संहिता (SAMHiTA) सम्मेलन

संहिता (SAMHiTA) सम्मेलन

4 सितंबर, 2025 को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने नई दिल्ली में SAMHiTA सम्मेलन का उद्घाटन किया, जो दक्षिण एशिया की पांडुलिपि परंपराओं और गणितीय योगदानों को समर्पित है।

मुख्य तथ्य:

  • SAMHiTA पहल: भारत एवं दक्षिण एशियाई पांडुलिपियों का एक व्यापक रिलेशनल डेटाबेस और डिजिटल आर्काइव बनाने की परियोजना, जिसमें भारत के बाहर लाइब्रेरी, संग्रहालय और अन्य भंडारों में संरक्षित पांडुलिपियाँ शामिल होंगी।
  • सहयोग: इस पहल में विभिन्न संस्थागत साझेदारों के सहयोग से पांडुलिपियों का डिजिटलीकरण और संरक्षण किया जाएगा, जिससे अध्ययन व शोध में सहजता होगी।
  • सांस्कृतिक महत्त्व: दक्षिण एशियाई पुनर्जागरण, आचार्य गणितज्ञों और वैदिक संस्कृत ग्रंथों के वैज्ञानिक और सांस्कृतिक महत्व को उजागर करने का यह प्रयास है।
  • आत्मनिर्भरता पर जोर: जयशंकर ने कहा कि वैश्विक स्तर पर भारत की सशक्त भागीदारी और आत्मनिर्भरता के लिए बौद्धिक नेतृत्व अत्यावश्यक है, और SAMHiTA इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
  • आगे की संभावनाएँ: यह परियोजना विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों और सांस्कृतिक संगठनों के बीच ज्ञान साझा करने के लिए मंच प्रदान करेगी और भारत की सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने में सहायक होगी।
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