विक्रमशिला विश्वविद्यालय

विक्रमशिला विश्वविद्यालय

 

बिहार में शिक्षा के एक अन्य प्राचीन केंद्र विक्रमशिला को पुनर्जीवित करने का कार्य चल रहा है। इससे पूर्व सरकार ने एक दशक पहले राजगीर की तलहटी में बसे नालंदा विश्वविद्यालय को पुनर्जीवित किया था।

विक्रमशिला विश्वविद्यालय के बारे में

  • स्थापना: इसका निर्माण पाल शासक धर्मपाल (8वीं-9वीं शताब्दी ई.) ने कराया था। यह नालंदा के साथ-साथ विकसित हुआ था।
    • धर्मपाल ने ही आधुनिक बांग्लादेश में सोमपुर महाविहार की स्थापना की थी।
  • विक्रमशिला विश्वविद्यालय में वज्रयान/ तंत्रयान बौद्ध धर्म, गुप्त विद्या (Occult studies) और धर्मशास्त्र आदि विषयों का अध्ययन कराया जाता था।
  • तिब्बत से कई विद्वान यहां अध्ययन के लिए आते थे। कई पांडुलिपियों की संस्कृत में रचना की गई थी और उनका तिब्बती भाषा में अनुवाद भी किया गया था।
  • पाल साम्राज्य के बौद्ध विद्वान आतिश दीपांकर (980-1054 ई.) विक्रमशिला विश्वविद्यालय के अध्यक्ष थे।
  • 12वीं शताब्दी के अंत में कुतुबुद्दीन ऐबक के सैन्य कमांडर बख्तियार खिलजी ने इसे नष्ट कर दिया था।
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