विश्व पर्यावास दिवस

विश्व पर्यावास दिवस

चर्चा में क्यों?

आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) ने विज्ञान भवन, नई दिल्ली में “संकट के लिये शहरी समाधान” विषय के साथ विश्व पर्यावास दिवस 2025 मनाया।

विश्व पर्यावास दिवस

    • यह हर वर्ष अक्टूबर के पहले सोमवार को मनाया जाता है।
    • विश्व पर्यावास दिवस का उद्देश्य हमारे कस्बों और शहरों की स्थिति और सभी के पर्याप्त आश्रय के मूल अधिकार पर विचार करना है।
    • विश्व पर्यावास दिवस की स्थापना 1985 में संयुक्त राष्ट्र सभा द्वारा की गई थी और इसे पहली बार 1986 में मनाया गया था। 
    • इस कार्यक्रम में जलवायु परिवर्तनप्रवासन और तीव्र शहरीकरण जैसी चुनौतियों से निपटने हेतु शहरों को अधिक लचीला, समावेशी और  सतत् बनाने के महत्त्व पर प्रकाश डाला गया।

मुख्य बिंदु

  • पृष्ठभूमि:
    • वर्ष 1985 में, संयुक्त राष्ट्र ने अक्तूबर के पहले सोमवार को विश्व पर्यावास दिवस के रूप में घोषित किया। 
    • यह दिवस पहली बार वर्ष 1986 में आश्रय मेरा अधिकार है” थीम के साथ मनाया गया था और नैरोबी इसका मेज़बान शहर था। 
  • उद्देश्य:
    • यह दिवस आवास की स्थिति पर विचार करने तथा सभी व्यक्तियों के लिये पर्याप्त आश्रय तक पहुँच के मौलिक अधिकार पर ज़ोर देने के लिये मनाया जाता है।
  • विषय 2025:
    • 6 अक्तूबर को मनाए जाने वाले विश्व पर्यावास दिवस 2025 का विषय “शहरी संकट प्रतिक्रिया” था। 
    • यह जलवायु परिवर्तन और संघर्षों जैसी चुनौतियों से उत्पन्न शहरी असमानता को संबोधित करने तथा प्रभावी संकट प्रतिक्रिया उपकरणों और दृष्टिकोणों को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।

स्क्रॉल ऑफ ऑनर पुरस्कार

  • संयुक्त राष्ट्र मानव पर्यावास कार्यक्रम (UN-Habitat) द्वारा वर्ष 1989 में शुरू किया गया स्क्रॉल ऑफ ऑनर अवार्ड मानव बस्तियों के क्षेत्र में विश्व का सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार है। 
  • यह पुरस्कार निम्नलिखित क्षेत्रों में असाधारण योगदान को मान्यता देता है:
    • आश्रय प्रावधान: पर्याप्त और सुलभ आवास।
    • निराश्रित लोगों की दुर्दशा पर प्रकाश डालना।
    • संघर्षोत्तर पुनर्निर्माण में नेतृत्व।
    • शहरी जीवन की गुणवत्ता और मानव बस्तियों में सुधार करना।
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