सिंधु घाटी की सभ्यता

सिंधु घाटी की सभ्यता | Sindhu Ghati Sabhyata
प्राचीन भारतीय इतिहास · Ancient Indian History

सिंधु घाटी की सभ्यता

Sindhu Ghati ki Sabhyata · Harappan / Indus Valley Civilization
UPSC CSE PSC / UPPSC / BPSC NTA NET / JRF SSC CGL
काल: 3300–1300 BCE क्षेत्र: ~25 लाख वर्ग किमी स्थल: 1500+ अवशेष लिपि: अपठनीय

१. परिचय एवं खोज Introduction & Discovery

सिंधु घाटी सभ्यता (Indus Valley Civilization / IVC) विश्व की प्राचीनतम और सबसे विस्तृत नगरीय सभ्यताओं में से एक है। यह मेसोपोटामिया (इराक) और मिस्र (Egypt) की सभ्यताओं के समकालीन थी। इसे हड़प्पा सभ्यता भी कहते हैं क्योंकि इसका पहला उत्खनन स्थल हड़प्पा (पाकिस्तान) था।

🔍 खोज का इतिहास (Discovery History)
  • 1826 — चार्ल्स मेसन (Charles Masson) ने हड़प्पा का पहला उल्लेख किया
  • 1856 — जॉन ब्रंटन व विलियम ब्रंटन ने रेलमार्ग निर्माण में ईंटें देखीं
  • 1921दयाराम साहनी ने हड़प्पा का पहला वैज्ञानिक उत्खनन किया (ASI)
  • 1922राखालदास बंद्योपाध्याय (R. D. Banerji) ने मोहनजोदड़ो की खोज की
  • 1924 — ASI महानिदेशक जॉन मार्शल ने नई सभ्यता की घोषणा की
  • 1946मोर्टिमर व्हीलर ने व्यापक उत्खनन किया

इस सभ्यता का काल निर्धारण रेडियोकार्बन डेटिंग द्वारा किया गया है। यह सभ्यता पश्चिम में सुत्कागेंडोर (बलूचिस्तान) से पूर्व में आलमगीरपुर (मेरठ, उत्तर प्रदेश) तक और उत्तर में माण्डा (जम्मू) से दक्षिण में दायमाबाद (महाराष्ट्र) तक फैली थी।

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विस्तार
~25 लाख वर्ग किमी क्षेत्र। मिस्र + मेसोपोटामिया से बड़ा। वर्तमान भारत, पाकिस्तान, अफगानिस्तान में।
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नगरीय विशेषता
विश्व की प्रथम योजनाबद्ध नगर-सभ्यता। ग्रिड पैटर्न, पक्की ईंटें, उन्नत जल-निकासी।
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लिपि
चित्रात्मक/भावचित्र लिपि, अभी तक अपठनीय। लगभग 400+ चिह्न। दाईं से बाईं ओर लिखी जाती थी।
काल
परिपक्व काल: 2600–1900 BCE। पूर्व-हड़प्पा: 3300 BCE। उत्तर-हड़प्पा: 1900–1300 BCE।

२. काल-विभाजन Periodization

पूर्व-हड़प्पा काल (Early / Pre-Harappan) — 3300–2600 BCE
ग्रामीण अवस्था। मेहरगढ़ (बलूचिस्तान) इस काल का प्रमुख स्थल। कृषि एवं पशुपालन का प्रारंभ। कच्ची ईंटों का प्रयोग। प्रमुख संस्कृतियाँ: कोट दीजी, अमरी, नाल, झोब
परिपक्व हड़प्पा काल (Mature Harappan) — 2600–1900 BCE
सभ्यता का स्वर्णकाल। हड़प्पा, मोहनजोदड़ो, धोलावीरा जैसे महानगर। पक्की ईंटें, विशाल स्नानागार, सुव्यवस्थित नगर-योजना। व्यापार, लेखन, मानकीकृत माप-तौल।
उत्तर-हड़प्पा काल (Late Harappan) — 1900–1300 BCE
सभ्यता का ह्रास। बड़े नगर उजड़े, छोटी बस्तियाँ रहीं। रंगपुर (गुजरात) इस काल का प्रमुख उदाहरण। क्षेत्रीय संस्कृतियाँ पनपीं — Punjab, Haryana में Cemetery H, Sindh में Jhukar।
📌 UPSC परीक्षा टिप
परिपक्व काल (2600–1900 BCE) UPSC के लिए सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। मेहरगढ़ को "हड़प्पा सभ्यता का पूर्वज" (Precursor) माना जाता है। मेहरगढ़ की खोज: J.F. Jarrige (1974)।

३. प्रमुख स्थल एवं उनकी विशेषताएँ Major Sites & Their Features

स्थलदेश/राज्यनदीखोजकर्ता (वर्ष)विशेष उपलब्धि / परीक्षा-बिंदु
हड़प्पापाकिस्तान (पंजाब)रावीदयाराम साहनी (1921)प्रथम ज्ञात स्थल; अन्नागार, श्रमिक आवास, R-37 कब्रिस्तान
मोहनजोदड़ोपाकिस्तान (सिंध)सिंधुR.D. Banerji (1922)सबसे बड़ा नगर; विशाल स्नानागार (Great Bath), अन्नागार, पुजारी-राजा की मूर्ति
चन्हुदड़ोपाकिस्तान (सिंध)सिंधुN. G. Majumdar (1931)एकमात्र स्थल जहाँ दुर्ग नहीं; मनका (bead) निर्माण, स्याही का कुप्पा
कालीबंगाराजस्थान (भारत)घग्गर-हकराA. Ghosh (1953)जुते हुए खेत के साक्ष्य; अग्निकुंड; हल्की ईंटें; विश्व का प्राचीनतम जुताई-साक्ष्य
लोथलगुजरात (भारत)भोगावोS.R. Rao (1957)एकमात्र बंदरगाह (Dockyard); धान/चावल के साक्ष्य; फारस की मुहर
धोलावीरागुजरात (भारत)मनहर/रणJ.P. Joshi / R. Bisht (1990)तीन भागों में विभाजित नगर; विशाल जलाशय (Water Reservoir); सबसे बड़े अक्षर-चिह्न; UNESCO (2021)
बनवालीहरियाणा (भारत)घग्गर-हकराR.S. Bisht (1973)जौ के साक्ष्य; तिल; मिट्टी का हल; सड़कें सीधी नहीं (अपवाद)
सुरकोटदागुजरात (भारत)J.P. Joshi (1964)घोड़े की हड्डियाँ (Horse bones); एकीकृत दुर्ग-आवासीय क्षेत्र
रंगपुरगुजरात (भारत)मादरM. S. Vats (1931)उत्तर-हड़प्पा काल का उदाहरण; चावल की भूसी; बिना दुर्ग
आलमगीरपुरउत्तर प्रदेश (भारत)हिंडनY.D. Sharma (1958)सभ्यता का सबसे पूर्वी स्थल (Easternmost)
दायमाबादमहाराष्ट्र (भारत)प्रवरासभ्यता का सबसे दक्षिणी स्थल; काँसे की बैलगाड़ी, हाथी, गैंडा की मूर्तियाँ
सुत्कागेंडोरपाकिस्तान (बलूचिस्तान)दश्तAurel Stein (1927)सभ्यता का सबसे पश्चिमी स्थल (Westernmost); व्यापार-पोस्ट
माण्डाजम्मू (भारत)चिनाबJ.P. Joshi (1976)सभ्यता का सबसे उत्तरी स्थल (Northernmost)
मेहरगढ़पाकिस्तान (बलूचिस्तान)बोलानJ.F. Jarrige (1974)सभ्यता का पूर्वज; 7000 BCE से आबादी; कृषि के प्राचीनतम साक्ष्य

४. नगर-योजना Town Planning

हड़प्पा सभ्यता की नगर-योजना इसकी सबसे अनूठी विशेषता है। यह ग्रिड पैटर्न (Grid Pattern) पर आधारित थी जहाँ सड़कें एक-दूसरे को समकोण पर काटती थीं। नगर दो भागों में विभाजित था —

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दुर्ग / गढ़ी (Citadel)
पश्चिमी ऊँचे भाग पर। शासक वर्ग का निवास। विशाल स्नानागार, अन्नागार, सभाभवन आदि। ऊँचे चबूतरे पर पक्की ईंटों से निर्मित।
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निचला नगर (Lower Town)
पूर्वी नीचे भाग पर। आम जनता का आवास। मकानों में प्रवेश-द्वार मुख्य सड़क की ओर नहीं, गली की ओर था।
🏗️ प्रमुख नगर-नियोजन विशेषताएँ
  • पक्की ईंटें: मानकीकृत अनुपात 4:2:1 (लंबाई:चौड़ाई:ऊँचाई)
  • जल-निकासी: ढकी हुई नालियाँ (Covered Drains) — विश्व की सर्वप्रथम। प्रत्येक घर की नाली मुख्य नाली से जुड़ती थी।
  • विशाल स्नानागार (Great Bath) — मोहनजोदड़ो: 11.88 × 7.01 × 2.43 मीटर। जलरोधक फर्श (Bitumen coating)। धार्मिक/अनुष्ठानिक महत्व।
  • अन्नागार (Granary): हड़प्पा एवं मोहनजोदड़ो दोनों में। हड़प्पा में 6 अन्नागार दो पंक्तियों में।
  • कुएँ: प्रत्येक घर में या मुहल्ले में सार्वजनिक कुएँ।
  • स्नानघर: लगभग प्रत्येक घर में। ईंट के फर्श, जल-निकासी व्यवस्था।
  • सड़कें: मुख्य सड़क ~10 मीटर चौड़ी। गलियाँ ~3–4 मीटर।
  • धोलावीरा अपवाद: तीन भागों में विभाजित (Citadel + Middle Town + Lower Town)

५. आर्थिक जीवन Economic Life

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कृषि (Agriculture)
गेहूँ, जौ, कपास (विश्व में प्रथम), तिल, मटर, सरसों, खजूर। हल का प्रयोग (कालीबंगा)। नहरी सिंचाई के साक्ष्य नहीं, बाढ़-सिंचाई संभव।
🐄
पशुपालन
बैल, भेड़, बकरी, भैंस, हाथी। घोड़े के प्रमाण संदिग्ध (सुरकोटदा में हड्डियाँ)। गाय के साक्ष्य नहीं। ऊँट के साक्ष्य नहीं।
⚖️
माप-तौल
मानकीकृत बाट — घनाकार (Cuboid)। 16 के गुणज में (1, 2, 4, 8, 16, 32, 64…)। चर्ट/सेलखड़ी पत्थर से बने। लंबाई मापन में "फुट" जैसी इकाई।
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शिल्प एवं उद्योग
मिट्टी के बर्तन (लाल-काले चित्रों वाले), मनके (Beads), धातु-कार्य (ताँबा, काँसा), कपड़ा बुनाई, मुहर-निर्माण।
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व्यापार
आंतरिक एवं विदेशी दोनों। लोथल का बंदरगाह। मेसोपोटामिया से व्यापार — "मेलुहा" नाम से जाना जाता था। अफगानिस्तान, ईरान, ओमान से संपर्क।
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मुद्रा
सिक्कों का प्रयोग नहीं। वस्तु-विनिमय (Barter System) प्रचलित। मुहरें (Seals) व्यापार में प्रयुक्त।
💡 महत्वपूर्ण तथ्य — विदेशी व्यापार
मेसोपोटामिया के ग्रंथों में "मेलुहा" = सिंधु क्षेत्र, "दिलमुन" = बहरीन, "मगन" = ओमान।
मोहनजोदड़ो में मिली बेलनाकार मुहर (Cylinder Seal) मेसोपोटामिया शैली की है — विदेशी व्यापार का प्रमाण।
लापिस लाजुली (नीला पत्थर) अफगानिस्तान से आयात किया जाता था।

६. सामाजिक जीवन Social Life

हड़प्पा समाज के बारे में लिपि न पढ़ पाने के कारण जानकारी सीमित है, परंतु पुरातात्विक साक्ष्यों से कुछ निष्कर्ष निकाले जा सकते हैं।

  • मातृसत्तात्मक समाज: मातृदेवी मूर्तियों की प्रचुरता — संभवतः मातृसत्तात्मक या मातृदेवी-पूजक समाज UPSC
  • वर्ग-विभाजन: शासक, व्यापारी, शिल्पकार, श्रमिक — स्पष्ट वर्ग-भेद के प्रमाण नहीं मिलते
  • वस्त्र: सूती एवं ऊनी वस्त्र। कपास की खेती विश्व में पहली बार यहीं। ALL EXAMS
  • आभूषण: स्त्री-पुरुष दोनों — हार, कड़े, झुमके, अँगूठियाँ। सोने, चाँदी, ताँबे, हाथी दाँत से निर्मित NET
  • खेल एवं मनोरंजन: पासे (Dice), शतरंज जैसे खेल, मिट्टी के खिलौने (बैलगाड़ी, पक्षी, मछली)
  • शवाधान: सामान्यतः विस्तारित (Extended) अंत्येष्टि। हड़प्पा में R-37 कब्रिस्तान। लोथल में युगल-शवाधान (Double Burial)। UPSC
  • भोजन: गेहूँ, जौ, दाल, मछली, माँस, दूध-उत्पाद
  • दर्पण: ताँबे के दर्पण प्राप्त हुए — सौंदर्य-चेतना का प्रमाण

७. धर्म एवं धार्मिक जीवन Religion & Religious Life

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मातृदेवी पूजा
सर्वाधिक मृण्मूर्तियाँ मातृदेवी की। नारी-प्रधान धर्म का संकेत। शक्ति-उपासना का प्रारंभिक रूप।
🐂
पशुपति शिव
मार्शल-मुहर: योगासन में बैठे देवता, चारों ओर जानवर (बाघ, हाथी, भैंसा, गैंडा)। "आद्य शिव" (Proto-Shiva) की संज्ञा। UPSC PYQ — इस मुहर का महत्व।
🌳
वृक्ष-पूजा
पीपल, नीम जैसे वृक्षों की पूजा। मुहरों पर वृक्ष-देवता के चित्र। आज भी प्रचलित परंपरा का मूल।
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पशु-पूजा
एक-सींग वाला जानवर (Unicorn) सर्वाधिक मुहरों पर। साँप, बैल, हाथी की पूजा। कूबड़ वाला बैल (Zebu Bull) पवित्र।
🔥
अग्नि-पूजा
कालीबंगा एवं लोथल में अग्निकुंड (Fire Altars) के साक्ष्य। यज्ञ-परंपरा का प्रारंभिक रूप।
💧
जल-पूजा
विशाल स्नानागार (Great Bath) — शुद्धिकरण अनुष्ठान का केंद्र। जल की पवित्रता में विश्वास।
📌 मंदिर के साक्ष्य नहीं (Important Negative Fact)
हड़प्पा सभ्यता में किसी मंदिर के स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिले हैं। यह वैदिक सभ्यता से प्रमुख अंतर है। लिंग और योनि पूजा के प्रमाण मिले हैं।

८. लिपि, कला एवं प्रौद्योगिकी Script, Art & Technology

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सिंधु लिपि
चित्रात्मक (Pictographic)। ~400–600 चिह्न। दाईं से बाईं लिखी जाती थी (Boustrophedon भी)। अभी तक अपठनीय। मुहरों, मृद्भाण्डों, ताँबे की पट्टियों पर।
🏺
मृद्भाण्ड (Pottery)
लाल मिट्टी पर काली डिजाइन। चाक पर निर्मित। पशु-पक्षी, पत्तियाँ, ज्यामितीय डिजाइन। पानी रखने के बर्तन।
💎
मुहरें (Seals)
~2500 से अधिक। सेलखड़ी (Steatite) से निर्मित। आयताकार। "पशुपति मुहर" सर्वप्रसिद्ध। व्यापार-पहचान में प्रयुक्त।
🗿
मूर्तिकला
नृत्यरत नारी (Dancing Girl) — मोहनजोदड़ो, काँसा (Bronze Casting / Lost Wax)। पुजारी-राजा (Priest-King) — मोहनजोदड़ो, सेलखड़ी। हड़प्पा का धड़ — यथार्थवादी।
🔧
धातु-प्रौद्योगिकी
ताँबा, काँसा, सोना, चाँदी। लोहे का प्रयोग नहीं (Chalcolithic / ताम्रपाषाण युग)। मैडगुन प्रक्रिया (Lost Wax) से मूर्तियाँ।
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मापन-तकनीक
मोहनजोदड़ो में हाथी-दाँत का स्केल (Ivory Scale)। लोथल में काँसे का स्केल। दशमलव एवं द्विचर (Binary) दोनों प्रणालियाँ।

९. सभ्यता का पतन — कारण एवं सिद्धांत Decline — Causes & Theories

सिद्धांतप्रस्तावकतर्क / साक्ष्यआलोचना
आर्य आक्रमणमार्टिमर व्हीलरमोहनजोदड़ो में 37 कंकाल, ऋग्वेद में "इंद्र = पुरंदर" (नगर-ध्वंसक)कंकाल एक साथ नहीं मरे; सभी नगर एक साथ नहीं उजड़े; अब अस्वीकृत
बाढ़ / जल-प्लावनमार्शल, मैकेमोहनजोदड़ो में जल-स्तर के चिह्न; मिट्टी की परतेंबार-बार बाढ़ संभव, पर पूरी सभ्यता नष्ट नहीं हुई
भूकंप / भूगर्भीय परिवर्तनरेक्स, रावेघग्गर-हकरा नदी का सूखना; भूमि-उत्थानसिंधु का मार्ग-परिवर्तन भी संभव
जलवायु परिवर्तनअमलानंद घोष, Gwen Robbins Schugवर्षा कम हुई; वनस्पति घटी; कृषि प्रभावितसबसे आधुनिक और स्वीकृत सिद्धांत
वन-विनाश / पारिस्थितिक ह्रासFairservisईंट-पकाने हेतु अत्यधिक वनकटाई; भूमि-क्षरणदीर्घकालीन प्रक्रिया; एकमात्र कारण नहीं
महामारी / बीमारीSchug et al. (2012)कंकालों में संक्रमण के चिह्न; घनी आबादीहाल का शोध; अभी पूर्ण रूप से सिद्ध नहीं
🔑 UPSC/NET के लिए निष्कर्ष
पतन का कोई एकल कारण नहीं। बहु-कारणीय पतन (Multicausal Decline) — जलवायु परिवर्तन, नदी-मार्ग परिवर्तन, पारिस्थितिक दबाव और आंतरिक सामाजिक-आर्थिक तनाव सभी उत्तरदायी। व्हीलर का आर्य-आक्रमण सिद्धांत अब अधिकांश विद्वानों द्वारा अस्वीकृत।

१०. तुलनात्मक विश्लेषण — IVC vs वैदिक सभ्यता Comparative Analysis

विशेषतासिंधु सभ्यता (IVC)वैदिक सभ्यता
प्रकृतिनगरीय (Urban)ग्रामीण (Rural)
लिपिचित्रात्मक (अपठनीय)संस्कृत (पठनीय)
अर्थव्यवस्थाव्यापार-प्रधानपशुपालन + कृषि
धर्ममातृदेवी, शिव, पशु-वृक्ष पूजाप्रकृति-देव (इंद्र, अग्नि, वरुण)
लोहानहीं (ताम्र-पाषाण)उत्तर-वैदिक काल में हाँ
घोड़ासंदिग्ध / नहींहाँ (केंद्रीय महत्व)
मंदिरसाक्ष्य नहींबाद में विकसित
माप-तौलमानकीकृत, केंद्रीकृतविकसित नहीं
जल-निकासीउन्नतनहीं

११. याद करने के तरीके — Mnemonics Memory Techniques

🧠 Mnemonic 1 — प्रमुख स्थल याद करें
"हमारे कल की बात — लोटे धो बनाएँ सुरा"
ड़प्पा · ोहनजोदड़ो · ंगपुर · ालीबंगा · ोथल · धोलावीरा · नवाली · सुरकोटदा
🧠 Mnemonic 2 — चारों दिशाओं के छोर
"माण्डा ऊपर, दायमा नीचे, आलम पूरब, सुत्का पश्चिम"
उत्तर: माण्डा (जम्मू) · दक्षिण: दायमाबाद (महाराष्ट्र) · पूर्व: आलमगीरपुर (UP) · पश्चिम: सुत्कागेंडोर (बलूचिस्तान)
🧠 Mnemonic 3 — खोजकर्ता क्रम (1921–1922)
"दया ने हड़प्पा पाया, राखल ने मोहन को"
दयाराम साहनी → हड़प्पा (1921) · राखालदास बंद्योपाध्याय → मोहनजोदड़ो (1922)
🧠 Mnemonic 4 — IVC की फसलें
"गेजौ कपा तिस मटर खज"
गेहूँ · जौ · पास · िल · रसों · टर · खजूर (ये सभी IVC की ज्ञात फसलें)

१२. विगत वर्षों के प्रश्न (PYQs) Previous Year Questions

UPSC CSE Prelims 2020
निम्नलिखित में से किस हड़प्पाकालीन स्थल से "हल" चलाने के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं?
Which Harappan site has provided evidence of ploughing?
✅ उत्तर: कालीबंगा (Kalibangan) — जुते हुए खेत की लकीरें मिली हैं
UPSC CSE Prelims 2017
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें: (1) हड़प्पाई लोगों को लोहे का ज्ञान नहीं था। (2) हड़प्पाई लोग कपास उगाते थे। इनमें से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
✅ उत्तर: दोनों (1) और (2) — लोहे के कोई साक्ष्य नहीं; कपास की खेती विश्व में पहली बार IVC में
UPSC CSE Prelims 2015
सिंधु सभ्यता की "नृत्यरत नारी" (Dancing Girl) की मूर्ति किस स्थल से मिली? वह किस धातु की बनी है?
✅ उत्तर: मोहनजोदड़ो से, काँसे (Bronze) की — Lost Wax / Cire Perdue विधि से निर्मित
UPSC CSE Prelims 2019
हड़प्पा सभ्यता के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा स्थल गुजरात में स्थित नहीं है? (a) धोलावीरा (b) लोथल (c) सुरकोटदा (d) कालीबंगा
✅ उत्तर: (d) कालीबंगा — यह राजस्थान में घग्गर नदी के किनारे है
NTA UGC NET History 2022
सिंधु सभ्यता की लिपि के बारे में सही कथन चुनिए: लिपि की दिशा, चिह्नों की संख्या और पठनीयता की स्थिति क्या है?
✅ उत्तर: दाईं से बाईं (Boustrophedon भी); ~400-600 चिह्न; अभी तक अपठनीय (Undeciphered)
UPPSC 2021
सिंधु सभ्यता का सबसे पूर्वी स्थल कौन सा है?
✅ उत्तर: आलमगीरपुर (मेरठ, उत्तर प्रदेश) — हिंडन नदी के किनारे
NTA NET Paper 1 / Archaeology 2021
धोलावीरा को UNESCO विश्व धरोहर का दर्जा किस वर्ष मिला?
✅ उत्तर: 2021 — 40वीं बैठक में शामिल; यह IVC का एकमात्र UNESCO-सूचीबद्ध स्थल है

१३. MCQ अभ्यास — परीक्षा प्रारूप MCQ Practice — Exam Format

विकल्प पर क्लिक करें — तुरंत परिणाम एवं व्याख्या मिलेगी। स्कोर नीचे दिखेगा।

1. विशाल स्नानागार (Great Bath) किस स्थल पर पाया गया है?
The Great Bath has been found at which Harappan site?
a) हड़प्पा
b) मोहनजोदड़ो ✓
c) कालीबंगा
d) धोलावीरा
सही उत्तर: मोहनजोदड़ो। विशाल स्नानागार 11.88 × 7.01 × 2.43 मीटर का है। इसका फर्श बिटुमेन से जलरोधी बनाया गया था। यह धार्मिक/अनुष्ठानिक स्नान का केंद्र माना जाता है। यह UPSC एवं PSC में बार-बार पूछा जाता है।
2. सिंधु सभ्यता में किस धातु का प्रयोग नहीं होता था?
Which metal was NOT used in the Indus Valley Civilization?
a) ताँबा (Copper)
b) काँसा (Bronze)
c) लोहा (Iron) ✓
d) सोना (Gold)
सही उत्तर: लोहा। IVC एक ताम्र-पाषाण (Chalcolithic) सभ्यता थी। लोहे के कोई साक्ष्य नहीं मिले। ताँबा, काँसा, सोना, चाँदी — सभी प्रयोग होते थे। लोहे का प्रयोग भारत में उत्तर-वैदिक काल (1000 BCE के बाद) में हुआ।
3. "नृत्यरत नारी" (Dancing Girl) की मूर्ति किस विधि से बनाई गई है?
The 'Dancing Girl' figurine was made using which casting technique?
a) साँचा ढलाई (Sand Casting)
b) लुप्त-मोम विधि (Lost Wax / Cire Perdue) ✓
c) फोर्जिंग (Forging)
d) सीधी पत्थर खुदाई (Stone Carving)
सही उत्तर: लुप्त-मोम विधि (Lost Wax / Cire Perdue)। इस विधि में पहले मोम की मूर्ति बनाई जाती है, फिर मिट्टी से ढककर गर्म करने पर मोम पिघल जाता है और उस साँचे में काँसा भरा जाता है। मोहनजोदड़ो की काँसे की नृत्यरत नारी इसी विधि से बनी है।
4. हड़प्पा सभ्यता में बाटों (Weights) का अनुपात क्या था?
The weights in Harappan civilization followed which ratio system?
a) दशमलव (Decimal — 10 के गुणज)
b) षोडशमलव (Hexadecimal — 16 के गुणज) केवल
c) द्विचर (Binary — 1,2,4,8,16) फिर 16 के गुणज ✓
d) त्रिगुण (Tripling — 3 के गुणज)
सही उत्तर: द्विचर फिर 16 के गुणज। नीचे: 1, 2, 4, 8, 16 (Binary doubling); ऊपर: 16, 32, 64, 160, 320, 640 (16 के गुणज)। ये घनाकार (Cuboid) आकार में सेलखड़ी (Chert) पत्थर से बने थे। यह अत्यंत उन्नत मानकीकृत तौल-प्रणाली थी।
5. कालीबंगा में मिले साक्ष्यों के आधार पर यह प्रसिद्ध है —
Kalibangan is especially known for the evidence of —
a) जुते हुए खेत + अग्निकुंड ✓
b) बंदरगाह + धान की खेती
c) घोड़े की हड्डियाँ
d) विशाल स्नानागार + युगल-शवाधान
सही उत्तर: जुते हुए खेत + अग्निकुंड। कालीबंगा से विश्व का सबसे प्राचीन जुताई-साक्ष्य मिला है (दो फसलें एक साथ — गेहूँ + सरसों)। इसके अलावा अग्निकुंड के साक्ष्य भी यहाँ से मिले हैं। बंदरगाह = लोथल; घोड़ा = सुरकोटदा; स्नानागार = मोहनजोदड़ो।
6. सिंधु सभ्यता के पतन के संदर्भ में "आर्य-आक्रमण सिद्धांत" किसने दिया?
Who proposed the 'Aryan Invasion Theory' to explain the decline of IVC?
a) जॉन मार्शल
b) मार्टिमर व्हीलर ✓
c) अमलानंद घोष
d) दयाराम साहनी
सही उत्तर: मार्टिमर व्हीलर। व्हीलर ने मोहनजोदड़ो के कंकालों को आधार बनाकर आर्य-आक्रमण सिद्धांत दिया। ऋग्वेद में इंद्र को "पुरंदर" (नगर ध्वंसक) कहा गया है। परंतु यह सिद्धांत अब अधिकांश पुरातत्ववेत्ताओं द्वारा अस्वीकृत है। वर्तमान में जलवायु-परिवर्तन सिद्धांत अधिक मान्य है।
7. मेसोपोटामिया के ग्रंथों में सिंधु क्षेत्र को किस नाम से पुकारा जाता था?
What was the name used for the Indus region in Mesopotamian texts?
a) दिलमुन (Dilmun)
b) मगन (Magan)
c) मेलुहा (Meluhha) ✓
d) अरट्टा (Aratta)
सही उत्तर: मेलुहा। मेसोपोटामिया के सुमेरियन ग्रंथों में: मेलुहा = सिंधु क्षेत्र, दिलमुन = बहरीन, मगन = ओमान। यह IVC और मेसोपोटामिया के बीच व्यापारिक संबंध का प्रमाण है। NTA NET और UPSC दोनों में यह प्रश्न पूछा जा चुका है।
8. धोलावीरा की विशेषता है कि यह नगर —
Dholavira is unique among Harappan cities because it —
a) दो भागों में विभाजित था
b) एकमात्र बंदरगाह वाला नगर था
c) जहाँ कोई दुर्ग नहीं था
d) तीन भागों में विभाजित था और विशाल जलाशय थे ✓
सही उत्तर: (d) तीन भागों में विभाजित — Citadel + Middle Town + Lower Town। धोलावीरा में 16 विशाल जलाशय (Water Reservoirs) थे — जल-प्रबंधन का अद्भुत उदाहरण। यहाँ से सबसे बड़े सिंधु-लिपि अक्षर मिले हैं। 2021 में UNESCO विश्व धरोहर। बंदरगाह = लोथल; दुर्ग नहीं = चन्हुदड़ो।
9. हड़प्पा सभ्यता में ताँबे के अतिरिक्त किस धातु से मुहरें (Seals) बनाई जाती थीं?
Apart from copper, most Harappan seals were made from which material?
a) हाथी दाँत (Ivory)
b) सेलखड़ी / साबुन पत्थर (Steatite) ✓
c) चूना पत्थर (Limestone)
d) टेराकोटा (Terracotta)
सही उत्तर: सेलखड़ी (Steatite)। अधिकांश मुहरें सेलखड़ी (साबुन पत्थर) से बनाई जाती थीं। ये आयताकार होती थीं। इन पर जानवरों के चित्र (एक सींग वाला जानवर सर्वाधिक) और सिंधु-लिपि अंकित थी। इनका उपयोग व्यापारिक पहचान एवं व्यापार-माल पर लगाने के लिए होता था।
10. "पुजारी-राजा" (Priest-King) की मूर्ति किस स्थल से प्राप्त हुई है और यह किस पत्थर से बनी है?
The 'Priest-King' statue was found at which site and made of which stone?
a) मोहनजोदड़ो, सेलखड़ी (Steatite) ✓
b) हड़प्पा, चूना पत्थर
c) लोथल, काँसा
d) धोलावीरा, बलुआ पत्थर
सही उत्तर: मोहनजोदड़ो, सेलखड़ी (Steatite)। यह 17.5 सेमी ऊँची प्रतिमा है जिसमें दाढ़ीदार व्यक्ति तिपतिया (trefoil) पैटर्न के वस्त्र पहने है। इसे शासक-पुजारी वर्ग का प्रतिनिधि माना जाता है। यह IVC में "धर्मतंत्र" (Theocracy) की संभावना दर्शाती है।
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सिंधु घाटी की सभ्यता · Harappan Civilization
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स्रोत: NCERT Class 11 (Themes in Indian History), R.S. Sharma, Romila Thapar, IGNOU
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