छत्तीसगढ़ : सामान्य जानकारी
| गठन | 1 नवंबर, 2000 |
| क्षेत्रफल | 1,35,192 वर्ग किमी. |
| कुल ज़िले | 33 |
| राज्य का प्राचीन नाम | दक्षिण कोसल |
| राज्य की आकृति | समुद्री घोड़ा (हिप्पोकैंपस) |
| उच्च न्यायालय | बिलासपुर (देश का 19वाँ) |
| साक्षरता दर | 71.04% |

राजकीय प्रतीक वाक्य: विश्वसनीय छत्तीसगढ़ | ![]() | राजकीय पक्षी: पहाड़ी मैना | ![]() |
राजकीय पशु: वन भैंसा | ![]() | राजकीय वृक्ष: साल | ![]() |
सामान्य जानकारी
- राज्य का नाम – छत्तीसगढ़
- राज्य का प्राचीन नाम – दक्षिण कोसल
- राज्य की स्थापना – 1 नवंबर, 2000 (देश का 26वाँ राज्य)
- छत्तीसगढ़ मध्यप्रांत का एक संभाग बना – 1862 में
- राज्य की राजधानी – रायपुर
- राज्य की आकृति – सी. हार्स (समुद्री घोड़े) के समान
- राज्य गठन हेतु अधिनियम – मध्य प्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 2000
- राज्य निर्माण का समय – 9वीं पंचवर्षीय योजना (1997-2002)
- राज्य की राजकीय भाषा – छत्तीसगढ़ी (स्वीकृति 28 नवंबर, 2007 को)
- राज्य की विधायिका – एकसदनात्मक (विधानसभा)
- राज्य में राज्यसभा सीट – 5
- राज्य में लोकसभा सीटें – 11
- राज्य में विधानसभा सीटें – 90
- राज्य का उच्च न्यायालय – बिलासपुर (देश का 19वाँ उच्च न्यायालय)
- राज्य में रेलवे ज़ोन – दक्षिण–पूर्व मध्य रेलवे (बिलासपुर) (देश का 16वाँ रेलवे ज़ोन)
- राज्य में शासकीय मुद्रणालय – राजनांदगाँव (1989)
- राज्य में ब्रेल लिपि प्रेस – तिफरा (बिलासपुर)
- राज्य का नृजातीय म्यूज़ियम – जगदलपुर
- राज्य निर्माण के समय ज़िलों की संख्या -16
- राज्य गठन के समय कुल संभाग – 03 (रायपुर, बिलासपुर, बस्तर)
- वर्तमान में कुल संभाग – 05 (रायपुर, बिलासपुर, बस्तर, सरगुजा, दुर्ग)
- राज्य में कुल तहसील – 246
- विकासखंडों की संख्या – 146
- आदिवासी विकासखंडों की संख्या – 85
- ज़िला पंचायतों की संख्या – 27
- जनपद पंचायतों की संख्या – 146
- ग्राम पंचायतों की संख्या – 11693
- नगर निगमों की संख्या – 14
- नगर पालिका परिषद की संख्या – 55
- नगर पंचायतों की संख्या – 123
- कुल ग्राम – 20,529
राज्य का प्रतीक (Symbol of the State) | ||
राज्य का प्रतीक चिह्न (स्वीकृति 4 सितंबर, 2001) | ![]() |
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छत्तीसगढ़ में प्रथम
- छत्तीसगढ़ का प्रथम क्षेत्रीय राजवंश – राजर्षितुल्य कुल वंश
- प्रथम कल्चुरि शासक – कलिंगराज (राजधानी– तुम्माण)
- प्रथम मराठा शासक – बिंबाजी भोंसले (राजधानी– रतनपुर)
- प्रथम सूबेदार – महिपत राव दिनकर (राजधानी– रतनपुर)
- प्रथम ज़िलेदार – कृष्णाराव अप्पा
- प्रथम ब्रिटिश अधीक्षक – कैप्टन एडमंड
- प्रथम डिप्टी कमिश्नर – चार्ल्स सी. इलियट
- प्रथम महिला शासिका – प्रपुल्ल कुमारी देवी
- प्रथम जनजाति विद्रोह – हल्बा विद्रोह (1774-1776)
- प्रथम मुख्यमंत्री – श्री अजीत प्रमोद कुमार जोगी
- प्रथम मुख्य न्यायाधीश – श्री डब्ल्यू.ए. शशांक
- प्रथम कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश – श्री आर.एस. गर्ग
- प्रथम राज्य निर्वाचन आयुक्त – डॉ. सुशील त्रिवेदी (1 अक्टूबर, 2002)
- प्रथम राज्य मानवाधिकार आयोग अध्यक्ष – श्री के. एम. अग्रवाल
- प्रथम विधानसभा अध्यक्ष – श्री राजेंद्र प्रसाद
- प्रथम विधानसभा उपाध्यक्ष – श्री बनवारीलाल अग्रवाल
- प्रथम राज्यपाल – श्री दिनेश नंदन सहाय
- प्रथम मुख्य सूचना आयुक्त – श्री ए.के. विजयवर्गीय
- प्रथम मुख्य सचिव – श्री अरुण कुमार
- प्रथम राज्य महिला आयोग अध्यक्ष – श्रीमती हेमवंत पोर्ते
- प्रथम पुलिस महानिदेशक – श्री मोहन शुक्ल
- छत्तीसगढ़ राज्य लोक सेवा आयोग के प्रथम अध्यक्ष – श्री मोहन शुक्ल
- प्रथम महिला मंत्री (अविभाजित मध्य प्रदेश में) – श्रीमती पद्मावती देवी
- प्रथम महिला मंत्री (छत्तीसगढ़ राज्य में) – श्रीमती गीता देवी सिंह
- प्रथम महिला सांसद – मिनीमाता (रायपुर संसदीय क्षेत्र से)
- छत्तीसगढ़ के प्रथम व्यक्ति, जो किसी राज्य के मुख्यमंत्री बने – पं. रविशंकर शुक्ल (मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री)
- छत्तीसगढ़ के प्रथम व्यक्ति, जो किसी राज्य के राज्यपाल बने – ई. राघवेंद्र राव (मध्य प्रदेश के राज्यपाल)
- प्रथम महाविद्यालय – छत्तीसगढ़ महाविद्यालय, रायपुर (1938)
- प्रथम संस्कृत महाविद्यालय – रायपुर (1955)
- प्रथम विश्वविद्यालय – इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ (राजनांदगाँव) (1956)
- प्रथम सामान्य शिक्षा विश्वविद्यालय – पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर (1964)
- प्रथम निजी विश्वविद्यालय – महर्षि विश्वविद्यालय, बिलासपुर (2002)
- प्रथम चिकित्सा महाविद्यालय – पं. नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर (1963)
- छत्तीसगढ़ का सबसे प्राचीन I.T.I. – कोनी (बिलासपुर 1904)
- राज्य का प्रथम विधि विश्वविद्यालय – हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, रायपुर
- राज्य का प्रथम निजी चिकित्सा महाविद्यालय – चंदूलाल चंद्राकर मेमोरियल चिकित्सा महाविद्यालय, दुर्ग
- राज्य का प्रथम सरकारी चिकित्सा महाविद्यालय – पं. जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर (1963)
- पद्मश्री से सम्मानित प्रथम व्यक्ति – मुकुटधर पांडेय (1976)
- पद्मश्री से सम्मानित प्रथम महिला – तीजनबाई (1987)
- पद्मभूषण से सम्मानित प्रथम व्यक्ति – हबीब तनवीर (2002)
- पद्मभूषण से सम्मानित प्रथम महिला – तीजनबाई (2003)
- मिनीमाता सम्मान की प्रथम प्राप्तकर्त्ता – श्रीमती बिन्नी बाई (2001)
- डॉ. खूबचंद बघेल सम्मान के प्रथम प्राप्तकर्त्ता – श्रीकांत गोवर्धन (2001)
- पं. रविशंकर शुक्ल सम्मान के प्रथम प्राप्तकर्त्ता – केयरभूषण (2001)
- पं. सुंदरलाल शर्मा सम्मान के प्रथम प्राप्तकर्त्ता – विनोद कुमार शुक्ल (2001)
- गुण्डाधूर सम्मान के प्रथम प्राप्तकर्त्ता – आशीष अरोरा (2001)
छत्तीसगढ़ के प्रमुख प्रवर्तक एवं उनकी उपाधि
- छत्तीसगढ़ का सहकारिता पुरुष – रामगोपाल तिवारी
- छत्तीसगढ़ में सहकारिता का जनक –ठा. प्यारेलाल
- दुर्ग ज़िले में सहकारिता का जनक – पं. रत्नाकर झा
- रायपुर ज़िले में सहकारिता का जनक – वामनराव लाखे
- छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता का जनक – माधवराव सप्रे
- छत्तीसगढ़ में सतनाम पंथ के संस्थापक – गुरु घासीदास
- छत्तीसगढ़ में कबीरपंथ के संस्थापक – चूड़ामणि साहब
- छत्तीसगढ़ का मंगल पांडे – हनुमान सिंह
- छत्तीसगढ़ का भगत सिंह – परसराम सोनी
- छत्तीसगढ़ का तात्या टोपे – गुण्डाधूर
- छत्तीसगढ़ का गांधी – पं. सुंदरलाल शर्मा
- बस्तर का गांधी – मनकू राम सोढ़ी
- छत्तीसगढ़ का वाल्मीकि – गोपाल मिश्र
- छत्तीसगढ़ का पाणिनि – हीरालाल काव्योपाध्याय
- छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद – वीरनारायण सिंह
- 1857 की क्रांति के अंतिम शहीद – सुरेंद्र साय
- मध्यप्रांत के विधानपुरुष – घनश्याम सिंह गुप्त
- ईसाई धर्म के प्रथम प्रचारक – फादर टी. लोर (1868)
- नाचा के जनक – दाऊ दुलार सिंह मंदराजी
- पंडवानी के जनक – झाडूराम देवांगन
- लोककला के उद्धारक – दाऊ रामचंद्र देशमुख
- लोककला के पुजारी – महासिंह चंद्राकर
भौगोलिक स्थिति
- अक्षांश – 17°46′ उत्तर से 24°5′ उत्तर.
- देशांतर – 80°15′ पूर्व से 84°24′ पूर्व।
- राज्य का क्षेत्रफल 1,35,192 वर्ग किमी है ( देश के कुल क्षेत्रफल का 4.14% तथा मध्य प्रदेश के कुल क्षेत्रफल का 30.47% )
- राज्य के ज़िले, जिनसे कर्क रेखा गुज़रती है – 04 (मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर)
- राज्य की पूर्व से पश्चिम की चौड़ाई – 435 किमी.
- राज्य की उत्तर से दक्षिण की लंबाई – 700 किमी.
- राज्य से सटे राज्यों की संख्या – 7
- छत्तीसगढ़ की सबसे लंबी सीमा छूने वाला राज्य – ओडिशा
- छत्तीसगढ़ की सबसे छोटी सीमा छूने वाला राज्य – आंध्र प्रदेश
- छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा भू-आकृतिक प्रदेश – छत्तीसगढ़ का मैदान
- छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा अपवाह तंत्र – महानदी अपवाह तंत्र
- छत्तीसगढ़ का सबसे छोटा अपवाह तंत्र – नर्मदा अपवाह तंत्र
- छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा मृदा समूह – लाल–पीली मृदा
- छत्तीसगढ़ का सबसे छोटा मृदा समूह – लैटेराइट मृदा
- छत्तीसगढ़ की जलवायु – उष्णकटिबंधीय मानसूनी
- छत्तीसगढ़ का चेरापूंजी – अबूझमाड़
- छत्तीसगढ़ का सर्वाधिक ठंडा स्थान – मैनपाट (सरगुजा)
- छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा शैल समूह –आर्कियन
- छत्तीसगढ़ का सबसे छोटा शैल समूह –दक्कन ट्रेप
- छत्तीसगढ़ की सबसे ऊँची चोटी –गौरलाटा (1225 मी.)
- छत्तीसगढ़ की सबसे लंबी नदी – महानदी
छत्तीसगढ़ राज्य की भौगोलिक सीमा रेखा | |||
क्र.सं | दिशा | राज्य | स्पर्श ज़िलों की संख्या व नाम |
1. | पूर्व | ओडिशा | 09 (जशपुर, रायगढ़, सारंगढ़-बिलाईगढ़, महासमुंद, गरियाबंद, धमतरी, कोंडागाँव, बस्तर, सुकमा) |
2. | पश्चिम-उत्तर | मध्य प्रदेश | 09 (बलरामपुर, सूरजपुर, कोरिया, मनेंद्रगढ़ – चिरमिरी – भरतपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, मुंगेली, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगाँव) |
3. | पश्चिम | महाराष्ट्र | 05 (राजनांदगाँव, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी, कांकेर, नारायणपुर, बीज़ापुर) |
4. | दक्षिण-पश्चिम | तेलंगाना | 02 (बीज़ापुर, सुकमा) |
5. | उत्तर-पूर्व | झारखंड | 02 (बलरामपुर, जशपुर) |
6. | उत्तर | उत्तर प्रदेश | 01 (बलरामपुर) |
7. | दक्षिण | आंध्र प्रदेश | 01 (सुकमा) |
स्रोत:भारत मैप्स (bharatmaps.gov.in) | |||
छत्तीसगढ में वर्तमान संभाग एवं ज़िले | ||||
क्र.सं | संभाग | स्थापना वर्ष | मुख्यालय | ज़िले |
1. | रायपुर | 1862 | रायपुर | 05 |
2. | बिलासपुर | 1956 | बिलासपुर | 08 |
3. | बस्तर | 1981 | जगदलपुर | 07 |
4. | सरगुजा | 2008 | अंबिकापुर | 06 |
5. | दुर्ग | 2013 | दुर्ग | 07 |
- रायपुर संभाग में ज़िले – रायपुर, धमतरी, महासमुंद, गरियाबंद, बलौदाबाज़ार-भाटापारा
- बिलासपुर संभाग में ज़िले – बिलासपुर, मुंगेली, रायगढ़, कोरबा, जांजगीर-चांपा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सक्ती
- बस्तर संभाग में ज़िले – बस्तर, कांकेर, दंतेवाड़ा, सुकमा, नारायणपुर, बीज़ापुर, कोंडागाँव
- सरगुजा संभाग में ज़िले – सरगुजा, कोरिया, बलरामपुर, सूरजपुर, जशपुर, मनेंद्रगढ़ – चिरमिरी – भरतपुर
- दुर्ग संभाग में ज़िले – दुर्ग, राजनांदगाँव, कबीरधाम, बेमेतरा, बालोद, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी
छत्तीसगढ के प्रमुख पर्वत, पहाड़ियाँ एवं उच्चावच स्थल | |||
क्र.सं. | पहाड़ियाँ/चोटी | ऊँचाई (मीटर में) | क्षेत्र |
1. | गौरलाटा | 1225 | सामरीपाट (बलरामपुर) |
2. | नन्दीराज | 1210 | बैलाडीला (दंतेवाड़ा) |
3. | बदरगढ़ | 1176 | मैकल श्रेणी (कवर्धा) |
4. | मैनपाट | 1152 | सरगुजा |
5. | पल्मागढ़ की चोटी | 1080 | पेंड्रा-लोरमी का पठार (बिलासपुर) |
6. | अबूझमाड़ की पहाड़ियाँ | 1076 | नारायणपुर |
7. | लाफागढ़ चोटी | 1048 | पेंड्रा-लोरमी का पठार (कोरबा) |
8. | जारंग पाट | 1045 | बलरामपुर |
9. | देवगढ़ | 1033 | कोरिया |
10. | धारी डोंगर (शिशुपाल) | 899 | महासमुंद |
छत्तीसगढ़ के प्रचलित स्थल
- छत्तीसगढ़ की काशी/वाराणसी – खरौद
- छत्तीसगढ़ का कश्मीर – चैतुरगढ़ (कोरबा)
- छत्तीसगढ़ का चित्तौड़ – लाफागढ़ (कोरबा)
- छत्तीसगढ़ का खजुराहो – भोरमदेव (कबीरधाम)
- छत्तीसगढ़ का प्रयाग – राजिम (गरियाबंद)
- छत्तीसगढ़ का शिमला – मैनपाट (सरगुजा)
- छत्तीसगढ़ का नागलोक – तपकरा (जशपुर)
- छत्तीसगढ़ का चेरापूंजी – अबूझमाड़ (नारायणपुर)
- छत्तीसगढ़ का प्राचीनतम मंदिर – देवरानी–जेठानी मंदिर (5वीं-6वीं शताब्दी) (तालागाँव, बिलासपुर)
- छत्तीसगढ़ की ज्ञान राजधानी – भिलाई (दुर्ग)
- छत्तीसगढ़ के तालाबों की नगरी – रतनपुर (बिलासपुर)
- छत्तीसगढ़ में मंदिरों की नगरी – आरंग (रायपुर)
- छत्तीसगढ़ में टंकियों का शहर – रतनपुर (बिलासपुर)
- छत्तीसगढ़ में साल वनों का द्वीप –बस्तर
- छत्तीसगढ़ की टमाटर राजधानी –लुडेंग (जशपुर)
- छत्तीसगढ़ का शिवकाशी –बिलासपुर
वन, वन्यजीव एवं अभयारण्य
- प्रदेश में अभिलिखित वन क्षेत्र – 59,816 वर्ग किमी. (स्रोत: स्टेट फॉरेस्ट रिपोर्ट, 2023)
- प्रदेश के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल में वन – 44.25%
- छत्तीसगढ़ राज्य अभिलिखित वन क्षेत्र की दृष्टि से देश में चौथे स्थान पर है।
- राज्य में आरक्षित वन – 25,899 वर्ग किमी.
- राज्य में संरक्षित वन – 24,554 वर्ग किमी.
- राज्य में अवर्गीकृत वन – 9,363 वर्ग किमी.
- छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम की स्थापना – 2001 (रायपुर)
- राज्य में वनपाल प्रशिक्षण संस्थान – जगदलपुर
- राज्य में वनरक्षक प्रशिक्षण संस्थान -03 (महासमुंद, सक्ती, जगदलपुर)
क्षेत्रफल के आधार पर सर्वाधिक वनावरण वाले राज्य | ||
क्र.सं | राज्य | वनावरण क्षेत्रफल (वर्ग किमी.) |
1 | मध्य प्रदेश | 77,073 |
2 | अरुणाचल प्रदेश | 65,882 |
3 | छत्तीसगढ़ | 55,812 |
स्रोत: स्टेट फॉरेस्ट रिपोर्ट, 2023 | ||
छत्तीसगढ़ राज्य का वनावरण वर्गीकरण | |||
क्र.सं | श्रेणी | क्षेत्रफल (वर्ग किमी.) | प्रतिशत |
1 | अत्यंत सघन वन | 7,416.57 | 5.49 % |
2 | सामान्य सघन वन | 31,983.80 | 23.65 % |
3 | खुला वन | 16,411.38 | 12.14 % |
| कुल | 55,811.75 | 41.28 % |
4 | झाड़ी | 610.41 | 0.45 |
स्रोत: स्टेट फॉरेस्ट रिपोर्ट, 2023 | |||
क्र.सं | सबसे अधिक वन क्षेत्र वाले ज़िले | कुल वन क्षेत्र (वर्ग किमी) | सबसे कम वन क्षेत्र वाले ज़िले | कुल वन क्षेत्र (वर्ग किमी) |
1 | बीजापुर | 7092.77 | बेमेतरा | 7.51 |
2 | कोरिया | 4108.04 | दुर्ग | 25.43 |
3 | कांकेर | 3455.36 | रायपुर | 46.71 |
4 | कोरबा | 3396.31 | जांजगीर-चाम्पा | 152.61 |
5 | सुकमा | 3250.21 | बिलासपुर | 680.47 |
स्रोत: स्टेट फॉरेस्ट रिपोर्ट, 2023 | ||||
- बीजापुर, कोरिया, उत्तर बस्तर कांकेर, कोरबा और सुकमा ज़िले छत्तीसगढ़ में सबसे अधिक वन क्षेत्र वाले ज़िले हैं।
- बेमेतरा, दुर्ग, रायपुर, जांजगीर-चाम्पा और बिलासपुर ज़िले सबसे कम वन क्षेत्र वाले ज़िले हैं।
- वन्य प्राणी संरक्षित क्षेत्र
- राष्ट्रीय उद्यान-3
- वन्यप्राणी अभायरण्य-11
- बायोस्फियर रिजर्व-1
- हाथी रिज़र्व-2
- सफारी/चिड़ियाघर-02
- मगरमच्छ संरक्षण आरक्षिति-01
- राज्य में टाइगर रिज़र्व की संख्या – 04 (इंद्रावती टाइगर रिज़र्व, सीतानदी–उदंती टाइगर रिज़र्व, अचानकमार टाइगर रिज़र्व, गुरु घासीदास–तमोर पिंगला)
- राज्य का चौथा टाइगर रिज़र्व –गुरु घासीदास–तमोर पिंगला
- राज्य का एकमात्र बायोस्फियर रिज़र्व – अचानकमार–अमरकंटक बायोस्फियर रिज़र्व (2005)
प्रमुख बाघ रिज़र्व | ||||||
क्र. सं. | बाघ रिज़र्व का नाम | प्रोजेक्ट टाइगर के अंतर्गत समावेशन का वर्ष | धारा 38वी, डब्ल्यूपीए. 1972 के अंतर्गत अधिसूचना/ पुनः अधिसूचना का वर्ष, भारत | मुख्य महत्त्वपूर्ण बाघ आवास का क्षेत्र (वर्ग किमी में) | बफर / परिधीय क्षेत्र (वर्ग किमी में) | कुल क्षेत्रफल (वर्ग किमी में) |
1 | अचानकमार टाइगर रिज़र्व | 2008-2009 | 2009 | 626.195 | 287.82 | 914.01 |
2 | इंद्रावती टाइगर रिज़र्व | 1982-1983 | 2009 | 1,258.37 | 1,540.70 | 2,799.07 |
3 | उदंती-सीतानदी टाइगर रिज़र्व | 2008-2009 | 2009 | 851.09 | 991.45 | 1,842.54 |
4 | गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिज़र्व | – | 2024 | 2,049.23 | 780.155 | 2,829.387 |
स्रोत: राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण, ENVIS | ||||||
प्रमुख राष्ट्रीय उद्यान | |||
क्रमांक | नाम | स्थापना वर्ष | क्षेत्रफल (वर्ग किमी) |
1 | गुरु घासीदास (संजय) | 1981 | 1440.71 |
2 | इंद्रावती (कुटरू) | 1982 | 1258.37 |
3 | कांगेर घाटी | 1982 | 200.00 |
स्रोत: MoEFCC और राज्य वन विभाग, ENVIS | |||
प्रमुख अभयारण्य | |||
क्रमांक | अभयारण्य का नाम | स्थापना वर्ष | क्षेत्रफल (वर्ग किमी) |
1 | अचानकमार | 1975 | 551.55 |
2 | बादलखोल | 1975 | 104.45 |
3 | बरनवापारा | 1976 | 244.66 |
4 | भैरमगढ़ | 1983 | 138.95 |
5 | भोरमदेव | 2001 | 351.24 |
6 | सारंगढ़-गोमर्धा | 1975 | 277.82 |
7 | पामेड जंगली भैंस | 1985 | 262.12 |
8 | सेमरसोत | 1978 | 430.35 |
9 | सीतानदी | 1974 | 553.36 |
10 | तमोर पिंगला | 1978 | 608.51 |
11 | उदंती जंगली भैंस | 1983 | 247.59 |
स्रोत: MoEFCC और राज्य वन विभाग, ENVIS | |||
महत्त्वपूर्ण तथ्य:-
- देश के लघुवनोपज संग्रहण में छत्तीसगढ़ की भागीदारी 70 प्रतिशत है।
- भौगोलिक विविधता संपन्न इस राज्य के उत्तरी एवं दक्षिणी हिस्से का कुछ भाग पर्वतीय एवं पाट क्षेत्र है।
- राज्य की भूमि 4 प्रमुख नदी प्रणालियों क्रमशः महानदी, गोदावरी, नर्मदा और गंगा से सिचिंत हैं।
- जनभागीदारी से जल संचय में छत्तीसगढ़ देश का अग्रणी राज्य है।
स्रोत: आर्थिक समीक्षा 2024-25
जनसंख्या (जनगणना 2011 के अनुसार)
- राज्य की कुल जनसंख्या – 2,55,45,198 (01 मार्च, 2025 की स्थिति में राज्य की कुल जनसंख्या अनुमानित 3 करोड़ 08 लाख 67 हजार लगभग हैं। जिसमें लगभग 70 प्रतिशत जनसंख्या कृषि कार्य में संलग्न है।)
- सर्वाधिक जनसंख्या वाला ज़िला – रायपुर
- सर्वाधिक महिला जनसंख्या वाला ज़िला – नारायणपुर
- सर्वाधिक महिला जनसंख्या वाला ज़िला – रायपुर
- सबसे कम महिला जनसंख्या वाला ज़िला – नारायणपुर
- सर्वाधिक पुरुष जनसंख्या वाला ज़िला – रायपुर
- सर्वाधिक कम पुरुष जनसंख्या वाला ज़िला – नारायणपुर
- क्षेत्रफल की दृष्टि से सर्वाधिक ग्रामीण जनसंख्या वाला ज़िला – रायपुर
- क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे कम ग्रामीण जनसंख्या वाला ज़िला – नारायणपुर
- सर्वाधिक नगरीय जनसंख्या वाला ज़िला – रायपुर
- सबसे कम नगरीय जनसंख्या वाला ज़िला – नारायणपुर
- स्त्री-पुरुष अनुपात – 991:1000
- जनसंख्या वृद्धि दर – 22.61 प्रतिशत
- सर्वाधिक जनसंख्या वृद्धि दर वाला ज़िला – कबीरधाम (40.71 प्रतिशत)
- सबसे कम जनसंख्या वृद्धि दर वाला ज़िला – बीज़ापुर (8.78 प्रतिशत)
- जनसंख्या घनत्व – 189 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी.
- सर्वाधिक जनसंख्या घनत्व वाला ज़िला – जांजगीर–चांपा (420 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी.)
- सबसे कम जनसंख्या घनत्व वाला ज़िला – बीज़ापुर एवं नारायणपुर
- सर्वाधिक साक्षर जनसंख्या वाला ज़िला – रायपुर
- सबसे कम साक्षर जनसंख्या वाला ज़िला – नारायणपुर
- सर्वाधिक साक्षरता प्रतिशत वाला ज़िला – दुर्ग (79.06 प्रतिशत)
- सबसे कम साक्षरता प्रतिशत वाला ज़िला –बीज़ापुर (40.86 प्रतिशत)
- सर्वाधिक स्त्री साक्षरता वाला ज़िला – रायपुर
- सबसे कम स्त्री साक्षरता वाला ज़िला – नारायणपुर
- सर्वाधिक स्त्री साक्षरता प्रतिशत वाला ज़िला – दुर्ग (70.23 प्रतिशत)
- सबसे कम स्त्री साक्षरता प्रतिशत वाला ज़िला – बीज़ापुर (31.11 प्रतिशत)
- सर्वाधिक पुरुष साक्षरता वाला ज़िला – रायपुर
- सबसे कम पुरुष साक्षरता वाला ज़िला – नारायणपुर
- सर्वाधिक पुरुष साक्षरता प्रतिशत वाला ज़िला – दुर्ग (87.82 प्रतिशत)
- सबसे कम पुरुष साक्षरता प्रतिशत वाला ज़िला – बीज़ापुर (50.46 प्रतिशत)
छत्तीसगढ़ की धार्मिक जनसांख्यिकी | ||
समुदाय | 2001 कुल | 2011 कुल |
कुल जनसंख्या | 20833803 | 25545198 |
हिंदू | 19729670 | 23819789 |
मुस्लिम | 409615 | 514998 |
ईसाई | 401035 | 490542 |
सिख | 69621 | 70036 |
बौद्ध | 65267 | 70467 |
जैन | 56103 | 61510 |
अन्य धर्म | 95187 | 494594 |
धर्म नहीं बताया | 7305 | 23262 |
स्रोत: (1) जनगणना 2001, जनगणना 2011 (2) राष्ट्रीय जनसंख्या आयोग, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) | ||
छत्तीसगढ़ में शहरीकरण की गति | ||
मद | 2001 | 2011 |
कुल जनसंख्या (लाख) | 208.34 | 255.45 |
दशकीय जनसंख्या कुल वृद्धि दर | 18.27 | 22.61 |
शहरी जनसंख्या (लाख) | 41.86 | 59.37 |
दशकीय शहरी जनसंख्या वृद्धि दर | 36.58 | 41.84 |
कुल जनसंख्या में नगरीय जनसंख्या का प्रतिशत | 20.09 | 23.24 |
स्रोत: आर्थिक समीक्षा 2024-25 | ||
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य सूचकांक | ||||||
सूचकांक | 2019-21 (कुल) | 2019-21 (ग्रामीण) | 2019-21 (शहरी) | 2020 | 2020 | 2020 |
अशोधित जन्म दर | — | — | — | 22 | 23.4 | 17.3 |
कुल प्रजनन क्षमता दर | 1.8 | 1.9 | 1.4 | — | — | — |
शिशु मृत्यु दर | 44.3 | 48.7 | 26.2 | 38 | 40 | 31 |
5 साल के नीचे मृत्यु दर | 50.4 | 55.8 | 50.4 | — | — | — |
अशोधित मृत्यु दर | — | — | — | 7.9 | 8.4 | 6.3 |
स्रोत:- एनएफएचएस 2019-21 | स्रोत:- एसआरएस 2020 | |||||
खनिज
- राज्य में अनुमानित खनिजों की संख्या – 28
- राज्य खनिज विकास निगम की स्थापना – 7 जून, 2001
- राज्य में लौह अयस्क का उत्पादन करने वाली इकाई – एन.एम.डी.सी.
- राज्य में कोयला उत्पादन करने वाली इकाई – एस.ई.सी.एल.
- भारत की सबसे बड़ी मशीनीकृत खान – बैलाडीला
- राज्य में एल्युमिनियम के उत्पादन के लिये – बाल्को (BALCO स्थापित सार्वजनिक क्षेत्र की प्रथम कंपनी
- यह प्रदेश देश में टिन उत्पादन में प्रथम एवं कोयला तथा लौह अयस्क उत्पादन में द्वितीय स्थान रखता है।
- वर्ष 2023-24 में राज्य के खनिज उत्पादन का मूल्य अखिल भारत स्तर पर उत्पादन मूल्य का 14.42 प्रतिशत रहा।
- कुल खनिज राजस्व में 96.21 प्रतिशत हिस्सा मुख्य खनिज का एवं 3.79 प्रतिशत गौण खनिज का हिस्सा है।
वित्तीय वर्ष 2023-24 में छत्तीसगढ़ का देश के खनिज उत्पादन में योगदान
- कोयला: 20.73%
- लौह अयस्क: 16.64%
- चूना पत्थर: 10.94%
- बॉक्साइट: 4.32%
- टिन अयस्क: 100% (देश में एकमात्र उत्पादक)
स्रोत: आर्थिक समीक्षा 2024-25
छत्तीसगढ़ के प्रमुख खनिज | ||
क्र.सं | ज़िले का नाम | खनिज |
1 | रायपुर | चूना पत्थर, डोलोमाइट, फास्फोराईट |
2 | बलौदाबाजार | चूना पत्थर, डोलोमाइट, स्वर्ण धातु, ग्लूकोनाईट |
3 | गरियाबंद | गार्नेट, हीरा, अलेक्जेन्ड्राइट (लौह अयस्क एवं मैंगनीज सूक्ष्म मात्रा में उपलब्ध) |
4 | दुर्ग | चूना पत्थर, डोलोमाइट |
5 | बालोद | लौह अयस्क, फास्फोराईट |
6 | बेमेतरा | चूना पत्थर, डोलोमाइट, क्वार्टजाइट (रेड ओकर सूक्ष्म मात्रा में उपलब्ध) |
7 | राजनांदगाँव | चूना पत्थर, लौह अयस्क, फ्लोराइट, क्ले, क्वार्टज/सिलिका सेन्ड, फास्फोराईट (स्वर्ण, निकल एवं सीसा सूक्ष्म मात्रा में उपलब्ध) |
8 | कबीरधाम | बॉक्साइट, चूना पत्थर, लौह अयस्क, सोपस्टोन (ओकर सूक्ष्म मात्रा में उपलब्ध) |
9 | धमतरी | क्ले एवं अगेट सूक्ष्म मात्रा में उपलब्ध |
10 | महासमुन्द | स्वर्ण धातु, क्वार्ट्जाइट, चूना पत्थर, ग्लूकोनाईट (हीरा, निकल, क्रोमियम, सीसा एवं प्लेटोइड सूक्ष्म मात्रा में उपलब्ध) |
11 | बस्तर | चूना पत्थर, बॉक्साइट, डोलोमाइट, लिथियम, निकल, कोमियम |
12 | नारायणपुर | लौह अयस्क |
13 | कांकेर | लौह अयस्क, बॉक्साइट (स्वर्ण एवं क्वार्टज सूक्ष्म मात्रा में उपलब्ध) |
14 | कोंडागांव | बॉक्साइट |
15 | दंतेवाड़ा | लौह अयस्क, टिन अयस्क (लेपिडोलाइट, गेलेना एवं क्वार्टज सूक्ष्म मात्रा में उपलब्ध) |
16 | बीजापुर | कोरण्डम, बॉक्साइट (गार्नेट एवं ताम्र अयस्क सूक्ष्म मात्रा में उपलब्ध) |
17 | सुकमा | क्वार्ट्ज, चूना पत्थर, कोरन्डम, टिन, लिथियम (गैलेना, ग्रेफाइट सूक्ष्म मात्रा में उपलब्ध) |
18 | बिलासपुर | चूना पत्थर, डोलोमाइट, मैंगनीज |
19 | मुंगेली | चूना पत्थर, क्वार्टजाइट |
20 | जांजगीर–चांपा | चूना पत्थर, डोलोमाइट, यूरेनियम |
21 | कोरबा | बॉक्साइट, कोयला, (लिथियम, माइका, यूरेनियम एवं फायर क्ले सूक्ष्म मात्रा में उपलब्ध) |
22 | सरगुजा | बॉक्साइट, कोयला (प्रेफाइट, लेड, माइका एवं चूना पत्थर, यूरेनियम सूक्ष्म मात्रा में उपलब्ध) |
23 | सूरजपुर | कोयला (माइका एवं फायर क्ले सूक्ष्म मात्रा में उपलब्ध) |
24 | बलरामपुर | कोयला, बॉक्साइट, बेसमेटल, मैंगनीज (प्रेफाइट एवं एस्बेस्टस सूक्ष्म मात्रा में उपलब्ध) |
25 | कोरिया | कोयला |
26 | रायगढ़ | कोयला, डोलोमाइट, चूना पत्थर, प्रेफाइट एवं क्वार्ट्जाइट |
27 | जशपुर | स्वर्ण धातु, बॉक्साइट, टंगस्टन (बेरिल एवं गार्नेट सूक्ष्म मात्रा में उपलब्ध) |
28 | मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर | कोयला |
29 | सांरगढ़-बिलाईगढ़ | डोलोमाइट |
30 | मोहला–मानपुर–अंबागढ़ | लौह अयस्क, यूरेनियम, (स्वर्ण सूक्ष्म मात्रा में उपलब्ध) |
31 | खैरागढ़–छुईखदान–गंडई | लौह अयस्क |
32 | गौरेला–पेंड्रा–मरवाही | कोयला |
33 | सक्ती | चूना पत्थर, डोलोमाइट |
स्रोत: आर्थिक समीक्षा 2024-25 | ||
कृषि एवं संबंद्ध क्षेत्र
- राज्य गठन के समय 3 वृहद, 29 मध्यम और 1945 लघु सिंचाई योजनाओं के माध्यम से कुल 13.28 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित की गई थी।
- मार्च 2024 तक, सिंचाई क्षमता बढ़कर 21.76 लाख हेक्टेयर हो गई है। यानी राज्य गठन के बाद 8.48 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता विकसित हुई।
- वर्तमान में प्रदेश की कुल सिंचाई प्रतिशतता 39.27% हो गई है।
- छत्तीसगढ़ में 40.10 लाख कृषक परिवारों में से 80% लघु और सीमांत किसान हैं।
- वर्तमान में राज्य के 35% क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध है, जिसमें 52% क्षेत्र जलाशयों/नहरों से और 29% क्षेत्र नलकूपों से सिंचित होता है।
- राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देने हेतु वर्ष 2014 से राज्य पोषित जैविक खेती मिशन एवं वर्ष 2016 से केंद्र प्रवर्तित परंपरागत कृषि विकास योजना संचालित है।
- कृषि उपज मंडियाँ:
- राज्य में वर्तमान में 69 मंडियाँ और 121 उप–मंडियाँ कार्यरत हैं।
- मछली पालन:
- राज्य में कुल 2.032 लाख हेक्टेयर जलक्षेत्र उपलब्ध हैं। इसमें से 1.976 लाख हेक्टेयर क्षेत्र मछली पालन के लिये विकसित किया जा चुका है।
- यह कुल जलक्षेत्र का 97.24% है।
संस्था का नाम | संख्या |
राज्य स्तरीय पशु चिकित्सालय | 01 |
पशु चिकित्सालय | 363 |
केंद्रीय वीर्य संग्रहालय (राज्य स्तरीय) | 01 |
केंद्रीय वीर्य संग्रहालय (संभाग स्तरीय) | 05 |
पशु औषधालय | 847 |
चलित पशु चिकित्सा इकाई | 27 |
राज्य स्तरीय पशु रोग अनुसंधान प्रयोगशाला | 01 |
पशु रोग अनुसंधान प्रयोगशाला | 16 |
पशु/कुक्कुट प्रजनन प्रक्षेत्र | 16 |
कृत्रिम गर्भाधान केंद्र | 22 |
कृत्रिम गर्भाधान उपकेंद्र | 246 |
एम्बुलेट्री क्लीनिक | 08 |
मोटर सायकल यूनिट | 20 |
मुख्य ग्राम खंड | 10 |
मुख्य ग्राम खंड इकाई | 98 |
परिवहन एवं संचार
- छत्तीसगढ़ में सर्वप्रथम रेल का संचालन – 27 नवंबर, 1888 (बंगाल–नागपुर)
- बिलासपुर रेल मंडल की स्थापना – सन् 1900 (कलकत्ता रेलवे के अधीन)
- दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे (द.पू.म.रे.) ज़ोन की घोषणा – 20 सितंबर, 1998 (तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा)
- दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे का उद्घाटन – 7 अप्रैल, 2003
- दक्षिण-पूर्व-मध्य रेलवे का मुख्यालय – बिलासपुर
- छत्तीसगढ़ का एकमात्र विमानतल – स्वामी विवेकानंद विमानतल (माना, रायपुर)
- छत्तीसगढ़ में जल परिवहन हेतु एकमात्र नदी – शबरी नदी
- छत्तीसगढ़ में आकाशवाणी केंद्र की शुरुआत – 2 अक्तूबर, 1963, रायपुर
- राज्य में दूरदर्शन की शुरुआत – 1977, रायपुर
- प्रथम समाचार-पत्र – छत्तीसगढ़ मित्र (1900)
- प्रथम छत्तीसगढ़ी फिल्म – कहि देबे संदेश
- प्रथम दैनिक समाचार-पत्र – महाकौशल (1951)
सड़कों की लंबाई | |
वर्गीकरण | लंबाई (कि.मी.) |
राष्ट्रीय राजमार्ग की लंबाई | 3,484 |
राज्य मार्ग की लंबाई | 4,310 |
मुख्य ज़िला मार्ग की लंबाई | 11382 |
ग्रामीण मार्ग एवं अन्य ज़िला मार्ग की लंबाई | 16309 |
योग | 35485 |
स्रोत: आर्थिक समीक्षा 2024-25 | |
शिक्षा
- प्राथमिक विद्यालयों की संख्या – 32386
- उच्च प्राथमिक विद्यालयों की संख्या – 16687
- माध्यमिक विद्यालयों की संख्या – 2705
- उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों की संख्या – 4971
शासकीय महाविद्यालय : एक नज़र | |
कुल शासकीय महाविद्यालय | 335 |
अग्रणी महाविद्यालय | 33 |
स्नातकोत्तर महाविद्यालय | 64 |
स्नातक महाविद्यालय | 271 |
कन्या महाविद्यालय | 38 |
संस्कृत महाविद्यालय | 01 |
स्वशासी महाविद्यालय | 08 |
कुल छात्र–संख्या | 295743 |
स्रोत: आर्थिक समीक्षा 2024-25 | |
विश्वविद्यालय/महाविद्यालय की स्थिति | |
राजकीय विश्वविद्यालय | 09 |
निजी विश्वविद्यालय | 17 |
क्षेत्रीय कार्यालय | 05 |
अनुदान प्राप्त अशासकीय महाविद्यालय | 12 |
अनुदान अप्राप्त अशासकीय महाविद्यालय | 309 |
कुल अशासकीय महाविद्यालय | 321 |
अन्य कार्यालय | 05 |
स्रोत: आर्थिक समीक्षा 2024-25 | |
क्रमांक | शासकीय विश्वविद्यालय का नाम |
1 | पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर |
2 | शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय, जगदलपुर |
3 | संत गाहिरा गुरु विश्वविद्यालय अंबिकापुर, सरगुजा |
4 | अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर |
5 | हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग |
6 | कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर |
7 | इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़, राजनांदगाँव |
8 | पं. सुंदरलाल शर्मा (मुक्त) विश्वविद्यालय, बिलासपुर |
9 | शहीद नंदकुमार पटेल विश्वविद्यालय, रायगढ़ |
स्रोत: आर्थिक समीक्षा 2024-25 | |
क्रमांक | निजी विश्वविद्यालय का नाम |
1 | मैट्स विश्वविद्यालय, ग्राम–गुल्लू, तहसील–आरंग, रायपुर |
2 | डॉ.सी.वी.रमन विश्वविद्यालय, कर्री रोड, कोटा, बिलासपुर |
3 | कलिंगा विश्वविद्यालय, ग्राम-कोटनी, तहसील-आरंग, रायपुर |
4 | आई.सी.एफ.ए.आई. विश्वविद्यालय, ग्राम-चोरहा, धमधा, दुर्ग |
5 | आई.टी.एम. विश्वविद्यालय, उपरवारा, अभनपुर, रायपुर |
6 | एमिटी विश्वविद्यालय, माठ, खरोरा, रायपुर |
7 | ओ.पी. जिंदल विश्वविद्यालय, घरघोड़ा, रायगढ़ |
8 | आई.एस.बी.एम. विश्वविद्यालय, छुरा, गरियाबंद |
9 | के.के. मोदी विश्वविद्यालय, दुर्ग |
10 | देव संस्कृति विश्वविद्यालय, कुम्हारी ज़िला-दुर्ग |
11 | ए.ए.एफ.टी. विश्वविद्यालय, माठ, तिल्दा, रायपुर |
12 | श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय, रायपुर |
13 | महर्षि यूनिवर्सिटी ऑफ मेनेजमेंट एंड टेक्नॉलाजी, मंगला बिलासपुर |
14 | भारती विश्वविद्यालय, दुर्ग |
15 | शंकराचार्य प्रोफेशनल विश्वविद्यालय, जुनवानी भिलाई, दुर्ग |
16 | आंजनेय विश्वविद्यालय, नरदहा, आरंग |
17 | श्री दावड़ा विश्वविद्यालय, ग्राम भेलवाडीह, अभनपुर, रायपुर |
स्रोत: आर्थिक समीक्षा 2024-25 | |
- राज्य का एकमात्र संस्कृत महाविद्यालय –शासकीय डी.सी.वी. संस्कृत महाविद्यालय, रायपुर
- राज्य का एकमात्र केंद्रीय चिकित्सा महाविद्यालय –अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), रायपुर
- राज्य का प्रथम एवं एकमात्र विश्वविद्यालय –इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ (राजनांदगाँव) (1956)
- राज्य का प्रथम निजी विश्वविद्यालय –महर्षि विश्वविद्यालय, भिलाई (दुर्ग)
- राज्य का एकमात्र केंद्रीय विश्वविद्यालय –गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय, कोनी (बिलासपुर)
- राज्य का एकमात्र एवं देश का 11वाँ मुक्त विश्वविद्यालय –पंडित सुंदरलाल शर्मा विश्वविद्यालय, बिरकोना (बिलासपुर)
- राज्य का एकमात्र पत्रकारिता विश्वविद्यालय –कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, काठाडीड (रायपुर)
- राज्य का एकमात्र तकनीकी विश्वविद्यालय –छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय, भिलाई (दुर्ग)
- राज्य का एकमात्र कृषि विश्वविद्यालय –इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर
- राज्य का एकमात्र विधि विश्वविद्यालय –हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, रायपुर
- राज्य का एकमात्र पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय –कामधेनु विश्वविद्यालय, अंजोरा (दुर्ग)
- राज्य का एकमात्र चिकित्सा विश्वविद्यालय –पं. दीनदयाल उपाध्याय आयुष व स्वास्थ्य विश्वविद्यालय, रायपुर
राज्य में तकनीकी शिक्षा
- इंजीनियरिंग महाविद्यालय:
राज्य में 03 शासकीय, 01 सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (रायपुर), 01 विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग (छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय, भिलाई), 01 विश्वविद्यालयीन इंजीनियरिंग कॉलेज (अंबिकापुर), 02 स्वशासी-स्ववित्तीय एवं 22 निजी इंजीनियरिंग महाविद्यालय संचालित हैं। - फार्मेसी शिक्षा:
- बी.फार्मेसी: 02 विश्वविद्यालयीन एवं 49 निजी संस्थाओं में संचालित।
- एम.फार्मेसी: 01 विश्वविद्यालयीन एवं 17 निजी संस्थाओं में संचालित।
- डी.फार्मेसी: 01 शासकीय एवं 95 निजी संस्थाओं में संचालित।
- स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम:
- एम.टेक.: शासकीय, विश्वविद्यालयीन एवं निजी इंजीनियरिंग संस्थाओं में कुल 1,245 प्रवेश क्षमता।
- एम.बी.ए.: 01 विश्वविद्यालयीन एवं 16 निजी संस्थाओं में संचालित।
- एम.सी.ए.: 02 विश्वविद्यालयीन एवं 07 निजी संस्थानों में संचालित।
- पॉलीटेक्निक संस्थाओं का विवरण:
राज्य में कुल 54 पॉलीटेक्निक संस्थाएँ संचालित हैं, जिनमें 04 शासकीय कन्या, 33 शासकीय सहशिक्षा, 01 विश्वविद्यालय शिक्षण विभाग (भिलाई) एवं 16 निजी पॉलीटेक्निक संस्थाएँ शामिल हैं।
(स्रोत: आर्थिक समीक्षा 2024-25)
उद्योग
- छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (CSIDC) की स्थापना – 7 अप्रैल, 2001
- राज्य का प्रथम औद्योगिक केंद – उरला (रायपुर) 1990
- राज्य का सबसे बड़ा औद्योगिक केंद्र – सिलतरा (रायपुर)
- राज्य में सर्वाधिक रोज़गार देने वाला औद्योगिक क्षेत्र – उरला (रायपुर)
- राज्य का सर्वाधिक निवेश वाला औद्योगिक केंद्र – उरला (रायपुर)
- औद्योगिक रूप से सर्वाधिक विकसित ज़िला – दुर्ग
- राज्य का पहला विशेष आर्थिक प्रक्षेत्र – रायपुर
- राज्य का नवीनतम विशेष आर्थिक प्रक्षेत्र – राजनांदगाँव
- राज्य का सबसे बड़ा इस्पात संयंत्र – भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी)
- राज्य की सबसे बड़ी एल्युमीनियम कंपनी – बाल्को (कोरबा)
- राज्य का प्रथम उद्योग – कपास उद्योग (बंगाल नागपुर कॉटन मिल)
- राज्य का प्रथम शक्कर कारखाना – भोरमदेव शक्कर कारखाना राम्हेपुर (कवर्धा) (मार्च 2003)
- खादी उत्पादन केंद्र: छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा 9 उत्पादन केंद्र कुंवरगढ़, सारागांव, मैनपुर, गरियाबंद, भगतदेवरी, तिफरा बिलासपुर, हरदी बाजार, देवरबीजा एवं डिमरापाल संचालित हैं।
- छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा और रायगढ़ ज़िले कोसा वस्त्र उत्पादन के लिये प्रसिद्ध हैं, वहीं रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, राजनांदगांव, महासमुंद, कवर्धा, धमतरी, अंबिकापुर और जगदलपुर सूती वस्त्र निर्माण के प्रमुख केंद्र हैं।
- राज्य के कोसा वस्त्र और जगदलपुर के पारंपरिक वस्त्र राष्ट्रीय व वैश्विक स्तर पर ख्याति प्राप्त हैं।
- बस्तर जिले के जगदलपुर में छत्तीसगढ़ खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा बांसकला शिल्प केंद्र संचालित हैं।
2024-25 के लिये प्रचलित कीमतों पर सकल राज्य घरेलू उत्पाद (GSDP) | |
क्षेत्र | अनुमानित भागीदारी (%) |
कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र | 20.07% |
उद्योग क्षेत्र | 43.48% |
सेवा क्षेत्र | 36.45% |
स्रोत: आर्थिक समीक्षा 2024-25 | |
औद्योगिक पार्क
- एल्यूमीनियम पार्क – दोंदरो (कोरबा)
- एपेरल पार्क – भनपुरी (रायपुर)
- एग्रो पार्क – बस्तर
- बायोटेक पार्क – अंबिकापुर (सरगुजा)
- डियर पार्क – कोटमसर नागलटर (बस्तर)
- फूड पार्क – ग्राम बगौद, जिला-धमतरी
- नवीन फूड पार्क – जिला-सुकमा (कार्य पूर्ण), छिंदगढ़, कोंटा, तहसील पखंजुर व ग्राम श्यामतराई (प्रस्तावित)
- हर्बल पार्क – बगौद (धमतरी)
- इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग पार्क –नया रायपुर
- इंजीनियरिंग पार्क –हथखोज, भिलाई (दुर्ग)
- आई.टी. पार्क – नया रायपुर
- किसान शॉपिंग मॉल – राजनांदगाँव, महासमुंद
- लॉजिस्टिक पार्क – ग्राम सरोरा, रायपुर
- जैव प्रौद्योगिकी पार्क – मुनगी (रायपुर)
- मेटल पार्क – रावांभाटा (रायपुर)
- प्लास्टिक पार्क – तिल्दा (रायपुर), खैरझीटी (राजनांदगांव)
- साइंस पार्क – तुता (रायपुर), सुकमा
- स्नेक पार्क – तपकरा (जशपुर)
- सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क – भिलाई (दुर्ग)
- ट्रैफिक पार्क – लगरा (बिलासपुर)
- अपेरल ट्रेनिंग एंड डिज़ाइन सेंटर – बिलासपुर, रायपुर, भिलाई, राजनांदगांव, सुकमा
एकीकृत अधोसंरचना विकास केंद्र (भारत सरकार के सहयोग से) | ||
क्र.सं | औद्योगिक केंद्र का नाम | ज़िला |
1 | सियादपाली / महुआपाली | रायगढ़ |
प्रस्तावित नवीन औद्योगिक क्षेत्र (भारत सरकार के सहयोग से) | ||
क्र.सं | प्रस्तावित औद्योगिक केंद्र का नाम | ज़िला |
1. | ग्राम परसिया | मुंगेली |
2 | ग्राम सेलेर | बिलासपुर |
एकीकृत अधोसंरचना विकास केंद्र के अंतर्गत प्रस्तावित आई.आई.डी.सी. (भारत सरकार के सहयोग से) | ||
क्र.सं | प्रस्तावित औद्योगिक केंद्र का नाम | ज़िला |
1 | अमनपुर | रायपुर |
2 | जी–जांगमगांव | धमतरी |
स्थापित औद्योगिक विकास केंद्र/औद्योगिक क्षेत्र/पार्कों का विवरण | |
क्र.सं | औद्योगिक क्षेत्र का नाम |
औद्योगिक क्षेत्र (200 हेक्टेयर से अधिक) | |
1 | औद्योगिक क्षेत्र उरला, रायपुर |
2 | औद्योगिक विकास केंद्र सिलतरा, रायपुर |
3 | औद्योगिक विकास केंद्र सिरगिट्टी, बिलासपुर |
4 | औद्योगिक क्षेत्र बोरई, दुर्ग |
5 | औद्योगिक क्षेत्र सिल्पहरी, बिलासपुर |
औद्योगिक क्षेत्र (100 से 200 हेक्टेयर तक) | |
6 | औद्योगिक क्षेत्र भनपुरी, रायपुर |
7 | इंजीनियरिंग पार्क, हथखोज भिलाई |
8 | औद्योगिक क्षेत्र मेटलपार्क, रायपुर |
औद्योगिक क्षेत्र (50 से 100 हेक्टेयर तक) | |
9 | महरूम कला, राजनांदगाँव |
10 | औद्योगिक क्षेत्र तिफरा, बिलासपुर |
11 | एकीकृत अधोसंरचना विकास केंद्र (आईआईडीसी) बिरकोनी, महासमुंद |
12 | एकीकृत अधोसंरचना विकास केंद्र (आईआईडीसी) नयनपुर-गिरवरगंज, |
13 | फुडपार्क बगौद, धमतरी |
14 | एकीकृत अधोसंरचना विकास केंद्र (आईआईडीसी) लखनपुरी, कांकेर |
औद्योगिक क्षेत्र (50 हेक्टेयर तक) | |
15 | औद्योगिक क्षेत्र रावांभाठा, रायपुर |
16 | औद्योगिक क्षेत्र आमासिवनी, रायपुर |
17 | अंजनी, पेण्ड्रारोड |
18 | एकीकृत अधोसंरचना विकास केंद्र (आईआईडीसी) हरिनछपरा कबीरधाम |
19 | औद्योगिक क्षेत्र तेंदुआ, रायपुर |
20 | एकीकृत अधोसंरचना विकास केंद्र (आईआईडीसी)टेकनार, जिला दंतेवाड़ा |
21 | एकीकृत अधोसंरचना विकास केंद्र (आईआईडीसी) कॉपन, जिला जांजगीर चांपा |
22 | औद्योगिक क्षेत्र बरतोरी तिल्दा, रायपुर |
23 | औद्योगिक क्षेत्र गंगापुर खुर्द, ज़िला सरगुजा |
24 | इलेक्ट्रानिक मेन्युफेक्चरिंग क्लस्टर नवा रायपुर |
25 | औद्योगिक क्षेत्र महरूम खुर्द, राजनांदगाँव |
26 | औद्योगिक क्षेत्र अवरेठी, भाटापारा |
27 | औद्यौगिक क्षेत्र सिलपहरी (ब्लॉक’ए,बी एवं सी) बिलासपुरा |
28 | औद्यौगिक क्षेत्र बरबसपुर, सुरजपुर |
29 | औद्यौगिक क्षेत्र रिखी, सरगुजा |
30 | औद्यौगिक क्षेत्र नारायणबहली, जशपुर |
31 | औद्यौगिक क्षेत्र हथकेरा बिदबिदा, मुंगेली |
32 | औद्यौगिक क्षेत्र खपरीखुर्द, रायपुर |
33 | औद्यौगिक क्षेत्र केसदा, बलौदा बाजार-भाटापारा |
34 | औद्यौगिक क्षेत्र पांगरीखुर्द, राजनांदगाँव |
35 | औद्यौगिक क्षेत्र महरूमखुर्द, राजनांदगाँव |
छत्तीसगढ़ ओडीओपी उत्पाद सूची (19 मई, 2025)
ज़िला/शहर | उत्पाद/सेवा | श्रेणी | क्षेत्र |
बालोद | हथकरघा | प्राथमिक | हथकरघा |
बलौदा बाज़ार | चावल आधारित उत्पाद – पोहा आदि | प्राथमिक | खाद्य प्रसंस्करण |
बलरामपुर | चावल– जिराफुल, बिसनी आदि | प्राथमिक | कृषि |
बस्तर | बेल मेटल (ढोकरा) | प्राथमिक | हस्तशिल्प |
बस्तर | इमली | द्वितीयक | कृषि |
बेमेतरा | पपीता आधारित उत्पाद | प्राथमिक | खाद्य प्रसंस्करण |
बीजापुर | लघु वनोपज – इमली और महुआ | प्राथमिक | कृषि |
बिलासपुर | काला चावल | प्राथमिक | कृषि |
दंतेवाड़ा | लघु वनोपज – इमली | प्राथमिक | कृषि |
धमतरी | चावल | प्राथमिक | कृषि |
दुर्ग | टमाटर आधारित उत्पाद | प्राथमिक | खाद्य प्रसंस्करण |
गरियाबंद | लघु वनोपज – चिरौंजी | प्राथमिक | कृषि |
गौरेला पेंड्रा मरवाही | मूंगफली | प्राथमिक | कृषि |
जांजगीर–चांपा | कोसा | प्राथमिक | हथकरघा |
जशपुर | लीची | प्राथमिक | कृषि |
कबीरधाम | गन्ना आधारित उत्पाद (जैसे गुड़, शीरा) | प्राथमिक | खाद्य प्रसंस्करण |
कांकेर | कस्टर्ड एप्पल आधारित उत्पाद | प्राथमिक | खाद्य प्रसंस्करण |
खैरागढ़–छुईखदान–गंडई | सोयाबीन | प्राथमिक | कृषि |
कोंडागांव | बेल मेटल (ढोकरा) | प्राथमिक | हस्तशिल्प |
कोंडागांव | बस्तर क्राफ्ट | द्वितीयक | हस्तशिल्प |
कोरबा | लघु वनोपज – महुआ | प्राथमिक | खाद्य प्रसंस्करण |
कोरिया | टमाटर | प्राथमिक | कृषि |
महासमुंद | दूध आधारित उत्पाद | प्राथमिक | डेयरी |
मनेंद्रगढ़–चिरमिरी–भरतपुर | टमाटर | प्राथमिक | कृषि |
मानपुर–मोहला–अंबागढ़ चौकी | सोयाबीन | प्राथमिक | कृषि |
मुंगेली | मूंगफली | प्राथमिक | कृषि |
नारायणपुर | काला चना | प्राथमिक | कृषि |
रायगढ़ – बिलाईगढ़ | टमाटर | प्राथमिक | कृषि |
रायपुर | पपीता आधारित उत्पाद | प्राथमिक | खाद्य प्रसंस्करण |
राजनांदगांव | सोयाबीन | प्राथमिक | कृषि |
सक्ती | कोसा | प्राथमिक | हथकरघा |
सारंगढ़–बिलासपुर | टमाटर | प्राथमिक | कृषि |
सुकमा | लकड़ी शिल्प | प्राथमिक | हस्तशिल्प |
सुकमा | मिलेट आधारित उत्पाद | द्वितीयक | खाद्य प्रसंस्करण |
सुरजपुर | हल्दी | प्राथमिक | कृषि |
सुरजपुर | आलू | द्वितीयक | कृषि |
सरगुजा | कटहल | प्राथमिक | कृषि |
सरगुजा | आलू | द्वितीयक | कृषि |
(स्रोत: investindia.gov.in)
छत्तीसगढ़ शासन के विभिन्न भवनों के नाम
- महानदी भवन – मंत्रालय एवं सचिवालय भवन
- इंद्रावती भवन (नवा रायपुर) – निदेशालय भवन/संचालनालय
- मिनीमाता भवन – विधानसभा भवन
- करुणा – मुख्यमंत्री निवास
- संगवारी – विधायकों का विश्रामगृह
- पहुना – राज्यशासन का विश्रामगृह
- संजीवनी – राज्य चिकित्सालय
- संवेदना – विधानसभा अध्यक्ष निवास
- सोनाखान – राज्य खनिज भवन
- मितानीन – ज़िला पंचायत भवन
- रेणुका( रायपुर) – निगम प्रवेश द्वार
- अरण्य भवन ( रायपुर ) – वन विभाग
- प्रदेश की कुल भूमि में कृषि कार्य का भाग -51 प्रतिशत
- प्रदेश में औसत कृषि जोत आकार – 1.36 हेक्टेयर
- एशिया की सबसे बड़ी इमली मंडी – जगदलपुर (बस्तर)
- चावल अनुसंधान केंद्र – लाभांडी (रायपुर)
- टमाटर अनुसंधान केंद्र – मैनपाट (सरगुजा)
- देश में मत्स्य बीज उत्पादन में राज्य का स्थान – 6वाँ
- छत्तीसगढ़ का देश में अंतर्देशीय मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में स्थान – 8 वें
- प्रदेश की प्रथम बहुउद्देश्यीय परियोजना – हसदेव बांगो/मिनीमाता परियोजना
- प्रदेश की सबसे बड़ी सिंचाई परियोजना – महानदी परियोजना
- प्रदेश का सबसे लंबा बांध – गंगरेल/रविशंकर बांध
- वर्तमान में छत्तीसगढ़ की नवीनतम औद्योगिक नीति का वर्ष – 2024
- छत्तीसगढ़ की अमृतकाल हेतु परिकल्पना हैं – अमृतकाल: छत्तीसगढ़ विज़न @2047




