भारतीय सड़क कांग्रेस 2024 का आयोजन रायपुर (छ. ग.) में संपन्न

भारतीय सड़क कांग्रेस 2024 का  आयोजन रायपुर (छ. ग.) में संपन्न

भारतीय सड़क कांग्रेस (आईआरसी) का 83वाँ वार्षिक अधिवेशन  में छत्तीसगढ़ के रायपुर में आयोजित हुआ। इस महत्वपूर्ण आयोजन की शुरुआत 08 नवंबर को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के उद्घाटन के साथ हुई। यह चार दिवसीय अधिवेशन 11 नवंबर को समाप्त हुआ। इस अधिवेशन में सड़क निर्माण एवं सुरक्षा पर केंद्रित नए दिशानिर्देश और एक नियमावली जारी करना प्रमुख घटनाक्रमों में शामिल है।

भारतीय सड़क कांग्रेस के उद्देश्य

आईआरसी का उद्देश्य भारतीय मानक, संहिताएँ, विनिर्देश और नियमावली तैयार करना है। ये दिशानिर्देश केंद्र सरकार की सड़क एजेंसियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ये स्थायी सड़क अवसंरचना के निर्माण और रखरखाव में सहायता करते हैं। इसका मुख्य लक्ष्य देश के समग्र विकास में सहयोग प्रदान करना है।

भागीदारी और उपस्थिति

इस सम्मेलन में 2,000 से ज़्यादा प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। इनमें भारत भर के विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और इंजीनियर शामिल हैं। उनकी सामूहिक विशेषज्ञता चर्चाओं और तकनीकी सत्रों को समृद्ध बनाती है। विविध प्रतिनिधित्व विभिन्न हितधारकों के बीच सहयोग को प्रोत्साहित करता है।

तकनीकी सत्र और चर्चाएँ

सम्मेलन में कई तकनीकी सत्र होंगे। अठारह दस्तावेज़ों पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। ये दस्तावेज़ सड़क निर्माण और सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं को कवर करते हैं। इन सत्रों का उद्देश्य इस क्षेत्र की समकालीन चुनौतियों का समाधान करना है।

नए दिशानिर्देश जारी

उद्घाटन के दौरान, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने तीन नए दिशानिर्देश पेश किए। ये दिशानिर्देश सड़क सुरक्षा और निर्माण प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने पर केंद्रित हैं। इन्हें भारत में सड़क अवसंरचना की समग्र गुणवत्ता में सुधार के लिए डिज़ाइन किया गया है।

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राजमार्ग अनुसंधान बोर्ड की बैठक

दूसरे दिन, राजमार्ग अनुसंधान बोर्ड की एक बैठक निर्धारित है। इस बैठक में प्रयोगशाला अनुसंधान निष्कर्षों के कार्यान्वयन हेतु एक रोडमैप तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य सड़क विकास में अत्याधुनिक तकनीक को एकीकृत करना है। राजमार्ग क्षेत्र में सतत प्रथाओं पर भी मुख्य ध्यान दिया जाएगा।

इस सम्मेलन में विभिन्न क्षेत्रों की भागीदारी देखी जा रही है। केंद्र और राज्य सरकारों के प्रतिनिधि इसमें शामिल हैं। आईआईटी सहित अनुसंधान संस्थान और शैक्षणिक संस्थान बहुमूल्य अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं। निजी क्षेत्र की भागीदारी सहयोगात्मक प्रयासों को और मज़बूत बनाती है।

सड़क विकास का भविष्य

आईआरसी में होने वाली चर्चाएँ भविष्य की सड़क विकास रणनीतियों को प्रभावित करेंगी। टिकाऊ प्रथाओं पर ज़ोर से आगामी परियोजनाओं को आकार मिलने की उम्मीद है। प्रौद्योगिकी और शोध निष्कर्षों के एकीकरण से नवीन समाधान निकलेंगे। कुल मिलाकर, यह सम्मेलन भारत में सड़क अवसंरचना को आगे बढ़ाने के लिए एक मंच के रूप में कार्य करता है।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य:

  1. भारतीय सड़क कांग्रेस (आईआरसी) – आईआरसी भारत में एक अत्यंत महत्वपूर्ण संस्था है। यह सड़क निर्माण और रखरखाव के लिए मानक और दिशानिर्देश तैयार करती है। इसका प्रभाव राष्ट्रीय सड़क अवसंरचना तक फैला हुआ है।
  2. राजमार्ग अनुसंधान बोर्ड (एचआरबी): एचआरबी अनुसंधान निष्कर्षों के कार्यान्वयन पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य सड़क विकास में प्रौद्योगिकी को एकीकृत करना है। बोर्ड के लिए सतत कार्यप्रणाली एक प्रमुख चिंता का विषय है।
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