साँची स्तूप से पवित्र बौद्ध अवशेष मंगोलिया भेजे जाएंगे
चर्चा में क्यों?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक पहल के तहत, भारत साँची स्तूप से पवित्र बौद्ध अवशेषों को मंगोलिया भेजेगा।
मुख्य बिंदु:
- अवशेषों का स्थानांतरण: साँची स्तूप में संरक्षित पवित्र बौद्ध अवशेषों को सार्वजनिक प्रदर्शन और धार्मिक अनुष्ठान के लिये मंगोलिया भेजा जाएगा।
- ये अवशेष भगवान बुद्ध के दो सबसे प्रमुख शिष्यों सारिपुत्र और महामौद्गल्यायन (मौद्गल्यायन) से जुड़े हैं।
- पहल: भारत-मंगोलिया के सांस्कृतिक और बौद्ध संबंधों को और गहरा करने के लिये यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर उठाया गया है।
- इन अवशेषों को मंगोलिया की राजधानी उलानबटोर में जनता के दर्शन के लिये प्रदर्शित किया जाएगा, जहाँ दस लाख से अधिक श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आने की उम्मीद है।
- सांस्कृतिक कूटनीति: यह स्थानांतरण सांस्कृतिक कूटनीति और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के एक महत्त्वपूर्ण तत्त्व के रूप में बौद्ध विरासत तथा भारत द्वारा सभ्यतागत संबंधों के रणनीतिक उपयोग को प्रदर्शित करता है।
- साँची स्तूप:
- साँची, मध्य प्रदेश के रायसेन ज़िले में स्थित है।
- यह बेतवा नदी के पश्चिम में एक उच्च पठारी क्षेत्र पर स्थित है।
- इस स्थल को वर्ष 1989 में UNESCO विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया था।
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