छत्तीसगढ़ के पंडी राम मंडावी को मिला पद्मश्री पुरस्कार | CG Awards and Honors

छत्तीसगढ़ के पंडी राम मंडावी को मिला पद्मश्री पुरस्कार | CG Awards and Honors

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के श्री पंडी राम मंडावी जी को महामहिम राष्ट्रपति महोदया द्वारा कला के क्षेत्र में देश के चौथे सबसे बड़े नागरिक पुरस्कार “पद्मश्री” सम्मान से सम्मानित किया गया ।

छत्तीसगढ़ के गोंड-मुरिया जनजाति के सुप्रसिद्ध काष्ठ शिल्पकार श्री पंडी राम मंडावी मात्र 12 वर्ष की आयु से ही लकड़ी के पैनलों पर उभरे चित्रों, मनोहारी मूर्तियों और वर्षों से लकड़ी पर नक्काशी सहित अनेक वाद्ययंत्रों का निर्माण करते आ रहे हैं।

श्री पंडी राम मंडावी जी द्वारा निर्मित “सुलुर” (बस्तर की बांसुरी) एक अनूठा वाद्ययंत्र है जिसे हमारे आदिवासी भाई बहनों द्वारा अनेक सांस्कृतिक कार्यक्रम में उपयोग में लाया जाता है।

मंडावी जी का पारंपरिक वाद्ययंत्र निर्माण और लड़की की शिल्पकला के क्षेत्र में बड़ा योगदान है। छत्तीसगढ़ महतारी के सपूत श्री पंडीराम मंडावी जी को जनजातीय वाद्य यंत्र निर्माण और लकड़ी की नक्काशी के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान हेतु राष्ट्रपति महोदया के करकमलों द्वारा प्राप्त पद्मश्री 2025 से अलंकृत किया जाना केवल पंडी राम मंडावी जी का सम्मान नहीं, बल्कि समस्त जनजातीय समाज की गौरवशाली सांस्कृतिक परंपरा का सम्मान है। यह छत्तीसगढ़ की लोक-समृद्धि, विरासत और परंपरा के प्रति समर्पण का प्रमाण है।

उन्होंने न केवल बस्तर की सांस्कृतिक धरोहर को सहेजा, बल्कि अपने ज्ञान और कौशल से अगली पीढ़ी के कलाकारों को प्रशिक्षित कर इस परंपरा को जीवित और प्रासंगिक बनाए रखा। श्री मंडावी जी कला के प्रति आपके समर्पण पर समूचा छत्तीसगढ़ गर्वित है। आपका योगदान हमारी सांस्कृतिक पहचान को संरक्षित रखने की दिशा में प्रेरणास्रोत है। यह क्षण समस्त छत्तीसगढ़वासियों के लिए अत्यंत ही गौरव का है।

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