महात्मा गांधी और रवींद्रनाथ टैगोर के राष्ट्रवाद में अंतर –  यूपीएससी परीक्षा के लिए आधुनिक इतिहास नोट्स

महात्मा गांधी और रवींद्रनाथ टैगोर दोनों के अलग-अलग विचार थे कि राष्ट्रवाद का मूल्यांकन और अभ्यास कैसे किया जाना चाहिए। गांधी के राष्ट्रवाद का विचार समाज के सभी स्तरों पर आत्मनिर्भर होना है जबकि टैगोर का राष्ट्रवाद का विचार यह है कि यह एक मृगतृष्णा के रूप में है, जिसके पीछे एक राष्ट्र को हमेशा नहीं चलना चाहिए। टैगोर ने यह भी महसूस किया कि साम्राज्यवाद राष्ट्रवाद की अभिव्यक्ति है। महात्मा गांधी और रवींद्रनाथ टैगोर के राष्ट्रवाद में अंतर (Difference in Nationalism of Mahatma Gandhi and Rabindranath Tagore) यूपीएससी आईएएस परीक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण टॉपिक्स में से एक है। इस लेख में, हम महात्मा गांधी के राष्ट्रवाद, रवींद्रनाथ टैगोर के राष्ट्रवाद और महात्मा गांधी और रवींद्रनाथ टैगोर के राष्ट्रवाद में अंतर (Difference in Nationalism of Mahatma Gandhi and Rabindranath Tagore in Hindi) पर चर्चा करने जा रहे हैं।
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