अग्नि प्राइम

अग्नि प्राइम

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से नई पीढ़ी की बैलिस्टिक मिसाइल ‘अग्नि प्राइम’ का सफलतापूर्वक उड़ान परीक्षण किया गया।

प्रसंग: 

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से नई पीढ़ी की बैलिस्टिक मिसाइल ‘अग्नि प्राइम’ का सफलतापूर्वक उड़ान परीक्षण किया गया।

अग्नि-पी के बारे में:

  • अग्नि-पी एक दो-चरणीय कैनिस्टरयुक्त ठोस प्रणोदक परमाणु सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसमें दोहरी अतिरिक्त नेविगेशन और मार्गदर्शन प्रणाली है।
  • इसकी रेंज 1000 से 2000 किमी के बीच है और इसका पहली बार परीक्षण 2021 में किया गया था। 
  • यह सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है।
  • यह अग्नि श्रृंखला की सभी पूर्ववर्ती मिसाइलों से हल्की है।
  • इस सफल उड़ान परीक्षण ने इस प्रणाली को सशस्त्र बलों में शामिल करने का मार्ग प्रशस्त कर दिया है।
  • इसे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है।

अतिरिक्त जानकारी:

अग्नि मिसाइलों की अन्य रेंजें:

  • अग्नि I: 700-800 किमी की मारक क्षमता।
  • अग्नि II: 2000 किमी से अधिक मारक क्षमता।
  • अग्नि III: 2,500 किलोमीटर से अधिक की मारक क्षमता
  • अग्नि IV: इसकी मारक क्षमता 3,500 किमी से अधिक है तथा इसे सड़क पर चलने वाले मोबाइल लांचर से दागा जा सकता है।
  • अग्नि-V: अग्नि श्रृंखला की सबसे लम्बी मिसाइल, एक अंतर-महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) जिसकी मारक क्षमता 5,000 किलोमीटर से अधिक है।
See also  महामारियों को रोकने में गिद्धों की भूमिका
Scroll to Top