चिन्ह साँड़ है। जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभ देव की मृत्यु अट्ठावय (कैलाश पर्वत) पर हुयी थी। जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ थे। पार्श्वनाथ काशी के राजा अश्वसेन के पुत्र थे। पार्श्वनाथ 30 वर्ष की आयु में ही ग्रह त्यागकर वैरागी बन गये थे। पार्श्वनाथ को सम्मेय पर्वत पर ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। पार्श्वनाथ के - [सिंधु घाटी सभ्यता का पतन](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%81-%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a4%a8/): सिंधु घाटी सभ्यता का पतन सिंधु घाटी सभ्यता का पतन : सिंधु घाटी सभ्यता का पतन कैसे हुआ या सिंधु घाटी सभ्यता का अंत कैसे हुआ ? सिंधु घाटी सभ्यता का अंत इस सभ्यता के तक़रीबन 1000 हजार साल तक रहने के बाद हुआ। इस सभ्यता का पतन कब और कैसे हुआ इस बारे में विद्वानों के कई मत हैं और कोई भी एक कारण या समय ज्ञात नहीं है। सिंधु सभ्यता या हड़प्पा सभ्यता के पतन के कारणों की समीक्षा करें सिंधु सभ्यता या हड़प्पा सभ्यता के पतन के कारण निम्न हैं — सिंधु सभ्यता या हड़प्पा सभ्यता तक़रीबन 1000 वर्षों - [सिंधु घाटी सभ्यता का धार्मिक जीवन](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%81-%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d/): सिंधु घाटी सभ्यता का धार्मिक जीवन सिंधु घाटी सभ्यता का धार्मिक जीवन / हड़प्पा सभ्यता का धार्मिक जीवन : सिंधु सभ्यता या हड़प्पा सभ्यता का धार्मिक जीवन प्रमुखतः मातृ देवी पूजन पर आधारित था। खुदाई में काफी अधिक संख्या में नारी की मूर्तियां मिली हैं जिससे यह ज्ञात होता है कि सैन्धव वासी मातृ देवी की पूजा किया करते थे और परिवार में भी स्त्री के आदेशों का ही अनुसरण किया जाता था। सिंधु सभ्यता या हड़प्पा सभ्यता का धार्मिक जीवन सैन्धव वासी मातृ देवी के साथ ही देवताओं की उपासना भी किया करते थे। धार्मिक अनुष्ठानों के लिए धार्मिक इमारतें बनाई गयीं थी। लेकिन मन्दिर के - [सिंधु घाटी सभ्यता का सामाजिक जीवन](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%81-%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%be/): सिंधु घाटी सभ्यता का सामाजिक जीवन सिंधु घाटी सभ्यता का सामाजिक जीवन : सिंधु घाटी सभ्यता का सामाजिक जीवन सुखी तथा सुविधापूर्ण था। सिंधु सभ्यता का सामाजिक जीवन का मुख्य आधार परिवार था। सिंधु वासियों में अमीर-गरीब में कोई भेदभाव नहीं था।  सिंधु सभ्यता का सामाजिक जीवन सिंधु सभ्यता या हड़प्पा सभ्यता का सामाजिक जीवन निम्नवत था — सैन्धव वासियों (सिंधु वासियों) का परिवार मातृसत्तात्मक होता था इस बात का अनुमान बहुत संख्या में खुदाई से प्राप्त नारी मूर्तियों से होता है। हड्डपा की खुदाई में छोटे और बड़े घर आस-पास मिले हैं जिससे यह प्रमाणित होता है कि गरीब तथा अमीर में कोई भेदभाव नहीं था। सिंधु सभ्यता - [सिंधु घाटी सभ्यता शिल्प तथा उद्योग धन्धे](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%81-%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%aa-%e0%a4%a4/): सिंधु घाटी सभ्यता शिल्प तथा उद्योग धन्धे सिंधु घाटी सभ्यता शिल्प तथा उद्योग धन्धे : सिंधु घाटी सभ्यता शिल्प तथा उद्योग धन्धे में कताई-बुनाई, आभूषण, बर्तन और औजार आदि कई वस्तुओं का निर्माण किया करते थे। यातायात के लिए बैलगाड़ी और भैंसागाड़ी का प्रयोग कर देश-विदेश से व्यापार किया करते थे। सिंधु घाटी सभ्यता या हड़प्पा सभ्यता के लोग कृषि और पशुपालन के साथ-साथ शिल्प कला तथा उद्योग धन्धों में भी बढ़ चढ़कर-रूचि लिया करते थे। सिंधु घाटी सभ्यता या हड़प्पा सभ्यता के शिल्प कला तथा उद्योग धन्धे — खुदाई में कताई-बुनाई के उपकरण तकली, सुई आदि प्राप्त हुए हैं जिससे ज्ञात होता है कि सैंधव - [सिंधु घाटी सभ्यता का आर्थिक जीवन](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%81-%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5/): सिंधु घाटी सभ्यता का आर्थिक जीवन सिंधु घाटी सभ्यता का आर्थिक जीवन : सिंधु घाटी सभ्यता का आर्थिक जीवन कृषि, पशुपालन, व्यापार तथा उद्योग पर आधारित था। सिंधु सभ्यता के निवासियों का मुख्य पेशा कृषि था। कृषि के साथ ही पशुपालन और व्यापार अर्थव्यवस्था के मुख्य आधार थे। सिंधु और उसकी सहायक नदियाँ हर वर्ष उर्वरक मिट्टी बहा कर लाया करती थी जिसपर पत्थर और कांस्य से बने उपकरण और औजारों का प्रयोग कर खेती किया करते थे। सिंधु घाटी सभ्यता या हड़प्पा सभ्यता का आर्थिक जीवन — प्रमुखतः गेहूँ तथा जौ की खेती की जाती थी। सूती वस्त्रों के अवशेषों से ज्ञात होता है कि सैंधव निवासी (सिंधु सभ्यता के निवासी) कपास की खेती भी किया करते - [सिंधु घाटी सभ्यता की नगर योजना का वर्णन करें](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%81-%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a4%97%e0%a4%b0-%e0%a4%af/): सिंधु घाटी सभ्यता की नगर योजना का वर्णन करें सिंधु घाटी सभ्यता की नगर योजना का वर्णन करें : सिंधु घाटी सभ्यता की नगर योजना ही सिंधु सभ्यता की सबसे बड़ी विशेषता थी। जालनुमा सड़कें व गालियाँ, सुनियोजित जल निकास प्रणाली एवं पक्की ईंटों का प्रयोग आदि कई विशेषताएँ सिंधु सभ्यता में देखने को मिलती हैं। सिंधु घाटी सभ्यता को हड़प्पा सभ्यता के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इस सभ्यता का सर्वप्रथम अवशेष हड़प्पा से ही प्राप्त हुआ था। सिंधु घाटी सभ्यता या हड़प्पा सभ्यता की नगर योजना का वर्णन करें ? सिंधु घाटी सभ्यता या हड़प्पा सभ्यता की नगर - [सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख स्थल](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%81-%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae/): सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख स्थल सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख स्थल : सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख स्थल जहाँ से उत्खनन से इस सभ्यता की जानकारी प्राप्त होती है। इस सभ्यता के अधिकांश स्थल सिंधु नदी के समीप स्थित हैं इस लिए इसे सिंधु सभ्यता कहा जाता है, साथ ही सिंधु सभ्यता को हड़प्पा सभ्यता भी कहा जाता है क्योंकि इस सभ्यता के अवशेष सर्वप्रथम हड़प्पा नामक स्थान से ही प्राप्त हुए थे। सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख उत्खनन स्थल स्थल उत्खनन वर्ष निर्देशन हड़प्पा (मोण्टगोमरी जिला, पंजाब प्रान्त, पाकिस्तान) 1921 ई. रायबहादुर दयाराम साहनी मोहनजोदड़ो (सिन्ध का लरकाना जिला, पाकिस्तान) 1922 - [सिंधु घाटी सभ्‍यता](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%81-%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a4%be-2/): सिंधु घाटी सभ्‍यता सिंधु घाटी सभ्यता को सिंधु नदी के आसपास बसे होने के कारण ही सिंधु घाटी सभ्यता या सिंधु सभ्यता कहा जाता है, साथ ही इसे हड़प्पा सभ्यता तथा हड्डप्पीयन सभ्यता आदि नामों से भी जाना जाता है। कई विद्वानों का मत है कि सिंधु सभ्यता को हड़प्पा सभ्यता पुकारना ज्यादा उचित है क्यूंकि हड़प्पा इस सभ्यता का प्रमुख केंद्र है, तो कुछ का मत है क्यूंकि हड़प्पा की खोज सर्वप्रथम की गयी थी, अतः इसे हड़प्पा सभ्यता कहा जाये। सिंधु घाटी सभ्यता को अंग्रेजी भाषा में इंडस वेली सिविलाइज़ेशन (Indus Valley Civilization) नाम से जाना जाता है। सिंधु - [ताम्रपाषाण युग (Chalcolithic Period)](https://examcg.com/%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a4%be%e0%a4%a3-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%97-chalcolithic-period/): ताम्रपाषाण युग (Chalcolithic Period) ताम्रपाषाण युग (Chalcolithic Period) : ताम्रपाषाण युग या ताम्र पाषाण संस्कृति का आरम्भ नवपाषाण युग के बाद हुआ। ताम्रपाषाण युग या ताम्र पाषाण संस्कृति में उपकरण, औजार और हथियार के निर्माण में पत्थर के साथ ताँबें का भी प्रयोग बहुतायत में होने लगा, इसीलिए इस समय को ताम्रपाषाण युग या ताम्रपाषाणिक युग कहते हैं।  नवपाषाण युग के अंत में धातुओं का प्रयोग बढ़ने लगा, सर्वप्रथम धातुओं में ताँबे का प्रयोग किया गया। तो जिस संस्कृति ने पत्थर के साथ-साथ ताँबे का भी प्रयोग किया उसी संस्कृति को ताम्रपाषाणिक कहते हैं, जिसका अर्थ है ‘पत्थर और तांबे के उपयोग - [प्रागैतिहासिक काल नोट्स (Based on NCERT)](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a5%88%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b8-based-o/): प्रागैतिहासिक काल नोट्स (Based on NCERT) प्रागैतिहासिक काल नोट्स (Pragetihasik Kal Notes in Hindi) : प्रागैतिहासिक काल का अर्थ और प्रागैतिहासिक कालखंड की परीक्षापयोगी महत्वपूर्ण जानकारी यहाँ दी गयी है। यह नोट्स NCERT पर आधारित हैं। प्रागैतिहासिक काल प्रागैतिहासिक काल (Prehistoric Era) : प्रागैतिहासिक काल वह काल है जिसकी जानकारी प्रातात्विक स्रोतों से प्राप्त होती है। इस समय के इतिहास की जानकारी लिखित रूप में प्राप्त नहीं हुई है। प्रागैतिहासिक काल को ‘प्रस्तर युग’ भी कहते हैं। प्रागैतिहासिक काल का अर्थ : प्रागैतिहासिक काल का अर्थ होता है ‘इतिहास से पूर्व का युग’। प्रागैतिहासिक काल का समय : प्रागैतिहासिक काल का समय 5,00,000 ई.पू. से 2,500 - [Types of Computer in Hindi: कंप्यूटर के प्रकार ](https://examcg.com/types-of-computer-in-hindi-%e0%a4%95%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%9f%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0/): Types of Computer in Hindi: कंप्यूटर के प्रकार    Types of Computer in Hindi: कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है, जो यूज़र द्वारा दिए गए इनपुट डेटा को प्रोसेस करता है और उसे उपयोगी जानकारी के रूप में आउटपुट प्रदान करता है। वर्तमान के इस आधुनिक युग में कंप्यूटर सबसे बड़ी तकनीकी उपलब्धियों में से एक है। इसने हमारे काम करने, सोचने और सीखने के तरीकों को पूरी तरह बदल दिया है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कंप्यूटर कई प्रकार (computer ke prakar) के होते हैं और हर एक प्रकार का कंप्यूटर को किसी एक खास कार्य के लिए डिज़ाइन किया गया - [चाणक्य की विचारधारा](https://examcg.com/%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%a3%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%be/): चाणक्य की विचारधारा चाणक्य की चिंतन विचारधारा यथार्थवाद और व्यावहारिकता की भावना का प्रतीक है। यह लोगों को जीवन एवं समाज की सच्चाइयों को स्वीकार करने एवं समझने के लिये प्रोत्साहित करती है ताकि उन्हें नियंत्रित किया जा सके तथा सफलता के नए स्तर तक पहुँचा जा सके। चाणक्य का व्यावहारिक दृष्टिकोण पारंपरिक सोच को चुनौती देता है तथा लोगों को समाज के मानदंडों एवं मान्यताओं पर प्रश्न उठाने के लिये प्रोत्साहित करता है। इन विचारों को अपनाने से व्यक्ति सशक्त एवं सकारात्मक मानसिकता प्राप्त कर सकते हैं जिससे वे अपने जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना करने तथा ज्ञान - [कम्प्यूटर क्या है | Computer kya hai (What is Computer in Hindi 2025)](https://examcg.com/elementor-7940/): कम्प्यूटर क्या है | Computer kya hai (What is Computer in Hindi 2025) कंप्यूटर की परिभाषा – कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जो निर्देशों के एक सेट के अनुसार विभिन्न प्रकार के संचालन कर सकता है जिसे प्रोग्राम कहा जाता है। कंप्यूटर शब्द की उत्पत्ति कंप्यूट (Compute) शब्द से हुई है। कंप्यूट शब्द का अर्थ गणना (Calculation) करना है। एक कंप्यूटर गति और सटीकता के साथ सरल और जटिल दोनों प्रकार के संचालन करता है। कंप्यूटर डेटा को इंसानों की तुलना में लाखों गुना तेजी से एक्सेस और प्रोसेस कर सकते हैं। एक कंप्यूटर डेटा और सूचनाओं को अपनी मेमोरी में स्टोर - [What is Computer in Hindi: कंप्यूटर क्या है?](https://examcg.com/elementor-7913/): What is Computer in Hindi: कंप्यूटर क्या है? जानें फुल फॉर्म, इतिहास, भाग, प्रकार, लाभ  What is Computer in Hindi: जैसा कि आप सभी जानते हैं आज के इस डिजिटल युग में कंप्यूटर हमारे जीवन का एक अभिन्न हिस्सा बन चुका है। चाहे पढ़ाई हो, नौकरी हो, व्यापार हो या फिर मनोरंजन कंप्यूटर हर क्षेत्र में हमारी मदद करता है। लेकिन क्या आपने कभी इस बारे में सोचा है कि कंप्यूटर वास्तव में क्या होता है? इसकी परिभाषा क्या है, यह कैसे काम करता है और हमारे जीवन को कैसे आसान बनाता है? इस ब्लॉग में हम आपको बताएंगे कि कंप्यूटर - [100+ Computer MCQ Questions in Hindi](https://examcg.com/100-computer-mcq-questions-in-hindi/): 100+ Computer MCQ Questions in Hindi कंप्यूटर से जुड़े 100+ MCQs (Computer MCQ in Hindi) यहां दिए गए हैं:  1. कंप्यूटर के जनक के रूप में किस व्यक्ति को जाना जाता है?A. एलन ट्यूरिंगB. चार्ल्स बैबेजC. स्टीव जॉब्सD. वॉन न्यूमैनउत्तर : चार्ल्स बैबेज 2. दुनिया का पहला कंप्यूटर कौन सा था?A. एटलसB. विंडोजC. लिनक्सD. ENIACउत्तर : ENIAC 3. ENIAC कंप्यूटर का निर्माण किस वर्ष किया गया था?A. 1940B. 1945C. 1950D. 1955उत्तर : 1945 4. ‘Windows’ किस श्रेणी का सॉफ्टवेयर है?A. एप्लीकेशन सॉफ्टवेयरB. यूटिलिटी सॉफ्टवेयरC. ऑपरेटिंग सिस्टमD. हार्डवेयरउत्तर : ऑपरेटिंग सिस्टम 5. कुल कितनी पीढ़ियों में कंप्यूटर का विकास हुआ है?A. तीनB. - [सिंधु घाटी सभ्यता का पतन और अस्तित्व](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%81-%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a4%a8-%e0%a4%94/): सिंधु घाटी सभ्यता का पतन और अस्तित्व मोहनजोदड़ो में 2200 ईसा पूर्व तक पतन शुरू हो गया था और 2000 ईसा पूर्व तक बस्ती खत्म हो गई थी। कुछ जगहों पर सभ्यता 1800 ईसा पूर्व तक जारी रही। selfstudyhistory.com तिथियों के अलावा, पतन की गति भी भिन्न थी। मोहनजोदड़ो और धोलावीरा में क्रमिक पतन की तस्वीर मिलती है, जबकि कालीबंगन और बनावली में शहरी जीवन अचानक समाप्त हो गया। पुरातात्विक साक्ष्य:  हड़प्पा, मोहनजोदड़ो जैसे शहरों में शहरी नियोजन और निर्माण में क्रमिक गिरावट  देखी गई । पुरानी, ​​जीर्ण-शीर्ण ईंटों और घटिया निर्माण से बने मकानों ने कस्बों की सड़कों और गलियों पर अतिक्रमण कर लिया है। घरों के आंगनों को कमजोर दीवारों से - [CGPSC History Questions](https://examcg.com/cgpsc-history-questions/): CGPSC History Questions Question 1: छत्तीसगढ़ में मराठा शासनकाल में निम्नलिखित स्थानों में विद्रोह हुए- 1. धमधा 2. बरगढ़ 3. कवर्धा  4. तारापुर सही उत्तर चुनिये- 1,2,3 2,3,4 1,2,4 1,3,4 1,2,3,4 Answer (Detailed Solution Below) Option 3 : 1,2,4 CGPSC History Questions Question 1 Detailed Solution सही उत्तर 1,2,4 है। Key Points मराठों के अधीन छत्तीसगढ़ छत्तीसगढ़ 1741 से 1845 ई. तक मराठा शासन (नागपुर के भोंसले) के अधीन था। यह 1845 से 1947 तक मध्य प्रांत के छत्तीसगढ़ संभाग के रूप में ब्रिटिश शासन के अधीन आया। 1742 ई. में मराठा सेनापति भास्कर पंत ने इस क्षेत्र पर आक्रमण कर हैहय वंश का अंत कर दिया। बदलते ऐतिहासिक घटनाक्रम में - [फ्रांसीसी क्रांति (1789-1799): कारण और परिणाम](https://examcg.com/%e0%a4%ab%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%bf-1789-1799-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a3/): फ्रांसीसी क्रांति (1789-1799): कारणऔर परिणाम | French Revolution 1789-99  Posted onफ्रांस की क्रांति (1789-99) किसी भी देश में होने वाली क्रांति के बीज उस देश की जनता की स्थिति और मनोदशा में निहित रहता है। असंतोष कोजन्म देने वाली भौतिक परिस्थितियाँ क्रांति हेतु आवश्यक पृष्ठभूमि तैयार करती है तथा विवेक चेतना बहुजन को उनपरिस्थितियों से मुक्ति पाने के लिए प्रेरित करती है। 1789 की फ्रांस की क्रांति आधुनिक इतिहास की असाधारण घटना थी। यह क्रांति (French Revolution) निरंकुश राजतंत्र, सामंती शोषण, वर्गीय विशेषाधिकार तथा प्रजा की भलाई के प्रति शासकों की उदासीनता के विरुद्ध प्रारंभ हुई थी.  18वीं सदी के अंतिम - [अमेरिकी गृहयुद्ध (1861-1865): कारण, घटनाएँ और प्रभाव](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%97%e0%a5%83%e0%a4%b9%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-1861-1865-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%98/): अमेरिकी गृहयुद्ध (1861-1865): कारण, घटनाएँ और प्रभाव अमेरिकी गृहयुद्ध (1861-1865) 1 परिचय  जब संयुक्त राज्य अमेरिका ने 1776 में इंग्लैंड से अपनी स्वतंत्रता प्राप्त की, तब यह 13 राज्यों से मिलकर बना था जिन्होंने एक संघीय सरकार बनाने के लिए मिलकर काम किया था। 1861 तक यह देश पूर्व से पश्चिम तक कुल 34 राज्यों में फैला हुआ था। अमेरिकी गृहयुद्ध अमेरिकी इतिहास का सबसे महत्वपूर्ण युद्ध था। इसमें लगभग 3,000 लड़ाइयाँ हुईं। इस युद्ध में 7 मिलियन अमेरिकियों की मृत्यु हुई, 15 लाख से ज्यादा लोग घायल हुए और उन्हें विस्थापित होना पड़ा। (अमेरिकी गृहयुद्ध) अमेरिका के एक एकीकृत राष्ट्र बनने - [अमेरिकी क्रांति: स्वतंत्रता संग्राम का इतिहास और प्रमुख घटनाएँ](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%a4%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d/): अमेरिकी क्रांति (1765-91) अमेरिकी क्रांति (1775-1783) ने अमेरिका को स्वतंत्रता दिलाई। जानिए प्रमुख घटनाएँ जैसे बोस्टन टी पार्टी, स्वतंत्रता की घोषणा, साराटोगा की लड़ाई और पेरिस संधि। मुख्य बिंदु – अमेरिकी क्रांति स्वतंत्रता संग्राम बोस्टन टी पार्टी स्वतंत्रता की घोषणा साराटोगा की लड़ाई पेरिस संधि 1783 जॉर्ज वाशिंगटन अमेरिका का इतिहास क्रांतिकारी युद्ध उपनिवेशवाद और स्वतंत्रता “हम इन सत्यों को स्वतः – सिद्ध मानते हैं: कि सभी लोग समान हैं और यह कि उनके निर्माता ने उन्हें कुछ ऐसे अधिकार दिए हैं जिन्हें छीना नहीं जा सकता। इन अधिकारों में जीवन, स्वतंत्रता और खुशी की खोज के अधिकार हैं।  – 4 - [यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय: वियना कांग्रेस, कारण, प्रभाव और इतिहास](https://examcg.com/%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%aa-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%89/): यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय: वियना कांग्रेस, कारण, प्रभाव और इतिहास यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय और उसका इतिहास: वियना कांग्रेस (1815), नेपोलियन युद्धों के बाद यूरोप का पुनर्गठन, राष्ट्रवाद के कारण, प्रभाव और क्रांतियाँ। जानें कि कैसे फ्रांसीसी क्रांति और औद्योगिक क्रांति ने आधुनिक राष्ट्र-राज्य की नींव रखी। यूरोप में राष्ट्रवाद, वियना कांग्रेस 1815, नेपोलियन युद्ध, शक्ति संतुलन, फ्रांसीसी क्रांति, राष्ट्रवाद के कारण, यूरोप का पुनर्गठन, इटली और जर्मनी का एकीकरण, यूरोपीय क्रांतियाँ, राष्ट्रवाद का प्रभाव, मैटरनिख नीति, राष्ट्र-राज्य निर्माण, यूरोपीय इतिहास, 19वीं सदी का राष्ट्रवाद 1 वियना की कांग्रेस नेपोलियन की हार के बाद, यह तय करने के लिए - [1789 की फ्रांसीसी क्रांति: कारण, घटनाएँ और प्रभाव | पूरी जानकारी](https://examcg.com/1789-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ab%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0/): 1789 की फ्रांसीसी क्रांति: कारण, घटनाएँ और प्रभाव | पूरी जानकारी    “1789 की फ्रांसीसी क्रांति (French Revolution) एक ऐतिहासिक घटना थी जिसने फ्रांस और पूरे विश्व को प्रभावित किया। इस क्रांति के प्रमुख कारणों में सामाजिक असमानता, आर्थिक संकट, और राजशाही की नीतियाँ शामिल थीं। बैस्टील का पतन (Bastille Day) क्रांति की शुरुआत का प्रतीक बना। इस क्रांति ने लोकतंत्र, समानता और मानवाधिकारों की नींव रखी, जिससे नेपोलियन बोनापार्ट का उदय हुआ। जानिए फ्रांसीसी क्रांति के कारण, प्रमुख घटनाएँ, प्रभाव और इसका आधुनिक समाज पर प्रभाव। पढ़ें पूरी जानकारी हिंदी में!” (1789 की फ्रांसीसी क्रांति) French Revolution (1789): कारण, प्रभाव और - [16 महाजनपद और उनकी राजधानी](https://examcg.com/16-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%aa%e0%a4%a6-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%89%e0%a4%a8%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80/): 16 महाजनपद और उनकी राजधानी 16 महाजनपद (16 mahajanapada in hindi) प्राचीन भारतीय राज्य थे जो 6वीं से 4वीं शताब्दी ईसा पूर्व तक अस्तित्व में थे। ये शक्तिशाली और समृद्ध राज्य भारत के उत्तरी और पूर्वी क्षेत्रों में फैले हुए थे। इनमें से प्रत्येक की अपनी अलग संस्कृति, भाषा और रीति-रिवाज हैं। वे प्रशासन, व्यापार और युद्ध की अपनी उन्नत प्रणालियों के लिए जाने जाते थे। उन्होंने उस समय भारत के राजनीतिक परिदृश्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। “महाजनपद” शब्द का अर्थ है “महान क्षेत्र” या “महान साम्राज्य।” इन 16 राज्यों को उनमें से सबसे प्रमुख माना जाता था। - [आचार्य धर्मानंद दामोदर कोसंबी: संस्कृत और पाली विद्वान](https://examcg.com/%e0%a4%86%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%a7%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%82%e0%a4%a6-%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%a6%e0%a4%b0-%e0%a4%95/): आचार्य धर्मानंद दामोदर कोसंबी: संस्कृत और पाली विद्वान (examcg.com द्वारा) भारत के महानतम बुद्धिजीवियों में से एक, आचार्य धर्मानंद दामोदर कोसंबी (9 अक्टूबर 1876 – 24 जून 1947) बौद्ध, पाली और संस्कृत के विद्वान थे। A mathematician, historian, and scholar extraordinaire, Dharmananda Kosambi’s work continues to inspire those who seek to unravel the intricate tapestry of the past. Read more at: https://www.examcg.com सात बच्चों में सबसे छोटे, धर्मानंद दामोदर कोसंबी का जन्म 1876 में भारतीय शहर गोवा के संखवाल (या संकोले) गांव में दामोदर और आनंदीबाई के घर हुआ था। वह आठ या नौ साल की उम्र तक खुद खाना नहीं खा पाते थे और उन्हें - [राज्यों (महाजनपदों) का गठन: गणतंत्र और राजतंत्र](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%aa%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%97%e0%a4%a0%e0%a4%a8/): राज्यों (महाजनपदों) का गठन: गणतंत्र और राजतंत्र छठी शताब्दी ईसा पूर्व से उत्तर भारत के राजनीतिक इतिहास की रूपरेखा स्पष्ट होने लगी और विभिन्न साहित्यिक परंपराओं में वर्णित राजाओं और धार्मिक शिक्षकों को वास्तविक, ऐतिहासिक व्यक्तियों के रूप में पहचाना जा सका। लगभग 600-300 ईसा पूर्व की अवधि के स्रोत: साहित्यिक और पुरातात्विक बौद्ध ग्रंथ: पाली कैनन: पाली ग्रंथ इतिहास का एकसमान स्रोत नहीं है। सुत्त पिटक की पहली चार पुस्तकें (दीघा, मज्जिमा, संयुत्त और अंगुत्तर निकाय) और संपूर्ण विनय पिटक की रचना 5वीं और तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व के बीच हुई थी। सुत्त निपात भी इसी काल का है। ख़ुद्दाक - [Previous Year Exam One Liners Question Answer 158](https://examcg.com/previous-year-exam-one-liners-question-answer-158/): Previous Year Exam One Liners Question Answer 158 Previous Year Exam One Liners Question Answer विगत वर्षों की परीक्षाओं के जरुरी प्रश्नों को समझना एक श्रेष्ठ जरिया है। यह आपकी आने वाली राजकीय प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं की प्रिपरेशन को सरल बनाता है और एग्जाम के स्वरूप को स्पष्टता से जानने में सहायता करता है। इससे आप अल्प समय में सर्वाधिक कारगर तरीके से अभ्यास कर सकते हैं और सफलता के समीप पहुंच सकते हैं। प्रश्न : ब्रिटिश सरकार द्वारा लंदन में भारतीय नेताओं का प्रथम गोलमेज सम्मेलन कब बुलाया गया?उत्तर : 1930UPRO/ARO (Mains), 2014 प्रश्न : उत्तर-प्रदेश में सिंचाई का सबसे बड़ा - [गुप्त: साहित्य, वैज्ञानिक साहित्य- भाग II](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%95-2/): गुप्त: साहित्य, वैज्ञानिक साहित्य- भाग II खगोल प्राचीनतम खगोलीय ज्ञान: प्राचीन भारतीय खगोलीय ज्ञान का सबसे पहला साक्ष्य ज्योतिष पर आधारित वेदांग ग्रंथों में निहित है, जिसका मुख्य उद्देश्य यज्ञ अनुष्ठानों की तिथि निश्चित करना था। ग्रीक प्रभाव: राशि चक्र के चिह्नों के संस्कृत नाम ग्रीक मूल के हैं, और ऐसा प्रतीत होता है कि ग्रीक प्रभाव के कारण ही भारतीय ग्रंथों में सप्ताह के सात दिनों के नामों में ग्रहों का क्रम निश्चित किया गया। यवनजातक के नाम से जाना जाने वाला एक संस्कृत ग्रन्थ भारत में हेलेनिस्टिक खगोलीय विचारों के प्रसारण को दर्शाता है। हालाँकि, ऐसा प्रतीत होता है - [गुप्त: साहित्य, वैज्ञानिक साहित्य- भाग I](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%95/): गुप्त: साहित्य, वैज्ञानिक साहित्य- भाग I संस्कृत भाषा और साहित्य सदियों के विकास के बाद, भव्य शाही संरक्षण के माध्यम से शास्त्रीय उत्कृष्टता के स्तर तक पहुँच गया। संस्कृत गुप्तों की दरबारी भाषा थी। संस्कृत भाषा ने पद्य और गद्य दोनों में अपना शास्त्रीय रूप प्राप्त किया। गुप्त काल शास्त्रीय साहित्य के इतिहास में एक उज्ज्वल चरण था और इसने एक अलंकृत शैली विकसित की जो पुरानी सरल संस्कृत से अलग थी। इस अवधि के बाद से हम गद्य की तुलना में पद्य पर अधिक जोर पाते हैं, और कुछ टिप्पणियाँ भी। selfstudyhistory.com महाकाव्य और पुराण: पुराण गुप्त काल से बहुत पहले ही भागीरथी साहित्य के - [शुंग और कण्व](https://examcg.com/%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%a3%e0%a5%8d%e0%a4%b5/): शुंग और कण्व अशोक की मृत्यु के बाद उसके उत्तराधिकारी विशाल मौर्य साम्राज्य को अक्षुण्ण नहीं रख पाए। प्रांतों ने अपनी स्वतंत्रता की घोषणा करनी शुरू कर दी। उत्तर-पश्चिम भारत मौर्यों के नियंत्रण से बाहर हो गया और विदेशी आक्रमणों की एक श्रृंखला ने इस क्षेत्र को प्रभावित किया। कलिंग ने अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की और दक्षिण में सातवाहनों ने अपना स्वतंत्र शासन स्थापित किया। परिणामस्वरूप, मौर्य शासन गंगा घाटी तक ही सीमित रह गया और जल्द ही इसकी जगह शुंग वंश ने ले ली। selfstudyhistory.com शुंग साम्राज्य (187 से 78 ईसा पूर्व) पुष्यमित्र शुंग (187-151 ईसा पूर्व): शुंग वंश - [खारवेल](https://examcg.com/%e0%a4%96%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%b2/): खारवेल खारवेल (193 ईसा पूर्व-170 ईसा पूर्व) कलिंग के महामेघवाहन वंश का सबसे महान राजा था। यह मौर्य साम्राज्य के पतन के बाद कलिंग का एक प्राचीन शासक राजवंश था। खारवेल के बारे में जानकारी का मुख्य स्रोत ओडिशा के भुवनेश्वर के पास उदयगिरि पहाड़ियों की एक गुफा में स्थित उनका प्रसिद्ध सत्रह पंक्तियों वाला हतिगुम्फा शिलालेख है । शिलालेख के अनुसार, खारवेल चेदि वंश से संबंधित थे। खारवेल के शासनकाल के दौरान , कालिंग का चेदि राजवंश उत्कर्ष पर पहुंचा और उसने कालिंग की खोई हुई शक्ति और गौरव को पुनः स्थापित किया, जो अशोक के साथ हुए विनाशकारी युद्ध के बाद से क्षीण हो गया था। - [यूपीएससी मेन्स उत्तर PYQ 2023: इतिहास पेपर 2 (खंड- ए)](https://examcg.com/%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%b8%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0-pyq-2023-%e0%a4%87%e0%a4%a4/): यूपीएससी मेन्स उत्तर PYQ 2023: इतिहास पेपर 2 (खंड- ए) एक खंड प्रश्न 1: निम्नलिखित कथनों की आलोचनात्मक जाँच करें (प्रत्येक लगभग 150 शब्दों में): (10×5=50)(क) “उपनिवेशवाद के पास व्यावसायीकरण के लिए अपना एक विकृत तर्क था। विश्लेषण करने पर यह पता चलता है कि यह अक्सर एक कृत्रिम और जबरन प्रक्रिया रही है।” (10 अंक)उत्तर: परिचय: शोषण और प्रभुत्व की एक प्रणाली के रूप में उपनिवेशवाद का व्यावसायीकरण के प्रति एक जटिल और अक्सर बलपूर्वक दृष्टिकोण था। औपनिवेशिक शक्तियों का आर्थिक एजेंडा उनके अपने हितों से प्रेरित था, अक्सर स्वदेशी अर्थव्यवस्थाओं की कीमत पर। औपनिवेशिक व्यावसायीकरण का विकृत तर्क: 1. जबरन एकल कृषि - [मौर्य साम्राज्य: अशोक; प्रशासन, धर्म की अवधारणा; शिलालेख-भाग I](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%85%e0%a4%b6%e0%a5%8b%e0%a4%95-%e0%a4%a7%e0%a4%b0%e0%a5%8d/): मौर्य साम्राज्य: अशोक; प्रशासन, धर्म की अवधारणा; शिलालेख-भाग I अशोक(272- 232 ईसा पूर्व) जब बिन्दुसार की पत्नी ने एक पुत्र को जन्म दिया, तो उसके इस उद्गार के कारण कि “मैं अब शोक रहित हूँ” अशोक का नाम अशोक पड़ा। दीपवंश और महावंश में उल्लेख है कि अशोक ने 99 भाइयों की हत्या की तथा केवल तिस्स नामक एक भाई को छोड़ा । उन्हें अपने पिता के मंत्रियों से मदद मिली। लेकिन राधागुप्त नामक मंत्री ने विशेष रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बौद्ध किंवदंतियों के अनुसार अशोक पहले बहुत ही दुष्ट स्वभाव का था। उसने अशोक का नर्क बनवाया था, जो एक विस्तृत यातना कक्ष था। बौद्ध ग्रंथों में अशोक - [यूपीएससी इतिहास वैकल्पिक पाठ्यक्रम](https://examcg.com/%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%b8%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%95%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a4%bf%e0%a4%95/): यूपीएससी इतिहास वैकल्पिक पाठ्यक्रम पेपर – I: प्राचीन भारत स्रोत: पुरातात्विक स्रोत:  अन्वेषण, उत्खनन, पुरालेख, मुद्राशास्त्र, स्मारक साहित्यिक स्रोत: स्वदेशी: प्राथमिक और द्वितीयक; कविता, वैज्ञानिक साहित्य, साहित्य, क्षेत्रीय भाषाओं में साहित्य, धार्मिक साहित्य। विदेशी विवरण: ग्रीक, चीनी और अरब लेखक। प्रागैतिहासिक और आद्य-इतिहास:  भौगोलिक कारक; शिकार और संग्रहण (पुरापाषाण और मध्यपाषाण); कृषि की शुरुआत (नवपाषाण और ताम्रपाषाण)। सिंधु घाटी सभ्यता:  उत्पत्ति, तिथि, विस्तार, विशेषताएँ, पतन, अस्तित्व और महत्व, कला और वास्तुकला। महापाषाण संस्कृतियाँ:  सिंधु के बाहर पशुचारण और कृषि संस्कृतियों का वितरण, सामुदायिक जीवन का विकास, बस्तियाँ, कृषि, शिल्प, मिट्टी के बर्तन और लौह उद्योग का विकास। आर्य और वैदिक काल:  भारत में आर्यों का विस्तार। - [मौर्य साम्राज्य: मौर्य साम्राज्य की स्थापना, चंद्रगुप्त, कौटिल्य और अर्थशास्त्र](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%be/): मौर्य साम्राज्य: मौर्य साम्राज्य की स्थापना, चंद्रगुप्त, कौटिल्य और अर्थशास्त्र मौर्य साम्राज्य प्राचीन भारत में भौगोलिक दृष्टि से विस्तृत लौह युग की ऐतिहासिक शक्ति थी, जिस पर 322-185 ईसा पूर्व तक मौर्य वंश का शासन था।  भारतीय उपमहाद्वीप के पूर्वी भाग में गंगा के मैदान में मगध साम्राज्य से उत्पन्न इस साम्राज्य की राजधानी पाटलिपुत्र (आधुनिक पटना) थी। मौर्य साम्राज्य का निर्माण नंदों द्वारा रखी गई नींव पर हुआ था। मौर्यों की उत्पत्ति : बौद्ध ग्रंथों ( दीघ निकाय, महावंश और दिव्यावदान ) में : मौर्यों को क्षत्रिय वंश से संबंधित बताया गया है जिन्हें मोरिय कहा जाता है । महावंशतिका उन्हें बुद्ध के शाक्य वंश से जोड़ती है । परिशिष्टपर्वण : चन्द्रगुप्त को मोर पालकों (मयूरपोषकों) के एक गांव के मुखिया की पुत्री का - [मुगल भारत में शास्त्रीय संगीत](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a4%b2-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b8/): मुगल भारत में शास्त्रीय संगीत पृष्ठभूमि: सांस्कृतिक जीवन की एक और शाखा जिसमें हिंदू और मुसलमान सहयोग करते थे, वह थी संगीत। चौदहवीं शताब्दी के दौरान भारतीय संगीत ने सल्तनत के दरबार में अपनी जगह बना ली थी और यहाँ तक कि फिरोज तुगलक जैसे रूढ़िवादी शासक ने भी संगीत को संरक्षण दिया था। selfstudyhistory.com उत्तर भारत में संगीत का विकास काफी हद तक भक्ति आंदोलन से प्रेरित और संचालित हुआ। भक्ति संतों की अनेक रचनाएँ विभिन्न रागों और सुरों में रची गयीं। 16वीं और 17वीं शताब्दी के संत कवियों की रचनाओं को अनिवार्य रूप से संगीतबद्ध किया जाता था। वृंदावन में स्वामी हरिदास ने संगीत - [वारली चित्रकला](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%b2%e0%a4%be/): Question ‘वारली लोक चित्रकला’ भारत के किस राज्य से है? उत्तर प्रदेश तमिलनाडु झारखंड महाराष्ट्र Answer 4 : महाराष्ट्र राज्य लोक कला के रूप उत्तर प्रदेश सांझी, लघु कला तमिलनाडु तंजौर चित्रकला, मीका चित्रकला झारखंड पैटकर, जादोपटिया चित्रकला, सोहराई कला, कोहवर कला, गंजू कला, कुर्मी कला, मुंडा कला, टूरी कला, घाटवाल कला। महाराष्ट्र वारली चित्रकला, पिंगुली चित्रकथी स्पष्टीकरण: वार्ली जनजाति के बारे में: वार्ली या वार्ली पश्चिमी भारत की एक स्वदेशी जनजाति है, जो महाराष्ट्र-गुजरात सीमा और आसपास के क्षेत्रों में पहाड़ी और तटीय क्षेत्रों में रहती है। आधुनिक समय में, वारली आदिवासी महाराष्ट्र के ठाणे जिले में रहते हैं। वार्ली आदिवासियों की अपनी जीववादी मान्यताएं, जीवन, - [भरतनाट्यम की शैलियाँ](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b6%e0%a5%88%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%81/): भरत नाट्यम की शैलियाँ- यूपीएससी कला और संस्कृति नोट्स भरत नाट्यम और इसकी शैलियाँ कला और संस्कृति के क्षेत्र में एक बहुत चर्चित विषय है। इस अंक में हम भरत नाट्यम की विभिन्न शैलियों और विविधताओं पर चर्चा करेंगे।  कला और संस्कृति भारतीय इतिहास का एक हिस्सा है। यह विषय कला, साहित्य, चित्रकला, वास्तुकला आदि के बारे में बात करता है। कला और संस्कृति  यूपीएससी पाठ्यक्रम के लिए एक महत्वपूर्ण खंड है । यह विषय अक्सर समाचारों में देखा जाता है और इसलिए, यह यूपीएससी परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। उन विषयों के बारे में जानकारी के लिए हमारे मुद्दे समाचार खंड को - [List of Important Books Released in 2025](https://examcg.com/list-of-important-books-released-in-2025/): List of Important Books Released in 2025 March 2025 Name of the Author Name of the book Rashmi Trivedi  She for Her Sapna Sharma “The Life and Contribution of the Women Members of the Constituent Assembly” Prapancha Charitra Daggubati Venkateswara Rao  P.S. Raman Leo — The Untold Story K. Arumugam, Errol D’Cruz  March of Glory V. Sriram, Lashman Memories and Milestones  Dr. V.I. Mathan To the Seventh Generation DDWS, UNICEF India  ‘Ripples of Change: Gender-transformative rural WASH programmes in India’ Neneh Cherry A Thousand Threads Rachel Clarke The Story of a Heart Chloe Dalton Raising Hare Clare Mulley Agent Zo Helen - [यक्षगान नृत्य ](https://examcg.com/%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%a8%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af/): यक्षगान नृत्य यक्षगान पारंपरिक लोक नृत्य का एक रूप है । यह कर्नाटक के तटीय जिलों और केरल के कुछ हिस्सों में लोकप्रिय है। यक्षगान नृत्य की उत्पत्ति वैष्णव भक्ति आंदोलन से हुई है। यह नृत्य, संगीत, गीत, विद्वानों के संवाद और जीवंत वेशभूषा का एक अद्भुत मिश्रण है। भारत की कला और संस्कृति व्यापक और विविधतापूर्ण है। पारंपरिक नृत्य रूपों, त्योहारों आदि के विषयों से संबंधित विषय यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण हैं । यह प्रारंभिक परीक्षा और सामान्य अध्ययन (जीएस – 1) पेपर में कला और संस्कृति के पाठ्यक्रम के तहत प्रासंगिक है। समय-समय पर, इन विषयों के बारे में सीधे तथ्यात्मक और विश्लेषणात्मक - [दृश्य कला- कला एवं संस्कृति](https://examcg.com/%e0%a4%a6%e0%a5%83%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%8f%e0%a4%b5%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%a4/): दृश्य कला – कला और संस्कृति नोट्स पीडीएफ डाउनलोड करें पिछले वर्ष के पेपर   दृश्य कला एक व्यापक शब्द है जिसका उपयोग विभिन्न कलात्मक विषयों के लिए किया जाता है जो कौशल के माध्यम से भावनाओं को उत्पन्न करते हैं। पेंटिंग, ड्राइंग, प्रिंटमेकिंग, मूर्तिकला, मिट्टी के बर्तन, फोटोग्राफी, वीडियो, फिल्म निर्माण, डिजाइन, शिल्प और वास्तुकला दृश्य कला के उदाहरण हैं। कई रचनात्मक क्षेत्र, जैसे प्रदर्शन कला, वैचारिक कला और कपड़ा कला, दृश्य और कला की अन्य शैलियों के तत्व शामिल हैं। भारत में वास्तुकला, मूर्तिकला, चित्रकला, नक्काशी आदि सहित दृश्य कलाओं की एक समृद्ध विरासत है जो मानव सभ्यता की शुरुआत - [हुमायूँ - मुगल साम्राज्य](https://examcg.com/%e0%a4%b9%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%81-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af/): हुमायूँ – मुगल साम्राज्य नासिरुद्दीन मुहम्मद, जिन्हें उनके राजकीय नाम हुमायूँ से जाना जाता था, मुगल साम्राज्य के दूसरे सम्राट थे। इस लेख में बाबर के उत्तराधिकारी हुमायूँ पर NCERT नोट्स पाएँ। हुमायूँ और मुगल साम्राज्य का शासन काल, सामान्य रूप से, सिविल सेवा परीक्षा 2023 के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है । यूपीएससी 2023 के बारे में अधिक जानने के लिए लिंक किए गए लेख को देखें। मुगल सम्राट हुमायूं: यूपीएससी नोट्स –पीडीएफ यहां से डाउनलोड करें अपनी IAS परीक्षा की तैयारी को बेहतर बनाने के लिए अब CSAT मॉक टेस्ट का प्रयास करें !! इसके अलावा, नीचे दिए गए निम्नलिखित लिंक भी उम्मीदवार की परीक्षा की तैयारी - [मुगल साम्राज्य में अधिकारियों की सूची](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be/): मुगल साम्राज्य में अधिकारियों की सूची भारत में मुगल काल ने देश के सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक प्रशासनिक, व्यापार, जीवनशैली के पहलुओं में कई बड़े बदलाव लाए। इनमें से प्रत्येक क्षेत्र का प्रबंधन मुगल शासकों के नेतृत्व में अलग-अलग अधिकारियों द्वारा किया जाता था। इस लेख में, हम आपके लिए मुगल साम्राज्य के अधिकारियों की सूची और प्रशासनिक व्यवस्था में उनकी भूमिका लेकर आए हैं।  मुगल प्रशासन में अधिकारियों की क्या आवश्यकता थी? भारत में मुगल साम्राज्य देश के एक बड़े हिस्से में फैला हुआ था और पूरे राज्य को स्वतंत्र रूप से प्रबंधित करना शासकों के लिए एक चुनौती थी। इसलिए, अलग-अलग विभागों - [परवर्ती मुगल और मुगल साम्राज्य का पतन](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a4%b2-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d/): परवर्ती मुगल और मुगल साम्राज्य का पतन 1707 ई. में औरंगजेब की मृत्यु के बाद मुगल साम्राज्य का तेजी से पतन हुआ। इस वर्ष को आम तौर पर महान मुगलों के युग को छोटे मुगलों के युग से अलग करने वाला वर्ष माना जाता है, जिन्हें बाद के मुगलों के रूप में भी जाना जाता है। इस लेख में, आप बाद के मुगलों और मुगल साम्राज्य के पतन के बारे में सब कुछ पढ़ सकते हैं। यह यूपीएससी परीक्षा इतिहास खंड के लिए एक महत्वपूर्ण विषय है। यूपीएससी 2024 की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों को फरवरी में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर - [मध्यकालीन भारत के प्रांतीय राज्य (भाग 2)](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a4/): मध्यकालीन भारत के प्रांतीय राज्य (भाग 2) उत्तर में दिल्ली सल्तनत के पतन के बाद, भारत के विभिन्न भागों में कई प्रांतीय राज्य उभरे, जिनमें से सबसे महत्वपूर्ण विजयनगर और बहमनी राज्य थे।  मध्यकालीन भारत के प्रांतीय साम्राज्य (भाग 1) में इस पर विस्तार से चर्चा की गई है । इस लेख में आप पश्चिमी, पूर्वी और उत्तरी भारत के प्रांतीय राज्यों के बारे में सब कुछ पढ़ सकते हैं। यह यूपीएससी परीक्षा के लिए मध्यकालीन भारतीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है । मध्यकालीन भारतीय इतिहास पर अधिक यूपीएससी नोट्स लिंक किए गए लेख में प्राप्त करें। पश्चिमी भारत के प्रांतीय राज्य गुजरात  दिल्ली सल्तनत के तहत , - [प्रारंभिक मध्यकालीन उत्तरी भारत](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4/): प्रारंभिक मध्यकालीन उत्तरी भारत उत्तरी भारत में प्रारंभिक मध्ययुगीन काल तीन राजनीतिक शक्तियों अर्थात् पाल, राष्ट्रकूट और गुर्जर-प्रतिहारों के वर्चस्व द्वारा चिह्नित किया गया था। इस लेख में, आप इन तीन राज्यों, उनकी राजनीतिक प्रणालियों, प्रशासन, व्यापार और वाणिज्य और इन राजवंशों के महत्वपूर्ण राजाओं की सूची के बारे में सब कुछ पढ़ सकते हैं। यह यूपीएससी परीक्षा इतिहास खंड के लिए एक महत्वपूर्ण विषय है। प्रारंभिक मध्यकालीन उत्तरी भारत:-पीडीएफ यहां से डाउनलोड करें प्रारंभिक मध्यकालीन उत्तरी भारत (लगभग 750-1000 ई. तक का काल) इतिहास के इस काल में तीन राजनीतिक शक्तियों का प्रभुत्व रहा: गुर्जर-प्रतिहार जिन्होंने 10वीं शताब्दी के मध्य तक - [विजयनगर साम्राज्य](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%af%e0%a4%a8%e0%a4%97%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af/): विजयनगर साम्राज्य विजयनगर साम्राज्य की स्थापना हरिहर और बुक्का ने की थी और इसका शासनकाल 1336 ई. से 1646 ई. तक था । यह लेख आगामी यूपीएससी 2024  परीक्षा के लिए विजयनगर साम्राज्य के बारे में सभी प्रासंगिक जानकारी देता है । विजयनगर साम्राज्य (1336-1646 ई.) सल्तनत काल के अंत तक, मुल्तान और बंगाल दिल्ली सल्तनत से अलग होने वाले पहले क्षेत्र थे और उन्होंने स्वतंत्रता की घोषणा की तथा दक्कन क्षेत्र के कई अन्य क्षेत्र भी शक्तिशाली बन गए। हरिहर और बुक्का ने 1336 ई. में तुंगभद्रा के दक्षिणी तट पर विजयनगर शहर की स्थापना की थी। उन्होंने हम्पी को राजधानी बनाया। - [दिल्ली सल्तनत के तहत प्रशासन](https://examcg.com/%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a4%e0%a4%b9%e0%a4%a4-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b6/): दिल्ली सल्तनत के तहत प्रशासन यह लेख दिल्ली सल्तनत के अधीन प्रशासन के कामकाज के बारे में जानकारी देगा। दिल्ली सल्तनत के अधीन प्रशासन को विभिन्न भागों में विभाजित किया गया था – केंद्रीय, प्रांतीय, न्यायिक, स्थानीय, आदि। आईएएस परीक्षा के बारे में अधिक जानने के लिए लिंक किया गया लेख देखें। दिल्ली सल्तनत के अधीन प्रशासन (यूपीएससी नोट्स):-पीडीएफ यहां से डाउनलोड करें दिल्ली सल्तनत प्रशासन दिल्ली सल्तनत काल 1206 ई. से 1526 ई. तक लगभग 320 वर्षों तक फैला रहा। प्रशासन दिल्ली सल्तनत के तहत प्रभावी प्रशासनिक व्यवस्था ने भारतीय प्रांतीय राज्यों और बाद में मुगल प्रशासनिक व्यवस्था पर बहुत प्रभाव डाला । अपने चरम पर, दिल्ली सल्तनत - [तुगलक वंश - दिल्ली सल्तनत ](https://examcg.com/%e0%a4%a4%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a4%b2%e0%a4%95-%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%b6-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a4%a4/): तुगलक वंश – दिल्ली सल्तनत  तुगलक वंश मध्यकालीन भारत के काल में उभरा और यह तुर्क-भारतीय मूल का था। इस राजवंश ने मुख्य रूप से दिल्ली सल्तनत पर शासन किया। तुगलक वंश 1320 में उभरा और 1413 में समाप्त हो गया और इस पर गाजी मलिक, मुहम्मद-बिन-तुगलक आदि जैसे कई शासकों ने शासन किया। तुगलक वंश के शासनकाल के दौरान भारत ने घरेलू और विदेशी नीतियों में बड़े बदलाव देखे। इस लेख में, यूपीएससी और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिएमध्यकालीन भारतीय इतिहास नोट्स के भाग के रूप में तुगलक वंश पर एनसीईआरटी नोट्स पाएं। नोट्स को यूपीएससी पाठ्यक्रम के अनुसार संरेखित किया गया - [अलाउद्दीन खिलजी – खिलजी वंश](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%89%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%96%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%96%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%b5/): अलाउद्दीन खिलजी – खिलजी वंश खिलजी दिल्ली के इल्बारी राजवंश के अधीन काम करते थे। मलिक फ़िरोज़ खिलजी राजवंश के संस्थापक थे, जो मूल रूप से इल्बारी राजवंश के पतन के दिनों में कैकुबाद द्वारा नियुक्त अरिज-ए-मुमालिक थे। यह लेख खिलजी वंश से संबंधित सभी प्रासंगिक जानकारी प्रदान करता है। यह विषय IAS परीक्षा की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण है । अलाउद्दीन खिलजी – खिलजी वंश (दिल्ली सल्तनत) (यूपीएससी नोट्स):-पीडीएफ यहां से डाउनलोड करें खिलजी वंश के महत्वपूर्ण शासक खिलजी वंश के महत्वपूर्ण शासकों का विवरण नीचे दिया गया है: जलालुद्दीन फ़िरोज़ खिलजी (1290-1296 ई.) वह खिलजी वंश का संस्थापक - [डेनिस मुकवेगे](https://examcg.com/%e0%a4%a1%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b8-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%97%e0%a5%87/): मानवाधिकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता युद्ध के हथियार के रूप में यौन हिंसा के उपयोग को समाप्त करने के प्रयासों के लिये कांगो के स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. डेनिस मुकवेगे को वर्ष 2018 का नोबेल शांति पुरस्कार प्रदान किया गया है। डेनिस मुकवेगे मानवाधिकार संक्षिप्त विवरण डेनिस मुकवेगे युद्ध के हथियार के रूप में यौन हिंसा के उपयोग को समाप्त करने के प्रयासों के लिये कांगो के स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. डेनिस मुकवेगे को वर्ष 2018 का नोबेल शांति पुरस्कार प्रदान किया गया है। 2018 में वह यज़ीदी कार्यकर्ता नादिया मुराद के साथ शांति के लिए नोबेल पुरस्कार के सह-प्राप्तकर्ता थे । सामाजिक कार्य उन्होंने पैनजी अस्पताल और फाउंडेशन की स्थापना की। पिछले कुछ वर्षों - [नादिया मुराद](https://examcg.com/%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a6/): नादिया मुराद मानवाधिकार संक्षिप्त विवरण नादिया मुराद वर्ष 2018 का नोबेल शांति पुरस्कार ईरान की यज़ीदी मानवाधिकार कार्यकर्त्ता नादिया मुराद को युद्ध और सशस्त्र संघर्ष के हथियार के रूप में यौन हिंसा के उपयोग को समाप्त करने के प्रयासों के लिये दिया गया है। सामाजिक कार्य वह इस्लामिक स्टेट द्वारा बलात्कार और अन्य दुर्व्यवहारों की लगभग 3,000 पीड़ितों में से एक थी। नॉर्वेजियन नोबेल समिति ने अपनी पीड़ा के बारे में बोलने और अन्य पीड़ितों की वकालत करने में उनकी बहादुरी के लिये उनकी प्रशंसा की। वर्ष 2008 में, संयुक्त राष्ट्र ने निर्धारित किया कि युद्ध और संघर्ष में यौन हिंसा का उपयोग एक युद्ध अपराध है। वर्ष 2016 में, उन्हें मानव तस्करी - [श्री एस. दामोदरन](https://examcg.com/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%8f%e0%a4%b8-%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a4%a8/): श्री एस. दामोदरन संक्षिप्त विवरण श्री एस. दामोदरन एस. दामोदरन को सामाजिक कार्य के क्षेत्र में उनके प्रमुख योगदान के लिए 2022 में पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया हैं। वे अपने परिवार के पहले स्नातक उत्तीर्ण थे तथा बहुत कम उम्र से ही श्री दामोदरन सार्थक तरीके से समाज की सेवा करने के लिए दृढ़ संकल्पित थे। उन्होंने तमिलनाडु में भारत के पहले गांव थानादवमपट्टी को 100% खुले में शौच से मुक्त घोषित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी तथा भारत के पहले स्लम कलमंधई को खुले में शौच मुक्त क्षेत्र घोषित करवाया था। उन्होंने शहरी मलिन बस्तियों, आंगनवाड़ी - [पंबन ब्रिज](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a4%82%e0%a4%ac%e0%a4%a8-%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%9c/): पंबन ब्रिज चर्चा में क्यों?  भारत के प्रधानमंत्री ने हाल ही में तमिलनाडु में नए पंबन ब्रिज का उद्घाटन किया, जो भारत के पहले वर्टिकल लिफ्ट रेलवे समुद्री ब्रिज का उद्घाटन है।   मुख्य बिंदु  प्रकार: वर्टिकल लिफ्ट ब्रिज- एक गतिशील ब्रिज है, जिसमें ब्रिज का विस्तार डेक के समानांतर रहते हुए ऊर्ध्वाधर दिशा में उठता है, जिससे समुद्री परिवहन की सुविधा मिलती है। स्थान: रामेश्वरम द्वीप को मुख्य भूमि भारत से जोड़ता है।  महत्त्व: एक शताब्दी से अधिक पुराने ब्रिज के स्थान पर रेल परिवहन और समुद्री नौवहन में वृद्धि होगी।  नया ब्रिज: परिचय  यह ब्रिज पुराने पंबन कैंटिलीवर ब्रिज की जगह लेगा, जिसका निर्माण 1914 में हुआ - [मामलूक राजवंश](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%b2%e0%a5%82%e0%a4%95-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%b6/): मामलुक राजवंश (1206 – 1287) – मध्यकालीन भारत इतिहास नोट्स पीडीएफ डाउनलोड करें   पिछले वर्ष के पेपर   मामलुक वंश या गुलाम वंश दिल्ली सल्तनत का पहला राजवंश था । मध्य एशिया के घुरिद साम्राज्य के एक तुर्किक मामलुक गुलाम-जनरल कुतुब उद-दीन ऐबक ने उत्तरी भारत में मामलुक वंश की स्थापना की । मामलुक वंश ने 1206 से 1290 तक दिल्ली सल्तनत पर शासन किया। कुतुब अल-दीन ऐबक ने 1192 से 1206 तक घुरिद वंश के गवर्नर के रूप में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने गंगा के मैदान में घुसपैठ का नेतृत्व किया और कुछ नए क्षेत्रों पर नियंत्रण हासिल किया। इस लेख में, हम मामलुक राजवंश (1206-1287) - [गुलाम वंश (दिल्ली सल्तनत)-](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%b6-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a4%a4/): गुलाम वंश (दिल्ली सल्तनत)-एनसीईआरटी नोट्स: मध्यकालीन इतिहास 13वीं शताब्दी में मामलुक राजवंश ने दिल्ली पर शासन किया और कुतुबुद्दीन ऐबक ने इसे उत्तर भारत की ओर निर्देशित किया। मामलुक एक शक्तिशाली सैन्य वर्ग था जो गुलाम मूल का एक सैनिक था जिसने इस्लाम धर्म अपना लिया था। यह राजवंश दिल्ली सल्तनत के रूप में शासन करने वाले पहले कुछ राजवंशों में से एक था। इस लेख में, उम्मीदवार गुलाम राजवंश पर NCERT नोट्स प्राप्त कर सकते हैं, जो मध्यकालीन भारतीय इतिहास का एक अभिन्न अंग था। सभी  IAS परीक्षा के  उम्मीदवारों को प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए इस लेख में - [दिल्ली सल्तनत](https://examcg.com/%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a4%a4/): दिल्ली सल्तनत दिल्ली सल्तनत दिल्ली में स्थित एक इस्लामी साम्राज्य था जो 320 वर्षों (1206-1526) तक भारतीय उपमहाद्वीप के बड़े हिस्से पर फैला हुआ था। दिल्ली सल्तनत पर पाँच राजवंशों ने क्रमिक रूप से शासन किया: मामलुक वंश (1206-1290), खिलजी वंश (1290-1320), तुगलक वंश (1320-1414), सैय्यद वंश (1414-1451), और लोदी वंश (1451-1526)। इसने आधुनिक भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ-साथ दक्षिणी नेपाल के कुछ हिस्सों के बड़े भूभाग को कवर किया इस लेख में, दिल्ली सल्तनत पर विस्तृत NCERT नोट्स पाएँ। दिल्ली सल्तनत में कई राजवंश शामिल हैं जिन्होंने मध्यकालीन काल में उत्तरी भारत पर शासन किया। यह सिविल सेवा परीक्षा - [अरब और तुर्की आक्रमण](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a4%ac-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%a4%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%86%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a4%a3/): अरब और तुर्की आक्रमण भारत में अरब और तुर्की आक्रमण मध्यकालीन भारतीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं, जो UPSC सिविल सेवा परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है। IAS परीक्षा की तैयारी के लिए भारत पर अरब और तुर्की आक्रमणों के महत्वपूर्ण पहलुओं का सारांश नीचे दिया गया है। यूपीएससी 2023 के बारे में अधिक जानने के लिए लिंक किए गए लेख को देखें। अरब और तुर्की आक्रमण (यूपीएससी नोट्स):-पीडीएफ यहां से डाउनलोड करें अरब और तुर्की आक्रमण भारत पर अरब आक्रमण मुहम्मद बिन कासिम इराक के गवर्नर अल-हज्जाज ने मुहम्मद-बिन-कासिम को भारत भेजा उन्होंने खलीफा वालिद की अनुमति से सिंध पर विजय प्राप्त की रेवाड़ की लड़ाई मुहम्मद-बिन-कासिम और सिंध - [बाबर - (भारत का मध्यकालीन इतिहास)](https://examcg.com/%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%ac%e0%a4%b0-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%87%e0%a4%a4/): बाबर – (भारत का मध्यकालीन इतिहास) बाबर मुगल साम्राज्य का संस्थापक और मुगल शासक हुमायूं का पिता था। IAS परीक्षा की तैयारी के लिए मुगलों के शासन का इतिहास पढ़ना महत्वपूर्ण है।  यह लेख आपको बाबर, उसके शासनकाल, उसकी सैन्य विजय और राणा सांगा के साथ उसके युद्ध के बारे में जानकारी प्रदान करेगा। बाबर (यूपीएससी नोट्स):-पीडीएफ यहां से डाउनलोड करें मुगल कौन थे और बाबर कौन था? मुगल, चगताई नामक तुर्कों की एक शाखा से संबंधित थे, जिसका नाम प्रसिद्ध मंगोल नेता चंगेज खान के दूसरे पुत्र के नाम पर रखा गया था। भारत में मुगल साम्राज्य की नींव बाबर ने रखी - [राष्ट्रकूट राजवंश](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%82%e0%a4%9f-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%b6/): राष्ट्रकूट राजवंश इस लेख में राष्ट्रकूटों पर NCERT नोट्स पाएँ। राष्ट्रकूट राजवंश सिविल सेवा परीक्षा 2022 की तैयारी के लिए एक महत्वपूर्ण विषय है। यूपीएससी 2023 के बारे में अधिक जानने के लिए लिंक किए गए लेख को देखें। राष्ट्रकूट राजवंश (यूपीएससी नोट्स):-पीडीएफ यहां से डाउनलोड करें मूल राष्ट्रकूट स्वयं को सात्यकि का वंशज मानते थे। इतिहासकारों में उनकी उत्पत्ति के प्रश्न पर मतभेद है। कुछ चालुक्य राजाओं के अभिलेखों से यह स्पष्ट है कि वे चालुक्यों के सामंत थे। राष्ट्रकूट कन्नड़ मूल के थे और उनकी मातृभाषा कन्नड़ थी। राष्ट्रकूट साम्राज्य   राष्ट्रकूट सम्राट राष्ट्रकूट सम्राट (753-982) डेनटिदुर्गा (735 – 756) कृष्ण प्रथम (756 - [भक्ति आंदोलन](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%86%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%a8/): भक्ति आंदोलन (मध्यकालीन भारतीय इतिहास) भक्ति शब्द ईश्वर के प्रति समर्पण या भावुक प्रेम का प्रतीक है । भक्ति आंदोलन व्यक्ति और ईश्वर के बीच रहस्यमय मिलन पर जोर देता है। हालाँकि भक्ति के बीज वेदों में पाए जा सकते हैं, लेकिन शुरुआती दौर में इस पर जोर नहीं दिया गया। व्यक्तिगत ईश्वर की आराधना की प्रक्रिया 6वीं शताब्दी ईसा पूर्व के दौरान विकसित हुई, जब बौद्ध धर्म और जैन धर्म जैसे विधर्मी आंदोलनों का उदय हुआ। उदाहरण के लिए, महायान बौद्ध धर्म के तहत, बुद्ध की पूजा उनके अनुग्रहपूर्ण (अवलोकित) रूप में की जाने लगी। विष्णु की पूजा भी लगभग - [दक्कन साम्राज्य](https://examcg.com/%e0%a4%a6%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af/): दक्कन साम्राज्य (भारत का मध्यकालीन इतिहास) भारत के मध्यकालीन इतिहास में दक्कन साम्राज्यों का बहुत महत्व है। यह लेख विभिन्न दक्कन साम्राज्यों और उनके कुछ महत्वपूर्ण योगदानों के बारे में विस्तृत जानकारी देता है। यह लेख छठी शताब्दी ई. के चालुक्यों से लेकर होयसल, काकतीय आदि जैसे अन्य महत्वपूर्ण दक्कन साम्राज्यों पर प्रकाश डालता है। आईएएस परीक्षा की तैयारी करते समय उम्मीदवारों को यह लेख बहुत उपयोगी लगेगा । दक्कन साम्राज्य (यूपीएससी नोट्स):-पीडीएफ यहां से डाउनलोड करें अभ्यर्थियों को यूपीएससी के पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों को  हल करके अपनी तैयारी अभी से शुरू कर देनी चाहिए!!   आगामी परीक्षा की तैयारी के लिए निम्नलिखित - [बहमनी साम्राज्य](https://examcg.com/%e0%a4%ac%e0%a4%b9%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af/): बहमनी साम्राज्य (मध्यकालीन  भारत का इतिहास) इस लेख में बहमनी साम्राज्य पर NCERT नोट्स पाएँ। बहमनी सल्तनत सिविल सेवा परीक्षा की  तैयारी के लिए एक महत्वपूर्ण विषय है। यूपीएससी 2023 के लिए इतिहास एक महत्वपूर्ण विषय है  । आगामी परीक्षा की तैयारी कर रहे उम्मीदवार निम्नलिखित लिंक का उपयोग करके अपनी इतिहास की तैयारी को पूरा कर सकते हैं; यूपीएससी के लिए प्राचीन इतिहास नोट्स मध्यकालीन इतिहास नोट्स यूपीएससी के लिए यूपीएससी के लिए आधुनिक इतिहास नोट्स यूपीएससी मुख्य परीक्षा GS 1 से इतिहास के प्रश्न बहमनी साम्राज्य (1347-1527 ई.) बहमनी सल्तनत दक्षिण भारत के दक्कन का एक फ़ारसीकृत मुस्लिम राज्य था और मध्यकालीन भारतीय - [राजपूत काल](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2/): राजपूत (मध्यकालीन भारतीय इतिहास नोट्स) मध्यकालीन भारतीय इतिहास UPSC IAS परीक्षा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस लेख में, सिविल सेवा परीक्षा 2023 की तैयारी के लिए राजपूतों और उत्तरी राज्यों पर NCERT नोट्स पाएँ । राजपूत यूपीएससी नोट्स:-पीडीएफ यहां से डाउनलोड करें अभ्यर्थी अब यूपीएससी के पिछले वर्षों के प्रश्न पत्रों का प्रयास करके अपनी तैयारी की जांच कर सकते हैं !! आगामी परीक्षा की तैयारी के लिए निम्नलिखित लिंक देखें: पीआईबी सारांश और विश्लेषण सामयिकी यूपीएससी नोट्स पीडीएफ आईएएस मॉक टेस्ट एनसीईआरटी नोट्स पीडीएफ स्टेटिक जीके दैनिक समसामयिकी व्यापक समाचार विश्लेषण यूपीएससी के लिए ऑल इंडिया रेडियो स्पॉटलाइट उत्तर भारतीय राज्य – राजपूत - [साम्राज्यवाद (Imperialism)](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6-imperialism/): साम्राज्यवाद (Imperialism in Hindi) शब्द का अर्थ है सर्वोच्च शक्ति, “संप्रभुता,” या बस “शासन,” और लैटिन शब्द साम्राज्य से लिया गया है। 15वीं और 19वीं शताब्दी के बीच अमेरिका के उपनिवेशीकरण के साथ-साथ 19वीं सदी के अंत और 20वीं सदी के प्रारंभ में संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान और यूरोपीय शक्तियों का विकास साम्राज्यवाद (Imperialism) के युग के उदाहरण हैं। पूरे इतिहास में, साम्राज्यवादी विस्तार ने कई स्वदेशी समाजों और संस्कृतियों को नष्ट कर दिया है। यूपीएससी आईएएस परीक्षा के लिए साम्राज्यवाद (Imperialism in Hindi) सबसे महत्वपूर्ण विषयों में से एक है। इस लेख में हम साम्राज्यवाद (Imperialism in Hindi), उसके उद्देश्यों, साम्राज्यवाद की अवधि, साम्राज्यवाद के नकारात्मक और सकारात्मक - [नेपोलियन बोनापार्ट](https://examcg.com/%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%a8-%e0%a4%ac%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f/): नेपोलियन बोनापार्ट      चर्चा में क्यों? हाल ही में डीएनए साक्ष्य पूर्वावलोकन द्वारा खोजी गई एक नई टोपी, जो यह प्रमाणित करती है कि यह नेपोलियन बोनापार्ट की थी, को हॉन्गकॉन्ग के एक नीलामी घर में प्रदर्शित किया गया है। प्रमुख बिंदु संक्षिप्त परिचय : नेपोलियन का जन्म 15 अगस्त, 1769 को कोर्सिका (भूमध्य सागर में स्थित एक द्वीप) की राजधानी अजाशियो ( Ajaccio) में हुआ था। उसे नेपोलियन-I के नाम से भी जाना जाता है। एक फ्राँसीसी सैन्य प्रमुख और सम्राट जिसने 19वीं शताब्दी की शुरुआत में यूरोप के अधिकांश हिस्से पर विजय प्राप्त की। वर्ष 1804 में इसने स्वयं को सम्राट घोषित किया।  5 मई, 1821 को सेंट हेलेना द्वीप पर उसका निधन हो गया। नेपोलियन बोनापार्ट - [हिटलर का उदय: साधारण शुरुआत से विश्व प्रभुत्व तक](https://examcg.com/%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%9f%e0%a4%b2%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%89%e0%a4%a6%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%81%e0%a4%86/): हिटलर का उदय: साधारण शुरुआत से विश्व प्रभुत्व तक हिटलर का जन्म 1889 में ऑस्ट्रिया में हुआ था और उसने अपनी युवावस्था गरीबी में बिताई। जब 1914 में प्रथम विश्व युद्ध छिड़ा , तो वह सेना में भर्ती हो गया , मोर्चे पर एक संदेशवाहक के रूप में काम किया, एक कॉर्पोरल बन गया, और बहादुरी के लिए पदक अर्जित किए। जर्मन हार ने उसे भयभीत कर दिया और वर्साय संधि ने उसे क्रोधित कर दिया। 1919 में , हिटलर जर्मन वर्कर्स पार्टी नामक एक छोटे समूह में शामिल हो गया । हिटलर के बारे में  नाजी पार्टी: हिटलर ने बाद में जर्मन वर्कर्स पार्टी पर कब्ज़ा कर लिया और इसका नाम बदलकर नेशनल सोशलिस्ट जर्मन वर्कर्स पार्टी रख दिया। इस पार्टी - [करेंट अफेयर्स क्विज़ - मार्च 2025](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%9f-%e0%a4%85%e0%a4%ab%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bc-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0/): करेंट अफेयर्स क्विज़ – मार्च 2025 | UPSC/PSC 📚 करेंट अफेयर्स क्विज़ मार्च 2025 | UPSC / PSC परीक्षा स्तर 100 प्रश्न • विस्तृत व्याख्या सहित कुल: 100 उत्तरित: 0 सही: 0 गलत: 0 शेष: 100 © 2025 करेंट अफेयर्स क्विज़ | मार्च 2025 | UPSC/PSC तैयारी हेतु हरे रंग से सही उत्तर और लाल रंग से गलत उत्तर दर्शाया जाता है। 0 CommentsComments are closed - [छत्तीसगढ़ का आधुनिक इतिहास (1741-1947) ई.](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%86%e0%a4%a7%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9-2/): Table of Contents छत्तीसगढ़ में मराठा शासन मराठों को कल्चुरि राजवंश के विभाजन का लाभ मिला और उन्होंने आक्रमण कर रतनपुर के क्षेत्र में अपना प्रभुत्व स्थापित किया। मराठों के शासक रघुजी ने रतनपुर में अप्रत्यक्ष रूप से शासन किया तथा उनके पुत्र बिम्बाजी भोंसले ने प्रत्यक्ष रूप से शासन का प्रारम्भ किया। अतः छत्तीसगढ़ में मराठा शासन को अप्रत्यक्ष शासन एवं प्रत्यक्ष शासन में विभक्त किया जाता है। जिसका विवरण निम्न प्रकार से है – अप्रत्यक्ष मराठा शासन भोंसले शासक रघुजी ने 1741 ई. में नागपुर के दक्षिण भारत अभियान के दौरान इनके सेनापति भास्कर पन्त ने रतनपुर के कल्चुरि शासक रघुनाथ सिंह के क्षेत्र पर आक्रमण किया। - [एशियाई देशों के साथ भारतीय सांस्कृतिक संपर्क](https://examcg.com/%e0%a4%8f%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80/): एशियाई देशों के साथ भारतीय सांस्कृतिक संपर्क [प्राचीन इतिहास नोट्स] प्राचीन काल से ही भारत ने चीन, दक्षिण-पूर्व एशिया, पश्चिम एशिया और रोमन साम्राज्य के साथ व्यापारिक संपर्क स्थापित किए हैं। इसके परिणामस्वरूप भारतीय संस्कृति, धर्म, भाषा, कला और वास्तुकला का प्रसार हुआ। यह भारत और विश्व के इतिहास का एक महत्वपूर्ण पहलू है। इस लेख में, आप यूपीएससी परीक्षा के इतिहास खंड के लिए भारत के अन्य एशियाई देशों के साथ सांस्कृतिक संपर्कों के बारे में सब कुछ पढ़ सकते हैं। एशियाई देशों के साथ भारतीय सांस्कृतिक संपर्क:- पीडीएफ यहां से डाउनलोड करें एशियाई देशों के साथ भारतीय सांस्कृतिक संपर्क यह कहना - [प्रारंभिक मध्यकालीन भारत](https://examcg.com/elementor-5241/): प्रारंभिक मध्यकालीन भारत [इतिहास नोट्स] प्राचीन और मध्यकालीन के बीच के मध्यवर्ती संक्रमण काल ​​को “प्रारंभिक मध्यकालीन” कहा जाता है । यह क्षेत्रीय स्तर पर विभिन्न राज्यों के गठन द्वारा चिह्नित था। लगभग 600 – 1200 ई. के बीच की अवधि को दो चरणों में विभाजित किया जा सकता है, प्रत्येक चरण उत्तर और दक्षिण भारत के लिए अलग-अलग है। इस लेख में, आप प्रारंभिक मध्यकालीन भारत और इससे जुड़े शासकों जैसे हर्षवर्धन, पुलकेशिन I, पुलकेशिन II आदि के बारे में सब कुछ पढ़ सकते हैं। यह UPSC पाठ्यक्रम के प्राचीन इतिहास खंड का एक महत्वपूर्ण पहलू है । आप नीचे दिए गए बटन में - [बौद्ध धर्म](https://examcg.com/%e0%a4%ac%e0%a5%8c%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%a7%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae/): बौद्ध धर्म [यूपीएससी और सरकारी परीक्षाओं के लिए इतिहास नोट्स] छठी शताब्दी ईसा पूर्व में, सामाजिक-धार्मिक मानदंड जो अच्छी तरह से स्थापित और पालन किए जाते थे, उनकी चीन में कन्फ्यूशियस, ईरान में ज़ोरोस्टर, ग्रीस में परमेनिडेस जैसे महान विद्वानों द्वारा आलोचना की गई थी। उन्होंने नैतिक और नैतिक मूल्यों पर जोर दिया। भारत में दो वैकल्पिक धर्मों का उदय भी हुआ – बौद्ध धर्म और जैन धर्म। ये दोनों धर्म अहिंसा, अच्छे सामाजिक आचरण, दान और उदारता पर विश्वास करते थे और उसका प्रचार करते थे। इन धर्मों ने इस बात पर जोर दिया कि सच्चा सुख भौतिकवाद या अनुष्ठानों के प्रदर्शन में - [जैन धर्म](https://examcg.com/%e0%a4%9c%e0%a5%88%e0%a4%a8-%e0%a4%a7%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae/):   जैन धर्म [यूपीएससी और सरकारी परीक्षाओं के लिए इतिहास नोट्स] जैन धर्म यूपीएससी इतिहास, कला और संस्कृति खंडों के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय है। यह एक महत्वपूर्ण प्राचीन धर्म है जिसकी उत्पत्ति भारत में हुई थी। इस लेख में, आपको जैन धर्म के सभी महत्वपूर्ण तथ्य और सिद्धांत, महावीर के जीवन, जैन धर्म के विभिन्न संप्रदायों और आईएएस परीक्षा और अन्य सरकारी परीक्षाओं के लिए अन्य महत्वपूर्ण विवरण मिलेंगे। जैन धर्म:- पीडीएफ यहां से डाउनलोड करें वर्धमान महावीर – जीवन वर्धमान महावीर का जन्म 599 ईसा पूर्व में वैशाली (विदेह की राजधानी) के पास एक गाँव में हुआ था। उन्हें बुद्ध - [सिंधु घाटी सभ्यता](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%81-%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a4%be/): सिंधु घाटी सभ्यता – 3300-1400 ईसा पूर्व [प्राचीन भारतीय इतिहास नोट्स यूपीएससी के लिए] सिंधु घाटी सभ्यता (IVC) लगभग 2500 ईसा पूर्व में विकसित हुई, जिसे अक्सर परिपक्व IVC का युग कहा जाता है। यह भारत की रीढ़ की हड्डी है क्योंकि यह दुनिया की प्रमुख सभ्यताओं में से एक है। IAS परीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण विषय , सिंधु घाटी सभ्यता को उम्मीदवारों द्वारा अच्छी तरह से पढ़ा जाना चाहिए। यह लेख आपको IVC पर NCERT नोट्स प्रदान करेगा। इस लेख को पढ़ने के बाद, अभ्यर्थियों को नीचे दी गई तालिका में दिए गए संबंधित विषयों को भी पढ़ने का सुझाव दिया - [उत्तर वैदिक संस्कृति](https://examcg.com/%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0-%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a4%bf/): उत्तर वैदिक संस्कृति [यूपीएससी और सरकारी परीक्षाओं के लिए इतिहास नोट्स] वैदिक युग प्राचीन भारतीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह यूपीएससी और अन्य सरकारी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि इस विषय से आईएएस प्रारंभिक और मुख्य दोनों परीक्षाओं में कई प्रश्न पूछे गए हैं। इस लेख में, आप यूपीएससी परीक्षा और अन्य सरकारी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से उत्तर वैदिक युग से संबंधित सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं के बारे में पढ़ सकते हैं। यदि आपने प्रारंभिक वैदिक युग के बारे में नहीं पढ़ा है , तो लिंक किए गए लेख पर क्लिक करें। उत्तर वैदिक युग:- पीडीएफ यहां - [16 महाजनपद](https://examcg.com/16-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%aa%e0%a4%a6/): 16 महाजनपद [प्राचीन भारतीय इतिहास नोट्स यूपीएससी के लिए] बौद्ध धर्मग्रंथ अंगुतारा निकाय में भारत में छठी शताब्दी ईसा पूर्व की शुरुआत में 16 महान राज्यों या महाजनपदों का उल्लेख है। इनका उदय वैदिक युग में हुआ । महाजनपदों के उद्भव का इतिहास छठी से चौथी शताब्दी ईसा पूर्व के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी बिहार के विकास से जोड़ा जा सकता है, जहाँ उपजाऊ भूमि की उपलब्धता के कारण कृषि फल-फूल रही थी और बड़ी मात्रा में लौह अयस्क की उपलब्धता के कारण लौह उत्पादन में वृद्धि हुई थी। इसके परिणामस्वरूप जनपदों के क्षेत्रों का विस्तार हुआ (लौह हथियारों के उपयोग के - [महाजनपद - सामाजिक और भौतिक जीवन](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%aa%e0%a4%a6-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%ad%e0%a5%8c%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%95/): महाजनपद – सामाजिक और भौतिक जीवन [प्राचीन भारतीय इतिहास नोट्स यूपीएससी के लिए] ’16 महाजनपद’ यूपीएससी इतिहास खंड के लिए एक महत्वपूर्ण विषय हैं। वे यूपीएससी पाठ्यक्रम के प्राचीन इतिहास खंड का हिस्सा हैं । यूपीएससी प्रारंभिक या मुख्य परीक्षा में अक्सर इस खंड से प्रश्न पूछे जाते हैं। इस लेख में, आप महाजनपदों के समय के दौरान प्राचीन भारत के लोगों के सामाजिक और भौतिक जीवन के बारे में सब कुछ पढ़ सकते हैं। 16 महाजनपदों की सूची प्राप्त करने के लिए लिंक किया गया लेख देखें। महाजनपद – सामाजिक और भौतिक जीवन:- पीडीएफ यहां से डाउनलोड करें महाजनपद युग में सामाजिक और भौतिक - [मौर्य साम्राज्य](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af/): मौर्य साम्राज्य [यूपीएससी और सरकारी परीक्षाओं के लिए प्राचीन इतिहास नोट्स] मौर्य काल को भारतीय उपमहाद्वीप के प्रारंभिक इतिहास में एक उल्लेखनीय काल माना जाता है। मौर्यों ने केरल, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों को छोड़कर पूरे उपमहाद्वीप पर शासन किया। इस लेख में, आप मौर्य, मौर्य साम्राज्य के राजाओं जैसे चंद्रगुप्त मौर्य, अशोक, आदि, समयसीमा, मौर्य साम्राज्य की उपलब्धियों और यूपीएससी आईएएस परीक्षा के लिए अन्य महत्वपूर्ण विषयों के बारे में पढ़ सकते हैं । प्राचीन भारतीय इतिहास पर अन्य महत्वपूर्ण नोट्स के लिए लिंक किए गए लेख पर क्लिक करें। मौर्य साम्राज्य:- पीडीएफ यहां से डाउनलोड करें मौर्य साम्राज्य [लगभग 324 – - [मध्य एशियाई संपर्क और उनके परिणाम](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%8f%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%95-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%89%e0%a4%a8%e0%a4%95/): मध्य एशियाई संपर्क और उनके परिणाम [प्राचीन इतिहास नोट्स यूपीएससी के लिए] प्राचीन इतिहास जितना रोचक है, उतना ही विशाल भी है। यह UPSC IAS परीक्षा के लिए भी एक महत्वपूर्ण विषय है। इस लेख में, आप प्राचीन इतिहास के मौर्योत्तर चरण के दौरान मध्य एशियाई संपर्कों और भारतीय समाज पर उनके प्रभाव के बारे में सब कुछ पढ़ सकते हैं। यह लेख विभिन्न सरकारी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए भी उपयोगी होगा। अभ्यर्थी अपनी आईएएस परीक्षा की तैयारी के लिए इस लेख का पीडीएफ भी अंत में डाउनलोड कर सकते हैं। आगामी यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए निम्नलिखित लिंक - [गुप्तों और वाकाटकों के अधीन जीवन](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%85%e0%a4%a7/): गुप्तों और वाकाटकों के अधीन जीवन [प्राचीन इतिहास नोट्स] प्राचीन भारत के इतिहास में गुप्त और वाकाटक दोनों ही महत्वपूर्ण राजवंश हैं। इस लेख में, आप गुप्त और वाकाटक के युग के दौरान जीवन के विभिन्न पहलुओं जैसे प्रशासन, अर्थव्यवस्था, सामाजिक और धार्मिक जीवन, कला और साहित्य आदि के बारे में पढ़ सकते हैं। यह यूपीएससी पाठ्यक्रम के इतिहास भाग का एक महत्वपूर्ण खंड है । इस लेख को पढ़ने से पहले आप नीचे दिए गए लिंक से विभिन्न गुप्त और वाकाटक शासकों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। गुप्त साम्राज्य गुप्त काल का प्रमुख साहित्य गुप्त साम्राज्य की विरासत और - [प्राचीन इतिहास दक्षिण भारत](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%a6%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%bf%e0%a4%a3-%e0%a4%ad%e0%a4%be/): प्राचीन इतिहास दक्षिण भारत [यूपीएससी और सरकारी परीक्षाओं के लिए इतिहास नोट्स] दक्षिण भारत का प्राचीन इतिहास, जिसमें संगम युग, चोल, चेर और पांड्या के तीन राज्य और संगम साहित्य शामिल हैं, IAS परीक्षा के लिए बहुत महत्वपूर्ण विषय हैं । इस लेख में, आप तीन राज्यों के तहत लोगों के सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक जीवन सहित दक्षिण भारत के प्राचीन इतिहास पर एक व्यापक नोट पढ़ेंगे। दक्षिण भारत का प्राचीन इतिहास:- पीडीएफ यहां से डाउनलोड करें प्राचीन इतिहास – दक्षिण भारत (महापाषाण काल से लेकर चेरों, चोलों और पांड्यों की राज्य व्यवस्था तक) ऐतिहासिक काल की शुरुआत बड़े पैमाने पर ग्रामीण समुदायों - [मौर्योत्तर युग - शिल्प, व्यापार और नगर](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%97-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%aa-%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af/): मौर्योत्तर युग – शिल्प, व्यापार और नगर [प्राचीन इतिहास नोट्स] मौर्य साम्राज्य के पतन के बाद, भारत में कई अन्य छोटे राज्य उभरे, जिनमें से कुछ शुंग, कण्व, सातवाहन आदि हैं। यह भारत के प्राचीन इतिहास में एक महत्वपूर्ण अवधि है और इसलिए, यूपीएससी परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण है । इस लेख में, आप मौर्योत्तर भारत में शिल्प, व्यापार और शहरों के बारे में सब कुछ पढ़ सकते हैं। मौर्य साम्राज्य के बारे में सब कुछ जानने के लिए लिंक किए गए लेख पर क्लिक करें। मौर्योत्तर युग – शिल्प, व्यापार और शहर:- पीडीएफ यहां से डाउनलोड करें मौर्योत्तर युग – शिल्प शक, सातवाहन और - [कण्व वंश का युग](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%a3%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%97/): कण्व वंश का युग – एनसीईआरटी नोट्स (प्राचीन भारतीय इतिहास यूपीएससी के लिए) कण्व वंश का मूल ब्राह्मण वंश था। इस वंश का नाम शासक कण्व के गोत्र के नाम पर रखा गया था। कण्व वंश की स्थापना वासुदेव कण्व ने की थी। ऐसा माना जाता है कि वासुदेव कण्व ने 72 ईसा पूर्व में शुंग शासक देवभूति को मार डाला और अपना साम्राज्य स्थापित किया। कण्व वंश का शासन काल 72 ईसा पूर्व से 28 ईसा पूर्व तक था। शुंग, कण्व वंश और सातवाहन वंश का कालक्रम नीचे दिया गया है: शुंग वंश कण्व वंश सातवाहन वंश यह आलेख शुंग - [वाकाटक राजवंश](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a4%95-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%b6/): एनसीईआरटी नोट्स: वाकाटक राजवंश [प्राचीन भारतीय इतिहास नोट्स यूपीएससी के लिए] यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण विषयों पर एनसीईआरटी नोट्स । ये नोट्स बैंकिंग पीओ, एसएससी, राज्य सिविल सेवा परीक्षा आदि जैसी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी उपयोगी होंगे। यह लेख प्राचीन भारत के वाकाटकों के बारे में बात करता है। आज ही अपनी UPSC 2022 की  तैयारी शुरू करें! वाकाटक राजवंश (यूपीएससी नोट्स):- पीडीएफ यहां से डाउनलोड करें उन्होंने राजवंश को पराजित किया। प्रायद्वीपीय भारत में सातवाहनों के बाद वाकाटक (स्थानीय शक्ति) का शासन आया, जिन्होंने ढाई शताब्दियों से अधिक समय तक दक्कन पर शासन किया । वाकाटक उत्तर भारत में गुप्तों के समकालीन - [पाल साम्राज्य](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af/): पाल साम्राज्य [प्राचीन भारतीय इतिहास यूपीएससी के लिए एनसीईआरटी नोट्स] यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण विषयों पर एनसीईआरटी नोट्स । ये नोट्स बैंक पीओ, एसएससी, राज्य सिविल सेवा परीक्षा आदि जैसी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी उपयोगी होंगे। यह लेख पाल साम्राज्य के बारे में बात करता है। हर्षवर्धन की मृत्यु के बाद उत्तर और पूर्वी भारत में कई साम्राज्यों का उदय हुआ। गौड़ राजा शशांक के पतन के बाद बंगाल के क्षेत्र में अराजकता फैल गई। पाल साम्राज्य का दक्षिण पूर्व एशिया, खासकर सुमात्रा में श्री विजय साम्राज्य से घनिष्ठ संबंध था। इसके तिब्बती साम्राज्य और अरब अब्बासिद खलीफा - [साल 2021 की प्रमुख पुस्तकें एवं उनके लेखक](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b2-2021-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%8f%e0%a4%b5/): साल 2021 की प्रमुख पुस्तकें एवं उनके लेखक यदि आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए उपयोगी है। इस लेख में साल 2021 की प्रमुख किताबों और उनकी लेखकों की लिस्ट दी गई है।  प्रमुख पुस्तकें और उनके लेखक भारत में हर साल लाखों किताबें लिखी जाती हैं। इनमें से कुछ किताबें ही ऐसी होती हैं, जो कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना पाती हैं। यही वजह है कि इन किताबों व किताबों के लेखकों के बारे में अक्सर किसी सरकारी प्रतियोगी परीक्षा में पूछा जाता है। यदि आप भी किसी - [साल 2020 की प्रमुख पुस्तकें एवं उनके लेखक](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b2-2020-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%8f%e0%a4%b5/): साल 2020 की प्रमुख पुस्तकें एवं उनके लेखक यदि आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए उपयोगी है। इस लेख में साल 2020 की प्रमुख किताबों और उनकी लेखकों की लिस्ट दी गई है।   प्रमुख पुस्तकें और उनके लेखक भारत में हर साल लाखों किताबें लिखी जाती हैं। इनमें से कुछ किताबें ही ऐसी होती हैं, जो कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना पाती हैं। यही वजह है कि इन किताबों व किताबों के लेखकों के बारे में अक्सर किसी सरकारी प्रतियोगी परीक्षा में पूछा जाता है। यदि आप भी किसी - [साल 2019 की प्रमुख पुस्तकें एवं उनके लेखक](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b2-2019-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%8f%e0%a4%b5/): साल 2019 की प्रमुख पुस्तकें एवं उनके लेखक यदि आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए उपयोगी है। इस लेख में साल 2019 की प्रमुख किताबों और उनकी लेखकों की लिस्ट दी गई है।   प्रमुख पुस्तकें और उनके लेखक भारत में हर साल लाखों किताबें लिखी जाती हैं। इनमें से कुछ किताबें ही ऐसी होती हैं, जो कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना पाती हैं। यही वजह है कि इन किताबों व किताबों के लेखकों के बारे में अक्सर किसी सरकारी प्रतियोगी परीक्षा में पूछा जाता है। यदि आप भी किसी - [साल 2018 की प्रमुख पुस्तकें एवं उनके लेखक](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b2-2018-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%8f%e0%a4%b5/): साल 2018 की प्रमुख पुस्तकें एवं उनके लेखक यदि आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए उपयोगी है। इस लेख में साल 2018 की प्रमुख किताबों और उनकी लेखकों की लिस्ट दी गई है।  प्रमुख पुस्तकें और उनके लेखक भारत में हर साल लाखों किताबें लिखी जाती हैं। इनमें से कुछ किताबें ही ऐसी होती हैं, जो कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना पाती हैं। यही वजह है कि इन किताबों व किताबों के लेखकों के बारे में अक्सर किसी सरकारी प्रतियोगी परीक्षा में पूछा जाता है। यदि आप भी किसी - [साल 2017 की प्रमुख पुस्तकें एवं उनके लेखक](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b2-2017-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%8f%e0%a4%b5/): साल 2017 की प्रमुख पुस्तकें एवं उनके लेखक यदि आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए उपयोगी है। इस लेख में साल 2017 की प्रमुख किताबों और उनकी लेखकों की लिस्ट दी गई है।  प्रमुख पुस्तकें और उनके लेखक भारत में हर साल लाखों किताबें लिखी जाती हैं। इनमें से कुछ किताबें ही ऐसी होती हैं, जो कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना पाती हैं। यही वजह है कि इन किताबों व किताबों के लेखकों के बारे में अक्सर किसी सरकारी प्रतियोगी परीक्षा में पूछा जाता है। यदि आप भी किसी - [साल 2016 की प्रमुख पुस्तकें एवं उनके लेखक](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b2-2016-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%8f%e0%a4%b5/): साल 2016 की प्रमुख पुस्तकें एवं उनके लेखक यदि आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए उपयोगी है। इस लेख में साल 2016 की प्रमुख किताबों और उनकी लेखकों की लिस्ट दी गई है।  प्रमुख पुस्तकें और उनके लेखक भारत में हर साल लाखों किताबें लिखी जाती हैं। इनमें से कुछ किताबें ही ऐसी होती हैं, जो कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना पाती हैं। यही वजह है कि इन किताबों व किताबों के लेखकों के बारे में अक्सर किसी सरकारी प्रतियोगी परीक्षा में पूछा जाता है। यदि आप भी किसी - [साल 2015 की प्रमुख पुस्तकें एवं उनके लेखक](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b2-2015-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%8f%e0%a4%b5/): साल 2015 की प्रमुख पुस्तकें एवं उनके लेखक यदि आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए उपयोगी है। इस लेख में साल 2015 की प्रमुख किताबों और उनकी लेखकों की लिस्ट दी गई है।  प्रमुख पुस्तकें और उनके लेखक भारत में हर साल लाखों किताबें लिखी जाती हैं। इनमें से कुछ किताबें ही ऐसी होती हैं, जो कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना पाती हैं। यही वजह है कि इन किताबों व किताबों के लेखकों के बारे में अक्सर किसी सरकारी प्रतियोगी परीक्षा में पूछा जाता है। यदि आप भी किसी - [ऋग्वैदिक आर्यों का सामाजिक जीवन - वैदिक काल, इतिहास, यूपीएससी, आईएएस ](https://examcg.com/%e0%a4%8b%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9c/): ऋग्वैदिक आर्यों का सामाजिक जीवन – वैदिक काल, इतिहास, यूपीएससी, आईएएस  ऋग्वैदिक आर्यों का सामाजिक जीवन भौगोलिक स्थिति सामान्यतः आर्यों के भारत आगमन की घटना को ईसा पूर्व लगभग 1500 का माना जाता है किंतु इस संदर्भ में यह उल्लेखनीय है कि आर्यों की एक से अधिक समूह भारत में आई होगी। इस संभावना की पुष्टि इस प्रमेय से भी होती है कि हड़प्पा सभ्यता के पतन का एक कारण आर्यों का आक्रमण भी बताया जाता है। ऋग्वेद में आर्य निवास स्थल के लिए सर्वत्र सप्तसिन्धवः शब्द का प्रयोग किया गया है। यद्यपि इन सात विख्यात नदियों की पहचान के बारे - [वैदिक सभ्यता](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a4%be-2/): वैदिक सभ्यता वैदिक सभ्यता से तात्पर्य भारत में आर्यों द्वारा प्रारंभिक की गई सभ्यता से है जो कि  सिन्धु सभ्यता की समाप्ति के बाद शुरू हुई | आर्य प्रजाति जो कि वास्तव में एक भाषाई समूह है, भारत में बाहर से आई हुई  मानी जाती है | हालांकि यह निश्चित तौर पर नहीं कहा जा सकता कि आर्य भारत में बाहर से ही आए या भारत के ही मूल निवासी थे या यदि आए भी तो दुनिया के किस क्षेत्र से आए; इस विषय में इतिहासकारों में मतभेद है | फिर भी  इतना स्पष्ट है कि वैदिक सभ्यता  का अध्ययन इसे - [खुदीराम बोस](https://examcg.com/%e0%a4%96%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%ac%e0%a5%8b%e0%a4%b8/): खुदीराम बोस खुदीराम बोस बंगाल के एक युवा भारतीय क्रांतिकारी थे , जिनका जन्म 3 दिसंबर, 1889 को बंगाल के मिदनापुर जिले के केशपुर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत मोहोबानी गांव में हुआ था। वे ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के खिलाफ भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में सबसे कम उम्र के प्रतिभागियों में से एक थे। बोस भगवद गीता से कर्म की धारणा से बहुत प्रभावित थे और छोटी उम्र से ही क्रांतिकारी गतिविधियों में शामिल थे। वे क्रांतिकारी समूह अनुशीलन समिति में शामिल हो गए और सरकारी अधिकारियों को निशाना बनाने के लिए पुलिस स्टेशनों के पास ब्रिटिश विरोधी प्रचार और बम लगाने में शामिल थे। उनका सबसे उल्लेखनीय कार्य ब्रिटिश मजिस्ट्रेट डगलस किंग्सफोर्ड की हत्या का प्रयास था , जिसके परिणामस्वरूप दुर्भाग्य से दो निर्दोष ब्रिटिश महिलाओं की मौत - [यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक भारतीय इतिहास के महत्वपूर्ण शब्द](https://examcg.com/%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%b8%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d/): यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्राचीन, मध्यकालीन और आधुनिक भारतीय इतिहास के महत्वपूर्ण शब्द   यूपीएससी हाल ही में प्रारंभिक परीक्षाओं के लिए ऐतिहासिक शब्दों पर अधिक ध्यान दे रहा है। पहले, केवल प्राचीन और मध्यकालीन भारतीय इतिहास के शब्द थे। लेकिन अब, यूपीएससी ने आधुनिक भारतीय इतिहास के शब्दों को भी शामिल कर लिया है। इसलिए आपको इस भाग पर अधिक ध्यान देना चाहिए क्योंकि इससे आप निश्चित अंक प्राप्त कर सकते हैं (2020 के पेपर के अनुसार लगभग 12 अंक)। इस पोस्ट में, आप सभी अध्याय-वार शब्द पा सकते हैं ताकि आपको किसी विशेष ऐतिहासिक शब्द के बारे में - [LIGO-इंडिया- पृष्ठभूमि, कार्य और महत्व](https://examcg.com/ligo-%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%83%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%a0%e0%a4%ad%e0%a5%82%e0%a4%ae%e0%a4%bf-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%94/): LIGO-इंडिया- पृष्ठभूमि, कार्य और महत्व केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में महाराष्ट्र में LIGO-India परियोजना को मंजूरी दी है। इस परियोजना के साथ, भारत गुरुत्वाकर्षण तरंगों का अध्ययन करके ब्रह्मांड की बेहतर समझ विकसित करने के लिए चल रहे वैश्विक प्रयास में शामिल हो जाएगा। पृष्ठभूमि: आइज़ैक न्यूटन को गुरुत्वाकर्षण की समझ को सुधारने का श्रेय दिया जाता है – वह आकर्षक बल जो वस्तुओं को ज़मीन पर गिराता है और आकाशीय पिंडों को एक दूसरे की परिक्रमा भी कराता है। उन्होंने बताया कि दो वस्तुओं के बीच गुरुत्वाकर्षण बल उनके द्रव्यमान के समानुपाती तथा उनके बीच की दूरी के वर्ग - [सिंधु जल संधि और शिमला समझौता स्थगित](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%81-%e0%a4%9c%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a4%bf-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%9d/): सिंधु जल संधि और शिमला समझौता स्थगित सिंधु जल संधि (1960) और शिमला समझौता (1972) लंबे समय से भारत-पाकिस्तान संबंधों का आधार रहे हैं, जो जल बंटवारे और संघर्ष समाधान को नियंत्रित करते हैं। अप्रैल 2025 में, जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में एक आतंकवादी हमले में एक पर्यटक बस में सवार 26 नागरिकों की मौत हो गई, जिससे एक गंभीर कूटनीतिक संकट पैदा हो गया। भारत ने पाकिस्तान स्थित आतंकवादियों को दोषी ठहराया, एक सुरक्षा समीक्षा बुलाई और जवाबी कार्रवाई की। इस संदर्भ में, नई दिल्ली ने सिंधु जल संधि को निलंबित करने की घोषणा की, जबकि इस्लामाबाद ने शिमला समझौते को “स्थगित” घोषित किया। यह - [भारत का ऑपरेशन सिंदूर: एक व्यापक विश्लेषण](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%91%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%82%e0%a4%b0-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%b5/): भारत का ऑपरेशन सिंदूर: एक व्यापक विश्लेषण 22 अप्रैल, 2025 को जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए दुखद आतंकवादी हमले के बाद , जिसमें 26 नागरिकों की मौत हो गई , भारत ने 7 मई, 2025 को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया । इस निर्णायक आतंकवाद-रोधी अभियान में पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी बुनियादी ढांचे पर सटीक हमले शामिल थे। उन्नत हथियारों और “शून्य-घुसपैठ रणनीति” का उपयोग करते हुए इस ऑपरेशन में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर -ए-तैयबा जैसे समूहों से जुड़े नौ प्रमुख स्थानों को निशाना बनाया गया । पाकिस्तान ने इनकार और जवाबी कार्रवाई के साथ भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों पर ड्रोन और मिसाइल हमलों सहित जवाब दिया, जिन्हें काफी हद - [एम एन रॉय – जीवनी, योगदान, विचारधाराएं, पुस्तकें](https://examcg.com/%e0%a4%8f%e0%a4%ae-%e0%a4%8f%e0%a4%a8-%e0%a4%b0%e0%a5%89%e0%a4%af-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%b5%e0%a4%bf/): मानवेंद्र नाथ रॉय (एम.एन.रॉय) स्वतंत्रता संग्राम के दौरान सबसे अधिक विद्वान व्यक्तित्वों में से एक थे और आधुनिक भारत के कुछ दार्शनिकों में से एक थे। उन्होंने मार्क्सवादी के रूप में शुरुआत की लेकिन धीरे-धीरे कट्टरपंथी मानवतावाद की ओर बढ़ गए जिसे उनका सबसे बड़ा योगदान माना जाता है। वह भारत के सबसे रंगीन और असामान्य अंतरराष्ट्रीय क्रांतिकारियों में से एक हैं। वह मैक्सिकन कम्युनिस्ट पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (ताशकंद समूह) के संस्थापक थे। वह कम्युनिस्ट इंटरनेशनल और रूस द्वारा चीन को दी गई सहायता के कांग्रेस के प्रतिनिधि थे। वह उन पहले नेताओं में से एक थे जिन्होंने भारत की व्यावहारिक राजनीति में मार्क्सवाद को शामिल - [चित्तरंजन दास (सी.आर. दास)](https://examcg.com/%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a4%a8-%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%86%e0%a4%b0-%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b8/): चित्तरंजन दास (सी.आर. दास) (1870-1925): जीवनी, योगदान, साहित्यिक कृतियाँ चित्तरंजन दास, जिन्हें सीआर दास के नाम से भी जाना जाता है, जिन्हें देशबंधु या ‘राष्ट्र का मित्र’ भी कहा जाता है , एक स्वतंत्रता सेनानी, राजनीतिज्ञ, राजनीतिक नेता और स्वराज पार्टी के सह-संस्थापक थे। वे चरमपंथी विचारधारा में विश्वास करते थे और लाल-बाल-पाल तिकड़ी की मान्यताओं का समर्थन करते थे। उन्होंने एक सत्र के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया। दास बीसवीं सदी के बंगाल के सबसे गतिशील राजनीतिक नेताओं में से एक थे और अपने मजबूत व्यक्तित्व, संघर्ष, त्याग, निस्वार्थता, समर्पण और भक्ति के लिए जाने - [ईश्वर चंद्र विद्यासागर – आधुनिक भारत के महत्वपूर्ण व्यक्तित्व](https://examcg.com/%e0%a4%88%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%b0-%e0%a4%9a%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%b0/): ईश्वर चंद्र विद्यासागर – आधुनिक भारत के महत्वपूर्ण व्यक्तित्व    ईश्वर चंद्र विद्यासागर ईश्वर चंद्र विद्यासागर एक प्रसिद्ध लेखक, विद्वान और मानवता के हिमायती थे जिन्होंने बंगाल की शिक्षा प्रणाली में क्रांति ला दी। उन्हें बंगाल पुनर्जागरण में सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों में से एक माना जाता है, जिन्होंने राजा राममोहन राय द्वारा शुरू किए गए सुधारों को आगे बढ़ाया। बंगाली गद्य को आधुनिक बनाने और सरल बनाने के उनके प्रयासों ने उन्हें “ बंगाली गद्य के पिता ” की उपाधि दिलाई और उन्होंने बंगाली वर्णमाला और टाइप को तर्कसंगत और सरल बनाया, जो 1880 से अपरिवर्तित रहा।  त्वरित संशोधन माइंडमैप   प्रारंभिक जीवन - [लाला हरदयाल (1884-1939): ग़दर आंदोलन के वास्तुकार और उनकी स्थायी विरासत](https://examcg.com/%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b2-1884-1939-%e0%a4%97%e0%a4%bc%e0%a4%a6%e0%a4%b0-%e0%a4%86%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%a8/): लाला हरदयाल (1884-1939): ग़दर आंदोलन के वास्तुकार और उनकी स्थायी विरासत परिचय 14 अक्टूबर 1884 को दिल्ली में जन्मे लाला हरदयाल एक प्रतिष्ठित भारतीय राष्ट्रवादी और बहुश्रुत थे। अपनी बौद्धिक क्षमता और कट्टरपंथी विचारधाराओं के लिए प्रसिद्ध, उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, खासकर ग़दर पार्टी में अपने नेतृत्व के माध्यम से। ब्रिटिश शासन को उखाड़ फेंकने की उनकी प्रतिबद्धता, उनके विद्वत्तापूर्ण योगदान के साथ मिलकर उन्हें उपनिवेशवाद के खिलाफ़ 20वीं सदी के शुरुआती क्रांतिकारी आंदोलन में एक प्रमुख व्यक्ति के रूप में चिह्नित करती है। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा लाला हरदयाल माथुर का जन्म 14 अक्टूबर 1884 को - [रानी गाइदिन्ल्यू - एक नागा स्वतंत्रता सेनानी](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%82-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%be/): रानी गाइदिन्ल्यू – एक नागा स्वतंत्रता सेनानी रानी गाइदिन्ल्यू (26 जनवरी 1915 – 17 फरवरी 1993) एक नागा आध्यात्मिक और राजनीतिक नेता थीं, जो 13 साल की उम्र में हेराका धार्मिक आंदोलन में शामिल हो गईं और बाद में भारत में ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया। 16 साल की उम्र में जेल में बंद होने के बाद, उन्होंने 1947 में रिहा होने से पहले 14 साल जेल में बिताए। स्वतंत्रता के बाद, उन्होंने अपने लोगों के अधिकारों और सांस्कृतिक पहचान की वकालत करना जारी रखा। रानी गाइदिन्ल्यू का प्रारंभिक जीवन 26 जनवरी 1915 को मणिपुर के लोंगकाओ - [राजकुमारी अमृत कौर](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%83%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%8c%e0%a4%b0/): राजकुमारी अमृत कौर: स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और सामाजिक सुधार में अग्रणी  राजकुमारी अमृत कौर, जिनका जन्म 2 फरवरी, 1887 को बादशाह बाग, लखनऊ, भारत में हुआ था, एक असाधारण व्यक्तित्व थीं, जिनके जीवन और योगदान ने राष्ट्र पर अमिट छाप छोड़ी। उनकी यात्रा विविध अनुभवों, सामाजिक सुधार के प्रति अटूट प्रतिबद्धता और भारत की स्वतंत्रता की खोज में अडिग विश्वास से भरी थी।   जीवन और पृष्ठभूमि प्रारंभिक वर्ष : राजकुमारी अमृत कौर का जन्म एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। उनके पिता राजा सर हरनाम सिंह अहलूवालिया और माँ प्रिसिला गोलकनाथ ने उनमें उद्देश्य और कर्तव्य की भावना को प्रबल रूप - [दीनबंधु मित्रा](https://examcg.com/%e0%a4%a6%e0%a5%80%e0%a4%a8%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%81-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be/): दीनबंधु मित्रा (1830-1873): औपनिवेशिक बंगाल के साहित्यिक अग्रदूत परिचय दीनबंधु मित्रा एक प्रतिष्ठित बंगाली लेखक और नाटककार थे। उनकी विरासत बंगाली साहित्य में उनके गहन योगदान में निहित है, विशेष रूप से उनके नाटक “नील दर्पण” के लिए, जिसने नील किसानों के संघर्षों को उजागर किया और औपनिवेशिक भारत के दौरान सामाजिक सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मित्रा के कार्यों में न केवल उनकी साहित्यिक क्षमता बल्कि सामाजिक अन्याय की उनकी गहरी समझ और उन्हें अपने लेखन के माध्यम से चित्रित करने की उनकी प्रतिबद्धता भी झलकती है। प्रारंभिक जीवन और शिक्षा जन्म और पारिवारिक पृष्ठभूमि : दीनबंधु मित्रा का जन्म 1829 - [बाबू जगजीवन राम](https://examcg.com/%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%ac%e0%a5%82-%e0%a4%9c%e0%a4%97%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%a8-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae/): बाबू जगजीवन राम अनुभाग विवरण परिचय बाबू जगजीवन राम (5 अप्रैल, 1908 – 6 जुलाई, 1986) एक भारतीय स्वतंत्रता सेनानी, समाज सुधारक और राजनीतिज्ञ थे, जो शोषितों के अधिकारों की वकालत के लिए जाने जाते थे। प्रारंभिक जीवन – बिहार के चंदवा गांव में एक दलित परिवार में जन्मे।   पिता: शोभी राम, पूर्व ब्रिटिश भारतीय सेना के सैनिक।   – जातिगत भेदभाव के बावजूद शैक्षणिक रूप से उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।   – 1931 में कलकत्ता विश्वविद्यालय से बी.एस.सी. की डिग्री प्राप्त की।   – बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में अपनी शिक्षा के दौरान सामाजिक भेदभाव के खिलाफ सक्रिय रूप से - [मदन मोहन मालवीय – जीवनी, योगदान, कार्य](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%a6%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%b9%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%af%e0%a5%8b/): मदन मोहन मालवीय – जीवनी, योगदान, कार्य पंडित मदन मोहन मालवीय जिन्हें महामना (एक तेजस्वी मन और उदार हृदय) भी कहा जाता है, एक शिक्षाविद्, पत्रकार, वकील, विद्वान, राजनीतिज्ञ, समाज सुधारक और प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी थे। वे उन लोगों में से एक थे जिन्होंने कई बार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया। उन्होंने हिंदू राष्ट्रवाद का समर्थन किया और हिंदू धर्म में सुधार के लिए विभिन्न मोर्चों पर काम किया। उन्हें 2014 में मरणोपरांत भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार, भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। त्वरित संशोधन माइंड मैप   प्रारंभिक जीवन और शिक्षा मदन मोहन मालवीय - [भीकाजी कामा (1861-1936): भारतीय क्रांति की जननी](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%be-1861-1936-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be/): भीकाजी कामा (1861-1936): भारतीय क्रांति की जननी परिचय भीकाजी कामा, जिन्हें अक्सर “भारतीय क्रांति की जननी” के रूप में जाना जाता है, स्वतंत्रता की ओर भारत की लंबी और कठिन यात्रा में प्रेरणा की किरण के रूप में खड़ी हैं। भारत की स्वतंत्रता के लिए उनकी अदम्य भावना और अटूट प्रतिबद्धता ने इतिहास के पन्नों में उनका नाम अंकित कर दिया है। जो बात उन्हें अपने समय के कई अन्य स्वतंत्रता सेनानियों से अलग करती है, वह है विदेशी धरती पर भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का पहला संस्करण फहराने का उनका अनूठा गौरव, जो भारत की स्वतंत्रता और संप्रभुता की आकांक्षाओं का - [सिसिर कुमार घोष: अमृत बाजार पत्रिका और इंडिया लीग](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%98%e0%a5%8b%e0%a4%b7-%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%9c/): सिसिर कुमार घोष: अमृत बाजार पत्रिका और इंडिया लीग शिशिर कुमार घोष (1840-1911) एक प्रख्यात भारतीय पत्रकार, समाज सुधारक, स्वतंत्रता सेनानी और आध्यात्मिक लेखक थे। उन्होंने 1868 में प्रतिष्ठित बंगाली समाचार पत्र ‘अमृत बाजार पत्रिका’ की स्थापना की और भारतीय पत्रकारिता में अग्रणी भूमिका निभाई। घोष ब्रिटिश शासन से भारत की स्वतंत्रता के कट्टर समर्थक थे और उन्होंने औपनिवेशिक उत्पीड़न के खिलाफ अपने लेखन के माध्यम से बड़े पैमाने पर अभियान चलाया। अपनी राजनीतिक सक्रियता के साथ-साथ, वे वैष्णववाद से भी गहराई से प्रभावित थे और उन्होंने रहस्यवादी संत चैतन्य महाप्रभु पर विस्तार से लिखा। प्रारंभिक जीवन और पृष्ठभूमि शिशिर कुमार - [मोतीलाल नेहरू (1861-1931) – जीवनी, योगदान, रिपोर्ट](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a5%82-1861-1931-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%af%e0%a5%8b/): मोतीलाल नेहरू (1861-1931) – जीवनी, योगदान, रिपोर्ट मोतीलाल नेहरू (1861-1931) एक वकील, राजनीतिज्ञ और भारत के स्वतंत्रता संग्राम के जाने-माने नेताओं में से एक थे। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के सदस्य के रूप में भी काम किया और दो बार इसके अध्यक्ष बने। वे भारत के स्वतंत्रता संग्राम में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति थे और उन्हें मुख्य रूप से स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के पिता के रूप में जाना जाता है। मोतीलाल का राजनीतिक दर्शन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के साथ उनके लंबे जुड़ाव से निकला था; यह गोखले और गांधी से प्रभावित था, जिन्होंने संसदीय लोकतंत्र, कानून के समक्ष समानता और - [सतीश चंद्र मुखर्जी (1865-1948): भारत में राष्ट्रीय शिक्षा के अग्रदूत](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b6-%e0%a4%9a%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9c%e0%a5%80-1865-1948-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4/): सतीश चंद्र मुखर्जी (1865-1948): भारत में राष्ट्रीय शिक्षा के अग्रदूत सतीश चंद्र मुखर्जी एक प्रमुख भारतीय शिक्षक, दार्शनिक और राष्ट्रवादी थे जिन्होंने आधुनिक भारतीय इतिहास को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1865 में जन्मे, वे ऑगस्टे कॉम्टे के मानवता के धर्म से प्रभावित थे और प्रमुख भारतीय बुद्धिजीवियों और सुधारकों के साथ जुड़े थे। राष्ट्रीय शिक्षा और भारतीय राष्ट्रवाद में मुखर्जी के योगदान ने भारत में राष्ट्रीय पहचान के विकास पर एक स्थायी प्रभाव छोड़ा है।   प्रारंभिक जीवन और शिक्षा प्रारंभिक जीवन और शिक्षा 5 जून, 1865 को बानीपुर, हुगली, बंगाल, ब्रिटिश भारत (अब पश्चिम बंगाल, भारत) में जन्मे। - [गोविंद बल्लभ पंत](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a6-%e0%a4%ac%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%ad-%e0%a4%aa%e0%a4%82%e0%a4%a4/): गोविंद बल्लभ पंत   गोविंद बल्लभ पंत एक प्रमुख भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और राजनीतिज्ञ थे , जिनका जन्म 10 सितंबर 1887 को अल्मोड़ा के पास खूंट गांव में एक महाराष्ट्रीयन ब्राह्मण परिवार में हुआ था । उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय में अध्ययन किया और काशीपुर में एक वकील के रूप में अपना करियर शुरू किया । पंत की राजनीतिक यात्रा 1921 में शुरू हुई जब वे आगरा और अवध के संयुक्त प्रांत की विधान सभा के लिए चुने गए । वे भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में गहराई से शामिल हो गए , काकोरी मामले में क्रांतिकारियों का प्रतिनिधित्व किया और असहयोग आंदोलन , सविनय अवज्ञा आंदोलन और सत्याग्रह आंदोलन में भाग लिया , जिसके कारण उन्हें कई बार कारावास हुआ। भारत की स्वतंत्रता के बाद, पंत ने उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री - [बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय (1838-1894): बंगाल के साहित्यिक दिग्गज](https://examcg.com/%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%ae-%e0%a4%9a%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%9a%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8b%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%af/): बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय (1838-1894): बंगाल के साहित्यिक दिग्गज परिचय बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय, एक ऐसा नाम जो साहित्यिक उत्कृष्टता के लिए जाना जाता है, एक बहुमुखी भारतीय व्यक्तित्व थे जिन्होंने उपन्यासकार, कवि, निबंधकार और पत्रकार के रूप में उल्लेखनीय योगदान दिया। 26 या 27 जून 1838 को जन्मे, उन्होंने 8 अप्रैल, 1894 को अपने निधन से पहले भारत के साहित्यिक और सांस्कृतिक परिदृश्य पर एक अमिट छाप छोड़ी। अक्सर बंगाली में “साहित्य सम्राट” या “साहित्य के सम्राट” के रूप में संदर्भित, उनका जीवन और कार्य पीढ़ियों को प्रेरित करते रहते हैं।   प्रारंभिक जीवन और शिक्षा जन्मस्थान : बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय का जन्म - [रास बिहारी बोस (1886 – 1945): एक क्रांतिकारी यात्रा](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a5%8b%e0%a4%b8-1886-1945-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%82/): रास बिहारी बोस (1886 – 1945): एक क्रांतिकारी यात्रा  भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में एक प्रमुख व्यक्ति, रास बिहारी बोस ने अपनी क्रांतिकारी गतिविधियों और योगदान के माध्यम से इतिहास पर एक अमिट छाप छोड़ी। 25 मई, 1886 को ब्रिटिश भारत के सुबलदाहा में जन्मे, उनका जीवन इस तरह से आगे बढ़ा कि अंततः उन्हें भारत की स्वतंत्रता की लड़ाई में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभानी पड़ी।   प्रारंभिक जीवन: जन्म और परिवार: 25 मई 1886 को सुबालदाहा, बर्दवान, बंगाल प्रेसीडेंसी (वर्तमान पश्चिम बंगाल, भारत) में जन्मे। ब्रिटिश भारत में एक साधारण परिवार से आये। बचपन और शिक्षा: उन्होंने अपने प्रारंभिक वर्ष सुबालदाहा - [राम मनोहर लोहिया: भारतीय समाजवाद और राष्ट्रवाद के स्तंभ](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%b9%e0%a4%b0-%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b8/): राम मनोहर लोहिया: भारतीय समाजवाद और राष्ट्रवाद के स्तंभ  राम मनोहर लोहिया, एक प्रतिष्ठित भारतीय समाजवादी नेता, जिन्होंने भारत की स्वतंत्रता के संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और देश के राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य पर एक अमिट छाप छोड़ी। 23 मार्च, 1910 को जन्मे और 12 अक्टूबर, 1967 को दिवंगत हुए लोहिया का जीवन और योगदान उनके साथी देशवासियों के कल्याण के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का प्रमाण है।   प्रारंभिक जीवन जन्मस्थान: राम मनोहर लोहिया का जन्म भारत के हृदयस्थल उत्तर प्रदेश के अकबरपुर में हुआ था। पारिवारिक पृष्ठभूमि: वे मारवाड़ी बनिया समुदाय से थे, जिसका उनके पालन-पोषण पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा। - [महादेव गोविंद रानाडे – जीवनी और योगदान](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b5-%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a6-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a1%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a5%80/): महादेव गोविंद रानाडे – जीवनी और योगदान  महादेव गोविंदा रानाडे (1842-1901), जिन्हें माधवराव और जस्टिस रानाडे भी कहा जाता है , एक शानदार विधिवेत्ता, राष्ट्रवादी, सामाजिक-धार्मिक सुधारक, राजनीतिज्ञ, इतिहासकार, विद्वान, लेखक और अर्थशास्त्री थे। उन्हें ‘भारतीय अर्थशास्त्र के पिता’ के रूप में जाना जाता है और वे शुरुआती राष्ट्रवादियों में से एक थे जिन्होंने कई युवा राष्ट्रवादियों को अपना जीवन राष्ट्रीय सेवा के लिए समर्पित करने के लिए प्रेरित किया।   प्रारंभिक जीवन और शिक्षा एमजी रानाडे का जन्म 18 जनवरी 1842 को नासिक के निफाड़ में पुणे के शासक पेशवाओं के चितपावन ब्राह्मण समुदाय के एक रूढ़िवादी परिवार में हुआ था। रानाडे ने अपनी प्रारंभिक - [दिनशॉ वाचा: भारतीय राजनीति और सुधार में अग्रणी](https://examcg.com/%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a4%b6%e0%a5%89-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a4%be-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%a4/): दिनशॉ वाचा: भारतीय राजनीति और सुधार में अग्रणी  दिनशॉ एडुलजी वाचा, एक प्रमुख पारसी राजनीतिज्ञ, ने भारत के इतिहास पर एक अमिट छाप छोड़ी। 2 अगस्त 1844 को बॉम्बे (मुंबई) में जन्मे और 18 फरवरी 1936 को उनकी मृत्यु हो गई, उनका जीवन और करियर राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण का प्रमाण है। इस लेख में, हम दिनशॉ वाचा की उल्लेखनीय यात्रा पर चर्चा करेंगे, उनके प्रारंभिक जीवन, राजनीतिक करियर, आर्थिक योगदान, सामाजिक और शैक्षिक सुधार, अन्य नेताओं के साथ संबंध और उनकी उल्लेखनीय प्रकाशित कृतियों की खोज करेंगे।   प्रारंभिक जीवन: दिनशॉ वाचा एक मध्यमवर्गीय पारसी परिवार से थे और - [कल्पना दत्त](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4/): कल्पना दत्त    कल्पना दत्त का जन्म 27 जुलाई 1913 को श्रीपुर, चटगाँव में हुआ था। वे भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में एक क्रांतिकारी शख्सियत थीं , जिन्हें विशेष रूप से 1930 में चटगाँव शस्त्रागार छापे में उनकी भूमिका के लिए याद किया जाता है । 1929 में मैट्रिक की पढ़ाई पूरी करने के बाद वे बेथ्यून कॉलेज में उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए कलकत्ता चली गईं । उस समय की क्रांतिकारी भावना से प्रभावित होकर वे छत्री संघ , जो महिलाओं का एक छात्र संघ था, में शामिल हो गईं और सूर्य सेन के नेतृत्व में क्रांतिकारी गतिविधियों में शामिल हो गईं। दत्ता ने विस्फोटकों के परिवहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और चटगाँव में यूरोपीय - [रामलिंग स्वामी कौन थे?](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%8c%e0%a4%a8-%e0%a4%a5%e0%a5%87/): रामलिंग स्वामी   हालिया समाचारों में, हम रामलिंग स्वामी, जिन्हें वल्लालर के नाम से भी जाना जाता है, की 200वीं जयंती मना रहे हैं। अंतर्वस्तु रामलिंग स्वामी कौन थे? रामलिंग स्वामी क्यों महत्वपूर्ण हैं? रामलिंग स्वामी कब रहते थे? रामलिंग स्वामी कौन थे? अन्य नामों रामलिंग स्वामी को वल्लालर के नाम से भी जाना जाता है। पहचान उन्हें एक तमिल संत के रूप में जाना जाता है, जो अपनी गहन आध्यात्मिक शिक्षाओं और मानवीय प्रयासों के लिए जाने जाते हैं। रामलिंग स्वामी क्यों महत्वपूर्ण हैं? समाज में योगदान विचारों समरस शुद्ध सन्मार्ग साथिया संगम अर्थ: सार्वभौमिक आत्म-स्वरूप में शुद्ध सत्य के - [राजकुमारी अमृत कौर: स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और सामाजिक सुधार में अग्रणी](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%83%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%8c%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b8/): राजकुमारी अमृत कौर: स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और सामाजिक सुधार में अग्रणी राजकुमारी अमृत कौर, जिनका जन्म 2 फरवरी, 1887 को बादशाह बाग, लखनऊ, भारत में हुआ था, एक असाधारण व्यक्तित्व थीं, जिनके जीवन और योगदान ने राष्ट्र पर अमिट छाप छोड़ी। उनकी यात्रा विविध अनुभवों, सामाजिक सुधार के प्रति अटूट प्रतिबद्धता और भारत की स्वतंत्रता की खोज में अडिग विश्वास से भरी थी।   जीवन और पृष्ठभूमि प्रारंभिक वर्ष : राजकुमारी अमृत कौर का जन्म एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। उनके पिता राजा सर हरनाम सिंह अहलूवालिया और माँ प्रिसिला गोलकनाथ ने उनमें उद्देश्य और कर्तव्य की भावना को प्रबल रूप - [मणिलाल डॉक्टर](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%a3%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%a1%e0%a5%89%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%b0/): मणिलाल डॉक्टर मुख्य परीक्षा पेपर 1 : आधुनिक भारतीय इतिहास यूपीएससी के दृष्टिकोण से निम्नलिखित बातें महत्वपूर्ण हैं: प्रारंभिक स्तर: मणिलाल डॉक्टर मुख्य स्तर: औपनिवेशिक काल में बंधुआ मजदूरी प्रणाली मणिलाल मगनलाल डॉक्टर (28 जुलाई 1881 – 8 जनवरी 1956) महात्मा गांधी के सहयोगी, मणिलाल डॉक्टर को ब्रिटिश साम्राज्य के कई हिस्सों में भारतीय प्रवासियों के अधीन बंधुआ मजदूरी प्रणाली को खत्म करने में मदद करने के लिए जाना जाता है। उन्होंने मॉरीशस और फिजी में भारतीय मूल के लोगों के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी। बंधुआ मजदूरी प्रणाली 1833 में, ब्रिटिश संसद ने गुलामी पर प्रतिबंध लगा दिया और यह प्रथा पूरे साम्राज्य में अवैध हो - [रवींद्रनाथ टैगोर जीवनी: प्रारंभिक जीवन, शिक्षा, साहित्यिक कार्य और उपलब्धियां](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%9f%e0%a5%88%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%b0-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%aa/): रवींद्रनाथ टैगोर जीवनी: प्रारंभिक जीवन, शिक्षा, साहित्यिक कार्य और उपलब्धियां रवींद्रनाथ टैगोर की जीवनी के साथ-साथ रवींद्रनाथ टैगोर का परिवार, शिक्षा, जन्म और मृत्यु जैसी सभी जानकारियाँ यहाँ दी गई हैं। रवींद्रनाथ टैगोर की पूरी जीवनी देखें। रवींद्रनाथ टैगोर की जीवनी भारतीय स्वतंत्रता में भारतीय साहित्यिक कार्य के परिदृश्य और भूमिका को समझने के लिए सबसे महत्वपूर्ण विषयों में से एक है। रवींद्रनाथ टैगोर, भारत के एक नोबेल पुरस्कार विजेता कवि, लेखक और दार्शनिक, साहित्य, संगीत और कला में अपने योगदान के लिए प्रसिद्ध हैं। टैगोर का प्रभाव वैश्विक स्तर पर फैला हुआ है, उन्होंने सांस्कृतिक समझ को आकार दिया है और - [इंदुलाल याज्ञिक (1892-1972): किसानों और स्वतंत्रता सेनानियों की आवाज़](https://examcg.com/%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%bf%e0%a4%95-1892-1972-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%8b/): इंदुलाल याज्ञिक (1892-1972): किसानों और स्वतंत्रता सेनानियों की आवाज़ I. प्रस्तावना इंदुलाल कन्हैयालाल याज्ञिक, जिन्हें इंदु चाचा के नाम से भी जाना जाता है, एक प्रमुख भारतीय स्वतंत्रता कार्यकर्ता, राजनीतिज्ञ और अखिल भारतीय किसान सभा के नेता थे। 22 फरवरी 1892 को गुजरात के नाडियाड में जन्मे याग्निक ने गुजरात के अलग राज्य की वकालत करते हुए महागुजरात आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका योगदान लेखन और फिल्म निर्माण सहित विभिन्न क्षेत्रों में फैला हुआ है। अहिंसा और सामाजिक न्याय के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ, याज्ञिक की यात्रा प्रकाशनों में उनकी भागीदारी, सत्याग्रहों में भागीदारी और राजनीतिक संगठनों में नेतृत्व - [क्रांतिकारी अशफाकउल्ला खान](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%85%e0%a4%b6%e0%a4%ab%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a4%89%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%96/): क्रांतिकारी अशफाकउल्ला खान केवल प्रारंभिक परीक्षा | | मुख्य परीक्षा पेपर 1 : आधुनिक भारतीय इतिहास स्टूडेंट्स के लिये नोट्स यूपीएससी के दृष्टिकोण से निम्नलिखित बातें महत्वपूर्ण हैं: प्रारंभिक स्तर: HSRA मुख्य स्तर: एचएसआरए और इसकी क्रांतिकारी गतिविधियाँ उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने गोरखपुर में 121 एकड़ में फैले एक प्राणि उद्यान के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसका नाम स्वतंत्रता सेनानी और क्रांतिकारी अशफाकउल्ला खान के नाम पर रखा जाएगा। अशफाकउल्लाह खान खान एक स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्हें राम प्रसाद बिस्मिल के साथ काकोरी ट्रेन डकैती के लिए मौत की सजा सुनाई गई थी, जिसे आमतौर पर 1925 के काकोरी षड्यंत्र के रूप में जाना - [अम्बेडकर और गांधी अनुसूचित जातियों के लिए पृथक निर्वाचिका के प्रश्न पर असहमत क्यों थे?](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ac%e0%a5%87%e0%a4%a1%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%80-%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%82%e0%a4%9a/): अम्बेडकर और गांधी अनुसूचित जातियों के लिए पृथक निर्वाचिका के प्रश्न पर असहमत क्यों थे? इतिहास और कला एवं संस्कृति | मुख्य परीक्षा पेपर 1 : आधुनिक भारतीय इतिहास स्टूडेंट्स के लिये नोट्स यूपीएससी के दृष्टिकोण से निम्नलिखित बातें महत्वपूर्ण हैं: प्रारंभिक स्तर: पूना पैक्ट; मुख्य स्तर: जाति पर गांधी बनाम अम्बेडकर; चर्चा में क्यों? 20 सितम्बर 1932 को महात्मा गांधी ने अनुसूचित जातियों के लिए पृथक निर्वाचिका के प्रावधान के विरोध में पुणे की यरवदा जेल में आमरण अनशन शुरू किया। जाति पर गांधी बनाम अंबेडकर जाति पर गांधी के विचार : शुरू में रूढ़िवादी, गांधी ने अंतर-भोजन और अंतर-विवाह पर प्रतिबंध जैसे सामाजिक निषेधों का समर्थन किया, लेकिन - [जयप्रकाश नारायण (1902-1979): भारतीय लोकतंत्र के मार्गदर्शक](https://examcg.com/%e0%a4%9c%e0%a4%af%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b6-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%a3-1902-1979-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af/): जयप्रकाश नारायण (1902-1979): भारतीय लोकतंत्र के मार्गदर्शक  I. प्रस्तावना जयप्रकाश नारायण, जिन्हें प्यार से जेपी या लोक नायक के नाम से जाना जाता है, भारत के सामाजिक-राजनीतिक इतिहास की कहानी में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति थे। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में एक प्रमुख खिलाड़ी, सामाजिक न्याय और सुधार के लिए उनके जुनून ने उन्हें जनता के लिए एक प्रकाश स्तंभ बना दिया। समाजवाद , सर्वोदय और सहभागी लोकतंत्र की अपनी विचारधाराओं के लिए जाने जाने वाले , उनका काम स्वतंत्रता के साथ समाप्त नहीं हुआ। उन्होंने संपूर्ण क्रांति का नेतृत्व किया और महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलावों को प्रभावित किया, जिससे राष्ट्र पर एक अमिट छाप छोड़ी।   II. प्रारंभिक जीवन और - [दीन दयाल उपाध्याय की जयंती](https://examcg.com/%e0%a4%a6%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%a6%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%89%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a4%af%e0%a4%82%e0%a4%a4/): दीन दयाल उपाध्याय की जयंती केवल प्रारंभिक परीक्षा | इतिहास और कला एवं संस्कृति | मुख्य परीक्षा पेपर 1 : आधुनिक भारतीय इतिहास नोट4स्टूडेंट्स यूपीएससी के दृष्टिकोण से निम्नलिखित बातें महत्वपूर्ण हैं: प्रारंभिक स्तर: दीनदयाल उपाध्याय चर्चा में क्यों? 25 सितंबर को भारत के दक्षिणपंथी आंदोलन के सबसे प्रभावशाली विचारकों में से एक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 108वीं जयंती है । पंडित दीनदयाल उपाध्याय (1916-1968) के बारे में   विवरण जन्म • 25 सितंबर, 1916 को मथुरा , उत्तर प्रदेश में • वर्ष 2014 से इस दिन अंत्योदय दिवस मनाया जाता है। जुड़ाव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), भारतीय जनसंघ (बीजेएस) राजनीतिक भूमिका • भारतीय जनसंघ (बीजेएस) के प्रमुख नेताओं में से एक• बीजेएस के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया प्रमुख योगदान • - [वेलु नचियार और अंजलाई अम्मल कौन थे?](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a5%81-%e0%a4%a8%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%8d/): वेलु नचियार और अंजलाई अम्मल कौन थे? केवल प्रारंभिक परीक्षा | इतिहास और कला एवं संस्कृति | मुख्य परीक्षा पेपर 1 : कला एवं संस्कृति स्टूडेंट्स  कॆ इये नोट्स यूपीएससी के दृष्टिकोण से निम्नलिखित बातें महत्वपूर्ण हैं: प्रारंभिक स्तर: वेलु नचियार और अंजलाई अम्मल चर्चा में क्यों? सुपरस्टार थलपति विजय ने रानी वेलु नचियार और अंजलाई अम्मल से अपनी प्रेरणाओं पर प्रकाश डालते हुए भाषण के साथ अपनी नई पार्टी की शुरुआत की। वेलु नचियार का योगदान (1730-1796) उनका जन्म 1730 में रामनाद राज्य (अब तमिलनाडु) के राजा चेल्लमुत्तु सेतुपति और रानी सकंधिमुथल के घर हुआ था। घुड़सवारी, तीरंदाजी, कलरीपयट्टू और सिलंबम (दक्षिण भारतीय मार्शल आर्ट) में प्रशिक्षित । बहुभाषी , तमिल, उर्दू, अंग्रेजी और फ्रेंच भाषा में निपुण , तथा सैन्य रणनीति पर अच्छी पकड़ । - [वीर सावरकर और उनका योगदान](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%89%e0%a4%a8%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%a8/): वीर सावरकर और उनका योगदान केवल प्रारंभिक परीक्षा | इतिहास और कला एवं संस्कृति | मुख्य परीक्षा पेपर 1 : आधुनिक भारतीय इतिहास स्टूडेंट्स के लिये नोट्स यूपीएससी के दृष्टिकोण से निम्नलिखित बातें महत्वपूर्ण हैं: प्रारंभिक स्तर: वीर सावरकर चर्चा में क्यों? प्रधानमंत्री ने वीर सावरकर की पुण्यतिथि (26 फरवरी) पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की तथा भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान को याद किया। प्रमुख बिंदु  वीर सावरकर के बारे में:  जन्म: इनका जन्म 28 मई, 1883 को महाराष्ट्र के नासिक ज़िले के भागुर ग्राम में हुआ था। संबंधित संगठन और कार्य: उन्होंने अभिनव भारत सोसाइटी नामक एक भूमिगत सोसाइटी (Secret Society) की स्थापना की। सावरकर यूनाइटेड किंगडम - [चंद्रशेखर आज़ाद और उनका योगदान](https://examcg.com/%e0%a4%9a%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b6%e0%a5%87%e0%a4%96%e0%a4%b0-%e0%a4%86%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%89%e0%a4%a8%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%af/): केवल प्रारंभिक परीक्षा | इतिहास और कला एवं संस्कृति | मुख्य परीक्षा पेपर 1 : आधुनिक भारतीय इतिहास स्टूडेंट्स के लिये नोट्स यूपीएससी के दृष्टिकोण से निम्नलिखित बातें महत्वपूर्ण हैं: प्रारंभिक स्तर: चंद्र शेखर आज़ाद चर्चा में क्यों? विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आज़ाद को उनके शहीदी दिवस (27 फरवरी 1931) पर श्रद्धांजलि अर्पित की। चर्चा में क्यों?  23 जुलाई को भारत ने स्वतंत्रता सेनानी चंद्रशेखर आज़ाद की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। प्रमुख बिंदु जन्म: आज़ाद का जन्म 23 जुलाई, 1906 को मध्य प्रदेश के अलीराजपुर ज़िले में हुआ था। प्रारंभिक जीवन: चंद्रशेखर, जो कि उस समय 15 वर्षीय छात्र थे, दिसंबर 1921 में - [महात्मा गांधी – जीवनी, आंदोलन, साहित्यिक कृतियाँ](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%86%e0%a4%82%e0%a4%a6/): महात्मा गांधी – जीवनी, आंदोलन, साहित्यिक कृतियाँ मोहनदास करमचंद गांधी एक प्रसिद्ध स्वतंत्रता कार्यकर्ता और एक शक्तिशाली राजनीतिक नेता थे। उन्होंने अहिंसक साधनों के माध्यम से भारत के ब्रिटिश शासन के खिलाफ स्वतंत्रता के लिए भारत के संघर्ष में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसके परिणामस्वरूप अंततः भारतीय स्वतंत्रता हुई। उन्हें भारत के पिता, बापू (पिता के लिए स्नेह) और महात्मा (महान आत्मा) के रूप में भी जाना जाता था। उन्होंने भारत के गरीब लोगों और दलित वर्गों के जीवन को भी बेहतर बनाया। सत्य और अहिंसा की उनकी विचारधारा ने मार्टिन लूथर और नेल्सन मंडेला सहित कई लोगों को प्रभावित किया। - [सर सैयद अहमद खान](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%af%e0%a4%a6-%e0%a4%85%e0%a4%b9%e0%a4%ae%e0%a4%a6-%e0%a4%96%e0%a4%be%e0%a4%a8/): सर सैयद अहमद खान केवल प्रारंभिक परीक्षा | इतिहास और कला एवं संस्कृति | मुख्य परीक्षा पेपर 1 : आधुनिक भारतीय इतिहास स्टूडेंट्स के नोट्स यूपीएससी के दृष्टिकोण से निम्नलिखित बातें महत्वपूर्ण हैं: प्रारंभिक स्तर: सर सैयद अहमद खान (1817-1898) चर्चा में क्यों? 27 मार्च को सर सैयद अहमद खान की पुण्यतिथि है, जो 19वीं सदी के एक प्रमुख सुधारक और शिक्षाविद् थे, जिन्होंने मुसलमानों के सामाजिक और शैक्षिक विकास को महत्वपूर्ण रूप से आगे बढ़ाया। सर सैयद अहमद खान (1817-1898) के बारे में सर सैयद अहमद खान का जन्म 1817 में दिल्ली के एक प्रतिष्ठित मुस्लिम परिवार में हुआ था। उन्होंने फ़ारसी और अरबी में शिक्षा प्राप्त की और कम उम्र से ही इस्लामी - [महात्मा ज्योतिबा फुले (1827-1890) कौन थे?](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%ac%e0%a4%be-%e0%a4%ab%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a5%87-1827-1890-%e0%a4%95/): महात्मा ज्योतिबा फुले (1827-1890) कौन थे? केवल प्रारंभिक परीक्षा | इतिहास और कला एवं संस्कृति | मुख्य परीक्षा पेपर 1 : आधुनिक भारतीय इतिहास चर्चा में क्यों? हाल ही में प्रधानमंत्री ने महान समाज सुधारक, दार्शनिक और लेखक महात्मा ज्योतिराव फुले की 199वीं जयंती (11 अप्रैल, 2025) पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्हें ज्योतिबा फुले के नाम से भी जाना जाता है। ज्योतिराव फुले कौन थे? संक्षिप्त परिचय: जन्म: ज्योतिराव फुले का जन्म 11 अप्रैल, 1827 को वर्तमान महाराष्ट्र में हुआ था और वे सब्जियों की खेती करने वाली माली जाति से संबंधित थे।  शिक्षा: वर्ष 1841 में फुले का दाखिला स्कॉटिश मिशनरी हाईस्कूल (पुणे) में हुआ, जहाँ उन्होंने अपनी - [सर शंकरन नायर (1857-1934) कौन थे?](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%b0-%e0%a4%b6%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a8-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%b0-1857-1934-%e0%a4%95%e0%a5%8c%e0%a4%a8-%e0%a4%a5%e0%a5%87/): सर शंकरन नायर (1857-1934) कौन थे? केवल प्रारंभिक परीक्षा | इतिहास और कला एवं संस्कृति | मुख्य परीक्षा पेपर 1 : आधुनिक भारतीय इतिहास चर्चा में क्यों? प्रधानमंत्री ने हाल ही में सर चेट्टूर शंकरन नायर को याद किया, जो एक राष्ट्रवादी और न्यायविद थे, जिन्होंने 1919 के जलियांवाला बाग हत्याकांड में शामिल ब्रिटिश अधिकारियों के खिलाफ अदालती लड़ाई लड़ी थी । अदालत में नायर का रुख अब आगामी फिल्म केसरी चैप्टर 2 का विषय है । सर शंकरन नायर के बारे में: 1857 में केरल के मनकारा गांव में जन्मे नायर एक कुलीन परिवार से थे। उन्होंने मद्रास के प्रेसीडेंसी कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की और कानून की डिग्री हासिल की। - [भगत सिंह (1907-1931): आधुनिक भारत के महत्वपूर्ण व्यक्तित्व](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%ad%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%aa%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%b2-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5-2/): भगत सिंह (1907-1931): आधुनिक भारत के महत्वपूर्ण व्यक्तित्व परिचय भगत सिंह, जिन्हें ‘शहीद भगत सिंह’ के नाम से भी जाना जाता है, एक भारतीय क्रांतिकारी और स्वतंत्रता सेनानी थे, जिन्होंने असाधारण जोश और साहस के साथ अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़ी। उन्होंने ‘इंकलाब जिंदाबाद’ के नारे को लोकप्रिय बनाया, जो अंततः भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन का नारा बन गया। उन्होंने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में क्रांति लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और यही कारण है कि युवा शहीद को भारत के स्वतंत्रता आंदोलन का नायक माना जाता है। भगत सिंह कौन थे ?   विवरण जन्म  28 सितम्बर, 1907; बंगा, पंजाब (अब पाकिस्तान - [सरदार वल्लभभाई पटेल – जीवनी और योगदान](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%ad%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%aa%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%b2-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5/): सरदार वल्लभभाई पटेल – जीवनी और योगदान आधुनिक भारतीय इतिहास की महत्वपूर्ण हस्तियाँ , आधुनिक भारतीय इतिहास सरदार वल्लभभाई पटेल कौन हैं? वल्लभभाई पटेल (1875-1950) भारत के एक राजनीतिक और सामाजिक नेता थे जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और बाद में इसे एक एकीकृत और स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में एकीकृत करने में मदद की। उन्हें “भारत का लौह पुरुष” कहा जाता था और अक्सर उन्हें “सरदार” के नाम से संबोधित किया जाता था जिसका अर्थ भारत की कई भाषाओं में “प्रमुख” या “नेता” होता है। पटेल एक सफल वकील थे और महात्मा गांधी के कार्यों और दर्शन से - [गुप्त साम्राज्य - gupta samrajya in hindi](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-gupta-samrajya-in-hindi/): गुप्त साम्राज्य – gupta samrajya in hindi गुप्त साम्राज्य – गुप्तकाल को भारतीय इतिहास का ‘स्वर्ण युग’ कहा जाता मौर्यों के पतन के बाद नष्ट हुई भारत की राजनीतिक एकता को गुप्त शासकों ने पुन: स्थापित किया तथा लगभग सम्पूर्ण भारत को एक राजनीतिक छत्र के अधीन किया एवं शक्तिशाली विदेशी आक्रान्ताओं का सफलतापूर्वक सामना कर भारत की स्वतंत्रता को अक्षुण्ण रखा। गुप्त वंश का संस्थापक श्रीगुप्त था। इसने 275 ई. के लगभग गुप्त वंश की स्थापना की थी। गुप्त वंश का प्रारम्भिक राज्य उत्तरप्रदेश और बिहार में था ।  गुप्त शासकों की उत्पत्ति के बारे में विद्वानों के अलग-अलग मत है जो - [मौर्य काल - मौर्य साम्राज्य इन हिंदी PDF](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d-2/): मौर्य काल – मौर्य साम्राज्य इन हिंदी PDF मौर्य काल – मौर्य साम्राज्य से पूर्व भारत पर मगध साम्राज्य स्थापित था। इसका अंतिम शासक घनानन्द था। यह सिकन्दर महान का समकालीन था। सिकन्दर के जाने के पश्चात् मगध साम्राज्य में अशान्ति व अव्यवस्था फैल गई थी। परिणामस्वरूप चंद्रगुप्त मौर्य ने चाणक्य (विष्णु गुप्त) की सहायता से नंदवंश के शासक घननंद को हराकर मगध सत्ता पर अधिकार कर लिया व मौर्य  साम्राज्य की स्थापना की।     मौर्य काल – मौर्य साम्राज्य इन हिंदी PDF  मौर्य काल – मौर्य साम्राज्य इन हिंदी PDF चन्द्रगुप्त मौर्य ने धीरे-धीरे चाणक्य की सहायता से संपूर्ण भारत को राजनीतिक - [मौर्य राजवंश का इतिहास](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8/): मौर्य राजवंश का इतिहास मौर्य राजवंश (322 ईसा पूर्व से 298 ईसा पूर्व तक) प्राचीन भारत का एक शक्तिशाली एवं महान राजवंश क्षत्रिय वंश था। इसकी स्थापना का श्रेय चन्द्रगुप्त मौर्य को दिया जाता है।मौर्य साम्राज्य के विस्तार एवं उसे शक्तिशाली बनाने का श्रेय सम्राट अशोक को दिया जाता है। मौर्य साम्राज्य का विस्तार यह साम्राज्य पूर्व में मगध राज्य में गंगा नदी के मैदानों (आज का बिहार एवं बंगाल) से शुरु हुआ। इसकी राजधानी पाटलिपुत्र (आज के पटना शहर के पास) थी। चन्द्रगुप्त मौर्य ने 322 ईसा पूर्व में इस साम्राज्य की स्थापना की और तेजी से पश्चिम की तरफ अपना साम्राज्य का विकास किया। उसने कई छोटे छोटे क्षेत्रीय राज्यों के आपसी मतभेदों का फायदा उठाया जो सिकन्दर के आक्रमण - [भारत का इतिहास](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8/): भारत का इतिहास उत्तर में हिमालय से लेकर दक्षिण में समुद्र तक फैला यह उपमहाद्वीप भारतवर्ष के नाम से ज्ञात है, जिसे महाकाव्य तथा पुराणों में भारतवर्ष अर्थात् भरत का देश’ तथा यहाँ के निवासियों को भारती अर्थात् भरत की संतान कहा गया है। यूनानियों ने भारत को इंडिया तथा मध्यकालीन मुस्लिम इतिहासकारों ने हिन्द अथवा हिन्दुस्तान के नाम से संबोधित किया है। भारत का इतिहास कई हजार साल पुराना माना जाता है। 65,000 साल पहले, पहले आधुनिक मानव या होमो सेपियन्स, अफ्रीका से भारतीय उपमहाद्वीप में पहुंचे थे, जहां वे पहले विकसित हुए थे। About 65,000 years ago, the first modern - [मौर्य काल:-मौर्य साम्राज्य](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d/): मौर्य काल:-मौर्य साम्राज्य भारत का प्रथम व्यापक तथा भारतीय उपमहाद्वीप का विशालतम साम्राज्य था   ………………..मौर्य काल – मौर्य साम्राज्य ……………….. चन्द्रगुप्त मौर्य ने धीरे-धीरे चाणक्य की सहायता से संपूर्ण भारत को राजनीतिक एकता के सूत्र पिरोया। मौर्य साम्राज्य भारत का प्रथम व्यापक तथा भारतीय उपमहाद्वीप का विशालतम साम्राज्य था। मौर्य साम्राज्य हिन्दुकुश पर्वत से कावेरी नदी तक फैला था। इतना विस्तृत साम्राज्य अंग्रेजों द्वारा भी स्थापित नहीं किया गया। मौर्यकाल में सर्वप्रथम सुदृढ़ प्रशासनिक व्यवस्था की स्थापना की गई जिसे सम्राट अशोक ने “जीओ और जीने दो” के सिद्धान्त पर आगे बढ़ाया। मौर्य साम्राज्य के विस्तार को जानने में हमें साहित्य, विदेशी विवरण तथा पुरातात्विक - [प्राचीन भारत के राजवंश और उनके संस्थापक](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%b6-%e0%a4%94%e0%a4%b0/): प्राचीन भारत के राजवंश और उनके संस्थापक राजवंश संस्थापक राजधानी मौर्य चन्द्रगुप्त मौर्य पाटलिपुत्र शुंग पुष्यमित्र शुंग पाटलिपुत्र कण्व वासुदेव पाटलिपुत्र कुषाण कडिफिसेस I पुरुषपुर (पेशावर) गुप्त श्री गुप्त पाटलिपुत्र हूण तोरमान सैलकोट पल्लव सिंहविष्णु कांची राष्ट्रकूट दंतिदुर्ग मान्यखेत पाल गोपाल मुंगेर गुर्जर-प्रतिहार हरिश्चंद्र कन्नौज चोल विजयालय तंजावुर सातवाहन सिमुक पैठण वाकाटक विंध्यशक्ति वत्सगुल्मा     0 CommentsComments are closed - [प्राचीन भारत के महत्वपूर्ण साहित्यिक ग्रंथ](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0-2/): प्राचीन भारत के महत्वपूर्ण साहित्यिक ग्रंथ मूलपाठ लेखक प्रमुख बिंदु पंचतंत्र विष्णु शर्मा संस्कृत में पशु-कथाएँ नाट्य शास्त्र भरत मुनि नृत्य, नाटक और संगीत पर ग्रंथ बुद्धचरित अश्वघोष बुद्ध की जीवनी सौन्दरानंद  अश्वघोष संस्कृत काव्य अष्टाध्यायी पाणिनी संस्कृत व्याकरण पर कार्य महाभाष्य पतंजलि संस्कृत व्याकरण पर कार्य हर्षचरित बाणभट्ट हर्ष की जीवनी कादम्बरी बाणभट्ट साहित्यक रचना राजतरंगिणी कल्हन कश्मीर का इतिहास राजमाला (संस्कृत, बंगाली) चान्टैस (शाही पुजारी) त्रिपुरा के राजाओं का ऐतिहासिक वृत्तांत। बुरांजी (अहोम और असमिया)   असम के अहोम राजाओं का ऐतिहासिक वृत्तांत। मेघदूत कालिदास संस्कृत में गीतिकाव्य ऋतुसंहार कालिदास संस्कृत में गीतिकाव्य कुमारसंभवम् कालिदास संस्कृत में गीतिकाव्य रघुवंश - [प्राचीन भारत के महत्वपूर्ण शिलालेख](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0/): प्राचीन भारत के महत्वपूर्ण शिलालेख शिलालेख शासकों हाथीगुम्फा कलिंग शासक खारवेल. जूनागढ़ (गिरनार) रुद्रदामन (उल्लेख करता है कि चंद्रगुप्त मौर्य के राज्यपालों में से एक, पुष्यगुप्त, गिरनार के पास सुदर्शन झील पर बांध बनाने के लिए जिम्मेदार था) नासिक शिलालेख गौतमी बालासारी (सातवाहन साम्राज्य के बारे में विस्तृत जानकारी देती है।) इलाहाबाद स्तंभ (प्रयाग प्रशस्ति) समुद्रगुप्त द्वारा जारी किया गया तथा हरिषेण द्वारा रचित था। भितरी स्तंभ स्कन्दगुप्त पहाड़पुर गुप्त राजा बुद्ध गुप्त के शासनकाल के दौरान बांग्लादेश के पहाड़पुर में पाया गया। ऐहोल शिलालेख पुलकेशिन द्वितीय (रविकीर्ति द्वारा लिखित, पुलकेशी द्वितीय द्वारा हर्षवर्द्धन की हार का उल्लेख है।) मन्दसौर मालवा राजा यशोधर्मन - [इतिहास के पुनर्निर्माण में स्वदेशी साहित्य और विदेशी विवरणों का महत्व](https://examcg.com/%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a3-%e0%a4%ae/): इतिहास के पुनर्निर्माण में स्वदेशी साहित्य और विदेशी विवरणों का महत्व प्राचीन काल से ही लेखन समकालीन समाज की संस्कृति, जीवनशैली, सामाजिक-राजनीतिक स्थितियों को प्रतिबिंबित करता रहा है। भारत यात्रियों की भूमि भी रहा है, और उनके द्वारा छोड़े गए विवरण भारत भ्रमण के दौरान समाज और राजनीति को समझने में सहायक होते हैं। इतिहास के पुनर्निर्माण में स्वदेशी साहित्य की प्रासंगिकता ऋग्वेद हमें प्रारंभिक भारतीय-आर्यन के बारे में काफी जानकारी देता है । रामायण और महाभारत भारत के दो महानतम महाकाव्य हैं। ये दोनों महाकाव्य उत्तर वैदिक आर्यों की सामाजिक और राजनीतिक जीवनशैली का वर्णन करते हैं । जातक की कहानियाँ समकालीन समाज के विभिन्न पहलुओं - [आधुनिक भारत का इतिहास- कांग्रेस एवं अन्‍य राजनीतिक संस्‍थाएं](https://examcg.com/%e0%a4%86%e0%a4%a7%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%82/): आधुनिक भारत का इतिहास- कांग्रेस एवं अन्‍य राजनीतिक संस्‍थाएं आज के पोस्‍ट आधुनिक भारत का इतिहास- कांग्रेस एवं अन्‍य राजनीतिक संस्‍थाएं संबंधी पोस्‍ट में परीक्षापयोगी प्रश्‍नों को देखेंगे जो प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु अत्‍यंत उपयोगी है । इतिहास संबंधी महत्‍वपूर्ण पोस्‍ट हेतु इस लिंक पर जाए  इसके अलावा नीचे दिए गए लिक से आप यूटयूब चैनल GK BUCKET STUDY TUEB पर वीडियो भी देख सकते हैं । समय समय पर हमारी टीम द्वारा पोस्‍ट को अपडेट करते हुए नए एवं महत्‍वपूर्ण प्रश्‍नों को भी जोड़ा जाता है इसलिए समय-समय पर हमारे वेवसाइट पर विजिट करते रहे ।  कांग्रेस एवं अन्‍य राजनीतिक संस्‍थाएं  1836 में - [छत्तीसगढ़ का धरातलीय स्वरुप](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a7%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%b2%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5/): छत्तीसगढ़ का धरातलीय स्वरुप छत्तीसगढ़ का भौतिक स्वरूप विविधता से भरा हुआ है, जिसमें पहाड़ियां, मैदान, पठार और पाट क्षेत्र शामिल हैं। इसे बाह्य भू-दृश्य के आधार पर निम्नलिखित श्रेणियों में विभाजित किया गया है: 1. पहाड़ी क्षेत्र (a) चांगभखार देवगढ़ पहाड़ी: उत्तरी भाग में स्थित। सबसे ऊंची चोटी: देवगढ़। प्रमुख क्षेत्र: जनकपुर, बैकुंठपुर, मनेन्द्रगढ़, अंबिकापुर। (b) छुरी उदयगढ़ पहाड़ी: उत्तरी क्षेत्र में सघन वनाच्छादित। प्रमुख क्षेत्र: कुसमी, रामानुजगंज, घरघोड़ा, कोरबा, धरमजयगढ़। (c) मैकल पर्वत श्रेणी: बिलासपुर, कवर्धा और राजनांदगांव में स्थित। यह नर्मदा और महानदी के जल प्रवाह तंत्र को अलग करती है। (d) अबुझमाड़ की पहाड़ियां: बस्तर क्षेत्र में स्थित। यह सर्वाधिक - [छत्तीसगढ़ में जनजातीय विद्रोह](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b5%e0%a4%bf/): छत्तीसगढ़ में जनजातीय विद्रोह इस पोस्ट में आप छत्तीसगढ़ में जनजातीय विद्रोह  के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे यदि कहीं पर आपको त्रुटिपूर्ण लगे तो कृपया पोस्ट के नीचे कमेंट बॉक्स पर लिखकर हमें सूचित करने की कृपा करें छत्तीसगढ़ में जनजातीय विद्रोह जनजातीय विद्रोहों की जानकारी को सारणीबद्ध रूप में प्रस्तुत किया गया है: क्रमांक विद्रोह का नाम वर्ष नेतृत्वकर्ता शासक (तत्कालीन) मुख्य कारण प्रतीक चिन्ह परिणाम 1 हल्बा विद्रोह 1774-1779 अजमेर सिंह – उत्तराधिकार संघर्ष – अजमेर सिंह की मृत्यु के बाद विद्रोह समाप्त हुआ, हल्बा सेनाओं की भारी क्षति। 2 परलकोट विद्रोह 1825 गेंदसिंह महिपाल देव अंग्रेजों और मराठों के - [छत्तीसगढ़ के राज्यपालों की सूची](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%82/):   छत्तीसगढ़ के माननीय राज्यपालों की सूची क्रमांक नाम कार्यकाल 10. श्री रमेन डेका 31.07.2024 से ….. 9. श्री विश्व भूषण हरिचंदन 23.02.2023 से 30.07.2024 8. सुश्री अनुसुईया उइके 29.07.2019 से 22.02.2023 7. श्रीमती आनंदीबेन मफतभाई पटेल (कार्यवाहक) 15.08.2018  से 29.07.2019 6. श्री बलरामजी दास टण्डन 25.07.2014 से 14.08.2018 5. श्री राम नरेश यादव (कार्यवाहक) 02.07.2014  से 25.07.2014 4. श्री शेखर दत्त 23.01.2010 से 02.07.2014 3. श्री ई.एस.एल.नरसिम्हन 25.01.2007  से 23.01.2010 2. ले.जनरल.के.एम.सेठ 02.06.2003  से 25.01.2007 (श्री सुशील कुमार शिंदे 28.07.2005  से 02.10.2005 की अवधि मे कार्यवाहक राज्यपाल के रूप मे रहे। ) 1. श्री दिनेश नंदन सहाय 30.12.2000 तथा 31.12.2000 की मध्य रात्रि से 02.06.2003 तक 0 CommentsComments are closed - [सिरपुर: छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर स्थल](https://examcg.com/elementor-9935/): सिरपुर: छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर स्थल सिरपुर: इतिहास, धर्म, और संस्कृति का संगम सिरपुर न केवल पुरातात्विक और धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत को भी दर्शाता है। यहाँ का लक्ष्मण मंदिर, सुरंग टीला, और बौद्ध विहार जैसे स्थल भारतीय इतिहास और वास्तुकला के अद्भुत उदाहरण हैं। यदि आप छत्तीसगढ़ के इतिहास और संस्कृति को करीब से देखना चाहते हैं, तो सिरपुर आपके लिए एक आदर्श गंतव्य है। यहाँ की प्राचीन धरोहरें, स्थापत्य कला, और धार्मिक स्थल एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करते हैं।सिरपुर, जिसे प्राचीनकाल में श्रीपुर के नाम से जाना जाता था, छत्तीसगढ़ के - [छत्तीसगढ़ की मिट्टी](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%80/): छत्तीसगढ़ की मिट्टी छत्तीसगढ़ की मिट्टी मिट्टी धरातल की ऊपरी सतह होती है जिसका निर्माण रेत, क्ले, ह्यूमस (वनस्पति अंश ) एवं अन्य खनिजों से होता है। इन्ही तत्त्वों से मिटटी की उत्पादन क्षमता, जल धारण क्षमता अदि का निर्धारण होता है। छत्तीसगढ़ में मुख्यतः 5 प्रकार की मिटटीयां पाई जाती है। छत्तीसगढ़ में मिट्टी के प्रकार भारतीय भूमि एवं  मृदा संरक्षण विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में मिटटी के निम्न प्रकार है-1. लाल-पीली मिटटी (मटासी मिटटी ) 2. लाल रेतीली मिटटी (बलुई मिटटी ) 3. लैटेराईट मिटटी (मुरमी या भाठा ) 4. काली मिटटी (कन्हार मिटटी ) 5. लाल दोमट 1 लाल-पीली मिटटी - [MPPSC – ग्रंथपाल (Librarian) भर्ती परीक्षा पेपर – 2018](https://examcg.com/mppsc-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b2-librarian-%e0%a4%ad%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d/): Load More End of Content. MPPSC – ग्रंथपाल (Librarian) भर्ती परीक्षा पेपर – 2018 MPPSC ग्रंथपाल (Librarian) अधिकारी की भर्ती परीक्षा दिनांक 18 अगस्त 2018 को मध्यप्रदेश राज्य में MPPSC (मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग) द्वारा आयोजित की गयी थी। MPPSC ग्रंथपाल (Librarian) अधिकारी की भर्ती परीक्षा 2018 का पूर्ण प्रश्नपत्र आयोग द्वारा जारी अंतिम उत्तर कुंजी (final answer key) सहित यहाँ दिया गया है। पोस्ट :— ग्रंथपाल (Librarian)परीक्षा आयोजक :— MPPSC (Madhya Pradesh Public Service Commission)परीक्षा की तिथि :— 18/08/2018कुल प्रश्न :— 200 MPPSC Librarian (ग्रंथपाल) Exam Paper 2018 निम्नलिखित में से किसके बाद कभी भी पृष्ठ नही आती – A. ग्रंथसूचीB. इबिडC. ऑप सिटD. लाॅक सिट Answer -D ‘कनेक्टिंग - [भारत के वायसराय](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%af/): भारत के वायसराय – आधुनिक भारत इतिहास नोट्स पीडीएफ डाउनलोड करें पिछले वर्ष के पेपर   1857 के विद्रोह के बाद, कंपनी शासन को समाप्त कर दिया गया और भारत ब्रिटिश ताज के सीधे नियंत्रण में आ गया। 1858 का भारत सरकार अधिनियम पारित किया गया, जिसने भारत के गवर्नर जनरल के पद को भारत के वायसराय से बदल दिया। वायसराय की नियुक्ति सीधे ब्रिटिश सरकार द्वारा की जाती थी। लॉर्ड कैनिंग भारत के पहले वायसराय थे। इस लेख में, हम भारत के वायसराय के बारे में चर्चा करेंगे जो UPSC परीक्षा की तैयारी के लिए सहायक होगा। विषयसूची लॉर्ड कैनिंग (1858 – 1862) लॉर्ड एल्गिन-I (1862 – 1863) लॉर्ड लॉरेंस - [ब्रिटिश भारत के दौरान गवर्नर जनरल](https://examcg.com/%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%9f%e0%a4%bf%e0%a4%b6-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a5%8c%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%97%e0%a4%b5%e0%a4%b0/): ब्रिटिश भारत के दौरान गवर्नर जनरल – आधुनिक भारत इतिहास नोट्स पीडीएफ डाउनलोड करें पिछले वर्ष के पेपर   ईस्ट इंडिया कंपनी को 31 दिसंबर 1600 को महारानी एलिजाबेथ प्रथम से रॉयल चार्टर प्राप्त हुआ और भारत पर ब्रिटिश शासन एक व्यापारिक इकाई के रूप में शुरू हुआ। जब ईस्ट इंडिया कंपनी भारत आई, तो उसने “बंगाल के गवर्नर” नामक एक पद की स्थापना की। हालाँकि, रेगुलेटिंग एक्ट 1773 के पारित होने के बाद , बंगाल के गवर्नर के पद का नाम बदलकर “बंगाल के गवर्नर-जनरल” कर दिया गया। 1833 में चार्टर एक्ट द्वारा बंगाल के गवर्नर-जनरल के पद का नाम बदलकर “भारत के गवर्नर-जनरल” कर दिया गया । 1857 के विद्रोह के बाद, - [भारत के गवर्नर जनरल (1832 - 1858)](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%97%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a4%b0-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%b0%e0%a4%b2-1832-1858/): भारत के गवर्नर जनरल (1832 – 1858) – आधुनिक भारत इतिहास नोट्स  बंगाल के गवर्नर-जनरल के पद का नाम बदलकर 1833 में चार्टर एक्ट द्वारा “भारत का गवर्नर-जनरल” कर दिया गया (भारत का पहला गवर्नर-जनरल विलियम बेंटिक था)। यह पद मुख्य रूप से प्रशासनिक प्रकृति का था, और यह ईस्ट इंडिया कंपनी के निदेशक मंडल को रिपोर्ट करता था। इस लेख में, हम भारत के गवर्नर जनरलों (1832-1858) पर चर्चा करेंगे जो यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए सहायक होगा। विषयसूची लॉर्ड विलियम बेंटिक (1828 – 1835) सर चार्ल्स मेटकाफ (1835 – 1836) लॉर्ड ऑकलैंड (1836 – 1842) लॉर्ड एलनबरो (1842 – 1844) लॉर्ड हार्डिंग-I (1844 – 1848) - [बंगाल के गवर्नर जनरल (1773 - 1833)](https://examcg.com/%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%97%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a4%b0-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%b0%e0%a4%b2-1773-1833/): बंगाल के गवर्नर जनरल (1773 – 1833) – आधुनिक भारत इतिहास नोट्स   जब ईस्ट इंडिया कंपनी भारत में आई, तो उसने “बंगाल के गवर्नर” (बंगाल के पहले गवर्नर: रॉबर्ट क्लाइव) नामक एक पद की स्थापना की । बॉम्बे और मद्रास जैसी अन्य प्रेसिडेंसियों में से प्रत्येक का अपना गवर्नर था। हालाँकि, रेगुलेटिंग एक्ट 1773 के पारित होने के बाद , बंगाल के गवर्नर के पद का नाम बदलकर “बंगाल का गवर्नर-जनरल” कर दिया गया (बंगाल के पहले गवर्नर-जनरल वॉरेन हेस्टिंग्स थे)। अधिनियम के अनुसार, बॉम्बे और मद्रास के गवर्नर बंगाल के गवर्नर-जनरल को रिपोर्ट करते थे। इस लेख में, हम बंगाल के गवर्नर जनरलों (1773-1833) पर चर्चा करेंगे जो - [बंगाल के गवर्नर (1773 से पहले)](https://examcg.com/%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%97%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a4%b0-1773-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%b2%e0%a5%87/): बंगाल के गवर्नर (1773 से पहले) – आधुनिक भारत इतिहास नोट्स   बंगाल प्रेसीडेंसी, जिसे बाद में बंगाल प्रांत के नाम से जाना गया , भारत में ब्रिटिश साम्राज्य का एक क्षेत्र था। इसका क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र अपने चरम पर अब दक्षिण और दक्षिण पूर्व एशिया के अधिकांश हिस्सों में फैला हुआ था। बंगाल का वास्तविक अर्थ बंगाल जातीय भाषाई क्षेत्र (वर्तमान बांग्लादेश और भारतीय राज्य पश्चिम बंगाल) था। कलकत्ता , फोर्ट विलियम के आसपास बना महानगर, बंगाल प्रेसीडेंसी की राजधानी थी। इस लेख में, हम बंगाल के राज्यपाल (1773 से पहले) पर चर्चा करेंगे जो यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए सहायक होगा। विषयसूची रॉबर्ट क्लाइव (1754 - [भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस वार्षिक अधिवेशन](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87/): परिचय: भारतीय राष्ट्रीय कॉन्ग्रेस की स्थापना दिसंबर, 1885 में बॉम्बे में की गई थी। इसके प्रारंभिक नेतृत्त्वकर्त्ताओं में दादाभाई नौरोजी, फिरोजशाह मेहता, बदरुद्दीन तैयबजी, डब्ल्यू.सी. बनर्जी, सुरेन्द्रनाथ बनर्जी, रोमेश चंद्र दत्त, एस. सुब्रमण्य अय्यर शामिल थे। प्रारंभ में इसके कई नेतृत्त्वकर्त्ता बंबई और कलकत्ता से संबंधित थे। एक सेवानिवृत्त ब्रिटिश अधिकारी, ए.ओ. ह्यूम ने विभिन्न क्षेत्रों के भारतीयों को एक साथ लाने में भी भूमिका निभाई। भारतीय राष्ट्रीय कॉन्ग्रेस का गठन राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया को बढ़ावा देने की दिशा में एक प्रयास था। देश के सभी क्षेत्रों तक पहुँच स्थापित करने के लिये विभिन्न क्षेत्रों में कॉन्ग्रेस के सत्र आयोजित - [भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन और स्वतंत्रता प्राप्ति](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%86%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%b2-2/): भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन और स्वतंत्रता प्राप्ति भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन ने भारतीय जनता को सकारात्मक बदलाव और स्वतंत्रता प्राप्ति की दिशा में एकजुट किया। यह समूह विभिन्न कालों में अनेक आंदोलनों और क्रांतियों के माध्यम से ब्रिटिश शासन के खिलाफ स्वतंत्रता की मांग करता रहा है। स्वदेशी आंदोलन, असहमति आंदोलन, नमक सत्याग्रह, और विभाजन के खिलाफ जन जागरूकता के क्षेत्र में ये आंदोलन भारतीय समाज को समृद्धि, न्याय, और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने का साहस प्रदान करते रहे हैं। इन आंदोलनों ने भारतीय राष्ट्रीय चेतना को उत्तेजना दिया और उन्हें स्वतंत्रता की प्राप्ति की दिशा में एक सामूहिक संघर्ष में जोड़ा। - [करेंट अफेयर्स क्विज़ - अप्रेल 2025](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%9f-%e0%a4%85%e0%a4%ab%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bc-%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a5%8d/): करेंट अफेयर्स क्विज़ – अप्रैल 2025 | UPSC/PSC 📚 करेंट अफेयर्स क्विज़ अप्रैल 2025 | UPSC / PSC परीक्षा स्तर 100 प्रश्न • विस्तृत व्याख्या सहित कुल: 100 उत्तरित: 0 सही: 0 गलत: 0 शेष: 100 © 2025 करेंट अफेयर्स क्विज़ | अप्रैल 2025 | UPSC/PSC तैयारी हेतु हरे रंग से सही उत्तर और लाल रंग से गलत उत्तर दर्शाया जाता है। 0 CommentsComments are closed - [1905 बंगाल विभाजन](https://examcg.com/1905-%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a8/): 1905 बंगाल विभाजन 1905 बंगाल विभाजन 1905 का बंगाल विभाजन भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण घटना थी। बंगाल प्रांत बड़ा और विविध था, और ब्रिटिश सरकार ने इसे दो अलग-अलग एकाएक दिए जाने का प्रस्ताव किया। इसका आधिकारिक कारण प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना था, लेकिन इसके चलते राजनीतिक और सामाजिक परिणाम हुए। प्रांत को पूर्व बंगाल और आसाम (जिसमें हिन्दू अधिकांश था) और बाकी बंगाल (जिसमें मुस्लिम अधिकांश था) में विभाजित किया गया। इस विभाजन के खिलाफ विभिन्न समुदायों के लोगों द्वारा व्यापक प्रतिष्ठान था, और इसने स्वदेशी आंदोलन और व्यापक प्रदर्शनों की ओर बढ़ा दिया। स्वदेशी आंदोलन में ब्रिटिश वस्त्रों का - [जलियांवाला बाग हत्याकांड (1919 ई.)](https://examcg.com/%e0%a4%9c%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%97-%e0%a4%b9%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a1/): जलियांवाला बाग हत्याकाण्ड (1919 ई.) जलियांवाला बाग हत्याकाण्ड, जिसे जलियांवाला बाग में हुए माससाइकर भी कहा जाता है, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान एक दुखद घटना थी जो 13 अप्रैल 1919 को अमृतसर (पंजाब) में ब्रिटिश सेना के एक जनरल, रेजिनल्ड डायर की नेतृत्व में वाइसराय ओफ इंडिया, जनरल डायर द्वारा की गई। जलियांवाला बाग में एक सार्वजनिक मैदान था जहां भारतीय नागरिकों ने भारत सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। जनरल डायर ने बिना किसी चेतावनी या आदेश के वहां एक समूह में इकट्ठे हुए लोगों पर अधिकारिक आदान-प्रदान की और इस प्रदर्शन को दबाने के लिए अजीब और अत्यंत - [गोलमेज सम्मेलन](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%9c-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a4%a8/): गोलमेज सम्मेलन गोलमेज सम्मेलन, अंग्रेजों ने महसूस किया कि उन्हें भारतीयों को सत्ता का हिस्सा देना होगा और नमक यात्रा के परिणामस्वरूप उनका शासन लंबे समय तक नहीं चलेगा। ब्रिटिश सरकार ने इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए लंदन में गोलमेज सम्मेलनों की मेजबानी शुरू की। ब्रिटिश सरकार ने भारतीय संवैधानिक सुधारों के बारे में बात करने के लिए बैठकों की एक श्रृंखला के हिस्से के रूप में 1930-1932 में तीन गोलमेज सम्मेलन आयोजित किए। साइमन आयोग की मई 1930 की रिपोर्ट ने इन सम्मेलनों की नींव के रूप में कार्य किया। भारत में स्वशासन या स्वराज का आह्वान दिन-ब-दिन - [रस – की परिभाषा, भेद और उदाहरण– Ras in Hindi](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%ad%e0%a5%87%e0%a4%a6-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%89%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b9/): रस – Ras की परिभाषा, भेद और उदाहरण– Ras in Hindi रस के माध्यम से काव्य मे आनंद का अनुभव होता है। इस पोस्ट में रस क्या होते हैं? Hindi में Ras की परिभाषाएं, रस सिद्धांत आदि का विवेचन और Ras in Hindi के ग्यारह भेदों के बारे में विस्तार से बताया गया है। Ras (रस)- रस क्या होते हैं? रस की परिभाषा रस : रस का शाब्दिक अर्थ है ‘आनन्द’। काव्य को पढ़ने या सुनने से जिस आनन्द की अनुभूति होती है, उसे रस कहा जाता है। काव्य में रस का वही स्थान है, जो शरीर में आत्मा का है। जिस प्रकार आत्मा - [अलंकार तथा अलंकार के प्रकार](https://examcg.com/elementor-9585/): अलंकार तथा अलंकार के प्रकार अलंकार किसे कहते हैं ? अलंकार का शाब्दिक अर्थ ‘आभूषण’ होता है। काव्य की शोभा बढ़ाने वाले तत्वों को ‘अलंकार कहते हैं। जैसे : वर को छोड और वर मांगो।        ↓(दुल्हा)              ↓(वरदान) अलंकार के प्रकार 3 होते हैं, मुख्य रूप 2 से होते हैं:- ① शब्द अलंकार② अर्थ अलंकार③ उभय अलंकार → 12 वी.. सरस्वती कण्ठाभरण (पुस्तक)- भोजराज 1. शब्द अलंकार शब्द अलंकार :- जहाँ पर काव्य में शब्दों के द्वारा चमत्कार उत्पन्न होते हैं उन्हे शब्द अलंकार कहते है।इसके मुख्यतः 5 भेद होते हैं:- A. अनुप्रास अलंकार (अनुप्रासालंकार):- अनुप्रास अलंकार, शब्द अलंकार का ही भेद है इसमे काव्य में वर्णो  की आवृति बार बार होती है। इसके 5 भेद होते हैं:- - [मुगल साम्राज्य : बाबर(1526- 1530ई. )](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%ac%e0%a4%b01526-1530%e0%a4%88/): मुगल साम्राज्य : बाबर (1526- 1530ई. ) बाबर (1526- 1530ई. ) • मुगल साम्राज्य की स्थापना जहीरुद्दीन बाबर ने की। बाबर ने पानीपत के प्रथम युद्ध (21 अप्रैल, 1526) में इब्राहिम लोदी को पराजित कर भारत में मुगल साम्राज्य की नींव डाली। Table of Contents बाबर (1526- 1530ई. ) हुमायूँ ( 1530 ई.-1556 ई.) शेरशाह सूरी ( 1540 ई.-1545 ई.) अकबर (1556 ई.-1605 ई.) अकबर के कुछ महत्वपूर्ण कार्य अकबर के नवरत्न निष्कर्ष: • बाबर का जन्म 1483 ई. में फरगना में हुआ था। • बाबर के पिता का नाम उमर शेख मिर्जा था। बाबर की माँ का नाम कुतलुग निगार खां था। • बाबर पितृ पक्ष की ओर से तैमूर का - [भारतीय संविधान का निर्माण](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be/): भारतीय संविधान का निर्माण | Bhartiya Samvidhan ka Nirmaan in Hindi  संविधान सभा की मांग(Demand for Constituent Assembly) भारत में संविधान सभा के गठन का विचार वर्ष 1934 में पहली बार एम.एन. रॉय ने रखा। रॉय भारत में वामपंथी आंदोलन के प्रखर नेता थे। 1935 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पहली बार भारत के संविधान के निर्माण के लिए आधिकारिक रूप से संविधान सभा के गठन की मांग की। 1938 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की ओर से पंडित जवाहरलाल नेहरू ने घोषणा की कि स्वतंत्र भारत के संविधान का निर्माण वयस्क मताधिकार के आधार पर चुनी गई संविधान सभा द्वारा किया - [भारतीय संविधान की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%90%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8/): भारतीय संविधान की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि | Historical Background of the Indian Constitution in Hindi भारत में ब्रिटिश 1600 ई. में ईस्ट इंडिया कंपनी के रूप में, व्यापार करने आए। महारानी एलिजाबेथ प्रथम के चार्टर द्वारा उन्हें भारत में व्यापार करने के विस्तृत अधिकार प्राप्त थे। कंपनी, जिसके कार्य अभी तक सिर्फ व्यापारिक कार्यों तक ही सीमित थे, ने 1765 में बंगाल, बिहार और उड़ीसा के दीवानी (अर्थात राजस्व एवं दीवानी न्याय के अधिकार) अधिकार प्राप्त कर लिए। इसके तहत भारत में उसके क्षेत्रीय शक्ति बनने की प्रक्रिया प्रारंभ हुई थी। 1858 में, ‘सिपाही विद्रोह’ के परिणामस्वरूप ब्रिटिश ताज(Crown) ने भारत के - [भारत में ब्रिटिश शक्ति का विस्तार](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%9f%e0%a4%bf%e0%a4%b6-%e0%a4%b6%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%95%e0%a4%be/): भारत में ब्रिटिश शक्ति का विस्तार | Expansion of British power in India in Hindi अंग्रेजों की भारत पर विजयः- संयोगवश या उद्देश्यपूर्ण ऐतिहासिक शक्तियों एवं कारकों की समीक्षा करने, जिन्होंने भारत में ब्रिटिश साम्राज्य की स्थापना में उनकी सफलता का नेतृत्व किया, के लिए यह आवश्यक है कि तत्कालीन भारत की राजनीतिक और सामाजिक-आर्थिक दशाओं और ब्रिटेन की वैश्विक साम्राज्यवादी व्यवस्था में भारत के एकीकरण की प्रक्रिया को समझा जाए और इसका विश्लेषण किया जाए। इतिहासकार इस मूलभूत प्रश्न पर बहस करते हैं कि क्या ब्रिटिश की भारत विजय संयोगवश थी या इरादतन थी। जॉन सीले के नेतृत्व वाला समूह - [यूरोपीय कम्पनियों का भारत में आगमन](https://examcg.com/%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0/): यूरोपीय कम्पनियों का भारत में आगमन | THE ENTRANCE OF EUROPEAN COMPANIES IN INDIA यूरोपीय कम्पनियों का भारत में आगमन (THE ENTRANCE OF EUROPEAN COMPANIES IN INDIA) (पुर्तगाली, डच, अंग्रेज, फ्रान्सीसी तथा डेन्स) भारत में मुख्यतः दो भागों से विदेशी प्रवेश कर सकते थे-प्रथम उत्तर-पश्चिम सीमा को पार कर स्थल-मार्ग और द्वितीय समुद्री-मार्ग द्वारा । गजनी, गारे, समरकन्द और काबुल से मुसलमानों ने स्थल-मार्ग से प्रवेश करके भारत पर आक्रमण किया था। मुगल साम्राज्य के शासकों ने एक बड़ी सेना तो रखी थी, किन्तु समुद्र-मार्ग की रक्षा के लिए एक शक्तिशाली जल-सेना के निर्माण की ओर कोई ध्यान नहीं दिया था। - [मुगल वंश: उत्तरकालीन मुगल सम्राट](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a4%b2-%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%b6-%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a4%b2/): मुगल वंश: उत्तरकालीन मुगल सम्राट | Mughal Dynasty: Later Mughal Emperors in Hindi उत्तरकालीन मुगल सम्राट(Later Mughal Emperors) मुगल साम्राज्य का पतन 3 मार्च 1707 में औरंगजेब की मृत्यु के बाद शुरू हो गई थी इसके बाद भारतीय इतिहास में एक नवीन युग का उदय हुआ जिसे उत्तरोत्तर मुगलकाल कहते है। इस काल में 11 मुगल शासकों ने दिल्ली पर शासन किया था।    उत्तरकालीन मुगल शासकों का क्रम(Order of the Later Mughal Rulers) बहादुर शाह (1707-12 ई) जहांदर शाह (1712-13 ई) फर्रूखशियर (1713-19 ई) मुहम्मदशाह (1719-48 ई) अहमद शाह (1748-1754 ई) आलमगीर द्वितीय (1754-58 ई) शाहआलम द्वितीय (1759-1806 ई) अकबर - [तुगलक वंश का इतिहास | History of Tughlaq Dynasty in Hindi](https://examcg.com/%e0%a4%a4%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a4%b2%e0%a4%95-%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-history-of-tughlaq-dynasty-in-hindi/): तुगलक वंश का इतिहास | History of Tughlaq Dynasty in Hindi तुगलक वंश(Tughlaq Dynasty) तुगलक वंश ने दिल्ली सल्तनत पर सन् 1320 से लेकर सन 1414 तक शासन किया था। इस का संस्थापक गयासुद्दीन तुगलक ने किया था। यह वंश दिल्ली सल्तनत पर सबसे अधिक वर्षो तक शासन करने वाला वंश है। इस वंश के तीन प्रमुख शासक रहे थे। जिनमें गयासुद्दीन तुगलक फिर उसका बेटा मुहम्मद बिन तुगलक और उसके बाद फिरोज शाह तुगलक था। फिरोज शाह तुगलक को  भारत में नहरों का निर्माता भी कहा जाता है। तुगलक वंश के शासक (Rulers of Tughlaq Dynasty) ग्यासुद्दीन तुगलक (1320-1325 ई) - [लोदी वंश का इतिहास](https://examcg.com/%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8/): लोदी वंश  का इतिहास | History of lodi Dynasty in Hindi  लोदी वंश (Lodi Dynasty) मुग़ल साम्राज्य (Mughal Empire) के पूर्व समय में भारत में शासन करने वाले वंशों में से हैं। लोदी वंश के बारे में यहां आपको पूरी विस्तृत जानकारी मिलेगी। लोदी वंश के शासक (Rulers of Lodi Dynasty) बहलोल लोदी (1451–89 ई) सिकंदर लोदी (1489-1517 ई ) इब्राहिम लोदी (1517-26 ई ) बहलोल लोदी (Bahlul Lodi) दिल्ली में प्रथम अफगान राज्य का संस्थापक बहलोल लोदी था । बहलोल लोदी अफगानिस्तान के मिजलई कबीले की एक शाखा शाहूखेल में पैदा हुआ था। बहलोल गाजी की उपाधि के साथ दिल्ली - [सैय्यद वंश का इतिहास | History of Sayyid Dynasty and Lodi Dynasty in Hindi](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%af%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a6-%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-history-of-sayyid-dynasty-and-lodi-dynast/): सैय्यद वंश  का इतिहास | History of Sayyid Dynasty Dynasty in Hindi  सैय्यद वंश (Sayyid Dynasty) और लोदी वंश (Lodi Dynasty) दोनों ही मुग़ल साम्राज्य (Mughal Empire) के पूर्व समय में भारत में शासन करने वाले वंशों में से हैं। इन दोनों वंशों के बारे में यहां आपको पूरी विस्तृत जानकारी मिलेगी। सैय्यद वंश इतिहास(History of Sayyid Dynasty Dynasty) सैय्यद वंश (Sayyid Dynasty) इस वंश की शुरुआत खिज्र खाँ द्वारा 1414 ई में किया गया था। यह दिल्ली सल्तनत पर शासन करने वाला चौथा वंश था। इस वंश ने दिल्ली पर लगभग 37 वर्षो तक शासन किया था। सैय्यद वंश के - [खिलजी वंश का इतिहास](https://examcg.com/%e0%a4%96%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8/): खिलजी वंश का इतिहास | History of Khilji Dynasty in Hindi आज के इस ब्लॉग में हम दिल्ली सल्तनत काल के खिलजी वंश के इतिहास के बारे में पढ़ेंगे और इस वंश के शासकों के इतिहास के बारे में जानकारी लेंगे। इन सब जानकारी से आप अपने लिए बेहतर नोट्स तैयार कर पायेंगे। खिलजी वंश (1290-1320 ई०) खिलजी वंश ने दिल्ली सल्तनत पर 1290 ई० से 1320 ई० तक लगभग 30 वर्षों तक शासन किया था। और जिसमें उसके 4 सुल्तानों ने शासन किया था। खिलजी वंश के सभी शासक  जलालुद्दीन फिरोज खिजली (1290-1296 ई) अलाउद्दीन खिलजी (1296-1316 ई) कुतुबुद्दीन मुबारक - [मराठा साम्राज्य का उदय](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a0%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%89%e0%a4%a6%e0%a4%af/): मराठा साम्राज्य का उदय और शिवाजी महाराज | Maratha Samrajya Ka Uday aur Shivaji Maharaj in hindi इस ब्लॉग में  मराठा साम्राज्य के बारे – मराठा साम्राज्य का उदय कैसे हुआ फिर शिवाजी महाराज, उनके सैन्य प्रशासन और उनके द्वारा लड़े गए महत्वपूर्ण लड़ाईयों के बारे जानकारी दी जा रही है । मराठा साम्राज्य का उदय शिवाजी के आदि पूर्वज मेवाड़ के सिसोदिया वंश के थे। 14 वीं शताब्दी में सज्जन सिंह नामक व्यक्ति अल्लाउद्दीन खिलजी के आक्रमण के समय मेवाड़ से निकलकर महाराष्ट्र आए और इन्होंने मराठा साम्राज्य की नीव रखीं थी। इस वंश की पांचवी पीढ़ी में उग्रसेन नामक - [मुगल साम्राज्य का इतिहास | History of Mughal Empire in Hindi](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-histo/): मुगल साम्राज्य का इतिहास | History of Mughal Empire in Hindi  मुगल साम्राज्य का इतिहास(History of Mughal Empire) (1526-1857 ई) मुगल साम्राज्य का परिचय(Introduction of the Mughal Empire) मुगल वंश की स्थापना (1526 ई) में बाबर के द्वारा किया गया था। बाबर और उत्तरवर्ती मुगल शासक तुर्क एवं सुन्नी मुसलमान थे। बाबर का पिता चगताई तुर्क और माता मंगोल वंश से थी। लेकिन उसने अपनी आत्मकथा में स्वयं को अपनी मां के वंश से मानने पर जोर दिया है। इसलिये उसके द्वारा स्थापित वंश मुगल वंश कहलाया था। बाबर पितृ पक्ष की ओर से तैमूर का पांचवा वंशज तथा मातृ पक्ष - [मुगलों के अधीन भारत](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4/): मुगलों के अधीन भारत – एनसीईआरटी मध्यकालीन भारत यूपीएससी नोट्स पीडीएफ डाउनलोड करें पिछले वर्ष के पेपर   मुगलों ने 1526-1761 तक भारत पर शासन किया, जिसमें संगीत, भाषा, साहित्य, चित्रकला, कला और वास्तुकला के कुछ क्षेत्रों में प्रमुख विकास हुए। कई यूरोपीय यात्रियों ने मुगल शासन के तहत भारत की यात्रा की और उनके शासन के तहत लोगों के जीवन को दर्शाया। उम्मीदवार यूपीएससी आईएएस प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए मध्यकालीन भारत के इतिहास पर अन्य एनसीईआरटी नोट्स पढ़ सकते हैं। हालाँकि, मुगल बादशाहों ने आलीशान और आलीशान जीवन जिया, लेकिन कुछ इलाकों में आम लोगों को यातना और पीड़ा - [शेर शाह सूरी (1486 - 22 मई 1545)](https://examcg.com/%e0%a4%b6%e0%a5%87%e0%a4%b0-%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%b9-%e0%a4%b8%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%80-1486-22-%e0%a4%ae%e0%a4%88-1545/): शेर शाह सूरी (1486 – 22 मई 1545), जिनका जन्म फ़रीद ख़ान के रूप में हुआ था, भारत में सूरी साम्राज्य के संस्थापक थे, जिसकी राजधानी सासाराम थी जो आज के बिहार में है। उन्होंने रुपया मुद्रा शुरू की। सूर के शेर शाह ने 1540 में मुग़ल साम्राज्य पर कब्ज़ा कर लिया। साम्राज्य के उनके पुनर्गठन ने बाद के मुगल सम्राटों, विशेष रूप से हुमायूं के पुत्र अकबर के लिए नींव रखी इस लेख में शेरशाह सूरी और सूर वंश पर NCERT नोट्स प्राप्त करें। सूर अंतर्राज्यीय सिविल सेवा परीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण विषय है । शेर शाह सूरी (यूपीएससी नोट्स):-पीडीएफ यहां - [मुगलों के अधीन भारत: यूपीएससी नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%8f/): मुगल शासन भारतीय इतिहास का एक महत्वपूर्ण चरण था। यह लेख भारत में मुगल काल के आर्थिक और सामाजिक जीवन, कृषि, व्यापार वृद्धि आदि पर प्रकाश डालता है। यूपीएससी 2025 के बारे में अधिक जानने के लिए  लिंक किया गया लेख देखें। मुगलों के अधीन भारत: यूपीएससी नोट्स –पीडीएफ यहां से डाउनलोड करें मुगलों के अधीन भारत आर्थिक और सामाजिक जीवन भारत की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का उल्लेख भारत आने वाले कई यूरोपीय यात्रियों और व्यापारियों द्वारा किया गया है और उनके विवरणों में जानकारी का खजाना है। सामान्यतः, अधिकांश विवरण भारत की सम्पदा और समृद्धि तथा कुलीन वर्ग के विलासी जीवन का वर्णन - [अकबर के बाद मुगल वंश](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a4%b2-%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%b6/): यह लेख अभ्यर्थियों को अकबर के उत्तराधिकारियों – जहांगीर, शाहजहां, औरंगजेब आदि के शासनकाल के बारे में जानकारी प्राप्त करने में मदद करेगा। इस लेख की जानकारी आईएएस परीक्षा में उपयोगी होगी । अकबर के बाद मुगल वंश अकबर के उत्तराधिकारी अकबर की मृत्यु के बाद उसके बेटे जहाँगीर ने उसका उत्तराधिकारी बनाया। इस भाग में, हम अकबर के उत्तराधिकारियों और उनके शासन के बारे में सब कुछ जानेंगे। जहाँगीर/सलीम (1605 – 1627 ई.) सलीम जोधाबाई और अकबर का सबसे बड़ा बेटा था, जो अकबर की मृत्यु के बाद लगभग 1605 ई. में गद्दी पर बैठा। उसने नूर-उद-दीन मुहम्मद जहाँगीर (विश्व विजेता) की उपाधि - [सम्राट अकबर (1556-1605) [मध्यकालीन भारतीय इतिहास नोट्स]](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9f-%e0%a4%85%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a4%b0-1556-1605-%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad/): सम्राट अकबर (1556-1605) [मध्यकालीन भारतीय इतिहास नोट्स] अबुल-फ़तह जलाल-उद-दीन मुहम्मद अकबर मुग़ल काल के सबसे शक्तिशाली सम्राटों में से एक थे। एक मज़बूत व्यक्तित्व और एक सफल सेनापति के साथ, अकबर ने धीरे-धीरे मुग़ल साम्राज्य का विस्तार करके भारतीय उपमहाद्वीप के अधिकांश हिस्से को अपने में समाहित कर लिया। हालाँकि, मुग़ल सैन्य, राजनीतिक, सांस्कृतिक और आर्थिक प्रभुत्व के कारण उनकी शक्ति और प्रभाव पूरे उपमहाद्वीप तक फैल गया। यह लेख अकबर के शासनकाल के दौरान हुई घटनाओं जैसे उसकी धार्मिक नीतियों, अन्य भारतीय राज्यों के साथ संबंधों आदि के बारे में सभी प्रासंगिक जानकारी देता है। अकबर IAS परीक्षा के इतिहास खंड के - [one liner final style](https://examcg.com/one-liner-final/):  बेरोजगार के सहायतार्थ दिल्ली के सुल्तानों में से किसने ‘रोजगार कार्यालय’ की स्थापना की थी? उत्तर : फिराज शाह तुगलक ने,UPUDA/LDA (Pre) , 2019  दिल्ली में पुराना किला के सामने ‘खैरुल मंजील’ नामक मस्जिद का निर्माण किसने करवाया था? उत्तर : माहम अनगा ,UPPCS (Pre) , 2018  नेताओं में किसने क्रांतिकारी संगठन, ‘अभिनव भारत समाज’ की स्थापना की? उत्तर : विनायक दामोदर सावरकर,UPPCS (Pre) , 2018  गवर्नर जनरलों में से किसने कांग्रेस का ‘अत्यधिक अल्पसंख्यक’ लोगों का प्रतिनिधित्व करने वाली कहकर उपहास किया था? उत्तर : लार्ड डफरिन,UPPCS (Pre) , 2018  सुरक्षा के लिए मराठों के राजस्व के दावों को किस नाम से जाना जाता है? उत्तर : चौथ,UPPCS (Pre) , 2018  किस स्थान से मध्यपाषाण - [भारत में ब्रिटिश आर्थिक नीति (1757-1857)](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%9f%e0%a4%bf%e0%a4%b6-%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%a8/): भारत में ब्रिटिश आर्थिक नीति (1757-1857)      भारत के औपनिवेशिक शोषण के चरण और भारत पर इसका प्रभाव, ब्रिटिश शासन की प्रमुख आर्थिक नीतियाँ, ब्रिटिश शासन के दौरान भूमि राजस्व प्रणाली, भारत में ब्रिटिश शाही नीति के आर्थिक प्रभाव, ब्रिटिश साम्राज्यवाद की प्रमुख आर्थिक आलोचना1757 से 1857 तक, भारत में ब्रिटिश आर्थिक नीतियों ने ब्रिटिश साम्राज्य के हितों की सेवा के लिये देश की अर्थव्यवस्था को काफी हद तक बदल दिया। यह अवधि 1757 में प्लासी का युद्ध के बाद ब्रिटिश नियंत्रण के साथ शुरू हुई और औपनिवेशिक शासन के खिलाफ 1857 के पहले बड़े भारतीय विद्रोह के साथ समाप्त हुई। इन वर्षों के दौरान ब्रिटिश नीतियों ने - [ऑटोनोमस वारफेयर](https://examcg.com/%e0%a4%91%e0%a4%9f%e0%a5%8b%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%ae%e0%a4%b8-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%ab%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0/): ऑटोनोमस वारफेयर संदर्भ ऑपरेशन सिंदूर भारत और पाकिस्तान के बीच प्रत्यक्ष सैन्य युद्ध में स्वायत्त हवाई प्रणालियों के प्रथम प्रमुख प्रयोग का प्रतीक था। ऑटोनोमस वारफेयर   (Autonomous Warfare) के बारे में परिभाषा: ऑटोनोमस वारफेयर  में मानवरहित प्रणालियों (ड्रोन, रोबोट, युद्ध सामग्री) का प्रयोग शामिल होता है, जो बिना किसी प्रत्यक्ष मानव नियंत्रण के संचालित हो सकते हैं। मुख्य घटक मानव रहित हवाई प्रणाली (Unmanned Aerial Systems-UAS): निगरानी, ​​हमला और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के लिए उपयोग किए जाने वाले ड्रोन। लोइटरिंग म्यूनिशन (Loitering Munitions): ड्रोन जो लक्ष्य मिलने तक हवा में विचरण करते रहते हैं और फिर हमला करते हैं। स्वार्म ड्रोन (Swarm Drones): दुश्मन की - [भारत-पराग्वे संबंध: सहयोग को बढ़ावा देने के लिए पैराग्वे के राष्ट्रपति की यात्रा](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%a7-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97/): भारत-पराग्वे संबंध: सहयोग को बढ़ावा देने के लिए पैराग्वे के राष्ट्रपति की यात्रा पैराग्वे के राष्ट्रपति भारत की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर हैं, जो भारत-लैटिन अमेरिका संबंधों को नया आयाम प्रदान करेंगे। वह समग्र सहयोग बढ़ाने के तरीकों का पता लगाने के लिए तीन दिवसीय भारत यात्रा पर हैं। यात्रा की मुख्य बातें आतंकवाद: पैराग्वे ने कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा करते हुए आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत का समर्थन किया । साझा चुनौतियाँ: दोनों देशों ने साइबर अपराध, संगठित अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी जैसी साझा चुनौतियों के खिलाफ लड़ाई में सहयोग की संभावना पर चर्चा की - [तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA)](https://examcg.com/%e0%a4%a4%e0%a5%87%e0%a4%9c%e0%a4%b8-%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%9f-%e0%a4%95%e0%a5%89%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ac%e0%a5%88%e0%a4%9f-%e0%a4%8f%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0/): तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (Hindustan Aeronautics Limited- HAL) ने हैदराबाद में स्वदेशी लड़ाकू विमान लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (Light Combat Aircraft- LCA) तेजस Mk1A की चौथी उत्पादन यूनिट स्थापित की है।  तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) के बारे में एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (Aeronautical Development Agency- ADA) एवं हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (Hindustan Aeronautics Limited- HAL) द्वारा विकसित।  भूमिका: सिंगल-इंजन, मल्टीरोल, लाइटवेट फाइटर जेट।  प्रकार: यह 4.5-पीढ़ी का लड़ाकू विमान है।  पहली उड़ान: वर्ष 2001 में।  परिचालन प्रेरण: वर्ष 2016 (IAF)।  वैरिएंट  तेजस Mk1: प्रारंभिक परिचालन संस्करण, भारतीय वायु सेना में शामिल किया गया। तेजस Mk1A: AESA रडार, बेहतर एवियोनिक्स एवं बेहतर रखरखाव के साथ अपग्रेड किया गया।  तेजस Mk2 - [अंतर-संसदीय संघ (Inter-Parliamentary Union)](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a4%a6%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%98-inter-parliamentary-union/): अंतर-संसदीय संघ (Inter-Parliamentary Union) विवरण आईपीयू राष्ट्रीय संसदों का वैश्विक संगठन है। 1889 में संसदीय कूटनीति और संवाद के माध्यम से शांति को बढ़ावा देने के लिए समर्पित सांसदों के एक छोटे समूह के रूप में शुरू हुआ यह संगठन अब 178 सदस्यों और 14 एसोसिएट सदस्यों के साथ एक वास्तविक वैश्विक संगठन बन चुका है। आईपीयू संसदीय कूटनीति को सुगम बनाता है तथा विश्व भर में शांति, लोकतंत्र और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए संसदों और सांसदों को सशक्त बनाता है। National Parliaments Nearly every country in the world has some form of parliament. Parliamentary systems fall into two - [राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार, 2025](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%ab%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%b8-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%9f%e0%a4%bf/): राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार, 2025 हाल ही में भारत के राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक समारोह में 15 प्रतिष्ठित नर्सिंग पेशेवरों को राष्ट्रीय फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार प्रदान किए गए। पुरस्कार के बारे में वर्ष 1973 में भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा स्थापित। उद्देश्य: सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं रोगी देखभाल में नर्सिंग पेशेवरों द्वारा प्रदान की गई सराहनीय सेवाओं को मान्यता देना। पात्र श्रेणियाँ पंजीकृत नर्स। दाई। सहायक नर्स दाइयाँ (Auxiliary Nurse Midwives- ANMs)। महिला स्वास्थ्य आगंतुक (Lady Health Visitors- LHVs)। पुरस्कार में शामिल हैं: योग्यता प्रमाण पत्र। ₹1,00,000 नकद पुरस्कार एवं पदक। 0 CommentsComments are closed - [BRICS संसदीय मंच](https://examcg.com/brics-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a4%a6%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%9a/): BRICS संसदीय मंच ब्रिक्स संसदीय सहयोग ब्रिक्स का एक महत्वपूर्ण तत्व है। पहला ब्रिक्स संसदीय मंच 8 जून 2015 को मास्को में रूस की अध्यक्षता के दौरान आयोजित किया गया था। भारत ने अक्टूबर 2016 में स्विट्जरलैंड के जिनेवा में अंतर-संसदीय संघ की 135वीं सभा के दौरान ब्रिक्स संसदीय मंच की मेजबानी की थी। भारत ने 2016 में अपनी अध्यक्षता के दौरान जयपुर में ब्रिक्स महिला सांसदों के पहले फोरम की मेज़बानी की थी, जिसके दौरान सांसदों ने ‘जयपुर घोषणापत्र’ को अपनाया था। घोषणापत्र में “सतत विकास, लैंगिक समानता और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के सभी तीन आयामों पर सहयोग को बढ़ाने - [गोवा ने पूर्ण कार्यात्मक साक्षरता हासिल की](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a3-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%95/): गोवा ने पूर्ण कार्यात्मक साक्षरता हासिल की 39वें राज्य दिवस पर, गोवा ‘उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ के तहत पूरी तरह से साक्षर हो गया। इससे गोवा भारत का दूसरा राज्य बन गया (मिजोरम के बाद), जिसने केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित 95% साक्षरता बेंचमार्क को पार कर लिया। आधिकारिक साक्षरता दर (PLFS 2023-24): 93.60%। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति (National Education Policy- NEP) 2020 एवं विकसित भारत पहल के तहत वर्ष 2030 तक 100% साक्षरता हासिल करने के भारत के दृष्टिकोण के अनुरूप है। उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के बारे में शुरू: वर्ष 2022; वर्ष 2027 तक चालू। प्रकार: केंद्र प्रायोजित योजना। लक्ष्य समूह: 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के वयस्क, जो औपचारिक स्कूली शिक्षा में शामिल - [ब्राजील में 11वाँ BRICS संसदीय मंच](https://examcg.com/%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-11%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%81-brics-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a4%a6%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%ae/): BRICS संसदीय मंच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला 3-5 जून, 2025 तक ब्रासीलिया,ब्राजील में 11वें BRICS संसदीय मंच में भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। BRICS संसदीय मंच के बारे में BRICS संसदीय मंच BRICS के सदस्य देशों के बीच विधायी सहयोग के लिए एक मंच है। इसका उद्देश्य संवाद को मजबूत करना, सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना एवं सदस्य देशों के बीच संसदीय कूटनीति को बढ़ाना है। BRICS संसदीय मंच की पहली औपचारिक बैठक वर्ष 2015 में रूस के मास्को में रूस की अध्यक्षता में आयोजित की गई थी। विषय: ‘एक अधिक समावेशी एवं सतत्, वैश्विक शासन के निर्माण में BRICS संसदों की भूमिका’। मंच - [सिटी गैस वितरण (CGD) परियोजना](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%97%e0%a5%88%e0%a4%b8-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%a3-cgd-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%be/): हाल ही में प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार में सिटी गैस वितरण परियोजना की आधारशिला रखी।  अलीपुरद्वार की सीमा भूटान से लगती है एवं यह असम से भी सीमा साझा करता है। यह जलपाईगुड़ी तथा कूचबिहार से घिरा हुआ है।  सिटी गैस वितरण (City Gas Distribution- CGD) परियोजना के बारे में कुल निवेश: ₹1,010 करोड़ से अधिक।  उद्देश्य: घरों, वाणिज्यिक इकाइयों, उद्योगों एवं वाहनों के लिए सिटी गैस वितरण बुनियादी ढाँचा विकसित करना।  प्राधिकरण: पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (Petroleum & Natural Gas Regulatory Board- PNGRB) PNGRB अधिनियम, 2006 के अनुसार भौगोलिक क्षेत्रों (GAs) में सिटी गैस वितरण (CGD) नेटवर्क के विकास के लिए संस्थाओं को - [प्राइमेट इन पेरिल रिपोर्ट: द वर्ल्ड्स 25 मोस्ट एन्डेंजर्ड प्राइमेट्स 2023-2025](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%9f-%e0%a4%87%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%b2-%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8d/): प्राइमेट इन पेरिल चर्चा में क्यों? प्राइमेट शोधकर्ताओं की एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने प्राइमेट्स इन पेरिल: द वर्ल्ड्स 25 मोस्ट एन्डेंजर्ड प्राइमेट्स 2023-2025 नामक एक नई रिपोर्ट जारी की है। जिसमें पूरे विश्व की 25 प्राइमेट प्रजातियों के समक्ष बढ़ते खतरों पर प्रकाश डाला गया है। इन 25 प्रजातियों में से 6 अफ्रीका से, 4 मेडागास्कर से, 9 एशिया से और 6 दक्षिण अमेरिका (नियोट्रॉपिक्स) से संबंधित हैं।  प्राइमेट क्या हैं? प्राइमेट स्तनधारियों का एक समूह है, जिसमें बंदर, वानर और मनुष्य शामिल हैं। वे दो मुख्य समूहों में विभाजित हैं: स्ट्रेप्सिरहिनेस  (Strepsirrhines) (वेट नोज्ड प्राइमेट): लीमर, लोरिस और गैलागोस (जिन्हें बुश बेबी भी कहा जाता है)। हैप्लोरहिनेस (Haplorhines) (ड्राई - [तपोवन से कुंजापुरी मंदिर तक रोपवे](https://examcg.com/%e0%a4%a4%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b0/): तपोवन से कुंजापुरी मंदिर तक रोपवे चर्चा में क्यों? उत्तराखंड सरकार ने तपोवन से कुंजापुरी देवी मंदिर तक रोपवे परियोजना के विकास के लिये एक स्विस रोपवे निर्माता के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किये हैं।  मुख्य बिंदु रोपवे परियोजना के बारे में: यह रोपवे ऋषिकेश के तपोवन को आध्यात्मिक स्थल नरेंद्रनगर के कुंजापुरी मंदिर से जोड़ेगा। इसका उद्देश्य यात्रा के समय को कम करना, आगंतुकों की सुरक्षा को बढ़ाना तथा वाहनों के कारण होने वाले पर्यावरणीय नुकसान को न्यूनतम करना है।  कुंजापुरी मंदिर यह उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल ज़िले में एक पहाड़ी पर समुद्र तल से 1,676 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है। यह मंदिर देवी दुर्गा को समर्पित है और शिवालिक पर्वतमाला में स्थित 13 - [कांडला बंदरगाह](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%b9/): कांडला बंदरगाह केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री ने कांडला बंदरगाह की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रमुख पहलों की घोषणा की। कांडला बंदरगाह के बारे में निर्माण: इसे 1950 के दशक में कराची बंदरगाह के प्रतिस्थापन के रूप में निर्मित किया गया था। ऐसा इस कारण, क्योंकि भारत के विभाजन के बाद कराची बंदरगाह पाकिस्तान का हिस्सा बन गया था।  आधिकारिक नाम: दीनदयाल बंदरगाह। भारतीय पत्तन अधिनियम, 1908 के तहत 2017 में इसका नाम बदल दिया गया था। स्थान: यह गुजरात के कच्छ जिले में स्थित है। महत्त्व: कार्गो की मात्रा के हिसाब से पारादीप बंदरगाह के बाद यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा बंदरगाह है। यह उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत के राज्यों के लिए - [भाषिणी परियोजना](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a4%bf%e0%a4%a3%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%be/): भाषिणी परियोजना केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री ने ई-श्रम पोर्टल पर बहुभाषी कार्यक्षमता का शुभारंभ किया है। भाषिणी परियोजना के माध्यम से ई-श्रम पोर्टल को उन्नत किया गया है। इससे अब यह पोर्टल संविधान में अनुसूचित सभी 22 भाषाओं में उपलब्ध होगा। पहले यह पोर्टल केवल अंग्रेजी, हिंदी, कन्नड़ और मराठी में था। भाषिणी परियोजना के बारे में इसे 2022 में शुरू किया गया था। मंत्रालय: इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY)। यह व्यापक राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन (NLTM) का हिस्सा है। यह एक ऐसा टूल है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से भारतीय भाषाओं का अनुवाद कर सकता है और कई भाषाओं में काम करने की सुविधा प्रदान - [ग्लोबल एनर्जी अलायंस फॉर पीपल एंड प्लैनेट (GEAPP)](https://examcg.com/elementor-13644-2/):  ग्लोबल एनर्जी अलायंस फॉर पीपल एंड प्लैनेट (GEAPP)  GEAPP और अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) ने उच्च प्रभाव वाली सौर ऊर्जा परियोजनाओं के समर्थन हेतु 100 मिलियन डॉलर का कोष स्थापित करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। घोषित की गई अन्य पहलें: डिजिटलाइजेशन ऑफ यूटिलिटीज फॉर एनर्जी ट्रांजीशन (DUET);  एनर्जी ट्रांजीशंस इनोवेशन चैलेंज (ENTICE 2.0) आदि।  ग्लोबल एनर्जी अलायंस फॉर पीपल एंड प्लैनेट (GEAPP) के बारे में GEAPP एक वैश्विक व सार्वजनिक-निजी भागीदारी वाली पहल है। इसका उद्देश्य विकासशील देशों में स्वच्छ ऊर्जा ट्रांजिशन को तीव्र करना है। इसके निम्नलिखित लक्ष्य हैं:  1 बिलियन लोगों को ऊर्जा उपलब्ध कराना,  150 मिलियन लोगों को हरित रोजगार उपलब्ध कराना,  4 बिलियन - [अंजी खड्ड पुल](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%96%e0%a4%a1%e0%a5%8d%e0%a4%a1-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b2/): अंजी खड्ड पुल भारतीय रेलवे ने भारत के पहले केबल-स्टेड रेल पुल अंजी खड्ड पुल के पूरा होने के साथ ही एक महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग उपलब्धि हासिल की है।अंजी खड्ड पुल: मुख्य विवरण स्थान: जम्मू और कश्मीर के रियासी जिले में स्थित उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) परियोजना का हिस्सा है। आयाम: लंबाई: 725.5 मीटर।  ऊंचाई: यह अंजी नदी (चेनाब की एक सहायक नदी) से 331 मीटर ऊपर है। महत्त्व: कटरा और कश्मीर घाटी के बीच कनेक्टिविटी को बढ़ाएगा। इससे जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को बढ़ावा मिलने और आर्थिक विकास को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।   0 CommentsComments are closed - [गरुड़ाक्षी (Garudakshi)](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a4%b0%e0%a5%81%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a5%80-garudakshi/): गरुड़ाक्षी (Garudakshi) कर्नाटक ने वन्यजीव अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए ‘गरुड़ाक्षी’ ऑनलाइन FIR प्रणाली शुरू की। गरुड़ाक्षी के बारे में पुलिस विभाग की FIR प्रणाली के समान ऑनलाइन FIR प्रणाली को सक्षम करने वाला सॉफ्टवेयर है। इससे आम जनता मोबाइल फोन या ईमेल के माध्यम से वन अपराधों की शिकायत दर्ज करा सकेगी। इसे भारतीय वन्यजीव ट्रस्ट के सहयोग से विकसित किया गया है।   0 CommentsComments are closed - [भारत की तटरेखा की पुनर्गणना](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a4%e0%a4%9f%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%96%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%97%e0%a4%a3/): भारत की तटरेखा की पुनर्गणना   भारत की तटरेखा की लंबाई 1970 में 7,516 किमी से बढ़ाकर 2023-24 में 11,098 किमी कर दी गई है। यह पिछले 53 वर्षों में 48% की वृद्धि को दर्शाता है। इस वृद्धि का कारण राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा समन्वयक द्वारा भारत के समुद्री क्षेत्र को मापने के लिए नई पद्धति का उपयोग किया जाना है। यह पद्धति जटिल तटीय संरचनाओं जैसे खाड़ी, ज्वारनदमुख और निवेशिकाओं को भी मापती है, जबकि पुराने तरीकों में लम्बाई को सीधी रेखा में मापा जाता था। मुख्य निष्कर्ष पश्चिम बंगाल में सर्वाधिक प्रतिशत वृद्धि (357%) दर्ज की गई, जबकि केरल में सबसे कम वृद्धि (5%) दर्ज की गई। पुडुचेरी की तटरेखा 4.9 - [भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) बल](https://examcg.com/elementor-13644/): भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) बल ITBP ने सुरक्षा और कार्रवाई संबंधी तत्परता बढ़ाने के लिए 33 सीमा चौकियों को भारत-चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा के करीब स्थानांतरित कर दिया है। ITBP के बारे में यह गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत एक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है। आदर्श वाक्य: शौर्य-दृढ़ता-कर्मनिष्ठा। उत्पत्ति: इसे 1962 में चीनी आक्रमण के बाद CRPF अधिनियम के तहत स्थापित किया गया था। हालांकि, 1992 में संसद ने ITBPF अधिनियम पारित किया था। इसके मुख्य कार्य: यह भारत-चीन सीमा की 3,488 किमी लंबी सीमा की सुरक्षा करता है। यह राष्ट्रीय महत्त्व की विभिन्न संस्थाओं को सुरक्षा प्रदान करता है, जिनमें राष्ट्रपति भवन भी शामिल है। यह हिमालयी क्षेत्र में प्राकृतिक विपदाओं से निपटने वाले प्रथम बल के रूप में कार्य करता - [पोलर वोर्टेक्स के कारण अमेरिका में बहुत अधिक ठंड पड़ने लगी है](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%b0-%e0%a4%b5%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%85%e0%a4%ae/): पोलर वोर्टेक्स के कारण अमेरिका में बहुत अधिक ठंड पड़ने लगी है पोलर वॉर्टेक्स के दक्षिण दिशा में प्रसार के कारण आर्कटिक ब्लास्ट (Arctic Blast) हुआ है। इसके कारण संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा में अत्यधिक ठंड पड़ रही है। पोलर वॉर्टेक्स या ध्रुवीय भंवर क्या है? परिभाषा: यह पृथ्वी के दोनों ध्रुवों के चारों ओर संचरण (वामावर्त/एंटीक्लॉक) करता निम्न दाब और ठंडी हवा का एक विशाल क्षेत्र होता है। इसके प्रकार: क्षोभमंडलीय ध्रुवीय भंवर: ये धरातल से 10-15 किमी की ऊंचाई पर वायुमंडल की सबसे निचली परत में निर्मित होते हैं। समतापमंडलीय ध्रुवीय भंवर: ये धरातल से लगभग 15 से 50 किमी की ऊंचाई पर निर्मित होते हैं। क्षोभमंडलीय ध्रुवीय - [विश्व के पहले क्रायो-बॉर्न बेबी प्रवाल (Corals) को सफलतापूर्वक ग्रेट बैरियर रीफ में शामिल किया गया](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a5%8b-%e0%a4%ac%e0%a5%89%e0%a4%b0%e0%a5%8d/): विश्व के पहले क्रायो-बॉर्न बेबी प्रवाल (Corals) को सफलतापूर्वक ग्रेट बैरियर रीफ में शामिल किया गया प्रवाल संरक्षण एवं पुनर्बहाली के संदर्भ में यह अभूतपूर्व उपलब्धि ऑस्ट्रेलियाई शोधकर्ताओं के नेतृत्व में किया गया एक सहयोगात्मक प्रयास है। क्रायो-बॉर्न कोरल के बारे में क्रायो-बॉर्न कोरल: इन्हें क्रायोप्रिजर्वेशन तकनीक का उपयोग करके विकसित किया जाता है। इसमें प्रवाल कोशिकाओं और ऊतकों को बहुत कम तापमान पर फ्रीज किया जाता है।  क्रायोप्रिजर्वेशन प्रोसेस प्रवाल कोशिकाओं और ऊतकों में पानी भरा होता है, जो फ्रीजिंग पर हानिकारक बर्फ के क्रिस्टल बनाता है। क्रायोप्रिजर्वेशन तकनीक में फ्रीजिंग के दौरान कोशिकाओं से पानी निकालने और बर्फ के पिघलने पर प्रवाल की कोशिका संरचनाओं - [घाना (राजधानी: अकरा)](https://examcg.com/%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%85%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%be/): सुर्ख़ियों में रहे स्थान घाना (राजधानी: अकरा) जॉन महामा ने तीसरे कार्यकाल के लिए घाना के राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली। घाना के बारे में  भौगोलिक अवस्थिति:  घाना पश्चिमी अफ्रीका का देश है। यह गिनी की खाड़ी के तट पर अवस्थित है। 1957 में स्वतंत्रता से पहले इसे ‘गोल्ड कोस्ट’ के नाम से जाना जाता था। स्थलीय सीमा: इसके उत्तर में बुर्किना फासो, पूर्व में टोगो और पश्चिम में कोटे डी आइवर स्थित है। समुद्री सीमा: इसकी समुद्री सीमा दक्षिण में अटलांटिक महासागर से लगती है। इसके दक्षिण में गिनी की खाड़ी स्थित है। भौगोलिक विशेषताएं: जलवायु: यहां उष्णकटिबंधीय प्रकार की जलवायु पाई जाती है। घाना में आर्द्र और शुष्क दो प्रकार का मौसम पाया जाता है। सबसे ऊंची चोटी: माउंट अफादजा (अक्वापिम-टोगो पर्वतमाला का हिस्सा)। प्रमुख नदियां: वोल्टा, - [भारतपोल पोर्टल का शुभारंभ](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b2-%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%82/): संदर्भ: हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ‘भारतपोल’ पोर्टल का शुभारंभ किया, जिसे कानून प्रवर्तन एजेंसियों के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने के लिए विकसित किया गया है। भारत के केंद्रीय गृह मंत्री ने भगोड़ों का पता लगाने तथा तेजी से अंतर्राष्ट्रीय सहायता उपलब्ध कराने में भारतीय अन्वेषण एजेंसियों की दक्षता बढ़ाने हेतु ‘भारतपोल’ (BHARATPOL) पोर्टल लॉन्च किया है। भारतपोल (BHARATPOL) पोर्टल: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा विकसित यह पोर्टल केंद्रीय और राज्य एजेंसियों को रियल टाइम जानकारी साझा करने के लिये अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक पुलिस संगठन (इंटरपोल) से जुड़ने की सुविधा प्रदान करता है तथा यह पिछली प्रणाली को प्रतिस्थापित करता है, जिसमें केवल CBI को यह पहुँच प्राप्त थी। - [पीएसएलवी-सी61/ईओएस-09 मिशन](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%b8%e0%a4%8f%e0%a4%b2%e0%a4%b5%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%8061-%e0%a4%88%e0%a4%93%e0%a4%8f%e0%a4%b8-09-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a4%a8/): पीएसएलवी-सी61/ईओएस-09 मिशन      इसरो का ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी-सी61) मिशन, रॉकेट के तीसरे चरण में गड़बड़ी के कारण पृथ्वी अवलोकन उपग्रह -09 (ईओएस-09) को  उसकी इच्छित सूर्य-तुल्यकालिक ध्रुवीय कक्षा में स्थापित करने में विफल रहा ।   यह इसरो का 101 वां मिशन था और पीएसएलवी का इस्तेमाल करने वाला 63 वां मिशन था। ईओएस-09 उपग्रह में सिंथेटिक अपर्चर रडार (एसएआर) पेलोड था जिसे सभी मौसम में पृथ्वी की तस्वीरें लेने के लिए डिज़ाइन किया गया था ।  टिप्पणी  सूर्य -समकालिक ध्रुवीय कक्षा (एसएसओ) एक ध्रुवीय कक्षा है, जहां एक उपग्रह प्रत्येक दिन एक ही स्थानीय सौर समय पर पृथ्वी के एक ही स्थान से गुजरता है , तथा सूर्य के सापेक्ष एक समान स्थिति बनाए रखता है।  पीएसएलवी क्या है?  ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (पीएसएलवी) के बारे - [डिजिटल सत्यापन संस्कृति की नैतिक जटिलताएँ](https://examcg.com/%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%9f%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a4%bf/): डिजिटल सत्यापन संस्कृति की नैतिक जटिलताएँ “साइबरस्पेस एक सहमतिपूर्ण मतिभ्रम है जिसे हर देश में अरबों वैध ऑपरेटरों द्वारा दैनिक अनुभव किया जाता है” – विलियम गिब्सन का यह उद्धरण डिजिटल क्षेत्र के भयावह आकर्षण को दर्शाता है। आज की हाइपर-नेटवर्क वाली दुनिया में, सोशल मीडिया ने प्रामाणिकता और भ्रम के बीच की सीमाओं को धुंधला कर दिया है । जो कनेक्शन के लिए एक उपकरण के रूप में शुरू हुआ था, वह अब मनोवैज्ञानिक कमजोरियों का फायदा उठाता है, सार्वजनिक मान्यता के माध्यम से आत्म-मूल्य को आकार देता है । पॉलिश की गई सेल्फी और वायरल पोस्ट के पीछे अक्सर खामोश लड़ाइयाँ छिपी होती हैं, जहाँ क्यूरेटेड ज़िंदगियाँ भावनात्मक उथल-पुथल को - [भारत में बायोई3 नीति और जैव प्रौद्योगिकी](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%883-%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%9c%e0%a5%88%e0%a4%b5/): भारत में बायोई3 नीति और जैव प्रौद्योगिकी     टैग: जीएस पेपर – 2 सरकारी नीतियाँ और हस्तक्षेप जीएस पेपर – 3 जैव प्रौद्योगिकी प्रारंभिक परीक्षा के लिए: बायोई3 नीति, विज्ञान धारा , नेट जीरो कार्बन अर्थव्यवस्था , सर्कुलर बायोइकोनॉमी , पर्यावरण के लिए जीवनशैली , जीन थेरेपी , स्टेम सेल , गोल्डन राइस , बायोरेमेडिएशन , कार्बन फुटप्रिंट , राष्ट्रीय बायोफार्मा मिशन , बायोटेक-किसान योजना , अटल जय अनुसंधान बायोटेक मिशन , वन हेल्थ कंसोर्टियम मुख्य परीक्षा के लिए: भारत का जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र, भारत के लिए जैव प्रौद्योगिकी का महत्व, भारत में जैव प्रौद्योगिकी के विकास में बाधा डालने वाली प्रमुख चुनौतियाँ। चर्चा में क्यों? हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जैव प्रौद्योगिकी विभाग के ‘उच्च प्रदर्शन जैव विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए बायोई3 (अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और - [स्वतंत्रता संग्राम के लिए भारत में क्रांतिकारी आंदोलन](https://examcg.com/elementor-13564/): यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण विषयों पर एनसीईआरटी नोट्स। ये नोट्स बैंकिंग पीओ, एसएससी, राज्य सिविल सेवा परीक्षा आदि जैसी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी उपयोगी होंगे। हालांकि 1857 के बाद भारतीय स्वतंत्रता संग्राम काफी हद तक हिंसा से मुक्त था, लेकिन भारत की स्वतंत्रता के लिए एक क्रांतिकारी आंदोलन भी चलाया गया जिसमें बहुत से युवा भारतीय पुरुष और महिलाएं शामिल थे। उनका मानना था कि सरकार के खिलाफ़ सिर्फ़ सशस्त्र संघर्ष से ही भारत को ब्रिटिश शासन से मुक्ति मिल सकती है। उन्होंने हिंसक तरीकों का इस्तेमाल किया। उन्हें मुख्य रूप से ब्रिटिश अधिकारियों द्वारा कुचल - [उदारवादी और उग्रवादी के बीच अंतर](https://examcg.com/%e0%a4%89%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%89%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac/): भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के 1907 के अधिवेशन में पार्टी दो अलग-अलग गुटों में विभाजित हो गयी। यद्यपि उनका लक्ष्य एक समान था – स्वतंत्र भारत का विचार, लेकिन इस मामले पर उनका दृष्टिकोण पूरी तरह से अलग था। यह लेख भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उदारवादियों और चरमपंथियों के बीच अंतर की उचित समझ प्रदान करेगा, जो सिविल सेवा उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षाओं में इस विषय पर बार-बार प्रश्न पूछे जाते हैं।  उदारवादी और उग्रवादी के बीच अंतर नीचे दी गई तालिका में दिया गया है: उदारवादी और उग्रवादी में अंतर नरमपंथी चरमपंथियों उदारवादी उदारवाद और उदारवादी राजनीति में विश्वास करते - [भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उदारवादी और उग्रवादियों के बीच अंतर](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0-2/): भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उदारवादी और उग्रवादियों के बीच अंतर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उदारवादी और उग्रवादियों के बीच अंतर को समझना सिविल सेवा उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यूपीएससी प्रारंभिक और मुख्य परीक्षाओं में इस विषय पर बार-बार प्रश्न पूछे जाते हैं। यूपीएससी पाठ्यक्रम के बारे में विस्तार से जानने के लिए लिंक किए गए लेख पर जाएँ। उदारवादी, उग्रवादी, निष्क्रिय और सक्रिय प्रतिरोध – यूपीएससी नोट्स:- पीडीएफ यहां से डाउनलोड करें अभ्यर्थी अब अपनी यूपीएससी 2023 की  तैयारी शुरू कर सकते हैं!! आगामी परीक्षा की तैयारी के लिए निम्नलिखित लिंक देखें: यूपीएससी पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र सामयिकी यूपीएससी नोट्स पीडीएफ आईएएस मॉक - [भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन का उदारवादी चरण](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%86%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%a8-2/): यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए महत्वपूर्ण विषयों पर एनसीईआरटी नोट्स । ये नोट्स बैंक पीओ, एसएससी, राज्य सिविल सेवा परीक्षा आदि जैसी अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए भी उपयोगी होंगे। इस लेख में, आप भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उदारवादी चरण के बारे में पढ़ सकते हैं। 19वीं सदी के उत्तरार्ध में पश्चिमी शिक्षा, सामाजिक-धार्मिक सुधार, ब्रिटिश नीतियों आदि जैसे विभिन्न कारकों के परिणामस्वरूप भारतीय राष्ट्रवाद का उदय हुआ। 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का गठन हुआ जिसने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 1885 से 1905 तक के समय को ‘उदारवादी चरण’ कहा जा सकता है। इस चरण - [राष्ट्रपति ने 6 कीर्ति चक्र और 33 शौर्य चक्र वीरता पुरस्कार प्रदान किए](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%a8%e0%a5%87-6-%e0%a4%95%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%9a%e0%a4%95%e0%a5%8d/): राष्ट्रपति ने 6 कीर्ति चक्र और 33 शौर्य चक्र वीरता पुरस्कार प्रदान किए   22 मई, 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित समारोह में सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, राज्य व केंद्र शासित प्रदेश पुलिस के कर्मियों को 6 कीर्ति चक्र और 33 शौर्य चक्र प्रदान किए। मुख्य तथ्य: कुल पुरस्कार: 6 कीर्ति चक्र (4 मरणोपरांत), 33 शौर्य चक्र (7 मरणोपरांत) प्रदान किए गए; कीर्ति चक्र भारत का दूसरा सबसे बड़ा शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है। मरणोपरांत सम्मान: सिख लाइट इन्फैंट्री के कर्नल मनप्रीत सिंह, राष्ट्रीय राइफल्स के दो अन्य सैन्यकर्मी, जम्मू-कश्मीर पुलिस के - [पद्म पुरस्कार 2025](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%ae-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-2025/): पद्म पुरस्कार 2025 71 प्रमुख हस्तियों को मिला पद्म पुरस्कार 28 अप्रैल, 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में आयोजित सिविल इन्वेस्टिटचर सेरेमनी-I में 71 विशिष्ट व्यक्तियों को पद्म पुरस्कार (पद्म विभूषण, पद्म भूषण, पद्म श्री) प्रदान किए। मुख्य तथ्य: पद्म विभूषण: दिवंगत ओसामु सुजुकी (पूर्व सीईओ, सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन), दिवंगत एम.टी. वासुदेवन नायर (मलयालम लेखक-निर्देशक), डॉ. डी. नागेश्वर रेड्डी (चिकित्सा), वायलिन वादक डॉ. लक्ष्मीनारायण सुब्रमण्यम (कला) को सम्मानित किया गया। पद्म भूषण: इनमें फिल्म निर्देशक शेखर कपूर, अभिनेता नंदमुरी बालकृष्ण, दिवंगत ग़ज़ल गायक पंकज उधास, दिवंगत सुशील कुमार मोदी (पूर्व उपमुख्यमंत्री, बिहार), हॉकी खिलाड़ी पी.आर. श्रीजेश, तमिल - [भारत में डुगोंग संरक्षण](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a1%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%a3/): भारत में डुगोंग संरक्षण 28 मई, 2025 को विश्व डुगोंग दिवस के अवसर पर भारत में डुगोंग (Dugong dugon) संरक्षण की स्थिति, चुनौतियों और प्रयासों पर विशेष ध्यान दिया जा रह है। मुख्य तथ्य: जैविक स्थिति: डुगोंग भारत के समुद्री पारिस्थितिक तंत्र में पाए जाने वाले एकमात्र शाकाहारी स्तनधारी हैं; यह मुख्य रूप से अंडमान-निकोबार द्वीप, मन्नार की खाड़ी, पाल्क बे और कच्छ की खाड़ी में पाए जाते हैं; भारत में इनकी संख्या मात्र 200 के आसपास रह गई है। संकट की स्थिति: IUCN रेड लिस्ट में डुगोंग को ‘वुल्नरेबल’ और भारत में ‘रीजनली एंडेंजर्ड’ घोषित किया गया है; इनकी जनसंख्या और भौगोलिक - [इलेक्ट्रिक हंसा (E-Hansa): भारत का स्वदेशी इलेक्ट्रिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट](https://examcg.com/%e0%a4%87%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a4%be-e-hansa-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%be/): इलेक्ट्रिक हंसा (E-Hansa): भारत का स्वदेशी इलेक्ट्रिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट 27 मई, 2025 को केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ने घोषणा की कि भारत ने अगली पीढ़ी के दो-सीटर इलेक्ट्रिक ट्रेनर एयरक्राफ्ट ‘इलेक्ट्रिक हंसा (E-Hansa)’ के विकास की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्य तथ्य: स्वदेशी विकास: इलेक्ट्रिक हंसा का विकास बेंगलुरु स्थित CSIR-नेशनल एयरोस्पेस लेबोरेटरीज़ (NAL) द्वारा किया जा रहा है; यह HANSA-3 (NG) ट्रेनर एयरक्राफ्ट कार्यक्रम का हिस्सा है। लागत लाभ: E-Hansa की अनुमानित लागत लगभग ₹2 करोड़ है, जो आयातित ट्रेनर एयरक्राफ्ट की तुलना में लगभग आधी है; इससे पायलट प्रशिक्षण के लिए किफायती स्वदेशी विकल्प उपलब्ध होगा। हरित उड्डयन: यह परियोजना - [MSME विकास के उत्प्रेरक के रूप में मध्यम उद्यमों का सुदृढ़ीकरण](https://examcg.com/msme-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%aa/): MSME विकास के उत्प्रेरक के रूप में मध्यम उद्यमों का सुदृढ़ीकरण      टैग्स:  सामान्य अध्ययन-II सामान्य अध्ययन-III संसाधनों का संग्रहण सरकारी नीतियाँ और हस्तक्षेप   प्रिलिम्स के लिये: सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय, विनिर्माण क्षेत्र, मुद्रा योजना विस्तार, उद्यम पोर्टल, गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस, उत्पादन-संबद्ध प्रोत्साहन, आर्थिक समीक्षा 2024-25, डिजिटल MSME 2.0  मेन्स के लिये: भारत की आर्थिक संवृद्धि में MSME की भूमिका, MSME क्षेत्र के विकास में बाधा उत्पन्न करने वाले प्रमुख मुद्दे चर्चा में क्यों? NITI आयोग ने ‘मध्यम उद्यमों के लिये नीति की रूपरेखा तैयार करने’ (डिज़ाइनिंग अ पॉलिसी फॉर मीडियम इंटरप्राइजेज़) पर एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें भारत के मध्यम आकार के उद्यमों (जिसमें ₹125 करोड़ तक के संयंत्र - [OPEC+ उत्पादन रणनीति में बदलाव](https://examcg.com/opec-%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%a8-%e0%a4%b0%e0%a4%a3%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%a6%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b5/): OPEC+ उत्पादन रणनीति में बदलाव      टैग्स:  सामान्य अध्ययन-II महत्त्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान सरकारी नीतियाँ और हस्तक्षेप सामान्य अध्ययन-III वृद्धि एवं विकास   प्रिलिम्स के लिये: पेट्रोलियम निर्यातक देशों का संगठन, K-शेप्ड रिकवरी, अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA), विश्व व्यापार संगठन (WTO) मेन्स के लिये: वैश्विक तेल आपूर्ति गतिशीलता और OPEC+, भारत की ऊर्जा सुरक्षा और तेल आयात पर निर्भरता स्रोत: द हिंदू चर्चा में क्यों? सऊदी अरब के नेतृत्व वाले पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (OPEC)+ समूह ने तेल उत्पादन में 411,000 बैरल प्रतिदिन (BPD) की वृद्धि करने का निर्णय लिया है। यह उत्पादन वृद्धि का लगातार तीसरा महीना है, जो वर्ष 2023 में शुरू की गई - [WHO द्वारा वैश्विक महामारी संधि का समर्थन](https://examcg.com/who-%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b8/): WHO द्वारा वैश्विक महामारी संधि का समर्थन      टैग्स:  सामान्य अध्ययन-II स्वास्थ्य महत्त्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्थान सामान्य अध्ययन-III सरकारी नीतियाँ और हस्तक्षेप   प्रिलिम्स के लिये: WHO महामारी संधि, गैर-संचारी रोग, रोगाणुरोधी प्रतिरोध, जलवायु परिवर्तन, हृदय रोग, मलेरिया। मेन्स के लिये: वर्तमान में विश्व को प्रभावित करने वाली प्रमुख स्वास्थ्य चुनौतियाँ, वैश्विक स्वास्थ्य देखभाल प्रयासों में भारत की अग्रणी भूमिका, वैश्विक स्वास्थ्य प्रबंधन को नियंत्रित करने वाला वर्तमान संस्थागत कार्य ढाँचा। चर्चा में क्यों? विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अपनी 78वीं वर्ल्ड हेल्थ असेंबली में WHO संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत विश्व की पहली वैश्विक महामारी संधि को अंगीकृत किया है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सुरक्षा को उन्नत बनाने के साथ महामारी से - [भारतीय प्रेस परिषद](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b8-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%b7%e0%a4%a6/): भारतीय प्रेस परिषद टैग्स:  प्रारंभिक परीक्षा सामान्य अध्ययन-II मौलिक अधिकार अर्ध-न्यायिक निकाय चर्चा में क्यों? लोकसभा अध्यक्ष ने भारतीय प्रेस परिषद (PCI) के लिये 3 सांसदों को नामित किया है। भारतीय प्रेस परिषद (PCI) से संबंधित मुख्य बिंदु क्या हैं? प्रेस परिषद: प्रेस परिषद एक वैधानिक, अर्द्ध-न्यायिक स्वायत्त निकाय है, जिसकी स्थापना प्रथम प्रेस आयोग की सिफारिशों के आधार पर संसद द्वारा भारतीय प्रेस परिषद अधिनियम, 1965 के तहत 16 नवंबर, 1966 को की गई थी। इसकी औपचारिक स्थापना वर्ष 1966 में हुई थी, जिसके तत्कालीन सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति जे.आर. मुधोलकर इसके अध्यक्ष थे। इसे आपातकाल (वर्ष 1975 में) के दौरान समाप्त कर दिया गया था, जिसे बाद में वर्ष 1979 में प्रेस परिषद अधिनियम, 1978 के तहत पुनर्गठित किया गया था। उद्देश्य: भारत - [करेंट अफेयर्स क्विज़ - मई 2025](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%9f-%e0%a4%85%e0%a4%ab%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bc-%e0%a4%ae%e0%a4%88-2025/): करेंट अफेयर्स क्विज़ – मई 2024 | UPSC/PSC 📚 करेंट अफेयर्स क्विज़ मई 2024 | UPSC / PSC परीक्षा स्तर 100 प्रश्न • विस्तृत व्याख्या सहित कुल: 100 उत्तरित: 0 सही: 0 गलत: 0 शेष: 100 © 2024 करेंट अफेयर्स क्विज़ | मई 2024 | UPSC/PSC तैयारी हेतु हरे रंग से सही उत्तर और लाल रंग से गलत उत्तर दर्शाया जाता है। 0 CommentsComments are closed - [डोंगरिया कोंध जनजाति](https://examcg.com/%e0%a4%a1%e0%a5%8b%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%82%e0%a4%a7-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%bf-2/): डोंगरिया कोंध जनजाति संदर्भ: ओडिशा के रायगढ़ जिले के डोंगरिया कोंध आदिवासियों की पीढ़ियां जंगल में पहाड़ी क्षेत्र में रहने की चुनौतियों के कारण स्कूल नहीं जा सकी हैं। कोंध जनजाति के बारे में जबकि कई खोंड ने चावल की खेती शुरू कर दी है, कुछ समूह, जैसे कुट्टिया खोंड, कटाई-और-जलाओ कृषि में लगे हुए हैं (कोंध इसे डोंगर चास या पोडु चास कहते हैं) यह ओडिशा राज्य का सबसे बड़ा जनजातीय समूह है । वे आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड और पश्चिम बंगाल राज्यों में अनुसूचित जनजाति के रूप में भी नामित हैं। वे कुई और कुवी को अपनी मूल - [प्रोजेक्ट साथी](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a5%e0%a5%80/): प्रोजेक्ट साथी चर्चा में क्यों? धनबाद ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) ने प्रोजेक्ट साथी के अंतर्गत झारखंड के नक्सल प्रभावित क्षेत्र से 10 अनाथ बच्चों को बचाया। मुख्य बिंदु बचाव अभियान के बारे में: स्थान: बच्चों को धनबाद ज़िले के पूर्वी टुंडी प्रखंड से बचाया गया, जो नक्सल उग्रवाद के लिये जाना जाता है। संचालक प्राधिकरण: यह अभियान धनबाद ज़िला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA) के नेतृत्व में चलाया गया। यह पहल राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) द्वारा शुरू किये गए प्रोजेक्ट साथी का हिस्सा है। पुनर्वास एवं कल्याण उपाय: छात्रवृत्ति सहायता: प्रत्येक बचाए गए बच्चे को प्रत्येक माह 4,000 रुपए की सरकारी छात्रवृत्ति प्राप्त होगी, जब तक वे वयस्क नहीं हो जाते। यह वित्तीय सहायता, बच्चों की शिक्षा की निरंतरता और मूलभूत जीवन आवश्यकताओं की पूर्ति - [तीसरे बच्चे के लिये मातृत्व लाभ](https://examcg.com/%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%9a%e0%a5%8d%e0%a4%9a%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%83%e0%a4%a4/): तीसरे बच्चे के लिये मातृत्व लाभ टैग्स:  रैपिड फायर करेंट अफेयर्स प्रारंभिक परीक्षा सामान्य अध्ययन-II सरकारी नीतियाँ और हस्तक्षेप कल्याण योजनाएँ महिलाओं से संबंधित मुद्दे न्यायतंत्र के. उमादेवी बनाम तमिलनाडु सरकार केस, 2022 में, सर्वोच्च न्यायालय ने मातृत्व लाभ (संशोधन) अधिनियम, 2017 के तहत एक महिला को उसके तीसरे बच्चे के लिये मातृत्व लाभ प्रदान किया और इसे एक संवैधानिक अधिकार कहा। सर्वोच्च न्यायालय ने पुष्टि की कि स्वास्थ्य, सम्मान, गोपनीयता और गैर-भेदभाव का अधिकार संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार का अभिन्न अंग हैं। इसमें इस तर्क पर ज़ोर दिया गया कि प्रजनन अधिकार, अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का हिस्सा हैं, जिनमें स्वास्थ्य, समानता और सम्मान के अधिकार भी शामिल हैं। प्रजनन संबंधी - [उदंती-सीतानदी टाइगर रिज़र्व](https://examcg.com/%e0%a4%89%e0%a4%a6%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%9f%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%97%e0%a4%b0-%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bc/): उदंती-सीतानदी टाइगर रिज़र्व चर्चा में क्यों? छत्तीसगढ़ के उदंती सीतानदी टाइगर रिज़र्व (USTR) में वन्यजीव गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो इस रिज़र्व के समृद्ध पारिस्थितिक आश्रयस्थल में परिवर्तन को दर्शाती है। मुख्य बिंदु USTR के बारे में: यह छत्तीसगढ़ के गरियाबंद और धमतरी ज़िलों में स्थित है। इसका गठन उदंती और सीतानदी वन्यजीव अभयारण्यों को मिलाकर किया गया था। यह तीन प्रमुख नदियों– महानदी, सीतानदी और उदंती का स्रोत है, जो छत्तीसगढ़ और ओडिशा दोनों को जीवंत रखती हैं। रिज़र्व के घने जंगल प्राकृतिक स्पंज की तरह काम करते हैं, वर्षा जल का भंडारण करते हैं और जैवविविधता के साथ-साथ कृषि को भी बढ़ावा देते हैं। पारिस्थितिक विविधता: इसमें साल वृक्षों सहित विभिन्न प्रकार के वन शामिल हैं। - [भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का विकास](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%ae-%e0%a4%ac%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%ae/): भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता का विकास टैग्स:  विज्ञान और प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियाँ सामान्य अध्ययन-III सामान्य अध्ययन-II रोबोटिक्स वैज्ञानिक नवाचार और खोज सूचना प्रौद्योगिकी और कंप्यूटर सरकारी नीतियाँ और हस्तक्षेप लेख में यह प्रकाश डाला गया है कि तकनीक के साथ विकसित होता कॉपीराइट कानून अब जनरेटिव एआई द्वारा कॉपीराइट से संरक्षित कृतियों के उपयोग को विनियमित करने की चुनौती का सामना कर रहा है, जबकि सृजनकर्त्ताओं के अधिकारों और नवाचार के बीच संतुलन बनाए रखना भी आवश्यक है। प्रिलिम्स के लिये: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), इंडियाAI मिशन, AI पर राष्ट्रीय रणनीति, सभी के लिये उत्तरदायी कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम 2023, कौशल - [दिरांग में उत्तर-पूर्व भारत का पहला भू-तापीय कुआँ](https://examcg.com/%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%ad%e0%a4%be/): दिरांग में उत्तर-पूर्व भारत का पहला भू-तापीय कुआँ अरुणाचल प्रदेश के पश्चिम कामेंग ज़िले के दीरांग में क्षेत्र में पूर्वोत्तर भारत का पहला भू-तापीय उत्पादन कुआँ (Geothermal Production Well) सफलतापूर्वक ड्रिल किया गया है, जो हिमालयी क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा के दोहन में एक महत्वपूर्ण प्रगति का प्रतीक है। दिरांग भू-तापीय परियोजना: यह पूर्वोत्तर भारत की पहली भू-तापीय ऊर्जा परियोजना है, जिसका लक्ष्य दिरांग को पहला पूर्ण भू-तापीय ऊर्जा संचालित शहर बनाना है। यह स्थल, हिमालय जैसे प्रमुख भ्रंश क्षेत्र के निकट क्वार्टजाइट और शिस्ट चट्टानों के बीच स्थित है जिसके जलाशय तापमान लगभग 115°C है, जो इसे प्रत्यक्ष-उपयोग वाली भू-तापीय प्रौद्योगिकियों के लिये उपयुक्त बनाता है। इसका उद्देश्य डीजल और जलाऊ लकड़ी पर निर्भरता कम करना, ऊँचाई वाले क्षेत्रों में  कृषि उत्पादकता - [मध्य प्रदेश में हरित शहरों का विकास](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%b6%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a5%8b/): मध्य प्रदेश में हरित शहरों का विकास चर्चा में क्यों? मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के प्रमुख ऐतिहासिक, धार्मिक और पर्यटन शहरों को “ग्रीन सिटी” के रूप में विकसित करने हेतु योजना शुरू की है।  मुख्य बिंदु योजना के बारे मे: यह योजना नवीकरणीय ऊर्जा नीति 2025 के दिशा-निर्देशों के अंतर्गत लाई गई है। नवीकरणीय ऊर्जा विभाग, राज्य शासन और संबंधित नगर निकाय इसके क्रियान्वयन के लिये ज़िम्मेदार होंगे। योजना का उद्देश्य अगले दो वर्षों में मध्य प्रदेश के 10 प्रमुख शहरों को पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छ ऊर्जा के लिये मॉडल ग्रीन सिटी के रूप में विकसित करना है। महेश्वर, चंदेरी, मांडू, ओरछा, अमरकंटक, भीमबेटका, ओंकारेश्वर और चित्रकूट जैसे ऐतिहासिक व धार्मिक शहर - [बिहार में खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 का समापन](https://examcg.com/%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%96%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a5%8b-%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%a5/): बिहार में खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 का समापन चर्चा में क्यों? 4 से 15 मई 2025 तक सरकार की खेलो इंडिया पहल के तहत, खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 का 7वाँ संस्करण बिहार में आयोजित किया गया। मुख्य बिंदु खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 के बारे में: खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 का आयोजन बिहार के पाँच ज़िलों ( पटना, राजगीर, बेगूसराय, गया और भागलपुर) में किया गया। जबकि तीन प्रमुख स्पर्द्धाएँ- जिमनास्टिक, शूटिंग और साइकिलिंग, नई दिल्ली में आयोजित की गईं थी। गजसिम्हा इस बार के खेलों का शुभंकर था। 12 दिवसीय यह आयोजन 27 खेलों में संपन्न हुआ, जिसमें कुल 285 स्वर्ण पदक प्रदान किये गये। शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्य: महाराष्ट्र ने कुल 158 पदक (58 - [दादाभाई नौरोजी, जीवनी, ड्रेन थ्योरी, सामाजिक सुधार, विरासत](https://examcg.com/%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%a8%e0%a5%8c%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%a1%e0%a5%8d%e0%a4%b0/): दादाभाई नौरोजी, जीवनी, ड्रेन थ्योरी, सामाजिक सुधार, विरासत दादाभाई नौरोजी एक भारतीय राजनीतिक नेता, समाज सुधारक और विद्वान थे, जो ड्रेन सिद्धांत की वकालत करने और ब्रिटिश उपनिवेशवाद की आलोचना करने के लिए जाने जाते थे। दादाभाई नौरोजी, ” भारत के ग्रैंड ओल्ड मैन “, भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी नेता थे। वे एक विद्वान, समाज सुधारक और 1892 में ब्रिटिश संसद के लिए चुने गए पहले भारतीय थे। नौरोजी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और तीन बार इसके अध्यक्ष के रूप में कार्य किया, भारत के लिए संवैधानिक सुधारों और स्वशासन के लिए जोर दिया। - [दादाभाई नौरोजी की 199वीं जयंती](https://examcg.com/%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%a8%e0%a5%8c%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80-199%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%9c%e0%a4%af%e0%a4%82/): दादाभाई नौरोजी की 199वीं जयंती 4 सितंबर, 2024 को दादाभाई नौरोजी की 199वीं जयंती मनाई गई। उन्हें “ग्रैंड ओल्ड मैन ऑफ इंडिया” के रूप में भी जाना जाता है।  दादाभाई नौरोजी का योगदान: ब्रिटिश सांसद: वह ब्रिटिश संसद के पहले भारतीय सदस्य थे। वर्ष 1892 में उन्होंने लिबरल पार्टी के उम्मीदवार के रूप में सेंट्रल फिन्सबरी सीट से जीत हासिल की। इंग्लैंड में संगठनों की स्थापना: वर्ष 1865 में उन्होंने लंदन इंडियन सोसाइटी की सह-स्थापना की और वर्ष 1866 में उन्होंने ईस्ट इंडिया एसोसिएशन की स्थापना की। कॉन्ग्रेस अध्यक्ष: वह तीन बार वर्ष 1886 (कलकत्ता), 1893 (लाहौर) और 1906 (कलकत्ता) में कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला। साहित्य: नौरोजी “ड्रेन थ्योरी (1867)” के प्रमुख समर्थकों में से एक थे, जिसने ब्रिटेन द्वारा भारत के आर्थिक शोषण - [फिरोजशाह मेहता – उदारवादी चरण के महत्वपूर्ण नेता – आधुनिक भारत इतिहास नोट्स ](https://examcg.com/%e0%a4%ab%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%9c%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%b9-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b9%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%89%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6/): फिरोजशाह मेहता – उदारवादी चरण के महत्वपूर्ण नेता – आधुनिक भारत इतिहास नोट्स   फिरोजशाह मेहता को “बॉम्बे का शेर” कहा जाता था । उन्हें 1890 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का अध्यक्ष चुना गया था । उन्होंने 1910 में एक अंग्रेजी साप्ताहिक समाचार पत्र बॉम्बे क्रॉनिकल की स्थापना की । उनकी कानूनी सेवाओं के लिए, उन्हें अंग्रेजों द्वारा नाइट की उपाधि दी गई थी। इस लेख में हम फिरोजशाह मेहता के बारे में जानेंगे जो यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए मददगार होगा। विषयसूची फ़िरोज़शाह मेहता – पृष्ठभूमि योगदान और उपलब्धियां निष्कर्ष पूछे जाने वाले प्रश्न एमसीक्यू सर फ़िरोज़शाह मेहता: अवलोकन फिरोजशाह मेहता, जिन्हें फिरोज शाह मेहता या सर फिरोजशाह मेहता के नाम से भी जाना - [डोंगरिया कोंध जनजाति](https://examcg.com/%e0%a4%a1%e0%a5%8b%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%82%e0%a4%a7-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%bf/): डोंगरिया कोंध जनजाति ओडिशा के नियामगिरि पहाड़ियों में निवासरत डोंगरिया कोंध एक विशेष रूप से कमज़ोर जनजातीय समूह (PVTG) हैं, जो प्रकृति के साथ अपने आध्यात्मिक बंधन और विशिष्ट संस्कृति के लिये जाने जाते हैं। डोंगरिया कोंध जनजाति: वे पहाड़ियों के देवता नियम राजा की पूजा करते हैं और पोडु (स्थानांतरित) खेती जैसी परंपराओं का पालन करते हैं। वे कुई नामक एक प्राचीन द्रविड़ भाषा बोलते हैं और पीढ़ियों से गीतों और नृत्य की मौखिक परंपराओं के माध्यम से अपने पूर्वजों का ज्ञान संजोते हैं (इस भाषा की कोई लिपि नहीं है)। इस जनजाति की कई उप-जनजातियाँ हैं, जैसे कोवी, कुट्टिया, लंगुली, पेंगा, और झर्निया (झरनों की रक्षक)। भूमि पर अधिकार: वर्ष 2000 के दशक में - [quiz 5 questions](https://examcg.com/quiz/): quiz 5 questions  निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिये: अंतरिक्ष परियोजना  सहयोगी देश 1. निसार भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका 2. ल्यूपेक्स भारत और जापान 3. मेघा-ट्रापिक्स भारत और फ्राँस उपर्युक्त में से कितने कथन सही सुमेलित है/हैं? a. केवल एकb. केवल दोc. सभी तीनd. कोई भी नहीं उत्तर: c व्याख्या: NASA (अमेरिका): NISAR (NASA-ISRO सिंथेटिक एपर्चर रडार) नासा और इसरो का एक संयुक्त प्रोजेक्ट है जो संपूर्ण विश्व का 12 दिन में मानचित्रण करेगा, जिससे पारिस्थितिकी तंत्र, बर्फ की मात्रा, वनस्पति, समुद्र स्तर में वृद्धि, भूजल और भूकंप, सुनामी, ज्वालामुखी और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं पर सुसंगत डेटा प्रदान किया जाएगा। अतः युग्म - [एनी बेसेंट](https://examcg.com/%e0%a4%8f%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a5%87%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%9f/): एनी बेसेंट प्रसंग: एनी बेसेंट की 177वीं जयंती .   के बारे में: एनी बेसेंट 19वीं सदी के अंत और 20वीं सदी के प्रारंभ में सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलनों में एक महत्वपूर्ण शख्सियत थीं , उन्हें विशेष रूप से महिला अधिकारों, शिक्षा और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान के लिए जाना जाता है।  सामाजिक-धार्मिक सुधारों में योगदान: महिला अधिकार और शिक्षा: एनी बेसेंट महिला अधिकारों की कट्टर समर्थक थीं , उनका ध्यान शिक्षा और सशक्तिकरण पर था ।  उनका मानना ​​था कि महिलाओं की मुक्ति के लिए शिक्षा ज़रूरी है। उदाहरण के लिए, उन्होंने बनारस में सेंट्रल हिंदू स्कूल की स्थापना की । इस संस्था का उद्देश्य महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना और छात्रों के बीच भारतीय संस्कृति और दर्शन - [श्यामजी कृष्ण वर्मा](https://examcg.com/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%a3-%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be/): श्यामजी कृष्ण वर्मा प्रसंग: श्यामजी कृष्ण वर्मा की 167वीं जयंती. के बारे में: श्यामजी कृष्ण वर्मा एक प्रमुख भारतीय क्रांतिकारी , वकील और पत्रकार थे जिनके योगदान ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को महत्वपूर्ण रूप दिया।  गुजरात के मांडवी में जन्मे वे संस्कृत और अंग्रेजी के विद्वान थे और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से एम.ए. की डिग्री प्राप्त करने वाले पहले भारतीय बने ।  उनके शुरुआती करियर में बैरिस्टर के रूप में और भारत में कई रियासतों के दीवान के रूप में कार्य करना शामिल था , इससे पहले कि उन्होंने अपना ध्यान ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के खिलाफ राजनीतिक सक्रियता की ओर मोड़ लिया। स्वतंत्रता आंदोलन में प्रमुख योगदान: इंडिया हाउस और इंडियन होम रूल सोसाइटी की स्थापना: 1905 में श्यामजी ने लंदन में  इंडियन होम रूल सोसाइटी और इंडिया हाउस की स्थापना की। - [जय प्रकाश नारायण](https://examcg.com/%e0%a4%9c%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b6-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%a3/): जय प्रकाश नारायण प्रसंग: जय प्रकाश नारायण की 45वीं पुण्यतिथि ।  के बारे में: जय प्रकाश नारायण , जिन्हें आमतौर पर जेपी या लोक नायक के रूप में जाना जाता है, भारत के स्वतंत्रता संग्राम में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति थे और उन्होंने देश के स्वतंत्रता के बाद के राजनीतिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।  11 अक्टूबर 1902 को बिहार के सिताब दियारा में जन्मे, वे जीवन भर गांधीवादी सिद्धांतों और समाजवादी विचारों से गहरे प्रभावित रहे । भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान: प्रारंभिक भागीदारी: जेपी की राजनीतिक सक्रियता उनके छात्र जीवन के दौरान शुरू हुई, जहां वे महात्मा गांधी के अहिंसक दृष्टिकोण से प्रभावित हुए।  उन्होंने असहयोग आंदोलन (1920-22) में भाग लिया और बाद में संयुक्त राज्य - [भीकाजी कामा](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%be/): भीकाजी कामा प्रसंग: भीकाजी कामा , जिन्हें मैडम कामा के नाम से भी जाना जाता है , भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की एक प्रमुख हस्ती थीं, जिनका जन्म 24 सितम्बर 1861 को मुम्बई में हुआ था।  के बारे में: वह एक धनी पारसी परिवार से थीं और अपने समय की राष्ट्रवादी भावनाओं से बहुत प्रभावित थीं।  ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन से भारत की स्वतंत्रता के संघर्ष में उनके महत्वपूर्ण योगदान के कारण, कामा को अक्सर ” भारतीय क्रांति की जननी ” कहा जाता है । स्वतंत्रता संग्राम में योगदान: अग्रणी सक्रियता: पहला भारतीय झंडा: 1907 में, जर्मनी के स्टटगार्ट में अंतर्राष्ट्रीय समाजवादी कांग्रेस में , उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के शुरुआती संस्करणों में से एक को फहराया, जिसमें हरे, केसरिया और - [नरहरि पारीख](https://examcg.com/%e0%a4%a8%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%bf-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%96/): नरहरि पारीख प्रसंग: नरहरि पारीख की 133वीं जयंती ।  के बारे में: नरहरि पारिख भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति थे, जिन्हें विशेष रूप से महात्मा गांधी के साथ उनके घनिष्ठ संबंध और एक समाज सुधारक के रूप में उनकी भूमिका के लिए जाना जाता है ।  भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका: गांधीजी से जुड़ाव: 1910 के दशक के प्रारंभ में गांधीजी से मुलाकात के बाद पारिख भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल हो गए। वह 1916 में साबरमती आश्रम में शामिल हुए और गुजरात में  सामाजिक स्थितियों को सुधारने के उद्देश्य से विभिन्न पहलों पर गांधीजी के साथ काम किया । उनके प्रयास अस्पृश्यता , शराबखोरी और निरक्षरता जैसे मुद्दों से निपटने के साथ-साथ महिलाओं - [के केलप्पन](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a4%a8/): के केलप्पन प्रसंग: के केलप्पन की 53वीं पुण्यतिथि । के बारे में: के. केलप्पन एक प्रमुख भारतीय स्वतंत्रता सेनानी और समाज सुधारक थे, जिन्हें अक्सर महात्मा गांधी के अहिंसा और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों के पालन के कारण ” केरल गांधी ” के रूप में जाना जाता था ।  स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका: आंदोलनों में सक्रिय भागीदारी: केलप्पन ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के खिलाफ विभिन्न आंदोलनों में गहराई से शामिल थे। उन्होंने नमक सत्याग्रह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई , अंग्रेजों द्वारा लगाए गए दमनकारी नमक कर के खिलाफ  पय्यानूर और कोझिकोड में विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया। उनकी प्रतिबद्धता के कारण उन्हें गांधीजी के व्यक्तिगत सत्याग्रह आंदोलन के दौरान केरल के पहले सत्याग्रही के रूप में मान्यता मिली। वह 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में भी - [गुरु गोबिंद सिंह](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%81-%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a6-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%b9/): गुरु गोबिंद सिंह प्रसंग: गुरु गोबिंद सिंह की 316वीं पुण्यतिथि। के बारे में: गुरु गोबिंद सिंह सिख धर्म के दसवें और अंतिम गुरु थे , जिन्होंने 1675 से 1708 में अपनी मृत्यु तक सेवा की।  वह सिख इतिहास में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति हैं , जिन्हें सिख धर्म को औपचारिक रूप देने और खालसा पंथ की स्थापना के लिए जाना जाता है , जो सिखों का एक समूह है जो समानता, न्याय और मार्शल भावना के सिद्धांतों को अपनाता है।  सिख धर्म के विस्तार में भूमिका: खालसा पंथ की स्थापना: 1699 में गुरु गोबिंद सिंह ने आनंदपुर साहिब में एक महत्वपूर्ण सभा के दौरान खालसा पंथ की स्थापना की ।  इस घटना ने सिख पहचान में परिवर्तन - [अब्दुल-कादिर बदायुनी](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a5%80/): अब्दुल-कादिर बदायुनी अब्दुल-कादिर बदायुनी , जिनका जन्म 1540 में भारत के टोडा में हुआ था, मुगल काल के दौरान, विशेष रूप से सम्राट अकबर के शासनकाल के दौरान एक प्रमुख इंडो-फ़ारसी इतिहासकार, कवि और अनुवादक थे। उनकी मृत्यु 1615 के आसपास हुई। उन्हें भारतीय मध्यकालीन साहित्य और दर्शन में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए जाना जाता है, मुख्यतः उनके ऐतिहासिक लेखन के माध्यम से। भारतीय मध्यकालीन साहित्य में योगदान: प्रमुख कृतियाँ: मुंतखब अल-तवारीख (इतिहास से चयन): यह बदायुनी की सबसे प्रसिद्ध रचना है। यह मुस्लिम भारत का एक व्यापक इतिहास है जिसमें विभिन्न धार्मिक हस्तियों, कवियों और विद्वानों की चर्चाएँ शामिल हैं। यह - [कादंबिनी गांगुली: अग्रणी डॉक्टर](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%82%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%85%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a3%e0%a5%80/): कादंबिनी गांगुली: अग्रणी डॉक्टर प्रसंग: 18 जुलाई 1861 को भागलपुर में जन्मी कादम्बिनी गांगुली एक अग्रणी भारतीय महिला थीं, जिन्होंने अनेक बाधाओं को पार करते हुए 19वीं सदी के अंत में देश की सबसे प्रारंभिक महिला चिकित्सा पेशेवरों में से एक बनने में सफलता प्राप्त की। प्रारंभिक सक्रियता और शिक्षा: 1861 में भागलपुर, बिहार में जन्मी, वह अपने पिता की महिला शिक्षा की वकालत से प्रभावित थीं। 1882 में कलकत्ता विश्वविद्यालय से स्नातक करने वाली पहली महिला बनने के लिए उन्होंने सामाजिक बाधाओं को पार किया । चिकित्सा कैरियर और वकालत: 1884 में कलकत्ता मेडिकल कॉलेज में दाखिला लिया और भेदभाव के बावजूद वहां - [रवींद्रनाथ टैगोर](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%9f%e0%a5%88%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%b0/): रवींद्रनाथ टैगोर रवींद्रनाथ टैगोर का निधन 83 वर्ष पहले 7 अगस्त 1941 को हुआ था। के बारे में: रवींद्रनाथ टैगोर एक बहुमुखी भारतीय कवि , नाटककार , दार्शनिक , संगीतकार और समाज सुधारक थे , जिनका जन्म 7 मई, 1861 को कोलकाता (तत्कालीन कलकत्ता) में हुआ था। उन्हें साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में उनके गहन योगदान के साथ-साथ भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी प्रभावशाली भूमिका के लिए जाना जाता है। टैगोर 1913 में साहित्य में नोबेल पुरस्कार प्राप्त करने वाले पहले गैर-यूरोपीय थे , उनके कविता संग्रह गीतांजलि ( गीत अर्पण ) के लिए, जिसमें उनकी अनूठी काव्य शैली और गहरी आध्यात्मिक अंतर्दृष्टि प्रदर्शित हुई। शिक्षा और आधुनिक भारत में योगदान: टैगोर का शैक्षिक दर्शन अपने समय के लिए क्रांतिकारी था। 1901 में, उन्होंने शांतिनिकेतन में एक - [रोमेश चंद्र दत्त - उदारवादी चरण के महत्वपूर्ण नेता – आधुनिक भारत इतिहास नोट्स ](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%9a%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%a6%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%89%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6/): रोमेश चंद्र दत्त – उदारवादी चरण के महत्वपूर्ण नेता – आधुनिक भारत इतिहास नोट्स रोमेश चंद्र दत्त को गांधीवादी युग से पहले का राष्ट्रीय नेता माना जाता है और वे दादाभाई नौरोजी और न्यायमूर्ति रानाडे के समकालीन थे। आर.सी. दत्त के नाम से बेहतर जाने जाने वाले , वे एक सिविल सेवक, एक राजनीतिक और आर्थिक विचारक और लेखक, एक बंगाली साहित्यकार थे , वे अपने पेशेवर और साहित्यिक करियर दोनों के लिए प्रसिद्ध हैं। यह लेख रोमेश चंद्र दत्त के जीवन, उपलब्धियों और योगदानों से निपटेगा , साथ ही उनके जीवन के सामाजिक-राजनीतिक पहलू पर भी जोर देगा। विषयसूची पृष्ठभूमि योगदान और उपलब्धियां निष्कर्ष पूछे जाने वाले प्रश्न - [आनंद मोहन बोस - उदारवादी चरण के महत्वपूर्ण नेता – आधुनिक भारत इतिहास नोट्स ](https://examcg.com/%e0%a4%86%e0%a4%a8%e0%a4%82%e0%a4%a6-%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%b9%e0%a4%a8-%e0%a4%ac%e0%a5%8b%e0%a4%b8-%e0%a4%89%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%9a%e0%a4%b0/): आनंद मोहन बोस – उदारवादी चरण के महत्वपूर्ण नेता – आधुनिक भारत इतिहास नोट्स   आनंद मोहन बोस भारत के पहले रैंगलर , ब्रह्मो समाज के नेता, स्वतंत्रता आंदोलन के अग्रणी, शिक्षाविद् और समाज सुधारक थे । वे भारत के शुरुआती राष्ट्रवादी इतिहास के एक महत्वपूर्ण व्यक्ति हैं। वे प्रगतिशील थे और बड़े पैमाने पर तकनीकी शिक्षा और औद्योगीकरण की वकालत करने वाले पहले लोगों में से एक थे। वे अपने राजनीतिक विचारों में एक उदारवादी और संविधानवादी थे। इस लेख में, हम आनंद मोहन बोस के जीवन और भारतीय राष्ट्रवाद के लिए उनके योगदान पर विस्तार से नज़र डालेंगे। विषयसूची पृष्ठभूमि योगदान और उपलब्धियां निष्कर्ष - [गोपाल कृष्ण गोखले](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%a3-%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%96%e0%a4%b2%e0%a5%87/): गोपाल कृष्ण गोखले चर्चा में क्यों?  भारत के प्रधानमंत्री ने गोपाल कृष्ण गोखले को उनकी जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। गोपाल कृष्ण गोखले एक महान समाज सुधारक और शिक्षाविद थे जिन्होंने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को अनुकरणीय नेतृत्त्व प्रदान किया। गोपाल कृष्ण गोखले: जन्म: इनका जन्म 9 मई, 1866 को वर्तमान महाराष्ट्र (तत्कालीन बॉम्बे प्रेसीडेंसी का हिस्सा) के कोटलुक गाँव में हुआ था। विचारधारा: गोखले ने सामाजिक सशक्तीकरण, शिक्षा के विस्तार और तीन दशकों तक भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की दिशा में कार्य किया तथा प्रतिक्रियावादी या क्रांतिकारी तरीकों के इस्तेमाल को खारिज किया। औपनिवेशिक विधानमंडलों में भूमिका: वर्ष 1899 से 1902 के बीच वह बॉम्बे - [शीत युद्ध](https://examcg.com/%e0%a4%b6%e0%a5%80%e0%a4%a4-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7/): शीत युद्ध शीत युद्ध आधुनिक काल के एक निर्णायक संघर्ष के रूप में उभरा, जिसने लगभग आधी सदी तक वैश्विक राजनीति को आकार दिया। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान उनके गठबंधन के बाद संयुक्त राज्य अमेरिका और सोवियत संघ के बीच तनाव तेजी से बढ़ा, जिससे द्विध्रुवीय विश्व व्यवस्था का निर्माण हुआ। इस अवधि में नाटो और वारसॉ संधि जैसे प्रमुख गठबंधनों का गठन हुआ, साथ ही क्यूबा मिसाइल संकट और अंतरिक्ष दौड़ जैसी प्रमुख घटनाएं भी हुईं। संघर्ष की विरासत आज भी भू-राजनीति को प्रभावित करती है। शीत युद्ध की उत्पत्ति शीत युद्ध आधुनिक काल के एक निर्णायक संघर्ष के - [अमेरिकी गृह युद्ध](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%97%e0%a5%83%e0%a4%b9-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7/): अमेरिकी गृह युद्ध अमेरिकी गृह युद्ध, आधुनिक काल का एक निर्णायक संघर्ष, उत्तर और दक्षिण के बीच गहरे तनाव से उपजा था। आर्थिक मतभेद, राज्यों के अधिकारों पर बहस और गुलामी के मुद्दे ने एक ऐसा विभाजन पैदा कर दिया, जिसे सुलझाया नहीं जा सकता था, जिसके कारण सशस्त्र संघर्ष हुआ। लिंकन, ली और ग्रांट जैसे प्रमुख व्यक्तियों ने सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व के माध्यम से युद्ध की दिशा तय की। गेटीसबर्ग और विक्सबर्ग जैसी प्रमुख लड़ाइयों ने, साथ ही विकसित होती रणनीतियों और कार्यनीति ने संघर्ष के परिणाम और अमेरिकी समाज पर इसके स्थायी प्रभाव को निर्धारित किया। गृह युद्ध - [नेपोलियन युद्ध](https://examcg.com/%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%a8-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7/): 🕰️आधुनिक काल की समीक्षा 11.1 नेपोलियन युद्ध नेपोलियन युद्धों ने यूरोप के राजनीतिक परिदृश्य और शक्ति गतिशीलता को नया आकार दिया। 1803 से 1815 तक चले इन संघर्षों में नेपोलियन बोनापार्ट के फ्रांसीसी साम्राज्य ने यूरोपीय शक्तियों के बदलते गठबंधनों के खिलाफ लड़ाई लड़ी। युद्धों ने सामूहिक भर्ती और नई रणनीति जैसे सैन्य नवाचारों की शुरुआत की। उन्होंने पूरे यूरोप में क्रांतिकारी आदर्शों का प्रसार किया, राष्ट्रवाद और सामाजिक परिवर्तनों को जन्म दिया, जिसने आने वाले दशकों में महाद्वीप को आकार दिया। नेपोलियन युद्धों की उत्पत्ति नेपोलियन युद्ध आधुनिक काल में एक महत्वपूर्ण अवधि के रूप में उभरा, जो पूरे यूरोप - [जर्मनी का एकीकरण (1871)](https://examcg.com/elementor-11231/): जर्मनी का एकीकरण (1871) जर्मनी का एकीकरण इतिहास के उस महत्वपूर्ण मोड़ पर हुआ जब बहुत सारे बदलाव हो रहे थे। इस प्रक्रिया के बारे में अधिक जानने के लिए यहाँ पढ़ें। 19वीं सदी में जर्मन एकीकरण ने यूरोप के राजनीतिक परिदृश्य को बदल दिया। राष्ट्रवाद, आर्थिक एकीकरण और प्रशिया की महत्वाकांक्षा से प्रेरित यह प्रक्रिया 1871 में जर्मन साम्राज्य के गठन के साथ समाप्त हुई। ओटो वॉन बिस्मार्क ने कूटनीति और युद्ध का उपयोग करके जर्मन राज्यों को प्रशिया के नेतृत्व में एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नया जर्मन राष्ट्र जल्द ही एक प्रमुख यूरोपीय शक्ति बन गया, जिसने - [यूपीएससी के नए अध्यक्ष नियुक्त](https://examcg.com/%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%b8%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a4%8f-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-%e0%a4%a8%e0%a4%bf/): यूपीएससी के नए अध्यक्ष नियुक्त  चर्चा में क्यों? पूर्व रक्षा सचिव डॉ. अजय कुमार को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।  मुख्य बिंदु संघ लोक सेवा आयोग संघ लोक सेवा आयोग’ (UPSC) एक संवैधानिक निकाय है। भारतीय संविधान के भाग XIV में अनुच्छेद 315 से अनुच्छेद 323 के तहत संघ लोक सेवा आयोग की संरचना, उसके सदस्यों की नियुक्ति और निष्कासन तथा संघ लोक सेवा आयोग की शक्तियों और कार्यों से संबंधित प्रावधान किये गए हैं।  सदस्यों की नियुक्ति: UPSC के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। कार्यालय: UPSC का कोई भी सदस्य छह साल की अवधि - [प्राचीन सिक्के - प्राचीन भारत इतिहास नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad/): प्राचीन सिक्के – प्राचीन भारत इतिहास नोट्स   भारत के सिक्कों की उत्पत्ति पहली सहस्राब्दी ईसा पूर्व और छठी शताब्दी ईसा पूर्व के बीच हुई थी और इसके शुरुआती दौर में ज़्यादातर तांबे और चांदी के सिक्के थे। इस समय अवधि के दौरान करशापण या पाना सिक्कों का इस्तेमाल किया जाता था। हालाँकि, पश्चिम एशिया में प्रचलित सिक्कों के विपरीत, कई शुरुआती भारतीय सिक्के धातु की मुहर लगी हुई पट्टियाँ थीं, जिसका अर्थ है कि मुद्रांकित मुद्रा का आविष्कार पहले से मौजूद टोकन मुद्रा के प्रकार में जोड़ा गया था जो प्रारंभिक ऐतिहासिक भारत के जनपदों और महाजनपद राज्यों में पहले - [भारतीय मिट्टी के बर्तन - कला और संस्कृति नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%b2/): भारतीय मिट्टी के बर्तन – कला और संस्कृति नोट्स Indian Pottery  Art and Culture भारतीय उपमहाद्वीप में मिट्टी के बर्तनों का एक लंबा इतिहास रहा है और यह भारतीय कला के सबसे स्पष्ट और प्रतिष्ठित भागों में से एक है। मिट्टी के बर्तनों की खोज शुरुआती लहुरादेवा कस्बों और बाद में सिंधु घाटी सभ्यता में की गई थी। यह एक सांस्कृतिक कला है जो आज भी भारतीय उपमहाद्वीप में व्यापक रूप से प्रचलित है। भारत में, मिट्टी के बर्तन अभी भी एक लोकप्रिय कला है। यहाँ हम भारतीय मिट्टी के बर्तनों पर विस्तार से चर्चा करेंगे, जो UPSC IAS परीक्षा की - [भारत में यूरोपीय लोगों का आगमन, यूपीएससी नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be/): भारत में यूरोपीय लोगों का आगमन, यूपीएससी नोट्स वास्कोडिगामा के अन्वेषण से उत्पन्न भयंकर प्रतिस्पर्धा के कारण व्यापार और नियंत्रण के लिए भारत में यूरोपीय लोगों का आगमन हुआ। विषयसूची पंद्रहवीं सदी के अंत में, पुर्तगाली खोजकर्ता  वास्को दा गामा  भारतीय उपमहाद्वीप के तटों पर पहुंचे, और समुद्री संपर्क स्थापित किए, जिसने यूरोपीय प्रभाव की शुरुआत को चिह्नित किया। डच, अंग्रेजी और फ्रेंच सहित अन्य यूरोपीय शक्तियों द्वारा बाद के अभियानों ने इस जुड़ाव को और बढ़ा दिया, जिससे  व्यापार प्रभुत्व  और  क्षेत्रीय नियंत्रण के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ गई।  व्यापारिक चौकियों और उपनिवेशों की स्थापना ने भारत के इतिहास में एक नए अध्याय का मार्ग प्रशस्त - [मुगल साम्राज्य का पतन](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a4%a8/): मुगल साम्राज्य का पतन परिचय 1707 से 1857 तक मुगल साम्राज्य का पतन भारतीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण अवधि थी जिसने मध्ययुगीन से आधुनिक भारत में संक्रमण को चिह्नित किया। उपमहाद्वीप के सबसे शक्तिशाली साम्राज्यों में से एक का पतन आंतरिक कमजोरियों और बाहरी आक्रमणों के मिश्रण के कारण हुआ था। यह पतन रातों-रात नहीं हुआ, बल्कि कमजोर शासकों, प्रशासनिक अक्षमताओं, आर्थिक परेशानियों और बढ़ती क्षेत्रीय शक्तियों की एक श्रृंखला का परिणाम था। इस पतन को समझना आवश्यक है क्योंकि इसने भारत के सामाजिक-राजनीतिक और आर्थिक ढांचे को आकार दिया, जिससे अंततः ब्रिटिश शासन का उदय हुआ। पढ़ाई का महत्व मुगलों - [18वीं सदी का भारत](https://examcg.com/18%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4/): 18वीं सदी का भारत   18वीं सदी भारत के लिए बड़े बदलावों का दौर था। एक समय में मजबूत मुगल साम्राज्य का पतन हो रहा था और पूरे क्षेत्र में कई नई शक्तियां उभरने लगी थीं। इस अवधि में राजनीतिक अस्थिरता, आर्थिक चुनौतियां, सामाजिक परिवर्तन और सांस्कृतिक बदलाव देखने को मिले। आधुनिक भारत ने कैसे आकार लेना शुरू किया, यह समझने के लिए इन बदलावों को समझना महत्वपूर्ण है। यह लेख 18वीं सदी के भारत की राजनीतिक स्थिति, आर्थिक स्थितियों, सामाजिक संरचनाओं और सांस्कृतिक पहलुओं को सरल शब्दों में समझाएगा। 18वीं शताब्दी का भारत: राजनीति 18वीं शताब्दी का भारत: उत्तराधिकार राज्य - [इंडियन लीग (1875), संस्थापक, विशेषताएं, महत्व](https://examcg.com/%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%a8-%e0%a4%b2%e0%a5%80%e0%a4%97-1875-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f-2/): इंडियन लीग (1875), संस्थापक, विशेषताएं, महत्व 1870 में शिशिर कुमार घोष द्वारा स्थापित इंडियन लीग, भारतीय राष्ट्रवाद और राजनीतिक जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए समर्पित पहले राजनीतिक संगठनों में से एक था। विषयसूचीइंडियन लीग औपनिवेशिक भारत में स्थापित पहले राजनीतिक संगठनों में से एक था जिसका लक्ष्य भारतीय राष्ट्रवाद और राजनीतिक जागरूकता को बढ़ावा देना था। 1875 में सुप्रसिद्ध बंगाली पत्रकार  शिशिर कुमार घोष द्वारा स्थापित इंडियन लीग ने ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता के लिए भारत के शुरुआती संघर्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सामाजिक और राजनीतिक सुधार की वकालत के माध्यम से, इंडियन लीग उन लोगों के लिए आशा की - [इंडियन लीग (1875) - भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से पहले राजनीतिक संगठन - आधुनिक भारत इतिहास नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%a8-%e0%a4%b2%e0%a5%80%e0%a4%97-1875-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f/): इंडियन लीग (1875) – भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से पहले राजनीतिक संगठन – आधुनिक भारत इतिहास नोट्स   इंडियन लीग की स्थापना 1875 में शिशिर कुमार घोष ने “लोगों में राष्ट्रवाद की भावना को बढ़ावा देने” और राजनीतिक शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लक्ष्य के साथ की थी। यह संगठन आनंद मोहन बोस, दुर्गामोहन दास, नवगोपाल मित्रा, सुरेन्द्रनाथ बनर्जी और अन्य जैसे राष्ट्रवादी नेताओं से जुड़ा था । यह लेख इंडियन लीग की विभिन्न विशेषताओं पर प्रकाश डालता है जो यूपीएससी परीक्षा की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण हैं। विषयसूची शिशिर कुमार घोष के बारे में इंडियन लीग – विशेषताएं निष्कर्ष पूछे जाने वाले प्रश्न एमसीक्यू     शिशिर कुमार घोष - [बाबा दयाल दास - महत्वपूर्ण व्यक्तित्व - आधुनिक भारत इतिहास नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%ac%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a3/): बाबा दयाल दास – महत्वपूर्ण व्यक्तित्व – आधुनिक भारत इतिहास नोट्स पेशावर में जन्मे बाबा दयाल दास एक सहजधारी सिख थे, जिनका मुख्य मिशन सिखों को आदि ग्रंथ और सिमरन से परिचित कराना था। निरंकारी सुधार आंदोलन के संस्थापक बाबा दयाल अपने समय के सबसे प्रतिभाशाली विचारक थे। उनका मुख्य योगदान गुरु नानक की शिक्षाओं, विशेष रूप से एक निरंकार (निराकार) में विश्वास की पुनर्व्याख्या करना और लोगों के मन को सभी प्रकार के अंधविश्वासों से मुक्त करना था। यह लेख उनके जीवन, उनकी विचारधारा और उनके योगदान पर केंद्रित है जो यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए मददगार होगा। Table of Contents बाबा दयाल दास – पृष्ठभूमि - [प्राचीन भारतीय इतिहास की समयरेखा - प्राचीन इतिहास नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%80-2/): प्राचीन भारतीय इतिहास की समयरेखा – प्राचीन इतिहास नोट्स भारतीय इतिहास की समयरेखा हमें भारतीय उपमहाद्वीप की यात्रा पर ले जाती है। भारतीय समयरेखा हमें उपमहाद्वीप के इतिहास की यात्रा पर ले जाती है। भीमबेटका के शैलाश्रयों में भारतीय इतिहास के सबसे पुराने अभिलेख मौजूद हैं। नाग, संथाल, भील, गोंड और टोडा जैसी जनजातियाँ संभवतः भारतीय उपमहाद्वीप के पहले निवासी रहे होंगे। यह लेख आपको भारतीय इतिहास की समयरेखा समझाएगा जो यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए प्राचीन इतिहास की तैयारी में मददगार साबित होगा। भारतीय इतिहास की समयरेखा समय सीमा आयोजन पुरापाषाण काल (2 मिलियन ईसा पूर्व – 10,000 ईसा पूर्व) - [आधुनिक भारतीय इतिहास के महत्वपूर्ण व्यक्तित्व - आधुनिक भारत इतिहास नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%86%e0%a4%a7%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ae-2/): आधुनिक भारतीय इतिहास के महत्वपूर्ण व्यक्तित्व – आधुनिक भारत इतिहास नोट्स भारत एक विशाल देश है और इसमें कई व्यक्तित्व शामिल हैं। हमारे इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम में नेताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज भारत जो कुछ भी है, वह इतिहास में विभिन्न नेताओं के योगदान के कारण है। इन नेताओं ने विभिन्न क्षेत्रों में भारतीय समाज में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इस लेख में, हम आधुनिक भारतीय इतिहास के महत्वपूर्ण व्यक्तित्वों पर चर्चा करेंगे जो यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए सहायक होंगे। Table of Contents राजा राम मोहन राय राजा राम मोहन राय एक सामाजिक और शैक्षिक सुधारक थे, जो सामाजिक सुधारों और आधुनिक - [वर्ष 2025 में भारत के संयुक्त सैन्य अभ्यास](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7-2025-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%b8/): भारत का संयुक्त सैन्य अभ्यास 2025 व्यायाम का नाम भाग लेने वाले राष्ट्र आयोजित किया गया सर्वशक्ति व्यायाम भारत  भारत का पूर्वोत्तर क्षेत्र युद्ध प्रशिक्षण अभ्यास  भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका  उमियम झील, मेघालय बहुपक्षीय समुद्री अभ्यास AIKEYME का पहला संस्करण  कोमोरोस, जिबूती, केन्या, मेडागास्कर, मॉरीशस, मोजाम्बिक, सेशेल्स और दक्षिण अफ्रीका। दार-एस-सलाम, तंजानिया भारत-अमेरिका नौसैनिक अभ्यास ‘टाइगर ट्रायम्फ’ का चौथा संस्करण  भारतीय नौसेना, थलसेना और वायुसेना विशाखापत्तनम और काकीनाडा। अभ्यास INIOCHOS-25 भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका, फ्रांस, इजरायल और संयुक्त अरब अमीरात ग्रीस के एन्ड्राविडा एयर बेस पर भारत-रूस नौसैनिक अभ्यास ‘इंद्र’ का 14वां संस्करण, एनएस राणा, आईएनएस कुथार, पेचांगा, रेज्की, एल्डर त्सेडेनझापोव - [वर्ष 2024 में भारत के संयुक्त सैन्य अभ्यास](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7-2024-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%b8/): भारत का संयुक्त सैन्य अभ्यास 2024 अभ्यास का नाम भाग लेने वाले राष्ट्र आयोजित किया गया ला पेरोस 25 (5वां संस्करण) भारत, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, अमेरिका, ब्रिटेन, इंडोनेशिया, मलेशिया और सिंगापुर मलक्का, सुंडा और लोम्बोक जलडमरूमध्य व्यायाम डेविल स्ट्राइक भारत (भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना) राजस्थान, भारत सूर्य किरण (18वां संस्करण) भारत और नेपाल सलझंडी, नेपाल ट्रोपेक्स 25 भारत (भारतीय नौसेना, भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना और भारतीय तटरक्षक) भारत के पश्चिमी तट पर “डेजर्ट नाइट” अभ्यास भारत, फ्रांस और संयुक्त अरब अमीरात अरब सागर, कराची के दक्षिण-पश्चिम में हरिमऊ शक्ति 2024 भारत-मलेशिया पुणे संयुक्त टेबलटॉप व्यायाम भारत और कंबोडिया - [वर्ष 2023 में भारत के संयुक्त सैन्य अभ्यास](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7-2023-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%b8/): भारत का संयुक्त सैन्य अभ्यास 2023 व्यायाम का नाम भाग लेने वाले राष्ट्र आयोजित किया गया जायद तलवार भारत और संयुक्त अरब अमीरात की नौसेनाएं अबू धाबी तट “ युद्ध अभ्यास” भारतीय सेना और संयुक्त राज्य अमेरिका सेना फोर्ट वेनराइट, अलास्का, संयुक्त राज्य अमेरिका क्षेत्र प्रशिक्षण अभ्यास रूस और म्यांमार, रूस का प्रिमोर्स्की क्षेत्र सम्प्रीति भारत और बांग्लादेश उमरोई, मेघालय “व्यायाम हरिमौ शक्ति 2023,” भारतीय और मलेशियाई सेनाएँ उमरोई छावनी, भारत। पहला नौसैनिक अभ्यास भारत और यूरोपीय संघ पश्चिमी अफ़्रीकी तट पर गिनी की खाड़ी काजिंद-2023 भारत और कजाकिस्तान कजाकिस्तान में ओटार सैन्य अड्डा मारुमेक्स म्यांमार-रूस अंडमान सागर बोंगोसागर-23 भारतीय नौसेना और - [वर्ष 2022 में भारत के संयुक्त सैन्य अभ्यास](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7-2022-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%b8/): भारत का संयुक्त सैन्य अभ्यास 2022 व्यायाम का नाम भाग लेने वाले राष्ट्र आयोजित किया गया “हरिमऊ शक्ति-2022” भारत और मलेशिया पुलाई, क्लुआंग, मलेशिया “काजिंद – 2022” का छठा संस्करण भारत और कजाकिस्तान उमरोई, मेघालय संयुक्त अभ्यास “अग्नि वारियर” का 12वां संस्करण सिंगापुर और भारतीय सेना फील्ड फायरिंग रेंज, देवलाली (महाराष्ट्र) “सूर्य किरण – XVI” भारत और नेपाल नेपाल आर्मी बैटल स्कूल, सलझंडी (नेपाल) बहुराष्ट्रीय अभ्यास मिलन-2022 भारतीय नौसेना विशाखापत्तनम, आंध्र प्रदेश (हिंद महासागर क्षेत्र) ईस्टर्न ब्रिज VI का 6वां संस्करण भारतीय वायु सेना (आईएएफ) और ओमान की रॉयल एयर फोर्स (आरएएफओ) वायु सेना स्टेशन, जोधपुर ‘अल नजाह-IV’ भारत और ओमान - [वर्ष 2021 में भारत के संयुक्त सैन्य अभ्यास](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7-2021-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%b8/): भारत का संयुक्त सैन्य अभ्यास   2021 में, भारत ने विभिन्न देशों के साथ कई संयुक्त सैन्य अभ्यास किए। इन अभ्यासों में “युद्धाभ्यास” (भारत-अमेरिका), “शक्ति” (भारत-फ्रांस), “इंद्र” (भारत-रूस), “नसीम अल बह्र” (भारत-ओमान) आदि शामिल थे। इन अभ्यासों का उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच सहयोग और अंतर-संचालन को बढ़ाना था.   प्रमुख संयुक्त सैन्य अभ्यास 2021: युद्धाभ्यास (Yudh Abhyas): भारत-अमेरिका संयुक्त सैन्य अभ्यास का 17वां संस्करण अलास्का में आयोजित किया गया था.    शक्ति (SHAKTI): भारत-फ्रांस संयुक्त सैन्य अभ्यास का छठा संस्करण फ्रांस में आयोजित किया गया था.    इंद्र (INDRA): भारत-रूस संयुक्त सैन्य अभ्यास का 12वां संस्करण रूस में आयोजित किया गया था.    नसीम - [वर्ष 2020 में भारत के संयुक्त सैन्य अभ्यास](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7-2020-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4-2/): भारत का संयुक्त सैन्य अभ्यास 2020 संयुक्त युद्धाभ्यास का नाम महत्वपूर्ण तथ्य वर्ष 2020 तटीय सुरक्षा अभ्यास “सागर कवच” भारतीय नौसेना द्वारा इंडियन कोस्टगार्ड और केरल की तटीय सुरक्षा में लगे सभी हितधारकों के साथ “सागर कवच” नामक दो दिवसीय तटीय सुरक्षा अभ्यास का किया गया। यह संयुक्त अभ्यास कोच्चि केंद्र की निगरानी में किया गया। सागर कवच तटीय सुरक्षा तंत्र की क्षमता परखने और मानक संचालन प्रक्रियाओं का जायजा लेने के उद्देश्य से किया जाना वाला एक अर्ध-वार्षिक अभ्यास है। केरल, कर्नाटक और लक्षद्वीप के तटीय क्षेत्रों में आयोजित किया जाने वाला यह अभ्यास देश में मौजूदा सुरक्षा स्थिति की - [वर्ष 2019 में भारत के संयुक्त सैन्य अभ्यास](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7-2019-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%b8/): भारत का संयुक्त सैन्य अभ्यास 2019 संयुक्त युद्धाभ्यास का नाम महत्वपूर्ण तथ्य वर्ष 2019 मित्र शक्तिVI भारत और श्रीलंका के बीच 26 मार्च से 8 अप्रैल के बीच मित्र शक्ति नामक युद्ध अभ्यास का आयोजन किया गया। इसका आरम्भ 26 मार्च को श्रीलंका के दियातलावा में हुआ था मैनमति मैत्री अभ्यास 2019 सीमा सुरक्षा बल (BSF) और बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (BGB) ने भारत और बांग्लादेश के बीच त्रिपुरा के अगरतला में ‘कॉन्फिडेंस बिल्डिंग मीजर्स’ के एक भाग के रूप में आयोजित 3 दिवसीय ‘मैनमति मैत्री अभ्यास 2019’ में लिया। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में बेहतर संयुक्त परिचालन दक्षता और - [वर्ष 2018 में भारत के संयुक्त सैन्य अभ्यास](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7-2018-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%b8/): भारत का संयुक्त सैन्य अभ्यास 2018 वर्ष 2018 जिमेक्स 2018 भारत और जापान के बीच तीसरा संयुक्त सैन्य युद्धाभ्यास JIMAX 2018 आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में हुआ था। युद्ध अभ्यास 2018 रक्षा सहयोग और सामरिक संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाने के लिए भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका की सेनाओं के मध्य संयुक्त सैन्य अभ्यास का 14वां संस्करण उत्तराखंड के चौबटिया में 16 सितम्बर से 29 सितम्बर के मध्य आयोजित किया गया था। काजिंद 2018 भारत और कजाख्स्तान के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास जिसे कजाख्स्तान में 10 से 23 सितम्बर के मध्य आयोजित किया गया था। सागरमाथा फ्रेंडशिप II, 2018 चीन - [वर्ष 2017 में भारत के संयुक्त सैन्य अभ्यास](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7-2017-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%b8/): भारत का संयुक्त सैन्य अभ्यास 2017 वर्ष 2017 अजय वारियर 2017 भारत एवं ब्रिटेन की सेनाओं के मध्य संयुक्त सैन्य युद्धाभ्यास राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में 01 से 14 दिसंबर 2017 के मध्य आयोजित किया गया। इस सैन्य अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के मध्य द्विपक्षीय सम्बन्धों को बढ़ाना तथा उग्रवाद विरोधी अभियानों में एक-दूसरे के अनुभवों से लाभ उठाना था। नसीम अल बहर भारतीय नौसेना और ओमान की शाही नौसेना के बीच दिसंबर 2017 में ओमान में इस अभ्यास को आयोजित किया गया। प्रबल दोस्तकी, 2017 भारत और कजाखस्तान की थल सेनाओं के मध्य 02 से - [वर्ष 2025 में प्रमुख निधन](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7-2025-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%a8-3/): 2025 में प्रमुख निधन मार्च 2025 व्यक्ति का नाम क्षेत्र डॉ. मीना प्रभु प्रसिद्ध मराठी यात्रा  फ्रेड स्टोल  ऑस्ट्रेलियाई टेनिस दिग्गज अनंत दास ओडिशा के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ बीजद नेता  गरीमेला बालकृष्ण प्रसाद  प्रसिद्ध कर्नाटक शास्त्रीय गायक सैयद आबिद अली  पूर्व भारतीय क्रिकेटर देब मुखर्जी  अनुभवी अभिनेता-फिल्म निर्माता   अरविंद सिंह मेवाड़  महान राजपूत राजा महाराणा प्रताप और मेवाड़ के 76वें संरक्षक  बिन्दु घोष  वरिष्ठ तमिल अभिनेता-हास्य अभिनेता  रमाकांत राठ  प्रसिद्ध ओडिया कवि   डॉ. देबेन्द्र प्रधान वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री  डॉ. सेनकालोंग (सेनका) याडेन नागा वैज्ञानिक और शिक्षक मनोज भारतीराजा तमिल अभिनेता-निर्देशक  रिचर्ड चेम्बरलेन महान अभिनेता फ़रवरी 2025 - [वर्ष 2024 में प्रमुख निधन](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7-2024-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%a8/): वर्ष 2024 में प्रमुख निधन इस साल अपने कई रत्नों को खो दिया। जी हां, इस वर्ष कई प्रमुख भारतीय हस्तियों ने दुनिया को अलविदा कह दिया। 2024 में भारत ने विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी कई महान हस्तियों को खो दिया। ये वो महान हस्तियां हैं, जिन्होंने अपने लिए चुने गए करियर के क्षेत्रों में अमूल्य योगदान दिया और देश को गौरवान्वित किया। इन हस्तियों ने न केवल अपने पेशे में शोहरत हासिल की, बल्कि अपने कार्यों से समाज पर गहरा प्रभाव भी डाला। चाहे वह राजनीति हो, कला हो, संगीत हो या खेल, इन हस्तियों ने अपनी मेहनत और समर्पण - [वर्ष 2023 में प्रमुख निधन](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7-2023-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%a8/): 2023 में प्रमुख निधन दिसंबर 2023 व्यक्ति का नाम काम का क्षेत्र हेनरी किसिंजर पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता सैंड्रा डे ओ’कॉनर सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश आर सुब्बालक्ष्मी अभिनेता और संगीतकार अमीर शेख नवाफ अल-अहमद अल-जबर अल-सबा कुवैत के शासक डॉ. वी. मोहिनी गिरि महिला अधिकार कार्यकर्ता और राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रॉबर्ट एम. सोलो अर्थशास्त्री और नोबेल पुरस्कार विजेता विजयकांत देसिया मुरपोक्कू द्रविड़ कड़गम (डीएमडीके) और एक लोकप्रिय अभिनेता जैक्स डेलर्स यूरोपीय आयोग के पूर्व अध्यक्ष शॉन डेविस पूर्व मिस्टर यूनिवर्स बॉडीबिल्डर नईम सैयद भारतीय अभिनेता, गायक, मराठी फिल्म निर्देशक और निर्माता बेन्जामिन - [वर्ष 2022 में प्रमुख निधन](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7-2022-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%a8/): 2022 में प्रमुख निधन दिसंबर 2022 व्यक्तित्व का नाम मैदान नागनाथ कोटापल्ले प्रख्यात साहित्यकार, शिक्षाविद् एवं आलोचक, जियांग जेमिन पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (पीआरसी) के पूर्व राष्ट्रपति विक्रम किर्लोस्कर प्रख्यात उद्योगपति एवं टोयोटा किर्लोस्कर मोटर (टीकेएम) के उपाध्यक्ष नागनाथ कोटापल्ले प्रख्यात साहित्यकार, शिक्षाविद् और आलोचक न्यायमूर्ति एमके मेहरोत्रा उत्तर प्रदेश (यूपी) के पूर्व लोकायुक्त के मुरलीधरन प्रसिद्ध फिल्म निर्माता के.एस. प्रेम कुमार वरिष्ठ मलयालम अभिनेता झरना दास प्रसिद्ध उड़िया अभिनेत्री और जयदेव पुरस्कार से सम्मानित निक बोललेटिएरी अनुभवी टेनिस लीजेंड डोमिनिक लैपिएर फ्रांसीसी लेखक एवं पद्म भूषण पुरस्कार विजेता किर्स्टी एली एमी और गोल्डन ग्लोब पुरस्कार विजेता योगिंदर के अलघ प्रसिद्ध - [वर्ष 2021 में प्रमुख निधन](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7-2021-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%a8/): 2021 में प्रमुख निधन दिसंबर 2021 व्यक्तित्व का नाम मैदान शिव शंकर मास्टर भारतीय नृत्य कोरियोग्राफर ‘सिरिवेनेला’ चेम्बोलु सीतारमा शास्त्री तेलुगु फिल्म गीतकार और पद्म श्री पुरस्कार विजेता कोनिजेती रोसैय्या तमिलनाडु के पूर्व राज्यपाल और आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री विनोद दुआ वरिष्ठ पत्रकार डॉ. मामबल्लाइकलाथिल सारदा मेनन भारत की पहली महिला मनोचिकित्सक जनरल बिपिन रावत चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) नंदा किशोर प्रुस्ती (नंदा सर) ओडिशा के सुप्रसिद्ध शिक्षक डॉ. सुरेश जाधव सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक आर.एल. जालप्पा पूर्व केंद्रीय कपड़ा मंत्री रिचर्ड रोजर्स प्रित्जकर पुरस्कार विजेता ब्रिटिश-इतालवी वास्तुकार के.एस. सेतुमाधवन महान मलयालम फिल्म निर्माता महेंद्र प्रसाद - [वर्ष 2020 में प्रमुख निधन](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7-2020-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%a8/): 2020 में प्रमुख निधन दिसंबर 2020 व्यक्तित्व का नाम मैदान पापा बौबा डियोप सेनेगल के फुटबॉल खिलाड़ी धर्मपाल गुलाटी एमडीएच मसाला के मालिक अभय भारद्वाज राज्य सभा के सांसद रैफर जॉनसन पेशे से एथलीट और फिल्म अभिनेता वैलेरी गिस्कार्ड डी’एस्टैंग फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति जफरुल्लाह खान जमेली पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री दिनेश्वर शर्मा लक्षद्वीप के प्रशासक रवि पटवर्धन मराठी अभिनेता मनु मुखर्जी बंगाली अभिनेता नरिंदर सिंह कपानी भारतीय मूल के अमेरिकी भौतिक विज्ञानी मधुकर गंगाधर पेशे से लेखक मंगलेश डबराल पत्रकार एवं हिंदी कवि अस्ताद देबू भारतीय नर्तक पाओलो रॉसी इटली के फुटबॉल खिलाड़ी विद्यावाचस्पति बी गोविंदाचार्य प्रख्यात संस्कृत विद्वान एम्ब्रोस - [वर्ष 2019 में प्रमुख निधन](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7-2019-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%a8/): 2019 में प्रमुख निधन दिसंबर 2019 व्यक्तित्व का नाम मैदान शेली मॉरिसन पूर्व हॉलीवुड अभिनेत्री बस्कर मेनन प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई) में वरिष्ठ पत्रकार बॉब विलिस इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जॉर्ज जोसेफ लॉरर यूनिवर्सल प्रोडक्ट कोड (UPC) के आविष्कारक ब्रज बिहारी कुमार भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएसएसआर) के अध्यक्ष पॉल वोल्कर पूर्व अमेरिकी फेडरल रिजर्व प्रमुख लेखक गोल्लापुडी मारुति राव पूर्व नंदी पुरस्कार विजेता और प्रसिद्ध तेलुगु अभिनेता पीटर स्नेल न्यूजीलैंड के 3 बार के ओलंपिक मध्य दूरी चैंपियन डैनी ऐयेलो अनुभवी फिल्म अभिनेता श्रीराम लागू अनुभवी अभिनेता गीता सिद्धार्थ काक बॉलीवुड अभिनेत्री आईडी स्वामी पूर्व केंद्रीय मंत्री थॉमस - [वर्ष 2018 में प्रमुख निधन](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7-2018-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%a8/): 2018 में प्रमुख निधन जनवरी 2018 व्यक्तित्व का नाम मैदान अनवर जलालपुरी उर्दू कवि राधा विश्वनाथन कर्नाटक गायक, पीटर सदरलैंड विश्व व्यापार संगठन के पूर्व महानिदेशक सक्षम यादव पावरलिफ्टिंग विश्व चैंपियन जॉन यंग महान अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री श्रीवल्लभ व्यास बॉलीवुड अभिनेता बलदेव राज परमाणु वैज्ञानिक और एनआईएएस निदेशक ज्ञानी शंकरन वरिष्ठ तमिल लेखक, पत्रकार और रंगमंच व्यक्तित्व रघुनाथ झा पूर्व केंद्रीय भारी उद्योग एवं सार्वजनिक उद्यम राज्य मंत्री जो जो व्हाइट अमेरिकी बास्केटबॉल खिलाड़ी काशीनाथ वरिष्ठ कन्नड़ अभिनेता चंडी लाहिड़ी प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट मेजर एफकेके सिरकार सबसे लंबे समय तक जीवित रहने वाले भारतीय सेना के दिग्गज ह्यूग मासेकेला, प्रसिद्ध जैज संगीतकार - [साल 2025 की प्रमुख पुस्तकें एवं उनके लेखक](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b2-2025-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%8f%e0%a4%b5/): साल 2025 की प्रमुख पुस्तकें एवं उनके लेखक यदि आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए उपयोगी है। इस लेख में साल 2025 की प्रमुख किताबों और उनकी लेखकों की लिस्ट दी गई है।   प्रमुख पुस्तकें और उनके लेखक भारत में हर साल लाखों किताबें लिखी जाती हैं। इनमें से कुछ किताबें ही ऐसी होती हैं, जो कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना पाती हैं। यही वजह है कि इन किताबों व किताबों के लेखकों के बारे में अक्सर किसी सरकारी प्रतियोगी परीक्षा में पूछा जाता है। यदि आप भी किसी - [साल 2024 की प्रमुख पुस्तकें एवं उनके लेखक](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b2-2024-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%8f%e0%a4%b5/): साल 2024 की प्रमुख पुस्तकें एवं उनके लेखक यदि आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए उपयोगी है। इस लेख में साल 2024 की प्रमुख किताबों और उनकी लेखकों की लिस्ट दी गई है।   प्रमुख पुस्तकें और उनके लेखक भारत में हर साल लाखों किताबें लिखी जाती हैं। इनमें से कुछ किताबें ही ऐसी होती हैं, जो कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना पाती हैं। यही वजह है कि इन किताबों व किताबों के लेखकों के बारे में अक्सर किसी सरकारी प्रतियोगी परीक्षा में पूछा जाता है। यदि आप भी किसी - [साल 2023 की प्रमुख पुस्तकें एवं उनके लेखक](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b2-2023-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%8f%e0%a4%b5/): साल 2023 की प्रमुख पुस्तकें एवं उनके लेखक यदि आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए उपयोगी है। इस लेख में साल 2023 की प्रमुख किताबों और उनकी लेखकों की लिस्ट दी गई है।   प्रमुख पुस्तकें और उनके लेखक भारत में हर साल लाखों किताबें लिखी जाती हैं। इनमें से कुछ किताबें ही ऐसी होती हैं, जो कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना पाती हैं। यही वजह है कि इन किताबों व किताबों के लेखकों के बारे में अक्सर किसी सरकारी प्रतियोगी परीक्षा में पूछा जाता है। यदि आप भी किसी - [साल 2022 की प्रमुख पुस्तकें एवं उनके लेखक](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b2-2022-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%8f%e0%a4%b5/): साल 2022 की प्रमुख पुस्तकें एवं उनके लेखक यदि आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए उपयोगी है। इस लेख में साल 2022 की प्रमुख किताबों और उनकी लेखकों की लिस्ट दी गई है।   प्रमुख पुस्तकें और उनके लेखक भारत में हर साल लाखों किताबें लिखी जाती हैं। इनमें से कुछ किताबें ही ऐसी होती हैं, जो कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना पाती हैं। यही वजह है कि इन किताबों व किताबों के लेखकों के बारे में अक्सर किसी सरकारी प्रतियोगी परीक्षा में पूछा जाता है। यदि आप भी किसी - [शोध में साहित्य समीक्षा की भूमिका को समझना](https://examcg.com/%e0%a4%b6%e0%a5%8b%e0%a4%a7-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%95/): शोध में साहित्य समीक्षा की भूमिका को समझना   प्रासंगिक साहित्य की समीक्षा का कार्य निम्नलिखित में से किससे सबसे अधिक निकटता से संबंधित है? A. अनुसंधान समस्याओं का निरूपण B. अध्ययन के लिए नमूना तैयार करते समय C. मात्रात्मक डेटा का विश्लेषण करने के लिए D. निष्कर्ष का सामान्यीकरण सही उत्तर – अनुसंधान समस्याओं का निरूपण शोध में साहित्य समीक्षा की भूमिका को समझना प्रश्न में शोध के संदर्भ में प्रासंगिक साहित्य की समीक्षा से सबसे अधिक जुड़ी प्राथमिक गतिविधि के बारे में पूछा गया है। आइए समझते हैं कि साहित्य समीक्षा क्या है और यह शोध प्रक्रिया के विभिन्न चरणों - [अनुसंधान योग्यता](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a4%be/): अनुसंधान योग्यता   प्रश्न – केर्लिंगर (173) के अनुसार, अच्छी शोध समस्या होनी चाहिए A. दो या दो से अधिक चरों के बीच संबंध का वर्णन करना  B. बुद्धिमानी से व्यक्त किया गया  C. दार्शनिक रूप से उन्मुख  D. प्रश्न के रूप में  E. अनुभवजन्य परीक्षण के लिए उत्तरदायी  नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें: a. केवल A, B और E b. केवल A, D और E c. केवल B, C और E d. केवल B, D और E सही उत्तर b. केवल A, D और E कर्लिंगर के अनुसार अच्छी शोध समस्याओं को समझना एक अच्छी शोध - [मूल्य सिद्धांत और अनुसंधान](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%82%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a4-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%a7/): मूल्य सिद्धांत और अनुसंधान मूल्यों का अध्ययन एक व्यापक बहु-विषयक क्षेत्र को कवर करता है। विभिन्न विषयों ने मूल्यों की अवधारणा के अनूठे अभिविन्यासों के साथ इस विषय का अनुसरण किया है। मानवशास्त्र में मूल्यों की शास्त्रीय अवधारणा क्लुकहोन और स्ट्रोड्टबेक (1961) द्वारा प्रस्तुत की गई थी। इस दृष्टिकोण में, मूल्य बुनियादी अस्तित्वगत प्रश्नों के उत्तर देते हैं, और लोगों के जीवन में अर्थ प्रदान करने में मदद करते हैं। उदाहरण के लिए, क्लुकहोन और स्ट्रोड्टबेक का तर्क है कि अमेरिकी व्यक्तिगत प्रयास और पुरस्कार को महत्व देते हैं क्योंकि वे मानव स्वभाव की अंतर्निहित अच्छाई और व्यक्तियों की वांछित लक्ष्यों - [मूल्य सिद्धांत क्या है? अर्थशास्त्र में परिभाषा और उदाहरण](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%82%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%85%e0%a4%b0/): मूल्य सिद्धांत क्या है? अर्थशास्त्र में परिभाषा और उदाहरण परिभाषा मूल्य सिद्धांत कहता है कि वस्तुओं और सेवाओं की कीमतें आपूर्ति और मांग के परस्पर प्रभाव से कभी भी तय होती हैं। मूल्य का सिद्धांत क्या है? मूल्य का सिद्धांत यह समझने के लिए एक रूपरेखा प्रदान करता है कि बाजार अर्थव्यवस्था में कीमतें कैसे निर्धारित होती हैं और ये कीमतें आर्थिक व्यवहार और संसाधन आवंटन को कैसे प्रभावित करती हैं। यह एक आर्थिक सिद्धांत है जो बताता है कि किसी विशिष्ट वस्तु या सेवा की कीमत किसी भी निश्चित बिंदु पर उसकी आपूर्ति और मांग के बीच के संबंध से निर्धारित होती - [दर्शनशास्त्र क्या है? ](https://examcg.com/elementor-14753/): दर्शनशास्त्र क्या है?  अगर आपने कभी सोचा है कि क्या ईश्वर का अस्तित्व है, क्या जीवन का कोई उद्देश्य है, क्या सुंदरता देखने वाले की नज़र में होती है, क्या कोई कार्य सही या गलत होता है, या कोई कानून निष्पक्ष या न्यायसंगत है, तो आपने दर्शनशास्त्र के बारे में ज़रूर सोचा होगा। और ये तो बस कुछ दार्शनिक विषय हैं। लेकिन दर्शन क्या है? यह प्रश्न अपने आप में एक दार्शनिक प्रश्न है। यह निबंध कुछ उत्तरों का सर्वेक्षण करता है। 1. दर्शनशास्त्र को परिभाषित करना दर्शनशास्त्र की सबसे सामान्य परिभाषा यह है कि यह ज्ञान, सत्य और बुद्धि की - [Definitions of Education by Different Authors](https://examcg.com/definitions-of-education-by-different-authors/): Definitions of Education by Different Authors It is difficult to give answer of ‘What is Education‘ in a few lines. Because the ‘Definition of Education‘ is given differently by different people at different times. Therefore, education cannot be described by one’s precise definition. The definitions given by different educators about its education are given below in stages. Definition of Education by Different Authors : According to Socrates “Education means the bring out of the ideas of universal validity which are latent in the mind of every man.” According to Plato “Education is the capacity to feel pleasure and pain at the right moment it develops - [Definition of Philosophy by Different Philosophers](https://examcg.com/definition-of-philosophy-by-different-philosophers/): Definition of Philosophy by Different Philosophers     In this article titled ‘Definition of philosophy by different philosophers‘, you will find many definitions of philosophy given by different philosophers, some of the notable ones are: Definition of philosophy by Plato, Aristotle definition of philosophy, Definition of philosophy According to Hegel, Definition of philosophy According to Karl Marx etc Definitions of Philosophy :  Different philosophers and thinkers have defined philosophy from different perspectives on philosophy. Analyzing the definitions given by them reveals different aspects of philosophy. There have been many definitions of philosophy offered by different philosophers throughout history. Here are some of the most famous : - [Definitions of Philosophy](https://examcg.com/definitions-of-philosophy/): Definitions of Philosophy According to Aristotle – “Philosophy is a science which discovers the real nature of supernatural elements”. According to Levison – “Philosophy is mental activity”. According to Karl Marks – “Philosophy is the interpretation of the world in order to change it”. According to Hegel – “Philosophy is that which grasps its won era in thought.” Kant Immanuel Regards philosophy as “the science and criticism of cognition.” According to Russel – “Philosophy proper deals with matters of interest to the general educated public, and loses much of its value if only a few professionals can understand it.” More Read : Definition of philosophy by different philosophers. According - [Meaning of Research ](https://examcg.com/meaning-of-research/): Meaning of Research   In this article titled ‘meaning of research’, you will find various author’s definitions of research and finally find a complete definition of what research means. Etymological Meaning of Research :  The word “research” comes from the Medieval French verb “rechercher,” which means ‘to actively seek something’. Research is the methodical, thorough investigation of a certain issue, problem, or concern. Research is also a methodical investigation that looks for fresh information in any field of study. Finding answers to particular issues and coming to fresh conclusions are both aided by it. Literal Meaning of Research :     The term - [Research definition by authors](https://examcg.com/research-definition-by-authors/): Research definition by authors     In this article titled ‘Research Definition by Author’, you will find definitions of research given by various authors, some of the notable ones are: Definitions of research according to John W. Best, what is research according to payton, what is research according to kothari, what is research according to crawford, clarke and clarke definition of research,  what is research according to creswell,  What is research according to Kerlinger etc. Definition of Research by Different Authors : According to Wikipedia Research is “creative and systematic work undertaken to increase the stock of knowledge”. According to Payton (1979), Research is a - [एक्सिओम-4 मिशन](https://examcg.com/%e0%a4%8f%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%93%e0%a4%ae-4-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a4%a8/): एक्सिओम-4 मिशन समाचार में क्यों? भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला और 3 अन्य अंतरिक्ष यात्रियों को लेकर एक्सिओम -4 मिशन 15 जुलाई, 2025 को सफलतापूर्वक वापस लौट आया।  एक्सिओम-4 (एक्स-4) मिशन के बारे में यह नासा  और स्पेसएक्स के सहयोग से निजी अमेरिकी कंपनी एक्सिओम स्पेस  का अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए चौथा निजी अंतरिक्ष यात्री मिशन  है । यह एक 14-दिवसीय मिशन  था जिसे नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर, फ्लोरिडा से फाल्कन 9 प्रक्षेपण यान  द्वारा स्पेसएक्स ड्रैगन अंतरिक्ष यान  पर प्रक्षेपित किया गया था । फाल्कन 9  एक दो-चरणीय पुन: प्रयोज्य प्रक्षेपण यान है और ड्रैगन अंतरिक्ष यान  अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में ले जाने के लिए एक पुन: प्रयोज्य क्रू मॉड्यूल है । अंतरिक्ष यात्री:  शुभांशु शुक्ला (भारत), पैगी व्हिटसन (यूएसए), स्लावोज़ उज़्नान्स्की - [रियो डी जेनेरियो में 17वाँ BRICS शिखर सम्मेलन](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b-%e0%a4%a1%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-17%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%81-brics/): रियो डी जेनेरियो में 17वाँ BRICS शिखर सम्मेलन ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में 6-7 जुलाई 2025 को 17वाँ BRICS शिखर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा , जिसमें सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्ष और प्रमुख प्रतिनिधि भाग लेंगे। मुख्य तथ्य: आयोजन स्थल और तिथि: शिखर सम्मेलन 6-7 जुलाई 2025 को रियो डी जेनेरियो के म्यूज़ियम ऑफ मॉडर्न आर्ट (Museu de Arte Moderna/MAM) में आयोजित होगा। वर्तमान ब्रिक्स सदस्य ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, इंडोनेशिया और संयुक्त अरब अमीरात हैं । ब्रिक्स का गठन शुरू में ब्राजील, रूस, भारत और चीन द्वारा किया गया था, बाद में दक्षिण अफ्रीका भी इसमें - [प्राच्यवाद क्या है? (What Is Orientalism)](https://examcg.com/elementor-14667/): प्राच्यवाद क्या है? | What Is Orientalism? in Hindi ओरिएंटलिज्म (Orientalism? in Hindi) ब्रिटिश शासकों और शिक्षाविदों के बीच प्रचलित एक विचारधारा थी, जिन्होंने तर्क दिया था कि भारत को अपने स्वयं के रीति-रिवाजों और कानूनों के अनुसार शासित किया जाना चाहिए, जो उन लोगों के “एंग्लिकनवाद” के विपरीत था जो दावा करते थे कि भारत को ब्रिटिश परंपराओं और कानूनों के अनुसार नियंत्रित किया जाना चाहिए। Download  प्राच्यवाद का इतिहास | History Of Orientalism in Hindi एशियाई समाजों की बोलियों, प्रकाशनों, आस्थाओं, विचारों, इतिहास, कलात्मक प्रयासों और कानूनों का अध्ययन, विशेष रूप से प्राचीन काल से, 18वीं और 19वीं शताब्दी में - [एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल](https://examcg.com/%e0%a4%8f%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a5%8b%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%91%e0%a4%ab-%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%be/): एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल एशियाटिक सोसाइटी ऑफ बंगाल, विद्वानों का समाज जिसकी स्थापना 15 जनवरी 1784 को हुई थी। सर विलियम जोन्स , एक ब्रिटिश वकील और ओरिएंटलिस्ट, ने ओरिएंटल अध्ययन को प्रोत्साहित करने के लिए इसकी स्थापना की। इसकी स्थापना के समय जोन्स ने प्रवचनों की एक प्रसिद्ध श्रृंखला का पहला भाषण दिया। ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के एक उत्कृष्ट विद्वान जोन्स 25 सितंबर, 1783 को कलकत्ता (अब कोलकाता ) में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पहुंचे। उनके आगमन के कुछ समय बाद ही सोसायटी की स्थापना की गई। एशियाटिक सोसायटी को एशियाटिक सोसायटी का समर्थन और प्रोत्साहन प्राप्त था। बंगाल के गवर्नर-जनरल - [प्रारम्भिक पुराणों का तिथि निर्धारण](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a3%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a4%e0%a4%bf/): प्रारम्भिक पुराणों का तिथि निर्धारण प्राचीन भारतीय साहित्य में पुराणों का अपना एक उत्कृष्ट स्थान है। पुराण भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति के मेरूदण्ड हैं। प्राचीन भारतीय ग्रन्थों में पुराणों को वेदों से भी ऊँचा स्थान दिया गया है। मत्स्य पुराण में इसकी महत्ता प्रदर्शित करते हुए बताया गया है कि, ‘‘सभी शास्त्रों में पुराणों की उत्पत्ति सर्वप्रथम हुई इसके पश्चात ही ब्रह्मा के मुख से वेदों की उत्पत्ति हुई।’’1 यह इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि प्राचीन काल में वेदों के समान ही पुराण लोकप्रिय होने के साथ-साथ ज्ञान के प्रमुख स्रोत भी थे।पुराण शब्द का प्रयोग ऋग्वेद में अनेक - [फ्रेडरिक ईडन पार्जिटर](https://examcg.com/%e0%a4%ab%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%a1%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%88%e0%a4%a1%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%97%e0%a4%bf%e0%a4%9f%e0%a4%b0/): फ्रेडरिक ईडन पार्जिटर फ्रेडरिक ईडन पार्जिटर (1852–18 फ़रवरी 1927) एक ब्रिटिश सिविल सेवक और ओरिएंटलिस्ट थे। 1852 में जन्मे पार्गिटर रेव. रॉबर्ट पार्जिटर के दूसरे बेटे थे। उन्होंने टॉन्टन ग्रामर स्कूल और एक्सेटर कॉलेज, ऑक्सफ़ोर्ड में पढ़ाई की, जहाँ उन्होंने 1873 में गणित में प्रथम श्रेणी के साथ उत्तीर्ण किया। पार्गिटर ने भारतीय सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की और 1875 में भारत के लिए रवाना हुए। पार्जिटर ने 1875 से 1906 तक भारत में सेवा की, 1885 में बंगाल सरकार के अवर सचिव , 1887 में जिला और सत्र न्यायालय के न्यायाधीश और 1904 में कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश बने। पार्जिटर - [ITIHASA-PURANA TRADITION IN ANCIENT INDIA; TRADITIONAL HISTORY FROM THE VEDAS, EPICS AND PURANAS](https://examcg.com/itihasa-purana-tradition-in-ancient-india-traditional-history-from-the-vedas-epics-and-puranas/): ITIHASA-PURANA TRADITION IN ANCIENT INDIA;TRADITIONAL HISTORY FROM THE VEDAS, EPICS AND PURANAS Objectives Introduction The ancient Indians were acquainted more with the art than sciences of historiography. It would be too much to expect scientific, serious or absolutely genuine histories from the authors of ancient times. It has been aptly remarked that the modern historian of ancient India unceremoniously discards the ancient forms and ideas, the very context of ancient historical works. The tradition of historical writing in ancient India began in the time of Vedavyasa and continued till the end of twelfth century AD. The oldest Indian historical tradition is - [HISTORIOGRAPHY & APPROACHES TO WRITING OF INDIAN HISTORY](https://examcg.com/historiography-approaches-to-writing-of-indian-history/): HISTORIOGRAPHY & APPROACHES TO WRITING OF INDIAN HISTORY History deals with the past, but it connects with the present also. According    to the Oxford shorter dictionary : A datum experience as distinct from conclusions. The English word ‘ History’ is derived from the Greek word ISTORIA meaning inquiry, research, exploration or information. The Greek were the earliest to define history. Herodotus is known as the father of History. 4 0 CommentsComments are closed - [डेविड हार्वे और उनके आलोचकों के बीच मूल्य सिद्धांत पर हालिया (2018) बहस पर लेख](https://examcg.com/%e0%a4%a1%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a1-%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a5%87-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%89%e0%a4%a8%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%86%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%9a/): डेविड हार्वे और उनके आलोचकों के बीच मूल्य सिद्धांत पर हालिया (2018) बहस पर लेख डेविड हार्वे द्वारा मार्क्स के मूल्य सिद्धांत पर कुछ प्रश्न उठाते हुए लिखे गए एक छोटे से निबंध ने उन विवादास्पद प्रतिक्रियाओं को जन्म दिया है जिनकी उन्होंने अपेक्षा की होगी। रूढ़िवादिता के अपने संस्करण का बचाव करने के लिए सबसे पहले मैदान में उतरे दुर्जेय माइकल रॉबर्ट्स, जिन्हें जल्द ही, हालाँकि एक अलग दृष्टिकोण से,  पॉल कॉकशॉट द्वारा समर्थन मिला । रॉबर्ट्स की आलोचना पर हार्वे की प्रतिक्रिया सहित, संबंधित लेखों के लिंक माइकल रॉबर्ट्स के  ब्लॉग पर सबसे आसानी से मिल सकते हैं।  आगे मैं कुछ मुख्य मतभेदों - [Historical Sense in Ancient India](https://examcg.com/historical-sense-in-ancient-india/): Historical Sense in Ancient India Objectives Introduction Foreign scholars have often complained about India’s lack of an indigenous tradition of historiography. India possesses an enormous heritage of literature accumulated over the Centuries, much of it relating to past events, yet there has never’ been a historian to compare with those of ancient Greece and Rome, or later European scholars who contributed to the development of history as a discipline. Indifference to the western conception of history, to the idea that man can be its subject and agent, actively working to change the human condition, is cited as a distinguishing trait of - [करेंट अफेयर्स क्विज़ - जून 2025](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%9f-%e0%a4%85%e0%a4%ab%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bc-%e0%a4%9c%e0%a5%82%e0%a4%a8-2025/): करेंट अफेयर्स क्विज़ – जून 2025 | UPSC/PSC 📚 करेंट अफेयर्स क्विज़ जून 2025 | UPSC / PSC परीक्षा स्तर 100 प्रश्न • विस्तृत व्याख्या सहित कुल: 100 उत्तरित: 0 सही: 0 गलत: 0 शेष: 100 © 2025 करेंट अफेयर्स क्विज़ | जून 2025 | UPSC/PSC तैयारी हेतु हरे रंग से सही उत्तर और लाल रंग से गलत उत्तर दर्शाया जाता है। 0 CommentsComments are closed - [पश्चिमी इंडोलॉजिस्ट - उद्देश्यों का अध्ययन: भाग 4](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a5%89%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%89%e0%a4%a6%e0%a5%8d/): पश्चिमी इंडोलॉजिस्ट – उद्देश्यों का अध्ययन: भाग 4       (यह पंडित भगवद दत्त द्वारा लिखित मोनोग्राफ “वेस्टर्न इंडोलॉजिस्ट्स – ए स्टडी इन मोटिव्स” का अंतिम भाग है, जिसे 4 भाग की श्रृंखला के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। पहले के भाग यहाँ पढ़ें – भाग 1 , भाग 2 , भाग 3 ) अधिकांश भारतीय विद्वान और राजनेता इस पूर्वाग्रह से अनभिज्ञ हैं हमने इस तरह के पश्चिमी विद्वानों की मानसिकता को पर्याप्त रूप से उजागर किया है। उन्हें अपनी सरकारों से और भारत में ब्रिटिश सरकार से भी बहुत अधिक वित्तीय सहायता मिली, जिसका उपयोग उन्होंने बहुत ही सूक्ष्म और छद्म तरीके से अपने प्रतिक्रियावादी विचारों का - [पश्चिमी भारतविद्याविद - उद्देश्यों का अध्ययन: भाग 3](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a6-%e0%a4%89/): पश्चिमी भारतविद्याविद – उद्देश्यों का अध्ययन: भाग 3   (यह पंडित भगवद दत्त द्वारा लिखित मोनोग्राफ “वेस्टर्न इंडोलॉजिस्ट्स – ए स्टडी इन मोटिव्स” का भाग 3 है, जिसे 4 भाग की श्रृंखला के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। पहले के भाग यहाँ पढ़ें – भाग 1 , भाग 2 ) पूर्वाग्रही संस्कृत प्रोफेसर V.) वेबर का पूर्वाग्रह जिस समय मैक्समूलर इंग्लैंड में भारतीय साहित्य और धर्म की महिमा को धूमिल करने में व्यस्त थे, उसी समय अल्बर्ट वेबर जर्मनी में उसी अपमानजनक कार्य में लगे हुए थे। हम पहले ही हम्बोल्ट द्वारा भगवद-गीता की मुक्त कंठ से प्रशंसा का उल्लेख कर चुके - [पश्चिमी भारतविद्याविद् - उद्देश्यों का अध्ययन: भाग 2](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d/): पश्चिमी भारतविद्याविद् – उद्देश्यों का अध्ययन: भाग 2  (यह पंडित भगवद दत्त द्वारा लिखित मोनोग्राफ “वेस्टर्न इंडोलॉजिस्ट्स – ए स्टडी इन मोटिव्स” का भाग 2 है, जिसे 4 भाग की श्रृंखला के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। भाग 1 यहाँ पढ़ें ।) ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में संस्कृत की बोडेन चेयर का उद्देश्य विक्रम संवत  (वि.स.) 1890 में  होरेस हेमैन विल्सन ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय में संस्कृत के बोडेन प्रोफेसर बने। उनके उत्तराधिकारी प्रोफेसर एम. मोनियर विलियम्स ने निम्नलिखित शब्दों में उस पीठ की स्थापना के उद्देश्य की ओर विद्वानों का ध्यान आकर्षित किया है:- “मैं इस तथ्य की ओर आपका ध्यान आकर्षित करना चाहता हूँ कि मैं बोडेन चेयर - [पश्चिमी इंडोलॉजिस्ट - उद्देश्यों का अध्ययन: भाग 1](https://examcg.com/elementor-14595/): पश्चिमी इंडोलॉजिस्ट – उद्देश्यों का अध्ययन: भाग 1 (यह शोध विद्वान पंडित भगवद दत्त द्वारा लिखित मोनोग्राफ “वेस्टर्न इंडोलॉजिस्ट्स – ए स्टडी इन मोटिव्स” का पुनरुत्पादन है। इसे 4 भाग की श्रृंखला के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।) पं. भगवद दत्त द्वारा लिखित प्रस्तावना प्रस्तुत मोनोग्राफ मेरी पुस्तक ‘भारतवर्ष का बृहद इतिहास’ खंड I (1951 में प्रकाशित) के अध्याय III के प्रथम तर्क का विस्तृत अंग्रेजी संस्करण है। मैंने इस कार्य को उन मित्रों और विद्वानों के लगातार अनुरोधों के जवाब में किया है, जिन्होंने उस खंड को अग्रिम प्रूफ़ में और इसके प्रकाशित रूप में भी पढ़ा है। - [प्रथम इंडोलॉजिस्ट](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a5%e0%a4%ae-%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a5%89%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f/): प्रथम इंडोलॉजिस्ट   यह लेख पहली बार 1977 में प्रकाशित पुस्तक ‘रीडिंग्स इन वैदिक लिटरेचर: द ट्रेडिशन स्पीक्स फॉर इट्स’ में एक अध्याय के रूप में प्रकाशित हुआ था, जिसे कॉलेज की पाठ्यपुस्तक के रूप में उपयोग के लिए प्रकाशित किया गया था। यह अंश शोध की गहराई और प्रस्तुति के तरीके का एक उदाहरण है जो इस्कॉन द्वारा अकादमिक दर्शकों के साथ प्रभावी ढंग से संवाद करने के लिए आवश्यक है। प्रस्तुत दृष्टिकोण और निष्कर्ष बताते हैं कि कैसे गौड़ीय वैष्णववाद अपनी आवाज़ पा सकता है और समकालीन दुनिया में खुद के लिए बोलना सीख सकता है। अठारहवीं सदी के - [महाजनपदों का उदय](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%aa%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%89%e0%a4%a6%e0%a4%af/): महाजनपदों का उदय परिचय भारत का इतिहास छठी शताब्दी से चौथी शताब्दी ईसा पूर्व तक का है, जिसे उचित रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है । हम देख सकते हैं कि कैसे पहले के बदलावों ने राजनीतिक प्रक्रियाओं में एक नया आयाम जोड़ा, जो उस समय लोगों के बदलते भौतिक जीवन में दृढ़ता से निहित थे। पृष्ठभूमि इन अवधियों के बीच, कृषि-आधारित वातावरण के परिणामस्वरूप गंगा घाटी में एक नए प्रकार का समाज उभरा। यही कारण है कि इतिहासकार भारतीय इतिहास के प्रारंभिक ऐतिहासिक काल की शुरुआत इसी चरण से मानते हैं।  समीक्षाधीन अवधि के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी बिहार में - [महाजनपद: प्राचीन भारत का राजनीतिक परिदृश्य](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%aa%e0%a4%a6-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b0/): महाजनपद: प्राचीन भारत का राजनीतिक परिदृश्य लगभग 6ठी से 4थी शताब्दी ईसा पूर्व तक का कालखंड प्राचीन भारत के ऐतिहासिक प्रक्षेपवक्र में एक परिवर्तनकारी युग के रूप में खड़ा है, जिसे आमतौर पर महाजनपदों के युग के रूप में जाना जाता है । इस चरण ने पूर्ववर्ती वैदिक काल के सरल, अक्सर रिश्तेदारी आधारित सामाजिक संरचनाओं से एक महत्वपूर्ण प्रस्थान को चिह्नित किया, जो कि अर्द्ध खानाबदोश आदिवासी राजनीति से लेकर, जिसे जनपद के रूप में जाना जाता है , बड़े, समेकित और व्यवस्थित क्षेत्रीय राज्यों के उद्भव के लिए एक गहरा बदलाव देखा गया। राज्य गठन और सामाजिक पुनर्गठन की इस जटिल प्रक्रिया को इतिहासकारों द्वारा भारतीय उपमहाद्वीप में द्वितीय शहरीकरण के रूप में व्यापक रूप से पहचाना जाता है। यह - [हरमन जैकोबी - जर्मन इंडोलॉजिस्ट 1850 - 1937](https://examcg.com/%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a4%a8-%e0%a4%9c%e0%a5%88%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%ac%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%a8-%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a5%89/): हरमन जैकोबी – जर्मन इंडोलॉजिस्ट 1850 – 1937 1850-1937 हरमन जैकोबी  एक विद्वान थे जिन्होंने इंडोलॉजी के कई पहलुओं पर काम किया। उनका मुख्य योगदान जैना  अध्ययन के क्षेत्र में था। हरमन जॉर्ज जैकोबी का जन्म 1.2.1850 को कोलन में हुआ था। उन्होंने अपने पैतृक शहर में हाई स्कूल में पढ़ाई की और फिर बर्लिन  चले गए जहाँ उन्होंने गणित का अध्ययन किया। जल्द ही उन्होंने संस्कृत  और तुलनात्मक भाषा विज्ञान को अपना लिया । 1872 में, उन्होंने बॉन  विश्वविद्यालय  से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की । उनकी थीसिस का शीर्षक डी एस्ट्रोलॉजिया इंडिके ‘होरा‘ एपेलेट ओरिजिनिबस (“भारतीय ज्योतिष के शब्द होरा की उत्पत्ति पर “) था। जैकोबी  ने एक साल लंदन  में बिताया और 1873-74 में भारत का दौरा किया। यह यात्रा - [भारत में जैन धर्म](https://examcg.com/elementor-14556/): भारत में जैन धर्म भारत में जैन धर्म परिचय भारतीय इतिहास में छठी शताब्दी ईसा पूर्व समकालीन धर्मों के निर्माण के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण क्षण था । राजतंत्र, पुरोहिती और अनुष्ठानिक बलिदानों के रीति-रिवाजों के संबंध में लोगों में गुस्सा और असंतोष बढ़ रहा था। इसके साथ ही लोगों ने इन प्रथाओं के उत्तर खोजने शुरू कर दिए और धार्मिक प्रथाओं और संबंधित पहलुओं के संबंध में सवाल उठाने लगे। पृष्ठभूमि छठी शताब्दी ईसा पूर्व भारतीय उपमहाद्वीप में बौद्धिक क्रांति का युग था । इस अवधि के दौरान, कई नए विचार और दर्शन उभरे, जिन्होंने लोगों के सामने जीवन का एक नया दृष्टिकोण प्रस्तुत - [The Organization of the Petroleum Exporting Countries (OPEC)](https://examcg.com/the-organization-of-the-petroleum-exporting-countries-opec/): The Organization of the Petroleum Exporting Countries (OPEC) The Organization of the Petroleum Exporting Countries (OPEC) is a permanent, intergovernmental Organization, created at the Baghdad Conference on September 10–14, 1960, by Iran, Iraq, Kuwait, Saudi Arabia and Venezuela. The five Founding Members were later joined by: Qatar (1961) – terminated its membership in January 2019; Indonesia (1962) – suspended its membership in January 2009, reactivated it in January 2016, but decided to suspend it again in November 2016; Libya (1962); United Arab Emirates (1967); Algeria (1969); Nigeria (1971); Ecuador (1973) – suspended its membership in December 1992, reactivated it in October - [न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी): यूपीएससी के लिए भूमिकाएं, उद्देश्य, उपलब्धियां और चिंताएं](https://examcg.com/%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%82-%e0%a4%a1%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a4%b2%e0%a4%aa%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%9f-%e0%a4%ac%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%95-%e0%a4%8f%e0%a4%a8%e0%a4%a1%e0%a5%80/): न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी): यूपीएससी के लिए भूमिकाएं, उद्देश्य, उपलब्धियां और चिंताएं न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) [New Development Bank in Hindi] एक बहुपक्षीय विकास बैंक है जिसका उद्देश्य ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका (BRICS) और अन्य उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों (EMDC) में सतत विकास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए संसाधन जुटाना है। न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) [New Development Bank in Hindi] 2015 में ब्रिक्स द्वारा स्थापित किया गया था। न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) [new development bank members in Hindi] भी परियोजनाओं को वित्तपोषित करता है और अधिक समावेशी, लचीला और टिकाऊ ग्रह के लिए भविष्य के निर्माण में मदद करने के लिए अभिनव अनुरूप समाधान विकसित करता है। न्यू - [सांस्कृतिक विरासत: भारत में मूर्त और अमूर्त सांस्कृतिक विरासत यूपीएससी नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%a4-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae/): सांस्कृतिक विरासत: भारत में मूर्त और अमूर्त सांस्कृतिक विरासत यूपीएससी नोट्स दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक भारत की सांस्कृतिक विरासत (Cultural Heritage in Hindi) मूर्त और अमूर्त विरासत संपत्तियों से विरासत में मिली है। यह धर्मों, परंपराओं और रीति-रिवाजों का एक सर्वव्यापी संगम है। भारतीय कला, वास्तुकला, शास्त्रीय नृत्य, संगीत, वनस्पतियों और वन्य जीवन की समृद्धि, साथ ही साथ इसके लोगों की अंतर्निहित धर्मनिरपेक्ष मानसिकता, भारतीय विरासत की मुख्य विशेषताएं हैं। किसी ऐतिहासिक स्थल की यात्रा इतिहास में टहलने जैसा है, जहाँ भारतीय भूमि पर शासन करने वाले प्रत्येक राजवंश ने सड़क पर एक नया मोड़ दिया है। - [यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा मध्यकालीन भारतीय इतिहास के लिए महत्वपूर्ण शब्दावली](https://examcg.com/%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%b8%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95-2/): यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा मध्यकालीन भारतीय इतिहास के लिए महत्वपूर्ण शब्दावली भारतीय इतिहास में मूल शब्दों की समझ इस विषय के साथ-साथ अन्य परस्पर संबंधित अवधारणाओं की विस्तृत समझ के लिए महत्वपूर्ण है। यूपीएससी परीक्षा में मध्यकालीन भारतीय इतिहास से संबंधित महत्वपूर्ण शब्दावली (Important Vocabulary Related to Medieval Indian History in Hindi) पर लगातार प्रश्न पूछे गए हैं। मध्यकालीन भारतीय इतिहास से संबंधित महत्वपूर्ण शब्दावली (Important Terms Related to Medieval Indian History in Hindi) यूपीएससी आईएएस परीक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है और यह मध्यकालीन भारतीय इतिहास खंड के तहत सामान्य अध्ययन पेपर 1 (प्रारंभिक) के अंतर्गत आता है।  इस लेख में हमें मूल - [उत्तराखंड की पहली योग नीति](https://examcg.com/%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%96%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97-%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%a4/): उत्तराखंड की पहली योग नीति चर्चा में क्यों? उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने राज्य की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राज्य की पहली योग नीति का शुभारंभ किया।  साथ ही गढ़वाल और कुमाऊँ क्षेत्रों में ‘आध्यात्मिक आर्थिक क्षेत्र‘ (Spiritual Economic Zones) के निर्माण की भी घोषणा की गई। मुख्य बिंदु योग नीति के बारे में:  इसका उद्देश्य उत्तराखंड को योग और कल्याण की वैश्विक राजधानी के रूप में विकसित करना है। यह नीति ‘हर घर योग, हर व्यक्ति को स्वास्थ्य’ की अवधारणा को बढ़ावा देती है, जिसमें केंद्र सरकार का सहयोग प्राप्त है। वित्तीय प्रावधान:  इस नीति के तहत योग और ध्यान केंद्रों की - [बीज महोत्सव 2025](https://examcg.com/%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%9c-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a4%b5-2025/): बीज महोत्सव 2025 चर्चा में क्यों? राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात के आदिवासी त्रिसीमा में आयोजित चार दिवसीय बीज उत्सव (बीज महोत्सव) 2025 में स्वदेशी बीजों के सांस्कृतिक और पारिस्थितिकी महत्व का उत्सवपूर्वक प्रदर्शन किया गया।  देशी बीज एक निश्चित जलवायु और स्थान पर पैदा होते हैं और उनका संरक्षण प्रायः स्थानीय समुदायों के द्वारा किया जाता है।  मुख्य बिंदु बीज महोत्सव के बारे में कार्यक्रम एवं सम्मान:  इस महोत्सव में अनाज, दालों, सब्ज़ियों और फलों के स्वदेशी बीजों को प्रदर्शित किया गया, जिनमें कई दुर्लभ और विस्मृत किस्में भी शामिल थीं। पारंपरिक फलों के बीजों में जंगली आम, आकोल और टिमरू शामिल थे, जबकि पारंपरिक अनाज में दूध मोगर (देशी मक्का) और काली कामोद और ढिमरी की धान की - [महत्वपूर्ण प्रश्न संग्रह](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a3-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b9/): (1) निम्नलिखित में से कौन सा देश क्रोएशिया गणराज्य के साथ स्थलीय सीमा साझा करता है? ऑस्ट्रिया सर्बिया रोमानिया स्लोवेनिया बोस्निया नीचे दिये गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिये: केवल 1, 2, 3 और 4केवल 1, 2 और 4केवल 2, 4 और 51, 2, 3, 4 और 5 उत्तर: C  व्याख्या: क्रोएशिया (क्रोएशिया गणराज्य): क्रोएशिया मध्य और दक्षिण-पूर्व यूरोप के संगम पर एड्रियाटिक सागर के किनारे स्थित है। इसकी स्थलीय सीमा स्लोवेनिया, हंगरी, सर्बिया, बोस्निया और हेर्ज़ेगोविना, मोंटेनेग्रो के साथ तथा समुद्री सीमा इटली के साथ लगती है। अतः विकल्प C सही है। और पढ़ें… (2) सरकार ने हाल ही में नव्या पोर्टल - [भारत में बौद्ध धर्म का इतिहास](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a5%8c%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%a7%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf/): भारत में बौद्ध धर्म का इतिहास गौतम बुद्ध (563 ई.पू.-483 ई.पू.) गौतम बुद्ध का जन्म शाक्य वंश के शाही राजवंश में हुआ था , जो भारत-नेपाल सीमा पर स्थित कपिलवस्तु के लुम्बिनी से शासन करता था। शुद्धोधन और महामाया उनके माता-पिता थे। शुद्धोधन शाक्य वंश का मुखिया था। इसी कारण बुद्ध को ‘ शाक्यमुनि ‘ भी कहा जाता था । महामाया महामाया की माँ हैं ( कोशलन राजवंश की एक राजकुमारी )। गौतमी ने ही सिद्धार्थ गौतम को जन्म दिया था और उन्होंने ही उनका पालन-पोषण किया था। महाप्रजापति गौतमी , बुद्ध की पालक माँ, भिक्षुणी के रूप में नियुक्त होने वाली पहली महिला थीं । सिद्धार्थ गौतम ने यात्रा के दौरान एक बूढ़े व्यक्ति, एक बीमार व्यक्ति, एक मृत शरीर और - [प्राचीन भारतीय इतिहास: स्रोत और व्याख्या](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%b8%e0%a5%8d/): प्राचीन भारतीय इतिहास: स्रोत और व्याख्या भारत की सांस्कृतिक विरासत विविधतापूर्ण और समृद्ध है। इतिहास विभिन्न युगों में सभ्यता के विकास से संबंधित है। वर्तमान भारत को पूरी तरह से समझने के लिए, इसके प्राचीन अतीत को जानना आवश्यक है। प्राचीन भारतीय इतिहास के पुनर्निर्माण की चुनौतियाँ इतिहासकारों को भारत के प्राचीन इतिहास के पुनर्निर्माण में महत्वपूर्ण कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। मुख्य चुनौती ऐतिहासिक स्रोतों की उपलब्धता और व्याख्या में है। भारत के अतीत का अध्ययन करने के लिए इतिहासकार विभिन्न स्रोतों पर निर्भर करते हैं। प्राचीन भारतीय ऐतिहासिक स्रोतों की श्रेणियाँ प्राचीन भारतीय इतिहास के पुनर्निर्माण के लिए - [जाति और वर्ग के बीच अंतर - प्राचीन भारत इतिहास नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%97-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%9a-%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a5%8d/): जाति और वर्ग के बीच अंतर – प्राचीन भारत इतिहास नोट्स जाति एक प्रकार का सामाजिक स्तरीकरण है जो एक ही कारक, कर्मकांडीय अधिकार वैधता द्वारा निर्धारित होता है। किसी व्यक्ति का वर्ग आर्थिक स्थिति, शिक्षा, शक्ति, उपलब्धियों आदि जैसे कई कारकों से निर्धारित होता है। वैदिक काल से ही भारत में जाति व्यवस्था विद्यमान है। वर्ण व्यवस्था के आधार पर , प्राचीन काल से ही भारत में चार प्रकार के ‘वर्ण’ प्रचलित हैं। ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र चार जातियाँ हैं। इनमें से प्रत्येक वर्ण में सैकड़ों जातियों का प्रतिनिधित्व किया गया है। यह लेख आपको जाति और वर्ग के बीच अंतर समझाएगा जो यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा - [महावीर स्वामी का जीवन परिचय एवं शिक्षा](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf/): महावीर स्वामी का जीवन परिचय एवं शिक्षा महावीर स्वामी का जीवन परिचय हिंदी में महावीर स्वामी जैन धर्म के 24 वे तीर्थंकर थे। वे जैन धर्म के प्रवर्तक या संस्थापक नहीं थे। उन्होंने जैन धर्म के सिद्धांतों को नवीन दृष्टी से परिवर्द्धित किया और उसके प्रचार प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया । कुछ विद्वान उन्हें जैन धर्म का सुधारक मानतें हैं। उन्होंने जैन धर्म के सिद्धांतों को एक नवीन दृष्टि से सुव्यवस्थित एवं परिवर्द्धित किया और उसके प्रचार प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया इसलिए कुछ विद्वान उन्हें जैन धर्म का सुधारक मानते हैं। महावीर स्वामी कुल का परिचय महावीर स्वामी का जन्म 599 ई.पू. (कुछ - [यूनेस्को (UNESCO)](https://examcg.com/%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%8b-unesco/): यूनेस्को (UNESCO) संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन’ (UNESCO) संयुक्त राष्ट्र की एक विशेष एजेंसी है। यह शिक्षा, विज्ञान एवं संस्कृति के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से शांति स्थापित करने का  प्रयास करती है। यूनेस्को यूनेस्को (UNESCO) ‘संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन (United Nations Educational, Scientific and Cultural Organization)’ का संक्षिप्त रूप है। यह संयुक्त राष्ट्र का ही एक भाग है। मुख्यालय-पेरिस (फ्राँस) गठन – 16 नवंबर, 1945 कार्य – शिक्षा, प्रकृति तथा समाज विज्ञान, संस्कृति और संचार के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय शांति को बढ़ावा देना। उद्देश्य – इसका उद्देश्य शिक्षा एवं संस्कृति के अंतर्राष्ट्रीय सहयोग से शांति एवं सुरक्षा - [वन संरक्षण](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%a3/): वन संरक्षण भारत सरकार द्वारा शुरू की गई वन संरक्षण नीति एक व्यापक रूपरेखा है जिसका उद्देश्य वनों के स्थायी प्रबंधन पर केंद्रित है ताकि स्थानीय समुदायों की सामाजिक-आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा करते हुए उनकी दीर्घकालिक व्यवहार्यता सुनिश्चित की जा सके। नीति के प्रमुख पहलुओं का विस्तृत अवलोकन इस प्रकार है। वन संरक्षण | कक्षा 11 भूगोल नोट्स वन संरक्षण इस नीति की जड़ें 1952 की वन नीति से जुड़ी हैं, जिसमें पारिस्थितिकी स्थिरता और सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए वनों के महत्व को मान्यता दी गई थी। इस नीति को बाद में 1988 में बदलते पर्यावरणीय और सामाजिक-आर्थिक संदर्भों के साथ - [विश्व पर्यावरण दिवस](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b8/): विश्व पर्यावरण दिवस चर्चा में क्यों? विश्व पर्यावरण दिवस (WED) 5 जून, 2025 को मनाया गया, जिसकी वैश्विक मेज़बानी दक्षिण कोरिया (कोरिया गणराज्य) द्वारा की गई। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री ‘अरावली ग्रीन वॉल प्रोजेक्ट‘ के हिस्से के रूप में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पहल के अंतर्गत बरगद का पौधा लगाएंगे। विश्व पर्यावरण दिवस 2025 क्या है? विषय: विश्व पर्यावरण दिवस WED की स्थापना वर्ष 1972 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा द्वारा की गई थी, जिसकी पहली बार चर्चा मानव पर्यावरण पर स्टॉकहोम सम्मेलन द्वारा आयोजित पर्यावरणीय मुद्दों पर केंद्रित पहले प्रमुख वैश्विक शिखर सम्मेलन में की गई थी। वर्ष 1973 में अपनी स्थापना दिवस के बाद से इस आयोजन का नेतृत्व संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) द्वारा - [वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%a3-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%ae-1972/): वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 चर्चा में क्यों?    वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 ने अपनी स्थापना के 51 वर्ष पूरे कर लिये हैं और इन वर्षों में यह कई लुप्तप्राय प्रजातियों की रक्षा करने में सफल रहा है। इस अधिनियम ने देश के विविध वन्यजीवों के संरक्षण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972: परिचय: वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 जंगली जानवरों और पौधों की विभिन्न प्रजातियों के संरक्षण, उनके आवासों के प्रबंधन, जंगली जानवरों, पौधों तथा उनसे बने उत्पादों के व्यापार के विनियमन एवं नियंत्रण के लिये एक कानूनी ढाँचा प्रदान करता है। यह अधिनियम उन पौधों और जानवरों की अनुसूचियों को भी सूचीबद्ध करता है जिन्हें सरकार द्वारा - [वन एवं वन्य जीवन का संरक्षण](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%a8-%e0%a4%8f%e0%a4%b5%e0%a4%82-%e0%a4%b5%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7/): वन एवं वन्य जीवन का संरक्षण   वनों और वन्यजीवों का संरक्षण महत्वपूर्ण है क्योंकि मनुष्यों ने पृथ्वी के वनस्पतियों और जीवों को बहुत हद तक बदल दिया है। वन्यजीव प्राकृतिक प्रक्रियाओं में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल होकर हमारे पर्यावरण की स्थिरता में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। खाद्य श्रृंखला में प्रत्येक जीवित जीव समान रूप से महत्वपूर्ण है और सभी एक दूसरे से जुड़े हुए हैं और जीवित रहने के लिए एक दूसरे पर निर्भर हैं। वन संसाधन प्रदान करते हैं, वैश्विक तापमान को नियंत्रित करते हैं, मिट्टी के कटाव को रोकते हैं, और 80% से अधिक पशु प्रजातियों और - [वन्यजीव अभयारण्य और राष्ट्रीय उद्यान के बीच अंतर](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5-%e0%a4%85%e0%a4%ad%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a3%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d/): वन्यजीव अभयारण्य और राष्ट्रीय उद्यान के बीच अंतर वन्यजीवों को दुनिया भर में प्राथमिक प्राकृतिक विरासत माना जाता है। नियमित औद्योगिकीकरण और वनों की कटाई ने वन्यजीवों के विलुप्त होने का खतरा पैदा कर दिया है। इसलिए देश इस प्राकृतिक विरासत को संरक्षित और संरक्षित करने के लिए वन्यजीव अभयारण्य, राष्ट्रीय उद्यान, बायोस्फीयर रिजर्व और बहुत कुछ नामित करते हैं। वन्यजीव अभयारण्य क्या है? अभ्यारण्य शब्द संस्कृत के शब्द अभय और अरण्य से मिलकर बना है। अभय का अर्थ है जहाँ जानवर घूम सकें और अरण्य का अर्थ है जंगल। इसलिए हम कह सकते हैं कि वह स्थान जहाँ जानवर जंगल - [प्राकृतिक और कृत्रिम पारिस्थितिकी तंत्र के बीच अंतर](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%ae-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b0/): प्राकृतिक और कृत्रिम पारिस्थितिकी तंत्र के बीच अंतर प्राकृतिक और कृत्रिम पारिस्थितिकी तंत्र के बीच मुख्य अंतर यह है कि प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र वह पारिस्थितिकी तंत्र है जो बिना किसी मानवीय प्रभाव के स्वाभाविक रूप से होता है, जबकि कृत्रिम पारिस्थितिकी तंत्र मनुष्यों द्वारा बनाया और बनाए रखा जाता है। पारिस्थितिकी तंत्र जीवित जीवों का एक समुदाय है जो एक दूसरे के साथ और उस पर्यावरण के साथ बातचीत करते हैं जहाँ वे रहते हैं। इस लेख में, हम प्राकृतिक और कृत्रिम पारिस्थितिक तंत्र, उनके प्रकार, उदाहरण और प्राकृतिक और कृत्रिम पारिस्थितिक तंत्र के बीच अंतर के बारे में पढ़ेंगे । सामग्री की तालिका - [पारिस्थितिकी तंत्र और बायोम के बीच अंतर](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a4%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a4%be/): पारिस्थितिकी तंत्र और बायोम के बीच अंतर पारिस्थितिकी तंत्र और बायोम एक दूसरे से संबंधित हैं क्योंकि दोनों शब्द हमारे ग्रह के पर्यावरण से जुड़े हैं। एक ओर, एक पारिस्थितिकी तंत्र एक विशेष आवास में अपने भौतिक पर्यावरण के साथ विभिन्न प्रकार के जीवों की परस्पर क्रिया का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि दूसरी ओर, एक बायोम एक विशेष भौगोलिक स्थान में मौजूद सभी पारिस्थितिकी तंत्रों का प्रतिनिधित्व करता है। पारिस्थितिकी तंत्र शब्द 1935 में सर एजी टैन्सले द्वारा गढ़ा गया था और बायोम 1906 में एफई क्लेमेंट्स द्वारा गढ़ा गया था। सामग्री की तालिका पारिस्थितिकी तंत्र बायोम पारिस्थितिकी तंत्र और बायोम - [शीतोष्ण और उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों के बीच अंतर](https://examcg.com/%e0%a4%b6%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a5%8b%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%a3-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%89%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%a3%e0%a4%95%e0%a4%9f%e0%a4%bf%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%80%e0%a4%af/): शीतोष्ण और उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों के बीच अंतर उष्णकटिबंधीय क्षेत्र उन क्षेत्रों को कहते हैं जहाँ तापमान ज़्यादातर 65 डिग्री फ़ारेनहाइट या उससे ज़्यादा रहता है। समशीतोष्ण क्षेत्र वह क्षेत्र है जहाँ तापमान में उतार-चढ़ाव होता है लेकिन अत्यधिक ठंड या गर्मी नहीं होती। यह क्षेत्र ज़्यादातर भूमध्य रेखा और ध्रुव के बीच स्थित है। उष्णकटिबंधीय क्षेत्र उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में बहुत ज़्यादा ठंड नहीं पड़ती और सर्दियों में बर्फ़बारी भी नहीं होती। इसलिए, उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों को गर्म या आर्द्र क्षेत्र भी कहा जाता है। उनमें आम तौर पर उच्च तापमान होता है और पूर्व की ओर बहने वाली हवाओं के कारण कोई - [UNFPA विश्व जनसंख्या स्थिति रिपोर्ट 2025](https://examcg.com/unfpa-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%96%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%b0%e0%a4%bf/): UNFPA विश्व जनसंख्या स्थिति रिपोर्ट 2025 चर्चा में क्यों? संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) ने अपनी विश्व जनसंख्या की स्थिति (SOWP) 2025 रिपोर्ट “The Real Fertility Crisis अर्थात् वास्तविक प्रजनन संकट” शीर्षक से जारी की है। यह भारत को विश्व का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश बताता है और प्रजनन क्षमता, उम्र बढ़ने एवं प्रजनन स्वायत्तता में महत्त्वपूर्ण बदलावों को उजागर करता है, जनसंख्या में गिरावट के डर के बजाय लोगों के अधूरे प्रजनन लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह करता है। भारत से संबंधित UNFPA रिपोर्ट 2025 की मुख्य विशेषताएँ क्या हैं? जनसंख्या का आकार एवं अनुमान: अप्रैल 2025 में भारत की जनसंख्या 146.39 करोड़ होने का अनुमान है, जो विश्व में सबसे - [जिला मजिस्ट्रेट प्रणाली की उत्पत्ति](https://examcg.com/%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%9f-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a3%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80/): जिला मजिस्ट्रेट प्रणाली की उत्पत्ति “जिला मजिस्ट्रेट: यह नेतृत्व नहीं, व्यक्तित्व पंथ है|” जिला मजिस्ट्रेट प्रणाली की दक्षता का पुनर्मूल्यांकन करने के केंद्र के कदम के बाद सार्वजनिक बहस के बीच विकेंद्रीकरण पर द्वितीय एआरसी की सिफारिशें फिर से सामने आई हैं । जिला मजिस्ट्रेट प्रणाली की उत्पत्ति परिचय: ब्रिटिश राज ने कलेक्टर प्रणाली की शुरुआत मुख्य रूप से नियंत्रण , कर संग्रह और विद्रोहों को दबाने के लिए की थी । कलेक्टर की भूमिका: कलेक्टर को जिले में ब्रिटिश सत्ता का चेहरा बनाया गया , जो स्थानीय स्तर पर साम्राज्यवादी शक्ति का प्रतीक था। विस्तार: इस प्रणाली की शुरुआत 1772 में बंगाल में वॉरेन हेस्टिंग्स द्वारा की गई थी । बाद में इसे पूरे भारत में फैलाया गया और अंततः यह जिला शासन का डिफ़ॉल्ट मॉडल बन गया । - [उत्तराखंड में हिमालयी चमगादड़ की नई प्रजाति मिली](https://examcg.com/%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%96%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%af%e0%a5%80-%e0%a4%9a%e0%a4%ae/): उत्तराखंड में हिमालयी चमगादड़ की नई प्रजाति मिली चर्चा में क्यों? भारतीय वैज्ञानिकों द्वारा हाल ही में किये गए एक अध्ययन में विज्ञान के लिये एक नई चमगादड़ प्रजाति, हिमालयन लॉन्ग-टेल्ड मायोटिस (मायोटिस हिमालयकस) का पता चला है, जो उत्तराखंड में पाई गई है।  इससे पहले इसकी पहचान वर्ष 1998 में पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में हुई थी। मुख्य बिंदु अध्ययन के मुख्य निष्कर्ष और निहितार्थ अध्ययन के बारे में: भारतीय वैज्ञानिकों ने हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में सर्वेक्षण के दौरान वर्ष 2017 तथा 2021 के बीच 29 चमगादड़ प्रजातियों का दस्तावेज़ीकरण किया।  नई चमगादड़ प्रजाति: उत्तराखंड के केदारनाथ वन्यजीव अभयारण्य में पाए जाने वाले हिमालयन लॉन्ग-टेल्ड मायोटिस को ज़ूटाक्सा जर्नल में - [भारत में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति का कल्याण](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%82%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%85%e0%a4%a8/): भारत में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति का कल्याण      टैग्स:  सामान्य अध्ययन-II एससी और एसटी से संबंधित मुद्दे सरकारी नीतियाँ और हस्तक्षेप नीतियों के निर्माण और कार्यान्वयन से उत्पन्न मुद्दे   प्रिलिम्स के लिये: अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989, अनुच्छेद 342, अनुच्छेद 341, अनुच्छेद 15 (4), अनुच्छेद 16 (4), अनुच्छेद 46, अनुच्छेद 340, NCST, पाँचवीं अनुसूची, छठी अनुसूची, वन अधिकार अधिनियम, 2006, नमस्ते, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (EMRS)। मेन्स के लिये: अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों से संबंधित मुद्दे, सरकारी नीतियाँ और हस्तक्षेप तथा आगे की राह। चर्चा में क्यों? सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों पर अस्पृश्यता तथा अत्याचार के अपराधों - [ब्रिक्स क्या है?](https://examcg.com/%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88/): ब्रिक्स क्या है? ब्रिक्स ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ़्रीका का संक्षिप्त रूप है, ये देश 2001 में गोल्डमैन सैक्स के अर्थशास्त्री जिम ओ’नील द्वारा इस शब्द के निर्माण के बाद एक साझेदारी में शामिल हुए थे (लेकिन उस समय इसमें दक्षिण अफ़्रीका शामिल नहीं था)। उनका मानना था कि 2050 तक चार ब्रिक अर्थव्यवस्थाएँ वैश्विक अर्थव्यवस्था पर हावी हो जाएँगी। दक्षिण अफ़्रीका को 2010 में इस सूची में जोड़ा गया था।  ब्रिक्स देश एक ऐसे संगठन के रूप में कार्य करते हैं जो सदस्य देशों के बीच आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने तथा विश्व में उनकी आर्थिक और राजनीतिक - [अरुणाचल प्रदेश का एतालिन जलविद्युत परियोजना](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a5%81%e0%a4%a3%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a4%b2-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%8f%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%a8/): अरुणाचल प्रदेश का एतालिन जलविद्युत परियोजना  10 जून 2025 को, केंद्र सरकार की पर्यावरण मंत्रालय की वन सलाहकार समिति (FAC) ने अरुणाचल प्रदेश के दिबांग घाटी में प्रस्तावित 3,097 मेगावाट क्षमता वाली एतालिन जलविद्युत परियोजना को वन भूमि उपयोग की सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की। यह परियोजना अरुणाचल प्रदेश की दिबांग घाटी में द्री नदी और तालो नदी (स्थानीय नाम: दिबांग) पर प्रस्तावित है। मुख्य तथ्य: परियोजना क्षमता: एतालिन परियोजना भारत की सबसे बड़ी प्रस्तावित जलविद्युत परियोजनाओं में से एक है, जिसकी क्षमता 3,097 मेगावाट है। वन भूमि डायवर्जन: परियोजना के लिए 1,175 हेक्टेयर वन भूमि का डायवर्जन किया जाएगा। वृक्षों की - [Axiom - 4 मिशन पर अंतरिक्ष में जीवन-क्षमता का परीक्षण करने भेजे गए टार्डिग्रेड्स](https://examcg.com/axiom-4-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5/): Axiom – 4 मिशन पर अंतरिक्ष में जीवन-क्षमता का परीक्षण करने भेजे गए टार्डिग्रेड्स भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिये Axiom-4 मिशन का संचालन (पायलट) करेंगे, जबकि अमेरिका की पैगी व्हिटसन इस मिशन की कमान संभालेंगी। इस मिशन के तहत, इसरो सूक्ष्म और अत्यंत सहनशील जीव टार्डिग्रेड्स (वॉटर बियर्स) को अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर भेज रहा है, ताकि यह अध्ययन किया जा सके कि जीवन अंतरिक्ष की चरम स्थितियों में किस प्रकार जीवित रह सकता है। Axiom-4 मिशन क्या है? Axiom मिशन 4 (Ax-4): अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिये चौथी निजी अंतरिक्ष उड़ान है, जिसे अमेरिका-आधारित कंपनी Axiom स्पेस द्वारा SpaceX के क्रू ड्रैगन यान के माध्यम से संचालित किया जा - [भारत के प्रधान मंत्री ने ICDRI 2025 में आपदा-रोधी अवसंरचना के लिए वैश्विक प्राथमिकताओं को रेखांकित किया](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-icdri-2025/): भारत के प्रधान मंत्री ने ICDRI 2025 में आपदा-रोधी अवसंरचना के लिए वैश्विक प्राथमिकताओं को रेखांकित किया भारत की 5 प्रमुख वैश्विक प्राथमिकताएं आपदा प्रतिरोध या आपदा जोखिम का सामना करने की क्षमता को शिक्षा में शामिल करना। आपदा प्रतिरोध के लिए एक वैश्विक डिजिटल रिपोजिटरी तैयार करना। विकासशील देशों की वित्त-पोषण तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए नवीन वित्त-पोषण प्रणाली को बढ़ावा देना। भारत द्वारा लघु द्वीपीय विकासशील देशों (SIDS) को बड़े महासागरीय देशों के रूप में मान्यता दिए जाने की पुष्टि करना। साथ ही, उनकी सुभेद्यताओं पर विशेष ध्यान दिए जाने की आवश्यकता पर बल देना।  प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों को मजबूत बनाना। आपदा रोधी अवसंरचना पर - [IoT क्रांति और स्मार्ट भविष्य](https://examcg.com/iot-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%ad%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b7%e0%a5%8d/):   IoT क्रांति और स्मार्ट भविष्य      टैग्स:  सामान्य अध्ययन-III कृत्रिम बुद्धिमत्ता वैज्ञानिक नवाचार और खोज सूचना प्रौद्योगिकी और कंप्यूटर साइबर सुरक्षा   प्रिलिम्स के लिये: इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), वाई-फाई, ब्लूटूथ, 5G, API (एप्लीकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस), स्मार्ट सिटीज़, एज कंप्यूटिंग, AI, ML, डीपफेक, पब्लिक की इंफ्रास्ट्रक्चर (PKI), राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा रणनीति, 2020।      मेन्स के लिये: दैनिक जीवन में इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) की भूमिका, इसकी विशेषताएँ और इससे जुड़ी चुनौतियाँ, IoT पारिस्थितिकी तंत्र को मज़बूत करने के उपाय। स्रोत: फाइनेंशियल एक्सप्रेस  चर्चा में क्यों?  इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) एक परिवर्तनकारी शक्ति बन गई है, जो हमारे आस-पास की दैनिक वस्तुओं में बुद्धिमत्ता का संचार कर रही है, जिससे हमारे दैनिक जीवन पर गहरा - [ऑनलाइन गेमिंग में मनी लॉन्ड्रिंग](https://examcg.com/%e0%a4%91%e0%a4%a8%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%a8-%e0%a4%97%e0%a5%87%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%b2%e0%a5%89%e0%a4%a8/): ऑनलाइन गेमिंग में मनी लॉन्ड्रिंग प्रिलिम्स के लिये: रियल मनी गेमिंग, कौशल आधारित खेल, वस्तु एवं सेवा कर (GST), म्यूल बैंक अकाउंट, भारतीय रिज़र्व बैंक  मेन्स के लिये: मनी लॉन्ड्रिंग और मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम, भारत में डिजिटल प्लेटफॉर्म तथा ऑनलाइन गेमिंग का विनियमन स्रोत: बिज़नेस लाइन चर्चा में क्यों?  वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने और उपयोगकर्त्ताओं की सुरक्षा के उद्देश्य से, भारत सरकार ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग (RMG) को धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (PMLA) के दायरे में लाने की योजना बना रही है। भारत में ऑनलाइन रियल मनी गेमिंग का परिदृश्य कैसा है? परिभाषा: रियल मनी गेमिंग (RMG) प्लेटफॉर्म उपयोगकर्त्ताओं को फैंटेसी स्पोर्ट्स, पोकर और कौशल-आधारित प्रतियोगिताओं जैसे खेलों - [संविधान सभा](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a4%be/): संविधान सभा संविधान सभा का विचार सबसे पहले 1934 में एम.एन. रॉय ने रखा था। हालांकि, वास्तविक संविधान सभा का गठन 1946 में कैबिनेट मिशन योजना के आधार पर हुआ था। यह लेख भारत की संविधान सभा के बारे में बात करेगा। उम्मीदवार नीचे दिए गए लिंक से संविधान सभा नोट्स पीडीएफ भी डाउनलोड कर सकते हैं। नीचे दिए गए नोट्स यूपीएससी 2024 की  तैयारी के लिए उपयोगी हो सकते हैं। भारत की संविधान सभा (यूपीएससी नोट्स):-पीडीएफ यहां से डाउनलोड करें ‘भारत की संविधान सभा’ विषय के समान, अभ्यर्थी निम्नलिखित भारतीय राजनीति से संबंधित विषयों का अध्ययन कर सकते हैं: भारतीय संविधान के अनुच्छेद भारतीय - [पवित्र बुद्ध अवशेषों को श्रद्धांजलि](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%85%e0%a4%b5%e0%a4%b6%e0%a5%87%e0%a4%b7%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b6/): पवित्र बुद्ध अवशेषों को श्रद्धांजलि चर्चा में क्यों? राष्ट्रीय संग्रहालय (नई दिल्ली) में एक श्रद्धा समारोह आयोजित किया गया जहाँ भक्तगण बुद्ध के पवित्र अवशेषों को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिये एकत्र हुए, इससे पहले कि वे उत्तर प्रदेश के सारनाथ में मूलगंध कुटी विहार मंदिर में पुनः प्रतिष्ठापित होने के लिये सारनाथ लौटें। यह समारोह राष्ट्रीय संग्रहालय और अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (IBC) द्वारा संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से आयोजित किया गया था। मुख्य बिंदु अवशेषों के बारे में:  ये अवशेष उत्तर प्रदेश के सारनाथ स्थित मूलगंध कुटी विहार से संबंधित हैं, यह विहार महाबोधि सोसाइटी द्वारा संचालित है, जिसकी स्थापना अंगारिका धर्मपाल ने की थी। अवशेषों की खुदाई 1927–1931 के दौरान नागार्जुनकोंडा (आंध्र प्रदेश) में एच. लॉन्गहर्स्ट द्वारा की गई थी। इन अवशेषों को 27 दिसंबर, 1932 को राय बहादुर दयाराम साहनी ने भारत के वायसराय की ओर से महाबोधि - [पारसनाथ पहाड़ी](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%b8%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%80/): पारसनाथ पहाड़ी चर्चा में क्यों? झारखंड उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को पारसनाथ पहाड़ी पर मांस, शराब और मादक पदार्थों की बिक्री तथा सेवन पर पहले से लागू प्रतिबंध को और सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है। पारसनाथ पहाड़ी जैन और संथाल आदिवासी समुदाय दोनों के लिये पवित्र स्थल है। मुख्य बिंदु पारसनाथ पर्वत का महत्त्व: यह पर्वत जैनों द्वारा पारसनाथ तथा संथाल समुदाय द्वारा मरांग बुरू (अर्थात् “महान पर्वत”) के रूप में जाना जाता है। जैनियों के लिये: यह वह स्थान है जहाँ पार्श्वनाथ सहित 24 तीर्थंकरों में से 20 ने निर्वाण प्राप्त किया था। पहाड़ी पर अनेक जैन मंदिर और धाम स्थित हैं। संथालों के लिये:  मरांग बुरू को सर्वोच्च प्राणवादी देवता और न्याय का आसन माना जाता है। पहाड़ी पर स्थित जुग जाहेर थान (पवित्र उपवन) संथालों - [संवैधानिक नैतिकता](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%a8%e0%a5%88%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%a4%e0%a4%be/): संवैधानिक नैतिकता प्रिलिम्स के लिये: संवैधानिक नैतिकता, संवैधानिक नैतिकता के स्तंभ, सशर्त नैतिकता और भारतीय संविधान, राज्य के नीति निदेशक सिद्धांत, मौलिक अधिकार, सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन नियम, 2023, चुनाव आयोग के लिये नियुक्ति समिति मेन्स के लिये: भारत में संवैधानिक नैतिकता को चुनौतियाँ, भारत में संवैधानिक नैतिकता से संबंधित न्यायिक घोषणाएँ। चर्चा में क्यों?  भारत जैसे संसदीय लोकतंत्र में भ्रष्टाचार के आरोप में एक सेवारत मुख्यमंत्री की हालिया गिरफ्तारी कानूनी, राजनीतिक और संवैधानिक चिंताओं को जन्म देती है तथा संवैधानिक नैतिकता के साथ इसकी स्थिरता पर प्रश्न उठाती है। संवैधानिक नैतिकता क्या है?  परिचय: संवैधानिक नैतिकता (Constitutional morality – CM) एक अवधारणा है जो संविधान के अंतर्निहित सिद्धांतों - [सिंधु जल संधि (INDUS WATERS TREATY: IWT)](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%81-%e0%a4%9c%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a4%bf-indus-waters-treaty-iwt/): सिंधु जल संधि (INDUS WATERS TREATY: IWT)   सुर्ख़ियों में क्यों? हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ की गई 1960 की सिंधु जल संधि (IWT) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इस फैसले पर तब तक कोई पुनर्विचार नहीं किया जाएगा, जब तक कि पाकिस्तान विश्वसनीय तौर पर सीमा-पार आतंकवाद को अपना समर्थन देना बंद नहीं कर देता। अन्य संबंधित तथ्य ‘निलंबन’ शब्द अस्थायी निष्क्रियता या स्थगन की स्थिति को दर्शाता है। हालांकि, यह अंतर्राष्ट्रीय संधि कानून के तहत कानूनी रूप से मान्यता प्राप्त अवधारणा नहीं है। न तो सिंधु जल संधि (IWT) और न ही वियना कन्वेंशन ऑन द - [सिंधु घाटी सभ्यता में कृषि](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%81-%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%b7/): सिंधु घाटी सभ्यता में कृषि सुर्ख़ियों में क्यों? एक नई रेडियोकार्बन स्टडी में, मेहरगढ़ की कृषि बस्तियों की समयावधि 8000 ईसा पूर्व की जगह 5200 ईसा पूर्व बताई गई है। मेहरगढ़ पाकिस्तान में स्थित दक्षिण एशिया की सबसे पुरानी ज्ञात नवपाषाणकालीन कृषि बस्ती है।  अन्य संबंधित तथ्य प्रारंभ में शोधकर्ताओं ने मेहरगढ़ में कृषि गतिविधि का समयकाल निर्धारित करने के लिए रेडियोकार्बन डेटिंग पद्धति के माध्यम से जली हुई लकड़ी के अवशेष से तिथि निर्धारित की थी। हालांकि, लकड़ी का चारकोल ऐसा पदार्थ है जो वास्तविक घटना की तिथि से कई सदियों पुराना हो सकता है। इसलिए शोधकर्ताओं ने नई पद्धति को अपनाया। नई शोध - [वायकोम सत्याग्रह](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%ae-%e0%a4%b8%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b9/): वायकोम सत्याग्रह   सुर्ख़ियों में क्यों?  इस वर्ष वायकोम सत्याग्रह की आधिकारिक तौर पर वापसी की शताब्दी (100वीं वर्षगांठ) मनाई जा रही है। वायकोम सत्याग्रह को 30 नवंबर, 1925 को वापस ले लिया गया था। अन्य संबंधित तथ्य  वायकोम सत्याग्रह भारत के इतिहास की एक महत्वपूर्ण घटना थी, क्योंकि यह अस्पृश्यता के खिलाफ लड़ाई में मील का पत्थर साबित हुई थी। गांधी और त्रावणकोर के तत्कालीन पुलिस कमिश्नर डब्ल्यू. एच. पिट के बीच विचार-विमर्श के बाद सत्याग्रह को वापस ले लिया गया था। वायकोम सत्याग्रह के बारे में वायकोम सत्याग्रह केरल के त्रावणकोर में हिंदू जातिगत भेदभाव के खिलाफ एक अहिंसक नागरिक अधिकार आंदोलन था। इस आंदोलन ने विशेष रूप - [कैस्पियन गूल](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%a8-%e0%a4%97%e0%a5%82%e0%a4%b2/): कैस्पियन गूल कोझिकोड स्थित पक्षी विज्ञानी ने केरल में पहली बार एक दुर्लभ प्रवासी पक्षी कैस्पियन गल (लारस कैचिनन्स) के देखे जाने की सूचना दी है। कैस्पियन गूल के बारे में यह एक मोनोटाइपिक, बड़ा, सफेद सिर वाला गूल है और भारत में देखे जाने वाले सबसे दुर्लभ गूलों में से एक है। निवास स्थान: यह आमतौर पर पानी के पास समतल, निचली जमीन पर घोंसला बनाता है ।  प्रजनन के मौसम के दौरान यह प्रजाति मैदानी और अर्ध-रेगिस्तानी (मध्य एशिया) जलाशयों, नदियों, और घास या झाड़ीदार नदी द्वीपों में रीडबेड से घिरी झीलों के पास घोंसला बनाती है आहार: इसके आहार में मछली, कीड़े, मोलस्क आदि - [भारतीय समाज पर सिनेमा का प्रभाव । सिनेमा और समाज (Cinema and Society)](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9c-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa/):   भारतीय समाज पर सिनेमा का प्रभाव। सिनेमा और समाज (Cinema and Society) सुर्ख़ियों में क्यों? हाल ही में, केरल उच्च न्यायालय ने यह स्पष्ट किया कि मीडिया में वायलेंट कंटेंट (हिंसा फैलाने वाले कंटेंट) का समाज पर प्रभाव गहरा हो सकता है, परंतु इससे निपटने के लिए उठाए गए किसी भी कदम को ‘अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता’ जैसे मौलिक अधिकार का उल्लंघन नहीं करना चाहिए। सिनेमा के बारे में सिनेमा जन-संचार का एक लोकप्रिय माध्यम है, जिसे “सातवीं कला (सेवंथ आर्ट)” के रूप में भी जाना जाता है। यह कला का सबसे नया रूप है, जो प्राचीन कलाओं के अलग-अलग रूपों को एक सूत्र में - [नाइजीरिया (राजधानी: अबुजा)](https://examcg.com/%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%85%e0%a4%ac%e0%a5%81%e0%a4%9c%e0%a4%be/): नाइजीरिया (राजधानी: अबुजा) नाइजीरिया में बाढ़ के कारण कम से कम 111 लोगों की मौत हो गई है, जबकि देश जलवायु परिवर्तन से जूझ रहा है। राजनीतिक विशेषताएं स्थान: पश्चिम अफ़्रीकी देश. सीमावर्ती देश:  नाइजर (उत्तर), चाड और कैमरून (पूर्व), बेनिन (पश्चिम), और गिनी की खाड़ी (दक्षिण)। यह अफ्रीका का सबसे अधिक आबादी वाला देश है । नाइजीरिया एक संघीय गणराज्य है जिसमें द्विसदनीय विधायिका है। भौगोलिक विशेषता जलवायु: मुख्यतः उष्णकटिबंधीय, क्षेत्र के अनुसार भिन्न। हरमट्टन पवन:  उत्तर-पूर्व से आने वाली शुष्क हवा; उत्तर में 3 महीने से अधिक समय तक चलती है । प्रमुख नदियाँ:  नाइजर नदी, बेन्यू नदी,  क्रॉस नदी आदि । चाड झील : चाड, कैमरून, नाइजीरिया और नाइजर के संगम पर - [कलादान मल्टी-मॉडल ट्रांजिट प्रोजेक्ट](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%89%e0%a4%a1%e0%a4%b2-%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9c/): कलादान मल्टी-मॉडल ट्रांजिट प्रोजेक्ट पाठ्यक्रम: जीएस2: भारत से संबंधित और/या भारत के हितों को प्रभावित करने वाले द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह तथा समझौते। संदर्भ:बांग्लादेश के अंतरिम नेता मुहम्मद यूनुस द्वारा चीन यात्रा के दौरान भारत के “भूमि से घिरे” पूर्वोत्तर का उल्लेख करने के बाद, भारत ने बांग्लादेशी निर्यात को प्रतिबंधित करके और बांग्लादेश को दरकिनार करते हुए पूर्वोत्तर के लिए वैकल्पिक संपर्क योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाकर जवाब दिया।  समाचार पर अधिक जानकारी • जबकि भारत ने भूमि मार्गों के माध्यम से भारत में कुछ बांग्लादेशी निर्यातों पर प्रतिबंध लगा दिया है, वह ढाका को दरकिनार करते हुए सेवन - [पेरिटो मोरेनो ग्लेशियर](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%9f%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a5%8b-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%b0/): पेरिटो मोरेनो ग्लेशियर पाठ्यक्रम: जीएस3: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव आकलन। प्रसंग:  अर्जेंटीना का सबसे प्रसिद्ध ग्लेशियर पेरिटो मोरेनो ग्लेशियर बर्फ पिघलने की घटनाओं का सामना कर रहा है।  समाचार पर अधिक जानकारी पेरिटो मोरेनो ग्लेशियर, जो 250 वर्ग किलोमीटर में फैला है, जो लगभग बिहार के पटना के आकार का है, तेजी से खराब हो रहा है।  ठीक एक सप्ताह पहले, बर्फ का एक विशाल टुकड़ा, जो 20 मंजिला इमारत के बराबर था, टूटकर 70 मीटर नीचे पानी में गिर गया था। ग्लेशियर से बर्फ के टुकड़े अक्सर लागो अर्जेंटीनो (अर्जेंटीना झील) में गिरते रहते हैं, जो अर्जेंटीना - [भारत न्यूजीलैंड संबंध (INDIA NEW ZEALAND RELATIONS)](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%89%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%b6%e0%a4%b8-%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b8-2/): भारत न्यूजीलैंड संबंध (INDIA NEW ZEALAND RELATIONS)   सुर्ख़ियों में क्यों? न्यूजीलैंड के प्रधान मंत्री ने भारत की पांच दिवसीय आधिकारिक यात्रा की। यात्रा के मुख्य परिणामों पर एक नज़र न्यूजीलैंड इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव (IPOI) और आपदा रोधी अवसंरचना गठबंधन (Coalition for Disaster Resilient Infrastructure: CDRI) में शामिल हुआ। पेशेवरों और कुशल श्रमिकों के लिए आवागमन संबंधी व्यवस्था पर वार्ता का शुभारंभ किया गया। इसका उद्देश्य नवाचार, नई और उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्रकों में सहभागिता का समर्थन करना है। मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के लिए भी वार्ता का शुभारंभ किया गया।  द्विपक्षीय संबंधों की समकालीन प्रासंगिकता द्विपक्षीय व्यापार: दोनों देशों के बीच वित्त वर्ष 2023-24 में 1.75 बिलियन अमेरिकी डॉलर का व्यापार हुआ - [भारत-मॉरीशस द्विपक्षीय संबंध (India-Mauritius Bilateral Relations)](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%89%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%b6%e0%a4%b8-%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b8/): भारत-मॉरीशस द्विपक्षीय संबंध (India-Mauritius Bilateral Relations) सुर्ख़ियों में क्यों? भारत के प्रधान मंत्री की मॉरीशस यात्रा के दौरान, भारत और मॉरीशस ने उन्नत रणनीतिक साझेदारी (Enhanced Strategic Partnership) के लिए एक संयुक्त विज़न का अनावरण किया। अन्य संबंधित तथ्य दोनों देशों के प्रधान मंत्रियों ने समुद्री सुरक्षा सहित विविध क्षेत्रकों में सहयोग बढ़ाने और स्थानीय मुद्राओं में व्यापार को बढ़ावा देने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए। भारत ने ‘ग्लोबल साउथ’ के लिए भारत के नए विज़न की भी घोषणा की। इसे “महासागर (MAHASAGAR) नाम दिया गया है (बॉक्स देखें)। सेंट ब्रैंडन द्वीप का एक नौवहन चार्ट भी मॉरीशस को सौंपा गया। भारत के लिए मॉरीशस का महत्त्व: भारत ने 1948 में मॉरीशस की - [राष्ट्रीय गोकुल मिशन (RASHTRIYA GOKUL MISSION)](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a4%a8-rashtriya-gokul-mission/): राष्ट्रीय गोकुल मिशन (RASHTRIYA GOKUL MISSION)   सुर्ख़ियों में क्यों?  केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पशुधन क्षेत्रक के विकास को बढ़ावा देने के लिए संशोधित राष्ट्रीय गोकुल मिशन (RGM) को मंजूरी दी। इस मिशन के लिए 15वें वित्त आयोग की सिफारिश अवधि (वित्त-वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक) के लिए 1,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट निर्धारित किया गया है।  उद्देश्य  मुख्य विशेषताएं  एडवांस प्रौद्योगिकी का उपयोग करके गोजातीय पशुओं के दुग्ध उत्पादन एवं उत्पादकता में निरंतर वृद्धि करना। प्रजनन के लिए उच्च अनुवांशिक गुणों वाले बैलों/ सांडों का उपयोग कर आनुवंशिक सुधार को बढ़ावा देना। ब्रीडिंग नेटवर्क को मजबूत करके कृत्रिम गर्भाधान के दायरे का विस्तार करना। साथ ही, किसानों को पास में ही ये सेवाएं उपलब्ध - [परोपकार: सामाजिक भलाई के लिए एक नैतिक अनिवार्यता](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%ad%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2/): परोपकार: सामाजिक भलाई के लिए एक नैतिक अनिवार्यता परिचय “दूसरों की सेवा करना इस पृथ्वी पर हमारे रहने का किराया है” – मुहम्मद अली। यह विचार भारत में बढ़ती परोपकार की भावना को दर्शाता है। इंडिया फिलैन्थ्रॉपी रिपोर्ट 2025 के अनुसार, भारत में परोपकारी वित्त-पोषण में वृद्धि हो रही है, जिसका मुख्य कारण है- कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) के तहत व्यय, अल्ट्रा-हाई-नेट-वर्थ वाले व्यक्तियों (UHNIs) का योगदान, और मध्य वर्ग में परोपकारिता की बढ़ती की संस्कृति। परोपकारिता प्राचीन काल से लेकर आधुनिक युग तक कई संस्कृतियों का हिस्सा रही है। आइए देखें कि वर्तमान संदर्भ में इसका वास्तव में क्या अर्थ है। आधुनिक संदर्भ - [प्रसन्नता/ सुख (HAPPINESS)](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b8%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%96-happiness/): प्रसन्नता/ सुख (HAPPINESS) परिचय “प्रसन्नता एक चयन है जो कभी-कभी प्रयास की मांग करता है” – ऐस्चिलस। यह उद्धरण हाल ही में जारी वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2025 में भारत की स्थिति को देखते हुए और महत्वपूर्ण हो जाता है। इसमें 147 देशों की सूची में भारत 118वें स्थान पर है। भारत की स्थिति इसके पड़ोसी देशों, जैसे- नेपाल और पाकिस्तान से भी खराब है। प्रसन्नता क्या है? प्रसन्नता को आम तौर पर “अपने संपूर्ण रूप से जीवन के व्यक्तिपरक आनंद” के रूप में परिभाषित किया जाता है। यह उस स्तर को दर्शाता है जिस स्तर तक कोई व्यक्ति अपने जीवन को अपने अनुकूल और आनंदमय मानता है। विद्वान आम तौर पर प्रसन्नता को - [अनुनय (PERSUASION)](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%af-persuasion/): अनुनय (PERSUASION) परिचय  सोशल मीडिया और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) जैसी अत्याधुनिक तकनीकों के विकास के साथ-साथ स्मार्टफोन्स की पहुंच में भी बढ़ोतरी होने के कारण समाज का एक बड़ा हिस्सा भ्रामक सूचनाओं की चपेट में आ गया है। ऐसे समय में अनुनय एक सामाजिक साधन के रूप में लोगों के विश्वास, दृष्टिकोण और व्यवहार को प्रभावित करके भ्रामक सूचनाओं का मुकाबला करने के लिए एक सक्रिय दृष्टिकोण प्रदान कर सकता है।  एक अवधारणा के रूप में अनुनय अनुनय जानबूझकर किया गया ऐसा प्रयास है जिसमें दूसरों के विश्वासों या कार्यों को तर्क, भावना या विश्वास के जरिए बदलने का प्रयास किया जाता है। - [भारत के पारंपरिक नववर्ष](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7/): भारत के पारंपरिक नववर्ष   भारत के अलग-अलग भागों में विविध पारंपरिक नववर्ष उत्सव मनाए जा रहे हैं। 0 CommentsComments are closed - [ज्ञानपीठ पुरस्कार](https://examcg.com/%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%a0-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0/): ज्ञानपीठ पुरस्कार विनोद कुमार शुक्ल को 59वें ज्ञानपीठ पुरस्कार के लिए चुना गया। यह पुरस्कार भारत का सबसे बड़ा साहित्यिक सम्मान माना जाता है। ज्ञानपीठ पुरस्कार के बारे में ज्ञानपीठ पुरस्कार भारतीय साहित्य में उत्कृष्ट योगदान के लिए 1965 से हर साल भारतीय ज्ञानपीठ द्वारा दिया जाता है। भारतीय ज्ञानपीठ की स्थापना 1944 में हुई थी। यह भारत की प्रमुख साहित्यिक संस्थाओं में से एक है। यह पुरस्कार भारत के संविधान द्वारा मान्यता प्राप्त 22 भाषाओं में से किसी भी भाषा में सर्वश्रेष्ठ रचनात्मक साहित्यिक कृति के लेखक को हर साल दिया जाता है। 2013 से अंग्रेजी भाषा में लिखित साहित्यिक कृतियों को भी इसमें शामिल किया गया है। यह पुरस्कार केवल भारतीय नागरिकों को ही दिया जाता - [विक्रमशिला विश्वविद्यालय](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b2/): विक्रमशिला विश्वविद्यालय   बिहार में शिक्षा के एक अन्य प्राचीन केंद्र विक्रमशिला को पुनर्जीवित करने का कार्य चल रहा है। इससे पूर्व सरकार ने एक दशक पहले राजगीर की तलहटी में बसे नालंदा विश्वविद्यालय को पुनर्जीवित किया था। विक्रमशिला विश्वविद्यालय के बारे में स्थापना: इसका निर्माण पाल शासक धर्मपाल (8वीं-9वीं शताब्दी ई.) ने कराया था। यह नालंदा के साथ-साथ विकसित हुआ था। धर्मपाल ने ही आधुनिक बांग्लादेश में सोमपुर महाविहार की स्थापना की थी। विक्रमशिला विश्वविद्यालय में वज्रयान/ तंत्रयान बौद्ध धर्म, गुप्त विद्या (Occult studies) और धर्मशास्त्र आदि विषयों का अध्ययन कराया जाता था। तिब्बत से कई विद्वान यहां अध्ययन के लिए आते थे। कई पांडुलिपियों की संस्कृत में रचना की गई थी और उनका - [गीत गवई](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%a4-%e0%a4%97%e0%a4%b5%e0%a4%88/): गीत गवई मॉरीशस की राजकीय यात्रा के दौरान भारतीय प्रधान मंत्री का स्वागत पारंपरिक बिहारी सांस्कृतिक प्रस्तुति गीत गावई के साथ किया गया। गीत गवई के बारे में यह विवाह-पूर्व समारोह है। इसमें अनुष्ठान, प्रार्थना, गीत, संगीत और नृत्य शामिल होते हैं। इसे यूनेस्को की मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में भी शामिल किया गया है। इसका प्रदर्शन मॉरीशस में भारतीय मूल के भोजपुरी भाषी समुदायों द्वारा किया जाता है। प्रतिभागी: परिवार की महिला सदस्य और पड़ोसी।  मुख्य वाद्य यंत्र: ढोलक। इसका प्रदर्शन सार्वजनिक रूप से भी किया जा सकता है और वर्तमान में पुरुष भी इसमें भाग लेते हैं। 0 CommentsComments are closed - [कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान (बस्तर, छत्तीसगढ़)](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%87%e0%a4%b0-%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%89%e0%a4%a6-2/): कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान (बस्तर, छत्तीसगढ़) अवस्थिति: यह दक्कन प्रायद्वीप-पूर्वी उच्च भूमि का हिस्सा है।  स्थापित: वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत 1982 में राष्ट्रीय उद्यान के रूप में अधिसूचित। प्रमुख विशेषताएं: इस राष्ट्रीय उद्यान से होकर बहने वाली प्रमुख नदी कांगेर है। यह खोलाबा नदी के तट पर स्थित है। यह गोदावरी की एक सहायक नदी है। विविध स्थलाकृति: निम्न समतल भूमि, हल्की ढलान, खड़ी ढलान, पठार, गहरी खाइयां, घाटियां, घुमावदार जलधाराएं आदि। वनस्पति: यह उद्यान एक-दूसरे के निकटवर्ती क्षेत्र में अलग-अलग प्रकार की वनस्पति के अनुकूल है, जैसे- उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती वन, उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन, और उष्णकटिबंधीय अर्द्ध-सदाबहार वन। यह प्रायद्वीपीय भारत में साल और सागौन वनों के बीच एक प्राकृतिक संक्रमण क्षेत्र (इकोटोन क्षेत्र) बनाता है। - [मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में बुंदेलों के महल-किले](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6/): मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में बुंदेलों के महल-किले   बुंदेलों के महल-किलों में बुंदेलखंड क्षेत्र में स्थित निम्नलिखित 6 प्रमुख संरचनाएं शामिल हैं- गढ़कुंडार किला: यह गढ़कुंडार में स्थित है, जो बुंदेल राजपूतों की प्रारंभिक राजधानी थी। राजा महल (ओरछा): यह महल बुंदेला शासक मधुकर शाह के शासनकाल के दौरान बनवाया गया था। 16वीं शताब्दी में राजधानी को ओरछा स्थानांतरित कर दिया गया था। जहांगीर महल (ओरछा): इसका निर्माण मधुकर शाह के शासनकाल में प्रारंभ हुआ था और इसका प्रमुख निर्माण बीर सिंह देव के शासनकाल में हुआ था। दतिया महल: इसका निर्माण 1620 ई. में बीर सिंह देव ने करवाया था। यह पांच मंजिला भवन है, जिसे बीर सिंह देव महल के नाम से भी जाना जाता है। झाँसी का किला: यह किला 17वीं शताब्दी के प्रारंभ में - [मध्य प्रदेश और ओडिशा में चौसठ योगिनी मंदिर](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%93%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9a/): मध्य प्रदेश और ओडिशा में चौसठ योगिनी मंदिर   चौसठ योगिनी मंदिर में मंदिर की परिधि में स्थित कक्षों में योगिनियों की 64 प्रतिमाएं स्थापित हैं। योगिनी योग का अभ्यास करने वाली महिला को संदर्भित करता है और चौसठ हिंदी में संख्या 64 के लिए शब्द है। मंदिर के खुले केंद्रीय प्रांगण में भगवान शिव या शक्ति को समर्पित एक गर्भगृह है, जो प्रत्येक कक्ष से दिखाई देता है। ऐसा माना जाता है कि नर्तक/ नर्तकियां संभवतः इसी केंद्रीय प्रांगण में प्रदर्शन करते थे/ करती थीं। मुख्य विशेषताएं: ये मंदिर आमतौर पर वृत्ताकार हैं, ऊँचे स्थान (या पीठ) पर बने होते हैं और आसमान की ओर खुले होते हैं। हालांकि, अधिकांश मंदिरों की योजना वृत्ताकार है, लेकिन खजुराहो, बड़ोह और रिखियां में स्थित मंदिर आयताकार हैं। - [तेलंगाना के मुदुमल मेन्हिर (MUDUMAL MENHIRS OF TELANGANA)](https://examcg.com/%e0%a4%a4%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%b9/): तेलंगाना के मुदुमल मेन्हिर (MUDUMAL MENHIRS OF TELANGANA)   यह भारत की सबसे विशाल और बेहतर तरीके से संरक्षित महापाषाण (मेगालिथिक) खगोलीय वेधशालाओं में से एक है। समय अवधि: लगभग 3500-4000 वर्ष प्राचीन  अवस्थिति: तेलंगाना में कृष्णा नदी के तट के निकट मुख्य विशेषताएं: सबसे बड़ा महापाषाण समाधि स्थल: दक्षिण भारत में रात्रिकालीन आकाश का चित्रण: यह दक्षिण एशिया का एकमात्र स्थल है, जहां रात्रि में आकाश के विविध नक्षत्रों जैसे- सप्तऋषि (Ursa Major), सिंह (Leo) तारामंडल आदि को पत्थरों के माध्यम से भौतिक रूप से दर्शाया गया है। प्राचीन वेधशाला: यहां के मेन्हिर (सीधे खड़े पत्थर) खगोलीय घटनाओं जैसे संक्रांति, विषुव आदि के अनुरूप स्थापित हैं। सांस्कृतिक महत्त्व: मेन्हिर को स्थानीय लोग पवित्र मानते थे, और उन्हें “निलुरल्ला तिमप्पा” (खड़े - [गुप्तकालीन मंदिर (GUPTA TEMPLES)](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b0-gupta-temples/): गुप्तकालीन मंदिर (GUPTA TEMPLES) गुप्त काल (लगभग 320 ई. – 550 ई.) प्राचीन भारत का “स्वर्ण युग” माना जाता है। इसकी मुख्य वजह इस काल में मंदिर स्थापत्य कला में आया महत्वपूर्ण परिवर्तनकारी बदलाव है। गुप्त स्थापत्य कला में नागर (उत्तर भारतीय) स्थापत्य का प्रभाव है, हालांकि इसमें द्रविड़ (दक्षिण भारतीय) शैली के तत्वों का मिश्रण भी देखने को मिलता है। गुप्तकालीन आरंभिक मंदिर साधारण व सपाट छत वाले थे। हालांकि, इस काल में बाद में कई भव्य मंदिरों का निर्माण हुआ। इनमें विविध नई संरचनाएं {जैसे- गर्भगृह, मंडप (स्तंभों वाले सभाकक्ष), मुखमंडप और ऊंचे शिखर आदि} देखने को मिलती हैं। चंद्रगुप्त प्रथम, समुद्रगुप्त और चंद्रगुप्त द्वितीय जैसे गुप्त शासकों के समय विष्णु, - [अशोक के अभिलेख स्थल (ASHOKAN EDICT SITES)](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%b6%e0%a5%8b%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%85%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%96-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%b2-ashokan-edict-sites/): अशोक के अभिलेख स्थल (ASHOKAN EDICT SITES)   अवधि: मौर्य सम्राट अशोक (268 ई.पू. – 232 ई.पू.) ने अपने शासनकाल के दौरान प्रस्तर, स्तंभों, शिलाओं और गुफा की भित्तियों पर 30 से अधिक अभिलेख उत्कीर्ण कराए थे। अशोक के अभिलेख हड़प्पा सभ्यता के पतन के बाद भारत में पहले लिखित अभिलेख हैं। अशोक ने 14 वृहद शिलालेख, 7 स्तंभ अभिलेख और कुछ लघु शिलालेख उत्कीर्ण करवाए थे। उद्देश्य: अशोक के अभिलेख मौर्य साम्राज्य के शाही आदेश थे। अधिकतर अभिलेखों पर अशोक द्वारा दिए गए आदेशों को उत्कीर्ण करवाया गया है। ये आदेश सामाजिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक मामलों से संबंधित हैं। इनके माध्यम से अशोक ने कुलीनों, अधिकारियों तथा आम जनता को संबोधित किया था। भाषा: मुख्यतः प्राकृत, लेकिन उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में - [यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल (UNESCO WORLD HERITAGE SITES)](https://examcg.com/%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%a7%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%b9%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5/): यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल (UNESCO WORLD HERITAGE SITES) सुर्ख़ियों में क्यों? यूनेस्को विश्व धरोहर केंद्र ने 2025 में भारत के लिए संभावित सूची में छह स्थलों/ स्मारकों को शामिल करने का निर्णय लिया।  अन्य संबंधित तथ्य  संभावित सूची उन स्थलों/ स्मारकों की एक “सूची” है, जिनके बारे में किसी देश का मानना ​​है कि वे विश्व धरोहर स्थल बनने के योग्य हैं। प्रक्रिया: किसी स्थल/ स्मारक के संभावित सूची में शामिल होने के बाद, देश को एक नामांकन दस्तावेज तैयार करना होता है, जिस पर यूनेस्को की विश्व धरोहर समिति द्वारा विचार किया जाता है। भारत में इस प्रक्रिया में भारतीय राष्ट्रीय यूनेस्को सहयोग आयोग (INCCU) और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की मुख्य भूमिका होती है। - [अंटार्कटिक सरकम्पोलर करंट](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a4%9f%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%82/): अंटार्कटिक सरकम्पोलर करंट   वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि उच्च कार्बन उत्सर्जन परिदृश्य की वजह से 2050 तक अंटार्कटिक सरकम्पोलर करंट लगभग 20 प्रतिशत तक धीमा हो सकता है। अंटार्कटिक सरकम्पोलर करंट क्या है?   यह पृथ्वी पर सबसे तेजी से प्रवाहित होने वाली और पवन-चालित सबसे बड़ी महासागरीय धारा है। यह अंटार्कटिका के चारों ओर दक्षिणावर्त (घड़ी की सुई के घूमने की दिशा में) घूमती है। यह प्रबल पछुआ पवनों (Westerly winds) द्वारा संचालित होती है।  यह एकमात्र महासागरीय धारा है, जो पूरी पृथ्वी की परिक्रमा करती है। यह अटलांटिक, प्रशांत और हिंद महासागरों के जलों को जोड़ती है।  अंटार्कटिक सरकम्पोलर करंट का महत्त्व: यह एक शीत धारा (Cold Current) है। यह अवरोधक के रूप - [मरीन हीटवेव्स (MARINE HEATWAVES)](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%b9%e0%a5%80%e0%a4%9f%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%b8-marine-heatwaves/): मरीन हीटवेव्स (MARINE HEATWAVES)   सुर्ख़ियों में क्यों? नेचर क्लाइमेट चेंज में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, 2023-24 की गर्मियों में मरीन हीटवेव्स (MHWs) के दिनों की औसत संख्या में 240 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस अध्ययन से सामने आये मुख्य बिंदुओं पर एक नज़र  प्रवृत्ति: पिछले दो वर्ष (2023-2024) स्थल और महासागर दोनों पर अब तक के सबसे गर्म साल रहे हैं और मानवजनित वार्मिंग के कारण MHWs में वृद्धि जारी रहने की उम्मीद है। वैश्विक परिघटना: पूरे विश्व में मरीन हीटवेव्स की घटनाएं देखी गई हैं। साथ ही, महासागरों के 8.8% भाग में अब तक रिकॉर्ड किया गया सबसे अधिक समुद्री सतही तापमान - [भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GEOLOGICAL SURVEY OF INDIA: GSI)](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%ad%e0%a5%82%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a5%87/): भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GEOLOGICAL SURVEY OF INDIA: GSI) सुर्ख़ियों में क्यों? देश के सबसे पुराने वैज्ञानिक संगठनों में से एक भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) की स्थापना के 175 वर्ष पूरे हुए। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के बारे में इसकी परिकल्पना “भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण” के रूप में जॉन मैक्लेलैंड द्वारा की गई थी। इन्होंने 5 फरवरी 1846 को ईस्ट इंडिया कंपनी की तरफ से डेविड हीरॉ विलियम्स को भूवैज्ञानिक सर्वेक्षक के रूप में नियुक्त करने की पहल की थी। हालांकि, 1851 में नए भूवैज्ञानिक सर्वेक्षक के रूप में थॉमस ओल्डहम की नियुक्ति के बाद GSI द्वारा कार्यों को करने की शुरुआत हुई थी। यह सर्वे ऑफ - [जंपिंग स्पाइडर्स (JUMPING SPIDERS)](https://examcg.com/elementor-13890/): जंपिंग स्पाइडर्स (JUMPING SPIDERS)   सुर्ख़ियों में क्यों? एक शोध में पश्चिमी घाट के शेंदुर्नी वन्यजीव अभयारण्य (केरल) से जंपिंग स्पाइडर्स की दो नई प्रजातियों की खोज की गई है। इन नई प्रजातियों के बारे में ये दोनों नई प्रजातियाँ एपिडेलैक्सिया (Epidelaxia) कुल से संबंधित हैं। यह पहली बार है कि इस प्रजाति को भारत में दर्ज किया गया है। इसे पहले इसे श्रीलंका की स्थानिक प्रजाति माना जाता था। जंपिंग स्पाइडर्स के बारे में: कुल: जंपिंग स्पाइडर्स, मकड़ियों (स्पाइडर्स) के सबसे बड़े कुल से संबंधित हैं। पर्यावास: ये मकड़ियाँ उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में बहुत आम हैं। हालांकि, कुछ उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों के उत्तर में और यहाँ तक की आर्कटिक क्षेत्रों - [राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड (NATIONAL BOARD FOR WILDLIFE: NBWL)](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b5%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5-%e0%a4%ac%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a1-nation/): राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड (NATIONAL BOARD FOR WILDLIFE: NBWL)   सुर्ख़ियों में क्यों? भारत के प्रधान मंत्री ने गुजरात के गिर राष्ट्रीय उद्यान में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की 7वीं बैठक की अध्यक्षता की। अन्य संबंधित तथ्य राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (NBWL) की हालिया बैठक 10 साल से अधिक समय के बाद हुई है। NBWL की अंतिम पूर्ण बैठक 5 सितंबर 2012 को हुई थी NBWL की पहली बैठक 2003 में हुई थी। इस बैठक के दौरान, प्रधान मंत्री ने पहली बार ‘नदी डॉल्फिन’ अनुमान रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट के अनुसार, देश में ‘नदी डॉल्फिन (नदी में पाई जाने वाली डॉल्फिन)’ की कुल संख्या 6,327 है। प्रधान मंत्री ने 2025 में शेरों - [नदी डॉल्फिन (RIVER DOLPHINS)](https://examcg.com/%e0%a4%a8%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%a1%e0%a5%89%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%ab%e0%a4%bf%e0%a4%a8-river-dolphins/): नदी डॉल्फिन (RIVER DOLPHINS) सुर्ख़ियों में क्यों? नदी डॉल्फिनों के अब तक के पहले व्यापक सर्वेक्षण से पता चला है कि मुख्य रूप से गंगा, ब्रह्मपुत्र और सिंधु नदी घाटियों में डॉल्फिनों की अनुमानित संख्या 6,327 है। अन्य संभावित तथ्य सर्वेक्षण किया गया: इस सर्वेक्षण को भारतीय वन्यजीव संस्थान द्वारा ‘प्रोजेक्ट डॉल्फिन 2020’ के तहत संचालित किया गया था। रिपोर्ट का नाम: इस सर्वेक्षण के निष्कर्ष “भारत में नदी डॉल्फिन की आबादी की स्थिति 2024” शीर्षक वाली रिपोर्ट में प्रकाशित हुए हैं। “भारत में नदी डॉल्फिन की आबादी की स्थिति 2024” रिपोर्ट के मुख्य बिंदुओं पर एक नज़र समय के साथ आबादी में गिरावट: 20वीं सदी के अंत तक गंगा - [जैव ईंधन (BIOFUELS)](https://examcg.com/%e0%a4%9c%e0%a5%88%e0%a4%b5-%e0%a4%88%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a4%a8-biofuels/): जैव ईंधन (BIOFUELS) सुर्ख़ियों में क्यों? भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा जैव ईंधन (Biofuel) उत्पादक देश बन गया है। जैव ईंधन या बायोफ्यूल्स के बारे में जैव ईंधन ऐसे ईंधन होते हैं, जिनका उत्पादन नवीकरणीय संसाधनों से किया जाता है और इन्हें डीजल, पेट्रोल या अन्य जीवाश्म ईंधनों के स्थान पर या उनके साथ मिश्रित कर उपयोग किया जाता है। जैव ईंधन के प्रकार: इन्हे चार पीढ़ियों में वर्गीकृत किया गया है (इन्फोग्राफिक देखें )। प्रमुख उत्पादक देश: संयुक्त राज्य अमेरिका जैव ईंधन का सबसे बड़ा उत्पादक है, उसके बाद ब्राजील का स्थान आता है। इसमें एथेनॉल और बायोडीजल मिश्रण, संपीड़ित बायोगैस (Compressed Biogas), सस्टेनेबल - [प्रोजेक्ट लायन और IUCN ग्रीन स्टेटस ऑफ़ स्पीशीज (PROJECT LION AND IUCN GREEN STATUS OF SPECIES)](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%a8-%e0%a4%94%e0%a4%b0-iucn-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%b8/): प्रोजेक्ट लायन और IUCN ग्रीन स्टेटस ऑफ़ स्पीशीज (PROJECT LION AND IUCN GREEN STATUS OF SPECIES) सुर्ख़ियों में क्यों? केंद्र सरकार ने शेरों के संरक्षण प्रयासों को बढ़ावा देने के लिए ‘प्रोजेक्ट लायन’ के लिए वित्त-पोषण को मंजूरी दे दी है। अन्य संबंधित तथ्य सरकार ने गुजरात के जूनागढ़ जिले में नेशनल रेफरल सेंटर फॉर वाइल्ड लाइफ (NRC-W) की स्थापना को भी मंजूरी दी है। NRC-W का उद्देश्य वन्यजीवों में बीमारियों की निगरानी करना है, खासकर उन बीमारियों की पहचान करना जो जानवरों से मनुष्यों में फैल सकती हैं। उदाहरण के लिए, 2020 में बेबेसियोसिस के प्रकोप से गुजरात के गिर राष्ट्रीय उद्यान में 23 शेरों की मृत्यु हो गई - [महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज ब्लॉक](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a3-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b0%e0%a4%a3%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%96%e0%a4%a8/): महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज ब्लॉक पाठ्यक्रम: जीएस3: भारतीय अर्थव्यवस्था और योजना, संसाधनों का जुटाव, वृद्धि, विकास और रोजगार से संबंधित मुद्दे। संदर्भ: अपनी पांचवीं-श्रेणी की नीलामी के हिस्से के रूप में, केंद्र ने महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिज नीलामी प्रक्रिया के पांचवें चरण के तहत पहली बार 15 पोटाश और हैलाइट खनन ब्लॉकों में से 10 की सफलतापूर्वक नीलामी की है। समाचार पर अधिक जानकारी इन 10 ब्लॉकों में ग्रेफाइट, फॉस्फोराइट, फॉस्फेट, दुर्लभ मृदा तत्व (आरईई), वैनेडियम और पहली बार पोटाश और हैलाइट शामिल हैं । ये ब्लॉक छत्तीसगढ़, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में फैले हुए हैं।  अब तक पांच चरणों में 55 महत्वपूर्ण खनिज - [ध्रुव: संदर्भ के लिए डिजिटल हब और अद्वितीय आभासी पता](https://examcg.com/%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%81%e0%a4%b5-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ad-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%8f-%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%9f/): ध्रुव: संदर्भ के लिए डिजिटल हब और अद्वितीय आभासी पता Digital Hub for Reference and Unique Virtual Address (DHRUVA) डाक विभाग ने ध्रुव (संदर्भ और विशिष्ट वर्चुअल पता के लिए डिजिटल हब) शीर्षक से एक व्यापक नीति दस्तावेज जारी किया है, जिसमें राष्ट्रीय डिजिटल पता डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई) की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है । ध्रुवा (संदर्भ और अद्वितीय आभासी पते के लिए डिजिटल हब) के बारे में ध्रुव की परिकल्पना एक मानकीकृत, अंतर-संचालनीय और जियोकोडेड डिजिटल एड्रेसिंग प्रणाली के रूप में की गई है, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल एड्रेस डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना का निर्माण करना है। आधारित: ध्रुवा एड्रेस-एज-ए-सर्विस (AaaS) की अपनी मूल अवधारणा पर - [दीव: भारत का पहला सौर ऊर्जा संचालित जिला](https://examcg.com/elementor-13812/): दीव: भारत का पहला सौर ऊर्जा संचालित जिला संदर्भ केंद्रशासित प्रदेश दीव, 11.88 मेगावाट की उत्पादन क्षमता हासिल करके, अपनी 100% बिजली की आवश्यकताओं को सौर ऊर्जा से पूरा करने वाला भारत का पहला जिला बन गया है। यह उपलब्धि नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने में भारत की प्रगति को उजागर करती है, विशेष रूप से जिला स्तर पर। महत्त्व निवेश प्राप्ति के साथ सौर ऊर्जा अवसंरचना की आर्थिक व्यवहार्यता को प्रदर्शित करता है। भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं और ऊर्जा संक्रमण लक्ष्यों का समर्थन करता है। शहरी-ग्रामीण ऊर्जा पहुँच में PM-सूर्य घर योजना के प्रभावी कार्यान्वयन को दर्शाता है। PM-सूर्य घर के बारे - [बहमनी साम्राज्य (लगभग 1347- 1525 ई.): उदय, संघर्ष और राजनीतिक इतिहास](https://examcg.com/%e0%a4%ac%e0%a4%b9%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b2%e0%a4%97%e0%a4%ad%e0%a4%97-1347-1525-%e0%a4%88-%e0%a4%89/): बहमनी साम्राज्य (लगभग 1347- 1525 ई.): उदय, संघर्ष और राजनीतिक इतिहास बहमनी साम्राज्य (1347-1527 ई.) बहमनी साम्राज्य भारतीय इतिहास में मध्यकालीन युग के दौरान दक्षिण भारत में दक्कन का एक मुस्लिम राज्य था। बहमनी साम्राज्य के कुलीनों को दो श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया था: अफाकी और दक्कनी । दक्कनी देशी मूल के कुलीन थे जबकि अफाकी विदेशी मूल के थे। इसकी स्थापना अलाउद्दीन हसन बहमन शाह (जिसे हसन गंगू के नाम से भी जाना जाता है) ने मुहम्मद बिन तुगलक की दिल्ली सल्तनत के खिलाफ विद्रोह करके की थी। गुलबर्गा और बाद में बीदर इसकी राजधानी थे। बहमनी साम्राज्य ने दक्षिण और उत्तर के बीच एक सांस्कृतिक कड़ी के रूप में कार्य किया। यह - [विजयनगर साम्राज्य: उदय, शासन और सांस्कृतिक महत्व (1336-1646 ई.)](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%af%e0%a4%a8%e0%a4%97%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%89%e0%a4%a6%e0%a4%af-%e0%a4%b6%e0%a4%be/): विजयनगर साम्राज्य: उदय, शासन और सांस्कृतिक महत्व (1336-1646 ई.) विजयनगर साम्राज्य के बारे में इसकी स्थापना 1336 में संगम वंश के हरिहर और बुक्का ( गुरु विद्यारण्य के आशीर्वाद से ) द्वारा की गई थी, जो मूल रूप से वारंगल के काकतीय शासकों के अधीन थे। बाद में उन्होंने अपनी स्वतंत्रता की घोषणा की और तुंगभद्रा नदी के दक्षिणी तट पर एक नया शहर बसाया जिसका नाम ” विजयनगर” (विजय का शहर) रखा गया। प्रारंभिक विजयनगर शासक शैव धर्म के अनुयायी थे। विरुपाक्ष उनके कुलदेवता थे। बाद में वे वैष्णव धर्म के प्रभाव में आ गए। हालाँकि, शिव की पूजा जारी रही। रायचूर दोआब (कृष्णा और तुंगभद्रा के बीच उपजाऊ क्षेत्र), तुंगभद्रा दोआब (कृष्णा-गोदावरी डेल्टा के उपजाऊ - [मध्यकालीन भारत के क्षेत्रीय साम्राज्य: अहोम, मेवाड़, कश्मीर, राजवंश](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a5%8d/): मध्यकालीन भारत के क्षेत्रीय साम्राज्य: अहोम, मेवाड़, कश्मीर, राजवंश असम के अहोम[ क्षेत्रीय राज्य ] असम का इतिहास तिब्बती-बर्मी (चीनी-तिब्बती), इंडो-आर्यन और ऑस्ट्रोएशियाटिक संस्कृतियों के संगम के साथ-साथ पूर्व, पश्चिम और उत्तर के लोगों के संगम का इतिहास है। अहोम उत्तरी बर्मा (वर्तमान म्यांमार) की एक मंगोल जनजाति थी, जिसने 13वीं शताब्दी में एक शक्तिशाली साम्राज्य स्थापित करने में सफलता प्राप्त की थी और समय के साथ हिंदू धर्म अपना लिया था । दरअसल, असम नाम इन्हीं के नाम पर पड़ा है। उन्होंने भुइयां (जमींदारों) की पुरानी राजनीतिक व्यवस्था को दबा दिया अहोम राज्य पाइक्स नामक जबरन श्रम पर निर्भर था । प्रत्येक गांव को बारी-बारी से कई पैक भेजने पड़ते थे। युद्ध के दौरान लगभग सभी - [दिल्ली सल्तनत (1206-1526 ई.) – मध्यकालीन भारत इतिहास नोट्स ](https://examcg.com/%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a4%a4-1206-1526-%e0%a4%88-%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a4%be/): दिल्ली सल्तनत (1206-1526 ई.) – मध्यकालीन भारत इतिहास नोट्स  दिल्ली सल्तनत काल का इतिहास भारत के इतिहास में 1206 ई. से 1526 ई . के बीच का काल दिल्ली सल्तनत काल के नाम से जाना जाता है। तीन सौ से अधिक वर्षों की इस अवधि के दौरान, दिल्ली सल्तनत में पाँच राजवंशों ने शासन किया : दास (1206-1290 ई.) खिलजी (1290-1320 ई.) तुगलक (1320-1413 ई.) सैय्यद (1414-1451 ई.) लोधी (1451-1526 ई.) 1. गुलाम (गुलाम) या मामलुक राजवंश कुतुबुद्दीन ऐबक ने गुलाम वंश की स्थापना की। इसे मामलुक वंश के नाम से भी जाना जाता है। ऐबक को भारत में मुस्लिम शासन का वास्तविक संस्थापक माना जाता है । कुतुबुद्दीन - [मध्यकालीन भारत का प्रारंभिक इतिहास - क्षेत्रीय विन्यास का युग (लगभग 600 - 1200 ई.)](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%82/): मध्यकालीन भारत का प्रारंभिक इतिहास – क्षेत्रीय विन्यास का युग (लगभग 600 – 1200 ई.) हर्षवर्धन के बाद, राजपूत मध्यकालीन भारत में एक शक्तिशाली शक्ति के रूप में उभरे और 7वीं शताब्दी से लगभग 500 वर्षों तक भारतीय राजनीतिक परिदृश्य पर हावी रहे । मध्यकालीन भारत:कन्नौज वर्चस्व के लिए त्रिपक्षीय संघर्ष (750-1000 ई.पू.) 750 से 1000 ई. की अवधि में तीन महत्वपूर्ण साम्राज्यों का उदय हुआ: मध्यकालीन भारत में गुर्जर-प्रतिहार (पश्चिमी भारत), पाल (पूर्वी भारत) और राष्ट्रकूट (दक्कन)। इन तीन शक्तियों के बीच संघर्ष (मूलतः गंगा घाटी के कन्नौज क्षेत्र पर नियंत्रण के लिए ) को अक्सर ” त्रिपक्षीय संघर्ष ” के रूप में वर्णित किया जाता है। मध्यकालीन भारत में कन्नौज सामरिक - [हर्षवर्धन: हर्ष का साम्राज्य, इतिहास, शासनकाल | UPSC नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%a8-%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be/): हर्षवर्धन: हर्ष का साम्राज्य, इतिहास, शासनकाल | UPSC नोट्स हर्ष का साम्राज्य – राजा हर्षवर्धन का साम्राज्य गुप्त साम्राज्य के पतन के बाद , उत्तर भारत में कई साम्राज्य उभरे: गंगा घाटी क्षेत्र में मौखरि राजवंश का शासन था। हर्षवर्द्धन के पूर्वज (पुष्यभूति) पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वी पंजाब में थे और उनकी राजधानियाँ कन्नौज और थानेश्वर (पानीपत-टोपारा) में थीं। आगे पूर्व में, शशांक (7 वीं शताब्दी ई.) ने बंगाल ( गौड़ ) पर शासन किया। दक्षिण में, वाकाटकों के बाद, जो गुप्तों के समकालीन थे , बादामी के चालुक्यों ने दक्कन पर शासन किया और आगे दक्षिण में कांची के पल्लवों का राज्य था । पुष्यभूति राजवंश ह्वेनसांग का यात्रा वृत्तांत सी-यू-की , बाणभट्ट का हर्षचरित और पुलकेशिन द्वितीय का ऐहोल शिलालेख। मधुबन और सोनपत शिलालेखों में - [गुप्त साम्राज्य - गुप्त काल और गुप्त राजवंश के बारे में तथ्य | यूपीएससी नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%be/): गुप्त साम्राज्य – गुप्त काल और गुप्त राजवंश के बारे में तथ्य | यूपीएससी नोट्स गुप्त साम्राज्य की उत्पत्ति गुप्त शासन काल को कला, वास्तुकला , साहित्य, विज्ञान और प्रौद्योगिकी , धातु विज्ञान और दर्शन के क्षेत्र में सर्वांगीण प्रगति के लिए प्राचीन भारत का स्वर्ण युग माना जाता है । स्थिर राजनीति, लाभदायक व्यापार, सुरक्षित और शांतिपूर्ण सामाजिक व्यवस्था ने उत्तर भारत के विकास के लिए आवश्यक अनुकूल वातावरण प्रदान किया । श्री गुप्त गुप्त वंश के प्रथम शासक थे, उनके बाद उनके पुत्र ने शासन किया।  भितरी स्तंभ अभिलेख उनके शासनकाल का है, जिसमें गुप्तों के कालक्रम तथा पुष्यमित्र और हूणों के साथ उनके संघर्ष का विवरण मिलता है। गुप्त साम्राज्य - [मौर्योत्तर काल (200 ईसा पूर्व – 300 ईस्वी) – प्राचीन भारत में संघर्ष, संस्कृतियाँ और साम्राज्य](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2-200-%e0%a4%88%e0%a4%b8%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b5/): मौर्योत्तर काल (200 ईसा पूर्व – 300 ईस्वी) – प्राचीन भारत में संघर्ष, संस्  शुंग (187 ईसा पूर्व – 78 ईसा पूर्व): गंगा संस्कृति और कलात्मक उत्कर्ष के संरक्षक शुंगस की एक राजधानी पाटलिपुत्र में और दूसरी राजधानी विदिशा (पुत्र अग्निमित्र के वायसराय के अधीन) में थी। पुष्यमित्र शुंग ने विदेशी आक्रमणों (यूनानियों) के खिलाफ देश (गंगा घाटी) और इसकी संस्कृति की रक्षा की। पुष्यमित्र शुंग ने भरहुत स्तूप बनवाया। पुष्यमित्र के बाद उसके पुत्र अग्निमित्र ने शासन किया। कालिदास का नाटक ‘ मालविकाग्निमित्र’ राजा अग्निमित्र और दासी मालविका की प्रेम कथा है । बैक्ट्रिया के डेमेट्रियस प्रथम द्वारा भारत में घुसपैठ करने के एक महत्वपूर्ण प्रयास को अग्निमित्र के पुत्र - [जैन धर्म और बौद्ध धर्म: अंतर और समानताएँ | यूपीएससी नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%9c%e0%a5%88%e0%a4%a8-%e0%a4%a7%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a5%8c%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%a7%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae-%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%a4/): जैन धर्म और बौद्ध धर्म: अंतर और समानताएँ | यूपीएससी नोट्स जैन धर्म और बौद्ध धर्म जैन धर्म और बौद्ध धर्म के दर्शन, प्राचीन आध्यात्मिक परंपराएं जो भारत में उत्तर वैदिक काल [लगभग 5 ईसा पूर्व] के दौरान उभरीं। कर्म, मुक्ति और स्वयं की प्रकृति पर उनके अद्वितीय विश्वासों को समझें । सिद्धार्थ गौतम द्वारा स्थापित बौद्ध धर्म चार आर्य सत्यों और अष्टांगिक मार्ग के माध्यम से निर्वाण की खोज करता है , जबकि महावीर द्वारा स्थापित जैन धर्म अहिंसा और तप के माध्यम से मोक्ष की खोज करता है । जैन धर्म और बौद्ध धर्म के बीच अंतर और मोक्ष के प्रति उनके दृष्टिकोण , आत्मा की अवधारणाएँ और नैतिक सिद्धांत । अहिंसा के साझा मूल्य और जाति व्यवस्था का खंडन । संस्कृत, पाली और - [मौर्य साम्राज्य (322-185 ईसा पूर्व): शासनकाल, शासक और ऐतिहासिक महत्व](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-322-185-%e0%a4%88%e0%a4%b8%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0-2/): मौर्य साम्राज्य (322-185 ईसा पूर्व): शासनकाल, शासक और ऐतिहासिक महत्व मौर्य साम्राज्य – मौर्यों का उदय सिकंदर द्वारा पंजाब और पड़ोसी क्षेत्रों में जनजातीय गणराज्यों के विनाश से उत्पन्न शून्यता ने चंद्रगुप्त मौर्य को अवसर प्रदान किया। मौर्य साम्राज्य के महत्वपूर्ण शासक मौर्य साम्राज्य के स्रोत मौर्य साम्राज्य का साहित्य मौर्य साम्राज्य के पुरातत्व मेगस्थनीज की ‘इंडिका’, कौटिल्य का ‘अर्थशास्त्र’, विशाखा दत्त की ‘मुद्रा राक्षस’ धर्मशास्त्र ग्रंथ, पुराण बौद्ध पाठ (जातक कथाएँ, दीपवंश, महावंश, दिव्यावदान) पंच चिन्हित सिक्के, उत्तरी काले पॉलिशयुक्त बर्तन (NBPW) पाटलिपुत्र में चंद्रगुप्त मौर्य का लकड़ी का महल अशोक के शिलालेख और शिलालेख यूपीएससी ऑनलाइन कोर्स के लिए - [संगम युग - दक्षिण भारत का राजनीतिक इतिहास | यूपीएससी प्राचीन इतिहास नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%ae-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%97-%e0%a4%a6%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%bf%e0%a4%a3-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a4%be/): संगम युग – दक्षिण भारत का राजनीतिक इतिहास | यूपीएससी प्राचीन इतिहास नोट्स  संगम युग क्या है? संगम युग प्राचीन दक्षिण भारत के इतिहास का मुख्य स्रोत है , अर्थात तमिलकम । तमिलकम का संकलन तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व से तीसरी शताब्दी ईस्वी के दौरान किया गया था और इसे प्रेम और युद्ध के विषयों पर काव्यात्मक प्रारूप में रचा गया था। संगम युग तमिल कवियों का एक महाविद्यालय या सम्मेलन था जो शाही संरक्षण में आयोजित होता था। ऐसा माना जाता है कि तीन संगम 9990 वर्षों तक चले और इनमें 8598 कवियों ने भाग लिया और 197 पांड्य राजा इनके संरक्षक थे। प्रथम संगम- पुराना मदुरै (लेमुरै) दूसरा संगम – कपाडापुरम (आलोवई) तीसरा संगम- न्यू मदुरै संगम - [वैदिक काल: यूपीएससी और सरकारी परीक्षाओं के लिए इतिहास नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%b8%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%95/): वैदिक काल: यूपीएससी और सरकारी परीक्षाओं के लिए इतिहास नोट्स वैदिक काल: यूपीएससी और सरकारी परीक्षाओं के लिए इतिहास नोट्स वैदिक काल (ऋग्वैदिक एवं उत्तर वैदिक काल) आर्य मूलतः स्टेपीज़ क्षेत्र में रहते थे । बाद में वे मध्य एशिया चले गए और फिर लगभग 1500 ईसा पूर्व भारत के पंजाब क्षेत्र में आ गए। आर्यों के आगमन के साथ वैदिक काल (1500 ईसा पूर्व-600 ईसा पूर्व) का इतिहास शुरू होता है। वैदिक काल को प्रारंभिक वैदिक काल या ऋग्वैदिक (1500 ईसा पूर्व-1000 ईसा पूर्व) और उत्तर वैदिक काल (1000 ईसा पूर्व-600 ईसा पूर्व) में विभाजित किया गया है। आर्यों के नाम हित्ती शिलालेख (अनातोलिया), कासिट शिलालेख (इराक) और मित्तानी शिलालेख (सीरिया) - [सिंधु घाटी सभ्यता: महत्वपूर्ण तिथियां, स्थल और सिंधु घाटी सभ्यता का पतन](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%81-%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%aa/): सिंधु घाटी सभ्यता: महत्वपूर्ण तिथियां, स्थल और सिंधु घाटी सभ्यता का पतन   हड़प्पा सभ्यता क्या है? हड़प्पा की खुदाई सबसे पहले 1921 में दयाराम साहनी ने की थी । सिंधु घाटी सभ्यता प्राचीन मिस्र और मेसोपोटामिया की सभ्यताओं से भी बड़ी थी। सबसे उत्तरी स्थल मांडा (जम्मू-कश्मीर), सबसे दक्षिणी स्थल दैमाबाद (महाराष्ट्र), सबसे पूर्वी स्थल आलमगीरपुर (उत्तर प्रदेश), सबसे पश्चिमी स्थल सुत्कागेंडोर (पाकिस्तान-ईरान सीमा) सिंधु घाटी सभ्यता की महत्वपूर्ण विशेषताएँ: ‘ग्रिड प्रणाली’ की तर्ज पर व्यवस्थित नगर-नियोजन निर्माण में पकी हुई ईंटों का उपयोग। भूमिगत जल निकासी प्रणाली. अपनी विशिष्ट मिट्टी के बर्तन, मुहरें और लिपि का स्वामित्व। किलेबंद गढ़ (चन्हूदड़ो को छोड़कर)। सिंधु घाटी सभ्यता के चरण: प्रारंभिक हड़प्पा - [भारत का प्राचीन इतिहास: पुरातात्विक, मुद्राशास्त्रीय, पुरालेखीय, साहित्यिक और विदेशी विवरण](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%aa%e0%a5%81/): भारत के प्राचीन इतिहास के लिए यूपीएससी नोट्स | यूपीएससी परीक्षा भारत का प्राचीन इतिहास: पुरातात्विक, मुद्राशास्त्रीय, पुरालेखीय, साहित्यिक और विदेशी विवरण भारत के प्राचीन इतिहास के स्रोत सबूत भारत के प्राचीन इतिहास के बारे में जानकारी सामग्री अवशेष: रेडियो-कार्बन काल-निर्धारण किसी वस्तु की आयु निर्धारित करने की एक विधि है। दक्षिण भारत के भव्य पाषाण मंदिर; पूर्वी भारत के ईंट मठ; टीलों की ऊर्ध्वाधर एवं क्षैतिज खुदाई, महापाषाण (दक्षिण भारत)। जीवनशैली के लगभग हर पहलू जैसे, मिट्टी के बर्तनों का उपयोग, घर निर्माण डिजाइन, कृषि (अनाज का उत्पादन), पालतू जानवर, औजारों, हथियारों आदि के प्रकार और उस समय और भूगोल की दफन प्रथाएं। ऊर्ध्वाधर उत्खनन - [16 महाजनपद: शासक, उपलब्धियाँ और समयरेखा](https://examcg.com/16-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%aa%e0%a4%a6-%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%95-%e0%a4%89%e0%a4%aa%e0%a4%b2%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%81/): 16 महाजनपद: शासक, उपलब्धियाँ और समयरेखा महाजनपदों का उदय: प्राचीन भारत में दर्शन, अर्थव्यवस्था और सामाजिक परिवर्तन यह वह चरण था जिसमें ‘ जनपद’ आकार में बड़े हो गए और क्षेत्र विस्तार में शामिल हो गए जिसके परिणामस्वरूप ‘महाजनपद’ का गठन हुआ। अंगुत्तर निकाय महावस्तु । बौद्ध ग्रंथ और कुछ जैन ग्रंथ महाजनपदों के बारे में जानकारी के स्रोत हैं। ‘ मगध’ ने एक साम्राज्य बनने की प्रवृत्ति और क्षमता प्रदर्शित की। भारतीय इतिहास का यह काल ‘ जैन धर्म’ और ‘ बौद्ध धर्म’ जैसे दार्शनिक आंदोलनों के विकास से गहराई से प्रभावित और प्रेरित था । आर्थिक विकास के कारण शहरी केंद्रों का विकास हुआ और सिक्कों का पहला प्रयोग भी इसी - [पल्लव (275 ई.-897 ई.): इतिहास, कला, संस्कृति, संघर्ष और पतन](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%b5-275-%e0%a4%88-897-%e0%a4%88-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%8d/): पल्लव (275 ई.-897 ई.): इतिहास, कला, संस्कृति, संघर्ष और पतन  पल्लव – 275 ई. – 897 ई पल्लव अशोक के शिलालेखों में वर्णित पुलिंदों के समान हैं। पल्लवों ने कांची और महाबलीपुरम / मामल्लपुरम को अपनी राजधानी बनाकर शासन किया । राजवंश के महत्वपूर्ण शासक थे – पल्लव साम्राज्य के शासक महेंद्रवर्मन प्रथम (600 ई. – 630 ई.) वह चालुक्य राजा पुलकेशिन द्वितीय से पराजित हुआ। गुणाभार, सत्यसंध, चेट्टकारी (मंदिर-निर्माता) चित्रकारपुली (चित्रकार), विचित्रचित्त और मत्तविलास महेंद्रवर्मन प्रथम के लिए प्रयुक्त उपाधियाँ थीं। मण्डागापथु शिलालेखों में चट्टानों को काटकर मंदिर निर्माण की शुरुआत का उल्लेख है। वह एक बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे, जिन्हें चित्रकला, संगीत और साहित्य में विशेषज्ञता प्राप्त थी; उन्होंने - [राष्ट्रीय खेल दिवस 2025](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%96%e0%a5%87%e0%a4%b2-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b8-2025/): राष्ट्रीय खेल दिवस 2025 राष्ट्रीय खेल दिवस मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में प्रत्येक वर्ष 29 अगस्त को मनाया जाता है। राष्ट्रीय खेल दिवस 2025 के बारे में वर्ष 2025 की थीम: “एक घंटा, खेल के मैदान में (Ek Ghanta, Khel ke Maidan Main)” केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्रालय द्वारा 29 से 31 अगस्त, 2025 के बीच एक राष्ट्रव्यापी फिटनेस आंदोलन का शुभारंभ किया गया। फिट इंडिया मिशन के नेतृत्व में। महत्त्व भारत में खेल और फिटनेस की संस्कृति को बढ़ावा देता है। यह पहल जीवनशैली संबंधी रोगों की रोकथाम हेतु प्रतिदिन 60 मिनट की शारीरिक गतिविधि के महत्व के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाती है। ओलंपिक आदर्शों (उत्कृष्टता, मित्रता, सम्मान) और पैरालंपिक सिद्धांतों (साहस, दृढ़ संकल्प, प्रेरणा, - [सुरेन्द्रनाथ बनर्जी - उदारवादी चरण के महत्वपूर्ण नेता - आधुनिक भारत इतिहास नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%ac%e0%a4%a8%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%89%e0%a4%a6%e0%a4%be/): सुरेन्द्रनाथ बनर्जी – उदारवादी चरण के महत्वपूर्ण नेता – आधुनिक भारत इतिहास नोट्स राष्ट्रगुरु के नाम से प्रसिद्ध सुरेंद्रनाथ बनर्जी ने भारतीय राष्ट्रीय संघ की स्थापना की । उन्होंने सविनय अवज्ञा आंदोलन का भी समर्थन किया और “द बंगाली” अखबार भी निकाला। यह लेख सुरेंद्रनाथ बनर्जी के बारे में बताता है जो यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी में मददगार साबित होगा। विषयसूची सुरेंद्रनाथ बनर्जी – पृष्ठभूमि योगदान और उपलब्धियां निष्कर्ष पूछे जाने वाले प्रश्न एमसीक्यू सुरेन्द्रनाथ बनर्जी सुरेंद्रनाथ बनर्जी – पृष्ठभूमि सर सुरेन्द्रनाथ बनर्जी का जन्म 10 नवम्बर 1848 को कलकत्ता में हुआ था । उन्होंने पैरेंटल एकेडमिक इंस्टीट्यूशन में शिक्षा प्राप्त की , जहाँ मुख्यतः एंग्लो-इंडियन लड़के पढ़ते थे। 1868 में , उन्होंने कलकत्ता विश्वविद्यालय - [पी. आनंद चार्लु - उदारवादी चरण के महत्वपूर्ण नेता - आधुनिक भारत इतिहास नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%80-%e0%a4%86%e0%a4%a8%e0%a4%82%e0%a4%a6-%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%81-%e0%a4%89%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%9a/): पी. आनंद चार्लु – उदारवादी चरण के महत्वपूर्ण नेता – आधुनिक भारत इतिहास नोट्स   आनंद चार्लू दक्षिण भारत के एक प्रसिद्ध सामाजिक व्यक्ति थे, जिन्होंने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के आगमन से पहले कई राजनीतिक अभियानों के आयोजन की जिम्मेदारी संभाली थी। 1884 में, अपने सहयोगियों (एम. वीरराघवचारी और जी. सुब्रमण्यम अय्यर) की सहायता से , उन्होंने मद्रास महाजन सभा की स्थापना की , जो जनमत निर्माण के उद्देश्य से एक राजनीतिक संगठन था। पी. आनंद चार्लू 1885 में बंबई में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के पहले अधिवेशन में 72 प्रतिनिधियों (जिन्हें “बहादुर-72” कहा जाता था) में से एक थे। इस लेख में हम पी. आनंद चार्लू के बारे में जानेंगे जो यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए - [उदारवादी चरण के महत्वपूर्ण नेता – आधुनिक भारत इतिहास नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%89%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%9a%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0/): उदारवादी चरण के महत्वपूर्ण नेता – आधुनिक भारत इतिहास नोट्स शुरुआती दौर (1885-1905) के दौरान कांग्रेस की नीतियों पर हावी रहने वाले राष्ट्रीय नेता, जैसे दादाभाई नौरोजी , फिरोजशाह मेहता, डीई वाचा, डब्ल्यू. सी. बनर्जी और एस. एन. बनर्जी, ‘उदारवाद’ और ‘उदारवादी’ राजनीति में दृढ़ विश्वास रखते थे और उन्हें बीसवीं सदी के शुरुआती दौर के नव-राष्ट्रवादियों से अलग करने के लिए उन्हें नरमपंथी कहा जाने लगा। नरमपंथियों ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान दिया। नरमपंथियों का मुख्य लक्ष्य ब्रिटिश साम्राज्य के भीतर स्वशासन प्राप्त करना था । उन्होंने ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ चरमपंथी रास्ते के बजाय एक मध्यम मार्ग चुना। इस लेख में, हम उदारवादी चरण के महत्वपूर्ण नेताओं के - [दादाभाई नौरोजी – उदारवादी चरण के महत्वपूर्ण नेता – आधुनिक भारत इतिहास नोट्स ](https://examcg.com/%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%a8%e0%a5%8c%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%89%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6/): दादाभाई नौरोजी – उदारवादी चरण के महत्वपूर्ण नेता – आधुनिक भारत इतिहास नोट्स  दादाभाई नौरोजी को भारत के ग्रैंड ओल्ड मैन और देश के अनौपचारिक राजदूत के रूप में जाना जाता है । वे ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स के लिए चुने जाने वाले पहले भारतीय थे। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के संस्थापक सदस्य थे और कांग्रेस के तीन अधिवेशनों के अध्यक्ष रहे। अपनी पुस्तक ‘पावर्टी एंड अन-ब्रिटिश रूल इन इंडिया’ में उन्होंने ड्रेन थ्योरी का प्रस्ताव रखा और भारत में ब्रिटिश शोषण की व्याख्या की। इस लेख में, हम दादाभाई नौरोजी के बारे में जानेंगे जो यूपीएससी परीक्षा की तैयारी के लिए मददगार होगा। विषयसूची पृष्ठभूमि योगदान और उपलब्धियां निष्कर्ष पूछे जाने वाले प्रश्न - [कल्पना दत्ता](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be/): कल्पना दत्ता कल्पना दत्ता, जिनका जन्म  27 जुलाई 1913 को श्रीपुर, चटगाँव में  हुआ था, भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में एक क्रांतिकारी शख्सियत थीं  , जिन्हें विशेष रूप से  1930 में चटगाँव शस्त्रागार छापे में उनकी भूमिका के लिए याद किया जाता है  । 1929 में मैट्रिक की पढ़ाई पूरी करने के बाद, वे  बेथ्यून कॉलेज  में उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए  कलकत्ता चली गईं । उस समय की क्रांतिकारी भावना से प्रभावित होकर, वह  महिला छात्र संघ,  छत्री संघ में शामिल हो गईं और सूर्य सेन के नेतृत्व में क्रांतिकारी गतिविधियों में शामिल हो गईं । दत्ता ने विस्फोटकों के परिवहन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और   चटगाँव में  यूरोपीय क्लब सहित ब्रिटिश प्रतिष्ठानों पर हमलों की योजना बनाने - [गोपाल कृष्ण गोखले - उदारवादी दौर के महत्वपूर्ण नेता - आधुनिक भारत इतिहास नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%a3-%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%96%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%89%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%be/): गोपाल कृष्ण गोखले – उदारवादी दौर के महत्वपूर्ण नेता – आधुनिक भारत इतिहास नोट्स   गोपाल कृष्ण गोखले भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सबसे प्रसिद्ध उदारवादी नेताओं में से एक हैं जिन्होंने अपना जीवन राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित कर दिया। वे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के राजनीतिक गुरु थे । तीन दशकों तक, गोखले ने रूढ़िवादी या क्रांतिकारी तरीकों को अस्वीकार करते हुए, भारत में सामाजिक सशक्तिकरण, शिक्षा के विकास और स्वतंत्रता संग्राम के लिए काम किया । वे प्रार्थना-याचना-विरोध विचारधारा में दृढ़ विश्वास रखते थे। इस लेख में हम जी.के. गोखले के योगदानों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। विषयसूची पृष्ठभूमि राजनीतिक भागीदारी योगदान निष्कर्ष पूछे जाने - [बदरुद्दीन तैयबजी - उदारवादी चरण के महत्वपूर्ण नेता – आधुनिक भारत इतिहास नोट्स ](https://examcg.com/%e0%a4%ac%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%a4%e0%a5%88%e0%a4%af%e0%a4%ac%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%89%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%be/): बदरुद्दीन तैयबजी – उदारवादी चरण के महत्वपूर्ण नेता – आधुनिक भारत इतिहास नोट्स मुल्ला तैयब अली भाई मियां , जिन्हें बदरुद्दीन तैयबजी के नाम से जाना जाता है , शिक्षा के प्रति अपने जुनून और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के माध्यम से राष्ट्रीय उद्देश्यों के लिए दिए गए योगदान के लिए जाने जाते हैं, क्योंकि वे अल्पसंख्यक समुदाय से इसके पहले अध्यक्ष थे। तैयबजी की अपनी शिक्षा और परवरिश, जो पूर्व और पश्चिम का सामंजस्यपूर्ण मिश्रण थी, ने उन्हें इस बात का एहसास कराया कि मुसलमानों में इसकी कमी है। बदरुद्दीन तैयबजी, फिरोजशाह मेहता और काशीनाथ तेलंग बॉम्बे के सार्वजनिक जीवन के ‘त्रिमूर्ति’ या ‘तीन सितारे’ के रूप में लोकप्रिय थे । इस - [अफ्रीका लोकप्रिय विश्व मानचित्र को क्यों त्यागना चाहता है?](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%ab%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%95%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%ae/): अफ्रीका लोकप्रिय विश्व मानचित्र को क्यों त्यागना चाहता है? समाचार में क्यों? अफ्रीकी संघ (एयू) ने पुराने मर्केटर प्रक्षेपण को अफ्रीका के वास्तविक आकार को दर्शाने वाले मानचित्रों से बदलने के लिए “मानचित्र को सही करें” नामक अभियान का समर्थन किया है । एयू ने समान पृथ्वी प्रक्षेपण (2018) को बेहतर विकल्प के रूप में अनुशंसित किया है क्योंकि यह देशों का अधिक सटीक प्रतिनिधित्व करता है। यह कदम लंबे समय से चली आ रही आलोचना के बाद उठाया गया है कि मर्केटर मानचित्र यूरोप और उत्तरी अमेरिका को बड़ा करता है, लेकिन अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका और भारत को छोटा कर देता है । मुख्य अंश मर्केटर मानचित्र की उत्पत्ति (1569) जेरार्डस मर्केटर द्वारा नाविकों के लिए - [केंद्रीय जल आयोग : मिशन, कार्य, महत्व के बारे में जानकारी](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%9c%e0%a4%b2-%e0%a4%86%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0/): केंद्रीय जल आयोग : मिशन, कार्य, महत्व के बारे में जानकारीकेंद्रीय जल आयोग (CWC) भारत का तकनीकी संगठन है। यह जल संसाधन के क्षेत्र में है और जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग, जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार के एक संलग्न कार्यालय के रूप में कार्य करता है। आयोग को बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई, नौवहन, पेयजल आपूर्ति और संबंधित राज्य सरकारों के परामर्श से जल संसाधनों के नियंत्रण, संरक्षण और उपयोग के लिए देश भर में योजनाओं को आरंभ करने, समन्वय करने और आगे बढ़ाने का काम सौंपा गया है। साथ ही, यह ऐसी योजनाओं के लिए आवश्यक अनुसंधान, विकास - [भारत में कौन क्या है  2025](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8c%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88-2025/): भारत में कौन क्या है  2025 कार्यालय (भारत में कौन कौन है 2024) नाम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उपराष्ट्रपति एवं राज्यसभा के सभापति रिक्त प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति भूषण रामकृष्ण गवई भारत के पहले लोकपाल पिनाकी चंद्र घोष लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार मुख्य सूचना आयुक्त हीरालाल सामरिया भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक श्री के. संजय मूर्ति संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार सीबीएसई के अध्यक्ष राहुल सिंह एनसीईआरटी के अध्यक्ष दिनेश प्रसाद सकलानी भारत के महान्यायवादी आर. वेंकटरमणी (01.10.2022 से तीन साल की अवधि के लिए अर्थात 30.09.2025 तक) गृह मंत्री - [संत कबीर दास जयंती](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%9c%e0%a4%af%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%80/): संत कबीर दास जयंती चर्चा में क्यों? हाल ही में, संत कबीरदास की जयंती के उपलक्ष्य में 24 जून , 2021 को संत कबीरदास जयंती मनाई गई । हिंदू चंद्र कैलेंडर के अनुसार , कबीरदास जयंती ज्येष्ठ पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है। प्रमुख बिंदु के बारे में: संत कबीर दास का जन्म उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में हुआ था । वे 15 वीं शताब्दी के रहस्यवादी कवि, संत और समाज सुधारक तथा भक्ति आंदोलन के प्रणेता थे। कबीर की विरासत आज भी कबीर पंथ नामक एक संप्रदाय के माध्यम से चल रही है , जो एक धार्मिक समुदाय है जो उन्हें अपना संस्थापक मानता है। शिक्षक: उनका प्रारंभिक जीवन एक मुस्लिम परिवार में बीता, लेकिन वे अपने शिक्षक, हिंदू भक्ति - [संत कबीर दास की 648वीं जयंती ](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%80-648%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%9c%e0%a4%af%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%80/): संत कबीर दास की 648वीं जयंती  चर्चा में क्यों?  11 जून 2025 को , प्रधानमंत्री ने संत कबीर दास को उनकी 648 वीं जयंती, जिसे कबीरदास जयंती (कबीर प्रकट दिवस)  के रूप में मनाया जाता है , के अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित की ।     संत कबीरदास कौन थे और उनका योगदान क्या था?  संत कबीर दास (1440-1518) एक प्रतिष्ठित रहस्यवादी कवि, संत और समाज सुधारक थे , जिनका जन्म वाराणसी, उत्तर प्रदेश में हुआ था ।   कबीर अक्सर खुद को “जुलाहा” (बुनकर) और “कोरी” (निम्न जाति) के रूप में संदर्भित करते थे , जो हाशिए पर पड़े लोगों के साथ उनकी विनम्रता और एकजुटता को दर्शाता था ।  शिक्षाएं और दर्शन: संत कबीर दास निर्गुण भक्ति परंपरा के एक प्रमुख प्रस्तावक हैं , जो निराकार, गुण-रहित ईश्वर (निर्गुण ब्रह्म) के - [राजेंद्र चोल प्रथम के समुद्री अभियान के 1,000 वर्ष](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%9a%e0%a5%8b%e0%a4%b2-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a5%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%81/): राजेंद्र चोल प्रथम के समुद्री अभियान के 1,000 वर्ष प्रारंभिक परीक्षा के लिए: तिरुवलंगाडु शिलालेख, कंडालूर सलाई की लड़ाई, चोल, पांड्य , चेर, चालुक्य , नागपट्टिनम, स्थानीय स्वशासन , बृहदेश्वर मंदिर , द्रविड़ मंदिर वास्तुकला , यूनेस्को , गंगाईकोंडा चोलपुरम, ऐरावतेश्वर मंदिर, दक्षिण मेरु, भित्ति चित्र , भरतनाट्यम , नटराज प्रतिमा  मुख्य परीक्षा के लिए: भारतीय इतिहास में चोल वंश का योगदान, चोल वंश की कला और वास्तुकला।   चर्चा में क्यों? प्रधान मंत्री ने आदि तिरुवथिराई उत्सव के दौरान तमिलनाडु के अरियालुर जिले में गंगईकोंडा चोलपुरम और बृहदीश्वर मंदिर ( यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल )  का दौरा किया ।  उन्होंने चोल साम्राज्य की लोकतांत्रिक परंपराओं पर प्रकाश डाला और राजेंद्र चोल प्रथम के गंगा अभियान के 1000 वर्ष पूरे होने पर एक स्मारक सिक्का जारी किया ।  आदि तिरुवथिरई महोत्सव राजेंद्र चोल प्रथम के दक्षिण-पूर्व एशिया के पौराणिक समुद्री अभियान के 1,000 वर्ष - [गुर्जर-प्रतिहार](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9c%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0/): गुर्जर-प्रतिहार प्रारंभिक परीक्षा के लिए: गुर्जर-प्रतिहार के प्रमुख शासक, कला और वास्तुकला मुख्य परीक्षा के लिए: गुर्जर-प्रतिहारों की प्रशासन पद्धति, सामाजिक परिस्थितियाँ, कला और वास्तुकला गुर्जर-प्रतिहार कौन हैं? प्रतिहार शब्द का अर्थ है “द्वारपाल”। गुर्जर -प्रतिहार 8 वीं शताब्दी के दूसरे चतुर्थांश में प्रमुखता में आये , जब उन्होंने नागभट्ट प्रथम के समय में अरबों का सफल प्रतिरोध किया। भोज प्रतिहार वंश का सबसे महान सम्राट और साम्राज्य का वास्तविक संस्थापक था । जिन प्रतिहारों ने लंबे समय तक कन्नौज पर शासन किया, उन्हें गुर्जर-प्रतिहार भी कहा जाता है। राजस्थान के पूर्वी और मध्य भागों में प्रतिहारों ने कई रियासतें स्थापित कीं। गुर्जर-प्रतिहार साम्राज्य के विस्तार में पाल और राष्ट्रकूट जैसी अन्य समकालीन शक्तियों के साथ निरंतर संघर्ष शामिल था । उन्होंने मालवा और गुजरात के लिए राष्ट्रकूटों से युद्ध किया और तत्पश्चात् कन्नौज के लिए भी - [कनाडा (राजधानी: ओटावा)](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a1%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%93%e0%a4%9f%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%be/): कनाडा (राजधानी: ओटावा) हाल ही में, कनाडा ने अपने इतिहास की दूसरी सबसे भीषण वनाग्नि (वाइल्डफायर) मौसम का सामना किया। भौगोलिक अवस्थिति यह उत्तरी अमेरिका महादेश के उत्तरी भाग में स्थित है।  इसके पूर्व में अटलांटिक महासागर, पश्चिम में प्रशांत महासागर और उत्तर में आर्कटिक महासागर है। पड़ोसी: यह संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ दुनिया की सबसे लंबी स्थलीय सीमा साझा करता है।  इसकी समुद्री सीमाएं फ्रांस (सेंट पियरे और मिकेलॉन) और डेनमार्क (ग्रीनलैंड) से लगती हैं। भौगोलिक विशेषताएं क्षेत्रफल: यह दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है। विश्व में सबसे अधिक क्षेत्रफल रूस का है।  स्थलाकृतियां: इनमें आर्कटिक टुंड्रा, विशाल बोरियल वन, रॉकी पर्वत और उपजाऊ घास के मैदान शामिल हैं। ताजा जल:, कनाडा की झीलों और नदियों में दुनिया का लगभग 20% ताजा जल भंडार हैं। ग्रेट लेक्स: पांच ग्रेट - [नागभट्ट प्रथम (730 - 760 ई.) - प्रतिहारों के महत्वपूर्ण शासक - मध्यकालीन भारत इतिहास नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%ad%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a5%e0%a4%ae-730-760-%e0%a4%88-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be/): नागभट्ट प्रथम (730 – 760 ई.) – प्रतिहारों के महत्वपूर्ण शासक – मध्यकालीन भारत इतिहास नोट्स नागभट्ट प्रथम (730-760 ई.) उत्तर भारत के शाही गुर्जर प्रतिहार वंश के संस्थापक थे। अपनी राजधानी उज्जैन से, उन्होंने आधुनिक मध्य प्रदेश के अवंती (या मालव) क्षेत्र पर शासन किया । वह गुर्जर प्रदेश पर अपना नियंत्रण बढ़ा सकते थे, जिसमें आधुनिक गुजरात और राजस्थान के कुछ हिस्से शामिल हैं । उन्होंने सिंध से एक अरब आक्रमण को विफल कर दिया, जिसका नेतृत्व संभवतः जुनैद इब्न अब्द अल-रहमान अल-मुर्री या अल हकम इब्न अवाना ने किया था। इस लेख में, हम प्रतिहार वंश के महत्वपूर्ण शासक नागभट्ट प्रथम (730-760 ई.) पर चर्चा - [त्रिपक्षीय संघर्ष (790-1162 ई.) इतिहास, कारण और परिणाम [UPSC नोट्स]](https://examcg.com/%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%98%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7-790-1162-%e0%a4%88-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf/): त्रिपक्षीय संघर्ष (790-1162 ई.) इतिहास, कारण और परिणाम [UPSC नोट्स] सातवीं शताब्दी में हर्ष के साम्राज्य के पतन के बाद , उत्तर भारत, दक्कन और दक्षिण भारत में कई बड़े राज्यों का उदय हुआ। इनमें पाल, प्रतिहार और राष्ट्रकूट प्रमुख थे। कन्नौज के लिए त्रिपक्षीय संघर्ष, जिसे कन्नौज त्रिभुज युद्ध भी कहा जाता है , उत्तरी भारत पर नियंत्रण के लिए संघर्ष है जो 8वीं और 9 वीं शताब्दी में प्रतिहार , पाल और राष्ट्रकूट साम्राज्य के बीच हुआ था। त्रिपक्षीय संघर्ष में कौन-कौन से पक्ष शामिल थे? त्रिपक्षीय संघर्ष में तीन दल शामिल थे: राष्ट्रकूट राजवंश प्रतिहार राजवंश पाल राजवंश पाल वंश का उदय पूर्वी भारत में बंगाल के गौड़ क्षेत्र से हुआ। उसी समय, - [नांगरनी स्पर्धा : महाराष्ट्र](https://examcg.com/%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%b0%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d/): नांगरनी स्पर्धा : महाराष्ट्र संदर्भ : हाल ही में, महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले के रिंगाने गांव में पारंपरिक बैल जुताई दौड़, नांगरनी स्पर्धा का आयोजन किया गया था। विषय की प्रासंगिकता: प्रारंभिक : भारत में पारंपरिक पशु-आधारित खेलों के बारे में मुख्य तथ्य।  नांगरनी स्पर्धा नांगरनी स्पर्धा महाराष्ट्र  के रत्नागिरी जिले में प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली एक पारंपरिक बैल दौड़ है। मानसून के मौसम में अनोखी ग्रामीण खेल परंपरा फलती-फूलती है । बैलों की दौड़ घोड़े की नाल के आकार के, कीचड़ से भरे ट्रैक पर आयोजित की जाती है। कड़े नियम लागू होते हैं; अगर कोई भी बैल जोड़ी ट्रैक के झंडों को छू ले या सीमा से - [जल्लीकट्टू का पारंपरिक और सांस्कृतिक महत्त्व](https://examcg.com/%e0%a4%9c%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%82-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%94/): दक्षिणी भारतीय राज्य तमिलनाडु समृद्ध सांस्कृतिक परंपराएँ रखता है जिसके दर्शन उसके पर्व-त्योहारों और विभिन्न धार्मिक-सांस्कृतिक आयोजनों में होते रहते हैं। ऐसे ही सांस्कृतिक आयोजनों में से एक है जल्लीकट्टू (Jallikattu) जो स्थानीय लोगों और आगंतुकों को समान रूप से लुभाता रहा है। साँडों (bull) को वश में करने का यह प्राचीन खेल, जिसका इतिहास लगभग 2000 वर्ष तक प्राचीन है, तमिलनाडु के लोगों के लिये गर्व और विरासत का प्रतीक रहा है। हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय की पाँच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने तमिलनाडु, महाराष्ट्र और कर्नाटक राज्य विधानसभाओं द्वारा पशु क्रूरता निवारण (Prevention of Cruelty to Animals- PCA) अधिनियम, 1960 में किये गए संशोधनों उचित - [गोवा की धीरियो बुल फाइटिंग](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a7%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b-%e0%a4%ac%e0%a5%81%e0%a4%b2-%e0%a4%ab%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%9f%e0%a4%bf%e0%a4%82/): गोवा की धीरियो बुल फाइटिंग गोवा में सांस्कृतिक और पर्यटन कारणों से सांडों की लड़ाई जिसे धीरियो या धीरी नाम से जाना जाता है, को वैध बनाने की मांग उठती रही है। प्रतिबंध के बावजूद, गोवा के कुछ गाँवों में यह प्रथा जारी है। उत्पत्ति और प्रकृति:  यह पुर्तगालियों के समय से गोवा का एक पारंपरिक खेल है जिसमें 2 विशेष रूप से पाले गए तथा प्रशिक्षित बैल/सांड शक्ति प्रदर्शन की प्रतियोगिता में शामिल होते हैं। यह स्पेनिश बुलफाइटिंग से भिन्न है क्योंकि इसमें कोई मैटाडोर (एक बुलफाइटर जिसका काम सांड को मारना होता है) या अनुष्ठानिक हत्या शामिल नहीं है। सांस्कृतिक महत्त्व: यह चर्च से संबंधित समारोहों एवं कृषि उत्सवों का अभिन्न अंग है तथा यह एक लोकप्रिय सामाजिक आयोजन - [हैदराबाद के विलय की 76वीं वर्षगाँठ ](https://examcg.com/%e0%a4%b9%e0%a5%88%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a5%80-76%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%b5%e0%a4%b0/): हैदराबाद के विलय की 76वीं वर्षगाँठ  चर्चा में क्यों?  17 सितंबर, 2024 को हैदराबाद के स्वतंत्र भारत में विलय की 76वीं वर्षगाँठ मनाई गई। हैदराबाद को भारतीय संघ के लिये सुरक्षा खतरा बनने से रोकने के लिये ऑपरेशन पोलो शुरू किया गया था । हैदराबाद के भारत में विलय से संबंधित प्रमुख तथ्य क्या हैं? हैदराबाद की पृष्ठभूमि: हैदराबाद दक्षिण भारत में एक बड़ी स्थल-रुद्ध रियासत थी जिसमें वर्तमान तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र का मराठवाड़ा क्षेत्र शामिल था। इसकी अधिकांश जनसंख्या हिंदू (87%) थी जबकि इसके शासक निज़ाम उस्मान अली खान मुस्लिम थे, जिन्हें मुस्लिम अभिजात वर्ग का समर्थन प्राप्त था। निज़ाम और इत्तेहादुल मुस्लिमीन (अखिल भारतीय मुस्लिम एकता परिषद) ने हैदराबाद की स्वतंत्रता के लिये प्रयास किया - [हैदराबाद रियासत का भारत में विलय](https://examcg.com/%e0%a4%b9%e0%a5%88%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae/): हैदराबाद रियासत का भारत में विलय हैदराबाद रियासत की एक विशेष स्थिति थी। यह भारत की सबसे बड़ी रियासत थी। जूनागढ़ की भाँति हैदराबाद का निजाम भी मुस्लिम था। परंतु यहाँ की बहुसंख्यक जनता हिन्दू थी। हैदराबाद का राज्य भी चारों तरफ से भारतीय सीमाओं से घिरा हुआ था। यहाँ के मुस्लिम शासक (निजाम) को अधिक से अधिक सोना, जवाहरात एकत्र करने की सनक सवार रहती थी। वह अपने आपको पूरी तरह से स्वतंत्र समझता था और अपने राज्य के स्वतंत्र अस्तित्व को कायम रखना चाहता था। वह प्रजातंत्र को एक दूषित प्रणाली समझता था और राजाओं के दैवी अधिकारों में विश्वास - [मानवतावाद के जनक - पुनर्जागरण मानवतावाद के जनक](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9c%e0%a4%be/): मानवतावाद के जनक – पुनर्जागरण मानवतावाद के जनक पुनर्जागरण यूरोप में व्यापक पुनरुत्थान और ज्ञानोदय का काल था, जिसने विचार और दर्शन में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाया, और इसके मूल में मानवतावाद का उदय हुआ। मानवतावाद के दर्शन ने ईश्वर की सर्वोच्च सत्ता की अवधारणा को विस्थापित कर मानव की बौद्धिक क्षमता को केंद्र में स्थापित किया। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि इस पश्चिमी दर्शन के विकास और विकास का श्रेय किस प्रसिद्ध व्यक्तित्व को दिया जाता है? फ्रांसेस्को पेट्रार्का, जिन्हें लोकप्रिय रूप से पेट्रार्क कहा जाता है, मानवतावाद के श्रद्धेय जनक हैं, जिनके कार्यों और विचारों ने पश्चिमी चिंतन को महत्वपूर्ण - [प्राचीन काल में भारत-रोम संबंध](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%ae-%e0%a4%b8/): प्राचीन काल में भारत-रोम संबंध भारत तथा पाश्चात्य विश्व के बीच संपर्क के प्राचीनतम संदर्भ मिलते हैं, तथापि इस बात के स्पष्ट प्रमाण हैं, कि भारत का पाश्चात्य जगत विशेषकर रोम के साथ घनिष्ठ वाणिज्यिक संबंध ईस्वी सन् के प्रारंभ के लगभग आरंभ हुआ। पाम्पेई नगर की खुदाई में भारतीय शैली में निर्मित हाथीदाँत की बनी यक्षिणी की एक मूर्ति मिली है, जिसका काल ईसा पूर्व दूसरी शती माना जाता है। उपलब्ध साहित्यिक एवं पुरातात्विक प्रमाणों से पता चलता है, कि आगस्टन काल (ई.पू.27-14) में उत्तर-पश्चिम तथा भारतीय उपमहाद्वीप के प्रायद्वीपय क्षेत्रों, दोनों के साथ रोम का व्यापारिक संबंध विकसित हो गया था। ये आर्थिक गतिविधियाँ - [गाजा युद्ध और इज़राइल का राजनयिक अलगाव ](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%be-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%87%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b0/): गाजा युद्ध और इज़राइल का राजनयिक अलगाव  संदर्भ: यूनाइटेड किंगडम के प्रधानमंत्री ने सितंबर 2025 में आगामी संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र के दौरान फिलिस्तीन राज्य को मान्यता देने की घोषणा की है, जब तक कि इजरायल गाजा में युद्ध विराम के लिए सहमत नहीं होता, अधिक मानवीय सहायता की अनुमति नहीं देता और दो-राज्य फार्मूले के आधार पर दीर्घकालिक शांति के लिए प्रतिबद्ध नहीं होता। विषय की प्रासंगिकता: प्रारंभिक : बाल्फोर घोषणा; इजरायल का राजनयिक अलगाव; गाजा युद्ध।  गाजा युद्ध और इज़राइल का राजनयिक अलगाव गाजा युद्ध अक्टूबर 2023 में शुरू हुआ, जब हमास ने गाजा पट्टी से इज़राइल पर समन्वित सशस्त्र आक्रमण शुरू किया। - [71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार](https://examcg.com/71%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%ab%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%ae-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a4%b8/): 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार चर्चा में क्यों? वर्ष 2023 के लिये भारत की सिनेमाई उत्कृष्टता को सम्मानित करने हेतु 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों की आधिकारिक घोषणा की गई। मुख्य बिंदु पुरस्कार के बारे में:  वर्ष 2023 के संस्करण में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों के नियमों के तहत क्षेत्र का विस्तार करते हुए कुल 31 फीचर फिल्में, 24 गैर-फीचर फिल्में, सिनेमा पर 27 पुस्तकें तथा 16 फिल्म समीक्षकों को सम्मिलित किया गया। शाहरुख खान को अपने 30 वर्ष से अधिक के फिल्मी करियर में प्रथम राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों का आयोजन भारत सरकार की ओर से सूचना और प्रसारण मंत्रालय के माध्यम से किया जाता है। पुरस्कार श्रेणियाँ: ये वार्षिक पुरस्कार - [पिपरहवा अवशेषों की भारत वापसी](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%b5%e0%a4%b6%e0%a5%87%e0%a4%b7%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%b5/): पिपरहवा अवशेषों की भारत वापसी  चर्चा में क्यों?प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 127 वर्षों के पश्चात् भगवान बुद्ध के पवित्र पिपरहवा अवशेषों की भारत वापसी का स्वागत करते हुए इसे देश की सांस्कृतिक विरासत के लिये गौरवपूर्ण और हर्ष का क्षण बताया। गोदरेज इंडस्ट्रीज़ ने सरकार के साथ मिलकर औपनिवेशिक काल के दौरान विदेश ले जाए गए इन अवशेषों को सोथबी नीलामी गृह से प्राप्त करने और उन्हें भारत वापस लाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके फलस्वरूप ये अवशेष नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय संग्रहालय में प्रदर्शित किये जा सकेंगे। मुख्य बिंदु पिपरहवा अवशेषों के बारे में: पिपरावा अवशेष, जिन्हें भगवान बुद्ध के अवशेष माना जाता है, वर्ष 1898 में विलियम क्लैक्सटन पेप्पे द्वारा उत्तर प्रदेश के पिपरहवा स्तूप में खुदाई के दौरान प्राप्त हुए थे। यह स्थान भगवान बुद्ध का जन्मस्थान प्राचीन कपिलवस्तु माना जाता है - [करेंट अफेयर्स क्विज़ - जुलाई 2025](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%9f-%e0%a4%85%e0%a4%ab%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bc-%e0%a4%9c%e0%a5%81%e0%a4%b2/): करेंट अफेयर्स क्विज़ – जुलाई 2025 | UPSC/PSC 📚 करेंट अफेयर्स क्विज़ जुलाई 2025 | UPSC / PSC परीक्षा स्तर 100 प्रश्न • विस्तृत व्याख्या सहित कुल: 100 उत्तरित: 0 सही: 0 गलत: 0 शेष: 100 © 2025 करेंट अफेयर्स क्विज़ | जुलाई 2025 | UPSC/PSC तैयारी हेतु हरे रंग से सही उत्तर और लाल रंग से गलत उत्तर दर्शाया जाता है। 0 CommentsComments are closed - [प्रोफेसर के.ए. निज़ामी (खालिक अहमद निज़ामी) (1925-1997)](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%ab%e0%a5%87%e0%a4%b8%e0%a4%b0-%e0%a4%96%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%85%e0%a4%b9%e0%a4%ae%e0%a4%a6-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bc/): प्रोफेसर खालिक अहमद निज़ामी (1925-1997) 5 दिसंबर 1925 को अमरोहा (उत्तर प्रदेश) में जन्मे और मेरठ में पले-बढ़े और शिक्षित, प्रोफेसर के.ए. निज़ामी मध्यकालीन भारत के अत्यंत प्रसिद्ध इतिहासकारों में से एक थे। उन्होंने सूफीवाद और दिल्ली सल्तनत के राजनीतिक इतिहास पर व्यापक रूप से लिखा। वे एक विपुल लेखक थे और उनके नाम कई पुस्तकें, संपादित कृतियाँ और शोध पत्र हैं। हालाँकि, उनका सबसे लोकप्रिय योगदान “भारत का व्यापक इतिहास”, खंड 5 है, जिसका उन्होंने  प्रोफेसर मोहम्मद हबीब के साथ सह-संपादन किया था, जो उनके गुरु थे और 1947 में उन्हें मेरठ से अलीगढ़ लाए थे। 1953 में वे इतिहास के - [शिक्षा मनोविज्ञान का अर्थ, परिभाषा, क्षेत्र, प्रकृति तथा उपयोगिता | Educational Psychology in hindi](https://examcg.com/%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a5%8d/): शिक्षा मनोविज्ञान का अर्थ, परिभाषा, क्षेत्र, प्रकृति तथा उपयोगिता | Educational Psychology in hindi  शिक्षा मनोविज्ञान का अर्थ (Meaning of Psychology)  शिक्षा को अंग्रेजी में Education कहते हैं जो लैटिन भाषा के Educatum का रूपान्तर है जिसका अर्थ है to bring up together हिन्दी में शिक्षा का अर्थ ‘ज्ञान’ से लगाया जाता है। गांधी जी के अनुसार शिक्षा का तात्पर्य “व्यक्ति के शरीर, मन और आत्मा के समुचित विकास से है।” अंग्रेजी का Psychology शब्द दो शब्दों ‘Psyche’ और ‘logus’ से मिलकर बना है। ‘Psyche’ का अर्थ है ‘आत्मा’ और ‘logus’ का अर्थ है ‘विचार-विमर्श’। अर्थात आत्मा के बारे में विचार-विमर्श या अध्ययन मनोविज्ञान में किया जाता है। शिक्षा मनोविज्ञान से तात्पर्य शिक्षण एवं सीखने की प्रकिया को सुधारने केे लिए मनोवैज्ञानिक सिद्धान्तों का - [आकलन और मूल्यांकन [Assessment and Evaluation]](https://examcg.com/elementor-15517/): आकलन और मूल्यांकन [Assessment and Evaluation]   आकलन और मूल्यांकन [Assessment and Evaluation] आकलन और मूल्यांकन दोनों का उद्देश्य बच्चों की अभिव्यक्ति, क्षमता, अनुभूति, आदि का मापन करना है। आकलन एक संक्षिप्त प्रक्रिया है और मूल्यांकन एक व्यापक प्रक्रिया है। मूल्यांकन किसी भी शैक्षिक कार्यक्रम में किसी भी पक्ष के विपक्ष में विषय में सूचना एकत्र करना उसका विया करना श्लेषण करना और व्याख्या करना है। “सीसी रोस के अनुसार :- मूल्यांकन का प्रयोग बच्चे के संपूर्ण व्यक्तित्व तथा किसी की समूची स्थितियों की जांच प्रक्रिया के लिए किया जाता है। “ “कवालेंन तथा हन्ना के अनुसार :- विद्यालय में हुए छात्र  के व्यवहार - [आकलन का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, सिद्धान्त एवं विशेषताएँ | Meaning and Definition of Assessment in hindi](https://examcg.com/%e0%a4%86%e0%a4%95%e0%a4%b2%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%95/): आकलन का अर्थ, परिभाषा, प्रकार, सिद्धान्त एवं विशेषताएँ | Meaning and Definition of Assessment in hindi आकलन का अर्थ (Meaning of Assessment) सरल भाषा में आकलन का अर्थ है- “पास बैठना एवं अवलोकन करना” यदि कक्षा की बात की जाए तो पाठ्यक्रम से संबंधित विद्यार्थी की प्रगति एवं उपलब्धियों की जानकारी एकत्रित करने, वर्णन एवं विश्लेषण करने की सुनियोजित एवं निरंतर प्रक्रिया को आकलन कहा जाता है। आकलन की परिभाषा (Definition of Assessment) इरविन के अनुसार, “आकलन छात्रों के व्यवस्थित विकास के आधार का अनुमान है। यह किसी भी वस्तु को परिभाषित कर चयन, रचना, संग्रहण, विश्लेषण व्याख्या और सूचनाओं का उपयुक्त प्रयोग कर - [आकलन और मूल्यांकन के बीच अंतर](https://examcg.com/%e0%a4%86%e0%a4%95%e0%a4%b2%e0%a4%a8-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%82%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%9a-%e0%a4%85/): आकलन और मूल्यांकन के बीच अंतर शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में आकलन और मूल्यांकन दो सामान्य शब्द हैं। हालाँकि इन्हें अक्सर एक-दूसरे के स्थान पर इस्तेमाल किया जाता है, फिर भी इन दोनों अवधारणाओं के बीच महत्वपूर्ण अंतर हैं। शिक्षकों, शोधकर्ताओं और सीखने के परिणामों के विश्लेषण और मापन से जुड़े किसी भी व्यक्ति के लिए इन अंतरों को समझना बेहद ज़रूरी है। यह लेख आकलन और मूल्यांकन के बीच के अंतरों की पड़ताल करता है और उनकी विशिष्ट विशेषताओं और उद्देश्यों पर प्रकाश डालता है। आकलन मूल्यांकन सीखने की प्रगति और उपलब्धि को मापने पर ध्यान केंद्रित करता है - [भारत में सिंधु घाटी सभ्यता के स्थल](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%81-%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a4/): भारत में सिंधु घाटी सभ्यता के स्थल लोथल : सरकार ने 2020 के बजट में गुजरात के लोथल में बनने वाले राष्ट्रीय समुद्री संग्रहालय के लिए संस्कृति मंत्रालय को धनराशि आवंटित करने की घोषणा की है। इस परियोजना का क्रियान्वयन जहाजरानी मंत्रालय अपने सागरमाला कार्यक्रम के माध्यम से भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई), भारतीय नौसेना, गुजरात राज्य सरकार और अन्य हितधारकों की भागीदारी से कर रहा है। आइए, इस कदम से जुड़ी प्रमुख जानकारी को समझते हैं। हड़प्पा बंदरगाह शहर लोथल के पुरातात्विक अवशेष खम्बात की खाड़ी में साबरमती की सहायक भोगवा नदी के किनारे स्थित हैं। यह स्थल 2400 ईसा पूर्व से - [सिंधु घाटी सभ्यता का पतन](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%81-%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a4%a8-2/): सिंधु घाटी सभ्यता का पतन 1800 ईसा पूर्व तक सिंधु घाटी सभ्यता का पतन शुरू हो गया था: लेखन लुप्त होने लगा, व्यापार और कराधान उद्देश्यों के लिए उपयोग किए जाने वाले मानकीकृत बाट और माप का उपयोग बंद हो गया, और कुछ शहरों को धीरे-धीरे छोड़ दिया गया।  संभावित कारण : इस गिरावट के कारण पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं , लेकिन ऐसा माना जाता है कि: सरस्वती नदी का सूखना, जो लगभग 1900 ईसा पूर्व से शुरू हो गया था, इसका मुख्य कारण था। आईआईटी खड़गपुर, एएसआई, पीआरएल (2020) द्वारा हालिया अध्ययन: हड़प्पा शहर धोलावीरा के पतन का कारण सरस्वती नदी जैसी नदियों का सूखना - [हड़प्पा सभ्यता के शिल्प](https://examcg.com/%e0%a4%b9%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%aa/): हड़प्पा सभ्यता के शिल्प सील मुहरें पत्थर से बनाई जाती थीं। ये आम तौर पर आयताकार होती थीं और इन पर आमतौर पर कोई जानवर उकेरा जाता था। मनका बनाना पत्थर को काटा गया, आकार दिया गया, पॉलिश किया गया और अंत में बीच में एक छेद किया गया ताकि उसमें से एक तार निकाला जा सके। चन्हुदड़ो एक छोटी सी बस्ती है, जो लगभग विशेष रूप से शिल्प उत्पादन के लिए समर्पित है, जिसमें मनका बनाना, सीप काटना, धातु का काम, मुहर बनाना और वजन बनाना शामिल है। मोतियों को बनाने के लिए विभिन्न प्रकार की सामग्रियों का उपयोग किया - [हड़प्पा समाज](https://examcg.com/%e0%a4%b9%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9c/): हड़प्पा समाज राजनीतिक संगठन: हड़प्पावासियों के राजनीतिक संगठन के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है । संस्कृति: सिंधु घाटी सभ्यता भारतीय उपमहाद्वीप की पहली और अग्रणी सभ्यता रही है जो सांस्कृतिक विकास के उन्नत चरणों को दर्शाती है। भोजन: हड़प्पा सभ्यता के लोग उस काल की हर संभव खाद्यान्न फसल खाते थे। उनकी खाने की आदतें शाकाहारी और मांसाहारी दोनों थीं। अवकाश: इनडोर खेल, बच्चों के लिए खिलौने और संभावित स्टेडियम (धोलावीरा) के साक्ष्य। घरेलू सामान: ज़्यादातर घरेलू सामान टेराकोटा के होते थे। हालाँकि, बर्तनों और भंडारण के सामान के लिए तांबे और कांसे का भी इस्तेमाल होता था। फैशन: सिंधु घाटी सभ्यता के लोग आभूषणों के - [हड़प्पा लिपि](https://examcg.com/%e0%a4%b9%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a4%be-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a4%bf/): हड़प्पा लिपि हड़प्पावासियों ने प्राचीन मेसोपोटामिया के लोगों की तरह लेखन कला का आविष्कार किया था । हालाँकि, हड़प्पा लिपि को अभी तक पढ़ा नहीं जा सका है। हड़प्पा लिपि वर्णमाला नहीं बल्कि चित्रात्मक है । पत्थर की मुहरों और अन्य वस्तुओं पर हड़प्पाई लेखन के कई नमूने मौजूद हैं । अधिकांश अभिलेख मुहरों पर लिखे गए थे और उनमें केवल कुछ ही शब्द हैं। हड़प्पा स्थलों पर लगभग 3,700 उत्कीर्ण वस्तुएं खोजी गई हैं, जिनमें से अधिकांश लेखन मुहरों और मुहरों पर, तथा कुछ तांबे की पट्टियों, तांबे/कांसे के औजारों, मिट्टी के बर्तनों और अन्य विविध वस्तुओं पर मौजूद हैं। लगभग आधी उत्कीर्ण वस्तुएं मोहनजोदड़ो में मिलीं, तथा मोहनजोदड़ो - [सिंधु घाटी सभ्यता की अर्थव्यवस्था](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%81-%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5/): सिंधु घाटी सभ्यता की अर्थव्यवस्था व्यापार और परिवहन अन्न भंडार हड़प्पा, मोहनजो-दारो, कालीबंगन और लोथल में पाए जाते हैं । प्रत्येक गढ़ के पास बड़े-बड़े अन्न भंडार थे, जिससे पता चलता है कि राज्य ने अनाज का भंडारण औपचारिक प्रयोजनों तथा अनाज उत्पादन और बिक्री के नियमन के लिए किया था। सिंधु सभ्यता क्षेत्र में हड़प्पावासियों ने पत्थर, धातु, शंख आदि का व्यापक व्यापार किया। हालाँकि, उनके शहरों में उनके द्वारा उत्पादित वस्तुओं के लिए आवश्यक कच्चा माल उपलब्ध नहीं था। वे धातु मुद्रा का प्रयोग नहीं करते थे । बाट और माप में अधिकतर 16 या उसके गुणज का प्रयोग किया जाता था। व्यापार - [सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख स्थल](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%81-%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae-2/): सिंधु घाटी सभ्यता के प्रमुख स्थल हड़प्पा नदी : रावी नदी, पाकिस्तान महत्वपूर्ण निष्कर्ष: अनाज का भंडार बैलगाड़ियाँ बलुआ पत्थर से बनी मानव मूर्तियाँ छत्र सहित तांबे का रथ कामगारों का क्वार्टर मोहनजोदड़ो नदी : सिंधु नदी, पाकिस्तान महत्वपूर्ण निष्कर्ष: त्रिभंगा मुद्रा में कांस्य नृत्य करती लड़की पशुपति महादेव की मुहर दाढ़ी वाले आदमी की शैलखटी मूर्ति महान स्नान धान्यागार बुने हुए सूती कपड़े का एक टुकड़ा सुत्कागेंडोर नदी : सिंधु नदी, पाकिस्तान महत्वपूर्ण खोज: हड़प्पा और बेबीलोन के बीच एक व्यापार बिंदु। Chanhudaro नदी: सिंधु नदी , पाकिस्तान महत्वपूर्ण निष्कर्ष: मनका बनाने वालों की दुकान एक कुत्ते द्वारा बिल्ली का पीछा करने के पदचिह्न। कालीबंगा नदी : घग्गर नदी महत्वपूर्ण निष्कर्ष: ऊँट की - [सिंधु घाटी सभ्यता की नगर योजना](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%81-%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a4%97%e0%a4%b0-%e0%a4%af-2/): सिंधु घाटी सभ्यता की नगर योजना इस क्षेत्र में पहली शहरी सभ्यता। हड़प्पावासी उत्कृष्ट नगर योजनाकार थे। नगर नियोजन की गुणवत्ता, शहरी नियोजन के ज्ञान और कुशल नगरपालिका सरकारों की उपस्थिति को दर्शाती है, जो स्वच्छता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते थे। हड़प्पा शहर ऊपरी शहर (जिसे गढ़ कहा जाता था ) और निचले शहर ( जिसे गढ़ में अमीर लोग रहते थे) में विभाजित था । निचला शहर आवासीय क्षेत्र था जहाँ आम लोग रहते थे। (हालाँकि, कुछ शहरों ने इस मॉडल का पालन नहीं किया) शहर की सड़कें ग्रिड प्रणाली पर आधारित थीं और पूर्व से पश्चिम की ओर उन्मुख थीं। सड़कें और गलियाँ एक-दूसरे को समकोण - [हड़प्पा/सिंधु घाटी सभ्यता की भौगोलिक स्थिति](https://examcg.com/%e0%a4%b9%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%81-%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a4/): हड़प्पा/सिंधु घाटी सभ्यता की भौगोलिक स्थिति सिंधु घाटी सभ्यता (IVC) या हड़प्पा सभ्यता अपनी शानदार शहरी सभ्यता और भारतीय महाद्वीपों में संगठित शहरों के उदय के लिए जानी जाती है। ये शहर और कस्बे किसी विशेष जल निकाय जैसे नदियों या झीलों के आसपास बसे थे या इनका महासागरों से संबंध था।  आईवीसी कांस्य युगीन सभ्यता थी (इसका परिपक्व चरण 2500-1900 ईसा पूर्व तक चला)। चूंकि IVC लौह युग से पहले का था, इसलिए हड़प्पावासी लोहे के उपयोग से अनभिज्ञ थे, लेकिन वे तांबा, कांस्य, चांदी और सोने का उपयोग करते थे। प्राचीन मिस्र और मेसोपोटामिया के साथ, यह दुनिया की तीन प्रारंभिक - [सिंधु घाटी सभ्यता के चरण](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%81-%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%9a%e0%a4%b0%e0%a4%a3/): सिंधु घाटी सभ्यता के चरण पूर्व-हड़प्पा चरण (7000-3300 ईसा पूर्व) मेहरगढ़ में देखा गया , जहाँ एक सिरेमिक और सिरेमिक नवपाषाण काल मौजूद था। सिरेमिक काल सबसे प्राचीन काल था और तब मिट्टी के बर्तन नहीं थे। सिरेमिक काल में मिट्टी के बर्तन मिले। प्रारंभिक हड़प्पा चरण (3000-2600 ईसा पूर्व) नगर नियोजन , लिपियों और धातु प्रौद्योगिकी जैसी कई नगरीय विशेषताओं का उदय । महत्वपूर्ण स्थलों में कोट दीजी, आमरी, कालीबंगन, धोलावीरा शामिल हैं। परिपक्व/नगरीय हड़प्पा चरण (2600-1900 ईसा पूर्व) शहरी अर्थव्यवस्था और समाज का पूर्ण विकास। महत्वपूर्ण स्थल: मोहन-जो-दारो, हड़प्पा, लोथल, कालीबंगन, धोलावीरा, गनवेरीवाला, राखीगढ़ आदि। उत्तर हड़प्पा चरण (1900-1300 ईसा पूर्व) शहरी - [मेगालिथिक (बड़े पत्थरों का बना) काल](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%a5%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%ac%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95/): मेगालिथिक (बड़े पत्थरों का बना) काल क्या: मेगालिथ एक विशाल पत्थर की संरचना है। नवपाषाण युग से ही मेगालिथिक संरचनाएँ बनने लगी थीं। अवधि : छठी शताब्दी ईसा पूर्व से पहली शताब्दी ईस्वी तक। हल्लूर स्थल से इसकी तिथि लगभग 1000 ईसा पूर्व प्राप्त हुई है, जबकि पैयमपल्ली स्थल से इसकी तिथि लगभग चौथी शताब्दी ईसा पूर्व प्राप्त हुई है। महत्वपूर्ण स्थल: आदिचनल्लूर (दक्षिण तमिलनाडु) : इस स्थल पर पके हुए मिट्टी के बर्तन, सोने और कांस्य की कलाकृतियाँ, मातृदेवी की मूर्तियाँ, कई लोहे के हथियार और औजार (मुख्य रूप से चाकू, छोटी तलवारें और कुल्हाड़ी) और बड़ी संख्या में हड्डियाँ और खोपड़ियाँ पाई गईं। ब्रह्मगिरी उत्खनन - [नवपाषाण युग](https://examcg.com/%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a4%be%e0%a4%a3-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%97/): नवपाषाण युग नवपाषाण युग लगभग 10,000 वर्ष पहले शुरू हुआ। लगभग इसी समय, विश्व की जलवायु में बड़ा परिवर्तन हुआ तथा परिस्थितियां अपेक्षाकृत गर्म हो गईं। पशुओं का पालन-पोषण : तापमान वृद्धि के कारण घास के मैदानों का विकास हुआ और परिणामस्वरूप हिरण, मृग, बकरी, भेड़ और मवेशियों, यानी घास पर निर्भर रहने वाले जानवरों की संख्या में वृद्धि हुई। शिकार के बजाय पशुपालन और पशुपालन की ओर रुझान बढ़ा। मछली पकड़ना भी महत्वपूर्ण हो गया। खेती (कृषि) की शुरुआत: विभिन्न भागों में प्राकृतिक रूप से उगने वाली गेहूं, जौ और चावल सहित कई अनाज देने वाली घासों को पालतू बनाया गया और लोग किसान बन गए। चावल, गेहूं, - [पुरापाषाण काल](https://examcg.com/elementor-15394/): पुरापाषाण काल विषय सरल मानव आकृतियों, मानवीय गतिविधियों, ज्यामितीय डिजाइनों और प्रतीकों तक ही सीमित थे । भारत में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, बिहार और उत्तराखंड के कई जिलों में गुफाओं की दीवारों पर शैलचित्रों के अवशेष पाए गए हैं । प्रारंभिक शैल चित्रकला स्थलों के कुछ उदाहरण हैं उत्तराखंड में लखुडियार, तेलंगाना में कुपगल्लू, कर्नाटक में पिकलिहाल और तेक्कलकोट्टा, मध्य प्रदेश में भीमबेटका और जोगीमारा, तमिलनाडु में करिकियूर शैल कला आदि। खोजी गई पेंटिंग्स को तीन श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है: मानव, पशु और ज्यामितीय प्रतीक। भीमबेटका गुफाएं भारत में उत्कृष्ट प्रागैतिहासिक चित्रकला का प्रतिनिधित्व करती हैं: इनमें पांच समूहों में लगभग 400 - [प्रागैतिहासिक युग के चरण](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a5%88%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%97-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%9a%e0%a4%b0%e0%a4%a3/): प्रागैतिहासिक युग के चरण इतिहास को तीन भागों में विभाजित किया जा सकता है: पूर्व इतिहास आद्य इतिहास इतिहास 300,000 ईसा पूर्व – 2,500 ईसा पूर्व 2,500 ईसा पूर्व – 600 ईसा पूर्व 600 ईसा पूर्व से अब तक अध्ययन के लिखित/साहित्यिक स्रोतों की उपलब्धता से पहले। साहित्यिक स्रोतों वाली घटनाएँ, लेकिन जिनका उपयोग/समझ नहीं किया जा सकता। उदाहरणार्थ, IVC साहित्यिक स्रोतों के साथ जिन्हें समझा जा सकता है। भारत में मानव बस्तियों का इतिहास प्रागैतिहासिक काल से जुड़ा है। कोई लिखित अभिलेख/साहित्यिक स्रोत उपलब्ध नहीं हैं, हालाँकि, इस काल के इतिहास के पुनर्निर्माण के लिए भारत के विभिन्न भागों में प्रचुर पुरातात्विक - [कीलाडी पुरातात्विक स्थल](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a5%80%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%a1%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%b2/): प्राचीन भारतीय इतिहास प्राचीन भारतीय इतिहास संदर्भ: तमिलनाडु के शिवगंगा जिले के कीलाडी गांव में उत्खनन से प्राप्त निष्कर्ष संगम युग के दौरान तमिलनाडु में विद्यमान शहरी सभ्यता के ठोस साक्ष्य प्रदान करते हैं । विषय की प्रासंगिकता: प्रारंभिक : कीलाडी के बारे में मुख्य तथ्य। कीलाडी के बारे में कीलाडी तमिलनाडु  के शिवगंगा जिले में एक छोटा सा गांव है । यह मंदिर शहर मदुरै से लगभग 12 किमी दक्षिण-पूर्व में है और वैगई नदी के किनारे स्थित है।  कीलाडी निष्कर्ष:  यहां 2015 में हुए उत्खनन से यह साबित होता है कि संगम युग में तमिलनाडु में वैगई नदी के तट पर एक शहरी सभ्यता मौजूद थी।  फरवरी 2017 में - [नालंदा विश्वविद्यालय](https://examcg.com/%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%be-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%af/): नालंदा विश्वविद्यालय संदर्भ: नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना विदेश मंत्रालय द्वारा नालंदा विश्वविद्यालय अधिनियम 2010 के तहत की गई थी। नालंदा विश्वविद्यालय के नए परिसर का उद्घाटन 2024 में किया जाएगा और यह बिहार के राजगीर शहर में प्राचीन विश्वविद्यालय के खंडहरों के पास स्थित है । विश्वविद्यालय में वर्तमान में 1200 से अधिक छात्र हैं। विषय की प्रासंगिकता: प्रारंभिक : नालंदा विश्वविद्यालय के बारे में मुख्य तथ्य। नालंदा महाविहार के बारे में:  परिचय: नालंदा महाविहार, 5वीं-12वीं शताब्दी ईस्वी (प्राचीन और मध्यकालीन मगध में) विश्वविद्यालय, प्राचीन भारत में शिक्षा के सबसे महान केंद्रों में से एक माना जाता है। बिहार में प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय के खंडहरों को 2016 में यूनेस्को द्वारा विश्व सांस्कृतिक धरोहर घोषित - [भारतीय उपमहाद्वीप में लौह युग](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%89%e0%a4%aa%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%aa-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b2%e0%a5%8c/): भारतीय उपमहाद्वीप में लौह युग संदर्भ: लोहे की प्राचीनता पर एक रिपोर्ट जारी करते हुए, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने घोषणा की कि लौह युग की शुरुआत “तमिल भूमि” पर हुई थी, और इसकी शुरुआत लगभग 5,300 साल पहले (चौथी सहस्राब्दी ईसा पूर्व) हुई थी। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि भारतीय उपमहाद्वीप का इतिहास अब तमिलनाडु को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता। विषय की प्रासंगिकता: प्रारंभिक : लौह युग के बारे में मुख्य तथ्य।  लौह युग के बारे में लौह युग मानव इतिहास (प्रागैतिहासिक काल) का वह काल है, जब लोहा आम जनता द्वारा उपयोग की जाने वाली एक नियमित धातु बन गया।  1. उत्तर - [मुदुमल मेगालिथिक मेनहिर](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%a5%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%b0/): मुदुमल मेगालिथिक मेनहिर संदर्भ: तेलंगाना के नारायणपेट ज़िले में स्थित मुदुमल मेगालिथिक मेनहिर को भारत की यूनेस्को विश्व धरोहर स्थलों की संभावित सूची में शामिल कर लिया गया है। अगर इसे पूर्ण यूनेस्को दर्जा मिल जाता है, तो यह रामप्पा मंदिर के बाद तेलंगाना का दूसरा ऐसा स्थल होगा, जिसे 2021 में यूनेस्को की सूची में शामिल किया गया था। विषय की प्रासंगिकता: प्रारंभिक : मेनहिर के बारे में मुख्य तथ्य।  मेनहिर क्या हैं? मेनहिर एक बड़ा, सीधा खड़ा पत्थर होता है, जो आमतौर पर ऊपर से पतला होता है और मनुष्यों द्वारा मैन्युअल रूप से रखा जाता है।  मेनहिर शब्द ब्रिटोनिक शब्दों “माएन” (पत्थर), - [सिंधु घाटी लिपि का रहस्य](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%81-%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a4%bf-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%af/): सिंधु घाटी लिपि का रहस्य संदर्भ : तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने सिंधु घाटी सभ्यता की लिपि को समझने के लिए 1 मिलियन डॉलर के पुरस्कार की घोषणा की है ।  विषय की प्रासंगिकता: प्रारंभिक: सिंधु घाटी सभ्यता और सिंधु घाटी लिपि के बारे में मुख्य तथ्य।  सिंधु घाटी सभ्यता के बारे में 1924 में, सर जॉन मार्शल ने सिंधु घाटी में लगभग 3300 ईसा पूर्व और 1300 ईसा पूर्व के बीच कांस्य युगीन संस्कृति या हड़प्पा सभ्यता की खोज की घोषणा की । सिंधु घाटी सभ्यता दक्षिण एशिया के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों , मुख्यतः वर्तमान पाकिस्तान और उत्तर-पश्चिम भारत में फली-फूली । प्रमुख पुरातात्विक स्थलों में शामिल हैं: हड़प्पा (पंजाब, पाकिस्तान): यह उन सबसे पहले - [नई पाठ्यपुस्तकों में हड़प्पा सभ्यता को 'सिंधु-सरस्वती' कहा जाएगा](https://examcg.com/%e0%a4%a8%e0%a4%88-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b9%e0%a4%a1%e0%a4%bc-2/): नई पाठ्यपुस्तकों में हड़प्पा सभ्यता को ‘सिंधु-सरस्वती’ कहा जाएगा संदर्भ: आईआईटी गांधीनगर में विजिटिंग प्रोफेसर और नई सामाजिक विज्ञान पाठ्यपुस्तकों के लिए एनसीईआरटी समिति के अध्यक्ष, मिशेल डैनिनो ने हाल ही में कक्षा 6 की पाठ्यपुस्तक ‘समाज की खोज: भारत और उससे आगे’ के विमोचन का पर्यवेक्षण किया। एक साक्षात्कार में, उन्होंने हड़प्पा सभ्यता के लिए ‘सिंधु-सरस्वती’ और ‘इंडस-सरस्वती’ जैसे वैकल्पिक नामों के प्रयोग पर चिंताओं को संबोधित करते हुए कहा कि ये शब्द राजनीतिक एजेंडों के बजाय स्थापित पुरातात्विक शोध पर आधारित हैं । अधिक जानकारी:  पिछले संस्करणों के विपरीत, कक्षा 6 की नई सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक ‘समाज की खोज: भारत और उससे आगे’ में - ['मोइडम्स' को विश्व धरोहर सूची में शामिल करने पर विचार किया जाएगा](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%87%e0%a4%a1%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%a7%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%b9%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%82/): ‘मोइडम्स’ को विश्व धरोहर सूची में शामिल करने पर विचार किया जाएगा संदर्भ: असम के अहोम वंश, मोइदम, की 700 साल पुरानी टीला-दफ़नाने की व्यवस्था को नई दिल्ली में विश्व धरोहर समिति (WHC) के 46वें सत्र के दौरान विश्व धरोहर सूची में नामांकन के लिए विचार किया जाएगा । अगर इसे नामांकित किया जाता है, तो यह पूर्वोत्तर क्षेत्र से इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल होने वाला पहला सांस्कृतिक स्थल बन जाएगा । समाचार के बारे में अधिक जानकारी:  प्रधानमंत्री विश्व हिंदू परिषद के 46वें सत्र का उद्घाटन करेंगे, जो पहली बार भारत में आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम दुनिया भर के संस्कृति मंत्रियों, प्रतिनिधियों और - [केंद्र सरकार शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने के मानदंडों में बदलाव करने को तैयार](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%ad/): केंद्र सरकार शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने के मानदंडों में बदलाव करने को तैयार संदर्भ: कई भाषाओं द्वारा शास्त्रीय दर्जा प्राप्त करने की मांग के मद्देनजर, केंद्र सरकार ने किसी भी भाषा के लिए शास्त्रीय दर्जा प्राप्त करने के मानदंड को बदलने का निर्णय लिया है। शास्त्रीय भाषा के बारे में ‘भारतीय शास्त्रीय भाषा’ या शास्त्रीय भाषा शब्द में  भारत की वे भाषाएं शामिल हैं जिनका समृद्ध इतिहास, महत्वपूर्ण प्राचीनता और विशिष्ट साहित्यिक विरासत है। भारत में वर्तमान में छह शास्त्रीय भाषाएँ हैं : तमिल, संस्कृत, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और ओडिया। सरकार ने आखिरी बार ओडिया को 2014 में विशेष दर्जा दिया था। भारत सरकार ने ‘शास्त्रीय - [सीएम स्टालिन ने तमिलनाडु के लोक देवताओं और किलों पर पुस्तकों का विमोचन किया](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%ae-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%a8-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%a4%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a1%e0%a5%81/): सीएम स्टालिन ने तमिलनाडु के लोक देवताओं और किलों पर पुस्तकों का विमोचन किया संदर्भ: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने मंगलवार को ‘तमिलनाडु के लोक देवता: पूजा, परंपरा और रिवाज’ और ‘तमिलनाडु के किले: एक वॉक-थ्रू’ शीर्षक से दो पुस्तकों का विमोचन किया। तमिलनाडु के लोक देवता- पूजा, परंपरा और रीति-रिवाज लोक देवताओं पर आधारित यह पुस्तक तमिलनाडु के असंख्य लोक देवताओं पर केंद्रित है। इनमें से कुछ की पूरे क्षेत्र में अपील है, जबकि अन्य की पूजा किसी विशेष क्षेत्र में या कुछ समुदायों और परिवारों द्वारा की जाती है। तमिल समाज उन वीरों की पूजा करता था जिन्होंने एक साझा - [इंद्रप्रस्थ की खोज](https://examcg.com/%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%96%e0%a5%8b%e0%a4%9c/): इंद्रप्रस्थ की खोज संदर्भ: पर्यटन मंत्रालय की ‘एक विरासत अपनाओ’ योजना के तहत , डालमिया समूह के सभ्यता फाउंडेशन ने पुराने किले को रखरखाव और संचालन तथा वहाँ स्थायी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गोद लिया है। पुराने किले के लिए, फाउंडेशन का एक विज़न स्मारक है, अर्थात ‘इंद्रप्रस्थ और महाभारत’।   समाचार के बारे में अधिक जानकारी:  पुराना किला मुगल सम्राट हुमायूँ द्वारा बनवाया गया था । भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) इस स्थल पर सातवें दौर की खुदाई शुरू करने जा रहा है ताकि इस किले के इंद्रप्रस्थ और महाभारत के प्राचीन स्थल से संबंध के प्रमाण मिल सकें।  2014 में निष्कर्ष:  1954 में पुरातत्ववेत्ता बी.बी. - [एनसीईआरटी की किताबों में राखीगढ़ी के निष्कर्ष](https://examcg.com/%e0%a4%8f%e0%a4%a8%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%88%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%ac%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82/): एनसीईआरटी की किताबों में राखीगढ़ी के निष्कर्ष संदर्भ: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने स्कूल की पाठ्यपुस्तकों में जो नवीनतम संशोधन प्रस्तावित किए हैं, उनमें हरियाणा के राखीगढ़ी के पुरातात्विक स्थल पर पाए गए कंकाल अवशेषों के डीएनए विश्लेषण से प्राप्त निष्कर्षों के बारे में जानकारी जोड़ना शामिल है। समाचार से अधिक जानकारी: एनसीईआरटी ने कहा है कि हरियाणा के राखीगढ़ी में पुरातात्विक स्रोतों से प्राप्त प्राचीन डीएनए के अध्ययन से पता चलता है कि हड़प्पा सभ्यता की आनुवंशिक जड़ें 10,000 ईसा पूर्व तक जाती हैं। हड़प्पावासियों का डीएनए आज तक कायम है और दक्षिण एशियाई आबादी का अधिकांश हिस्सा उनके वंशज - [कच्छ हड़प्पा कब्रिस्तान के पास एक कंकाल और एक पहेली की कुंजी](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%9a%e0%a5%8d%e0%a4%9b-%e0%a4%b9%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%a8/): कच्छ हड़प्पा कब्रिस्तान के पास एक कंकाल और एक पहेली की कुंजी संदर्भ: पुरातत्वविदों को गुजरात में एक हड़प्पा स्थल (पडता बेट)  पर एक मानव कंकाल मिला है । सिंधु घाटी सभ्यता का पडता बेट स्थल:  2018 में, पुरातत्वविदों ने गुजरात के कच्छ जिले के खटिया गांव के बाहरी इलाके में 500 कब्रों  वाले एक सामूहिक दफन स्थल का पता लगाया था । हाल ही में हुई खुदाई में, निकटवर्ती पद्ता बेट स्थल से कंकाल, मिट्टी के बर्तनों और जानवरों की हड्डियों के साथ-साथ, 5,200 वर्ष पुरानी हड़प्पा बस्ती की उपस्थिति की ओर इशारा किया गया है, जो कि जूना खटिया के सामूहिक कब्रिस्तान के - [आपातकाल के 50 वर्ष](https://examcg.com/%e0%a4%86%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%87-50-%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7/): आपातकाल के 50 वर्ष समाचार में क्यों? 2025 में राष्ट्रीय आपातकाल लागू होने के 50 वर्ष  पूरे हो जायेंगे । यह आपातकाल 25 जून 1975 को घोषित किया गया था और 21 मार्च 1977 तक लागू रहा था। 1975 में आपातकाल क्यों लगाया गया था?  सामाजिक अशांति:  बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों, हड़तालों और प्रदर्शनों, खासकर जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व वाले जेपी आंदोलन ने इंदिरा गांधी के शासन की वैधता पर सवाल उठाए।  इस अशांति ने आपातकाल की घोषणा के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया, जिसके बारे में सरकार का दावा था कि यह व्यवस्था बहाल करने के लिए ज़रूरी था। 1971 के युद्ध के बाद आर्थिक संकट:  देश मुद्रास्फीति, - [भारत में ब्रिटिश शासन का आर्थिक प्रभाव](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%9f%e0%a4%bf%e0%a4%b6-%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%86/): भारत में ब्रिटिश शासन का आर्थिक प्रभाव परिचय 19वीं शताब्दी के मध्य में ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन की स्थापना से लेकर 1947 में स्वतंत्रता प्राप्ति तक, भारत की आर्थिक संरचना और विकास में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुए । ब्रिटिश शासन के आर्थिक प्रभावों में व्यापार, कराधान, भूमि स्वामित्व और औद्योगीकरण से संबंधित प्रभाव शामिल थे, जिन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था को गहराई से प्रभावित किया। अंग्रेजों ने भारतीय अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक परिवर्तन किए और विभिन्न नीतियों के माध्यम से इसकी संपत्ति को नष्ट कर दिया । भारत में ब्रिटिश शासन का आर्थिक प्रभाव विऔद्योगीकरण : ब्रिटिश शासन के आर्थिक प्रभाव में कारीगरों और हस्तशिल्पियों की बर्बादी शामिल थी एकतरफा मुक्त व्यापार: 1813 के चार्टर अधिनियम के - [चौथा आम चुनाव, 1967: भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़](https://examcg.com/%e0%a4%9a%e0%a5%8c%e0%a4%a5%e0%a4%be-%e0%a4%86%e0%a4%ae-%e0%a4%9a%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%b5-1967-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a8/): चौथा आम चुनाव, 1967: भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ स्वतंत्रता के बाद  वर्ष 1967 (चित्र 5.6 देखें) भारत के राजनीतिक और चुनावी इतिहास में एक ऐतिहासिक वर्ष माना जाता है । आर्थिक संकटों, सामाजिक अशांति और “गैर-कांग्रेसवाद ” के उदय के बीच, राजनीतिक रूप से अनुभवहीन नेता इंदिरा गांधी को मुद्रास्फीति, बेरोजगारी और सांप्रदायिक तनावों से निराश मतदाताओं का सामना करना पड़ा । विपक्षी दल कांग्रेस के प्रभुत्व को चुनौती देने के लिए एकजुट हुए और भारत के राजनीतिक भविष्य को नया आकार देने की कोशिश की। चित्र 5.6 विधानसभा चुनाव परिणाम 1967 चुनावों का संदर्भ आर्थिक और राजनीतिक पृष्ठभूमि राजनीतिक अस्थिरता: चुनावों से पहले की अवधि में दो प्रधानमंत्रियों का निधन हुआ ।  नई - [भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन: राष्ट्रवाद का उदय और स्वतंत्रता संग्राम](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%86%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%a8-3/): भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन: राष्ट्रवाद का उदय और स्वतंत्रता संग्राम आधुनिक इतिहास अंग्रेजों की विजय ने किसानों और आदिवासियों के जीवन को प्रभावित किया , जाति व्यवस्था को चुनौती दी और शिल्प उद्योग को नुकसान पहुँचाया। अंततः यह ब्रिटिश शासन के विरुद्ध विद्रोह में बदल गया और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन की शुरुआत हुई। इस आंदोलन ने भारत को कई नेता दिए, लेकिन गांधीजी सबसे प्रभावशाली थे।  राष्ट्रवाद का उदय भारत का समावेशी दृष्टिकोण: यह अहसास कि भारत भारत के लोग हैं – सभी लोग, चाहे उनका वर्ग, रंग, जाति, पंथ, भाषा या लिंग कुछ भी हो।  साझा स्वामित्व: और देश, इसके संसाधन और प्रणालियाँ, उन सभी के लिए थीं।  ब्रिटिश नियंत्रण की मान्यता: यह - [राष्ट्र निर्माण की चुनौतियाँ: भारत की स्वतंत्रता के बाद की यात्रा](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a3-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%9a%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a5%8c%e0%a4%a4/): राष्ट्र निर्माण की चुनौतियाँ: भारत की स्वतंत्रता के बाद की यात्रा स्वतंत्रता के बाद  1947 में उपनिवेशवाद की छाया से उभरकर , भारत का मार्ग चुनौतियों से भरा था, फिर भी वह अपार संभावनाओं के साथ उन चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार था। यह युग राज्य-निर्माण, सामाजिक-आर्थिक विकास और अपने वैश्विक रुख को परिभाषित करने की चुनौतियों के माध्यम से राष्ट्र के विकास का प्रतीक था । पृष्ठभूमि जवाहर लाल नेहरू ने 14-15 अगस्त 1947 की मध्यरात्रि को  अपना प्रसिद्ध ‘ट्रिस्ट विद डेस्टिनी’ भाषण दिया था, जब भारत को आज़ादी मिली थी। भारत का जन्म बहुत ही कठिन परिस्थितियों में हुआ था। विभाजन के साथ आज़ादी: देश - [रियासतों का एकीकरण: भारत की एकता का मार्ग](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%a4%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%8f%e0%a4%95%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95/): रियासतों का एकीकरण: भारत की एकता का मार्ग स्वतंत्रता के बाद  1947 में, भारत में ब्रिटिश भारतीय प्रांत और रियासतें शामिल थीं । ब्रिटिश भारतीय प्रांत सीधे ब्रिटिश राजशाही के अधीन थे, जबकि रियासतों को अपने आंतरिक मामलों पर किसी न किसी रूप में नियंत्रण प्राप्त था, जब तक कि वे ब्रिटिश सर्वोच्चता या आधिपत्य स्वीकार करते थे। 1947 में, रियासतें स्वतंत्रता-पूर्व भारत के 40% क्षेत्र में फैली हुई थीं और इसकी जनसंख्या का 23% हिस्सा थीं । सरदार पटेल और रियासतों का एकीकरण ब्रिटिश सर्वोच्चता का अंत: ब्रिटिश शासन के अंत के साथ, लगभग 565 रियासतों पर ब्रिटिश राज की सर्वोच्चता भी समाप्त हो जाएगी और वे कानूनी रूप से स्वतंत्र हो - [भारत की स्वतंत्रता और विभाजन: एटली का वक्तव्य और कांग्रेस की स्वीकृति परिचय](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%a4%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%ad/): भारत की स्वतंत्रता और विभाजन: एटली का वक्तव्य और कांग्रेस की स्वीकृति परिचय लगभग दो शताब्दियों के ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन के बाद, महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू और अन्य प्रमुख हस्तियों के नेतृत्व में एक लंबे स्वतंत्रता संघर्ष के बाद भारत को स्वतंत्रता मिली। हालाँकि, स्वतंत्रता की राह पर ब्रिटिश भारत का दो अलग-अलग राष्ट्रों: भारत और पाकिस्तान, में विभाजन भी हुआ। इस विभाजन के कारण व्यापक हिंसा, विस्थापन और जनहानि हुई, जिसका इस क्षेत्र के सामाजिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक परिदृश्य पर गहरा प्रभाव पड़ा। एटली का वक्तव्य (20 फ़रवरी, 1947) ब्रिटिश प्रधानमंत्री क्लेमेंट एटली ने 20 फरवरी 1947 को घोषणा की कि ब्रिटिश भारतीय उपमहाद्वीप छोड़ने - [भारत का विभाजन: कारण, घटनाएँ, परिणाम और विरासत](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%98%e0%a4%9f%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%8f/): भारत का विभाजन: कारण, घटनाएँ, परिणाम और विरासत स्वतंत्रता के बाद  1947 में भारत का विभाजन एक महत्वपूर्ण घटना थी जिसके परिणामस्वरूप ब्रिटिश भारत का राजनीतिक विभाजन दो स्वतंत्र राष्ट्रों में हुआ: भारत संघ ( अब भारत गणराज्य) और पाकिस्तान डोमिनियन (जिसे अब इस्लामिक गणराज्य पाकिस्तान कहा जाता है )।  यह विभाजन बढ़ते सांप्रदायिक तनाव और पृथक राष्ट्रों की मांग की प्रतिक्रिया थी, जिसके परिणामस्वरूप इतिहास में सबसे बड़े और सबसे दुखद जन पलायन में से एक हुआ। ऐतिहासिक पृष्ठभूमि विभाजन के शुरुआती बीज बंगाल विभाजन (1905) : भारत के विभाजन के बीज बंगाल प्रांत के धार्मिक आधार पर विभाजन के साथ बोये गये थे, जिसे बाद में विरोध के कारण वापस ले लिया गया। लखनऊ - [अंग्रेज़ों की बंगाल विजय: प्लासी और बक्सर की लड़ाई](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%af/): अंग्रेज़ों की बंगाल विजय: प्लासी और बक्सर की लड़ाई 17वीं-18वीं शताब्दी में बंगाल मुगल काल में: बंगाल मुगल साम्राज्य का सबसे उपजाऊ और सबसे अमीर प्रांत था और इसमें वर्तमान बांग्लादेश, बिहार और ओडिशा राज्य शामिल थे। इस प्रांत की आधिकारिक शक्तियाँ बंगाल के नवाब के हाथों में थीं। आर्थिक महत्त्व: बंगाल अपने प्रसिद्ध वस्त्रों, रेशम और नमक के लिये आर्थिक महत्त्व रखता था। बंगाल से यूरोप को निर्यात होने वाली वस्तुओं में नमक, चावल, नील, काली मिर्च, चीनी, रेशम, सूती वस्त्र, हस्तशिल्प आदि शामिल थे। अंग्रेज़ों के लिये महत्त्व:  भारत में बंगाल अंग्रेज़ों के नियंत्रण में आने वाला पहला राज्य था। ईस्ट - [प्लासी का युद्ध](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7/): प्लासी का युद्ध प्लासी का युद्ध 23 जून, 1757 ई. को अंग्रेजों और बंगाल के तत्कालीन नवाब सिराजुद्दौला के मध्य प्लासी नामक स्थान पर हुआ था। जिसमें अंग्रेजी सेना का नेतृत्व रॉबर्ट क्लाइव तथा नवाब की सेना का नेतृत्व मीर जाफर ने किया था। प्लासी युद्ध के परिणाम स्वरूप भारत में अंग्रेज शक्ति और प्रबल हो गयी, जिसने भारत के स्वरूप को ही बदल दिया और एक ऐसे अंग्रेजी शासन का उदय हुआ, जिसने भारत पर लगभग 200 वर्षों तक राज किया। प्रसिद्ध बंगाली कवि ‘नवीन चंद्र सेन’ के शब्दों में –“प्लासी की लड़ाई के बाद भारत में अनंत अंधकारमयी रात्रि का आरम्भ हुआ।” 17 वीं-18 वीं शताब्दी में भारत में यूरोपीय कंपनियों का आगमन हुआ जिनका - [दिल्ली सल्तनत -पुनरीक्षण नोट्स: BPSC (बिहार)](https://examcg.com/%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a4%a4-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%a3/): पुनरीक्षण नोट्स: दिल्ली सल्तनत – BPSC (बिहार) कुतुबुद्दीन ऐबक को सल्तनत का संप्रभु शासक नहीं कहा जा सकता, क्योंकि उसने सुल्तान की उपाधि धारण नहीं की, न ही उसके नाम पर कोई सिक्के जारी किये गये और न ही खुतबा पढ़ा गया। कुतुबुद्दीन ऐबक के अधीन दिल्ली सल्तनत दिल्ली का वह भाग जहाँ कुतुबुद्दीन ऐबक ने मध्यकालीन दिल्ली के पहले तथाकथित ‘सात शहरों’ की नींव रखी, महरौली था। सल्तनत के इतिहास के इतिहासकार:(i) अमीर खुसरो(ii) जियाउद्दीन बरनी(iii)  मिन्हाज-उस-सिराज। तथाकथित गुलाम वंश के सुल्तानों को कभी-कभी ‘इलबारी तुर्क’ के नाम से भी जाना जाता है , क्योंकि वे तुर्केस्तान के इल्बारी जनजाति से संबंधित थे। दिल्ली सल्तनत का पहला संप्रभु - [छत्तीसगढ़ पटवारी प्रश्न-पत्र 2022](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%aa%e0%a4%9f%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%a8/): छत्तीसगढ़ सामान्य ज्ञान प्रश्न और उत्तर (प्रश्नोत्तरी) | CG General Knowledge Questions पटवारी छत्तीसगढ़ सामान्य ज्ञान प्रश्न और उत्तर (Patwari Chhattisgarh Questions Quiz) Q.1. छत्तीसगढ़ी भाषा का ‘ओन्हारी’ का हिन्दी में अर्थ है?[A] खलिहान[B] रबी फसल[C] खरीफ फसल[D] दलान Show Answer [B] रबी फसल Q.2. छत्तीसगढ़ राज्य की ख्यातिप्राप्त योजना नरवा-गरवा घुरवा-बाड़ी के घटक, “नरवा” का मुख्य उद्देश्य है?[A] बरसाती नालों का संरक्षण[B] छोटे नहरों का निर्माण[C] आदिवासी ग्रामों में नालों का निर्माण[D] उपरोक्त में से कोई नहीं Show Answer [A] बरसाती नालों का संरक्षण Q.3. छत्तीसगढ़ राज्य की वर्तमान योजनाओं में निम्नलिखित योजना न्याय योजना नहीं है?[A] राजीव गांधी किसान ____ योजना[B] गोधन _____ योजना[C] मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य ____ योजना[D] राजीव - [महात्मा गांधी की छत्तीसगढ़ यात्रा](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%80%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80/): महात्मा गांधी की छत्तीसगढ़ यात्रा यहां आपको प्रतियोगी परीक्षाओं में छत्तीसगढ़ का इतिहास के पूछे जाने वाले महात्मा गाँधी की छत्तीसगढ़ यात्रा (Mahatma Gandhi in Chhattisgarh Visit) के बारे में जानकारी दी गई है। जिसमें छत्तीसगढ़ की वैचारिक और राजनैतिक यात्रा में महात्मा गांधी के प्रवास (Chhattisgarh Mahatma Gandhi Visit) महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है। महात्मा गांधी छत्तीसगढ़ प्रवास में दो बार आये- पहले 20 दिसम्बर 1920 को एवं दूसरी बार 22 नवंबर 1933 को छत्तीसगढ़ यात्रा किया गया था। महात्मा गांधी का प्रथम प्रवास ‘कण्डेल नहर सत्याग्रह‘ (Dhamtari Kandel Canal Satyagraha) में उनके योगदान के लिए याद किया जाता है। जिसमें अंग्रेजों की ज्यादतियों के - [छत्तीसगढ़ की सरकारी योजनाओं की सूची 2025](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%9c%e0%a4%a8/): छत्तीसगढ़ की सरकारी योजनाओं की सूची 2025 यहाँ छत्तीसगढ़ राज्य में लागू की जाने वाली समस्त छत्तीसगढ़ सरकारी योजनाओं (Chhattisgarh Government Schemes List 2025) की जानकारी दी गई है। जिसमें छत्तीसगढ़ राज्य में सरकार द्वारा लागू होने वाली सभी सामाजिक एवं आर्थिक, कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जाता है। छत्तीसगढ़ की प्रमुख सरकारी योजनाओं की सूची 2025 (Chhattisgarh Sarkari Yojana List 2025) इस प्रकार है:- 1. मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान इस मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान योजना (Chhattisgarh Government Schemes) अंतर्गत बच्चों एवं बालिकाओं-महिलाओं के लिए कुपोषण तथा एनीमिया से मुक्ति का लक्ष्य रखा गया है। (प्रारंभ तिथि– 2 अक्टूबर एवं स्थान– बस्तर) साथ ही स्थानीय - [छत्तीसगढ़ सामान्य ज्ञान Chhattisgarh GK MCQs](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8-chhattis/): CG GK – Chhattisgarh GK – Chhattisgarh GK In Hindi छत्तीसगढ़ भारत के 28 राज्यों में से एक है इसका गठन 1 नवम्बर 2000 को हुआ। छत्तीसगढ़ से संबंधित सभी विषय से सामान्य ज्ञान के सवाल जो की राज्य में होने वाले प्रतियोगिता परीक्षा के लिए पढ़ना महत्वपूर्ण है। छत्तीसगढ़ सामान्य ज्ञान | छत्तीसगढ़ जीके | CG GK In Hindi 1. छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना कब हुई ? (A) 1 नवम्बर 2000 ई. (B) 10 नवम्बर 2000 ई. (C) 15 नवम्बर 2000 ई. (D) 20 नवम्बर 2000 ई. 2. प्राचीन काल में छत्तीसगढ़ क्षेत्र को किस नाम से जाना जाता था - [छ. ग. शिक्षक भर्ती प्रश्न पत्र 2023](https://examcg.com/%e0%a4%9b-%e0%a4%97-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%95-%e0%a4%ad%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%a8-%e0%a4%aa/): छ. ग. शिक्षक भर्ती प्रश्न पत्र 2023 CG Shikshak bharti 2023 Question Paper With Answer Key बाल विकास एवं शिक्षा शास्त्र में प्रश्न 1 – …..में बालक मुख्य रंगो की पहचान कर लेताA.  5 वर्षB.  2 वर्षC.  3 वर्षD.  4 वर्ष प्रश्न 2-  बुध्दि के बहुकारक सिध्दान्त के प्रतिपादक हैA.  मैकडुगलB.  टरमैनC.  थार्नडाइकD.  बर्ट प्रश्न 3-  सर्जनात्मक शिक्षार्थी वह है जोA.  बहुत बुध्दिमान है।B.  परीक्षा में हर बार अच्छे अंक प्राप्त करने के योग्य है।C.  पार्श्व (Lateral) चिंतन और समस्या समाधान में अच्छा है।D.  ड्राइंग और पेंटिंग में बहुत अतुल्य प्रश्न 4-  अधिगम अक्षमता में शामिल नहीं है।A.  डिसकेल्कुलियाB.  डिस्लेक्सियाC.  डिसग्राफियाD.  मानसिक विकलांगता प्रश्न 5-  विद्यालय की संस्कृति निर्माण करने में सबसे प्रमुख भुमिका की होती है।A.  शैक्षिक समितियाँB.  विद्यालय - [छत्तीसगढ के प्रमुख पर्यटन स्थल एवं पुरातात्विक स्थल](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%9f/): Chhattisgarh Paryatan Sthal Mcq for CGPSC & Vyapam Examination छत्तीसगढ के प्रमुख पर्यटन स्थल एवं पुरातात्विक स्थल 1. छत्तीसगढ़ का प्रसिद्ध ऐतिहासिक पर्यटन स्थल ‘पाली’किस ज़िले में स्थित है? (A)  बिलासपुर (B)  राजनांदगाँव (C)  धमतरी (D)  जशपुर उत्तर :- (A) प्रसिद्ध ऐतिहासिक पर्यटन स्थल पाली बिलासपुर जिले में स्थित है। इस ग्राम में नौवीं शताब्दी में विक्रमादित्य प्रथम ने एक शिव मंदिर का निर्माण कराया था। 2. ‘अंधी मछलियों के लिए प्रसिद्ध चूने के अवक्षेपों वाली गुफा कौन है? (A)  जोगीमारा गुफा (B)  कुटुम्बसर गुफा (C)  सिंघनपुर की गुफा (D)  सीता बेंगरा गुफा उत्तर :- (B)  अन्धी मछलियों के लिए प्रसिद्ध - [प्रारंभिक मध्यकालीन दक्षिणी भारत](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%a6%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7/): चोल दक्षिण भारत में एक शक्तिशाली साम्राज्य थे, जिनका प्रभाव उनके क्षेत्रीय क्षेत्रों से परे तक फैला हुआ था। उन्होंने दक्षिण-पूर्व एशिया में आज दिखाई देने वाले हिंदू सांस्कृतिक प्रभाव में सक्रिय भूमिका निभाई। चोल शासनकाल के दौरान तमिल संस्कृति और कलाएँ भी अपने चरम पर पहुँचीं। इस लेख में, आप आईएएस परीक्षा के इतिहास खंड के लिए, विशेष रूप से चोलों के संदर्भ में, दक्षिण भारत के प्रारंभिक मध्यकालीन इतिहास के बारे में सब कुछ पढ़ सकते हैं। प्रारंभिक मध्यकालीन दक्षिणी भारत:- शाही चोल (लगभग 850 – 1200 ई. तक का काल) ऐसा माना जाता है कि चोलों ने दक्षिण भारत में - [चेदि, सेन, गंग, पश्चिमी चालुक्य](https://examcg.com/%e0%a4%9a%e0%a5%87%e0%a4%a6%e0%a4%bf-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%a8-%e0%a4%97%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%aa%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%81/): मध्यकालीन भारतीय इतिहास में लगभग 1000 से 1200 ई. तक के काल को संघर्ष का युग कहा जाता है और इसी काल में गुर्जर-प्रतिहार, पाल और राष्ट्रकूट (त्रिपक्षीय शक्तियाँ) पूरे देश में छोटे-छोटे राज्यों में विलीन हो गए। इस लेख में, आप त्रिपुरी के चेदि राजवंशों, बंगाल के सेनों, ओडिशा के गंग और पश्चिमी चालुक्यों के बारे में सब कुछ जान सकते हैं। यह  यूपीएससी पाठ्यक्रम के मध्यकालीन इतिहास खंड के लिए महत्वपूर्ण है । चेदि, सेन, गंग, पश्चिमी चालुक्य:- उत्तरी भारत [1000 – 1200 ई.] राजपूतों, उनके वंशों, कश्मीर के राज्यों, हिंदू शाहियों के बारे में अधिक जानने के लिए नीचे दिए गए - [छत्तीसगढ़ में ब्रिटिश शासन](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%9f%e0%a4%bf%e0%a4%b6-%e0%a4%b6%e0%a4%be/): छत्तीसगढ़ में ब्रिटिश शासन अंग्रेजों से पहले के विभिन्न शासकों के बारे में संक्षिप्त परिचय: 21वीं सदी का राज्य, छत्तीसगढ़, 1 नवंबर 2000 को अस्तित्व में आया। छत्तीसगढ़ एक युवा और नया राज्य है, लेकिन इस राज्य का उल्लेख प्राचीन ग्रंथों और शिलालेखों में मिलता है। प्राचीन काल में छत्तीसगढ़ को दक्षिण कोसल के नाम से जाना जाता था और इसका पौराणिक इतिहास महाभारत और रामायण काल तक जाता है। एक पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान राम ने अपने 14 वर्ष के वनवास के दौरान यहाँ कुछ समय बिताया था। छत्तीसगढ़ या दक्षिण कोसल का अखंड इतिहास चौथी शताब्दी ईस्वी तक - [cg questions](https://examcg.com/cg-questions/): प्रश्न – रतनपुर के निम्नलिखित कलचुरी शासकों और उनके कार्यों का मिलान करें: सूची – I (शासक) सूची – II (कार्य) ए. कमल राज 1. चक्रकोट के राजा सोमेश्वर को हराया बी. जजल्लादेव – I 2. गंग राजा अनंतवर्मन को हराया। C. Ratnadeva -II 3. त्रिपुरी के राजा जयसिंह के आक्रमण को विफल किया डी. जजल्लदेव – द्वितीय 4. उत्कल साम्राज्य पर अभियान सही उत्तर चुनें: सीजीपीएससी सिविल सेवा 2019  पेपर 1 ए – 1, बी – 2, सी – 3, डी – 4 ए – 3, बी – 4, सी – 1, डी – 2 ए -2, बी – 3, - [पशु जन्म नियंत्रण नियम 2023](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a4%b6%e0%a5%81-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%ae-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%ae-2023/): पशु जन्म नियंत्रण नियम 2023 संदर्भ: सार्वजनिक क्षेत्रों में आवारा कुत्तों को खाना खिलाने के कारण परेशान किए गए नोएडा निवासी की याचिका पर सुनवाई करते हुए, सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि जो नागरिक आवारा कुत्तों को खाना खिलाना चाहते हैं, उन्हें अपने घरों के अंदर ऐसा करने पर विचार करना चाहिए।  यह मामला पशु जन्म नियंत्रण नियम 2023 की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालता है , जिसका उद्देश्य पशु कल्याण और सार्वजनिक सुरक्षा को संतुलित करते हुए आहार प्रथाओं को विनियमित करना है। विषय की प्रासंगिकता: प्रारंभिक: पशु जन्म नियंत्रण नियम, 2023, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960, मौलिक कर्तव्य (अनुच्छेद 51ए(जी)), अनुच्छेद 21। मुख्य परीक्षा: GS-IV नैतिक दुविधा: - [इतिहास और पुरातत्व के बीच के अंतर](https://examcg.com/%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%9a/): इतिहास और पुरातत्व के बीच अंतर – यूपीएससी नोट्स यहाँ इतिहास और पुरातत्व के बीच के अंतर को विस्तार से समझाया गया है। इतिहास एक व्यापक शब्द है जो अतीत की घटनाओं के साथ-साथ अतीत की घटनाओं की स्मृति, खोज, संग्रह और व्याख्या से भी संबंधित है। पुरातत्व को एक सामाजिक विज्ञान और मानविकी की एक शाखा दोनों माना जा सकता है। यह भौतिक संस्कृति की पुनर्प्राप्ति और विश्लेषण के माध्यम से मानव गतिविधि का अध्ययन है। इतिहास और पुरातत्व के बीच स्पष्ट अंतर समझने की दृष्टि से यह विषय महत्वपूर्ण है। आईएएस परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को यह लेख - [इतिहास की व्याख्या पर उद्धरण को समझना](https://examcg.com/%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%96%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%89%e0%a4%a6%e0%a5%8d/): इतिहास की व्याख्या पर उद्धरण को समझना “इतिहास की व्याख्या की लालसा इतनी गहरी है कि जब तक हम अतीत पर रचनात्मक कार्य नहीं करते, हम या तो रहस्यवाद की ओर आकर्षित होते हैं या फिर निराशावाद की ओर।” (ए). डेविड ह्यूम द्वारा इतिहास पर एक अभिव्यक्ति है (बी). मार्क्सवादी इतिहासकारों की राय को प्रतिबिंबित करता है (सी) इतिहास की व्याख्या के मुद्दे पर एफ. पॉविक की राय (डी). ई एच कार द्वारा प्रयुक्त एक उद्धरण है (ई) यह अतीत के प्रति रचनात्मक दृष्टिकोण पर जोर देता है नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें: केवल (ए), (बी) और - [पुस्तकालयों के प्रकार : Types of Library MCQ Questions](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-types-of-library-mcq-que/): पुस्तकालयों के प्रकार : Types of Library MCQ Questions प्रश्न: मुख्य तौर पर पुस्तकालयों के कौन-कौन से प्रकार होते हैं?Question: What are the main types of libraries?A. सार्वजनिक, शैक्षणिक, विशेष / Public, Academic, SpecialB. राज्य, जिला, शहर / State, District, CityC. शैक्षणिक, ग्रामीण, राष्ट्रीय / Academic, Rural, NationalD. पंचायत, नगर, अस्पताल / Panchayat, Urban, HospitalAnswer: A. सार्वजनिक, शैक्षणिक, विशेष / Public, Academic, Special प्रश्न: वह पुस्तकालय जो जनता द्वारा संचालित और जनता के लिए उपलब्ध हो उसे कौन सा पुस्तकालय कहते हैं?Question: Which library is operated by the public and available for the public?A. राष्ट्रीय पुस्तकालय / National LibraryB. सार्वजनिक पुस्तकालय / Public LibraryC. विशेष पुस्तकालय - [भारत-अफ्रीका संबंधों में एक नया प्रतिमान](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%85%e0%a4%ab%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82/): भारत-अफ्रीका संबंधों में एक नया प्रतिमान यह एडिटोरियल 18/08/2025 को द हिंदू में प्रकाशित “In Namibia, India shows a new way to engage Africa” पर आधारित है। इस लेख के तहत भारत और अफ्रीका के संबंधों को रेखांकित किया गया है, जहाँ परंपरागत संरक्षकात्मक दृष्टिकोण से आगे बढ़कर अब समान साझेदारी की दिशा में परिवर्तन हो रहा है, जो साझा सांस्कृतिक–ऐतिहासिक विरासत, लक्षित निवेश और ज्ञान-अंतरण की पहलों के माध्यम से संभव हो रहा है। अफ्रीका के साथ भारत का हालिया राजनयिक जुड़ाव, जिसका उदाहरण नामीबिया की राष्ट्रीय असेंबली में भारतीय प्रधानमंत्री का सांस्कृतिक दृष्टि से संवेदनशील संबोधन है, यह संकेत देता है कि भारत - [भारत-श्रीलंका मत्स्य ग्रहण विवाद](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%b2%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0/): भारत-श्रीलंका मत्स्य ग्रहण विवाद चर्चा में क्यों? भारत-श्रीलंका मत्स्य ग्रहण विवाद इस तर्क को उजागर करता है कि पाक जलडमरूमध्य और कच्चातिवु द्वीप (Katchatheevu Islands) के आसपास मत्स्य जीविकोपार्जन और पारिस्थितिक संरक्षण के बीच संतुलन स्थापित करने के लिये एक ‘मानवीय दृष्टिकोण’ अपनाने की आवश्यकता है। भारत-श्रीलंका मत्स्य ग्रहण विवाद क्या है? स्थान: यह विवाद पाक जलडमरूमध्य को लेकर है, जो तमिलनाडु (भारत) और श्रीलंका के उत्तरी प्रांत को अलग करने वाला एक संकरा जलमार्ग है। पाक जलडमरूमध्य पाक खाड़ी को बंगाल की खाड़ी से जोड़ता है।  कच्चातिवु पाक जलडमरूमध्य में स्थित एक छोटा, निर्जन द्वीप है। यह विवाद इस 285 एकड़ के द्वीप से संबंधित है, जिसे वर्ष 1974 का समुद्री सीमा समझौता (Maritime Boundary - [भारत-मॉरीशस संबंध](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%89%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%b6%e0%a4%b8-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%a7/): भारत-मॉरीशस संबंध चर्चा में क्यों? वाराणसी की यात्रा के दौरान मॉरीशस के प्रधानमंत्री ने भारत को मॉरीशस के सामाजिक–आर्थिक विकास में एक विश्वसनीय भागीदार बताया और कहा कि भारत ने हर समय उसे निरंतर समर्थन प्रदान किया है। मॉरीशस के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के मुख्य परिणाम क्या हैं? विकास और आर्थिक सहयोग: भारत ने मॉरीशस के लिये एक विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की, जिसमें पोर्ट लुई का विकास, चागोस मरीन संरक्षित क्षेत्र की निगरानी तथा अवसंरचना, रोज़गार और स्वास्थ्य परियोजनाओं में सहयोग शामिल है।  भारत के बाहर पहला जन औषधि केंद्र मॉरीशस में स्थापित किया गया है और भारत वहाँ आयुष उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना में भी सहयोग देगा।  - [राष्ट्रीय लता मंगेशकर और किशोर कुमार पुरस्कार](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b2%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%94%e0%a4%b0/): राष्ट्रीय लता मंगेशकर और किशोर कुमार पुरस्कार चर्चा में क्यों? मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2024 और 2025 के लिये प्रतिष्ठित राष्ट्रीय लता मंगेशकर पुरस्कार तथा राष्ट्रीय किशोर कुमार पुरस्कार के प्राप्तकर्त्ताओं की घोषणा की। लता मंगेशकर पुरस्कार समारोह उनके जन्मस्थान इंदौर में 28 सितंबर 2025 को आयोजित किया जाएगा, जबकि किशोर कुमार पुरस्कार उनके जन्मस्थान खंडवा में 13 अक्तूबर 2025 को प्रदान किया जाएगा। मुख्य बिंदु पुरस्कारों के बारे में:  राष्ट्रीय लता मंगेशकर पुरस्कार और राष्ट्रीय किशोर कुमार पुरस्कार, मध्य प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित, भारत के दो सबसे प्रतिष्ठित कलाकारों लता मंगेशकर और किशोर कुमार की अमूल्य विरासत को सम्मानित करते हुए उनकी स्मृति में प्रदान किये जाते हैं। राष्ट्रीय लता मंगेशकर पुरस्कार: यह पुरस्कार भारतीय संगीत में उत्कृष्ट योगदान, विशेषकर संगीत निर्देशन और गायन के - [मप्र में हेरिटेज ट्रेन पातालपानी-कालाकुंड लाइन](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b9%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%9c-%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a4%be/): मप्र में हेरिटेज ट्रेन पातालपानी-कालाकुंड लाइन चर्चा में क्यों?  भारतीय रेलवे ने पर्यटकों की संख्या में कमी के कारण अस्थायी निलंबन के बाद  मध्य प्रदेश में ऐतिहासिक (155 वर्ष पुरानी) पातालपानी-कालाकुंड हेरिटेज ट्रेन का संचालन फिर से शुरू कर दिया है।  प्रमुख बिंदु  लाइन की उत्पत्ति: यह लाइन (इंदौर से खंडवा) मूल रूप से 19वीं शताब्दी में इंदौर के महाराजा तुकोजी राव होल्कर द्वितीय (शासनकाल 1844-1886) द्वारा प्रस्तावित की गई थी, जो 1878 में होल्कर स्टेट रेलवे के तहत पूरी हुई और बाद में राजपुताना-मालवा रेलवे के साथ विलय कर दी गई ।   इस क्षेत्र में रेलवे लाइन की आवश्यकता 19वीं शताब्दी में महसूस की गई, जब 1818 में होलकर परिवार के अधीन ब्रिटिश संरक्षित राज्य इंदौर - [इसरो ने SSLV उत्पादन के लिए HAL के साथ 100 वें प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौते पर हस्ताक्षर किए](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%b7%e0%a4%a3-2/): इसरो ने SSLV उत्पादन के लिए HAL के साथ 100 वें प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौते पर हस्ताक्षर किए संदर्भ: इसरो ने छोटे उपग्रह प्रक्षेपण यान (एसएसएलवी)के स्वतंत्र उत्पादन को सक्षम करने के लिए हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के साथ अपने 100वें प्रौद्योगिकी हस्तांतरण समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसरो ने SSLV उत्पादन के लिए HAL के साथ 100वें प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर हस्ताक्षर किए: लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (एसएसएलवी) के बारे में: यह क्या है? छोटे उपग्रहों को तैनात करने के लिए डिज़ाइन किया गया 3 -चरणीय, लागत प्रभावी प्रक्षेपण वाहन । तीन ठोस प्रणोदन चरणों और एक तरल-आधारित वेग ट्रिमिंग मॉड्यूल (वीटीएम) के साथ टर्मिनल चरण के रूप में कॉन्फ़िगर किया गया। विकसितकर्ता: भारतीय अंतरिक्ष - [छत्तीसगढ़ महतारी वंदन योजना](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a4%b5-3/): छत्तीसगढ़ महतारी वंदन योजना चर्चा में क्यों? महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ में महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाकर उनके जीवन में महत्त्वपूर्ण बदलाव ला रही है।  वर्तमान में, राज्य में 69.19 लाख से अधिक महिलाएँ इस पहल से लाभान्वित हो रही हैं। मुख्य बिंदु  महतारी वंदन योजना के बारे में: उद्देश्य: महतारी वंदन योजना का उद्देश्य लैंगिक भेदभाव, असमानता को दूर करके, स्वास्थ्य और पोषण के स्तर में सुधार करके, आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देकर तथा परिवारों में महिलाओं की निर्णय लेने की भूमिका को मज़बूत करके महिलाओं को सशक्त बनाना है।  इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ में महिलाओं के समग्र विकास और कल्याण पर दीर्घकालिक प्रभाव डालना है। शुभारंभ: यह योजना छत्तीसगढ़ राज्य सरकार द्वारा मार्च 2024 में - [करमा उत्सव](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a4%b5-2/): करमा उत्सव चर्चा में क्यों? झारखंड के मुख्यमंत्री ने राँची में आयोजित करमा उत्सव समारोह में भाग लिया। मुख्य बिंदु  करमा (करम) उत्सव के बारे में: भौगोलिक और सामुदायिक पहुँच: यह एक फसल उत्सव है, जो झारखंड, पश्चिम बंगाल, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, असम और ओडिशा राज्यों में जनजातीय समुदायों द्वारा मनाया जाता है। यह मुंडा, हो, ओरांव, बैगा, खड़िया और संथाल जनजातियों के बीच विशेष रूप से लोकप्रिय है। समय और तिथि: पारंपरिक रूप से यह उत्सव भाद्रपद/भादो (अगस्त–सितंबर) मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि (ग्यारहवें दिन) को मनाया जाता है। मुख्य प्रतीक और देवता: इस उत्सव का नाम करम वृक्ष के नाम पर रखा गया है। इस वृक्ष को पारंपरिक रूप से करम - [पश्चिमी घाट से एस्परगिलस सेक्शन निगरी की दो नई प्रजातियाँ](https://examcg.com/%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%85%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b5-2/): पश्चिमी घाट से एस्परगिलस सेक्शन निगरी की दो नई प्रजातियाँ संदर्भ: विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के तहत एमएसीएस-अघारकर अनुसंधान संस्थान (पुणे) के भारतीय वैज्ञानिकों ने पश्चिमी घाट से एस्परगिलस सेक्शन निगरी की दो नई प्रजातियों की खोज की है। पश्चिमी घाट से एस्परगिलस सेक्शन निगरी की दो नई प्रजातियों के बारे में : एस्परगिलस सेक्शन निगरी: काले रंग के कवकों का एक समूह , जिसे आमतौर पर काला एस्परगिलाई कहा जाता है । मिट्टी और पौधों में व्यापक रूप से पाया जाता है, साइट्रिक एसिड उत्पादन, खाद्य उद्योग, किण्वन और कृषि में महत्वपूर्ण उपयोग होता है । अपने औद्योगिक अनुप्रयोगों के कारण इन्हें “जैव प्रौद्योगिकी के कार्यशील घोड़े” के रूप में जाना जाता है - [हिमालय की नाजुकता और असंवहनीय विकास](https://examcg.com/%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%85%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b5/): हिमालय की नाजुकता और असंवहनीय विकास संदर्भ: पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और कश्मीर में हाल ही में आई बाढ़ और भूस्खलन ने हिमालय में बड़े पैमाने पर निर्माण और वनों की कटाई की लागत को उजागर कर दिया है विशेषज्ञों और सर्वोच्च न्यायालय ने चेतावनी दी है कि अनियमित “विकास” नाजुक पहाड़ों को ढहने के कगार पर धकेल रहा है। हिमालय की नाजुकता और असंपोषणीय विकास के बारे में : हिमालय क्या है? हिमालय विश्व का सबसे युवा और सबसे ऊंचा वलित पर्वत है । वे भारत, नेपाल, भूटान, चीन और पाकिस्तान में लगभग 2,400 किलोमीटर तक फैले हुए हैं । औसत चौड़ाई: 150-400 किमी ; औसत ऊंचाई: 6,000 मीटर+ । वे भारतीय उपमहाद्वीप की उत्तरी सीमा बनाते हैं - [130 वां संशोधन विधेयक: जवाबदेही या संवैधानिक अतिक्रमण?](https://examcg.com/130-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b6%e0%a5%8b%e0%a4%a7%e0%a4%a8-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%9c%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%ac%e0%a4%a6%e0%a5%87/): 130वां संशोधन विधेयक: जवाबदेही या संवैधानिक अतिक्रमण? संदर्भ: 130 वें संविधान संशोधन विधेयक, 2025 में पांच वर्ष या उससे अधिक की सजा वाले अपराधों में लगातार 30 दिनों तक हिरासत में रखे गए मंत्रियों (प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री सहित) को स्वतः हटाने का प्रस्ताव है। 130वें संशोधन विधेयक के बारे में : जवाबदेही या संवैधानिक अतिक्रमण ? संविधान (130वां संशोधन) विधेयक, 2025: गंभीर अपराधों के लिए हिरासत में लिए गए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्रियों को हटाने का प्रावधान करता है । यह केन्द्र, राज्यों, दिल्ली पर लागू होता है , तथा अलग-अलग विधेयकों के माध्यम से इसे पुडुचेरी और जम्मू-कश्मीर संघ शासित प्रदेशों तक विस्तारित किया गया है। निष्कासन के आधार: गंभीर अपराध: 5 वर्ष से - [छत्तीसगढ़ में बाघों की आबादी हुई दोगुनी](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%98%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%86%e0%a4%ac/): छत्तीसगढ़ में बाघों की आबादी हुई दोगुनी चर्चा में क्यों? छत्तीसगढ़ में बाघों की आबादी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो वर्ष 2022 में 17 से बढ़कर अप्रैल 2025 तक 35 हो गई, जो राज्य के सफल वन्यजीव संरक्षण प्रयासों को दर्शाती है। इस वृद्धि को छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव कल्याण बोर्ड की 15वीं बैठक में रेखांकित किया गया, जिसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णु देव साई ने की। मुख्य बिंदु अचानकमार टाइगर रिज़र्व में बाघों की सबसे अधिक आबादी (18) है, इसके बाद गुरु घासीदास-तमोर पिंगला (GGTP) टाइगर रिज़र्व में 7, इंद्रावती टाइगर रिज़र्व में 6, भोरमदेव वन्यजीव अभयारण्य में 3 और उदंती-सीतानदी टाइगर रिज़र्व में 1 बाघ है। GGTP को वर्ष 2024 में भारत का 56वाँ बाघ - [काजीरंगा में उच्च पक्षी विविधता: सर्वेक्षण रिपोर्ट](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%89%e0%a4%9a%e0%a5%8d%e0%a4%9a-%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a5%80-%e0%a4%b5/): काजीरंगा में उच्च पक्षी विविधता: सर्वेक्षण रिपोर्ट 14 जुलाई 2025, असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान एवं टाइगर रिजर्व में पहली बार आयोजित घासभूमि पक्षी सर्वेक्षण की रिपोर्ट जारी की गई, जिससे ब्रह्मपुत्र बाढ़ मैदान की पारिस्थितिकी में पक्षी विविधता के संरक्षण का नया संदर्भ स्थापित हुआ। मुख्य तथ्य: सर्वेक्षण अवधि एवं टीम: 18 मार्च से 25 मई के बीच काजीरंगा के तीन वन्य प्रभागों में वन अधिकारियों, पक्षी विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों एवं संरक्षण कार्यकर्ताओं की टीम ने सर्वेक्षण कर 43 घासभूमि पक्षियों की प्रजातियाँ दर्ज कीं। संकटग्रस्त व दुर्लभ प्रजातियाँ: रिकॉर्ड किए गए पक्षियों में गंभीर रूप से संकटग्रस्त ‘बंगाल फ्लोरिकन’, संकटग्रस्त - [सुंदरबन में नमकपानी मगरमच्छों की आबादी में वृद्धि](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a4%ac%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a4%95%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%97%e0%a4%b0%e0%a4%ae/): सुंदरबन में नमकपानी मगरमच्छों की आबादी में वृद्धि पश्चिम बंगाल के सुंदरबन बायोस्फीयर रिजर्व (SBR) में नमकपानी मगरमच्छों (Crocodylus porosus) की आबादी में पिछले वर्ष की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, यह जानकारी 19 अगस्त, 2025 को जारी राज्य वन विभाग के सर्वेक्षण रिपोर्ट से प्राप्त हुई है। मुख्य तथ्य: आबादी में वृद्धि: 2025 में सुंदरबन में नमकपानी मगरमच्छों की अनुमानित संख्या 220 से 242 के बीच है, जबकि 2024 में यह 204 से 234 के बीच थी। नमकपानी मगरमच्छ : नमकपानी मगरमच्छ विश्व का सबसे बड़ा साँप-सरीसृप है और ये खासकर नदियों, दलदलों, मैंग्रोव जंगलों और समुद्री तटों पर पाए जाते - [भारत-चीन संबंध](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%a7/): भारत-चीन संबंध यूपीएससी परीक्षा के जीएस पेपर II, अंतर्राष्ट्रीय संबंध के परिप्रेक्ष्य से भारत-चीन संबंध एक महत्वपूर्ण विषय है । पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना (पीआरसी) की स्थापना 1 अक्टूबर, 1949 को हुई थी और भारत पीआरसी में दूतावास स्थापित करने वाला पहला गैर-कम्युनिस्ट देश था। 1 अप्रैल, 1950 को भारत और चीन ने राजनयिक संबंध स्थापित किए। दोनों देशों ने 1954 में संयुक्त रूप से पंचशील (शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के पाँच सिद्धांत) की भी व्याख्या की। भारत और चीन 1 अप्रैल  2020 को  1950 से अब तक अपने बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 70 वीं वर्षगांठ के रूप में मना रहे हैं। भारत की विदेश नीति के - [विशेषण- परिभाषा, भेद और उदहारण: Visheshan in Hindi PDF](https://examcg.com/elementor-17986-2/): विशेषण- परिभाषा, भेद और उदहारण: Visheshan in Hindi PDF विशेषण हिंदी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण विषय है। हमने विशेषण से जुड़े सभी आवश्यक तथ्यों को जोड़ा है। विशेषण की परिभाषा, भेद और उदाहरण के साथ पूरी जानकारी प्राप्त करें। अभी विशेषण PDF डाउनलोड करें और अपनी तैयारी को बेहतर बनाएं! Posted b विशेषण की परिभाषा, भेद और उदाहरण topic comes with variety of questions. विशेषण (Visheshan) topic comes in all the TET  and recruitment exams i.e. CTET, DSSSB, TET etc. This topic contains विशेषण , परिभाषा, भेद और उदहारण,विशेष्य, प्रविशेषण, विशेषण की अवस्थाएं .  Here we are going to all topics - [छन्द – परिभाषा, अंग, भेद और उदाहरण, Chhand in Hindi](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a6-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%ad%e0%a5%87%e0%a4%a6-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%89/): छंद- परिभाषा, भेद, और उदाहरण Chhand Kise Kahte Hai? छंद की परिभाषा, भेद और उदाहरण जानें। यह मार्गदर्शिका छंद के विभिन्न प्रकारों, उनकी विशेषताओं और अनुप्रास के साथ वास्तविक जीवन के उदाहरणों को प्रस्तुत करती है। इस लेख में आप छंद के प्रमुख भेद जैसे वर्णिक, मात्रिक और यमक छंद के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। Posted by हिंदी साहित्य में छंद एक महत्वपूर्ण काव्य संरचना है, जो कविता की लय, गति और ध्वनि को नियंत्रित करती है। यह कविता के रूप को व्यवस्थित करने का तरीका है, जिसमें प्रत्येक पंक्ति या चरण में विशेष प्रकार की मात्राएँ और लय होती - [छंद- परिभाषा, भेद, और उदाहरण](https://examcg.com/elementor-17986/): छंद- परिभाषा, भेद, और उदाहरण Chhand Kise Kahte Hai? छंद की परिभाषा, भेद और उदाहरण जानें। यह मार्गदर्शिका छंद के विभिन्न प्रकारों, उनकी विशेषताओं और अनुप्रास के साथ वास्तविक जीवन के उदाहरणों को प्रस्तुत करती है। इस लेख में आप छंद के प्रमुख भेद जैसे वर्णिक, मात्रिक और यमक छंद के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे। Posted by हिंदी साहित्य में छंद एक महत्वपूर्ण काव्य संरचना है, जो कविता की लय, गति और ध्वनि को नियंत्रित करती है। यह कविता के रूप को व्यवस्थित करने का तरीका है, जिसमें प्रत्येक पंक्ति या चरण में विशेष प्रकार की मात्राएँ और लय होती - [रोंगाली बिहू](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a5%82/): रोंगाली बिहू चर्चा में क्यों?  रोंगाली बिहू (जिसे बोहाग बिहू के नाम से भी जाना जाता है) असम में 14 से 20 अप्रैल 2025 तक मनाया जा रहा है जो असमिया नववर्ष और कटाई के मौसम की शुरुआत का प्रतीक है। रोंगाली बिहू की मुख्य विशेषताएँ क्या हैं? परिचय: रोंगाली बिहू असम में प्रतिवर्ष मनाए जाने वाले तीन बिहू ओं में से सबसे प्रमुख है अन्य दो कटि बिहू (अक्टूबर) और माघ बिहू (जनवरी) हैं। रोंगाली बिहू हिंदू सौर कैलेंडर की शुरुआत का प्रतीक है और इसलिये इसे असमिया नववर्ष के रूप में मनाया जाता है। यह मुख्य रूप से एक फसल उत्सव है जो वसंत ऋतु के आगमन - [नेपाल में राजनीतिक अशांति](https://examcg.com/%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%85%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a4/): नेपाल में राजनीतिक अशांति चर्चा में क्यों? नेपाल इस समय राजनीतिक अशांति के दौर से गुजर रहा है, जहाँ प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली ने व्यापक रूप से युवाओं (विशेषकर जेनरेशन-ज़ेड) द्वारा संचालित प्रदर्शनों के बीच इस्तीफा दे दिया है। यह अशांति लंबे समय से चले आ रहे भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद, बेरोज़गारी और बढ़ती असमानताओं को लेकर चिंताओं से उत्पन्न हुई है, साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर लगाए गए प्रतिबंधों के प्रति असंतोष ने भी इसमें योगदान दिया है।  काठमांडू में पुलिस गोलीबारी के कारण लोगों की मौत होने के बाद स्थिति और अधिक अस्थिर हो गई, जिससे जनता की शिकायतें और अस्थिरता बढ़ गई।  भारत और नेपाल के बीच - [ज्ञान भारतम मिशन](https://examcg.com/%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a4%ae-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a4%a8/): ज्ञान भारतम मिशनज्ञान भारतम मिशन क्या है?  परिचय: ज्ञान भारतम मिशन, जिसकी घोषणा केंद्रीय बजट 2025–26 में की गई, भारत की विशाल पाण्डुलिपि विरासत को संरक्षित करने, डिजिटाइज़ करने और प्रसारित करने की एक राष्ट्रीय पहल है, जो परंपरा को आधुनिक प्रौद्योगिकी के साथ जोड़कर आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाती है।  नोडल मंत्रालय: संस्कृति मंत्रालय।  उद्देश्य: मिशन के घटक:  सर्वेक्षण और दस्तावेज़ीकरण: पांडुलिपियों की राष्ट्रव्यापी पहचान एवं सूचीकरण।  संरक्षण और पुनर्स्थापन: वैज्ञानिक एवं पारंपरिक विधियों के माध्यम से नाज़ुक ग्रंथों की सुरक्षा।  डिजिटलीकरण और संग्रह: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की सहायता से डिजिटलीकरण और राष्ट्रीय डिजिटल संग्रह का निर्माण।  प्रौद्योगिकी और AI नवाचार: हस्तलिखित पाठ पहचान और ज्ञान-सेतु AI चैलेंज जैसे - [आरक्षण: 50% की सीमा या अधिक](https://examcg.com/%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%a3-50-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%95/): आरक्षण: 50% की सीमा या अधिक चर्चा में क्यों?  बिहार के विपक्षी नेता ने सत्ता में आने पर आरक्षण को 85% तक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है, जबकि सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार से अनुसूचित जातियों (SC) और अनुसूचित जनजातियों (ST) पर ‘क्रीमी लेयर’  की अवधारणा लागू करने को लेकर जवाब मांगा है।  आरक्षण पर चल रही ये बहसें न केवल संविधान द्वारा निर्धारित 50% सीमा को चुनौती देती हैं, बल्कि वंचित वर्गों के बीच लाभों के समान वितरण को लेकर भी गंभीर चिंताएँ भी उठाती हैं।  भारत में आरक्षण से संबंधित प्रमुख प्रावधान क्या हैं?  परिचय: आरक्षण सकारात्मक भेदभाव का एक रूप है जिसका उद्देश्य हाशिए पर पड़े समूहों के लिए समानता को - [भारत की रणनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिये ब्रिक्स का उपयोग](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%a3%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a4%be/): भारत की रणनीतिक महत्वाकांक्षाओं के लिये ब्रिक्स का उपयोग चर्चा में क्यों? वर्चुअल ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन में, भारत के विदेश मंत्री ने अमेरिकी टैरिफ वृद्धि की पृष्ठभूमि में व्यापार उपायों को राजनीतिक या गैर-व्यापारिक मुद्दों से जोड़ने के प्रति आगाह किया।  वैश्विक संघर्षों, जलवायु परिवर्तनों और आपूर्ति शृंखला व्यवधानों के बीच निष्पक्ष, पारदर्शी और अनुकूल व्यापार प्रणालियों के महत्त्व पर भी ज़ोर दिया गया है। ब्रिक्स क्या है? ब्रिक्स एक सहकारी अंतर-सरकारी संगठन है, जो उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं का समूह है। इसका गठन मूल रूप से आर्थिक सहयोग को बढ़ाने और अपने सदस्य देशों के वैश्विक राजनीतिक एवं आर्थिक प्रभाव को मज़बूत करने के उद्देश्य से किया गया था।  - [अधिवास योग्य एक्सोप्लानेट K2-18 b की खोज](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%8f%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a5%8b%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%87/): अधिवास योग्य एक्सोप्लानेट K2-18 b की खोज 30 दिसंबर 2024 को, नासा के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप ने एक्सोप्लानेट K2-18 b की पहचान करके एक महत्वपूर्ण खोज की, जो एक अधिवास योग्य है और जो तरल जल और जीवन के लिए संभावित परिस्थितियों के उपस्थित होने का सुझाव देता है। मुख्य तथ्य: एक्सोप्लानेट विशेषताएँ: K2-18 b पृथ्वी से 124 प्रकाश-वर्ष दूर स्थित है, इसका त्रिज्या पृथ्वी से 2.6 गुना अधिक है, और द्रव्यमान 8.6 गुना अधिक है। वायुमंडलीय संरचना: K2-18 b के वायुमंडल में मीथेन, कार्बन डाइऑक्साइड और विशेष रूप से, डाइमिथाइल सल्फाइड (डीएमएस) होता है, जो पृथ्वी पर जीवन से जुड़ा - [भारत-आसियान संबंधों का नया युग](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%86%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a4%af/): भारत-आसियान संबंधों का नया युग चर्चा में क्यों? चीन की बढ़ती आक्रामकता, अमेरिका की रणनीतिक पुनर्संरेखण प्रक्रिया और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की अनिश्चितताओं के बीच आसियान की भूमिका लगातार महत्त्वपूर्ण होती जा रही है। भारत के लिये, यह एक्ट ईस्ट पॉलिसी और हिंद-प्रशांत दृष्टिकोण का आधार बना हुआ है, जैसा कि वर्ष 2018 के शांगरी-ला डायलॉग में भी रेखांकित किया गया, जो एक स्वतंत्र, खुला, समावेशी और लचीले हिंद-प्रशांत क्षेत्र को प्रोत्साहित करता है। आसियान भारत के लिये क्या अवसर प्रदान करता है? आर्थिक और व्यापारिक अवसर: आसियान, जिसकी जनसंख्या 65 करोड़ है और सकल घरेलू उत्पाद (GDP) 3.2 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर है, भारत के लिये एक प्रमुख आर्थिक और व्यापारिक साझेदार है। द्विपक्षीय व्यापार 122.67 बिलियन अमेरिकी डॉलर (2023–24) तक - [25वाँ शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन](https://examcg.com/25%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%81-%e0%a4%b6%e0%a4%82%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%a0%e0%a4%a8-sco-%e0%a4%b6%e0%a4%bf/): 25वाँ शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन चर्चा में क्यों? भारत के प्रधानमंत्री ने चीन के तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की 25वीं बैठक में भाग लिया।  2025 SCO शिखर सम्मेलन के प्रमुख परिणाम क्या हैं?  आतंकवाद का विरोध: तियानजिन घोषणापत्र में पहलगाम हमले सहित आतंकवाद की कड़ी निंदा की गई तथा आतंकवादियों की सीमा पार आवाजाही को समाप्त करने का आह्वान किया गया और इस बात का विरोध किया गया कि उग्रवादी समूहों का उपयोग भाड़े के उद्देश्यों (Mercenary Purposes) के लिये किया जाए।  सदस्यता और साझेदारियाँ: लाओस को साझेदार देश (Partner Country) के रूप में स्वीकार किया गया, जिससे शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की कुल संख्या बढ़कर 27 हो गई - [28वीं यूनिवर्सल पोस्टल कांग्रेस में भारत ने एजेंडा का नेतृत्व किया](https://examcg.com/28%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a4%b2-%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%82/): 28वीं यूनिवर्सल पोस्टल कांग्रेस में भारत ने एजेंडा का नेतृत्व किया 28वीं यूनिवर्सल पोस्टल कांग्रेस, जो पहली बार संयुक्त अरब अमीरात में आयोजित की जा रही है, 8 सितंबर 2025 को दुबई वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में शुरू हुई। इसमें 192 सदस्य देशों से आए 2,000 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए। भारत की ओर से केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने भाग लिया और नवाचार, स्थिरता एवं डिजिटल समावेशन के माध्यम से वैश्विक डाक सेवाओं के भविष्य को आकार देने की भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया। भारत की रणनीतिक प्राथमिकताएँ1874 से यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन (UPU) का संस्थापक सदस्य होने के नाते - [क्रायोजेनिक इंजन](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a4%a8/): क्रायोजेनिक इंजन भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने CE20 क्रायोजेनिक इंजन का सफल परीक्षण किया है। क्रायोजेनिक इंजन/क्रायोजेनिक चरण अंतरिक्ष प्रक्षेपण वाहनों का अंतिम चरण है जो क्रायोजेनिक्स का उपयोग करता है।  क्रायोजेनिक्स अंतरिक्ष में भारी वस्तुओं को उठाने और रखने के लिए बेहद कम तापमान (-150 डिग्री सेंटीग्रेड से नीचे) पर सामग्री के उत्पादन और व्यवहार का अध्ययन है। अत्यंत कम तापमान पर प्रणोदकों के उपयोग के कारण क्रायोजेनिक चरण ठोस या तरल प्रणोदक (पृथ्वी पर संग्रहीत) चरणों के संबंध में तकनीकी रूप से अधिक जटिल प्रणाली है। एक क्रायोजेनिक इंजन प्रत्येक किलोग्राम क्रायोजेनिक प्रणोदक के साथ अधिक बल प्रदान करता है, जो अन्य प्रणोदकों, जैसे ठोस - [रोहिणी साउंडिंग रॉकेट](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%a3%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%89%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%b0%e0%a5%89%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%9f/): रोहिणी साउंडिंग रॉकेट भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (Indian Space Research Organisation-ISRO) रोहिणी आरएच-200 साउंडिंग रॉकेट के लगातार 200वें सफल प्रक्षेपण की योजना बना रहा है। रोहिणी साउंडिंग रॉकेट परिवार के आरएच-200 ने लगातार 198 सफल उड़ानें पूरी की हैं। 199वाँ प्रक्षेपण अक्तूबर 2022 में विश्व अंतरिक्ष सप्ताह (4-10 अक्तूबर) समारोह के दौरान होगा। 200वाँ प्रक्षेपण अक्टूबर के अंत या नवंबर 2022 की शुरुआत में होगा। साउंडिंग रॉकेट: परिचय: साउंडिंग रॉकेट एक या दो चरण के ठोस प्रणोदक रॉकेट हैं जिनका उपयोग ऊपरी वायुमंडलीय क्षेत्रों की जाँच और अंतरिक्ष अनुसंधान के लिये किया जाता है। वे लॉन्च व्हीकल और उपग्रहों में उपयोग के लिये नए घटकों या उप-प्रणालियों के प्रोटोटाइप का परीक्षण या - [साइबर हमलों के प्रकार](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%ac%e0%a4%b0-%e0%a4%b9%e0%a4%ae%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0/): साइबर हमलों के प्रकार मैलवेयर/दुर्भावनापूर्ण सॉफ़्टवेयर: यह किसी भी प्रकार के सॉफ़्टवेयर को संदर्भित करता है जिसे किसी एक कंप्यूटर, सर्वर या कंप्यूटर नेटवर्क को नुकसान पहुँचाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। रैंसमवेयर, स्पायवेयर, वर्म्स, वायरस और ट्रोजन सभी प्रकार के मैलवेयर हैं। फ़िशिंग: यह भ्रामक ई-मेल और वेबसाइटों का उपयोग करके व्यक्तिगत जानकारी एकत्र करने का प्रयास करने का तरीका है। अतः युग्म 1 सही सुमेलित है। मैन-इन-द-मिडिल (MitM) हमला इसे ईवसड्रॉपिंग अटैक के रूप में भी जाना जाता है, यह तब होता है जब हमलावर खुद को दो-पक्षीय लेनदेन में सम्मिलित करते हैं। एक बार जब हमलावर ट्रैफ़िक को बाधित कर देते हैं, तो वे डेटा को - [ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान PSLV-C54](https://examcg.com/%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%81%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%89%e0%a4%aa%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b9-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a5%87%e0%a4%aa%e0%a4%a3/): ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान PSLV-C54 अपने सबसे लंबे अभियानों में से एक में, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अंतरिक्ष एजेंसी के ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (PSLV-C54) की मदद से पृथ्वी अवलोकन उपग्रह (EOS-06) सहित नौ उपग्रहों को सफलतापूर्वक कई कक्षाओं में स्थापित किया। यह PSLV की 56वीं उड़ान और PSLV-XL संस्करण की 24वीं उड़ान है जिसने सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC), SHAR, श्रीहरिकोटा से उड़ान भरी थी। PSLV ISRO द्वारा डिजाइन और संचालित एक खर्चीला मध्यम-लिफ्ट प्रक्षेपण यान है। इसने पृथ्वी अवलोकन उपग्रह (EOS-06) सहित नौ उपग्रहों को कई कक्षाओं में स्थापित किया। अतः कथन 1 सही है। उपग्रह: 8 नैनो उपग्रह: इसमें भूटान के लिए ISRO नैनो सैटेलाइट-2 (INS-2B), आनंद, एस्ट्रोकास्ट (चार उपग्रह) और दो थायबोल्ट उपग्रह - [SARAS-3 रेडियो टेलीस्कोप](https://examcg.com/saras-3-%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b-%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%aa/): SARAS-3 रेडियो टेलीस्कोप SARAS 3, यहां के रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट (RRI) में डिजाइन और निर्मित एक रेडियो टेलीस्कोप ने ब्रह्मांड के पहले सितारों और आकाशगंगाओं की प्रकृति के बारे में सुराग प्रदान किया है। SARAS RRI का एक निकेत उच्च जोखिम उच्च लाभ वाला प्रायोगिक प्रयास है। इसे रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट (RRI) में डिजाइन और निर्मित किया गया है। इसलिए, कथन 1 गलत है। इसने ब्रह्मांड के पहले तारों और आकाशगंगाओं की प्रकृति का सुराग प्रदान किया है। इन टेलीस्कोपों को 2020 से दंडिगनहल्ली झील और शरावती बैकवाटर पर तैनात किया गया है। इसलिए, कथन 3 सही है। खगोलविद और शोधकर्ता बिग बैंग के बाद सिर्फ 200 मिलियन वर्ष बाद बनी रेडियो चमकदार आकाशगंगाओं - [तकनीकी संप्रभुता: भारत के विकास में भूमिका](https://examcg.com/%e0%a4%a4%e0%a4%95%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ad%e0%a5%81%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%87/): तकनीकी संप्रभुता: भारत के विकास में भूमिका यह आलेख 10/09/2025 को द हिंदू में प्रकाशित “The long march ahead to technological independence” पर आधारित है। यह आलेख डिजिटल युग में तकनीकी संप्रभुता की आवश्यकता को रेखांकित करता है और इस बात पर ज़ोर देता है कि भारत को विदेशी सॉफ्टवेयर पर निर्भरता कम करने की आवश्यकता है। यह स्वदेशी ओपन-सोर्स समाधानों के निर्माण को सच्ची स्वतंत्रता के एक आवश्यक और साध्य मार्ग के रूप में रेखांकित करता है। आज के डिजिटल युग में वास्तविक स्वतंत्रता केवल राजनीतिक स्वायत्तता से नहीं बल्कि तकनीकी संप्रभुता से तय होती है। आधुनिक युद्ध अब सॉफ्टवेयर और साइबरस्पेस में लड़े जा रहे हैं, जहाँ कुछ - [परमवीर अब्दुल हमीद का 60वाँ शहीद दिवस](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%85%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%b2-%e0%a4%b9%e0%a4%ae%e0%a5%80%e0%a4%a6-%e0%a4%95%e0%a4%be-60%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%81/): परमवीर अब्दुल हमीद का 60वाँ शहीद दिवस चर्चा में क्यों? मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पुनर्स्थापित परमवीर अब्दुल हमीद स्मारक स्थल का उद्घाटन किया और उनके 60वें शहीद दिवस के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।  मुख्य बिंदु अब्दुल हमीद के बारे में:  अब्दुल हमीद का जन्म 1 जुलाई, 1933 को धामूपुर, गाजीपुर ज़िला, संयुक्त प्रांत, ब्रिटिश भारत में हुआ था। उन्होंने भारतीय सेना की चौथी ग्रेनेडियर्स बटालियन के साथ सेवा की, वर्ष 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में असल उत्ताड़ के युद्ध के दौरान शहीद हो गए। असल उत्ताड़ का युद्ध:  यह वर्ष1965 के युद्ध के दौरान लड़ा गया सबसे बड़ा टैंक युद्ध था। इसमें पाकिस्तानी प्रथम आर्मर्ड डिवीज़न के आक्रमण को भारतीय सेना ने ध्वस्त - [भारत ने अंतरिक्ष अन्वेषण में 9 विश्व रिकॉर्ड बनाए: इसरो](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%b7%e0%a4%a3/): भारत ने अंतरिक्ष अन्वेषण में 9 विश्व रिकॉर्ड बनाए: इसरो भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम ने एक बार फिर वैश्विक सुर्खियाँ बटोरी हैं। इसरो अध्यक्ष वी. नारायणन के अनुसार, भारत ने अब तक 9 बड़े विश्व रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं और आने वाले वर्षों में 8–10 और मील के पत्थर हासिल करने की उम्मीद है। नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि भारत की अंतरिक्ष यात्रा—जो कम लागत वाले नवाचार और तकनीकी प्रगति पर आधारित है—आज पूरी दुनिया के लिए दक्षता और उत्कृष्टता का मॉडल बन गई है। अंतरिक्ष अन्वेषण में भारत की ऐतिहासिक उपलब्धियाँ नारायणन ने पिछले - [गंगा-यमुना दोआब में प्राचीन नदी के साक्ष्य प्राप्त](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%be-%e0%a4%af%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%86%e0%a4%ac-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a/): गंगा-यमुना दोआब में प्राचीन नदी के साक्ष्य प्राप्त चर्चा में क्यों? प्रयागराज में राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (नमामि गंगे) के अंतर्गत संचालित एक प्रमुख जलभृत मानचित्रण परियोजना के तहत, प्रयागराज और कानपुर के मध्य विस्तृत गंगा-यमुना दोआब क्षेत्र में एक लुप्त प्राचीन नदी के अस्तित्व के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। मुख्य बिंदु नदी के बारे में:  पैलियो-चैनल मैपिंग से पता चला है कि यह नदी लगभग 200 किमी लंबी और 4 किमी चौड़ी तथा 15 से 25 मीटर गहरी है। नदी के प्राचीन मार्ग का पता लगाने और भूमिगत जलाशयों का मानचित्रण करने के लिये उपग्रह चित्रों तथा भू-स्थानिक आँकड़ों (Geospatial Data) का उपयोग किया गया। इस प्राचीन नदी में लगभग 3,500–4,000 मिलियन क्यूबिक - [भारत की परमाणु आपूर्ति शृंखला को सशक्त बनाना](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a3%e0%a5%81-%e0%a4%86%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%b6%e0%a5%83/): भारत की परमाणु आपूर्ति शृंखला को सशक्त बनाना प्रिलिम्स के लिये: परमाणु क्षेत्र, स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर, प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर, हल्के जल रिएक्टर (LWR), दबावयुक्त भारी जल रिएक्टर, परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (AERB), भारतीय परमाणु ऊर्जा निगम लिमिटेड (NPCIL)।  मेन्स के लिये: भारत के विकास के लिये परमाणु ऊर्जा का महत्त्व और भारत के परमाणु क्षेत्र के आधुनिकीकरण में प्रमुख चुनौतियाँ। भारत के परमाणु क्षेत्र के आधुनिकीकरण के लिये आवश्यक उपाय। चर्चा में क्यों? भारत अपने असैन्य परमाणु क्षेत्र में कानूनी सुधार लागू करने की योजना बना रहा है, ताकि नियंत्रित निजी और विदेशी निवेश की अनुमति दी जा सके, आपूर्तिकर्ता दायित्व का समाधान किया जा सके, तथा वैश्विक मानदंडों के अनुरूप काम किया जा सके – जिसमें - [भारत में ट्रांसजेंडर अधिकारों की सुरक्षा](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a4%b0-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a4%bf/): भारत में ट्रांसजेंडर अधिकारों की सुरक्षा प्रिलिम्स के लिये: उभयलिंगी व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019, NALSA निर्णय 2014, उभयलिंगी व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) नियम, 2020, गरिमा गृह।  मेन्स के लिये: भारतीय समाज और ट्रांसजेंडरों के सामने आने वाली चुनौतियाँ, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिये सुधार, ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम – प्रावधान और संबंधित चिंताएँ। चर्चा में क्यों? राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (National Human Rights Commission- NHRC) ने ट्रांसजेंडर अधिकारों पर एक राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया, जिसका उद्देश्य प्रणालीगत भेदभाव को दूर करना, संस्थागत समर्थन को मज़बूत करना और भारत में ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिये संवैधानिक गारंटी की पुष्टि करना था।  भारत में कानूनी और संवैधानिक ढाँचा ट्रांसजेंडर व्यक्तियों - [भारत-जापान संबंधों का पुनर्मूल्यांकन](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%a8/): भारत-जापान संबंधों का पुनर्मूल्यांकन   प्रिलिम्स के लिये: इंडो-पैसिफिक क्षेत्र, ASEAN, संयुक्त राष्ट्र चार्टर, वीर गार्जियन, धर्म गार्जियन, जिमेक्स, बौद्ध धर्म  मेन्स के लिये: भारत-जापान संबंध, रणनीतिक साझेदारियाँ और क्षेत्रीय सुरक्षा, भारत-जापान संबंधों में प्रमुख चुनौतियाँ और आगे की राह स्रोत: द हिंदू  चर्चा में क्यों?  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जापान यात्रा ने भारत-जापान विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी को मज़बूत किया, जिसके परिणामस्वरूप 13 प्रमुख समझौते हुए और अगले दशक में जापान से निजी निवेश में 10 ट्रिलियन येन (68 बिलियन अमेरिकी डॉलर) का निवेश करने का संकल्प लिया गया।  भारत-जापान रणनीतिक साझेदारी प्रमुख क्षेत्रों में किस प्रकार विकसित हो रही है?  प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान की गई प्रमुख घोषणाएँ और उपलब्धियाँ इस - [संहिता (SAMHiTA) सम्मेलन](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%be-samhita-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a4%a8/): संहिता (SAMHiTA) सम्मेलन 4 सितंबर, 2025 को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने नई दिल्ली में SAMHiTA सम्मेलन का उद्घाटन किया, जो दक्षिण एशिया की पांडुलिपि परंपराओं और गणितीय योगदानों को समर्पित है। मुख्य तथ्य: SAMHiTA पहल: भारत एवं दक्षिण एशियाई पांडुलिपियों का एक व्यापक रिलेशनल डेटाबेस और डिजिटल आर्काइव बनाने की परियोजना, जिसमें भारत के बाहर लाइब्रेरी, संग्रहालय और अन्य भंडारों में संरक्षित पांडुलिपियाँ शामिल होंगी। सहयोग: इस पहल में विभिन्न संस्थागत साझेदारों के सहयोग से पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण और संरक्षण किया जाएगा, जिससे अध्ययन व शोध में सहजता होगी। सांस्कृतिक महत्त्व: दक्षिण एशियाई पुनर्जागरण, आचार्य गणितज्ञों और वैदिक संस्कृत ग्रंथों के - [भारत की संदिग्ध रजिस्ट्री और साइबर सुरक्षा पहल](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%b0%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0/): भारत की संदिग्ध रजिस्ट्री और साइबर सुरक्षा पहल चर्चा में क्यों? भारत की ऑनलाइन संदिग्ध रजिस्ट्री ने 13 लाख धोखाधड़ी वाले लेनदेन को रोककर लगभग 5,100 करोड़ रुपए बचाए हैं और यह भारत के साइबर सुरक्षा प्रयासों में एक केंद्रीय भूमिका निभा रहा है।  संदिग्ध रजिस्ट्री क्या है?  परिचय: वर्ष 2024 में शुरू की गई संदिग्ध रजिस्ट्री को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के आधार पर तैयार किया गया है और इसे भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) ने विकसित किया है।  इसमें लगभग 1.4 मिलियन साइबर अपराधियों का डेटा शामिल है, जो वित्तीय धोखाधड़ी और अन्य साइबर अपराधों से जुड़े हैं तथा यह सभी बैंकों के साथ साझा किया गया है।  यह - [गोटी कोया आदिवासी](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%86%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%80/): गोटी कोया आदिवासी केवल प्रारंभिक परीक्षा | भारतीय समाज | मुख्य परीक्षा प्रश्नपत्र 2 : कमजोर वर्गों के लिए गठित कानून, संस्थाएँ और निकाय यूपीएससी के दृष्टिकोण से निम्नलिखित बातें महत्वपूर्ण हैं: प्रारंभिक स्तर: गोटी कोया ट्राइबल्स समाचार में क्यों? राष्ट्रीय  अनुसूचित जनजाति आयोग  ने केंद्रीय गृह मंत्रालय और छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश और ओडिशा  राज्यों से  गोटी कोया आदिवासियों की स्थिति पर   एक विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है  । एनसीएसटी ने केंद्र और राज्यों से आग्रह क्यों किया? अनुमान है कि  वामपंथी उग्रवाद  के कारण  50,000 गोटी कोया आदिवासी विस्थापित हो गए और अब वे  ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और महाराष्ट्र  में  248 बस्तियों में रहते हैं ।  रिपोर्टों से पता चलता है कि  तेलंगाना ने 75 बस्तियों  में आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों (आईडीपी) - [किलर व्हेल मनुष्य को ताजा शिकार क्यों दे रही हैं?](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%b0-%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%b9%e0%a5%87%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a5%81%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%be/): किलर व्हेल मनुष्य को ताजा शिकार क्यों दे रही हैं? प्रारंभिक परीक्षा केवल प्रजातियाँ | पर्यावरण और जैव विविधता | मुख्य परीक्षा पेपर 3 : संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, ईआईए समाचार में क्यों? जर्नल ऑफ कम्पेरेटिव साइकोलॉजी में प्रकाशित एक नए अध्ययन में किलर व्हेल (ऑर्सिनस ओर्का) द्वारा मनुष्यों के साथ ताजा शिकार साझा करने के दुर्लभ उदाहरण दर्ज किए गए हैं । किलर व्हेल (ओर्सिनस ओर्का) के बारे में: अवलोकन : डॉल्फिन परिवार (डेल्फिनिडे) का सबसे बड़ा सदस्य , जिसे अक्सर “समुद्र का भेड़िया” कहा जाता है । शीर्ष शिकारी: समुद्री खाद्य श्रृंखला के शीर्ष पर। शारीरिक लक्षण : काला पृष्ठीय भाग, सफेद निचला भाग, विशिष्ट नेत्र पैच, पृष्ठीय पंख के पीछे काठी पैच। यह 9 - [हिमयुग युग की ड्रैगन फ्लाई की पुनः खोज](https://examcg.com/%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%97-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%97-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a1%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%88%e0%a4%97%e0%a4%a8-%e0%a4%ab%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%be/): हिमयुग युग की ड्रैगन फ्लाई की पुनः खोज प्रजातियाँ | पर्यावरण और जैव विविधता | मुख्य परीक्षा पेपर 3 : संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, ईआईए समाचार में क्यों? ओडोनटोलॉजिस्टों ने दक्षिणी पश्चिमी घाट में दुर्लभ ड्रैगनफ्लाई प्रजाति क्रोकोथेमिस एरिथ्रिया की उपस्थिति की पुनः पुष्टि की है। क्रोकोथेमिस एरिथ्रिया ड्रैगनफ्लाई के बारे में: प्रजाति प्रकार: एक दुर्लभ ड्रैगनफ़्लाई प्रजाति, जो आमतौर पर यूरोप, एशिया और हिमालय में पाई जाती है । हाल की खोज: पश्चिमी घाटों में , विशेष रूप से केरल और तमिलनाडु की ऊंची पर्वतमालाओं में पुनः पुष्टि की गई। तुलना: यह सामान्य निचली भूमि की प्रजाति क्रोकोथेमिस सर्विलिया से काफी मिलता जुलता है , जिसके कारण पहले गलत पहचान हुई थी। आवास - [भारत में 'जनजाति' की परिभाषा](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b7/): भारत में ‘जनजाति’ की परिभाषा केवल प्रारंभिक परीक्षा | राजनीति विज्ञान | मुख्य परीक्षा प्रश्नपत्र 2 : भारतीय संविधान – ऐतिहासिक आधार, विकास, विशेषताएँ, संशोधन, महत्वपूर्ण प्रावधान और मूल संरचना  यूपीएससी के दृष्टिकोण से निम्नलिखित बातें महत्वपूर्ण हैं: प्रारंभिक स्तर: अनुसूचित जनजाति (एसटी) समाचार में क्यों?   हाल ही में आयोजित भारतीय मानव विज्ञान कांग्रेस में भारतीय मानव विज्ञान सर्वेक्षण (एएनएसआई) और राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) के अधिकारियों ने जनजातियों की परिभाषा में बदलाव का आह्वान किया। कठोर द्विआधारी वर्गीकरण के बजाय – जनजाति हो या न हो – वे “जनजातीयता के स्पेक्ट्रम” की वकालत करते हैं । अनुसूचित जनजातियों (एसटी) के बारे में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 366(25) के तहत अनुसूचित जनजातियों को इस प्रकार परिभाषित - [अंडमान द्वीप समूह की जारवा जनजाति](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%aa-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%82%e0%a4%b9-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%b5/): अंडमान द्वीप समूह की जारवा जनजाति केवल प्रारंभिक परीक्षा | भारतीय समाज | मुख्य परीक्षा प्रश्नपत्र 1 : जनसंख्या एवं संबंधित मुद्दे समाचार में क्यों? भारत की 16वीं जनगणना से पहले , विशेषज्ञों ने कहा है कि जारवा सहित अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की छह मुख्य स्वदेशी जनजातियों की गणना संभव है। जारवा जनजाति के बारे में: स्थान : वे भारत के मध्य और दक्षिण अंडमान द्वीप समूह में रहते हैं। आधिकारिक स्थिति : उन्हें भारत सरकार द्वारा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के रूप में वर्गीकृत किया गया है। जनसंख्या वृद्धि : बेहतर स्वास्थ्य सेवा और कम बाहरी हस्तक्षेप के कारण उनकी जनसंख्या 260 (1998) से बढ़कर लगभग 647 (2025) हो गई है। प्रथम संपर्क : - [बहुपतित्व की हट्टी परंपरा](https://examcg.com/%e0%a4%ac%e0%a4%b9%e0%a5%81%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%b0/): बहुपतित्व की हट्टी परंपरा केवल प्रारंभिक परीक्षा | कला और संस्कृति | मुख्य परीक्षा प्रश्नपत्र 1 : भारतीय समाज की प्रमुख विशेषताएँ समाचार में क्यों? हिमाचल प्रदेश में हाल ही में हुए बहुपति विवाह ने हट्टी जनजाति की पारंपरिक प्रथाओं को पुनः सुर्खियों में ला दिया है। हट्टी जनजाति के बारे में: स्थान : ट्रांस-गिरि क्षेत्र (हिमाचल प्रदेश) और जौनसार बावर क्षेत्र (उत्तराखंड) के मूल निवासी। नदियाँ : यमुना की सहायक नदियाँ गिरि और टोंस के आसपास बसी हुई हैं । व्युत्पत्ति : “हट्टी” शब्द “हाट” (पारंपरिक ग्रामीण बाजार) से निकला है। जनसंख्या : 2011 में लगभग 2.5 लाख; अब अनुमानतः 3 लाख। पारंपरिक शासन : खुम्बली (आदिवासी परिषद) विवादों और प्रमुख निर्णयों को संभालती है। सामाजिक संरचना : उच्च जातियों (भाट, - [विमुक्त, अर्ध-खानाबदोश और खानाबदोश जनजातियाँ (डीएनटी) कौन हैं?](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%96%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%ac%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%b6-%e0%a4%94%e0%a4%b0/): विमुक्त, अर्ध-खानाबदोश और खानाबदोश जनजातियाँ (डीएनटी) कौन हैं? केवल प्रारंभिक परीक्षा | शासन | मुख्य परीक्षा प्रश्नपत्र 2 : कमजोर वर्गों के लिए गठित कानून, संस्थाएँ और निकाय Who are Denotified, Nomadic, and Semi-Nomadic Tribes (DNTs)? समाचार में क्यों? नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में विमुक्त, अर्ध-घुमंतू और घुमंतू जनजातियों (डीएनटी) ने अपने लंबे समय से चले आ रहे हाशिए पर रहने की समस्या को दूर करने के लिए एक स्थायी राष्ट्रीय आयोग की जोरदार मांग की। विमुक्त, खानाबदोश और अर्ध-खानाबदोश जनजातियाँ (डीएनटी) कौन हैं? विमुक्त जनजातियाँ (डीएनटी): औपनिवेशिक टैग : आपराधिक जनजाति अधिनियम, 1871 के तहत “जन्म से अपराधी” करार दिया गया। कानूनी उलटफेर : 1949 - [खासी जनजाति](https://examcg.com/%e0%a4%96%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%bf/): खासी जनजाति केवल प्रारंभिक परीक्षा | भारतीय समाज | मुख्य परीक्षा प्रश्नपत्र 1 : भारतीय समाज की प्रमुख विशेषताएँ समाचार में क्यों? मेघालय उच्च न्यायालय ने खासी वंश अधिनियम (खासी मातृवंशीय परंपराओं को संरक्षित करता है) के खिलाफ एक जनहित याचिका पर सुनवाई की, जिसमें कथित तौर पर पैतृक उपनाम वाले लोगों को एसटी प्रमाण पत्र देने से इनकार किया गया था। खासी जनजाति के बारे में: क्षेत्र : मेघालय , पूर्वोत्तर भारत के मूल निवासी । भाषाई परिवार : ऑस्ट्रोएशियाटिक भाषा समूह से संबंधित हैं । भाषा : रोमन लिपि में लिखी खासी भाषा बोलते हैं , जिसमें कई बोलियाँ हैं। धर्म : नियाम खासी (पारंपरिक जीववादी धर्म) का पालन करते हैं; कई लोग ईसाई भी हैं । पौराणिक उत्पत्ति : की - [दर्द-शिन जनजाति](https://examcg.com/%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a6-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%a8-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%bf/): दर्द-शिन जनजाति Dard-Shin Tribe केवल प्रारंभिक परीक्षा | कला एवं संस्कृति | मुख्य परीक्षा पेपर 1 : कला एवं संस्कृति समाचार में क्यों? हाल के वर्षों में, समुदाय के कुछ सदस्य कार्यकर्ता दर्द-शिन विरासत का दस्तावेजीकरण और संरक्षण करने के लिए आगे आए हैं। दर्द-शिन जनजाति के बारे में: उत्पत्ति : प्रवास से प्राचीन इंडो-आर्यन समूह (2000-1500 ईसा पूर्व)। ऐतिहासिक उल्लेख : हेरोडोटस, प्लिनी, टॉलेमी, कल्हण की राजतरंगिणी । मातृभूमि : दर्दिस्तान – चित्राल, यासीन, गिलगित, चिलास, बुंजी, गुरेज घाटी, लद्दाख, उत्तरी अफगानिस्तान। राजनीतिक इतिहास : मुगलों के आने से पहले 16वीं शताब्दी में चक वंश ने कश्मीर पर 25 से अधिक वर्षों तक शासन किया। वर्तमान स्थान : गुरेज (बांदीपोरा, जम्मू और - [केरल की मुथुवन जनजाति](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%a5%e0%a5%81%e0%a4%b5%e0%a4%a8-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%bf/): केरल की मुथुवन जनजाति केवल प्रारंभिक परीक्षा | भारतीय समाज | मुख्य परीक्षा प्रश्नपत्र 1 : भारतीय समाज की प्रमुख विशेषताएँ समाचार में क्यों? मुथुवन आदिवासी समुदाय संगम ने विश्व के स्वदेशी लोगों के अंतर्राष्ट्रीय दिवस पर एक सम्मेलन का आयोजन किया। मुथुवन जनजाति के बारे में: स्थान : अन्नामलाई पहाड़ियों (केरल और तमिलनाडु) की अनुसूचित जनजाति के रूप में मान्यता प्राप्त स्वदेशी जनजाति ; इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर जिलों में केंद्रित। व्युत्पत्ति : नाम का अर्थ है “वह जो पीठ पर वजन ढोता है” , यह नाम बच्चों और राजा को लेकर मदुरै से प्रवास से जुड़ा है। उत्पत्ति : पांड्य साम्राज्य से पता चला ; मलयालम मुथुवन और पंडी मुथुवन बोली समूहों में विभाजित । बस्तियाँ : पहाड़ी जंगलों में गहरे ” कुड़ी “; सरकंडों, - [आरोग्यपचा और कानि जनजाति](https://examcg.com/%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%aa%e0%a4%9a%e0%a4%be-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%bf/): आरोग्यपचा और कानि जनजाति आरोग्यपचा का खुलासा करने वाले वनवासी कुट्टीमथन कानि का 23 अगस्त, 2025 को केरल के अगस्त्यमलाई जंगलों के पास 72 वर्ष की आयु में गरीबी में निधन हो गया। आरोग्यपचा के बारे में स्रोत – डीटीई यह एक छोटा प्रकंदयुक्त बारहमासी जड़ी बूटी ( ट्राइकोपस ज़ेलेनिकस ) है, वितरण: श्रीलंका, दक्षिणी भारत, मलेशिया ; निचले जंगलों में नदियों के पास; भारत में लगभग 1,000 मीटर भारत में: यह पश्चिमी घाट (अगस्त्य पहाड़ियों) में स्थानिक है। महत्व: इसे एक ” चमत्कारी पौधे ” के रूप में पूजा जाता है। कानी जनजाति द्वारा थकान से निपटने के लिए इसका उपयोग किया जाता है। केरल विश्वविद्यालय ने अपने जीनोम को डिकोड किया, जिससे द्वितीयक चयापचय, आनुवंशिक सुधार और तुलनात्मक - [केंद्र सरकार ने 2028 में COP-33 के लिए पैनल का गठन किया](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%a8%e0%a5%87-2028-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-cop-33-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf/): केंद्र सरकार ने 2028 में COP-33 के लिए पैनल का गठन किया सीओपी33 की मेजबानी के लिए भारत की तैयारी वैश्विक जलवायु शासन में नेतृत्व करने और भविष्य की जलवायु कार्रवाई को आकार देने में अपनी भूमिका को मजबूत करने के उसके दृढ़ संकल्प को दर्शाती है। के द्वारा प्रकाशित किया गया भारत ने 2028 में 33वें संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP33) की मेज़बानी की तैयारी शुरू कर दी है, जो उसके जलवायु नेतृत्व प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने इस वैश्विक आयोजन की आवश्यकताओं के प्रबंधन के लिए एक समर्पित COP33 प्रकोष्ठ की स्थापना की - [हिमालयी भूरा भालू](https://examcg.com/%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%af%e0%a5%80-%e0%a4%ad%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%82/): हिमालयी भूरा भालू प्रजाति के बारे में: यह हिमालय के ऊँचे इलाकों में सबसे बड़े मांसाहारी जीवों में से एक है।संरक्षण स्थिति: IUCN: गंभीर रूप से संकटग्रस्त CITES:  परिशिष्ट I वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972: अनुसूची I निवास स्थान: यह पाकिस्तान और भारत के सुदूर पहाड़ी इलाकों में हिमालय की ऊँचाई पर स्थित है। इसकी छोटी आबादी चीन के तिब्बती स्वायत्त क्षेत्र और भूटान में भी पाई जाती है। विशेषताएँ: वे हिमालय में सबसे बड़े जानवर हैं और आमतौर पर रेतीले या लाल-भूरे रंग के होते हैं। खान-पान: हिमालयी भूरे भालू सर्वाहारी होते हैं और घास, जड़ें और अन्य पौधे, कीड़े-मकोड़े और छोटे स्तनधारी जीव खाते हैं। इन्हें - [विक्रम-32](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae-32/): विक्रम-32 समाचार: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सेमीकॉन इंडिया 2025 सम्मेलन में विक्रम-32 प्रोसेसर का अनावरण किया। विक्रम-32 के बारे में स्रोत: TOI यह अंतरिक्ष अनुप्रयोगों के लिए भारत का पहला स्वदेशी रूप से विकसित 32-बिट प्रोसेसर है। विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र (वीएसएससी) द्वारा विकसित , इसरो सेमीकंडक्टर प्रयोगशाला (एससीएल), चंडीगढ़ में निर्मित। अपग्रेड: विक्रम 32 (विक्रम 3201) विक्रम 1601 का उन्नत संस्करण है, जो 2009 से इसरो के प्रक्षेपण वाहनों में उपयोग किया जाने वाला 16-बिट प्रोसेसर है। तकनीक: इसरो द्वारा डिज़ाइन किए गए कस्टम इंस्ट्रक्शन सेट आर्किटेक्चर (ISA) पर आधारित। यह Ada भाषा के माध्यम से फ्लोटिंग-पॉइंट कंप्यूटेशन और उच्च-स्तरीय प्रोग्रामिंग का समर्थन - [एससीओ शिखर सम्मेलन 2025: प्रधानमंत्री का संबोधन](https://examcg.com/%e0%a4%8f%e0%a4%b8%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%93-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%96%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a4%a8-2025-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a7%e0%a4%be/): एससीओ शिखर सम्मेलन 2025: प्रधानमंत्री का संबोधन 1 सितम्बर, 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के तिआनजिन में SCO (शंघाई सहयोग संगठन) शिखर सम्मेलन के पूर्ण सत्र को संबोधित किया। मुख्य तथ्य: संबोधन का केंद्र : पीएम मोदी ने कहा कि SCO मंच तीन स्तंभों—सुरक्षा, कनेक्टिविटी व अवसर—पर केंद्रित है; भारत ने आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ तीव्र आवाज उठाई। सामूहिक वार्ताएँ: मोदी, शी जिनपिंग (चीन) व पुतिन (रूस) ने क्षेत्रीय व वैश्विक मुद्दों पर प्रतिक्रिया साझा की। मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत-चीन संबंधों में सीमांत क्षेत्रों की शांति “बीमा पॉलिसी” है; मौजूदा तंत्रों के जरिए व्यवधान की रोकथाम व - [ग्रेट इंडियन बस्टर्ड](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%9f-%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%a8-%e0%a4%ac%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a1/): ग्रेट इंडियन बस्टर्ड ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के बारे में: यह सबसे भारी उड़ने वाले पक्षियों में से एक है (इसका वज़न 15 किलोग्राम तक होता है)। ये भारतीय उपमहाद्वीप के शुष्क घास के मैदानों और झाड़ियों में पाए जाते हैं।संरक्षण स्थिति: आईयूसीएन रेड लिस्ट: यह एक गंभीर रूप से संकटग्रस्त प्रजाति है, जिसके 150 से भी कम पक्षी जंगल में बचे हैं। CITES: परिशिष्ट I वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972: अनुसूची I निवास स्थान: यह भारतीय उपमहाद्वीप का स्थानिक पौधा है। यह भारत में राजस्थान (रेगिस्तानी राष्ट्रीय उद्यान), गुजरात, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश तथा पाकिस्तान के कुछ हिस्सों में पाया जाता है। विशेषताएँ: ग्रेट इंडियन - [ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम (जीसीपी)](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%9f-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae/): ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम (जीसीपी) पर्यावरण मंत्रालय ने 29 अगस्त को ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम (जीसीपी) के तहत वृक्षारोपण क्रेडिट के लिए एक नई पद्धति अधिसूचित की । ग्रीन क्रेडिट प्रोग्राम (GCP) के बारे में स्रोत – वित्त मंत्रालय यह एक नवोन्मेषी बाजार-आधारित तंत्र है , जिसे विभिन्न हितधारकों जैसे व्यक्तियों, समुदायों, निजी क्षेत्र के उद्योगों और कंपनियों द्वारा विविध क्षेत्रों में स्वैच्छिक पर्यावरणीय कार्यों को प्रोत्साहित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है । लॉन्च: इसे नवंबर 2023 में दुबई में COP28 में भारत के प्रधान मंत्री द्वारा लॉन्च किया गया था। द्वारा संचालित: जी.सी.पी. का शासन ढांचा एक अंतर-मंत्रालयी संचालन समिति द्वारा समर्थित है । भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद ( आईसीएफआरई ) जीसीपी प्रशासक के - [सारनाथ – प्राचीन बौद्ध स्थल](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ac%e0%a5%8c%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%b8%e0%a5%8d/): सारनाथ – प्राचीन बौद्ध स्थल समाचार: भारत ने इस वर्ष 2025-26 नामांकन चक्र के लिए यूनेस्को विश्व धरोहर केंद्र को ‘प्राचीन बौद्ध स्थल, सारनाथ’ शीर्षक से एक डोजियर प्रस्तुत किया है। सारनाथ – प्राचीन बौद्ध स्थल के बारे में स्रोत – एएसआई स्थान: यह भारत के उत्तर प्रदेश में गंगा और वरुणा नदियों के संगम के पास वाराणसी के उत्तर-पूर्व में स्थित एक पवित्र शहर है । ऐतिहासिक/धार्मिक महत्व यह विश्व के चार सबसे महत्वपूर्ण बौद्ध तीर्थस्थलों में से एक है , क्योंकि यहीं पर गौतम बुद्ध ने पहली बार धर्म की शिक्षा दी थी। अन्य तीन सबसे महत्वपूर्ण तीर्थस्थल हैं लुम्बिनी (गौतम बुद्ध का जन्मस्थान), बोधगया (भगवान बुद्ध के ज्ञान प्राप्ति का स्थान) और कुशीनगर (बुद्ध - ["कैराकल" अब गंभीर रूप से संकटग्रस्त है](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a4%b2-%e0%a4%85%e0%a4%ac-%e0%a4%97%e0%a4%82%e0%a4%ad%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%aa-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%95/): “कैराकल” अब गंभीर रूप से संकटग्रस्त है “The Caracal” is now critically endangered राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड ने कैराकल को गंभीर रूप से संकटग्रस्त प्रजातियों की सूची में शामिल किया है। भारत में गंभीर रूप से संकटग्रस्त प्रजातियों के पुनर्स्थापन कार्यक्रम में अब 22 वन्यजीव प्रजातियाँ शामिल हैं। कैराकल के बारे में: यह एक मध्यम आकार की जंगली बिल्ली है जो अफ्रीका, मध्य पूर्व, मध्य एशिया और भारत सहित दक्षिण एशिया में पाई जाती है। अफ्रीका में इस बिल्ली की आबादी बढ़ रही है जबकि एशिया में इसकी संख्या घट रही है। विशेषताएँ: विशेषताएँ: कैराकल के लंबे पैर, छोटा चेहरा और लंबे रदनक दांत होते हैं। इसके - [मराठा सैन्य परिदृश्य यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a0%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%83%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%a8/): मराठा सैन्य परिदृश्य यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल समाचार: भारत के मराठा सैन्य परिदृश्य को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल किया गया है, यह मान्यता प्राप्त करने वाली यह भारत की 44वीं संपत्ति बन गई है। मराठा सैन्य परिदृश्य यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल यह बारह किलों का एक असाधारण नेटवर्क है जो मराठा साम्राज्य की रणनीतिक सैन्य दृष्टि और स्थापत्य कला की प्रतिभा को प्रदर्शित करता है । 17वीं शताब्दी से 19वीं शताब्दी की अवधि में निर्मित । वितरण: परिदृश्य में बारह राजसी किले शामिल हैं, जिनमें से ग्यारह महाराष्ट्र में और एक तमिलनाडु में है । चयनित स्थलों में तमिलनाडु में जिंजी किले के साथ-साथ महाराष्ट्र में सालहेर, शिवनेरी, लोहगढ़, खंडेरी, - [दारुमा गुड़िया Daruma doll](https://examcg.com/%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-daruma-doll/): दारुमा गुड़िया Daruma doll समाचार : प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को शोरिनजान दारुमा-जी मंदिर के मुख्य पुजारी रेव सेशी हिरोसे ने दारुमा गुड़िया भेंट की। दारुमा गुड़िया के बारे में यह दृढ़ता और सफलता का एक शुभ जापानी ताबीज है । यह बोधिधर्म (दारुमा दाइशी) पर आधारित है, यह लक्ष्य-निर्धारण और धैर्य को बढ़ावा देता है। नाम: “दारुमा” नाम संस्कृत के ” धर्म ” से लिया गया है – जिसका अर्थ है ब्रह्मांडीय नियम या कर्तव्य – जो इसकी आध्यात्मिक जड़ों को दर्शाता है। ऐतिहासिक संबंध दारुमा की जड़ें 5वीं शताब्दी के कांचीपुरम (तमिलनाडु) के भारतीय भिक्षु बोधिधर्म से जुड़ी हैं , जिन्हें जापान में दारुमा दाइशी के रूप में सम्मान दिया जाता है। - [लेसर फ्लोरिकन संरक्षण संकट](https://examcg.com/%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%b8%e0%a4%b0-%e0%a4%ab%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%a3-%e0%a4%b8%e0%a4%82/): लेसर फ्लोरिकन संरक्षण संकट चर्चा में क्यों? राजस्थान के नसीराबाद और अजमेर से आवारा कुत्तों को अनियंत्रित रूप से अरवार संरक्षण रिज़र्व के वन क्षेत्र में छोड़ा जाना, लेसर फ्लोरिकन के लिये गंभीर खतरा बन गया है। मुख्य बिंदु जनसंख्या में गिरावट: लेसर फ्लोरिकन (Sypheotides indicus), जो कभी राजस्थान के वर्षा-आधारित घासभूमि क्षेत्रों में सामान्य रूप से पाया जाता था, की संख्या में 97% की विनाशकारी गिरावट आई है। वर्ष 2025 में अजमेर, केकड़ी और शाहपुरा के प्रजनन स्थलों पर केवल एक नर पक्षी देखा गया, जबकि वर्ष 2020 में इनकी संख्या 39 थी। बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (BNHS) द्वारा किये गए परिदृश्य सर्वेक्षण में इस प्रजाति की घटती संख्या को रेखांकित किया गया, - [विलायती बबूल का उन्मूलन](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%ac%e0%a5%82%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%89%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%82%e0%a4%b2%e0%a4%a8/): विलायती बबूल का उन्मूलन चर्चा में क्यों? राजस्थान के पंचायती राज मंत्री ने पंचायती राज एवं वन विभाग को ‘विलायती बबूल’ (Prosopis Juliflora) का जड़ सहित पूरी तरह उन्मूलन के लिये निर्देश दिये हैं। मुख्य बिंदु  विलायती बबूल के बारे में:  इसे स्थानीय रूप से विलायती कीकर अथवा गांडो बावल कहा जाता है। यह एक आक्रामक विदेशी वनस्पति प्रजाति है, जिसका मूल स्थान मैक्सिको, दक्षिण अमेरिका और कैरेबियन क्षेत्र है। वर्तमान में यह भारत के शुष्क और अर्द्ध-शुष्क क्षेत्रों में व्यापक रूप से पाई जाती है। प्रभाव : इसका तीव्र प्रसार स्थानीय वनस्पतियों की वृद्धि को बाधित करता है और मृदा की उर्वरता को नष्ट कर कृषि उत्पादकता को कम कर देता है। इसका - [घुमंतू और विमुक्त जनजातियों हेतु कल्याण बोर्ड](https://examcg.com/%e0%a4%98%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%82-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%bf/): घुमंतू और विमुक्त जनजातियों हेतु कल्याण बोर्ड चर्चा में क्यों? उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में राज्य स्तरीय ‘विमुक्त जनजाति दिवस’ समारोह के दौरान विमुक्त जनजाति और घुमंतू जनजातियों के लिये एक समर्पित कल्याण बोर्ड बनाने की घोषणा की। अब 31 अगस्त को विमुक्त जनजाति दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिवस वर्ष 1952 में दमनकारी आपराधिक जनजाति अधिनियम के निरसन की स्मृति में मनाया जाता है, जिसने इन समुदायों को अन्यायपूर्ण तरीके से अपराधी घोषित कर उनके अधिकार छीन लिये थे। मुख्य बिंदु कल्याण बोर्ड के बारे में: नव गठित बोर्ड से इन समुदायों के लिये आवास, भूमि पट्टे और मतदान के अधिकार प्रदान करने पर विशेष - [विक्रमादित्य वैदिक घड़ी](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%98%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%80/): विक्रमादित्य वैदिक घड़ी चर्चा में क्यों? मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 1 सितंबर, 2025 को मुख्यमंत्री निवास पर विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का अनावरण किया तथा इसके मोबाइल ऐप का शुभारम्भ भी किया। मुख्य बिंदु विक्रमादित्य वैदिक घड़ी के बारे में:  यह पारंपरिक भारतीय कालगणना पद्धति पर आधारित पहली घड़ी है, जिसे फरवरी 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उज्जैन में पुनर्जीवित किया गया था। इसमें दिन को मानक 24 घंटे के प्रारूप के बजाए 30 मुहूर्तों (प्रत्येक लगभग 48 मिनट) में विभाजित किया गया है। उद्देश्य:  यह भारत की पारंपरिक समय-निर्धारण पद्धतियों को आधुनिक तकनीकी प्रगति के साथ जोड़ती है, जिसका उद्देश्य समय गणना की प्राचीन प्रणालियों को पुनर्जीवित करना है। मोबाइल - [रेमन मैग्सेसे पुरस्कार 2025](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%ae%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a5%88%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-2025/): रेमन मैग्सेसे पुरस्कार 2025 चर्चा में क्यों? भारत के ग्रामीण और शैक्षिक रूप से वंचित क्षेत्रों में बालिकाओं की शिक्षा हेतु सामुदायिक तथा सरकारी संसाधन जुटाने के लिये समर्पित भारतीय गैर-लाभकारी संगठन ‘फाउंडेशन टू एजुकेट गर्ल्स ग्लोबली’ को वर्ष 2025 का रेमन मैग्सेसे पुरस्कार प्रदान किया गया है। अन्य पुरस्कार विजेताओं में मालदीव की शाहिना अली को उनके पर्यावरण संबंधी कार्य के लिये तथा फिलीपींस के फ्लावियानो एंटोनियो एल. विलानुएवा को गरीबों और हाशिये पर पड़े लोगों के उत्थान के प्रयासों के लिये सम्मानित किया गया है। मुख्य बिंदु  एजुकेट गर्ल्स के बारे में:  इसे फाउंडेशन टू एजुकेट गर्ल्स ग्लोबली के नाम से भी जाना जाता है। इसकी स्थापना वर्ष 2007 में सफीना - [उर्जित पटेल IMF में कार्यकारी निदेशक नियुक्त](https://examcg.com/%e0%a4%89%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%aa%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%b2-imf-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0/): उर्जित पटेल IMF में कार्यकारी निदेशक नियुक्त चर्चा में क्यों? भारत सरकार ने भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में कार्यकारी निदेशक (ED) के रूप में नियुक्त करने को मंजूरी दे दी है।  वह भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे, जो बांग्लादेश, श्रीलंका और भूटान के साथ चार देशों के निर्वाचन क्षेत्र का अंग है।  IMF के कार्यकारी बोर्ड में 25 निदेशक होते हैं, जिनका चुनाव सदस्य देशों या देशों के समूहों द्वारा किया जाता है। मुख्य बिंदु मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष की अवधि के लिये अथवा अगले आदेश तक, जो भी पहले हो, उनकी नियुक्ति को मंज़ूरी दी - [जीबी नगर और श्रावस्ती शिकायत निवारण में अग्रणी](https://examcg.com/%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%ac%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a4%97%e0%a4%b0-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95/): जीबी नगर और श्रावस्ती शिकायत निवारण में अग्रणी चर्चा में क्यों?  उत्तर प्रदेश सरकार ने एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (Integrated Grievance Redressal System) के माध्यम से अपनी शिकायत निवारण रिपोर्ट जारी की, जिसमें उन ज़िलों को हाइलाइट किया गया जहाँ नागरिक संतुष्टि सबसे अधिक थी। मुख्य बिंदु पुलिस शिकायत निवारण: गौतम बुद्ध (जीबी) नगर 98.72% संतुष्ट प्रतिक्रिया दर के साथ शीर्ष पर रहा, इसके बाद पीलीभीत (98.23%), बलिया (96.04%), बस्ती (95.43%) और श्रावस्ती (95.14%) हैं। ज़िला मजिस्ट्रेट शिकायत निवारण: श्रावस्ती 90.2% संतुष्टि के साथ अग्रणी रहा, इसके बाद शाहजहाँपुर (89.08%), बलरामपुर (83.44%), हमीरपुर (82.15%) और बरेली (80.11%) हैं। पारदर्शिता के लिये तंत्र: जिन अधिकारियों के विरुद्ध शिकायत दर्ज की गई - [डायमंड लीग 2025](https://examcg.com/%e0%a4%a1%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%b2%e0%a5%80%e0%a4%97-2025/): डायमंड लीग 2025 चर्चा में क्यों? नीरज चोपड़ा स्विट्ज़रलैंड के ज़्यूरिख में आयोजित डायमंड लीग फाइनल में उपविजेता रहे। जर्मनी के जूलियन वेबर ने 91.57 मीटर का थ्रो फेंककर अपना पहला डायमंड लीग खिताब जीता। मुख्य बिंदु: नीरज चोपड़ा का सर्वश्रेष्ठ थ्रो फाइनल राउंड में 85.01 मीटर रहा, जिससे वह केशोर्न वालकॉट (84.95 मीटर) को पीछे छोड़कर तीसरे से दूसरे स्थान पर पहुँच गए। यूरोपीय चैंपियन जूलियन वेबर ने दो बार 90 मीटर से अधिक का थ्रो करते हुए प्रतियोगिता पर प्रभुत्व स्थापित किया और विश्व चैंपियनशिप के लिये शीर्ष दावेदार के रूप में अपनी स्थिति सुदृढ़ की। वांडा डायमंड लीग शृंखला का अवलोकन: वर्ष 2010 में आरम्भ की गई वांडा डायमंड - [सागरेश्वर वन्यजीव अभयारण्य](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%b0-%e0%a4%b5%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5-%e0%a4%85%e0%a4%ad%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a3/): सागरेश्वर वन्यजीव अभयारण्य चर्चा में क्यों? महाराष्ट्र के सांगली जिले में स्थित सागरेश्वर वन्यजीव अभयारण्य अपनी महत्वपूर्ण हिरण आबादी के लिए जाना जाता है, जिसमें 536 सांभर और 295 चीतल (चित्तीदार हिरण) शामिल हैं। यह अभयारण्य मानव निर्मित वन्यजीव अभयारण्यों में हिरणों की सबसे अधिक आबादी वाले अभयारण्यों में से एक होने का गौरव रखता है। Located in Sangli district, Maharashtra, India. भारत में पहला मानव निर्मित वन्यजीव अभयारण्य। इसका क्षेत्रफल 10.87 वर्ग किलोमीटर है। इसका नाम प्राचीन सागरेश्वर मंदिर के नाम पर रखा गया है। अतिरिक्त विवरण विशिष्ट विशेषताएं: यह अभयारण्य कृत्रिम रूप से उगाया गया वन है, जिसमें बारहमासी जल - [गंगोत्री ग्लेशियर](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%b0/): गंगोत्री ग्लेशियर संदर्भ IIT इंदौर, ICIMOD एवं अमेरिकी शोधकर्ताओं द्वारा किए गए एक नए अध्ययन में पाया गया है कि तापमान वृद्धि, चरम प्रवाह में परिवर्तन तथा परिवर्तित जल विज्ञानीय संरचना के कारण गंगोत्री ग्लेशियर प्रणाली ने ‘हिम-द्रवण प्रवाह’ (Snowmelt flow)  में वर्ष 1980-2020 के दौरान लगभग 10% की कमी दर्ज की है। अध्ययन के मुख्य निष्कर्ष हिम-द्रवण में कमी ‘हिम-द्रवण’ 73% (वर्ष 1980-90) से घटकर 52% (वर्ष 2000-10) हो गया एवं बाद में इसमें आंशिक सुधार 63% (वर्ष 2010-20) हुआ। प्रवाह संरचना में परिवर्तन दीर्घकालिक (वर्ष 1980-2020 औसत) हिम-द्रवण- 64%, ग्लेशियर पिघलना – 21%, वर्षा अपवाह – 11%, आधार प्रवाह – 4%। तापमान वृद्धि के कारण वर्षा-अपवाह एवं आधार प्रवाह का बढ़ता योगदान। तापमान - [मछलीपट्टनम](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%9b%e0%a4%b2%e0%a5%80%e0%a4%aa%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%a8%e0%a4%ae/): मछलीपट्टनम मछलीपट्टनम, जिसे मसूलीपट्टनम के नाम से भी जाना जाता है, आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में स्थित एक ऐतिहासिक तटीय शहर है, जो अपने बंदरगाह और कपड़ा विरासत के लिए प्रसिद्ध है। प्रसंग कई वर्षों तक मृत बंदरगाह शहर बने रहने के बाद, मछलीपट्टनम पुनर्जीवित हो रहा है, तथा मंगिनापुडी में नए ग्रीनफील्ड बंदरगाह का लगभग 48% भाग पहले ही निर्मित हो चुका है। मछलीपट्टनम का ऐतिहासिक महत्व इसे मसूलीपट्टनम या मैसोलिया के नाम से भी जाना जाता है ; इसका इतिहास पहली शताब्दी ईस्वी (संभावित सातवाहन शासन: दूसरी शताब्दी ईसा पूर्व-दूसरी शताब्दी ईस्वी) से जुड़ा है । रोम, चीन, फारस और दक्षिण पूर्व - [वृंदावनी वस्त्र](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a5%83%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0/): वृंदावनी वस्त्र संदर्भ: ब्रिटिश संग्रहालय ने 16वीं शताब्दी के वृंदावनी वस्त्र को 2027 में 18 महीने की सार्वजनिक प्रदर्शनी के लिए असम को उधार देने पर सहमति व्यक्त की है। वृंदावनी वस्त्र के बारे में : यह क्या है? यह एक शानदार रेशमी कपड़ा है, जो 16वीं शताब्दी में असम के वैष्णव आंदोलन के केंद्रीय व्यक्ति, संत-सुधारक श्रीमंत शंकरदेव के मार्गदर्शन में बनाया गया था। 15 पैनलों के रूप में बुना गया और बाद में 937 सेमी × 231 सेमी मापने वाले कपड़े में जोड़ा गया । इसमें वृंदावन में भगवान कृष्ण के जीवन के दृश्यों और अन्य पौराणिक रूपांकनों को दर्शाया गया है। इतिहास: असम में कोच राजा नारा नारायण द्वारा कमीशन किया गया । - [भारत-जापान संबंध](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%a7/): भारत-जापान संबंध संदर्भ हाल ही में भारतीय प्रधानमंत्री और जापानी प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने टोक्यो में 15वें भारत-जापान शिखर सम्मेलन में भाग लिया, इस दौरान विशेष रणनीतिक वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने के लिए रणनीतिक, आर्थिक और रक्षा सहयोग को बढाने पर ध्यान केंद्रित किया गया। 15वें भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन के मुख्य निष्कर्ष दीर्घकालिक रणनीतिक रोडमैप: ‘अगले दशक के लिए भारत-जापान संयुक्त दृष्टिकोण’ (India–Japan Joint Vision for the Next Decade) को अपनाना, जिसमें आठ क्षेत्रों (आर्थिक साझेदारी, आर्थिक सुरक्षा, गतिशीलता, पारिस्थितिक स्थिरता, नवाचार और प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और राज्य-प्रांत सहयोग) को प्राथमिकता दी जाएगी। यह शिखर सम्मेलन कार्यात्मक सहयोग के लिए एक व्यापक रूपरेखा प्रदान करता है, - [भारत-अफ्रीका साझेदारी: वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करना](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%85%e0%a4%ab%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%9d%e0%a5%87%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a4%b0/): भारत-अफ्रीका साझेदारी: वर्ष 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करना संदर्भ भारतीय उद्योग परिसंघ (Confederation of Indian Industry- CII) के 20वें भारत-अफ्रीका व्यापार सम्मेलन में सरकार ने वर्ष 2030 तक भारत-अफ्रीका द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का आह्वान किया। कॉन्क्लेव के मुख्य बिंदु ध्यान केंद्रित करना: मूल्य संवर्द्धन, प्रौद्योगिकी-संचालित कृषि, नवीकरणीय ऊर्जा और स्वास्थ्य सेवा। वस्तु व्यापार पर औद्योगिक सहयोग: वस्तु व्यापार से आगे बढ़कर औद्योगिक सहयोग और मूल्य संवर्द्धन की ओर वृद्धि की आवश्यकता है। सेवा क्षेत्र में भारत एक महाशक्ति के रूप में: इंजीनियरिंग, IT, AI और वास्तुकला जैसी सेवाओं में भारत एक लागत-प्रतिस्पर्द्धी भागीदार के रूप में। संसाधन भागीदार के रूप में अफ्रीका: अफ्रीका क्रिटिकल  मिनरल, ऊर्जा और कृषि वस्तुओं का - [नाउरू](https://examcg.com/%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%89%e0%a4%b0%e0%a5%82/): नाउरू संदर्भ: ऑस्ट्रेलिया ने गैर-वीजा धारकों को स्थानांतरित करने के लिए नाउरू के साथ 267 मिलियन डॉलर के निर्वासन समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे शरणार्थी और मानवाधिकार समूहों की आलोचना हुई है। नाउरू के बारे में : यह क्या है ? आधिकारिक तौर पर नाउरू गणराज्य , दक्षिण प्रशांत महासागर में एक संप्रभु द्वीप देश और सूक्ष्म राज्य है। ऐतिहासिक रूप से इसे “सुखद द्वीप” के नाम से जाना जाता है। स्थित : ओशिनिया का माइक्रोनेशिया उपक्षेत्र . बानाबा (किरिबाती) से लगभग 300 किमी पश्चिम में । राजधानी : यारेन जिला (वास्तविक राजधानी, क्योंकि नाउरू की कोई आधिकारिक राजधानी नहीं है)। पड़ोसी : प्रशांत महासागर से घिरा हुआ ; निकटतम भूमि बनबा (किरिबाती) है। अन्य दूरवर्ती पड़ोसी : - [मिलमेडिकॉन-2025](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%89%e0%a4%a8-2025/): मिलमेडिकॉन-2025 केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री ने नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में सैन्य परिवेश में शारीरिक और मानसिक आघात (Physical and Mental Trauma in Military Settings) पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, मिलमेडिकॉन-2025 (MILMEDICON-2025) का उद्घाटन किया। संबंधित तथ्य यह सम्मेलन संपूर्ण विश्व में सैन्य चिकित्सा में नवाचारों, चुनौतियों और सुधारों पर केंद्रित है। यह आयोजन सैन्य नर्सिंग सेवा के 100 वर्ष पूरे होने और युद्ध चिकित्सा के क्षेत्र में नारी शक्ति के महत्त्व को प्रदर्शित करने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। यह भारतीय सेना के “सुधार वर्ष” को चिह्नित करता है। इसे अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने और परिचालन स्थितियों में ‘ट्रॉमा’ संबंधी देखभाल क्षमताओं को बढ़ाने के लिए एक रणनीतिक पहल के रूप - [विट्ठलभाई पटेल: विरासत और योगदान](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%a0%e0%a4%b2%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%aa%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%b2-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%a4-%e0%a4%94%e0%a4%b0/): विट्ठलभाई पटेल: विरासत और योगदान विट्ठलभाई पटेल केंद्रीय विधान सभा के पहले भारतीय अध्यक्ष थे और उन्होंने विधायी स्वतंत्रता और प्रक्रियात्मक सुधारों का समर्थन किया। उन्होंने स्वराज पार्टी की सह-स्थापना की और विधान परिषदों के भीतर से अंग्रेजों को चुनौती दी। स्वतंत्रता आंदोलन और संसदीय लोकतंत्र के विकास से जुड़ी पटेल की विरासत दलित प्रतिनिधित्व और शिक्षा जैसे सामाजिक सुधारों को प्रेरित और प्रोत्साहित करती रही है।   प्रसंग केंद्रीय गृह मंत्री ने विट्ठलभाई पटेल के प्रथम भारतीय अध्यक्ष के रूप में निर्वाचन की शताब्दी के उपलक्ष्य में अखिल भारतीय अध्यक्ष सम्मेलन का उद्घाटन किया और भारत की विधायी परंपराओं की - [पेप्सू मुजहरा आंदोलन](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a5%82-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%9c%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%86%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%a8/): पेप्सू मुजहरा आंदोलन 19 मार्च को पेप्सू मुजहरा आंदोलन की वर्षगाँठ मनाई जाती है, यह पंजाब में एक कृषि संघर्ष था, जिसमें बटाईदार किसानों (मुजहराओं) के लिए भूमि स्वामित्व अधिकारों की लड़ाई लड़ी गई थी। पेप्सू मुजहरा आंदोलन (PEPSU Muzhara Movement) के बारे में पेप्सू मुजहरा आंदोलन भारत के पटियाला और पूर्वी पंजाब राज्य संघ (Patiala and East Punjab States Union- PEPSU) क्षेत्र में एक महत्त्वपूर्ण कृषि आंदोलन था। यह आंदोलन 1930 के दशक में शुरू हुआ और स्वतंत्रता के बाद गति पकड़ी, जिसके परिणामस्वरूप वर्ष 1952 में भूमि सुधार हुए। कारण: यह आंदोलन जमींदारों के हाथों काश्तकारों (मुजहरा) द्वारा सामना की जाने वाली शोषणकारी प्रथाओं - [नामधारी कौन हैं?](https://examcg.com/%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%8c%e0%a4%a8-%e0%a4%b9%e0%a5%88%e0%a4%82/): नामधारी कौन हैं? केवल प्रारंभिक परीक्षा  |  इतिहास और कला एवं संस्कृति  |  मुख्य परीक्षा पेपर 1 : आधुनिक भारतीय इतिहास यूपीएससी के दृष्टिकोण से निम्नलिखित बातें महत्वपूर्ण हैं: प्रारंभिक स्तर:  नामधारी संप्रदाय समाचार में क्यों?  पंजाब के मुख्यमंत्री ने मलेरकोटला स्थित  नामधारी शहीद स्मारक  पर आयोजित एक समारोह में  कूका शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की  । यह दिवस 17 और 18 जनवरी, 1872  को  ब्रिटिश औपनिवेशिक अधिकारियों द्वारा   66 नामधारी सिखों (कूका) को फाँसी दिए जाने की याद में मनाया जाता है। ‘नामधारी’ कौन हैं? नामधारी  , जिन्हें कूका भी कहा जाता है  , एक सिख संप्रदाय है जिसकी स्थापना  सतगुरु राम सिंह ने 12 अप्रैल, 1857  को  लुधियाना, पंजाब में  की थी । कूका नाम   उनकी विशिष्ट ऊंची आवाज में  गुरबानी के पाठ से निकला है  (पंजाबी - [फोर्ट विलियम का नाम बदलना](https://examcg.com/%e0%a4%ab%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%ac%e0%a4%a6%e0%a4%b2%e0%a4%a8%e0%a4%be/): फोर्ट विलियम का नाम बदलना केवल प्रारंभिक परीक्षा  |  इतिहास और कला एवं संस्कृति  |  मुख्य परीक्षा पेपर 1 : आधुनिक भारतीय इतिहास यूपीएससी के दृष्टिकोण से निम्नलिखित बातें महत्वपूर्ण हैं: प्रारंभिक स्तर:  फोर्ट विलियम समाचार में क्यों? भारतीय सशस्त्र बलों से औपनिवेशिक प्रथाओं और प्रतीकों को खत्म करने के लिए,  पूर्वी सेना कमान के मुख्यालय,  कोलकाता में फोर्ट विलियम का नाम बदलकर  विजय दुर्ग कर दिया गया है । विजय दुर्ग (फोर्ट विलियम) के बारे में यह मूल रूप से  1773 में अंग्रेजों द्वारा बनाया गया था , फोर्ट विलियम का  नाम इंग्लैंड के राजा विलियम तृतीय के नाम पर रखा गया था । यह  कोलकाता, पश्चिम बंगाल में हुगली नदी के पूर्वी तट पर स्थित है । - [करनाल का युद्ध (1739)](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-1739/): करनाल का युद्ध (1739) केवल प्रारंभिक परीक्षा  |  इतिहास और कला एवं संस्कृति  |  मुख्य परीक्षा पेपर 1 : कला एवं संस्कृति यूपीएससी के दृष्टिकोण से निम्नलिखित बातें महत्वपूर्ण हैं: प्रारंभिक स्तर:  करनाल की लड़ाई समाचार में क्यों? 24 फरवरी 1739 को करनाल की लड़ाई मुगल साम्राज्य के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई। करनाल की लड़ाई के बारे में  24 फरवरी 1739  को  करनाल के युद्ध में नादिर  शाह की फारसी सेना ने मुगल सम्राट मुहम्मद शाह ‘रंगीला’ को तीन   घंटे से भी कम समय में  हरा दिया  । 300,000 सैनिक होने के बावजूद  ,  मुगल सेना को  नादिर शाह के  55,000 प्रशिक्षित सैनिकों ने आधुनिक रणनीति और बेहतर आग्नेयास्त्रों का  उपयोग करके  कुचल दिया । जीत के बाद,  दिल्ली को लूट - [पगड़ी संभाल जट्टा आंदोलन](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a4%97%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%9c%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%be-%e0%a4%86%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%a8/): पगड़ी संभाल जट्टा आंदोलन केवल प्रारंभिक परीक्षा  |  इतिहास और कला एवं संस्कृति  |  मुख्य परीक्षा पेपर 1 : आधुनिक भारतीय इतिहास यूपीएससी के दृष्टिकोण से निम्नलिखित बातें महत्वपूर्ण हैं: प्रारंभिक स्तर:  पगड़ी संभाल जट्टा आंदोलन समाचार में क्यों? 23 फरवरी, 2025 को  पंजाब और हरियाणा की सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे किसान  स्वतंत्रता सेनानी, क्रांतिकारी और  भगत सिंह के चाचा अजीत सिंह  के सम्मान में  पगड़ी संभाल दिवस  मना रहे हैं  । पगड़ी संभाल जट्टा आंदोलन (1907) के बारे में पगड़ी  संभाल जट्टा आंदोलन पंजाब में  किसानों का शोषण करने वाले  दमनकारी  ब्रिटिश भूमि कानूनों के खिलाफ  एक  किसान विद्रोह था। इस आंदोलन का नेतृत्व  अजीत सिंह, किशन सिंह (भगत सिंह के पिता) और लाला लाजपत राय ने किया , जिन्होंने किसानों को - [नाट्य प्रदर्शन अधिनियम, 1876](https://examcg.com/%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%ae-1876/): नाट्य प्रदर्शन अधिनियम, 1876 केवल प्रारंभिक परीक्षा  |  इतिहास और कला एवं संस्कृति  |  मुख्य परीक्षा पेपर 1 : आधुनिक भारतीय इतिहास यूपीएससी के दृष्टिकोण से निम्नलिखित बातें महत्वपूर्ण हैं: प्रारंभिक स्तर:  नाट्य प्रदर्शन अधिनियम, 1876 समाचार में क्यों? प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में सवाल उठाया था कि औपनिवेशिक काल का नाट्य प्रदर्शन अधिनियम, 1876, जो अधिकारियों को राजद्रोही, अपमानजनक या अश्लील समझे जाने वाले नाटकों पर प्रतिबंध लगाने की अनुमति देता था, आजादी के 75 साल बाद भी क्यों लागू है। नाट्य प्रदर्शन अधिनियम, 1876 क्या है? नाट्य  प्रदर्शन अधिनियम, 1876 , एक औपनिवेशिक युग का कानून था जिसे अंग्रेजों ने   सार्वजनिक प्रदर्शनों में राष्ट्रवादी और सरकार विरोधी भावनाओं - [मुज़हरा आंदोलन की वर्षगांठ](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%86%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%97%e0%a4%be/): मुज़हरा आंदोलन की वर्षगांठ केवल प्रारंभिक परीक्षा  |  इतिहास और कला एवं संस्कृति  |  मुख्य परीक्षा पेपर 1 : आधुनिक भारतीय इतिहास यूपीएससी के दृष्टिकोण से निम्नलिखित बातें महत्वपूर्ण हैं: प्रारंभिक स्तर:  मुज़हरा मूवमेंट समाचार में क्यों? 19 मार्च को मुजहरा आंदोलन की वर्षगांठ मनाई जाती है, जो पंजाब के कृषि संघर्षों में एक महत्वपूर्ण अध्याय है। मुज़हरा आंदोलन के बारे में मुजहरा वे किसान थे जो जमीन पर काम करते थे लेकिन उनके पास कोई  मालिकाना हक नहीं था ।  वे पंजाब में  भूमिहीन किसानों के एक बड़े वर्ग का हिस्सा थे  , जो दमनकारी सामंती व्यवस्था का सामना कर रहे थे । बिस्वेदार  (जमींदार) , जो उपज का एक तिहाई हिस्सा लेते थे, - [महात्मा गांधीजी का छत्तीसगढ़ प्रवास संबंधी प्रश्नोत्तरी](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%80%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80-2/): महात्मा गांधीजी का छत्तीसगढ़ प्रवास संबंधी प्रश्नोत्तरी महात्मा गांधीजी का छत्तीसगढ़ यात्रा संबंधी प्रश्न और उत्तर (Mahatma Gandhi in Chhattisgarh Gk Questions) निम्नानुसार है:- Q. छत्तीसगढ़ का पहला ‘समाचार पत्र’, जो जिले द्वारा प्रकाशित किया गया था?[A] रायपुर जिला[B] बिलासपुर जिला[C] बस्तर जिला[D] राजनांदगांव जिला Show Answer [B] बिलासपुर जिला Q. छत्तीसगढ़ राज्य के ‘सिरपुर’ का पुराना नाम क्या था ?[A] चेदिपुर[B] सिकसर[C] चित्रांगपुर[D] सावलपुरा Show Answer [C] चित्रांगपुर Q. छत्तीसगढ़ में महात्मा गांधीजी ने ‘हरिजन यात्रा’ किस वर्ष हुआ था?[A] नवंबर 1933[B] जनवरी 1933[C] जनवरी 1934[D] नवंबर 1930 Show Answer [A] नवंबर 1933 Q. छत्तीसगढ़ में ‘पंडित रविशंकर शुक्ला’ ने कौन सी ‘पत्रिका’ प्रकाशित किया था?[A] उत्थान[B] उत्कर्ष[C] कान्यकुब्ज[D] आलोक Show Answer - [“एजुकेट गर्ल्स” को मिला 2025 का रैमन मैग्सेसे पुरस्कार](https://examcg.com/%e0%a4%8f%e0%a4%9c%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%9f-%e0%a4%97%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be-2025-%e0%a4%95/): “एजुकेट गर्ल्स” को मिला 2025 का रैमन मैग्सेसे पुरस्कार 31 अगस्त, 2025 को भारतीय गैर-सरकारी संस्था एजुकेट गर्ल्स को रैमन मैग्सेसे पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया। यह संस्था पुरस्कार प्राप्त करने वाली पहली भारतीय गैर-सरकारी संगठन बनी। मुख्य तथ्य: पुरस्कार की घोषणा: एजुकेट गर्ल्स को लड़कियों की शिक्षा के लिए ग्राम स्तर पर परिवर्तनकारी प्रयासों और सांस्कृतिक बाधाओं को तोड़ने के लिए सम्मानित किया गया। संस्थापक सफ़ीना हुसैन ने 2007 में राजस्थान के गाँवों से शुरुआत की थी। कार्य क्षेत्र और प्रभाव: संस्था ने 30,000+ गाँवों में 2 मिलियन से अधिक लड़कियों को स्कूल में दाखिल कराया और 15.5 मिलियन - [भारत में लोकप्रिय आंदोलन](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%95%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af-%e0%a4%86%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%a8/): भारत में लोकप्रिय आंदोलन भारत में लोकप्रिय आंदोलन: स्वतंत्रता संग्राम से लेकर दलित और आईसीटी आंदोलन तक किसी भी प्रतियोगी परीक्षा के लिए भारत के स्वतंत्रता के बाद के इतिहास की तैयारी के लिए , उम्मीदवारों को भारत में लोकप्रिय आंदोलनों के बारे में जानना आवश्यक है। यह IAS परीक्षा और अर्थशास्त्र के पाठ्यक्रम (GS-II) के सभी महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी देता है। UPSC परीक्षा में अर्थशास्त्र के दृष्टिकोण से भारत में लोकप्रिय आंदोलन शब्द महत्वपूर्ण हैं। IAS उम्मीदवारों को इनके अर्थ और अनुप्रयोग को अच्छी तरह से समझना चाहिए, क्योंकि IAS पाठ्यक्रम के इस स्थिर भाग से UPSC प्रारंभिक और UPSC मुख्य - [भारत में क्षेत्रवाद](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6/): भारत में क्षेत्रवाद भारत में क्षेत्रवाद: जम्मू और कश्मीर की गतिशीलता, असम संकट और असम समझौता (1985) किसी भी प्रतियोगी परीक्षा के लिए स्वतंत्रता के बाद के भारत के इतिहास की तैयारी के लिए , उम्मीदवारों को भारत में क्षेत्रवाद के बारे में जानना आवश्यक है। यह IAS परीक्षा और अर्थशास्त्र के पाठ्यक्रम (GS-II) के सभी महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी देता है। UPSC परीक्षा में आर्थिक दृष्टिकोण से भारत में क्षेत्रवाद शब्द महत्वपूर्ण हैं। IAS उम्मीदवारों को इनके अर्थ और अनुप्रयोग को अच्छी तरह से समझना चाहिए, क्योंकि IAS पाठ्यक्रम के इस स्थिर भाग से UPSC प्रारंभिक और UPSC मुख्य परीक्षा, दोनों में - [स्वतंत्रता के बाद का भारत](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%a4%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a41/): स्वतंत्रता के बाद का भारत स्वतंत्रता के बाद का भारत: दृष्टि, मील के पत्थर और आपातकालीन युग किसी भी प्रतियोगी परीक्षा के लिए “स्वतंत्रता के बाद का भारत” की तैयारी करने हेतु , उम्मीदवारों को स्वतंत्रता के बाद के भारत के महत्वपूर्ण मुद्दों के बारे में जानना आवश्यक है। यह IAS परीक्षा के सभी महत्वपूर्ण विषयों और अर्थव्यवस्था के पाठ्यक्रम (GS-II) का एक विचार प्रदान करता है। “स्वतंत्रता के बाद का भारत” शब्द UPSC परीक्षा में आर्थिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं। IAS उम्मीदवारों को इनके अर्थ और अनुप्रयोग को अच्छी तरह से समझना चाहिए, क्योंकि IAS पाठ्यक्रम के इस स्थिर भाग से UPSC - [आर्थिक विकास](https://examcg.com/%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b8/): आर्थिक विकास आर्थिक विकास: भारत की औद्योगिक नीति और आर्थिक परिदृश्य स्वतंत्रता के समय आर्थिक विकास की चुनौतियाँ जब भारत को स्वतंत्रता मिली, तब भारतीय अर्थव्यवस्था पिछड़ी और अविकसित अवस्था में थी। स्वतंत्रता के समय भारतीय अर्थव्यवस्था को निम्नलिखित समस्याओं का सामना करना पड़ा: गरीबी और निरक्षरता – स्वतंत्रता के समय, भारत की अधिकांश जनसंख्या निरक्षर और गरीब थी। अत्यधिक गरीबी और निरक्षरता के अलावा, कृषि और उद्योग की बर्बादी ने बेरोजगारी की समस्या को जन्म दिया, जिसने भारत में गरीबी की स्थिति को और बढ़ा दिया । आर्थिक विकास- अंग्रेजों की धन-निकासी नीति के कारण भारतीय खजाने में लगभग कुछ भी नहीं बचा। व्यापार संतुलन भी अंग्रेजों के - [भारत की विदेश नीति](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%bf/): भारत की विदेश नीति भारत की विदेश नीति: गुटनिरपेक्ष आंदोलन, भारत-पाकिस्तान, परमाणु नीति, भारत-श्रीलंका किसी भी प्रतियोगी परीक्षा के लिए भारत के स्वतंत्रता के बाद के इतिहास की तैयारी के लिए , उम्मीदवारों को भारत की विदेश नीति के बारे में जानना आवश्यक है। यह IAS परीक्षा और अर्थव्यवस्था पाठ्यक्रम (GS-II) के सभी महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी देता है। UPSC परीक्षा में अर्थव्यवस्था के दृष्टिकोण से भारत की विदेश नीति के शब्द महत्वपूर्ण हैं। IAS उम्मीदवारों को इनके अर्थ और अनुप्रयोग को अच्छी तरह से समझना चाहिए, क्योंकि IAS पाठ्यक्रम के इस स्थिर भाग से UPSC प्रारंभिक और UPSC मुख्य परीक्षा, दोनों में प्रश्न पूछे - [करेंट अफेयर्स क्विज़ - अगस्त 2025](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%9f-%e0%a4%85%e0%a4%ab%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bc-%e0%a4%85%e0%a4%97%e0%a4%b8-2/): करेंट अफेयर्स क्विज़ – अगस्त 2025 | UPSC/PSC 📚 करेंट अफेयर्स क्विज़ अगस्त 2025 | UPSC / PSC परीक्षा स्तर 100 प्रश्न • विस्तृत व्याख्या सहित कुल: 100 उत्तरित: 0 सही: 0 गलत: 0 शेष: 100 © 2025 करेंट अफेयर्स क्विज़ | अगस्त 2025 | UPSC/PSC तैयारी हेतु हरे रंग से सही उत्तर और लाल रंग से गलत उत्तर दर्शाया जाता है। 0 CommentsComments are closed - [भारतीय लोकतंत्र: चुनावी राजनीति के उदय से लेकर लोकतांत्रिक संस्थाओं तक](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%95%e0%a4%a4%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%9a%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a5%80-%e0%a4%b0/): भारतीय लोकतंत्र: चुनावी राजनीति के उदय से लेकर लोकतांत्रिक संस्थाओं तक  भारतीय लोकतंत्र: चुनावी राजनीति के उदय से लेकर लोकतांत्रिक संस्थाओं तक किसी भी प्रतियोगी परीक्षा के लिए स्वतंत्रता के बाद के भारत के इतिहास की तैयारी के लिए , उम्मीदवारों को भारतीय लोकतंत्र के विकास के बारे में जानना आवश्यक है। यह IAS परीक्षा और अर्थशास्त्र के पाठ्यक्रम (GS-II) के सभी महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी देता है। UPSC परीक्षा में अर्थशास्त्र के दृष्टिकोण से भारतीय लोकतंत्र के विकास से संबंधित शब्द महत्वपूर्ण हैं। IAS उम्मीदवारों को इनके अर्थ और अनुप्रयोग को अच्छी तरह से समझना चाहिए, क्योंकि IAS पाठ्यक्रम के इस स्थिर - [स्वतंत्र भारत](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%a4%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4/): स्वतंत्र भारत   स्वतंत्र भारत: चुनौतियाँ, विभाजन, रियासतें और कश्मीर मुद्दा किसी भी प्रतियोगी परीक्षा के लिए स्वतंत्रता के बाद के भारत के इतिहास की तैयारी के लिए , उम्मीदवारों को स्वतंत्र भारत के बारे में जानना आवश्यक है। यह IAS परीक्षा और अर्थशास्त्र के पाठ्यक्रम (GS-II) के सभी महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी देता है। UPSC परीक्षा में अर्थशास्त्र के दृष्टिकोण से स्वतंत्र भारत के शब्द महत्वपूर्ण हैं। IAS उम्मीदवारों को इनके अर्थ और अनुप्रयोग को अच्छी तरह समझना चाहिए, क्योंकि IAS पाठ्यक्रम के इस स्थिर भाग से UPSC प्रारंभिक और UPSC मुख्य परीक्षा, दोनों में प्रश्न पूछे जा सकते हैं। इस लेख - [मराठा साम्राज्य [1674-1818]: मराठा-मुगल संघर्ष](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a0%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-1674-1818-%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a0%e0%a4%be-%e0%a4%ae/): मराठा साम्राज्य [1674-1818]: मराठा-मुगल संघर्ष मराठा राज्य (1674-1720): मराठा साम्राज्य का संघर्ष और विजय शिवाजी महाराज: मराठा साम्राज्य के उत्थान और विजय के वास्तुकार (1627-1680) शिवनेरी किले में जन्मे। पिता शाहजी भोसले ने शुरुआत में अहमदनगर के निज़ाम शासक के यहाँ सेवा की। बाद में वे बीजापुर में शामिल हो गए। उन्हें 1637 में अपने पिता से पूना की जागीर विरासत में मिली । 16 वर्ष की आयु में उन्होंने तोरणा किले पर कब्जा कर लिया, इसके बाद उन्होंने कई अन्य किलों पर भी कब्जा किया। उन्होंने रायगढ़ को अपनी राजधानी बनाकर एक स्वतंत्र मराठा राज्य की स्थापना की । उन्होंने 1656 में चंद्रराव मोरे - [मुगल काल (1526-40 और 1555-1857)](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2-1526-40-%e0%a4%94%e0%a4%b0-1555-1857/): मुगल काल (1526-40 और 1555-1857) मुगल साम्राज्य दो महान शासक वंशों के वंशज थे। बाबर: भारत में मुगल साम्राज्य का संस्थापक, अपने पिता की ओर से तैमूर से और अपनी माँ की ओर से चंगेज खान से संबंधित था । बाबर अपने पिता के बाद फरगना (उज्बेकिस्तान) का शासक बना, लेकिन जल्द ही उसने अपना राज्य खो दिया। वित्तीय कठिनाइयों, काबुल पर उज्बेक हमले की आशंका और राणा सांगा के भारत पर आक्रमण के निमंत्रण ने बाबर को भारत की ओर देखने के लिए मजबूर किया। भारत में मुगल साम्राज्य की सूची (1526-1857) बाबर (1526-1530 ई.) पानीपत का प्रथम युद्ध (1526) – बाबर ने - [भक्ति आंदोलन: महत्व, नयनार, अलवर और विशेषता](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%86%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%a8%e0%a4%af%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%b0/): भक्ति आंदोलन: महत्व, नयनार, अलवर और विशेषता भक्ति आंदोलन: कर्मकांडों से परे प्रेम और आराधना यह मध्यकालीन समय में एक धार्मिक सुधार भक्ति आंदोलन था , जिसमें ईश्वर के प्रति एकनिष्ठ गहन भक्ति पर जोर दिया गया था। भक्ति आंदोलन इस सिद्धांत पर आधारित था कि ईश्वर और मनुष्य के बीच संबंध किसी अनुष्ठान या धार्मिक समारोह के माध्यम से नहीं बल्कि प्रेम और पूजा के माध्यम से होता है। भक्ति आंदोलन की उत्पत्ति वेदों में देखी जाती है, लेकिन इसका वास्तविक विकास 7 वीं शताब्दी के बाद हुआ । इसकी शुरुआत दक्षिण भारत में शैव नयनारों और वैष्णव अलवारों द्वारा की गई , जो बाद में सभी क्षेत्रों में फैल गई । - [राफेल मरीन (एम) लड़ाकू जेट](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ab%e0%a5%87%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%8f%e0%a4%ae-%e0%a4%b2%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%82-%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%9f/): राफेल मरीन (एम) लड़ाकू जेट   केंद्र ने फ्रांस से 26 राफेल मरीन (एम) लड़ाकू जेट विमानों को मंजूरी दी। ये लड़ाकू विमान भारतीय नौसेना  के लिए होंगे और इन्हें देश के पहले स्वदेशी विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत पर तैनात किया जाएगा । भारतीय वायु सेना पहले से प्राप्त 36 राफेल जेट विमानों का संचालन कर रही है। राफेल विमान के बारे में निर्माता:  डसॉल्ट एविएशन, एक फ्रांसीसी एयरोस्पेस कंपनी। “ओम्निरोल” क्षमताएं:  जिसका अर्थ है वायु रक्षा, हमले, टोही, परमाणु निवारण आदि जैसे सभी लड़ाकू विमानन मिशनों को पूरा करने में सक्षम होना।  पीढ़ी: 4.5 पीढ़ी, अधिकतम गति 1.8 मैक (1 मैक=1235 किमी/घंटा)। विभिन्न नवीनतम पीढ़ी के विमान - [लंबी दूरी का ग्लाइड बम 'गौरव'](https://examcg.com/%e0%a4%86%e0%a4%884%e0%a4%b8%e0%a5%80/): लंबी दूरी का ग्लाइड बम ‘गौरव’ डीआरडीओ ने लंबी दूरी के ग्लाइड बम ‘गौरव’ का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। हथियार विनिर्देश प्रकार : लंबी दूरी का ग्लाइड बम (एलआरजीबी)।  वजन : 1,000 किलोग्राम वर्ग रेंज : ‘गौरव’ ने सटीक निशाना साधते हुए 100 किमी की रेंज हासिल की। विकास : स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित 0 CommentsComments are closed - [वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम-II (VVP-II)](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%9f-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%9c-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a5%8d/): वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम-II (VVP-II)   कैबिनेट ने जीवंत गांव कार्यक्रम-II (वीवीपी-II) को मंजूरी दी। वीवीपी-II, पहले चरण, वीवीपी-I  द्वारा रखी गई नींव पर आधारित है , जिसका लक्ष्य उत्तरी सीमा पर  स्थित सीमावर्ती गांवों को बनाना था। यह पहल सुरक्षित, संरक्षित और आत्मनिर्भर भूमि सीमाओं को सुनिश्चित करते हुए , विकसित भारत@2047 के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को उजागर करती है। जीवंत गांव कार्यक्रम-II (वीवीपी-II) के बारे में प्रकार : 100% केंद्र वित्त पोषण के साथ केंद्रीय क्षेत्र योजना ( वीवीपी-I के विपरीत , जो केंद्र प्रायोजित थी )। कवरेज:  17 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में अंतर्राष्ट्रीय भूमि सीमाओं (आईएलबी)  के साथ रणनीतिक गांव ( वीवीपी-I (2023-24) के तहत कवर किए गए उत्तरी सीमा ब्लॉकों को छोड़कर )। उद्देश्य:  जीवन स्थितियों में सुधार लाना, आजीविका के अवसर - [पर्यावरण-केंद्रित दृष्टिकोण](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%a6%e0%a5%83%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%bf/): पर्यावरण-केंद्रित दृष्टिकोण समाचार में क्यों?  हाल ही में, सर्वोच्च न्यायालय ने इस बात पर प्रकाश डाला कि अंतर्राष्ट्रीय न्यायशास्त्र में, भारत मानव-केंद्रित दृष्टिकोण से पर्यावरण-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने वाला पहला देश था। समाचार पर अधिक जानकारी  भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने तेलंगाना वन्यजीव वार्डन को कांचा गाचीबोवली “वन” क्षेत्र के 100 एकड़ क्षेत्र के विनाश से प्रभावित  वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाने का निर्देश दिया। यह घटना तेलंगाना सरकार द्वारा हैदराबाद विश्वविद्यालय से सटे लगभग 400 एकड़ वन भूमि को आईटी पार्क बनाने के लिए नीलाम करने की योजना की पृष्ठभूमि में हुई, जिसके कारण छात्रों ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया। पर्यावरण-केंद्रित दृष्टिकोण - [परमाणु निरस्त्रीकरण और संधियाँ: शांति की ओर एक वैश्विक पहल](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a3%e0%a5%81-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b8/): परमाणु निरस्त्रीकरण और संधियाँ: शांति की ओर एक वैश्विक पहल परमाणु निरस्त्रीकरण और शांति बीसवीं सदी मानव इतिहास की सबसे हिंसक शताब्दियों में से एक रही है। प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध ने न केवल करोड़ों लोगों की जान ली, बल्कि यह भी सिद्ध कर दिया कि जब विज्ञान और तकनीक युद्ध के हाथों में पड़ती है तो वह विनाश का सबसे घातक साधन बन जाती है। द्वितीय विश्व युद्ध के अंत में 1945 में हिरोशिमा और नागासाकी पर अमेरिका द्वारा परमाणु बम गिराए जाने के बाद पूरी दुनिया ने परमाणु हथियारों की असली भयावहता देखी। इसके बाद से ही ‘परमाणु - [स्वास्थ्य से जुड़ी ज़रूरी जानकारियाँ: सही खानपान, व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य का महत्व](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a5%81%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%b0/): स्वास्थ्य से जुड़ी ज़रूरी जानकारियाँ: सही खानपान, व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य का महत्व एक स्वस्थ जीवन के लिए डाइट, एक्सरसाइज और मानसिक संतुलन क्यों हैं ज़रूरी?Facebook एक स्वस्थ जीवन के लिए डाइट, एक्सरसाइज और मानसिक संतुलन क्यों हैं ज़रूरी? स्वास्थ्य (Health) सिर्फ बीमारी से दूर रहना नहीं है, बल्कि शारीरिक, मानसिक और सामाजिक संतुलन बनाए रखना भी ज़रूरी है। आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में लोग अक्सर खानपान, व्यायाम और मानसिक स्वास्थ्य को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। आइए जानते हैं कुछ महत्वपूर्ण स्वास्थ्य जानकारी, जो आपके जीवन को बेहतर बना सकती है। 1. सही खानपान का महत्व संतुलित आहार में प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स और - [भिखारी ठाकुर को भारत रत्न दिये जाने की माँग](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%96%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a0%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a8/): भिखारी ठाकुर को भारत रत्न दिये जाने की माँग चर्चा में क्यों? भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने केंद्रीय गृह मंत्री से महान भोजपुरी कवि , नाटककार , गायक और समाज सुधारक भिखारी ठाकुर को मरणोपरांत भारत रत्न देने का आग्रह किया है । भिखारी ठाकुर को भारत रत्न दिए जाने की मांग का बिहार में कोई राजनीतिक विरोध नहीं है , जो उनके प्रति सभी दलों में व्यापक सम्मान को दर्शाता है। भिखारी ठाकुर के संबंध में मुख्य बातें के बारे में: भिखारी ठाकुर , जिनका जन्म 1887 में बिहार के सारण जिले के कुतुबपुर दियारा गांव में हुआ था , को अक्सर “भोजपुरी के शेक्सपियर” के रूप में जाना जाता है । बाद में वे कलकत्ता (अब कोलकाता) चले गये, जहां उन्होंने प्रवासी श्रमिकों के संघर्षों को गौर से देखा , जिसने उनके काम - [12वीं पुरुष एशिया कप हॉकी चैंपियनशिप](https://examcg.com/12%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%81%e0%a4%b7-%e0%a4%8f%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%aa-%e0%a4%b9%e0%a5%89%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%9a%e0%a5%88/): 12वीं पुरुष एशिया कप हॉकी चैंपियनशिप चर्चा में क्यों?  बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 12 वीं पुरुष एशिया कप हॉकी चैम्पियनशिप के लिए लोगो, शुभंकर और ट्रॉफी का अनावरण किया।  मुख्यमंत्री ने ट्रॉफी प्राइड जर्नी को भी हरी झंडी दिखाई, जो एक प्रतीकात्मक मशाल यात्रा है जो टूर्नामेंट तक बिहार के सभी जिलों से होकर गुजरेगी। प्रमुख बिंदु  टूर्नामेंट के बारे में: यह टूर्नामेंट 29 अगस्त 2025 ( राष्ट्रीय खेल दिवस और मेजर ध्यानचंद की जयंती ) से 7 सितंबर 2025 तक राजगीर अंतर्राष्ट्रीय स्टेडियम में होगा , यह पहली बार होगा जब बिहार इस आयोजन की मेजबानी कर रहा है।   हॉकी इंडिया और बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर के बाद बिहार का ऐतिहासिक शहर राजगीर इस आयोजन की मेजबानी करेगा ।  - [भूटान के प्रधानमंत्री का बोधगया दौरा](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a5%82%e0%a4%9f%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%be/): भूटान के प्रधानमंत्री का बोधगया दौरा चर्चा में क्यों? भूटान के प्रधानमंत्री ने बोधगया में महाबोधि मंदिर का दौरा किया , भगवान बुद्ध की प्रतिमा के समक्ष प्रार्थना की तथा पवित्र बोधि वृक्ष के नीचे ध्यान किया । महाबोधि मंदिर महाबोधि मंदिर के बारे में: महाबोधि मंदिर वह स्थान है जहां गौतम बुद्ध को बोधि वृक्ष के नीचे  ज्ञान की प्राप्ति हुई थी । मूल मंदिर का निर्माण सम्राट अशोक ने तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व में करवाया था , जबकि वर्तमान संरचना 5वीं-6वीं शताब्दी ईस्वी की है । वास्तुशिल्पीय विशेषताएँ: इस परिसर में 50 मीटर ऊंचा मुख्य मंदिर (वज्रासन) , पवित्र बोधि वृक्ष और बुद्ध के ज्ञान प्राप्ति से संबंधित छह अन्य पवित्र स्थल शामिल हैं , जो प्राचीन स्तूपों - [मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया](https://examcg.com/%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%b5%e0%a5%83%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b8-clon/): मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया चर्चा में क्यों? बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हाल ही में सर एम. विश्वेश्वरैया को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की । प्रमुख बिंदु 15 सितम्बर 1861 को कर्नाटक में जन्मे वे एक प्रख्यात इंजीनियर, विद्वान और राजनेता थे  । पुणे के इंजीनियरिंग कॉलेज से स्नातक होने के बाद वे भारत के सबसे सम्मानित इंजीनियरों में से एक बन गये। इंजीनियरिंग योगदान: उन्हें बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई परियोजनाओं में उनके अग्रणी कार्य के लिए जाना जाता है। मैसूर में कृष्णराज सागर (केआरएस) बांध के उनके डिज़ाइन ने जल भंडारण और सिंचाई में क्रांति ला दी। 1903 में उन्होंने स्वचालित जल द्वारों की एक अभिनव प्रणाली विकसित की, - [राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत पूर्णिया में सेक्स सॉर्टेड सीमेन सुविधा](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a4/): राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत पूर्णिया में सेक्स सॉर्टेड सीमेन सुविधा चर्चा में क्यों? प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार के पूर्णिया  स्थित वीर्य केन्द्र में अत्याधुनिक सेक्स सॉर्टेड सीमेन सुविधा का उद्घाटन किया। प्रमुख बिंदु सेक्स सॉर्टेड सीमेन सुविधा के बारे में: राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत 10 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता से विकसित सेक्स सॉर्टेड सीमेन सुविधा का उद्देश्य प्रति वर्ष 5 लाख खुराक की उत्पादन क्षमता के साथ डेयरी क्षेत्र को बदलना है । स्वदेशी प्रौद्योगिकी : 5 अक्टूबर 2024 को प्रधानमंत्री द्वारा लॉन्च की गई  गौसॉर्ट प्रौद्योगिकी इस सुविधा का एक महत्वपूर्ण घटक है। यह वीर्य को छांटकर 90% सटीकता के साथ मादा बछड़ों को उत्पन्न करने में सक्षम - [बिहार वृक्ष सुरक्षा दिवस](https://examcg.com/%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%b5%e0%a5%83%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7-%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b8/): बिहार वृक्ष सुरक्षा दिवस चर्चा में क्यों?  रक्षाबंधन 2025 (09 अगस्त ) के अवसर पर , बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजधानी वाटिका, पटना में एक पेड़ को राखी बांधकर और पौधे लगाकर  ‘बिहार वृक्ष सुरक्षा दिवस’ (वृक्ष संरक्षण दिवस) मनाया।  प्रमुख बिंदु  ‘बिहार वृक्ष सुरक्षा दिवस’ 13 अगस्त 2012 को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा रक्षाबंधन के अवसर पर  शुरू किया गया था ।  इसके उद्देश्यों में शामिल हैं:  पर्यावरण संरक्षण पर जन जागरूकता को बढ़ावा देना।  वृक्ष संरक्षण और बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करना।  जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को कम करना ।  राज्य में हरियाली विस्तार और इको-पर्यटन को समर्थन देना।  सरकार जल-जीवन-हरियाली जैसी योजनाओं और जन जागरूकता अभियानों के माध्यम से बड़े - [बिहार में ऑपरेशन नया सवेरा](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b7-2/): बिहार में ऑपरेशन नया सवेरा चर्चा में क्यों? मानव तस्करी के विरुद्ध विश्व दिवस (30 जुलाई) के अवसर पर, बिहार पुलिस मुख्यालय ने ‘ऑपरेशन नया सवेरा‘ शुरू किया, जो शोषणकारी क्षेत्रों से तस्करी पीड़ितों, विशेष रूप से नाबालिगों को बचाने और पुनर्वास करने के लिये एक प्रमुख अभियान है। मानव तस्करी के विरुद्ध विश्व दिवस 2025 की थीम है- “मानव तस्करी संगठित अपराध है- शोषण समाप्त करें।” मुख्य बिंदु ऑपरेशन नया सवेरा के बारे में: यह एक पंद्रह दिवसीय अभियान है (31 जुलाई से 14 अगस्त 2025), जिसका उद्देश्य मानव तस्करी, बाल श्रम, देह व्यापार और ऑर्केस्ट्रा समूहों में शोषण के शिकार व्यक्तियों को बचाना तथा पुनर्वासित करना है। इसका आयोजन बिहार पुलिस के - [भारत में जीआई टैग (भौगोलिक संकेत): नवीनतम सूची 2024 - यूपीएससी नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%86%e0%a4%88-%e0%a4%9f%e0%a5%88%e0%a4%97-%e0%a4%ad%e0%a5%8c%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%95/): भारत में जीआई टैग (भौगोलिक संकेत): नवीनतम सूची 2024 – यूपीएससी नोट्स   पाठ्यक्रम सामान्य अध्ययन पेपर I यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के लिए विषय प्रमुख भारतीय जीआई, जीआई अधिनियम 1999, ट्रिप्स समझौता यूपीएससी मुख्य परीक्षा के लिए विषय सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और आर्थिक स्थिरता को बढ़ावा देने में जीआई टैग का महत्व, वस्तुओं के भौगोलिक संकेत (पंजीकरण और संरक्षण) अधिनियम, 1999, जीआई टैग को बढ़ावा देने और स्थानीय उत्पादों के हितों की रक्षा के लिए सरकार की नीतियां और योजनाएं भारत में 2024 में GI टैग (GI Tags in India 2024 in Hindi) पारंपरिक उत्पादों की विशिष्ट पहचान की रक्षा करने - [जीआई-टैग वाली स्थानीय फसल को बढ़ावा देने के लिए मणिपुर ने हथेई मिर्च महोत्सव की मेजबानी की](https://examcg.com/%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%86%e0%a4%88-%e0%a4%9f%e0%a5%88%e0%a4%97-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%ab%e0%a4%b8%e0%a4%b2/): जीआई-टैग वाली स्थानीय फसल को बढ़ावा देने के लिए मणिपुर ने हथेई मिर्च महोत्सव की मेजबानी की 14वाँ सिराराखोंग हथई मिर्च महोत्सव मणिपुर के उखरूल ज़िले के सिराराखोंग गाँव में धूमधाम से उद्घाटित हुआ। तीन दिवसीय यह उत्सव भौगोलिक संकेत (GI) टैग प्राप्त हथई मिर्च को समर्पित है, जो अपनी अनोखी सुगंध, स्वाद और चमकदार लाल रंग के लिए प्रसिद्ध है। GI टैग मिलने से हथई मिर्च को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है और यह मणिपुर की विशिष्ट कृषि पहचान का प्रतीक बन चुकी है। प्रमुख आकर्षण ध्वजारोहण समारोह मणिपुर की विरासत को दर्शाते सांस्कृतिक कार्यक्रम किसानों के लिए प्रत्यक्ष बाज़ार - [कार्लोस अल्काराज़ ने 2025 फ्रेंच ओपन फाइनल में ऐतिहासिक वापसी की जीत](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%b8-%e0%a4%85%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%bc-%e0%a4%a8%e0%a5%87-2025-%e0%a4%ab%e0%a5%8d%e0%a4%b0/): कार्लोस अल्काराज़ ने 2025 फ्रेंच ओपन फाइनल में ऐतिहासिक वापसी की जीत osted by   असाधारण दृढ़ता और कौशल का प्रदर्शन करते हुए स्पेन के कार्लोस अल्काराज़ ने इटली के जानिक सिनर को हराकर फ्रेंच ओपन इतिहास का सबसे लंबा फाइनल जीत लिया, जो 5 घंटे 29 मिनट तक चला। दो सेट से पीछे और तीन मैच प्वाइंट का सामना करते हुए, अल्काराज़ ने टेनिस इतिहास की सबसे शानदार वापसी में से एक करते हुए 4-6, 6-7(4), 6-4, 7-6(3), 7-6(10-2) से जीत हासिल की। यह जीत न केवल उनका लगातार दूसरा फ्रेंच ओपन खिताब है, बल्कि उनका पांचवां ग्रैंड स्लैम खिताब भी है, जिससे वे टेनिस की नई पीढ़ी के सबसे प्रतिभाशाली सितारों में से - [मध्य प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन बोर्ड का पुरस्कार मिला](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b7/): मध्य प्रदेश को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन बोर्ड का पुरस्कार मिला चर्चा में क्यों? केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने नई दिल्ली में इंडिया ट्रैवल अवार्ड्स 2025 में मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड (MPTB) को सर्वश्रेष्ठ राज्य पर्यटन बोर्ड का पुरस्कार प्रदान किया। मुख्य बिंदु पुरस्कार के बारे में:  यह पुरस्कार मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड (MPTB) के पर्यटन क्षेत्र में असाधारण योगदान को सम्मानित करने के लिये प्रदान किया गया है, जिसमें नवाचार, उत्कृष्टता और सतत् विकास पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। वर्ष 2017 में स्थापित, मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड सार्वजनिक-निजी भागीदारी, सतत् विकास, निवेशकों के लिये सुगमता, कौशल विकास और पर्यटन स्थलों के वैश्विक प्रचार के माध्यम से राज्य में पर्यटन को बढ़ावा - [हिमाचल प्रदेश करेंट अफेयर्स](https://examcg.com/%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a4%b2-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%9f-%e0%a4%85%e0%a4%ab%e0%a5%87%e0%a4%af/): हिमाचल प्रदेश करेंट अफेयर्स Q.1. हाल ही में किस राज्य ने विद्यालयों और महाविद्यालयों में अगले शैक्षणिक सत्र से बागबानी (Horticulture) को व्यावसायिक विषय के रूप में शुरू करने का निर्णय लिया है? (Recently, which state has decided to introduce Horticulture as a vocational subject in schools and colleges from the next academic session?)a) हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) b) उत्तराखंड (Uttarakhand)c) पंजाब (Punjab)d) हरियाणा (Haryana) Q.2. राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) की जुलाई 2025 रिपोर्ट के अनुसार, किस राज्य ने उपभोक्ता शिकायत निवारण में 150% निपटान दर (disposal rate) हासिल की और टॉप-4 राज्यों में शामिल हुआ? (According to the July - [प्रधानमंत्री ने बिहार में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड का शुभारंभ किया](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87/): प्रधानमंत्री ने बिहार में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड का शुभारंभ किया चर्चा में क्यों? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय बजट 2025 पहल  के तहत बिहार के पूर्णिया में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड का उद्घाटन किया। प्रमुख बिंदु विषय में: इस नए बोर्ड का उद्देश्य मखाना क्षेत्र को मजबूत करना , इसके उत्पादन और प्रसंस्करण को बढ़ाना और वैश्विक स्तर पर इसके निर्यात की पहुंच का विस्तार करना है।  लागत : सरकार ने इन प्रयासों को समर्थन देने के लिए 475 करोड़ रुपये के विकास पैकेज को मंजूरी दी है। फोकस क्षेत्र: राष्ट्रीय मखाना बोर्ड इस क्षेत्र के विकास के प्रमुख पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करने के लिए तैयार है: उत्पादन मानकों को बढ़ाना कटाई के बाद - [आत्म-सम्मान आंदोलन: आंदोलन की शताब्दी](https://examcg.com/%e0%a4%86%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%ae-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%86%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%a8-%e0%a4%86%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%b2/): Table of Contents आत्म-सम्मान आंदोलन: आंदोलन की शताब्दी वर्ष 2025 आधुनिक भारतीय इतिहास के सबसे परिवर्तनकारी सामाजिक सुधार आंदोलनों में से एक, आत्म-सम्मान आंदोलन की शताब्दी वर्षगाँठ मनाएगा। अधिक जानकारी के लिए यहाँ पढ़ें। ई.वी. रामासामी “पेरियार” द्वारा 1925 में तमिलनाडु में शुरू किए गए इस आंदोलन का उद्देश्य ब्राह्मणवादी परंपराओं के प्रभुत्व को चुनौती देना, जातिगत पदानुक्रम को खत्म करना तथा हाशिए पर पड़े समुदायों में तर्कवाद, समानता और आत्म-सम्मान को बढ़ावा देना था। इसने तमिलनाडु में एक गहन विरासत छोड़ी, जिसने न केवल समाज को बल्कि राजनीति, संस्कृति और लैंगिक संबंधों को भी बदल दिया, तथा द्रविड़ आंदोलन की नींव रखी, - [यूरोपीय प्रवासी संकट या शरणार्थी संकट](https://examcg.com/%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%9f-%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b6/): यूरोपीय प्रवासी संकट या शरणार्थी संकट यूरोपीय प्रवासी संकट, जिसे शरणार्थी संकट के नाम से भी जाना जाता है, एक ऐसा दौर था जब बड़ी संख्या में लोग मुख्य भूमि यूरोप में आ रहे थे। ये शरणार्थी मुख्यतः मध्य-पूर्व और उत्तरी अफ्रीका से थे, जो इन क्षेत्रों में व्याप्त संघर्षों से बचकर भाग रहे थे। अभ्यर्थियों को आईएएस परीक्षा में यह विषय बहुत उपयोगी लगेगा । निम्नलिखित लिंक के साथ अपनी UPSC 2021 की तैयारी को पूरा करें: यूपीएससी परीक्षा के लिए रणनीति लेख सामयिकी दैनिक समाचार विश्लेषण पीआईबी का सर्वश्रेष्ठ यूपीएससी पाठ्यक्रम यूरोपीय शरणार्थी संकट का अवलोकन प्रवासी संकट, अन्य महाद्वीपों से यूरोपीय संघ में बढ़ते - [अरब स्प्रिंग](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a4%ac-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%97/): अरब स्प्रिंग अरब स्प्रिंग सरकार विरोधी प्रदर्शनों, विद्रोहों और सशस्त्र विद्रोहों की एक श्रृंखला थी जो 2010 के दशक के प्रारंभ में अरब दुनिया के अधिकांश हिस्सों में फैल गयी थी। चूंकि इनमें से अधिकांश विद्रोह 2011 के वसंत में हुए थे, इसलिए ‘अरब स्प्रिंग’ नाम गढ़ा गया। अरब स्प्रिंग के सामाजिक और राजनीतिक उथल-पुथल के प्रभाव, उसके समाप्त होने के वर्षों बाद भी आज तक महसूस किये जाते हैं। यह लेख सिविल सेवा परीक्षा के संदर्भ में अरब स्प्रिंग के बारे में विवरण देगा। अरब स्प्रिंग का अवलोकन अरब स्प्रिंग, विरोध प्रदर्शनों की एक श्रृंखला थी, जिसके परिणामस्वरूप ट्यूनीशिया, मिस्र और - [गर्रा नंबाशिएंसिस](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a4%82%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%8f%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%b8/): गर्रा नंबाशिएंसिस गर्रा नम्बाशिएंसिस मीठे पानी की मछली की एक नई प्रजाति है जो लेबियोनीन परिवार से संबंधित है। गर्रा नम्बाशिएंसिस, खोज, परिवार, नवीनतम समाचारों के बारे में और पढ़ें Garra nambashiensis Latest News शोधकर्ताओं ने हाल ही में मणिपुर में मीठे पानी की मछली की एक नई प्रजाति, गर्रा नम्बाशिएंसिस की खोज की है। Garra nambashiensis के बारे में यह मीठे पानी की मछली की एक नई प्रजाति है जो लेबेओनीन परिवार से संबंधित है। इसकी खोज मणिपुर के कामजोंग जिले में नंबाशी घाटी के पास चिंदविन नदी की सहायक नदी तारेतलोक में की गई । इसे “तेज गति से बहने वाली नदियों (नदी या धारा के उथले हिस्से) से एकत्र - [डोंगशा द्वीप समूह](https://examcg.com/%e0%a4%a1%e0%a5%8b%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%b6%e0%a4%be-%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%aa-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%82%e0%a4%b9/): डोंगशा द्वीप समूह डोंगशा द्वीप समूह, जिसे प्रतास द्वीप समूह भी कहा जाता है, दक्षिण चीन सागर के उत्तरी भाग में स्थित तीन द्वीपों का एक छोटा समूह है। डोंगशा द्वीप समूह, स्थान, क्षेत्र, नियंत्रण, नवीनतम समाचारों के बारे में और पढ़ें। डोंगशा द्वीप समूह की ताज़ा खबरें ताइवान के तटरक्षक प्रशासन (सीजीए) ने हाल ही में पुष्टि की है कि उसने डोंगशा द्वीप के निकट सक्रिय एक चीनी तटरक्षक जहाज और एक चीनी मछली पकड़ने वाली नाव को पीछे हटाने के लिए जहाज भेजे हैं। डोंगशा द्वीप समूह के बारे में डोंगशा द्वीप, जिसे प्रतास द्वीप भी कहा जाता है, दक्षिण चीन - [व्यक्तिगत सविनय अवज्ञा](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%97%e0%a4%a4-%e0%a4%b8%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a4%af-%e0%a4%85%e0%a4%b5%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be/): व्यक्तिगत सविनय अवज्ञा पृष्ठभूमि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जब ब्रिटिश सरकार भारतीयों की मांगों पर कोई प्रतिक्रिया देने में विफल रही, तो सविनय अवज्ञा शुरू करने के बारे में कांग्रेस में दो राय थी । गांधीजी ने महसूस किया कि माहौल सविनय अवज्ञा के पक्ष में नहीं था क्योंकि कांग्रेस के भीतर मतभेद और अनुशासनहीनता थी। सविनय अवज्ञा की वकालत करने वाले लोग गांधीजी को यह समझाने का प्रयास कर रहे थे कि एक बार आंदोलन शुरू हो जाने पर मतभेद मिट जाएंगे और सभी लोग इसकी सफलता के लिए काम करेंगे। 1940 के रामगढ़ कांग्रेस अधिवेशन में लोगों से गांधीजी के नेतृत्व में शुरू किये जाने वाले सत्याग्रह - [अगस्त प्रस्ताव, 1940](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%97%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b5-1940/): अगस्त प्रस्ताव, 1940 पृष्ठभूमि 1939 के अंत में, द्वितीय विश्व युद्ध छिड़ गया। जर्मनी ने पोलैंड पर आक्रमण कर दिया था, जिसके कारण ब्रिटेन ने जर्मनी के विरुद्ध युद्ध की घोषणा कर दी। भारतीयों से परामर्श किए बिना , ब्रिटेन ने भारत को युद्ध में घसीट लिया, जिससे भारतीय राजनीतिक समूह नाराज़ हो गए। उस समय की प्रमुख राजनीतिक ताकत, भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, उम्मीद के मुताबिक खुश नहीं थी; उसने एकतरफा फैसले की निंदा की , युद्ध में भारत के सहयोग से इनकार कर दिया, और अपनी पार्टी के निर्वाचित विधायकों को प्रांतीय सरकारों से इस्तीफा देने का निर्देश दिया। अंग्रेज़ जानते थे कि युद्ध प्रयासों में भारतीयों से दीर्घकालिक, स्थिर - [द्वितीय विश्व युद्ध और भारतीय राष्ट्रवाद](https://examcg.com/%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%ad%e0%a4%be/): द्वितीय विश्व युद्ध और भारतीय राष्ट्रवाद परिचय द्वितीय विश्व युद्ध (1939-1945) के दौरान, भारत ब्रिटिश साम्राज्य का हिस्सा था, और उन्होंने 1939 में नाजी जर्मनी के खिलाफ आधिकारिक तौर पर युद्ध की घोषणा की । वायसराय लिनलिथगो ने भारतीय राजनेताओं से परामर्श किए बिना ही घोषणा कर दी कि भारत जर्मनी के साथ युद्ध में है परिणामस्वरूप, ग्रेट ब्रिटेन के अधीन ब्रिटिश राज, मित्र राष्ट्रों का हिस्सा बन गया और उसने धुरी शक्तियों के विरुद्ध ब्रिटिश कमान के तहत लड़ने के लिए दो मिलियन से अधिक स्वयंसेवक सैनिक भेजे। इसके अतिरिक्त, कई भारतीय रियासतों ने युद्ध के दौरान मित्र राष्ट्रों के अभियान को समर्थन देने के लिए बड़े पैमाने पर - [कांग्रेस मंत्रियों का इस्तीफा, 1939](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b8-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%b8/): कांग्रेस मंत्रियों का इस्तीफा, 1939  1939 में कांग्रेस मंत्रिमंडलों के इस्तीफे के कारण निम्नलिखित थे: सांप्रदायिक दलों द्वारा प्रचार सांप्रदायिक पार्टियों द्वारा कांग्रेस के खिलाफ दुर्भावनापूर्ण प्रचार किया गया। उन्होंने कांग्रेस पर अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभाव का आरोप लगाया, लेकिन ऐसा प्रचार तथ्यात्मक आधार पर न होकर राजनीतिक और सांप्रदायिक कारणों से किया गया। अवसरवादियों ने लाभ उठाकर कार्यालय पर कब्ज़ा कर लिया इस समय, कई अवसरवादी लोग पद का लाभ लेने के लिए कांग्रेस में शामिल हो गए। कांग्रेस ऐसे चरित्रों से परिचित थी और गांधीजी ने अपने अखबार हरिजन में कांग्रेस में भ्रष्टाचार के बारे में खुलकर लिखा था। - [अहोम साम्राज्य के जनरल लचित बोरफुकन - यूपीएससी परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%ae-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%b0%e0%a4%b2-%e0%a4%b2%e0%a4%9a/): अहोम साम्राज्य के जनरल लचित बोरफुकन – यूपीएससी परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य जनरल लचित बोरफुकन (General Lachit Borphukan in Hindi) का जन्म 24 नवंबर, 1622 को असम के चराइदेव में हुआ था। जनरल लचित बोरफुकन (General Lachit Borphukan) अहोम साम्राज्य का एक सेनापति था जो वर्तमान असम, भारत में स्थित था। उन्हें 1671 में सरायघाट की लड़ाई में उनके नेतृत्व के लिए जाना जाता था, जिसने अहोम साम्राज्य पर कब्जा करने के लिए रामसिंह प्रथम की कमान के तहत मुगल सेना द्वारा किए गए प्रयासों को विफल कर दिया था। इसके करीब एक साल बाद बीमारी के कारण उनका निधन हो गया। आज तक जनरल लचित बोरफुकन - [पेशवा माधव राव - यूपीएससी के लिए मध्यकालीन इतिहास नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a7%e0%a4%b5-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b5-%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%b8%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%95/): पेशवा माधव राव – यूपीएससी के लिए मध्यकालीन इतिहास नोट्स आइए पेशवा माधव राव (Peshwa Madhav Rao I in Hindi) प्रथम के बारे में एक संक्षिप्त परिचय के साथ शुरू करते हैं। जून 1761 में, उन्हें पानीपत के संघर्ष और उनके पिता बालाजी बाजी राव (नाना साहब) की मृत्यु के बाद, 16 साल की उम्र में मराठा का नौवां पेशवा नियुक्त किया गया था। उन्होंने अपने छोटे से शासनकाल में बहुत कुछ हासिल किया। उनके शासन के तहत, मराठा साम्राज्य ने अपनी क्षेत्रीय संप्रभुता को पानीपत की तीसरी लड़ाई, 1761 में हुए भारी नुकसान से बहाल किया। यह मराठा साम्राज्य और अहमद - [पेशवा बालाजी विश्वनाथ : यूपीएससी परीक्षा के लिए मराठा गृहयुद्ध के दौरान उनकी भूमिका](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%af%e0%a5%82/): पेशवा बालाजी विश्वनाथ : यूपीएससी परीक्षा के लिए मराठा गृहयुद्ध के दौरान उनकी भूमिका बालाजी विश्वनाथ भट (1662-1720) भट परिवार के पहले वंशानुगत पेशवा थे। पेशवा बालाजी विश्वनाथ (Peshwa Balaji Vishwanath) ने 18वीं शताब्दी में मराठा साम्राज्य को प्रभावी ढंग से अपने कब्जे में ले लिया। युवा मराठा शासक शाहू को पेशवा बालाजी विश्वनाथ (Peshwa Balaji Vishwanath in Hindi) से एक ऐसे राज्य पर अपनी पकड़ मजबूत करने में मदद मिली, जो औरंगजेब के अधीन नागरिक संघर्ष और लगातार मुगल घुसपैठ से त्रस्त था। पेशवा बालाजी विश्वनाथ (Peshwa Balaji Vishwanath in Hindi) को मराठा राज्य के दूसरे संस्थापक के रूप में जाना जाता था। राजा द्वारा उनकी व्यावहारिक सलाह - [महात्मा गांधी और रवींद्रनाथ टैगोर के राष्ट्रवाद में अंतर -  यूपीएससी परीक्षा के लिए आधुनिक इतिहास नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%80-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0/): महात्मा गांधी और रवींद्रनाथ टैगोर के राष्ट्रवाद में अंतर –  यूपीएससी परीक्षा के लिए आधुनिक इतिहास नोट्स महात्मा गांधी और रवींद्रनाथ टैगोर दोनों के अलग-अलग विचार थे कि राष्ट्रवाद का मूल्यांकन और अभ्यास कैसे किया जाना चाहिए। गांधी के राष्ट्रवाद का विचार समाज के सभी स्तरों पर आत्मनिर्भर होना है जबकि टैगोर का राष्ट्रवाद का विचार यह है कि यह एक मृगतृष्णा के रूप में है, जिसके पीछे एक राष्ट्र को हमेशा नहीं चलना चाहिए। टैगोर ने यह भी महसूस किया कि साम्राज्यवाद राष्ट्रवाद की अभिव्यक्ति है। महात्मा गांधी और रवींद्रनाथ टैगोर के राष्ट्रवाद में अंतर (Difference in Nationalism of Mahatma Gandhi - [बंगाल सल्तनत : सिविल सेवा परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण इतिहास नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a4%a4-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%aa/): बंगाल सल्तनत : सिविल सेवा परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण इतिहास नोट्स  14वीं और 16वीं शताब्दी के बीच, बंगाल सल्तनत (Bengal Sultanate in Hindi) के रूप में जाना जाने वाला एक स्वतंत्र राज्य में बांग्लादेश के वर्तमान राष्ट्र, भारत में पश्चिम बंगाल और म्यांमार में रखाइन शामिल थे। पूरे क्षेत्र में फैले टकसाल कस्बों के एक नेटवर्क के साथ, बंगाल सल्तनत (Bengal Sultanate) गंगा-ब्रह्मपुत्र डेल्टा में प्रमुख शक्ति थी। बंगाल सल्तनत (Bengal Sultanate in Hindi) यूपीएससी परीक्षा के लिए इतिहास विषय में अंतर्गत सबसे महत्वपूर्ण टॉपिक्स में से एक है। इस लेख में, हम बंगाल सल्तनत (Bengal Sultanate Hindi me), बंगाल सल्तनत के इतिहास, शासकों, बंगाल सल्तनत के प्रशासनिक और सैन्य, - [ईश्वर चंद्र विद्यासागर: जीवन, योगदान और साहित्यिक कार्य - यूपीएससी नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%88%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%b0-%e0%a4%9a%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%b0-%e0%a4%9c/): ईश्वर चंद्र विद्यासागर: जीवन, योगदान और साहित्यिक कार्य – यूपीएससी नोट्स   ईश्वर चंद्र विद्यासागर (Ishwar Chandra Vidyasagar in Hindi) बंगाल के विद्वान, शिक्षक, लेखक और परोपकारी थे। ईश्वर चंद्र विद्यासागर उन्नीसवीं सदी में एक उल्लेखनीय कार्यकर्ता और विचारक थे। एक प्रसिद्ध विद्वान और सुधारक के रूप में, उनके विचारों में भारतीय और पश्चिमी दोनों आदर्श शामिल थे। ईश्वर चंद्र विद्यासागर संस्कृत कॉलेज के प्राचार्य थे और उन्होंने शास्त्र ज्ञान पर पुरोहितों के एकाधिकार को समाप्त करने के अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए गैर-ब्राह्मणों के लिए संस्कृत कॉलेज खोला। ईश्वर चंद्र विद्यासागर भारत के आधुनिक इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण टॉपिक्स में से एक है और यह - [कठिन भावनाओं को स्वीकार करने से भावनात्मक स्वास्थ्य में कैसे सुधार हो सकता है](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%a0%e0%a4%bf%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%93%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%95/): कठिन भावनाओं को स्वीकार करने से भावनात्मक स्वास्थ्य में कैसे सुधार हो सकता है आपकी भावनाएँ आपको जीवन में मार्गदर्शन करने के लिए उपयोगी जानकारी प्रदान करती हैं  अपनी सबसे ऊर्जावान सांस पाने के लिए माइंडफुल मेडिटेशन दर्दनाक, अतिवादी और कभी-कभी डरावनी भावनाओं से निपटना मुश्किल होता है। हालाँकि, अपनी भावनाओं को स्वीकार करने से आपकी भावनात्मक स्थिति बेहतर हो सकती है , मूड स्विंग कम होंगे और भावनात्मक संतुलन बेहतर होगा। बॉर्डरलाइन पर्सनालिटी डिसऑर्डर (बीपीडी) और अन्य मानसिक विकारों से ग्रस्त लोगों को , जिनमें तीव्र भावनात्मक अनुभव शामिल होते हैं, भावनाओं को स्वीकार करने में कठिनाई होती है। वे उन - [सकारात्मक सोच की शक्ति](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a5%8b%e0%a4%9a-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b6%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf/): सकारात्मक सोच की शक्ति  अपनी सबसे ऊर्जावान सांस पाने के लिए माइंडफुल मेडिटेशन क्या आप गिलास को आधा खाली या आधा भरा हुआ देखते हैं? आपने यह सवाल शायद कई बार सुना होगा। आपका जवाब सीधे तौर पर सकारात्मक सोच की अवधारणा से जुड़ा है और इस बात से भी कि जीवन के प्रति आपका दृष्टिकोण सकारात्मक है या नकारात्मक। आप अपने जीवन को जिस तरह देखते हैं, उसका आपके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य, दोनों पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है। सकारात्मक सोच सकारात्मक मनोविज्ञान में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है , जो लोगों को खुश और संतुष्ट बनाने वाले तत्वों के अध्ययन - [लिली थॉमस द्विविवाह मामला](https://examcg.com/%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%a5%e0%a5%89%e0%a4%ae%e0%a4%b8-%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b9-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%b2/): लिली थॉमस द्विविवाह मामला सर्वोच्च न्यायालय के कई फैसलों ने भारतीय राजनीति और कानून को गहराई से प्रभावित किया है। ये ऐतिहासिक फैसले यूपीएससी पाठ्यक्रम के बहुत महत्वपूर्ण खंड हैं । इस श्रृंखला में, हम आईएएस उम्मीदवारों के लाभ के लिए, सर्वोच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण फैसलों की व्याख्या और विश्लेषण प्रस्तुत कर रहे हैं। इस लेख में, आप लिली थॉमस द्विविवाह मामले के बारे में सब कुछ पढ़ सकते हैं। लिंक किए गए लेख में UPSC परीक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसलों की सूची प्राप्त करें । लिली थॉमस द्विविवाह मामला यूपीएससी नोट्स:- पीडीएफ यहां से डाउनलोड करें लिली थॉमस द्विविवाह मामला केस - [भारतीय राष्ट्रीय सेना (INA): आज़ाद हिंद फ़ौज की स्थापना और योगदान](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a4%be-ina-%e0%a4%86%e0%a4%9c/): भारतीय राष्ट्रीय सेना (INA): आज़ाद हिंद फ़ौज की स्थापना और योगदान आईएनए का पूरा नाम (INA ka full form) इंडियन नेशनल आर्मी (आज़ाद हिंद फौज) है, जिसे फ्री इंडियन आर्मी के नाम से भी जाना जाता है। यह द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 1942 में भारतीय राष्ट्रवादियों द्वारा गठित एक सशस्त्र सेना थी। आज़ाद हिंद फौज के संस्थापक नेताजी सुभाष चंद्र बोस थे। आईएनए (INA) को शुरुआत में जापानी साम्राज्य का समर्थन प्राप्त था। हालाँकि, बाद में यह भारतीय स्वतंत्रता के लिए लड़ने वाली एक स्वतंत्र सेना बन गई। यह लेख यूपीएससी परीक्षा के लिए आईएनए के बारे में महत्वपूर्ण ऐतिहासिक तथ्य प्रस्तुत करता है। आप यूपीएससी के लिए टेस्टबुक की प्रमुख वैकल्पिक इतिहास - [कैप्टन लक्ष्मी सहगल 1914-2012 : उपलब्धियां, भारतीय सेना में उनके प्रमुख योगदान यूपीएससी के लिए](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%a8-%e0%a4%b2%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%b9%e0%a4%97%e0%a4%b2-1914-2012-%e0%a4%89%e0%a4%aa%e0%a4%b2/): कैप्टन लक्ष्मी सहगल 1914-2012 : यूपीएससी के लिए उपलब्धियां, भारतीय सेना में उनके प्रमुख योगदान 1914 से 2012 तक जीवित रहने वाली कैप्टन लक्ष्मी सहगल (Captain Lakshmi Sehgal) भारतीय स्वतंत्रता की लड़ाई में क्रांतिकारी थीं। कैप्टन लक्ष्मी सहगल (Captain Lakshmi Sehgal in Hindi) ने आज़ाद हिंद फौज या भारतीय राष्ट्रीय सेना (INA) में एक अधिकारी के रूप में कार्य किया। कैप्टन लक्ष्मी सहगल (Captain Lakshmi Sehgal in Hindi) को अक्सर भारत में कैप्टन लक्ष्मी के रूप में जाना जाता है। यह नाम उन्हें द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बर्मा में कब्जा किए जाने वाले पद के लिए उन्हें एक संकेत के रूप में दिया गया था। यूपीएससी प्रीलिम्स सिलेबस और यूपीएससी मेन्स - [रियासतों का एकीकरण - कारण, रियासतों की सूची, सरदार पटेल की भूमिका](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%a4%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%8f%e0%a4%95%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%b0/): रियासतों का एकीकरण – कारण, रियासतों की सूची, सरदार पटेल की भूमिका देशी रियासतों का एकीकरण महत्वपूर्ण था (Desi Riyasaton Ka Ekikaran Mahatvpurn Tha) – रियासतों का एकीकरण भारत की स्वतंत्रता के बाद की सुदृढ़ता में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुआ। 1947 में जब भारत को ब्रिटिश आधिपत्य से आज़ादी मिली, तो भारतीय उपमहाद्वीप दो अलग-अलग क्षेत्रीय संरचनाओं में बँटा हुआ था: एक में सीधे ब्रिटिश शासित क्षेत्र शामिल थे, और दूसरे में रियासतें शामिल थीं – ब्रिटिश राजशाही के अधीन अर्ध-स्वायत्त क्षेत्र। हालाँकि इन रियासतों को आंतरिक प्रशासन के मामलों में स्वायत्तता प्राप्त थी, लेकिन वे कानूनी रूप से ब्रिटिश भारत का हिस्सा नहीं थीं। उस - [छह दिवसीय युद्ध (1967) : इज़राइल और अरब राज्यों के बीच तीसरे महत्वपूर्ण सैन्य संघर्ष](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%b9-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-1967-%e0%a4%87%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%b2/): छह दिवसीय युद्ध (1967) : इज़राइल और अरब राज्यों के बीच तीसरे महत्वपूर्ण सैन्य संघर्ष जून 1967 में इज़राइल और मिस्र, सीरिया और जॉर्डन के अरब राष्ट्र एक त्वरित लेकिन विनाशकारी युद्ध में शामिल हुए, जिसे छह दिवसीय युद्ध (1967) [Six Day War (1967) in Hindi]  के रूप में जाना जाता है। छह दिवसीय युद्ध (1967) [Six Day War (1967)] को ‘1967 का युद्ध’, ‘जून युद्ध’, ‘तीसरा अरब-इजरायल युद्ध’, ‘द सेटबैक’, ‘हार्ब 1967‘ या ‘1967 अरब-इजरायल युद्ध’ के नाम से भी जाना जाता है। छह दिवसीय युद्ध (1967) [Six Day War (1967) in Hindi] में इज़राइल की हार की गंभीरता से अरब दुनिया भयभीत थी, जिसने देखा कि इज़राइल एक प्रमुख क्षेत्रीय - [योम किप्पुर युद्ध (1973) - यूपीएससी परीक्षा के लिए आधुनिक इतिहास नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-1973-%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%8f/): योम किप्पुर युद्ध (1973) – यूपीएससी परीक्षा के लिए आधुनिक इतिहास नोट्स योम किप्पुर युद्ध 1973 (Yom Kippur War 1973) 6 अक्टूबर 1973 से 25 अक्टूबर 1973 तक लड़ा गया था। योम किप्पुर युद्ध 1973 (Yom Kippur War 1973 in Hindi) को 1973 अरब इज़राइल युद्ध के रूप में भी जाना जाता है। योम किप्पुर युद्ध 1973 (Yom Kippur War 1973 in Hindi) 1948 से अरब इज़राइल संघर्ष का एक हिस्सा था जब इज़राइल राज्य का गठन हुआ था। युद्ध एक हमले के साथ शुरू हुआ जो यहूदी वर्ष के अपने सबसे पवित्र दिन योम किप्पुर पर इजरायल के खिलाफ एक समन्वित हमला किया। योम किप्पुर युद्ध 1973 (Yom Kippur War 1973 in Hindi) टॉपिक यूपीएससी आईएएस - [भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी - यूपीएससी के लिए इसके महत्व, भारत की प्रगति और चुनौतियाँ](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%8f%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%88%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%aa%e0%a5%89%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%af/): भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी – यूपीएससी के लिए इसके महत्व, भारत की प्रगति और चुनौतियाँ भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी (Act East Policy of India) विभिन्न स्तरों पर विशाल एशिया-प्रशांत क्षेत्र के साथ आर्थिक, रणनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देने के लिए एक राजनयिक दृष्टिकोण है। भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी (Act East Policy of India in Hindi) नवंबर 2014 में 12वें आसियान-भारत शिखर सम्मेलन 2014 में शुरू की गई थी। म्यांमार में एक्ट ईस्ट पॉलिसी, लुक ईस्ट पॉलिसी का उत्तराधिकारी है जिसे 1992 में अधिनियमित किया गया था। लुक ईस्ट के विपरीत, जो आसियान देशों के साथ आर्थिक सहयोग पर केंद्रित था, भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी (Act East - [आशुगंज बंदरगाह - यूपीएससी परीक्षा के लिए भारत बांग्लादेश संबंध नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%86%e0%a4%b6%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a4%82%e0%a4%9c-%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%b9-%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%b8%e0%a4%b8%e0%a5%80/): आशुगंज बंदरगाह – यूपीएससी परीक्षा के लिए भारत बांग्लादेश संबंध नोट्स आशुगंज बंदरगाह (Ashuganj Port in Hindi) भारत-बांग्लादेश वाणिज्यिक संबंधों में एक महत्वपूर्ण क्षण का प्रतिनिधित्व करता है। आशुगंज बंदरगाह (Ashuganj Port in Hindi) पूर्वी बांग्लादेश के बंगाल डेल्टा में एक प्रमुख औद्योगिक नदी बंदरगाह है। आशुगंज बंदरगाह (Ashuganj Port) पूर्वी दक्षिण एशिया में प्रमुख ट्रांसशिपमेंट केंद्रों में से एक है। बांग्लादेश के माध्यम से भारत के विभिन्न हिस्सों के बीच कार्गो परिवहन को सुविधाजनक बनाने में आशुगंज बंदरगाह (Ashuganj Port in Hindi) के महत्वपूर्ण महत्व के कारण इसे पोर्ट ऑफ कॉल (Port of Call) के रूप में नामित किया गया है। आशुगंज बंदरगाह पूर्वी बांग्लादेश में एक लोकप्रिय नदी बंदरगाह - [स्वतंत्रता बाद भारत - यूपीएससी परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण इतिहास नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%a4%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%aa%e0%a5%80/): स्वतंत्रता बाद भारत – यूपीएससी परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण इतिहास नोट्स स्वतंत्रता बाद भारत (India After Independence) की नींव 15 अगस्त, 1947 से शुरू हुई, जब देश ने ब्रिटिश राष्ट्रमंडल के भीतर अपनी स्वतंत्रता प्राप्त की। 1858 से शुरू होकर, प्रत्यक्ष ब्रिटिश शासन का उपमहाद्वीप के राजनीतिक और आर्थिक एकीकरण पर प्रभाव पड़ा। 1947 में ब्रिटिश औपनिवेशिक सत्ता समाप्त होने के बाद, भारत ने 15 अगस्त, 2021 को अपना 74वां स्वतंत्रता दिवस मनाया और 2022 में अपना 75वां स्वतंत्रता दिवस मनाया। स्वतंत्रता बाद भारत (India After Independence in Hindi) UPSC IAS परीक्षा की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए एक महत्वपूर्ण विषय है। स्वतंत्रता बाद भारत (India After Independence in Hindi) टॉपिक यूपीएससी - [अक्टूबर घोषणापत्र - यूपीएससी परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण विश्व इतिहास नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%82%e0%a4%ac%e0%a4%b0-%e0%a4%98%e0%a5%8b%e0%a4%b7%e0%a4%a3%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%8f/): अक्टूबर घोषणापत्र – यूपीएससी परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण विश्व इतिहास नोट्स   अक्टूबर घोषणापत्र (October Manifesto in Hindi) को आधिकारिक तौर पर “राज्य व्यवस्था के सुधार पर घोषणापत्र (Declaration on the Reform of the State System)” के रूप में जाना जाता है। 1905 की रूसी क्रांति की प्रतिक्रिया के रूप में 30 अक्टूबर 1905 को सर्गेई विट्टे के प्रभाव में ज़ार निकोलस II द्वारा अक्टूबर घोषणापत्र (October Manifesto) जारी किया गया था। अक्टूबर घोषणापत्र (October Manifesto in Hindi) एक दस्तावेज है जो रूसी साम्राज्य के पहले संविधान के अग्रदूत के रूप में कार्य करता है, जिसे 1906 में अपनाया गया था। यूपीएससी आईएएस परीक्षा की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए अक्टूबर घोषणापत्र (October Manifesto in Hindi) टॉपिक महत्वपूर्ण है - [पवार पोपटराव भागुजी](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%aa%e0%a4%9f%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b5-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%9c%e0%a5%80/): पवार पोपटराव भागुजी संक्षिप्त विवरण पवार पोपटराव भागुजी वर्ष 2020 में, पवार पोपटराव भागूजी को सामाजिक कार्यों के क्षेत्र में उनके योगदान के लिये  पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था। सामाजिक कार्य वह एक किसान होने के साथ ही महाराष्ट्र के अहमदनगर ज़िले में हिवरे बाज़ार पंचायत के सरपंच भी हैं। पवार महाराष्ट्र राज्य सरकार के मॉडल ग्राम कार्यक्रम के कार्यकारी निदेशक के रूप में भी कार्य करते हैं। उन्हें एक गरीब गाँव को विकास के एक ऐसे मॉडल में बदलने का श्रेय दिया जाता है, जिसे महाराष्ट्र सरकार पूरे राज्य में लागू करना चाहती है। उन्होंने हिवरे बाज़ार को सूखाग्रस्त गाँव से हरे-भरे और समृद्ध मॉडल गाँव में बदलने - [वन क्षेत्रों में खनिज अन्वेषण के लिये छूट](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%96%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%9c-%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a5%8d/): वन क्षेत्रों में खनिज अन्वेषण के लिये छूट चर्चा में क्यों?  वन सलाहकार समिति (FAC) ने कोयला और खान मंत्रालयों के अनुरोधों के बाद वन क्षेत्रों में खनिज अन्वेषण ड्रिलिंग के लिये बढ़ी हुई छूट को मंज़ूरी प्रदान की है।  अन्वेषणात्मक ड्रिलिंग के लिये ये छूटें वर्ष 1980 के वन संरक्षण अधिनियम में 2023 के संशोधन के माध्यम से लागू की गई थीं।  वन भूमि पर खनिज अन्वेषण ड्रिलिंग के लिये छूट क्यों प्रदान की गई है?  बोरहोल की सीमा और महत्त्वपूर्ण खनिजों के लिये प्रयास: पर्यावरण मंत्रालय अब खनिज अन्वेषण के लिये प्रति 10 वर्ग किलोमीटर में 62 से 80 बोरहोल की अनुमति प्रदान करता है, जिनमें से - [ऑनलाइन गेमिंग संवर्द्धन और विनियमन अधिनियम, 2025](https://examcg.com/%e0%a4%91%e0%a4%a8%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%a8-%e0%a4%97%e0%a5%87%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%a8/): ऑनलाइन गेमिंग संवर्द्धन और विनियमन अधिनियम, 2025   चर्चा में क्यों?  संसद द्वारा पारित यह अधिनियम ई-स्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेम्स को प्रोत्साहित करता है, जबकि हानिकारक ऑनलाइन मनी गेमिंग सेवाओं, विज्ञापनों और उनसे संबंधित वित्तीय लेन-देन पर प्रतिबंध लगाता है।  राष्ट्रपति की सिफारिश से इस अधिनियम को संविधान के अनुच्छेद 117(1) और 117(3) के तहत वित्त विधेयक के रूप में संसद में पेश किया गया।  ऑनलाइन गेमिंग संवर्द्धन और विनियमन अधिनियम, 2025 क्या है?  परिचय: यह अधिनियम ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र को विनियमित करने, बढ़ावा देने और समर्थन देने के लिये एक व्यापक कानूनी ढाँचा बनाने का प्रयास करता है, जिससे नागरिकों के लिये एक ज़िम्मेदार डिजिटल वातावरण - [नाविका सागर परिक्रमा II](https://examcg.com/%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a4%be-ii/): नाविका सागर परिक्रमा II हाल ही में भारतीय नौसेना ने दूसरे महिला जलयात्रा अभियान की घोषणा की तथा अभियान से संबंधित लोगो के बारे में जानकारी दी। भारतीय नौसेना की दो महिला अधिकारी लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए और लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के, आईएनएसवी तारिणी पर सवार होकर नाविका सागर परिक्रमा II नामक विश्व-परिक्रमा अभियान पर निकलेंगी। महिला नौसेना अधिकारियों का मार्गदर्शन कमांडर अभिलाष टॉमी (सेवानिवृत्त) द्वारा किया जा रहा है, जो एक प्रसिद्ध जलयात्री और गोल्डन ग्लोब रेस के नायक हैं। गोल्डन ग्लोब रेस, एक प्रतिष्ठित एकल नौकायन प्रतियोगिता है जिसमें बिना रुके और केवल पारंपरिक नेविगेशन विधियों का उपयोग करके विश्व भ्रमण किया जाता है। नाविका सागर परिक्रमा के ‘लोगो’ में मध्य का अष्टकोणीय आकार भारतीय नौसेना को दर्शाता है जबकि सूर्य एक खगोलीय पिंड का - [समुद्र प्रदक्षिणा](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%bf%e0%a4%a3%e0%a4%be/): समुद्र प्रदक्षिणा रक्षा मंत्री ने विश्व के पहले तीनों सेनाओं की महिला नौकायन अभियान ‘समुद्र प्रदक्षिणा’ को हरी झंडी दिखाई, जो नारी शक्ति, सशस्त्र बलों की एकजुटता, आत्मनिर्भर भारत और भारत के समुद्री दृष्टिकोण का प्रतीक है।  यह अभियान कैप्टन दिलीप डोंडे (2009-10), कमांडर अभिलाष टॉमी (2012-13), और भारतीय नौसेना की नाविका सागर परिक्रमा (2017-18) और नाविका सागर परिक्रमा-II (2024-25) द्वारा भारत की पूर्व की गई परिक्रमा यात्राओं पर आधारित है।  अभियान: इस दल का नेतृत्व लेफ्टिनेंट कर्नल अनुजा वरुडकर कर रही हैं। इसमें 10 महिला अधिकारी शामिल हैं, जो स्वदेशी रूप से निर्मित भारतीय सेना नौकायन पोत (IASV) त्रिवेणी पर 9 माह तक नौकायन करेंगी और लगभग 26,000 समुद्री मील की दूरी तय करेंगी।  उनका मार्ग दो - [मनुष्य की सबसे महान खोज यह है कि वह अपनी मानसिक स्थिति को बदल कर अपनी दुनिया बदल सकता है।](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a5%81%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%ac%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%96%e0%a5%8b%e0%a4%9c-%e0%a4%af%e0%a4%b9/): मनुष्य की सबसे महान खोज यह है कि वह अपनी मानसिक स्थिति को बदल कर अपनी दुनिया बदल सकता है। मानसिक स्थिति और मानसिकता की परिभाषा  मानसिकता का प्रभाव और कार्यशीलता मस्तिष्क की शक्ति और सोच का प्रभाव भावनाओं पर मानसिकता का नियंत्रण सीमित मानसिकता बनाम विकासशील मानसिकता क्या मानसिकता बदली जा सकती है? प्रेरक उदाहरण: जब मानसिकता ने इतिहास बदला मानसिकता की सीमाएँ और चुनौतियाँ निष्कर्ष मानसिक स्थिति और मानसिकता की परिभाषा मानसिक स्थिति या मानसिकता का आशय किसी व्यक्ति या समूह के संस्कृति, मूल्यों, दर्शन, संदर्भ के ढाँचे, दृष्टिकोण या स्वभाव के बारे में एक स्थापित मूल्यों के दृष्टिकोण - [अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार और भारतीय साहित्य: अब तक की यात्रा](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%ac%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a4%b8/): अंतर्राष्ट्रीय बुकर पुरस्कार और भारतीय साहित्य: अब तक की यात्रा अंग्रेज़ी भाषा के संसार में बुकर पुरस्कार को सर्वाधिक प्रतिष्ठित साहित्य पुरस्कार माना जाता है। पिछले  50 से अधिक वर्षों से यह पुरस्कार दिया जा रहा है। इसमें अंग्रेज़ी में लिखे गए उत्कृष्ट कथा साहित्य को मान्यता दी जाती है और पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। इससे पुस्तक को विशेष संख्या में पाठक और प्रशंसक दोनों मिलते हैं। बुकर पुरस्कार हर साल अंग्रेज़ी में लिखे गए सर्वश्रेष्ठ उपन्यास को दिया जाता है। विजेता को अंतिम तौर पर चुने गए छह लेखकों में से चुना जाता है। लेखक को चुनने की - [भारत ने हासिल किया पेट्रोल में 20% इथेनॉल सम्मिश्रण का लक्ष्य](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%8b/): भारत ने हासिल किया पेट्रोल में 20% इथेनॉल सम्मिश्रण का लक्ष्य चर्चा में क्यों? भारत ने इथेनॉल सम्मिश्रण कार्यक्रम (Ethanol Blending Programme- EBP) के तहत वर्ष 2025 तक पेट्रोल में 20% इथेनॉल सम्मिश्रण का लक्ष्य प्राप्त करके स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर ली है। यह तीव्र प्रगति ऊर्जा सुरक्षा, ग्रामीण आय वृद्धि और पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति देश की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। भारत में इथेनॉल सम्मिश्रण की सफलता के पीछे प्रमुख कारक क्या हैं? नीति और नियामक ढाँचा: जैव ईंधन पर राष्ट्रीय नीति 2018,  ( वर्ष 2022 में संशोधित) ने 20% इथेनॉल सम्मिश्रण के लक्ष्य को वर्ष 2030 से - [डीज़ल के साथ आइसोब्यूटेनॉल सम्मिश्रण](https://examcg.com/%e0%a4%a1%e0%a5%80%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%86%e0%a4%87%e0%a4%b8%e0%a5%8b%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%a8/): डीज़ल के साथ आइसोब्यूटेनॉल सम्मिश्रण      भारत अब इथेनॉल–डीज़ल परीक्षणों में असफलता के बाद डीज़ल के साथ आइसोब्यूटेनॉल सम्मिश्रण की संभावना तलाश रहा है, जो किसानों को समर्थन देने, तेल आयात को कम करने और सतत् ऊर्जा उपयोग सुनिश्चित करने हेतु जैव ईंधन के लिये सरकार के प्रयास को दर्शाता है। आइसोब्यूटेनॉल: यह एक चार-कार्बन वाला अल्कोहल (C₄H₁₀O) है, जो ज्वलनशील, रंगहीन होता है तथा परंपरागत रूप से पेंट, कोटिंग्स एवं रासायनिक उद्योगों में विलायक के रूप में उपयोग किया जाता है। इसका उत्पादन पेट्रोकेमिकल प्रक्रियाओं तथा बायोमास के किण्वन दोनों से किया जाता है।  गुण (इथेनॉल के विपरीत): इसमें इथेनॉल की तुलना में अधिक ऊर्जा घनत्व होता है (डीज़ल के अधिक - [प. जवाहरलाल नेहरू: आधुनिक भारत के निर्माता](https://examcg.com/%e0%a4%aa-%e0%a4%9c%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a5%82-%e0%a4%86%e0%a4%a7%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%ad/): प. जवाहरलाल नेहरू: आधुनिक भारत के निर्माता “जो बात जानना सबसे जरुरी है वह यह कि इस विशाल भूमि में फैले भारतवासी सबसे ज्यादा मायने रखते हैं। भारत माता यही करोड़ों-करोड़ जनता है और भारत माता की जय उसकी भूमि पर रहने वाले इन सबकी जय है।”  उपरोक्त पंक्तियां पढ़ने पर तुरंत अनुमान लगाना मुश्किल लग रहा है कि आखिर कौन इस तरह भारत माता को परिभाषित करते हुए जय बोल रहा है। यह कथन आज़ादी के एक ऐसे महानायक का है जिसके बारे में असंख्य अप्रमाणित सकारात्मक और नकारात्मक दंतकथाएं भारतीय लोक जीवन में प्रचलित हैं। यह एक ऐसे सहिष्णु - [51वां जी7 शिखर सम्मेलन 2025 – देश, प्रमुख मुद्दे और भारत की भूमिका](https://examcg.com/51%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%82-%e0%a4%9c%e0%a5%807-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%96%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a4%a8-2025-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6/): 51वां जी7 शिखर सम्मेलन 2025 – देश, प्रमुख मुद्दे और भारत की भूमिका ग्रुप ऑफ सेवन, जिसे सामान्यतः G7 कहा जाता है, विश्व के कुछ सबसे विकसित और औद्योगीकृत लोकतांत्रिक देशों का एक अनौपचारिक मंच है। इसके सदस्य देशों में कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका शामिल हैं। यूरोपीय संघ भी इसमें एक अप्रगणित सदस्य के रूप में भाग लेता है। G7 शिखर सम्मेलन इन देशों को वैश्विक आर्थिक प्रशासन, अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, तकनीकी परिवर्तन, जलवायु कार्रवाई और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श करने का एक मंच प्रदान करता है। 2025 के G7 शिखर सम्मेलन का स्थल - [इंडो-बर्मा रामसर क्षेत्रीय पहल (IBRRI)](https://examcg.com/%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a5%8b-%e0%a4%ac%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0/): इंडो-बर्मा रामसर क्षेत्रीय पहल (IBRRI) इंडो-बर्मा रामसर क्षेत्रीय पहल (IBRRI) एक सहयोगात्मक प्रयास है जिसका उद्देश्य इंडो-बर्मा क्षेत्र में आर्द्रभूमियों का संरक्षण और पुनर्स्थापन करना है। यह पहल कंबोडिया, लाओस पीडीआर, म्यांमार, थाईलैंड और वियतनाम के रामसर राष्ट्रीय फोकल प्वाइंट्स (NFPs) द्वारा अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) एशिया क्षेत्रीय कार्यालय के सहयोग से संयुक्त रूप से विकसित की गई है। यह पहल रामसर कन्वेंशन की रणनीतिक योजना के कार्यान्वयन में अहम भूमिका निभाती है, जिससे सीमापार आर्द्रभूमि पारिस्थितिकी तंत्र का सतत प्रबंधन सुनिश्चित हो सके। हाल ही में संपन्न हुए रामसर COP15 सम्मेलन में एक साइड इवेंट के दौरान इंडो-बर्मा रामसर - [नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं सुशीला कार्की](https://examcg.com/%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a7%e0%a4%be/): नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री बनीं सुशीला कार्की नेपाल में एक ऐतिहासिक राजनीतिक परिवर्तन के तहत देश की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को अब पहली महिला प्रधानमंत्री चुना गया है। उन्हें यह पद जनरेशन-ज़ेड (Gen-Z) प्रदर्शनकारियों द्वारा अंतरिम नेता के रूप में चयनित किए जाने के बाद मिला। यह फैसला उस जन-आंदोलन का परिणाम है जिसने युवाओं के नेतृत्व में पूर्व प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली को इस्तीफा देने पर मजबूर किया और लंबे समय से जमी राजनीतिक व्यवस्था को बदलकर रख दिया। 73 वर्षीय कार्की ने 12 सितम्बर 2025 को शपथ ग्रहण की। उनका यह कार्यभार ग्रहण करना - [INS कदमत्त पापुआ न्यू गिनी के 50वें स्वतंत्रता दिवस में शामिल हुआ](https://examcg.com/ins-%e0%a4%95%e0%a4%a6%e0%a4%ae%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%86-%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%82-%e0%a4%97%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-50/): INS कदमत्त पापुआ न्यू गिनी के 50वें स्वतंत्रता दिवस में शामिल हुआ चर्चा में क्यों? हाल ही में भारतीय नौसेना का युद्धपोत आईएनएस कदमत्त पापुआ न्यू गिनी के 50वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेने के लिए पोर्ट मोरेस्बी पहुँचा।  इस दौरान भारतीय नौसेना बैंड ने सैन्य टैटू में भाग लेकर भारतीय सांस्कृतिक-राजनयिक उपस्थिति को मजबूत किया। पृष्ठभूमि: पापुआ न्यू गिनी (Papua New Guinea) दक्षिण-पश्चिम प्रशांत महासागर में स्थित एक द्वीपीय देश है। इसे 16 सितंबर 1975 को ऑस्ट्रेलिया से स्वतंत्रता प्राप्त हुई। 2025 में यह स्वतंत्रता का 50वां स्वर्ण जयंती वर्ष मना रहा है। प्रमुख बिंदु आईएनएस कदमत्त की भागीदारी भारतीय नौसेना का एंटी-सबमरीन वॉरफेयर कोरवेट आईएनएस - [छत्तीसगढ़ में लुटी जलाशय में दरार](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b2%e0%a5%81%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b6%e0%a4%af/): छत्तीसगढ़ में लुटी जलाशय में दरार चर्चा में क्यों? छत्तीसगढ़ के बलरामपुर ज़िले के धनसपुर गाँव में स्थित लुटी (सातबहिनी) जलाशय में दरार आने से अचानक बाढ़ आ गई, जिसके परिणामस्वरूप अनेक लोग घायल हो गए तथा संपत्ति को व्यापक क्षति पहुँची। मुख्य बिंदु लुटी जलाशय के बारे में:  लुटी बाँध, जिसे लुटी (सतबहिनी) जलाशय के रूप में भी जाना जाता है, भारत के छत्तीसगढ़ के बलरामपुर ज़िले में विश्रामनगर के पास धनेशपुर गाँव में स्थित एक छोटा बाँध है। इसका निर्माण 1980 के दशक के प्रारंभ में हुआ था और यह स्थानीय सिंचाई तथा कृषि के लिये प्रमुख जल स्रोत के रूप में कार्य करता रहा है। रिपोर्टों में कई वर्षों - [ईरान और भारत: प्राचीन सभ्यताएँ और नए क्षितिज](https://examcg.com/%e0%a4%88%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af/): ईरान और भारत: प्राचीन सभ्यताएँ और नए क्षितिज संदर्भ भारत और ईरान के बीच हाल ही में हुए उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान क्षेत्रीय भू-राजनीतिक बदलावों के बीच विकसित हो रहे सभ्यतागत संबंधों और रणनीतिक साझेदारी को रेखांकित करते हैं। भारत-ईरान संबंध सभ्यतागत संबंध भारत एवं ईरान दोनों प्राचीन सभ्यताएँ हैं जिनके बीच प्राचीन काल से ही साझा सांस्कृतिक, भाषाई एवं धार्मिक आदान-प्रदान रहा है। भारतीय वास्तुकला, भाषा (उर्दू, हिंदी) और दरबारी परंपराओं में फ़ारसी प्रभाव स्पष्ट दिखाई देता है। सूफी एवं शिया संबंधों ने सांस्कृतिक आत्मीयता को और मज़बूत किया है। रणनीतिक एवं आर्थिक आयाम चाबहार बंदरगाह : पाकिस्तान को दरकिनार करते हुए अफ़ग़ानिस्तान - [लाल आइवी पौधा](https://examcg.com/%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%86%e0%a4%87%e0%a4%b5%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%8c%e0%a4%a7%e0%a4%be/): लाल आइवी पौधा जवाहरलाल नेहरू उष्णकटिबंधीय वनस्पति उद्यान एवं अनुसंधान संस्थान के शोधकर्ताओं ने लाल आइवी पौधे के घाव भरने वाले गुणों का उपयोग करके एक अभिनव एवं बहुक्रियाशील घाव भरने वाला पैड विकसित किया है। हालिया खोज के बार में वैज्ञानिकों द्वारा विकसित बहु-स्तरीय घाव पैड का मुख्य घटक लाल आइवी पौधे से प्राप्त एक्टियोसाइड अणु है जिसकी 0.2% की निम्न सांद्रता पर भी उच्च प्रभावकारिता है। घाव पैड को विशेष रूप से डिज़ाइन की गई इलेक्ट्रो-स्पन नैनोफाइबर परत से डिज़ाइन किया गया है जो जैव-निम्नीकरणीय और गैर-विषैले पॉलिमर से बनी है।  एक्टियोसाइड के साथ इसमें FDA-अनुमोदित पॉलिमर के साथ - [छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण सप्ताह](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9c%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%a3/): छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण सप्ताह चर्चा में क्यों? छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ‘मोर गाँव, मोर पानी’ अभियान के तहत जल संरक्षण सप्ताह का आयोजन किया गया। मुख्य बिंदु मोर गाँव, मोर पानी’ अभियान के बारे में:  यह अभियान ग्राम-स्तर पर जल संरक्षण प्रथाओं को बढ़ावा देने हेतु प्रारंभ किया गया है, जो सामुदायिक भागीदारी तथा सतत् जल प्रबंधन पर ज़ोर देता है। यह पहल विस्तृत जल शक्ति अभियान से संबद्ध है तथा इसमें वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण एवं कुशल सिंचाई विधियों जैसी गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। अन्य जल संरक्षण पहल: जल शक्ति अभियान (JSA) जल शक्ति मंत्रालय द्वारा वर्ष 2019 में प्रारंभ इस अभियान के अंतर्गत पूरे भारत के 256 जल-संकटग्रस्त ज़िलों के 2,836 ब्लॉकों में - [कोच-राजबोंगशी समुदाय](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%9a-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%ac%e0%a5%8b%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%b6%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%af/): कोच-राजबोंगशी समुदाय असम में कोच-राजबोंगशी समुदाय के लिए अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की मांग को लेकर ऑल कोच-राजबोंगशी स्टूडेंट्स यूनियन (AKRSU) ने विरोध प्रदर्शन किया।  कोच-राजबोंगशी समुदाय के बारे में  कोच-राजबोंगशी पूर्वोत्तर भारत का एक स्थानीय समुदाय है जो मुख्यत: असम के साथ-साथ पश्चिम बंगाल, बिहार, मेघालय, नेपाल, बांग्लादेश व भूटान में बसा हुआ है। इन्हें असम में ‘कोच राजबोंगशी’, पश्चिम बंगाल में ‘राजबोंगशी’, मेघालय में ‘कोच’ और नेपाल में ‘राजबंशी’ के नाम से जाना जाता है। यह मूल रूप से ब्रह्मपुत्र नदी की घाटी के निचले भाग के निवासी हैं। इस समुदाय के लोग अपनी जड़ें कामतापुर साम्राज्य (650 - [झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का निधन](https://examcg.com/%e0%a4%9d%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%96%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4/): झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन का निधन चर्चा में क्यों? झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के संस्थापक संरक्षक और झारखंड के तीन बार मुख्यमंत्री रहे शिबू सोरेन का 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया। मुख्य बिंदु  शिबू सोरेन के बारे में: व्यक्तिगत विवरण:  जन्म: 11 जनवरी 1944, रामगढ़, झारखंड (पूर्व में बिहार) मृत्यु: 4 अगस्त 2025 प्रसिद्ध उपनाम: दिशोम गुरुजी जनजातीय समुदाय: संथाल जनजाति राजनीतिक विरासत: वर्ष 1972 में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की स्थापना की। झारखंड राज्य के गठन के आंदोलन में महत्त्वपूर्ण नेतृत्वकर्त्ता रहे। 38 वर्षों से अधिक समय तक JMM का नेतृत्व किया तथा राज्य की राजनीति में व्यापक प्रभाव डाला। झारखंड के मुख्यमंत्री के रूप में तीन बार कार्य किया (2005, 2008 और 2009–2010)। राजनीतिक उत्तराधिकारी: हेमंत सोरेन (झारखंड - [पीएम-सूर्य घर योजना में उत्तर प्रदेश अग्रणी](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%ae-%e0%a4%b8%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%98%e0%a4%b0-%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%89%e0%a4%a4/): पीएम-सूर्य घर योजना में उत्तर प्रदेश अग्रणी चर्चा में क्यों? जुलाई 2025 में उत्तर प्रदेश पीएम-सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत प्रतिदिन सौर इकाइयाँ स्थापित करने में देश का अग्रणी राज्य बन गया। मुख्य बिंदु सौर इकाइयाँ  जुलाई में उत्तर प्रदेश ने प्रतिदिन 891 सौर इकाइयाँ स्थापित करके गुजरात (830 प्रतिदिन) और महाराष्ट्र (781 प्रतिदिन) को पीछे छोड़ दिया, जबकि अप्रैल वर्ष 2025 में यह उनसे पीछे था।  राज्य ने प्रयासों को और आगे बढ़ाने के लिये प्रतिदिन 1,300 सौर ऊर्जा संयंत्रों की स्थापना का नया लक्ष्य निर्धारित किया है। प्रमुख रणनीतियाँ:  उत्तर प्रदेश अपनी विकास रणनीति में सौर ऊर्जा इकाइयों को प्राथमिकता दे रहा है, - [भारत FIDE विश्व कप 2025 की मेज़बानी करेगा](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-fide-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%95%e0%a4%aa-2025-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a8/): भारत FIDE विश्व कप 2025 की मेज़बानी करेगा चर्चा में क्यों? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने FIDE विश्व कप 2025 की मेज़बानी मिलने पर भारत के गौरव को व्यक्त किया। क्योंकि लगभग 23 वर्षों के अंतराल के बाद यह प्रतियोगिता भारतीय धरती पर आयोजित होने जा रही है। यह टूर्नामेंट 30 अक्तूबर से 27 नवंबर, 2025 तक गोवा में आयोजित होगा। इसमें 2 मिलियन अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि और अगले वर्ष के कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिये तीन स्थान निर्धारित किये जाएंगे। 206 खिलाड़ियों वाले इस टूर्नामेंट में विश्व चैंपियन डी. गुकेश, मैग्नस कार्लसन, फैबियानो कारूआना और भारत के आर. प्रज्ञानंदधा जैसे शीर्ष खिलाड़ी शामिल हैं। प्रमुख बिंदु  भारत की पूर्व - [महामारियों को रोकने में गिद्धों की भूमिका](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%95%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%97/): महामारियों को रोकने में गिद्धों की भूमिका संदर्भ  विभिन अध्ययनों के अनुसार दक्षिण एशिया में जन स्वास्थ्य के रक्षकों में से एक ‘गिद्ध’ प्रकृति का सबसे कुशल अपशिष्ट प्रबंधक है। रोगों के प्रसार को कम करने में सहायक गिद्ध  गिद्ध पशुओं के शवों को तेज़ी से खाकर प्रकृति की सफाई कर्मचारियों की तरह काम करते हैं।  उनके अत्यधिक अम्लीय पेट एंथ्रेक्स, रेबीज़ एवं बोटुलिनम टॉक्सिन जैसे घातक रोगाणुओं को निष्क्रिय कर देते हैं। इससे ये आवारा कुत्तों, पशुओं एवं मनुष्यों में नहीं फैल पाते हैं। यह प्राकृतिक शव निपटान प्रणाली जूनोटिक प्रसार के विरुद्ध एक प्रथम अवरोधक के रूप में कार्य - [संत मदर टेरेसा की 115वीं जयंती](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a4%a6%e0%a4%b0-%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b8%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%80-115%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%82-%e0%a4%9c%e0%a4%af%e0%a4%82%e0%a4%a4/): संत मदर टेरेसा की 115वीं जयंती चर्चा में क्यों? संत मदर टेरेसा की 115वीं जयंती 26 अगस्त, 2025 को मदर्स हाउस, कोलकाता में मनाई गई । मुख्य बिंदु मदर टेरेसा के बारे में: मदर टेरेसा, जिनका जन्म वर्ष 1910 में स्कोप्जे, ओटोमन साम्राज्य (अब उत्तरी मैसेडोनिया) में एग्नेस गोंक्सा बोजाक्सीहु (Agnes Gonxha Bojaxhiu) के रूप में हुआ था, ने अपना जीवन गरीब लोगों की सेवा के लिये समर्पित कर दिया। उनकी यात्रा 12 वर्ष की आयु में शुरू हुई जब उन्हें मिशनरी के रूप में सेवा करने का आह्वान महसूस हुआ। वर्ष 1928 में, 18 वर्ष की आयु में, वह भारत गईं, जहाँ उन्होंने वर्ष 1931 में अपनी - [विश्व जल सप्ताह 2025](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%9c%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b9-2025/): विश्व जल सप्ताह 2025 चर्चा में क्यों? 24-28 अगस्त, 2025 को स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में विश्व जल सप्ताह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान, राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) को नदी पुनरुद्धार और समुदाय-संचालित प्रयासों के लिये एक वैश्विक प्रेरणा के रूप में मान्यता दी गई। मुख्य बिंदु विश्व जल सप्ताह के बारे में:  वर्ष 1991 में स्थापित, यह कार्यक्रम स्टॉकहोम अंतर्राष्ट्रीय जल संस्थान (SIWI) द्वारा आयोजित किया जाता है तथा जल प्रबंधन से संबंधित ज्ञान, समाधान और प्रतिबद्धताओं के आदान-प्रदान के लिये एक महत्त्वपूर्ण मंच प्रदान करता है।  वर्ष 2025 संस्करण, जो अपने 35वें वर्ष को चिह्नित करता है, ‘ जलवायु कार्रवाई हेतु जल’ विषय पर केंद्रित था, जिसमें जलवायु परिवर्तन से निपटने और सतत् विकास प्राप्त - [नोएडा में भारत की पहली टेंपर्ड ग्लास विनिर्माण इकाई](https://examcg.com/%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%8f%e0%a4%a1%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%82/): नोएडा में भारत की पहली टेंपर्ड ग्लास विनिर्माण इकाई चर्चा में क्यों? केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने उत्तर प्रदेश के नोएडा में मोबाइल उपकरणों के लिये भारत की पहली टेंपर्ड ग्लास विनिर्माण इकाई का उद्घाटन किया। मुख्य बिंदु विनिर्माण इकाई के बारे में:  यह इकाई ऑप्टीमस इलेक्ट्रॉनिक्स (एक भारतीय दूरसंचार तथा विनिर्माण उद्यम) और कॉर्निंग इनकॉर्पोरेटेड, अमेरिका के सहयोग से वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त ब्रांड “इंजीनियर्ड बाय कॉर्निंग” के तहत उच्च गुणवत्ता वाले टेंपर्ड ग्लास का उत्पादन करेगी। मांग: यह घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों बाज़ारों में मोबाइल फोन के एक प्रमुख सहायक उपकरण, टेंपर्ड ग्लास की बढ़ती मांग को पूरा करेगी। भारत में टेंपर्ड ग्लास का - [दुधवा टाइगर रिज़र्व](https://examcg.com/%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%a7%e0%a4%b5%e0%a4%be-%e0%a4%9f%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%97%e0%a4%b0-%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b5/): दुधवा टाइगर रिज़र्व चर्चा में क्यों? उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में स्थित दुधवा टाइगर रिज़र्व में 6–7 महीने के एक तेंदुए के शावक की अज्ञात न्यूरोलॉजिकल विकार के कारण उपचार के दौरान मृत्यु हो गई। मुख्य बिंदु दुधवा टाइगर रिज़र्व के बारे में:  यह उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र में स्थित है। इसे प्रोजेक्ट टाइगर के अंतर्गत वर्ष 1988 में एक टाइगर रिज़र्व के रूप में स्थापित किया गया था। संरचनात्मक क्षेत्र: इस रिज़र्व में दुधवा राष्ट्रीय उद्यान, किशनपुर वन्यजीव अभयारण्य और कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य शामिल हैं। इसमें साल वनभूमि, दलदली घासभूमि, शुष्क नदी घासभूमि और ऑक्सबो झीलों का मिश्रण पाया जाता है। भौगोलिक विशेषताएँ: यह रिज़र्व उत्तर में मोहना नदी और दक्षिण में शारदा नदी से घिरा है, जबकि कतर्नियाघाट से गेरवा नदी बहती है। जैवविविधता: यह एक जैवविविधता हॉटस्पॉट है, जहाँ - [विश्व का पहला सिरेमिक वेस्ट पार्क](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%b8/): विश्व का पहला सिरेमिक वेस्ट पार्क चर्चा में क्यों? उत्तर प्रदेश में शीघ्र ही ‘अनोखी दुनिया’ नामक विश्व का प्रथम पार्क उद्घाटित होने जा रहा है, जो पूर्णतः सिरेमिक अपशिष्ट से निर्मित है। सिरेमिक एक अकार्बनिक तथा अधात्विक पदार्थ है, जिसे प्रायः मिट्टी अथवा ऑक्साइड जैसे खनिजों को आकार देकर तथा उच्च तापमान पर पकाकर कठोर एवं दीर्घकालिक उत्पाद के रूप में तैयार किया जाता है। मुख्य बिंदु स्थान: यह पार्क राज्य की ‘सिरेमिक राजधानी’ के रूप में प्रसिद्ध खुर्जा (ज़िला  बुलंदशहर) में स्थापित किया गया है और सितंबर के अंत तक आम जनता के लिये खोल दिया जाएगा। निर्माण: बुलंदशहर-खुर्जा विकास प्राधिकरण (BKDA) द्वारा सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर विकसित इस पार्क का निर्माण 2 - [गोविंद बल्लभ पंत](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a6-%e0%a4%ac%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%ad-%e0%a4%aa%e0%a4%82%e0%a4%a4-2/): गोविंद बल्लभ पंत चर्चा में क्यों? मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 सितंबर 2025 को भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत की 138वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए स्वतंत्रता के बाद उत्तर प्रदेश के विकास में उनके अतुलनीय योगदान को रेखांकित किया। मुख्य बिंदु गोविंद बल्लभ पंत के बारे में: प्रारंभिक जीवन: उत्तराखंड के अल्मोड़ा में जन्मे पंत गोपाल कृष्ण गोखले और मदन मोहन मालवीय से प्रेरित थे।  स्वतंत्रता आंदोलन में भूमिका: इनकी नमक मार्च (1930) और सविनय अवज्ञा आंदोलन (1930) तथा भारत छोड़ो आंदोलन (1942) में सक्रिय भागीदार रही। राजनीतिक यात्रा: संविधान सभा के सदस्य बने और भारतीय संविधान के निर्माण में योगदान दिया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में जी.बी. पंत ने जमींदारी उन्मूलन की दिशा में - [पुस्तकालय से संबंधित पुस्तकें और उनके लेखक (Library-related books and their authors)](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b8/): पुस्तकालय से संबंधित पुस्तकें और उनके लेखक (Library-related books and their authors) प्रश्न – Decimal classification and Colon classification in perspective बुक के लेखक कौन हैं? रघुनाथ शतनंद पाखी (Raghunath Shatanand Parkhi) प्रश्न – Decimal classification and Colon classification in perspective(1964) की प्रस्तावना किसने लिखी?  डॉ रंगनाथन ने प्रश्न – RLG’s Research Libraries Information Network: bibliographic and information services के लेखक कौन हैं? Jan Thomson प्रश्न – यूडीसी के लिए सिद्धांतिक आधार का उल्लेख कौन सी पुस्तक में किया गया है? टूवार्ड्स ए थियोरी ऑफ यूडीसी (Towards a theory of UDC -1969) – जीन एम पेैरौलट(Jean M Perreault) प्रश्न – एक्सटेंशन - [डॉ. एसआर रंगनाथन के बारे में प्रश्न और उत्तर](https://examcg.com/%e0%a4%a1%e0%a5%89-%e0%a4%8f%e0%a4%b8%e0%a4%86%e0%a4%b0-%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a5%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%87/): डॉ. एसआर रंगनाथन के बारे में प्रश्न और उत्तर 1. लंदन में एसआरआर के शिक्षक कौन थे? डब्ल्यूबीसीसेयर्स।2. एसआरआर को लाइब्रेरी साइंस के राष्ट्रीय शोध प्रोफेसर के रूप में कब नियुक्त किया गया था? 1965।3. एसआरआर ने लाइब्रेरी साइंस के अपने पांच नियमों को कहां रखा? मीनाक्षी कॉलेज, अन्नामलाईनगर।4. मोबाइल लाइब्रेरी के लिए एसआरआर द्वारा कौन सा शब्द गढ़ा गया था? लाइब्रेरी ऑन व्हील्स।5. लाइब्रेरियन दिवस कब मनाया जाता है? 12 अगस्त6. लाइब्रेरी साइंस के पांच नियम पहली बार प्रकाशित हुए थे? 1931।7. किस विश्वविद्यालय ने भारत में पहला पूर्णकालिक विश्वविद्यालय लाइब्रेरियन नियुक्त किया? मद्रास विश्वविद्यालय।8. “भगवान ने मुझे एक साधन - [library associations in India and Year](https://examcg.com/library-associations-in-india-and-year/): library associations in India and Year ILA – Indian Library Association (1933) BLA – Bombay Library Association (1924) CSIR – Council of Scientific and Industrial Research Libraries (1942) NASSDOC – National Social Science Documentation Centre (1977) IASLIC – Indian Association of Special Libraries and Information Centres (1978) PKL – Punjab Library (1975) PLA – Public Library Association (1958) KLA – Kerala Library Association (1984) HPLA – Haryana Public Library Association (2000) DLA – Delhi Library Association (2000) SLAI – School Library Association of India (2000) ALAA – Andhra Library Association (1992) MPLA – Madhya Pradesh Library Association (1988) ALAI – Association - [Dr Ranganathan’s Books Mcq Question in Hindi and English](https://examcg.com/dr-ranganathans-books-mcq-question-in-hindi-and-english/): Dr Ranganathan’s Books Mcq Question in Hindi and English प्रश्न: डॉ रंगानाथन ने Colon Classification की रचना कब प्रकाशित की? / When did Dr. Ranganathan publish the Colon Classification?(A) 1930(B) 1933(C) 1940(D) 1925उत्तर: (B) 1933 प्रश्न: डॉ रंगानाथन ने Classified Catalogue Code की रचना कब की? / When did Dr. Ranganathan publish the Classified Catalogue Code?(A) 1925(B) 1934(C) 1930(D) 1940उत्तर: (B) 1934 प्रश्न: डॉ एस आर रंगनाथन द्वारा लिखित पुस्तक “Library Administration” पहली बार किस वर्ष प्रकाशित हुई थी? / In which year was the book “Library Administration” by Dr. S.R. Ranganathan first published?(A) 1920(B) 1935(C) 1945(D) 1950उत्तर: (B) 1935 प्रश्न: - [Five Laws of Library Science Mcq Question In Hindi and English](https://examcg.com/five-laws-of-library-science-mcq-question-in-hindi-and-english/): Five Laws of Library Science Mcq Question In Hindi and English प्रश्न: डॉ रंगानाथन पुस्तकालय विज्ञान के पांच सूत्रों का प्रतिपादन कब किया था? / When did Dr. Ranganathan present the Five Laws of Library Science?(A) 1928(B) 1931(C) 1945(D) 1957उत्तर: (A) 1928 प्रश्न: पुस्तकालय विज्ञान के पांच सूत्र पुस्तक के रूप का पुस्तक के रूप में प्रथम प्रकाशन कब हुआ? / When was the first publication of the Five Laws of Library Science as a book?(A) 1928(B) 1931(C) 1957(D) 1961उत्तर: (B) 1931 प्रश्न: फाइव लॉ ऑफ लाइब्रेरी ऑफ लाइब्रेरी साइंस (The Five Laws of Library Science) का 2nd एडिशन कब आया - [Ranganathan Mcq Question in Hindi and English](https://examcg.com/ranganathan-mcq-question-in-hindi-and-english/): Ranganathan Mcq Question in Hindi and English डॉक्टर रंगानाथन :  प्रश्न: डॉ. रंगानाथन का जन्म कब हुआ था? / When was Dr. Ranganathan born? (A) 12 अगस्त 1892 / 12 August 1892(B) 9 अगस्त 1892 / 9 August 1892(C) 15 सितंबर 1892 / 15 September 1892(D) 2 अक्टूबर 1892 / 2 October 1892उत्तर: (A) 12 अगस्त 1892 / 12 August 1892 9 अगस्त को उनका जन्म हुआ था और उनके डॉक्यूमेंट में 12 अगस्त है। प्रश्न: सियाली रामामृत रंगानाथन में “सियाली” किसका नाम है? / What does “Siyali” refer to in Siyali Ramamrita Ranganathan?(A) परिवार का नाम / Family name(B) जन्म - [Virtua Mcq Question in Hindi and English](https://examcg.com/virtua-mcq-question-in-hindi-and-english/): Virtua Mcq Question in Hindi and English Virtua is designed for which type of library process? / Virtua किस प्रकार की पुस्तकालय प्रक्रिया के लिए डिज़ाइन किया गया है?(A) Acquisition / अधिग्रहण(B) Circulation / परिपत्र(C) Library Automation / पुस्तकालय स्वचालन(D) Cataloging / सूचीकरणउत्तर: C Which organization developed Virtua? / Virtua किस संगठन द्वारा विकसित किया गया था?(A) Ex Libris / एक्स लिब्रिस(B) Innovative Interfaces / इनोवेटिव इंटरफेसेस(C) VTLS Inc. / वीटीएलएस इंक.(D) OCLC / ओसीएलसीउत्तर: C Virtua supports which cataloging standard? / Virtua किस सूचीकरण मानक का समर्थन करता है?(A) MARC 21 / मार्क 21(B) Dublin Core / डबलिन कोर(C) ISO - [Handle System Mcq Questions](https://examcg.com/handle-system-mcq-questions/): Handle System Mcq Questions प्रश्न : Who developed the Handle System? / हैंडल सिस्टम किसने विकसित किया?(A) Tim Berners-Lee / टिम बर्नर्स-ली(B) Bob Kahn / बॉब कान(C) Vint Cerf / विंट सर्फ(D) Larry Page / लैरी पेजCorrect Answer: B) Bob Kahn / बॉब कानBob Kahn developed the Handle System at the Corporation for National Research Initiatives (CNRI) as part of the Digital Object Architecture (DOA), with funding from DARPA. प्रश्न : When was the Handle System first implemented? / हैंडल सिस्टम पहली बार कब लागू किया गया था?(A) 1990(B) 1992(C) 1994(D) 1996Correct Answer: C) 1994The Handle System was first implemented in - [INFLIBNET Mcq Questions](https://examcg.com/inflibnet-mcq-questions/): INFLIBNET Mcq Questions What is the full form of INFLIBNET? / INFLIBNET का पूरा नाम क्या है?(A) Information and Library Network / सूचना और पुस्तकालय नेटवर्क(B) Information Networking and Bibliography / सूचना नेटवर्किंग और ग्रंथ सूची(C) Indian Network for Libraries / पुस्तकालयों के लिए भारतीय नेटवर्क(D) Indian Federation of Libraries / भारतीय पुस्तकालय महासंघउत्तर: A Which programme under INFLIBNET is a repository for Indian electronic theses and dissertations? / INFLIBNET के तहत कौन सा कार्यक्रम भारतीय इलेक्ट्रॉनिक शोध प्रबंध और थीसिस के लिए संग्रह है?(A) Shodhgangotri / शोधगंगोत्री(B) e-Shodh Sindhu / ई-शोध सिंधु(C) Shodhganga / शोधगंगा(D) Vidwan / विद्वानउत्तर: C What - [Central Reference Library MCQ Questions](https://examcg.com/central-reference-library-mcq-questions/): Central Reference Library MCQ Questions The Central Reference Library (CRL) is located in which Indian city? / केंद्रीय संदर्भ पुस्तकालय (CRL) किस भारतीय शहर में स्थित है?(A) New Delhi / नई दिल्ली(B) Kolkata / कोलकाता(C) Mumbai / मुंबई(D) Chennai / चेन्नईउत्तर: B Which division operates the Central Reference Library in India? / भारत में केंद्रीय संदर्भ पुस्तकालय किस प्रभाग द्वारा संचालित किया जाता है?(A) Ministry of Culture / संस्कृति मंत्रालय(B) National Library of India / भारत का राष्ट्रीय पुस्तकालय(C) Raja Rammohun Roy Library Foundation / राजा राममोहन रॉय पुस्तकालय फाउंडेशन(D) Ministry of Education / शिक्षा मंत्रालयउत्तर: A The Central Reference Library - [One Nation One Subscription (ONOS) Mcq Questions](https://examcg.com/one-nation-one-subscription-onos-mcq-questions/): One Nation One Subscription (ONOS) Mcq Questions प्रश्न: ONOS का पूरा नाम क्या है? / What is the full form of ONOS?a) वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन / One Nation One Subscriptionb) वन नेशन वन सर्विस / One Nation One Servicec) वन नेशन वन स्टडी / One Nation One Studyd) वन नेशन वन स्कॉलरशिप / One Nation One ScholarshipAns: (a) प्रश्न: “वन नेशन वन सब्सक्रिप्शन” योजना को किसने मंजूरी दी है? / Who approved the “One Nation One Subscription” (ONOS) scheme?a) केंद्रीय मंत्रिमंडल / The Union Cabinetb) प्रधानमंत्री कार्यालय / Prime Minister’s Officec) भारतीय संसद / Indian Parliamentd) सूचना और पुस्तकालय नेटवर्क / - [Library Thing MCQ Question in Hindi and English Language ](https://examcg.com/library-thing-mcq-question-in-hindi-and-english-language/): Library Thing Library Thing MCQ Question in Hindi and English Language  1. प्रश्न: LibraryThing क्या है? / What is LibraryThing? (A) एक पुस्तक बेचने का मंच / A platform for selling books(B) एक व्यक्तिगत पुस्तक संग्रह को संगठित करने का उपकरण / A tool for organizing personal book collections(C) एक पुस्तकालय सॉफ्टवेयर / A library software(D) एक ई-बुक प्रकाशन प्लेटफ़ॉर्म / An eBook publishing platformउत्तर / Answer: (B) एक व्यक्तिगत पुस्तक संग्रह को संगठित करने का उपकरण 2. प्रश्न: LibraryThing कब लॉन्च किया गया था? / When was LibraryThing launched? (A) 1995 (B) 2005(C) 2010(D) 2015उत्तर / Answer: (B) 2005 3. - [ISBD Mcq questions in Hindi and English](https://examcg.com/isbd-mcq-questions-in-hindi-and-english/): ISBD Mcq questions in Hindi and English 1. What does ISBD stand for? ISBD का पूरा नाम क्या है? a) International Standard Bibliographic Document / अंतर्राष्ट्रीय मानक ग्रंथसूची दस्तावेज b) International Standard Bibliographic Description / अंतर्राष्ट्रीय मानक ग्रंथसूची विवरण c) International Standard Book Description / अंतर्राष्ट्रीय मानक पुस्तक विवरण d) International Standard Bibliography Division / अंतर्राष्ट्रीय मानक ग्रंथसूची प्रभाग Answer: b 2. In which year was ISBD(CM) for cartographic materials introduced? कार्टोग्राफिक सामग्री के लिए ISBD(CM) किस वर्ष में प्रस्तुत किया गया था? a) 1977 b) 1980 c) 1985 d) 1987 Answer: b 3. What type of materials does ISBD(NBM) cover? - [Plagiarism Mcq Questions](https://examcg.com/plagiarism-mcq-questions/): Plagiarism Mcq Questions Plagiarism  प्रश्न: Plagiarism is: / Plagiarism क्या है:  (A) A form of creative writing / रचनात्मक लेखन का एक रूप(B) The practice of using someone else’s work without proper credit / किसी और के काम का उचित श्रेय दिए बिना उपयोग करने का अभ्यास(C) A method of proofreading / प्रूफरीडिंग की एक विधि(D) An acceptable academic practice / एक स्वीकार्य अकादमिक प्रथाउत्तर: B प्रश्न: Which of the following is an example of plagiarism? / निम्नलिखित में से कौन सा plagiarism का उदाहरण है:  (A) Quoting a source with proper citation / स्रोत को उचित संदर्भ के साथ उद्धृत करना(B) - [DALL·E model Mcq Questions](https://examcg.com/dall%c2%b7e-model-mcq-questions/): DALL·E model Mcq Questions प्रश्न 1: DALL·E मॉडल की मुख्य क्षमता क्या है? / What is the main capability of the DALL·E model? (A) भाषाओं का अनुवाद करना / Translating languages(B) पाठ्य विवरणों से छवियाँ बनाना / Generating images from textual descriptions(C) बड़े डेटासेट का विश्लेषण करना / Analyzing large datasets(D) जटिल रणनीति गेम खेलना / Playing complex strategy gamesउत्तर: (B) पाठ्य विवरणों से छवियाँ बनाना / Generating images from textual descriptions प्रश्न 2: DALL·E मॉडल किस संगठन ने विकसित किया? / Which organization developed the DALL·E model?(A) Google(B) Microsoft(C) OpenAI(D) IBMउत्तर: (C) OpenAI प्रश्न 3: DALL·E छवियाँ कैसे बनाता है? / How - [ChatGPT Mcq Questions](https://examcg.com/chatgpt-mcq-questions/): ChatGPT Mcq Questions प्रश्न: ChatGPT is: / ChatGPT क्या है: (A) A web browser / एक वेब ब्राउज़र (B) A machine learning model / एक मशीन लर्निंग मॉडल(C) An operating system / एक ऑपरेटिंग सिस्टम(D) A programming language / एक प्रोग्रामिंग भाषाउत्तर: B प्रश्न: Who developed ChatGPT? / ChatGPT किसने विकसित किया:(A) Microsoft / माइक्रोसॉफ्ट(B) Google / गूगल(C) OpenAI / ओपनएआई(D) IBM / आईबीएमउत्तर: C प्रश्न: What does GPT in ChatGPT stand for? / ChatGPT में GPT का क्या अर्थ है:(A) General Purpose Transformer / जनरल पर्पस ट्रांसफार्मर (B) Generative Pre-trained Transformer / जेनरेटिव प्री-ट्रेंड ट्रांसफार्मर(C) Graphical Processing Tool / ग्राफिकल प्रोसेसिंग टूल(D) - [BLIDA Mcq Questions](https://examcg.com/blida-mcq-questions/): BLIDA Mcq Questions The European Bureau of Library, Information, and Documentation Associations (BLIDA) प्रश्न 1: BLIDA का क्या मतलब है? / What does BLIDA stand for?(A) British Library and Information Department Association(B) Bureau of Library and Information Documentation Association(C) The European Bureau of Library, Information, and Documentation Associations(D) Belgian Library of Information and Documentation Authorityउत्तर: (C) The European Bureau of Library, Information, and Documentation Associations प्रश्न 2: BLIDA का प्राथमिक लक्ष्य क्या है? / What is the primary goal of BLIDA?(A) अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक मेले आयोजित करना / To organize international book fairs(B) यूरोपीय पुस्तकालयों, सूचना केंद्रों और प्रलेखन सेवाओं के बीच सहयोग बढ़ाना - [Right to Information (RTI) Mcq Questions](https://examcg.com/right-to-information-rti-mcq-questions/): Right to Information (RTI) Mcq Questions प्रश्न:Right to Information (RTI) Act was enacted in which year? / सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम किस वर्ष लागू किया गया था: (A) 2000(B) 2002(C) 2005(D) 2008उत्तर: C प्रश्न:Under the RTI Act, how many days are given to respond to an RTI request? / आरटीआई अधिनियम के तहत, आरटीआई अनुरोध का जवाब देने के लिए कितने दिन दिए जाते हैं:(A) 15 days / 15 दिन(B) 30 days / 30 दिन(C) 45 days / 45 दिन(D) 60 days / 60 दिनउत्तर: B प्रश्न:Which of the following information cannot be disclosed under the RTI Act? / निम्नलिखित - [Sherpa/RoMEO Mcq Questions](https://examcg.com/sherpa-romeo-mcq-questions/): Sherpa/RoMEO Mcq Questions प्रश्न 1 – शेरपा/रोमियो क्या है? / What is Sherpa/RoMEO?(A) एक सम्मेलन कार्यवाही के लिए डेटाबेस / A database for conference proceedings(B) ओपन एक्सेस जर्नल नीतियों के लिए एक डेटाबेस / A database for open access journal policies(C) एक पुस्तकालय कैटलॉग प्रणाली / A library catalog system(D) एक अनुसंधान पत्र भंडार / A research paper repositoryउत्तर: B प्रश्न 2 – शेरपा/रोमियो शोधकर्ताओं की कैसे मदद कर सकता है? / How can Sherpa/RoMEO help researchers?(A) उद्धरण शैलियों को प्रदान करके / By providing citation styles(B) ओपन एक्सेस नीतियों पर जानकारी प्रदान करके / By providing information on open access - [SheRNI Mcq Question](https://examcg.com/sherni-mcq-question/): SheRNI Mcq Question SheRNI प्रश्न 1: She Research Network in India (SheRNI) का उद्देश्य क्या है? / What is the purpose of the She Research Network in India (SheRNI)?(A) To connect and leverage the knowledge of women in various fields / विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के ज्ञान को जोड़ने और उसका उपयोग करने के लिए(B) To provide financial support to women researchers / महिला शोधकर्ताओं को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए(C) To create a database of female scientists only / केवल महिला वैज्ञानिकों का डेटाबेस बनाने के लिए(D) To organize conferences for women only / केवल महिलाओं के लिए सम्मेलन - [IPv4 / IPv6 Mcq Questions](https://examcg.com/ipv4-ipv6-mcq-questions/): IPv4 / IPv6 Mcq Questions IPv4 / IPv6 Mcq Questions (Computer science Mcq) प्रश्न 1: IPv4 addresses are expressed in which format? / IPv4 पते किस प्रारूप में व्यक्त किए जाते हैं?(A) Binary / बाइनरी(B) Decimal / दशमलव(C) Hexadecimal / हेक्साडेसिमल(D) Octal / ऑक्टलउत्तर: B प्रश्न 2: What is the bit length of an IPv4 address? / IPv4 पते की बिट लंबाई क्या है?(A) 32 bits / 32 बिट(B) 64 bits / 64 बिट(C) 128 bits / 128 बिट(D) 256 bits / 256 बिटउत्तर: A प्रश्न 3: How many total addresses can IPv4 theoretically provide? / IPv4 सिद्धांत रूप से कितने - [Latest trends in LIS- Library and Information Science MCQs](https://examcg.com/latest-trends-in-lis-library-and-information-science-mcqs/): Latest trends in LIS- Library and Information Science MCQs Q1. What is the primary focus of Open Access (OA) in scholarly communication? ओपन एक्सेस (OA) का विद्वतापूर्ण संचार में मुख्य ध्यान किस पर है?  (A) Subscription-based access/सदस्यता आधारित पहुँच (B) Free and unrestricted access/नि:शुल्क और अप्रतिबंधित पहुँच (C) Paid journals/सशुल्क पत्रिकाएँ (D) Limited access/सीमित पहुँच Answer: (B) Q2. Which technology is driving the automation of library services? कौन सी तकनीक पुस्तकालय सेवाओं के स्वचालन को प्रेरित कर रही है?  (A) Blockchain/ब्लॉकचेन (B) Artificial Intelligence/आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (C) Cloud computing/क्लाउड कंप्यूटिंग (D) Quantum computing/क्वांटम कंप्यूटिंग Answer: (B) Q3. What is the main advantage - [Library science current Affairs Questions of IFLA (International Federation of Library Associations and Institutions)](https://examcg.com/library-science-current-affairs-questions-of-ifla-international-federation-of-library-associations-and-institutions/): Library science current Affairs Questions of IFLA (International Federation of Library Associations and Institutions) Library science current Affairs Questions of IFLA (International Federation of Library Associations and Institutions) प्रश्न: IFLA वर्ल्ड लाइब्रेरी और इंफॉर्मेशन कांग्रेस 2024 किस शहर में आयोजित होगी? / In which city will the IFLA World Library and Information Congress 2024 be held? A) Dublin / डबलिनB) Paris / पेरिसC) Berlin / बर्लिनD) Tokyo / टोक्योउत्तर: A) Dublin / डबलिन प्रश्न: IFLA की नई पहल का नाम क्या है जो सार्वजनिक पुस्तकालयों की डिजिटल सेवा को बढ़ावा देता है? / What is the name of IFLA’s new initiative - [Library And Society Question answer Hindi and English Mcq](https://examcg.com/library-and-society-question-answer-hindi-and-english-mcq/): Library And Society Question answer Hindi and English Mcq Library And Society Question answer Hindi and English Mcq प्रश्न: लाइब्रेरी शब्द लैटिन भाषा के कौन से शब्द से निकला है?Question: The word “Library” is derived from which Latin word?A. Liber / लिबरB. Libra / लाइब्राC. Libris / लिब्रिसD. Librarian / लाइब्रेरियनAnswer: A. Liber / लिबर प्रश्न: लाइब्रेरी शब्द फ्रेंच भाषा के कौन से शब्द से निकला है?Question: The word “Library” is derived from which French word?A. Libris / लिब्रिसB. Liber / लिबरC. Libra / लाइब्राD. Libero / लिबेरोAnswer: C. Libra / लाइब्रा प्रश्न: “Libra” शब्द का क्या अर्थ होता है?Question: What does the word “Libra” mean?A. House of paper - [पुस्तकालयों की प्रकृति / Nature of libraries Question in Hindi and English](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a4%bf-nature-of/): Nature of libraries Question in Hindi and English पुस्तकालयों की प्रकृति / Nature of libraries Question in Hindi and English प्रश्न: परंपरागत पुस्तकालय किसे कहते हैं?Question: What is referred to as a traditional library?A. जिसमें सभी पुस्तकें ऑनलाइन उपलब्ध होती हैं / Where all books are available onlineB. जिसमें भौतिक स्वरूप में पुस्तकें उपलब्ध होती हैं / Where books are available in physical formC. जिसमें केवल पत्रिकाएँ उपलब्ध होती हैं / Where only magazines are availableD. जिसमें केवल डिजिटल दस्तावेज होते हैं / Where only digital documents are availableAnswer: B. जिसमें भौतिक स्वरूप में पुस्तकें उपलब्ध होती हैं / Where books are available in physical - [CGPSC Pre Old Question Paper 2000-2019](https://examcg.com/cgpsc-pre-old-question-paper-2000-2019/): CGPSC Pre Old Question Paper 2000-2019 रामप्रताप बुक के रचयिता कौन हैं ? CG PSC (Lib.)2017](A) गोपाल चन्द्र पान(B) माखन चन्द्र(C) गोपाल चन्द्र और माखन चन्द्र(D) भास्कर भट्ट(E) इनमें से कोई नहींउत्तर-(E) पुस्तक रामप्रताप रामराज्य (नाटक) रामकथा छत्तीसगढ़ी रामायण छत्तीसगढ़ रमायेन रामाश्वमेघ रामायण सार संग्रह पंचामृत रमायन रचयिता गोपाल चन्द्र मिश्र एवं माखन मिश्र मालिकराम त्रिवेदी कपिलनाथ कश्यप पं. सुन्दरलाल शर्मा हेमनाथ यदु बाबू रेवाराम गंगाधर मिश्र जगन्नाथ प्रसाद भानु “रामाश्वमेघ” के रचयिता कौन हैं? [CGPSC (ARTO)2017](A) भास्कर भट्ट .(B) बाबू रेवाराम(C) गंगाधर मिश्र(D) गोपाल चन्द्र(E) इनमें से कोई नहींउत्तर-(B) बाबू रेवाराम रामराज्य नाटक के रचनाकार कौन हैं ? [CGPSC(Pre)2016](A) ठाकुर जगमोहन सिंह(B) श्री - [ग्राम रोपाखार मैनपाट देश का पहला ग्रामीण गार्बेज कैफे](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%96%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%88%e0%a4%a8%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%9f-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6/): ग्राम रोपाखार मैनपाट देश का पहला ग्रामीण गार्बेज कैफे अम्बिकापुर के मैनपाट जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत रोपाखार में देश का पहला ग्रामीण गार्बेज कैफे शुरू किया गया है। यह पहल स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत की गई है और इसे जिला प्रशासन सरगुजा, एलआईसी एचएफएल ग्रीन टुमॉरो परियोजना एवं फिनिश सोसायटी के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। यह नवाचार पर्यावरण संरक्षण, प्लास्टिक अपशिष्ट के स्थानीय संग्रहण और ग्रामीण महिलाओं की आजीविका संवर्धन की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है।इस कैफे का संचालन “कार्ब हट किचन, रोपाखार” में किया जा रहा है। ग्रामीण या पर्यटक एक किलो साफ प्लास्टिक (सफेद प्लास्टिक, पानी की बोतल, एल्युमिनियम कैन, - [नियाद नेला नार पहल चर्चा में क्यों?](https://examcg.com/%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%b2-%e0%a4%9a%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9a%e0%a4%be-%e0%a4%ae/): नियाद नेला नार पहल चर्चा में क्यों? नारायणपुर ज़िले के बस्तर संभाग में स्थित इरकाभट्टी पहले ऐसा गाँव था जहाँ माओवादी विद्रोह के कारण बुनियादी ज़रूरतें, विशेषकर शिक्षा, अप्राप्य थीं।  हालाँकि, राज्य सरकार की ‘नियाद नेला नार‘ योजना के माध्यम से शिक्षा, कनेक्टिविटी तथा बुनियादी ढाँचे में सुधार के लिये विशेष प्रयास किये गए हैं। मुख्य बिंदु ‘नियाद नेल्ला नार’ योजना: नियाद नेला नार योजना छत्तीसगढ़ सरकार की एक पहल है, जिसका उद्देश्य राज्य के नक्सल प्रभावित गाँवों को बुनियादी सुविधाएँ एवं कल्याणकारी लाभ प्रदान करना है। ‘नियाद नेला नार’ का अर्थ “आपका अच्छा गाँव” होता है, जो दंडामी बोली (दक्षिण बस्तर में बोली जाने वाली स्थानीय भाषा) से लिया गया है। इस योजना का उद्देश्य विशेष रूप से कमज़ोर जनजातीय समूहों - [छत्तीसगढ़ में Ni-Cu-PGE भंडार की खोज](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-ni-cu-pge-%e0%a4%ad%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%96/): छत्तीसगढ़ में Ni-Cu-PGE भंडार की खोज चर्चा में क्यों? छत्तीसगढ़ के महासमुंद ज़िले में निकल, ताँबा और प्लैटिनम समूह तत्त्वों (Ni-Cu-PGE) का एक महत्त्वपूर्ण भंडार खोजा गया है। मुख्य बिंदु खोज के बारे में:  डेक्कन गोल्ड माइंस लिमिटेड (DGML) को छत्तीसगढ़ में भालूकोना-जमनीडीह ब्लॉक के लिये 30 वर्ग किमी का कंपोजिट लाइसेंस प्रदान किया गया, जिससे अन्वेषण और खनन की अनुमति मिल गई। माफिक-अल्ट्रामैफिक चट्टान संरचनाओं के भीतर 700 मीटर विस्तृत खनिज क्षेत्र की पहचान की गई है। भू-भौतिकीय सर्वेक्षणों से 300 मीटर गहराई तक सल्फाइड खनिज की उपस्थिति का पता चलता है, जो पर्याप्त संसाधन क्षमता का संकेत देता है। अन्वेषण प्रक्रिया: भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) ने इस क्षेत्र में G4-स्तरीय अन्वेषण किया - [दीपक किंगरानी ने राष्ट्रीय पुरस्कार जीता](https://examcg.com/%e0%a4%a6%e0%a5%80%e0%a4%aa%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0/): दीपक किंगरानी ने राष्ट्रीय पुरस्कार जीता चर्चा में क्यों? छत्तीसगढ़ के बलौदाबाज़ार-भाटापारा ज़िले के रहने वाले दीपक किंगरानी को वर्ष 2023 के सर्वश्रेष्ठ संवाद लेखन के लिये राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। मुख्य बिंदु इंजीनियर दीपक किंगरानी सिनेमा के प्रति अपने शौक को पूरा करने के लिये मुंबई चले गए और अंततः फिल्म उद्योग में पहचान अर्जित की। उनकी लिखित फिल्म ‘सिर्फ एक बंदा काफी है‘ को राष्ट्रीय पुरस्कार में सर्वश्रेष्ठ फिल्म के लिये भी नामांकित किया गया था। ‘स्पेशल ऑप्स’ (2020) ने किंगरानी को उनके करियर में एक नई दिशा दी, जिससे उन्हें लगातार सफलता मिली। उन्हें ‘मिशन रंजनगंज‘ (2023) और भैया जी‘ (2024) की पटकथा का भी श्रेय दिया जाता है। संवाद लेखक के रूप में उनकी पहली फिल्में वॉर छोड़ - [रायपुर में स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5-%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%b6/): रायपुर में स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान चर्चा में क्यों? केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में ‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान (SNSPA)’ का शुभारंभ हुआ। मुख्य बिंदु अभियान के बारे में: स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान (SNSPA) स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (MoWCD) की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य पूरे भारत में महिलाओं तथा बच्चों के लिये स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावी करना है, विशेषकर पहुँच, गुणवत्तापूर्ण देखभाल एवं जागरूकता के क्षेत्र में सुधार लाना। जनभागीदारी अभियान के रूप में वर्णित यह पहल समावेशी स्वास्थ्य सेवा वितरण को बढ़ावा देने के लिये - [बाल विवाह उन्मूलन](https://examcg.com/%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b9-%e0%a4%89%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%82%e0%a4%b2%e0%a4%a8/): बाल विवाह उन्मूलन चर्चा में क्यों?  17 सितंबर, 2025 को छत्तीसगढ़ के सूरजपुर ज़िला ने अपने 75 ग्राम पंचायतों को “बाल विवाह-मुक्त पंचायत” घोषित कर एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।  यह मान्यता सामाजिक सुधार प्रयासों और “स्वस्थ महिलाएँ, सशक्त परिवार” पहल के तहत जन जागरूकता अभियानों की एक महत्त्वपूर्ण जीत को दर्शाती है।  मुख्य बिंदु  बाल विवाह उन्मूलन के बारे में:   75 बाल विवाह मुक्त पंचायतों की घोषणा राष्ट्रीय पोषण माह और चल रहे “स्वस्थ महिलाएँ, सशक्त परिवार” अभियान के शुभारंभ के साथ हुई।  इन पंचायतों को पिछले दो वर्षों में बाल विवाह की कोई घटना दर्ज न होने के कारण मान्यता दी गई।  10 मार्च 2024 को, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने यूनिसेफ के सहयोग से “बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ - [विकास शील छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव नियुक्त](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%b6%e0%a5%80%e0%a4%b2-%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a5%81/): विकास शील छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव नियुक्त वरिष्ठ IAS अधिकारी विकास शील को छत्तीसगढ़ का 13वाँ मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। वह अमिताभ जैन का स्थान लेंगे, जो 30 सितंबर 2025 को सेवानिवृत्त होंगे। उन्होंने रायपुर और बिलासपुर ज़िलों के कलेक्टर, विभिन्न राज्य विभागों में सचिव सहित प्रमुख पदों पर कार्य किया है और वर्तमान में एशियाई विकास बैंक (ADB) में कार्यकारी निदेशक के सलाहकार के रूप में कार्यरत हैं। मुख्य बिंदु  मुख्य सचिव के बारे में:  कार्यालय: भारत में मुख्य सचिव का कार्यालय वर्ष 1799 में ब्रिटिश शासन के दौरान लॉर्ड वेलेज़ली के अधीन अस्तित्व में आया और तब से यह राज्य प्रशासन का अभिन्न अंग है। मुख्य सचिव, राज्य में कार्यरत सर्वोच्च रैंक का प्रशासनिक अधिकारी होता है, जो राज्य सचिवालय का नेतृत्व करता है तथा राज्य सरकार के विभिन्न कार्यों - [महासमुंद जिले को राष्ट्रीय उपलब्धि: जल संचय जनभागीदारी अभियान में प्रथम स्थान](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%82%e0%a4%a6-%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0/): महासमुंद जिले को राष्ट्रीय उपलब्धि: जल संचय जनभागीदारी अभियान में प्रथम स्थान जल संरक्षण की दिशा में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ते हुए महासमुंद जिले ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। जल संचय जनभागीदारी अभियान 2.0 के अंतर्गत जिले को जोन-2 की कैटेगरी-2 में देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। इस उपलब्धि पर भारत सरकार द्वारा महासमुंद जिला प्रशासन को एक करोड़ रुपए का नगद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।    मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस सफलता पर महासमुंद जिले के नागरिकों, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को हार्दिक बधाई देते हुए कहा, ‘‘जल जीवन का आधार है। प्रधानमंत्री - [छत्तीसगढ़ को मिला ‘बेस्ट सेरीकल्चर स्टेट’ का राष्ट्रीय पुरस्कार](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%ac%e0%a5%87%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f/): छत्तीसगढ़ को मिला ‘बेस्ट सेरीकल्चर स्टेट’ का राष्ट्रीय पुरस्कार छत्तीसगढ़ को रेशम उत्पादन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए भारत सरकार के केन्द्रीय रेशम बोर्ड द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार ‘बेस्ट सेरीकल्चर स्टेट’ से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार बोर्ड के 76वें स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में सांसद एवं बोर्ड सदस्य श्री के. सुधाकर द्वारा प्रदान किया गया। छत्तीसगढ़ में रेशम की गतिविधियाँ विशेषकर आदिवासी अंचलों में रोजगार सृजन का सशक्त माध्यम बनी हैं। वर्तमान में लगभग 78 हजार ग्रामीण महिलाएँ एवं पुरुष रेशम विभाग की गतिविधियों से जुड़कर स्व-रोजगार प्राप्त कर रहे हैं। “मेरा रेशम मेरा अभिमान” कार्यक्रम के अंतर्गत वैज्ञानिक ग्रामीणों को नई तकनीक की जानकारी और समाधान - [भारत की पड़ोसी कूटनीति की पुनर्परिभाषा](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%8b%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%82%e0%a4%9f%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%95%e0%a5%80/): भारत की पड़ोसी कूटनीति की पुनर्परिभाषा यह एडिटोरियल 16/09/2025 को द बिज़नेस स्टैंडर्ड में प्रकाशित “Nepal’s convulsions, lessons for India: Rethinking South Asian integration” लेख पर आधारित है। यह लेख नेपाल और बांग्लादेश में अभिजात्य शासन के बीच युवाओं द्वारा संचालित असंतोष को उजागर करता है तथा भारत से अपनी महत्त्वाकांक्षी ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति से आगे बढ़कर जन-केंद्रित, सतत् क्षेत्रीय कूटनीति अपनाने के महत्त्व को रेखांकित करता है। प्रिलिम्स के लिये: बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव, रोहिंग्या शरणार्थी संकट, चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा, एक्ट ईस्ट नीति, नेबरहुड फर्स्ट नीति, भारत-म्याँमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग परियोजना, तुर्कमेनिस्तान-अफगानिस्तान-पाकिस्तान-भारत (TAPI) पाइपलाइन, SAARC, BIMSTEC मेन्स के लिये: भारत के पड़ोसी देशों के समक्ष प्रमुख चुनौतियाँ, बढ़ती अस्थिरता का भारत पर प्रभाव। हाल - [वैश्विक शक्ति के रूप में भारत की स्थिति](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b6%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%aa-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ad/): वैश्विक शक्ति के रूप में भारत की स्थिति प्रिलिम्स के लिये: मानव विकास सूचकांक, क्वाड, शंघाई सहयोग संगठन (SCO), गुटनिरपेक्ष आंदोलन  मेन्स के लिये: महाशक्ति का दर्जा पाने की भारत की आकांक्षा और इसकी सीमाएँ, भारत का सामरिक स्वायत्तता दृष्टिकोण, भारत की सामरिक स्वायत्तता की खोज से जुड़ी प्रमुख चुनौतियाँ। स्रोत: द हिंदू  चर्चा में क्यों? भारत जैसे-जैसे विश्व की सबसे तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में विकसित हो रहा है, उसे अपनी महाशक्ति आकांक्षाओं पर बहस का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें आलोचक कमज़ोर रणनीति और चीन तथा अमेरिका की तुलना में इसके सीमित वैश्विक प्रभाव पर प्रकाश डाल रहे हैं।  भारत की वैश्विक शक्ति आकांक्षाओं में बाधा डालने - [सऊदी-पाकिस्तान रक्षा समझौता](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%8a%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%9d/): सऊदी-पाकिस्तान रक्षा समझौता प्रिलिम्स के लिये: खाड़ी क्षेत्र, गाज़ा, लाल सागर, I2U2, वेस्ट कोस्ट रिफाइनरी परियोजना। मेन्स के लिये: भारत के लिये सऊदी-पाकिस्तान रक्षा समझौते के निहितार्थ तथा इसकी चुनौतियों से निपटने हेतु सुझाए गए उपाय। स्रोत: द हिंदू चर्चा में क्यों?  सऊदी अरब और पाकिस्तान ने सामरिक पारस्परिक रक्षा समझौते (SMDA) पर हस्ताक्षर करके दशकों के अनौपचारिक सैन्य सहयोग को औपचारिक रूप दिया है, यह एक ऐसा समझौता है जो दक्षिण एशिया और खाड़ी क्षेत्र में भारत के राष्ट्रीय हितों को विशेष रूप से प्रभावित कर सकता है।  इस समझौते में सामूहिक रक्षा खंड, संयुक्त सैन्य तंत्र और खुफिया जानकारी साझा करना शामिल है।  पाकिस्तान के लिये यह वित्तीय जीवनरेखा और रणनीतिक प्रासंगिकता प्रदान करता है, जबकि सऊदी अरब हेतु - [भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी का पुनर्निर्धारण](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%98-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%9d%e0%a5%87%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b0/): भारत-यूरोपीय संघ साझेदारी का पुनर्निर्धारण यह एडिटोरियल “EU’s new strategy document shows: New Delhi is a valued partner,” पर आधारित है, जो 19/09/2025 को द इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित हुआ था। यह लेख यूरोपीय संघ की नई रणनीति पर प्रकाश डालता है, जिसमें भारत को व्यापार, प्रौद्योगिकी और सुरक्षा के क्षेत्र में एक अपरिहार्य साझेदार के रूप में मान्यता दी गई है, साथ ही दिल्ली से बहुध्रुवीय विश्व में ब्रुसेल्स और मॉस्को के साथ संबंधों को संतुलित करने का आग्रह किया गया है। प्रिलिम्स के लिये: भारत-यूरोपीय संघ संबंध, भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी), सेमीकंडक्टर, भारत-यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA), कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियाँ, भारत-मध्य - [सऊदी-पाकिस्तान निकटता के बीच भारत के हितों की दिशा](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%8a%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%9f%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%87/): सऊदी-पाकिस्तान निकटता के बीच भारत के हितों की दिशा यह एडिटोरियल “Why India shouldn’t be worried by Saudi-Pak deal” पर आधारित है, जो द इंडियन एक्सप्रेस में 21/09/2025 को प्रकाशित हुआ था। यह लेख सऊदी–पाकिस्तान पारस्परिक रक्षा समझौता, बदलती पश्चिम एशियाई सुरक्षा परिस्थितियों के बीच इसके समय तथा क्षेत्रीय स्थिरता और भारत के रणनीतिक हितों पर इसके प्रभाव की समीक्षा करता है।  प्रिलिम्स के लिये: स्ट्रैटेजिक म्यूचुअल डिफेंस एग्रीमेंट (SMDA), NATO का अनुच्छेद 5, अब्राहम समझौता, हूती, EX-SADA TANSEEQ-I, खाड़ी सहयोग परिषद (GCC), I2U2  मेन्स के लिये: स्ट्रैटेजिक म्यूचुअल डिफेंस एग्रीमेंट (SMDA) की प्रमुख विशेषताएँ, SMDA का भू-राजनीतिक प्रभाव  2025 के सितंबर में सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच एक स्ट्रैटेजिक - [CG Current Affairs 2025 : MCQs | समसामयिकी](https://examcg.com/cg-current-affairs-2025-mcqs-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%af%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%80/): CG Current Affairs 2025 : MCQs | समसामयिकी Chhattisgarh Current Affairs 2025 MCQs Important – CG Current Affairs Questions Q1) छत्तीसगढ़ का पहला किसान स्कूल किस जिले में स्थित है? (A) बलौदाबाजार (B) दुर्ग (C) जांजगीर-चांपा (D) रायगढ़ Q2) छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (Chief Electoral Officer) के रूप में किसे नियुक्त किया गया है? (A) अशोक कुमार (B) यशवंत कुमार (C) संजय मिश्रा (D) अजय वर्मा Q3) डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना का नाम बदलकर क्या नाम रखा गया है ? (A) डॉ. द्विवेदी उपाध्याय योजना (B) शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान योजना (C) डॉ. बंशीलाल सिंह योजना (D) बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव योजना Answer – (01) (C) बहेराडीह गांव, जांजगीर-चांपा, (02)  (B) यशवंत कुमार (03) (B) शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान योजना July - [छत्तीसगढ़ी भाषा का इतिहास एवं विकास](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc%e0%a5%80-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be/): छत्तीसगढ़ी भाषा का इतिहास एवं विकास छत्तीसगढ़ी भाषा का इतिहास एवं विकास एक समृद्ध और रोचक यात्रा है, जो भारतीय उपमहाद्वीप की सांस्कृतिक विविधता का एक अहम हिस्सा है। नीचे इसके इतिहास और विकास को क्रमबद्ध रूप से प्रस्तुत किया गया है: हीरालाल काव्योपाध्याय जी ने छत्तीसगढ़ी का पहला व्याकरण सन् 1885 में लिखा था, जिसे जार्ज  ग्रियर्सन ने सन् 1890 में अंग्रेजी में अनुवाद कर बंगाल एशियाटिक सोसायटी के जर्नल में प्रकाशित करवाया था। प्राचीन काल छत्तीसगढ़ी भाषा की जड़ें प्राचीन मगधी अपभ्रंश में मानी जाती हैं, जो प्राकृत भाषाओं से विकसित हुई। यह भाषा प्राचीनकाल में दक्षिण कोशल (वर्तमान छत्तीसगढ़) में बोली जाती थी। मध्यकाल (10वीं – - [छत्तीसगढ़ के पंडी राम मंडावी को मिला पद्मश्री पुरस्कार | CG Awards and Honors](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a1/): छत्तीसगढ़ के पंडी राम मंडावी को मिला पद्मश्री पुरस्कार | CG Awards and Honors छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के श्री पंडी राम मंडावी जी को महामहिम राष्ट्रपति महोदया द्वारा कला के क्षेत्र में देश के चौथे सबसे बड़े नागरिक पुरस्कार “पद्मश्री” सम्मान से सम्मानित किया गया । छत्तीसगढ़ के गोंड-मुरिया जनजाति के सुप्रसिद्ध काष्ठ शिल्पकार श्री पंडी राम मंडावी मात्र 12 वर्ष की आयु से ही लकड़ी के पैनलों पर उभरे चित्रों, मनोहारी मूर्तियों और वर्षों से लकड़ी पर नक्काशी सहित अनेक वाद्ययंत्रों का निर्माण करते आ रहे हैं। श्री पंडी राम मंडावी जी द्वारा निर्मित “सुलुर” (बस्तर की बांसुरी) एक अनूठा वाद्ययंत्र - [वन एवं वृक्षावरण वृद्धि में छत्तीसगढ़ शीर्ष पर: आईएसएफआर](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%a8-%e0%a4%8f%e0%a4%b5%e0%a4%82-%e0%a4%b5%e0%a5%83%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%b5%e0%a5%83%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%bf-%e0%a4%ae/): वन एवं वृक्षावरण वृद्धि में छत्तीसगढ़ शीर्ष पर: आईएसएफआर चर्चा में क्यों?  हाल ही में, भारतीय वन सर्वेक्षण रिपोर्ट (आईएसएफआर) 2023 के अनुसार , छत्तीसगढ़ संयुक्त वन और वृक्ष आवरण वृद्धि में शीर्ष राज्य के रूप में उभरा है ।  प्रमुख बिंदु  छत्तीसगढ़ का वन एवं वृक्ष आवरण वृद्धि :  भारतीय वन सर्वेक्षण रिपोर्ट (आईएसएफआर) 2023 के अनुसार , छत्तीसगढ़ संयुक्त वन और वृक्ष आवरण वृद्धि में शीर्ष राज्य के रूप में उभरा है ।  छत्तीसगढ़ में वन क्षेत्र में 94.75 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि हुई , जिससे इसका कुल वन क्षेत्र 55,811.75 वर्ग किलोमीटर हो गया ।  राज्य में वन एवं वृक्ष आवरण में कुल 684 वर्ग किमी की वृद्धि दर्ज की गई , जो सभी भारतीय राज्यों में सबसे अधिक है।  - [छत्तीसगढ़ को वर्ष 2024 में प्राप्त राष्ट्रीय पुरस्कार | CG Awards](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7-2024-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0/): छत्तीसगढ़ को वर्ष 2024 में प्राप्त राष्ट्रीय पुरस्कार | CG Awards छत्तीसगढ़ के कोंडागांव की बिटिया राष्ट्रीय जूडो खिलाड़ी हेमबती नाग को मिला प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार राष्ट्रपति भवन नई दिल्ली में आयोजित प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2024 से राष्ट्रीय जुडो खिलाड़ी, कोंडागांव की बिटिया हेमबती नाग को आज राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया गया। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में हरदीभाटा ग्राम पंचायत को मिला राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार – 2024 नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार – 2024 समारोह में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के हाथों हरदीभाटा के - [छत्तीसगढ़ को वर्ष 2025 में प्राप्त राष्ट्रीय पुरस्कार | CG Awards](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7-2025-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0/): छत्तीसगढ़ को वर्ष 2025 में प्राप्त राष्ट्रीय पुरस्कार | CG Awards National Awards Received by Chhattisgarh प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में छत्तीसगढ़ सेकंड बेस्ट परफॉर्मिंग स्टेट (बड़े राज्यों की श्रेणी में) कारण: प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का उत्कृष्ट क्रियान्वयन व लाभ वितरण सम्मानित जिले: राज्य के मोहला – मानपुर- चौकी और सक्ति को बेस्ट परफॉर्मिंग जिला चुना गया। आधार सेवाओं में उत्कृष्टता के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय सम्मान कारण: 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों का बायोमैट्रिक आधार अपडेट, विशेष रूप से 5–7 वर्ष और 15–17 वर्ष आयु वर्ग विश्व क्षय दिवस पर छत्तीसगढ़ को मिला राष्ट्रीय सम्मान : टीबी मुक्त ग्राम पंचायत - [छत्तीसगढ़ में झरने](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9d%e0%a4%b0%e0%a4%a8%e0%a5%87/): छत्तीसगढ़ में झरने छत्तीसगढ़ की हरी-भरी हरियाली और प्राचीन परिदृश्यों के बीच स्थित, लुभावने झरनों का खजाना उन लोगों का इंतजार कर रहा है जो प्रकृति की भव्यता से रूबरू होना चाहते हैं। छत्तीसगढ़, जिसे अक्सर “भारत का धान का कटोरा” कहा जाता है, न केवल अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए बल्कि अपनी आश्चर्यजनक प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी मनाया जाता है। इसके कई प्राकृतिक आश्चर्यों के बीच,छत्तीसगढ़ में झरनें (Waterfalls in Chhattisgarh in Hindi) केंद्र स्तर पर हैं, जो यात्रियों और प्रकृति प्रेमियों के लिए एक शांत मुक्ति और एक दृश्य आनंद प्रदान करते हैं। इस लेख में, हम छत्तीसगढ़ - [छत्तीसगढ़ करेंट अफेयर्स 2025](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%9f-%e0%a4%85%e0%a4%ab%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8-2025/): छत्तीसगढ़ करेंट अफेयर्स 2025 September 2025 ⇒ छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग ने मिशन शक्ति के अंतर्गत SANKALP: HEW नामक विशेष 10 दिवसीय राज्यव्यापी जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं, किशोरियों और बच्चों को कानूनी अधिकार, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा और शासकीय योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर और जागरूक बनाना है। August 2025 ⇒ छत्तीसगढ़ मंत्रिपरिषद बैठक (19 Aug 2025) अनुसूचित और माडा पॉकेट परिवारों के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में 2 किलो चना वितरित किया जाएगा, जिसकी खरीदी NeML ई-ऑक्शन के माध्यम से की जाएगी। जुलाई से नवंबर 2025 तक का बकाया चना दिसंबर तक वितरित किया जाएगा। इसके - [State of Forest Report 2023 : Chhattisgarh | वन स्थिति रिपोर्ट](https://examcg.com/state-of-forest-report-2023-chhattisgarh-%e0%a4%b5%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f/): State of Forest Report 2023 : Chhattisgarh | वन स्थिति रिपोर्ट भारतीय वन सर्वेक्षण रिपोर्ट (ISFR) 2023 भारतीय वन सर्वेक्षण (FSI) द्वारा प्रकाशित ISFR (India State of Forest Report) रिपोर्ट प्रत्येक 02 वर्षों में जारी की जाती है। इसका मुख्यालय देहरादून, उत्तराखंड में स्थित है, जो केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के अधीन कार्य करता है। इस रिपोर्ट का प्रारंभ वर्ष 1987 में हुआ था और वर्ष 2023 की रिपोर्ट इसका 18वाँ संस्करण है। State of Forest Report 2023 – Chhattisgarh 18वीं भारतीय वन सर्वेक्षण की रिपोर्ट छत्तीसगढ़ के 28 जिलों के आधार पर तैयार की गई है। इस - [छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्ग](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%af/): छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्ग छ.ग. में राष्ट्रीय राजमार्ग (1) NH 30 चिल्फी-कवर्धा-बेमेतरा-रायपुर-कांकेर जगदलपुर-कोंटा 636 किमी. (2) NH 43 शहडोल-मनेन्द्रगढ़-अंबिकापुर जशपुरनगर 353 किमी (3) NH 53 धुले-नागपुर-रायपुर-संबलपुर 322 किमी (4) NH 130 सिमगा-बिलासपुर-कटघोरा-अंबिकापुर 292.6 किमी (5) NH 63 भोपालपट्टनम-गीदम-जगदलपुर 236 किमी (6) NH 49बिलासपुर-चापा-रायगढ़ 196.6 किमी (7) NH 130(C) अभनपुर-राजिम-गरियाबंद-बरदुला-देवभोग 196 किमी (8) NH 130(B) रायपुर पर NH30 से पलारी-बलौदा-कसडोल 187.5 किमी. (9) NH 930 पुरुर के पास NH 30 से बालोद-कुसुभकासा-कुम्हारी-मानपुर 115.4 किमी (10) NH 243 अ़बिकापुर-रामानुजगंज 110 किमी (11) NH 130(A) पोड़ी के समीप NH 30 से पंडरिया-मुंगेली-बिलासपुर पर NH 30 105.8 किमी (12) NH 153 सरायपाली-सारंगढ़-रायगढ़ 86.8 किमी (13) - [छत्तीसगढ़ का प्राकृतिक विभाजन, भौगोलिक संरचना](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b5/): छत्तीसगढ़ का प्राकृतिक विभाजन, भौगोलिक संरचना यहां छत्तीसगढ़ के भूगोल (Geography of Chhattisgarh) अंतर्गत छत्तीसगढ़ की भौगोलिक और प्राकृतिक संरचना तथा उसके विभाजन के बारे में बताया गया है। चूँकि छत्तीसगढ़ राज्य भारत के प्रायद्वीपीय पठार (Chhattisgarh Nature Basin) का एक भाग है, अतः यहाँ जलवायु एवं धरातलीय संरचना के आधार पर प्राकृतिक विशिष्टता की विविधता दिखाई पड़ती है। प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ का प्राकृतिक और भौगोलिक संरचना (Geography of Chhattisgarh) के बारे में जानकारी विस्तार से पढ़ते है- Geography of Chhattisgarh – Physical Division of CG Nature छत्तीसगढ़ का प्राकृतिक प्रदेश एवं विभाजन | Nature Geography - [छत्तीसगढ़ की भूगर्भिक संरचना चट्टानों का वर्णन | Description of the Geological Formation Rocks of Chhattisgarh](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ad%e0%a5%82%e0%a4%97%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a4%82/): छत्तीसगढ़ की भूगर्भिक संरचना चट्टानों का वर्णन | Description of the Geological Formation Rocks of Chhattisgarh प्राचीन समय में छत्तीसगढ़ दक्कन के पठार का ही एक भाग माना जाता है।  भूमिका- प्राचीन समय में छत्तीसगढ़ दक्कन के पठार का ही एक भाग माना जाता है। पर्वत निर्माणकारी शक्तियों के द्वारा काफी बड़े भाग पर उत्थान एवं भ्रंश के कारण कई स्थानों पर भूमि धंसी हुई दिखाई पड़ती है। यहां नये और पुराने दोनो तरह के चट्टान पाए जाते है। यहां आर्कियन, कड़प्पा जैसी पुराने चट्टान है। इसके अतिरिक्त धारवाड़, गोंडवाना, दक्कन चट्टाने भी पाई जाती है। प्रमुख शैल समूह- 1. आर्कियन समूह- - [छत्तीसगढ़ के जिले, सूची, जनसंख्या, क्षेत्रफल, महत्व](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a5%82%e0%a4%9a%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a4%a8/): छत्तीसगढ़ के जिले, सूची, जनसंख्या, क्षेत्रफल, महत्व छत्तीसगढ़ के 33 जिलों की पूरी सूची उनके नाम, क्षेत्रफल, जनसंख्या और संस्कृति, भूगोल और अर्थव्यवस्था को कवर करने वाली अनूठी विशेषताओं के साथ देखें। छत्तीसगढ़ 33 जिलों में विभाजित है, जिनका कुल क्षेत्रफल 135,192 वर्ग किलोमीटर है। गठन के समय राज्य में केवल 16 जिले थे, लेकिन समय के साथ प्रशासनिक दक्षता में सुधार के लिए कई नए जिले बनाए गए। सबसे हालिया जिले, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, का गठन 2022 में हुआ। नीचे दिए गए लेख में छत्तीसगढ़ के जिलों की सूची दी गई है, जिसमें उनके नाम, कुल क्षेत्रफल और जनसंख्या के साथ-साथ संक्षिप्त - [छत्तीसगढ़ के वन्यजीव अभयारण्य | Wildlife Sanctuaries of Chhattisgarh in Hindi: नाम, स्थान और विशेषताएं](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5-%e0%a4%85%e0%a4%ad%e0%a4%af/): छत्तीसगढ़ के वन्यजीव अभयारण्य | Wildlife Sanctuaries of Chhattisgarh in Hindi: नाम, स्थान और विशेषताएं छत्तीसगढ़ कई विविध वन्यजीव अभयारण्यों का घर है, जो सामूहिक रूप से पारिस्थितिक तंत्र की एक श्रृंखला को शामिल करते हैं। इन संरक्षित क्षेत्रों में दुर्लभ और लुप्तप्राय प्रजातियों सहित वनस्पतियों और जीवों का एक समृद्ध वर्गीकरण है। राज्य के अभयारण्य घने जंगलों, घास के मैदानों और आर्द्रभूमियों का एक अनूठा मिश्रण पेश करते हैं, जो विभिन्न जानवरों, जैसे बाघ, तेंदुए, हाथियों और कई पक्षी प्रजातियों के लिए आवास प्रदान करते हैं। ये अभयारण्य महत्वपूर्ण संरक्षण केंद्र के रूप में काम करते हैं, जैव विविधता का - [छत्तीसगढ़ में नदियाँ | Rivers in Chhattisgarh: नाम, स्थान, आर्थिक और सांस्कृतिक महत्व](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a8%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%81-rivers-in-chhattisgarh-%e0%a4%a8/): छत्तीसगढ़ में नदियाँ | Rivers in Chhattisgarh: नाम, स्थान, आर्थिक और सांस्कृतिक महत्व छत्तीसगढ़, मध्य भारत का एक राज्य, महानदी, इंद्रावती, नर्मदा और गोदावरी सहित कई नदियों का घर है। ये नदियाँ राज्य की अर्थव्यवस्था और पारिस्थितिकी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, सिंचाई, पीने और जल विद्युत उत्पादन के लिए पानी उपलब्ध कराती हैं। छत्तीसगढ़ में नदियाँ (Rivers in Chhattisgarh in Hindi) विभिन्न प्रकार के जलीय जीवन का घर भी हैं और लाखों लोगों की आजीविका का समर्थन करती हैं। महानदी छत्तीसगढ़ की सबसे लंबी नदी है, जो राज्य में 850 किलोमीटर से अधिक बहती है। यह राज्य की सबसे महत्वपूर्ण नदी भी - [छत्तीसगढ़ : सामान्य जानकारी](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%95%e0%a4%be/): छत्तीसगढ़ : सामान्य जानकारी   गठन  1 नवंबर, 2000 क्षेत्रफल 1,35,192 वर्ग किमी. कुल ज़िले 33 राज्य का प्राचीन नाम दक्षिण कोसल राज्य की आकृति समुद्री घोड़ा (हिप्पोकैंपस) उच्च न्यायालय बिलासपुर (देश का 19वाँ) साक्षरता दर 71.04%   राजकीय प्रतीक  वाक्य: विश्वसनीय छत्तीसगढ़ राजकीय पक्षी: पहाड़ी मैना राजकीय पशु: वन भैंसा राजकीय वृक्ष: साल सामान्य जानकारी राज्य का नाम – छत्तीसगढ़  राज्य का प्राचीन नाम – दक्षिण कोसल  राज्य की स्थापना – 1 नवंबर, 2000 (देश का 26वाँ राज्य)  छत्तीसगढ़ मध्यप्रांत का एक संभाग बना – 1862 में  राज्य की राजधानी –  रायपुर  राज्य की आकृति – सी. हार्स (समुद्री घोड़े) के समान  राज्य गठन हेतु अधिनियम – मध्य प्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 2000  राज्य निर्माण का समय – 9वीं पंचवर्षीय योजना (1997-2002)  राज्य की राजकीय भाषा – छत्तीसगढ़ी (स्वीकृति 28 नवंबर, 2007 को)  राज्य की विधायिका – एकसदनात्मक (विधानसभा)  राज्य में - [मोहनलाल को दादा साहब फाल्के पुरस्कार](https://examcg.com/22%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%82-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%95-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b2/): मोहनलाल को दादा साहब फाल्के पुरस्कार चर्चा में क्यों?  23 सितंबर 2025 को केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा मलयालम अभिनेता मोहनलाल को 71वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह के दौरान वर्ष 2023 का प्रतिष्ठित दादा साहब फाल्के पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।  मुख्य बिंदु   मोहनलाल के बारे में:  21 मई 1960 को पथानमथिट्टा में जन्मे मोहनलाल ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत थिरानोट्टम (1978) से की तथा मंजिल विरिंजा पुक्कल (1980) में खलनायक के रूप में पदार्पण किया।  वर्ष 1986 में, राजाविंते मकान में उनकी भूमिका ने उन्हें मलयालम सिनेमा के पहले आधुनिक सुपरस्टार के रूप में स्थापित कर दिया।  45 से अधिक वर्षों और 400 से अधिक फिल्मों के साथ, मोहनलाल मॉलीवुड (Mollywood) में एक प्रमुख व्यक्ति बन गए हैं, जिन्होंने थनमथरा, - [मध्य पूर्व का विऔपनिवेशीकरण (1932-1971): समयरेखा, प्रभाव, मध्य पूर्व साम्राज्य का अंत](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%94%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a5%80/): मध्य पूर्व का विऔपनिवेशीकरण (1932-1971): समयरेखा, प्रभाव, मध्य पूर्व साम्राज्य का अंत मध्य पूर्व के उपनिवेशवाद-विमुक्ति की प्रक्रिया (1932-1971) विभिन्न हाथों से नियंत्रण के हस्तांतरण की प्रक्रिया थी। इसका सबसे पहला संक्रमण प्रथम विश्व युद्ध के दौरान हुआ था। हालाँकि यह संक्रमण सुचारू रहा, लेकिन इसके साथ ही कुछ हिंसक घटनाएँ भी हुईं। इन घटनाओं के परिणामस्वरूप क्षेत्र में अस्थिरता पैदा हुई, जिसके दृश्य आज भी देखे जा सकते हैं। आप यूपीएससी के लिए टेस्टबुक की प्रमुख वैकल्पिक इतिहास कोचिंग के लिए भी पंजीकरण कर सकते हैं और आज ही अपनी यूपीएससी आईएएस तैयारी यात्रा शुरू कर सकते हैं। मध्य पूर्व के उपनिवेशवाद की समाप्ति - [श्रीलंका गृह युद्ध: इतिहास, कारण और प्रभाव यूपीएससी नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%b2%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%97%e0%a5%83%e0%a4%b9-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be/): श्रीलंका गृह युद्ध: इतिहास, कारण और प्रभाव यूपीएससी नोट्स श्रीलंका गृह युद्ध, तमिल अलगाववादी ताकतों और श्रीलंका सरकार के मध्य एक विनाशकारी संघर्ष था, जो दो दशकों से अधिक समय तक चला और जिसके परिणामस्वरूप 1,50,000 से अधिक लोगों की मृत्यु होने का अनुमान है। यह संघर्ष, जो 1983 में एक मामूली विद्रोह से बढ़कर एक पूर्ण विकसित श्रीलंका गृह युद्ध बन गया, अंततः 2009 में समाप्त हुआ। इस युद्ध की विशेषता वेलुपिल्लई प्रभाकरन के लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम (LTTE या तमिल टाइगर्स) द्वारा श्रीलंका सरकार के खिलाफ़ बीच-बीच में होने वाले विद्रोह थे। 23 जुलाई, 1983 को शुरू हुए - [म्यूनिख समझौता से द्वितीय विश्व युद्ध के प्रारंभ तक](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%96-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%9d%e0%a5%8c%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%80/): म्यूनिख समझौता से द्वितीय विश्व युद्ध के प्रारंभ तक म्यूनिख से द्वितीय विश्व युद्ध के प्रारंभ तक (सितंबर 1938 से सितंबर 1939) इस भाग्यशाली वर्ष में हिटलर ने दो दबाव अभियानों का संचालन किया: पहला चेकोस्लोवाकिया के खिलाफ, दूसरा पोलैंड के खिलाफ। हिटलर का लक्ष्य चेकोस्लोवाकिया को उसकी लेबेंसरौम (जीवित स्थान) नीति के तहत तोड़ना था। उन्होंने चेक लोगों के प्रति कई कारणों से एक मजबूत नापसंदगी रखी: उनकी लोकतांत्रिक प्रणाली, उनकी स्लाविक जातीयता, और यह तथ्य कि उनका राष्ट्र नापसंद किए गए वर्साय समझौते द्वारा स्थापित किया गया था। चीकोस्लोवाकिया की रणनीतिक स्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण थी, क्योंकि इस क्षेत्र पर नियंत्रण प्राप्त करना जर्मनी की सैन्य और आर्थिक - [अमेरिकी गृह युद्ध (1861-1865)](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%97%e0%a5%83%e0%a4%b9-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-1861-1865/): अमेरिकी गृह युद्ध (1861-1865)    प्रिलिम्स के लिये: दासता, अफ्रीका, मध्य पूर्व, अर्थशास्त्र, बंधुआ मजदूरी प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम 1976, संप्रभुता, आव्रजन। मेन्स के लिये: विश्व इतिहास, अमेरिकी गृह युद्ध, दासता उन्मूलन। चर्चा में क्यों? हाल ही में रिपब्लिकन पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार को हराकर संयुक्त राज्य अमेरिका (US) के राष्ट्रपति बने। अमेरिकी गृह युद्ध दासता, आर्थिक मतभेदों और राज्यों के अधिकारों पर तनाव से प्रेरित था, जिसमें रिपब्लिकन पार्टी ने गुलामी का विरोध किया था और डेमोक्रेटिक पार्टी ने शुरू में इसका समर्थन किया था। मानव इतिहास में दास प्रथा का विकास कैसे हुआ? उत्पत्ति एवं प्रारंभिक विकास: हज़ारों वर्ष पहले कृषि बस्तियों में दास प्रथा का उदय हुआ, जब - [चीनी गृहयुद्ध [1927-1949] - उत्पत्ति, प्रकोप, कारण, समयरेखा, परिणाम और अधिक](https://examcg.com/%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%97%e0%a5%83%e0%a4%b9%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-1927-1949-%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf/): चीनी गृहयुद्ध [1927-1949] – उत्पत्ति, प्रकोप, कारण, समयरेखा, परिणाम और अधिक चीनी गृहयुद्ध 1927 में शुरू हुआ। चीन में दो बड़े समूह, राष्ट्रवादी पार्टी या कुओमिन्तांग (केएमटी) और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ चाइना (सीपीसी), आपस में लड़ने लगे। वे चीन पर कब्ज़ा करना चाहते थे और अपने नियम बनाना चाहते थे। चीनी गृह युद्ध 1927-1949 का विषय परीक्षा की दृष्टि से विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यूपीएससी की मुख्य परीक्षा (जीएस 2) में इस विषय के बारे में प्रश्न पूछे जा सकते हैं । चीनी गृहयुद्ध 1927-1949 पर इस लेख में हम इसकी उत्पत्ति, कारणों, महत्वपूर्ण घटनाओं और नेताओं, इसके पतन के कारणों - [इराक युद्ध की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि | Historical Background of the Iraq War](https://examcg.com/%e0%a4%87%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%95-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%90%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%83/): इराक युद्ध की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि | Historical Background of the Iraq War 1990 में कुवैत पर इराक के आक्रमण के परिणामस्वरूप फारस की खाड़ी युद्ध (1990-91) में संयुक्त राज्य अमेरिका के नेतृत्व वाले गठबंधन की हार हुई। हालांकि, बाथ पार्टी की सद्दाम हुसैन की इराकी शाखा ने देश के अल्पसंख्यक कुर्दों और बहुसंख्यक अरबों के विरोध को गंभीर रूप से कुचलकर सत्ता बनाए रखने में कामयाबी हासिल की। इराक युद्ध इराक में सद्दाम हुसैन के शासन को हटाने और इसे लोकतंत्र के साथ बदलने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा शुरू किया गया एक अभियान था। हुसैन शासन को उखाड़ फेंकने - [अफगानिस्तान संकट - यूपीएससी के लिए नवीनतम विकास, पृष्ठभूमि और कारण ](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%ab%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%9f-%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%b8/): अफगानिस्तान संकट – यूपीएससी के लिए नवीनतम विकास, पृष्ठभूमि और कारण  अफगानिस्तान संकट (Afghanistan Crisis in Hindi) तब हुआ जब अफगानिस्तान के इस्लामी अमीरात (Islamic Emirate of Afghanistan – IEA), जिसे तालिबान के रूप में भी जाना जाता है, ने अगस्त 2021 में अफगानिस्तान में 2021 में आईईए और अफगान सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण संघर्ष वृद्धि और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच एक समझौते के बाद सत्ता पर कब्जा कर लिया। सत्ता पर कब्जा करने के बाद IEA जिसने अमेरिकी सेना को जल्दी से देश छोड़ते हुए देखा, सत्ता में बदलाव आया। यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा के लिए अफगानिस्तान संकट (Afghanistan Crisis in Hindi) - [सीरियाई गृहयुद्ध: कारण, प्रभाव, समयरेखा और वर्तमान हालात  यूपीएससी नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%97%e0%a5%83%e0%a4%b9%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%aa%e0%a5%8d/): सीरियाई गृहयुद्ध: कारण, प्रभाव, समयरेखा और वर्तमान हालात  यूपीएससी नोट्स पश्चिम एशिया समकालीन इतिहास में एक ऐसा भौगोलिक क्षेत्र है जहाँ हुए राजनीतिक उठापटक अक्सर ही पूरे विश्व का ध्यान अपनी ओर आकार्षित कर सबको सकते में डाल देते हैं। ऐसा ही एक देश है सीरिया, जो पिछले कई वर्षों से गृहयुद्ध की आग में जल रहा है। सीरिया वर्ष 2011 से ही गृहयुद्ध में उलझा हुआ है। इस सीरियाई गृहयुद्ध ने कई लोगों को विस्थापित किया है तो इसे एक गहरी राजनीतिक अराजकता में डाल दिया है। भौगोलिक दृष्टि से, पूर्व में भूमध्य सागर से घिरा सीरिया, तुर्की , इराक - [सीरियाई गृहयुद्ध और सीरिया का भविष्य  ](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%88-%e0%a4%97%e0%a5%83%e0%a4%b9%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a4%bf/): सीरियाई गृहयुद्ध और सीरिया का भविष्य     प्रिलिम्स के लिये: इस्लामिक उग्रवादी समूह,  हयात तहरीर अल-शाम, अरब स्प्रिंग, हिज़्बुल्लाह, इस्लामिक स्टेट ऑफ ईराक एंड सीरिया,  तालिबान, संयुक्त राष्ट्र, प्रॉक्सी युद्ध, इस्लामिक सहयोग संगठन मेन्स के लिये: सीरियाई संघर्ष के बीच भारत के रणनीतिक हित, बहुपक्षवाद में आतंकवादी समूहों का उदय, भारत से जुड़े और/या भारत के हितों को प्रभावित करने वाले समूह और समझौते स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस  चर्चा में क्यों?  हाल ही में इस्लामी आतंकवादी समूह हयात तहरीर अल-शाम (HTS) के नेतृत्व में सीरियाई विद्रोहियों ने सीरिया के तीसरे सबसे बड़े शहर होम्स पर नियंत्रण का दावा किया है, जो राष्ट्रपति बशर अल-असद के शासन के लिये एक बड़ा झटका है।  चल रहे गृहयुद्ध के - [यमन गृहयुद्ध](https://examcg.com/%e0%a4%af%e0%a4%ae%e0%a4%a8-%e0%a4%97%e0%a5%83%e0%a4%b9%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7/): यमन गृहयुद्ध यमन गृहयुद्ध एक दीर्घकालिक संघर्ष है जिसमें कई गुट शामिल हैं। यह गृहयुद्ध 2014 से आज तक जारी है। यह संघर्ष मुख्यतः अब्दराबुह मंसूर हादी के नेतृत्व वाली यमनी सरकार और हूथी सशस्त्र आंदोलन, तथा उनके समर्थकों और सहयोगियों के बीच है। दोनों ही यमन की आधिकारिक सरकार होने का दावा करते हैं। युद्ध के छह साल से ज़्यादा समय बाद भी, यमन दुनिया का सबसे बड़ा मानवीय संकट बना हुआ है। यह दुनिया के सबसे बुरे खाद्य संकट से जूझ रहा है, जहाँ 2020 की शुरुआत में लगभग दो-तिहाई आबादी को खाद्य सहायता की ज़रूरत थी। कोविड महामारी के दौरान - [महामंदी 1929-1939 : यूपीएससी परीक्षा के लिए इसके कारण और दुनिया पर इसके प्रभाव](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%80-1929-1939-%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%b8%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%8d/): महामंदी 1929-1939 : यूपीएससी परीक्षा के लिए इसके कारण और दुनिया पर इसके प्रभाव महामंदी 1929-1939 (Great Depression 1929-1939) एक वैश्विक आर्थिक गिरावट थी जो 1929 में शुरू हुई और 1939 तक चली। अत्यधिक मानवीय पीड़ा और आर्थिक नीति में महत्वपूर्ण बदलाव महामंदी (Great Depression in Hindi) के परिणाम थे, साथ ही उत्पादन में तेज गिरावट, उच्च बेरोजगारी और तीव्र अपस्फीति। संयुक्त राज्य अमेरिका में महामंदी (Great Depression in Hindi) शुरू होने के बाद, इसके सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभाव विशेष रूप से गंभीर थे, अवसाद ने दुनिया के लगभग हर देश को प्रभावित किया। महामंदी (Great Depression in Hindi) 1929-1939 यूपीएससी आईएएस परीक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण टॉपिक्स में - [मित्र राष्ट्र और धुरी राष्ट्र द्वितीय विश्व युद्ध में - UPSC के लिए विश्व इतिहास के नोट्स ](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%a7%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7/): मित्र राष्ट्र और धुरी राष्ट्र द्वितीय विश्व युद्ध में – UPSC के लिए विश्व इतिहास के नोट्स  द्वितीय विश्व युद्ध 70 से 85 मिलियन मौतों के साथ मानव इतिहास में सबसे खराब संघर्ष था और जारी है। यह एक वैश्विक संघर्ष था जो 1939 से 1945 तक चला, जिसमें दुनिया के लगभग सभी राष्ट्र शामिल थे, मित्र राष्ट्र और धुरी राष्ट्र (Allied and Axis Powers in Hindi) शक्तियों ने अंततः दो विरोधी सैन्य गठबंधन बनाए। इसलिए, द्वितीय विश्व युद्ध में मित्र राष्ट्र और धुरी राष्ट्र (Allied and Axis Powers in Hindi) शक्तियाँ UPSC IAS परीक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण विषयों में से एक है। द्वितीय - [वर्साय की संधि - इतिहास, शर्तें, कार्यान्वयन, प्रभाव, मुद्दे और मित्र राष्ट्रों के बीच मतभेद](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a4%bf-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%b6%e0%a4%b0%e0%a5%8d/): वर्साय की संधि – इतिहास, शर्तें, कार्यान्वयन, प्रभाव, मुद्दे और मित्र राष्ट्रों के बीच मतभेद वर्साय की संधि 1919 में मित्र राष्ट्रों और जर्मनी के बीच हस्ताक्षरित एक शांति दस्तावेज़ थी। इस संधि ने प्रथम विश्व युद्ध को आधिकारिक रूप से समाप्त कर दिया, जो जर्मनी और मित्र राष्ट्रों के बीच हुआ था। इस संधि पर पेरिस के निकट वर्साय के महल में हस्ताक्षर किए गए थे और इसीलिए इसे वर्साय की संधि के नाम से जाना जाता है। यह संधि द्वितीय विश्व युद्ध के छिड़ने में एक प्रमुख कारक थी।  वर्साय की संधि यूपीएससी आईएएस परीक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है और - [उपनिवेशवाद और साम्राज्यवाद में अंतर- परिभाषा, विशेषताएं और संबंधित तथ्य](https://examcg.com/%e0%a4%89%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%b5/): उपनिवेशवाद और साम्राज्यवाद में अंतर- परिभाषा, विशेषताएं और संबंधित तथ्य साम्राज्यवाद एक ऐसी नीति है जहाँ विदेशों पर किसी साम्राज्य या राष्ट्र का शासन या अधिकार बढ़ाया जाता है। इसमें कालोनियों और आश्रितों का अधिग्रहण और धारण करना भी शामिल है। उपनिवेशवाद बाहरी लोगों का शासन है। हालाँकि, यह अनुलग्नक का गठन नहीं करता है। इसमें प्रमुख लोगों के राष्ट्र में वास्तविक समावेश शामिल नहीं है। साम्राज्यवाद एक विचारधारा है जिससे उपनिवेशवाद की उत्पत्ति हुई है। इस लेख में हम उपनिवेशवाद और साम्राज्यवाद में अंतर (Difference Between Colonialism and Imperialism) पर ही चर्चा करने जा रहे हैं।  उपनिवेशवाद और साम्राज्यवाद में अंतर (Difference - [जोसेफ़ स्टालिन 1878-1953 - एक क्रांतिकारी और सोवियत राजनीतिक नेता](https://examcg.com/%e0%a4%9c%e0%a5%8b%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%ab%e0%a4%bc-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%a8-1878-1953-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%82/): जोसेफ़ स्टालिन 1878-1953 – एक क्रांतिकारी और सोवियत राजनीतिक नेता सोवियत संघ पर 1923 से 1953 तक जोसेफ स्टालिन 1878-1953 (Joseph Stalin) का शासन था। इसका पूरा नाम जोसेफ विसारियोनोविच स्टालिन था।  जोसेफ स्टालिन 1878-1953 (Joseph Stalin in Hindi) के नेतृत्व में, यूएसएसआर एक कृषि राष्ट्र से एक महत्वपूर्ण औद्योगिक और सैन्य शक्ति में बदल गया था। हालाँकि, सोवियत अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए उन्होंने जो नीतियां लागू कीं, उनके परिणामस्वरूप लाखों मौतें हुईं। जोसेफ स्टालिन 1878-1953 (Joseph Stalin in Hindi) यूपीएससी आईएएस परीक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण टॉपिक्स में से एक है। इस लेख में, हम जोसेफ स्टालिन 1878-1953 (Joseph Stalin in Hindi) की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, उनकी शक्ति - [विंडरश जनरेशन - घोटाले, संबंधित योजनाएँ और ब्रिटेन द्वारा की गई कार्रवाई पर यूपीएससी के लिए लेख](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a4%b0%e0%a4%b6-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%98%e0%a5%8b%e0%a4%9f%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%ac/): विंडरश जनरेशन – घोटाले, संबंधित योजनाएँ और ब्रिटेन द्वारा की गई कार्रवाई पर यूपीएससी के लिए लेख   विंडरश जनरेशन (Windrush Generation) उन लोगों की पीढ़ी है जो 1948 और 1971 के बीच कैरेबियाई देशों से यूके पहुंचे। विंडरश शब्द एमवी एम्पायर विंडरश नामक एक जहाज से लिया गया है जिसे 22 जून 1948 को टिलबरी (इंग्लैंड में एक शहर) में डॉक किया गया था। यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ब्रिटेन के श्रम की कमी को पूरा करने के लिए जमैका त्रिनिदाद और टोबैगो जैसे कैरेबियाई देशों के श्रमिकों को लाया था। विश्व इतिहास मुख्य परीक्षा के सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-I के पाठ्यक्रम - [मार्शल योजना -  उद्देश्य, लक्ष्य और महत्व  से संबंधित यूपीएससी विश्व इतिहास के लिए नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b6%e0%a4%b2-%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%89%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b2/): मार्शल योजना –  उद्देश्य, लक्ष्य और महत्व  से संबंधित यूपीएससी विश्व इतिहास के लिए नोट्स मार्शल योजना (Marshall Plan) जिसे आधिकारिक तौर पर यूरोपीय पुनर्प्राप्ति कार्यक्रम के रूप में जाना जाता है, 1948-1951 की अवधि के दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा यूरोप के लिए एक सहायता कार्यक्रम था। मार्शल योजना (Marshall Plan in Hindi) यूरोपीय पुनर्प्राप्ति कार्यक्रम (ईआरपी) संयुक्त राज्य अमेरिका के विदेश मंत्री जॉर्ज मार्शल द्वारा 5 जून, 1947 को शुरू किया गया था। इसलिए, इसे आमतौर पर मार्शल योजना के रूप में जाना जाता है। मार्शल योजना (Marshall Plan in Hindi) का मुख्य उद्देश्य द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप की आर्थिक गिरावट, साम्यवाद के विस्तार - [तुर्क साम्राज्य 1299-1922 : यूपीएससी के लिए समयरेखा, मुख्य तथ्य और शासक](https://examcg.com/%e0%a4%a4%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-1299-1922-%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%b8/): तुर्क साम्राज्य 1299-1922 : यूपीएससी के लिए समयरेखा, मुख्य तथ्य और शासक तुर्क साम्राज्य 1299-1922 (Ottoman Empire 1299-1922) की स्थापना 1299 में उस्मान प्रथम द्वारा की गई थी, जिसमें अनातोलिया के कई स्वतंत्र राज्यों को एक नियम के तहत एकजुट किया गया था। उन्होंने 14 वीं शताब्दी के मध्य में अपने राज्य का विस्तार तत्कालीन बीजान्टिन साम्राज्य के क्षेत्रों में किया। तुर्क साम्राज्य 1299-1922 (Ottoman Empire 1299-1922 in Hindi) ने मध्य पूर्व और पूर्वी यूरोप के एक बड़े हिस्से पर 600 से अधिक वर्षों तक शासन किया और अंत में 1922 में भंग होकर तुर्की का देश बन गया। यहां इस लेख के माध्यम से, हम यूपीएससी आईएएस परीक्षा (जीएस पेपर - [जापान में औद्योगिक क्रांति 1868-1898 : पृष्ठभूमि, कारण, प्रभाव यूपीएससी इतिहास के लिए नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%94%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%82/): जापान में औद्योगिक क्रांति 1868-1898 : पृष्ठभूमि, कारण, प्रभाव यूपीएससी इतिहास के लिए नोट्स 1868 के बाद जापान में औद्योगिक क्रांति (Industrial Revolution in Japan) प्रारम्भ हुई। जापान में औद्योगिक क्रांति (Industrial Revolution in Japan in Hindi) ने देश की अर्थव्यवस्था, सामाजिक संरचना और सैन्य स्थिति में अभूतपूर्व परिवर्तन लाए। जापान की औद्योगिक क्रांति 1868-1898 (Industrial Revolution in Japan in Hindi) यूपीएससी आईएएस परीक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण टॉपिक्स में से एक है। इस लेख में, हम जापान में औद्योगिक क्रांति (Industrial Revolution in Japan Hindi me) जापान में औद्योगिक क्रांति (Industrial Revolution in Japan Hindi me) के कारणों, मीजी सरकार द्वारा किए गए सुधारों, जापान में औद्योगीकरण पर इसके प्रभाव - [वियतनाम युद्ध: पृष्ठभूमि, कारण और परिणाम – यूपीएससी नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%aa%e0%a5%83%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%a0%e0%a4%ad%e0%a5%82%e0%a4%ae%e0%a4%bf/): वियतनाम युद्ध: पृष्ठभूमि, कारण और परिणाम – यूपीएससी नोट्स   पाठ्यक्रम सामान्य अध्ययन पेपर I यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के लिए विषय शीत युद्ध, भारत-चीन युद्ध यूपीएससी मुख्य परीक्षा के लिए विषय शीत युद्ध की राजनीति पर प्रभाव, गुटनिरपेक्ष आंदोलन की भूमिका, वियतनाम-भारत द्विपक्षीय संबंध वियतनाम युद्ध उत्तरी वियतनाम और दक्षिणी वियतनाम के बीच 1 नवंबर 1955 से 30 अप्रैल 1975 को साइगॉन पतन तक लड़ा गया युद्ध था। यह सोवियत संघ और चीन द्वारा समर्थित एक विनाशकारी संघर्ष था और दक्षिणी वियतनाम को संयुक्त राज्य अमेरिका का समर्थन प्राप्त था। इस युद्ध को व्यापक रूप से शीत युद्ध युग का छद्म युद्ध माना जाता - [यमन में शांति की उम्मीद](https://examcg.com/%e0%a4%af%e0%a4%ae%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%89%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%80%e0%a4%a6/): यमन में शांति की उम्मीद प्रिलिम्स के लिये: हौथिस, यमन का क्षेत्र और पड़ोस, ऑपरेशन राहत मेन्स के लिये: यमन गृह युद्ध, हौथी संघर्ष का महत्त्व, भारत की रुचि चर्चा में क्यों?  यमन में युद्धरत पक्ष सैकड़ों कैदियों की अदला-बदली कर रहे हैं, जिसने सऊदी समर्थित सरकारी बलों और ईरान समर्थित हौथी विद्रोहियों के बीच एक स्थायी युद्धविराम की उम्मीद जगाई है। यमन में युद्ध की शुरुआत: यमन गृह युद्ध 2011 में सत्तावादी राष्ट्रपति अली अब्दुल्ला सालेह (Ali Abdullah Saleh) के अपदस्थ होने के बाद शुरू हुआ। नए राष्ट्रपति, अब्दरब्बुह मंसूर हादी, आर्थिक और सुरक्षा समस्याओं के कारण देश को स्थिरता प्रदान करने में - [अफ्रीका का विऔपनिवेशीकरण : कारण, समयरेखा, चुनौतियाँ और परिणाम से संबंधित यूपीएससी विश्व इतिहास नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%ab%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%94%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a3/): अफ्रीका का विऔपनिवेशीकरण : कारण, समयरेखा, चुनौतियाँ और परिणाम से संबंधित यूपीएससी विश्व इतिहास नोट्स जिस प्रक्रिया से अफ्रीकी उपनिवेशों ने खुद को औपनिवेशिक साम्राज्यों से मुक्त किया और नई “विश्व व्यवस्था” में आत्मसात किया, उसे अफ्रीका का विऔपनिवेशीकरण (Decolonization of Africa in Hindi) कहा जता है। शीत युद्ध के दौरान, 1950 के दशक के मध्य से 1975 तक, अफ्रीका ने उपनिवेशवाद को समाप्त किया। 1945 और 1960 के बीच, एशिया और अफ्रीका में तीन दर्जन से अधिक नए राज्यों ने अपने यूरोपीय औपनिवेशिक शासकों से स्वायत्तता या पूर्ण स्वतंत्रता प्राप्त की। जैसे-जैसे औपनिवेशिक सरकारें स्वतंत्र राज्यों में परिवर्तित हुईं, महाद्वीप ने - [अमेरिकी गृहयुद्ध - यूपीएससी परीक्षा के लिए कारण, परिणाम, समयरेखा और महत्व](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%97%e0%a5%83%e0%a4%b9%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%b8/): अमेरिकी गृहयुद्ध – यूपीएससी परीक्षा के लिए कारण, परिणाम, समयरेखा और महत्व अमेरिकी गृहयुद्ध (American Civil War) संयुक्त राज्य अमेरिका में संघ और संघ के बीच लड़ा गया था। इसके परिणामस्वरूप गुलामी का उन्मूलन हुआ लेकिन कई लोगों की जान चली गई। अमेरिकी गृहयुद्ध (American Civil War in Hindi) एक औद्योगिक युद्ध के शुरुआती उदाहरणों में से एक था जिसमें व्यापक पैमाने पर तकनीकी नवाचारों का इस्तेमाल किया गया था। अमेरिकी गृहयुद्ध (American Civil War in Hindi) का टॉपिक यूपीएससी आईएएस परीक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है और अमेरिकी गृहयुद्ध (American Civil War in Hindi) विश्व इतिहास खंड में सामान्य अध्ययन पेपर 1 के अंतर्गत आता है। इस लेख - [अफीम युद्ध - यूपीएससी नोट्स के लिए अवलोकन, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और आर्थिक हित](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%ab%e0%a5%80%e0%a4%ae-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%b8%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%9f%e0%a5%8d/): अफीम युद्ध – यूपीएससी नोट्स  के लिए अवलोकन, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और आर्थिक हित अफीम युद्ध (Opium Wars in Hindi), जिसे प्रथम चीन युद्ध के रूप में भी जाना जाता है, की शुरुआत ब्रिटिश और चीनी किंग राजवंश के बीच एक व्यावसायिक संघर्ष में हुई थी। 19वीं शताब्दी की शुरुआत तक, ब्रिटिश व्यापारी चाय, रेशम और चीनी मिट्टी के उत्पादों सहित चीनी उत्पादों के व्यापार से भारी मुनाफा कमा रहे थे। मुद्दा यह था कि चीनियों ने बदले में ब्रिटिश सामान खरीदने से इनकार कर दिया। वे केवल चांदी के लिए अपने माल का आदान-प्रदान करते थे, इस प्रकार बहुत सारी चांदी - [खाड़ी युद्ध: पृष्ठभूमि, कारण, युद्ध का क्रम और परिणाम - यूपीएससी नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%96%e0%a4%be%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a5%80-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%aa%e0%a5%83%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%a0%e0%a4%ad%e0%a5%82%e0%a4%ae%e0%a4%bf-%e0%a4%95%e0%a4%be/): खाड़ी युद्ध: पृष्ठभूमि, कारण, युद्ध का क्रम और परिणाम – यूपीएससी नोट्स पाठ्यक्रम सामान्य अध्ययन पेपर III यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा के लिए विषय ऑपरेशन डेजर्ट स्टॉर्म, प्रमुख देश शामिल यूपीएससी मुख्य परीक्षा के लिए विषय मध्य पूर्व की भू-राजनीति, पर्यावरण और आर्थिक परिणामों पर प्रभाव खाड़ी युद्ध (Gulf War in Hindi) एक वैश्विक संघर्ष है जो 1990 में तब सामने आया जब सद्दाम हुसैन की तानाशाही के तहत इराक ने अपने पड़ोसी देश कुवैत पर आक्रमण किया। संयुक्त राष्ट्र ने इस आक्रमण की निंदा की। जब इराक की सशस्त्र सेनाएँ चेतावनियों के बावजूद वापस लौटने में विफल रहीं, तो इसमें संयुक्त राज्य - [1917 की बालफोर घोषणा - यूपीएससी के लिए पृष्ठभूमि, कारण और नवीनतम अपडेट](https://examcg.com/1917-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%ab%e0%a5%8b%e0%a4%b0-%e0%a4%98%e0%a5%8b%e0%a4%b7%e0%a4%a3%e0%a4%be-%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%b8%e0%a4%b8%e0%a5%80/): 1917 की बालफोर घोषणा – यूपीएससी के लिए पृष्ठभूमि, कारण और नवीनतम अपडेट   1917 की बालफोर घोषणा (Balfour Declaration of 1917) या ज़ियोनिज़्म 2 नवंबर 1917 को लिखित प्रारूप में एक आधिकारिक सार्वजनिक बयान या घोषणा थी। 1917 की बालफोर घोषणा (Balfour Declaration of 1917 in Hindi) में कहा गया था कि ब्रिटिश सरकार ने फिलिस्तीन क्षेत्र (पूर्व में एक तुर्क क्षेत्र) में “यहूदी आबादी के लिए मातृभूमि या देश” की स्थापना का समर्थन किया था। यह पत्र तत्कालीन ब्रिटिश विदेश सचिव आर्थर जेम्स बालफोर ने लॉर्ड रोथ्सचाइल्ड (एंग्लो-यहूदी समुदाय के एक नेता) को लिखा था, हालाँकि यह घोषणा एक सदी पुरानी हो सकती है, इसके - [कल्याण में चेहरे की पहचान](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a3-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9a%e0%a5%87%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%a8/): कल्याण में चेहरे की पहचान जुलाई 2025 से सरकार ने पोषण ट्रैकर ऐप के माध्यम से आंगनवाड़ी लाभार्थियों के लिए चेहरे की पहचान अनिवार्य कर दी है । यद्यपि इस कदम का उद्देश्य लीकेज को रोकना था, लेकिन इससे श्रमिकों पर बोझ बढ़ने और बहिष्कार का खतरा था। आंगनवाड़ी सेवाओं में चेहरे की पहचान पृष्ठभूमि: 2021 में, केंद्र सरकार ने पोषण पहलों की निगरानी  के लिए एक केंद्रीकृत एप्लिकेशन प्लेटफॉर्म, पोषण ट्रैकर लॉन्च किया । आंगनवाड़ी कार्यकर्ता (एडब्ल्यूडब्ल्यू) को अपने स्मार्टफोन पर पोषण ट्रैकर ऐप इंस्टॉल करना होगा और समय-समय पर बच्चों की पोषण स्थिति अपलोड करनी होगी ।  चेहरे की पहचान तकनीक (FRT) के बारे में चेहरे की पहचान तकनीक (एफआरटी): एक एल्गोरिथम-आधारित बायोमेट्रिक प्रणाली जो किसी व्यक्ति के चेहरे की विशेषताओं की पहचान और मानचित्रण करके चेहरे का डिजिटल मानचित्र - [बीमा सुगम पोर्टल](https://examcg.com/%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a4%ae-%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%b2/): बीमा सुगम पोर्टल हाल ही में, भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) ने आधिकारिक तौर पर बीमा सुगम पोर्टल लॉन्च किया है, जो सभी बीमा सेवाओं के लिए एक एकीकृत डिजिटल बाज़ार है ।  बीमा सुगम इंडिया फेडरेशन (बीएसआईएफ) ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट के अनावरण के साथ इसकी घोषणा की । बीमा सुगम के बारे में संदर्भित करता है: बीमा मूल्य श्रृंखला में पारदर्शिता, दक्षता और सहयोग को बढ़ावा देने के लिए सभी बीमा हितधारकों – उपभोक्ताओं, बीमाकर्ताओं, मध्यस्थों और एजेंटों – के लिए एक वन-स्टॉप डिजिटल मार्केटप्लेस (राजपत्र अधिसूचना, 20 मार्च, 2024 के अनुसार)। बीमा सुगम पोर्टल भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) की एक पहल है, जो वित्त मंत्रालय के अधीन कार्य करता है । समर्थित: जीवन बीमा परिषद और सामान्य बीमा परिषद - [भारतीय हिमालयी क्षेत्र में आपदा प्रबंधन](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%af%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%ae/): भारतीय हिमालयी क्षेत्र में आपदा प्रबंधन 2025 के मानसून ने बाढ़, बादल फटने और भूस्खलन के माध्यम से हिमालयी राज्यों की नाजुकता को उजागर कर दिया ।  आपदा प्रतिक्रिया के बावजूद , बढ़ते जोखिमों के विरुद्ध तत्काल प्रौद्योगिकी-संचालित तैयारी और सामुदायिक लचीलापन महत्वपूर्ण बना हुआ है। मानसून आपदाएँ हिमालयी तैयारियों के लिए चुनौती देहरादून और उत्तराखंड: अचानक आई बाढ़ ने धराली को तबाह कर दिया ; भारतीय सेना ने 400 फुट लंबा केबलवे बनाया , भारतीय वायु सेना के चिनूक विमानों ने उपकरणों को हवाई मार्ग से पहुंचाया; ड्रोन और उपग्रह संचार लिंक ने त्वरित निकासी का मार्गदर्शन किया। जम्मू और कश्मीर: चेनाब-तवी बेसिन में बादल फटने से 140 से अधिक मौतें हुईं ; आपातकालीन बेली ब्रिज और तीर्थयात्रियों को निकालने से भारतीय सेना-राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) समन्वय पर प्रकाश डाला गया । पंजाब: उफनती रावी, ब्यास - [सऊदी अरब-पाकिस्तान रक्षा समझौता](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%8a%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a4%ac-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be/): सऊदी अरब-पाकिस्तान रक्षा समझौता  सऊदी अरब और पाकिस्तान ने हाल ही में रियाद में एक पारस्परिक रक्षा समझौते (रणनीतिक पारस्परिक रक्षा समझौता) पर हस्ताक्षर किए , जिसमें यह वचन दिया गया कि किसी एक पर हमला दोनों पर हमला माना जाएगा ।  यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब कतर में इजरायल के हमले के बाद पश्चिम एशिया में अस्थिरता बढ़ गई है । संधि के रणनीतिक आयाम समझौते का दायरा: इस समझौते में संयुक्त प्रशिक्षण, खुफिया जानकारी साझा करने और समन्वित अभ्यास सहित सभी सैन्य साधन शामिल हैं। पारस्परिक रक्षा धारा: यह घोषणा करती है कि ” किसी भी देश पर हमला दोनों पर हमला माना जाएगा “, जो लंबे समय से चर्चा में रहे सुरक्षा सहयोग को औपचारिक रूप देता है। परमाणु - [आनुवंशिकी: मेंडल के नियमों से केंद्रीय सिद्धांत तक](https://examcg.com/%e0%a4%86%e0%a4%a8%e0%a5%81%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%ae%e0%a5%8b/): आनुवंशिकी: मेंडल के नियमों से केंद्रीय सिद्धांत तक आनुवंशिकी , जो आनुवंशिकता और विविधता का अध्ययन है , ग्रेगर मेंडल के वंशानुक्रम नियमों पर आधारभूत कार्य से लेकर आधुनिक डीएनए तकनीक तक उल्लेखनीय रूप से उन्नत हो चुकी है। मेंडल के वंशानुक्रम के नियमों ने आनुवंशिकी के गुणसूत्रीय और आणविक आधार को समझने की नींव रखी । डीएनए डबल हेलिक्स, आरएनए की भूमिका, आणविक जीव विज्ञान का केंद्रीय सिद्धांत और डीएनए प्रोफाइलिंग जैसी प्रमुख अवधारणाओं ने आनुवंशिक सूचना प्रवाह और चिकित्सा, फोरेंसिक और विकासवादी जीव विज्ञान जैसे क्षेत्रों में इसके व्यावहारिक अनुप्रयोगों के बारे में हमारी समझ को गहरा किया है। मेंडल के नियम मेंडल के बारे में: मेंडल को आनुवंशिकी का जनक माना - [आकाशीय पिंड: सूर्य, चंद्रमा, क्षुद्रग्रह, उल्कापिंड, ग्रहों की खोज द्वारा सौर मंडल](https://examcg.com/%e0%a4%86%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b6%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%aa%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%b8%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%9a%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae/): आकाशीय पिंड: सूर्य, चंद्रमा, क्षुद्रग्रह, उल्कापिंड, ग्रहों की खोज द्वारा सौर मंडल परिचय – हमारे सौर मंडल के रहस्यों की खोज:  सौरमंडल एक मनमोहक खगोलीय व्यवस्था है, जिसमें सूर्य, उसके ग्रह, चंद्रमा, क्षुद्रग्रह, धूमकेतु और अन्य खगोलीय पिंड शामिल हैं । यह विशाल ब्रह्मांड और उसमें हमारे स्थान की एक आकर्षक झलक प्रस्तुत करता है। सौरमंडल के प्रत्येक सदस्य की जटिल गतिशीलता और विविध विशेषताएँ ग्रहों के निर्माण की प्रक्रियाओं और हमारे गृह ग्रह, पृथ्वी की उत्पत्ति के बारे में बहुमूल्य जानकारी प्रदान करती हैं।  खगोलीय पिंडों  सूर्य, चंद्रमा और रात्रि आकाश में चमकने वाली सभी वस्तुओं को खगोलीय पिंड कहा जाता है।  - [पृथ्वी की उत्पत्ति: ब्रह्मांड की उत्पत्ति और विकास की असाधारण कहानी का खुलासा](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%83%e0%a4%a5%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a5%8d/): पृथ्वी की उत्पत्ति: ब्रह्मांड की उत्पत्ति और विकास की असाधारण कहानी का खुलासा परिचय: तारों के अद्भुत दृश्य और पृथ्वी एवं आकाशीय विकास की आकर्षक उत्पत्ति सूर्यास्त के बाद आकाश को देखना अद्भुत होता है। आपको चमकती हुई वस्तुएँ दिखाई देंगी – कुछ चमकीली, कुछ धुंधली। ये सभी टिमटिमाती हुई प्रतीत होती हैं। इन चमकीली वस्तुओं के साथ, आपको चाँद भी दिखाई दे सकता है। इस अध्याय में, हम जानेंगे कि ये “टिमटिमाते छोटे तारे” कैसे बने, पृथ्वी की उत्पत्ति और विकास की कहानी। इसके साथ ही, हम अपने सौर मंडल के बारे में भी पढ़ेंगे। प्रारंभिक सिद्धांत: नेबुला से अभिवृद्धि तक पृथ्वी की उत्पत्ति पृथ्वी की - [भारतीय वैज्ञानिकों को क्लाउड सीडिंग में सफलता मिली](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%95%e0%a5%8d/): भारतीय वैज्ञानिकों को क्लाउड सीडिंग में सफलता मिली प्रसंग: अमेरिकी मौसम विज्ञान सोसायटी (बीएएमएस) के बुलेटिन में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, महाराष्ट्र के सोलापुर क्षेत्र में क्लाउड सीडिंग प्रयोगों के परिणामस्वरूप सामान्य से 18 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की पहल: हाइग्रोस्कोपिक विधि से क्लाउड सीडिंग पर प्रयोग इस प्रयोग में हाइग्रोस्कोपिक क्लाउड सीडिंग शामिल थी, जो शून्य डिग्री सेल्सियस से अधिक ऊंचाई वाले गर्म संवहनीय बादलों में किया जाता है।  वर्षा को प्रारंभ करने के लिए संवहनीय बादल आधार पर कैल्शियम क्लोराइड कण छोड़े गए। यह अध्ययन पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय द्वारा शुरू की गई एक परियोजना का हिस्सा था और इसमें - [अग्नि प्राइम](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a4%bf-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%ae/): अग्नि प्राइम रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से नई पीढ़ी की बैलिस्टिक मिसाइल ‘अग्नि प्राइम’ का सफलतापूर्वक उड़ान परीक्षण किया गया। प्रसंग:  रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से नई पीढ़ी की बैलिस्टिक मिसाइल ‘अग्नि प्राइम’ का सफलतापूर्वक उड़ान परीक्षण किया गया। अग्नि-पी के बारे में: अग्नि-पी एक दो-चरणीय कैनिस्टरयुक्त ठोस प्रणोदक परमाणु सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसमें दोहरी अतिरिक्त नेविगेशन और मार्गदर्शन प्रणाली है। इसकी रेंज 1000 से 2000 किमी के बीच है और इसका पहली बार परीक्षण 2021 में किया गया था।  यह सतह से सतह पर मार - [भारतीय वैज्ञानिकों के प्रभावशाली योगदान और नवाचार-II](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%8d/): भारतीय वैज्ञानिकों के प्रभावशाली योगदान और नवाचार-II भारतीय वैज्ञानिकों ने विविध क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है और वैश्विक विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी पर अपनी अमिट छाप छोड़ी है। गणित से लेकर कृषि , भौतिकी से लेकर चिकित्सा तक, उनके अग्रणी अनुसंधान और नवाचारों ने न केवल ज्ञान को उन्नत किया है, बल्कि दुनिया भर की पीढ़ियों को प्रेरित भी किया है। इन वैज्ञानिकों ने समर्पण, सरलता और नेतृत्व की मिसाल कायम की है , भारत के वैज्ञानिक कौशल को आकार दिया है और व्यापक मानवता को प्रभावित करने वाले समाधानों में योगदान दिया है। भारतीय वैज्ञानिकों की विरासत: नवाचार और उत्कृष्टता के अग्रदूत हर गोबिंद खुराना (1922-2011) - [भारतीय वैज्ञानिक-I: नवाचार और योगदान](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%95-i-%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b0/): भारतीय वैज्ञानिक-I: नवाचार और योगदान भारतीय वैज्ञानिकों ने विभिन्न वैज्ञानिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है और वैश्विक ज्ञान एवं नवाचार पर अमिट छाप छोड़ी है । उनका कार्य गणित, भौतिकी, परमाणु विज्ञान, अंतरिक्ष अन्वेषण, डेयरी फार्मिंग और खगोल भौतिकी जैसे क्षेत्रों में फैला हुआ है । इन वैज्ञानिकों ने अपने अभूतपूर्व शोध और खोजों के माध्यम से न केवल अपने-अपने क्षेत्रों को आगे बढ़ाया है, बल्कि अपनी बुद्धिमत्ता और समर्पण से आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित किया है। भारतीय वैज्ञानिकों की विरासत: नवाचार और उत्कृष्टता के अग्रदूत श्रीनिवास रामानुजन अयंगर (1887-1920) क्षेत्र: गणित योगदान:  रामानुजन को गणितीय विश्लेषण, संख्या सिद्धांत और अनंत श्रृंखला  के क्षेत्र में उनके अग्रणी योगदान के - [ब्रह्मांड की उत्पत्ति, खगोलीय घटनाएँ और अवलोकन उपकरण](https://examcg.com/%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%96%e0%a4%97/): ब्रह्मांड की उत्पत्ति, खगोलीय घटनाएँ और अवलोकन उपकरण माना जाता है कि ब्रह्मांड की उत्पत्ति लगभग 13.8 अरब वर्ष पहले बिग बैंग के साथ हुई थी, और तब से इसका विस्तार और विकास हो रहा है। इस घटना के परिणामस्वरूप मूलभूत कणों, परमाणुओं, तारों और आकाशगंगाओं का निर्माण हुआ। डार्क एनर्जी और डार्क मैटर जैसी प्रमुख अवधारणाएँ ब्रह्मांड की हमारी समझ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ग्रहों और बौने ग्रहों की परिभाषा से लेकर विभिन्न खगोलीय घटनाओं की खोज तक, अंतरिक्ष का अध्ययन हमारे विशाल ब्रह्मांड के रहस्यों को उजागर करता रहता है। ब्रह्मांड का व्यापक अवलोकन: उत्पत्ति से लेकर अवलोकन उपकरणों तक ब्रह्मांड की उत्पत्ति : ऐसा माना जाता है कि ब्रह्मांड का जन्म लगभग 13.8 अरब वर्ष - [भारत के जीव-जंतु और पादप डेटाबेस का विस्तार](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8c%e0%a4%a7%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a4%88-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0/): भारत के जीव-जंतु और पादप डेटाबेस का विस्तार    प्रिलिम्स के लिये: भारतीय प्राणी सर्वेक्षण, भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण, बैम्बू ड्वेलिंग बैट, मकाक, पश्चिमी घाट मेन्स के लिये: भारत की जीव-जंतु और पादप विविधता चर्चा में क्यों? जीव-जंतुओं और पादप संबंधी डेटाबेस में कई नए पशु-पक्षी तथा पौधों की प्रजातियों को शामिल किये जाने से वर्ष 2022 में भारत के जैवविविधता में काफी विस्तार हुआ है। इन खोजों को दो प्रकाशनों; भारतीय प्राणी सर्वेक्षण (Zoological Survey of India- ZSI) द्वारा “एनिमल डिस्कवरीज़- न्यू स्पीशीज़ एंड न्यू रिकॉर्ड्स 2023” और भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण (Botanical Survey of India- BSI) द्वारा “प्लांट डिस्कवरीज़ 2022” में संकलित किया गया है। जीव-जंतु और पादप डेटाबेस में शामिल नए पशु-पक्षी और पौधे: जीव-जंतु:  - [भारत की गंभीर रूप से लुप्तप्राय पशु प्रजातियाँ](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%97%e0%a4%82%e0%a4%ad%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%aa-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a5%81%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%a4/): भारत की गंभीर रूप से लुप्तप्राय पशु प्रजातियाँ संकटग्रस्त प्रजातियों के वर्गीकरण में, गंभीर रूप से संकटग्रस्त श्रेणी सबसे बड़े खतरे से मेल खाती है। भारत में 70 से ज़्यादा गंभीर रूप से संकटग्रस्त जानवर और 60 से ज़्यादा गंभीर रूप से संकटग्रस्त पौधे हैं। 300 से ज़्यादा जानवर लुप्तप्राय श्रेणी में आते हैं, जबकि 140 से ज़्यादा पौधे भी लुप्तप्राय श्रेणी में आते हैं। यह पोस्ट भारत में गंभीर रूप से संकटग्रस्त पशु प्रजातियों की एक विस्तृत सूची है। इनमें स्तनधारी, सरीसृप, पक्षी, उभयचर, मछलियाँ, मूंगे आदि शामिल हैं।    किसी प्रजाति को कब गंभीर रूप से संकटग्रस्त माना जाता - ['नया रणनीतिक EU-भारत एजेंडा'](https://examcg.com/%e0%a4%a8%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a4%a3%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%95-eu-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%8f%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a4%be/): ‘नया रणनीतिक EU-भारत एजेंडा’ प्रिलिम्स के लिये: यूरोपीय संघ, मुक्त व्यापार समझौता, होराइज़न यूरोप, भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा (आईएमईसी), ग्लोबल गेटवे, G20, विश्व व्यापार संगठन, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, कार्बन सीमा समायोजन तंत्र, MFN क्लॉज़, DTAA।  मेन्स के लिये: नया यूरोपीय संघ-भारत रणनीतिक एजेंडा: द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करना और उनका पारस्परिक महत्त्व।  स्रोत: IE चर्चा में क्यों? यूरोपीय संघ ने भारत के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करने के उद्देश्य से एक नया रणनीतिक यूरोपीय संघ-भारत एजेंडा प्रस्तुत किया है, जिसमें साझा हितों और पूरक शक्तियों के पाँच रणनीतिक स्तंभों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।  यूरोपीय संघ ने वर्ष 2025 के अंत तक भारत के साथ एक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप देने की प्रतिबद्धता जताई है, जो - [भारत-यूरोपीय संघ (EU) की रणनीतिक साझेदारी का भविष्य](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%98-eu-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%a3%e0%a4%a8%e0%a5%80%e0%a4%a4/): भारत-यूरोपीय संघ (EU) की रणनीतिक साझेदारी का भविष्य यह संपादकीय 16/06/2025 को द इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित “यूरोप का पुनः सैन्यीकरण: भारत को निर्यात और संयुक्त अनुसंधान के अवसरों का लाभ उठाना चाहिये” पर आधारित है। यह लेख भारत-यूरोपीय संघ की विकसित होती रणनीतिक साझेदारी को रेखांकित करता है, जहाँ यूक्रेन युद्ध के बाद यूरोप की रक्षा पहल भारत के बढ़ते रक्षा निर्यात के साथ मेल खाती है, जिससे सहयोग के नये आयाम खुलते हैं। प्रारंभिक परीक्षा: भारत और यूरोपीय संघ, गुटनिरपेक्ष आंदोलन, भारत-यूरोपीय संघ रणनीतिक साझेदारी, G-20, संयुक्त राष्ट्र, विश्व व्यापार संगठन, भारत-यूरोपीय संघ स्वच्छ ऊर्जा और जलवायु साझेदारी, व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद।   - [चाबहार बंदरगाह पर अमेरिकी प्रतिबंध](https://examcg.com/%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%ac%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a4%b0%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%b9-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95/): चाबहार बंदरगाह पर अमेरिकी प्रतिबंध चर्चा में क्यों?  ट्रम्प प्रशासन ने चाबहार बंदरगाह के लिये प्रतिबंध छूट को रद्द कर दिया है, जिससे भारत की अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुँच प्रभावित होगी और क्षेत्र में उसकी रणनीतिक स्थिति कमज़ोर होगी।  वर्ष 2018 में ईरान फ्रीडम एंड काउंटर-प्रोलिफरेशन एक्ट (IFCA) के तहत दी गई यह छूट भारत को चाबहार बंदरगाह को अफगानिस्तान और मध्य एशिया के लिये एक प्रवेश द्वार के रूप में विकसित करने की अपनी दीर्घकालिक योजना को आगे बढ़ाने की अनुमति देती थी। चाबहार बंदरगाह की प्रतिबंध छूट रद्द करने के भारत पर संभावित प्रभाव क्या हैं?  रणनीतिक प्रभाव: चाबहार की छूट को रद्द करने से भारत की क्षेत्रीय स्थिति कमज़ोर हो सकती है, जिससे ग्वादर - [भारत में हाथी संरक्षण](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%a5%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%a3/): भारत में हाथी संरक्षण प्रिलिम्स के लिये: एशियाई हाथी, IUCN रेड लिस्ट, प्रोजेक्ट एलिफेंट, हाथियों की अवैध हत्या की निगरानी (MIKE) कार्यक्रम मेन्स के लिये: मानव-हाथी संघर्ष: कारण, प्रभाव और शमन रणनीतियाँ, मानव-पशु संघर्ष, मानव-वन्यजीव संघर्ष के मुद्दे एवं समाधान। चर्चा में क्यों?  12 अगस्त, को पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) ने कोयंबटूर में विश्व हाथी दिवस मनाया, जिसमें मानव-हाथी संघर्ष पर ध्यान केंद्रित किया गया। विश्व हाथी दिवस कनाडा की पेट्रीशिया सिम्स और थाईलैंड के एलिफेंट रीइंट्रोडक्शन फाउंडेशन ने संयुक्त रूप से 12 अगस्त, 2012 को विश्व हाथी दिवस की स्थापना की। तब से पेट्रीशिया सिम्स इस पहल का नेतृत्व कर रही हैं। 100 से अधिक संगठनों के साथ साझेदारी में शुरू की गई - [जैव विविधता संरक्षण: भारत सरकार द्वारा उठाए गए कदम](https://examcg.com/%e0%a4%9c%e0%a5%88%e0%a4%b5-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a7%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b0%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%a3-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4/): जैव विविधता संरक्षण: भारत सरकार द्वारा उठाए गए कदम भारत, एक विशाल विविधता वाला देश, अपनी समृद्ध जैव विविधता की रक्षा और संरक्षण के लिए कई कदम उठा रहा है। ये पहल पारिस्थितिक तंत्र, प्रजातियों और आनुवंशिक विविधता के संरक्षण पर केंद्रित हैं, साथ ही आवास हानि, अवैध शिकार और मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसी पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान भी करती हैं। जैव विविधता संरक्षण के लिए भारत सरकार द्वारा उठाए गए कुछ प्रमुख कदम इस प्रकार हैं। भारत वन्यजीव संरक्षण और प्रबंधन से संबंधित कई प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों का हस्ताक्षरकर्ता है। इनमें से कुछ हैं: जैव विविधता पर सम्मेलन, वन्य जीव-जंतुओं और - [संकटग्रस्त प्रजाति के आईयूसीएन लाल सूची](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%9f%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%86%e0%a4%88/): संकटग्रस्त प्रजाति के आईयूसीएन लाल सूची हाल ही में, अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (आईयूसीएन) ने संकटग्रस्त प्रजातियों की अपनी नवीनतम लाल सूची जारी की है। महत्वपूर्ण तथ्यों: लगभग 902 प्रजातियाँ आधिकारिक तौर पर विलुप्त हो चुकी हैं। इसके द्वारा मूल्यांकित (138,374) प्रजातियों में से 30 प्रतिशत (38,543) विलुप्त होने के खतरे का सामना कर रही हैं। लगभग 80 प्रजातियाँ वन्य क्षेत्र में विलुप्त हो चुकी हैं, 8,404 गंभीर रूप से संकटग्रस्त हैं, 14,647 संकटग्रस्त हैं, 15,492 असुरक्षित हैं तथा 8,127 संकटग्रस्त हैं। लगभग 71,148 प्रजातियां कम चिंताजनक हैं, जबकि 19,404 के बारे में आंकड़े अपर्याप्त हैं। रिपोर्ट में उल्लिखित महत्वपूर्ण प्रजातियाँ: - [घातक 'ज़ॉम्बी हिरण' रोग मनुष्यों को भी प्रभावित कर सकता है](https://examcg.com/%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%95-%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a5%89%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ac%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%97-%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a5%81/): घातक ‘ज़ॉम्बी हिरण’ रोग मनुष्यों को भी प्रभावित कर सकता है क्रोनिक वेस्टिंग डिजीज (सीडब्ल्यूडी), जिसे “ज़ॉम्बी डियर” रोग भी कहा जाता है, वन्यजीव जीवविज्ञानियों और स्वास्थ्य अधिकारियों के लिए चिंता का विषय रहा है। यह घातक प्रियन रोग हिरण, एल्क, मूस और रेनडियर में पाया जाता है और इसके कारण तंत्रिका संबंधी लक्षण जैसे कि दिशाभ्रम, अत्यधिक लार आना और मनुष्य से डर न लगना, उभर कर सामने आते हैं। सीडब्ल्यूडी को केंद्र में रखने वाली बात यह है कि यह रोग प्रजातियों के बीच फैल सकता है और मनुष्यों को भी प्रभावित कर सकता है। यह क्या है? यह - [तमिलनाडु में मृत ऑलिव रिडले कछुए क्यों बहकर आ रहे हैं?](https://examcg.com/%e0%a4%a4%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a1%e0%a5%81-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%83%e0%a4%a4-%e0%a4%91%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%b5-%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%a1/): तमिलनाडु में मृत ऑलिव रिडले कछुए क्यों बहकर आ रहे हैं? तमिलनाडु के शांत समुद्र तट हाल ही में एक दुखद घटना का स्थल बन गए हैं, यानी ओलिव रिडले कछुओं के शवों के बहकर तट पर आने की घटना ने इस समस्या को कई चर्चाओं में उजागर किया है। ये चिंताजनक संकेत हैं, जिन्होंने संरक्षणवादियों, पर्यावरणविदों और प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के बीच चिंताएँ पैदा कर दी हैं। इसलिए, इस लेख में, हम इस बड़े पैमाने पर हुई मौतों के कारणों पर गौर करेंगे और समस्या के समाधान के उपाय खोजेंगे। संभावित कारण मछली पकड़ने के जाल में फँसना: ऑलिव रिडले - [विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%8f%e0%a4%a5%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%9f%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%9a%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%a8%e0%a4%b6/): विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 चर्चा में क्यों? चैंपियन नीरज चोपड़ा को विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में पुरुषों की भाला फेंक प्रतियोगिता के फाइनल में वे आठवें स्थान पर रहे। जबकि उनके सहकर्मी सचिन यादव ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए चौथा स्थान प्राप्त किया। मुख्य बिंदु पदक और परिणाम: स्वर्ण पदक त्रिनिदाद और टोबैगो के केशोर्न वाल्कोट (88.16 मीटर) ने जीता, जबकि ग्रेनेडा के एंडरसन पीटर्स ने रजत (87.38 मीटर) तथा अमेरिका के कर्टिस थॉम्पसन ने कांस्य (86.67 मीटर) जीता। नीरज चोपड़ा का संघर्ष: वर्षों से अपनी निरंतरता के बावजूद, वह 85 मीटर का आँकड़ा पार करने में असफल रहे और 84.03 मीटर के थ्रो के साथ वे आठवें स्थान पर रहे। यह वर्ष 2018 के बाद से उनकी पहली प्रतियोगिता है, जहाँ वह शीर्ष तीन से बाहर रहे। जबकि टोक्यो ओलंपिक 2021 में ऐतिहासिक - [चर्चा में रही महत्त्वपूर्ण प्रजातियाँ](https://examcg.com/%e0%a4%9a%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9a%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0/): चर्चा में रही महत्त्वपूर्ण प्रजातियाँ संक्षिप्त विवरण यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में प्रत्येक वर्ष चर्चा में रही विभिन्न प्रजातियों की आईयूसीएन स्थिति अथवा उनकी अनूठी विशेषताओं पर आधारित एक या एक से अधिक प्रश्न पूछे जाते हैं। लेकिन इन सभी प्रजातियों से संबंधित जानकारी को याद रख पाना बहुत ही मुश्किल काम है। इस बात को ध्यान में रखते हुए हमने समाचारों में कुछ महत्त्वपूर्ण प्रजातियों की सूची तैयार की है। ताकि अगर कुछ प्रजातियों को छोड़ भी दिया जाए तो भी आप एलिमिनेशन विधि से प्रश्नों को हल कर सकें। उदाहरण के लिये, यह लेख आपको भारत में गंभीर रूप से - [बोलीविया (राजधानियां: सूक्र और ला पाज़)](https://examcg.com/%e0%a4%ac%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a5%82%e0%a4%95/): बोलीविया (राजधानियां: सूक्र और ला पाज़) भारत ने बोलीविया को खसरा-रूबेला के प्रकोप से निपटने के लिए 3 लाख वैक्सीन की खुराक भेजी है। भौगोलिक अवस्थिति यह दक्षिण अमेरिका के पश्चिम-मध्य भाग में स्थित है। यह एक स्थल-रुद्ध (Landlocked) देश है। सीमा साझा करने वाले देश: इसके उत्तर और पूर्व में ब्राजील, दक्षिण-पूर्व में पराग्वे, दक्षिण में अर्जेंटीना, दक्षिण-पश्चिम में चिली और उत्तर-पश्चिम में पेरू अवस्थित हैं। भौगोलिक विशेषताएं यहाँ मुख्य रूप से एंडीज पर्वतमाला (कार्डिलेरा पर्वत श्रेणी) का विस्तार है। टिटिकाका झील: यह बोलीविया और पेरू की सीमा पर स्थित है। यह दुनिया की सबसे ऊंची नौगम्य (Navigable) झील है।  0 CommentsComments are closed - [पापुआ न्यू गिनी (पोर्ट मोरेस्बी)](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%88-cloned-19370/): पापुआ न्यू गिनी (पोर्ट मोरेस्बी) भारतीय नौसेना का युद्धपोत पापुआ न्यू गिनी के 50वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होने के लिए पोर्ट मोरेस्बी पहुंचा। भौगोलिक अवस्थिति: यह दक्षिण-पश्चिमी प्रशांत महासागर में एक द्वीपीय देश है। शामिल क्षेत्र: न्यू गिनी के पूर्वी भाग का आधा हिस्सा (दूसरा सबसे बड़ा द्वीप)। बिस्मार्क द्वीपसमूह – न्यू ब्रिटेन, न्यू आयरलैंड, एडमिरल्टी द्वीप। बोगेनविल और बुका (सोलोमन द्वीप समूह का हिस्सा)। भूमि-सीमा: पश्चिम की तरफ से इंडोनेशिया से लगती है। भौगोलिक विशेषताएं: सबसे ऊँची चोटी: बिस्मार्क रेंज में माउंट विल्हेम (4,509 मीटर)। भूवैज्ञानिक इतिहास: ऑस्ट्रेलियाई प्लेट और प्रशांत प्लेट के टकराव ने इसके भूवैज्ञानिक इतिहास को आकार दिया है। 0 CommentsComments are closed - [वियतनाम (राजधानी: हनोई)](https://examcg.com/%e0%a4%88%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%b0-%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%aa-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%be-2/): वियतनाम (राजधानी: हनोई) भारत और वियतनाम के बीच समुद्री सहयोग बढ़ाने के लिए हाल ही में छठी उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। भौगोलिक अवस्थिति यह दक्षिण पूर्व एशिया की मुख्यभूमि में अवस्थित है। सीमावर्ती देश: इसके उत्तर में चीन तथा पश्चिम में लाओस और कंबोडिया हैं। सीमावर्ती जल निकाय: थाईलैंड की खाड़ी और दक्षिण चीन सागर। भौगोलिक विशेषताएं नदियां: रेड और मेकांग; पर्वत: अन्नामी पर्वत श्रेणी; यहां की हांग सोन डूंग गुफा को विश्व का सबसे बड़ा ज्ञात गुफा मार्ग माना जाता है। यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल: हा लोंग बे (3,000 से अधिक द्वीप)- विश्व प्राकृतिक धरोहर स्थल है। 0 CommentsComments are closed - [अल्जीरिया (राजधानी: अल्जीयर्स)](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%85%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%9c%e0%a5%80/): अल्जीरिया (राजधानी: अल्जीयर्स) अल्जीरिया के तेबेसा प्रांत में 5.8 तीव्रता का भूकंप आया। भौगोलिक अवस्थिति  यह उत्तरी अफ्रीका का सबसे बड़ा देश है। स्थलीय सीमा: उत्तर-पूर्व में ट्यूनीशिया, पूर्व में लीबिया, दक्षिण में नाइजर और माली, दक्षिण-पश्चिम में मॉरिटानिया और पश्चिमी सहारा, तथा पश्चिम में मोरक्को। समुद्री सीमा: उत्तर में भूमध्य सागर। भौगोलिक विशेषताएं स्थलाकृति: यहाँ उत्तर में टेल क्षेत्र, मध्य में उच्चभूमि और सहारा एटलस पर्वत, तथा दक्षिण में सहारा मरुस्थल मौजूद हैं। जलवायु: उत्तर में भूमध्यसागरीय जलवायु और दक्षिण में रेगिस्तानी प्रकार की जलवायु दशाएं पायी जाती हैं। टेल्मसेन शहर: यह मूरिश आर्किटेक्चर के लिए प्रसिद्ध है और इसे “सिटी ऑफ चेरी” भी कहा जाता है। मज़ाब घाटी: यहाँ के 5 किलेबंद मरूद्यान शहर को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया है। 0 CommentsComments - [ईस्टर द्वीप (राजधानी: हंगा रोआ)](https://examcg.com/%e0%a4%88%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%b0-%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a5%80%e0%a4%aa-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%be/): ईस्टर द्वीप (राजधानी: हंगा रोआ) एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, जलवायु परिवर्तन की वजह से समुद्री जल के बढ़ते स्तर से 2080 तक ईस्टर द्वीप का तटीय क्षेत्र पानी में डूब सकता है। इस वजह से मोई और कई पुरातात्विक धरोहर समाप्त हो सकते हैं।   भौगोलिक अवस्थिति यह दक्षिणपूर्वी प्रशांत महासागर में स्थित सबसे पूर्वी पोलिनेशियाई द्वीप है। यह मुख्य भूमि चिली के पश्चिम में और पिटकेर्न द्वीप के पूर्व में स्थित है। राजनीतिक स्थिति: यह चिली का एक विशेष क्षेत्र है। भौगोलिक विशेषताएं ज्वालामुखी: यह एक लघु, त्रिकोणीय ज्वालामुखी द्वीप है। इसका निर्माण तीन विलुप्त ज्वालामुखियों से हुआ है।  जलवायु: यहाँ उपोष्णकटिबंधीय समुद्री जलवायु प्राप्त होती है, जहाँ सर्दियाँ सामान्य और ग्रीष्म ऋतु अधिक गर्म होती हैं। वैश्विक - [कतर (राजधानी: दोहा)](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a1%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%93%e0%a4%9f%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%be-cloned-19332/): कतर (राजधानी: दोहा) भारत के प्रधान मंत्री ने दोहा में हुए इजरायली हमलों पर चिंता व्यक्त की और कतर की संप्रभुता का उल्लंघन करने की निंदा की है। भौगोलिक अवस्थिति: कतर पश्चिम एशिया में अरब प्रायद्वीप के उत्तर-पूर्वी छोर पर स्थित देश है। सीमावर्ती देश: सऊदी अरब। सीमावर्ती जल निकाय: फारसी खाड़ी और बहरीन की खाड़ी। भौगोलिक विशेषताएँ: मुख्य स्थलाकृतिक विशेषताएँ: रेत के टीले और लवणीय मैदान (सबखा)। कतर के पास दुनिया में प्राकृतिक गैस का तीसरा सबसे बड़े भंडार है और यह दुनिया में प्राकृतिक गैस के सबसे बड़े निर्यातकों में से एक है। 0 CommentsComments are closed - [फिनलैंड (राजधानी: हेलसिंकी)](https://examcg.com/%e0%a4%ab%e0%a4%bf%e0%a4%a8%e0%a4%b2%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%95/): फिनलैंड (राजधानी: हेलसिंकी) फिनलैंड, इजराइल और फिलिस्तीनियों के लिए ‘दो-राज्य समाधान (टू-स्टेट सॉल्यूशन)’ का समर्थन करने वाले देशों की सूची में शामिल हो गया।  भौगोलिक अवस्थिति अवस्थिति: फिनलैंड उत्तरी यूरोप में स्थित देश है। सीमावर्ती राष्ट्र: इसके उत्तर में नॉर्वे, पूर्व में रूस और  उत्तर-पश्चिम में स्वीडन स्थित हैं। सीमावर्ती जल निकाय: दक्षिण में फिनलैंड की खाड़ी, दक्षिण-पश्चिम में बोथनिया की खाड़ी, और बाल्टिक सागर। भौगोलिक विशेषताएं भू-भाग: यह देश घने जंगलों, लगभग 56,000 झीलों और विशाल दलदली भूमि से युक्त है। प्रमुख क्षेत्र: तटीय मैदान, लेक डिस्ट्रिक्ट, लैपलैंड की उच्च-भूमि। सर्वोच्च शिखर: माउंट हल्टी (1,328 मीटर)। आर्कटिक से जुड़ी विशेषताएं: देश का एक-तिहाई भाग आर्कटिक सर्कल के उत्तर में स्थित है। 0 CommentsComments are closed - [नेपाल (राजधानी: काठमांडू)](https://examcg.com/%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%a0%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a5%82/): नेपाल (राजधानी: काठमांडू) नेपाल द्वारा  जनरेशन जेड (Z) युवाओं के विरोध-प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर लगा प्रतिबंध हटा लिया गया। इस विरोध-प्रदर्शन के परिणामस्वरूप कई लोगों की मौत हो गई और गृह मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। भौगोलिक अवस्थिति नेपाल दक्षिण एशिया में स्थित एक स्थल-रुद्ध (Landlocked) देश है। सीमावर्ती राष्ट्र: उत्तर में चीन; दक्षिण, पूर्व, पश्चिम में भारत। राजनीतिक व्यवस्था: संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य। भौगोलिक विशेषताएं भू-भाग: हिमालय पर्वत (उत्तर में), पहाड़ियाँ (मध्य में), मैदान (दक्षिण में) प्रमुख क्षेत्र: तराई मैदान (मधेश), पहाड़ी क्षेत्र (पहाड़) और पर्वतीय क्षेत्र (हिमाल)। उच्चतम बिंदु: माउंट एवरेस्ट (8,848.86 मीटर) प्रमुख नदियाँ: कोसी, नारायणी (गंडक), और करनाली। महत्वपूर्ण विशेषताएं: 8,000 मीटर से अधिक ऊँची विश्व की 14 - [डेनमार्क (राजधानी: कोपेनहेगन)](https://examcg.com/%e0%a4%a1%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%95-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%aa%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a4%b9/): डेनमार्क (राजधानी: कोपेनहेगन) भारत और डेनमार्क ने ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की है। इस साझेदारी का उद्देश्य आर्थिक संबंधों और हरित विकास (Green Growth) को बढ़ाना, रोजगार के अवसर पैदा करना और पेरिस जलवायु परिवर्तन समझौते को लागू करने में योगदान देना है। भौगोलिक अवस्थिति डेनमार्क उत्तरी यूरोप का एक नॉर्डिक और स्कैंडिनेवियाई देश है। यह जटलैंड प्रायद्वीप का हिस्सा है और यूरोपीय संघ का सदस्य है। स्थलीय सीमा: जर्मनी से लगती है। सीमावर्ती जल निकाय: पश्चिम में उत्तरी सागर और पूर्व में बाल्टिक सागर अवस्थित हैं। डेनमार्क द्वारा शासित दो विदेशी क्षेत्र हैं – ग्रीनलैंड (दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप) और फ़ैरो द्वीप समूह। भौगोलिक विशेषताएं द्वीप समूह: डेनमार्क लगभग 400 द्वीपों से मिलकर बना द्वीप-समूह - [मोजाम्बिक (राजधानी: मापुटो)](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%9f/): मोजाम्बिक (राजधानी: मापुटो) भारत और मोजाम्बिक के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 50 साल पूरे होने पर भारतीय नौसेना का पहला प्रशिक्षण स्क्वाड्रन मोजाम्बिक पहुंचा। भौगोलिक अवस्थिति स्थिति: दक्षिण-पूर्व अफ्रीका में। स्थलीय सीमाएं: इसकी सीमाएं उत्तर में तंजानिया, दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम में साउथ अफ्रीका और एस्वातिनी (पुराना नाम स्वाज़ीलैंड), पश्चिम में जिम्बाब्वे तथा उत्तर-पश्चिम में जाम्बिया और मलावी से लगती हैं। निकटवर्ती जल निकाय: पूर्व में मोजाम्बिक चैनल (हिंद महासागर में); उत्तर-पश्चिम में न्यासा झील। भौगोलिक विशेषताएं मौसम: उष्णकटिबंधीय और आर्द्र। प्रमुख नदियां: ज़ांबेज़ी, लिम्पोपो, सावे, रुवुमा, आदि। सबसे ऊँचा पर्वत: मोंटे बिंगा। 0 CommentsComments are closed - [रवांडा (राजधानी: किगाली)](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80/): रवांडा (राजधानी: किगाली) रवांडा ने सेंट्रल अफ्रीकन स्टेट्स आर्थिक समुदाय (ECCAS) से स्वयं को अलग कर लिया है। ECCAS मध्य अफ्रीका में क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने वाला एक संगठन है। भौगोलिक अवस्थिति: यह एक स्थल-रुद्ध देश है जो पूर्व-मध्य अफ्रीका में भू-मध्य रेखा के दक्षिण में स्थित है। भूमि सीमाएं: इसके उत्तर में युगांडा, पूर्व में तंजानिया, दक्षिण में बुरुंडी, और पश्चिम में डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो है। भौगोलिक विशेषताएं: पूर्वी अफ्रीका की महान झीलों में से एक किवु झील, रवांडा और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो के बीच स्थित है। प्राथमिक खनिज संसाधन: टिन (कैसिटेराइट) और टंगस्टन (वोल्फ्राम)। रवांडा के प्रमुख नृजातीय समूह हुतु और तुत्सी हैं। रिफ्ट घाटी: रवांडा का पूर्वी क्षेत्र ग्रेट रिफ्ट वैली का हिस्सा है, जो एक - [समाजवाद](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6/): समाजवाद संदर्भ आर्थिक असमानता, कॉर्पोरेट प्रभाव और अनियंत्रित पूंजीवाद द्वारा उत्पन्न चुनौतियों पर बढ़ती चिंताओं से प्रेरित होकर हाल के दिनों में समाजवाद ने प्रमुखता हासिल की है।समाजवाद पर अब व्यापक रूप से बहस हो रही है, नीतियों और राजनीतिक आंदोलनों को आकार दे रही है, जिसमें शुरुआती सामाजिक विचारकों से लेकर कार्ल मार्क्स जैसे विविध विचार शामिल हैं। समाजवाद क्या है? परिभाषा: समाजवाद का मतलब आम तौर पर लोगों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिये वस्तुओं का उत्पादन करना है, न कि लाभ प्राप्त करने के लिये व्यापार करना, जो कि पूंजीवाद की विशेषता है। नारायण ने समाजवाद को ‘सामाजिक पुनर्निर्माण की प्रणाली’ के रूप में परिभाषित किया। उनके लिये समाजवाद का अर्थ है समाजीकरण की प्रक्रिया के माध्यम से - [विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) के ओज़ोन बुलेटिन में ओज़ोन परत की रिकवरी प्रदर्शित की गई](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%b8%e0%a4%ae-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%a0%e0%a4%a8-wmo/): विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) के ओज़ोन बुलेटिन में ओज़ोन परत की रिकवरी प्रदर्शित की गई अनुमान है कि ओज़ोन परत 1980 के स्तर (जब ओज़ोन छिद्र पहली बार दिखाई दिया था) तक निम्नलिखित भागों में रिकवरी कर लेगी: अंटार्कटिक के ऊपर 2066 तक, आर्कटिक के ऊपर 2045 तक और दुनिया के बाकी हिस्सों के लिए 2040 तक। ओज़ोन परत के बारे में ओज़ोन परत पृथ्वी के धरातल से 15 से 30 किमी ऊपर समताप मंडल में स्थित है। यह हमारी सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी विकिरणों से रक्षा करती है। ओज़ोन-क्षयकारी पदार्थ (ODS): ODS ऐसे पदार्थ हैं, जो क्लोरीन या ब्रोमीन निर्मुक्त करते हैं, और ओज़ोन अणुओं को नष्ट करते हैं। क्लोरीन निर्मुक्त - [मोरान समुदाय](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%af/): मोरान समुदाय असम के तिनसुकिया ज़िले (जो तेल, कोयला और चाय से समृद्ध क्षेत्र है) में मोरान समुदाय ने अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा पाने की मांग को लेकर आर्थिक नाकेबंदी शुरू की है, जिसके तहत क्षेत्र से वस्तुओं की आवाजाही रोक दी गई है।  परिचय: मोरान समुदाय असम की एक आदिम जनजाति है, जिनका अहोम शासन से पहले अपना स्वतंत्र राज्य हुआ करता था।  धार्मिक संबद्धता: 17वीं शताब्दी में अनिरुद्धदेव ने उन्हें वैष्णव धर्म में परिवर्तित किया, जिससे उनके सांस्कृतिक और सामाजिक पुनर्जागरण की शुरुआत हुई।  ये वैष्णव धर्म के मोआमोरिया संप्रदाय से संबंधित हैं और अरुणाचल प्रदेश के नामसाई ज़िले में उनकी एक छोटी आबादी निवास करती है।  अनुसूचित जनजाति का दर्जा पाने की मांग: मोरान - [मोरान समुदाय के लिये PRC](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%87-prc/): मोरान समुदाय के लिये PRC स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस असम सरकार ने अरुणाचल प्रदेश में रहने वाले मोरान समुदाय के सदस्यों को स्थायी निवास प्रमाण पत्र (PRC) देने का निर्णय लिया है। मोरान के बारे में: इसे असम की एक मूल जनजाति के रूप में मान्यता प्राप्त है, तथा इसकी एक छोटी आबादी अरुणाचल प्रदेश में भी रहती है। वे धर्म से वैष्णव हैं और मोआमरिया संप्रदाय से संबंधित हैं। श्री शंकर देव के शिष्य श्री अनिरुद्ध देव (1553-1624) ने उन्हें असम में नव-वैष्णववाद से परिचित कराया। असम के नव-वैष्णव धर्म में, सत्र (मठ) और नामघर (ग्राम स्तर के प्रार्थना घर) इस धर्म के स्तंभ हैं। वे असम में अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने की भी मांग कर रहे हैं। PRC के बारे में: यह किसी व्यक्ति - [समाचारों में सैन्य अभ्यास](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%85%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be/): समाचारों में सैन्य अभ्यास व्यायाम विवरण अभ्यास डेजर्ट फ्लैग-10 भारतीय वायु सेना  अभ्यास डेजर्ट फ्लैग-10  में भाग ले रही है । यह संयुक्त अरब अमीरात (यूएई)  द्वारा आयोजित एक प्रमुख बहुराष्ट्रीय हवाई युद्ध अभ्यास है। ऑपरेशन अटलांटा यूरोपीय संघ नौसेना बल (EUNAVFOR) ऑपरेशन अटलांटा  ने भारतीय नौसेना के साथ संयुक्त अभ्यास का प्रस्ताव दिया है । ऑपरेशन अटलांटा के बारे में उद्देश्य: यह शांति, स्थिरता और समुद्री सुरक्षा    के प्रयासों का समर्थन करता है , जैसे  समुद्री डकैती, मादक पदार्थों की तस्करी से निपटना, अवैध मछली पकड़ना आदि। यह पश्चिमी हिंद महासागर और लाल सागर क्षेत्र में कार्य करता है। अभ्यास ‘डस्टलिक’ अभ्यास डस्टलिक का छठा संस्करणपुणे, महाराष्ट्र में शुरू हुआ।  यह भारत और उज्बेकिस्तान में बारी-बारी - [प्रोजेक्ट वर्षा](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be/): प्रोजेक्ट वर्षा प्रोजेक्ट वर्षा के अंतर्गत आईएनएस वर्षा 2026 तक चालू हो जाएगी। प्रोजेक्ट वर्षा के बारे में यह एक गोपनीय नौसैनिक परियोजना है जिसका उद्देश्य भारत की जलगत परमाणु क्षमताओं को मजबूत करना है। उद्देश्य: 12 से अधिक परमाणु ऊर्जा चालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियों (एसएसबीएन) के बेड़े को रखने के लिए एक सुरक्षित भूमिगत बेस विकसित करना । स्थान: आंध्र प्रदेश में तटीय गांव रामबिल्ली। पूर्व में प्रोजेक्ट वर्षा के समान, प्रोजेक्ट सीबर्ड के अंतर्गत कर्नाटक में कारवार बेस पश्चिमी तट की सुरक्षा करता है। 0 CommentsComments are closed - [एमके-II(ए) डीईडब्ल्यू प्रणाली](https://examcg.com/%e0%a4%8f%e0%a4%ae%e0%a4%95%e0%a5%87-ii%e0%a4%8f-%e0%a4%a1%e0%a5%80%e0%a4%88%e0%a4%a1%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%82-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a3%e0%a4%be%e0%a4%b2/): एमके-II(ए) डीईडब्ल्यू प्रणाली डीआरडीओ ने कुरनूल (आंध्र प्रदेश) में नेशनल ओपन एयर रेंज (एनओएआर) में एमके-II (ए) लेजर-डायरेक्टेड एनर्जी वेपन (डीईडब्ल्यू) प्रणाली का सफलतापूर्वक परीक्षण किया । अमेरिका, चीन और रूस के बाद भारत दुनिया का चौथा देश बन गया जिसके पास उन्नत लेजर हथियार क्षमताएं हैं। एमके-II(ए) डीईडब्ल्यू प्रणाली के बारे में विकसितकर्ता:  डीआरडीओ के उच्च ऊर्जा प्रणाली एवं विज्ञान केंद्र (सीएचईएसएस), हैदराबाद द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित। संभावित लक्ष्य: यह ड्रोन, मिसाइल और विमानों को निष्क्रिय कर सकता है । तंत्र: एक बार रडार या इनबिल्ट इलेक्ट्रो ऑप्टिक (ईओ) प्रणाली द्वारा पता लगा लेने पर, यह लक्ष्य पर हमला करता है और लक्ष्य को भेदने के लिए तीव्र उच्च-ऊर्जा 30 किलोवाट - [अमेरिका - इज़रायल - ईरान युद्ध में संघर्ष क्षेत्र](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%b2-%e0%a4%88%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a6/): अमेरिका – इज़रायल – ईरान युद्ध में संघर्ष क्षेत्र   चर्चा में क्यों?  संयुक्त राज्य अमेरिका और इज़रायल ने ईरान पर समन्वित हमले किये, जिससे ईरान ने खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों में आर्थिक लक्ष्यों पर प्रतिशोधी हमले किये। फारस की खाड़ी में बढ़ते तनाव के कारण  भारत के बंदरगाह, शिपिंग और जलमार्ग मंत्रालय ने भारतीय जहाज़ों और नाविकों की सुरक्षा के लिये निगरानी को सशक्त किया है, जबकि हिज़बुल्लाह ने लेबनान से इज़रायल के साथ संघर्ष तेज़ कर दिया है। सारांश संयुक्त राज्य अमेरिका, इज़रायल और ईरान के बीच बढ़ता संघर्ष अब एक बहु-मोर्चीय संकट का रूप ले चुका है, जिसमें क्षेत्रीय खिलाड़ी और प्रॉक्सी समूह जैसे- हिज़बुल्लाह और - [साइबर युद्ध](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%ac%e0%a4%b0-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7/): साइबर युद्ध संयुक्त राज्य अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव हाइब्रिड युद्ध के उभार को दर्शाते हैं, जहाँ साइबर ऑपरेशन पारंपरिक सैन्य कार्रवाई के साथ मिलकर कार्य कर रहे हैं और मौजूदा अंतरराष्ट्रीय कानूनी ढाँचों को चुनौती दे रहे हैं। संबंधित तथ्य हाल के साइबर हमलों को हंडाला हैक टीम (Handala Hack Team) जैसे समूहों से जोड़ा गया है, जिसने अमेरिका स्थित एक ‘चिकित’ प्रौद्योगिकी कंपनी सहित कई संस्थाओं पर हमलों की जिम्मेदारी ली है। साइबर युद्ध (Cyber Warfare) के बारे में साइबर युद्ध का तात्पर्य उन डिजिटल हमलों, हैकिंग और साइबर ऑपरेशनों से है, जिन्हें राज्य या गैर-राज्य अभिकर्ता किसी अन्य देश के कंप्यूटर सिस्टम, नेटवर्क या महत्त्वपूर्ण अवसंरचना को बाधित करने, नुकसान पहुँचाने या अनधिकृत पहुँच प्राप्त करने के लिए रणनीतिक, राजनीतिक - [करेंट अफेयर्स क्विज़ - अप्रेल 2026](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%9f-%e0%a4%85%e0%a4%ab%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bc-%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a5%8d-2/): करेंट अफेयर्स क्विज़ – अप्रैल 2026 | UPSC/PSC 📚 मासिक करेंट अफेयर्स क्विज़ अप्रैल 2026 | UPSC / State PSC परीक्षा स्तर 100 प्रश्न • संपूर्ण एवं अद्यतित (अप्रैल घटनाक्रम) कुल: 100 उत्तरित: 0 सही: 0 गलत: 0 शेष: 100 © 2026 करेंट अफेयर्स क्विज़ | अप्रैल 2026 | UPSC/PSC तैयारी हेतु 0 CommentsComments are closed - [अफीम युद्ध (1839-1860), उत्पत्ति, प्रमुख परिणाम](https://examcg.com/%e0%a4%9a%e0%a5%88%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ad%e0%a5%81-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%ad-2-2-2/): अफीम युद्ध (1839-1860), उत्पत्ति, प्रमुख परिणाम अफीम युद्ध (1839-1860) व्यापार और अफीम को लेकर चीन और पश्चिमी शक्तियों के बीच हुए प्रमुख संघर्ष थे, जिसके परिणामस्वरूप असमान संधियाँ, क्षेत्रीय नुकसान और किंग राजवंश का पतन हुआ। अफीम युद्ध 19वीं शताब्दी में चीन के किंग राजवंश और पश्चिमी शक्तियों, मुख्य रूप से ब्रिटेन और बाद में फ्रांस के बीच लड़े गए दो प्रमुख संघर्ष थे। ये युद्ध केवल व्यापार के बारे में नहीं थे; ये चीनी संप्रभुता और यूरोपीय साम्राज्यवाद के बीच टकराव को दर्शाते थे। प्रथम अफीम युद्ध (1839-1842) और द्वितीय अफीम युद्ध (1856-1860) में चीन को निर्णायक हार का सामना - [मीराबाई, प्रारंभिक जीवन, संघर्ष, प्रमुख रचनाएँ, विरासत](https://examcg.com/%e0%a4%9a%e0%a5%88%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ad%e0%a5%81-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%ad-2-2/): मीराबाई, प्रारंभिक जीवन, संघर्ष, प्रमुख रचनाएँ, विरासत मीराबाई भगवान कृष्ण की भक्त एक धर्मपरायण संत थीं, जो अपने भावपूर्ण भजनों के लिए जानी जाती थीं। उनका जीवन सामाजिक मानदंडों से परे भक्ति, साहस और आध्यात्मिक शक्ति का प्रतीक है। मीराबाई एक प्रसिद्ध संत और कवयित्री थीं, जिन्हें भगवान कृष्ण के प्रति उनके गहरे प्रेम और भक्ति के लिए याद किया जाता है। उन्होंने एक सरल जीवन व्यतीत किया और अपने भावों को सुंदर गीतों और कविताओं के माध्यम से व्यक्त किया, जो भावनाओं और आस्था से परिपूर्ण थे। अनेक चुनौतियों का सामना करने के बावजूद, वे अपने विश्वासों में दृढ़ रहीं - [नामदेव प्रारंभिक जीवन, मान्यताएं, साहित्यिक रचनाएं, विरासत](https://examcg.com/%e0%a4%9a%e0%a5%88%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ad%e0%a5%81-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%ad-2/): नामदेव, प्रारंभिक जीवन, मान्यताएं, साहित्यिक रचनाएं, विरासत महाराष्ट्र के भक्ति संत नामदेव ने सरल कविता के माध्यम से विट्ठल के प्रति भक्ति का प्रसार किया, और जाति एवं रीति-रिवाजों से परे समानता, आस्था और एकता को बढ़ावा दिया। नामदेव भारत में भक्ति आंदोलन के एक प्रसिद्ध संत और कवि थे। उनका जन्म महाराष्ट्र में हुआ था और वे भगवान विट्ठल के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा के लिए जाने जाते हैं। नामदेव का मानना ​​था कि सच्ची उपासना प्रेम और आस्था से आती है, न कि रीति-रिवाजों या जातिगत भेदभाव से। अपने सरल गीतों और कविताओं के माध्यम से उन्होंने लोगों में - [चैतन्य महाप्रभु, प्रारंभिक जीवन, दर्शन, शिक्षाएँ](https://examcg.com/%e0%a4%9a%e0%a5%88%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ad%e0%a5%81-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%ad/): चैतन्य महाप्रभु, प्रारंभिक जीवन, दर्शन, शिक्षाएँ चैतन्य महाप्रभु 15वीं सदी के भक्ति संत थे जिन्होंने भगवान कृष्ण की भक्ति का प्रसार किया, कीर्तन को लोकप्रिय बनाया और गौड़ीय वैष्णववाद की स्थापना की। चैतन्य महाप्रभु एक महान संत और आध्यात्मिक गुरु थे, जिन्हें भगवान कृष्ण के प्रति प्रेम और भक्ति फैलाने के लिए याद किया जाता है। उनका मानना ​​था कि सच्चा सुख भगवान के नाम का जप करने और शुद्ध हृदय रखने से प्राप्त होता है। अपनी सरल शिक्षाओं और भावपूर्ण भक्ति के माध्यम से उन्होंने समाज के सभी वर्गों के लोगों से जुड़ाव स्थापित किया। उनके जीवन ने अनेकों को - [महाद सत्याग्रह (1927)](https://examcg.com/mahad-satyagraha-1927/): महाद सत्याग्रह (1927) महाद सत्याग्रह (1927) स्वतंत्रता-पूर्व भारत में सामाजिक न्याय और मानवीय गरिमा के लिए एक आधारभूत संघर्ष था। इस ऐतिहासिक आंदोलन के महत्व के बारे में अधिक जानने के लिए यहां पढ़ें। महाद सत्याग्रह, जिसकी 99वीं वर्षगांठ 20 मार्च 2026 को मनाई जा रही है, इसके शताब्दी वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है और इसे पूरे भारत में सामाजिक सशक्तिकरण दिवस के रूप में मनाया जाता है। बी.आर. अंबेडकर के नेतृत्व में चलाए गए इस ऐतिहासिक आंदोलन ने आधुनिक भारत में नागरिक अधिकारों की सबसे शुरुआती और सबसे निर्णायक अभिव्यक्तियों में से एक का प्रतिनिधित्व किया। यह महज पानी तक पहुंच के लिए - [लांजिया साओरा जनजाति](https://examcg.com/%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%93%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%bf/): लांजिया साओरा जनजाति लांजिया साओरा जनजाति ओडिशा की सबसे प्राचीन जनजातियों में से एक है और इसे विशेष रूप से संकटग्रस्त जनजातीय समूह के रूप में वर्गीकृत किया गया है। लांजिया साओरा जनजाति, भाषा, बस्ती, अर्थव्यवस्था और समाचार के बारे में अधिक पढ़ें। लांजिया साओरा जनजाति नवीनतम समाचार यह देखा गया है कि लांजिया साओरा जनजाति समुदाय के युवा सदस्यों के बीच, परंपरा की पुनर्व्याख्या की जा रही है और वे आधुनिकता के साथ अपने तरीके से तालमेल बिठा रहे हैं। लांजिया साओरा जनजाति के बारे में साओरा ओडिशा की प्राचीन जनजातियों में से एक है और इसे विशेष रूप से कमजोर - [विश्व की प्राचीन सभ्यताएँ, सूची, समाज, धर्म](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%8f/): विश्व की प्राचीन सभ्यताएँ, सूची, समाज, धर्म विश्व की प्राचीन सभ्यताओं ने कृषि, शहरों, शासन और संस्कृति के माध्यम से प्रारंभिक मानव प्रगति को आकार दिया, जिसमें मेसोपोटामिया, मिस्र, सिंधु और चीन का स्थायी योगदान रहा। प्राचीन सभ्यताएँ जटिल मानव विकास के प्रारंभिक चरण को दर्शाती हैं, जब समाज सरल कृषि समुदायों से संगठित शहरी संस्कृतियों में परिवर्तित हुए। अधिकांश इतिहासकार सभ्यता के सबसे प्रारंभिक उद्गम स्थल वर्तमान इराक, मिस्र, भारत, चीन, पेरू और मैक्सिको में मानते हैं, जो 4000 ईसा पूर्व और 3000 ईसा पूर्व के बीच अस्तित्व में आए। विश्व की इन प्राचीन सभ्यताओं ने कृषि, लेखन प्रणाली, शहरी - [करेंट अफेयर्स क्विज़ - मार्च 2026](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%9f-%e0%a4%85%e0%a4%ab%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bc-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0-2/): करेंट अफेयर्स क्विज़ – मार्च 2026 | UPSC/PSC 📚 मासिक करेंट अफेयर्स क्विज़ मार्च 2026 | UPSC / State PSC परीक्षा स्तर 100 प्रश्न • संपूर्ण एवं अद्यतित (मार्च घटनाक्रम) कुल: 100 उत्तरित: 0 सही: 0 गलत: 0 शेष: 100 © 2026 करेंट अफेयर्स क्विज़ | मार्च 2026 | UPSC/PSC तैयारी हेतु 0 CommentsComments are closed - [प्रेरक उद्धरण  Motivational quotes to inspire your life in 2026](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%95-%e0%a4%89%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%b0%e0%a4%a3-motivational-quotes-to-inspire-your-life-in-2026/): प्रेरक उद्धरण  Motivational quotes to inspire your life in 2025 एक प्रेरक उद्धरण पाना जो आपके साथ प्रतिध्वनित होता है, एक ऊर्जावान एहसास है। प्रेरणादायी वक्तव्य प्रायः ऐसे प्रतीत होते हैं जैसे हमारी अपनी राय ही हमें प्रतिबिम्बित कर रही हो – और इसमें वह स्पष्टता भी है जो इतिहास के कुछ महानतम मस्तिष्कों से आती है। सही प्रेरक उद्धरण आपके दृष्टिकोण को बदल सकता है और आपको टालमटोल करना बंद करने , कठिन चुनौतियों का सामना करने, टीम को प्रेरित करने , घर से काम करते समय अधिक उत्पादक बनने , व्यक्तिगत विकास में निवेश करने , व्यवसाय शुरू करने - [भारत में बोत्सवाना से चीता स्थानांतरण](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%aa/): भारत में बोत्सवाना से चीता स्थानांतरण नौ चीते बोत्सवाना से कुनो राष्ट्रीय उद्यान, मध्य प्रदेश में स्थानांतरित किये गए जो भारत की महत्त्वाकांक्षी चीता पुर्नवास परियोजना में एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है। वर्तमान संख्या स्थिति: इस जोड़ के साथ भारत में चीते की संख्या अब 48 हो गई है, जिसमें कुनो राष्ट्रीय उद्यान में जन्मे 29 शावक शामिल हैं। पूर्व में किये गए पुर्नवास के प्रयास: सितंबर 2022 में नामीबिया से आठ चीते का पहला बैच पुर्नवासित किया गया था, इसके बाद फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते लाए गए थे। बोत्सवाना में चीतों का महत्त्व: लगभग 7,100 की वैश्विक चीता आबादी का लगभग 24% हिस्सा  बोत्सवाना में निवास करता है। विशेष रूप से, बोत्सवाना के 76.9% चीते संरक्षित क्षेत्रों के बजाय सामुदायिक - [करेंट अफेयर्स क्विज़ - फरवरी 2026](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%9f-%e0%a4%85%e0%a4%ab%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bc-%e0%a4%ab%e0%a4%b0%e0%a4%b5-2/): करेंट अफेयर्स क्विज़ – फरवरी 2026 | UPSC/PSC 📚 मासिक करेंट अफेयर्स क्विज़ फरवरी 2026 | UPSC / State PSC परीक्षा स्तर 100 प्रश्न • संपूर्ण एवं अद्यतित (फरवरी घटनाक्रम) कुल: 100 उत्तरित: 0 सही: 0 गलत: 0 शेष: 100 © 2026 करेंट अफेयर्स क्विज़ | फरवरी 2026 | UPSC/PSC तैयारी हेतु 0 CommentsComments are closed - [हेनरी डेरोज़ियो और “यंग बंगाल मूवमेंट” : 19वीं शताब्दी के कलकत्ता में सामाजिक क्रांति](https://examcg.com/%e0%a4%b9%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a1%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%af%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%ac/): हेनरी डेरोज़ियो और “यंग बंगाल मूवमेंट” : 19वीं शताब्दी के कलकत्ता में सामाजिक क्रांति डेरोज़ियो का परिचय ➤ हेनरी डेरोज़ियो (1809–1831) इंडो-पुर्तगाली वंश का विचारक, कवि और शिक्षक था। ➤ 1826 में वह कलकत्ता के हिंदू कॉलेज (आधुनिक प्रेसिडेंसी कॉलेज) में प्राध्यापक बना। ➤ उसका उद्देश्य विद्यार्थियों में विचार-स्वतंत्रता, विवेक, आधुनिकता तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना था। यंग बंगाल आंदोलन (Young Bengal Movement) ➤ डेरोज़ियो के शिष्यों को “Derozians” या “Young Bengal” कहा जाता था। ➤ उनकी प्रमुख विशेषताएँ : ► विचार-स्वतंत्रता पर बल ► सामाजिक-धार्मिक कुरीतियों और अंधविश्वास का विरोध ► स्त्री-शिक्षा का समर्थन ► उपनिवेशवाद और दासता का विरोध - [करेंट अफेयर्स क्विज़ - जनवरी 2026](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%9f-%e0%a4%85%e0%a4%ab%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bc-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%b5-2/): करेंट अफेयर्स क्विज़ – जनवरी 2026 | UPSC/PSC 📚 मासिक करेंट अफेयर्स क्विज़ जनवरी 2026 | UPSC / State PSC परीक्षा स्तर 100 प्रश्न • संपूर्ण एवं अद्यतित (जनवरी घटनाक्रम) कुल: 100 उत्तरित: 0 सही: 0 गलत: 0 शेष: 100 © 2026 करेंट अफेयर्स क्विज़ | जनवरी 2026 | UPSC/PSC तैयारी हेतु 0 CommentsComments are closed - [स्टेट ऑफ फाइनेंस फॉर नेचर 2026](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%9f-%e0%a4%91%e0%a4%ab-%e0%a4%ab%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%b8-%e0%a4%ab%e0%a5%89%e0%a4%b0-%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%9a%e0%a4%b0-2026/): स्टेट ऑफ फाइनेंस फॉर नेचर 2026     प्रिलिम्स के लिये: संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम, प्रकृति-आधारित समाधान, सतत कृषि पर राष्ट्रीय मिशन (NMSA), राष्ट्रीय जल मिशन, राष्ट्रीय वनरोपण कार्यक्रम (NAP) मेन्स के लिये: जलवायु एवं जैव विविधता रणनीति के रूप में प्रकृति-आधारित समाधान, वैश्विक पर्यावरण शासन में वित्तपोषण की कमियाँ, पर्यावरण क्षरण में सब्सिडी की भूमिका, भारत का राजकोषीय संघवाद और जैव विविधता संरक्षण चर्चा में क्यों?  संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) ने “स्टेट ऑफ फाइनेंस फॉर नेचर 2026” नामक रिपोर्ट जारी की, जिसमें एक गंभीर असंतुलन उजागर हुआ है अर्थात्, प्रकृति की सुरक्षा पर खर्च किये गए प्रत्येक 1 अमेरिकी डॉलर की तुलना में पर्यावरण को नुकसान पहुँचाने पर 30 अमेरिकी - [यूनानी, रोम, चीनी एवं अरबी यात्रियों का क्रमबद्ध विवरण](https://examcg.com/%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%ae-%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%8f%e0%a4%b5%e0%a4%82-%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a4%ac%e0%a5%80-%e0%a4%af/): यूनानी, रोम, चीनी एवं अरबी यात्रियों का क्रमबद्ध विवरण – 1. नियार्कस (326 ई.पू.) – यूनानी यह सिकन्दर के जल सेनाध्यक्ष के रूप में भारत आया था। 2. आनेसिक्रिटस (326 ई.पू.) – यूनानी इसने सिकन्दर की जीवनी लिखी थी। 3. आरिस्टोबुलस (326ई.पू.) – यूनानी इसने ‘हिस्ट्री ऑफ वार’ नामक पुस्तक लिखा था। 4. मेगस्थनीज (303ई.पू.) – यूनानी यह सेल्यूकस निकेटर का राजदूत था तथा चन्द्रगुप्त मौर्य के दरबार में आया था। इसने अपनी पुस्तक ‘इण्डिका’ में मौर्य युगीन समाज एवं संस्कृति का वर्णन किया है। 5. डाइमेकस (285 ई.पू.) – सीरिया इसे सीरियाई शासक अन्तियोकस ने राजदूत के रूप में बिन्दुसार - [संयुक्त राष्ट्र 'चैंपियंस ऑफ द अर्थ' पुरस्कार](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%9a%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%82/): संयुक्त राष्ट्र ‘चैंपियंस ऑफ द अर्थ’ पुरस्कार   तमिलनाडु की एक IAS अधिकारी सुप्रिया साहू को भारत में प्लास्टिक और वन्यजीव संरक्षण सहित महत्वपूर्ण पर्यावरणीय चुनौतियों पर उनके अग्रणी नेतृत्व के लिए ‘चैंपियंस ऑफ द अर्थ’ पुरस्कार प्रदान  किया गया। ‘चैंपियंस ऑफ द अर्थ’ पुरस्कार के बारे में: यह संयुक्त राष्ट्र का सर्वोच्च पर्यावरणीय सम्मान है। यह पुरस्कार 2005 से प्रतिवर्ष दिया जाता है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) जलवायु परिवर्तन, प्रकृति व जैव विविधता के नुकसान तथा प्रदूषण व अपशिष्ट के ‘तीहरे ग्रहीय संकट’ (triple planetary crisis) से निपटने के लिए अभिनव और सतत समाधानों पर कार्य करने वाले व्यक्तियों एवं संगठनों को सम्मानित करता है। 0 CommentsComments are closed - [चराइचुंग रॉयल बर्ड सैंक्चुरी](https://examcg.com/%e0%a4%9a%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%9a%e0%a5%81%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%b0%e0%a5%89%e0%a4%af%e0%a4%b2-%e0%a4%ac%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a1-%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a5%8d/): चराइचुंग रॉयल बर्ड सैंक्चुरी संदर्भ: एशिया के पहले संरक्षित शाही पक्षी अभयारण्य को पुनर्जीवित करने के लिए असम के माजुली में चराइचुंग महोत्सव का आयोजन किया गया था चराइचुंग महोत्सव के बारे में महोत्सव का दूसरा संस्करण 7-10 दिसंबर को असम के माजुली में आयोजित किया गया था इसका आयोजन माजुली साहित्य सभा और स्थानीय समुदायों द्वारा किया गया था । उद्देश्य: लगभग विलुप्त हो चुके चराइचुंग शाही पक्षी अभयारण्य को पुनर्जीवित और संरक्षित करना। चराइचुंग रॉयल बर्ड सैंक्चुरी इसकी स्थापना सन् 1633 ईस्वी में अहोम राजा स्वर्गदेव प्रताप सिंह द्वारा की गई थी। यह एशिया का पहला संरक्षित पक्षी अभयारण्य था। यह स्थान माजुली द्वीप पर स्थित है , जो विश्व का सबसे बड़ा - [स्मृति मंधाना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 10,000 रन पूरे करने वाली दूसरी भारतीय महिला क्रिकेटर बन गईं।](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d/): स्मृति मंधाना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 10,000 रन पूरे करने वाली दूसरी भारतीय महिला क्रिकेटर बन गईं। स्मृति मंधाना उन चुनिंदा खिलाड़ियों के क्लब में शामिल हो गई हैं जिन्होंने महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 10,000 रन बनाए हैं। इतिहास रचते हुए, स्मृति मंधाना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 10,000 रन पूरे करने वाली दूसरी भारतीय और कुल मिलाकर चौथी महिला क्रिकेटर बन गई हैं। उन्होंने ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में श्रीलंका के खिलाफ पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला के चौथे मैच के दौरान यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। इस उपलब्धि के साथ, मंधाना मिताली राज, सूजी बेट्स और शार्लोट एडवर्ड्स जैसी दिग्गज खिलाड़ियों की - [9वां सिद्ध दिवस](https://examcg.com/9%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b8/): 9वां सिद्ध दिवस भारत सरकार के आयुष मंत्रालय ने 3 जनवरी 2026 को चेन्नई के कलाइवनार अरंगम में 9वां सिद्ध दिवस मनाया। आयुष मंत्रालय ने राष्ट्रीय सिद्ध संस्थान (एनआईएस), केंद्रीय सिद्ध अनुसंधान परिषद (सीसीआरएस) और तमिलनाडु सरकार के भारतीय चिकित्सा एवं होम्योपैथी निदेशालय के सहयोग से समारोह का आयोजन किया। समारोह का विषय था “वैश्विक स्वास्थ्य के लिए सिद्ध चिकित्सा”। यह समारोह ऋषि अगस्त्य की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। ऋषि अगस्त्य को सिद्ध चिकित्सा का जनक माना जाता है। सिद्ध दिवस प्रतिवर्ष 6 जनवरी को ऋषि अगस्त्य की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। 9वें सिद्ध - [करेंट अफेयर्स क्विज़ - दिसंबर 2025](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%9f-%e0%a4%85%e0%a4%ab%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bc-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b8/): करेंट अफेयर्स क्विज़ – दिसंबर 2025 | UPSC/PSC 📚 मासिक करेंट अफेयर्स क्विज़ दिसंबर 2025 | UPSC / State PSC परीक्षा स्तर 100 प्रश्न • संपूर्ण एवं अद्यतित (दिसंबर घटनाक्रम) कुल: 100 उत्तरित: 0 सही: 0 गलत: 0 शेष: 100 © 2025 करेंट अफेयर्स क्विज़ | दिसंबर 2025 | UPSC/PSC तैयारी हेतु 0 CommentsComments are closed - [कोपरा जलाशय छत्तीसगढ़ का पहला रामसर साइट घोषित](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%9c%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b6%e0%a4%af-%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a4%be/): कोपरा जलाशय छत्तीसगढ़ का पहला रामसर साइट घोषित छत्तीसगढ़ ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। बिलासपुर जिले के कोपरा जलाशय को राज्य का पहला रामसर स्थल घोषित किया गया है। इस मान्यता के साथ छत्तीसगढ़ अब अंतरराष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों (Wetlands) के वैश्विक मानचित्र पर शामिल हो गया है। यह उपलब्धि जैव विविधता संरक्षण, सतत जल प्रबंधन और जलवायु सहनशीलता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को और मजबूत करती है। कोपरा जलाशय को रामसर मान्यता 12 दिसंबर 2025 को कोपरा जलाशय को आधिकारिक रूप से रामसर स्थल घोषित किया गया। यह उपलब्धि राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण, वन विभाग के अधिकारियों, पर्यावरण विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और स्थानीय - [बायोस्टिमुलेंट्स क्या हैं?](https://examcg.com/%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88/): बायोस्टिमुलेंट्स क्या हैं? बायोस्टिमुलेंट्स पर्यावरण के अनुकूल पदार्थ या सूक्ष्मजीव होते हैं जो अपनी पोषक तत्वों की मात्रा की परवाह किए बिना प्राकृतिक पौधों की प्रक्रियाओं को उत्तेजित करते हैं मुख्य भूमिका: पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाना , तनाव सहनशीलता को बढ़ावा देना, फसल की गुणवत्ता में सुधार करना और जलवायु परिवर्तन के प्रति लचीलापन विकसित करना । भारतीय कृषि के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए जैव-उत्तेजक आशाजनक, टिकाऊ वैकल्पिक रासायनिक उर्वरक प्रदान करते हैं बायोस्टिमुलेंट्स के प्रकार वानस्पतिक अर्क : समुद्री शैवाल, केल्प या पौधों से प्राप्त , जो हार्मोन और वृद्धि प्रवर्तकों से भरपूर होते हैं  सूक्ष्मजीवीय उत्पाद: लाभकारी जीवाणु (पीजीपीआर) या कवक जो नाइट्रोजन स्थिर करते हैं, - [फूलबासन बन गे फूल](https://examcg.com/%e0%a4%ab%e0%a5%82%e0%a4%b2%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%a8-%e0%a4%ac%e0%a4%a8-%e0%a4%97%e0%a5%87-%e0%a4%ab%e0%a5%82%e0%a4%b2/): फूलबासन बन गे फूल लोककथा फूलबासन बन गे फूलफूलबासन के गाथा ह रमायनकालीन आय। एक पइत माता जानकी ह अपन सपना के गोठ ल लछमन करा गोठियाथे- हे लछमन मेहा पतरी मा मूंग के दार अउ पसहर चाउर ल खाय हंव अउ फूलबासन नांव के फूल ल देखेंव हंव। लछमन तेहा मोर बर फूलबासन फूल लान देतेय। तोर उपकार ल मेहा कभु नइ भुलातेंव। लछमन ह माता जानकी के गोठ ले सुनके कहिस- हे सीता दाई तेंहा मोला आदेस देहस त वोला मेहा पूरा करिहंव। माता सीता के आसीस ल पाके लछमन ह जंगल डहर रेंगदिस। भूख-पियास ल भूलागे फूलबासन ल - [केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) – वार्षिक भूजल गुणवत्ता रिपोर्ट, 2025](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a5%82%e0%a4%9c%e0%a4%b2-%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%a3%e0%a4%b5%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f-2024/): केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) – वार्षिक भूजल गुणवत्ता रिपोर्ट, 2025 (UPSC GS-3: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव आकलन) परिचय भारत विश्व के सबसे बड़े भूजल-उपयोगकर्ता देशों में शामिल है। पेयजल, कृषि और औद्योगिक आवश्यकताओं का बड़ा हिस्सा भूजल पर निर्भर है—कृषि के लिए 87% भूजल निष्कर्षण होता है तथा ग्रामीण भारत में 80% से अधिक पेयजल भूजल पर आधारित है। ऐसे में इसकी गुणवत्ता का मूल्यांकन अत्यंत महत्वपूर्ण है। केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) द्वारा जारी वार्षिक भूजल गुणवत्ता रिपोर्ट 2025 देश में भूजल की वर्तमान स्थिति, प्रमुख प्रदूषकों और उनकी भौगोलिक प्रवृत्ति को दर्शाती है। रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्ष समग्र गुणवत्ता - [करेंट अफेयर्स क्विज़ - नवंबर 2025](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%9f-%e0%a4%85%e0%a4%ab%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bc-%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a4%82/): करेंट अफेयर्स क्विज़ – नवंबर 2025 | UPSC/PSC 📚 करेंट अफेयर्स क्विज़ नवंबर 2025 | UPSC / PSC परीक्षा स्तर 100 प्रश्न • गहन विश्लेषण सहित कुल: 100 उत्तरित: 0 सही: 0 गलत: 0 शेष: 100 © 2025 करेंट अफेयर्स क्विज़ | नवंबर 2025 | UPSC/PSC तैयारी हेतु हरे रंग से सही उत्तर और लाल रंग से गलत उत्तर दर्शाया जाता है। 0 CommentsComments are closed - [अमूर फाल्कन](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%82%e0%a4%b0-%e0%a4%ab%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a4%a8/): अमूर फाल्कन हाल ही में, मणिपुर में तामेंगलोंग जिला प्रशासन ने अमूर बाज़ ( फाल्को अमुरेंसिस ) के आगमन की तैयारी के लिए उनके शिकार, पकड़ने, मारने और बेचने पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया।   अमूर फाल्कन्स के बारे में:   वे छोटे और फुर्तीले पक्षी (शिकारी पक्षी) हैं जिन्हें स्थानीय रूप से मणिपुर में ‘कहुआइपुइना’ और नागालैंड ( विश्व की अमूर फाल्कन राजधानी) में ‘मोलुलेम’ के नाम से जाना जाता है ।  उनकी विशिष्ट विशेषताओं में गहरे पंख, सफेद पंख की परत, तथा लाल-नारंगी आंखें और पैर शामिल हैं।  प्रवास:  वे उत्तरी चीन, पूर्वी मंगोलिया और सुदूर पूर्वी रूस से दक्षिण अफ्रीका की ओर प्रवास करते हैं, लगभग 22,000 किलोमीटर की दूरी तय करते हैं और भारत से गुजरते हैं।  भोजन: वे कीटभक्षी होते हैं लेकिन छोटे कशेरुकियों को भी - [चर्चा में रही महत्त्वपूर्ण प्रजातियाँ](https://examcg.com/%e0%a4%9a%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9a%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b0%e0%a4%b9%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0-2/): चर्चा में रही महत्त्वपूर्ण प्रजातियाँ संक्षिप्त विवरण यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में प्रत्येक वर्ष चर्चा में रही विभिन्न प्रजातियों की आईयूसीएन स्थिति अथवा उनकी अनूठी विशेषताओं पर आधारित एक या एक से अधिक प्रश्न पूछे जाते हैं। लेकिन इन सभी प्रजातियों से संबंधित जानकारी को याद रख पाना बहुत ही मुश्किल काम है। इस बात को ध्यान में रखते हुए हमने समाचारों में कुछ महत्त्वपूर्ण प्रजातियों की सूची तैयार की है। ताकि अगर कुछ प्रजातियों को छोड़ भी दिया जाए तो भी आप एलिमिनेशन विधि से प्रश्नों को हल कर सकें। उदाहरण के लिये, यह लेख आपको भारत में गंभीर रूप से - [यूरेशियन ऊदबिलाव](https://examcg.com/%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%a8-%e0%a4%8a%e0%a4%a6%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b5/): यूरेशियन ऊदबिलाव संदर्भ: कश्मीर की गुरेज़ घाटी में यूरेशियन ऊदबिलाव (Eurasian Otters) की फिर से उपस्थिति दर्ज की गई है, जो एक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय विकास का संकेत है। एक समय पर लगभग विलुप्त माने जाने वाले ये ऊदबिलाव दशकों बाद फिर से देखे गए हैं। यूरेशियन ऊदबिलाव (Eurasian Otter) का कश्मीर में पतन: 1990 के दशक के अंत तक कश्मीर की नदियों और धाराओं में आम पाए जाते थे। 1997 के बाद इनकी उपस्थिति दुर्लभ हो गईं। संभावित कारण: आवासीय क्षति (Habitat Loss) कीटनाशकों का उपयोग (Pesticide Use) शिकार (Poaching) इनकी घटती संख्या पर वन्यजीव प्रेमियों और स्थानीय लोगों ने चिंता जताई। यूरेशियन ऊदबिलाव (Eurasian Otter) के बारे में: परिचय: एक अर्ध–जलीय स्तनपायी (Semi-aquatic mammal) जो यूरेशिया (Eurasia) का मूल निवासी है। इसका घना और जल–प्रतिरोधी फर ठंडे पानी में इन्सुलेशन प्रदान करता है। अनुकूलन (Adaptations): झिल्लीदार पैर (Webbed Feet) – तैरने के लिए। सुचिकाय शरीर (Streamlined Body) – पानी में आसानी से - [नौरादेही वन्यजीव अभयारण्य: भारत का तीसरा चीता स्थल](https://examcg.com/%e0%a4%a8%e0%a5%8c%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b9%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5-%e0%a4%85%e0%a4%ad%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a3%e0%a5%8d/): नौरादेही वन्यजीव अभयारण्य: भारत का तीसरा चीता स्थल मध्य प्रदेश में नौरादेही वन्यजीव अभयारण्य (एनडब्ल्यूएस) को भारत के तीसरे  चीता  स्थल के रूप में तैयार किया जा रहा है।   कुनो  और  गांधी सागर के विपरीत , जहां चीतों को शिकारी-मुक्त परिदृश्य में लाया गया था, नौरादेही में पहले से ही  भेड़ियों, जंगली कुत्तों, तेंदुओं और मगरमच्छों के साथ लगभग 25 बाघ हैं,  जिससे यह पहला ऐसा स्थान बन गया है जहां चीतों को शीर्ष शिकारियों के साथ स्थान साझा करना होगा।   नौरादेही वन्यजीव अभयारण्य  स्थान:  यह  मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा वन्यजीव अभयारण्य है , जिसे 1975 में घोषित किया गया था। संपूर्ण अभयारण्य  दक्कन प्रायद्वीप जैव-भौगोलिक क्षेत्र  के भीतर  ऊपरी विंध्य पठार पर स्थित - [मछली पकड़ने वाली बिल्ली और ऊदबिलाव](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%9b%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%94/): मछली पकड़ने वाली बिल्ली और ऊदबिलाव चर्चा में क्यों? हाल ही में, चिल्का झील में मछली पकड़ने वाली बिल्ली की एक व्यवहार्य, प्रजननशील आबादी की उपस्थिति पाई गई है । इसके अलावा, झील में एक चिकने-कोट वाले ऊदबिलाव और एक यूरेशियन ऊदबिलाव की उपस्थिति भी दर्ज की गई है । मछली पकड़ने वाली बिल्ली वैज्ञानिक नाम: प्रियोनेलुरस विवेरिनस निवास स्थान: भारत में, मछली पकड़ने वाली बिल्लियाँ मुख्य रूप से सुंदरबन के मैंग्रोव जंगलों में, गंगा और ब्रह्मपुत्र नदी घाटियों के साथ हिमालय की तलहटी में और पश्चिमी घाट में पाई जाती हैं। सुरक्षा स्थिति IUCN लाल सूची: संवेदनशील CITES: परिशिष्ट II भारतीय वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972: अनुसूची I चिकनी-लेपित ऊदबिलाव वैज्ञानिक नाम: लुट्रोगेल पर्सिपिसिलाटा निवास - [कश्मीर में यूरेशियन ऊदबिलाव देखे गए](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%a8-%e0%a4%8a%e0%a4%a6%e0%a4%ac%e0%a4%bf/): कश्मीर में यूरेशियन ऊदबिलाव देखे गए  यूरेशियन ऊदबिलाव या सामान्य ऊदबिलाव ( जिसे कश्मीर में स्थानीय रूप से वुडर के नाम से जाना जाता है ) 25-30 साल बाद कश्मीर में देखा गया है। यह ऐतिहासिक रूप से दाचीगाम, डल झील की सहायक नदियों, रंबियारा धारा और लिद्दर नदी ( पहलगाम में ) में पाया जाता रहा है।  यूरेशियन ऊदबिलाव ( लूट्रा लूट्रा) यह एक अर्ध-जलीय मांसाहारी स्तनपायी है जो यूरेशिया का मूल निवासी है । यह नदी पारिस्थितिकी तंत्र में एक प्रमुख प्रजाति है क्योंकि इसकी उपस्थिति स्वच्छ जल और स्वस्थ जलीय जैव विविधता का सूचक है । भारत में पाई जाने वाली अन्य प्रजातियों में चिकने-कोट वाले ऊदबिलाव (संपूर्ण भारत में) और छोटे-पंजे वाले ऊदबिलाव (हिमालय और दक्षिणी भारत में) शामिल हैं।  वर्गीकरण : यह लूत्रा वंश , लूट्रिनी कुल - [कश्मीर घाटी में यूरेशियन ऊदबिलाव](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%a8/): कश्मीर घाटी में यूरेशियन ऊदबिलाव यूरेशियन ऊदबिलाव को 25 वर्षों में पहली बार जीवित दस्तावेजीकरण के साथ गुरेज घाटी (कश्मीर) में देखा गया है  इसे किशनगंगा नदी ( कृष्णसर झील , गंदेरबल जिला (जम्मू-कश्मीर)  से निकलने वाली ) में मछलियों का आनंद लेते हुए देखा गया।  यह नदी पाक अधिकृत कश्मीर में प्रवेश करने से पहले कश्मीर की तुलैल और गुरेज घाटियों से होकर उत्तर की ओर बहती है।  यूरेशियन ऊदबिलाव के बारे में:   ऊदबिलाव के बारे में: ऊदबिलाव मस्टेलिडे नामक स्तनधारी परिवार के सदस्य हैं और समुद्री तथा मीठे पानी दोनों में रहते हैं।  जम्मू-कश्मीर में इन्हें स्थानीय रूप से वोदुर के नाम से जाना जाता है और ये जलीय पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद करते - [गिद्ध सर्वेक्षण](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%a3/): गिद्ध सर्वेक्षण भारतीय वन्यजीव संस्थान (डब्ल्यूआईआई) द्वारा गिद्धों पर भारत का पहला राष्ट्रव्यापी सर्वेक्षण जारी किया गया है। गिद्ध जनगणना के बारे में “लुप्तप्राय प्रजातियों – गिद्धों का अखिल भारतीय आकलन और निगरानी” शीर्षक वाला यह सर्वेक्षण , गिद्धों की घोंसला बनाने वाली आबादी का भारत का पहला व्यवस्थित राष्ट्रीय आकलन है। इसका आयोजन भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) द्वारा पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) के सहयोग से 2023 और 2025 के बीच किया जाएगा। कवरेज: सर्वेक्षण में 17 राज्यों में 216 स्थलों को शामिल किया गया , जिसमें गिद्ध की चार गंभीर रूप से लुप्तप्राय IUCN प्रजातियों पर ध्यान केंद्रित किया गया। सफेद पूंछ वाला गिद्ध,  भारतीय गिद्ध,  पतली - [भारत और सिंगापुर संबंध](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%a7/): भारत और सिंगापुर संबंध हाल ही में, भारत और सिंगापुर ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को एक “व्यापक रणनीतिक साझेदारी” तक बढ़ाया और सिंगापुर में एक द्विपक्षीय बैठक के दौरान समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए । हालिया द्विपक्षीय बैठक के प्रमुख परिणाम   व्यापक रणनीतिक साझेदारी में उन्नयन: भारत और सिंगापुर ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को ” व्यापक रणनीतिक साझेदारी” में उन्नत किया। चार समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर: डिजिटल प्रौद्योगिकियों में सहयोग: दोनों देशों के बीच डिजिटल प्रौद्योगिकियों में सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया गया। भारत-सिंगापुर सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम साझेदारी: इसका उद्देश्य लचीली सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला विकसित करना और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में विनिर्माण को आगे बढ़ाना है। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा में सहयोग: स्वास्थ्य देखभाल और - [कंचनजंगा भारत का एकमात्र ‘अच्छी’ श्रेणी का विरासत स्थल क्यों है?](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%82%e0%a4%9a%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%be-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%8f%e0%a4%95%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0/): कंचनजंगा भारत का एकमात्र ‘अच्छी’ श्रेणी का विरासत स्थल क्यों है?  अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) के नवीनतम वैश्विक आकलन में कंचनजंगा राष्ट्रीय उद्यान (Khangchendzonga National Park) ने एक दुर्लभ उपलब्धि हासिल की है — यह भारत का एकमात्र प्राकृतिक विश्व धरोहर स्थल है जिसे “Good” रेटिंग प्राप्त हुई है। जबकि पश्चिमी घाट, सुंदरबन और मानस वन्यजीव अभयारण्य जैसे अन्य भारतीय स्थलों को चिंता या खतरे की श्रेणी में रखा गया है, कंचनजंगा ने संरक्षण का एक नया मानक स्थापित किया है। एक अद्वितीय धरोहर यूनेस्को (UNESCO) ने वर्ष 2016 में इसे भारत का पहला “मिश्रित विश्व धरोहर स्थल (Mixed World Heritage Site)” घोषित किया — जो इसकी जैव-विविधता के - [शेरी सिंह ने भारत की पहली मिसेज यूनिवर्स का ताज जीता](https://examcg.com/%e0%a4%b6%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%b9-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%ae/): शेरी सिंह ने भारत की पहली मिसेज यूनिवर्स का ताज जीता देश के लिए गौरव के क्षण में, भारत ने वैश्विक सौंदर्य प्रतियोगिता के इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज कराया है, जब शेरी सिंह (Sherry Singh) को मिसेज यूनिवर्स 2025 (Mrs Universe 2025) का ताज मनीला (फिलिपींस) में आयोजित भव्य फाइनल में पहनाया गया। दुनियाभर से आई 120 प्रतिभाशाली महिलाओं में से उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए शेरी ने भारत के लिए पहला मिसेज यूनिवर्स खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। यह जीत केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय नारीत्व, दृढ़ता और गरिमा का वैश्विक उत्सव है। वैश्विक मंच पर - [चार अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों वाला एकमात्र भारतीय राज्य कौन सा है?](https://examcg.com/%e0%a4%9a%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b9%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%88/): चार अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डों वाला एकमात्र भारतीय राज्य कौन सा है? भारत का विमानन क्षेत्र (Aviation Sector) पिछले कुछ वर्षों में अत्यंत तेजी से विकसित हुआ है, जिससे देश के दूरस्थ इलाक़े भी अब विश्व से जुड़ गए हैं। बढ़ती यात्रा मांग को देखते हुए कई राज्यों ने पर्यटन, व्यापार और रोज़गार को प्रोत्साहित करने के लिए कई हवाई अड्डे विकसित किए हैं। इनमें से एक भारतीय राज्य ने एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है — यह देश का पहला राज्य बना, जिसके पास चार अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे हैं, जिससे इसकी वैश्विक संपर्कता (Global Connectivity) और पहुँच में अत्यधिक वृद्धि हुई - [INS सावित्री](https://examcg.com/ins-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80/): INS सावित्री सन्दर्भ: : भारतीय नौसेना का जहाज INS सावित्री हाल ही में दक्षिण-पश्चिम हिंद महासागर क्षेत्र में दीर्घकालिक परिचालन तैनाती के तहत मॉरीशस के पोर्ट लुइस पहुँचा। INS सावित्री के बारे में: यह भारतीय नौसेना का स्वदेश निर्मित अपतटीय गश्ती पोत है। इसका निर्माण मुंबई स्थित मझगांव डॉक लिमिटेड द्वारा किया गया था और इसे 7 जून 1990 को नौसेना में शामिल किया गया था। यह विशाखापत्तनम स्थित पूर्वी नौसेना कमान के अधीन है। इस पोत की व्यापक परिचालन भूमिकाएँ हैं, जिनमें हवाई निगरानी और खोज एवं बचाव कार्य शामिल हैं। 15 नॉट (30 किमी/घंटा) की अधिकतम गति के साथ, इस पोत में 40×60 बोफोर्स तोप और चेतक हेलीकॉप्टर को संचालित करने में सक्षम हेलीकॉप्टर डेक जैसी - [जीपीएस स्पूफिंग](https://examcg.com/%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%8f%e0%a4%b8-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%ab%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%97/): जीपीएस स्पूफिंग सन्दर्भ: : दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हाल ही में उस समय भारी व्यवधान उत्पन्न हुआ जब उड़ान संचालन में जीपीएस स्पूफिंग की समस्या उत्पन्न हो गई। स्पूफिंग हमला क्या है: “स्पूफिंग हमला” साइबर हमले की एक व्यापक श्रेणी है, जिसमें सिस्टम या उपयोगकर्ताओं को धोखा देने के लिए नकली डेटा को किसी विश्वसनीय स्रोत से आने का दिखावा किया जाता है। स्पूफिंग के प्रकारों में जीपीएस स्पूफिंग, आईपी स्पूफिंग—जिसका इस्तेमाल अक्सर डिस्ट्रीब्यूटेड डेनियल ऑफ सर्विस (DDoS) करते समय पता लगाने से बचने के लिए किया जाता है—साथ ही एसएमएस स्पूफिंग और कॉलर आईडी स्पूफिंग शामिल हैं, जहाँ संदेश या कॉल किसी दूसरे - [विश्व का पहला पूर्णतः सौर ऊर्जा संचालित हवाई अड्डा](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a3%e0%a4%a4%e0%a4%83-%e0%a4%b8%e0%a5%8c%e0%a4%b0/): विश्व का पहला पूर्णतः सौर ऊर्जा संचालित हवाई अड्डा हवाई अड्डे दुनिया के सबसे व्यस्त और ऊर्जा-गहन स्थानों में से एक हैं — रनवे की रोशनी से लेकर टर्मिनल की बिजली तक, हर चीज़ 24 घंटे चलती रहती है। इसी कारण जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा खपत की चिंताओं के बीच कई हवाई अड्डे अब नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) की ओर बढ़ रहे हैं। कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (CIAL): सौर ऊर्जा का वैश्विक प्रतीक केरल स्थित कोचीन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (Cochin International Airport – CIAL) दुनिया का पहला ऐसा हवाई अड्डा है जो पूरी तरह से सौर ऊर्जा (Solar Energy) से संचालित - [भारतीय हॉकी के 100 साल: आज से शुरू होगा भव्य शताब्दी समारोह](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b9%e0%a5%89%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-100-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%86%e0%a4%9c-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b6%e0%a5%81/): भारतीय हॉकी के 100 साल: आज से शुरू होगा भव्य शताब्दी समारोह भारत अपने खेल इतिहास के एक ऐतिहासिक पड़ाव का जश्न मनाने जा रहा है — भारतीय हॉकी की शताब्दी वर्षगांठ का शुभारंभ 7 नवंबर 2025 को मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम, नई दिल्ली में होगा। यह वही तारीख है जब 7 नवंबर 1925 को इंडियन हॉकी फेडरेशन (IHF) — देश की पहली हॉकी शासी संस्था — की स्थापना हुई थी। यह आयोजन हॉकी इंडिया (HI) और भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। यह उत्सव उस खेल को समर्पित है जिसने भारत की पहचान गढ़ी, - [चिकनी-लेपित ऊदबिलाव](https://examcg.com/%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%aa%e0%a4%bf%e0%a4%a4-%e0%a4%8a%e0%a4%a6%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b5/): चिकनी-लेपित ऊदबिलाव हाल ही में, सूरत से दिल्ली के राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (NZP) में एक जोड़े के आगमन के बाद, चिकने -कोटेड ऊदबिलाव (स्मूथ-कोटेड ऊदबिलाव) चर्चा में रहे हैं , जो 20 वर्षों के बाद एक दुर्लभ प्राणी विनिमय का प्रतीक है। यह घटनाक्रम संरक्षण प्रयासों और इस संकटग्रस्त प्रजाति के प्रति जन जागरूकता, दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। दो दशकों के बाद दो चिकने-कोट वाले ऊदबिलाव ( लुट्रोगेल पर्सपिसिलाटा ) को दिल्ली चिड़ियाघर में लाया गया ।  चिकने-कोटेड ऊदबिलाव के बारे में: वे ऊदबिलाव की एक प्रजाति हैं जो दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के  मीठे पानी के आवासों में पाई जाती हैं ।  शारीरिक लक्षण: इनके पास चिकने, मखमली फर , एक गोल सिर, एक प्रमुख नग्न नाक , - [संयुक्त राष्ट्र जैव विविधता सम्मेलन (UNCBD): COP16](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%9c%e0%a5%88%e0%a4%b5-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%bf/): संयुक्त राष्ट्र जैव विविधता सम्मेलन (UNCBD): COP16 थीम: “Peace with Nature” (प्रकृति के साथ शांति) स्थान: काली (Cali), कोलंबिया अवधि: 21 अक्टूबर – 1 नवंबर 2024 Convention on Biological Diversity (CBD) की स्थापना 1992 के Rio Earth Summit में हुई थी। इसका उद्देश्य जैव विविधता का संरक्षण, उसके सतत उपयोग और लाभों का न्यायसंगत वितरण है। COP16, 16वां पक्षकार सम्मेलन, कोलंबिया में आयोजित हुआ।’ यह Kunming–Montreal Global Biodiversity Framework (KMGBF) के कार्यान्वयन की दिशा में अगला कदम था, जिसे COP15 (2022, मॉन्ट्रियल) में अपनाया गया था। सम्मेलन की थीम “Peace with Nature” ने जैव विविधता को सामाजिक एवं आर्थिक स्थिरता से जोड़ने का संदेश दिया। मुख्य उद्देश्य व एजेंडा KMGBF - [नुगु वन्यजीव अभयारण्य नवीनतम समाचार](https://examcg.com/%e0%a4%a8%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a5%81-%e0%a4%b5%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5-%e0%a4%85%e0%a4%ad%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a3%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%a8%e0%a4%b5/): नुगु वन्यजीव अभयारण्य नवीनतम समाचार हाल ही में मैसूरु के नुगु वन्यजीव अभयारण्य के निकट बाघ के हमले में एक किसान की मौत हो गई। नुगु वन्यजीव अभयारण्य के बारे में यह कर्नाटक के मैसूरु जिले में स्थित है । यह बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यान के उत्तर में स्थित है। इसका क्षेत्रफल लगभग 30 वर्ग किलोमीटर है, तथा अभयारण्य का उत्तरी भाग नुगु जलाशय द्वारा घिरा हुआ है। नुगु बांध कावेरी की सहायक नदी नुगु पर बनाया गया है । वर्ष 1974 में नुगु को वन्यजीव अभयारण्य घोषित किया गया था और बाद में वर्ष 2003-2004 के दौरान नुगु वन्यजीव अभयारण्य के क्षेत्र को नीलगिरि बायोस्फीयर रिजर्व में जोड़ दिया गया।  वर्षा : इस - [अमेरिकी राष्ट्रपति और "जी-2": वैश्विक सहयोगियों के लिए निहितार्थ](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%9c%e0%a5%80-2/): अमेरिकी राष्ट्रपति और “जी-2”: वैश्विक सहयोगियों के लिए निहितार्थ (मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन पेपर- 2:  अंतर्राष्ट्रीय संबंध) चर्चा में क्यों ? हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चीन के साथ “जी-2” (G-2) बैठक की बात कही, जिससे अमेरिका-चीन द्विपक्षीय नेतृत्व और वैश्विक सहयोगियों के लिए इसके संभावित प्रभाव पर बहस तेज हो गई।  यह पहल एशिया और वैश्विक स्तर पर रणनीतिक अस्थिरता पैदा कर सकती है, क्योंकि क्वाड और अन्य बहुपक्षीय गठबंधन अमेरिका-चीन संतुलन पर आधारित हैं।   जी-2 अवधारणा: परिचय और उत्पत्ति “जी-2” का विचार पहली बार 2005 में अर्थशास्त्री सी. फ्रेड बर्गस्टन द्वारा प्रस्तुत किया गया था।  उनका - [द बाकू टू बेलेम रोडमैप टू 1.3T : जलवायु वित्त रिपोर्ट](https://examcg.com/%e0%a4%a6-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a5%82-%e0%a4%9f%e0%a5%82-%e0%a4%ac%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%ae-%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a1%e0%a4%ae%e0%a5%88%e0%a4%aa-%e0%a4%9f%e0%a5%82-1-3t/): द बाकू टू बेलेम रोडमैप टू 1.3T : जलवायु वित्त रिपोर्ट (प्रारंभिक परीक्षा: समसामयिक घटनाक्रम; पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी)(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 3: संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन) संदर्भ कॉप-30 (COP-30) सम्मेलन के आयोजन से पहले ‘द बाकू टू बेलेम रोडमैप टू 1.3T’ रिपोर्ट जारी की गई है जो यह स्पष्ट करती है कि विकासशील देशों को जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए पर्याप्त वित्तीय सहायता नहीं मिल रही है। जलवायु वित्त की पृष्ठभूमि  वर्ष 2020 से 2025 के बीच विकसित देशों ने हर वर्ष 100 बिलियन डॉलर जुटाने का वादा किया था। पेरिस समझौते के अनुसार, इस राशि - [त्रिशूल अभ्यास](https://examcg.com/%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%82%e0%a4%b2-%e0%a4%85%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b8/): त्रिशूल अभ्यास चर्चा में क्यों? भारत ने पाकिस्तान से सटी पश्चिमी सीमा पर बड़े स्तर पर तीनों सेनाओं का संयुक्त अभ्यास ‘त्रिशूल’ प्रारंभ किया है।  यह अभ्यास सर क्रीक क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच किसी भी उकसावे या विरोध का सामना करने तथा रक्षा तैयारियों को सुदृढ़ करने में भारत की तत्परता को रेखांकित करता है।  मुख्य बिंदु अभ्यास के बारे में:  यह अभ्यास 30 अक्तूबर से 10 नवंबर 2025 तक निर्धारित है, जिसमें सेना, नौसेना और वायु सेना की बड़े पैमाने पर भागीदारी शामिल है। इसका उद्देश्य परिचालन तत्परता, संयुक्त समन्वय और बहु-क्षेत्र युद्ध कौशल को बढ़ाना है। इस अभ्यास का कोड नाम “त्रिशूल” है, जबकि आंतरिक रूप से इसे “महागुर्जर” कहा जाता है।  यह अभ्यास जैसलमेर (राजस्थान) से - [राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस 2025](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a4%b0-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%95%e0%a4%a4%e0%a4%be/): राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस 2025 चर्चा में क्यों?  भारत ने 7 नवंबर, 2025 को राष्ट्रीय कैंसर जागरूकता दिवस मनाया, जिसका उद्देश्य कैंसर की रोकथाम, शीघ्र पहचान और जागरूकता को बढ़ावा देना था। मुख्य बिंदु पृष्ठभूमि: यह दिन मैरी क्यूरी (7 नवंबर, 1867) की जयंती के अवसर पर पड़ता है, जिनके रेडियोधर्मिता पर अभूतपूर्व शोध ने कैंसर के निदान और उपचार में क्रांति ला दी थी। कैंसर की रोकथाम तथा स्क्रीनिंग के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिये केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा वर्ष 2014 में घोषित किया गया था। उद्देश्य और महत्त्व: इसका उद्देश्य नागरिकों को जीवन शैली में बदलाव, नियमित स्वास्थ्य जाँच और समय पर चिकित्सा हस्तक्षेप के महत्त्व के बारे में शिक्षित करना है। भारत में कैंसर के मामले - [गूगल का प्रोजेक्ट सनकैचर](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a5%82%e0%a4%97%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%9c%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%b8%e0%a4%a8%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%9a%e0%a4%b0/): गूगल का प्रोजेक्ट सनकैचर चर्चा में क्यों?  प्रौद्योगिकी क्षेत्र की कंपनी गूगल ने प्रोजेक्ट सनकैचर की घोषणा की है, जो अंतरिक्ष में AI-संचालित डेटा केंद्र विकसित करने के लिये एक महत्त्वाकांक्षी अनुसंधान पहल है। मुख्य बिंदु प्रोजेक्ट सनकैचर के बारे में: इस परियोजना में सौर ऊर्जा से संचालित उपग्रहों द्वारा अंतरिक्ष में AI डेटा केंद्रों की मेजबानी करने की परिकल्पना की गई है, ताकि स्थलीय सुविधाओं को शीतल करने के लिये उपयोग की जाने वाली पृथ्वी की ऊर्जा और पानी की खपत को कम किया जा सके। ये परिक्रमा करने वाले डेटा केंद्र प्रति सेकंड दसियों टेराबिट्स की गति से डेटा स्थानांतरित करने के लिये मुक्त-स्थान ऑप्टिकल लिंक का उपयोग करेंगे, जिससे स्टारलिंक जैसे उपग्रह इंटरनेट तारामंडल के समान वितरित नेटवर्क का - [अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार 2025](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%ac%e0%a5%87%e0%a4%b2-%e0%a4%aa%e0%a5%81/): अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार 2025 चर्चा में क्यों?  अर्थशास्त्र में वर्ष 2025 का नोबेल पुरस्कार संयुक्त रूप से जोएल मोकिर (नीदरलैंड), फिलिप अघियन (पेरिस) और पीटर हॉविट (कनाडा) को प्रदान किया गया है। उन्होंने नवाचार-प्रेरित आर्थिक वृद्धि की व्याख्या की और यह समझाया कि समाज के  विकास को बनाए रखने के लिये ठहराव (Stagnation) का किस प्रकार मुकाबला करना चाहिये। अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार 2025 की प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं? विजेता और मुख्य योगदान: पुरस्कार की आधी राशि जोएल मोकीर को मिलेगी, जिन्होंने तकनीकी प्रगति के माध्यम से स्थायी आर्थिक वृद्धि के लिये आवश्यक शर्तों की पहचान की। मोकीर ने पुराने डेटा का उपयोग करके यह स्पष्ट - [जार्ज अब्राहम ग्रियर्सन – जीवन परिचय, सर्वेक्षण, खोज कार्य एवं अन्य जानकारी](https://examcg.com/%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9c-%e0%a4%85%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%ae-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a4%a8/): जार्ज अब्राहम ग्रियर्सन – जीवन परिचय, सर्वेक्षण, खोज कार्य एवं अन्य जानकारी जॉर्ज अब्राहम ग्रियर्सन (1851-1941) ब्रिटिश शासन के दौरान “इंडियन सिविल सर्विस” के कर्मचारी बनकर भारत में आए थे। वे विश्व की भाषाओं के साथ-साथ अनेक भारतीय भाषाओं के ज्ञानी और आधुनिक भारत में भाषाओं का सर्वेक्षण करने वाले पहले भाषाविज्ञानी थे। भारत में ग्रियर्सन को “लिंग्विस्टिक सर्वे ऑफ़ इंडिया” के प्रणेता के रूप में जाना जाता है। “रामचरितमानस” को ग्रियर्सन ने ‘करोड़ों लोगों की बाइबिल‘ कहा है। आगे विस्तार से पढ़िए डॉ. ग्रियर्सन (George Abraham Grierson) का जीवन परिचय, सर्वेक्षण, खोज कार्य, उनकी मृत्यु एवं उनकी ख्याति का कारण और अन्य सम्पूर्ण जानकारी: Sir George - [प्रधानमंत्री मोदी ने "वंदे मातरम" के 150 साल पूरे होने के समारोह का शुभारंभ किया](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%a6/): प्रधानमंत्री मोदी ने “वंदे मातरम” के 150 साल पूरे होने के समारोह का शुभारंभ किया प्रधानमंत्री मोदी ने “वंदे मातरम” के 150 वर्ष पूरे होने पर एक वर्ष तक चलने वाले स्मरणोत्सव का उद्घाटन किया, डाक टिकट और सिक्का जारी किया तथा नागरिक भागीदारी के लिए पोर्टल का शुभारंभ किया। 7 नवंबर 2025 को, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक वर्ष तक चलने वाले स्मरणोत्सव का औपचारिक उद्घाटन किया। नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम में एक स्मारक डाक टिकट और सिक्का जारी किया गया, - [मालदीव ने दुनिया में पहली बार पीढ़ीगत धूम्रपान प्रतिबंध लागू किया](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%a6%e0%a5%80%e0%a4%b5-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%a6%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%b2%e0%a5%80/): मालदीव ने दुनिया में पहली बार पीढ़ीगत धूम्रपान प्रतिबंध लागू किया मालदीव एकमात्र ऐसा देश बन गया है जिसने 1 जनवरी 2007 के बाद जन्मे किसी भी व्यक्ति के लिए तम्बाकू के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है, जिसका उद्देश्य धूम्रपान मुक्त पीढ़ी का निर्माण करना है। एक वैश्विक अभूतपूर्व कदम के तहत, मालदीव ने पीढ़ी दर पीढ़ी धूम्रपान पर प्रतिबंध लगा दिया है, जिसके तहत 1 जनवरी 2007 के बाद जन्मे किसी भी व्यक्ति को किसी भी प्रकार का तंबाकू खरीदने, इस्तेमाल करने या बेचे जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। 1 नवंबर 2025 से प्रभावी, यह नीति - [छत्तीसगढ़ से कोस्टारिका को फोर्टिफाइड चावल कर्नेल का पहला निर्यात](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be/): छत्तीसगढ़ से कोस्टा रिका को फोर्टिफाइड चावल कर्नेल का पहला निर्यात चर्चा में क्यों? कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने छत्तीसगढ़ से कोस्टा रिका को 12 मीट्रिक टन फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (FRK) का पहला निर्यात खेप सफलतापूर्वक उपलब्ध कराया। मुख्य बिंदु निर्यात के बारे में: छत्तीसगढ़ से FRK की 12 मीट्रिक टन की खेप भेजी गई, जो राज्य से फोर्टिफाइड चावल उत्पादों का पहला अंतर्राष्ट्रीय निर्यात है। यह छत्तीसगढ़ को फोर्टिफाइड और मूल्यवर्धित चावल निर्यात के लिये उभरते केंद्र के रूप में स्थापित करता है। फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (FRK) FRK चावल के दानों को आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन B12 जैसे सूक्ष्म पोषक तत्त्वों के साथ मिलाकर तैयार किया जाता है। इन पोषक तत्त्वों को चावल के दानों - [भारतीय महिला टीम ने क्रिकेट विश्व कप 2025 जीता](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%9f%e0%a5%80%e0%a4%ae-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95/): भारतीय महिला टीम ने क्रिकेट विश्व कप 2025 जीता चर्चा में क्यों?  भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने नवी मुंबई में आयोजित फाइनल मैच में दक्षिण अफ्रीका को हराकर अपना पहला ICC महिला वनडे विश्व कप जीतकर इतिहास रच दिया। मुख्य बिंदु   भारत की यात्रा: भारत इससे पहले वर्ष 2005 और 2017 में फाइनल में पहुँचा था, जहाँ उसे क्रमशः ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड से हार का सामना करना पड़ा। इस जीत के साथ भारत ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और न्यूज़ीलैंड के बाद महिला विश्व कप (हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में) जीतने वाला चौथी देश बन गया। टूर्नामेंट के बारे में: वर्ष 2025 का टूर्नामेंट महिला क्रिकेट विश्व कप का 13वाँ संस्करण था, जो 4 साल के अंतराल के बाद आयोजित किया गया। भारत और श्रीलंका ने कुल - [भारत का पहला प्राइवेट रॉकेट लॉन्च](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%9f-%e0%a4%b0%e0%a5%89%e0%a4%95/): भारत का पहला प्राइवेट रॉकेट लॉन्च भारत का पहला प्राइवेट कमर्शियल सैटेलाइट का लॉन्च/प्रक्षेपण हैदराबाद की स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा जनवरी 2026 में किया जाएगा। यह प्रक्षेपण स्काईरूट को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के बाद ऐसा करने वाली एकमात्र भारतीय संस्था बन जाएगी, जिसने सैटेलाइट ले जाने वाले रॉकेट को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में लॉन्च किया है। स्काईरूट एयरोस्पेस नवंबर 2022 में विक्रम-एस सबऑर्बिटल मिशन के साथ रॉकेट प्रक्षेपण करने वाली भारत की पहली निजी कंपनी बनी, जिसने भारत के अंतरिक्ष निजीकरण प्रयासों में एक ऐतिहासिक मोड़ दर्ज किया। स्काईरूट का मिशन भारत सरकार के वर्ष 2020 के उस निर्णय के बाद आया है, जिसमें अंतरिक्ष क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिये खोला गया था। भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष प्रोत्साहन और प्राधिकरण - [गोगाबील झील भारत का 94वाँ रामसर स्थल](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%b2-%e0%a4%9d%e0%a5%80%e0%a4%b2-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%be-94%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%81-%e0%a4%b0%e0%a4%be/): गोगाबील झील भारत का 94वाँ रामसर स्थल चर्चा में क्यों? भारत ने बिहार के कटिहार ज़िले में स्थित गोगाबील झील को रामसर स्थलों की सूची में शामिल कर लिया है, जिससे यह आधिकारिक तौर पर रामसर कन्वेंशन (1971) के तहत अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की 94वीं आर्द्रभूमि बन गई है। यह मान्यता आर्द्रभूमि संरक्षण में भारत के बढ़ते नेतृत्व और सतत् पारिस्थितिकी प्रबंधन के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। मुख्य बिंदु गोगाबील झील बिहार के कटिहार ज़िले में गंगा और महानंदा नदियों के मध्य स्थित एक गोमुख झील है। यह बिहार का पहला सामुदायिक रिज़र्व है और यह वर्षा ऋतु में दोनों नदियों से प्राकृतिक रूप से जुड़कर एक बाढ़ क्षेत्रीय जलभूमि (floodplain wetland) का काम करता है। गोगाबील अब बिहार - [जनजाति स्वतंत्रता सेनानियों का भारत का पहला डिजिटल संग्रहालय](https://examcg.com/%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%a4%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%bf/): जनजाति स्वतंत्रता सेनानियों का भारत का पहला डिजिटल संग्रहालय चर्चा में क्यों?  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 1 नवंबर, 2025 को छत्तीसगढ़ के स्थापना दिवस के अवसर पर नवा रायपुर, अटल नगर में भारत के पहले डिजिटल जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय का उद्घाटन किया।  यह संग्रहालय ब्रिटिश उपनिवेशी शासन के विरुद्ध संघर्ष करने वाले जनजातीय वीरों के साहस, त्याग और विरासत का प्रतीक है। मुख्य बिंदु संग्रहालय के बारे में: “शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक एवं जनजातीय स्वतंत्रता सेनानी संग्रहालय” नामक  यह भारत का पहला पूर्णतः डिजिटल संग्रहालय है, जो जनजातीय वीरों को समर्पित है। यह संग्रहालय उन्नत डिजिटल एवं इंटरैक्टिव प्रौद्योगिकी के माध्यम से जनजातीय नेताओं की वीरता और विद्रोह की गाथा को प्रदर्शित करता है। आगंतुकों की सक्रिय सहभागिता - [राष्ट्रीय एकता दिवस](https://examcg.com/%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%ae%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%b8%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a4-53%e0%a4%b5/): राष्ट्रीय एकता दिवस चर्चा में क्यों?  राष्ट्रीय एकता दिवस प्रतिवर्ष 31 अक्तूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल के भारत के एकीकरण में योगदान के सम्मान में मनाया जाता है। वर्ष 2025 में यह दिवस विशेष महत्त्व रखता है, क्योंकि यह सरदार पटेल की 150वीं जयंती का प्रतीक है। मुख्य बिंदु राष्ट्रीय एकता दिवस:  यह दिवस सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा प्रतिपादित एकता, अखंडता और समावेशिता के मूल्यों का प्रतीक है। इसे पहली बार वर्ष 2014 में मनाया गया था, जब सरकार ने राष्ट्र-निर्माण में पटेल के ऐतिहासिक योगदान को सम्मानित करने का निर्णय लिया। वर्ष 2015 के आयोजन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य विभिन्न राज्यों के लोगों - [न्यायमूर्ति सूर्यकांत 53वें मुख्य न्यायाधीश नियुक्त](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d-2/): न्यायमूर्ति सूर्यकांत 53वें मुख्य न्यायाधीश नियुक्त चर्चा में क्यों? राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने न्यायमूर्ति सूर्यकांत को भारत का 53वाँ मुख्य न्यायाधीश (CJI) नियुक्त किया है। मुख्य बिंदु परिचय: वे 24 नवंबर, 2025 को न्यायमूर्ति बी. आर. गवई के उत्तराधिकारी के रूप में पदभार ग्रहण करेंगे और 10 फरवरी, 2027 तक लगभग 15 माह का कार्यकाल पूरा करेंगे। वह हरियाणा से भारत के पहले मुख्य न्यायाधीश होंगे। वह पहली पीढ़ी के वकील हैं, जो अपनी स्पष्ट टिप्पणियों, संतुलित निर्णयों और संवैधानिक नैतिकता पर ज़ोर देने के लिये जाने जाते हैं। उनके कार्यकाल में न्यायिक सुलभता, प्रशासनिक सुधार और संवैधानिक व्याख्या में स्थिरता पर विशेष ध्यान दिये जाने की संभावना है।  महत्त्वपूर्ण निर्णय: अनुच्छेद 370: पाँच-सदस्यीय पीठ के सदस्य रहे, जिसने अनुच्छेद 370 के निरसन को वैध ठहराया। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय - [सारनाथ में बुद्ध के पवित्र अवशेषों की प्रदर्शनी](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a5-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d/): सारनाथ में बुद्ध के पवित्र अवशेषों की प्रदर्शनी चर्चा में क्यों?  भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों को 3 से 5 नवंबर 2025 तक सारनाथ स्थित मूलगंध कुटी विहार में जनता के लिये प्रदर्शित किया जाएगा। यह आयोजन विहार की 94वीं वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में किया जा रहा है। सारनाथ वही ऐतिहासिक स्थल है, जहाँ भगवान बुद्ध ने अपना प्रथमउपदेश, धर्मचक्र प्रवर्तन, दिया था। मुख्य बिंदु कार्यक्रम के बारे में: इस तीन दिवसीय समारोह का आयोजन महाबोधि सोसाइटी ऑफ इंडिया, सारनाथ केंद्र द्वारा किया जा रहा है, जिसमें वियतनामी संघ और हनोई के श्रद्धालुओं का सहयोग शामिल है। अवशेषों के बारे में: विहार के अंदर स्वर्ण बुद्ध प्रतिमा के नीचे रखे अवशेष 2,600 वर्ष से भी अधिक पुराने हैं। प्राचीन गांधार - [मोहनलाल मामला और भारत के वन्यजीव कानून में दरारें](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%8b%e0%a4%b9%e0%a4%a8%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b5/): मोहनलाल मामला और भारत के वन्यजीव कानून में दरारें चर्चा में क्यों? 25 अक्टूबर 2025 को , केरल उच्च न्यायालय ने घोषणा की कि अभिनेता मोहनलाल के हाथीदांत के कब्जे को वैध बनाने वाले स्वामित्व प्रमाण पत्र और सरकारी आदेश “अवैध, शून्य और अप्रवर्तनीय” थे । इस फैसले से 14 साल पुराना वन्यजीव मामला फिर से खुल गया , जो 2011 में मोहनलाल के आवास पर आयकर विभाग के छापे से शुरू हुआ था , जहां अधिकारियों ने चार हाथी दांत और 13 हाथी दांत की कलाकृतियां बरामद की थीं। इस निर्णय ने भारत के वन्यजीव प्रशासन में प्रणालीगत कमजोरियों को उजागर किया , जिसमें प्रक्रियागत उल्लंघन, चयनात्मक प्रवर्तन और सेलिब्रिटी विशेषाधिकार के प्रभाव पर प्रकाश डाला गया। प्रासंगिकता : जीएस-2 (शासन): पर्यावरण शासन - [करेंट अफेयर्स क्विज़ - अक्टूबर 2025](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%9f-%e0%a4%85%e0%a4%ab%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bc-%e0%a4%85%e0%a4%95%e0%a5%8d/): करेंट अफेयर्स क्विज़ – अक्टूबर 2025 | UPSC/PSC 📚 करेंट अफेयर्स क्विज़ अक्टूबर 2025 | UPSC / PSC परीक्षा स्तर 100 प्रश्न • विस्तृत व्याख्या सहित कुल: 100 उत्तरित: 0 सही: 0 गलत: 0 शेष: 100 © 2025 करेंट अफेयर्स क्विज़ | अक्टूबर 2025 | UPSC/PSC तैयारी हेतु हरे रंग से सही उत्तर और लाल रंग से गलत उत्तर दर्शाया जाता है। 0 CommentsComments are closed - [प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम-श्री) योजना](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%82%e0%a4%b2-%e0%a4%ab%e0%a5%89%e0%a4%b0-%e0%a4%b0/): प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम-श्री) योजना चर्चा में क्यों? केरल सरकार ने नकदी से संकटग्रस्त अपने सामान्य शिक्षा क्षेत्र का समर्थन करने के लिये प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया (पीएम-श्री) योजना के तहत वित्तीय सहायता का अनुरोध किया है। पीएम-श्री योजना क्या है? परिचय: वर्ष 2022 में शुरू की गई पीएम-श्री योजना एक केंद्र प्रायोजित पहल है जिसका उद्देश्य 14,500 से अधिक मौजूदा स्कूलों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के कार्यान्वयन को प्रदर्शित करने वाले मॉडल संस्थानों के रूप में उन्नत करना है। यह योजना वर्ष 2022-23 से वर्ष 2026-27 तक चलेगी, जिसके बाद रखरखाव की ज़िम्मेदारी संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की होगी। पीएम-श्री स्कूलों की मुख्य विशेषताएँ आधुनिक, - [कित्तूर की रानी चेन्नम्मा](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%82%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%9a%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ae/): कित्तूर की रानी चेन्नम्मा भारत सरकार ने कित्तूर में रानी चेन्नम्मा की ऐतिहासिक विजय (1824) के 200 वर्ष पूरे होने के अवसर पर उनके साहस और ब्रिटिश शासन के खिलाफ नेतृत्व को महत्त्वपूर्ण रूप से दर्शाने के लिये 200 रुपये का स्मारक सिक्का जारी किया। रानी चेन्नम्मा कौन थीं? परिचय: रानी चेन्नम्मा का जन्म 23 अक्तूबर, 1778 को कागती गाँव (बेलगावी ज़िला, कर्नाटक) में एक लिंगायत परिवार में हुआ था। उन्हें बचपन से ही घुड़सवारी, तलवारबाजी और तीरंदाजी की ट्रेनिंग दी गई थी। उन्होंने कित्तूर के राजा मल्लसर्जा से शादी की और वर्ष 1816 में उनकी मृत्यु के बाद रानी बन गईं। कित्तूर का विद्रोह (1824): अपने पति और पुत्र की मृत्यु के बाद, उन्होंने शिवलिंगप्पा को कित्तूर के - [फिजियोलॉजी या चिकित्सा के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार 2025](https://examcg.com/%e0%a4%ab%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a5%89%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%9a%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a4%be-%e0%a4%95/): फिजियोलॉजी या चिकित्सा के क्षेत्र में नोबेल पुरस्कार 2025 चर्चा में क्यों?  स्वीडन के कारोलिंस्का इंस्टीट्यूट में नोबेल असेंबली ने फिजियोलॉजी या चिकित्सा के क्षेत्र में वर्ष 2025 का नोबेल पुरस्कार मेरी ई. ब्रंकोव्ह (अमेरिका), फ्रेड रॅम्सडेल (अमेरिका) और शिमोन साकागुची (जापान) को दिया है। यह पुरस्कार इन्हें पेरिफेरल इम्यून टॉलरेंस, विशेष रूप से रेगुलेटरी टी सेल्स (Tregs) और FOXP3 (फोर्कहेड बॉक्स प्रोटीन P3) जीन के संबंध में इनकी खोजों के लिये दिया गया है।   फिजियोलॉजी या चिकित्सा के क्षेत्र में भारतीय नोबेल पुरस्कार विजेता: वर्ष 1968 में भारत के हर गोबिंद खुराना को फिजियोलॉजी या चिकित्सा में नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, साथ ही अमेरिका के मार्शल निरेनबर्ग और रॉबर्ट हॉली को भी आनुवंशिक - [कश्मीर का पहला गुलदाउदी उद्यान](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%89%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%89/): कश्मीर का पहला गुलदाउदी उद्यान जम्मू और कश्मीर ने पर्यटन सत्र को वसंत से आगे बढ़ाने के प्रयासों के उद्देश्य से पहला गुलदाउदी/क्रिसेंथमम गार्डन (गुल-ए-दाऊद) आरंभ किया है, जो ट्यूलिप (गुल-ए-लाला) से गुलदाउदी/क्रिसेंथमम के खिलने तक पर्यटन की निरंतरता बनाए रखने का प्रयास है। यह श्रीनगर के ट्यूलिप गार्डन के समीप, ज़बरवान पर्वत और डल झील के बीच, चश्मा शाही में स्थित है। गुलदाउदी/क्रिसेंथमम (Dendranthema Grandiflora) परिचय: यह एस्टेरेसी परिवार का एक बारहमासी शाकीय पादप है, जिसे “क्वीन ऑफ द ईस्ट” के नाम से जाना जाता है। यह पूर्वी एशिया और यूरोप का स्थानिक है और जापान का राष्ट्रीय पुष्प है। वाणिज्यिक महत्त्व: यह एक प्रमुख सजावटी पादप है जिसकी कृषि मुख्य रूप से कट फ्लावर, लूज़ फ्लावर और पॉट प्लांट के लिये की जाती है। जलवायु एवं मृदा आवश्यकताएँ: जलवायु: उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय जलवायु में - [युगे युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय](https://examcg.com/%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a5%87-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80/): युगे युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय युगे युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय की पहली गैलरी के वर्ष 2026 के अंत तक खुलने की संभावना है। यह संग्रहालय वर्तमान राष्ट्रीय संग्रहालय का स्थान लेते हुए विश्व का सबसे बड़ा संग्रहालय बनने जा रहा है। युगे युगीन भारत राष्ट्रीय संग्रहालय परिचय: यह संग्रहालय संस्कृति मंत्रालय द्वारा सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत विकसित किया जा रहा है। यह प्रधानमंत्री संग्रहालय, राष्ट्रीय अभिलेखागार डिजिटलीकरण और भारत की सांस्कृतिक मैपिंग जैसी पहलों को पूरक रूप में सशक्त करेगा। यह संग्रहालय सेंट्रल विस्टा के नॉर्थ और साउथ ब्लॉक भवनों में स्थित होगा। इसकी थीम भारतीय सभ्यता के 5,000 वर्षों की निरंतर यात्रा पर आधारित है, जो भारत की सनातन और शाश्वत प्रकृति को दर्शाता है। वास्तुकला और डिज़ाइन: डिज़ाइन परामर्श के लिये आर्कॉप एसोसिएट्स को चुना गया - [बजरंग सेतु: भारत का पहला ग्लास सस्पेंशन ब्रिज- ऋषिकेश में दिसंबर 2025 में प्रारंभ होना संभावित](https://examcg.com/%e0%a4%ac%e0%a4%9c%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a5%81-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%b9%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%97%e0%a5%8d/): बजरंग सेतु: भारत का पहला ग्लास सस्पेंशन ब्रिज – ऋषिकेश में दिसंबर 2025 में प्रारंभ होना संभावित Posted  भारत के प्रमुख आध्यात्मिक एवं पर्यटन स्थलों में से एक ऋषिकेश अब एक नई स्थापत्य (architectural) पहचान हासिल करने जा रहा है। गंगा नदी पर बन रहा आधुनिक सस्पेंशन ब्रिज “बजरंग सेतु” लगभग तैयार है और दिसंबर 2025 तक इसके खुलने की संभावना है। यह पुल उस ऐतिहासिक लक्ष्मण झूला का स्थान लेगा, जिसे सुरक्षा कारणों से 2019 में बंद कर दिया गया था। लक्ष्मण झूला का प्रतिस्थापन लक्ष्मण झूला, जो 1929 में बना था, ऋषिकेश की पहचान और श्रद्धालुओं व पर्यटकों का मुख्य - [नासा ने पृथ्वी के अस्थायी दूसरे चंद्रमा, 2025 PN7 की खोज की पुष्टि की](https://examcg.com/%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%83%e0%a4%a5%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%85%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a5%80/): नासा ने पृथ्वी के अस्थायी दूसरे चंद्रमा, 2025 PN7 की खोज की पुष्टि की पृथ्वी को हाल ही में एक नया अंतरिक्ष साथी मिला है – 2025 PN7 नाम का एक छोटा क्षुद्रग्रह, जिसे नासा ने आधिकारिक रूप से पुष्टि की है। यह कोई असली “चांद” नहीं है, लेकिन यह सूर्य की परिक्रमा लगभग पृथ्वी जैसी कक्षा में करता है, जिससे ऐसा लगता है मानो यह हमारे ग्रह के साथ-साथ अंतरिक्ष में यात्रा कर रहा हो। 2025 PN7 क्या बनाता है खास? यह क्षुद्रग्रह सीधे पृथ्वी की परिक्रमा नहीं करता, बल्कि सूर्य की परिक्रमा एक ऐसी कक्षा में करता है जो लगभग - [चीन की ‘वाइल्डलाइफ डिप्लोमेसी’](https://examcg.com/%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%a1%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%ab-%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b2/): चीन की ‘वाइल्डलाइफ डिप्लोमेसी’ चीन की “वाइल्डलाइफ डिप्लोमेसी” एक नए चरण में प्रवेश कर गई है, जिसमें 10 वर्षीय समझौते के तहत यूरोपीय चिड़ियाघरों (फ्राँस और बेल्ज़ियम में) को गोल्डन स्नब-नोज़्ड मंकीज़ (राइनोपिथेकस रोक्सेलाना) ऋणस्वरूप दिये गए हैं। ये मंकीज़, जो मध्य चीन के लिये विशिष्ट हैं, अब नए “एनिमल एंबेसडर” के रूप में प्रस्तुत किये जा रहे हैं और संभवतः चीन की प्रसिद्ध “पांडा डिप्लोमेसी” के उत्तराधिकारी बन सकते हैं। चीन द्वारा लंबे समय से कूटनीतिक उद्देश्यों के लिये एनिमल का उपयोग करने की परंपरा ने वन्यजीव आधारित कूटनीति की नींव रखी है। चीन की पांडा डिप्लोमेसी: इसकी शुरुआत वर्ष 1957 में सोवियत संघ को पांडा भेंट करने से हुई थी और बाद - [पूर्वी तिमोर आसियान का 11वाँ सदस्य बना](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a5%89%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%a5-%e0%a4%97%e0%a5%87%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b8-2030-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a4%ac-2/): पूर्वी तिमोर आसियान का 11वाँ सदस्य बना चर्चा में क्यों? पूर्वी तिमोर (तिमोर-लेस्ते) 14 वर्ष की प्रतीक्षा के बाद आधिकारिक रूप से दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन (ASEAN) का 11वाँ सदस्य बन गया है। औपचारिक रूप से इसका समावेश कुआलालंपुर में एक समारोह में हुआ, जो 1990 के दशक के बाद आसियान का पहला विस्तार है। मुख्य बिंदु मुद्दे के बारे में:  पूर्वी तिमोर ने वर्ष 2011 में आसियान की सदस्यता के लिये आवेदन किया था, उसे वर्ष 2022 में पर्यवेक्षक का दर्जा दिया गया तथा 14 वर्षों के बाद वर्ष 2025 में उसे पूर्ण सदस्यता प्राप्त हुई। इससे पहले आसियान में शामिल होने वाला अंतिम देश 1999 में कंबोडिया था। प्रभाव:  - [कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेज़बानी भारत करेगा](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a5%89%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a5%87%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%a5-%e0%a4%97%e0%a5%87%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b8-2030-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a4%ac/): कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेज़बानी भारत करेगा चर्चा में क्यों? भारत 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) के शताब्दी संस्करण की मेज़बानी करने जा रहा है, जिसमें अहमदाबाद को प्रस्तावित स्थल के रूप में चुना गया है। यह कदम 2036 ओलंपिक की मेज़बानी के लिये भारत की तैयारी और दावे को मज़बूती प्रदान करता है। भारत ने पिछली बार वर्ष 2010 में CWG की मेज़बानी की थी (दिल्ली)। भारत का CWG रिकॉर्ड अच्छा है और वह बर्मिंघम 2022 में चौथे स्थान पर रहा। 2026 के CWG का आयोजन ग्लासगो, स्कॉटलैंड में होगा। कॉमनवेल्थ गेम्स क्या हैं? परिचय: CWG विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मल्टी-स्पोर्ट्स इवेंट है (ओलंपिक खेलों के बाद), जो 71 देशों और क्षेत्रों के एथलीटों को एक साथ - [विश्‍व खाद्य दिवस 2025](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%96%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b8-2025/): विश्‍व खाद्य दिवस 2025 चर्चा में क्यों? विश्व खाद्य दिवस प्रतिवर्ष 16 अक्तूबर को मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य खाद्य सुरक्षा, पोषण और संधारणीय कृषि के संबंध में जागरूकता बढ़ाना है। मुख्य बिंदु परिचय: विश्व खाद्य दिवस संयुक्त राष्ट्र (UN) द्वारा 16 अक्तूबर, 1945 को स्थापित खाद्य और कृषि संगठन (FAO) की स्थापना की स्मृति में मनाया जाता है। विश्व खाद्य दिवस 1979 में FAO की 20वीं महासभा के दौरान अस्तित्व में आया और 1984 में इसे संयुक्त राष्ट्र महासभा ने स्वीकृति प्रदान की। भोजन का अधिकार 1948 के सार्वभौमिक मानवाधिकार घोषणा-पत्र (Universal Declaration of Human Rights) द्वारा मान्यता प्राप्त है। थीम: वर्ष 2025 के लिये थीम है “बेहतर भोजन और बेहतर भविष्य - [विश्व पर्यावास दिवस](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b8/): विश्व पर्यावास दिवस चर्चा में क्यों? आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) ने विज्ञान भवन, नई दिल्ली में “संकट के लिये शहरी समाधान” विषय के साथ विश्व पर्यावास दिवस 2025 मनाया। विश्व पर्यावास दिवस यह हर वर्ष अक्टूबर के पहले सोमवार को मनाया जाता है। विश्व पर्यावास दिवस का उद्देश्य हमारे कस्बों और शहरों की स्थिति और सभी के पर्याप्त आश्रय के मूल अधिकार पर विचार करना है। विश्व पर्यावास दिवस की स्थापना 1985 में संयुक्त राष्ट्र सभा द्वारा की गई थी और इसे पहली बार 1986 में मनाया गया था।  इस कार्यक्रम में जलवायु परिवर्तन, प्रवासन और तीव्र शहरीकरण जैसी चुनौतियों से निपटने हेतु शहरों को अधिक लचीला, समावेशी और  सतत् बनाने के महत्त्व - [संयुक्त राष्ट्र-पर्यावास सभा](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b8/): संयुक्त राष्ट्र-पर्यावास सभा चर्चा में क्यों? पहली संयुक्त राष्ट्र-पर्यावास सभा (UN-Habitat Assembly) के कार्यकारी बोर्ड (Executive Board) के लिये प्लेनरी सत्र हेतु भारत को चुना गया है। गौरतलब है कि इस सभा का पहला सत्र केन्या के नैरोबी में 27-31 मई, 2019 आयोजित किया गया। प्रमुख बिंदु संयुक्त राष्ट्र-पर्यावास सभा की थीम ‘इनोवेशन फॉर बेटर क्वालिटी ऑफ लाइफ इन सिटीज़ एंड कम्युनिटीज़’ (Innovation for Better Quality of Life in Cities and Communities) है। यूएन-हैबिटेट: एक बेहतर शहरी भविष्य की दिशा में संयुक्त राष्ट्र का एक कार्यक्रम है। इसका मिशन सामाजिक और पर्यावरणीय रूप से स्थायी मानव बस्तियों के विकास एवं सभी के लिये पर्याप्त आश्रय - [अंतर्राष्ट्रीय स्नो लेपर्ड दिवस](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a5%8b-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%aa%e0%a4%b0/): अंतर्राष्ट्रीय स्नो लेपर्ड दिवस चर्चा में क्यों? भारत ने 23 अक्तूबर, 2025 को अंतर्राष्ट्रीय स्नो लेपर्ड दिवस मनाया, जिसमें ‘#23for23’ शीर्षक के तहत एक विशिष्ट राष्ट्रीय अभियान चलाया गया। इस अभियान ने लोगों को 23 मिनट शारीरिक गतिविधि के लिये समर्पित करने हेतु प्रेरित किया, ताकि स्नो लेपर्ड (हिम तेंदुए) और उनके संवेदनशील उच्च ऊँचाई वाले आवासों के संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके। मुख्य बिंदु परिचय: ‘#23for23’ अभियान को वर्ष 2023 के लिये 23 मिनट की सक्रिय भागीदारी का प्रतीक बनाकर शुरू किया गया, जिसका उद्देश्य वन्यजीव संरक्षण में जागरूकता और सार्वजनिक सहभागिता को बढ़ावा देना है। यह अभियान ग्लोबल स्नो लेपर्ड और ईकोसिस्टम प्रोटेक्शन प्रोग्राम (GSLEP) के अंतर्गत, और स्नो लेपर्ड ट्रस्ट वर्ल्डवाइड के सहयोग से आयोजित - [आत्म-देखभाल क्या है और इसे अपने जीवन का हिस्सा कैसे बनाएं?](https://examcg.com/%e0%a4%86%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%ae-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%96%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%87%e0%a4%b8%e0%a5%87/): आत्म-देखभाल क्या है और इसे अपने जीवन का हिस्सा कैसे बनाएं? इस लेख में, मैं आपको बताऊँगा कि आत्म-देखभाल क्या है, यह क्या नहीं है और आत्म-देखभाल को अपने जीवन का हिस्सा बनाना क्यों ज़रूरी है। मैं आपको आत्म-देखभाल को परिभाषित करने के पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर और ज़्यादा सार्थक, टिकाऊ तरीकों को अपनाने के लिए आमंत्रित करता हूँ । स्व-देखभाल आपके स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती को बनाए रखने के लिए आपका जानबूझकर किया गया निर्णय है। इसमें नियमित रूप से अपने मन और शरीर की जाँच करना, किसी भी अपूर्ण ज़रूरत की पहचान करना और अपनी शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, संबंधपरक - [मौलिक स्व-देखभाल: स्वास्थ्य रहस्य Radical Self-Care: The Health Secret](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%b2%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%96%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5/): मौलिक स्व-देखभाल: स्वास्थ्य रहस्य Radical Self-Care: The Health Secret  By – Shweta इस लेख को खोजें “कट्टरपंथी स्व-देखभाल” क्या है? आप सफलता को कैसे मापते हैं – और क्या यह इसके लायक है? मौलिक आत्म-देखभाल के लिए शरीर के प्रति जागरूकता की आवश्यकता होती है। आत्म-देखभाल स्वार्थी नहीं है। स्व-देखभाल से प्रदर्शन में सुधार होता है! ना कहना ही हां कहना है। यह अपने प्रति दयालु होने के बारे में है। मौलिक आत्म-देखभाल केवल स्नान नहीं है। यह जीवन जीने का एक तरीका है। यह पोस्ट आपके लिए है। एक व्यस्त, थकी हुई माँ। एक अति-कार्यरत नर्स, डॉक्टर, चिकित्सक, शिक्षिका, वकील, - [अपने शरीर की बात कैसे सुनें और उसे उसकी ज़रूरतें कैसे दें](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%b6%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a5%87/): अपने शरीर की बात कैसे सुनें और उसे उसकी ज़रूरतें कैसे दें   “और मैंने अपने शरीर से धीरे से कहा, ‘मैं तुम्हारा दोस्त बनना चाहता हूँ।’ उसने एक लंबी साँस ली और जवाब दिया, ‘मैं इसके लिए अपनी पूरी ज़िंदगी इंतज़ार कर रहा हूँ।’” ~नय्यिराह वहीद अपनी आधी से ज़्यादा ज़िंदगी में, मैंने अपने शरीर का “संख्याओं के हिसाब से” ध्यान रखा। हर दिन, मैं एक निश्चित संख्या में कदम ज़रूर चलता था, चाहे मैं कितना भी दर्द में, बीमार या थका हुआ क्यों न होऊँ। मैंने एक निश्चित संख्या में घंटे काम किया, अक्सर बिना सोए, ताकि अपना काम - [1918 से 1939 तक का अंतर-युद्ध काल, प्रमुख घटनाएँ, राष्ट्र संघ](https://examcg.com/1918-%e0%a4%b8%e0%a5%87-1939-%e0%a4%a4%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%b0-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%aa%e0%a5%8d/): 1918 से 1939 तक का अंतर-युद्ध काल, प्रमुख घटनाएँ, राष्ट्र संघ प्रथम विश्व युद्ध की समाप्ति और द्वितीय विश्व युद्ध की शुरुआत के बीच, या नवंबर 1918 से सितंबर 1939 तक का समय 20वीं सदी के इतिहास में अंतर-युद्ध काल था।  1919 से 1939 तक का अंतर्युद्ध काल   एक अशांत काल था जिसने प्रथम विश्व युद्ध के परिणामों और एक और विनाशकारी वैश्विक संघर्ष के बीज बोए। इस मान्यता के बावजूद कि प्रथम विश्व युद्ध  “सभी युद्धों को समाप्त करने वाला युद्ध” था, अगले दो दशकों के घटनाक्रमों ने दुनिया को एक अधिक विनाशकारी और व्यापक युद्ध की ओर अग्रसर किया। यह काल अनसुलझे - [छत्तीसगढ़ की खनिज सम्पदा](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%96%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%9c-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a4%a6%e0%a4%be/): छत्तीसगढ़ की खनिज सम्पदा  Chhattisgarh ki khanij sampada   छत्तीसगढ़ की खनिज सम्पदा / CHHATTISGARH KI KHANIJ SAMPADAछत्तीसगढ़ खनिज सम्पदा की दृस्टि से  भरापूरा राज्य है यहाँ  28 प्रकार के खनिज पाए जाते है जिसमे से 20 प्रकार के खनिज का उत्खनन किया जाता है –खनिजों का वर्गीकरण :-खनिजों का वर्गीकरण उसकी  उपयोगिता  ,खनिज के गुण , एवं प्रयोग के आधार पर निम्न  वर्गों में विभाजित किया जा सकता है –    गुण के अधार पर :-1. धात्विक खनिज (metallic minerals):-लोहस (लौह अयस्क ) लौह  मिश्र धातु (मैग्नीज  ,क्रोमियम ,कोबाल्ट, मालिब्डेनम , निकल ,टंगस्टन ,वेंकियम और फेरोफास्फोरस )अलौह धातुएं (बाक्साइड , तांबा ,सीसा ,टिन ,जस्ता  आदि - [हिमाचल प्रदेश के ठंडे रेगिस्तान को यूनेस्को नेटवर्क में शामिल किया गया](https://examcg.com/%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a4%b2-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a0%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a5%87-%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%97/): हिमाचल प्रदेश के ठंडे रेगिस्तान को यूनेस्को नेटवर्क में शामिल किया गया 27 सितंबर 2025 को, हिमाचल प्रदेश में भारत के शीत मरुस्थल बायोस्फीयर रिजर्व को यूनेस्को के विश्व नेटवर्क ऑफ बायोस्फीयर रिजर्व में शामिल किया गया। इस समावेशन के साथ, अब भारत के 13 बायोस्फीयर रिजर्व यूनेस्को के वैश्विक नेटवर्क में सूचीबद्ध हो गए हैं, जो जैव विविधता संरक्षण और समुदाय-नेतृत्व वाले सतत विकास के प्रति देश के समर्पण को दर्शाता है। शीत मरुस्थल जैवमंडल रिजर्व को इसके अद्वितीय उच्च-ऊंचाई वाले पारिस्थितिकी तंत्रों और नाजुक शीत मरुस्थलीय परिदृश्यों के लिए जाना जाता है, जो स्थानिक वनस्पतियों और जीवों को सहारा - [भारत ने नौवां एशिया कप खिताब जीता](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a5%8c%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%82-%e0%a4%8f%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%aa-%e0%a4%96%e0%a4%bf%e0%a4%a4/): भारत ने नौवां एशिया कप खिताब जीता 28 सितंबर 2025 को, भारत ने दुबई अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में एशिया कप फाइनल में पाकिस्तान को पांच विकेट से हराकर टूर्नामेंट के इतिहास में अपना नौवां खिताब हासिल किया। भारत ने एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ अपना अपराजेय रिकॉर्ड बढ़ाया है, तथा 2025 संस्करण में सभी तीन मुकाबले जीते हैं, जिसमें 14 सितंबर को ग्रुप चरण का मैच और 21 सितंबर को सुपर फोर मुकाबला शामिल है। मैच के बाद के समारोह में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई, क्योंकि एसीसी के अध्यक्ष और पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी मंच पर - [लद्दाख की राज्यत्व और छठी अनुसूची में शामिल होने की मांग](https://examcg.com/%e0%a4%b2%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%96-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%9b%e0%a4%a0%e0%a5%80/): लद्दाख की राज्यत्व और छठी अनुसूची में शामिल होने की मांग यह एडिटोरियल “Mistrust in Ladakh: On the violence, legitimate aspirations” पर आधारित है, जो 26/09/2025 को द हिंदू में प्रकाशित हुआ था। यह लेख सितंबर 2025 में लद्दाख में हुई अशांति का विश्लेषण करता है, जहाँ राज्यत्व, स्वायत्तता और स्थानीय अधिकारों को लेकर प्रदर्शन हिंसक रूप धारण कर गए, जिससे क्षेत्रीय आकांक्षाओं और केंद्र की सुरक्षा प्राथमिकताओं के बीच तनाव उजागर हुआ।  प्रिलिम्स के लिये: लद्दाख, छठी अनुसूची, सिल्क रूट, पैंगोंग और त्सो मोरीरी, केंद्र शासित प्रदेश, स्वायत्त ज़िला परिषद (ADC), अनुच्छेद 370, अनुच्छेद 35A, राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA)  मेन्स के लिये: लद्दाख की राज्यत्व और छठी अनुसूची में शामिल होने की - ["ना" कहने का मेरा सप्ताह: लोगों को खुश करने वाले व्यक्ति की आत्म-देखभाल की यात्रा](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%87%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%b5%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be/): “ना” कहने का मेरा सप्ताह: लोगों को खुश करने वाले व्यक्ति की आत्म-देखभाल की यात्रा “स्वार्थी” होना कभी इतना अच्छा नहीं लगा  विशेषज्ञ-अनुशंसित उत्पादकता युक्तियाँ जो मूर्खतापूर्ण लगती हैं लेकिन वास्तव में काम करती हैं Key Takeaways यदि आप अपनी सीमाओं का सम्मान या प्राथमिकता नहीं कर रहे हैं तो अपने समय के लिए मांगों या अनुरोधों को “नहीं” कहना असहज महसूस करा सकता है। कुछ लोगों के लिए, लोगों को खुश करना एक आघात की प्रतिक्रिया होती है। कई लोग असुरक्षित महसूस होने पर “चापलूसी” या लोगों को खुश करने लगते हैं।  छोटी शुरुआत करें—इस हफ़्ते एक अनुरोध को “ना” - [थेरीगाथा : स्त्री-मुक्ति का आख्यान](https://examcg.com/%e0%a4%a5%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%a5%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%95/): थेरीगाथा : स्त्री-मुक्ति का आख्यान विशिष्ट, विस्तृत और विचारोत्तेजक यह आलेख थेरीगाथा को स्त्री-दृष्टि से विवेचित करते हुए स्त्री-भाषा समेत उसके अनेक आयामों को गहराई से देखती है. भारतीय स्त्रियों की इस चेतना की परम्परा को भी रेखांकित करती है. बुद्ध की समकालीन स्त्रियों की वेदना और उससे मुक्त होने के प्रयासों में उनका बुद्ध के पास जाना और उनके लिखे अनुभवों का यह वृतांत बेहद रोचक और पठनीय है.  यह निबन्ध स्थाई महत्व का है. भारतीय स्त्रीवादी चिंतन का यह एक महत्वपूर्ण व्यावहारिक पाठ है. प्रस्तुत है. शुरुआत से पहले आत्म-संशय की ज़मीन पर उगे सवालों से मुठभेड़.  महास्थविर आनंद - [एलोरा की बौद्ध गुफाएँ](https://examcg.com/%e0%a4%8f%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%ac%e0%a5%8c%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%ab%e0%a4%be%e0%a4%8f%e0%a4%81/): एलोरा की बौद्ध गुफाएँ एलोरा, तीन प्रमुख भारतीय धर्मों, बौद्ध धर्म, हिंदू धर्म और जैन धर्म, और 25 से 30 से ज़्यादा छोटे उत्खनन स्थलों से जुड़ी 34 प्रमुख शैलकृत गुफाओं का एक समूह है। इस स्थल का प्राचीन नाम एलापुर, शिलालेखों में वर्णित है। इस स्थल का उल्लेख संतों के साथ-साथ मध्यकाल में यहाँ आने वाले यात्रियों ने भी किया है। प्रसिद्ध अखंड मंदिर कैलाश की गुफा संख्या 16 का उल्लेख ईसा की 13वीं शताब्दी में प्रसिद्ध मराठी संत ज्ञानेश्वर द्वारा रचित भगवद गीता की टीका ज्ञानेश्वरी में मनकेश्वर के रूप में किया गया है। महानुभाव संत चक्रधर स्वामी भी - [बौद्ध ग्रंथ थेरीगाथा महिलाओं के ज्ञानोदय के बारे में क्या सिखाती है?](https://examcg.com/%e0%a4%ac%e0%a5%8c%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5-%e0%a4%a5%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%a5%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%bf/): बौद्ध ग्रंथ थेरीगाथा महिलाओं के ज्ञानोदय के बारे में क्या सिखाती है? बुद्ध के ज्ञानोदय की छवियों में अक्सर उन्हें बोधि वृक्ष के नीचे अकेले बैठे हुए दिखाया जाता है , उनका शरीर उपवास से क्षीण हो गया है। कुछ चित्रों में बुद्ध का दाहिना हाथ नीचे की ओर इशारा करते हुए, पृथ्वी देवी से उनके ज्ञानोदय की साक्षी बनने का अनुरोध करते हुए दिखाया गया है। बुद्ध के दोनों ओर राक्षसी सेनाएँ या खतरनाक प्रलोभन देने वाली स्त्रियाँ दिखाई जा सकती हैं, जो हिंसक धमकियों और प्रलोभनों के बावजूद उनके धैर्य का प्रदर्शन करती हैं । कुछ छवियों में, उनके दोनों ओर दो पुरुष - [करेंट अफेयर्स क्विज़ - सितंबर 2025](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%9f-%e0%a4%85%e0%a4%ab%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bc-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%a4/): करेंट अफेयर्स क्विज़ – सितंबर 2025 | UPSC/PSC (त्रुटि-संशोधित) 📚 करेंट अफेयर्स क्विज़ सितंबर 2025 | UPSC / PSC परीक्षा स्तर (त्रुटि-संशोधित) 100 प्रश्न • विस्तृत व्याख्या सहित कुल: 100 उत्तरित: 0 सही: 0 गलत: 0 शेष: 100 © 2025 करेंट अफेयर्स क्विज़ | सितंबर 2025 | UPSC/PSC तैयारी हेतु हरे रंग से सही उत्तर और लाल रंग से गलत उत्तर दर्शाया जाता है। 0 CommentsComments are closed - [भारत-चीन सीमा विवाद: एक अवलोकन](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%ae%e0%a4%be-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%85%e0%a4%b5%e0%a4%b2/): भारत-चीन सीमा विवाद: एक अवलोकन (प्रारंभिक परीक्षा: अंतर्राष्ट्रीय संबंध)(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 2: भारत व इसके पड़ोसी- संबंध) संदर्भ भारत-चीन सीमा विवाद ब्रिटिश औपनिवेशिक काल की विरासत से उत्पन्न लगभग 3,488 किमी. लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर केंद्रित है। विवाद पश्चिमी (लद्दाख-अक्साई चिन), मध्य (हिमाचल-उत्तराखंड) और पूर्वी (सिक्किम-अरुणाचल) क्षेत्रों में फैला है। हालांकि, मंचू साम्राज्य के नक्शे (1721 और 1761) और शिमला सम्मेलन (1913-14) भारत के दावों का समर्थन करते हैं। शिमला सम्मेलन के बारे में उद्देश्य: ब्रिटिश भारत, तिब्बत एवं गणतंत्र चीन (RoC) के बीच सीमाओं को स्पष्ट करना स्थान और समय: शिमला में वर्ष 1913-14 में सर हेनरी मैकमाहन की अध्यक्षता - [विश्व पर्यटन दिवस 2025 : पर्यटन एवं सतत रूपांतरण](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%9f%e0%a4%a8-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b5%e0%a4%b8-2025-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%9f%e0%a4%a8/): विश्व पर्यटन दिवस 2025 : पर्यटन एवं सतत रूपांतरण विश्व पर्यटन दिवस 2025 : परिचय इस वर्ष मलेशिया के मलक्का शहर में 27 से 29 सितम्बर तक विश्व पर्यटन दिवस और विश्व पर्यटन सम्मेलन (WTC) 2025 का आयोजन किया जा रहा है। विश्व पर्यटन दिवस 2025 का विषय ‘पर्यटन एवं सतत परिवर्तन’ (Tourism and Sustainable Transformation) है जो यह बताता है कि पर्यटन केवल विकास ही नहीं बल्कि सुशासन, रणनीतिक योजना, प्रभावी निगरानी व दीर्घकालिक सतत प्राथमिकताओं के अनुरूप सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता रखता है। पर्यटन एक गतिशील क्षेत्र है जो सांस्कृतिक आदान-प्रदान, आर्थिक विकास एवं वैश्विक संपर्क को मजबूत - [वर्ल्ड फूड इंडिया 2025](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%a1-%e0%a4%ab%e0%a5%82%e0%a4%a1-%e0%a4%87%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be-2025/): वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 (प्रारंभिक परीक्षा: महत्त्वपूर्ण आयोजन एवं कार्यक्रम)(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र-3: भारत में खाद्य प्रसंस्करण एवं संबंधित उद्योग- कार्यक्षेत्र एवं महत्त्व, स्थान, ऊपरी और नीचे की अपेक्षाएँ, आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन।) सन्दर्भ भारत सरकार के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा आयोजित वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 (WFI 2025) का आयोजन 25 से 28 सितंबर 2025 के बीच नई दिल्ली के भारत मंडपम में किया गया।  वर्ल्ड फूड इंडिया 2025 के बारे में यह आयोजन भारत के समृद्ध खाद्य संसाधनों, खाद्य प्रसंस्करण क्षमता और वैश्विक साझेदारी की संभावनाओं को एक मंच पर लाकर, देश को ‘वैश्विक खाद्य केंद्र’ के रूप में स्थापित - [अग्नि-प्राइम मिसाइल सफल परीक्षण](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a4%bf-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%ae-%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%87%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a4%ab%e0%a4%b2-%e0%a4%aa/): अग्नि-प्राइम मिसाइल सफल परीक्षण (प्रारंभिक परीक्षा: समसामयिक घटनाक्रम)(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 3: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में भारतीयों की उपलब्धियाँ; देशज रूप से प्रौद्योगिकी का विकास, विभिन्न सुरक्षा बल और संस्थाएँ तथा उनके अधिदेश) संदर्भ  25 सितंबर, 2025 को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने रेल-आधारित मोबाइल लांचर से अग्नि-प्राइम (Agni-P) मिसाइल का सफल परीक्षण किया। यह परीक्षण ओडिशा के चांदीपुर इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज से किया गया। इसे कैनिस्टराइज्ड लॉन्चिंग सिस्टम से लॉन्च किया गया। इस उपलब्धि के साथ भारत अब उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जिनके पास रेल-आधारित लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण क्षमता है। इससे - [थेरिगाथा एक बौद्ध ग्रंथ है, जो ______ का हिस्सा है, जो भिक्षुणियों द्वारा रचित छंदों का एक संग्रह है।](https://examcg.com/%e0%a4%a5%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%a5%e0%a4%be-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%ac%e0%a5%8c%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5-%e0%a4%b9/): थेरिगाथा एक बौद्ध ग्रंथ है, जो ______ का हिस्सा है, जो भिक्षुणियों द्वारा रचित छंदों का एक संग्रह है। विनय पिटक महावमसा दीपवमसा  सुत्त पिटक सही उत्तर सुत्त पिटक है। Key Points थेरिगाथा को खुद्दकनिकाय के हिस्से के रूप में वर्गीकृत किया गया है, जो सुत्त पिटक में लघु पुस्तकों का संग्रह है। थेरिगाथा ‘थेरवाद बौद्ध धर्म में महिलाओं के आध्यात्मिक अनुभवों को दर्शाने वाला सबसे पुराना मौजूदा ग्रंथ है।’  थेरिगाथा बौद्ध भिक्षुणियों द्वारा 300 वर्षों की अवधि में लिखी गई 73 कविताओं का संग्रह है। यह प्रारंभिक बौद्ध संघ के सदस्यों के लिए जिम्मेदार पाली में छोटी कविताओं का एक संग्रह है सुत्त पिटक सुत्त पिटक - [भारतीय सड़क कांग्रेस 2024 का आयोजन रायपुर (छ. ग.) में संपन्न](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b8-2024-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%86/): भारतीय सड़क कांग्रेस 2024 का  आयोजन रायपुर (छ. ग.) में संपन्न भारतीय सड़क कांग्रेस (आईआरसी) का 83वाँ वार्षिक अधिवेशन  में छत्तीसगढ़ के रायपुर में आयोजित हुआ। इस महत्वपूर्ण आयोजन की शुरुआत 08 नवंबर को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के उद्घाटन के साथ हुई। यह चार दिवसीय अधिवेशन 11 नवंबर को समाप्त हुआ। इस अधिवेशन में सड़क निर्माण एवं सुरक्षा पर केंद्रित नए दिशानिर्देश और एक नियमावली जारी करना प्रमुख घटनाक्रमों में शामिल है। भारतीय सड़क कांग्रेस के उद्देश्य आईआरसी का उद्देश्य भारतीय मानक, संहिताएँ, विनिर्देश और नियमावली तैयार करना है। ये दिशानिर्देश केंद्र सरकार की सड़क एजेंसियों - [छत्तीसगढ़ का राज्य गीत क्या है?](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%8d/): छत्तीसगढ़ का राज्य गीत क्या है? “अरपा पइरी के धार” (“अरपा और पइरी की धाराएँ”) छत्तीसगढ़ का राज्य गीत है, जो अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है। मध्य भारत का एक जीवंत राज्य, छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विविध परंपराओं के लिए जाना जाता है। इसका राज्य गीत, जो इसकी सांस्कृतिक पहचान का एक अभिन्न अंग है, छत्तीसगढ़ के लोगों की भावना और गौरव को दर्शाता है। राज्य गीत, यहाँ के निवासियों में एकता और अपनत्व की भावना को बढ़ावा देने में एक विशेष स्थान रखता है। छत्तीसगढ़ का राज्य गीत ” अरपा पैरी के - [भारतीय राष्ट्रवाद का उदय](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%89%e0%a4%a6%e0%a4%af/): भारतीय राष्ट्रवाद का उदय | Rise of Indian Nationalism 🇮🇳 भारतीय राष्ट्रवाद · Indian Nationalism भारतीय राष्ट्रवाद का उदय Rise of Indian Nationalism (1757–1947) · Independence Movement · 18 अध्याय · 25 One-Liners प्रारंभिक राष्ट्रवाद · भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस · स्वदेशी आंदोलन · असहयोग · सविनय अवज्ञा · भारत छोड़ो Early NationalismINCSwadeshi Civil DisobedienceQuit India18 Chapters 📋 MASTER INDEX विषय-सूची — भारतीय राष्ट्रवाद का उदय 18 अध्याय, पूर्ण कवरेज (1757–1947) 📢 यह व्यापक संस्करण है: प्रारंभिक राष्ट्रवाद (Rammohan Roy, Young Bengal), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, उदारवादी & कट्टरपंथी, स्वदेशी आंदोलन, विभाजन, असहयोग, सविनय अवज्ञा, भारत छोड़ो और स्वतंत्रता। सभी प्रमुख नेताओं, आंदोलनों - [मुगल काल और मराठा राज्य (1526–1707)](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a0%e0%a4%be-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-1526-1707/): Mughal & Maratha Empire (1526–1707) · Complete Notes · UPSC · PSC · NET ⚔️ UNIT 6 · MUGHAL & MARATHA EMPIRE · 1526–1707 · COMPLETE NOTES · UPSC · PSC · NET मुगल काल और मराठा राज्य (1526–1707) बाबर से औरंगज़ेब · मुगल प्रशासन · ज़ब्त · दहसाला · शिवाजी · मराठा प्रशासन मनसबदारी · जागीरदारी · वास्तुकला · चित्रकला · साहित्य · छत्रपति शिवाजी · अष्टप्रधान 1526–1707मुगलमराठा 20+ अध्याय25 MCQ15 PYQ 10 स्मरण सूत्रUPSCPSCNET 📋 MASTER INDEX · Click to Jump विषय-सूची — मुगल काल एवं मराठा राज्य 20+ अध्याय · राजनीतिक इतिहास · प्रशासन · संस्कृति · शिवाजी - [प्रारंभिक मध्यकालीन भारत](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4/): प्रारंभिक मध्यकालीन भारत | Early Medieval India | Unit III 🏰 Unit III · प्रारंभिक मध्यकालीन भारत · Early Medieval India प्रारंभिक मध्यकालीन भारत Early Medieval India (8th–12th Century) · Chalukyas · Cholas · Bhakti · 18 अध्याय · 25 One-Liners चालुक्य, राष्ट्रकूट, होयसल, काकतीय · पल्लव, चोल, पांड्य · भक्ति आंदोलन · आर्थिक विकास · जाति समाज ChalukyasRashtrakutasCholas Bhakti MovementTemple Economy18 Chapters 📋 MASTER INDEX विषय-सूची — प्रारंभिक मध्यकालीन भारत 18 अध्याय, पूर्ण कवरेज 📢 यह व्यापक संस्करण है: दक्कन साम्राज्य (चालुक्य, राष्ट्रकूट, होयसल, काकतीय), दक्षिण (पल्लव, चोल, पांड्य), पूर्व (पाल, सेन), उत्तर (गुर्जर-प्रतिहार, गहड़वाल, परमार), अर्थव्यवस्था, भक्ति आंदोलन, समाज, - [मौर्योत्तर काल और संगम युग](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a4%ae-%e0%a4%af%e0%a5%81/): मौर्योत्तर काल और संगम युग | Post-Mauryan & Sangam Age 🏺 Post-Mauryan & Sangam Age · मौर्योत्तर काल · संगम युग मौर्योत्तर काल और संगम युग Post-Mauryan & Sangam Age · Indo-Roman Trade · Satavahanas · South India · 18 अध्याय · 25 One-Liners सातवाहन साम्राज्य · Indo-Roman व्यापार · गहरे दक्षिण का आर्थिक-सामाजिक जीवन · संगम साहित्य · तमिल संस्कृति SatavahanasIndo-Roman TradeSangam Age South IndiaTamil Culture18 Chapters 📋 MASTER INDEX विषय-सूची — मौर्योत्तर काल और संगम युग किसी भी अध्याय पर क्लिक करें 📢 विस्तृत संस्करण: इस पृष्ठ में 18 अध्याय हैं — मौर्योत्तर राजनीति, सातवाहन साम्राज्य, Indo-Roman व्यापार, संगम - [Ancient India — Sources & Archaeology](https://examcg.com/ancient-india-sources-archaeology/): Ancient India: Sources & Archaeology · Epigraphy, Numismatics, Foreign Accounts · UPSC · PSC · NET 🏛️ ANCIENT INDIA · SOURCES & ARCHAEOLOGY · COMPLETE NOTES · UPSC · PSC · NET Ancient India — Sources & Archaeology Epigraphy (Ashokan Brahmi) · Numismatics · Foreign Accounts (Megasthenes, Fa-Hien, Hiuen Tsang) अभिलेख · सिक्के · विदेशी वृत्तांत · ब्राह्मी · इंडिका · फो-क्यू-की · सी-यू-की EpigraphyAshokan Brahmi NumismaticsMegasthenes Fa-HienHiuen Tsang 20+ अध्याय25 MCQ15 PYQ 10 स्मरण सूत्रUPSCPSCNET 📋 MASTER INDEX · Click to Jump विषय-सूची — Ancient India: Sources & Archaeology 20+ अध्याय · अभिलेख · सिक्के · विदेशी यात्री · MCQ - [इतिहास लेखन की अवधारणाएँ एवं पद्धति](https://examcg.com/%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%96%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%85%e0%a4%b5%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a3%e0%a4%be%e0%a4%8f%e0%a4%81/): इतिहास लेखन की अवधारणाएँ | Historiographical Concepts & Terms 🌍 इतिहास लेखन की अवधारणाएँ · Historiographical Concepts इतिहास लेखन की अवधारणाएँ एवं पद्धति Historiographical Concepts & Terms · 16 अध्याय · 25 One-Liners · 15 MCQ Orientalism · Utilitarianism · Subaltern Studies · Postcolonialism · Marxist History · Feminist History · Microhistory · भारतीय इतिहास लेखन OrientalismSubaltern StudiesPostcolonial UtilitarianismMarxist History16 Chapters 📋 MASTER INDEX विषय-सूची — इतिहास लेखन की अवधारणाएँ किसी भी अध्याय पर क्लिक करें 📢 विस्तृत संस्करण: इस पृष्ठ में 16 अध्याय हैं — Orientalism, Subaltern Studies, Utilitarianism, Postcolonialism, Marxist, Feminist, Microhistory और भारतीय इतिहास लेखन। नीचे क्लिक करें। - [इतिहास लेखन और शोध पद्धति](https://examcg.com/%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%96%e0%a4%a8-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b6%e0%a5%8b%e0%a4%a7-%e0%a4%aa%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%a4%e0%a4%bf/): इतिहास लेखन और शोध पद्धति | Historiography & Research Methodology 📜 इतिहास लेखन · शोध पद्धति · Historiography & Research इतिहास लेखन और शोध पद्धति Historiography & Research Methodology · Extended Guide · 18 अध्याय · 20 One-Liners · 15 MCQ ऐतिहासिक पद्धति · स्रोत संग्रह · शोध नैतिकता · थीसिस लेखन · विश्लेषण विधियाँ · प्रकाशन मानक HistoriographyResearch Methods18 Chapters 20 One-Liners15 MCQ10 Tricks 📋 MASTER INDEX · Click to Jump विषय-सूची — सम्पूर्ण विस्तृत नोट्स किसी भी अध्याय पर क्लिक करें · हर अध्याय में ⬆ वापस बटन 📢 विस्तारित संस्करण: इस पृष्ठ में 18 अध्याय हैं — इतिहास - [Historical Methods — सम्पूर्ण नोट्स](https://examcg.com/historical-methods-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a3-%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b8/): Historiography & Research Methodology · Historical Methods · UPSC · PSC · NET 📚 HISTORIOGRAPHY & RESEARCH METHODOLOGY · COMPLETE NOTES · UPSC · PSC · NET Historical Methods — सम्पूर्ण नोट्स डेटा संग्रह · थीसिस लेखन · शोध नैतिकता · स्रोत-आलोचना · अनुसंधान पद्धति प्राथमिक/द्वितीयक स्रोत · अभिलेख · मौखिक इतिहास · शोध-प्रस्ताव · उद्धरण शैली · शिकागो · MLA · APA स्रोत-संग्रहस्रोत-आलोचना थीसिस लेखननैतिकता 20+ अध्याय25 MCQ15 PYQ 10 स्मरण सूत्रUPSCPSCNET 📋 MASTER INDEX · Click to Jump विषय-सूची — ऐतिहासिक विधि एवं अनुसंधान पद्धति 20+ अध्याय · डेटा संग्रह · थीसिस लेखन · नैतिकता · MCQ · PYQ - [Post-Mauryan & Sangam Age — सम्पूर्ण नोट्स](https://examcg.com/post-mauryan-sangam-age-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a3-%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b8/): Post-Mauryan & Sangam Age · UPSC · PSC · NTA NET 🏛️ POST-MAURYAN & SANGAM AGE · COMPLETE NOTES · UPSC · PSC · NET Post-Mauryan & Sangam Age — सम्पूर्ण नोट्स सातवाहन · चेर · चोल · पांड्य · इंडो-रोमन व्यापार · सांगम साहित्य 200 ई.पू. – 300 ई. · गौतमीपुत्र सातकर्णी · करिकाल · मुजिरिस · अरिकमेडु · दक्षिण भारत सातवाहनसंगम युग इंडो-रोमन व्यापारउपनिवेश 20+ अध्याय25 MCQ15 PYQ 10 स्मरण सूत्रUPSCPSCNET 📋 MASTER INDEX · Click to Jump विषय-सूची — Post-Mauryan & Sangam Age 20+ अध्याय · सातवाहन · संगम · व्यापार · समाज · MCQs · PYQs 📢 - [भारत के इतिहासकार — सम्पूर्ण नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a5%82/): भारत के इतिहासकार — सम्पूर्ण नोट्स · UPSC · PSC · NTA NET 📜 भारत के इतिहासकार · COMPLETE NOTES · UPSC · PSC · NTA NET भारत के इतिहासकार — सम्पूर्ण नोट्स प्राचीन · मध्यकालीन · आधुनिक · राष्ट्रवादी · मार्क्सवादी · सबाल्टर्न · महिला इतिहासकार मेगस्थनीज · कौटिल्य · कल्हण · अल-बिरूनी · अबुल फ़ज़ल · जेम्स मिल · कनिंघम · सरकार · मजुमदार · कोसांबी · शर्मा · गुहा · थापर प्राचीनमध्यकालीनआधुनिक 22+ अध्याय25 MCQ15 PYQ 10 स्मरण सूत्रUPSCPSCNET 📋 MASTER INDEX · Click to Jump विषय-सूची — भारत के इतिहासकार 22 अध्याय · स्रोत · पद्धति · - [मुगल साम्राज्य — सम्पूर्ण नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d/): मुगल साम्राज्य — सम्पूर्ण नोट्स · UPSC · PSC · NTA NET 👑 मुगल साम्राज्य · COMPLETE NOTES · UPSC · PSC · NTA NET मुगल साम्राज्य — सम्पूर्ण नोट्स 1526–1857 · बाबर · हुमायूँ · अकबर · जहाँगीर · शाहजहाँ · औरंगज़ेब · प्रशासन · संस्कृति पानीपत · सूर · मनसबदारी · आइन-ए-अकबरी · नवरत्न · सूफी · भक्ति · वास्तुकला · पतन 1526–18576 प्रमुख शासक 25+ अध्याय25 MCQ15 PYQ 10 स्मरण सूत्रUPSCPSCNET 📋 MASTER INDEX · Click to Jump विषय-सूची — मुगल साम्राज्य का सम्पूर्ण इतिहास 22 अध्याय · प्रत्येक अध्याय में ⬆ वापस बटन 📢 UPSC/PSC/NET के लिए - [CG TET विस्तृत नोट्स — सम्पूर्ण](https://examcg.com/cg-tet-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%83%e0%a4%a4-%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a3/): CG TET विस्तृत नोट्स — सम्पूर्ण | Extended Notes All Chapters 🎓 CG TET · विस्तृत अध्ययन सामग्री · Extended Study Material CG TET विस्तृत नोट्स — सम्पूर्ण Complete Extended Chapter Notes · Paper I & Paper II · 23 अध्याय · 25 MCQ · 14 PYQ बाल विकास · पियाजे · वाइगोत्स्की · Bronfenbrenner · अधिगम · बुद्धि · भाषा · गणित · EVS · NEP 2020 · CG विशेष CG TET Paper IPaper II23 Chapters 25 MCQ14 PYQ10 Mnemonics 📋 MASTER INDEX · Click to Jump विषय-सूची — सम्पूर्ण विस्तृत नोट्स किसी भी अध्याय पर क्लिक करें · हर - [छत्तीसगढ़ का सम्पूर्ण इतिहास](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a3-%e0%a4%87%e0%a4%a4/): छत्तीसगढ़ का सम्पूर्ण इतिहास — विस्तृत नोट्स 🏛️ छत्तीसगढ़ · इतिहास · Complete History Notes छत्तीसगढ़ का सम्पूर्ण इतिहास प्राचीन · कलचुरि · मराठा · ब्रिटिश · स्वतंत्रता · राज्य गठन 2000 · आधुनिक CG 36 गढ़ों की भूमि · महानदी · बस्तर · कलचुरि · रायपुर · 1 नवम्बर 2000 प्राचीन इतिहास कलचुरि राजवंश मराठा काल ब्रिटिश राज स्वतंत्रता आन्दोलन राज्य गठन 2000 20+ अध्याय 20 MCQ 10 PYQ 8 स्मरण सूत्र 📋 MASTER INDEX · Click to Jump विषय-सूची — छत्तीसगढ़ का सम्पूर्ण इतिहास किसी भी अध्याय पर क्लिक करें · हर अध्याय में ⬆ वापस बटन 📜 सम्पूर्ण - [जैन एवं बौद्ध धर्म 100 question mcqs](https://examcg.com/%e0%a4%9c%e0%a5%88%e0%a4%a8-%e0%a4%8f%e0%a4%b5%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a5%8c%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%a7%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae/): जैन एवं बौद्ध धर्म – 100 MCQs 🕉️ जैन एवं बौद्ध धर्म 100 बहुविकल्पीय प्रश्न • UPSC / PSC / NTA NET 📌 विकल्प चुनें → सही (हरा) / गलत (लाल) • उत्तर देखने के लिए क्लिक करें 📝 कुल प्रश्न: 100 🏆 स्कोर: 0 / 100 ✅ सभी उत्तर दिखाएँ ❌ सभी छिपाएँ 🔄 रीसेट ✕ ✍️ जैन एवं बौद्ध धर्म — निरंतर अभ्यास ही सफलता की कुंजी है। 0 CommentsComments are closed - [प्राचीन छत्तीसगढ़ का इतिहास (7 अध्याय)](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf-2/): प्राचीन छत्तीसगढ़ का इतिहास 🌙 ↑ 📚 अध्ययन सामग्री 🏛️ प्राचीन छत्तीसगढ़ का इतिहास (7 अध्याय) Complete Ancient History of Chhattisgarh ☰ सूची ✕ 🏛️ अध्याय सूची प्राचीन छत्तीसगढ़ सामग्री 01 🌍 भौगोलिक परिचय 02 🦴 प्रागैतिहासिक संस्कृतियाँ 03 👑 प्रमुख राजवंश 04 📜 अभिलेख एवं मुद्राएँ 05 🏛️ कला एवं स्थापत्य 06 🕉️ धर्म एवं संस्कृति 07 💰 व्यापार एवं अर्थव्यवस्था 🏛️ अध्याय सूची प्राचीन छत्तीसगढ़ सामग्री 01 🌍 भौगोलिक परिचय Geographical Introduction 02 🦴 प्रागैतिहासिक संस्कृतियाँ Prehistoric Cultures 03 👑 प्रमुख राजवंश Major Dynasties 04 📜 अभिलेख एवं मुद्राएँ Inscriptions & Coins 05 🏛️ कला एवं स्थापत्य Art & - [CG TET सम्पूर्ण पाठ्यक्रम नोट्स](https://examcg.com/cg-tet-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a3-%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae-%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%9f%e0%a5%8d/): CG TET सम्पूर्ण पाठ्यक्रम नोट्स | Chhattisgarh TET Complete Notes 🎓 CG TET · छत्तीसगढ़ शिक्षक पात्रता परीक्षा CG TET सम्पूर्ण पाठ्यक्रम नोट्स Complete Chapter-wise Study Notes · Paper I & Paper II बाल विकास · भाषा · गणित · पर्यावरण · सामाजिक विज्ञान · विज्ञान · सम्पूर्ण सिद्धान्त CG TET Paper ICG TET Paper II Child DevelopmentHindi · EVS Math · ScienceSST 📋 MASTER INDEX · Click to Jump विषय-सूची — सम्पूर्ण CG TET नोट्स किसी भी अध्याय पर क्लिक करें → सीधे जाएँ | प्रत्येक अध्याय में ⬆ वापस बटन है 📢 उपयोग: नीचे किसी भी विषय पर क्लिक - [प्राचीन छत्तीसगढ़ का इतिहास](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf/): प्राचीन छत्तीसगढ़ का इतिहास – NTA NET 🌙 ↑ 📚 NTA NET / JRF 2026 🏛️ प्राचीन छत्तीसगढ़ का इतिहास पेपर 2 · इतिहास · Complete Ancient History of Chhattisgarh 🌍 भूगोल 🦴 प्रागैतिहासिक 👑 राजवंश 📜 अभिलेख 🏛️ कला 🕉️ धर्म 💰 व्यापार ☰ सूची ✕ 🏛️ अध्याय सूची प्राचीन छत्तीसगढ़ 🔍 ✕ सामग्री 01 🌍 भूगोल ✓100% 02 🦴 प्रागैतिहासिक ✓100% 03 👑 राजवंश ✓100% 04 📜 अभिलेख ✓100% 05 🏛️ कला ✓100% 06 🕉️ धर्म ✓100% 07 💰 व्यापार ✓100% 🏛️ अध्याय सूची प्राचीन छत्तीसगढ़ 🔍 ✕ सामग्री 01 🌍 भूगोल ✓100% 02 🦴 प्रागैतिहासिक ✓100% 03 👑 - [सिंधु घाटी की सभ्यता](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%81-%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a4%be/): 📚 इतिहास अध्ययन 🏛️ प्राचीन छत्तीसगढ़ का इतिहास पेपर 2 · इतिहास · Complete Ancient History of Chhattisgarh 🌍 भौगोलिक परिचय 🦴 प्रागैतिहासिक संस्कृतियाँ 👑 प्रमुख राजवंश 📜 अभिलेख एवं मुद्राएँ 🏛️ कला एवं स्थापत्य 🌍 भौगोलिक परिचय 🦴 प्रागैतिहासिक संस्कृतियाँ 👑 प्रमुख राजवंश 📜 अभिलेख एवं मुद्राएँ 🏛️ कला एवं स्थापत्य 🕉️ धर्म एवं संस्कृति 💰 व्यापार एवं अर्थव्यवस्था 🌍 भौगोलिक परिचय Geographical Introduction प्राकृतिक सीमाएँ एवं नदी तंत्र दक्षिण कोशल · महानदी घाटी 📌 KEY FACTS • दक्षिण कोशल — प्राचीन नाम • महानदी — जीवन रेखा • शिवनाथ, अरपा — प्रमुख सहायक नदियाँ • विंध्य-सतपुड़ा — पर्वत श्रेणियाँ - [सिंधु घाटी की सभ्यता](https://examcg.com/elementor-22951/): सिंधु घाटी की सभ्यता | Sindhu Ghati Sabhyata प्राचीन भारतीय इतिहास · Ancient Indian History सिंधु घाटी की सभ्यता Sindhu Ghati ki Sabhyata · Harappan / Indus Valley Civilization UPSC CSE PSC / UPPSC / BPSC NTA NET / JRF SSC CGL काल: 3300–1300 BCE क्षेत्र: ~25 लाख वर्ग किमी स्थल: 1500+ अवशेष लिपि: अपठनीय परिचय काल-विभाजन प्रमुख स्थल नगर-योजना आर्थिक जीवन सामाजिक जीवन धर्म लिपि व कला पतन तुलना याद करें PYQs MCQ अभ्यास १. परिचय एवं खोज Introduction & Discovery सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilization / IVC) विश्व की प्राचीनतम और सबसे विस्तृत नगरीय सभ्यताओं में से एक - [प्राचीन भारतीय इतिहास (Ancient Indian History) IN 4TAB](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-ancient-indian-history-2/): 🏛️ प्राचीन भारतीय इतिहास (Ancient Indian History) 📚 One-Liners, Key Points & Exam Focus | UPSC • PSC • NTA NET हिंदी (मुख्य) | English (Secondary) 📖 Part 1: वैदिक काल (1500-600 BCE) ⛩️ Part 2: महाजनपद (600-322 BCE) 👑 Part 3: मौर्य (322-185 BCE) ✨ Part 4: गुप्त (320-550 CE) 📖 Part 1: वैदिक काल (1500-600 ई.पू.) | Vedic Period ⭐ UPSC/PSC के लिए महत्वपूर्ण: वैदिक काल भारतीय सभ्यता की नींव है। चारों वेद, ऋग्वेद की रचना, समाज की संरचना, देवी-देवताओं की पूजा – यह सब UPSC में पूछा जाता है। 1.1 वैदिक काल का परिचय 🔥 वैदिक काल = - [🇮🇳 आधुनिक भारतीय इतिहास (1757-2026)](https://examcg.com/%f0%9f%87%ae%f0%9f%87%b3-%e0%a4%86%e0%a4%a7%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-1757-2026/): 🇮🇳 आधुनिक भारतीय इतिहास (1757-2026) British India से Independent India तक का सफर राज राम मोहन राय • दादाभाई नौरोजी • गांधी • नेहरू • स्वातंत्र्य संग्राम | UPSC/PSC परीक्षा के लिए 📝 UPSC Prelims 📖 UPSC Mains 🎯 State PSC 🏆 Most Important ⚡ त्वरित नेविगेशन (Quick Navigation) परिचय British Era Renaissance Nationalism Independence Constitution Post-Independence Important Dates Key Figures Key Movements MCQ परीक्षा फोकस 🎯 आधुनिक भारतीय इतिहास का परिचय (1757-2026) M.1 आधुनिक भारत क्या है? आधुनिक भारतीय इतिहास वह काल है जब भारत ने अंग्रेजों के अधीनता से स्वतंत्रता प्राप्त की और एक लोकतांत्रिक गणराज्य बना। यह 269 - [मध्यकालीन भारतीय इतिहास - Part B](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-part-b/): मध्यकालीन भारत Part B – मुगल साम्राज्य | UPSC/PSC 👑 मध्यकालीन भारतीय इतिहास – Part B मुगल साम्राज्य (1526-1857 ई.) बाबर • अकबर • जहांगीर • शाहजहां • औरंगजेब | UPSC/PSC परीक्षा के लिए 📝 UPSC Prelims 📖 UPSC Mains 🎯 State PSC 🏆 Most Important ⚡ त्वरित नेविगेशन (Quick Navigation) परिचय कालक्रम बाबर अकबर जहांगीर शाहजहां औरंगजेब प्रशासन वास्तुकला संस्कृति पतन MCQ परीक्षा फोकस 🎯 भाग B: मुगल साम्राज्य का परिचय (1526-1857 ई.) B.1 मुगल साम्राज्य क्या है? मुगल साम्राज्य भारत का सबसे महान और सुसंगठित साम्राज्य था। यह 331 सालों तक चला और भारतीय संस्कृति, कला, स्थापत्य और प्रशासन - [मध्यकालीन भारतीय इतिहास - Part A](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-part-a/): मध्यकालीन भारत Part A – दिल्ली सल्तनत | UPSC/PSC 🏰 मध्यकालीन भारतीय इतिहास – Part A दिल्ली सल्तनत (1206-1526 ई.) मुहम्मद गोरी • कुतुब-उद-दीन ऐबक • तुगलक • शेर शाह सूरी | UPSC/PSC परीक्षा के लिए 📝 UPSC Prelims 📖 UPSC Mains 🎯 State PSC 🏆 Medieval History ⚡ त्वरित नेविगेशन (Quick Navigation) परिचय कालक्रम राजवंश गोरी & ऐबक तुगलक वंश फिरोज शाह प्रशासन संस्कृति MCQ परीक्षा फोकस 🎯 भाग A: दिल्ली सल्तनत का परिचय (1206-1526 ई.) A.1 दिल्ली सल्तनत क्या है? दिल्ली सल्तनत भारत में इस्लामिक शासन का पहला केंद्रीकृत साम्राज्य था। यह 320 सालों तक चला और कई राजवंशों - [प्राचीन भारतीय इतिहास - Part 4](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-part-4/): प्राचीन भारत Part 4 – गुप्त साम्राज्य – स्वर्ण युग | UPSC/PSC ✨ प्राचीन भारतीय इतिहास – Part 4 गुप्त साम्राज्य – भारत का स्वर्ण युग (320-550 ई.) समुद्रगुप्त • चंद्रगुप्त विक्रमादित्य • कुमारगुप्त • विज्ञान & संस्कृति | UPSC/PSC परीक्षा के लिए 📝 UPSC Prelims 📖 UPSC Mains 🎯 State PSC 🏆 Final Part ⚡ त्वरित नेविगेशन (Quick Navigation) परिचय कालक्रम गुप्त सम्राट समुद्रगुप्त चंद्रगुप्त II विज्ञान & कला संस्कृति पतन MCQ परीक्षा फोकस 🎯 भाग 4: गुप्त साम्राज्य का परिचय – भारत का स्वर्ण युग (320-550 ई.) 4.1 गुप्त साम्राज्य क्या है? गुप्त साम्राज्य को “भारत का स्वर्ण युग” - [प्राचीन भारतीय इतिहास - Part 3](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-part-3/): प्राचीन भारत Part 3 – मौर्य साम्राज्य & अशोक | UPSC/PSC 👑 प्राचीन भारतीय इतिहास – Part 3 मौर्य साम्राज्य & अशोक (322-185 ई.पू.) चंद्रगुप्त मौर्य • अशोक • साम्राज्य • शिलालेख | UPSC/PSC/NET परीक्षा के लिए 📝 UPSC Prelims 📖 UPSC Mains 🎯 State PSC 🏆 UGC NET ⚡ त्वरित नेविगेशन (Quick Navigation) परिचय कालक्रम मौर्य सम्राट चंद्रगुप्त अशोक शिलालेख प्रशासन संस्कृति MCQ परीक्षा फोकस 🎯 भाग 3: मौर्य साम्राज्य का परिचय (322-185 ई.पू.) 3.1 मौर्य साम्राज्य क्या है? यह भारत का पहला साम्राज्य था जो पूरे देश को एक छतरी के नीचे लाया। इसका संस्थापक चंद्रगुप्त मौर्य था और - [प्राचीन भारतीय इतिहास - Part 2](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-part-2/): प्राचीन भारत Part 2 – महाजनपद, बुद्ध & महावीर | UPSC/PSC 📚 प्राचीन भारतीय इतिहास – Part 2 Mahajanapads, Buddha & Mahavira (600-322 ई.पू.) महाजनपद काल • बौद्ध धर्म • जैन धर्म | UPSC/PSC/NET परीक्षा के लिए 📝 UPSC Prelims 📖 UPSC Mains 🎯 State PSC 🏆 UGC NET ⚡ त्वरित नेविगेशन (Quick Navigation) परिचय 16 महाजनपद महत्वपूर्ण राज्य बुद्ध & बौद्ध धर्म महावीर & जैन धर्म तुलना राजनीति MCQ परीक्षा फोकस 🎯 भाग 2: महाजनपद काल का परिचय (600-322 ई.पू.) 2.1 महाजनपद काल क्या है? यह वह काल था जब भारत 16 बड़े राजनीतिक क्षेत्रों (Mahajanapads) में बंटा था। यह - [प्राचीन भारतीय इतिहास - Part 1](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-part-1/): प्राचीन भारतीय इतिहास – Part 1 | UPSC/PSC 📚 प्राचीन भारतीय इतिहास Ancient Indian History – Part 1: Introduction & Vedic Period UPSC/PSC/NET परीक्षा के लिए संपूर्ण अध्ययन सामग्री 📝 UPSC Prelims 📖 UPSC Mains 🎯 State PSC 🏆 UGC NET ⚡ त्वरित नेविगेशन (Quick Navigation) परिचय कालक्रम वैदिक काल ऋग्वैदिक काल उत्तरवैदिक काल चारों वेद देवता MCQ प्रश्न परीक्षा फोकस 🎯 भाग 1: परिचय – प्राचीन भारत का कालक्रम 1.1 भारतीय इतिहास का विभाजन (Periodization) प्राचीन भारतीय इतिहास को तीन मुख्य कालों में विभाजित किया जाता है: काल (Period) समय सीमा (Duration) मुख्य विशेषता (Main Feature) प्रारंभिक काल(Early Period) 2300-600 - [सल्तनत काल — दिल्ली सल्तनत](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%a8/): सल्तनत काल — मध्यकालीन भारत | Delhi Sultanate — Medieval India ☪ मध्यकालीन भारत · विस्तृत अध्ययन · Exam Special सल्तनत काल — दिल्ली सल्तनत DELHI SULTANATE — Medieval India (1206–1526 ई.) गुलाम · खिलजी · तुगलक · सैय्यद · लोदी — पाँच वंश · 320 वर्ष · 36 सुल्तान UPSC CSEUPPSCBPSC CGPSCState PSCSSC CGLNDA/CDS 📋 CLICKABLE INDEX · किसी भी खण्ड पर क्लिक करें विषय-सूची — सल्तनत काल सम्पूर्ण Click any section → Jump directly | प्रत्येक खण्ड में ⬆ वापस बटन भी है 📢 उपयोग: नीचे किसी भी बटन पर क्लिक करें — उस खण्ड पर सीधे पहुँचेंगे। हर - [MEDIEVAL INDIAN HISTORY — कालक्रम (Timeline)](https://examcg.com/medieval-indian-history-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae-timeline/): मध्यकालीन भारतीय इतिहास – कालक्रम | Medieval Indian History Timeline ☪ परीक्षा विशेष · Exam Special Series मध्यकालीन भारतीय इतिहास MEDIEVAL INDIAN HISTORY — कालक्रम (Timeline) 650 ई. राजपूत काल से 1757 ई. प्लासी युद्ध तक · From Rajput Era to Battle of Plassey दिल्ली सल्तनत · मुगल साम्राज्य · विजयनगर · मराठा · भक्ति-सूफी आन्दोलन UPSC CSE UPPSC BPSC CGPSC State PSC SSC CGL NDA/CDS इस पृष्ठ के बारे में: यह पृष्ठ मध्यकालीन भारतीय इतिहास (650–1757 ई.) का सम्पूर्ण कालक्रम प्रस्तुत करता है। राजपूत काल, अरबों का आक्रमण, दिल्ली सल्तनत के पाँच वंश, विजयनगर साम्राज्य, मुगल साम्राज्य, मराठा साम्राज्य तथा - [MODERN INDIAN HISTORY — कालक्रम (Timeline)](https://examcg.com/modern-indian-history-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae-timeline-2/): आधुनिक भारतीय इतिहास – कालक्रम | Modern Indian History Timeline 🇮🇳 परीक्षा विशेष · Exam Special Series आधुनिक भारतीय इतिहास MODERN INDIAN HISTORY — कालक्रम (Timeline) 1757 प्लासी युद्ध से 1950 गणतंत्र तक · From Battle of Plassey to Republic of India सम्पूर्ण तथ्य, अधिनियम, आन्दोलन, परीक्षा प्रश्न सहित UPSC CSE UPPSC BPSC CGPSC State PSC SSC CGL NDA/CDS इस पृष्ठ के बारे में: यह पृष्ठ आधुनिक भारतीय इतिहास के सम्पूर्ण कालक्रम को सरल और परीक्षा-उपयोगी ढंग से प्रस्तुत करता है। 1498 (वास्को-द-गामा के आगमन) से लेकर 1950 (भारत का गणतंत्र) तक — ईस्ट इण्डिया कम्पनी, ब्रिटिश राज, 1857 का विद्रोह, - [वैदिक काल — सम्पूर्ण नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a3-%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%9f%e0%a5%8d/): वैदिक काल — सम्पूर्ण नोट्स Chapter 5: The Vedic Period | ऋग्वैदिक काल (Early) एवं उत्तर वैदिक काल (Later) PSC | UPSC | UPPSC | BPSC | CGPSC परीक्षा हेतु विशेष तैयारी सामग्री Ancient Indian History Socio-Political Transition Rig Vedic vs Later Vedic 📌 विषय-सूची (Table of Contents) वैदिक काल का परिचय स्रोत एवं वेद साहित्य ऋग्वैदिक काल — राजनीतिक व्यवस्था ऋग्वैदिक काल — सामाजिक व्यवस्था ऋग्वैदिक काल — अर्थव्यवस्था ऋग्वैदिक काल — धार्मिक जीवन उत्तर वैदिक काल — राजनीतिक व्यवस्था उत्तर वैदिक काल — सामाजिक व्यवस्था (वर्ण व्यवस्था) उत्तर वैदिक काल — अर्थव्यवस्था उत्तर वैदिक काल — धार्मिक परिवर्तन तुलनात्मक - [चोल कालीन इतिहास — सम्पूर्ण नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%9a%e0%a5%8b%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0/): चोल कालीन इतिहास — सम्पूर्ण नोट्स PSC | UPSC | UPPSC | BPSC | CGPSC परीक्षा हेतु विशेष तैयारी सामग्री South Indian History Medieval India Art & Architecture Local Self-Government 📌 विषय-सूची (Table of Contents) चोल वंश का परिचय उत्पत्ति एवं प्रारंभिक शासक प्रमुख चोल शासक प्रशासनिक व्यवस्था स्थानीय स्वशासन (उत्तरमेरूर अभिलेख) नौसेना एवं विदेश नीति कला एवं स्थापत्य अर्थव्यवस्था एवं व्यापार पतन के कारण परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण तथ्य अभ्यास प्रश्न (Practice MCQs) 1️⃣ चोल वंश का परिचय Introduction to Chola Dynasty चोल वंश दक्षिण भारत के सबसे शक्तिशाली एवं दीर्घजीवी (longest-ruling) राजवंशों में से एक था। चोलों का मूल क्षेत्र - [मध्यकालीन भारत काल रेखा](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%96%e0%a4%be/): मध्यकालीन भारतीय इतिहास | Timeline | UPSC PSC UPSC UPPSC BPSC CGPSC MPPSC State PSC Subject · इतिहास (History) · Medieval India मध्यकालीन भारत काल रेखा 600 CE से 1857 CE तक — सभी महत्वपूर्ण राजवंश, युद्ध, शासक और परीक्षा में पूछे जाने वाले तथ्य 600 प्रारंभ वर्ष (CE) 8 प्रमुख काल-खंड 1857 अंत वर्ष (CE) 100+ परीक्षा तथ्य ⬡ प्रारंभिक मध्यकाल ⬡ गजनवी आक्रमण ⬡ घोरी आक्रमण ⬡ गुलाम वंश ⬡ खिलजी वंश ⬡ तुगलक वंश ⬡ सैयद-लोदी ⬡ विजयनगर ⬡ मुगल साम्राज्य ⚔ प्रमुख युद्ध ★ Quick Recall Timeline — काल रेखा 600 – 1200 CE प्रारंभिक मध्यकाल Early - [प्राचीन भारतीय इतिहास ANCIENT INDIAN HISTORY — कालक्रम (Timeline)](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-ancient-indian-history/): प्राचीन भारतीय इतिहास – कालक्रम | Ancient Indian History Timeline ॐ परीक्षा विशेष · Exam Special Series प्राचीन भारतीय इतिहास ANCIENT INDIAN HISTORY — कालक्रम (Timeline) पाषाण काल से गुप्त साम्राज्य तक · From Stone Age to Gupta Empire सम्पूर्ण तथ्य, एक-पंक्ति, परीक्षा प्रश्न सहित UPSC CSE UPPSC BPSC CGPSC State PSC SSC CGL इस पृष्ठ के बारे में: यह पृष्ठ प्राचीन भारतीय इतिहास के सम्पूर्ण कालक्रम को सरल और परीक्षा-उपयोगी ढंग से प्रस्तुत करता है। पाषाण काल (Stone Age) से लेकर गुप्त काल (Gupta Period) तक की प्रत्येक महत्वपूर्ण अवधि, उनके प्रमुख तथ्य, परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्न और - [छत्तीसगढ़ की कला एवं संस्कृति2](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%b2%e0%a4%be-%e0%a4%8f%e0%a4%b5%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%8d/): 🎯 CGPSC / CGVYAPAM 2026 🎭 छत्तीसगढ़ की कला एवं संस्कृति पेपर 2 · इतिहास · Art & Culture of Chhattisgarh 💃 लोक नृत्य 🎵 लोक संगीत 🎉 त्योहार 🎨 शिल्प 🍲 व्यंजन 👘 वेशभूषा 💃 लोक नृत्य पंथी, सुआ 🎵 लोक संगीत गीत-वाद्य 🎉 त्योहार दशहरा-मधई 🎨 शिल्प धोकरा-बांस 🍲 व्यंजन चावल-पान 👘 वेशभूषा पगड़ी-लुगड़ा 📖 भाषा-साहित्य छत्तीसगढ़ी 💃 छत्तीसगढ़ के लोक नृत्य Folk Dances of Chhattisgarh प्राचीन काल से वर्तमान 10+ प्रमुख लोक नृत्य 📌 NTA NET KEY FACTS • पंथी — सतनामी समुदाय • सुआ — कृषि परंपरा • कर्मा — गोंड, बैगा • जावरा — गोंड विवाह - [छत्तीसगढ़ का विस्तृत इतिहास](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%83%e0%a4%a4-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf/): 🎯 NTA NET / JRF 2026 🌾 छत्तीसगढ़ का विस्तृत इतिहास पेपर 2 · इतिहास · Comprehensive History of Chhattisgarh 🏛️ प्राचीन काल 🕌 मध्यकाल ⚔️ आधुनिक काल 🌾 जनजातीय आंदोलन 🗺️ राज्य निर्माण (2000) 🏛️ प्राचीन दक्षिण कोशल 🕌 मध्यकाल कलचुरि-गोंड ⚔️ आधुनिक मराठा-ब्रिटिश 🌾 जनजातीय आंदोलन 🇮🇳 स्वतंत्रता संग्राम 🎭 संस्कृति कला-साहित्य 🗺️ राज्य निर्माण 2000 🏛️ प्राचीन छत्तीसगढ़ Ancient Chhattisgarh — दक्षिण कोशल ई.पू. 600 – 6वीं शताब्दी दक्षिण कोशल · महानदी घाटी सभ्यता 📌 NTA NET KEY FACTS • दक्षिण कोशल — प्राचीन नाम • महानदी — जीवन रेखा • शिवनाथ — प्रमुख सहायक नदी • सिरपुर - [भारतीय इतिहासकार और उनके योगदान](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%89%e0%a4%a8%e0%a4%95%e0%a5%87/): 🎯 NTA NET / JRF 2026 📚 भारतीय इतिहासकार और उनके योगदान पेपर 2 · इतिहास · Indian Historians & Historiographical Contributions 👨‍🏫 15+ महत्वपूर्ण इतिहासकार 📖 25+ प्रमुख ग्रंथ 🏫 4 प्रमुख विचारधाराएँ 📚 NTA NET पाठ्यक्रम आधारित 🕉️ प्राचीन इतिहासकार 🕌 मध्यकालीन इतिहासकार 🇬🇧 औपनिवेशिक इतिहासकार 🇮🇳 राष्ट्रवादी इतिहासकार 🔴 मार्क्सवादी इतिहासकार 🌾 उप-वैकल्पिक इतिहासकार 📘 आधुनिक इतिहासकार 🕉️ प्राचीन भारतीय इतिहासकार Ancient Indian Historians ई.पू. 400 – 12वीं शताब्दी परंपरागत इतिहास-लेखन 📌 NTA NET KEY FACTS • कौटिल्य (ई.पू. 350-275): अर्थशास्त्र • कालिदास (4थी-5वीं शताब्दी): रघुवंशम् • बाणभट्ट (7वीं शताब्दी): हर्षचरित • कल्हण (12वीं शताब्दी): राजतरंगिणी • अबुल - [भारतीय इतिहास-लेखन के स्रोत](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%96%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b0/): 🎯 NTA NET / JRF 2026 📚 भारतीय इतिहास-लेखन के स्रोत पेपर 2 · इतिहास · Sources of Indian Historiography 📖 साहित्यिक स्रोत 🏛️ पुरातात्विक स्रोत 🪙 मुद्राशास्त्रीय स्रोत 📜 अभिलेखीय स्रोत 🌍 विदेशी स्रोत 📖 साहित्यिक वेद-पुराण 🏛️ पुरातात्विक उत्खनन 📜 अभिलेखीय शिलालेख 🪙 मुद्राशास्त्रीय सिक्के 🌍 विदेशी यात्रियों के 🗣️ मौखिक/परंपरागत लोक-साहित्य 📖 साहित्यिक स्रोत Literary Sources वैदिक काल से मध्यकाल तक NTA NET में सबसे अधिक पूछे जाने वाले स्रोत 📌 NTA NET KEY FACTS • वेद (4): ऋग्वेद सबसे प्राचीन • पुराण (18): 5वीं-6वीं शताब्दी • उपनिषद: 108, वेदांत दर्शन • रामायण/महाभारत: इतिहास-काव्य • अर्थशास्त्र (कौटिल्य): 4थी - [मुगल साम्राज्य का इतिहास notes](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-notes/): 🕌 मुगल साम्राज्य का इतिहास बाबर से बहादुर शाह जफर तक · Exam-Oriented Notes “گلستانِ ہند” — Gulistan-e-Hind (The Garden of India) 👑 बाबर 🌙 हुमायूँ 🦁 अकबर 🎨 जहाँगीर 🏛️ शाहजहाँ ⚔️ औरंगज़ेब 📉 उत्तर-मुगल 👑 बाबर Zahir-ud-din Muhammad Babur 1526 – 1530 ई. मुगल साम्राज्य के संस्थापक ★ पहली पानीपत की लड़ाई (1526) — इब्राहिम लोदी को पराजित किया ★ बाबरनामा: आत्मकथा (तुर्की भाषा में) ★ मूल: फरगना (आधुनिक उज़्बेकिस्तान) पहली पानीपत की लड़ाई (1526): बाबर ने दिल्ली के सुल्तान इब्राहिम लोदी को हराया। युद्ध में तोपों (Artillery) का सफल प्रयोग किया। खानवा की लड़ाई (1527): राणा सांगा (मेवाड़) - [notes useful प्राचीन भारत का इतिहास](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-notes-useful/): 🏛️ प्राचीन भारत का इतिहास सिन्धु घाटी से गुप्त साम्राज्य तक · Exam-Oriented Notes “ज्ञानं परमं बलम्” — Knowledge is the Supreme Power 🏺 सिन्धु सभ्यता 📖 वैदिक काल 🦁 मौर्य साम्राज्य 🌟 गुप्त साम्राज्य 🌺 संगम काल ⚔️ हर्षवर्धन 🏺 सिन्धु घाटी सभ्यता Indus Valley Civilization ≈ 3300 ई.पू. – 1300 ई.पू. विश्व की प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक ★ प्रमुख नगर: हड़प्पा, मोहनजोदड़ो, लोथल, धौलावीरा नगर योजना (Urban Planning): सड़कें ग्रिड पैटर्न में बनीं, जल निकासी व्यवस्था अत्यंत विकसित थी। लिपि (Script): अब तक अपठित है। लगभग 400 चिह्नों वाली पिक्टोग्राफिक लिपि। अर्थव्यवस्था: कृषि (गेहूँ, जौ, कपास) और व्यापार - [1 प्राचीन भारत का इतिहास _notes](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-_notes/): 🏛️ प्राचीन भारत का इतिहास सिन्धु घाटी से गुप्त साम्राज्य तक · Exam-Oriented Notes “ज्ञानं परमं बलम्” — Knowledge is the Supreme Power 🏺 सिन्धु सभ्यता 📖 वैदिक काल 🦁 मौर्य साम्राज्य 🌟 गुप्त साम्राज्य 🌺 संगम काल ⚔️ हर्षवर्धन 🏺 सिन्धु घाटी सभ्यता Indus Valley Civilization ≈ 3300 ई.पू. – 1300 ई.पू. विश्व की प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक ★ प्रमुख नगर: हड़प्पा, मोहनजोदड़ो, लोथल, धौलावीरा नगर योजना (Urban Planning): सड़कें ग्रिड पैटर्न में बनीं, जल निकासी व्यवस्था अत्यंत विकसित थी। लिपि (Script): अब तक अपठित है। लगभग 400 चिह्नों वाली पिक्टोग्राफिक लिपि। अर्थव्यवस्था: कृषि (गेहूँ, जौ, कपास) और व्यापार - [mugalkalin itihas](https://examcg.com/mugalkalin-itihas/): मुगलकालीन इतिहास | Mughal Era History — Exam Prep ☽ मुगलकालीन इतिहास • MUGHAL ERA मुगलकालीन इतिहास Mughal Empire — Complete Exam Study Material UPSC • SSC • State PSC • Railway परीक्षाओं के लिए — 1526 से 1857 तक 🎯 UPSC/IAS 📋 SSC CGL/CHSL 🏛️ State PSC / MPPSC 🚂 Railway RRB 🏦 BPSC / UPPSC 🧠 मुगल इतिहास प्रश्नोत्तरी Quick Quiz — Mughal History • 5 Questions • 30 Seconds Each 30 seconds प्रश्न 1 of 5 | Question 1 of 5 अगला → Next 🏆 0/5 Your Performance 🔄 फिर से प्रयास करें | Restart 📌 महत्वपूर्ण एक-पंक्ति - [शिक्षा मनोविज्ञान के जनक](https://examcg.com/%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%95/): 🧠 शिक्षा मनोविज्ञान के जनक Exam-Oriented Notes: Theories & Concepts (Click a Tab) पियाजे जीन पियाजे वायगो वायगोत्स्की थार्न थार्नडाइक पावलव इवान पावलव स्किनर बी.एफ. स्किनर फ्रायड सिगमंड फ्रायड जीन पियाजे Jean Piaget संज्ञानात्मक विकास का सिद्धांत स्विट्जरलैंड के महान मनोवैज्ञानिक। इन्होंने बच्चों को “नन्हें वैज्ञानिक” (Little Scientists) कहा है। संज्ञानात्मक विकास (Cognitive Development): पियाजे के अनुसार बच्चे अपने ज्ञान का निर्माण स्वयं करते हैं। इन्होंने विकास की 4 अवस्थाएं बताई हैं: 1. संवेदी-गामक (0-2 वर्ष) 2. पूर्व-संक्रियात्मक (2-7 वर्ष) 3. मूर्त संक्रियात्मक (7-11 वर्ष) 4. अमूर्त/औपचारिक संक्रियात्मक (11-15 वर्ष) मुख्य शब्दावली: • Schema (स्कीमा): सूचनाओं के पैकेट्स। • Assimilation (आत्मसात्करण): - [Modern Indian History आधुनिक भारतीय इतिहास](https://examcg.com/modern-indian-history-%e0%a4%86%e0%a4%a7%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8/): Modern Indian History – Exam Prep | आधुनिक भारतीय इतिहास 🇮🇳 Exam Preparation Series · परीक्षा तैयारी श्रृंखला Modern Indian Historyआधुनिक भारतीय इतिहास British Rule · Freedom Struggle · Partition · Independenceब्रिटिश शासन · स्वतंत्रता संग्राम · विभाजन · स्वाधीनता UPSC CSEUGC NETSSC CGL State PSCRailwayNDA / CDS ⚡ 5-Minute Quick Quiz5 मिनट का त्वरित क्विज़ Score: 0 / 0 Next → 📌 Important One-Linersमहत्वपूर्ण एक-पंक्ति तथ्य 01The Battle of Plassey (1757) laid the foundation of British rule — Clive defeated Siraj-ud-Daula with the treachery of Mir Jafar.प्लासी की लड़ाई (1757) ने भारत में ब्रिटिश शासन की नींव रखी — क्लाइव - [वैदिक काल नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b8/): वैदिक काल | UPSC प्राचीन इतिहास जीएस पेपर I प्राचीन इतिहास वैदिक काल 📅 18 जून, 2026 🕉️ 📜 🏛️ वैदिक कालप्राचीन भारत की आधारशिला ऋग्वेद से उपनिषदों तक — वैदिक सभ्यता का व्यापक विश्लेषण, समाज, धर्म, राजनीति, अर्थव्यवस्था, और परीक्षा-उपयोगी तथ्य ⏱ 15 मिनट पढ़ें 📍 सप्त सिंधु क्षेत्र 🎯 UPSC · PSC · IAS · SSC 📌 जीएस-I · प्राचीन इतिहास ✧ ✧ ✧ ✧ ✧ 📰 क्यों महत्वपूर्ण Why in News हाल ही में वैदिक काल (Vedic Period) से जुड़े कई पुरातात्विक साक्ष्य मिले हैं, जो प्राचीन भारतीय सभ्यता की समझ को और गहरा करते हैं। UPSC, PSC, - [सिंधु घाटी की सभ्यता नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%81-%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%9f%e0%a5%8d-2/): सिंधु घाटी की सभ्यता | UPSC प्राचीन इतिहास जीएस पेपर I प्राचीन इतिहास भारतीय संस्कृति 📅 UPSC 2026 🏛️ 🏺 सिंधु घाटी की सभ्यता (Indus Valley Civilization) विश्व की प्राचीनतम नगरीय सभ्यताओं में से एक — 2600 ई.पू. से 1900 ई.पू. तक उन्नत नगर नियोजन, जल निकासी प्रणाली और व्यापक व्यापारिक नेटवर्क ⏱ 18 मिनट पढ़ें 📍 हड़प्पा, मोहनजोदड़ो, धोलावीरा, राखीगढ़ी 🎯 UPSC · PSC · IAS · SSC 📌 जीएस-I (इतिहास) 🏛️ सभ्यता का परिचय Introduction सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilization) विश्व की सबसे प्राचीन नगरीय सभ्यताओं में से एक है। यह 2600 ईसा पूर्व से 1900 ईसा पूर्व - [भारत-दक्षिण अफ्रीका ने टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप को नई ऊँचाई दी](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%a6%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%bf%e0%a4%a3-%e0%a4%85%e0%a4%ab%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%9f%e0%a5%87/): भारत-दक्षिण अफ्रीका टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप और अफ्रीका रणनीति | UPSC करंट अफेयर्स जीएस पेपर II जीएस पेपर III अंतर्राष्ट्रीय संबंध करंट अफेयर्स 📅 18 जून, 2026 🇮🇳 🇿🇦 भारत-दक्षिण अफ्रीका ने टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप को नई ऊँचाई दी डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, एआई, अंतरिक्ष और हरित प्रौद्योगिकी में द्विपक्षीय सहयोग — अफ्रीका महाद्वीप के लिए भारत की विस्तारित रणनीति का महत्वपूर्ण स्तंभ ⏱ 14 मिनट पढ़ें 📍 नई दिल्ली / प्रिटोरिया 🎯 UPSC · PSC · IAS · SSC 📌 जीएस-II + जीएस-III 📰 समाचार में क्यों Why in News भारत और दक्षिण अफ्रीका ने हाल ही में एक व्यापक टेक्नोलॉजी पार्टनरशिप फ्रेमवर्क समझौते - [भारत-जापान ने JCM कार्यान्वयन नियम अपनाया](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%a8%e0%a5%87-jcm-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%af/): भारत-जापान JCM कार्यान्वयन नियम | UPSC करंट अफेयर्स जीएस पेपर II जीएस पेपर III अंतर्राष्ट्रीय संबंध पर्यावरण करंट अफेयर्स 📅 18 जून, 2026 🇮🇳 🇯🇵 भारत-जापान ने JCM कार्यान्वयन नियम अपनाया जलवायु परिवर्तन शमन में द्विपक्षीय सहयोग को नई दिशा — संयुक्त क्रेडिटिंग मैकेनिज्म (JCM) के तहत कार्बन क्रेडिट व्यापार को बढ़ावा ⏱ 12 मिनट पढ़ें 📍 नई दिल्ली / टोक्यो 🎯 UPSC · PSC · IAS · SSC 📌 जीएस-II + जीएस-III 📰 समाचार में क्यों Why in News भारत और जापान ने संयुक्त क्रेडिटिंग मैकेनिज्म (Joint Crediting Mechanism – JCM) के कार्यान्वयन नियमों को औपचारिक रूप से अपनाया है। - [भारत-नेपाल संबंधों में एक नया दौर](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%aa%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%ac%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%8f%e0%a4%95/): भारत-नेपाल संबंधों में एक नया दौर | UPSC करंट अफेयर्स जीएस पेपर II अंतर्राष्ट्रीय संबंध करंट अफेयर्स 📅 18 जून, 2026 🇮🇳 🤝 🇳🇵 भारत–नेपाल संबंधों मेंएक नया दौर उच्च-स्तरीय वार्ता, समग्र साझेदारी, और कनेक्टिविटी परियोजनाओं के साथ द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊँचाई — परीक्षा-उपयोगी तथ्य, चुनौतियाँ और मुख्य बिंदु ⏱ 12 मिनट पढ़ें 📍 काठमांडू / नई दिल्ली 🎯 UPSC · PSC · IAS · SSC 📌 जीएस-II + जीएस-III 📰 समाचार में क्यों Why in News हाल ही में भारत और नेपाल के बीच उच्च-स्तरीय बातचीत हुई, जिसमें दोनों देशों ने समग्र साझेदारी (Comprehensive Partnership) को नई दिशा देने - [Medieval Indian History मध्यकालीन भारतीय इतिहास notes](https://examcg.com/elementor-22657/): Medieval Indian History – Exam Prep Exam Preparation Series • परीक्षा तैयारी Medieval Indian Historyमध्यकालीन भारतीय इतिहास Delhi Sultanate · Mughal Empire · Bhakti & Sufi Movements UGC NET UPSC CSE SSC CGL State PSC Railway ⚡ 5-Minute Quick Quiz 5 मिनट का त्वरित क्विज़ Score: 0/0 Next → 📌 Important One-Liners महत्वपूर्ण एक पंक्ति तथ्य 01Qutb-ud-din Aibak founded the Delhi Sultanate in 1206 AD and built India’s first mosque — Quwwat-ul-Islam.कुतुबुद्दीन ऐबक ने 1206 ई. में दिल्ली सल्तनत की स्थापना की और भारत की पहली मस्जिद — कुव्वत-उल-इस्लाम — का निर्माण कराया। 02Babur founded the Mughal Empire after the First - [भारत–फ्रांस ने अपनाया इनोवेशन रोडमैप 2030](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ab%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b8-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%85%e0%a4%aa%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a8/): भारत–फ्रांस इनोवेशन रोडमैप 2030 | UPSC करंट अफेयर्स जीएस पेपर II अंतर्राष्ट्रीय संबंध करंट अफेयर्स 📅 16 जून, 2026 🇮🇳 🤝 🇫🇷 भारत–फ्रांस ने अपनायाइनोवेशन रोडमैप 2030 विशेष वैश्विक सामरिक साझेदारी को गहरा करने वाला ऐतिहासिक कदम — जिसमें AI, रक्षा, परमाणु ऊर्जा, स्टार्टअप और हिंद-प्रशांत सुरक्षा शामिल हैं। ⏱ 14 मिनट पढ़ें 📍 नीस, फ्रांस 🎯 UPSC · PSC · IAS 📌 जीएस-II + जीएस-III 📰 समाचार में क्यों भारत के प्रधानमंत्री और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने नीस, फ्रांस में उच्च स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता की — यह फरवरी 2026 में भारत-फ्रांस संबंधों को विशेष वैश्विक सामरिक साझेदारी में - [encient indian history notes 1](https://examcg.com/encient-indian-history-notes-1/): प्राचीन भारतीय इतिहास | Ancient Indian History – ExamReady ☸ 📚 Exam Ready Series प्राचीन भारतीय इतिहासAncient Indian History UPSC · SSC · State PCS · Railways के लिए सम्पूर्ण अध्ययन सामग्री — Complete Study Material ⏱ 5 Quick Quizzes 📝 MCQ Practice 🏆 PYQ Bank ⭐ Key Facts आपका स्कोर / Your Score 0 / 10 सही उत्तर / Correct 0 गलत उत्तर / Wrong 0 LIVE QUIZ ⚡ Quick Quiz — 5 प्रश्न उत्तर देखने के लिए “Answer” बटन दबाएँ | Click Answer to reveal 🎯 Flash Questions — तुरंत उत्तर दीजिए 1 हड़प्पा सभ्यता की खोज किसने और - [NTA NET Paper 1 — Complete Mock Question Set 3](https://examcg.com/nta-net-paper-1-complete-mock-question-set-3/): NTA NET Paper 1 — 5 Complete Mock Question Sets (English + Hindi / अंग्रेजी + हिंदी) Each set contains 50 questions | प्रत्येक सेट में 50 प्रश्नTopics covered per NTA NET Paper 1 syllabus:Teaching Aptitude • Research Aptitude • Comprehension • Communication • Mathematical Reasoning • Logical Reasoning • Data Interpretation • Information & Communication Technology • People & Environment • Higher Education System SET — 3 (50 Questions — Same structure, new questions) Q1. The “Project Method” of teaching was developed by:शिक्षण की “परियोजना विधि” किसने विकसित की? (A) Herbart / हर्बार्ट(B) William Heard Kilpatrick / विलियम हर्ड किलपैट्रिक(C) - [NTA NET Paper 1 — Complete Mock Question Set 2](https://examcg.com/nta-net-paper-1-complete-mock-question-set-2/): NTA NET Paper 1 — 5 Complete Mock Question Sets (English + Hindi / अंग्रेजी + हिंदी) Each set contains 50 questions | प्रत्येक सेट में 50 प्रश्नTopics covered per NTA NET Paper 1 syllabus:Teaching Aptitude • Research Aptitude • Comprehension • Communication • Mathematical Reasoning • Logical Reasoning • Data Interpretation • Information & Communication Technology • People & Environment • Higher Education System SET — 2 Q1. Which of the following is an example of “Intrinsic Motivation” in learning?निम्नलिखित में से कौन सा सीखने में “आंतरिक अभिप्रेरणा” का उदाहरण है? (A) Studying to get a prize / पुरस्कार पाने - [NTA NET Paper 1 — Complete Mock Question Set 1](https://examcg.com/nta-net-paper-1-complete-mock-question-set-1/): NTA NET Paper 1 — 5 Complete Mock Question Sets (English + Hindi / अंग्रेजी + हिंदी) Each set contains 50 questions | प्रत्येक सेट में 50 प्रश्नTopics covered per NTA NET Paper 1 syllabus:Teaching Aptitude • Research Aptitude • Comprehension • Communication • Mathematical Reasoning • Logical Reasoning • Data Interpretation • Information & Communication Technology • People & Environment • Higher Education System SET — 1 Q1. Which of the following best describes “Constructivist” approach to teaching?निम्नलिखित में से कौन सा “रचनावादी” शिक्षण पद्धति का सबसे अच्छा वर्णन करता है? (A) Teacher-centred instruction with rote memorisation / शिक्षक-केंद्रित निर्देश - [UPSC Edge · Prelims Drill](https://examcg.com/upsc-edge-%c2%b7-prelims-drill/): UPSC Practice Quiz: Science, Economy & Tribes 📚 UPSC Edge · Prelims Drill 🔍 Based on current affairs: Space Missions, SIDBI, Bond Forwards, CSR Committee & PVTG Tribes ✅ Check Answers ⟳ Reset All ⭐ Your Score: — / 5 • Each question has one correct answer • Explanation appears after checking 0 CommentsComments are closed - [सिंधु घाटी की सभ्यता नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%81-%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%9f%e0%a5%8d/): सिंधु घाटी की सभ्यता नोट्स वन लाइनर परीक्षोपयोगी तथ्य पूछे गए प्रश्न प्रमुख स्थल, खोजकर्ता एवं मुख्य निष्कर्ष सिंधु घाटी सभ्यता MCQs सिंधु घाटी की सभ्यता (Indus Valley Civilization) – UPSC / NTA NET हिंदी नोट्स परीक्षा उपयोगी: UPSC प्रारंभिक, UPSC मुख्य (GS-I एवं इतिहास वैकल्पिक), NTA NET (इतिहास/पुरातत्व), राज्य PCS। 1. परिचय एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilization) जिसे हड़प्पा सभ्यता के नाम से भी जाना जाता है, भारत की प्रथम नगरीय संस्कृति है। यह कांस्य युगीन सभ्यता थी और अपनी उन्नत नगर योजना, जल निकासी प्रणाली तथा शिल्प कौशल के लिए जानी जाती है। कालक्रम (तीन चरण)    चरण काल विशेषता - [current affairs 2026-27 in hindi](https://examcg.com/current-affairs-2026-27-in-hindi/): हिन्दी करेंट अफेयर्स 2026-27 | MCQ प्रश्नोत्तरी 📘 हिन्दी करंट अफेयर्स 2026-27 🔥 महत्वपूर्ण MCQ | राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय ✓ प्रत्येक प्रश्न के लिए ‘उत्तर दिखाएँ’ बटन पर क्लिक करें → उत्तर एवं विस्तृत व्याख्या प्रकट होगी 1. हाल ही में चर्चा में रहा चिल्लई कलां भारत के किस क्षेत्र में मुख्य रूप से होता है? Aकश्मीर Bपश्चिमी घाट Cपूर्वी घाट Dराजस्थान का रेगिस्तानी क्षेत्र 📌 उत्तर दिखाएँ ✅ सही उत्तर: [A] कश्मीर 📖 व्याख्या: चिल्लई कलाँ कश्मीर घाटी का 40 दिनों का अत्यधिक ठंड का काल होता है, जो 21 दिसंबर से प्रारंभ होकर जनवरी के अंत तक रहता है। - [गांधीजी के सत्याग्रह का 133वाँ वर्ष ](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%80%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b9-%e0%a4%95%e0%a4%be-133%e0%a4%b5/): गांधीजी के सत्याग्रह का 133वाँ वर्ष  चर्चा में क्यों?  भारतीय नौसेना ने महात्मा गांधी (7 जून 1893) द्वारा रंगभेद के विरुद्ध संघर्ष की शुरुआत के 133 वर्ष  7 जून, 2023 को पूर्ण हुआ ।   सत्याग्रह आंदोलन की शुरुआत: 7 जून, 1893 को महात्मा गांधी को नस्लीय भेदभाव का सामना करना पड़ा जब उन्हें दक्षिण अफ्रीका के पीटरमैरिट्ज़बर्ग में एक ट्रेन की प्रथम श्रेणी के डिब्बे से बाहर निकलने के लिये विवश किया गया था। टिकट खरीदने के बावजूद एक यूरोपीय यात्री ने यह कहते हुए गांधीजी को वहाँ से हटाने की मांग की कि प्रथम श्रेणी के डिब्बों में गैर-गोरों को अनुमति नहीं देनी चाहिये। नस्लीय - [करेंट अफेयर्स क्विज़ - मई 2026](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%9f-%e0%a4%85%e0%a4%ab%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bc-%e0%a4%ae%e0%a4%88-2026-2/): करेंट अफेयर्स क्विज़ – मई 2026 | UPSC/PSC 📚 मासिक करेंट अफेयर्स क्विज़ मई 2026 | UPSC / State PSC परीक्षा स्तर 100 प्रश्न • संपूर्ण एवं अद्यतित (मई घटनाक्रम) कुल: 100 उत्तरित: 0 सही: 0 गलत: 0 शेष: 100 © 2026 करेंट अफेयर्स क्विज़ | मई 2026 | UPSC/PSC तैयारी हेतु 0 CommentsComments are closed - [अधिगम के सिद्धांत: अर्थ, परिभाषा और अधिगम को प्रभावित करने वाले कारक (Learning Theories in Hindi)](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%97%e0%a4%ae-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a4-%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5-%e0%a4%aa%e0%a4%b0/): अधिगम के सिद्धांत: अर्थ, परिभाषा और अधिगम को प्रभावित करने वाले कारक (Learning Theories in Hindi) अधिगम एवं अधिगम के सिद्धांत”अधिगम (Learning) क्या है और यह हमारे व्यवहार को कैसे बदलता है? मनोविज्ञान और शिक्षा शास्त्र (Pedagogy) में अधिगम एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है, जिसे ‘अधिगम के सिद्धांतों’ (Learning Theories) के माध्यम से समझा जा सकता है। एक शिक्षक या प्रतियोगी परीक्षा (CTET/UPTET) के अभ्यर्थी के रूप में, अधिगम के अर्थ, परिभाषा और इसे प्रभावित करने वाले कारकों का ज्ञान होना अत्यंत आवश्यक है। इस लेख में, हम अधिगम की जटिल अवधारणाओं को सबसे सरल भाषा में समझेंगे और उन प्रमुख - [वैभव सूर्यवंशी ने एक सीज़न में सर्वाधिक छक्कों का IPL रिकॉर्ड तोड़ा](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%ad%e0%a4%b5-%e0%a4%b8%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%b6%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%9c%e0%a4%bc/): वैभव सूर्यवंशी ने एक सीज़न में सर्वाधिक छक्कों का IPL रिकॉर्ड तोड़ा चर्चा में क्यों?  राजस्थान रॉयल्स के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2026 में एक एकल IPL सीज़न में सबसे अधिक छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बनकर इतिहास रच दिया है और उन्होंने क्रिस गेल के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।  मुख्य बिंदु: ऐतिहासिक उपलब्धि: वैभव सूर्यवंशी एकल IPL सीज़न में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं और उन्होंने टूर्नामेंट का एक नया रिकॉर्ड कायम किया है। टूटा रिकॉर्ड: 238 के स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाने और 72 छक्के जड़ने के साथ ही वैभव सूर्यवंशी ने IPL के इतिहास को बदल कर रख दिया; उन्होंने क्रिस - [साँची स्तूप से पवित्र बौद्ध अवशेष मंगोलिया भेजे जाएंगे](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%81%e0%a4%9a%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%82%e0%a4%aa-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a5%8c%e0%a4%a6/): साँची स्तूप से पवित्र बौद्ध अवशेष मंगोलिया भेजे जाएंगे चर्चा में क्यों?  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक पहल के तहत, भारत साँची स्तूप से पवित्र बौद्ध अवशेषों को मंगोलिया भेजेगा।  मुख्य बिंदु: अवशेषों का स्थानांतरण: साँची स्तूप में संरक्षित पवित्र बौद्ध अवशेषों को सार्वजनिक प्रदर्शन और धार्मिक अनुष्ठान के लिये  मंगोलिया भेजा जाएगा। ये अवशेष भगवान बुद्ध के दो सबसे प्रमुख शिष्यों  सारिपुत्र और महामौद्गल्यायन (मौद्गल्यायन) से जुड़े हैं।  पहल: भारत-मंगोलिया के सांस्कृतिक और बौद्ध संबंधों को और गहरा करने के लिये यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर उठाया गया है। इन अवशेषों को मंगोलिया की राजधानी उलानबटोर में जनता के दर्शन के लिये प्रदर्शित किया जाएगा, जहाँ दस लाख - [तनावपूर्ण समय में संरचना और नियमित दिनचर्या बनाए रखने का महत्व](https://examcg.com/%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a3-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%af-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%b0%e0%a4%9a%e0%a4%a8%e0%a4%be/): विषय सूची तनावपूर्ण समय में संरचना और नियमित दिनचर्या बनाए रखने का महत्व दैनिक आदतें किस प्रकार अनिश्चित समय में आपको स्थिरता प्रदान कर सकती हैं  महत्वपूर्ण बिन्दू तनाव दिनचर्या को कैसे बिगाड़ता है भले ही आप आमतौर पर एक सख्त कार्यक्रम में अच्छा प्रदर्शन न करते हों, लेकिन अनिश्चितता, अनिश्चितता और तनाव के समय में एक नियमित दिनचर्या सहायक हो सकती है। अपने दिनचर्या को व्यवस्थित करने से आपको नियंत्रण का अहसास हो सकता है। इससे आपकी एकाग्रता, संगठन क्षमता और उत्पादकता में भी सुधार हो सकता है। नियमित दिनचर्या का मतलब सिर्फ आपकी दिन-प्रतिदिन की जिम्मेदारियों और काम से - [याददाश्त को प्रभावी ढंग से कैसे बेहतर बनाया जाए](https://examcg.com/%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a5%80-%e0%a4%a2%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%b8/): याददाश्त को प्रभावी ढंग से कैसे बेहतर बनाया जाए स्मृति शक्ति बढ़ाने के लिए शोध-समर्थित तरीके अगर आप कभी अपनी चाबियां भूल जाते हैं या महत्वपूर्ण परीक्षाओं में कुछ भूल जाते हैं, तो आपने शायद सोचा होगा कि याददाश्त कैसे सुधारी जाए। अच्छी बात यह है कि याददाश्त बढ़ाने के लिए कई उपाय किए जा सकते हैं। रिमाइंडर, चीजों को व्यवस्थित रखना, ध्यान भटकाने वाली चीजों को कम करना, कल्पना करना और जानकारी को जोर से दोहराना जैसी तरकीबें आपकी याददाश्त में जानकारी को पक्का करने में मदद कर सकती हैं। ज़ाहिर है, किसी प्रकार की रिमाइंडर प्रणाली का उपयोग करना मददगार साबित - [तनाव आपकी याददाश्त पर कैसे असर डालता है और कैसे उसे बाधित करता है](https://examcg.com/%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%b5-%e0%a4%86%e0%a4%aa%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%aa%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a5%88%e0%a4%b8/): तनाव आपकी याददाश्त पर कैसे असर डालता है और कैसे उसे बाधित करता है    चाबी छीनना तनाव के कारण यादें बनाना और उन्हें याद रखना मुश्किल हो सकता है। तनाव की स्थिति में सांस लेने के व्यायाम और विश्राम तकनीकों का अभ्यास करने से याददाश्त में सुधार हो सकता है। तनाव आपकी याददाश्त पर काफी असर डाल सकता है, जिससे प्रभावी ढंग से यादें बनाना और उन्हें याद करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।1कम तनाव सीखने की प्रक्रिया को प्रेरित और प्रोत्साहित कर सकता है, जबकि अत्यधिक तनाव अल्पकालिक और दीर्घकालिक स्मृति निर्माण में बाधा डालता है। इन प्रभावों को समझने - [मनोविज्ञान में मनोविश्लेषणात्मक दृष्टिकोण](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%87/): मनोविज्ञान में मनोविश्लेषणात्मक दृष्टिकोण मनोविज्ञान में मनोविश्लेषणात्मक दृष्टिकोण व्यवहार को प्रभावित करने वाले कारकों के रूप में अचेतन प्रक्रियाओं और अनसुलझे अतीत के संघर्षों पर जोर देता है। फ्रायड के सिद्धांतों पर आधारित यह दृष्टिकोण व्यक्तित्व और व्यवहार को आकार देने में प्रेरणाओं, इच्छाओं और रक्षा तंत्रों की परस्पर क्रिया का अध्ययन करता है। चाबी छीनना मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत एक मनोवैज्ञानिक सिद्धांत है जिसे सिगमंड फ्रायड (1856-1939) और उनके अनुयायियों ने मानव व्यवहार की उत्पत्ति की व्याख्या करने के लिए लागू किया था। मनोविश्लेषणात्मक दृष्टिकोण में मनोविज्ञान के वे सभी सिद्धांत शामिल हैं जो मानव कार्यप्रणाली को व्यक्ति के भीतर, विशेष रूप - [रैटमैन (अर्नस्ट लैंजर, 1909)](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a5%88%e0%a4%9f%e0%a4%ae%e0%a5%88%e0%a4%a8-%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%b2%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a4%b0-1909/): रैटमैन (अर्नस्ट लैंजर, 1909) ‘रैट मैन’ सिगमंड फ्रायड के एक मरीज अर्न्स्ट लैंजर का प्रसिद्ध छद्म नाम है, जिसका मामला जुनूनी न्यूरोसिस (जिसे हम अब ओसीडी कहते हैं) के मूलभूत अध्ययन का आधार बना। रोगी और उसके दीर्घकालिक लक्षण मरीज एक उच्च शिक्षित युवक था जो फ्रायड के पास गंभीर जुनूनी विकारों से पीड़ित होकर आया था, जो उसे बचपन से ही परेशान कर रहे थे, लेकिन अब पूरी तरह से दुर्बल करने वाले बन गए थे। उनकी प्राथमिक आशंकाएं भयावह और भयावह थीं, जो इस विचार पर केंद्रित थीं कि उनके बहुत पहले दिवंगत पिता और एक ऐसी महिला, जिनकी वह बहुत - [मनोविज्ञान में व्यवहारवाद](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%b5%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%be/): मनोविज्ञान में व्यवहारवाद व्यवहारवाद, जिसे व्यवहारिक अधिगम सिद्धांत के नाम से भी जाना जाता है, मनोविज्ञान का एक सैद्धांतिक परिप्रेक्ष्य है जो मानव और पशु क्रियाओं को समझने में अधिगम और प्रत्यक्ष व्यवहारों की भूमिका पर बल देता है। व्यवहारवाद अधिगम का एक सिद्धांत है जो यह बताता है कि सभी व्यवहार पर्यावरण के साथ अनुकूलित अंतःक्रिया के माध्यम से सीखे जाते हैं। इस प्रकार, व्यवहार पर्यावरण उद्दीपनों के प्रति एक प्रतिक्रिया मात्र है। व्यवहारवादी सिद्धांत केवल प्रत्यक्ष उद्दीपन-प्रतिक्रिया व्यवहारों से संबंधित है, क्योंकि इनका व्यवस्थित और प्रत्यक्ष तरीके से अध्ययन किया जा सकता है। व्यवहारवादी दृष्टिकोण के कुछ प्रमुख व्यक्तियों - [मनोविज्ञान में संज्ञानात्मक दृष्टिकोण](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a4/): मनोविज्ञान में संज्ञानात्मक दृष्टिकोण “मनोविज्ञान में संज्ञानात्मक दृष्टिकोण इस बात पर केंद्रित है कि हम कैसे सोचते हैं, सीखते हैं, याद रखते हैं और समस्याओं को हल करते हैं। यह मन को एक कंप्यूटर की तरह देखता है, जो धारणा, स्मृति और निर्णय लेने जैसी मानसिक प्रक्रियाओं के माध्यम से जानकारी को संसाधित करता है। यह दृष्टिकोण आंतरिक विचार पैटर्न की जांच करके व्यवहार को समझने में हमारी मदद करता है।” संज्ञानात्मक मनोविज्ञान कई महत्वपूर्ण कारकों के कारण 1950 के दशक के मध्य में संज्ञानात्मक मनोविज्ञान प्रमुखता प्राप्त कर गया: व्यवहारवादी दृष्टिकोण से असंतोष , जो आंतरिक मानसिक प्रक्रियाओं के बजाय प्रत्यक्ष व्यवहारों - [मनोविज्ञान में सुदृढ़ीकरण के अनुसूचियां (उदाहरण)](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%83%e0%a4%a2%e0%a4%bc%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a4%b0/): मनोविज्ञान में सुदृढ़ीकरण के अनुसूचियां (उदाहरण) चाबी छीनना एक सुदृढ़ीकरण अनुसूची एक नियम है जो यह बताता है कि व्यवहार के किन उदाहरणों को, यदि कोई हो, सुदृढ़ किया जाएगा। पुनर्बलन अनुसूचियों को दो व्यापक श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है: सतत अनुसूचियां और आंशिक अनुसूचियां (जिन्हें आंतरायिक अनुसूचियां भी कहा जाता है)। एक सतत अनुसूची में, वांछित व्यवहार के प्रत्येक उदाहरण को सुदृढ़ किया जाता है, जबकि आंशिक अनुसूचियों में वांछित व्यवहार को केवल कभी-कभी ही सुदृढ़ किया जाता है। आंशिक सुदृढ़ीकरण अनुसूचियों को या तो निश्चित या परिवर्तनीय, और या तो अंतराल या अनुपात के रूप में वर्णित - [क्रियाप्रसूत अनुबंधन: यह क्या है, यह कैसे काम करती है और इसके उदाहरण](https://examcg.com/operant-conditioning-what-it-is-how-it-works-and-examples/): क्रियाप्रसूत अनुबंधन: यह क्या है, यह कैसे काम करती है और इसके उदाहरण हाजिर जवाब यह क्या है : क्रियात्मक अनुकूलन एक प्रकार का अधिगम है जिसमें व्यवहार उसके परिणामों द्वारा आकारित होता है। इसे किसने बनाया : बी.एफ. स्किनर ने, जिन्होंने एडवर्ड थॉर्नडाइक के “प्रभाव के नियम” का विस्तार किया। मुख्य अवधारणा: क्रियात्मक अभिधारणा, सुदृढ़ीकरण (जिसका उद्देश्य व्यवहार को बढ़ाना है) और दंड (जिसका उद्देश्य व्यवहार को घटाना है) के माध्यम से व्यवहार को आकार देती है। क्रियात्मक अनुकूलन, जिसे वाद्य अनुकूलन के रूप में भी जाना जाता है, साहचर्य अधिगम का एक रूप है जिसमें एक जीव किसी व्यवहार को उसके परिणाम से - [क्लासिकल कंडीशनिंग:  यह कैसे काम करता है उदाहरणों सहित](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%b2-%e0%a4%95%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a5%80%e0%a4%b6%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%97-%e0%a4%af%e0%a4%b9-%e0%a4%95%e0%a5%88/): क्लासिकल कंडीशनिंग:  यह कैसे काम करता है उदाहरणों सहित क्लासिकल कंडीशनिंग , जिसे पावलोवियन कंडीशनिंग भी कहा जाता है, साहचर्य अधिगम का एक मूलभूत रूप है जिसमें एक जीव दो उत्तेजनाओं को आपस में जोड़ना या सहसंबंधित करना सीखता है जो बार-बार एक साथ घटित होती हैं। इस प्रक्रिया में, पहले से तटस्थ उद्दीपन को एक ऐसे उद्दीपन के साथ जोड़ा जाता है जो स्वाभाविक रूप से एक विशिष्ट प्रतिक्रिया उत्पन्न करता है; अंततः, तटस्थ उद्दीपन स्वयं ही उसी प्रतिक्रिया को उत्पन्न करने लगता है। जॉन बी. वाटसन ने यह प्रस्ताव रखा कि शास्त्रीय अनुकूलन की प्रक्रिया (पावलोव के अवलोकनों पर आधारित) - [जॉन बी. वाटसन](https://examcg.com/%e0%a4%9c%e0%a5%89%e0%a4%a8-%e0%a4%ac%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a4%b8%e0%a4%a8/): जॉन बी. वाटसन जॉन बी. वॉटसन एक अमेरिकी मनोवैज्ञानिक थे जिन्होंने व्यवहारवाद की नींव रखी, जिसके अनुसार मनोविज्ञान को विचारों या भावनाओं के बजाय प्रत्यक्ष क्रियाओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने दिखाया कि भय जैसी भावनाओं को कंडीशनिंग के माध्यम से सीखा जा सकता है, जिसका सबसे प्रसिद्ध उदाहरण लिटिल अल्बर्ट प्रयोग है, और उनके काम ने मनोविज्ञान, शिक्षा और विज्ञापन के क्षेत्र को आकार दिया। चाबी छीनना संस्थापक : जॉन बी. वाटसन को व्यवहारवाद के संस्थापक के रूप में मान्यता प्राप्त है, जो एक मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण है जो आंतरिक विचारों या भावनाओं के बजाय अवलोकन योग्य क्रियाओं के अध्ययन पर - [कार्यकुशलता को दोगुना करने (और कार्यभार समाप्त करने) के लिए समय-अवशोषण रणनीति](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%b6%e0%a4%b2%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a5%8b-%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%b0/): कार्यकुशलता को दोगुना करने (और कार्यभार समाप्त करने) के लिए समय-अवशोषण रणनीति क्या आपको ऐसा लगता है कि आप लगातार काम कर रहे हैं, फिर भी पीछे रह रहे हैं? आधुनिक पेशेवर दुनिया निरंतर कार्यभार, खंडित ध्यान और “आगे क्या करना है” तय करने की थका देने वाली मानसिक लड़ाई से परिभाषित होती है। यह रोजमर्रा की अराजकता कोई व्यक्तिगत विफलता नहीं है; यह एक प्रणालीगत समस्या है जो आपकी संज्ञानात्मक ऊर्जा को खत्म कर देती है। लेकिन क्या होगा यदि आप अपनी कार्यक्षमता को लगभग दोगुना कर सकें? द टाइम-ब्लॉक प्लानर के बेस्टसेलिंग लेखक और उत्पादकता के क्षेत्र में एक अग्रणी - [अल्बर्ट बांडुरा का सामाजिक अधिगम सिद्धांत](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%ac%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a5%81%e0%a4%b0%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9c/): अल्बर्ट बांडुरा का सामाजिक अधिगम सिद्धांत सामाजिक अधिगम सिद्धांत (एसएलटी) यह मानता है कि लोग सामाजिक संदर्भ में दूसरों को देखकर और उनकी नकल करके नए व्यवहार, दृष्टिकोण और भावनात्मक प्रतिक्रियाएं सीखते हैं। यह अवलोकन आधारित अधिगम (या मॉडलिंग) पर जोर देता है, यह सुझाव देते हुए कि हम प्रत्यक्ष अनुभव या तत्काल पुरस्कार के बिना भी, केवल एक मॉडल को देखकर जटिल कार्यों को सीख सकते हैं। व्यवहारवाद और संज्ञान के बीच सेतु सामाजिक अधिगम सिद्धांत को अक्सर पारंपरिक अधिगम सिद्धांत ( व्यवहारवाद ) और संज्ञानात्मक दृष्टिकोण के बीच ‘पुल’ के रूप में वर्णित किया जाता है । ऐसा इसलिए है क्योंकि यह इस - [नैतिक विकास का सिद्धांत – पियाजे](https://examcg.com/%e0%a4%a8%e0%a5%88%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a4/): नैतिक विकास का सिद्धांत – पियाजे पियाजे के नैतिक विकास के सिद्धांत में तीन चरण हैं। पहले चरण में, बच्चे नैतिक तर्क पर ध्यान नहीं देते क्योंकि वे सामाजिक विकास और निपुणता जैसे अन्य कौशलों को प्राथमिकता देते हैं। दूसरे चरण में, बच्चे अधिकार का पालन करते हैं और नियमों का पूर्ण सम्मान करते हैं। तीसरे चरण में, बच्चे सर्वसम्मत मान्यताओं के अनुसार नियमों के लचीलेपन को स्वीकार करते हैं और किसी भी क्रिया के नैतिक या अनैतिक होने का निर्णय करते समय उसके पीछे के इरादे पर विचार करते हैं। यह भी देखें: संज्ञानात्मक विकास के चरण पियाजे के पहले चरण - [संसंबद्धतावाद अधिगम सिद्धांत](https://examcg.com/connectivism-learning-theory/): संसंबद्धतावाद अधिगम सिद्धांत शिक्षा के क्षेत्र में, अधिगम के तीन प्रमुख सिद्धांत लंबे समय से सिद्धांतकारों के मन में सबसे आगे रहे हैं। ये हैं व्यवहारवाद , संज्ञानवाद और रचनावाद । बीसवीं शताब्दी के पूर्वार्ध में इन तीन प्रभावशाली सिद्धांतों की उत्पत्ति के बाद से अनगिनत शोध ढाँचे इनसे जुड़े रहे हैं। हालाँकि, ये सभी सिद्धांत उस तकनीकी क्रांति से पहले के हैं जिसने हमारे जीवन जीने के तरीके को, जिसमें हमारे आपसी संवाद और ज्ञान प्राप्ति का तरीका भी शामिल है, पूरी तरह से बदल दिया है। विषयसूची                         आज के डिजिटल युग - [लेव वायगोत्स्की – संज्ञानात्मक विकास का समाजसांस्कृतिक सिद्धांत](https://examcg.com/diffusion-of-innovations-theory-2/): लेव वायगोत्स्की – संज्ञानात्मक विकास का समाजसांस्कृतिक सिद्धांत लेव वायगोत्स्की (1896-1934) एक रूसी शिक्षक थे जिन्हें सामाजिक संदर्भों में अधिगम के क्षेत्र में अग्रणी माना जाता है। एक मनोवैज्ञानिक के रूप में, वे पहले व्यक्ति थे जिन्होंने यह अध्ययन किया कि हमारी सामाजिक अंतःक्रियाएँ हमारे संज्ञानात्मक विकास को कैसे प्रभावित करती हैं। उनका मानना ​​था कि अधिगम हमारे समुदाय में दूसरों के साथ अंतःक्रियाओं के माध्यम से होता है: सहपाठी, वयस्क, शिक्षक और अन्य मार्गदर्शक। वायगोत्स्की ने यह समझने का प्रयास किया कि लोग सामाजिक वातावरण में कैसे सीखते हैं और सामाजिक अधिगम पर एक अनूठा सिद्धांत विकसित किया। उन्होंने पाया - [नवाचारों के प्रसार का सिद्धांत](https://examcg.com/diffusion-of-innovations-theory/): नवाचारों के प्रसार का सिद्धांत रोजर्स नवाचार को “एक विचार, अभ्यास या वस्तु जिसे किसी व्यक्ति या अपनाने वाली अन्य इकाई द्वारा नया माना जाता है” के रूप में परिभाषित करते हैं। रोजर्स ने प्रसार को “वह प्रक्रिया जिसमें एक नवाचार को समय के साथ एक सामाजिक प्रणाली के सदस्यों के बीच कुछ चैनलों के माध्यम से संप्रेषित किया जाता है” के रूप में परिभाषित किया। ई.एम. रोजर्स द्वारा प्रतिपादित नवाचार प्रसार (डीओआई) सिद्धांत सामाजिक विज्ञान में एक गहन सिद्धांत है (1)। संचार अध्ययन से उत्पन्न नवाचार प्रसार सिद्धांत, उस प्रक्रिया का वर्णन करता है जिसके द्वारा कोई विचार या वस्तु - [ASSURE: अनुदेशात्मक डिज़ाइन मॉडल (Instructional Design Model)](https://examcg.com/assure-instructional-design-model/): ASSURE: अनुदेशात्मक डिज़ाइन मॉडल ASSURE एक निर्देशात्मक डिज़ाइन मॉडल है जिसका उद्देश्य अधिक प्रभावी शिक्षण और अधिगम को बढ़ावा देना है। “ASSURE” इस मॉडल के विभिन्न चरणों का संक्षिप्त रूप है। नीचे प्रत्येक चरण का विस्तृत विवरण दिया गया है। यह भी देखें: एडीआई मॉडल डिक और कैरी मॉडल अनुदेशात्मक डिजाइन मॉडल और सिद्धांत इसमें छह भाग हैं ए – शिक्षार्थियों का विश्लेषण करें इस प्रक्रिया का पहला चरण यह है कि शिक्षक अपने शिक्षार्थियों के गुणों का विश्लेषण करें। उन विशेषताओं पर विशेष ध्यान देना चाहिए जो वांछित अधिगम परिणामों से संबंधित हों। एकत्रित जानकारी आपको प्रक्रिया के अन्य चरणों - [ब्लूम वर्गीकरण](https://examcg.com/%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%82%e0%a4%ae-%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a3/): ब्लूम वर्गीकरण मनोवैज्ञानिक बेंजामिन ब्लूम ने एडवर्ड गर्स्ट, डेविड क्रैथवोहल, मैक्स एंगेलहार्ट और वाल्टर हिल के साथ मिलकर 1956 में शैक्षिक उद्देश्यों का वर्गीकरण प्रस्तुत किया । यह ढांचा शिक्षकों और प्रशिक्षकों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हुआ क्योंकि इसने शिक्षाविदों को सीखने के लक्ष्यों को वर्गीकृत करने की सुविधा प्रदान की। बाद में इसे ब्लूम के वर्गीकरण के नाम से जाना जाने लगा। यह भी देखें: प्रभावी शिक्षण उद्देश्यों को लिखने के लिए ब्लूम के वर्गीकरण का उपयोग करना: एबीसीडी दृष्टिकोण ब्लूम के मूल ढांचे में छह मुख्य श्रेणियां थीं: ज्ञान, समझ, अनुप्रयोग, विश्लेषण, संश्लेषण और मूल्यांकन। ज्ञान को अन्य सभी - [प्रभावी शिक्षण उद्देश्य लिखने के लिए ब्लूम के वर्गीकरण का उपयोग: एबीसीडी दृष्टिकोण](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a5%80-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%a3-%e0%a4%89%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%af/): प्रभावी शिक्षण उद्देश्य लिखने के लिए ब्लूम के वर्गीकरण का उपयोग: एबीसीडी दृष्टिकोण ब्लूम की वर्गीकरण प्रणाली शैक्षिक लक्ष्यों को वर्गीकृत करने के लिए एक ढांचा प्रदान करती है, जिन्हें छात्रों से सीखने की प्रक्रिया के दौरान प्राप्त करने की अपेक्षा की जाती है। अधिगम उद्देश्यों को उन लक्ष्यों के रूप में परिभाषित किया जा सकता है जिन्हें एक विद्यार्थी को पाठ के अंत में प्राप्त करना चाहिए। पाठ के उद्देश्य उस मूलभूत ज्ञान और कौशल का वर्णन करते हैं जो हम चाहते हैं कि हमारे विद्यार्थी पाठ से सीखें। सरल शब्दों में कहें तो, यह वह है जो विद्यार्थी पाठ के - [शिक्षण एवं अधिगम SAMR मॉडल: प्रतिस्थापन, संवर्धन, संशोधन और पुनर्परिभाषा](https://examcg.com/%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%a3-%e0%a4%8f%e0%a4%b5%e0%a4%82-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%97%e0%a4%ae-samr-%e0%a4%ae%e0%a5%89%e0%a4%a1%e0%a4%b2-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0/): SAMR मॉडल: प्रतिस्थापन, संवर्धन, संशोधन और पुनर्परिभाषा SAMR Model: Substitution, Augmentation, Modification, and Redefinition शिक्षा में प्रौद्योगिकी को एकीकृत करते समय, SAMR मॉडल एक आधारभूत मार्गदर्शक के रूप में कार्य करता है। रुबेन आर. पुएंतेदुरा द्वारा विकसित SAMR, शिक्षकों को प्रौद्योगिकी को प्रभावी ढंग से शामिल करने के बारे में सोचने का एक संरचित तरीका प्रदान करता है। इसका संक्षिप्त रूप है ” प्रतिस्थापन , संवर्धन , संशोधन , पुनर्परिभाषा “। इनमें से प्रत्येक कक्षा में तकनीकी भागीदारी के विभिन्न चरणों को परिभाषित करता है। SAMR मॉडल शिक्षकों के लिए एक मार्गदर्शक का काम करता है, जो उन्हें अपने पाठों में प्रौद्योगिकी को शामिल करने के निर्णयों पर गहन - [बहुविध बुद्धि का सिद्धांत – गार्डनर](https://examcg.com/%e0%a4%ac%e0%a4%b9%e0%a5%81%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a7-%e0%a4%ac%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%bf-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%82/): बहुविध बुद्धि का सिद्धांत – गार्डनर बहुबुद्धि का सिद्धांत सर्वप्रथम 1983 में मनोवैज्ञानिक हॉवर्ड गार्डनर द्वारा उनकी पुस्तक ” फ्रेम्स ऑफ माइंड” के प्रकाशन के समय प्रस्तुत किया गया था । उन्होंने कहा कि सीखना कई प्रकार की बुद्धिमत्ताओं के माध्यम से होता है, और प्रत्येक व्यक्ति में प्रत्येक प्रकार की बुद्धिमत्ता का स्तर भिन्न-भिन्न होता है। हावर्ड अर्ल गार्डनर (जन्म 11 जुलाई, 1943); विकासात्मक मनोवैज्ञानिक परंपरागत रूप से यह माना जाता था कि बुद्धि पूर्वनिर्धारित और स्थिर होती है। लाख कोशिशों के बावजूद, कोई व्यक्ति अपनी बुद्धि को बढ़ा नहीं सकता। लोग इसे अपरिवर्तनीय मानते थे – यदि किसी के पास थोड़ी सी - [एरिकसन के मनोसामाजिक विकास के चरण](https://examcg.com/%e0%a4%8f%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%b8%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95/): एरिकसन के मनोसामाजिक विकास के चरण 1950 में, एरिक एरिक्सन ने अपनी पुस्तक, ‘बचपन और समाज’ प्रकाशित की, जिसमें उन्होंने अपने प्रसिद्ध मनोसामाजिक विकास सिद्धांत की रूपरेखा प्रस्तुत की । उनके सिद्धांत में 8 चरण शामिल हैं जिनसे एक स्वस्थ व्यक्ति अपने जीवनकाल में गुजरता है, और प्रत्येक चरण एक विशिष्ट चुनौती या कार्य का वर्णन करता है। एरिक्सन ने उम्र पर इतना ध्यान केंद्रित नहीं किया, बल्कि स्वयं के विकास पर जोर दिया। जैसे-जैसे व्यक्ति प्रत्येक चरण में निपुणता प्राप्त करता है, वह अगले चरण में प्रवेश करता है और वहां एक नई चुनौती का सामना करता है। ये चरण - [रचनात्मक और योगात्मक मूल्यांकन](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a4%9a%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%95-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%95-%e0%a4%ae%e0%a5%82%e0%a4%b2/): रचनात्मक और योगात्मक मूल्यांकन   रचनात्मक और योगात्मक मूल्यांकन की परिभाषा   और उनमें क्या अंतर है मूल्यांकन से शिक्षक और छात्र दोनों को (क) सीखने के उद्देश्यों को प्राप्त करने की दिशा में प्रगति की निगरानी करने (ख) शिक्षण और सीखने की प्रगति में सुधार करने की अनुमति मिलती है। क्योंकि रचनात्मक और योगात्मक दोनों आकलन का एक विशिष्ट उद्देश्य होता है, इसलिए शैक्षिक परिवेश में इनका एक साथ उपयोग किया जाता है। यह भी देखें: आकलन, अधिगम उद्देश्यों और शिक्षण रणनीतियों को कैसे संरेखित करें मूल्यांकन का उद्देश्य अधिगम लक्ष्य की दिशा में प्राप्त प्रगति का आकलन करना है। शिक्षक और विद्यार्थी दोनों ही - [व्यवहारवाद, प्रमुख शब्दावली, इतिहास, सिद्धांतकार, आलोचनाएँ और शिक्षण पर इसके प्रभाव](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%b5%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96-%e0%a4%b6%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a4%be/): व्यवहारवाद, प्रमुख शब्दावली, इतिहास, सिद्धांतकार, आलोचनाएँ और शिक्षण पर इसके प्रभाव व्यवहारवाद एक मनोवैज्ञानिक सिद्धांत है जो प्रत्यक्ष व्यवहार को समझने पर आधारित है। यह सिद्धांत मानता है कि विषय के वातावरण को समायोजित या नियंत्रित करने से वे प्रत्यक्ष रूप से प्रतिक्रिया करेंगे। व्यवहारवादी विषय को निष्क्रिय मानते हैं और सीखने को एक ऐसी घटना मानते हैं जो उन पर घटित होती है, न कि सीखने में एक सक्रिय भागीदार। व्यवहारवाद शिक्षण में शिक्षकों को यह समझने में सहायता करता है कि वातावरण शिक्षार्थियों के व्यवहार को कैसे प्रभावित करता है, साथ ही यह व्यवहार प्रबंधन उपकरण के रूप में - [वायगोट्स्की का निकटवर्ती विकास क्षेत्र और ढांचा](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%9f%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80/): वायगोट्स्की का निकटवर्ती विकास क्षेत्र और ढांचा वायगोत्स्की ने निकटवर्ती विकास क्षेत्र (ZPD) की अवधारणा विकसित की, जो उनके सिद्धांत का एक केंद्रीय हिस्सा बन गई। भाषा वह माध्यम है जिसके द्वारा बच्चा जन्म के बाद दूसरों से संवाद करता है और अपने आसपास के लोगों के साथ बातचीत करके सीखता रहता है। सामाजिक अंतःक्रिया को सीखने का आधार मानते हुए, उन्होंने एक विद्यार्थी के जीवन में मार्गदर्शक या शिक्षक के महत्व पर प्रकाश डाला। यह भी देखें: वयस्क शिक्षा का सिद्धांत – मैल्कम नोल्स वाइगोत्स्की ने कुछ विवादास्पद बयान दिए जो उस समय के प्रमुख शैक्षिक शोध के विपरीत थे। उन्होंने इस - [नैतिक विकास के चरण – लॉरेंस कोहलबर्ग](https://examcg.com/%e0%a4%a8%e0%a5%88%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%9a%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%b2%e0%a5%89%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82/): नैतिक विकास के चरण – लॉरेंस कोहलबर्ग जीन पियाजे ने नैतिक विकास के विभिन्न चरणों का विचार प्रस्तुत किया, जिनमें से प्रत्येक चरण जीवन के अनुभवों और सक्रिय तर्क पर आधारित होता है। लॉरेंस कोहलबर्ग ने इस विचार को आगे बढ़ाते हुए यह अध्ययन किया कि जैसे-जैसे हम बड़े होते हैं, नैतिक तर्क में कैसे परिवर्तन आता है। लोग सही या गलत का निर्धारण कैसे करते हैं? मानव व्यवहार के विशिष्ट प्रतिरूपों का अनुसरण करते हुए, कोहलबर्ग ने नैतिक तर्क के छह चरणों को तीन स्तरों में व्यवस्थित किया। उनके अध्ययन में शामिल प्रतिभागियों, जिनमें वयस्क, किशोर और बच्चे शामिल थे, - [जीन पियाजे और उनका सिद्धांत एवं संज्ञानात्मक विकास के चरण](https://examcg.com/%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a4%bf%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%87-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%89%e0%a4%a8%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%be/): जीन पियाजे और उनका सिद्धांत एवं संज्ञानात्मक विकास के चरण संज्ञानात्मक विकास के सबसे लोकप्रिय सिद्धांतों में से एक स्विस मनोवैज्ञानिक जीन पियाजे द्वारा प्रतिपादित किया गया था, जिनका मानना ​​था कि संज्ञानात्मक विकास चरणों में होता है। पियाजे ने बच्चों से लेकर किशोरावस्था तक के बच्चों का अध्ययन किया ताकि यह निर्धारित किया जा सके कि उनमें तार्किक सोच का विकास कैसे होता है। उन्होंने बच्चों की स्मृति प्रक्रियाओं का अवलोकन करके संज्ञानात्मक विकास के चरणों को दस्तावेजित करने का प्रयास किया। जीन पियाजेमूलतः, पियाजे का मानना ​​था कि मनुष्य दुनिया की अपनी समझ स्वयं बनाते हैं। धर्मशास्त्रीय दृष्टि से, - [लेव वायगोत्स्की: वे कौन थे और उन्होंने क्या किया?](https://examcg.com/%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%b5-%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%97%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%8c%e0%a4%a8-%e0%a4%a5%e0%a5%87/): लेव वायगोत्स्की: वे कौन थे और उन्होंने क्या किया? लेव वायगोत्स्की एक रूसी मनोवैज्ञानिक थे जो विकासात्मक मनोविज्ञान के सिद्धांतों के लिए सबसे अधिक जाने जाते हैं। उन्होंने विविध विषयों पर लेखन कार्य किया। वर्षों के दौरान उनके विचारों में बदलाव आया। उन्होंने निकटवर्ती विकास क्षेत्र ( स्काफोल्डिंग भी देखें ) की अवधारणा के साथ-साथ संज्ञानात्मक विकास में संस्कृति और भाषा की भूमिका को भी प्रतिपादित किया । वायगोत्स्की “मानव मनोवैज्ञानिक प्रक्रियाओं के लिए एक नया और व्यापक दृष्टिकोण विकसित करना” चाहते थे ( 3 , पृष्ठ 168)। लेव सेमियोनोविच वायगोत्स्की का जन्म 17 नवंबर, 1896 को ओर्शा, बेलारूस (उस समय रूसी साम्राज्य का हिस्सा) में हुआ - [किर्कपैट्रिक मॉडल: अधिगम मूल्यांकन के चार स्तर](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a4%aa%e0%a5%88%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%ae%e0%a5%89%e0%a4%a1%e0%a4%b2-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%97%e0%a4%ae/): किर्कपैट्रिक मॉडल: अधिगम मूल्यांकन के चार स्तर किर्कपैट्रिक मॉडल प्रशिक्षण और शैक्षिक कार्यक्रमों के परिणामों का विश्लेषण और मूल्यांकन करने के लिए संभवतः सबसे प्रसिद्ध मॉडल है। यह अनौपचारिक या औपचारिक, किसी भी प्रकार के प्रशिक्षण को ध्यान में रखते हुए, चार स्तरों के मानदंडों के आधार पर योग्यता का निर्धारण करता है। लेवल 1 प्रतिक्रिया से पता चलता है कि प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण पर कैसी प्रतिक्रिया दी (जैसे, संतुष्टि?)। लेवल 2 अधिगम विश्लेषण करता है कि क्या उन्होंने प्रशिक्षण को सही मायने में समझा (जैसे, ज्ञान, कौशल या अनुभव में वृद्धि?)। लेवल 3 व्यवहार यह देखता है कि क्या वे कार्यस्थल पर सीखी हुई बातों - [वयस्क शिक्षा का सिद्धांत – मैल्कम नोल्स](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%af%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a4/): वयस्क शिक्षा का सिद्धांत – मैल्कम नोल्स वयस्क शिक्षा, स्व-निर्देशन और वयस्क शिक्षाशास्त्र यद्यपि वयस्क शिक्षा का सिद्धांत जटिल है, फिर भी यह लेख मैल्कम नोल्स के मुख्य बिंदुओं को संक्षेप में प्रस्तुत करने का प्रयास करता है। चूंकि शिक्षक कक्षा में लागू करने के लिए हमेशा उपयोगी विचारों की तलाश में रहते हैं, इसलिए उनके कुछ विचार और सुझाव नीचे दिए गए हैं। बच्चों को पढ़ाने की विधि से संबंधित ‘पेडागोजी’ शब्द की तरह ही, वयस्क शिक्षाशास्त्र वयस्कों के सीखने की प्रक्रिया का अध्ययन करता है। मैल्कम नोल्स का सिद्धांत शुरू में वयस्कों पर केंद्रित था, लेकिन अब ‘एंड्रागोजी’ शब्द - [सामाजिक अधिगम सिद्धांत: अल्बर्ट बांडुरा](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%97%e0%a4%ae-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a4-%e0%a4%85/): सामाजिक अधिगम सिद्धांत: अल्बर्ट बांडुरा अल्बर्ट बांडुरा का “सामाजिक अधिगम सिद्धांत” और शिक्षकों तथा अधिगम पर इसका प्रभाव अपने बचपन को याद कीजिए। क्या आपको याद है कि आपने साइकिल चलाना, शतरंज खेलना और साधारण जोड़-घटाव करना सीखा था? मुझे यकीन है कि आपने ये कौशल दूसरों को साइकिल चलाते, शतरंज खेलते और जोड़-घटाव करते देखकर सीखे होंगे। सामाजिक संज्ञानात्मक मनोवैज्ञानिक अल्बर्ट बांडुरा का भी यही मानना ​​था। अल्बर्ट बंदुरा बंडुरा अपने सामाजिक अधिगम सिद्धांत के लिए जाने जाते हैं। वे अन्य अधिगम सिद्धांतकारों से काफी भिन्न हैं जो अधिगम को कंडीशनिंग, सुदृढ़ीकरण और दंड के प्रत्यक्ष परिणाम के रूप में - [गेमिफिकेशन, यह क्या है, यह कैसे काम करता है, उदाहरण](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a5%87%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%ab%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%87%e0%a4%b6%e0%a4%a8-%e0%a4%af%e0%a4%b9-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a5%88-%e0%a4%af%e0%a4%b9-%e0%a4%95/): गेमिफिकेशन, यह क्या है, यह कैसे काम करता है, उदाहरण कई विद्यार्थियों के लिए, पारंपरिक कक्षा का माहौल नीरस लग सकता है। लंबे व्याख्यान, दोहराव वाले कार्य और परीक्षाओं पर केंद्रित रहने से अक्सर बच्चे पढ़ाई से विमुख हो जाते हैं और सीखने के अधिक गतिशील तरीके की तलाश करने लगते हैं। यहीं पर गेमिफिकेशन की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। खेलों में पाए जाने वाले तत्वों को शैक्षिक प्रक्रिया में शामिल करके, हम उत्साह और प्रतिस्पर्धा का एक नया स्तर जोड़ सकते हैं जो विद्यार्थियों का ध्यान आकर्षित करता है। ऐसा करके, गेमिफिकेशन सीखने को सभी के लिए अधिक आनंददायक - [गैग्ने के निर्देश के नौ चरण](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a5%88%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%87%e0%a4%b6-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%a8%e0%a5%8c-%e0%a4%9a%e0%a4%b0/): गैग्ने के निर्देश के नौ चरण   शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी माने जाने वाले रॉबर्ट एम. गैग्ने ने द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान अपने व्यवस्थित दृष्टिकोण से शिक्षण डिजाइन सिद्धांतों में क्रांति ला दी, जिसे अक्सर गैग्ने की मान्यता के रूप में जाना जाता है। यह मूल विचार, जो आज भी प्रचलित है, यह है कि विभिन्न चीजों को सीखने के लिए विभिन्न विधियों का उपयोग करना सर्वोत्तम होता है। गैग्ने की शिक्षण की नौ अवस्थाएँ इस अवधारणा को लागू करने का एक आदर्श उदाहरण हैं। इस अनुकूलनशील मॉडल का उपयोग करके, शिक्षक किसी भी परिस्थिति में छात्रों की सीखने की - [रॉबर्ट गैग्ने का अधिगम वर्गीकरण](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a5%89%e0%a4%ac%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9f-%e0%a4%97%e0%a5%88%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%97%e0%a4%ae-%e0%a4%b5%e0%a4%b0/): रॉबर्ट गैग्ने का अधिगम वर्गीकरण गैग्ने ने सीखने के परिणामों को पांच प्रमुख श्रेणियों में वर्गीकृत किया: मौखिक जानकारी, बौद्धिक कौशल, संज्ञानात्मक रणनीतियाँ, शारीरिक कौशल और दृष्टिकोण। गैग्ने के लिए सीखने का क्या अर्थ है? जैसा कि गैग्ने ने अपने निर्देश के 9 चरणों में बताया है , उनका मानना ​​था कि सीखना एक सतत प्रक्रिया है और यह पूर्व ज्ञान पर निरंतर आधारित होती है। मनुष्य अपनी शारीरिक क्षमता के आधार पर बौद्धिक रूप से विकसित होते हैं। निरंतर सीखने के माध्यम से ही मनुष्य समाज का एक मूल्यवान सदस्य बनता है। इनपुट समान होने पर भी, सीखने का परिणाम भिन्न होता - [कोल्ब का अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत और अधिगम शैलियाँ](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%ac-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a5%81%e0%a4%ad%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%95-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a4%bf%e0%a4%97/): कोल्ब का अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत और अधिगम शैलियाँ द्वाराडॉ. सेरहाट कर्टप्रकाशित किया गया28 दिसंबर, 2020को अपडेट25 सितंबर, 2022पढ़ने का समय: 6 मिनट   शिक्षा के मानवतावादी और रचनावादी दृष्टिकोण, जो इस बात पर ज़ोर देते हैं कि सीखना स्वाभाविक रूप से होता है, में डेविड कोल्ब का अनुभवात्मक अधिगम का सिद्धांत शामिल है। कोल्ब ने प्रस्तावित किया कि ज्ञान निर्माण के विकास में अनुभव महत्वपूर्ण है, क्योंकि सीखना खोज और सक्रिय भागीदारी के माध्यम से होता है। कोल्ब ने अधिगम को “वह प्रक्रिया जिसके द्वारा अनुभव के रूपांतरण के माध्यम से ज्ञान का सृजन होता है” के रूप में परिभाषित किया (कोल्ब, 1984)। कोल्ब के अनुभवात्मक - [भारत की सांस्कृतिक कूटनीति](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%95%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a5%82%e0%a4%9f%e0%a4%a8%e0%a5%80/): भारत की सांस्कृतिक कूटनीति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वर्ष 2026 के पाँच-देशीय दौरे के दौरान भारत के पारंपरिक शिल्प, वस्त्र, कृषि उत्पादों और भौगोलिक संकेतक (GI) टैग वाले उत्पादों का उपयोग सांस्कृतिक कूटनीति के उपकरणों के रूप में किया। उपहारों से संबंधित प्रमुख बिंदु इटली: इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को मूगा रेशम का स्टॉल और शिरुई लिली रेशम का स्टॉल भेंट किए गए, जो गरिमा, विरासत और साझा कलात्मक परंपराओं का प्रतीक हैं। इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मत्तारेला को मार्बल इनले वर्क बॉक्स तथा पंडित भीमसेन जोशी और एम. एस. सुब्बुलक्ष्मी की सीडी दी गईं। नीदरलैंड: किंग विलेम-अलेक्जेंडर को जयपुर ब्लू पॉटरी भेंट की गई, जो भारत-नीदरलैंड सिरेमिक परंपराओं के संबंध को दर्शाती है। क्वीन मैक्सिमा को मीनाकारी और कुंदन झुमके दिए गए, जो राजस्थान की शाही आभूषण कला को प्रदर्शित करते हैं। - [PAGE 35 medieval history of india](https://examcg.com/page-35-medieval-history-of-india/): M Medieval India — Complete Chronological Edition 2026 • 35 पृष्ठ पृष्ठ 01 / 35 Index 35 प्रारंभिक मध्यकालGS Paper I • Early Medieval01 — 35 Early Medieval • 8th–10th Century त्रिपक्षीय संघर्ष (Tripartite Struggle) कन्नौज के लिए पाल–प्रतिहार–राष्ट्रकूट का 200 वर्ष का संघर्ष — जो भारतीय इतिहास की दिशा बदलने वाला था त्रिपक्षीय संघर्ष 8वीं से 10वीं सदी तक उत्तर भारत में कन्नौज पर नियंत्रण के लिए चला। कन्नौज एक रणनीतिक एवं प्रतिष्ठापूर्ण नगर था। इस संघर्ष में तीन बड़ी शक्तियां — पाल (बंगाल), प्रतिहार (राजस्थान) और राष्ट्रकूट (दक्कन) — शामिल थीं। तीन प्रतिद्वंद्वी वंश वंश क्षेत्र प्रमुख शासक विशेषता - [mugal kal page slider](https://examcg.com/mugal-kal-page-slider/): M Mughal Dynasty — Complete Study मुग़ल वंश के शासक + अध्ययन मॉड्यूल • मध्यकालीन भारत • Edition 2026 पृष्ठ 01 / 12 मुग़ल वंश का संस्थापक GS Paper I • Medieval History 01 — 12 The Founder • 1526–1530 ज़हीरुद्दीन मुहम्मद बाबर (Babur) फ़रग़ना से दिल्ली तक — भारत में मुग़ल साम्राज्य की नींव रखने वाले योद्धा-साहित्यकार की गाथा बाबर का जन्म 14 फरवरी 1483 को फ़रग़ना (उज़्बेकिस्तान) में हुआ था। वह पिता (उमर शेख मिर्ज़ा) की ओर से तैमूर और माता (कुतलुक निगार) की ओर से चंगेज़ ख़ान का वंशज था। उसने 21 अप्रैल 1526 को पानीपत के मैदान - [करेंट अफेयर्स क्विज़ - अगस्त 2026](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%9f-%e0%a4%85%e0%a4%ab%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bc-%e0%a4%85%e0%a4%97%e0%a4%b8/): करेंट अफेयर्स क्विज़ – अगस्त 2026 | UPSC/PSC 📚 करेंट अफेयर्स क्विज़ अगस्त 2026 | UPSC / PSC परीक्षा स्तर 100 प्रश्न • पूर्णतः प्रमाणित एवं अद्यतित कुल: 100 सही: 0 गलत: 0 शेष: 100 © 2026 करेंट अफेयर्स क्विज़ | UPSC/PSC तैयारी हेतु हरे रंग से सही उत्तर और लाल रंग से गलत उत्तर दर्शाया जाता है। 0 CommentsComments are closed - [मनसबदारी व्यवस्था](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a4%b8%e0%a4%ac%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%b5%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%be/): “` मनसबदारी व्यवस्था | Mansabdari System · examcg.com ☾ examcg.com · मध्यकालीन भारत · मुगल प्रशासन मनसबदारी व्यवस्था The Mansabdari System (Mughal Empire) अकबर द्वारा स्थापित सैन्य-प्रशासनिक रैंकिंग प्रणाली — जिसने मुगल साम्राज्य को 200 वर्षों तक मजबूत नींव प्रदान की। जात, सवार, वेतन, जागीर सम्बन्ध, पतन के कारण एवं ऐतिहासिक विरासत का संपूर्ण अध्ययन। 1570 ई.अकबर द्वारा स्थापना जात (Zat)व्यक्तिगत पद/वेतन सवार (Sawar)घुड़सवार सेना 33 श्रेणियाँ10 से 5000 तक रैंक 01परिचय 02उद्भव 03जात-सवार 04कर्तव्य 05वेतन 06जागीर सम्बन्ध 07प्रशासन 08सुधार 09पतन 10तुलना 11शब्दावली 12प्रश्नोत्तरी 📑 विषय-सूची (Table of Contents) ▾ 1परिचय (Introduction) 2उद्भव एवं विकास 3जात (Zat) एवं सवार (Sawar) 4कर्तव्य - [जागीरदारी व्यवस्था](https://examcg.com/%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%b5%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%be-2/): जागीरदारी व्यवस्था | Jagirdari System · examcg.com ☾ examcg.com · मध्यकालीन भारत · भूमि-व्यवस्था जागीरदारी व्यवस्था The Jagirdari System (Mughal & Post-Mughal) मुगल काल की भूमि-राजस्व एवं प्रशासनिक व्यवस्था — जागीर, मनसबदारी, राजस्व संग्रह, पतन के कारण एवं ब्रिटिश काल में उन्मूलन। UPSC, राज्य PSC, NTA NET हेतु सम्पूर्ण अध्ययन मॉड्यूल। 16वीं सदीजागीरदारी का उदय (मुगल काल) अकबरमनसबदारी-जागीरदारी सम्बन्ध ~1,000+जागीरदार (मुगल काल) 1951भारत में पूर्ण समाप्ति 01परिचय 02उद्भव-विकास 03जागीर के प्रकार 04मनसबदारी सम्बन्ध 05प्रशासन 06राजस्व 07पतन-कारण 08ब्रिटिश काल 09तुलना 10शब्दावली 11प्रभाव 12प्रश्नोत्तरी 📑 विषय-सूची (Table of Contents) ▾ 1परिचय (Introduction) 2उद्भव एवं विकास 3जागीर के प्रकार 4मनसबदारी से सम्बन्ध 5प्रशासनिक ढाँचा - [वैदिक काल](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2/): वैदिक काल | Vedic Period · examcg.com ☾ examcg.com · प्राचीन भारत · वैदिक काल वैदिक काल The Vedic Period (1500 – 600 BCE) भारतीय इतिहास का वह स्वर्णिम युग, जब वेदों की रचना हुई, समाज-व्यवस्था की नींव पड़ी, और धार्मिक-दार्शनिक विचारधारा का विकास हुआ। यह पृष्ठ आपको प्रारंभिक एवं उत्तर वैदिक काल, वेद-वांग्मय, राजनीति, अर्थव्यवस्था एवं सिंधु सभ्यता से तुलना से परिचित कराता है। 1500–1000 ई.पू.प्रारंभिक वैदिक (ऋग्वेद) 1000–600 ई.पू.उत्तर वैदिक काल 4 वेदऋग्, साम, यजु, अथर्व सरस्वतीसबसे पवित्र नदी 01परिचय 02कालक्रम 03वेद-वांग्मय 04भौगोलिक 05राजनीति 06समाज 07अर्थव्यवस्था 08धर्म 09कला-विज्ञान 10तुलना 11महाजनपद 12प्रश्नोत्तरी 📑 विषय-सूची (Table of Contents) ▾ 1परिचय (Introduction) - [सिंधु घाटी सभ्यता](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%81-%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a4%be-3/): सिंधु घाटी सभ्यता | Indus Valley Civilization · examcg.com ☾ examcg.com · प्राचीन भारत · सिंधु घाटी सभ्यता सिंधु घाटी सभ्यता Indus Valley (Harappan) Civilization विश्व की चार प्राचीनतम नगर-सभ्यताओं में क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ी — और सबसे रहस्यमयी भी, क्योंकि उसकी लिपि आज तक पढ़ी नहीं जा सकी। खोज से लेकर पतन के सिद्धांतों तक, यह पूरा अध्याय एक ही पृष्ठ पर। 1921 ई.हड़प्पा का उत्खनन — दयाराम साहनी 2600–1900 ई.पू.परिपक्व हड़प्पा चरण लगभग 2,000अब तक ज्ञात स्थल लगभग 13 लाख वर्ग किमीविस्तार — समकालीन सभ्यताओं में सर्वाधिक 01परिचय 02कालक्रम 03स्थल 04नगर-योजना 05अर्थव्यवस्था 06शिल्प-मुहरें 07व्यापार 08समाज-धर्म 09कला 10लिपि - [जागीरदारी व्यवस्था](https://examcg.com/%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a5%80%e0%a4%b0%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%b5%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%be/): जागीरदारी व्यवस्था Jagirdari System – Complete Study Notes for PSC UPSC 📚 विषय: इतिहास 🏛️ PSC UPSC 📖 हिंदी माध्यम ⏱️ पढ़ने का समय: 12 मिनट 📑 विषय सूची ▼ 1. परिचय 2. जागीर का अर्थ और प्रकार 3. जागीरदारी व्यवस्था की विशेषताएँ 4. जागीरदारों के कर्तव्य एवं नियुक्ति 5. मुख्य बिंदु (Quick Revision) 6. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) 1 परिचय जागीरदारी व्यवस्था मुग़ल काल की एक प्रमुख राजस्व और प्रशासनिक व्यवस्था थी। यह मनसबदारी व्यवस्था से घनिष्ठ रूप से जुड़ी हुई थी। ‘जागीर’ शब्द फ़ारसी से लिया गया है, जिसका अर्थ है ‘भूमि का अनुदान’। इस व्यवस्था के - [छत्तीसगढ़ के प्रमुख लोक नृत्य](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96-%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%95-%e0%a4%a8/): छत्तीसगढ़ के प्रमुख लोक नृत्य | Chhattisgarh Folk Dances examcg.com · छत्तीसगढ़ · लोक संस्कृति छत्तीसगढ़ के प्रमुख लोक नृत्य Chhattisgarh — Traditional Folk Dances छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति नृत्य-संगीत से अभिन्न रूप से जुड़ी है। यहाँ के लोक नृत्य — करमा, सुआ, पंथी, राउत नाचा, गौर, सैला, खंब स्वांग, ककसार, जटा-जटिन, गेड़ी, मुड़िया, ढोलकी, डंडा — त्योहारों, ऋतुओं, विवाह, जन्म, एवं धार्मिक-सामाजिक अवसरों पर किए जाते हैं। यह अध्याय इन सभी प्रमुख लोक नृत्यों का अवसर, समुदाय, वाद्य-विशेषताओं एवं परीक्षा-उपयोगी तथ्यों सहित विस्तृत विवरण प्रस्तुत करता है। 25+प्रमुख लोक नृत्य — विभिन्न अवसरों/त्योहारों पर करमा · सुआआदिवासी एवं त्योहारी नृत्य - [दिल्ली सल्तनत — आर्थिक एवं सांस्कृतिक जीवन](https://examcg.com/%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a4%a4-%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%8f%e0%a4%b5/): दिल्ली सल्तनत — आर्थिक एवं सांस्कृतिक जीवन | Economic & Cultural Life examcg.com · मध्यकालीन भारत · दिल्ली सल्तनत दिल्ली सल्तनत — आर्थिक एवं सांस्कृतिक जीवन Delhi Sultanate — Economic & Cultural Life दिल्ली सल्तनत (1206–1526) ने भारत में कृषि-आधारित अर्थव्यवस्था, बाजार नियंत्रण (अलाउद्दीन खिलजी की अभूतपूर्व नीति), समृद्ध व्यापार, स्वर्ण-मुद्रा, एवं सांस्कृतिक संकरण को जन्म दिया। यह अध्याय सल्तनत की आर्थिक नीतियों, कृषि, बाजार, कर-व्यवस्था, साहित्य, स्थापत्य, संगीत एवं कला का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करता है। लगभग 1206–1526दिल्ली सल्तनत — पाँच वंश (गुलाम, खिलजी, तुग़लक, सैयद, लोदी) 1296–1316अलाउद्दीन खिलजी — बाजार नियंत्रण का स्वर्ण-युग तंका · जीतालचाँदी एवं ताँबे की - [अन्य क्षेत्रीय राज्य](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a5%87%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af/): क्षेत्रीय राज्य — मालवा, गुजरात, जौनपुर, बंगाल | Regional States examcg.com · मध्यकालीन भारत · क्षेत्रीय राज्य अन्य क्षेत्रीय राज्य Malwa, Gujarat, Jaunpur & Bengal Sultanates दिल्ली सल्तनत के पतन (तैमूर के आक्रमण, 1398) के बाद पूरे भारत में क्षेत्रीय स्वतंत्र राज्यों का उदय हुआ। मालवा, गुजरात, जौनपुर (शर्की) और बंगाल — इन चार राज्यों ने अपनी स्वतंत्र सत्ता, समृद्ध अर्थव्यवस्था, अद्वितीय स्थापत्य एवं सांस्कृतिक संकरण से मध्यकालीन भारत को समृद्ध किया। गुजरात (1407–1573)अहमद शाह · अहमदाबाद की स्थापना मालवा (1392–1562)होशंग शाह · मांडू का स्वर्ण-युग जौनपुर (1394–1479)शर्की वंश · अटाला मस्जिद बंगाल (1342–1576)हुसैन शाह · गौड़-पांडुआ 01पृष्ठभूमि 02गुजरात सल्तनत 03मालवा - [विजयनगर एवं बहमनी साम्राज्य](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%af%e0%a4%a8%e0%a4%97%e0%a4%b0-%e0%a4%8f%e0%a4%b5%e0%a4%82-%e0%a4%ac%e0%a4%b9%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be/): विजयनगर एवं बहमनी साम्राज्य | Vijayanagara & Bahmani Empires examcg.com · मध्यकालीन भारत · दक्षिणी साम्राज्य विजयनगर एवं बहमनी साम्राज्य Vijayanagara & Bahmani Empires (1336–1646 CE) 14वीं शताब्दी के मध्य में दक्षिण भारत में दो शक्तिशाली राज्यों का उदय हुआ — विजयनगर (हिन्दू) और बहमनी (मुस्लिम)। इन दोनों के बीच निरन्तर संघर्ष, फिर भी दोनों ने अपने-अपने क्षेत्रों में कला, साहित्य, स्थापत्य एवं प्रशासन के अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत किए। कृष्णदेव राय एवं महमूद गवाँ इस युग के दो महान व्यक्तित्व थे। 1336–1646 ई.विजयनगर — चार राजवंश (संगम, सालुव, तुलुव, अरविदु) 1509–1529 ई.कृष्णदेव राय — विजयनगर का स्वर्ण-युग 1347–1527 ई.बहमनी — पाँच - [दिल्ली सल्तनत — लोदी वंश](https://examcg.com/%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a4%a4-%e0%a4%b2%e0%a5%8b%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%b6/): दिल्ली सल्तनत | लोदी वंश examcg.com · मध्यकालीन भारत · दिल्ली सल्तनत लोदी वंश The Lodi Dynasty सैय्यद वंश की कमजोरी के बाद दिल्ली की सत्ता अफगान मूल के लोदी वंश के हाथ में आई। यह दिल्ली सल्तनत का अंतिम वंश था — बहलोल के सुदृढ़ीकरण से सिकंदर के सुधारों तक, और अंत में इब्राहिम की हार के साथ मुगल युग की शुरुआत। 1451–1526 ई.लोदी वंश का सम्पूर्ण काल 1489–1517 ई.सिकंदर लोदी — सबसे सक्षम शासक 1504 ई.आगरा नगर की स्थापना 1526 ई.पानीपत का प्रथम युद्ध — अंत 01परिचय एवं स्रोत 02बहलोल लोदी 03सिकंदर लोदी 04सिकंदर के सुधार 05इब्राहिम लोदी 06प्रशासन - [दिल्ली सल्तनत — सैयद वंश](https://examcg.com/%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a4%a4-%e0%a4%b8%e0%a5%88%e0%a4%af%e0%a4%a6-%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%b6/): दिल्ली सल्तनत — सैयद वंश | Sayyid Dynasty examcg.com · मध्यकालीन भारत · दिल्ली सल्तनत दिल्ली सल्तनत — सैयद वंश Sayyid Dynasty (1414–1451 CE) तैमूर (1398) के विनाशकारी आक्रमण के बाद दिल्ली सल्तनत बिखर चुकी थी। ख़िज़्र खान — जिसने खुद को पैगम्बर (सैयद) का वंशज कहा — ने 1414 में एक नए वंश की स्थापना की। यह वंश शासन की दुर्बलता, क्षेत्र-ह्रास, एवं अन्ततः लोदी वंश के उदय के लिए जाना जाता है। 1414–1451 ई.सैयद वंश — कुल 37 वर्ष (4 शासक) 1414–1421 ई.ख़िज़्र खान — संस्थापक, तैमूर का नायब 1421–1434 ई.मुबारक शाह — ख़िज़्र का पुत्र 1451 ई.बहलोल लोदी - [दिल्ली सल्तनत — तुगलक वंश](https://examcg.com/%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a4%a4-%e0%a4%a4%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a4%b2%e0%a4%95-%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%b6/): दिल्ली सल्तनत | तुगलक वंश examcg.com · मध्यकालीन भारत · दिल्ली सल्तनत तुगलक वंश The Tughlaq Dynasty खिलजी वंश के पतन के बाद दिल्ली की सत्ता एक नए वंश के हाथ में आई — तुगलक। यह अध्याय गयासुद्दीन के सुदृढ़ शासन, मुहम्मद बिन तुगलक के महत्वाकांक्षी पर असफल प्रयोगों तथा फिरोज शाह के सुधारवादी पर रूढ़िवादी शासन की कथा है। 1320–1414 ई.तुगलक वंश का सम्पूर्ण काल 1325–1351 ई.मुहम्मद बिन तुगलक — प्रयोगों का युग 1351–1388 ई.फिरोज शाह तुगलक — सुधार एवं लोक-कल्याण 1398 ई.तैमूर का आक्रमण — निर्णायक झटका 01परिचय एवं स्रोत 02गयासुद्दीन तुगलक 03मुहम्मद बिन तुगलक 04प्रमुख प्रयोग 05प्रयोगों का - [दिल्ली सल्तनत — खिलजी वंश](https://examcg.com/%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a4%a4-%e0%a4%96%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a4%9c%e0%a5%80-%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%b6/): दिल्ली सल्तनत — खिलजी वंश | Khilji Dynasty examcg.com · मध्यकालीन भारत · दिल्ली सल्तनत दिल्ली सल्तनत — खिलजी वंश Delhi Sultanate · Khilji Dynasty (1290–1320 CE) गुलाम वंश के पतन के बाद जलालुद्दीन खिलजी ने 1290 ई. में नए वंश की स्थापना की। इस वंश का स्वर्ण-युग अलाउद्दीन खिलजी (1296–1316) था — जिसने बाजार-नियंत्रण, दाग-हुलिया, दक्षिण भारत में विजय अभियान, एवं प्रशासनिक सुधारों के लिए इतिहास में अपना अमिट स्थान बनाया। 1290–1320 ई.खिलजी वंश — कुल 30 वर्ष (5 शासक) 1296–1316 ई.अलाउद्दीन खिलजी — सबसे शक्तिशाली शासक 1310–1311 ई.मलिक काफूर — दक्षिण भारत में अभियान 1320 ई.खुसरो खान के विद्रोह - [दिल्ली सल्तनत — गुलाम वंश](https://examcg.com/%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b2%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%a8%e0%a4%a4-%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%b2%e0%a4%be%e0%a4%ae-%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%b6/): दिल्ली सल्तनत — गुलाम वंश | Slave Dynasty examcg.com · मध्यकालीन भारत · दिल्ली सल्तनत दिल्ली सल्तनत — गुलाम वंश Delhi Sultanate · Mamluk / Slave Dynasty (1206–1290 CE) दिल्ली सल्तनत की नींव कुतुबुद्दीन ऐबक ने रखी, पर साम्राज्य को सुदृढ़ करने का श्रेय इल्तुतमिश को जाता है। रजिया सुल्तान भारत की प्रथम महिला शासक बनी, और बलबन ने ‘ईश्वर की छाया’ का सिद्धान्त लागू किया। यह वंश इक़ता-व्यवस्था, चालीसा, एवं कुतुब मीनार के लिए स्मरणीय है। 1206–1290 ई.गुलाम/मामलूक वंश — कुल 84 वर्ष 1210–1236 ई.इल्तुतमिश — वास्तविक संस्थापक, तंका-जीताल सिक्के 1236–1240 ई.रजिया सुल्तान — प्रथम एवं अन्तिम महिला शासिका 1266–1287 - [पूर्व मध्यकालीन भारत](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4/): पूर्व मध्यकालीन भारत — चोल एवं दक्षिण राजवंश | Early Medieval South India examcg.com · मध्यकालीन भारत · पूर्व मध्यकाल पूर्व मध्यकालीन भारत Early Medieval India · Cholas & South Indian Dynasties लगभग छठी से तेरहवीं शताब्दी तक दक्षिण भारत में चोल, पल्लव, पांड्य एवं चालुक्य-राष्ट्रकूट जैसे शक्तिशाली राजवंशों का उत्कर्ष। यह युग क्षेत्रीय साम्राज्यों, भव्य मंदिर-स्थापत्य, समुद्री व्यापार और भक्ति आन्दोलन का अद्भुत संगम था — जिसने आधुनिक दक्षिण भारत की सांस्कृतिक नींव रखी। लगभग 600–1279 ई.चोल साम्राज्य — विजयालय से राजेन्द्र तृतीय तक 985–1014 ई.राजराजा प्रथम — बृहदेश्वर मंदिर एवं श्रीलंका विजय 1014–1044 ई.राजेन्द्र प्रथम — गंगैकोंडचोलपुरम एवं कादारम - [पूर्व मध्यकालीन भारत — राजपूत काल](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%b0%e0%a4%be/): पूर्व मध्यकालीन भारत — राजपूत काल | Early Medieval India examcg.com · मध्यकालीन भारत · पूर्व मध्यकाल पूर्व मध्यकालीन भारत — राजपूत काल Early Medieval India — The Rajput Age हर्ष की मृत्यु से दिल्ली सल्तनत की स्थापना तक के लगभग साढ़े पाँच सौ वर्ष। इसी युग में खजुराहो एवं दिलवाड़ा गढ़े गए, शंकराचार्य ने अद्वैत की व्याख्या की, कल्हण ने भारत का पहला इतिहास-सदृश ग्रंथ लिखा — और इसी युग के अंत में तराइन के मैदान में उत्तर भारत का राजनीतिक भविष्य बदल गया। 712 ई.सिंध पर अरब आक्रमण — मुहम्मद बिन क़ासिम लगभग 1000–1027 ई.महमूद ग़ज़नवी के आक्रमण 1148–50 - [पूर्व मध्यकालीन भारत Early Medieval India · The Rajput Era](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%82%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-early-medieval-india-%c2%b7-the-raj/): पूर्व मध्यकालीन भारत | राजपूत काल | Medieval India examcg.com · मध्यकालीन भारत · राजपूत काल पूर्व मध्यकालीन भारत Early Medieval India · The Rajput Era आठवीं से बारहवीं शताब्दी तक — सामंतवादी संरचना, त्रिपक्षीय संघर्ष, क्षत्रिय राजवंशों का उदय, अरब एवं तुर्क आक्रमण, तथा दिल्ली सल्तनत की नींव। 712 ई.सिंध पर अरब आक्रमण — मुहम्मद बिन क़ासिम 1000–1026 ई.महमूद ग़ज़नवी के 17 आक्रमण 1192 ई.तराइन का द्वितीय युद्ध — ग़ोरी की विजय 1206 ई.दिल्ली सल्तनत की स्थापना — कुतुबुद्दीन ऐबक 01प्रस्तावना 02राजवंश 03त्रिपक्षीय संघर्ष 04अरब आक्रमण 05गज़नवी 06ग़ोरी 07सामाजिक-आर्थिक 08धर्म-संस्कृति 09वास्तुकला 10चंदेल 11पतन 12स्वयं जाँच इस पृष्ठ में 01प्रस्तावना — - [हर्षवर्धन का काल](https://examcg.com/%e0%a4%b9%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a7%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2/): हर्षवर्धन का काल | The Age of Harshavardhana examcg.com · प्राचीन भारत · हर्षवर्धन हर्षवर्धन का काल The Age of Harshavardhana गुप्तों के बिखरने के बाद उत्तर भारत को एक छत के नीचे लाने का अंतिम बड़ा प्रयास। सोलह वर्ष की आयु में सिंहासन, इकतालीस वर्ष का शासन, और एक ऐसा दरबार जहाँ बाणभट्ट लिख रहा था और ह्वेनसांग पढ़ रहा था — पर नर्मदा के दक्षिण में हर्ष का घोड़ा कभी नहीं बढ़ सका। 606 ई.राज्यारोहण एवं हर्ष संवत् का आरंभ लगभग 618–19 ई.पुलकेशिन द्वितीय से नर्मदा पर अवरोध 630–643 ई.ह्वेनसांग की भारत-यात्रा 647 ई.हर्ष की मृत्यु — साम्राज्य का - [मौर्य साम्राज्य](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-3/): मौर्य साम्राज्य | Mauryan Empire examcg.com · प्राचीन भारत · मौर्य साम्राज्य मौर्य साम्राज्य The Mauryan Empire भारतीय इतिहास का पहला साम्राज्य — जिसने सिन्धु से हिंदू कुश तक, नेपाल से दक्कन तक एक विशाल क्षेत्र को एक सूत्र में बाँधा। यह अध्याय चन्द्रगुप्त से अशोक तक की सत्ता-यात्रा, प्रशासनिक चातुर्य, अर्थव्यवस्था, धम्म-नीति और उस कला-वास्तु को उकेरता है जो आज भी हमें अचंभित करता है। लगभग 321–185 ई.पू.मौर्य काल — चन्द्रगुप्त से बृहद्रथ तक लगभग 305 ई.पू.चन्द्रगुप्त ने सेल्युकस को पराजित किया — चाणक्य की कूटनीति लगभग 268–232 ई.पू.अशोक — धम्म-प्रसार एवं शिलालेखों का युग लगभग 185 ई.पू.अन्तिम मौर्य बृहद्रथ - [गुप्त साम्राज्य](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%a4-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af/): गुप्त साम्राज्य | The Gupta Empire examcg.com · प्राचीन भारत · गुप्त साम्राज्य गुप्त साम्राज्य The Gupta Empire मौर्योत्तर विखंडन के बाद उत्तर भारत में लौटी एक बड़ी सत्ता — पर मौर्यों जैसी केन्द्रीकृत नहीं। इसी काल में कालिदास ने लिखा, आर्यभट ने गणना की, मेहरौली का लौह स्तंभ गढ़ा गया, और भारत के सर्वाधिक कलात्मक स्वर्ण सिक्के ढले। इसे “स्वर्ण युग” कहा जाता है — और इस अध्याय में हम देखेंगे कि यह नाम कहाँ तक ठीक है। 319–20 ई.गुप्त संवत् का आरंभ — चन्द्रगुप्त प्रथम लगभग 335–375 ई.समुद्रगुप्त — प्रयाग प्रशस्ति 499 ई.आर्यभटीय की रचना लगभग 510 ई.एरण अभिलेख - [मौर्योत्तर भारत](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4/): मौर्योत्तर भारत — शुंग, सातवाहन एवं कुषाण | Post-Mauryan India examcg.com · प्राचीन भारत · मौर्योत्तर काल मौर्योत्तर भारत Post-Mauryan India — Shungas, Satavahanas and Kushanas मौर्य साम्राज्य के बिखरने से गुप्त उदय तक के लगभग पाँच सौ वर्ष। राजनीतिक दृष्टि से यह विखंडन का युग है — पर आर्थिक, धार्मिक एवं कलात्मक दृष्टि से प्राचीन भारत का सर्वाधिक जीवंत काल: रोम तक फैला व्यापार, महायान का जन्म, और पहली बार पत्थर में उतरी बुद्ध की मूर्ति। 185 ई.पू.शुंग वंश की स्थापना — पुष्यमित्र 78 ई.कनिष्क का राज्यारोहण एवं शक संवत् 150 ई.रुद्रदामन का जूनागढ़ अभिलेख लगभग 130 ई.गौतमीपुत्र सातकर्णि का - [जैन व बौद्ध धर्म](https://examcg.com/%e0%a4%9c%e0%a5%88%e0%a4%a8-%e0%a4%b5-%e0%a4%ac%e0%a5%8c%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%a7%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae/): जैन व बौद्ध धर्म | Jainism & Buddhism examcg.com · प्राचीन भारत · जैन एवं बौद्ध धर्म जैन व बौद्ध धर्म Jainism & Buddhism छठी शताब्दी ई.पू. — वह युग जब गंगा घाटी के नगरों में नई विचारधाराएँ फूट पड़ीं। न तो वैदिक यज्ञों का रक्त, न ब्राह्मणों का एकाधिकार — बल्कि तप, त्याग, अहिंसा और ज्ञान का आवाहन। इस अध्याय में हम जैन और बौद्ध धर्म — दोनों की उत्पत्ति, सिद्धान्त, संघ, संगीतियाँ और तुलना — को एक साथ देखेंगे। लगभग 599–527 ई.पू.महावीर — 24वें तीर्थंकर, जैन धर्म के अन्तिम और सबसे महत्वपूर्ण लगभग 563–483 ई.पू.गौतम बुद्ध — बोधगया में - [महाजनपद काल](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%aa%e0%a4%a6-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2/): महाजनपद काल | The Age of Mahajanapadas examcg.com · प्राचीन भारत · महाजनपद काल महाजनपद काल The Age of Mahajanapadas छठी सदी ई.पू. — भारतीय इतिहास का सबसे घना मोड़। सोलह बड़े राज्य, हज़ार वर्ष बाद लौटे नगर, पहले सिक्के, पहली लिखी जा सकने वाली राजनीति — और इन्हीं सबके बीच बुद्ध एवं महावीर। यह अध्याय उस संक्रमण की राजनीतिक कथा है, जिसके अंत में मगध अकेला खड़ा मिलता है। छठी सदी ई.पू.सोलह महाजनपद — अंगुत्तर निकाय की सूची 544 ई.पू. (परंपरा)बिम्बिसार — मगध के उत्कर्ष का आरंभ 516 ई.पू.दारा प्रथम — सिंध-पंजाब हख़ामनी क्षत्रपी 326 ई.पू.सिकंदर का आक्रमण — वितस्ता - [आधुनिक भारतीय साहित्य](https://examcg.com/%e0%a4%86%e0%a4%a7%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af/): आधुनिक भारतीय साहित्य | Modern Indian Literature examcg.com · आधुनिक भारत · साहित्य आधुनिक भारतीय साहित्य Modern Indian Literature मुद्रण-यंत्र, अख़बार और नवजागरण — इन तीन शक्तियों ने भारतीय साहित्य को बदल दिया। पद्य के साथ पहली बार गद्य केन्द्र में आया, उपन्यास और कहानी जैसी नई विधाएँ जन्मीं, और साहित्य राष्ट्रीय आंदोलन का सबसे तेज़ हथियार बन गया। 1873 ई.हरिश्चंद्र मैगज़ीन — भारतेन्दु युग 1882 ई.आनंदमठ — वंदे मातरम् का प्रकाशन 1913 ई.गीतांजलि — एशिया का प्रथम नोबेल 1936 ई.प्रगतिशील लेखक संघ · गोदान 01पृष्ठभूमि 02बांग्ला 03टैगोर 04भारतेन्दु-द्विवेदी 05छायावाद से नई कविता 06प्रेमचंद एवं कथा 07उर्दू 08क्षेत्रीय भाषाएँ 09आंदोलन का - [मध्यकालीन भारतीय साहित्य](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af/): मध्यकालीन भारतीय साहित्य | Medieval Indian Literature examcg.com · मध्यकालीन भारत · साहित्य मध्यकालीन भारतीय साहित्य Medieval Indian Literature यह वह युग है जब भारत की आधुनिक भाषाएँ जन्मीं और साहित्य पहली बार संस्कृत के आँगन से निकलकर जन-भाषाओं में उतरा। दरबार में फ़ारसी तवारीख़ लिखी जा रही थी, और गली-चौपाल में कबीर, तुलसी, मीरा और नानक की वाणी गूँज रही थी — दोनों धाराएँ इस अध्याय में साथ चलेंगी। लगभग 1000 ई.अपभ्रंश से आधुनिक भाषाओं का उदय 1440–1518 ई.कबीर — निर्गुण धारा का शिखर 1574–76 ई.रामचरितमानस की रचना 1604 ई.गुरु ग्रंथ साहिब (आदि ग्रंथ) का संकलन 01पृष्ठभूमि 02फ़ारसी 03आत्मकथा-अनुवाद 04निर्गुण - [प्राचीन भारतीय साहित्य](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af/): प्राचीन भारतीय साहित्य | Ancient Indian Literature examcg.com · प्राचीन भारत · साहित्य प्राचीन भारतीय साहित्य Ancient Indian Literature ऋग्वेद की ऋचाओं से लेकर संगम के तमिल गीतों तक — भाषा, वर्गीकरण, प्रमुख ग्रंथ और वह ऐतिहासिक सूचना जो हमें केवल साहित्य से मिलती है, अन्य किसी स्रोत से नहीं। लगभग 1500 ई.पू.ऋग्वेद — प्राचीनतम उपलब्ध ग्रंथ लगभग 500 ई.पू.अष्टाध्यायी — पाणिनि 300 ई.पू.–300 ई.संगम साहित्य का काल चौथी–पाँचवीं सदी ई.कालिदास एवं गुप्तकालीन काव्य 01वर्गीकरण 02वैदिक 03वेदांग-दर्शन 04महाकाव्य-पुराण 05बौद्ध 06जैन 07काव्य-नाटक 08व्याकरण-शास्त्र 09वैज्ञानिक 10संगम 11ऐतिहासिक उपयोगिता 12स्वयं जाँच इस पृष्ठ में 01भाषा, काल एवं वर्गीकरण 02वैदिक साहित्य 03वेदांग, सूत्र एवं दर्शन - [भारतीय समाज सुधार आंदोलन एवं राष्ट्रीयता का उदय](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9c-%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%86%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%a8/): भारतीय समाज सुधार आंदोलन एवं राष्ट्रीयता का उदय | Social Reform and Rise of Nationalism examcg.com · आधुनिक भारत · सुधार एवं राष्ट्रीयता भारतीय समाज सुधार आंदोलन एवं राष्ट्रीयता का उदय Social Reform Movements and the Rise of Nationalism उन्नीसवीं सदी में भारत ने पहली बार स्वयं से पूछा — हमारे समाज में क्या गलत है, और उसे बदलने का अधिकार किसे है? इसी प्रश्न से सुधार आंदोलन जन्मे, और इन्हीं से आगे चलकर राष्ट्रीय चेतना का ढाँचा बना। 1828 ई.ब्रह्म सभा — राजा राममोहन राय 1856 ई.विधवा पुनर्विवाह अधिनियम — विद्यासागर 1875 ई.आर्य समाज एवं अलीगढ़ आंदोलन 1885 ई.भारतीय राष्ट्रीय - [प्रमुख ग्रंथ एवं लेखक](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%a5-%e0%a4%8f%e0%a4%b5%e0%a4%82-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%96%e0%a4%95/): प्रमुख ग्रंथ एवं लेखक | Important Books and Authors examcg.com · सामान्य अध्ययन · ग्रंथ एवं लेखक प्रमुख ग्रंथ एवं लेखक Important Books and Their Authors वेदांग से लेकर सबाल्टर्न अध्ययन तक — हर प्रविष्टि में ग्रंथ, लेखक और वह एक पंक्ति जो बताती है कि यह ग्रंथ याद क्यों रखना है। साथ में फ़ारसी तवारीख़, विदेशी विवरण और विश्व इतिहास के ग्रंथ भी। लगभग 500 ई.पू.अष्टाध्यायी — पाणिनि 1148 ई.राजतरंगिणी — कल्हण 1598 ई.आइन-ए-अकबरी — अबुल फ़ज़ल 1936 ई.Annihilation of Caste — आंबेडकर 01वैदिक-धार्मिक 02संस्कृत साहित्य 03शास्त्र एवं विज्ञान 04चरित-काव्य 05संगम एवं क्षेत्रीय 06फ़ारसी तवारीख़ 07भक्ति साहित्य 08आधुनिक भारत 09इतिहासलेखन - [भारतीय इतिहास के प्रमुख युद्ध](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96-%e0%a4%af/): भारतीय इतिहास के प्रमुख युद्ध | Major Battles of Indian History examcg.com · भारतीय इतिहास · प्रमुख युद्ध भारतीय इतिहास के प्रमुख युद्ध Major Battles of Indian History परुष्णी के तट से कारगिल की चोटियों तक — हर युद्ध चार सूचनाओं के साथ: वर्ष, लड़ने वाले पक्ष, विजेता और वह परिणाम जिसने आगे का इतिहास बदला। साथ में युद्धों के बाद हुई संधियों की अलग तालिका। 261 ई.पू.कलिंग युद्ध — अशोक का हृदय-परिवर्तन 1192 ई.तराइन द्वितीय — सल्तनत का मार्ग खुला 1526 ई.पानीपत प्रथम — मुगल साम्राज्य की नींव 1764 ई.बक्सर — कंपनी शासन की वास्तविक शुरुआत 01प्राचीन 02पूर्व-मध्यकाल 03तुर्क आक्रमण - [भारतीय इतिहास के प्रमुख कथन](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96-%e0%a4%95/): भारतीय इतिहास के प्रमुख कथन | Famous Statements in Indian History examcg.com · भारतीय इतिहास · प्रमुख कथन भारतीय इतिहास के प्रमुख कथन Famous Statements, Slogans and Titles “किसने कहा” — परीक्षा का सबसे निश्चित अंक। प्राचीन आदर्श-वाक्यों और अशोक के अभिलेखों से लेकर 1857 की व्याख्याओं, स्वतंत्रता संग्राम के नारों और संविधान पर की गई टिप्पणियों तक, सब एक ही पृष्ठ पर — कथन, कहने वाला और संदर्भ, तीनों के साथ। 1882 ई.वंदे मातरम् — आनंदमठ में प्रकाशन 1909 ई.1857 को “प्रथम स्वतंत्रता संग्राम” — सावरकर 1916 ई.“स्वराज्य मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है” — तिलक 1942 ई.“करो या मरो” — गांधी, - [विश्व इतिहास के प्रमुख कथन](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96-%e0%a4%95%e0%a4%a5/): विश्व इतिहास के प्रमुख कथन | Famous Statements in World History examcg.com · विश्व इतिहास · प्रमुख कथन विश्व इतिहास के प्रमुख कथन Famous Statements and Slogans of World History एथेंस की अदालत से बर्लिन की दीवार तक — वे वाक्य जिन्होंने युग की दिशा तय की। हर प्रविष्टि तीन सूचनाएँ देती है: कथन का भाव, कहने वाला, और वह संदर्भ जिसके बिना कथन अधूरा है। 1789 ई.स्वतंत्रता, समता, बंधुत्व — फ्रांसीसी क्रांति 1848 ई.“दुनिया के मज़दूरो, एक हो” — घोषणापत्र 1917 ई.“शांति, भूमि एवं रोटी” — लेनिन 1946 ई.“लौह-आवरण” — चर्चिल, फुल्टन भाषण 01प्राचीन-मध्यकाल 02पुनर्जागरण 03प्रबोधन 04फ्रांसीसी क्रांति 05समाजवाद 06राष्ट्रवाद - [भारतीय इतिहास-लेखन परंपरा](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%b2%e0%a5%87%e0%a4%96%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%b0/): भारतीय इतिहास-लेखन परंपरा | Indian Historiographical Tradition examcg.com · इतिहासलेखन · भारतीय परंपरा भारतीय इतिहास-लेखन परंपरा Indian Historiographical Tradition अतीत घटित होता है, इतिहास लिखा जाता है। यह अध्याय बताता है कि भारत में अतीत को किसने, किस दृष्टि से और किस उद्देश्य से लिखा — इतिहास-पुराण की अनुश्रुति से लेकर सबाल्टर्न अध्ययन तक। 1148 ई.राजतरंगिणी — कल्हण की आलोचनात्मक पद्धति 1784 ई.एशियाटिक सोसाइटी — प्राच्यवाद का आरंभ 1817 ई.जेम्स मिल — साम्प्रदायिक कालविभाजन 1982 ई.सबाल्टर्न स्टडीज़ — रणजीत गुहा 01अवधारणा 02इतिहास-पुराण 03चरित-काव्य 04तवारीख़ 05प्राच्यवादी 06राष्ट्रवादी 07मार्क्सवादी 08सबाल्टर्न 09शोध-पद्धति 10शब्दावली 11PYQ 12स्वयं जाँच इस पृष्ठ में 01इतिहास और इतिहास-लेखन — अवधारणा - [सिंधु घाटी सभ्यता Indus Valley Civilization](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%81-%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a4%be-indus-valley-civilization/): सिंधु घाटी सभ्यता | Indus Valley Civilization examcg.com · प्राचीन भारत · सिंधु घाटी सभ्यता सिंधु घाटी सभ्यता Indus Valley (Harappan) Civilization विश्व की चार प्राचीनतम नगर-सभ्यताओं में क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ी — और सबसे रहस्यमयी भी, क्योंकि उसकी लिपि आज तक पढ़ी नहीं जा सकी। खोज से लेकर पतन के सिद्धांतों तक, यह पूरा अध्याय एक ही पृष्ठ पर। 1921 ई.हड़प्पा का उत्खनन — दयाराम साहनी 2600–1900 ई.पू.परिपक्व हड़प्पा चरण लगभग 2,000अब तक ज्ञात स्थल लगभग 13 लाख वर्ग किमीविस्तार — समकालीन सभ्यताओं में सर्वाधिक 01खोज एवं विस्तार 02कालक्रम 03प्रमुख स्थल 04नगर-योजना 05कृषि-पशुपालन 06शिल्प एवं मुहरें 07व्यापार 08समाज - [प्राचीन भारतीय इतिहास के स्रोत](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%87-8/): प्राचीन भारतीय इतिहास के स्रोत | Sources of Ancient Indian History examcg.com · प्राचीन भारत · इतिहास के स्रोत प्राचीन भारतीय इतिहास के स्रोत Sources of Ancient Indian History साहित्य, पुरातत्त्व और विदेशी विवरण — तीन साक्ष्य-धाराएँ, जिन्हें जोड़कर प्राचीन भारत का चित्र बनता है। तथ्य, तालिकाएँ, PYQ और स्वयं-जाँच एक ही पृष्ठ पर। 1500 ई.पू.ऋग्वेद — प्राचीनतम साहित्यिक स्रोत तीसरी सदी ई.पू.अशोक के अभिलेख — प्राचीनतम पठित लेख 150 ई.जूनागढ़ — संस्कृत का प्रथम विस्तृत अभिलेख 1837 ई.जेम्स प्रिंसेप — ब्राह्मी लिपि का वाचन 01परिचय 02साहित्यिक 03पुरातात्विक 04अभिलेख 05मुद्रा 06विदेशी 07कालक्रम 08शब्दावली 09PYQ 10स्वयं जाँच इस पृष्ठ में 01स्रोत क्यों, - [आलमगीर द्वितीय — पंद्रहवाँ मुगल सम्राट (1754–1759)](https://examcg.com/%e0%a4%b9%e0%a5%81%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%81-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-2/): मुगल साम्राज्य – आलमगीर द्वितीय (Alamgir II) भारतीय इतिहास : मुगल साम्राज्य का पतन आलमगीर द्वितीय — पंद्रहवाँ मुगल सम्राट (1754–1759) Alamgir II – The Puppet Emperor • प्रिलिम्स-केंद्रित संकलन UPSC CGPSC MPPSC UPPSC RPSC NTA NET ★ Later Mughals Special विषय-सूची 01 · परिचय 02 · सत्तारोहण 03 · अब्दाली से संबंध 04 · मराठा प्रभाव 05 · हत्या (1759) 06 · विरासत 07 · कालक्रम 08 · दृश्य कालक्रम 09 · शब्दावली 10 · PYQ 01 · परिचय (Introduction – Alamgir II) अज़ीज़-उद-दीन आलमगीर द्वितीय मुगल साम्राज्य का पंद्रहवाँ सम्राट था। वह जहाँदार शाह का पुत्र था और उसने - [बाबर — मुगल साम्राज्य का संस्थापक (1526–1530)](https://examcg.com/%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%ac%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%97%e0%a4%b2-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8/): मुगल साम्राज्य – बाबर (Babur – The Founder) भारतीय इतिहास : मुगल साम्राज्य बाबर — मुगल साम्राज्य का संस्थापक (1526–1530) Babur – The Founder of the Mughal Empire • प्रिलिम्स-केंद्रित संकलन UPSC CGPSC MPPSC UPPSC RPSC NTA NET ★ Early Mughals Special विषय-सूची 01 · परिचय 02 · प्रारंभिक जीवन 03 · प्रथम पानीपत (1526) 04 · खानवा एवं घाघरा 05 · प्रशासन एवं सेना 06 · बाबरनामा एवं साहित्य 07 · मृत्यु एवं विरासत 08 · कालक्रम 09 · दृश्य कालक्रम 10 · प्रमुख शब्दावली 11 · PYQ (MCQ प्रारूप) 01 · परिचय (Introduction – Babur’s Rise) ज़हीर-उद-दीन मुहम्मद बाबर - [रीकॉम्बीनेंट DNA टेक्नोलॉजी](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a5%89%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%ac%e0%a5%80%e0%a4%a8%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%9f-dna-%e0%a4%9f%e0%a5%87%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a5%89%e0%a4%9c/): पुनःसंयोजक DNA (rDNA) प्रौद्योगिकी: अवधारणा, प्रक्रिया एवं अनुप्रयोग UPSC GS-3: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी – जैव प्रौद्योगिकी परिचय पुनःसंयोजक DNA (Recombinant DNA – rDNA) प्रौद्योगिकी, जैव प्रौद्योगिकी की आधारशिला है। इसमें दो भिन्न प्रजातियों के DNA अणुओं को इन विट्रो (कृत्रिम परिवेश) में संयोजित कर एक नया संकर (hybrid) DNA अणु बनाया जाता है। इस तकनीक की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह प्रजातीय अवरोध (species barrier) को तोड़ती है, जिससे असंबंधित जीवों (जैसे—मानव DNA को जीवाणु में, या पादप DNA को कवक में) के बीच आनुवंशिक पदार्थ का स्थानांतरण संभव हो पाता है। महत्व: यह तकनीक प्रकृति में नहीं पाई जाने वाली आनुवंशिक रचनाएँ (novel - [करेंट अफेयर्स क्विज़ - जुलाई 2026](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%9f-%e0%a4%85%e0%a4%ab%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bc-%e0%a4%9c%e0%a5%81%e0%a4%b2-2/): करेंट अफेयर्स क्विज़ – जुलाई 2026 | UPSC/PSC 📚 करेंट अफेयर्स क्विज़ जुलाई 2026 | UPSC / PSC परीक्षा स्तर (प्रमाणित) 100 प्रश्न • विस्तृत व्याख्या सहित कुल: 100 सही: 0 गलत: 0 शेष: 100 © 2026 करेंट अफेयर्स क्विज़ | UPSC/PSC तैयारी हेतु 0 CommentsComments are closed - [उग्रपंथी युग एवं क्रांतिकारी आंदोलन](https://examcg.com/%e0%a4%89%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%aa%e0%a4%82%e0%a4%a5%e0%a5%80-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%97-%e0%a4%8f%e0%a4%b5%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%bf/): उग्रपंथी युग एवं क्रांतिकारी आंदोलन 04 उग्रपंथी युग एवं क्रांतिकारी आंदोलन 🔥 1905 – 1919 🗓️ स्वदेशी · बहिष्कार · क्रांति 📍 बंगाल विभाजन → लखनऊ समझौता 🎯 UPSC · CGPSC · UPPCS · NET विषय-सूची 01 · परिचय एवं पृष्ठभूमि 02 · बंगाल विभाजन (1905) 03 · स्वदेशी एवं बहिष्कार आंदोलन 04 · प्रमुख उग्रपंथी नेता 05 · नरम-उग्र विभाजन (सूरत अधिवेशन 1907) 06 · मार्ले-मिंटो सुधार (1909) 07 · क्रांतिकारी आंदोलन 08 · गदर पार्टी एवं विदेशी क्रांतिकारी गतिविधियाँ 09 · लखनऊ समझौता (1916) 10 · पिछले वर्षों के प्रश्न (PYQ संग्रह) 11 · अभ्यास प्रश्न (MCQ) 12 · - [कांग्रेस स्थापना एवं नरमपंथी युग](https://examcg.com/elementor-23828/): आधुनिक भारतीय इतिहास · कांग्रेस स्थापना एवं नरमपंथी युग कांग्रेस स्थापना · नरमपंथी युग कांग्रेस स्थापना एवं नरमपंथी युग अध्याय ०३ 🏛️ 1885 – 1905 🗓️ भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन का आरंभ 📍 INC · नरमपंथी 🎯 UPSC · CGPSC · UPPCS · NET विषय-सूची 01 · परिचय एवं पृष्ठभूमि 02 · भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना 03 · नरमपंथी — उद्देश्य एवं कार्यप्रणाली 04 · प्रमुख नरमपंथी नेता 05 · नरमपंथियों की उपलब्धियाँ 06 · नरमपंथियों की प्रमुख माँगें 07 · नरमपंथी-उग्रपंथी विभाजन 08 · सीमाएँ एवं आलोचना 09 · नरमपंथी युग का महत्व 10 · अभ्यास प्रश्न (MCQ) 11 · - [सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलन](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a5%81%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%b0-%e0%a4%86%e0%a4%82-2/): आधुनिक भारतीय इतिहास · सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलन सामाजिक-धार्मिक सुधार · संपूर्ण सामाजिक-धार्मिक सुधार आंदोलन अध्याय ०२ 🕉️ 19वीं – 20वीं शताब्दी 🗓️ 1815 – 1947 📍 भारत का पुनर्जागरण 🎯 UPSC · CGPSC · UPPCS · NET विषय-सूची 01 · पृष्ठभूमि एवं कारण 02 · कालक्रम — एक दृष्टि में 03 · राजा राममोहन राय एवं ब्रह्म समाज 04 · प्रमुख हिन्दू सुधार संगठन 05 · आर्य समाज एवं स्वामी दयानंद 06 · मुस्लिम एवं सिख सुधार आंदोलन 07 · जाति-विरोधी आंदोलन 08 · महिला सुधार एवं स्त्री-शिक्षा 09 · महत्व एवं मूल्यांकन 10 · अभ्यास प्रश्न (MCQ) 11 · वन-लाइनर - [आरंभिक प्रतिरोध एवं 1857 का विद्रोह](https://examcg.com/%e0%a4%86%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%ad%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a5%8b%e0%a4%a7-%e0%a4%8f%e0%a4%b5%e0%a4%82-1857-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b5%e0%a4%bf/): आधुनिक भारतीय इतिहास · आरंभिक प्रतिरोध एवं 1857 का विद्रोह आरंभिक प्रतिरोध · 1857 विद्रोह आरंभिक प्रतिरोध एवं 1857 का विद्रोह अध्याय ०१ ⚔️ 1757 – 1857 🗓️ पूर्व-विद्रोही आंदोलन 📍 भारत का प्रथम स्वतंत्रता संग्राम 🎯 UPSC · CGPSC · UPPCS · NET विषय-सूची 01 · परिचय एवं पृष्ठभूमि 02 · आरंभिक प्रतिरोध (1757-1857) 03 · 1857 के विद्रोह के कारण 04 · प्रमुख केंद्र एवं नेता 05 · महत्वपूर्ण घटनाएँ 06 · विद्रोह की विफलता के कारण 07 · विद्रोह की प्रकृति 08 · परिणाम एवं प्रभाव 09 · अभ्यास प्रश्न (MCQ) 10 · वन-लाइनर सारांश 📜 01 · - [भक्ति एवं सूफी आंदोलन](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%8f%e0%a4%b5%e0%a4%82-%e0%a4%b8%e0%a5%82%e0%a4%ab%e0%a5%80-%e0%a4%86%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a4%a8/): examcg.com · मध्यकालीन भारत · अध्याय 12 भक्ति एवं सूफी आंदोलनधर्म और समाज में सुधार का कार्य आठवीं से अठारहवीं शताब्दी के बीच भारत में दो समान्तर धाराएँ बहीं — एक मंदिर से, दूसरी ख़ानक़ाह से। दोनों ने कर्मकांड के स्थान पर प्रेम, पंडित-मुल्ला के स्थान पर गुरु-पीर, और संस्कृत-अरबी के स्थान पर लोकभाषा को चुना। UPSC / IAS CGPSC CG TET UGC NET इतिहास SSC व्यापम रेलवे विषय सूची 01पृष्ठभूमि एवं कारण 02भक्ति का उद्भव: आलवार-नयनार 03भक्ति के आचार्य एवं दर्शन 04निर्गुण एवं सगुण धारा 05प्रमुख भक्ति संत 06क्षेत्रीय भक्ति आंदोलन 07सूफीवाद: सिद्धांत एवं शब्दावली 08प्रमुख सूफी सिलसिले 09चिश्ती संत - [प्राचीन भारतीय इतिहास के प्रमुख स्रोत](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%87-7/): examcg.com  ·  प्राचीन भारत · अध्याय 01 प्राचीन भारतीय इतिहास के स्रोत Sources of Ancient Indian History — तथ्य-सत्यापित एवं विस्तारित नोट्स UPSC / IAS CGPSC CG TET UGC NET SSC व्यापम रेलवे बैंक विषय सूची 01स्रोतों का वर्गीकरण 02वैदिक साहित्य 03ब्राह्मण, आरण्यक, उपनिषद 04वेदांग एवं स्मृतियाँ 05महाकाव्य एवं पुराण 06बौद्ध साहित्य 07जैन साहित्य 08लौकिक साहित्य 09संगम साहित्य 10पुरातात्विक साक्ष्य 11विदेशी विवरण 12त्वरित पुनरावृत्ति 13अभ्यास प्रश्न (MCQ) खंड 01 स्रोतों का वर्गीकरण प्राचीन भारतीय इतिहास की जानकारी मुख्यतः तीन व्यापक वर्गों से प्राप्त होती है, जिन्हें प्रायः चार उपवर्गों में बाँटकर पढ़ाया जाता है। क्रम स्रोत उपविभाजन 1 धार्मिक साहित्य वैदिक - [प्राचीन भारतीय इतिहास के स्रोत](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%87-6/): प्राचीन भारतीय इतिहास के प्रमुख स्रोत | Sources of Ancient Indian History | UPSC GK UPSC • CGPSC • SSC • Banking • Railway • Police प्राचीन भारतीय इतिहास के प्रमुख स्रोत Sources of Ancient Indian History — शुद्ध तथ्य, आकर्षक प्रस्तुति एवं परीक्षोपयोगी नोट्स परिचय धार्मिक ग्रन्थ लौकिक साहित्य पुरातात्विक साक्ष्य विदेशी विवरण सीमाएँ प्रश्न: प्राचीन भारतीय इतिहास के विभिन्न स्रोतों का वर्णन कीजिए? हमें प्राचीन भारतीय इतिहास के विषय में जानकारी मुख्यतः चार स्रोतों से प्राप्त होती है: 1 धार्मिक ग्रन्थ 2 लौकिक / धर्मनिरपेक्ष साहित्य 3 पुरातात्विक साक्ष्य 4 विदेशियों का विवरण परीक्षा टिप: स्रोतों को दो बड़े - [बाल मनोविज्ञान — अर्थ एवं परिभाषाएँ ( Child Psychology : Meaning & Definitions — 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न )](https://examcg.com/%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%85%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%a5-%e0%a4%8f%e0%a4%b5%e0%a4%82/): बाल मनोविज्ञान — अर्थ एवं परिभाषाएँ : 100 प्रश्न | examcg.com EXAMCG.COM  •  बाल मनोविज्ञान  •  CGTET / CTET / TET बाल मनोविज्ञान — अर्थ एवं परिभाषाएँ ( Child Psychology : Meaning & Definitions — 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न ) CGTET  |  CTET  |  UPTET  |  MPTET  |  REET  |  HTET  |  BTET ★ परीक्षा-दृष्टि : बाल मनोविज्ञान (Child Psychology) — मनोविज्ञान की वह शाखा है जो बच्चों के व्यवहार, विकास, सोच, भावनाओं का अध्ययन करती है। यह CGTET/CDP के सबसे महत्वपूर्ण आधारभूत विषयों में से एक है। इस खंड से 3-5 प्रश्न प्रतिवर्ष पूछे जाते हैं। नीचे 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न बाल - [बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र ( पाठ्यक्रम परिचय — 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न )](https://examcg.com/%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%8f%e0%a4%b5%e0%a4%82-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%8d-2/): बाल मनोविज्ञान — Part 1 : 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (व्याख्या + रैपिड रिवीजन) | examcg.com EXAMCG.COM  •  बाल मनोविज्ञान — Part 1  •  CGTET / CTET / TET बाल मनोविज्ञान — भाग 1 ( Child Development & Pedagogy : 100 हल प्रश्न ) CGTET  |  CTET  |  UPTET  |  MPTET  |  REET  |  HTET  |  BTET ★ परीक्षा-दृष्टि : CGTET (छत्तीसगढ़ टीईटी) में बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (Child Development & Pedagogy) से 30 प्रश्न (30 अंक) पूछे जाते हैं। प्रमुख फोकस-क्षेत्र — पियाजे, वाइगोत्स्की, एरिकसन, कोलबर्ग, गार्डनर, अधिगम के सिद्धांत, बुद्धि के सिद्धांत, विशेष आवश्यकता वाले बच्चे, समावेशी शिक्षा, CCE, अधिगम - [महाजनपद काल ( 16 महाजनपद : व्याख्या सहित हल प्रश्न-पत्र : व्याख्या सहित हल प्रश्न-पत्र )](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%aa%e0%a4%a6-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2-16-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%aa%e0%a4%a6-%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be/): महाजनपद काल — 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (व्याख्या + रैपिड रिवीजन) | examcg.com EXAMCG.COM  •  भारतीय इतिहास — वस्तुनिष्ठ प्रश्न श्रृंखला  •  अध्याय 4 महाजनपद काल ( 16 महाजनपद : व्याख्या सहित हल प्रश्न-पत्र ) UPSC  |  UPPCS  |  MPPSC  |  CGPSC  |  RPSC  |  SSC  |  NTA NET ★ परीक्षा-दृष्टि : महाजनपद काल (लगभग 600–325 ई.पू.) से प्रारम्भिक परीक्षाओं में प्रतिवर्ष 3–5 प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रमुख फोकस-क्षेत्र — 16 महाजनपदों की सूची एवं उनकी राजधानियाँ, मगध का उदय एवं विस्तार, हर्यंक, शिशुनाग, नंद वंश, गणतंत्र राज्य, बुद्ध एवं महावीर के समकालीन शासक, आर्थिक विकास (मुद्रा, व्यापार), नगरीकरण। नीचे 100 वस्तुनिष्ठ - [बाल मनोविज्ञान — भाग 1](https://examcg.com/%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%97-1/): बाल मनोविज्ञान — Part 1 : 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (व्याख्या + रैपिड रिवीजन) | examcg.com EXAMCG.COM  •  बाल मनोविज्ञान — Part 1  •  CGTET / CTET / TET बाल मनोविज्ञान — भाग 1 ( Child Development & Pedagogy : 100 हल प्रश्न ) CGTET  |  CTET  |  UPTET  |  MPTET  |  REET  |  HTET  |  BTET ★ परीक्षा-दृष्टि : CGTET (छत्तीसगढ़ टीईटी) में बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र (Child Development & Pedagogy) से 30 प्रश्न (30 अंक) पूछे जाते हैं। प्रमुख फोकस-क्षेत्र — पियाजे, वाइगोत्स्की, एरिकसन, कोलबर्ग, गार्डनर, अधिगम के सिद्धांत, बुद्धि के सिद्धांत, विशेष आवश्यकता वाले बच्चे, समावेशी शिक्षा, CCE, अधिगम - [शतरंज ग्रैंडमास्टर (GM)](https://examcg.com/%e0%a4%b6%e0%a4%a4%e0%a4%b0%e0%a4%82%e0%a4%9c-%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%88%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%b0-gm/): शतरंज ग्रैंडमास्टर (GM) — संपूर्ण परीक्षा गाइड 2026 | examcg.com ♜ ♞ ♝ ♛ ♚ ♝ ♞ ♜ शतरंज ग्रैंडमास्टर (GM) ★ संपूर्ण परीक्षा गाइड 2026 ★ ग्रैंडमास्टर क्या है? त्वरित पुनरीक्षण विश्व रिकॉर्ड FIDE & मुख्य शर्तें भारतीय तथ्य नए ग्रैंडमास्टर अतिरिक्त तथ्य प्रश्न और उत्तर ♔ ग्रैंडमास्टर (GM) क्या है? ग्रैंडमास्टर (GM) शीर्षक शतरंज खेल में एक खिलाड़ी को मिलने वाली सर्वोच्च आजीवन उपाधि है। इसे अंतर्राष्ट्रीय शतरंज महासंघ (FIDE) द्वारा उन खिलाड़ियों को प्रदान किया जाता है जो अंतर्राष्ट्रीय शतरंज टूर्नामेंटों में असाधारण प्रदर्शन करते हैं। ⚡ त्वरित पुनरीक्षण बिंदु सर्वोच्च शीर्षक→ग्रैंडमास्टर (GM) विश्व के सबसे कम आयु - [CGPSC 2025 Prelims • Paper-1](https://examcg.com/cgpsc-2025-prelims-paper-1/): CGPSC 2025 Prelims Paper-1 | Complete Solved MCQs | Study Notebook CGPSC 2025 Prelims • Paper-1 सामान्य अध्ययन • पूर्ण 100 प्रश्न • हल सहित परीक्षा तिथि : 22 फरवरी 2026 सामान्य अध्ययन (1-50) छत्तीसगढ़ विशेष (51-100) ↑ शीर्ष 1 सामान्य अध्ययन (प्रश्न 1–50) 1भारत में राज्यों की सौर ऊर्जा क्षमता के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें। 1. राजस्थान में सौर ऊर्जा की सबसे अधिक क्षमता है। 2. सिक्किम में सौर ऊर्जा की क्षमता सबसे कम है। सही विकल्प चुनें। A. कथन 1 और 2 दोनों सही हैं B. केवल कथन 1 सही है C. केवल कथन 2 सही - [UPSC Prelims 2026 — Set B](https://examcg.com/upsc-prelims-2026-set-b/): UPSC Prelims 2026 Set-B | Interactive Notebook UPSC Prelims 2026 — Set B अंतःक्रियात्मक नोटबुक • स्रोत-रहित • PSC/UPSC हि EN ☀️ 🇮🇳 🌙 100 Q प्रयास: 0/100 सही: 0 सटीकता: 0% प्रश्न सूची पुनः आरंभ उत्तर जमा करें अंक देखें सभी उत्तर खोलें सभी उत्तर बंद करें अगला अनुत्तरित → UPSC CSE Prelims 2026 (Set-B) • Interactive Notes सभी स्रोत हटाए गए • स्व-अध्ययन • हर बार नया आरंभ 📊 आपके अंक ठीक है 0 CommentsComments are closed - [स्पीति घाटी: भारत का शीत रेगिस्तान](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%aa%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b6%e0%a5%80%e0%a4%a4-%e0%a4%b0%e0%a5%87/): स्पीति घाटी : भारत का शीत रेगिस्तान | पर्यावरण और पारिस्थितिकी | सामान्य अध्ययन पर्यावरण और पारिस्थितिकी  |  सामान्य अध्ययन  |  हिमाचल प्रदेश स्पीति घाटी: भारत का शीत रेगिस्तान जहाँ मठ, हिम तेंदुए और ट्रांस-हिमालय पर्वतमाला पाई जाती है 🏔️ ट्रांस-हिमालय ❄️ शीत रेगिस्तान 🕌 बौद्ध मठ 🐆 हिम तेंदुआ 🌊 सतलुज नदी तस्वीरों में स्पीति को एक निर्जन, सुंदर, खाली जगह के रूप में दिखाया जाता है — भूरे पहाड़, फ़िरोज़ी नदी, एक पहाड़ी पर बना सफ़ेद रंग का मठ। ज़्यादातर लोग इसे एक दुर्गम पर्यटन स्थल मानकर नज़रअंदाज़ कर देते हैं। यह नज़रिया स्पीति के असली महत्व को नज़रअंदाज़ - [भारत में चीता पुनर्वास : अद्यतन आँकड़े (2026)](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%82-%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%85%e0%a4%a6/): चीता पुनर्वास – UPSC/PSC (अद्यतन 2026) 📌 UPSC / PSC स्रोत: इंडियन एक्सप्रेस + MoEF-CC पर्यावरण · जैव विविधता भारत में चीता पुनर्वास : अद्यतन आँकड़े (2026) एशियाई चीता (1952) विलुप्त – विश्व का पहला अंतरमहाद्वीपीय बड़े मांसाहारी पुनर्स्थापन 📘 परिचयात्मक सिद्धांत – संपूर्ण पृष्ठभूमि एवं वर्तमान आँकड़े 📜 ऐतिहासिक पृष्ठभूमि भारत में चीता पुनर्वास परियोजना विश्व की प्रथम अंतरमहाद्वीपीय बड़े मांसाहारी स्थानांतरण परियोजना है। वर्ष 1952 में एशियाई चीता (Acinonyx jubatus venaticus) को भारत से आधिकारिक रूप से विलुप्त घोषित कर दिया गया। जनवरी 2022 में MoEF-CC ने NTCA की 19वीं बैठक में “भारत में चीता पुनर्वास के लिए कार्ययोजना” - [छत्तीसगढ़ का प्राचीन इतिहास](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf/): छत्तीसगढ़ का प्राचीन इतिहास | Ancient History of Chhattisgarh 🪨 CGPSC · Vyapam History Notes छत्तीसगढ़ का प्राचीन इतिहास Ancient History of Chhattisgarh (Pre-historic to 8th Century) प्रागैतिहासिक शैलचित्र, रामायण-महाभारत काल के साक्ष्य, मौर्य एवं गुप्त साम्राज्य का प्रभाव और सिरपुर के पांडुवंश का स्वर्णिम युग। Dakshin Kosal Singhanpur Caves Hiuen Tsang Sirpur Somvansh 📜 MASTER INDEX विषय-सूची (Table of Contents) 01प्रागैतिहासिक काल (Pre-historic) 02रामायण एवं महाभारत काल 03मौर्य, सातवाहन एवं गुप्त काल 04प्रमुख क्षेत्रीय राजवंश 0525 महत्वपूर्ण One-Liners 06अभ्यास MCQ (Exam Level) 🪨अध्याय 01प्रागैतिहासिक काल (Pre-historic Period) पुरापाषाण काल (Paleolithic Age) सिंघनपुर गुफा (रायगढ़) यह छत्तीसगढ़ की सबसे प्राचीन गुफा - [छत्तीसगढ़ का मध्यकालीन इतिहास](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%87/): छत्तीसगढ़ का मध्यकालीन इतिहास | Medieval History of Chhattisgarh 🏰 CGPSC · Vyapam History Notes छत्तीसगढ़ का मध्यकालीन इतिहास Medieval History of Chhattisgarh (9th to 18th Century) कल्चुरी वंश, फणि नागवंश, छिंदक नागवंश और काकतीय वंश के प्रतापी शासक, उनकी स्थापत्य कला और प्रमुख युद्धों का संपूर्ण परीक्षा-उन्मुख सार। Kalachuri Dynasty Kakatiya of Bastar Nagvansh Temple Architecture Kalyan Sai 📜 MASTER INDEX विषय-सूची (Table of Contents) 01कल्चुरी वंश (रतनपुर और रायपुर) 02नागवंश (फणि एवं छिंदक) 03काकतीय वंश (बस्तर) 04प्रमुख मंदिर एवं स्थापत्य कला 0525 महत्वपूर्ण One-Liners 06अभ्यास MCQ (Exam Level) 👑अध्याय 01कल्चुरी वंश (Kalachuri Dynasty) रतनपुर शाखा (Ratanpur Branch) छत्तीसगढ़ में - [छत्तीसगढ़ का आधुनिक इतिहास](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%86%e0%a4%a7%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9-3/): छत्तीसगढ़ का आधुनिक इतिहास | Modern History of Chhattisgarh 🏹 CGPSC · Vyapam Notes छत्तीसगढ़ का आधुनिक इतिहास Modern History of Chhattisgarh (1741 – 2000) मराठा काल, जनजातीय विद्रोह, 1857 की क्रांति, राष्ट्रीय आंदोलन और पृथक राज्य निर्माण तक का संपूर्ण परीक्षा-उन्मुख सार। Bimbaji Bhonsle Veer Narayan Singh Bhumkal Revolt Jungle Satyagraha State Formation 📋 MASTER INDEX विषय-सूची (Table of Contents) 01मराठा शासन (1741 – 1854) 02प्रमुख जनजातीय विद्रोह 031857 की क्रांति में छत्तीसगढ़ 04राष्ट्रीय आंदोलन (1920-1947) 05पृथक छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण 0625 महत्वपूर्ण One-Liners 07अभ्यास MCQ (Exam Level) 🚩अध्याय 01मराठा शासन और ब्रिटिश नियंत्रण (1741 – 1854) 1741 – मराठा आक्रमण - [मौर्योत्तर साम्राज्य ( शुंग कण्व सातवाहन इंडो-ग्रीक शक कुषाण : व्याख्या सहित हल प्रश्न-पत्र )](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b6%e0%a5%81/): मौर्योत्तर साम्राज्य — 24 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (व्याख्या + रैपिड रिवीजन) | examcg.com EXAMCG.COM  •  भारतीय इतिहास — वस्तुनिष्ठ प्रश्न श्रृंखला  •  अध्याय 6 मौर्योत्तर साम्राज्य ( शुंग • कण्व • सातवाहन • इंडो-ग्रीक • शक • कुषाण ) UPSC  |  UPPCS  |  MPPSC  |  CGPSC  |  RPSC  |  BPSC  |  SSC  |  NTA NET ★ परीक्षा-दृष्टि : मौर्योत्तर काल से प्रतिवर्ष 3–5 प्रश्न आते हैं। प्रमुख फोकस — पुष्यमित्र शुंग, सातवाहन (गौतमीपुत्र शातकर्णि), मेनेंडर (मिलिंद), रुद्रदामन का जूनागढ़ अभिलेख, कनिष्क (चतुर्थ बौद्ध संगीति, गांधार कला), मथुरा कला, रेशम मार्ग तथा व्यापार। प्रत्येक प्रश्न की व्याख्या एवं स्मरण-सूत्र ध्यानपूर्वक पढ़ें। 1 मौर्य - [मौर्य साम्राज्य ( लगभग 321–185 ईसा पूर्व : व्याख्या सहित हल प्रश्न-पत्र )](https://examcg.com/elementor-23514/): मौर्य साम्राज्य — 24 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (व्याख्या + रैपिड रिवीजन) | examcg.com EXAMCG.COM  •  भारतीय इतिहास — वस्तुनिष्ठ प्रश्न श्रृंखला  •  अध्याय 5 मौर्य साम्राज्य ( लगभग 321–185 ईसा पूर्व : व्याख्या सहित हल प्रश्न-पत्र ) UPSC  |  UPPCS  |  MPPSC  |  CGPSC  |  RPSC  |  BPSC  |  SSC  |  NTA NET ★ परीक्षा-दृष्टि : मौर्य साम्राज्य से प्रतिवर्ष 4–7 प्रश्न आते हैं। प्रमुख फोकस — स्रोत (अर्थशास्त्र, इंडिका, अशोक के अभिलेख), चंद्रगुप्त-सेल्यूकस संधि, अशोक का कलिंग युद्ध एवं धम्म, सप्तांग सिद्धांत, प्रशासनिक अधिकारी, स्तंभ कला, समाज (मेगस्थनीज के सात वर्ग) तथा पतन के कारण। प्रत्येक प्रश्न की व्याख्या एवं स्मरण-सूत्र - [राज्य निर्माण एवं धर्म ( महाजनपद काल • बौद्ध धर्म एवं जैन धर्म का उदय : व्याख्या सहित हल प्रश्न-पत्र )](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%a3-%e0%a4%8f%e0%a4%b5%e0%a4%82-%e0%a4%a7%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae-%e0%a4%ae%e0%a4%b9/): महाजनपद काल तथा बौद्ध-जैन धर्म का उदय — 24 वस्तुनिष्ठ प्रश्न | examcg.com EXAMCG.COM  •  भारतीय इतिहास — वस्तुनिष्ठ प्रश्न श्रृंखला  •  अध्याय 4 राज्य निर्माण एवं धर्म ( महाजनपद काल • बौद्ध धर्म एवं जैन धर्म का उदय ) UPSC  |  UPPCS  |  MPPSC  |  CGPSC  |  RPSC  |  BPSC  |  SSC  |  NTA NET ★ परीक्षा-दृष्टि : इस अध्याय से प्रतिवर्ष 3–6 प्रश्न आते हैं। मुख्य फोकस — 16 महाजनपदों की सूची, राजधानियाँ, मगध का उत्कर्ष, बिम्बिसार-अजातशत्रु, बुद्ध एवं महावीर का जीवन, चार आर्य सत्य, अष्टांगिक मार्ग, त्रिरत्न, पंचमहाव्रत, बौद्ध संगीतियाँ तथा बौद्ध-जैन धर्म में समानता-असमानता। प्रत्येक प्रश्न की - [वैदिक काल ( ऋग्वैदिक एवं उत्तर वैदिक काल : व्याख्या सहित हल प्रश्न-पत्र )](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%8b%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%8f%e0%a4%b5%e0%a4%82-%e0%a4%89%e0%a4%a4/): वैदिक काल — ऋग्वैदिक एवं उत्तर वैदिक काल | 24 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (व्याख्या + रैपिड रिवीजन) | examcg.com EXAMCG.COM  •  भारतीय इतिहास — वस्तुनिष्ठ प्रश्न श्रृंखला  •  अध्याय 3 वैदिक काल ( ऋग्वैदिक एवं उत्तर वैदिक काल : व्याख्या सहित हल प्रश्न-पत्र ) UPSC  |  UPPCS  |  MPPSC  |  CGPSC  |  RPSC  |  BPSC  |  SSC  |  NTA NET ★ परीक्षा-दृष्टि : वैदिक काल से प्रतिवर्ष 3–5 प्रश्न आते हैं। प्रमुख फोकस — ऋग्वेद के मंडल, नदियाँ व उनकी प्राचीन नाम, देवता (इन्द्र, अग्नि, वरुण, सोम), सभा-समिति, दशराज्ञ युद्ध, वर्ण व्यवस्था का विकास, लोहे का प्रयोग, राजसूय-अश्वमेध, उपनिषद एवं दार्शनिक अवधारणाएँ। - [सिंधु घाटी सभ्यता ( हड़प्पा सभ्यता : व्याख्या सहित हल प्रश्न-पत्र )](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%81-%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b9%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%aa/): सिंधु घाटी सभ्यता — 22 वस्तुनिष्ठ प्रश्न (व्याख्या + रैपिड रिवीजन) | examcg.com EXAMCG.COM  •  भारतीय इतिहास — वस्तुनिष्ठ प्रश्न श्रृंखला  •  अध्याय 2 सिंधु घाटी सभ्यता ( हड़प्पा सभ्यता : व्याख्या सहित हल प्रश्न-पत्र ) UPSC  |  UPPCS  |  MPPSC  |  CGPSC  |  RPSC  |  SSC  |  NTA NET ★ परीक्षा-दृष्टि : इस अध्याय से प्रारम्भिक परीक्षाओं में प्रतिवर्ष 2–4 प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रमुख फोकस-क्षेत्र — स्थल व उनकी विशेष खोजें, खोजकर्ता व उत्खनन वर्ष, नदी-तट, नगर योजना, मुहरें, विदेशी व्यापार तथा पतन के सिद्धांत। नीचे दिए गए प्रत्येक प्रश्न की व्याख्या एवं स्मरण-सूत्र अवश्य पढ़ें। 1. सिंधु घाटी - [पर्यावरण अध्ययन (EVS) Environmental Studies CG TET , CTET](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%af%e0%a4%a8-evs-environmental-studies-cg-tet-ctet/): पर्यावरण अध्ययन (EVS) | CG TET Environmental Studies — सम्पूर्ण नोट्स | examcg.com examcg.com · CG TET शृंखला पर्यावरण अध्ययन (EVS)Environmental Studies CG TET · CTET · व्यापम (Paper-I) हेतु सम्पूर्ण हिन्दी नोट्स — पर्यावरण व पारितंत्र, मानव शरीर व स्वास्थ्य, प्राकृतिक संसाधन, सामान्य विज्ञान तथा EVS शिक्षाशास्त्र — छत्तीसगढ़-विशेष तथ्यों, तालिकाओं, स्मरण-सूत्रों व अभ्यास प्रश्नों सहित। 12 खण्ड ↓ 50+ अवधारणा-कार्ड छत्तीसगढ़-विशेष 25 वनलाइनर 15 MCQ पर्यावरण परिचय पारितंत्र प्राकृतिक संसाधन प्रदूषण व आपदा मानव शरीर स्वास्थ्य व पोषण सामान्य विज्ञान छत्तीसगढ़-विशेष EVS शिक्षाशास्त्र त्वरित-तालिका वनलाइनर MCQ अभ्यास विषय-सूची TABLE OF CONTENTS किसी भी खण्ड पर सीधे जाएँ — प्रत्येक - [पर्यावरण अध्ययन एवं शिक्षाशास्त्र Environmental Studies (EVS)](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%af%e0%a4%a8-%e0%a4%8f%e0%a4%b5%e0%a4%82-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d/): पर्यावरण अध्ययन | Environmental Studies (EVS) + छत्तीसगढ़ विशेष — CTET / CG TET Comprehensive Advanced Notes | examcg.com examcg.com · TET / CTET शृंखला · Advanced Edition पर्यावरण अध्ययन एवं शिक्षाशास्त्रEnvironmental Studies (EVS) CTET · CG TET · UPTET · MPTET · REET (Paper-I) हेतु उन्नत एवं व्यापक नोट्स — अवधारणा से लेकर पारिस्थितिकी, मानव स्वास्थ्य, प्राकृतिक संसाधन, प्रदूषण-संरक्षण + छत्तीसगढ़-विशेष विस्तार (जैव-विविधता, हसदेव अरण्य, जनजातीय ज्ञान, 3 NP, NTFP, बस्तर ढोकरा) + शिक्षण-शास्त्र, CCE, 40 वनलाइनर व 24 इंटरैक्टिव MCQ। 19 खण्ड ↓ 70+ अवधारणा-कार्ड 10 तालिकाएँ 40 वनलाइनर 24 MCQ CG-विशेष विस्तार · NCF · NEP अवधारणा शिक्षाशास्त्र - [बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र Child Development & Pedagogy](https://examcg.com/%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%8f%e0%a4%b5%e0%a4%82-%e0%a4%b6%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b7%e0%a4%be%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%8d/): बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र | Child Development & Pedagogy — CTET / CG TET / State TET Comprehensive Notes | examcg.com examcg.com · TET / CTET शृंखला बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्रChild Development & Pedagogy CTET · CG TET · UPTET · MPTET · REET (Paper-I & II) हेतु सम्पूर्ण नोट्स — वृद्धि-विकास, पियाजे-वाइगोत्स्की-कोहलबर्ग, बुद्धि, अधिगम सिद्धांत, समावेशी शिक्षा, आकलन — परिभाषाओं, तालिकाओं, स्मरण-सूत्रों और अभ्यास प्रश्नों सहित। 13 खण्ड ↓ 50+ अवधारणा-कार्ड 6 तालिकाएँ 25 वनलाइनर 15 MCQ वृद्धि व विकास विकास की अवस्थाएँ पियाजे वाइगोत्स्की–कोहलबर्ग भाषा व चिंतन बुद्धि अधिगम सिद्धांत अभिप्रेरणा समावेशी शिक्षा बाल-केंद्रित शिक्षा व आकलन सिद्धांतकार तालिका - [समसामयिकी जून 2026 Current Affairs Comprehensive Notes](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%af%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%9c%e0%a5%82%e0%a4%a8-2026-current-affairs-comprehensive-notes/): समसामयिकी जून 2026 | Current Affairs June 2026 — UPSC / PSC Comprehensive Notes | examcg.com examcg.com · मासिक समसामयिकी अंक समसामयिकी जून 2026Current Affairs Comprehensive Notes UPSC · CGPSC · MPPSC · UPPSC · RPSC · SSC · NTA NET स्तर — राष्ट्रीय, अर्थव्यवस्था, रक्षा, अंतर्राष्ट्रीय, विज्ञान, पर्यावरण, खेल, योजनाएँ, वनलाइनर और अभ्यास प्रश्न — सब एक ही अंक में। 12 खण्ड 60+ तथ्य-कार्ड 25 वनलाइनर 15 MCQ हिन्दी-प्रधान द्विभाषी ★ भारत–ओमान CEPA लागू (1 जून) ★ ले. जनरल धीरज सेठ नए थलसेनाध्यक्ष ★ प्रज्ञानानंद — नॉर्वे शतरंज जीतने वाले पहले भारतीय ★ IGCAR कलपक्कम में विश्व की पहली नाभिकीय - [बाल मनोविज्ञान (बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र)](https://examcg.com/%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%9e%e0%a4%be%e0%a4%a8-%e0%a4%ac%e0%a4%be%e0%a4%b2-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b8/): examcg.com • CG TET विशेष श्रृंखला बाल मनोविज्ञान (बाल विकास एवं शिक्षाशास्त्र) छत्तीसगढ़ शिक्षक पात्रता परीक्षा (CG TET) के पेपर-1 एवं पेपर-2 हेतु सम्पूर्ण नोट्स — सिद्धांत, मनोवैज्ञानिक, तालिकाएँ, स्मृति-सूत्र, वन-लाइनर तथा अभ्यास प्रश्नोत्तरी — सब एक ही पृष्ठ पर। CG TET पेपर-1 व 2 30 प्रश्न × 1 अंक हिन्दी माध्यम CGPSC / व्यापम उपयोगी विषय-सूची वृद्धि व विकास अवस्थाएँ पियाजे वाइगोत्स्की कोहलबर्ग बुद्धि अधिगम अभिप्रेरणा समावेशी शिक्षा वन-लाइनर स्मृति-सूत्र क्विज़ 📖 विषय-सूची (Index) बाल विकास : अर्थ, वृद्धि बनाम विकास विकास के सिद्धांत (Principles) विकास की अवस्थाएँ वंशानुक्रम, वातावरण व समाजीकरण पियाजे : संज्ञानात्मक विकास वाइगोत्स्की : सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत - [वाकाटक वंश](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a4%95-%e0%a4%b5%e0%a4%82%e0%a4%b6/): वाकाटक-वर्धन युग : हर्षवर्धन (550–647 ई.) — सम्पूर्ण वन-लाइनर नोट्स | ExamCG भारतीय इतिहास : परीक्षोपयोगी तथ्य-संग्रह वाकाटक-वर्धन युग (गुप्तोत्तर काल — 550–647 ई.)हर्षवर्धन : सम्पूर्ण वन-लाइनर नोट्स Vakataka & Vardhana (Harsha) Era : Complete One-Liner Fact Sheet • प्रिलिम्स-केंद्रित संकलन UPSCCGPSCMPPSC UPPSCRPSCNTA NET ★ Prelims Special 📚 शृंखला: ← मौर्यकाल ← गुप्तकाल ● वाकाटक-वर्धन (हर्ष) त्रिपक्षीय संघर्ष (शीघ्र) → वाकाटकप्रभावती-प्रवरसेनगुप्तोत्तर पृष्ठभूमि वर्धन वंशहर्ष: विजयेंह्वेनसांग प्रशासनसाहित्य-धर्मपतन वन-लाइनर्स🎯 स्व-परीक्षण 1वाकाटक वंश (~250–500 ई.) — स्रोत व उत्थान¶ संस्थापक — विन्ध्यशक्ति (पुराणों में उल्लेख; अजन्ता गुफा-16 के लेख में ‘द्विज’ — ब्राह्मण वंश, विष्णुवृद्धि गोत्र); केंद्र — विदर्भ/दक्षिणापथ। प्रवरसेन-I — वाकाटकों का एकमात्र - [गुप्तकाल](https://examcg.com/%e0%a4%97%e0%a5%81%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2/): गुप्तकाल (319–550 ई.) — सम्पूर्ण वन-लाइनर नोट्स | ExamCG भारतीय इतिहास : परीक्षोपयोगी तथ्य-संग्रह गुप्तकाल (319–550 ई.)सम्पूर्ण वन-लाइनर नोट्स Gupta Empire — ‘स्वर्ण युग’ : Complete One-Liner Fact Sheet • प्रिलिम्स-केंद्रित संकलन UPSCCGPSCMPPSC UPPSCRPSCNTA NET ★ Prelims Special 📚 शृंखला: ← मौर्यकाल ● गुप्तकाल वाकाटक-वर्धन (हर्ष) → स्रोतचन्द्रगुप्त-Iसमुद्रगुप्त चन्द्रगुप्त-IIकुमार-स्कन्दप्रशासन अर्थ-समाजकला-साहित्यपतन वन-लाइनर्स🎯 स्व-परीक्षण 1गुप्त इतिहास के स्रोत (Sources)¶ प्रयाग-प्रशस्ति (इलाहाबाद स्तंभलेख) — हरिषेण (सन्धिविग्रहिक) रचित; समुद्रगुप्त की विजयों का वर्णन; चम्पू शैली (गद्य+पद्य); संस्कृत, ब्राह्मी लिपि; तिथि-रहित। मेहरौली लौह-स्तंभ (दिल्ली) — ‘चन्द्र’ नामक राजा की प्रशस्ति (चन्द्रगुप्त-II से समीकरण); 1600+ वर्षों से जंग-रहित — गुप्त धातुकर्म का प्रमाण। ऐरण अभिलेख (MP, सागर) - [मौर्यकाल](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2/): मौर्यकाल (322–185 ई.पू.) — सम्पूर्ण वन-लाइनर नोट्स | ExamCG भारतीय इतिहास : परीक्षोपयोगी तथ्य-संग्रह मौर्यकाल (322–185 ई.पू.)सम्पूर्ण वन-लाइनर नोट्स Maurya Empire : Complete One-Liner Fact Sheet • प्रिलिम्स-केंद्रित संकलन UPSCCGPSCMPPSC UPPSCRPSCNTA NET ★ Prelims Special 📚 शृंखला: ● मौर्यकाल गुप्तकाल → वाकाटक-वर्धन (हर्ष) → स्रोतचन्द्रगुप्तबिन्दुसार अशोकअभिलेखप्रशासन अर्थव्यवस्थाकलापतनवन-लाइनर्स🎯 स्व-परीक्षण 1मौर्य इतिहास के स्रोत (Sources)¶ अर्थशास्त्र — कौटिल्य (चाणक्य/विष्णुगुप्त) कृत; राजनीति व शासन-प्रणाली का ग्रंथ; 15 अधिकरण, 180 प्रकरण, लगभग 6,000 श्लोक। अर्थशास्त्र की खोज — 1909 में आर. शामशास्त्री ने (मैसूर से) प्रकाशित किया। इंडिका — मेगस्थनीज (सेल्यूकस का राजदूत, चन्द्रगुप्त के दरबार में); मूल ग्रंथ अप्राप्य, उद्धरण स्ट्रैबो, एरियन, डियोडोरस में। - [अध्याय - 5: मौर्य साम्राज्य](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%af-5-%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af/): अध्यायवार परीक्षोपयोगी तथ्य-श्रृंखला भारत का इतिहासमहत्वपूर्ण परीक्षोपयोगी तथ्य अध्याय 5 : मौर्य साम्राज्य चंद्रगुप्त मौर्य • बिंदुसार • अशोक • प्रशासन • कला • पतन परिचय चंद्रगुप्त मौर्य बिंदुसार अशोक महान प्रशासन एवं कला एक नज़र में 📜 परिचय 👑 चंद्रगुप्त 📜 बिंदुसार 🛕 अशोक 🎨 प्रशासन एवं कला 1 परिचय एवं पृष्ठभूमि परीक्षा-दृष्टि : मौर्य साम्राज्य की स्थापना, विस्तार और महत्वपूर्ण स्रोत। मौर्य साम्राज्य की स्थापना चंद्रगुप्त मौर्य ने 322 ई.पू. में की। यह प्राचीन भारत का प्रथम विशाल एवं केंद्रीकृत साम्राज्य था। मौर्य काल के प्रमुख स्रोत — अर्थशास्त्र (कौटिल्य), इंडिका (मेगास्थनीज) और अशोक के अभिलेख। मौर्य साम्राज्य का - [अध्याय 6 : उत्तर मौर्य काल](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%af-6-%e0%a4%89%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%8c%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%af-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2/): अध्यायवार परीक्षोपयोगी तथ्य-श्रृंखला भारत का इतिहासमहत्वपूर्ण परीक्षोपयोगी तथ्य अध्याय 6 : उत्तर मौर्य काल शुंग वंश • कण्व वंश • सातवाहन वंश • विदेशी शासक • कला एवं संस्कृति परिचय शुंग वंश कण्व वंश सातवाहन वंश विदेशी शासक एक नज़र में 📜 परिचय 🏛️ शुंग वंश 📜 कण्व वंश 🛕 सातवाहन 🌍 विदेशी शासक 1 परिचय एवं पृष्ठभूमि परीक्षा-दृष्टि : मौर्य साम्राज्य के पतन के बाद राजनीतिक विखंडन और नए वंशों का उदय। मौर्य साम्राज्य के पतन के बाद (लगभग 185 ई.पू.) भारत में राजनीतिक विखंडन हुआ। इस काल को उत्तर मौर्य काल कहा जाता है। इस काल में उत्तर भारत - [अध्याय 4 : षोडश महाजनपद काल](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%af-4-%e0%a4%b7%e0%a5%8b%e0%a4%a1%e0%a4%b6-%e0%a4%ae%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a4%a8%e0%a4%aa%e0%a4%a6-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2/): अध्यायवार परीक्षोपयोगी तथ्य-श्रृंखला भारत का इतिहासमहत्वपूर्ण परीक्षोपयोगी तथ्य अध्याय 4 : षोडश महाजनपद काल 16 महाजनपद • मगध का उदय • बौद्ध धर्म • जैन धर्म • धार्मिक आंदोलन • सामाजिक परिवर्तन UPSCState PSCUGC NETSSC परिचय 16 महाजनपद बौद्ध धर्म जैन धर्म तुलना एक नज़र में 1 परिचय एवं पृष्ठभूमिवैदिक काल से महाजनपद काल तक • NBPW संस्कृति परीक्षा-दृष्टि : वैदिक काल के अंत में राजनीतिक एकीकरण, 16 महाजनपदों का उदय तथा उत्तरी काले पॉलिश मृद्भांड (NBPW) संस्कृति से संबंधित तथ्य। उत्तर वैदिक काल के अंत तक (लगभग 600 ई.पू.) छोटे-छोटे जनपद महाजनपदों में बदल गए। इनकी संख्या 16 थी। महाजनपद - [अध्याय 3 : वैदिक काल](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%af-3-%e0%a4%b5%e0%a5%88%e0%a4%a6%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2/): अध्यायवार परीक्षोपयोगी तथ्य-श्रृंखला भारत का इतिहासमहत्वपूर्ण परीक्षोपयोगी तथ्य अध्याय 3 : वैदिक काल ऋग्वैदिक काल (1500–1000 ई.पू.) • उत्तर वैदिक काल (1000–600 ई.पू.) • चार वेद • वर्णाश्रम • दशराज्ञ युद्ध • उपनिषद् दर्शन UPSCState PSC (CGPSC/UPPSC/BPSC)UGC NET इतिहासSSC 📜 परिचय एवं स्रोत 🕉️ ऋग्वैदिक काल 📜 उत्तर वैदिक काल 👥 वर्णाश्रम व्यवस्था 🔥 धर्म, साहित्य एवं उपनिषद् दर्शन ⚡ एक नज़र में 1 काल-विभाजन एवं साहित्यिक स्रोतऋग्वैदिक • उत्तर वैदिक • चार वेद • ब्राह्मण • उपनिषद् परीक्षा-दृष्टि : काल-विभाजन, चार वेदों का क्रम एवं विशेषता, पुरुष सूक्त का स्थान तथा उपनिषदों की दार्शनिक अवधारणाएँ सीधे प्रश्नों में आती हैं। - [अध्याय 2 : सिंधु घाटी (हड़प्पा) सभ्यता](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%af-2-%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a7%e0%a5%81-%e0%a4%98%e0%a4%be%e0%a4%9f%e0%a5%80-%e0%a4%b9%e0%a4%a1%e0%a4%bc%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%aa/): अध्यायवार परीक्षोपयोगी तथ्य-श्रृंखला भारत का इतिहासमहत्वपूर्ण परीक्षोपयोगी तथ्य अध्याय 2 : सिंधु घाटी (हड़प्पा) सभ्यता नगर-योजना • मुहरें एवं लिपि • व्यापार • पतन-सिद्धांत • प्रमुख स्थल एवं साक्ष्य UPSCState PSC (CGPSC/UPPSC/BPSC)UGC NET इतिहासSSC 🔍 परिचय-खोज 🕰️ काल-निर्धारण 🏙️ नगर-योजना 🏺 मुहरें-लिपि 🎨 सांस्कृतिक-जीवन 🚢 व्यापार 💥 पतन-सिद्धांत 📍 प्रमुख स्थल ⚡ एक नज़र में १ परिचय एवं खोजखोजकर्ता • महत्व • नामकरण परीक्षा-दृष्टि : खोजकर्ता–वर्ष–स्थल मिलान तथा सर जॉन मार्शल की भूमिका प्रायः सीधा प्रश्न है। हड़प्पा की खोज 1921 ई. में दयाराम साहनी ने की — यह स्थल रावी नदी के तट पर (पंजाब, पाकिस्तान) स्थित है। मोहनजोदड़ो (अर्थ - [अध्याय 1 : प्रागैतिहासिक काल](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%be%e0%a4%af-1-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a5%88%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a4%be/): अध्यायवार परीक्षोपयोगी तथ्य-श्रृंखला भारत का इतिहासमहत्वपूर्ण परीक्षोपयोगी तथ्य अध्याय 1 : प्रागैतिहासिक काल पाषाण युग से ताम्रपाषाण युग तक — काल-विभाजन • पुरापाषाण • मध्यपाषाण • नवपाषाण • ताम्रपाषाण • शैलचित्र कला UPSCState PSC (CGPSC/UPPSC/BPSC)UGC NET इतिहासSSC 🕰️ काल-विभाजन 🪨 पुरापाषाण 🏹 मध्यपाषाण 🌾 नवपाषाण 🔶 ताम्रपाषाण 🎨 शैलचित्र ⚡ एक नज़र में १ काल-विभाजन एवं अध्ययन-पद्धतिप्रागैतिहास • आद्य इतिहास • तिथि-निर्धारण विधियाँ परीक्षा-दृष्टि : इस खण्ड से शब्द-प्रवर्तक विद्वान (किसने कौन-सा शब्द दिया) तथा तिथि-निर्धारण विधियों पर सीधे प्रश्न आते हैं। मानव-अतीत का अध्ययन तीन चरणों में बाँटा जाता है — प्रागैतिहासिक काल (लिखित साक्ष्य का पूर्ण अभाव), आद्य ऐतिहासिक - [द्वितीय विश्व युद्ध (1939-1945): कारण, घटनाक्रम, भारत की भूमिका और परिणाम](https://examcg.com/%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-1939-1945-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0/): द्वितीय विश्व युद्ध (1939-1945): कारण, घटनाक्रम, भारत की भूमिका और परिणाम | ExamCG ExamCG · विश्व इतिहास शृंखला · सम्पूर्ण नोटबुक द्वितीय विश्व युद्ध (1939-1945): कारण, घटनाक्रम, भारत की भूमिका और परिणाम UPSC CSE, राज्य PSC एवं NTA UGC NET (इतिहास) हेतु All-in-One अध्याय — वर्साय की संधि से हिरोशिमा-नागासाकी, धुरी राष्ट्रों के उदय, मित्र राष्ट्रों की विजय, आजाद हिंद फौज और संयुक्त राष्ट्र संघ तक। एक नज़र में पृष्ठभूमि कारण घटनाक्रम भारत की भूमिका परिणाम व महत्व वन-लाइनर्स MCQ अभ्यास PYQ व स्मरण-सूत्र 01अध्याय एक नज़र में (Chapter at a Glance) परिचय-बॉक्स द्वितीय विश्व युद्ध (1939-1945) मानव इतिहास का सबसे - [प्रथम विश्व युद्ध: कारण, प्रमुख घटनाएँ और वर्साय की संधि](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a5%e0%a4%ae-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%af%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%a7-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%aa%e0%a5%8d/): प्रथम विश्व युद्ध: कारण, प्रमुख घटनाएँ और वर्साय की संधि | ExamCG ExamCG · विश्व इतिहास शृंखला · सम्पूर्ण नोटबुक प्रथम विश्व युद्ध: कारण, प्रमुख घटनाएँ और वर्साय की संधि UPSC CSE, राज्य PSC एवं NTA UGC NET (इतिहास) हेतु All-in-One अध्याय — दीर्घकालिक कारणों (M.A.I.N.) से लेकर युद्ध का घटनाक्रम, वर्साय की संधि, राष्ट्र संघ, वन-लाइनर्स, MCQ अभ्यास और PYQ तक। एक नज़र में पृष्ठभूमि कारण (M.A.I.N.) तात्कालिक कारण प्रमुख घटनाएँ युद्ध का स्वरूप वर्साय की संधि राष्ट्र संघ व परिणाम वन-लाइनर्स MCQ अभ्यास PYQ व स्मरण-सूत्र 01अध्याय एक नज़र में (Chapter at a Glance) परिचय-बॉक्स प्रथम विश्व युद्ध (First - [अमेरिकी क्रांति -1776](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%bf-1776-2/): अमेरिकी क्रांति (1775–1783) — परिचय American Revolution · 1775–1783 · No Taxation Without Representation अमेरिकी क्रांति (1775–1783) विश्व इतिहास की पहली सफल उपनिवेशवादी क्रांति थी। इसने ब्रिटिश साम्राज्य से 13 अमेरिकी उपनिवेशों की स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी और आधुनिक लोकतंत्र तथा गणतंत्र की नींव रखी। क्रांति के मुख्य कारण थे — ब्रिटिश कर नीतियाँ, “प्रतिनिधित्व के बिना कर नहीं” का नारा, ज्ञानोदय के विचार और आर्थिक शोषण। 4 जुलाई 1776 को स्वतंत्रता की घोषणा हुई। जॉर्ज वॉशिंगटन के नेतृत्व में अमेरिका ने ब्रिटेन को हराया और 1783 में पेरिस की संधि के साथ स्वतंत्र हुआ। 🔑 प्रमुख अवधारणाएँ: स्वतंत्रता · प्रतिनिधित्व - [अमेरिकी क्रांति (1776): कारण, स्वतंत्रता और अमेरिकी संविधान](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%bf-1776-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%b8%e0%a5%8d-2/): अमेरिकी क्रांति (1776): कारण, स्वतंत्रता और अमेरिकी संविधान | ExamCG ExamCG · विश्व इतिहास शृंखला · सम्पूर्ण नोटबुक अमेरिकी क्रांति (1776): कारण, स्वतंत्रता और अमेरिकी संविधान UPSC CSE, राज्य PSC एवं NTA UGC NET (इतिहास) हेतु All-in-One अध्याय — पृष्ठभूमि से लेकर संविधान, वन-लाइनर्स, MCQ अभ्यास और PYQ तक। एक नज़र में पृष्ठभूमि कारण घटनाक्रम स्वतंत्रता की घोषणा अमेरिकी संविधान परिणाम व इतिहासकार वन-लाइनर्स MCQ अभ्यास PYQ व स्मरण-सूत्र 01अध्याय एक नज़र में (Chapter at a Glance) परिचय-बॉक्स अमेरिकी क्रांति (American Revolution) आधुनिक विश्व का पहला सफल उपनिवेश-विरोधी स्वतंत्रता संग्राम था, जिसने ब्रिटेन के 13 उत्तरी अमेरिकी उपनिवेशों को स्वतंत्र कर - [फ्रांसीसी क्रांति (1789)](https://examcg.com/%e0%a4%ab%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%b8%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%bf-1789/): फ्रांसीसी क्रांति (1789) — परिचय French Revolution · 1789–1799 · स्वतंत्रता • समानता • भ्रातृत्व फ्रांसीसी क्रांति (1789–1799) आधुनिक विश्व इतिहास की सबसे प्रभावशाली घटनाओं में से एक है। इसने सदियों पुराने सामंतवाद, निरंकुश राजतंत्र और चर्च के विशेषाधिकारों को चुनौती दी और “स्वतंत्रता, समानता, भ्रातृत्व” (Liberté, Égalité, Fraternité) के आदर्शों को स्थापित किया। क्रांति के मूल कारण थे — गंभीर आर्थिक संकट, सामाजिक असमानता (तीन एस्टेट व्यवस्था), ज्ञानोदय के विचार (वोल्टेयर, रूसो, मोंटेस्क्यू), और लुई सोलहवीं तथा मैरी एंटोनेट का अकुशल शासन। क्रांति के प्रमुख चरण थे: संवैधानिक राजतंत्र (1791), गणराज्य (1792), आतंक का शासन (1793–94), और निर्देशिका (1795–99)। अंततः - [अमेरिकी क्रांति (1776)](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%bf-1776/): विश्व इतिहास · परीक्षा नोट्स अमेरिकी क्रांति (1776): कारण, स्वतंत्रता एवं अमेरिकी संविधान American Revolution — कारण, प्रमुख घटनाएँ, स्वतंत्रता की घोषणा और संविधान-निर्माण की संपूर्ण एवं परीक्षा-उन्मुख अध्ययन सामग्री UGC NET UPSC Prelims UPPCS RPSC World History भूमिका (Introduction) अमेरिकी क्रांति (American Revolution, 1765–1783) घटनाओं की वह श्रृंखला थी जिसके परिणामस्वरूप उत्तरी अमेरिका के तेरह ब्रिटिश उपनिवेशों (Thirteen Colonies) ने ब्रिटिश साम्राज्य के विरुद्ध विद्रोह करते हुए स्वतंत्रता प्राप्त की और संयुक्त राज्य अमेरिका (United States of America) नामक नए राष्ट्र की स्थापना हुई। यह विश्व इतिहास की पहली सफल उपनिवेश-विरोधी क्रांति मानी जाती है, जिसने आगे चलकर फ्रांसीसी क्रांति - [राष्ट्र-राज्यों का उदय](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%b7%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9c%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%89%e0%a4%a6%e0%a4%af/): राष्ट्र-राज्यों का उदय · Rise of Nation-States · इतिहास 🏛️ 1648 – 1945 (आधुनिक विश्व) राष्ट्र-राज्यों का उदय Rise of Nation-States · संप्रभुता · राष्ट्रवाद · 18 अध्याय · 25 One‑Liners · 15 MCQ वेस्टफेलिया की संधि से लेकर आधुनिक वैश्वीकरण तक — राष्ट्र-राज्यों की यात्रा जिसने विश्व के नक्शे और शक्ति संरचना को हमेशा के लिए बदल दिया। 🗺️ वेस्टफेलिया (1648) ⚜️ राष्ट्रवाद 🏛️ संप्रभुता 🌍 वैश्वीकरण 📜 आधुनिक इतिहास 📖 परिचय — राष्ट्र-राज्य: एक आधुनिक विचार Rise of Nation-States · 1648–Present · A Modern Concept राष्ट्र-राज्य (Nation-State) आधुनिक विश्व की सबसे मौलिक राजनीतिक इकाई है। यह एक ऐसा राज्य - [रूसी क्रांति (1917): कारण, बोल्शेविक और वैश्विक प्रभाव](https://examcg.com/%e0%a4%b0%e0%a5%82%e0%a4%b8%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%bf-1917-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%ac%e0%a5%8b%e0%a4%b2%e0%a5%8d%e0%a4%b6/): रूसी क्रांति (1917) · Russian Revolution · कारण, बोल्शेविक, वैश्विक प्रभाव ☭ 1917 रूसी क्रांति (1917) Russian Revolution · कारण · बोल्शेविक · वैश्विक प्रभाव · 18 अध्याय · 25 One‑Liners · 15 MCQ “शांति, रोटी, और भूमि” — जारवाद से लेकर सोवियत संघ तक, एक ऐसी क्रांति जिसने 20वीं सदी की दिशा बदल दी। ☭ बोल्शेविक 👑 जार निकोलस II 📜 लेनिन ⚔️ गृह युद्ध 🌍 शीत युद्ध 📖 परिचय — रूसी क्रांति: एक नए युग का जन्म Russian Revolution · 1917 · The Birth of a New Era रूसी क्रांति (1917) 20वीं सदी की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से - [अमेरिकी क्रांति (1776): कारण, स्वतंत्रता और अमेरिकी संविधान](https://examcg.com/%e0%a4%85%e0%a4%ae%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%bf%e0%a4%95%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%bf-1776-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%b8%e0%a5%8d/): अमेरिकी क्रांति (1776) · American Revolution · कारण, स्वतंत्रता, संविधान 🇺🇸 1765 – 1791 अमेरिकी क्रांति (1776) American Revolution · कारण · स्वतंत्रता · संविधान · 18 अध्याय · 25 One‑Liners · 15 MCQ “No taxation without representation” — ब्रिटिश उपनिवेशों से लेकर स्वतंत्र अमेरिका तक: कारण, Declaration of Independence, और US Constitution की संपूर्ण गाथा। ⚔️ स्वतंत्रता संग्राम 📜 Declaration of Independence ⭐ 13 कॉलोनियाँ 🏛️ US Constitution 🗽 Bill of Rights 📖 परिचय — अमेरिकी क्रांति: एक राष्ट्र का जन्म American Revolution · 1765–1791 · The Birth of a Nation अमेरिकी क्रांति (American Revolution) वह ऐतिहासिक प्रक्रिया थी जिसके - [औद्योगिक क्रांति](https://examcg.com/%e0%a4%94%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%bf/): औद्योगिक क्रांति · Industrial Revolution · कारण, प्रसार, प्रभाव 🏭 1760 – 1840 (प्रथम चरण) औद्योगिक क्रांति Industrial Revolution · कारण · प्रसार · सामाजिक-आर्थिक प्रभाव · 18 अध्याय · 25 One‑Liners · 15 MCQ ब्रिटेन से शुरू होकर पूरी दुनिया में फैली वह भीषण परिवर्तनकारी लहर — जिसने कृषि प्रधान समाज को कारखानों, रेलवे और आधुनिक पूँजीवाद के युग में बदल दिया। ⚙️ भाप इंजन 🚂 रेलवे 🏙️ शहरीकरण 👷 श्रमिक वर्ग 🌍 वैश्विक विस्तार 📖 परिचय — औद्योगिक क्रांति: मानव इतिहास का सबसे बड़ा परिवर्तन Industrial Revolution · 1760–1840 · The Greatest Transformation in Human History औद्योगिक क्रांति (Industrial - [सामंतवाद का पतन और पुनर्जागरण का उदय](https://examcg.com/%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%b5%e0%a4%be%e0%a4%a6-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%aa%e0%a4%a4%e0%a4%a8-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9c/): सामंतवाद का पतन और पुनर्जागरण का उदय · Decline of Feudalism & Rise of Renaissance 🏰 14वीं–16वीं सदी सामंतवाद का पतन और पुनर्जागरण का उदय Decline of Feudalism & Rise of Renaissance · 18 अध्याय · 25 One‑Liners · 15 MCQ मध्ययुगीन यूरोप से आधुनिक युग तक — काली मृत्यु, क्रूसेड, नई खोजें, मानवतावाद, कला, विज्ञान और पुनर्जागरण की अनमोल विरासत 🏰 सामंतवाद ⚔️ क्रूसेड 💀 काली मृत्यु 🎨 पुनर्जागरण 📚 मानवतावाद 📖 परिचय — सामंतवाद से पुनर्जागरण तक: यूरोप का परिवर्तन From Feudalism to Renaissance: Europe’s Transformation (14th–16th Century) सामंतवाद का पतन और पुनर्जागरण का उदय यूरोपीय इतिहास के दो - [औद्योगिक क्रांति: कारण, समाज पर प्रभाव और प्रसार](https://examcg.com/%e0%a4%94%e0%a4%a6%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%8b%e0%a4%97%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a4%bf-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%b8%e0%a4%ae/): औद्योगिक क्रांति: कारण, समाज पर प्रभाव और प्रसार | Industrial Revolution ⚙ 1760 – 1840 · ब्रिटेन से विश्व तक औद्योगिक क्रांति Industrial Revolution · Causes · Impact on Society · Spread भाप के इंजन की फुफकार से लेकर कारखानों की चिमनियों तक — वह क्रांति जिसने हज़ारों वर्षों की कृषि-सभ्यता को मशीन-युग में बदल दिया और आधुनिक विश्व की नींव रखी 🏭 कारखाना प्रणाली ⚙️ भाप का इंजन 🚂 रेलवे युग 🏙️ नगरीकरण ⚖️ पूंजीवाद बनाम समाजवाद 📖 परिचय — जब मशीनों ने इतिहास की दिशा बदली Industrial Revolution · c. 1760–1840 · Britain औद्योगिक क्रांति से तात्पर्य उत्पादन-प्रणाली में - [छत्तीसगढ़ का वृहद इतिहास](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b5%e0%a5%83%e0%a4%b9%e0%a4%a6-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8/): छत्तीसगढ़ का वृहद इतिहास — CGPSC · Vyapam · State Exams | ExamCG ExamCG · स्टेट सिविल सर्विसेज नोट्स छत्तीसगढ़ का वृहद इतिहास CGPSC (Pre + Mains) एवं व्यापक राज्य स्तरीय परीक्षाओं के लिए सर्वसमावेशी एवं उच्च प्रदर्शन युक्त डिजिटल संकलन। प्राचीन काल प्रागैतिहासिक युग पाषाण काल से गुप्त काल तक 4थी–12वीं सदी क्षेत्रीय राजवंश शरभपुरीय, पांडु एवं नल वंश मध्यकाल कलचुरि राजवंश रतनपुर, रायपुर व गढ़ व्यवस्था 1741–1854 मराठा शासनकाल सूबेदारी प्रथा व ब्रिटिश अधीक्षक जनजातीय प्रमुख आदिवासी विद्रोह हलबा से भूमकाल (1910) तक आधुनिक काल स्वतंत्रता व राज्य गठन 1857 क्रांति से वर्ष 2000 तक अध्याय 01 · आधारशिला - [विश्व इतिहास मास्टर नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%b0-%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%9f%e0%a5%8d-2/): विश्व इतिहास मास्टर नोट्स — UPSC · State PSC · NTA NET | ExamCG ExamCG · विश्व इतिहास शृंखला विश्व इतिहास मास्टर नोट्स UPSC CSE (GS-I मुख्य परीक्षा), राज्य PSC एवं NTA UGC NET (इतिहास) हेतु विश्लेषणात्मक अध्याय नोट्स — कारण, चरण, परिणाम और इतिहास-लेखन (Historiography) एक ही स्थान पर। 1789–1815 फ्रांसीसी क्रांति एवं नेपोलियन युग स्वतंत्रता · समानता · बंधुत्व 1760–1914 औद्योगिक क्रांति मशीनें, पूँजी और नए वर्ग 1914–1920 प्रथम विश्व युद्ध एवं राष्ट्र संघ सम्पूर्ण युद्ध और असफल शांति 1945–1991 शीत युद्ध काल द्विध्रुवीयता, गुटनिरपेक्षता और दितांत अध्याय 01 · क्रांतियों का युग फ्रांसीसी क्रांति एवं नेपोलियन युग (1789–1815) - [विश्व इतिहास मास्टर नोट्स](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%9f%e0%a4%b0-%e0%a4%a8%e0%a5%8b%e0%a4%9f%e0%a5%8d/): विश्व इतिहास मास्टर नोट्स — UPSC · State PSC · NTA NET | ExamCG ExamCG · विश्व इतिहास श्रृंखला विश्व इतिहास मास्टर नोट्स UPSC CSE (GS-I Mains), State PSCs और NTA UGC NET (History) के लिए विश्लेषणात्मक अध्याय नोट्स — कारण, चरण, परिणाम और इतिहासलेखन एक ही स्थान पर। 1789–1815 फ्रांसीसी क्रांति और नेपोलियन युग स्वतंत्रता · समानता · बंधुत्व ल. 1760–1914 औद्योगिक क्रांति मशीनें, पूंजी और नए वर्ग 1914–1920 प्रथम विश्व युद्ध और राष्ट्र संघ पूर्ण युद्ध और विफल शांति 1945–1991 शीत युद्ध का युग द्विध्रुवीयता, NAM और तनाव-शैथिल्य 1917–1924 रूसी क्रांति ज़ारशाही से सोवियत गणराज्य तक 1919–1939 फासीवाद और - [जर्मनी का एकीकरण](https://examcg.com/%e0%a4%9c%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%ae%e0%a4%a8%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%8f%e0%a4%95%e0%a5%80%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a4%a3/): जर्मनी का एकीकरण (1871) | Unification of Germany 🇩🇪 1815 – 1871 जर्मनी का एकीकरण (1871) Unification of Germany · Timeline · Causes · Process · Results ओटो वॉन बिस्मार्क की ‘लौह और रक्त’ नीति से लेकर वर्साय के हॉल ऑफ मिरर्स में जर्मन साम्राज्य की घोषणा तक — यूरोप के नक्शे को बदलने वाली ऐतिहासिक प्रक्रिया ⚔️ लौह और रक्त 👑 बिस्मार्क 🇩🇪 जर्मन साम्राज्य 📜 1871 🌍 यूरोप का इतिहास 📖 परिचय — जर्मनी का एकीकरण: एक राष्ट्र का जन्म German Unification · 1815–1871 · यूरोपीय इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक जर्मनी का एकीकरण (1871) 19वीं - [इटली का एकीकरण (1870)](https://examcg.com/elementor-23156/): इटली का एकीकरण (1870) · Unification of Italy 🇮🇹 1815 – 1870 इटली का एकीकरण (1870) Unification of Italy · रिसोर्जिमेंटो (Risorgimento) · 18 अध्याय · 25 One‑Liners · 15 MCQ मैज़िनी, कावूर और गैरीबाल्डी के नेतृत्व में — ऑस्ट्रिया से लेकर रोम तक, इटली के एकीकरण की वीरगाथा ⚔️ रिसोर्जिमेंटो 👑 विक्टर इमैनुएल II 🇮🇹 1870 📜 18 अध्याय 🌍 यूरोप का इतिहास 📖 परिचय — इटली का एकीकरण: रिसोर्जिमेंटो का महाकाव्य Italian Unification · 1815–1870 · यूरोपीय इतिहास की निर्णायक घटना इटली का एकीकरण (1870) 19वीं सदी के यूरोपीय इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक है, जिसे - [भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं का योगदान](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%a4%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0-3/): भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं का योगदान | Women in Freedom 📖 अनुक्रम सूची One-Liners MCQ 🇮🇳 1857 – 1947 · स्वतंत्रता संग्राम अभिलेख भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं का योगदान Women’s Contribution to Indian Freedom Struggle · 16 प्रमुख नायिकाएँ सावित्रीबाई फुले से सरोजिनी नायडू तक — सामाजिक सुधार, राजनीति, क्रांति और बलिदान की अद्भुत गाथा 👩‍🏫 सामाजिक सुधार 🎭 राजनीति 💣 क्रांति 📚 शिक्षा ✊ स्वतंत्रता 📖 परिचय — महिलाएँ जिन्होंने भारत की आज़ादी की नींव रखी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं की भूमिका · 1857–1947 भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण और बहुआयामी रहा है। - [भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं का योगदान1](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%a4%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0-2/): भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं का योगदान | Women in Freedom 🇮🇳 1857 – 1947 भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं का योगदान Women’s Contribution to Indian Freedom Struggle · 16 प्रमुख नायिकाएँ सावित्रीबाई फुले से सरोजिनी नायडू तक — सामाजिक सुधार, राजनीति, क्रांति और बलिदान की अद्भुत गाथा 👩‍🏫 सामाजिक सुधार 🎭 राजनीति 💣 क्रांति 📚 शिक्षा ✊ स्वतंत्रता 📖 परिचय — महिलाएँ जिन्होंने भारत की आज़ादी की नींव रखी भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं की भूमिका · 1857–1947 भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण और बहुआयामी रहा है। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से लेकर 1947 की - [भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं का योगदान](https://examcg.com/%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%af-%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%a4%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%97%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be/): भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं का योगदान | Women in Indian Freedom Struggle 👩‍✊ भारतीय स्वतंत्रता संग्राम · Women in Independence भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं का योगदान Women’s Contribution to Indian Freedom Struggle (1857–1947) · 18 अध्याय · 25 One-Liners Sarojini Naidu · Kasturba Gandhi · Aruna Asaf Ali · Savitri Devi · Sucheta Kriplani · Iravati Karve · महिलाएँ स्वतंत्रता में Women LeadersFreedom StruggleSocial Reformers Dalit WomenSalt March18 Chapters 📋 MASTER INDEX विषय-सूची — भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं का योगदान 18 अध्याय, पूर्ण कवरेज (1857–1947) 📢 यह व्यापक संस्करण है: महिला सुधारकों से लेकर स्वतंत्रता संग्रामियों तक — - [करेंट अफेयर्स क्विज़ - जून 2026](https://examcg.com/%e0%a4%95%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%82%e0%a4%9f-%e0%a4%85%e0%a4%ab%e0%a5%87%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%b8-%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%9c%e0%a4%bc-%e0%a4%9c%e0%a5%82%e0%a4%a8-2026/): करेंट अफेयर्स क्विज़ – जून 2026 | UPSC/PSC 📚 मासिक करेंट अफेयर्स क्विज़ जून 2026 | UPSC / State PSC परीक्षा स्तर 100 प्रश्न • संपूर्ण एवं अद्यतित (जून घटनाक्रम) कुल: 100 उत्तरित: 0 सही: 0 गलत: 0 शेष: 100 © 2026 करेंट अफेयर्स क्विज़ | जून 2026 | UPSC/PSC तैयारी हेतु 0 CommentsComments are closed ## Pages - 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Art And Culture is an Integral Part of the UPSC Syllabus of GS1 Paper in Preliminary Examination 2025 and GS1 Paper of UPSC Mains Examination 2025. For most applicants, studying Indian culture and heritage for the UPSC Civil Services Exam is a difficult endeavor. Every nation’s progress is influenced by its culture. Culture denotes a collection of common beliefs, values, objectives, and activities. Culture and creativity may be found in nearly every economic, social, and other activity. - [करेंट अफेयर्स](https://examcg.com/current-affairs/): करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स में आपका स्वागत है। यहाँ हम बैंक, रेलवे, SSC, UPSC और टीचिंग जैसी सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए परीक्षोपयोगी करेंट अफेयर्स लेकर आये हैं। जो नवीनतम वैश्विक समाचारों और करंट अफेयर्स से अपडेट रहने के लिए बहुत ही जरूरी है। हमें भारत की सबसे प्रतिष्ठित करेंट अफेयर्स वेबसाइटों में से एक होने पर गर्व है, जो लम्बे समय से अपने विद्यार्थियों को जीए और करेंट सेक्शन अच्छे मार्क्स लेकर आने में मदद करती है। करेंट अफेयर्स skip render: ucaddon_post_list 0 CommentsComments are closed - [छत्तीसगढ़ का सामान्य ज्ञान](https://examcg.com/%e0%a4%9b%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80%e0%a4%b8%e0%a4%97%e0%a4%a2%e0%a4%bc-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8-2/): छत्तीसगढ़ का सामान्य ज्ञान छत्तीसगढ़ का सामान्य ज्ञान सेक्शन में आपका स्वागत है। यहाँ हम बैंक, रेलवे, SSC, UPSC , CGPSC, CGVYAPAM और टीचिंग जैसी सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए परीक्षोपयोगी  छत्तीसगढ़ का सामान्य ज्ञान लेकर आये हैं। जो अपडेट रहने के लिए बहुत ही जरूरी है।  विद्यार्थियों को इस सेक्शन से अच्छे मार्क्स लेकर आने में मदद करती है। छत्तीसगढ़ का इतिहास महात्मा गांधीजी का छत्तीसगढ़ प्रवास संबंधी प्रश्नोत्तरी महात्मा गांधी की छत्तीसगढ़ यात्रा छत्तीसगढ़ में ब्रिटिश शासन छत्तीसगढ़ में जनजातीय विद्रोह सिरपुर: छत्तीसगढ़ का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर स्थल CGPSC History Questions छत्तीसगढ़ का आधुनिक - [विश्व का इतिहास](https://examcg.com/%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%b6%e0%a5%8d%e0%a4%b5-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8/): विश्व का इतिहास विश्व का इतिहास सेक्शन में आपका स्वागत है। यहाँ हम बैंक, रेलवे, SSC, UPSC , CGPSC, CGVYAPAM और टीचिंग जैसी सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए परीक्षोपयोगी  छत्तीसगढ़ का इतिहास लेकर आये हैं। जो अपडेट रहने के लिए बहुत ही जरूरी है।  विद्यार्थियों को इस सेक्शन से अच्छे मार्क्स लेकर आने में मदद करती है। विश्व का इतिहास अफीम युद्ध (1839-1860), उत्पत्ति, प्रमुख परिणाम विश्व की प्राचीन सभ्यताएँ, सूची, समाज, धर्म म्यूनिख समझौता से द्वितीय विश्व युद्ध के प्रारंभ तक 1918 से 1939 तक का अंतर-युद्ध काल, प्रमुख घटनाएँ, राष्ट्र संघ मध्य पूर्व का - [मध्यकालीन भारत का इतिहास](https://examcg.com/%e0%a4%ae%e0%a4%a7%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b2%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8/): मध्यकालीन भारत का इतिहास मध्यकालीन भारतीय इतिहास सेक्शन में आपका स्वागत है। यहाँ हम बैंक, रेलवे, SSC, UPSC और टीचिंग जैसी सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए परीक्षोपयोगी प्राचीन भारतीय इतिहास लेकर आये हैं। जो अपडेट रहने के लिए बहुत ही जरूरी है।  विद्यार्थियों को इस सेक्शन से अच्छे मार्क्स लेकर आने में मदद करती है। मध्यकालीन भारत का इतिहास मीराबाई, प्रारंभिक जीवन, संघर्ष, प्रमुख रचनाएँ, विरासत नामदेव प्रारंभिक जीवन, मान्यताएं, साहित्यिक रचनाएं, विरासत चैतन्य महाप्रभु, प्रारंभिक जीवन, दर्शन, शिक्षाएँ मराठा साम्राज्य [1674-1818]: मराठा-मुगल संघर्ष मुगल काल (1526-40 और 1555-1857) भक्ति आंदोलन: महत्व, नयनार, अलवर और विशेषता बहमनी - [प्राचीन भारत का इतिहास](https://examcg.com/%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%9a%e0%a5%80%e0%a4%a8-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8/): प्राचीन भारत का इतिहास प्राचीन भारतीय इतिहास सेक्शन में आपका स्वागत है। यहाँ हम बैंक, रेलवे, SSC, UPSC और टीचिंग जैसी सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए परीक्षोपयोगी प्राचीन भारतीय इतिहास लेकर आये हैं। जो अपडेट रहने के लिए बहुत ही जरूरी है।  विद्यार्थियों को इस सेक्शन से अच्छे मार्क्स लेकर आने में मदद करती है। प्राचीन भारत का इतिहास हर्षवर्धन: हर्ष का साम्राज्य, इतिहास, शासनकाल | UPSC नोट्स गुप्त साम्राज्य – गुप्त काल और गुप्त राजवंश के बारे में तथ्य | यूपीएससी नोट्स मौर्योत्तर काल (200 ईसा पूर्व – 300 ईस्वी) – प्राचीन भारत में संघर्ष, - [आधुनिक भारत का इतिहास](https://examcg.com/%e0%a4%86%e0%a4%a7%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%bf%e0%a4%95-%e0%a4%ad%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a4-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%87%e0%a4%a4%e0%a4%bf%e0%a4%b9%e0%a4%be%e0%a4%b8/): आधुनिक भारत का इतिहास आधुनिक भारतीय इतिहास सेक्शन में आपका स्वागत है। यहाँ हम बैंक, रेलवे, SSC, UPSC और टीचिंग जैसी सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए परीक्षोपयोगी आधुनिक भारतीय इतिहास लेकर आये हैं। जो अपडेट रहने के लिए बहुत ही जरूरी है।  विद्यार्थियों को इस सेक्शन से अच्छे मार्क्स लेकर आने में मदद करती है। आधुनिक भारत का इतिहास महाद सत्याग्रह (1927) आत्म-सम्मान आंदोलन: आंदोलन की शताब्दी व्यक्तिगत सविनय अवज्ञा अगस्त प्रस्ताव, 1940 द्वितीय विश्व युद्ध और भारतीय राष्ट्रवाद कांग्रेस मंत्रियों का इस्तीफा, 1939 अहोम साम्राज्य के जनरल लचित बोरफुकन – यूपीएससी परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण - 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